सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान, कहा आपकी वजह से भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित लोकतंत्र सेनानी प्रादेशिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों पर पुष्प वर्षा कर उनका सम्मान किया। कार्यक्रम में सीएम डॉ. यादव ने 96 वर्षीय लोकतंत्र सेनानी लक्ष्मी नारायण पाटीदार और 95 वर्षीय लोकतंत्र सेनानी शांति लाल संघवी, पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में आपातकाल पर केंद्रित एक शॉर्ट फिल्म भी दिखाई गई। 

 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज का यह कार्यक्रम बहुत महत्वपूर्ण है। कांग्रेस ने हमेशा देश की लड़ाई को रोकने का प्रयास किया। हमारे देश के आजाद होने के बाद कई राष्ट्र आजाद हुए। जापान तो द्वितीय विश्वयुद्ध में करीब-करीब खत्म हो गया था, लेकिन वो देश आज कहां हैं और हमारा देश कहां है। इंदिरा गांधी की आज चौथी पीढ़ी मैदान में हैं, लेकिन विचारधारा और नीति में कांग्रेस न तब सुधरी थी, न अब सुधरी है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान चुनौती भरा माहौल था। घर के मुखिया को उठाकर सीधे जेल में बंद कर देते थे। उसके बाद न वकील, न अपील, न दलील। किसी को कुछ पता नहीं होता था कि क्या होगा। बच्चे स्कूल कैसे जाएंगे, कौन घर देखेगा, कौन फीस भरेगा। मीसाबंदियों से कहा जाता था कि कांग्रेस में शामिल हो जाओ, इंदिरा की जय-जयकार करो तो छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों की लड़ाई स्वतंत्रता की पहली लड़ाई के समान है। आपकी लड़ाई की वजह से आज लोकतंत्र सुरक्षित है। जिसके कारण गरीब परिवार से निकला हुआ व्यक्ति आज देश का प्रधानमंत्री है। मुझे आज इस बात पर गर्व है कि आज हमारा देश दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक राष्ट्र है।

कांग्रेस ने किया संविधान का दुरुपयोग-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा आज हमारा देश प्रगति कर रहा है। जबकि, हमारे साथ ही आजाद हुए पाकिस्तान में लोकतंत्र बेहाल है। आज के समय में लोकंतत्र की मशाल को जलाए रखना, हमारे लिए जरूरी है। कांग्रेसी हाथ में संविधान की किताब लेकर बात करते हैं, लेकिन संविधान का सबसे ज्यादा दुरुपयोग किसी न किया है, तो वो कांग्रेस ही है। उनकी पांच पीढ़ियों ने दुरुपयोग किया है। वो किस मुंह संविधान की बात करते हैं। कांग्रेस ने केवल एक परिवार को आगे बढ़ाया, बाकी लोगों को दबा दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को शासन करने का बहुत लंबा समय मिला, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 10-12 साल का समय मिला। इतने सालों में कितने प्रकार के काम हुए। यह वर्ष संघ का शताब्दी वर्ष है। उन्होंने कहा कि हम सबको इस बात पर गर्व है कि हम राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ जैसे विशाल परिवार का हिस्सा हैं। यह परिवार तब-तब कसौटी पर खरा उतरा है, जब-जब देश को जरूरत पड़ी है। 

 

