Coforge Share Price: कोफोर्ज का शेयर बना रॉकेट, जून तिमाही के नतीजों का असर

कोफोर्ज का शेयर 28 जुलाई को रॉकेट बन गया। सुबह में शेयर मजबूत खुले। कुछ ही देर बाद शेयर में जबर्दस्त उछाल दिखा। 1:18 बजे शेयर का प्राइस 10.15 फीसदी के उछाल के साथ 1,683.90 रुपये पर चल रहा था। शेयरों में तेजी की वजह कंपनी के जून तिमाही के नतीजे हैं। कंपनी ने 27 जुलाई की देर रात नतीजों का ऐलान किया। इसका असर 28 जुलाई को शेयरों पर दिखा।

Coforge के जून तिमाही के नतीजों में पहली बार Encore Holdings का भी प्रदर्शन शामिल रहा। इसलिए यह ध्यान में रखना जरूरी है कि जून तिमाही के नतीजों की तुलना मार्च तिमाही के नतीजों और एक साल पहले के जून तिमाही के नतीजों से नहीं की जा सकती। कोफोर्ज आईटी सॉल्यूशंस ऑफर करती है।

जून तिमाही में कोफोर्ज का रेवेन्यू डॉलर में 21.1 फीसदी बढ़कर 59.2 करोड़ डॉलर रहा। मार्च तिमाही में रेवेन्यू 48.91 करोड़ डॉलर था। जून तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट तिमाही दर तिमाही आधार पर 15.3 फीसदी गिरकर 518.6 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के प्रॉफिट पर कुछ खास खर्चों का असर पड़ा। इसमें Encora के अधिग्रहण और इंटिग्रेशन पर 61.3 करोड़ रुपये का खर्च शामिल है। कंपनी का लीगल खर्च 5 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने कस्टमर रिसीवएबल्स के लिए 10.8 करोड़ का प्रोविजन किया। इन वजहों से 22.1 करोड़ रुपये के फॉरेंस गेंस का फायदा नहीं मिला।

जून तिमाही में रुपये में कंपनी का रेवेन्यू मार्च तिमाही के मुकाबले 24.2 फीसदी बढ़कर 5,527.7 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का मार्जिन 16 फीसदी रहा। मार्च तिमाही में यह 16.5 फीसदी था। अगर अधिग्रहण पर हुआ खर्च हटा दिया जाए तो कंपनी की ऑर्गेनिक कॉन्स्टैंट करेंसी ग्रोथ 1.1 फीसदी रही। एग्जिटेड बिजनेसेज को छोड़ दिया जाए तो यह 5.2 फीसदी रहता।

कोफोर्ज ने नतीजों के बाद अपनी रिलीज में बताया कि कम मार्जिन वाले 1.5 करोड़ डॉलर के इंडियन गवर्नमेंट पोर्टफोलियो का एग्जिट प्लान के मुताबिक था। इसके अलावा जून तिमाही के प्रदर्शन पर डेटा सेंटर के 40 लाख डॉलर के डिसइनवेस्टमेंट का असर पड़ा। कंबाइंड EBIT मार्जिन 16 फीसदी रहा, जो कंपनी के 15.5 फीसदी के पूरे साल के गाइडेंस से ज्यादा है।

कोफोर्ज ने जून तिमाही में 69.1 करोड़ डॉलर के नए ऑर्डर हासिल किए। इससे कंपनी की कुल ऑर्डर बुक 222.8 करोड़ डॉलर तक पहुंच गई। कंपनी ने प्रति शेयर 4 रुपये के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया। इसकी रिकॉर्ड डेट 2 अगस्त होगी। इस साल कोफोर्ज का शेयर 3 फीसदी गिरा है। यह 52 हफ्तों के अपने 1,938 रुपये के हाई से करीब 20 फीसदी नीचे है।

Godfrey Phillips Share Price: सिगरेट की घटती बिक्री पर हाहाकार! जून तिमाही के कमजोर नतीजे ने 8% तोड़ दिया शेयर

