कच्चे तेल में आएगी गिरावट, सोना और चांदी खरीदने के लिए करें इंतजार : Citi

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Citi के ग्लोबल हेड ऑफ कमोडिटीज मैक्स लेटन का मानना है कि अगले 6 से 12 महीनों तक कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। इसकी वजह पश्चिम एशिया में तनाव कम होना और वैश्विक स्तर पर तेल की सप्लाई बढ़ना है। वहीं, बैंक का कहना है कि निवेशकों को फिलहाल सोने और चांदी में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि दोनों की कीमतों में अभी और कमजोरी आ सकती है।

कच्चे तेल पर क्यों है दबाव?

मैक्स लेटन का कहना है कि पश्चिम एशिया में हालात पहले से बेहतर हो रहे हैं। अगर ईरान से जुड़ा कोई समझौता होता है, तो बाजार में तेल की सप्लाई और बढ़ सकती है। दूसरी तरफ चीन से मांग कमजोर बनी हुई है। दूसरे देशों का उत्पादन भी बढ़ रहा है। ऐसे में बाजार में जरूरत से ज्यादा कच्चा तेल उपलब्ध हो सकता है।

Citi का अनुमान है कि अगर मौजूदा बातचीत सफल रही, तो साल के आखिर तक Brent Crude की कीमत 60 से 65 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकती है। लेटन ने निवेशकों को सलाह दी है कि अगर तेल की कीमतों में तेजी आती है, तो उसे मुनाफावसूली का मौका मानना चाहिए।

गोल्ड और सिल्वर पर क्या राय?

मैक्स लेटन का कहना है कि पिछले 18 से 24 महीनों में सोने की तेज रैली की सबसे बड़ी वजह निवेशकों की मजबूत खरीदारी थी। अब यह रफ्तार धीमी पड़ रही है। ऐसे में अगले कुछ हफ्तों तक सोने की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।

उनके मुताबिक, ऊंची रियल इंटरेस्ट रेट और मजबूत अमेरिकी डॉलर की वजह से फिलहाल सोने में कमजोरी रह सकती है। हालांकि, उनका मानना है कि अगले दो महीनों में अगर कीमतें गिरती हैं, तो वही खरीदारी का बेहतर मौका हो सकता है। Citi को उम्मीद है कि चौथी तिमाही में ब्याज दरों और महंगाई के नरम पड़ने से सोने को फिर सहारा मिल सकता है।

मैक्स लेटन का कहना है कि चांदी भी फिलहाल सोने की दिशा में ही चल सकती है। उनके मुताबिक, हालिया तेजी की बड़ी वजह निवेशकों की खरीदारी थी, न कि औद्योगिक मांग। हालांकि, सोलर जैसे सेक्टरों से लंबी अवधि की मांग मजबूत बनी हुई है। लेकिन मौजूदा ऊंची कीमतों की वजह से दूसरे विकल्पों का इस्तेमाल बढ़ सकता है। इससे शॉर्ट टर्म में चांदी की तेजी सीमित रह सकती है।

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Gold Silver Rates Today: देश और विदेश में गोल्ड और सिल्वर में गिरावट, एक दिन में चांदी 5000 रुपये फिसली

Gold Silver Rates Today: देश और विदेश में 7 जुलाई को सोने और चांदी में गिरावट आई। सोना लगातार दूसरे दिन फिसला। विदेश में स्पॉट गोल्ड 0.8 फीसदी गिरकर 4,129.90 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। चांदी में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। स्पॉट सिल्वर 1.9 फीसदी गिरकर 60.93 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। पिछले हफ्ते सोने में अच्छी तेजी दिखी थी। यह 2 फीसदी से ज्यादा चढ़ा था। लेकिन, यह हफ्ता सोने के लिए अब तक कमजोर रहा है।

गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट 

भारत में भी गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में कमजोरी दिखी। कमोडिटी एक्सचेंज MCX में गोल्ड फ्यूचर्स 1.07 फीसदी यानी 1,567 रुपये गिरकर 1,45,350 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। सिल्वर फ्यूचर्स 2.16 फीसदी यानी 5,096 रुपये गिरकर 2,30,979 रुपये प्रति किलो पर आ गया। सोने ने 2025 में 70 फीसदी रिटर्न दिया था।

डॉलर इंडेक्स में मजबूती का सोने पर असर

सोने में गिरावट की वजह डॉलर में मजबूती है। डॉलर इंडेक्स 0.10 फीसदी चढ़ा। डॉलर मजबूत होने से दूसरी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिसका असर सोने पर पड़ता है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि 7 जुलाई को आई गिरावट की वजह पिछले हफ्ते की तेजी के बाद कंसॉलिडेशन है।

इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर घटेगी गोल्ड की चमक

ट्रेडर्स को अमेरिकी केंद्रीय बैंक की बैठक के मिनट्स का इंतजार है। यह 8 जुलाई को आएगा। इससे पता चलेगा कि इनफ्लेशन के बारे में फेडरल रिजर्व की क्या सोच है। निवेशकों को अब सितंबर में इंटरेस्ट रेट बढ़ने का 56 फीसदी अनुमान है। अगर फेड इंटरेस्ट रेट बढ़ाता है तो इसका निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा। इंटरेस्ट रेट में कमी आने पर सोने की चमक बढ़ती है। इसके उलट इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की चमक घटती है।

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सोना रिकॉर्ड ऊंचाई से 30 फीसदी फिसला

इस साल की शुरुआत में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थी। उसके बाद उनमें तेज गिरावट देखने को मिली। 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद सोने और चांदी पर दबाव बढ़ गया। सोना अपने पीस से करीब 30 फीसदी गिर चुका है। जून में सोने में करीब 14 फीसदी की गिरावट आई थी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने में तेजी टिक नहीं पा रही है। यही हाल चांदी का है। कुछ समय तक बुलियन कंसॉलिडेशन फेज में रह सकते हैं।

Gold Silver price Today: COMEX पर सोना $4,160 प्रति औंस से नीचे फिसला, चांदी भी लगभग 1% गिरी

Gold Silver price Today: इंटरनेशनल मार्केट में मंगलवार (7 जुलाई) को शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई। पिछले हफ्ते निवेशकों के US मॉनेटरी पॉलिसी और बड़े मार्केट डेवलपमेंट के आउटलुक का आकलन करने के बाद मजबूत रिकवरी के बाद कुछ गिरावट आई।

COMEX सोना $4,152 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था, जो $15.50 या 0.37% नीचे था, जबकि दिन में यह $4,179.50 प्रति औंस के हाई लेवल को छू गया था। COMEX चांदी $62.59 प्रति औंस के सेशन हाई लेवल को छूने के बाद 0.89% गिरकर $61.775 प्रति औंस पर आ गई।यह गिरावट पिछले हफ्ते बुलियन की कीमतों में तेज तेजी के बाद आई है।

उम्मीद से कमजोर US जॉब्स डेटा के बाद कमजोर US डॉलर के सपोर्ट से सोना लगभग 2% बढ़ा, जबकि चांदी लगभग 5% बढ़ी, जिससे उम्मीद बढ़ी कि US फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट्स पर कम एग्रेसिव रवैया अपना सकता है।

रिद्धिसिद्धि बुलियंस के मैनेजिंग डायरेक्टर और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के प्रेसिडेंट पृथ्वीराज कोठारी के मुताबिक, बुलियन को होर्मुज स्ट्रेट के आसपास जियोपॉलिटिकल टेंशन से सपोर्ट मिला, जबकि गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स में कमजोर इनफ्लो के बावजूद सेंट्रल बैंक की लगातार खरीदारी ने एक्स्ट्रा सपोर्ट दिया।

