जेवर बनेगा भारत का सोलर हब! 8200 करोड़ के निवेश से सीएम योगी ने रखी बड़ी परियोजना की नींव

yogi adityanath

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रिन्यूएबल व ग्रीन एनर्जी आज की आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश ने 20 हजार मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी पैदा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है और जेवर क्षेत्र जल्द ही भारत का सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा। इससे चीन आदि देशों पर निर्भरता कम होगी। पीएम सूर्यघर योजना से प्रदेश के 6 लाख परिवारों का बिजली बिल 60 प्रतिशत तक घटा है, यह यूपी में बढ़ती सौर ऊर्जा शक्ति का प्रमाण है।

 

मुख्यमंत्री शनिवार को गौतम बुद्ध नगर के जेवर क्षेत्र में 8200 करोड़ रुपये के निवेश से एसएईएल के इंटीग्रेटेड सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश बनाने में एसएईएल की बड़ी भूमिका होगी। मुझे विश्वास है कि हम जल्द ही यूपी को सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने का काम करेंगे। पीएम मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में पिछले 12 वर्ष में भारत ने दुनिया में एक नई सशक्त पहचान बनाई है। लोग सबसे तेज अर्थवस्थवस्था के रूप में भारत को बढ़ता देख रहे हैं। हमारा लक्ष्य अगले दो-तीन वर्षों में यूपी में 20 हजार मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी पैदा करना है।

 

6 लाख परिवारों को बिजली बिल 60 प्रतिशत तक कम

सीएम ने कहा कि मोदी जी ने दुनिया के देशों को प्रदूषण मुक्त वातावरण देने के लिए प्रेरित किया। रिन्यूएबल व ग्रीन एनर्जी के लिए आक्रामक रणनीति अपनाई। उसी का परिणाम है कि यूपी जैसे राज्य में 6 लाख से अधिक परिवार पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगाकर ऊर्जा की आत्मनिर्भरता प्राप्त कर रहे है। इनके बिजली बिलों में भी लगभग 50-60 प्रतिशत की कमी आई है। आज यूपी 2 हजार मेगावाट से अधिक बिजली सोलर पैनल से उत्पन्न कर रहा है। 

 

20 हजार मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी योजना अगले दो-तीन वर्षों के अंदर यूपी में 20 हजार मेगावाट तक रिन्यूएबल एनर्जी का लक्ष्य प्राप्त करना है। फिलहाल हम 6 हजार मेगावाट तक रिन्यूएबल एनर्जी से प्राप्त कर रहे हैं। ग्रीन एनर्जी का स्रोत सोलर के अलावा पराली भी है। किसान पराली को जलाकर प्रदूषण न करें, बल्कि उसे सीबीजी प्लांट तक पहुंचा दें  तो वहां इससे सीएनजी, कंप्रेस्ड बायोगैस और इथेनॉल बन सकता है। किसानों को अतिरिक्त आय भी होगी।

 

देश का 55 प्रतिशत एथेनॉल उत्पादन यूपी में

सीएम ने कहा कि एथेनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी लागू होने के बाद यूपी सबसे ज्यादा एथेनॉल उत्पादन वाले राज्य के रूप में स्थापित हुआ है। इसने हमारी शुगर इंडस्ट्री को आत्मनिर्भर बना दिया है। करीब एक दशक पहले हताशा-निराशा से जूझ रहे किसानों को हमने पिछले 9 वर्ष के अंदर 3.22 लाख करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया। हम गन्ने से चीनी व एथेनॉल भी बना रहे हैं। देश का लगभग 55 फीसदी एथेनॉल उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश कर रहा है। सबसे ज्यादा सीबीजी प्लांट यूपी में लगे हैं। हमारा लक्ष्य अगले एक वर्ष में 100 सीबीजी प्लांट स्थापित करना है।

 

भारत की निर्यात क्षमता बढ़ाएगा सोलर प्लांट

सीएम योगी ने कहा कि एसएईएल ने नई तकनीक के साथ सोलर मैन्युफैक्चरिंग कार्यक्रम को आगे बढ़ाया है। इस प्लांट से 5 गीगावाट सोलर सेल और 5 गीगावाट सोलर मॉड्यूल निर्माण क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है। यह सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में भारत की निर्यात क्षमता को बढ़ाने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगा। अभी तक जिन कार्यों के लिए हमें चीन या दुनिया के अन्य देशों पर निर्भर रहना पड़ता था,  अब वह टेक्नोलॉजी इसी जेवर में तैयार होगी। इसके माध्यम से हजारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार का सृजन भी होने वाला है। एमएसएमई, लॉजिस्टिक और सहायक उद्योगों के साथ-साथ इंजीनियरों व टेक्नीशियनों को भी एक नए फील्ड में कार्य करने के अवसर प्राप्त होंगे। उत्तर प्रदेश के युवाओं को ग्रीन इकोनॉमी का नेतृत्व करने का भी अवसर इसके माध्यम से प्राप्त होने वाला है।

 

भारत का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक हब

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हम इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग की नई यूनिट का शिलान्यास करके आए हैं, जिसे भारत का अंबर ग्रुप व कोरिया सर्किट मिलकर आगे बढ़ा रहे हैं। यहां फिल्म सिटी व अपैरल सिटी भी बन रही है। विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय भी आ रहे हैं। टॉय पार्क भी बनने जा रहा है। भारत के सबसे बड़े लॉजिस्टिक हब के रूप में यह क्षेत्र विकसित होने जा रहा है। हमें पीएम मोदी जी के विजन को पूरे प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाना है।

