US-Iran War: अमेरिका-ईरान जंग के बीच रूस ने क्यों भेजा ‘तबाही वाला प्लेन’? जानिए इसके पीछे की बड़ी वजह

अमेरिका और ईरान के बीच हुआ सीजफायर ज्यादा समय तक नहीं टिक सका। एक बार फिर दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है और लगातार सैन्य हमले किए जा रहे हैं। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि पूरे पश्चिम एशिया में संघर्ष और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इसी बीच रूस की गतिविधियों ने भी दुनिया का ध्यान खींचा है। रूस ने अपना स्पेशल कमांड प्लेन ईरान भेजा है।

रूस ने भेजा ये खतरनाक विमान

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, रूस ने अपना स्पेशल कमांड प्लेन टीयू-214पीयू (Tu-214PU) ईरान की सीमा के पास भेजा है। यह विमान किसी भी बड़े संकट या युद्ध जैसी स्थिति में सरकार के शीर्ष नेतृत्व के लिए कमांड और नियंत्रण केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। टीयू-214पीयू को अक्सर अमेरिका के उन स्पेशल प्लेन जैसा माना जाता है, जिनका इस्तेमाल आपातकालीन हालात में सरकार और सेना के संचालन के लिए किया जाता है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका, ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव के दौरान यह विमान तेहरान पहुंचा।

रिपोर्ट के मुताबिक, जून में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर के ऐलान के बाद भी अमेरिका ने ईरान से जुड़े कुछ ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई जारी रखी। वहीं, होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हुए हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बढ़ गया। बताया जा रहा है कि युद्धविराम ज्यादा समय तक नहीं टिक सका और पिछले सप्ताह इस अहम समुद्री मार्ग पर हुए हमलों के बाद हालात फिर बिगड़ गए। रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि रूसी कमांड विमान की यह तैनाती रूस और ईरान के बीच मजबूत रणनीतिक संबंधों का संकेत है। उनके अनुसार, ईरान में इस विमान की मौजूदगी दिखाती है कि क्षेत्र में तनावपूर्ण हालात के बावजूद दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग जारी है।

Tu-214PU की खासियतें

टीयू-214पीयू (Tu-214PU) रूस के टुपोलेव Tu-214 यात्री विमान का विशेष सैन्य और कमांड संस्करण है। इसे अनौपचारिक तौर पर “डूम्सडे प्लेन” यानी संकट या युद्ध जैसी आपात स्थिति में इस्तेमाल होने वाला विमान भी कहा जाता है। यह विमान रूस के राष्ट्रपति और देश के शीर्ष अधिकारियों के लिए तैयार किया गया है। इसमें अत्याधुनिक संचार (कम्युनिकेशन) और कमांड सिस्टम लगाए गए हैं, जिनकी मदद से बड़े अधिकारी हवा में रहते हुए भी सरकारी और सैन्य कामकाज का संचालन कर सकते हैं।

इस विमान के नाम में “पीयू (PU)” का मतलब रूसी भाषा में उड़ता हुआ कमांड पोस्ट होता है। दिखने में यह सामान्य यात्री विमान जैसा लगता है, लेकिन इसके अंदर पूरी तरह अलग और सुरक्षित कमांड सेंटर बनाया गया है। इसमें आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और विशेष उपकरण लगाए गए हैं, जिससे किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित तरीके से कमांड और नियंत्रण किया जा सके।

आसमान में उड़ता कमांड सेंटर

इस विमान को रूस के शीर्ष नेतृत्व के लिए एक चलता-फिरता कमांड सेंटर बनाया गया है। इसमें ऐसे आधुनिक रेडियो और कम्युनिकेशन सिस्टम लगे हैं, जिनकी मदद से राष्ट्रपति और वरिष्ठ अधिकारी यात्रा के दौरान भी सरकारी और सैन्य कामकाज संभाल सकते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इस विमान की अधिकतम क्रूज़िंग स्पीड करीब 850 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसकी उड़ान क्षमता लगभग 6,500 किलोमीटर तक बताई जाती है, जिससे यह बिना रुके लंबी दूरी तय कर सकता है। इसी वजह से इसे दुनिया के दूसरे वीआईपी कमांड विमानों की श्रेणी में रखा जाता है। इसका एक और उन्नत सैन्य संस्करण Tu-214PU-SBUS भी है, जिसमें और बेहतर तथा सुरक्षित संचार प्रणाली लगी होने की बात कही जाती है।

पश्चिम एशिया में फिर बढ़ा तनाव

रूस के इस विशेष विमान के पहुंचने के बीच पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने सोमवार, 13 जुलाई को दावा किया कि उसने कुवैत में मौजूद अली अल-सलेम एयर बेस पर ईंधन भंडारण टैंक और पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया। इसके अलावा अहमद अल-जाबेर एयर बेस पर लगे एक रडार सिस्टम पर भी हमला करने का दावा किया गया। कुवैत को अमेरिका का करीबी सहयोगी देश माना जाता है।

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, आईआरजीसी ने कहा कि ये हमले अमेरिका के खिलाफ चलाए जा रहे उसके “आंख के बदले आंख” अभियान के तीसरे चरण का हिस्सा हैं। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिका की पिछली सैन्य कार्रवाई के जवाब में की गई है। साथ ही उसने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर आगे भी ऐसे अभियान जारी रह सकते हैं।