कोठारी ने कहा कि हाल के निचले लेवल से गोल्ड का रिबाउंड तेज रहा है, जिससे बड़े लेवल पर अपट्रेंड शुरू होने से पहले शॉर्ट-टर्म पुलबैक मुमकिन है। उन्होंने कहा कि सिल्वर में भी हाल की रैली के बाद कुछ कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है, इससे पहले कि वह एक और ऊपर जाने की कोशिश करे।

मार्केट पार्टिसिपेंट्स अब इंटरेस्ट रेट के रास्ते के बारे में सुराग के लिए नए इकोनॉमिक डेटा और US फेडरल रिजर्व से सिग्नल का इंतज़ार कर रहे हैं। कम इंटरेस्ट रेट्स आमतौर पर गोल्ड जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट्स को सपोर्ट करते हैं, क्योंकि उन्हें रखने की अपॉर्चुनिटी कॉस्ट कम हो जाती है।

इस बीच, इन्वेस्टर्स ग्लोबल कमोडिटी मार्केट्स में हो रहे डेवलपमेंट्स पर भी नज़र रख रहे हैं।

मंगलवार (7 जुलाई) को तेल की कीमतें बढ़ीं, हालांकि बढ़त सीमित रही क्योंकि ट्रेडर्स ने ग्लोबल डिमांड के आउटलुक के मुकाबले OPEC+ प्रोड्यूसर्स से बढ़ी सप्लाई पर विचार किया। कच्चे तेल के बाज़ार में मजबूती से महंगाई की उम्मीदों पर असर पड़ सकता है, जिससे सोने जैसे सेफ़-हेवन एसेट्स की मांग पर असर पड़ सकता है।

इसके अलावा, भारत में गोल्ड-बैक्ड फ़ाइनेंसिंग की मांग मज़बूत बनी हुई है। हाल ही में आई CRISIL रेटिंग्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही में गोल्ड लोन सबसे बड़ा सिक्योरिटाइज़्ड एसेट क्लास बनकर उभरा, जो देश के सिक्योरिटाइज़ेशन वॉल्यूम का लगभग 31% था, और इसने व्हीकल लोन को पीछे छोड़ दिया।

रिपोर्ट में इस ट्रेंड का कारण गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में मजबूत ग्रोथ को बताया गया है, जिसमें NBFC लगातार क्रेडिट मांग के बीच फ़ंड जुटाने के लिए सिक्योरिटाइज़ेशन का इस्तेमाल तेजी से कर रहे हैं।

Gold Silver price: इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतें 2 हफ्ते के ऊंचे स्तर पर रही स्थिर

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Price Today: चांदी 5000 रुपये सस्ती हुई, सोने के भी गिरे दाम; चेक करें लेटेस्ट प्राइस

Gold Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को गिरावट दर्ज की गई। राष्ट्रीय राजधानी में 24 कैरेट सोना 150 रुपये सस्ता होकर 1,50,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। पिछले कारोबारी सत्र में इसकी कीमत 1,50,800 रुपये प्रति 10 ग्राम थी।

वहीं, चांदी में बड़ी गिरावट देखने को मिली। इसकी कीमत 5,000 रुपये टूटकर 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। शुक्रवार को चांदी 2,45,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

क्यों गिरे सोने और चांदी के भाव?

सर्राफा कारोबारियों के मुताबिक, वैश्विक बाजार में नरमी और अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से निवेशकों ने सोने और चांदी में मुनाफावसूली की। इसका असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिला।

ट्रेडर्स का कहना है कि फिलहाल बाजार सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। एक तरफ पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव अब भी बना हुआ है। दूसरी तरफ मजबूत डॉलर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता निवेशकों को सतर्क बनाए हुए है।

अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर नजर

बाजार की नजर अब अमेरिका के महंगाई (Inflation) के आंकड़ों पर है। निवेशकों का मानना है कि इन आंकड़ों से यह संकेत मिल सकता है कि फेडरल रिजर्व आगे ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपनाएगा।

इसके अलावा वॉशिंगटन और तेहरान के बीच चल रहे घटनाक्रम पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी नरमी

वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई।

स्पॉट गोल्ड घटकर 4,160.60 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं, स्पॉट सिल्वर 62.24 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।

एक्सपर्ट की राय

LKP Securities के वीपी (रिसर्च एनालिस्ट- कमोडिटी और करेंसी) जतीन त्रिवेदी का कहना है कि मजबूत अमेरिकी डॉलर की वजह से गोल्ड में हल्की गिरावट आई, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी दिखा।

जतीन त्रिवेदी का कहना है कि अब बाजार की नजर इस सप्ताह आने वाले अमेरिका के मैन्युफैक्चरिंग PMI, नॉन-मैन्युफैक्चरिंग PMI और फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स पर रहेगी। इन आंकड़ों से डॉलर और सोने की कीमतों को नई दिशा मिल सकती है। उनके मुताबिक, इन अहम आर्थिक आंकड़ों के आने तक सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

*एजेंसी इनपुट के साथ

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Silver Price Today: आज क्या है चांदी का लेटेस्ट रेट? चेक करें अपने शहर के दाम

Silver Price Today: अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में चांदी की कीमतों में हो रहे उतार-चढ़ाव के बीच दिल्ली में आज चांदी की कीमत बढ़कर 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स समेत) पहुंच गई है। वहीं, बाजार खुलने से पहले मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव 0.4% बढ़कर यानी 89 रुपये की तेजी के साथ 2,37,499 रुपये प्रति किलो पहुंच गया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 2,37,410 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ था। दूसरी ओर, बुलियन्स के अनुसार चांदी की कीमत 2,37,660 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, शुक्रवार को बाजार बंद होने तक चांदी की कीमत 2,33,858 रुपये प्रति पहुंच गई। चूंकी शनिवार और रविवार को बाजार बंद है, इसलिए दोनों दिन यही भाव मान्य रहेगा।

गुडरिटर्न्स के अनुसार चांदी की कीमत बढ़कर 2,50,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। ऐसे में अगर आप चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, तो अपने शहर के ताजा रेट पर नजर रखना बेहद जरूरी हो जाता है।

भारत के शहरों में चांदी के ताजा भाव

शहर10 ग्राम चांदी100 ग्राम चांदी1 किलो चांदी
दिल्ली₹2,500₹25,000₹2,50,000
मुंबई₹2,500₹25,000₹2,50,000
कोलकाता₹2,500₹25,000₹2,50,000
पटना₹2,500₹25,000₹2,50,000
लखनऊ₹2,500₹25,000₹2,50,000
मेरठ₹2,500₹25,000₹2,50,000
अयोध्या₹2,500₹25,000₹2,50,000
कानपुर₹2,500₹25,000₹2,50,000
गाजियाबाद₹2,500₹25,000₹2,50,000
नोएडा₹2,500₹25,000₹2,50,000

पिछले दिन क्या रही चांदी की कीमत

गुरुवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी के भाव में 5,000 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई, जिससे यह बढ़कर 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स समेत) पर पहुंच गई। इससे पिछले सत्र में चांदी का भाव 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी करीब 1.3 प्रतिशत की बढ़त के साथ बढ़कर 59.89 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

एनालिस्ट का कहना है कि इन आंकड़ों से कीमती धातुओं और अमेरिकी डॉलर, दोनों में उतार-चढ़ाव आ सकता है।

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Gold-Silver ETFs : गोल्ड और सिल्वर ETF 3% तक भागे, US में ब्याज दरों को लेकर नरम रुख की उम्मीद ने भरा जोश

Gold-Silver ETFs : शुक्रवार को भारत में गोल्ड और सिल्वर एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) में 2-3 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली है। यह बढ़त ग्लोबल मार्केट में प्रोसियस मेटल्स की कीमतों में आई तेजी के कारण हुई। अमेरिकी लेबर मार्केट के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे हैं। इससे यह उम्मीद मजबूत हुई कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लेकर नरम रुख अपना सकता है।