 

इस अवसर पर वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह, एसएईएल के डायरेक्टर सुखबीर सिंह, एसएईएल के सीईओ एवं कार्यकारी निदेशक लक्षित आवला, एसएईएल के फाउंडर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर जसवीर सिंह और यीडा समेत अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी व अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

 

20 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

जेवर। एसएईएल कंपनी के मुताबिक इस परियोजना से 20 हजार प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इससे औद्योगिक गतिविधियों, सहायक उद्योगों और बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। निर्माण पूरा होने पर यहां अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए उच्च दक्षता वाले सोलर सेल और टॉपकॉन सोलर मॉड्यूल्स का निर्माण किया जाएगा, जिससे भारत में तेजी से बढ़ती अक्षय ऊर्जा क्षेत्र की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।

 

20 हजार करोड़ रुपये तक निवेश बढाएगी कंपनी

एसएईएल के सह-संस्थापक एवं निदेशक सुखबीर सिंह ने कहा कि कंपनी 8,200 करोड़ रुपये के प्रारंभिक निवेश से 5 गीगावाट सोलर सेल और 5 गीगावाट सोलर मॉड्यूल निर्माण सुविधा स्थापित कर रही है। यह केवल बुनियादी ढांचे में निवेश नहीं है, बल्कि भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण निवेश है। राज्य वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कंपनी 2029-30 तक अपना निवेश बढ़ाकर 20 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचाएगी। Edited by : Sudhir Sharma

Monsoon 2026: मानसून आ गया फिर भी दिल्ली-NCR में क्यों नहीं रही बारिश? मौसम विभाग ने बताई वजह

दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अगले कुछ दिनों में मानसून के उत्तर और मध्य भारत के कई अन्य हिस्सों तक पहुंचने के लिए मौसम पूरी तरह अनुकूल बना हुआ है। इसके बावजूद दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोग अब भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, जो आमतौर पर जून के आखिर में देखने को मिलती है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब मानसून पहुंच चुका है, तो फिर बारिश क्यों नहीं हो रही?

दरअसल, मानसून का किसी क्षेत्र में पहुंचना और वहां लगातार बारिश होना, दोनों अलग-अलग बातें हैं। अच्छी बारिश तभी होती है, जब बारिश कराने वाली मौसम प्रणालियां पूरी तरह सक्रिय हो जाती हैं। फिलहाल यही सिस्टम कई इलाकों में पूरी तरह सक्रिय नहीं हुए हैं, इसलिए मानसून आने के बावजूद व्यापक बारिश नहीं हो रही है।

मानसून के किसी इलाके में पहुंचने का मतलब यह नहीं है कि वहां तुरंत तेज बारिश शुरू हो जाएगी। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार कई मौसम संबंधी कारणों पर निर्भर करती है। इनमें हवा की दिशा, वातावरण में नमी और बड़े इलाके में लगातार बारिश जैसी स्थितियां शामिल होती हैं। इसलिए यह जरूरी नहीं है कि किसी राज्य के हर जिले में एक साथ बारिश हो। कई बार मानसून राज्य में पहुंच जाता है, लेकिन कई शहरों में कुछ दिनों तक गर्मी, उमस और सूखा मौसम बना रहता है।

हाल ही में जारी INSAT-3DS उपग्रह की तस्वीरों में भी यही स्थिति दिखाई दी है। मध्य भारत, बंगाल की खाड़ी, पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में घने बादल नजर आ रहे हैं। वहीं दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश इलाकों में अभी भी आसमान काफी हद तक साफ दिखाई दे रहा है।

उत्तर भारत में अभी तक अच्छी बारिश क्यों नहीं हो रही?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में व्यापक बारिश नहीं होने की सबसे बड़ी वजह बंगाल की खाड़ी के ऊपर मजबूत कम दबाव का क्षेत्र (लो-प्रेशर सिस्टम) नहीं बनना है। यही सिस्टम मानसून को मजबूत करता है और समुद्र से नमी लेकर देश के अंदरूनी इलाकों तक पहुंचाता है। इसके कारण मध्य और उत्तर भारत में अच्छी बारिश होती है।

जब ऐसा सिस्टम सक्रिय नहीं होता, तो नमी वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाएं भी कमजोर पड़ जाती हैं। ऐसे में लगातार बारिश होने की बजाय केवल कुछ जगहों पर आंधी, गरज-चमक और हल्की या छिटपुट बारिश होती है। यानी, मानसून उत्तर भारत तक पहुंच चुका है, लेकिन अच्छी और व्यापक बारिश के लिए जरूरी मौसम प्रणाली अभी पूरी तरह सक्रिय नहीं हुई है। इसी वजह से कई इलाकों में लोग अब भी तेज बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

जुलाई में फिर जोर पकड़ सकता है मानसून

मौसम के अनुमान बताते हैं कि जुलाई की शुरुआत में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा सूखा मौसम ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाला है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि भूमध्य रेखा के उत्तर में पूर्वी हिंद महासागर के ऊपर एक बड़ा मौसम तंत्र विकसित हो रहा है। उम्मीद है कि यह अगले 4 से 7 दिनों में बंगाल की खाड़ी तक पहुंच जाएगा। इसके बाद मानसून को मजबूती मिलेगी और बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का नया क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे देश के कई हिस्सों में बारिश बढ़ सकती है।

