वर्ल्ड ह्यूमनायड रोबोट गेम्स शुरू:उसैन बोल्ट से भी तेज निकला रोबोट, 9.39 सेकेंड में 100 मीटर दौड़ा

चीन की राजधानी बीजिंग में शनिवार से शुरू हुए 5 दिवसीय ‘दूसरे वर्ल्ड ह्यूमनायड रोबोट गेम्स’ के दौरान टेक्नोलॉजी की दुनिया में नया इतिहास रचा गया। चीन की सिंहुआ यूनिवर्सिटी की ‘तियानझुओ’ टीम द्वारा विकसित ह्यूमनाइड रोबोट ने 100 मीटर की रेस महज 9.39 सेकेंड में पूरी कर ली। इसके साथ ही ‘लाइटनिंग’ नाम के इस रोबोट ने उसैन बोल्ट द्वारा 2009 में स्थापित 100 मीटर दौड़ के 9.58 सेकेंड के विश्व रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। पिछले साल इसी प्रतियोगिता में रोबोट का बेस्ट टाइम 21.50 सेकेंड था, जो अब घटकर आधे से भी कम रह गया है। इसके अलावा तिएनकुंग रोबोट ने हाई जंप में 2.88 मी. पार कर रिकॉर्ड बनाया। इंसानों का सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड 2.45 मी. है। दूसरे वर्ल्ड ह्यूमनायड रोबोट गेम्स टूर्नामेंट में 16 देशों की 666 टीमों और 2,056 रोबोट्स हिस्सा ले रहे हैं। इनके बीच 51 अलग-अलग इवेंट्स के तहत 1,301 मुकाबले खेले जाएंगे। इनमें फुटबॉल, बास्केटबॉल, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो और जूडो शामिल हैं।

बांग्लादेश बोला- हमारे PM को भारत दौरे की जल्दबाजी नहीं:मंत्री ने कहा- भारत से अच्छे रिश्ते चाहते हैं, लेकिन राष्ट्रीय हित से समझौता नहीं करेंगे

बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा है कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान के भारत दौरे को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश भारत के साथ अच्छे रिश्ते चाहता है, लेकिन अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा। हुमायूं कबीर ने कहा कि प्रधानमंत्री के भारत दौरे का फैसला दोनों देशों के बीच बातचीत और जरूरी तैयारियों के बाद होगा। भारत ने रहमान को द्विपक्षीय दौरे का न्योता भेजा भारत ने तारिक रहमान को द्विपक्षीय दौरे के लिए आमंत्रित किया है। उन्हें 12-13 सितंबर को होने वाले BRICS समिट के आउटरीच सेशन में शामिल होने का न्योता भी मिला है। यह दौरा भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्ते सुधारने के लिए अहम माना जा रहा है। 2024 में शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ा हुआ है। हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा बांग्लादेश अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना भारत आ गई थीं। उन्हें ढाका की इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) ने हत्या के लिए उकसाने और हत्या का आदेश देने के लिए मौत की सजा दी है। बाकी मामलों में उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। ICT ने उन्हें 5 मामलों में आरोपी बनाया था। ट्रिब्यूनल ने शेख हसीना को छात्र आंदोलन के दौरान हुई हत्याओं का मास्टरमाइंड बताया था। इसी के चलते बांग्लादेश लगातार उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है। कबीर ने कहा कि हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा भी दोनों देशों के बीच जारी बातचीत का हिस्सा है। भारत का कहना है कि वह बांग्लादेश के अनुरोध की कानूनी प्रक्रिया के तहत समीक्षा कर रहा है। हसीना ने दिसंबर में बांग्लादेश लौटने का ऐलान किया 5 अगस्त को नई दिल्ली से एक वर्चुअल मीडिया कार्यक्रम में शेख हसीना ने कहा था कि वह दिसंबर में बांग्लादेश लौटेंगी और देश को फिर से सही रास्ते पर लाने की कोशिश करेंगी। इस बयान पर बांग्लादेश ने कड़ी आपत्ति जताई थी और कहा था कि इससे बांग्लादेश के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। इसके बाद भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में फिर से तनाव बढ़ गया। ढाका ने कहा था कि भारत में हसीना के ऐसे कार्यक्रम दोनों देशों के रिश्ते बेहतर बनाने की कोशिशों पर असर डाल सकते हैं। हालांकि भारत सरकार ने साफ किया कि कार्यक्रम के आयोजन में उसकी कोई भूमिका नहीं थी। जयशंकर बोले- कोई भी रिश्ता तभी मजबूत जब उससे दोनों का फायदा भारत-बांग्लादेश संबंधों को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर का बयान भी काफी चर्चा में है। उन्होंने शनिवार को इकोनॉमिक टाइम्स के वर्ल्ड लीडर फोरम में कहा, कोई भी रिश्ता तभी मजबूत और सफल होता है, जब उससे दोनों पक्षों को फायदा हो। जयशंकर ने कहा कि भारत यह उम्मीद नहीं करता कि पड़ोसी देश सिर्फ उसके हितों के मुताबिक काम करें। जैसे भारत दूसरे देशों के हितों का सम्मान करता है, वैसे ही उम्मीद वह दूसरे देशों से रखता है। —————————— यह खबर भी पढ़ें… बांग्लादेश बोला- भारत से गंगा जल समझौते में गारंटी मांगेंगे: जरूरत पड़ी तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर जाएंगे; 1996 का समझौता दिसंबर में खत्म होगा बांग्लादेश गंगा जल संधि में भारत से ‘गारंटी क्लॉज’ शामिल करने की मांग कर रहा है। बांग्लादेश के जल संसाधन मंत्री शाहिदुद्दीन चौधरी एनी ने मंगलवार को ढाका में यह बात कही। पूरी खबर पढ़ें…