Bangkok Pub Fire: थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के पब में लगी भीषण आग! 27 लोगों की मौत, स्टेज के पास धमाके के बाद मची भगदड़

Bangkok Pub Fire: थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में रविवार (12 जुलाई) देर रात एक मशहूर लाइव म्यूजिक पब में भीषण आग लगने से कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई। जबकि 63 लोग घायल हो गए। अधिकारियों के मुताबिक यह हाल के वर्षों में देश की सबसे भयावह मनोरंजन स्थल अग्निकांड घटनाओं में से एक है। यह हादसा रविवार देर रात करीब 11:57 बजे बैंकॉक के चातुचक जिले स्थित रोंग बीयर ना लात फ्राओ (Rong Beer Na Lat Phrao) नामक लाइव म्यूजिक पब में हुआ।

दमकलकर्मियों ने करीब आधे घंटे में आग पर काबू पा लिया। लेकिन तब तक पूरा परिसर घने धुएं से भर चुका था और कई लोग अंदर ही फंस गए। प्रधानमंत्री अनुटिन चार्नवीराकुल ने घटनास्थल का दौरा कर 27 शव बरामद होने की पुष्टि की।

वहीं, बैंकॉक प्रशासन के अनुसार 63 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें 22 की हालत गंभीर बनी हुई है। बैंकॉक मेट्रोपॉलिटन एडमिनिस्ट्रेशन के आपदा रोकथाम और शमन विभाग के निदेशक सुरियाचाई राविवन के अनुसार, मरने वालों की संख्या 27 पर स्थिर हो गई है।

स्टेज के पास सर्किट ब्रेकर से उठा धुआं, फिर हुआ धमाका

शुरुआती जांच में सामने आया है कि आग स्टेज के पास लगे सर्किट ब्रेकर से उठे धुएं के बाद लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले बिजली गुल हुई और फिर जोरदार धमाका हुआ। इसके बाद कुछ ही सेकंड में पूरा पब धुएं से भर गया। एक बैंड सदस्य ने बताया, “धमाके के बाद कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। चारों ओर धुआं ही धुआं था। लोग फर्श पर पड़े मदद की गुहार लगा रहे थे।”

धुएं के कारण नहीं मिल पाया बाहर निकलने का रास्ता

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घना धुआं इतनी तेजी से फैला कि लोगों को बाहर निकलने का रास्ता तक नहीं मिला। अफरा-तफरी के बीच कई लोग गलत दिशा में भाग गए। लाओस के पर्यटक कान कुटिरात ने बताया कि उन्होंने स्टेज के पास धुआं देखा और कुछ ही पलों में पूरे पब में चीख-पुकार मच गई। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “मैं सिर्फ एक व्यक्ति को ही बाहर निकाल सका। मैंने पूरी कोशिश की, मुझे माफ कर देना।”

बाथरूम के पास मिले कई शव

प्रधानमंत्री अनुटिन ने बताया कि आग लगने के बाद अधिकांश लोग घबराकर इमारत के पिछले हिस्से में स्थित बाथरूम की ओर भागे, जहां बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था। बैंकॉक के गवर्नर चदचार्ट सिट्टिपुंट ने कहा कि कई शव फायर एग्जिट के पास मिले हैं। जांच की जा रही है कि कहीं आपातकालीन निकास अवरुद्ध तो नहीं था। बचाव दल को अंदर रखी मेज-कुर्सियों के कारण भी राहत कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अधिकारियों ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।

पलभर में भड़का बाइसन, बुजुर्ग को सींगों से 8 फीट हवा में उछाला, VIDEO देख दहल जाएंगे

अमेरिका के येलोस्टोन नेशनल पार्क से सामने आया एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में ऐसा दृश्य कैद हुआ है, जिसने वन्यजीवों के बीच सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। पार्क में घूमने आए पर्यटक अक्सर जंगली जानवरों को बेहद करीब से देखने और उनकी तस्वीरें लेने की कोशिश करते हैं, लेकिन कई बार यही रोमांच बड़े हादसे की वजह बन जाता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ, जब पार्क में मौजूद एक विशाल बाइसन के अचानक बदले व्यवहार ने वहां मौजूद लोगों के बीच अफरातफरी मचा दी। देखते ही देखते शांत माहौल चीख-पुकार में बदल गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। घटना के दौरान मौजूद लोगों ने न सिर्फ पूरे घटनाक्रम को अपनी आंखों से देखा, बल्कि इसका वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया, जो अब इंटरनेट पर तेजी से शेयर किया जा रहा है।

यह घटना याद दिलाती है कि जंगली जानवर चाहे कितने भी शांत क्यों न दिखाई दें, उनके स्वभाव का भरोसा नहीं किया जा सकता। इसलिए राष्ट्रीय उद्यानों में हमेशा सतर्क रहना और सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी होता है।

