Muharram Holiday: मुहर्रम की छुट्टी को लेकर संशय, बैंकों में 25 जून को रहेगी छु्ट्टी या 26 जून को?

मुहर्रम की छुट्टी 26 जून यानी शुक्रवार को है। इसके बाद शनिवार और रविवार को केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज की छुट्टी होगी। केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज की छुट्टियों की लिस्ट में 26 जून को मुहर्रम की छुट्टी दिखाई गई है। इसका मतलब है कि जून के आखिर में एंप्लॉयीज के साथ ही स्कूल, कॉलेज के स्टूडेट्स और प्रोफेशनल लोगों को लंबी छुट्टी मिलने वाली है। तीन दिन की इस छुट्टी के इस्तेमाल का प्लान अभी से लोग बनाने लगे हैं।

बैंकों में जून के आखिर में 3 दिन की छुट्टी

बैंक एंप्लॉयीज को भी जून के आखिर में लंबी छुट्टी मिलने जा रही है। 26 जून को मुहर्रम की छुट्टी होगी। फिर 27 जून महीने का चौथा शनिवार होगा। हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंकों में छुट्टी होती है। 28 जून को रविवार है। इस तरह बैंकों के एंप्लॉयीज को भी इस महीने के आखिर में लगातार तीन दिनों की छुट्टी मिलेगी। लगातार तीन दिनों की छुट्टी का ऐसा मौका बैंक और दूसरे एंप्लॉयीज को कम मिलता है।

ज्यादातर राज्यों में 26 जून को छुट्टी घोषित

हालांकि, अभी इस बात को लेकर संशय की स्थिति है कि मुहर्रम की छुट्टी 25 जून को होगी या 26 जून को होगी। अलग-अलग राज्यों में मुहर्रम की छुट्टी की तारीख अलग-अलग है। इंडिया में लागू इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक, मुहर्रम का 10वां दिन असूरा के रूप में मनाया जाता है। इसके इस साल 26 जून को पड़ने की संभावना है। कई राज्यों ने इस हिसाब से छुट्टी के दिन में बदलाव किए हैं।

कुछ राज्यों ने छुट्टी की तारीख बदली

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना ने शुरू में मुहर्रम की छुट्टी 25 जून को नोटिफाय किया था। लेकिन, बाद में उन्होंने इसमें बदलाव किए हैं। इसे बदलकर 26 जून कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली में पहले से ही मुहर्रम की छुट्टी 26 जून को घोषित है। इसके चलते स्कूल और कॉलेज में भी 26 जून को छुट्टी रहेगी। इससे स्कूल और कॉलेज के स्टूडेंट्स को भी इस महीने के अंत में तीन दिनों की छुट्टी मिलेगी।

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एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस में भी तीन दिनों की छुट्टी

ऐसे स्कूल-कॉलेज और शिक्षण संस्थान जिनमें पांच दिनों का हफ्ता है, उनमें तीन दिन की छुट्टी इस महीने के अंत में होगी। इसका मतलब है कि तीन दिन की छुट्टी के बाद दोबारा 29 जून यानी सोमवार को क्लास शुरू होंगे। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि सभी एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस में शनिवार को छुट्टी नहीं रहती है।

“दिखने में शांत, लेकिन बातचीत में ‘जबरदस्त खिलाड़ी’ हैं PM मोदी”… G7 समिट में ट्रंप ने की तारीफ, बोले- मैं उनके जैसा नहीं हूं

फ्रांस में चल रहे G7 शिखर सम्मेलन (G7 Summit) के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जोड़ी एक बार फिर चर्चाओं में आ गई है। समिट से अलग इन दोनों नेताओं के द्विपक्षीय बातचीत हुई, लेकिन उससे पहले ही ट्रंप ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की। ट्रंप ने पीएम मोदी की खुलकर तारीफ करते हुए दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से चली आ रही मजबूत व्यक्तिगत दोस्ती को फिर से उजागर किया।

ट्रंप ने हाल के महीनों में कई बार मोदी को लेकर सकारात्मक टिप्पणियां की हैं। उन्होंने पीएम मोदी को “शांत”, “कूल” और यहां तक कि “टोटल किलर” तक बताया था। ट्रंप के अनुसार, इसका मतलब यह है कि मोदी भले ही सार्वजनिक तौर पर शांत और संयमित दिखाई देते हों, लेकिन बातचीत और फैसले लेने के मामले में बेहद मजबूत और प्रभावशाली नेता हैं।