संडे प्रोफाइल : रोरी कैनेडी:कैनेडी परिवार की रोरी डॉक्यूमेंट्री फिल्मों से बना रही हैं खास पहचान

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी की भतीजी रोरी कैनेडी ने पेचीदा सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर कई चर्चित डॉक्यूमेंट्री फिल्में बनाई हैं। इन दिनों विमानन कंपनी बोइंग पर बनाई नई डॉक्यूमेंट्री को लेकर रोरी चर्चा में हैं। अमेरिका के मशहूर कैनेडी परिवार की विरासत से जुड़ी रोरी कैनेडी ने अपनी पहचान राजनीति में नहीं बल्कि डॉक्यूमेंट्री फिल्मों की दुनिया में बनाई है। उनके पिता सीनेटर रॉबर्ट कैनेडी पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी के छोटे भाई थे। कैनेडी परिवार का इतिहास कई त्रासद घटनाओं से भरा रहा है। 1968 में रोरी के जन्म से पहले ही उनके अंकल जॉन एफ. कैनेडी और पिता रॉबर्ट कैनेडी की हत्या हो चुकी थी। ब्राउन यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने वाली रोरी बताती हैं कि कॉलेज के दिनों में अमेरिका में केबल टीवी तेजी से लोकप्रिय हो रहा था। इससे फिल्मों के प्रति उनका रुझान बढ़ा। वह एक आयरिश परिवार में पली-बढ़ीं, जहां कहानी सुनाने की पुरानी परंपरा थी, जो उनके रचनात्मक सफर का आधार बनी। रोरी ने अपनी फिल्मों में राजनीति और सरकार के फैसलों से पैदा होने वाले मानवीय संकटों को प्रमुखता से उठाया। इराक की कुख्यात अबू गरेब जेल की परिस्थितियों पर बनी उनकी फिल्म को एमी अवॉर्ड मिला। वियतनाम युद्ध के अंतिम दिनों पर बनी उनकी फिल्म ऑस्कर के लिए नामजद हुई। एक अन्य फिल्म में उन्होंने पिता रॉबर्ट कैनेडी की हत्या के बाद अपनी मां की जिंदगी पर पड़े असर को दिखाया। अलग तरह की कहानियां सामने लाने के इरादे से शुरू हुआ उनका सफर अब तक 35 से अधिक डॉक्यूमेंट्री फिल्मों तक पहुंच चुका है। अब उनकी नई फिल्म ‘फ्री फॉल : अ रेकनिंग फॉर बोइंग’ विमानन कंपनी बोइंग की अंदरूनी कहानी सामने लाती है। फिल्म में कंपनी के व्हिसल ब्लोअर्स के अनुभवों के जरिए यह बताया गया है कि सुरक्षा और जवाबदेही से जुड़े सवालों पर कंपनी के भीतर क्या हुआ। यह उनकी 2022 में आई फिल्म ‘डाउनफॉल : द केस अगेंस्ट बोइंग’ की अगली कड़ी है। पहली फिल्म में रोरी ने बताया था कि प्रतिस्पर्धा और मुनाफे की होड़ ने किस तरह कंपनी के फैसलों को प्रभावित किया और दुर्घटनाओं की जवाबदेही पर सवाल खड़े हुए। रोरी के मुताबिक पहली फिल्म के बाद बोइंग ने सार्वजनिक रूप से भरोसा दिलाया था कि उसने गलतियों से सबक लिया है, लेकिन उड़ानों में दोबारा खराबी की नई खबरें सामने आने लगीं। इसी दौरान कंपनी के कई व्हिसल ब्लोअर्स ने रोरी से संपर्क किया और दावा किया कि हालात सुधरने के बजाय और खराब हो रहे हैं। इनमें बोइंग के पूर्व कर्मचारी जॉन बार्नेट भी थे, जिन्होंने पहली फिल्म के लिए महत्वपूर्ण जानकारी दी थी। मार्च 2024 में बोइंग के खिलाफ गवाही के दौरान बार्नेट मृत पाए गए थे। रोरी का मानना है कि कंपनियों और सरकारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके फैसलों का केंद्र सार्वजनिक हित हो, न कि निजी।