पहले ही दे चुका था खतरे का इशारा

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि बाइसन काफी देर से असामान्य और आक्रामक व्यवहार कर रहा था। वो कैंपग्राउंड में तेजी से दौड़ रहा था और लोगों के बेहद करीब पहुंच रहा था। बाद में वो मिट्टी में लोटने लगा, जिससे कई लोगों को लगा कि अब उसका गुस्सा शांत हो गया है और खतरा टल चुका है।

एक तस्वीर की चाह और सामने आ गया खतरा

इसी दौरान दादा और उनका पोता पेड़ों के पास रुककर तस्वीरें लेने लगे। तभी वहां से गुजर रहे एक सफेद पिकअप ट्रक के बाद बाइसन ने अचानक अपना रुख बदल लिया। वो सीधे उसी दिशा में दौड़ा, जहां दोनों खड़े थे। पोता तो समय रहते वहां से निकल गया, लेकिन दादा पेड़ों के चारों ओर बचने की कोशिश करते रह गए।

पलभर में किया जोरदार हमला

भागते हुए पर्यटक को आखिरकार बाइसन ने अपने सींग से जोरदार टक्कर मारी और करीब आठ फीट तक हवा में उछाल दिया। ये दृश्य इतना डरावना था कि आसपास मौजूद लोग कुछ पल के लिए स्तब्ध रह गए, फिर तुरंत घायल व्यक्ति की मदद के लिए दौड़ पड़े।

कैमरे में कैद हुआ खौफनाक हमला

पास में कैंपिंग कर रहे प्रोफेशनल फोटोग्राफर माइक मैकलियोड ने इस पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया। उन्होंने बताया कि बाइसन बेहद भड़का हुआ था और रास्ते में आने वाली लगभग हर चीज पर हमला करने के मूड में दिखाई दे रहा था।

मौके पर लोगों ने दिखाई इंसानियत

हमले के तुरंत बाद कई लोग घायल पर्यटक की सहायता के लिए आगे आए। किसी ने उसे संभाला, किसी ने बाइसन पर नजर रखी ताकि वो दोबारा हमला न करे। वहीं एक महिला ने तुरंत आपातकालीन सेवा 911 को कॉल किया। प्राथमिक जांच में खून बहने के निशान नहीं मिले, लेकिन घायल व्यक्ति को कूल्हे और पैर में गंभीर चोटें आईं।

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Kashmir Cloudburst : अनंतनाग में बादल फटने से मची तबाही, घरों में घुसा पानी; फसलें और सेब के बाग बर्बाद

दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के चिटरगुल स्थित नाला चोटीहाल (Nala Chotihall) क्षेत्र में रविवार को बादल फटने (क्लाउडबर्स्ट) के बाद अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने भारी तबाही मचा दी। इस प्राकृतिक आपदा में कृषि भूमि, सेब के बाग, धान की फसलें और कई रिहायशी इलाकों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा। टीमें नुकसान का आकलन करने के साथ राहत कार्य और आवश्यक एहतियाती कदम उठा रही हैं। प्रशासन ने बताया कि प्रभावित इलाकों में आपातकालीन टीमें तैनात कर दी गई हैं और नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए आवश्यक कदम भी उठाए जा रहे हैं।

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स्थानीय लोगों के अनुसार, अचानक आई बाढ़ का पानी कई घरों में घुस गया, जिससे लोगों को रातों-रात अपने घर छोड़ने पड़े। धान के खेत जलमग्न हो गए और सेब के बागों को भारी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों ने सरकार से जल्द नुकसान का सर्वे कर उचित मुआवजा देने की मांग की है।

 

भारी बारिश के बाद आई बाढ़ ने किसानों की आजीविका पर गहरा असर डाला है। उन्होंने कहा कि सेब के बाग और धान की फसल लगभग पूरी तरह बर्बाद हो गई है। उन्होंने सरकार से फसलों और पेड़ों के नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की अपील की।

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पहाड़ों से तेज बहाव के साथ पानी नीचे आया और चिटरगुल अपर में बहने वाले नाले का रास्ता बदल गया। इससे आसपास के खेतों, बागों और मकानों को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने बताया कि कई परिवारों को तत्काल घर खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। लोगों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से निष्पक्ष सर्वे कर जल्द मुआवजा देने की मांग की है।

 

इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। आधी रात तक लोग अपने घर छोड़कर सड़कों और मस्जिदों में शरण लेने को मजबूर हो गए क्योंकि बाढ़ का पानी लगातार घरों में घुस रहा था। उन्होंने संबंधित विभागों से बागवानी, कृषि भूमि, पशुधन और सड़क को हुए नुकसान का तत्काल निरीक्षण कर राहत पैकेज जारी करने की मांग की।

Vietnam Boat Accident: फु क्वोक द्वीप के पास कैसे पलटी स्पीडबोट? सामने आई पूरी घटना

Vietnam Boat Accident: वियतनाम के मशहूर फु क्वोक आइलैंड के पास एक स्पीडबोट के पलटने से हुए दर्दनाक हादसे में कम से कम 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई। इसके बाद बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया गया और प्रभावित परिवारों की मदद के लिए आपातकालीन कदम उठाए गए।  स्थानीय मीडिया VnExpress के मुताबिक, यह नाव ओशन पर्ल आइलैंड कंपनी की थी। इसमें 32 भारतीय पर्यटक और 4 क्रू मेंबर सवार थे। यह नाव होन मे रूट द्वीप से अन थोई पोर्ट की ओर जा रही थी, जो फु क्वोक से करीब 25 किलोमीटर दूर है। इस दौरान किनारे से लगभग 400 मीटर दूर अचानक नाव पलट गई, जिसके बाद यह हादसा हुआ।