इसके अलावा, मौसम वैज्ञानिक पश्चिमी भारत के ऊपर बनने वाले एक विशेष मौसम तंत्र पर भी नजर बनाए हुए हैं। यदि यह सक्रिय होता है, तो महाराष्ट्र, गुजरात और आसपास के राज्यों में अच्छी और तेज बारिश देखने को मिल सकती है।

Yogini Ekadashi 2026 Date: ये होगी आषाढ़ मास की पहली एकादशी, जानें योगिनी एकादशी व्रत की तारीख, पूजा मुहूर्त और विधि

Yogini Ekadashi 2026 Date: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण तिथि माना जाता है। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है और इस दिन सच्च मन से श्री हरि की पूजा करने पर साधक को जीवन के कष्टों से छुटकारा मिलता है और सुख-समृद्धि आती है। हर हिंदू माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को भगवान विष्णु को समर्पित व्रत किया जाता है। इस तरह पूरे साल में 24 एकादशी तिथियां आती हैं। हर एकादशी तिथि का अपना महत्व और स्थान होता है।

योगिनी एकादशी 2026 तारीख

पंचांग के अनुसार, इस साल आषाढ़ कृष्ण एकादशी तिथि का प्रारंभ 10 जुलाई शुक्रवार को सुबह 8 बजकर 16 मिनट पर हो रहा है। यह 11 जुलाई शनिवार को प्रात: 5 बजकर 22 मिनट तक मान्य रहेगी।

दो दिन होगा योगिनी एकादशी व्रत

11 जुलाई को हरि वासर सुबह 10 बजकर 32 मिनट पर खत्म हो रहा है, इस वजह से योगिनी एकादशी का व्रत दो दिन रखा जाएगा। 10 जुलाई को गृहस्थ लोग योगिनी एकादशी का व्रत रहेंगे, वहीं 11 जुलाई को वैष्णव संप्रदाय के लोग यह व्रत रखेंगे।

योगिनी एकादशी 2026 मुहूर्त

10 जुलाई को योगिनी एकादशी की पूजा सुबह 08:16 बजे से 10 बजकर 42 मिनट तक कर सकते हैं। उस दिन लाभ-उन्नति मुहूर्त 07:15 ए एम से 08:59 ए एम तक है, वहीं अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त 08:59 ए एम से 10:42 ए एम तक रहेगा। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त 04:10 ए एम से 04:50 ए एम है, वहीं अभिजीत मुहूर्त 11:59 ए एम से दोपहर 12:54 पी एम तक है।

योगिनी एकादशी 2026 शुभ योग

योगिनी एकादशी व्रत पर 10 जुलाई धृति योग सुबह 07:15 ए एम तक है, उसके बाद शूल योग है, जो 11 जुलाई को 03:51 ए एम तक रहेगा। फिर गण्ड योग बनेगा। व्रत के दिन भरणी नक्षत्र दोपहर 01:15 पी एम तक है, उसके बाद से कृत्तिका नक्षत्र है।

योगिनी एकादशी पर रहेगा भद्रा का साया

10 जुलाई को भद्रा काल प्रात:काल में 05:31 बजे से प्रारंभ होगा और सुबह 08:16 ए एम तक रहेगी। यह भद्रा 2 घंटे से अधिक समय तक है, लेकिन इसका वास स्वर्ग में है, ऐसे में इसका कोई अशुभ प्रभाव धरती पर नहीं होगा।

योगिनी एकादशी 2026 पारण समय

यदि आप 10 जुलाई को योगिनी एकादशी व्रत रखते हैं, तो व्रत का पारण 11 जुलाई को दोपहर 01:50 पी एम से शाम 04:36 पी एम के बीच कर सकते हैं। वहीं जो लोग 11 जुलाई को यह व्रत रखेंगे, वे पारण 12 जुलाई को प्रात: 05:32 ए एम से लेकर सुबह 08:18 ए एम के बीच कर सकते हैं।

Shani Pradosh Vrat 2026 Today: ज्येष्ठ माह का अंतिम प्रदोष व्रत आज, शनि प्रदोष व्रत पर 5 राशि के जातक करें ये 5 उपाय

तुम्हारे जैसे 1000 पति रख सकती हूं… पत्नी के ताने पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, आरोपी को राहत

MP High court News

MP High Court News: क्या पत्नी द्वारा पति को यह कहना कि 'तुम्हारे जैसे 1000 पति रख सकती हूं… ', एक ऐसा उकसावा है जो किसी को आपा खोने पर मजबूर कर दे? मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक बेहद संवेदनशील और अनोखे मामले में इसे 'गंभीर और अचानक उकसावा' मानते हुए पत्नी की हत्या के आरोपी पति की उम्रकैद की सजा को घटाकर सिर्फ 7 साल कर दिया है। कोर्ट ने माना कि यह टिप्पणी किसी भी पति के आत्मसम्मान और अस्तित्व को झकझोरने के लिए काफी है।

 

रिश्तों में कड़वाहट जब जुबान के जरिए जहर बनकर निकलती है, तो अंजाम कितना खौफनाक हो सकता है, इसकी बानगी मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में देखने को मिली। लेकिन इस मामले पर अब देश की न्यायपालिका ने एक ऐसी नजीर पेश की है, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस सिंह की डिवीजन बेंच ने माना है कि पत्नी द्वारा पति की अहमियत को शून्य बताने वाला ताना एक 'गंभीर उकसावा' था, जिसके कारण पति ने नियंत्रण खो दिया।