16 महीने बाद आमने-सामने मिले मोदी और ट्रंप

फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में हुई ये मुलाकात पिछले 16 महीनों में दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने की बैठक थी। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का स्वागत किया और बाद में व्यापार, ऊर्जा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की।

यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत जारी है। साथ ही होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े हालिया घटनाक्रमों के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा भी चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई है।

ट्रंप बार-बार करते हैं मोदी का जिक्र

डोनाल्ड ट्रंप अक्सर दुनिया के नेताओं के बारे में बात करते समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हैं। उन्होंने कई बार ह्यूस्टन में आयोजित ऐतिहासिक “Howdy Modi” कार्यक्रम का जिक्र किया है और मोदी को ऐसे नेता के रूप में पेश किया है जो कठिन फैसले लेने से नहीं हिचकते।

“टोटल किलर” वाला ट्रंप का बयान भी काफी चर्चा में रहा था। ट्रंप का कहना था कि मोदी की शांत छवि के पीछे एक बेहद मजबूत राजनीतिक रणनीतिकार और सख्त वार्ताकार मौजूद है।

मोदी के लंबे कार्यकाल की भी की तारीफ

कुछ समय पहले ट्रंप ने पीएम मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्रियों में शामिल होने पर बधाई दी थी। उन्होंने मोदी को “मजबूत, स्वस्थ और बुद्धिमान व्यक्ति” बताते हुए कहा था कि आने वाले वर्षों में भी उन्हें बड़ी सफलता मिलेगी।

किन मुद्दों पर हुई चर्चा?

सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच संभावित व्यापार समझौते, ऊर्जा सहयोग, वीजा से जुड़े मामलों और वैश्विक भू-राजनीतिक हालात पर चर्चा हुई। नई दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच व्यापार वार्ता जारी है और दोनों पक्ष जल्द ही एक अंतरिम समझौते की उम्मीद जता रहे हैं।

G7 शिखर सम्मेलन के बीच मोदी और ट्रंप की यह मुलाकात सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली बैठकों में शामिल हो गई है। यह न सिर्फ भारत-अमेरिका संबंधों की अहमियत दिखाती है, बल्कि दोनों नेताओं के बीच की व्यक्तिगत केमिस्ट्री को भी एक बार फिर सामने लाती है।

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Pixel यूजर्स को मिलेगा नया Bubbles फीचर, फोल्डेबल गेमिंग मोड और दमदार सुरक्षा अपग्रेड, Android 17 अपडेट जारी

Google ने अपने लेटेस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम Android 17 का रोलआउट योग्य Pixel डिवाइसेज के लिए शुरू कर दिया है। यह अपडेट अब Google Pixel 6 सीरीज और उसके बाद के मॉडल्स, Pixel Fold तथा Pixel Tablet के लिए उपलब्ध है। नए Android 17 में मल्टीटास्किंग, गेमिंग, सुरक्षा और प्राइवेसी से जुड़े कई नए फीचर्स जोड़े गए हैं।

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Android 17 का सबसे बड़ा आकर्षण Bubbles फीचर है। इसकी सहायता से यूजर्स किसी भी ऐप के आइकॉन को लॉन्ग-प्रेस करके उसे एक छोटे फ्लोटिंग विंडो में बदल सकते हैं। Pixel Fold जैसे डिवाइस में ये फ्लोटिंग ऐप्स स्क्रीन के निचले-दाएं हिस्से में मौजूद Bubble Bar में दिखाई देंगे। यूजर्स सीधे Bubble Bar से ऐप्स के बीच स्विच कर सकते हैं, विंडो का आकार बदल सकते हैं या उसे फुल-स्क्रीन मोड में खोल सकते हैं।

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Google ने Screen Reactions नाम का नया फीचर भी पेश किया है। इसके जरिए यूजर स्क्रीन रिकॉर्डिंग करते समय फ्रंट कैमरे से अपना रिएक्शन भी रिकॉर्ड कर सकते हैं। कैमरा वीडियो स्क्रीन रिकॉर्डिंग के ऊपर ओवरले के रूप में दिखाई देगा, जिससे एक ही वीडियो में स्क्रीन पर हो रही गतिविधि और यूजर की प्रतिक्रिया दोनों रिकॉर्ड हो जाएंगी। कंपनी ने स्क्रीन रिकॉर्डिंग और एनोटेशन टूल्स को भी नए टूलबार के साथ अपडेट किया है।