इस घटना के बाद स्थानीय अधिकारियों ने 21 लोगों को बचाया, जिनमें तीन क्रू मेंबर और एक अटेंडेंट शामिल थे, जबकि हादसे में 15 पर्यटकों की मौत हो गई। वहीं, पलटी हुई नाव को देखकर आसपास मौजूद अन्य टूरिस्ट बोट्स तुरंत मदद के लिए मौके पर पहुंच गईं और बचाव कार्य में जुट गईं।

वियतनाम में भारतीय दूतावास ने कहा, “एक दुखद घटना में, कुछ घंटे पहले वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गई। घटना की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और स्थानीय अधिकारियों द्वारा खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।”

नाव पर कौन-कौन सवार था?

वियतनाम में भारतीय दूतावास ने उन 32 भारतीय पर्यटकों के नाम बताए जो फू क्वोक के पास पलटी नाव पर सवार थे। दूतावास ने कहा, “हम हताहतों के बारे में और जानकारी जुटा रहे हैं और जल्द ही अपडेट देंगे।”

नाव कैसे पलटी?

रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के समय समुद्र में हालात खराब थे और वहां तेज ऊंची लहरें उठ रही थीं। माना जा रहा है कि समुद्र की उथल-पुथल के कारण नाव पलट गई, हालांकि उस समय बारिश नहीं हो रही थी और इलाके में दूसरी टूरिस्ट नावें भी चल रही थीं।

फू क्वोक स्पेशल इकोनॉमिक जोन के अधिकारियों के अनुसार, नाव किनारे से 400 मीटर दूर पलटी, जिससे उस पर सवार सभी लोग समुद्र में गिर गए। जिसके बाद अधिकारी बचाव कार्य शुरू करने के लिए तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे।

एक नाव ऑपरेटर ने VnExpress को बताया कि उनकी नाव लगभग पांच मिनट में घटनास्थल पर पहुंच गई थी, लेकिन कई भारतीय पर्यटक नाव के अंदर फंसे हुए थे, जिससे बचाव कार्य मुश्किल हो गया। उन्होंने कहा, “सिर्फ कुछ लोगों को ही होश की हालत में बाहर निकाला जा सका।”

एन थोई बॉर्डर गार्ड ने नेवी, कोस्ट गार्ड और दूसरे अधिकारियों के साथ मिलकर बचाव कार्य में शामिल होने के लिए दो जहाज और 35 अधिकारी भेजे। बचाव दल सभी 36 लोगों को किनारे पर ले आएं, जिनमें 15 भारतीय पर्यटक (दो महिलाओं और 13 पुरुष) की मौत की पुष्टि हुई।

वियतनाम का सबसे बड़ा द्वीप, फु क्वोक, देश के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है और यहाँ भारत से हजारों पर्यटक आते हैं। मे रूट द्वीप स्नॉर्कलिंग और डाइविंग जैसी वॉटर एक्टिविटीज के लिए काफी मशहूर है।

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Yogini Ekadashi 2026 Vrat Today: आज कर रहे हैं योगिनी एकादशी का व्रत, जानें कब से कब तक रहेगा राहुकाल

Yogini Ekadashi 2026 Vrat Today: योगिनी एकादशी का व्रत आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह व्रत करने से 88000 ब्राह्मणों को भोजन कराने जितना पुण्य फल मिलता है। इस बार योगिनी एकादशी का व्रत दो दिन किया जा रहा है, 10 जुलाई और 11 जुलाई 2026 को। 10 जुलाई को आषाढ़ माह की एकादशी तिथि सूर्योदय के समय व्यप्त नहीं थी, जबकि आज यानी 11 जुलाई को सूर्योदय एकादशी तिथि में हुआ है। इसलिए, उदयातिथि के अनुसार आज भी योगिनी एकादशी का व्रत किया जा रहा है। कल जहां भगवान विष्णु के गृहस्थ भक्तों ने व्रत किया था, वहीं आज श्री हरि के वैष्णव भक्त यह उपवास कर रहे हैं। आज के दिन पूजा करते समय राहुकाल का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। आइए जानें आज राहुकाल का समय क्या है?