फ्रांस में सितंबर में खुलेगा पहला बड़ा हिंदू मंदिर:पेरिस के पास होगा उद्घाटन, 13 दिन तक चलेगा भारतीय संस्कृति उत्सव

फ्रांस में पेरिस के पास बुसी-सेंट-जॉर्जेस में सितंबर 2026 में BAPS स्वामीनारायण हिंदू मंदिर का उद्घाटन होगा। इसे फ्रांस का पहला बड़ा हिंदू मंदिर बताया जा रहा है। मंदिर के उद्घाटन के साथ 2 से 14 सितंबर तक 13 दिन का ‘फेस्टिवल ऑफ कल्चर’ होगा। इसमें लोगों को हिंदू परंपराओं, भारतीय कला, संगीत और संस्कृति के बारे में जानने का मौका मिलेगा। यह मंदिर सिर्फ पूजा के लिए नहीं होगा। यहां सांस्कृतिक और सामुदायिक कार्यक्रम भी होंगे। उद्घाटन में भारतीय मूल के लोगों के साथ हिंदू समुदाय और भारतीय संस्कृति में रुचि रखने वाले लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। मंदिर के खुलने से फ्रांस में रहने वाले भारतीय और हिंदू समुदाय को पूजा और संस्कृति से जुड़ने के लिए एक बड़ा केंद्र मिलेगा। भारत में तराशे गए पत्थरों से बना मंदिर पेरिस के पास बने BAPS स्वामीनारायण मंदिर में भारत से लाए गए खास पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। इन्हें भारत में करीब 1,000 साल पुरानी नक्काशी की तकनीकों से तैयार किया गया है। कई हिस्सों पर कारीगरों ने हाथ से बारीक नक्काशी की है। भारत में तैयार किए गए इन पत्थरों को फ्रांस लाकर मंदिर में लगाया गया। इस काम में भारतीय कारीगरों के साथ फ्रांस के विशेषज्ञ भी शामिल रहे। इनमें नोट्रे-डाम कैथेड्रल की मरम्मत से जुड़े कारीगर भी थे। इस तरह मंदिर में भारतीय शिल्पकला और फ्रांस की आधुनिक निर्माण तकनीक का मेल देखने को मिलता है। मंदिर की संरचना में गुंबद, स्तंभ और शिखर जैसी पारंपरिक हिंदू वास्तुकला शामिल है। मंदिर उद्घाटन से पहले हुई विशेष पूजा मंदिर के शिखरों और मुख्य गुंबद पर लगाए जाने वाले पवित्र कलश और ध्वज की विशेष पूजा की गई। इस पूजा में बड़ी संख्या में संतों और श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान वैदिक मंत्रों का जाप किया गया और शांति, सद्भाव और सभी लोगों की भलाई के लिए प्रार्थना की गई 1970 में आया था फ्रांस में हिंदू मंदिर बनाने का आइडिया BAPS पेरिस की वेबसाइट के मुताबिक, फ्रांस में हिंदू मंदिर बनाने का आइडिया 1970 में आया था। इसके करीब 25 साल बाद, 1995 में पेरिस में मंदिर बनाने की योजना पर काम आगे बढ़ा।
2017 में बुसी-सेंट-जॉर्जेस में मंदिर के लिए जमीन मिली। इसके बाद 2021 में निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ी। करीब 56 साल बाद अब 2026 में मंदिर बनकर तैयार है। BAPS ने दुनिया में 1,300 से ज्यादा मंदिर बनाए बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था यानी BAPS स्वामीनारायण परंपरा से जुड़ी एक वैश्विक हिंदू संस्था है। यह सिर्फ धार्मिक गतिविधियां नहीं चलाती, बल्कि शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक सेवा से भी जुड़ी है। BAPS के मंदिर भारत के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका और यूरोप के कई देशों में हैं। यहां पूजा और धार्मिक कार्यक्रमों के साथ भारतीय संस्कृति, भाषा, संगीत, कला और बच्चों से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। BAPS के मुताबिक, दुनिया भर में उसके 1,300 से ज्यादा मंदिर हैं और इसका नेटवर्क 50 से ज्यादा देशों में फैला है। पेरिस के पास बना BAPS स्वामीनारायण मंदिर भी इसी वैश्विक नेटवर्क का हिस्सा है। भारत में अक्षरधाम भी BAPS ने बनाया BAPS के बनाए सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में दिल्ली का स्वामीनारायण अक्षरधाम भी शामिल है। इसके अलावा गुजरात के गांधीनगर में भी अक्षरधाम परिसर है। दिल्ली का अक्षरधाम पारंपरिक भारतीय शैली में बनाया गया है। इसे बनाने में हजारों कारीगरों और स्वयंसेवकों ने काम किया था। BAPS के मुताबिक, मंदिर को पारंपरिक वास्तु और शिल्प परंपराओं के अनुसार तैयार किया गया है।