आपातकाल को किया याद-कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष तपन भौमिक ने कहा कि लोकतंत्र सेनानी प्रादेशिक सम्मेलन में आज 1975 से 1977 तक आपातकाल के दौरान जेल में रहे मीसाबंदियों का सम्मान हो रहा है। प्रदेश में बीते 10 साल से लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान की परंपरा चली आ रही है। डॉ. मोहन यादव के पिता स्वयं मीसाबंदी रहे। उन्होंने मीसाबंदियों की पीड़ा को करीब से देखा है। यह हमारा सौभाग्य है कि आज एक मीसाबंदी का बेटा प्रदेश का मुख्यमंत्री है। लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद कैलाश सोनी ने कहा कि आज आपातकाल के 51 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। लोकतंत्र सेनानी जब मिलते हैं तो एक ऊर्जा प्रवाहित होती है। एक शख्सियत ने अपनी जिद के लिए लोकतंत्र को खत्म कर उनके फैसले के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले नागरिकों को जेलों में डाला। लोकनायक जयप्रकाश अग्रवाल देश में लोकतंत्र की मिसाल हैं। कांग्रेस सरकारों ने लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोहों पर पाबंदियां लगाईं। लोकतांत्रिक संस्थाओं पर उनकी कोई आस्था नहीं है।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कुशल नेतृत्व में भारत परमाणु शक्ति संपन्न बना। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में क्रांतिकारी परिवर्तन हुआ है। पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि मध्यप्रदेश में आज लोकतंत्र सेनानियों को 30 हजार रुपए आर्थिक सहायता राशि दी जा रही है। प्रदेश सरकार ने मीसाबंदियों के त्याग को समझा और दिल से उनका सम्मान समारोह आयोजित कराने की शुरुआत की है। अब बंगाल के लोकतंत्र सेनानी और स्वतंत्रता सेनानियों को भी सम्मान मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकतंत्र सेनानियों को प्रमाण पत्र जारी कर कई प्रकार की सुविधाएं दी हैं। देशभर के लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों के बराबर दर्जा मिले और उन्हें मिलने वाली 30 हजार की राशि को आयकर मुक्त कर दिया जाए।

 

मुख्यमंत्री ने कीं ये घोषणाएं-मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों के तीर्थाटन के लिए एक स्पेशल ट्रेन की शुरुआत करने की घोषणा की। लोकतंत्र सेनानी प्रदेशभर के रेस्ट हाउस और सर्किट हाउस में दो दिन नि:शुल्क ठहर सकेंगे। दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों के नाम पर उनके गांव, कस्बों में शिलालेख स्थापित करने के साथ ही स्थानीय पार्क, मार्ग और खेल मैदानों के नाम लोकतंत्र सेनानियों के नाम पर रखे जाएंगे। लोकतंत्र सेनानियों के नि:शुल्क इलाज और एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की जाएगी। जो लोकतंत्र सेनानी ताम्रपत्र प्राप्त करने से वंचित हैं, बहुत जल्द उन्हें भी ताम्रपत्र दिए जाएंगे। लोकतंत्र सेनानियों को पूरा सम्मान मिले, यह सुनिश्चित करते हुए प्रदेश के कल्याण के लिए उनके सुझावों को भी लागू किया जाएगा।

Tata Sierra EV vs ICE: Similarities and differences compared

Tata Sierra EV vs ICE: Similarities and differences compared

The Tata Sierra EV will debut on June 30, 2026. Ahead of its official launch, Tata has taken the wraps off the Sierra EV’s exterior design, which looks similar to the ICE-powered Sierra. However, a few key design elements set them apart. Here are all the similarities and differences between the Sierra EV and Sierra ICE.

Tata Sierra EV vs ICE: Exterior design

The grille and bumper designs are different, but all the lighting elements are identical

Tata Sierra EV front quarter
Tata Sierra ICE front quarter
 

While both the EV and ICE versions of the Sierra have the same slim projector LED headlights and a connected LED lightbar at the fascia, the grille design is different. The Sierra EV gets a body-coloured blanked-off grille, while the Sierra ICE has a gloss-black unit with functional air vents.

The front bumper design is also a key differentiator. The EV features a gloss-black panel extending below the headlights, while the combustion-powered Sierra has a body-coloured panel in the same area, with the gloss-black finish limited to the lower section of the bumper. Vertically stacked LED fog lamps and a faux silver skid plate, however, are the same for both the Sierra EV and Sierra ICE.

Side profiles are identical, the only differences being the badges

Tata Sierra EV side profile
Tata Sierra ICE side profile
 

In profile, the only visible difference on the Sierra EV is the new ‘Tata.ev’ badge on the front doors. The flush-type door handles, window line, Alpine-style rear window design, alloy wheels and the gloss black cladding on the wheel arches and lower portion of the doors look identical on both versions of the Sierra SUV.