 

फोल्डेबल फोन के लिए खास गेमिंग मोड

 

Android 17 में फोल्डेबल स्मार्टफोन्स के लिए एक समर्पित Gaming Mode भी जोड़ा गया है। इस मोड में स्क्रीन के निचले हिस्से पर गेमिंग कंट्रोल दिखाई देंगे, जो एक वर्चुअल गेमपैड की तरह काम करेंगे। Google का दावा है कि नया अपडेट मेमोरी मैनेजमेंट को बेहतर बनाता है, जिससे गेमिंग के दौरान फ्रेम ड्रॉप और लैग की समस्या कम होगी।

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सुरक्षा और प्राइवेसी को मिली अतिरिक्त मजबूती

Android 17 में यूजर्स को Temporary Precise Location Sharing फीचर मिलेगा, जिसके तहत वे किसी ऐप को सीमित समय के लिए ही अपनी सटीक लोकेशन एक्सेस करने की अनुमति दे सकेंगे। इसके अलावा, नए Granular Contact Sharing Controls की मदद से यूजर पूरे कॉन्टैक्ट लिस्ट की बजाय केवल चुनिंदा संपर्कों को ही किसी ऐप के साथ साझा कर सकेंगे।

 

Google ने Find Hub में 'Mark as Lost' विकल्प भी जोड़ा है, जिससे खोए हुए डिवाइस को रिमोटली लॉक किया जा सकेगा। वहीं Live Threat Detection को और बेहतर बनाया गया है ताकि संदिग्ध ऐप्स और ऑनलाइन स्कैम्स की पहचान कर उन्हें ब्लॉक किया जा सके। साथ ही Advanced Protection फीचर को भी मजबूत किया गया है, जिससे जटिल साइबर खतरों के खिलाफ अतिरिक्त सुरक्षा मिलेगी।

 

PIN सुरक्षा को भी पहले से मजबूत बनाया गया है। अब गलत PIN अनुमान लगाने के प्रयासों की संख्या कम कर दी गई है और हर असफल प्रयास के बाद दोबारा कोशिश करने के लिए अधिक समय तक इंतजार करना होगा। Edited by : Sudhir Sharma

Gold Price Today: ₹4800 सस्ता हुआ सोना, ₹5300 टूटी चांदी; जानिए क्यों आई बड़ी गिरावट

Gold Price Today: घरेलू बाजार में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। मजबूत रुपये और वैश्विक बाजार में कमजोरी के बीच कारोबारियों ने कीमती धातुओं से दूरी बनाई। इससे सोना और चांदी दोनों सस्ते हो गए।

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, 24 कैरेट वाला सोना 4,800 रुपये टूटकर 1,54,400 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स समेत) पर आ गया। एक दिन पहले सोना 1,59,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

चांदी में भी बड़ी गिरावट

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट आई। चांदी 5,300 रुपये टूटकर 2,55,400 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स समेत) पर आ गई।

मंगलवार को चांदी 2,60,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

क्यों गिरे सोने-चांदी के दाम?

एनालिस्टों के मुताबिक, लगातार दूसरे दिन घरेलू मांग कमजोर रही। वहीं शेयर बाजार में मजबूती के कारण निवेशकों का रुझान दूसरी एसेट की ओर बढ़ा है।

इसके अलावा निवेशक अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले समेत कई अहम आर्थिक घटनाओं से पहले सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। इसी वजह से सोने में खरीदारी कमजोर रही।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव

वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव देखने को मिला। स्पॉट गोल्ड मामूली गिरावट के साथ 4,327.54 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं स्पॉट सिल्वर 0.18% फिसलकर 69.89 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की मौद्रिक नीति बैठक के फैसले पर टिकी हुई है। इस वजह से फिलहाल सोने की कीमतें सीमित दायरे में कारोबार कर रही हैं।

अमेरिका-ईरान वार्ता पर भी नजर

बाजार की नजर शुक्रवार को होने वाली अमेरिका और ईरान की प्रस्तावित बैठक पर भी है। एनालिस्टों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच बातचीत में प्रगति होती है तो भू-राजनीतिक तनाव कम हो सकता है। इससे सोने और चांदी जैसी सुरक्षित माने वाले निवेश की मांग घट सकती है।

वहीं अगर बातचीत में कोई बाधा आती है या तनाव बढ़ता है, तो निवेशक फिर से सोने और चांदी की ओर रुख कर सकते हैं।

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FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप में अचानक आया ये खतरनाक मेहमान, ट्रेनिंग कैंप के आसपास दिखे जहरीले सांप!