Godfrey Phillips Share Price: दिग्गज सिगरेट कंपनी गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयरों को आज तगड़ा शॉक लगा। जून 2026 तिमाही के कमजोर नतीजे पर यह करीब 8% टूट गया। जून तिमाही में रेवेन्यू, मुनाफे और मार्जिन के मोर्चे पर यह फिसला तो शेयर भी फिसल गए। बिकवाली का दबाव इतना तेज है कि निचले स्तर पर खरीदारी भी शेयरों को संभाल नहीं सका। फिलहाल बीएसई पर यह 7.75% की गिरावट के साथ ₹2,037.95 पर है। इंट्रा-डे में यह 7.93% टूटकर ₹2,034.00 पर आ गया।

Godfrey Phillips के लिए कैसी रही जून तिमाही

चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में गॉडफ्रे फिलिप्स का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 44.3% गिरकर ₹189.4 करोड़ पर आ गया। इस दौरान कंपनी का बिजनेस भी नीचे आया और ऑपरेशंस से रेवेन्यू 18.9% फिसलकर ₹1,205.5 करोड़ पर आ गया। ऑपरेटिंग मोर्चे पर भी कंपनी कमजोर हुई और इसका ईबीआईटीडीए जून तिमाही में सालाना आधार पर 46.3% गिरकर ₹181.4 करोड़ और ईबीआईटीडीए मार्जिन 22.7% से 15.1% पर आ गया। जून तिमाही में कंपनी का सिगरेट वॉल्यूम सालाना आधार पर 2% और तिमाही आधार पर 3% गिर गया।

मैनेजमेंट का कहना है कि कंपनी ने कीमतों में बढ़ोतरी का असर ग्राहकों पर धीरे-धीरे डालने के लिए एक बैलेंस्ड प्राइसिंग स्ट्रैटेजी अपनाई है। इससे पहले जनवरी में सरकार ने सिगरेट और दूसरे तंबाकू प्रोडक्ट्स पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का नोटिफिकेशन जारी किया था। वित्त मंत्रालय ने सिगरेट और बीड़ी समेत सभी तंबाकू प्रोडक्ट्स पर 40% जीएसटी लगाने का नोटिफिकेशन जारी किया था, जो 1 फरवरी 2026 से लागू हुआ। नए टैक्स स्ट्रक्चर में 28% जीएसटी शामिल है, जिसमें पहले की एक्साइज ड्यूटी और नेशनल कैलेमिटी कंटीजेंट ड्यूटी (NCCD) को मिला दिया गया है। यह दिसंबर में सेंट्रल एक्साइज (एमेंडमेंट) बिल, 2025 को सरकार की मंजूरी के बाद आया जिसने सिगरेट और तंबाकू के अन्य प्रोडक्ट्स पर अस्थायी लेवी की जगह ली।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 16 सितंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹3,945.00 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से छह ही महीने में यह 53.54% टूटकर 23 मार्च 2026 को ₹1,832.65 पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

Godfrey Phillips Q1 Results: सिगरेट कंपनी का मुनाफा 44% गिरा, डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट का ऐलान

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock in Focus: पाइप कंपनी को अमेरिका से ₹960 करोड़ का ऑर्डर मिला, 6 महीने में स्टॉक 121% चढ़ा

Stock in Focus: पाइप बनाने वाली कंपनी वेलस्पन कॉर्प को अमेरिका से करीब ₹960 करोड़ का नया ऑर्डर मिला है। कंपनी ने सोमवार को शेयर बाजार को इसकी जानकारी दी।

यह ऑर्डर अमेरिका के लिटिल रॉक स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से कोटेड लाइन पाइप की सप्लाई के लिए मिला है।

रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची ऑर्डर बुक

इस नए ऑर्डर के बाद वेलस्पन कॉर्प की कुल ग्लोबल ऑर्डर बुक करीब ₹25,750 करोड़ (करीब 2.7 अरब डॉलर) पर पहुंच गई है। कंपनी के इतिहास में यह अब तक की सबसे बड़ी ऑर्डर बुक है।