Except for different badges, everything is the same in the rear profile

Tata Sierra EV rear design
Tata Sierra ICE rear
 

Save for a ‘Sierra.ev’ badge on the tailgate, the rear design of the all-electric Sierra is the same as the combustion-powered model. The slim LED taillight bar, a gloss black rear bumper with two reflectors and a faux silver skid plate, and a body-coloured roof-mounted spoiler are common between the Sierra EV and Sierra ICE. 

Tata Sierra EV vs ICE: Interior design

The EV could get a different cabin theme and some EV-specific features

ICE-powered Sierra’s dashboard shown for representational purposes only. 

Dashboard design of the Tata Sierra EV has yet to be revealed, but it is expected to be similar to the Sierra ICE. The triple-screen layout, consisting of a 10.25-inch digital driver’s display, a 12.3-inch infotainment system, and a 12.3-inch front passenger entertainment screen, is expected to be carried over from the ICE to the EV. The steering wheel, however, is likely to have a different design and a Tata.ev badge. Another point of distinction could be a new cabin colour theme, revised seat upholstery with sustainable materials and a few EV-specific features like vehicle-to-vehicle (V2V) and vehicle-to-load (V2L) charging abilities.  

Tata Sierra EV: Powertrains

Sierra EV will be an AWD eSUV, but its battery packs and motor specs are yet to be revealed

The Sierra EV is underpinned by Tata’s acti.ev+ architecture, same as the Harrier EV. While the manufacturer is yet to reveal any technical specifications, it has disclosed that the Sierra EV will have an all-wheel-drive (AWD) setup. Like the Harrier EV, however, lower variants could be offered with a rear-wheel-drive (RWD) configuration to keep a check on costs. It is also expected to borrow the Harrier EV’s 65kWh and 75kWh battery options.

Like other Tata ICE and EV models, the Sierra EV is expected to cost more than the ICE model. Currently, the combustion-powered Sierra is priced from Rs 11.49 lakh to Rs 21.29 lakh (ex-showroom). For a lower upfront price, the Sierra EV could be offered with a battery-as-a-service (BaaS) scheme, similar to the Punch EV and Tiago EV

Kangana Ranaut: ‘माता-पिता को दोषी नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि…’, पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस पर कंगना रनौत ने कही ये बड़ी बात

Kangana Ranaut: पुणे के रहने वाले 26 साल के केतन अग्रवाल की मौत के मामले ने एक चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है और सोशल मीडिया पर इस पर काफी चर्चा हो रही है। शुरुआत में इसे एक दुखद हादसा माना जा रहा था क्योंकि खबर थी कि 18 जून को लोहगढ़ किले पर ट्रेकिंग के दौरान वे गिर गए थे, लेकिन अब इस मामले की जांच कथित हत्या के तौर पर की जा रही है।

खबरों के मुताबिक, केतन की मंगेतर सिया गोयल और उनके कथित साथी चेतन चौधरी पर केतन की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। आगे की जांच के लिए दोनों अभी पुलिस की हिरासत में हैं। जैसे-जैसे इस मामले से जुड़ी जानकारियां सामने आ रही हैं, एक्ट्रेस और नेता कंगना रनौत ने इस चौंकाने वाली घटना पर प्रतिक्रिया दी है।

कुछ समय पहले, कंगना रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर अपनी बात रखते हुए कहा कि बच्चों के कामों के लिए माता-पिता को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और किसी व्यक्ति के सोशल सर्कल के बढ़ते असर पर भी ज़ोर दिया और कहा कि ये चीज़ें लोगों की सोच, पसंद और व्यवहार को आकार देने में अहम भूमिका निभाती हैं।

सिया गोयल के पिता का बयान शेयर करते हुए कंगना ने लिखा, “आजकल सिर्फ़ परिवारों, घरों या माता-पिता को देखकर आप बच्चों के संस्कारों के बारे में पक्का नहीं कह सकते; ज़्यादा ज़रूरी यह है कि उन्हें कौन ‘प्रोग्राम’ कर रहा है? वे किसके साथ समय बिताते हैं, और सोशल मीडिया, AI या असल ज़िंदगी में उन पर किन चीज़ों का असर है। माता-पिता को दोषी नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि लोग एक साथ कई तरह की ज़िंदगी जी रहे हैं।