दुनियाभर में इस समय फुटबॉल के महाकुंभ फीफा वर्ल्ड कप 2026 का रोमांच चरम पर है। सभी टीमें इस खिताब को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक रही हैं। 11 जून से शुरू हुए फीफा वर्ल्ड कप 2026 की मेजबानी पहली बार तीन देश अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा मिलकर कर रहे हैं। फीफा वर्ल्ड कप में अभी तक कई रोमांचक मुकाबले खेले जा चुके हैं। वहीं इसी बीच फीफा वर्ल्ड कप कुछ टीमों को मैदान पर होने वाले मुकाबलों के साथ-साथ बाहर भी अनोखी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। जर्मनी, स्विट्जरलैंड और नॉर्वे जैसी टीमों को उनके ट्रेनिंग कैंप के आसपास जहरीला सांप दिखाई दिया है।

जर्मनी के ट्रेनिंग कैंप के पास दिखा सांप

फीफा वर्ल्ड कप के दौरान जर्मनी की टीम मैदान के बाहर अलग ही परेशानी का सामना कर रही है। अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना स्थित अपने ट्रेनिंग कैंप के आसपास सांप दिखाई देने के बाद खिलाड़ियों में सतर्कता बढ़ गई है। जर्मनी के कप्तान जोशुआ किमिच ने कहा, “जर्मनी में आप टैक्टिक्स, चोटों और अगले विरोधी को लेकर चिंता करते हैं, लेकिन यहां आपको ये भी सोचना पड़ता है कि घास में क्या छिपा हो सकता है।”

अस्पताल जाना पड़ सकता है

किमिच ने कहा कि जब उनकी टीम को यह पता चला कि वह सांप जहरीला है, तो खिलाड़ियों की चिंता बढ़ गई। उन्होंने कहा, “हमने कल एक सांप देखा था और हमें बताया गया कि वह जहरीला है। अगर वह आपको काट ले, तो आपको अस्पताल जाना पड़ेगा। मुझे नहीं लगता कि इससे किसी की जान जाएगी, लेकिन ये निश्चित रूप से खतरनाक है। अगर गलती से आप ऐसे सांप पर पैर रख दें, तो स्थिति खराब हो सकती है।”

जानवरों से बनाई दूरी

उन्होंने आगे कहा, “यही वजह है कि हम यहां जानवरों से दूरी बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। मैं यहां के लोगों का सम्मान करता हूं, लेकिन जर्मनी में इतने खतरनाक जानवर देखने को नहीं मिलते।” किमिच ने कहा, “जब आपको पता चलता है कि यह किस तरह का सांप है और इसके काटने पर क्या हो सकता है, तो ये बात जल्द ही मजाकिया नहीं लगती।”

टूर्नामेंट का किया शानदार आगाज

चार बार की विश्व चैंपियन जर्मनी ने अपने वर्ल्ड कप अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए पहली बार टूर्नामेंट खेल रही कुराकाओ की टीम को 7-1 से हराया। अब उसका अगला मुकाबला 21 जून को आइवरी कोस्ट से होगा। वहीं ब्रिटिश वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, किमिच और उनके साथियों को कैंप के आसपास एक कॉपरहेड सांप दिखाई दिया, जो नॉर्थ कैरोलिना में पाया जाने वाला एक जहरीला सांप माना जाता है।

स्विट्जरलैंड और नॉर्वे की टीमों ने भी जताई चिंता

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, स्विट्जरलैंड और नॉर्वे की टीमों ने भी ऐसी ही चिंताएं जताई हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि, ‘स्विस टीम ने टूर्नामेंट शुरू होने से पहले सैन डिएगो स्थित अपने कैंप के बाहर एक हिस्से को “स्नेक एरिया” के रूप में मार्क कर दिया था।’वहीं नॉर्वे के कप्तान क्रिस्टियन थॉर्स्टवेट ने कहा, “हम यहां दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट की तैयारी करने आए हैं, लेकिन अब खिलाड़ी हर कदम रखने से पहले जमीन की तरफ देखने लगे हैं।” उन्होंने ये भी कहा कि नॉर्थ कैरोलिना में कॉपरहेड सांपों के आम होने की जानकारी सुनकर उन्हें बिल्कुल अच्छा नहीं लगा। थॉर्स्टवेट ने कहा, “ये सुनकर मुझे बिल्कुल भी खुशी नहीं हुई।”