कंपनी का कहना है कि इससे आने वाले समय में रेवेन्यू की अच्छी तस्वीर दिखाई देती है। साथ ही, भारत और अमेरिका में मौजूद उसके मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की क्षमता का बेहतर इस्तेमाल भी होगा।

दो साल में पूरा होगा ऑर्डर

वेलस्पन कॉर्प ने बताया कि इस ऑर्डर को वित्त वर्ष 2026-27 और 2027-28 के दौरान पूरा किया जाएगा।

कंपनी का कहना है कि लगातार मिल रहे बड़े ऑर्डर उसकी लंबी अवधि की ग्रोथ को मजबूत करेंगे। साथ ही, वैश्विक पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर बाजार में उसकी मौजूदगी भी और मजबूत होगी।

वेलस्पन कॉर्प के शेयर

सोमवार को वेलस्पन कॉर्प के शेयर 0.19% चढ़कर 1,599.90 रुपये पर बंद हुए। पिछले 6 महीने में स्टॉक 121.64% चढ़ा है। इसने बीते 5 साल में 1,055.58% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 42.19 हजार करोड़ रुपये है।

क्या बनाती है कंपनी?

वेलस्पन कॉर्प स्टील पाइप और पाइपलाइन सॉल्यूशंस बनाने वाली कंपनी है। कंपनी तेल और गैस, पानी, इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक परियोजनाओं के लिए बड़े व्यास (Large Diameter) वाले पाइप बनाती है। भारत के अलावा अमेरिका में भी इसके मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं और यह दुनिया के कई देशों में अपने उत्पादों की सप्लाई करती है।

Godfrey Phillips Q1 Results: सिगरेट कंपनी का मुनाफा 44% गिरा, डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट का ऐलान

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Godfrey Phillips Q1 Results: सिगरेट कंपनी का मुनाफा 44% गिरा, डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट का ऐलान

Godfrey Phillips Q1 Results: सिगरेट और तंबाकू प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया ने जून तिमाही के कमजोर नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 44.3% घटकर ₹189.39 करोड़ रह गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹356.31 करोड़ था।

वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 18.9% घटकर ₹1,205.5 करोड़ रह गया। एक साल पहले यह ₹1,486.2 करोड़ था।

ऑपरेटिंग प्रदर्शन भी कमजोर

जून तिमाही में कंपनी के ऑपरेटिंग प्रदर्शन पर भी दबाव दिखा। EBITDA 46.3% घटकर ₹181.44 करोड़ रह गया। पिछले साल यह ₹337.6 करोड़ था।

वहीं, EBITDA मार्जिन 22.7% से घटकर 15.1% पर आ गया। इससे साफ है कि कंपनी की प्रॉफिटबिलिटी पर दबाव बढ़ा है।

एक्साइज ड्यूटी खर्च आठ गुना बढ़ा

गॉडफ्रे फिलिप्स भारत में Philip Morris International के लाइसेंस के तहत Marlboro सिगरेट बनाती और बेचती है। जून तिमाही में एक्साइज ड्यूटी से जुड़े खर्च करीब आठ गुना बढ़कर ₹3,600 करोड़ हो गए।

हालांकि, कंपनी के सिगरेट, तंबाकू और इससे जुड़े उत्पादों के कारोबार का रेवेन्यू दोगुने से ज्यादा बढ़कर ₹3,780 करोड़ पहुंच गया। यही कंपनी का सबसे बड़ा कारोबार है और कुल रेवेन्यू में इसकी सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है।

सरकार ने 1 फरवरी से सिगरेट पर नई एक्साइज ड्यूटी लागू की थी। सिगरेट की लंबाई के हिसाब से प्रति 1,000 सिगरेट पर ₹2,050 से ₹8,500 तक एक्साइज ड्यूटी लगाई गई। इस टैक्स बढ़ोतरी के बाद देश के करीब 10 करोड़ धूम्रपान करने वाले लोगों के लिए सिगरेट महंगी हो गई।

डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट तय

गॉडफ्रे फिलिप्स के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के फाइनल डिविडेंड के लिए 11 अगस्त 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है।