खर्रा घाट की वो खौफनाक रात

मामला छिंदवाड़ा जिले के चौरई का है। 18-19 जुलाई की दरमियानी रात कुलबहेरी नदी के खर्रा घाट के पास शिवा और उसकी पत्नी किरण के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हो रही थी। बहस के दौरान किरण ने शिवा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि तुम्हारे जैसे 1000 पति रख सकती हूं। यह बात शिवा के दिल पर तीर की तरह लगी। गुस्से में आकर उसने पास पड़ा एक पत्थर किरण पर दे मारा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, बाद में शिवा को अपनी गलती का अहसास हुआ और उसने भागने के बजाय खुद फोन करके पुलिस और अपनी पत्नी के मायके वालों को इस खौफनाक वारदात की जानकारी दी।

यह पति के अस्तित्व पर चोट है

ट्रायल कोर्ट ने पहले शिवा को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी, लेकिन जब मामला हाई कोर्ट पहुंचा, तो माननीय जजों ने इस मामले को एक अलग नजरिए से देखा। हाई कोर्ट की बेंच ने बेहद तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणी साफ दिखाती है कि पत्नी की नजर में पति की कोई वैल्यू नहीं है। यह न सिर्फ एक पति के लिए, बल्कि उसके इंसानी अस्तित्व के लिए भी सीधा खतरा है। ऐसी टिप्पणी सुनकर कोई भी आपा खो सकता है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला 

हाई कोर्ट ने आरोपी शिवा की सजा को उम्रकैद से घटाकर 7 साल के सश्रम कारावास में तब्दील कर दिया। कोर्ट ने अपने फैसले के पीछे ठोस दलीलें दीं। कोर्ट ने माना कि शिवा अपनी पत्नी की हत्या की योजना बनाकर नहीं गया था। वहां जो कुछ भी हुआ, वह अचानक हुए झगड़े और उकसावे का नतीजा था।

कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि अगर शिवा का इरादा वाकई हत्या का होता, तो वह वारदात के बाद भाग जाता। लेकिन उसने खुद पुलिस और रिश्तेदारों को फोन किया, जो उसकी मनोदशा को दर्शाता है। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि यह साबित नहीं होता कि आरोपी ने बार-बार पत्थरों से हमला किया। कुछ चोटें जमीन पर गिरने की वजह से भी हो सकती हैं।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

जेल में सिया की बेशर्म मांग, पुलिस से मांगी शराब और बीयर, केतन हत्‍याकांड में चेतन और सिया लगा रहे एक दूसरे पर आरोप

siya ketan chetan

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में गिरफ्तार सिया गोयल और चेतन चौधरी पुलिस हिरासत में हैं। जांच के दौरान सामने आई जानकारी के मुताबिक, दोनों आरोपियों के व्यवहार ने पुलिस को भी हैरान कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, हिरासत में सिया के चेहरे पर घटना को लेकर किसी तरह का पछतावा या घबराहट नहीं दिखी। पूछताछ के दौरान उसका व्यवहार सामान्य बताया गया। वहीं, सबसे ज्यादा चर्चा उसकी उस कथित मांग की हो रही है, जिसमें उसने पुलिस से बीयर और शराब उपलब्ध कराने की बात कही।

जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने उसकी यह मांग तुरंत खारिज कर दी और स्पष्ट कर दिया कि ऐसी कोई अनुमति नहीं दी जा सकती। इसके बाद सिया शांत हो गई। फिलहाल सिया और चेतन को अलग-अलग लॉकअप में रखा गया है और पुलिस दोनों से लगातार पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां अब इस हत्याकांड से जुड़े हर पहलू की पड़ताल कर रही हैं, ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।

चेतन और सिया एक-दूसरे पर लगा रहे आरोप : इस बीच, केतन को रास्ते से हटाने के लिए कथित तौर पर साथ आए सिया और चेतन अब एक-दूसरे पर ही आरोप लगा रहे हैं। पुलिस पूछताछ में दोनों अपने-अपने बचाव में अलग-अलग दावे कर रहे हैं और हत्या की जिम्मेदारी दूसरे पर डालने की कोशिश कर रहे हैं। चेतन का दावा है कि वह सिया के साथ भाग जाना चाहता था, लेकिन सिया परिवार की बदनामी के डर से इसके लिए तैयार नहीं हुई। उसने कथित तौर पर केतन को रास्ते से हटाने की बात कही। वहीं दूसरी ओर, सिया ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि केतन की हत्या का विचार और पूरी योजना चेतन की थी।
Edited By: Naveen R Rangiyal

Ketan Murder Case: परिवार को पहले से थी सिया-चेतन के रिश्ते की भनक? केतन हत्याकांड में सामने आए कई नए राज

पुणे के 25 वर्षीय बिजनेसमैन केतन अग्रवाल के हत्या के जांच के मामले में हर दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। केतन अग्रवाल हत्या की जांच में एक नया खुलासा हुआ है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, केतन की शादी सिया गोयल से इसलिए तय की गई थी क्योंकि उसके परिवार को सिया और सह-आरोपी चेतन चौधरी के रिश्ते की जानकारी मिल गई थी। परिवार को यह भी लगा कि दोनों के परिवारों की आर्थिक स्थिति में काफी बड़ा अंतर है, जिसके चलते उन्होंने जल्द शादी कराने का फैसला लिया।