US-ईरान का MoU साइन होने से पहले लीक! लेकिन होर्मूज स्ट्रेट पर नहीं बनी बात? ये 14 प्वाइंट हुए फाइनल

अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में एक ऐतिहासिक समझौते (MoU) पर दस्तखत होने वाले हैं। दोनों देशों ने भले ही इस डील की शर्तों को बेहद गुप्त रखा था, लेकिन अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन (CNN) के हाथ इस समझौते का ’14-पॉइंट वाला सीक्रेट ड्राफ्ट’ लग गया है। चौंकाने वाली बात ये है कि इस MoU में दुनिया के सबसे अहम तेल रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मूज के भविष्य को लेकर कुछ भी तय नहीं हुआ है।

हालांकि, व्हाइट हाउस और ईरानी मीडिया दोनों ही इस लीक हुए ड्राफ्ट को पूरी तरह सटीक नहीं मान रहे हैं, लेकिन G7 समिट में मौजूद राजनयिकों ने इसकी मुख्य बातों की पुष्टि की है। इस ड्राफ्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ पहले ही इस पर डिजिटल साइन कर चुके हैं।

आइए बेहद आसान भाषा में समझते हैं कि दुनिया के इन दो कट्टर दुश्मनों के बीच हुए इस गुप्त समझौते के उन 14 पॉइंट्स में क्या लिखा है:

  1. हर मोर्चे पर तुरंत जंग का खात्मा: दोनों देश और उनके साथी (जैसे लेबनान) तुरंत युद्ध रोकने का ऐलान करते हैं। अब से कोई भी एक-दूसरे पर हमला नहीं करेगा या धमकी नहीं देगा।
  2. एक-दूसरे का सम्मान: अमेरिका और ईरान एक-दूसरे की सीमाओं और संप्रभुता का सम्मान करेंगे और एक-दूसरे के अंदरूनी मामलों में टांग नहीं अड़ाएंगे।
  3. 60 दिनों की समय-सीमा: दोनों देश इस शुरुआती समझौते के बाद अगले 60 दिनों के भीतर एक ‘फाइनल एग्रीमेंट’ तैयार करेंगे। आपसी सहमति से यह समय बढ़ाया भी जा सकता है।
  4. समुद्री नाकाबंदी खत्म और अमेरिकी सेना की वापसी: अमेरिका 30 दिनों के भीतर ईरान की समुद्री नाकाबंदी हटा देगा, ताकि पहले की तरह जहाजों की आवाजाही हो सके। फाइनल एग्रीमेंट के 30 दिनों के भीतर अमेरिका इलाके से अपनी सेनाएं भी हटा लेगा।
  5. समुद्री रास्तों से हटेंगे बारूदी माइंस: ईरान 30 दिनों के भीतर फारस की खाड़ी (Persian Gulf) से ओमान की खाड़ी तक मर्चेंट जहाजों का रास्ता साफ करेगा। इसके लिए ईरान समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाएगा।
  6. ईरान के लिए $300 बिलियन का फंड: अमेरिका अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर ईरान की अर्थव्यवस्था को दोबारा खड़ा करने के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर (करीब 25 लाख करोड़ रुपये) के फंड का इंतजाम करेगा।
  7. सभी पाबंदियों से आजादी: फाइनल एग्रीमेंट के तहत अमेरिका ईरान पर लगे अपने सभी तरह के प्रतिबंधों को हटाएगा। साथ ही संयुक्त राष्ट्र (UN) और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की पाबंदियां भी खत्म की जाएंगी।
  8. परमाणु हथियार कभी नहीं बनाएगा ईरान: ईरान ने एक बार फिर दोहराया है कि वह कभी भी न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाएगा। हालांकि, ईरान के पास पहले से मौजूद यूरेनियम का क्या होगा, यह फाइनल एग्रीमेंट में तय किया जाएगा।
  9. बातचीत तक ‘जैसे थे’ की स्थिति: जब तक फाइनल डील नहीं हो जाती, तब तक दोनों देश ‘जैसे हैं वैसे ही रहेंगे’। यानी ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे नहीं बढ़ाएगा और अमेरिका कोई नया प्रतिबंध नहीं लगाएगा।
  10. ईरान को तेल बेचने की खुली छूट: जब तक पाबंदियां पूरी तरह नहीं हट जातीं, तब तक अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ईरान को कच्चे तेल और पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स बेचने के लिए विशेष छूट (Waivers) देगा। बैंकिंग, इंश्योरेंस और ट्रांसपोर्ट की सुविधाएं भी मिलेंगी।
  11. ईरान का जब्त पैसा वापस मिलेगा: जैसे-जैसे बातचीत आगे बढ़ेगी, अमेरिका ईरान के जब्त किए गए पैसे और संपत्तियों को पूरी तरह आजाद कर देगा। ईरान का सेंट्रल बैंक इस पैसे का इस्तेमाल कर सकेगा।
  12. निगरानी के लिए बनेगी कमेटी: डील ठीक से लागू हो रही है या नहीं और दोनों देश अपनी बात पर टिके हैं या नहीं, इसकी निगरानी के लिए एक तालमेल तंत्र बनाया जाएगा।
  13. बची हुई शर्तों पर आगे बात: समुद्री रास्ते खोलने, तेल बेचने की छूट मिलने और पैसे जारी होने के बाद, दोनों देश बची हुई शर्तों को सुलझाने के लिए फाइनल बातचीत के दौर में कदम रखेंगे।
  14. संयुक्त राष्ट्र (UN) की पक्की मुहर: जब दोनों देशों के बीच फाइनल एग्रीमेंट बन जाएगा, तो उसे कानूनी रूप से बाध्यकारी बनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में एक प्रस्ताव पास कराकर मंजूर किया जाएगा।