11 जुलाई राहुकाल का समय

11 जुलाई दिन शनिवार को राहुकाल सुबह 8 बजकर 59 मिनट से सुबह 10 बजकर 43 मिनट तक रहेगा।

राहु जल्दबाजी में लिए फैसलों का प्रतीक

राहु भ्रम, माया, अचानक इच्छा, प्रलोभन और जल्दबाजी में लिए गए निर्णयों का प्रतीक है। राहुकाल के दौरान, मन स्पष्ट नहीं होता है। इसलिए वैदिक ज्योतिष के अनुसार, राहुकाल नए प्रोजेक्ट शुरू करने, महत्वपूर्ण निर्णय लेने या बड़ी मात्रा में धन खर्च करने के लिए एक अशुभ समय माना गया है।

राहुकाल के दौरान बड़े खर्चों से बचें

ज्योतिष में राहुकाल को ऐसा समय माना जाता है जब नए और शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए। वैदिक ज्योतिष में राहु को भ्रम, अनिश्चितता, लालच और अप्रत्याशित घटनाओं का कारक माना जाता है। इसलिए इस समय किए गए बड़े आर्थिक निर्णयों में बाधा या पछतावे की आशंका की स्थिति बन सकती है। ज्योतिष के अनुसार, महत्वपूर्ण कार्य ऐसे समय में शुरू हों जब ग्रहों का प्रभाव अनुकूल माना जाए। इसलिए घर, वाहन, सोना, जमीन, या किसी बड़े निवेश की शुरुआत राहुकाल में अशुभ मानी जाती है। वित्तीय निर्णयों के लिए एक स्पष्ट और शांत दिमाग की जरूरत होती है। राहुकाल एक ऐसा समय हो सकता है जब लोग डर, लालच, दबाव या उत्तेजना से प्रभावित हो सकते हैं।

राहुकाल में न लें ये अहम वित्तीय फैसले

इस अवधि के दौरान कार, फोन, लैपटॉप, सोना, संपत्ति, महंगे कपड़े, उपकरण या लक्जरी उत्पाद ना खरीदें। इसी तरह, कोई भी फाइनेंस से संबंधित डॉक्यूमेंट्स पर साइन ना करें, पैसा उधार ना दें, संदिग्ध योजनाओं में निवेश ना करें, आपातकाल को छोड़कर किसी भी तरह के बड़े भुगतान करने से बचें, लिखित डॉक्यूमेंट्स के बिना कोई अग्रिम भुगतान ना करें।

राहुकाल के दौरान सरल उपाय

राहुकाल के दौरान ॐ राहवे नमः का 108 बार जप करें या कुछ मिनटों के लिए शांत रहें। किसी से भी बहस ना करें, झूठ ना बोलें, शॉर्टकट ना अपनाएं, लालची ना बनें। साथ ही, शनिवार को आप किसी जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन, काले तिल या कंबल दान करना चुन सकते हैं।

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WHO की डरावनी रिपोर्ट : दुनिया की 92% आबादी पर कैंसर का खतरा, जानें पुरुषों-महिलाओं में कौन सा कैंसर है सबसे आम

“क्या आप और आपका परिवार कैंसर की ज़द में हैं? विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की लेटेस्ट रिपोर्ट कहती है कि दुनिया की 92% आबादी सीधे या परोक्ष रूप से कैंसर से प्रभावित होने वाली है। यानी या तो आप खुद, या आपके परिवार का कोई बेहद करीबी सदस्य इस जानलेवा बीमारी का शिकार बनेगा। जानिए डब्ल्यूएचओ ने इस वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल पर क्या चेताया है।”

'डाउन टू अर्थ' की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कैंसर को लेकर अब तक की सबसे भयानक चेतावनी जारी की है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, कैंसर अब सिर्फ एक बीमारी नहीं, बल्कि एक तेज़ी से बढ़ता हुआ सामाजिक, स्वास्थ्य और आर्थिक संकट बन चुका है। रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि दुनिया की लगभग 92 प्रतिशत आबादी अपने जीवनकाल में किसी न किसी रूप में कैंसर के प्रभाव में आएगी।

1. हर 5 में से 1 व्यक्ति को कैंसर : क्या कहते हैं आंकड़े?

आंकड़े बेहद डरावने हैं। दुनिया में हर पांच में से एक व्यक्ति अपने जीवनकाल में कैंसर की चपेट में आ रहा है।

WHO Cancer Report 2026

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2. पुरुषों और महिलाओं में सबसे आम कैंसर कौन से हैं?

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जेंडर के आधार पर कौन से कैंसर सबसे ज्यादा पैर पसार रहे हैं:

WHO Cancer Report 2026

नोट: बड़ी आंत और मलाशय का कैंसर (Colorectal Cancer) पुरुषों और महिलाओं दोनों में तीसरा सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर बन चुका है। इसके अलावा, बच्चों में भी यह बोझ बढ़ रहा है, जहां हर साल 19 वर्ष तक के लगभग 4 लाख बच्चे और किशोर इसका शिकार हो रहे हैं।

3. मासूमों पर दोहरी मार : लाखों बच्चे हो रहे अनाथ

कैंसर सिर्फ जान नहीं लेता, बल्कि हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ देता है।

WHO Cancer Report 2026

  • वर्ष 2020 के आंकड़ों के अनुसार, माता या पिता की कैंसर से मृत्यु के कारण दुनिया भर में लगभग 24.5 लाख बच्चे अनाथ हो गए।
  • स्तन कैंसर और गर्भाशय ग्रीवा (Cervical Cancer) के कारण सबसे ज्यादा माताओं की मौत हुई।
  • चौंकाने वाली बात यह है कि ऐसे अनाथ होने वाले बच्चों के 40% मामले अकेले भारत, चीन, नाइजीरिया, इंडोनेशिया, इथियोपिया और पाकिस्तान से आते हैं।