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पेंटागन में किचन कैबिनेट:अमेरिकी रक्षा मंत्री की पत्नी अटैक प्लान के लिए सीक्रेट मीटिंग में बैठीं, स्टाफ भी चुन रहीं

दुनिया का सबसे ताकतवर रक्षा मंत्रालय अमेरिकी पेंटगन किचन कैबिनेट (ताकतवर नेता के परिवार जन) में तब्दील हो गया है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की पत्नी जेनिफर हेगसेथ इन दिनों पेंटागन में सबसे प्रभावशाली सलाहकार की भूमिका निभा रही हैं। पत्रकार रहीं जेनिफर पति के इंटरव्यू की तैयारी, स्टाफ चुनने व रणनीति बनाने में मौजूद रहती हैं। उनकी भूमिका तब विवादों में आई, जब वे उस सिग्नल चैट मीटिंग में शामिल थीं, जिसमें यमन में अमेरिकी हमले की योजना साझा की गई थी। हाल ही में राष्ट्रपति ट्रम्प ने उन्हें सैन्य परिवारों से जुड़े मिलिट्री स्पाउस कमीशन का अध्यक्ष बनाया है। न्यूज चैनल में हेगसेथ के शो की प्रोड्यूसर थीं जेनिफर, यहीं हुई दोस्ती पीट-जेनिफर की दोस्ती 2014 में टीवी चैनल में हुई। तब पीट बतौर एंकर शो होस्ट करते और जेनिफर उनकी शो प्रोड्यूसर हुआ करती थीं। साथ काम करते-करते दोनों करीब आए और 2019 में शादी के बंधन में बंध गए। दोनों की ये दूसरी शादी है। पीट अक्सर कहते हैं कि ‘जीसस’ (ईश्वर) और ‘जेनिफर’ ने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी है। ऐसे बढ़ा जेनिफर का प्रभाव… जेनिफर का दबदबा तब और बढ़ा, जब वह मार्च 2025 में ब्रिटिश वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के साथ एक बेहद गोपनीय बैठक में मौजूद थीं। उस वक्त अमेरिका ने यूक्रेन के साथ सैन्य खुफिया जानकारी साझा करना रोक दिया था। जेनिफर की मौजूदगी से असहज ब्रिटिश अधिकारियों ने संवेदनशील बातें रोक दीं। इसके बाद अलग से जेनिफर की गैरमौजूदगी में बैठक करनी पड़ी। पाबंदियां लगाईं जेनिफर ने मीडिया के प्रति कड़ा रुख अपनाया। फरवरी 2025 में पेंटागन ने ‘मीडिया रोटेशन प्रोग्राम’ लागू किया, जिसके तहत कई संस्थानों को पेंटागन के वर्कस्पेस से बाहर कर दिया। साथ ही, वे रक्षा विभाग के वीडियो-रील्स के जरिए सैन्य गतिविधियों को युवा, जेन-जी तक पहुंचाने की रणनीति में भी भूमिका निभा रही हैं। सैन्य अफसरों का भी इंटरव्यू ले चुकीं ट्रम्प के सत्ता संभालने के बाद जेनिफर ने रक्षा विभाग से जुड़े सैन्य अफसरों के 40-40 मिनट के लंबे इंटरव्यू लिए और मीडिया से निपटने की क्षमता पर तीखे सवाल पूछे। भूमिका पर सैन्य अफसरों ने उठाए सवाल हेगसेथ के साथ काम कर चुके पूर्व मुख्य प्रवक्ता जॉन उलीओट ने कहा, ‘किसी रक्षा मंत्री का अपनी पत्नी को गोपनीय सैन्य कर्तव्यों में शामिल करना और उस पर कोई कार्रवाई न होना हैरान करने वाला है।’ वहीं सीनेटर क्रिस कून्स ने कहा कि रक्षा मंत्री को मिली उच्च-स्तरीय सुरक्षा मंजूरी कोई ऐसी चीज नहीं है, जिसे वे अपनी पत्नी को सौंप दें।