इस तारीख तक जिन निवेशकों के नाम कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, उन्हें फाइनल डिविडेंड का लाभ मिलेगा।

गॉडफ्रे फिलिप्स का शेयर

कमजोर नतीजों से पहले सोमवार को गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया का शेयर 4.03% की बढ़त के साथ ₹2,215.40 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान शेयर में ₹85.80 की तेजी दर्ज की गई।

गॉडफ्रे फिलिप्स का बिजनेस

गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया सिगरेट और तंबाकू उत्पाद बनाने वाली कंपनी है। कंपनी Four Square, Red & White, Cavanders और Stellar जैसे सिगरेट ब्रांड बेचती है। इसके अलावा, यह पान मसाला, कन्फेक्शनरी और रिटेल कारोबार में भी मौजूद है। भारत के तंबाकू उद्योग की प्रमुख कंपनियों में इसका नाम शामिल है।

Coal India Q1 Results: सरकारी कंपनी को ₹8852 करोड़ का मुनाफा, हर शेयर पर ₹5.50 का डिविडेंड देगी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Coal India Q1 Results: सरकारी कंपनी को ₹8852 करोड़ का मुनाफा, हर शेयर पर ₹5.50 का डिविडेंड देगी

Coal India Q1 Results: महारत्न कंपनी कोल इंडिया ने जून तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस सरकारी कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 0.69% बढ़कर ₹8,852 करोड़ रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹8,797 करोड़ था।

वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 7.8% बढ़कर ₹46,254.80 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल यह ₹42,919.20 करोड़ था। हालांकि, EBITDA 4.1% घटकर ₹12,069 करोड़ रह गया। एक साल पहले यह ₹12,588 करोड़ था। इसी वजह से EBITDA मार्जिन 29.3% से घटकर 26.1% पर आ गया।

खर्च बढ़ने से मार्जिन पर दबाव

जून तिमाही में कोल इंडिया का कुल खर्च 11.9% बढ़कर ₹36,816.23 करोड़ हो गया। हालांकि, बिक्री बढ़ने से रेवेन्यू में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। कंपनी का प्री-टैक्स प्रॉफिट (PBT) ₹11,719 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹11,776 करोड़ था।

अगर मार्च तिमाही से तुलना करें तो कंपनी का मुनाफा 18.9% घटा है। वहीं, रेवेन्यू में 0.5% की हल्की गिरावट आई। हालांकि, तिमाही आधार पर EBITDA मार्जिन 25.9% से बढ़कर 26.1% हो गया।

₹5.50 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड

कोल इंडिया ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹5.50 प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है।

कंपनी ने 31 जुलाई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय किया है। जिन निवेशकों के नाम इस दिन कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, उन्हें डिविडेंड मिलेगा। इसका भुगतान 25 अगस्त 2026 तक कर दिया जाएगा।

सहायक कंपनियों का मिला-जुला प्रदर्शन

जून तिमाही में कंपनी की सहायक कंपनियों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। CMPDI ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। कंपनी का रेवेन्यू 18% बढ़कर ₹481.4 करोड़ पहुंच गया। EBITDA 62% बढ़कर ₹145.5 करोड़ रहा। वहीं, नेट प्रॉफिट 54% बढ़कर ₹116.3 करोड़ हो गया।

दूसरी ओर, BCCL का प्रदर्शन कमजोर रहा। कम बिक्री और बढ़ती लागत की वजह से कंपनी का रेवेन्यू 4% घटकर ₹3,587 करोड़ रह गया। पिछले साल कंपनी को ₹177 करोड़ का मुनाफा हुआ था। इस बार उसे ₹68 करोड़ का घाटा हुआ।

कोल इंडिया के शेयर

कोल इंडिया का शेयर नतीजों से पहले सोमवार को 0.09% की बढ़त के साथ ₹427 पर बंद हुआ।