4. जेब पर वार : परिवारों को कंगाल बना रहा है इलाज

कैंसर का मानसिक और आर्थिक असर किसी भी परिवार को तोड़कर रख देता है। डब्ल्यूएचओ के सर्वेक्षण में सामने आया कि: 

  • 45% से अधिक लोगों को इलाज के कारण भारी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा।
  • महंगे इलाज, दवाओं के खर्च और अस्पताल के चक्करों के कारण लाखों परिवार गरीबी रेखा के नीचे चले जाते हैं।
  • आधे से अधिक मरीजों और उनके तीमारदारों (Caregivers) ने गंभीर मानसिक तनाव, डिप्रेशन और सामाजिक अलगाव की बात स्वीकार की।

5. अमीर और गरीब देशों के बीच 'इलाज की खाई'

रिपोर्ट में सबसे चिंताजनक बात इलाज में मौजूद असमानता को लेकर कही गई है। दुनिया की 47% आबादी के पास आज भी कैंसर की बुनियादी जांच सुविधाएं नहीं हैं।

यदि आप किसी अमीर देश में पैदा हुए हैं, तो आपके बचने की संभावना बहुत ज्यादा है, जबकि गरीब देशों में यह किस्मत के भरोसे है:

WHO Cancer Report 2026

2050 का भविष्य: 133% तक बढ़ सकते हैं मामले

डब्ल्यूएचओ का अनुमान है कि वर्ष 2050 तक दुनिया में हर साल कैंसर के नए मामलों की संख्या 66.7% बढ़कर 3.5 करोड़ तक पहुंच जाएगी। इसका सबसे बुरा असर निम्न और मध्यम आय वाले देशों (जिसमें भारत भी शामिल है) पर पड़ेगा, जहां मामलों में 133% की वृद्धि देखी जा सकती है। इसके पीछे बढ़ती आबादी, बदलती जीवनशैली और प्रदूषण जैसे कारक जिम्मेदार हैं।

आगे की राह क्या है?

बचाव ही सबसे बड़ा हथियार है! डब्ल्यूएचओ का स्पष्ट कहना है कि कैंसर से लड़ाई केवल महंगी दवाओं या रोबोटिक सर्जरी से नहीं जीती जा सकती। सरकार को हर नागरिक तक सस्ती और समय पर जांच (Early Detection) की सुविधा पहुंचानी होगी।

व्यक्तिगत स्तर पर सलाह : कैंसर के 40% मामलों को सिर्फ सही खान-पान, एक्सरसाइज, तंबाकू-सिगरेट से दूरी और समय पर स्क्रीनिंग (जैसे 30 साल की उम्र के बाद महिलाओं के लिए पैप स्मीयर और मैमोग्राफी) के ज़रिए रोका जा सकता है।

Rajesh Sharma: प्रभास स्टारर की शूटिंग के दौरान राजेश शर्मा को कीड़े ने काटा, गंभीर हालत में कराया गया भर्ती, AICWA ने जांच की मांग की

Rajesh Sharma: जाने-माने एक्टर राजेश शर्मा को कोलकाता के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में प्रभास की फिल्म की शूटिंग के दौरान किसी कीड़े के काटने की आशंका के बाद उनकी हालत बिगड़ गई थी। बताया जा रहा है कि उनकी हालत गंभीर है और वे डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में हैं। इस घटना के सामने आने के बाद, ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने सिने वर्कर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए “तुरंत, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच” की मांग की है।

X पर जारी एक बयान में, सिने वर्कर्स संगठन ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री श्री रेवंत रेड्डी से हाई-लेवल जांच के आदेश देने की अपील की। ​​उन्होंने मांग की कि प्रोड्यूसर राजेश शर्मा के इलाज का खर्च उठाए और जांच में कोई लापरवाही पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। यह बयान AICWA के अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने जारी किया।

इस घटना की गहन जांच की मांग करते हुए AICWA ने कई सवाल उठाए- “इस घटना से कई गंभीर प्रश्न उठते हैं। अगर शूटिंग के दौरान राजेश शर्मा की हालत इतनी गंभीर हो गई थी, तो निर्माता और प्रोडक्शन हाउस ने उन्हें तुरंत हैदराबाद के किसी प्रमुख अस्पताल में भर्ती क्यों नहीं कराया? क्या सेट पर पर्याप्त आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध थी? क्या सभी अनिवार्य स्वास्थ्य और कार्यस्थल सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा था? शूटिंग स्थल पर ऐसा क्या हुआ जिसके कारण उनकी तबीयत इतनी बिगड़ गई?”