अमेरिका में भारतीय मूल के कारोबारी की हत्या:19 साल की बेटी के सामने लुटेरे ने पिता को गोली मारी

अमेरिका में भारतीय मूल के कारोबारी सुरेश पटेल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना टेनेसी राज्य के जैक्सन शहर की है। पुलिस के मुताबिक, एक नकाबपोश बदमाश पैसे लूटने के इरादे से दुकान में घुसा। कैश लेने के बाद उसने सुरेश पटेल पर फायरिंग कर दी। घटना के समय उनकी 19 साल की बेटी भी दुकान में मौजूद थी। उसने अपनी आंखों के सामने यह वारदात देखी। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। सुरेश पटेल गुजरात के मेहसाणा जिले के रहने वाले थे। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, सुरेश पटेल ने घटना से सिर्फ 3 दिन पहले ही यह दुकान खरीदी थी। गोलीबारी के बाद मौके से फरार हो गया आरोपी वहां मौजूद लोगों के मुताबिक, एक नकाबपोश व्यक्ति दुकान में घुसा और कर्मचारियों से कैश की मांग की। पैसे मिलने के बाद उसने कई राउंड फायरिंग की। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने ग्रे रंग की हुडी, जींस और काले बूट पहन रखे थे। उसके चेहरे पर मास्क था। वारदात के बाद वह सफेद रंग की कार में फरार हो गया। आरोपी की तलाश कर रही पुलिस पुलिस को इस घटना से जुड़ी CCTV फुटेज मिली है। पुलिस ने लोगों से आरोपी के बारे में जानकारी देने की अपील भी की है। खबर अपडेट की जा रही है….

पंजाबी युवक की अमेरिका में गोली मारकर हत्या:पिज्जा डिलीवर करने जाते वक्त लुटेरों ने फायरिंग की; पिता बोले- ₹30 लाख कर्ज लेकर भेजा था

पंजाब में कपूरथला के रहने वाले एक 28 वर्षीय युवक की अमेरिका में गोली मारकर हत्या कर दी गई। जिस समय युवक पर हमला हुआ, वह पिज्जा डिलीवरी देने जा रहा था। इसी दौरान बाइक पर आए हमलावरों ने उसपर फायरिंग कर दी। युवक को घायल अवस्था में अस्पताल भी पहुंचाया गया था, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। युवक की पहचान गुरदीप सिंह के रूप में हुई है। वह कपूरथला में बेगोवाल कस्बे में जब्बोवाल गांव का रहने वाला था और करीब 10 साल पहले काम करने के लिए अमेरिका गया था। शनिवार, 22 अगस्त को उसकी मौत की सूचना मिलने के परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिवार ने केंद्र और पंजाब सरकार से मांग की है कि उनके बेटे का शव भारत लाया जाए और अमेरिका में उसकी हत्या करने वालों को सजा दी जाए। मृतक के पिता ने ये जानकारियां दीं अविवाहित था गुरदीप सिंह परिजनों के मुताबिक, गुरदीप सिंह अविवाहित था। उसका एक भाई है जो गांव में ही रहकर परिवार को संभालता है। गुरदीप की मौत के बाद अब माता-पिता का यह भाई ही इकलौता सहारा बचा है। परिवार ने शव वापस लाने की लगाई गुहार गुरदीप सिंह के परिवार ने पंजाब सरकार और केंद्र सरकार से अपील की है कि उनके बेटे का शव जल्द से जल्द भारत लाने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान की जाए। परिवार ने अमेरिकी प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और हत्या के जिम्मेदार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाने की भी मांग की है। गांव के लोगों ने भी सरकार से परिवार की मदद करने और गुरदीप सिंह का शव भारत लाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का आग्रह किया है। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… जालंधर में महिला को पति-सास ने हार्पिक पिलाया:फोर्टिस अस्पताल में छोड़कर भागे; पत्नी को एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का पता चल गया था जालंधर के करतारपुर थाने में महिला को हार्पिक पिलाकर मारने की कोशिश करने का मामला दर्ज हुआ है। केस महिला के पति और सास के खिलाफ है। महिला को गंभीर हालत में जालंधर के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया। पढ़ें पूरी खबर…