पुलिस कर रही मामले की जांच

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच अधिकारियों का मानना है कि इस रिश्ते का पता चलने के बाद परिवार ने सिया की शादी केतन अग्रवाल से कराने का फैसला लिया। उनका मानना था कि केतन शादी के लिए सही है। पुणे रुलर पुलिस के अनुसार, जनवरी में आयोजित एक सामुदायिक क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान सिया गोयल और चेतन चौधरी की बढ़ती नजदीकियों की जानकारी उसके परिवार को मिली थी। इसके बाद परिवार ने इस रिश्ते को लेकर गंभीरता से विचार करना शुरू किया।

सिया के भाई से भी की पूछताछ

जांच के सिलसिले में पुलिस ने शुक्रवार को पुणे ग्रामीण पुलिस मुख्यालय में सिया गोयल के भाई साहिल गोयल से पूछताछ की। अधिकारियों ने मामले से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब जानने की कोशिश की। पुलिस ये पता लगाने में जुटी है कि क्या साहिल को सिया और चेतन चौधरी के रिश्ते की जानकारी थी। साथ ही ये भी जांच की जा रही है कि क्या उसने इस बारे में परिवार के अन्य लोगों को बताया था।

शादी नहीं करना चाहती थी सिया

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान सिया ने बताया कि वह अपने होने वाले पति केतन अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी। कथित तौर पर उसने कहा कि केतन के विग पहनने की वजह से वह उनसे सहज महसूस नहीं करती थी। जब अधिकारियों ने पूछा कि उसने यह बात अपने परिवार को पहले क्यों नहीं बताई, तो उसका जवाब था कि वह अपने परिवार को दुखी नहीं करना चाहती थी।

पुलिस का दावा किया कि पूछताछ के दौरान सिया ने जांच अधिकारियों को बताया कि उसे लगा था कि केतन को लोहागढ़ किले की खाई में धक्का देकर रास्ते से हटाना, परिवार के सामने शादी से इनकार करने और उनके सवालों का सामना करने से ज्यादा आसान होगा।

केतन के पिता ने क्या कहा

इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल ने पुलिस के दावे को गलत बताया। उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने सिर्फ बालों का एक छोटा सा हेयर पैच लगाया था और इस बात की जानकारी सगाई से पहले ही सिया और उसके परिवार को दे दी गई थी। उनका कहना है कि इस तथ्य को छिपाया नहीं गया था। विशाल अग्रवाल ने रिपोर्टरों से कहा, “विग पहनना मेरे बेटे को मारने का कारण नहीं हो सकता।”

रिश्ता लाने वाले से की पुछताछ

वहीं, मामले की जांच के तहत पुलिस ने दोनों परिवारों का रिश्ता तय कराने वाले नरेंद्र मित्तल से भी पूछताछ की। जांच के दौरान पुलिस उनसे शादी तय होने और दोनों परिवारों के बीच हुई बातचीत से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। CNN-News18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नरेंद्र मित्तल केतन के पिता विशाल अग्रवाल के मामा हैं, जबकि सिया गोयल उनकी साली पूजा गोयल की बेटी हैं। पुलिस इस पूरे मामले में उनकी भूमिका और उनसे जुड़ी जानकारी की भी जांच कर रही है। पूछताछ के दौरान, मित्तल ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उनका काम दोनों परिवारों को शादी का प्रपोजल देने तक ही सीमित था और शादी करवाने के अलावा उनका कोई हाथ नहीं था।

राजन भारती मित्तल ने कहा- इंडिया एक ग्लोबल ब्राइट स्पॉट है जो 10 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बन सकता है

भारती एंटरप्राइजेज के वाइस चेयरमैन राजन भारती मित्तल ने इंडिया के बारे में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत सबसे स्टेबल और अट्रैक्टिव ग्रोथ इंजन के रूप में उभर रहा है। एक कार्यक्रम में उन्होंने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि भारत ग्रोथ और स्टैबिलिटी का एक ‘ब्राइट स्पॉट’ है।

इंडिया की ग्रोथ की तीन वजहें

मित्तल ने इंडिया की ग्रोथ के लिए जिम्मेदार तीन वजहों के बारे में बताया। इनमें स्ट्रॉन्ग डोमेस्टिक कंजम्प्शन, आबादी में युवाओं की बड़ी हिस्सेदारी और मैन्युफैक्चरिंग की बढ़ती क्षमता शामिल हैं। ये सभी मिलकर भारत को दुनिया में आर्थिक गतिविधि के केंद्र के रूप में स्थापित करती हैं।

10 लाख करोड़ डॉलर की होगी इकोनॉमी

भारत की इकोनॉमी के बढ़ते आकार के बारे में उन्होंने कहा कि आज देश की अर्थव्यवस्था 4 लाख करोड़ डॉलर की है, जिसके आने वाले सालों में बढ़कर 10 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच जाने का अनुमान है। यह एक ऐसा स्ट्रक्चरल बदलाव है, जो बताता है कि दुनिया की कंपनियां भारत की अनदेखी नहीं कर सकतीं।

भारत-इंग्लैंड के पास रिश्तों को बढ़ाने का बड़ा मौका

उन्होंने कहा, “किसी ग्लोबल कंपनी की स्ट्रेटेजी में अगर भारत शामिल नहीं है तो इसका मतलब है कि वह अगले दशक की ग्रोथ स्टोरी से जुड़े मौकों को गंवाने जा रही है।” उन्होंने कहा कि भविष्यकी ग्रोथ को-क्रिएशन और लॉन्ग टर्म पार्टनरशिप पर निर्भर करेगी न कि ट्रांजेक्शन ट्रेड पर। भारत-इंग्लैंड के रिश्तों पर उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पास व्यापारिक रिश्तों से आगे बढ़ने का बड़ा मौका है।