आज दोपहर के कारोबार में निप्पॉन इंडिया ETF गोल्ड BeES 2.4 प्रतिशत बढ़कर 120.51 रुपये पर पहुंच गया,जबकि ICICI प्रूडेंशियल गोल्ड ETF 2.4 प्रतिशत बढ़कर 124.90 रुपये पर कारोबार करता दिखा। SBI गोल्ड ETF 2.3 प्रतिशत बढ़कर 124.25 रुपये और टाटा गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड 2.3 प्रतिशत बढ़कर 14.14 रुपये पर पहुंच गया।

इंटरनेशनल मार्केट में चांदी की कीमतों में तेज उछाल आने के कारण सिल्वर ETF ने गोल्ड ETF के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। निप्पॉन इंडिया सिल्वर BeES 2.6 प्रतिशत बढ़कर 221.95 रुपये पर,टाटा सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड 2.6 प्रतिशत बढ़कर 22.55 रुपये पर,SBI सिल्वर ETF 2.5 प्रतिशत बढ़कर 227.28 रुपये पर और ICICI प्रूडेंशियल सिल्वर ETF 2.4 प्रतिशत बढ़कर 231.28 रुपये पर पहुंच गया।

 स्पॉट गोल्ड 1% बढ़कर $4,165.29 प्रति औंस पर पहुंचा

ग्लोबल मार्केट में बुलियन की कीमतों में आई तेजी के बाद भारतीय बाजार में यह रैली देखने को मिली है। आज स्पॉट गोल्ड 1% बढ़कर $4,165.29 प्रति औंस पर पहुंच गया,जबकि इससे पहले सेशन में यह 23 जून के बाद के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था। अगस्त डिलीवरी वाला US गोल्ड फ्यूचर्स 1.3% बढ़कर $4,178.50 पर पहुंच गया है। गोल्ड-सिल्वर अपनी पहली साप्ताहिक बढ़त की ओर बढ़ रहे हैं। इस हफ्ते इनमें लगभग 1.8% की बढ़ोतरी हुई है। US नॉन-फार्म पेरोल्स और प्राइवेट पेरोल्स के आंकड़े उम्मीद से कमज़ोर रहे,जिससे लगातार बनी महंगाई और लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों की आशंका को लेकर चिंताएं कम हुईं है, इसका फायदा सोने-चांदी को मिल रहा है।

चांदी की कीमतों में भी तेजी जारी

चांदी की कीमतों में भी तेजी जारी है। इसका हाजिर भाव 2.1 प्रतिशत बढ़कर $62.28 प्रति औंस हो गया है। दूसरी कीमती धातुओं की बात करें तो प्लेटिनम की कीमत 2.4 प्रतिशत बढ़कर $1,655.15 पर आ गई है। जबकि पैलेडियम 0.9 प्रतिशत बढ़कर $1,278.89 पर पहुंच गया है। ये तीनों धातुएं एक हफ्तो से ज्यादा समय के अपने उच्चतम स्तर के करीब कारोबार कर रही है।

शेयर बाजार का भी मूड सुधरा

गोल्ड-सिल्वर ETF में बढ़त के साथ ही आज शेयर बाजार का मूड भी अच्छा बना हुआ था। 3 बजे के आसपास सेंसेक्स 287.65 अंक या 0.37 प्रतिशत बढ़कर 77,789.77 पर और निफ्टी 101.95 अंक या 0.42 प्रतिशत बढ़कर 24,277.65 पर दिख रहा था। लगभग 2016 शेयरों में बढ़त दिख रही थी। 1828 शेयरों में गिरावट आई थी और 178 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ था। वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में 3.34 प्रतिशत की गिरावट आई। यह बाजार में उतार-चढ़ाव की उम्मीदों में कमी का संकेत है। इससे तेजड़ियों को राहत मिल सकती है।

 