अधिकारियों का क्या कहना है?

अमेरिकी अधिकारियों ने CNN को बताया कि यह सिर्फ एक “राजनीतिक दस्तावेज” है। असली और महत्वपूर्ण वादे, खासकर ईरान के परमाणु कार्यक्रम के भविष्य को लेकर पर्दे के पीछे की गुप्त बातचीत (Back-Channel) में हुए हैं, जिनका जिक्र इस ड्राफ्ट में नहीं है। अब पूरी दुनिया की नजरें शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होने वाले आधिकारिक हस्ताक्षरों पर टिकी हैं।

“सुधर जाओ, वरना फिर से सिर पर गिराएंगे बम”! G7 समिट में ईरान पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, डील से पहले दी खुली चेतावनी

 

RBI ने एचडीएफसी बैंक को नया चेयरमैन जल्द नियुक्त करने को कहा

अंतरिम चेयरमैन के रूप में केकी मिस्त्री का कार्यकाल खत्म होने से एक दिन पहले आरबीआई ने एचडीएफसी बैंक के बोर्ड से नॉन-एग्जिक्यूटिव पार्ट-टाइम चैयरमैन की तलाश में तेजी लाने को कहा है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि आरबीआई की मानना है कि चेयरमैन की जगह खाली होने से बड़े फैसलों में देरी हो सकती है।

नए चेयरमैन की नियुक्ति तक मिस्त्री अपने पोजीशन पर बने रह सकते हैं

सूत्र ने बताया, “मिस्री की पोजीशन अंतरिम है और कुछ ऐसे मसले हैं जिनमें फैसले लेने के लिए उनके पास सीमित गुजाइश है। बैंक के लिए एक नॉन-अंतरिम चेयरमैन की नियुक्ति करना जरूरी है।” सूत्र ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी। अनुमान है कि जब तक बैंक नॉन-अंतरिम चेयरमैन की नियुक्ति नहीं कर देता है, मिस्त्री अपनी पोजीशन पर बने रह सकते हैं। लेकिन, इस बारे में आरबीआई से औपचारिक कम्युनिकेशन का इंतजार है।