ग्लोबल सिस्टम में भारत लॉन्ग टर्म पार्टनर

मित्तल ने कहा कि इंडिया उन कंपनियों के लिए मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन का आधार बन रहा है, जो अफ्रीका सहित ज्यादा ग्रोथ वाले क्षेत्रों को टारेगट करना चाहती हैं। कानून के शासन, इंडिपेंडेंट रेगुलेटर्स और डेमोक्रेटिक फ्रेमवर्क को उन्होंने इंडिया की ताकत बताया। उन्होंने कहा कि ये चीजें भारत को ग्लोबल सिस्टम में भरोसेमंद लॉन्ग टर्म पार्टनर बनाती हैं।

भारत वैश्विक निर्णय प्रक्रिया में हिस्सेदार

उन्होंने कहा कि इंडिया अब न सिर्फ वैश्विक स्तर पर निर्णय की प्रक्रिया में हिस्सेदार है बल्कि यह इसका स्वरूप भी तय कर रहा है। इसकी वजह यह है कि भारत की आर्थिक और रणनीतिक महत्व लगातार बढ़ रहा है।

Jackky Bhagnani Spotted On Dating App: ‘सिचुएशनशिप’ बयान के बाद डेटिंग एप पर जैकी भगनानी का दिखा अकाउंट, वायरल स्क्रीनशॉर्ट ने मचाई खलबली

Jackky Bhagnani Spotted On Dating App: जैकी भगनानी ने एक बार फिर से खबरों में छाए हुए हैं। लेकिन अफसोस, इसकी वजह फिल्म नहीं बल्कि उनकी पर्सनल लाइफ है। एक्टर-प्रोड्यूसर ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह से शादी करने के बावजूद वह डेटिंग ऐप पर क्या कर रहे हैं। हाल ही में, एक रेडिट यूज़र ने एक यूट्यूबर के वीडियो का स्क्रीनशॉट शेयर किया, जिसमें दावा किया गया था कि जैकी का ‘राया’ (Raya) नाम के एक एक्सक्लूसिव डेटिंग ऐप पर अकाउंट है।

स्क्रीनशॉट में ‘जैकी’ नाम की एक प्रोफ़ाइल दिख रही है, जिसके बायो में ‘एक्टर/प्रोड्यूसर’ लिखा है। उनकी लोकेशन लंदन, यूनाइटेड किंगडम दिखाई गई थी। इस स्क्रीनशॉट ने फ़ैन्स को शॉक्ड कर दिया, लेकिन कुछ लोगों ने ‘प्रोड्यूसर’ (producer) की स्पेलिंग में गलती भी पकड़ी।

हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि जैकी राया का इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं, लेकिन यह एप्लिकेशन पिछले कई सालों से चर्चा का विषय बना हुआ है। जो लोग राया से परिचित नहीं हैं, उनके लिए बता दें कि राया कोई सामान्य डेटिंग ऐप नहीं है। यह एक विशेष, सदस्यता-आधारित ऐप है, जिसका उपयोग आमतौर पर डेटिंग, नेटवर्किंग और दोस्ती के लिए किया जाता है।

अन्य एप्लिकेशनों के विपरीत, राया पर उपयोगकर्ताओं को आवेदन करना होता है, जिसके बाद आवेदनों की समीक्षा की जाती है और फिर उन्हें स्वीकार किया जाता है। इसी कारण से राया मशहूर हस्तियों और हाई-प्रोफाइल लोगों के बीच लोकप्रिय हो गया है।

इस बीच, जैकी के डेटिंग प्रोफ़ाइल ने भी सबका ध्यान खींचा है, क्योंकि यह बात तब सामने आई है जब कुछ महीने पहले ही एक्टर-प्रोड्यूसर ने ‘सिचुएशनशिप’ वाला कमेंट करके सुर्खियां बटोरी थीं। इस साल अप्रैल में, एक YouTube चैनल से बात करते हुए उन्होंने कहा था, “रकुल और मेरी शादी हो चुकी है, लेकिन हम एक तरह की ‘सिचुएशनशिप’ में हैं। बेशक, हम एक-दूसरे के प्रति कमिटेड हैं क्योंकि इसीलिए हमारी शादी हुई है। लेकिन सबसे ज़रूरी बात यह है कि मैं उनसे किसी भी बारे में बात कर सकता हूं।”

हालांकि इस कमेंट की काफी आलोचना हुई, लेकिन बाद में रकुल ने साफ किया कि उनके कमेंट का गलत मतलब निकाला गया था। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर लिखा, “आज हम इस बात पर खूब हंसे कि कैसे एक घंटे की बातचीत की एक लाइन अचानक हेडलाइन बन सकती है। मज़ाकिया… जब तक कि यह मज़ाक न रह जाए। संदर्भ मायने रखता है। बारीकियां मायने रखती हैं। बातचीत को सिर्फ़ क्लिकबेट तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। शायद अब समय आ गया है कि प्लेटफ़ॉर्म उन नैरेटिव्स के लिए थोड़ी ज़्यादा ज़िम्मेदारी लें जो वे बनाते हैं।”

भाजपा की सफलता का मंत्र क्या है? CM योगी बोले- मूल्यों और आदर्शों ने शून्य से शिखर तक पहुंचाया