Gold Silver Rates Today: देश और विदेश में सोने और चांदी को लगे पंख, इन तीन वजहों से आई तेजी

Silver Price Today: आज क्या है चांदी कीमत? दिल्ली, मुंबई समेत जानें अपने शहर का रेट

Silver Price Today: अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चल रही उतार-चढ़ाव की स्थिति का सीधा असर चांदी की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। हर दिन कीमतों में हल्का बदलाव हो रहा है, जिससे निवेशकों से लेकर आम खरीदारों तक सभी की नजरें लगातार चांदी के रेट पर टिकी हुई हैं। आज बाजार खुलने से पहले मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव 0.2% बढ़कर यानी 455 रुपये की तेजी के साथ 2,29,691 रुपये प्रति किलो पहुंच गया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 2,29,236 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ था। वहीं, इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक शुक्रवार सुबह तक चांदी का भाव 2,28,850 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया, जबकि गुडरिटर्न्स के अनुसार यह बढ़कर 2,45,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।

दूसरी ओर, दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत टैक्स समेत बढ़कर 2,40,000 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है। वैश्विक स्तर पर हाजिर चांदी भी उछलकर 59.89 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई है।

ऐसे में चांदी की कीमतों में लगातार हो रहे इस बदलाव के बीच अगर आप गहने खरीदने या निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो अपने शहर के ताजा रेट जानना बेहद जरूरी हो जाता है।

भारत के शहरों में चांदी के ताजा भाव

शहर10 ग्राम चांदी100 ग्राम चांदी1 किलो चांदी
दिल्ली₹2450₹24500₹245000
मुंबई₹2450₹24500₹245000
कोलकाता₹2450₹24500₹245000
चेन्नई₹2500₹25000₹250000
पटना₹2450₹24500₹245000
लखनऊ₹2450₹24500₹245000
मेरठ₹2450₹24500₹245000
अयोध्या₹2450₹24500₹245000
कानपुर₹2450₹24500₹245000
गाजियाबाद₹2450₹24500₹245000
नोएडा₹2450₹24500₹245000
गुरुग्राम₹2450₹24500₹245000
चंडीगढ़₹2450₹24500₹245000
जयपुर₹2450₹24500₹245000
लुधियाना₹2450₹24500₹245000
गुवाहाटी₹2450₹24500₹245000
जलगांव₹2450₹24500₹245000
इंदौर₹2450₹24500₹245000

पिछले दिन क्या रही चांदी की कीमत

गुरुवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी देखने को मिली। इस दौरान चांदी के भाव में 5,000 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई, जिससे यह बढ़कर 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स समेत) पर पहुंच गई। इससे पिछले सत्र में चांदी का भाव 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी करीब 1.3 प्रतिशत की बढ़त के साथ बढ़कर 59.89 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

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Gold Price Today: सोना ₹3000 उछला, ₹5000 महंगी हुई चांदी; कमजोर डॉलर से बढ़ी मांग

Gold Price Today: अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और वैश्विक बाजार में मजबूती के चलते गुरुवार को सोने की कीमतों में जोरदार उछाल आया। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोना 3,000 रुपये बढ़कर 1,47,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। इससे एक दिन पहले यह 1,44,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

वहीं, चांदी में भी तेजी का सिलसिला जारी रहा। लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में चांदी 5,000 रुपये महंगी होकर 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई। पिछले सत्र में इसका भाव 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम था।

क्यों बढ़े सोने-चांदी के दाम?