रक्षा-समझौते की आड़ में हथियारों का जखीरा भर रहा पाकिस्तान:तुर्किये से ड्रोन की सप्लाई, 60 घंटे में दर्जनों सैन्य विमान पहुंचे

सऊदी और तुर्किये से हुए रक्षा समझौते की आड़ में पाकिस्तान हथियारों का जखीरा बढ़ाता जा रहा है। 19 से 21 अगस्त के बीच करीब 60 घंटे में तुर्किये के दर्जनों सैन्य विमानों ने पाकिस्तान के अलग-अलग एयरबेस पर लैंडिंग और टेकऑफ की। इनमें सी-130 सैन्य परिवहन विमान और ए400एम जंबो मिलिट्री विमान शामिल थे। रावलपिंडी के नूरखान और कराची के मसरूर एयरबेस पर तुर्किये के सी-130 सैन्य विमानों की लगातार आवाजाही रही। वहीं, तुर्किये का ए400एम विमान भी मुरीद एयरबेस पर पहुंचा। इसकी पहचान कॉल-साइन टीयूएएफ 526 से हुई। इन विमानों से तुर्किये ने पाकिस्तान को ड्रोन की बड़ी खेप पहुंचाई। ड्रोन की सप्लाई रात के अंधेरे में की गई, ताकि सैटेलाइट ट्रैकिंग से गतिविधियों को छिपाया जा सके। तुर्किये से पहुंची ड्रोन की खेप को बहावलपुर और रावलपिंडी की मिलिट्री स्टोरेज फैसिलिटीज में रखा गया है। पाकिस्तान को AI-गाइडेड केमांके क्रूज मिसाइल भी मिली ड्रोन के साथ पाकिस्तान को तुर्किये से एयर-डिफेंस सिस्टम और आधुनिक हथियार भी मिले हैं। इनमें एचक्यू सीरीज या इसी तरह का एयर-डिफेंस/सैम सिस्टम शामिल है। बायरक्तार TB2 ड्रोन: दुनिया के सबसे चर्चित आर्म्ड ड्रोन में शामिल है। रूस इसका इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ कर रहा है। अकिंसी ड्रोन: भारी पेलोड ले जाने वाला हाई-एंड कॉम्बैट ड्रोन। यह करीब 250 किमी तक की दूरी पर एक्सप्लोसिव पेलोड ले जा सकता है। केमांके क्रूज मिसाइल: AI-गाइडेड मिसाइल है, जो खुद टारगेट खोजने की क्षमता रखती है। इसकी रेंज 200+ किमी बताई गई है और इसे ड्रोन से भी लॉन्च किया जा सकता है। F-16 अपग्रेड किट: पाकिस्तान के पुराने F-16 लड़ाकू विमानों के बेड़े के लिए तुर्किये से इंटीग्रेशन किट भी मिली है। मुनीर ने एर्दोगान को ड्रोन देने के लिए राजी किया मक्का में हुए रक्षा समझौते के दौरान पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगान से ड्रोन देने को कहा था। मुनीर ने बताया था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम को काफी नुकसान हुआ था। चीन से पाकिस्तान को जे-सीरीज के लड़ाकू विमान पर्याप्त संख्या में मिल चुके थे, लेकिन इस दौरान उसके ड्रोन का बड़ा हिस्सा खत्म हो गया था। बलूचिस्तान में बड़े ऑपरेशन की तैयारी में मुनीर बलूचिस्तान में विद्रोहियों से घिरे मुनीर अब बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू करने की तैयारी में हैं। इसके लिए सेना की टुकड़ियां रवाना की जा रही हैं। यह कार्रवाई अगले 48 घंटे में शुरू हो सकती है। जुलाई में ‘ऑपरेशन शाबान’ शुरू करने के बाद भी बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना की पकड़ कमजोर हुई है। सेना की 25 से ज्यादा चेकपोस्ट खाली हो चुकी हैं और कई जगहों पर बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के लड़ाकों का कब्जा है। ईरान सीमा से लगे बलूचिस्तान के इलाकों में भी पाकिस्तानी सेना को लगातार चुनौती मिल रही है। रावलपिंडी GHQ में 3 अतिरिक्त कंपनियां तैनात बलूच विद्रोहियों के हमले की आशंका के चलते रावलपिंडी स्थित पाकिस्तान आर्मी के हेडक्वार्टर में 3 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। शहबाज सरकार ने शनिवार को रावलपिंडी के GHQ को अगले 6 महीने के लिए संवेदनशील जोन घोषित किया है। ———————- ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान ने पत्रकार को आतंकी लिस्ट में डाला:PoK प्रदर्शन कवर करने वाले दानिश इरशाद पर बिना मुकदमे कार्रवाई, बैंक अकाउंट सीज-यात्रा पर रोक पाकिस्तान ने PoK में हो रहे प्रदर्शनों की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार और रिसर्चर दानिश इरशाद का नाम आतंकवाद से जुड़ी निगरानी सूची यानी फोर्थ शेड्यूल में डाल दिया है। खास बात यह है कि सरकार ने उनके खिलाफ न तो किसी आतंकी गतिविधि का आरोप बताया है और न ही किसी अदालत का फैसला सामने आया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