लंबी अवधि में शेयर ने अच्छा रिटर्न दिया है। पिछले एक साल में 12.26%, तीन साल में 86.64% और 2026 में अब तक 7.14% का रिटर्न मिला है। हालांकि, हाल के महीनों में शेयर पर दबाव दिखा है। पिछले तीन महीने में 5.52%, एक महीने में 1.81% और एक हफ्ते में 0.44% की गिरावट आई है।

Tata Power Q1 Results: टाटा की कंपनी को ₹1401 करोड़ मुनाफा, शेयरों में दिख सकती है हलचल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dividend Stock: बुलेट बाइक वाली कंपनी देगी ₹82 का डिविडेंड, 31 जुलाई से पहले बन जाएं शेयरहोल्डर

बुलेट बाइक बनाने वाली रॉयल एनफील्ड ​की पेरेंट कंपनी आयशर मोटर्स (Eicher Motors) अपने शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 82 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने जा रही है। इसकी सिफारिश कंपनी के बोर्ड ने मई महीने में की थी। डिविडेंड को लेकर शेयरहोल्डर्स की पात्रता तय करने के लिए रिकॉर्ड डेट 31 जुलाई 2026 है। इस तारीख तक जिन शेयरधारकों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में होंगे, वे डिविडेंड पाने के हकदार होंगे।

इसका मतलब यह हुआ कि अगर डिविडेंड पाना चाहते हैं लेकिन आयशर मोटर्स के शेयरहोल्डर नहीं हैं तो 30 जुलाई को ट्रेडिंग खत्म होने से पहले शेयर खरीदने होंगे। फाइनल डिविडेंड पर 20 अगस्त को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट 30 दिनों के अंदर किया जाएगा।

आयशर मोटर्स ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 70 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। कंपनी कमर्शियल व्हीकल्स भी बनाती है। यह वित्त वर्ष 2001-02 से लगातार डिविडेंड बांट रही है।

Eicher Motors का शेयर एक साल में 39 प्रतिशत मजबूत

आयशर मोटर्स का शेयर शुक्रवार, 24 जुलाई को BSE पर 7628.40 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर एक साल में 39 प्रतिशत मजबूत हुआ है। वहीं 3 साल में 130 प्रतिशत की तेजी देख चुका है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 49.02 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

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29 जुलाई को जारी होंगे जून तिमाही के नतीजे

आयशर मोटर्स के अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे 29 जुलाई को जारी होंगे। दिन में बोर्ड मीटिंग में इन पर चर्चा की जाएगी और मंजूरी दी जाएगी। उसके बाद वित्तीय नतीजों को रिलीज किया जाएगा। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में आयशर मोटर्स का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 11.58 प्रतिशत बढ़कर 1,519.95 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले मुनाफा 1,362.15 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 6,080.09 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो मार्च 2025 तिमाही में 5,241.11 करोड़ रुपये था।

पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में, आयशर मोटर्स का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 16.5 प्रतिशत बढ़कर 5,515.23 करोड़ रुपये हो गया। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 23,407.56 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HPCL Stock Outlook: 23% तक उछल सकता है सरकारी कंपनी का शेयर, मोतीलाल ओसवाल ने दी खरीद की सलाह

हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) के शेयर में आगे 23 प्रतिशत तक का उछाल देखने को मिल सकता है। ऐसी उम्मीद मोतीलाल ओसवाल के टारगेट प्राइस से मिली है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग दोहराई है। टारगेट प्राइस 470 रुपये प्रति शेयर रखा है। यह बीएसई पर शेयर के मौजूदा भाव 381.25 रुपये से 23 प्रतिशत ज्यादा है। कंपनी के तिमाही नतीजों के बाद स्टॉक पर ब्रोकरेज का व्यू सामने आया है।

सरकारी कंपनी HPCL को अप्रैल-जून 2026 तिमाही में 11,526.41 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है। एक साल पहले कंपनी को 4,575.87 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे माल की कीमतों में तेजी ​आई। लेकिन फिर भी HPCL ने पेट्रोल, डीजल और LPG को लागत से कम कीमत पर बेचा। इसकी वजह से कंपनी का पिछले वित्त वर्ष का दो-तिहाई से अधिक लाभ खत्म हो गया। कंपनी का मुनाफा पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में 17,258.13 करोड़ रुपये रहा था।