Yogi Adityanath

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने मूल्यों और आदर्शों की राजनीति अपनाकर शून्य से शिखर तक की यात्रा की है। 1985 में मात्र दो लोकसभा सीट हासिल करने वाली इस पार्टी की आज केंद्र सहित देश के 21 राज्यों में सरकार है। दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में भाजपा की यात्रा सत्ता प्राप्त की यात्रा नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा, सुशासन, समृद्धि और समन्वय की बेहतरीन यात्रा है।

 

सीएम योगी शनिवार को गोरखपुर के गुलरिहा स्थित एक रिजॉर्ट में भाजपा महानगर के प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026 के अंतर्गत पार्टी की महानगर इकाई की तरफ से आयोजित इस प्रशिक्षण वर्ग में शामिल प्रतिभागियों को ‘दल से पहले देश’ और ‘व्यक्ति से पहले समाज’ के भाव से अनवरत आगे बढ़ते रहने को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि भाजपा आज दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास का प्रतीक बनी है तो इसके पीछे भारतीय जनसंघ के समय से पार्टी के संस्थापकों के आदर्शों और संस्कारों से मिली प्रेरणा है। सीएम योगी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के उद्धरण, ‘बिना मूल्यों और आदर्शों वाली राजनीति मौत का फंदा है’ का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए संस्थापकों के मूल्य और आदर्श सदैव सर्वोपरि हैं। 

 

वाह्य और आंतरिक सुरक्षा का मॉडल दिया भाजपा सरकार ने

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने देश में वाह्य और आंतरिक सुरक्षा का मॉडल दिया है। 2014 के पहले दुश्मन देश सैनिकों से क्रूरता करते थे। सरकारें तब बोलती नहीं थी, उन्हें देश की कीमत पर संबंध की चिंता रहती थी। 2014 के बाद सरकार ने दुश्मन की आंख में आंख मिलाने का सामर्थ्य दिया है। एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक के जरिये दुनिया के सामने अपने सामर्थ्य और ताकत का परिचय दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के पहले कश्मीर जल रहा था, पूर्वोत्तर के राज्यों में उग्रवाद चरम पर था, देश के 120 जिलों में नक्सलवाद हावी था। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने कश्मीर में आतंकवाद को कुचल दिया है। पूर्वोत्तर के राज्यों में उग्रवाद समाप्त हो चुका है। नक्सलवाद एक-दो जिलों तक सीमित है और बहुत शीघ्र वहां भी खत्म हो जाएगा। 

 

सुरक्षा के बेहतर माहौल में ही विकास संभव

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुरक्षा के बेहतर माहौल में ही विकास संभव होता है। सुरक्षा का वातावरण बनने के कारण ही आज इंफ्रास्ट्रक्चर, रोड कनेक्टिविटी, हाईवे एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, इनलैंड वाटरवे, मेट्रो, रोपवे और लॉजिस्टिक के कार्य बड़े पैमाने पर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर, विकास की प्राथमिक आवश्यकता है। इंफ्रास्ट्रक्चर जितना मजबूत होगा, विकास भी उतनी ही तेजी से होगा। 

 

अंत्योदय का सपना साकार कर रही मोदी सरकार

सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार भारतीय जनसंघ के संस्थापकों में शामिल पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सपने को साकार कर रही है। पीएम मोदी के नेतृत्व में दुनिया ने बीते 12 वर्षों में बदलते भारत को देखा है। कल्याणकारी योजनाओं का केंद्र समाज के अंतिम पायदान का व्यक्ति है। उन्होंने कहा कि आज देश में 12 करोड़ लोगों के घर शौचालय बनाए गए हैं, 4 करोड़ गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्की छत मिली है। करोड़ों लोगों को नल से जल की सुविधा मिल रही है। 50 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत योजना से स्वास्थ्य सुरक्षा प्राप्त हो रही है। 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन की सुविधा मिली। लोगों को पीएम जीवन ज्योति, पीएम स्टार्टअप, स्टैंडअप, डिजिटल इंडिया, पीएम विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, ओडीओपी, स्ट्रीट वेंडर्स के लिए पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं का लाभ बड़े पैमाने पर मिल रहा है। गांव में गरीबों को घरौनी की सुविधा मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के कारण देश में 25 करोड़ लोग गरीबी से उबरकर देश के विकास में सहभागी बन रहे हैं। 

 

भाजपा सरकार ने बदली लोगों की धारणा 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जो बातें सिर्फ कल्पना में थीं, भाजपा सरकार ने उन्हें हकीकत में बदला है। सरकार ने लोगों की धारणा बदली है। उन्होंने कहा कि कोई कल्पना भी नहीं करता था कि श्रीराम जन्मभूमि का विवाद समाप्त होगा। आज विवाद समाप्त होने के साथ ही श्रीराम मंदिर का निर्माण भी हो चुका है। काशी में विश्वनाथ धाम और विंध्याचल में विंध्य धाम का निर्माण हो चुका है। कुंभ की परंपरा हजारों वर्षों की है लेकिन दिव्य, भव्य, स्वच्छ और स्मार्ट कुंभ का आयोजन पहली बार भाजपा सरकार में ही हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने कुंभ को भगदड़, अराजकता और गंदगी का पर्याय बना दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के अमृत वर्ष में डबल इंजन सरकार ने देश की विरासतों को सम्मान से जोड़ा। पीएम मोदी ने दल से ऊपर देश की भावना से हर घर पर कमल का फूल वाला झंडा फहराने की बजाय देश की आन, बान, शान का प्रतीक तिरंगा झंडा फहराने का आह्वान किया। सीएम योगी ने कहा कि अन्य दलों को भी दल से ऊपर देश के मंत्र से प्रेरणा लेनी चाहिए। कहा कि यह राष्ट्र को आतंकवाद से मुक्त कर विकास की बुलंदियों पर ले जाने का मंत्र है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी स्वार्थ की संकीर्णताओं में डूबने पर देश की सुरक्षा में सेंध लग जाती है। 