रक्षा-समझौते की आड़ में हथियारों का जखीरा भर रहा पाकिस्तान:तुर्किये से ड्रोन की सप्लाई, 60 घंटे में दर्जनों सैन्य विमान पहुंचे

सऊदी और तुर्किये से हुए रक्षा समझौते की आड़ में पाकिस्तान हथियारों का जखीरा बढ़ाता जा रहा है। 19 से 21 अगस्त के बीच करीब 60 घंटे में तुर्किये के दर्जनों सैन्य विमानों ने पाकिस्तान के अलग-अलग एयरबेस पर लैंडिंग और टेकऑफ की। इनमें सी-130 सैन्य परिवहन विमान और ए400एम जंबो मिलिट्री विमान शामिल थे। रावलपिंडी के नूरखान और कराची के मसरूर एयरबेस पर तुर्किये के सी-130 सैन्य विमानों की लगातार आवाजाही रही। वहीं, तुर्किये का ए400एम विमान भी मुरीद एयरबेस पर पहुंचा। इसकी पहचान कॉल-साइन टीयूएएफ 526 से हुई। इन विमानों से तुर्किये ने पाकिस्तान को ड्रोन की बड़ी खेप पहुंचाई। ड्रोन की सप्लाई रात के अंधेरे में की गई, ताकि सैटेलाइट ट्रैकिंग से गतिविधियों को छिपाया जा सके। तुर्किये से पहुंची ड्रोन की खेप को बहावलपुर और रावलपिंडी की मिलिट्री स्टोरेज फैसिलिटीज में रखा गया है। पाकिस्तान को AI-गाइडेड केमांके क्रूज मिसाइल भी मिली ड्रोन के साथ पाकिस्तान को तुर्किये से एयर-डिफेंस सिस्टम और आधुनिक हथियार भी मिले हैं। इनमें एचक्यू सीरीज या इसी तरह का एयर-डिफेंस/सैम सिस्टम शामिल है। बायरक्तार TB2 ड्रोन: दुनिया के सबसे चर्चित आर्म्ड ड्रोन में शामिल है। रूस इसका इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ कर रहा है। अकिंसी ड्रोन: भारी पेलोड ले जाने वाला हाई-एंड कॉम्बैट ड्रोन। यह करीब 250 किमी तक की दूरी पर एक्सप्लोसिव पेलोड ले जा सकता है। केमांके क्रूज मिसाइल: AI-गाइडेड मिसाइल है, जो खुद टारगेट खोजने की क्षमता रखती है। इसकी रेंज 200+ किमी बताई गई है और इसे ड्रोन से भी लॉन्च किया जा सकता है। F-16 अपग्रेड किट: पाकिस्तान के पुराने F-16 लड़ाकू विमानों के बेड़े के लिए तुर्किये से इंटीग्रेशन किट भी मिली है। मुनीर ने एर्दोगान को ड्रोन देने के लिए राजी किया मक्का में हुए रक्षा समझौते के दौरान पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगान से ड्रोन देने को कहा था। मुनीर ने बताया था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम को काफी नुकसान हुआ था। चीन से पाकिस्तान को जे-सीरीज के लड़ाकू विमान पर्याप्त संख्या में मिल चुके थे, लेकिन इस दौरान उसके ड्रोन का बड़ा हिस्सा खत्म हो गया था। बलूचिस्तान में बड़े ऑपरेशन की तैयारी में मुनीर बलूचिस्तान में विद्रोहियों से घिरे मुनीर अब बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू करने की तैयारी में हैं। इसके लिए सेना की टुकड़ियां रवाना की जा रही हैं। यह कार्रवाई अगले 48 घंटे में शुरू हो सकती है। जुलाई में ‘ऑपरेशन शाबान’ शुरू करने के बाद भी बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना की पकड़ कमजोर हुई है। सेना की 25 से ज्यादा चेकपोस्ट खाली हो चुकी हैं और कई जगहों पर बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के लड़ाकों का कब्जा है। ईरान सीमा से लगे बलूचिस्तान के इलाकों में भी पाकिस्तानी सेना को लगातार चुनौती मिल रही है। रावलपिंडी GHQ में 3 अतिरिक्त कंपनियां तैनात बलूच विद्रोहियों के हमले की आशंका के चलते रावलपिंडी स्थित पाकिस्तान आर्मी के हेडक्वार्टर में 3 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। शहबाज सरकार ने शनिवार को रावलपिंडी के GHQ को अगले 6 महीने के लिए संवेदनशील जोन घोषित किया है।