वे बहुत सोच-समझकर अपनी एक अच्छी छवि बनाते हैं क्योंकि असल बात यह है कि वे कैसे दिखते हैं, न कि वे कैसा महसूस करते हैं या असल में कैसे हैं। इसलिए, बच्चों के कामों के लिए परिवारों को गलत नहीं ठहराया जा सकता।”

इस बीच, सिया गोयल के माता-पिता ने हाल ही में चल रही जांच पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनकी मां ने बताया कि केतन के साथ सिया की शादी तय करने से पहले उन्होंने सिया से पूछा था। उन्होंने इंडिया टुडे को बताया, “सिया की शादी तय करने से पहले हमने उससे बार-बार, कम से कम दस बार पूछा था। हमने उससे कहा, ‘सिया, हम तुम्हारी शादी की योजना बना रहे हैं। क्या तुम्हें केतन पसंद है? क्या तुम इस शादी के लिए आगे बढ़ना चाहती हो?’ हर बार उसने हमसे कहा, ‘हां, मुझे केतन पसंद है’।” हालांकि, उनके माता-पिता ने यह भी कहा कि अगर सिया दोषी पाई जाती है, तो अदालत को न्याय में देरी नहीं करनी चाहिए। उसे वही सज़ा मिलनी चाहिए।

इंदौर समेत पूरे MP में साइबर ठगों का नया जाल, एक गलती पड़ सकती है भारी, ओटीपी फ्रॉड अलर्ट फीचर लॉन्च

इंदौर समेत पूरे MP में साइबर ठगों का नया जाल, एक गलती पड़ सकती है भारी, ओटीपी फ्रॉड अलर्ट फीचर लॉन्च

मध्य प्रदेश में डिजिटल बैंकिंग और यूपीआई के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। सरकारी आंकड़ों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मई 2021 से जुलाई 2025 के बीच प्रदेश के लोग साइबर वित्तीय धोखाधड़ी में 1,054 करोड़ रुपये से अधिक गंवा चुके हैं। अकेले वर्ष 2025 में ही 55 हजार से ज्यादा शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें करीब 581 करोड़ रुपये की ठगी की सूचना मिली है।

 

प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर भी इस खतरे से अछूती नहीं है। यहां रोजाना ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी निवेश, सोशल मीडिया हैकिंग और ओटीपी ठगी से जुड़ी शिकायतें पुलिस और साइबर हेल्पलाइन तक पहुंच रही हैं। साइबर अपराधी फोन कॉल, एसएमएस, व्हाट्सएप, ईमेल और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं।

 

विशेषज्ञों के मुताबिक, ओटीपी फ्रॉड सबसे आम तरीका बन चुका है। ठग खुद को बैंक अधिकारी, कस्टमर केयर, बीमा एजेंट या सरकारी कर्मचारी बताकर लोगों को बातचीत में उलझाते हैं और केवाईसी अपडेट, खाता बंद होने या भुगतान अटकने का डर दिखाकर ओटीपी हासिल कर लेते हैं। ओटीपी साझा करते ही खाते से रकम निकाल ली जाती है।

 

बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए सरकार, बैंक और टेलीकॉम कंपनियां सुरक्षा उपाय मजबूत कर रही हैं। दूरसंचार विभाग का 'संचार साथी' पोर्टल संदिग्ध कॉल और संदेशों की शिकायत दर्ज कराने की सुविधा देता है। 

 

एयरटेल ने हाल ही में ओटीपी फ्रॉड अलर्ट फीचर लॉन्च किया है, जो संदिग्ध कॉल के दौरान प्राप्त बैंकिंग ओटीपी पर रियल-टाइम चेतावनी देकर ग्राहकों को सतर्क करता है। कंपनी एआई आधारित स्पैम डिटेक्शन तकनीक का भी उपयोग कर रही है और नेटवर्क स्तर पर धोखाधड़ी पहचानने वाली तकनीक का भी उपयोग कर रही है, जो संदिग्ध वेबसाइटों तक पहुंच रोकने में मदद करती है।