कंपनी को तिमाही के दौरान पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस LPG की बिक्री पर भारी नुकसान हुआ। इससे रिकॉर्ड रिफाइनिंग मार्जिन खत्म हो गया। कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 1.44 लाख करोड़ रुपये रहा, जो जून 2025 तिमाही में 1.19 लाख करोड़ रुपये था।

HPCL पर ब्रोकरेज के तर्क

मोतीलाल ओसवाल ने अपने रिसर्च नोट में कहा है कि HPCL ने मार्केटिंग मार्जिन उम्मीद से कम रहने के कारण ₹161.3 अरब का ऑपरेटिंग लॉस दर्ज किया। अनुमान ₹161.3 अरब के ऑपरेटिंग लॉस का था। ग्रॉस मार्केटिंग मार्जिन (इन्वेंट्री सहित) नेगेटिव ₹14.9/लीटर रहा, जबकि अनुमान नेगेटिव ₹9.4/लीटर का था। LPG अंडर-रिकवरी ₹56 अरब रही। ब्रोकरेज को अनुमान है कि HPCL वित्त वर्ष 2028 में इक्विटी पर 17.3 प्रतिशत का रिटर्न दर्ज करेगी।

HPCL का मार्केट कैप 81100 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर साल 2026 में अब तक 23 प्रतिशत नीचे आया है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक सरकार के पास 54.90 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

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जेफरीज और नोमुरा का रुख

HPCL के शेयर पर जेफरीज ने “अंडरपरफॉर्म” रेटिंग दी है। टारगेट प्राइस ₹325 प्रति शेयर रखा है। जून तिमाही में कंपनी का नुकसान ब्रोकरेज के अनुमान से कम था। ब्रोकरेज ने चेतावनी दी है कि HPCL पूरे वित्त वर्ष 2027 के लिए घाटा दर्ज कर सकती है। इसकी वजह है कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद स्पॉट मार्केटिंग मार्जिन फिर से घाटे में चले गए हैं।

नोमुरा ने HPCL के लिए “न्यूट्रल” रेटिंग और ₹440 प्रति शेयर का टारगेट प्राइस तय किया है। HPCL पर नजर रखने वाले 33 एनालिस्ट्स में से 15 ने “बाय” रेटिंग दी है। 7 ने “होल्ड” रेटिंग और 11 ने “सेल” रेटिंग दी है।

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Stocks to Watch : मंगलवार 21 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 15 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch : मंगलवार, 21 जुलाई का कारोबारी सत्र कई शेयरों के लिए अहम रहने वाला है। कुछ कंपनियों ने दमदार तिमाही नतीजे पेश किए हैं, जबकि कुछ ने बड़े कॉर्पोरेट ऐलान किए हैं। वहीं, कई कंपनियों पर डिविडेंड, मैनेजमेंट बदलाव, नए प्रोडक्ट और विस्तार योजनाओं का असर दिख सकता है। ऐसे में इन 15 शेयरों पर बाजार की खास नजर रहने की उम्मीद है।

Paytm

फिनटेक कंपनी Paytm ने जून तिमाही में दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 79% बढ़कर ₹220 करोड़ हो गया, जबकि मर्चेंट GMV 31% बढ़कर ₹7.1 लाख करोड़ पहुंच गया। वहीं, मार्च तिमाही के मुकाबले भी कंपनी का मुनाफा 20% बढ़ा है।

Rallis India

टाटा ग्रुप की एग्री-इनपुट कंपनी Rallis India का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 31.6% बढ़कर ₹125 करोड़ हो गया। कंपनी का रेवेन्यू 6.8% बढ़कर ₹1,022 करोड़ और EBITDA 23.3% बढ़कर ₹185 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA मार्जिन 15.7% से बढ़कर 18.1% हो गया, जिससे बेहतर परिचालन और मजबूत प्रोडक्ट मिक्स का फायदा दिखा।