कारोबारियों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती और अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से सोने की मांग बढ़ी है। वहीं, औद्योगिक और निवेश मांग मजबूत रहने से चांदी की कीमतों में भी तेजी बनी हुई है।

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के उम्मीद से कम सख्त रुख के बाद ब्याज दरों में जल्द बढ़ोतरी की आशंकाएं कम हुईं। इससे सोने को समर्थन मिला।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल

वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड 38.75 डॉलर (करीब 1%) बढ़कर 4,070.04 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, स्पॉट सिल्वर 1.3% चढ़कर 59.89 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।

Mirae Asset Sharekhan के हेड ऑफ कमोडिटीज प्रवीण सिंह ने कहा कि अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में नरमी आने से सोना मजबूत हुआ है। उनके मुताबिक, जापानी येन में मजबूती और बैंक ऑफ जापान के हस्तक्षेप की खबरों से डॉलर पर दबाव बना।

उन्होंने कहा कि जब डॉलर कमजोर होता है, तो दूसरी मुद्राएं रखने वाले निवेशकों के लिए सोना सस्ता हो जाता है। इससे वैश्विक मांग बढ़ती है और कीमतों को समर्थन मिलता है।

आगे किन बातों पर रहेगी नजर?

बाजार की नजर अब अमेरिका के नॉन-फार्म पेरोल (Non-Farm Payrolls) आंकड़ों पर है। Motilal Oswal Financial Services के कमोडिटी एनालिस्ट मानव मोदी के मुताबिक, यह रिपोर्ट अमेरिकी श्रम बाजार की स्थिति और फेडरल रिजर्व की अगली मौद्रिक नीति के संकेत दे सकती है।

एनालिस्टों का मानना है कि इन आंकड़ों के बाद सोना, चांदी और अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वहीं, World Gold Council का कहना है कि साल 2026 की दूसरी छमाही सोने के लिए अहम रह सकती है। ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें और भू-राजनीतिक घटनाक्रम आगे भी सोने की कीमतों की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।

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Gold Outlook: 2026 की दूसरी छमाही में घटेंगे या बढ़ेंगे सोने के दाम? वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट ने बताए बड़े ट्रिगर

Gold Outlook: 2026 की दूसरी छमाही में सोने की चाल कई बड़े फैक्टर्स पर निर्भर करेगी। इनमें सबसे अहम हैं भू-राजनीतिक तनाव, ब्याज दरें और निवेशकों का रुख। यह बात वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) ने अपनी Gold Mid-Year Outlook 2026 रिपोर्ट में कही है।

इस साल की पहली छमाही सोने के लिए काफी उतार-चढ़ाव वाली रही। जनवरी के आखिर में सोना 5,405 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इसके बाद जून में कीमत गिरकर 4,002 डॉलर प्रति औंस तक आ गई। यानी रिकॉर्ड हाई से 26% की गिरावट। इसके बावजूद पिछले एक साल में सोना सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले एसेट्स में शामिल है। इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव भी बढ़ा है और वोलैटिलिटी 30% तक पहुंच गई है।

सबसे बड़ा असर किसका रहा?

WGC का कहना है कि पहली छमाही में अमेरिका-ईरान तनाव जैसे भू-राजनीतिक घटनाक्रमों ने सोने को सबसे ज्यादा सपोर्ट दिया। इसके अलावा निवेशकों की खरीद-बिक्री और मुनाफावसूली का भी असर दिखा।

रिपोर्ट के मुताबिक, सोने की कीमतों में सबसे ज्यादा हलचल एशिया और अमेरिका के ट्रेडिंग घंटों के दौरान हुई। इससे साफ है कि अब एशियाई निवेशकों की भूमिका पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है।

आगे क्या हो सकता है?

WGC का मानना है कि मौजूदा कीमतें इस उम्मीद को दिखाती हैं कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस साल अक्टूबर तक कम से कम एक बार ब्याज दर बढ़ा सकता है। इसके अलावा Bank of England, Bank of Japan और European Central Bank भी सख्त मौद्रिक नीति जारी रख सकते हैं।

अगर ऐसा होता है तो साल के आखिर तक सोना करीब 4,100 डॉलर प्रति औंस के आसपास रह सकता है। इसमें करीब 5% ऊपर या नीचे का उतार-चढ़ाव संभव है।

किन वजहों से बढ़ सकती हैं कीमतें?