 

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि वरिष्ठ नागरिक, छात्र और पहली बार डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल करने वाले लोग सबसे ज्यादा निशाने पर रहते हैं। ऐसे में किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पिन, पासवर्ड या बैंकिंग जानकारी साझा न करें, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और कस्टमर केयर नंबर की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। थोड़ी-सी सावधानी लाखों रुपये की साइबर ठगी से बचा सकती है।

 

UP Weather Alert: प्रयागराज-कानपुर समेत कई जिलों में 70kmph स्पीड तक आंधी की चेतावनी, कुछ घंटों में इन 41 जिलों में बिगड़ेगा मौसम

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ आंचलिक केंद्र ने उत्तर प्रदेश के लिए ताजा जिला स्तरीय नाउकास्ट अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के कुल 41 जिलों में अगले कुछ घंटों के दौरान आंधी, बिजली और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। कुछ जिलों में 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है।

मौसम विभाग ने दो श्रेणियों में चेतावनी जारी की है। सबसे गंभीर स्थिति प्रयागराज, हमीरपुर, जालौन, कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव और औरैया में रहने वाली है। इन जिलों में मध्यम तीव्रता के गरज-चमक वाले तूफान, बिजली गिरने और 40-60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। यहां हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है।

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वहीं दूसरी श्रेणी में 34 जिलों को येलो अलर्ट पर रखा गया है। इनमें सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, प्रतापगढ़, चित्रकूट, महोबा, बांदा, कौशांबी, रायबरेली, कानपुर नगर, हरदोई, सीतापुर, बहराइच, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, बरेली, अलीगढ़, बुलंदशहर, संभल समेत कई जिले शामिल हैं। इन इलाकों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं, बिजली चमकने और हल्की बारिश की संभावना है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और निचले स्तर पर सक्रिय मौसमी सिस्टम के कारण उत्तर प्रदेश में मौसम तेजी से बदल रहा है। पूर्वी और मध्य यूपी में नमी बढ़ने लगी है, जिससे गरज-चमक वाली गतिविधियां तेज हुई हैं।

लोगों के लिए सलाह

  • खराब मौसम के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें
  • बिजली चमकने के समय सुरक्षित भवनों के भीतर रहें
  • वाहन चलाते समय तेज हवा और कम विजिबिलिटी से सावधानी बरतें
  • किसानों को फसल कटाई और खुले में रखी उपज को सुरक्षित करने की सलाह दी गई है।

Ashoka Buildcon को गुयाना में मिला ₹338 करोड़ का हाइवे प्रोजेक्ट, शेयर में आ सकती है अच्छी तेजी

कंस्ट्रक्शन सेक्टर की कंपनी अशोका बिल्डकॉन के शेयरों में सोमवार, 29 जून को अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है। इसकी वजह है कंपनी को दक्षिण अमेरिकी देश गुयाना में एक प्रोजेक्ट मिलना। कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि उसने गुयाना की सेंट्रल हाउसिंग एंड प्लानिंग अथॉरिटी को एक प्रोजेक्ट के​ लिए बोली जमा की थी। यह प्रोजेक्ट वर्सेल्स, वेस्ट बैंक डेमेरारा से पारिका, ईस्ट बैंक एस्सेक्विबो, रीजन नंबर 3- लॉट 8 तक 4 लेन वाले हाइवे का निर्माण करने के लिए है।

कंपनी को इस प्रोजेक्ट के लिए लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस मिल गया है, यानि कि कंपनी ने यह प्रोजेक्ट हासिल कर लिया है। प्रोजेक्ट की एक्सेप्टेड वैल्यू 7,455,455,867 गुयानीज डॉलर या लगभग 3.54 करोड़ अमेरिकी डॉलर है। भारतीय करेंसी में यह वैल्यू 337.81 करोड़ रुपये से ज्यादा होती है।