 

भावी पीढ़ी के लिए जज्बा पैदा कर गया डॉ. मुखर्जी का बलिदान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय जनसंघ की स्थापना से लेकर भारतीय जनता पार्टी तक की वर्तमान यात्रा के विकास पर विस्तार से अपनी बात रखी और संस्थापकों के व्यक्तित्व और कृतित्व का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि 1951 में कांग्रेस की तुष्टिकरण पोषक नीतियों से देश को बचाने की आवश्यकता को देखते हुए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में भारतीय जनसंघ की स्थापना हुई। डॉ. मुखर्जी आजादी के बाद बनी देश की पहली सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। सत्ता को तिलांजलि देकर उन्होंने कांग्रेस सरकार की कश्मीर के खिलाफ नीतियों पर आंदोलन शुरू किया। तब उन्होंने कश्मीर को लेकर उद्घोष किया था, एक देश में दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेगा। इसी आंदोलन के चलते वह कश्मीर में कांग्रेस की साजिश से बलिदान हो गए। पर, उनका बलिदान भावी पीढ़ी के लिए जज्बा पैदा कर गया। कश्मीर में 2019 में अनुच्छेद 370 समाप्त होने तक भारतीय जनसंघ से लेकर भाजपा तक के कार्यकर्ता, ‘जहां हुए बलिदान मुखर्जी, वह कश्मीर हमारा है’ के नारे को जीवंत करते रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में साकार हो रही एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना की पृष्ठभूमि डॉ. मुखर्जी से जुड़ी हुई है। 

 

दीनदयाल उपाध्याय ने की समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति की चिंता

मुख्यमंत्री ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक संगठन मंत्री पंडित दीनदयाल उपाध्याय का स्मरण करते हुए कहा कि दीनदयाल जी ने आर्थिक उन्नयन के लिए समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को ध्यान में रखकर नीतियां बनाने का आह्वान किया था। इसके लिए उन्होंने भारतीय राजनीति में अंत्योदय का विचार दिया। 

 

’दल से बड़ा देश’ की भावना से भारतीय जनसंघ का जनता पार्टी में हुआ विलय

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1975 में कांग्रेस द्वारा थोपे गए आपातकाल में भारतीय जनसंघ के एक लाख से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को जेल में डाल दिया गया था। लोकतंत्र बचाने के लिए 1977 में ‘दल से बड़ा देश’ की भावना से भारतीय जनसंघ का जनता पार्टी में विलय किया गया था। जनता पार्टी सरकार कुछ नेताओं के आपसी मतभेद और कांग्रेस की साजिशों से लंबा नहीं चल पाई। तब 6 अप्रैल 1980 को अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई।

 

राजनीतिक स्थिरता विकास के लिए जरूरी

सीएम योगी ने कहा कि विकास के लिए राजनीतिक स्थिरता जरूरी है। 1996 में अटल जी के नेतृत्व में पहली बार बनी भाजपा सरकार भले ही 13 दिन चल पाई लेकिन उसके बाद 1998 से लेकर 2004 तक सरकार चलाकर राजनीतिक स्थिरता का दौर दिखाया। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी जैसे नेताओं के नेतृत्व में भाजपा की प्रगति यात्रा आज विश्व के सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में दिखाई देती है। भारतीय जनसंघ और बाद में भाजपा के रूप में जनता की आशाओं और आकांक्षाओं को लेकर जारी इस यात्रा ने सफलता के जो प्रतिमान गढ़े हैं, वे अन्य दलों के लिए सपने से कम नहीं हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना महामारी के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं की सेवा भावना की मुक्तकंठ से सराहना की। कहा कि उस समय जब अन्य दलों के लोग घरों में छिपे थे, तब भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर जनता को राहत दिलाई। उन्होंने कहा कि संकट के समय ही मित्र और शत्रु की पहचान होती है। भाजपा कार्यकर्ताओं का कार्य ‘व्यक्ति से पहले समाज’ की भावना का परिचायक है।

 

प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता और आभार ज्ञापन नवनियुक्त क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय ने किया। इस अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, रमेश सिंह, प्रशिक्षण वर्ग प्रभारी त्र्यम्बक नाथ त्रिपाठी, पूर्व एमएलसी विनोद पांडेय, अच्युतानंद शाही, पुष्पदंत जैन महानगर इकाई के पदाधिकारी और प्रशिक्षण वर्ग के अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे।

 

विकास प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन

महानगर प्रशिक्षण वर्ग में शामिल होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन कर इसका अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकासपरक उपलब्धियां और गोरखपुर के विकास को प्रदर्शित किया गया है। Edited by : Sudhir Sharma

चीन की इस गुड़िया पर मचा दुनिया भर में बवाल, ‘नताशा डॉल’ पर आखिर क्यों हो रहा हंगामा

चीन की एक छोटी गुड़िया के चलते पूरी दुनिया में हंगामा खड़ा हो गया है। यह गुड़िया सांवले रंग की है और इसको लेकर चीन की काफी ज्यादा आलोचना भी हो रही है। इसका नाम नताशा डॉल है।