Emcure Pharmaceuticals

फार्मा कंपनी Emcure Pharmaceuticals को बड़ी मंजूरी मिली है। कंपनी के को-मार्केटेड ब्रांड Poviztra को CDSCO ने हरी झंडी दे दी है। यह दवा MASH नाम की गंभीर लिवर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होगी। इसका उपयोग उन वयस्क मरीजों के लिए होगा, जिनमें लिवर फाइब्रोसिस F2-F3 स्टेज तक पहुंच चुका है।

Sobha

रियल एस्टेट कंपनी Sobha ने जून तिमाही में दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा ₹14 करोड़ से बढ़कर ₹51 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 50% बढ़कर ₹1,278.1 करोड़ पहुंच गया। EBITDA भी ₹23.7 करोड़ से बढ़कर ₹77.6 करोड़ हो गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 2.8% से बढ़कर 6.1% पर पहुंच गया।

Canara HSBC Life

लाइफ इंश्योरेंस कंपनी Canara HSBC Life Insurance का प्रदर्शन भी अच्छा रहा। जून तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 20.3% बढ़कर ₹28.1 करोड़ हो गया। नेट प्रीमियम भी 23.8% बढ़कर ₹2,047.5 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹1,653.4 करोड़ था।

SML Mahindra

कमर्शियल व्हीकल बनाने वाली कंपनी SML Mahindra का मुनाफा इस बार थोड़ा घटा है। जून तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 5.1% गिरकर ₹64 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 13.2% बढ़कर ₹957 करोड़ पहुंच गया। EBITDA 4.7% घटकर ₹100.1 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन भी 12.4% से घटकर 10.5% पर आ गया।

Sammaan Capital

हाउसिंग फाइनेंस कंपनी Sammaan Capital ने अपने कुछ बॉन्ड वापस खरीदने का फैसला किया है। कंपनी की सिक्योरिटीज इश्यूअंस एंड इन्वेस्टमेंट कमेटी ने कैश टेंडर ऑफर को मंजूरी दे दी है। इसके तहत कंपनी 2027 में मैच्योर होने वाले 35 करोड़ डॉलर के सोशल बॉन्ड्स में से 1.8 करोड़ डॉलर तक के बॉन्ड वापस खरीदेगी।

Technocraft Industries

इंजीनियरिंग और टेक्सटाइल कंपनी Technocraft Industries ने महाराष्ट्र के मुरबाड में स्थित अपनी फैब्रिक यूनिट का प्रोडक्शन 20 जुलाई से बंद कर दिया है। कंपनी का कहना है कि खराब बाजार और लगातार हो रहे नुकसान की वजह से यह फैसला लिया गया है। हालांकि, गारमेंट्स कारोबार और यार्न डिवीजन पहले की तरह चलते रहेंगे। साथ ही कंपनी की सहायक इकाई Technosoft Engineering Projects ने जापान की नई कंपनी Technosoft Integrated Solutions K.K. में 100% हिस्सेदारी खरीदी है। इससे कंपनी विदेशों में अपना कारोबार बढ़ाना चाहती है।

Unitech

रियल एस्टेट कंपनी Unitech ने कहा है कि उसके चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर युधवीर सिंह मलिक का कार्यकाल 20 जुलाई को खत्म हो गया है। उनकी नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने की थी। कंपनी का कहना है कि नए चेयरमैन और एमडी की नियुक्ति को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।

Bharat Gears

ऑटो कंपोनेंट कंपनी Bharat Gears ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रति शेयर ₹1 का फाइनल डिविडेंड प्रस्तावित किया है। इसके लिए 6 अगस्त 2026 रिकॉर्ड डेट तय की गई है। हालांकि, डिविडेंड पर अंतिम फैसला 13 अगस्त को होने वाली AGM में शेयरधारकों की मंजूरी के बाद होगा।

Suzlon Energy

रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Suzlon Energy 28 जुलाई को जून तिमाही के नतीजे जारी करेगी। नतीजों से पहले FII ने अपनी हिस्सेदारी 23.85% से बढ़ाकर 24.15% कर ली है। वहीं, म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी भी 4.87% से बढ़कर 6.47% हो गई है।