प्रोजेक्ट को 20 महीनों के अंदर एग्जीक्यूट किया जाना है। एक्सचेंज फाइलिंग में अशोका बिल्डकॉन ने कहा है कि यह कॉन्ट्रैक्ट रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन के तहत नहीं आता है।

Ashoka Buildcon का शेयर एक साल में लगभग 40 प्रतिशत कमजोर

अशोका बिल्डकॉन का शेयर BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर की कीमत गुरुवार, 25 जून को बीएसई पर 130.80 रुपये पर बंद हुई। शुक्रवार को मुहर्रम के चलते शेयर बाजार बंद हैं। कंपनी का मार्केट कैप 3600 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर एक साल में लगभग 40 प्रतिशत गिरा है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 54.48 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

हाल ही में कंपनी को छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन से एक कॉन्ट्रैक्ट के लिए LoA (लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस) मिला था। यह कॉन्ट्रैक्ट रायपुर में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क बनाने के लिए है। यह पार्क 38,922 वर्ग मीटर में बनेगा। कंपनी ने इस प्रोजेक्ट के लिए 51 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले एक जॉइंट वेंचर के जरिए बोली लगाई थी। कंस्ट्रक्शन पीरियड 5 साल है। कॉन्ट्रैक्ट रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन के तहत नहीं आता है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

अशोका बिल्डकॉन का जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 1,771.88 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 48.86 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान रेवेन्यू 5,811.66 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 320.44 करोड़ रुपये रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

वॉलीबॉल में ऑस्ट्रेलिया को अहमदाबद में 3-0 से हराकर भारत पहुंचा सेमीफाइनल में

Indian Volleyball

पुरुषों की AVC  वॉलीबॉल कप  2026 में भारत ने ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम को हराकर ना केवल अपने घरेलू दर्शकों को चौंकाया बल्कि सेमीफाइनल में भी जगह बना ली। हैरत की बात है कि यह जीत बिना एक सेट गंवाए आई और ऑस्ट्रेलिया को 3-0 से मैच गंवाना पड़ा।
             Volleyball

यह इस एवीसी वॉलीबॉल कप  2026 में भारत की पांचवी जीत है। भारत के खेल का स्तर इस टूर्नामेंट में इतना उच्च कोटी का रहा है इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि भारत ने जो पांच मैच जीते हैं उनमें से सिर्फ एक सेट में गंवाया है। यह सेट भारत ने चाइनीज ताईपे के हाथों गंवाया था लेकिन मैच जीतने में सफल रहे थे।

इससे पहले भारत ने न्यूजीलैंड और कजाकिस्तान को 0-3 से हराया। उसके बाद बहरीन और अब ऑस्ट्रेलिया को भी इस ही अंतर से हराया है। भारत यह कप को अपने नाम करने से अब सिर्फ 2 कदम दूर है।

‘भारतीय के तौर पर मरना चाहती हूं’ 94 वर्षीय महिला ने छोड़ी अमेरिकी नागरिकता, संविधान की शपथ ली

आंध्र प्रदेश में 94 वर्षीय एक महिला ने भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया है। महिला वर्ष 2000 से अमेरिकी नागरिक हैं। वह 2018 से भारत में रह रही हैं। उन्होंने कहा कि उनकी अंतिम इच्छा एक भारतीय के तौर पर मरने की है।

प्रॉपर्टी या म्यूचुअल फंड, लंबे समय में कौन आपको बनाएगा ज्यादा अमीर? 4 पॉइंट्स में समझिए कहां मिलेगा बंपर रिटर्न

Real Estate vs Mutual Funds: लॉंग टर्म के लिए निवेश कैसे करें? जमीन खरीदे या फिर म्यूचुअल फंड में पैसे लगाए। भारत के निवेशकों के बीच लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन के लिए सालों से यह बहस चली आ रही है। वैसे दशकों तक हमारे देश में प्रॉपर्टी यानी जमीन या मकान खरीदना ही अमीर बनने और सुरक्षित भविष्य का सबसे भरोसेमंद जरिया माना जाता था। लेकिन पिछले कुछ सालों में म्यूचुअल फंड्स एक बेहद जबरदस्त ऑप्शन के तौर पर उभरे हैं।

प्रॉपर्टी और म्यूचुअल फंड, दोनों ने ही निवेशकों को अमीर बनाया है। लेकिन जब बात लंबे समय के लिए निवेश की हो, तो आपके लिए कौन सा विकल्प सबसे बेहतर रहेगा? आइए समझते हैं दोनों का पूरा नफा-नुकसान।

1- रियल एस्टेट: क्यों आज भी प्रॉपर्टी पर फिदा हैं लोग?