अगर दुनिया में तनाव बढ़ता है, अर्थव्यवस्था कमजोर पड़ती है या ब्याज दरों को लेकर बाजार की सोच बदलती है, तो सोना फिर से तेजी पकड़ सकता है। हालांकि 4,500 डॉलर प्रति औंस से ऊपर जाने के लिए दुनिया की अर्थव्यवस्था में बड़ी सुस्ती जैसी स्थिति बननी होगी।

दूसरी तरफ, अगर अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, ब्याज दरें उम्मीद से ज्यादा बढ़ती हैं और निवेशक शेयर जैसे जोखिम वाले एसेट्स की तरफ लौटते हैं, तो सोने पर दबाव बन सकता है।

WGC का कहना है कि अगर सोना 4,000 डॉलर प्रति औंस से नीचे टिकता है तो बिकवाली बढ़ सकती है। लेकिन इतिहास बताता है कि बड़ी गिरावट के बाद केंद्रीय बैंक, बड़े निवेशक और आम खरीदार फिर से खरीदारी शुरू कर देते हैं। इससे कीमतों को सहारा मिल सकता है।

Gold Silver Price Today: सोना फिसला, चांदी ने लगाई 5000 रुपये की छलांग

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Gold Silver Price Today: सोना फिसला, चांदी ने लगाई 5000 रुपये की छलांग

Gold Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी में 1 जुलाई को सोने में गिरावट आई। डॉलर में मजबूती और विदेशी बाजारों के ट्रेंड का असर भारत में सोने की कीमतों पर पड़ा। यह 1,300 रुपये गिरकर 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। सोने में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई। उधर, चांदी की चमक बढ़ी। यह 5000 रुपये चढ़कर 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

विदेश में लगातार तीसरे दिन सोना गिरा

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.54 फीसदी गिरकर 3,986.07 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। चांदी 1 फीसदी गिरकर 58 डॉलर प्रति औंस पर रही। लेमन मार्केट्स डेस्क में रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने कहा, “बुधवार को भारत में सोने पर दबाव दिखा। इसकी वजह डॉलर में मजबूती और बढ़ती बॉन्ड यील्ड है। इसका असर कीमती मेटल की डिमांड पर पड़ा। “

डॉलर इंडेक्स में मजबूती ने सोने पर बनाया दबाव

मिरै एसेट शेयरखान में कमोडिटीज हेड प्रवीण सिंह ने कहा, “विदेशी बाजारों में सोने में लगातार तीसरे दिन गिरावट आई। इसकी वजह डॉलर इंडेक्स में मजबूती है। यह 0.15 फीसदी चढ़कर 101.34 पर पहुंच गया।” डॉलर में मजबूती से विदेशी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है। इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ता है।

भारत में एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स में तेजी दिखी

इधर, कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स में तेजी दिखी, जबकि सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट दिखी। शाम के कारोबार में गोल्ड फ्यूचर्स 0.46 फीसदी यानी 659 रुपये चढ़कर 1,43,190 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 0.64 फीसदी यानी 1,461 रुपये की कमजोरी के साथ 2,25,582 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रहा था।

रिकॉर्ड ऊंचाई से करीब 30 फीसदी गिर चुका है सोना

इस साल गोल्ड की कीमतें जनवरी के आखिर में करीब 5600 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई थी। इस लेवल से गोल्ड करीब 30 फीसदी गिर चुका है। जून तिमाही में गोल्ड में करीब 14 फीसदी की गिरावट आई। सिर्फ जून में यह 11 फीसदी गिरा। फरवरी के आखिर में अमेरिका-ईरान की लड़ाई ने बुलियन पर दबाव बढ़ा दिया।

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अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद से भी गिरा सोना

एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल में गोल्ड में गिरावट की वजह डॉलर में मजबूती और अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इस साल इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। बढ़ते इंटरेस्ट रेट के माहौल में गोल्ड की चमक घट जाती है। इंटरेस्ट रेट घटने पर गोल्ड की चमक बढ़ जाती है।