आरबीआई नए चेयरमैन की नियुक्ति के बारे में जानने के लिए बैंक के संपर्क में रहा है

माना जाता है कि आरबीआई इस जानकारी के लिए एचडीएफसी बैंक के बोर्ड के निरंतर संपर्क है कि चेयरमैन की नियुक्ति की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ रही है। इस बारे में एचडीएफसी बैंक को भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं मिला। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी (NRC) ने चेयरमैन पोजीशन के लिए बोर्ड को कुछ नाम बताए हैं।

आरबीआई का नियम कहता है चेयरमैन नॉन-एग्जिक्यूटिव और इंडिपेंडेंट होना चाहिए

कुछ सीनियर अधिकारियों और पूर्व बैंकर्स के साथ कुछ बातचीत हुई है। लेकिन, अब तक किसी नाम पर सहमति नहीं बनी है। आरबीआई का नियम कहता है कि बैंक के बोर्ड का चेयरमैन पक्के तौर पर एक नॉन-एग्जिक्यूटिव, इंडिपेंडेंट डायरेक्टर होना चाहिए।

अंतरिम चेयरमैन का कार्यकाल ज्यादा से ज्यादा तीन महीने के लिए बढ़ सकता है

अनुमान है कि एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन की तलाश की प्रक्रिया शुरू करने में कुछ देर हुई थी। सूत्रों ने बताया कि यह प्रक्रिया औपचारिक रूप से अप्रैल के आखिर में शुरू हुई। तब 17 मार्च, 2026 के अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के एक महीने पूरे हो गए थे। इसकी वजह यह है कि आरबीआई का यह रुख रहा है कि अंतरिम चेयरमैन का कार्यकाल नहीं बढ़ाया जाएगा। ज्यादा से ज्यादा उनका कार्यकाल तीन महीने यानी सितंबर के मध्य तक बढ़ाया जा सकता है या तब तक बढ़ाया जा सकता है जब तक नया चेयरमैन नहीं मिल जाता है।

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केकी मिस्त्री बैंक और उसकी सब्सिडियरीज से लंबे समय से जुड़े रहे हैं

चूंकि मिस्त्री लंबे समय से एचडीएफसी बैंक और इसकी सब्सिडियरीज कंपनियों से जुड़े रहे हैं, जिससे उन्हें चेयरमैन पोजीशन के लिए इंडिपेंडेंट नहीं माना गया। इसलिए वह तब तक अपनी पोजीशन पर बने रह सकते हैं, जब तक नया चेयरमैन नहीं मिल जाता है। इस बीच, आबीआई ने एचडीएफसी बैंक के बोर्ड को नए चेयरमैन की तलाश का काम तेज करने को कहा है।

Kanpur News: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले पर डिप्टी CM का सख्त बयान, कहा- गलत करने वाला सुख नहीं भोग सकता, हनुमान जी सब ठीक करेंगे

Keshav Prasad Maurya Statement:कानपुर नगर में आयोजित “विकसित भारत संकल्प सम्मेलन” प्रेस वार्ता के दौरान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राम मंदिर दानपात्र चोरी प्रकरण पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि दानपात्र का पैसा जिसने भी गलत तरीके से लिया है, वह उसका सुख नहीं भोग सकता। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग अपने कर्मों का फल अवश्य भोगते हैं और हनुमान जी सब ठीक करेंगे। डिप्टी सीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की जांच चल रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

फ्रांस में PM मोदी का काफिला रोकने की साजिश नाकाम:पुलिस ने खालिस्तानी अरेस्ट किए; G7 समिट के दौरान घेरने वाले थे

फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन के बीच पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन सिख फार जस्टिस (SFJ) से जुड़े खालिस्तान समर्थकों को गिरफ्तार किया गया है। फ्रांस की खुफिया एजेंसी के अनुसार, ये सभी पीएम मोदी के दौरे के दौरान काफिले को रोकने की साजिश रच रहे थे। फ्रांस पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच बैठक के बाद ये खालिस्तानी समर्थक विरोध-प्रदर्शन करने वाले थे। और पीएम मोदी के काफिले को भी घेरने वाले थे। इसके बाद फ्रांसीसी सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत एक्शन लेते हुए सभी को गिरफ्तार कर लिया। पढ़ें क्या है पूरा मामला… भारत-फ्रांस के बीच खुफिया सहयोग की भूमिका जानकारी के अनुसार, पुलिस के इस एक्शन में भारत-फ्रांस के बीच सुरक्षा एवं खुफिया सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दोनों देशों की एजेंसियों के बीच समन्वय के चलते किसी भी संभावित सुरक्षा खतरे को पहले ही आंक लिया गया। भारत-फ्रांस के मजबूत कूटनीतिक संबंध का उदाहरण हालांकि, फ्रांसीसी अधिकारियों की ओर से गिरफ्तार व्यक्तियों की संख्या और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, इस कार्रवाई को भारत-फ्रांस के मजबूत सुरक्षा और कूटनीतिक सहयोग का उदाहरण माना जा रहा है। G7 सम्मेलन के दौरान कार्रवाई गौरतलब है कि खालिस्तान समर्थक गतिविधियों और SFJ से जुड़े मामलों को लेकर भारत लगातार विभिन्न देशों के साथ सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर देता रहा है। G7 सम्मेलन के दौरान हुई यह कार्रवाई उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पढ़िए क्या है SFJ… सिख फॉर जस्टिस यानी SFJ सिखों के लिए अलग खालिस्तान की मांग करने वाला एक संगठन है। 2007 में अमेरिका में इसकी स्थापना की गई थी। आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू SFJ के संस्थापकों में से एक है। SFJ अपने अलगाववादी अभियान ‘रेफरेंडम 2020’ के तहत पंजाब को भारतीय से मुक्त कराने की बात करता है। SFJ ने अपने अगस्त 2018 में लंदन डिक्लेरेशन में भारत से अलग होने और पंजाब को एक स्वतंत्र देश के रूप में फिर से स्थापित करने के सवाल पर दुनिया भर में रहने वाले सिख समुदाय के बीच पहला जनमत संग्रह कराने की घोषणा की थी। SFJ ने नवंबर 2020 में जनमत संग्रह के लिए वोटिंग कराने की बात कही थी। पंजाब के साथ-साथ नॉर्थ अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, केन्या और मध्य-पूर्वी देशों के प्रमुख शहरों में इसे आयोजित करने की योजना बनाई थी। ‘रेफरेंडम 2020’ नाम से बाकायदा एक वेबसाइट बनाई गई थी। इसमें लिखा था- एक बार जब भारत से आजादी को लेकर पंजाबी लोगों के भीतर आम सहमति बन जाएगी तो हम पंजाब को एक देश के रूप में एस्टैब्लिश करने के लक्ष्य के साथ संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय निकायों से संपर्क करेंगे। G-7 समिट में मोदी 16 महीने बाद ट्रम्प से मिले 15 जून से दो दिवसीय G-7 समिट के लिए मंगलवार दोपहर एवियन पहुंचने पर मोदी का फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने स्वागत किया। G-7 के देशों के राष्ट्राध्याक्षों ने ग्रुप फोटो भी खिंचवाई। पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच फ्रांस के एवियन शहर में G-7 समिट के दौरान मुलाकात हुई। दोनों के बीच करीब 5 मिनट तक बात हुई। मीटिंग में दोनों एक-साथ बैठे नजर आए। यह मुलाकात 16 महीनों के बाद हुई है। प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति G7 आउटरीच सेशन में भी साथ-साथ बैठे नजर आए। दोनों की पिछली मुलाकात फरवरी 2025 में व्हाइट हाउस में हुई थी। इसी बीच मोदी और इटालियन पीएम जॉर्जिया मेलोनी की बातचीत भी हुई। मेलोनी ने मोदी से कहा- दोबारा मिलकर अच्छा लगा, हम इंस्टाग्राम पर सबसे फेमस हैं। मोदी पिछले महीने 5 देशों के दौरे पर गए थे। जहां उन्होंने रोम में पीएम मेलोनी को मेलोडी टॉफी दी थी। जिसका वीडियो वायरल हो गया था। ——————– यह भी पढ़ें- दिलजीत दोसांझ के शो से खालिस्तानी धक्के मारकर निकाले:टोरंटो के कॉन्सर्ट में झंडे लेकर पहुंचे, पुलिस ने भीड़ से खींच-खींचकर पकड़े पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ के 31 मई की रात टोरंटो कॉन्सर्ट में खालिस्तानी झंडे लेकर पहुंच गए। कनाडा के टोरंटो स्थित फेमस रॉजर्स सेंटर स्टेडियम में शो के बीच कुछ दर्शकों ने खालिस्तानी झंडे लहराए और शो को खराब करने की कोशिश की। पूरी खबर पढ़ें…