रियल एस्टेट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह एक ‘टैंजिबल एसेट’ है, यानी इसे आप देख सकते हैं, छू सकते हैं और खुद इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इसके अन्य बड़े फायदे इस प्रकार हैं:

किराए से रेगुलर इनकम: प्रॉपर्टी से आपको हर महीने रेंटल इनकम मिल सकती है, जो महंगाई के साथ बढ़ती जाती है।

बड़ी ग्रोथ की संभावना: अगर किसी इलाके में नया हाईवे, मेट्रो या कोई बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट आ रहा है, तो वहां की जमीन के दाम रातों-रात आसमान छू सकते हैं।

छिपी हुई लागत: प्रॉपर्टी खरीदते समय लोग अक्सर इसके अतिरिक्त खर्चों को भूल जाते हैं। स्टैंप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन चार्ज, सालाना प्रॉपर्टी टैक्स और मेंटेनेंस का खर्च आपके कुल मुनाफे को काफी कम कर देता है। इसके अलावा, अगर होम लोन लिया है, तो ब्याज का भारी बोझ भी जोड़ना पड़ता है।

2- लिक्विडिटी: सबसे बड़ा और मुख्य अंतर

रियल एस्टेट और म्यूचुअल फंड के बीच सबसे बड़ा फर्क पैसे की जरूरत पड़ने पर दिखता है। प्रॉपर्टी को तुरंत बेचना नामुमकिन होता है। एक सही खरीदार ढूंढने, डील पक्की करने और कागजी कार्रवाई पूरी करने में हफ्तों या महीनों का समय लग जाता है। मंदी के दौर में तो यह इंतजार और लंबा हो सकता है।

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म्यूचुअल फंड्स में लिक्विडिटी का कोई झंझट नहीं होता। आप जब चाहें अपने फंड्स को ऑनलाइन रिडीम कर सकते हैं और कुछ ही दिनों में पैसा सीधे आपके बैंक खाते में आ जाता है।

3- म्यूचुअल फंड्स क्यों बन रहे हैं आम लोगों की पहली पसंद?

म्यूचुअल फंड्स ने निवेश की पूरी प्रक्रिया को बहुत आसान और सुलभ बना दिया है। जहां प्रॉपर्टी खरीदने के लिए आपको एक साथ लाखों-करोड़ों रुपयों का इंतजाम करना पड़ता है या बड़ा लोन लेना पड़ता है, वहीं म्यूचुअल फंड में आप SIP के जरिए हर महीने महज ₹500 जैसी छोटी रकम से भी शुरुआत कर सकते हैं।

प्रॉपर्टी में निवेश करते समय आपका पूरा पैसा एक ही जगह ब्लॉक हो जाता है। इसके विपरीत, म्यूचुअल फंड आपका पैसा अलग-अलग कंपनियों और सेक्टर्स में लगाते हैं। इस डायवर्सिफिकेशन से रिस्क काफी कम हो जाता है।

4- वेल्थ क्रिएशन का ट्रैक रिकॉर्ड: कहां हुई ज्यादा कमाई?