ट्रम्प ने होर्मुज को फिर अमेरिकी इलाका बताया:ईरान बोला- दावा हकीकत से दूर, रेजाई ने अमेरिका पर बातचीत और वादे तोड़ने का आरोप लगाया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फिर एक तस्वीर शेयर की, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को ‘अमेरिकी इलाका’ बताया गया है। ईरान ने इस दावे को हकीकत से दूर बताया है। ट्रम्प ने पहली बार यही तस्वीर 18 अगस्त को शेयर की थी। इससे पहले 14 अगस्त को लॉन्ग आइलैंड की पुलिस अकादमी में उन्होंने कहा था, “बहुत जल्द मैं होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिका का इलाका घोषित करूंगा।” यह बयान ऐसे समय आया है, जब संघर्ष छह महीने पूरे होने के करीब है। ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ “अभूतपूर्व आर्थिक युद्ध और अलगाव” का नया अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। अमेरिका ने आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति अपनाई इस अभियान को “इकोनॉमिक डी-डे” नाम दिया गया है। इसका मकसद ईरान के बचे हुए आर्थिक सहारे पूरी तरह खत्म करना है। अमेरिका ने अपनी रणनीति सीधे सैन्य संघर्ष से हटाकर ईरान पर आर्थिक दबाव और उसे अलग-थलग करने की ओर कर दी है। ईरान के सुरक्षा अधिकारी बोले- कूटनीतिक तरीके में बदलाव जरूरी ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रेजाई ने कहा कि अमेरिका के वादों से पीछे हटने के बाद ईरान के कूटनीतिक व्यवहार में सुधार जरूरी है। ईरान के राष्ट्रीय टीवी पर प्रसारित इंटरव्यू में उन्होंने अमेरिका के साथ ईरान के कूटनीतिक व्यवहार में बदलाव की जरूरत बताई। रेजाई ने कहा, “पूरी दुनिया ईरान को एक नए नजरिए से देख रही है।” उन्होंने कहा, “कई बातचीत और अमेरिका की ओर से वादा तोड़े जाने के बाद, दुनिया के साथ इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के कूटनीतिक व्यवहार में सुधार होना चाहिए।” रेजाई ने आगे कहा, “युद्ध के तरीके में निश्चित रूप से बदलाव आएगा। अमेरिकियों ने बातचीत, कूटनीति और अपने हस्ताक्षर के साथ विश्वासघात किया है।” पेजेश्कियन बोले- मजबूत स्थिति में युद्ध खत्म करना सही इस्लामिक एसोसिएशन ऑफ ईरानियन मेडिकल कम्युनिटी की 31वीं आम सभा में पेजेश्कियन ने समझौता ज्ञापन (MoU) को “सम्मानजनक और मूल्यवान” बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल में एकता के जरिए हुआ था। इसमें शामिल सभी लोगों ने मजबूती से इसका समर्थन किया था। पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान के मजबूत और ताकतवर रहते हुए युद्ध खत्म करना सही रास्ता था। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया ने ईरान की जीत को पहचाना है। उनके मुताबिक, नियमों का उल्लंघन कर स्कूलों, अस्पतालों और बुनियादी ढांचे पर हमला करने के कारण दुनिया अमेरिका को “नफरत के लायक” मानती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि ईरान कभी आक्रामकता के सामने झुकेगा। पेजेश्कियन ने कहा, “हम कभी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। हम अपनी आखिरी सांस तक खड़े रहेंगे और करारा जवाब देंगे।”