बयान में कहा गया- ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) तेलंगाना के माननीय मुख्यमंत्री श्री रेवंत रेड्डी से रामोजी फिल्म सिटी स्थित फौजी शूटिंग सेट पर हुई घटना की तत्काल उच्च स्तरीय जांच का आदेश देने का आग्रह करता है। जांच में अभिनेता राजेश शर्मा की आपातकालीन स्थिति का सटीक कारण पता चलना चाहिए, यह जांच होनी चाहिए कि क्या सभी कार्यस्थल सुरक्षा, स्वच्छता और आपातकालीन चिकित्सा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था, और निर्माता, प्रोडक्शन हाउस या किसी अन्य जिम्मेदार प्राधिकरण की ओर से किसी भी प्रकार की लापरवाही का पता लगाना चाहिए ।

बयान में कहा गया, “अगर जांच के दौरान कोई चूक या लापरवाही पाई जाती है, तो इसके लिए ज़िम्मेदार सभी लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। फ़िल्म के पैमाने या बजट की परवाह किए बिना, किसी भी व्यक्ति या प्रोडक्शन हाउस को जवाबदेही से छूट नहीं मिलनी चाहिए। AICWA यह भी मांग करता है कि प्रोड्यूसर और प्रोडक्शन हाउस श्री राजेश शर्मा के इलाज का पूरा खर्च उठाएं और यह सुनिश्चित करें कि उन्हें पूरी तरह ठीक होने तक सबसे अच्छा इलाज मिले।”

खबरों के मुताबिक, प्रभास की फ़िल्म ‘फौजी’ की शूटिंग के दौरान राजेश शर्मा को किसी कीड़े ने काट लिया। उन्हें तुरंत इसका पता नहीं चला और वे दूसरी शूटिंग के लिए कोलकाता लौट आए। इस बीच, उनकी हालत बिगड़ गई और उन्हें कोलकाता के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि हॉस्पिटल के क्रिटिकल केयर यूनिट में उनका इलाज चल रहा है।

राजेश शर्मा एक बेहतरीन एक्टर हैं जो हिंदी और बंगाली जैसी भाषाओं की फिल्मों में काम करने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कई मशहूर हिंदी फिल्मों में काम किया है, जिनमें ‘खोसला का घोसला’, ‘इश्किया’, ‘नो वन किल्ड जेसिका’, ‘चिल्लर पार्टी’, ‘द डर्टी पिक्चर’, ‘लव शव ते चिकन खुराना’, ‘स्पेशल 26’, ‘बीए पास’, ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’, ‘बजरंगी भाईजान’, ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’, ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’, ‘इंडियाज़ मोस्ट वांटेड’ और ‘भूत बंगला’ शामिल हैं।

बाइकर की मदद करना इस शख्स को पड़ा भारी, कुछ ही सेकेंड्स में गंवाया 1 लाख रुपये का फोन, ऐसे में कोई क्यों हेल्प करे?

ऐसी दुनिया में जहां लोगों को अक्सर जरूरतमंद अजनबियों की मदद करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, हैदराबाद की एक घटना ने लोगों को मदद के लिए आगे बढ़ने से पहले दोबारा सोचने पर मजबूर कर दिया है। सरूरनगर का एक CCTV फुटेज वायरल हुआ है, जिसमें दो लोग सड़क के बीचों-बीच गिरने का नाटक करते हुए एक राहगीर का ध्यान भटकाते हैं और फिर उसका महंगा मोबाइल फोन चुरा लेते हैं।

क्लिप में देखा जा सकता है कि काले कपड़ों में एक व्यक्ति ने U-टर्न लिया और सड़क पार कर रहे राहगीर की ओर आया। कुछ ही पल बाद, बाइकर ने सड़क पर गिरने का नाटक किया, जैसे उसकी बाइक का बैलेंस बिगड़ गया हो। उसे परेशान होते देख, पास ही चल रहा व्यक्ति तुरंत उसकी मदद के लिए उसके पास पहुंचा।

अनजान व्यक्ति ने उसकी बाइक पकड़कर और उसे उठाने में मदद करने की कोशिश की। तभी, बाइकर के साथ आया एक और व्यक्ति उन दोनों के पास पहुंचा। जैसे ही मदद करने के लिए वह व्यक्ति झुका, संदिग्धों में से एक ने ध्यान भटकने का फायदा उठाया और बड़ी आसानी से उसका मोबाइल फ़ोन चुरा लिया, जो उसने अपनी शर्ट की सामने वाली जेब में रखा था। बताया जा रहा है कि फ़ोन की कीमत 1 लाख रुपये थी।

कुछ ही सेकंड में, वे दोनों आदमी वापस मोटरसाइकिल पर बैठे और तेज़ी से भाग निकले, जबकि एक राहगीर उन्हें जाते हुए देख रहा था। जब वह आगे बढ़ रहा था, तो उसने अपनी जेब पर हाथ रखा और तभी उसे पता चला कि उसका स्मार्टफ़ोन चोरी हो गया है। वह घबरा गया और ज़मीन पर उसे ढूंढने लगा, फिर उसे एहसास हुआ कि उन बाइक सवारों ने ही उसे चुराया होगा, इसलिए वह उनके पीछे भागा। यह पूरी घटना एक मिनट से भी कम समय में हुई, जिससे पता चलता है कि उन दोनों ने कितनी तेजी से चोरी को अंजाम दिया।

इस घटना से लोग परेशान हैं और कई लोग दूसरों को आपातकालीन स्थितियों में भी अजनबियों की मदद न करने की सलाह दे रहे हैं, क्योंकि उन्हें पता नहीं होता कि उनकी मंशा क्या हो सकती है। वहीं, कुछ लोगों ने दूसरों से अपने आस-पास के माहौल को लेकर सतर्क रहने को कहा है।