DP Abhushan

ज्वेलरी कंपनी DP Abhushan का जून तिमाही में मुनाफा 77% बढ़कर ₹64.45 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 58% बढ़कर ₹853.63 करोड़ और EBITDA 70% बढ़कर ₹93.99 करोड़ रहा। कंपनी जल्द गुजरात के दाहोद और मध्य प्रदेश के जबलपुर में नए शोरूम भी खोलेगी।

Atul

केमिकल कंपनी Atul Ltd. ने सीनियर मैनेजमेंट में बदलाव किया है। डॉ. प्रभाकर चेबिय्यम के रिटायर होने के बाद डॉ. धवल वाशी को फार्मास्यूटिकल्स कारोबार का सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बनाया गया है। वहीं, विनय देसाई को भी सीनियर मैनेजमेंट टीम में शामिल किया गया है।

BlueStone Jewellery

ज्वेलरी कंपनी BlueStone Jewellery का जून तिमाही में घाटा 80% घटकर ₹6.9 करोड़ रह गया। कंपनी की आय 50% बढ़कर ₹736.8 करोड़ और EBITDA 94% बढ़कर ₹107.7 करोड़ हो गया। EBITDA मार्जिन भी 11.3% से बढ़कर 14.6% पर पहुंच गया।

IndiGo

एविएशन कंपनी IndiGo ने CFM International के साथ बड़ा समझौता किया है। कंपनी 510 Airbus A320neo विमानों के लिए 1,000 से ज्यादा LEAP-1A इंजन खरीदेगी। यह सौदा एयरलाइन के भविष्य के विस्तार और बेड़े को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।

ये कंपनियां तिमाही नतीजे जारी करेंगी

शेयर बाजार में लिस्टेड कई बड़ी कंपनियां मंगलवार, 21 जुलाई को जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें Adani Energy Solutions, Adani Total Gas, Bajaj Auto, Bandhan Bank, Indian Hotels Company, JSW Infrastructure, Mahindra & Mahindra Financial Services, TVS Motor, IndiaMART InterMESH, Trident, Gabriel India, Hatsun Agro Product, Cyient DLM, E2E Networks, Sagility और TVS Holdings जैसी कंपनियां शामिल हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

हर शेयर पर ₹656 का बंपर डिविडेंड, 24 जुलाई से पहले बनना होगा शेयरहोल्डर; कीमत 2 सप्ताह में 8% मजबूत

फार्मा कंपनी एबॉट इंडिया लिमिटेड वित्त वर्ष 2025-26 के लिए हर शेयर पर 656 रुपये का डिविडेंड देने वाली है। इस अमाउंट में 131 रुपये का स्पेशल और 525 रुपये का फाइनल डिविडेंड शामिल है। रिकॉर्ड डेट 24 जुलाई है। इस तारीख से एक दिन पहले मार्केट क्लोजिंग तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुके होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे।

दोनों तरह के डिविडेंड की घोषणा मई महीने में हुई थी। प्रपोजल पर 13 अगस्त को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद डिविडेंड का पेमेंट 18 अगस्त को या उसके बाद किया जाएगा। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है।

एबॉट इंडिया ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 475 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था। इसका डिविडेंड देने का अच्छा इतिहास है। कंपनी साल 2003 से लगातार डिविडेंड दे रही है। 525 रुपये प्रति शेयर, एबॉट का अब तक का सबसे ज्यादा डिविडेंड अमाउंट है।

Abbott India का शेयर एक साल में 18 प्रतिशत कमजोर

कंपनी के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 28013.60 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 59500 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 2 सप्ताह में 8 प्रतिशत चढ़ा है। वहीं एक साल में करीब 18 प्रतिशत नीचे आया है। एबॉट इंडिया में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 74.99 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 35,280 रुपये और एडजस्टेड लो 25,164 रुपये है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

एबॉट इंडिया का जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 1,709.51 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 394.93 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। ​पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 6,929 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 1,552 करोड़ रुपये रहा। यह कंपनी Abbott Laboratories की ​सब्सिडियरी है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।