इसका कोई एक तय जवाब नहीं है क्योंकि यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने क्या और कब खरीदा है।

रियल एस्टेट का गणित: एक बेहतरीन लोकेशन पर ली गई प्रॉपर्टी आपको रेंटल और कैपिटल एप्रिसिएशन यानी कीमत बढ़ना दोनों से तगड़ा रिटर्न दे सकती है। लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि भारी उम्मीदों के बावजूद किसी इलाके में प्रॉपर्टी के दाम सालों तक एक ही जगह थमे रहते हैं।

म्यूचुअल फंड का गणित: शेयर बाजार में आने वाले उतार-चढ़ाव का असर म्यूचुअल फंड पर जरूर पड़ता है। लेकिन जो निवेशक बाजार के उतार-चढ़ाव की परवाह किए बिना अपनी एसआईपी जारी रखते हैं, उन्हें लंबे समय में कंपाउंडिंग यानी ब्याज पर ब्याज का जबरदस्त फायदा मिलता है, जो वेल्थ को कई गुना बढ़ा देता है।

आपके लिए क्या हो सकता है बेस्ट?

अक्सर लोग सोचते हैं कि रियल एस्टेट या म्यूचुअल फंड में से किसी एक को ही चुनना होगा। लेकिन असलियत में कई सफल निवेशक दोनों में पैसा लगाते हैं। प्रॉपर्टी जहां आपके पोर्टफोलियो को स्थिरता और रेंटल इनकम देती है, वहीं म्यूचुअल फंड आपको लिक्विडिटी, डायवर्सिफिकेशन और तेजी से बढ़ने का मौका देते हैं।

निवेश करने से पहले यह न पूछें कि कौन सा एसेट क्लास बेहतर है, बल्कि यह देखें कि आपके वित्तीय लक्ष्य, आपकी जेब और आपकी जरूरत के हिसाब से आपके लिए कौन सा विकल्प सही बैठता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; जयपुर-कोलकाता में बाढ़ जैसे हालात

rain alert in 22 states

Weather Update 26 June : मानसून की इंट्री के बाद मध्य प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी है। बारिश की वजह से इंदौर के 15 पर्यटन स्थल बंद कर दिए गए हैं। कोलकाता-जयपुर में तेज बारिश से सड़कें पानी में डूब गई। अस्पताल और दुकानों में पानी घुस गया। मानसून अब उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड की ओर बढ़ रहा है। अगले 3-4 दिनों में तीनों राज्यों में मानसून की दस्तक हो सकती है। इस बीच मौसम विभाग ने आज 22 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती है।

 

क्या है मानसून का हाल?

मौसम विभाग के अनुसार, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ हिस्सों में मानसून के और आगे बढ़ने की संभावना है। अगर परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो जल्द ही राजस्थान के पूर्वी हिस्सों, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मैदानी एवं निचले इलाकों में मानसूनी हवाएं एक्टिव हो जाएगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30 जून-1 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है जबकि पश्चिमी यूपी में 26 से 29 जून तक प्री मानसून बारिश हो सकती है। मानसून ने पूर्व में बिहार को पूरी तरह कवर कर लिया है। 

 

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तराखंड में 28 जून से बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। पूर्वी राजस्थान में 27 जून से 1 जुलाई तक आंधी-बारिश का अलर्ट है। पश्चिमी राजस्थान में 26-27 जून को तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

 

IMD के मुताबिक, सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 27 से 29 जून के बीच अत्यधिक भारी बारिश की आशंका है। वहीं, असम और मेघालय में 28 जून को भारी बारिश हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश, कोंकण, गोवा और तटीय कर्नाटक में भी अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। 

 

जयपुर में सड़कों पर भरा पानी

राजस्थान के जयपुर में गुरुवार को तेज बारिश हुई। करीब आधे घंटे में हुई 50mm बारिश से सड़कें डूब गईं। कई वाहन पानी की वजह से बंद हो गए। कई दुकानों और मकानों में भी पानी भर गया। अजमेर, कोटा, भरतपुर, बीकानेर संभाग में तेज आंधी के बाद तेज बारिश हुई। राज्य के 27 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

 

कोलकाता भी पानी पानी

कोलकाता में भी करीब एक घंटे की बारिश से शहर की मुख्य सड़कों पर एक फीट तक पानी भर गया। कोलकाता के SSKM अस्पताल के अंदर तक पानी घुस गया। इससे मरीज और उनकी देखभाल करने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

edited by : Nrapendra Gupta