एक यूज़र ने कहा, “इसी वजह से लोगों ने सड़क पर अजनबियों की मदद करना बंद कर दिया है। सबसे बुरी बात यह है कि ऐसे कुछ लोगों की वजह से, भविष्य में किसी ऐसे व्यक्ति को नज़रअंदाज़ किया जा सकता है जिसे सच में मदद की ज़रूरत हो।”

एक और यूज़र ने लिखा, “ऐसे ही लोगों की वजह से लोग ज़रूरतमंदों की मदद करने से डरते हैं। उन्हें न सिर्फ़ चोरी के लिए, बल्कि धोखाधड़ी के लिए भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए। किसी और ने कहा, “कोई बात नहीं, एक दिन कर्मा उन्हें इतनी जोरदार चोट देगा कि वे ज़िंदगी में हिल भी नहीं पाएंगे।

ईरान में खामेनेई के जनाजे से पहले खुफिया रिपोर्ट लीक, एडवांस में तैयार हुईं 3000 कब्रें! ऐसा क्या होने जा रहा?

ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों अंतिम विदाई की रस्में उनकी मौत के करीब चार महीने बाद शुक्रवार को शुरू हुईं हैं। अंतिम विदाई की रस्में तीन जुलाई से 9 जुलाई तक चलेगा। वहीं मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के अधिकारी पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के प्रस्तावित एक सप्ताह लंबे अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी भीड़ को संभालने की तैयारी कर रहे हैं। अधिकारियों को आशंका है कि भगदड़ या भीड़ से जुड़ी घटनाओं में 1,500 से 3,000 लोगों की जान जा सकती है या कई लोग घायल हो सकते हैं।

3000 लोगों के मरने की जताई आशंका 

जर्मन अखबार वेल्ट की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी रेड क्रिसेंट और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संगठन ने पहले उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा अरेफ को एक गोपनीय पत्र भेजा था। इसमें चेतावनी दी गई थी कि अंतिम यात्रा के दौरान सबसे खराब स्थिति में 1,500 से 3,000 लोगों की मौत हो सकती है।

अधिकारियों ने दिए गए ये निर्देश 

रिपोर्ट के मुताबिक, आपातकालीन सेवाओं से जुड़े अधिकारियों ने किसी भी बड़ी दुर्घटना से निपटने के लिए विस्तृत तैयारी की है। उन्हें आशंका है कि अंतिम संस्कार में लाखों लोगों की भीड़ और तेज गर्मी के कारण भगदड़ मच सकती है या भीड़ से जुड़े गंभीर हादसे हो सकते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि तेहरान नगर निगम के एक कर्मचारी ने बताया कि बेहश्त-ए ज़हरा कब्रिस्तान में पहले से ही हजारों अतिरिक्त कब्रें तैयार कर ली गई हैं। कर्मचारी के अनुसार, अधिकारियों को 3,000 तक शवों के अंतिम संस्कार की तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। उनका कहना था कि इतनी बड़ी भीड़ और भीषण गर्मी में क्या स्थिति बनेगी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है।

मौत के करीब चार महीने बाद हो रहा अंतिम संस्कार

रिपोर्ट के अनुसार, किसी बड़े हादसे की स्थिति से निपटने के लिए अधिकारियों ने शवों की पहचान और लापता लोगों की तलाश के लिए एक विशेष टीम भी बनाई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान के  सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की 28 फरवरी को ईरान-इजराइल युद्ध के पहले दिन हुए एक इजराइली हमले में मौत हो गई थी। इस हमले में उनके परिवार के कई सदस्य और कुछ वरिष्ठ अधिकारी भी मारे गए थे। उस समय उनकी उम्र 86 वर्ष थी। रिपोर्ट के मुताबिक, अंतिम संस्कार का कार्यक्रम एक सप्ताह तक चलेगा। खामेनेई का ताबूत तीन दिन तक तेहरान में रखा जाएगा। इसके बाद मंगलवार को उसे पवित्र शहर कोम ले जाया जाएगा। बुधवार को इराक में अंतिम यात्रा निकाली जाएगी और गुरुवार को उन्हें उत्तर-पूर्वी ईरान के उनके पैतृक शहर मशहद में दफनाया जाएगा।

पहले भी हुआ है ये हादसा 

साल 2020 में अमेरिकी ड्रोन हमले में कासिम सुलेमानी की मौत के बाद उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए पूरे ईरान में लाखों लोग सड़कों पर उतर आए थे। 7 जनवरी 2020 को उनके गृहनगर केरमान में अंतिम यात्रा के दौरान भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई, जिसमें कम से कम 56 लोगों की मौत हो गई और 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इस हादसे के बाद अधिकारियों को अंतिम संस्कार की प्रक्रिया कुछ घंटों के लिए रोकनी पड़ी, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और इलाके को सुरक्षित बनाया जा सके। WELT की रिपोर्ट के मुताबिक, अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भी लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसी वजह से ईरानी अधिकारी पहले से पूरी तैयारी कर रहे हैं, ताकि 2020 जैसी कोई दुखद घटना दोबारा न हो।