Monsoon & El Nino Impact: El Nino पर IMD ने जारी किया बिग अपडेट, क्या कमजोर पड़ेगा मानसून या जुलाई में तेज होगी बारिश?

El Nino Impact on Southwest Monsoon 2026: देश में अब आगे बढ़ रहे दक्षिण-पश्चिम मानसून के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अल नीनो (El Niño) और आने वाले दो हफ्तों की बारिश को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा अपडेट जारी किया है। जून के महीने में अब तक देश में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। इसके बाद हर किसी के मन में यही सवाल है कि क्या जुलाई में मानसून रफ्तार पकड़ेगा या अल नीनो का साया इसे कमजोर कर देगा?

आईएमडी की 25 जून को जारी लेटेस्ट प्रेस रिलीज के मुताबिक देश में मौसम का मिजाज अगले दो हफ्तों में पूरी तरह बदलने वाला है। आइए जानते हैं अल नीनो पर मौसम विभाग का क्या कहना है और जुलाई के पहले हफ्ते में आपके इलाके में कैसी बारिश होगी।

El Nino पर IMD का बड़ा अलर्ट: क्या बढ़ेगा खतरा?

मौसम विभाग ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि वर्तमान में भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थितियां बनी हुई हैं और इसके दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान और अधिक मजबूत होने की आशंका है। मानसून मिशन कपल्ड फोरकास्ट सिस्टम के मॉडल भी संकेत दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में अल नीनो की स्थिति और गहरा सकती है।

राहत की बात: हालांकि अल नीनो मजबूत हो रहा है लेकिन हिंद महासागर में फिलहाल न्यूट्रल इंडियन ओशन डिपोल की स्थिति बनी हुई है, जो पूरे मानसून सीजन में ऐसे ही रहने की उम्मीद है। इसके अलावा मैडेन-जूलियन ऑसिलेशन (MJO) फेज-5 में है, जो जुलाई के शुरुआती दिनों में बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्सों में मानसूनी गतिविधियों को बढ़ाने में मदद करेगा।

जून में बारिश का क्या रहा हाल?

आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक इस साल जून के महीने में मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी रही है। 1 जून से 24 जून 2026 तक पूरे भारत में कुल संचयी बारिश सामान्य से 42% कम दर्ज की गई है। बीते सप्ताह (18-24 जून) के दौरान भी देश भर में सामान्य से 47% कम बारिश हुई।

अगले दो हफ्तों का फोरकास्ट: क्या जुलाई में तेज होगी बारिश?

मौसम विभाग ने 25 जून से 8 जुलाई 2026 तक के लिए दो चरणों में अपना विस्तृत अनुमान जारी किया है।

पहला हफ्ता (25 जून से 01 जुलाई 2026): धीमी शुरुआत, गर्मी से थोड़ी राहत

मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही हैं। अगले कुछ दिनों में इसके गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के बचे हुए हिस्सों और उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। इस हफ्ते में मध्य भारत, उत्तर-पश्चिम के मैदानी इलाकों और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश होगी। बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25-28 जून के बीच लू से गंभीर लू की स्थिति रह सकती है। बिहार और झारखंड में भी 25-26 जून को हीटवेव का असर दिखेगा, जिसके बाद तापमान में गिरावट आएगी। ओवरऑल बात करें तो पहले हफ्ते में पूर्वोत्तर भारत और दक्षिणी प्रायद्वीप को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है।

दूसरा हफ्ता (02 जुलाई से 08 जुलाई 2026): मानसून पकड़ेगा तूफानी रफ्तार!

जुलाई का पहला हफ्ता बीतते-बीतते देश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा और अल नीनो के प्रभाव को पछाड़ते हुए भारी बारिश लेकर आएगा। इस हफ्ते में मानसून मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश के शेष हिस्सों सहित दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर के बचे हुए भागों में दस्तक दे देगा। कम ऊंचाई वाली सोमाली जेट हवाएं और मजबूत होंगी। इससे अरब सागर से भारी नमी आएगी। इसके प्रभाव से गुजरात के तटीय इलाकों, कोंकण व गोवा, तटीय कर्नाटक और केरल में कई दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और पश्चिम बंगाल में भी भीषण बारिश जारी रहेगी। आईएमडी के मुताबिक दूसरे हफ्ते (2-8 जुलाई) के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश सामान्य या सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है। इस दौरान देश के किसी भी हिस्से में हीटवेव की कोई संभावना नहीं है।

IMD की जरूरी सलाह: किसान और आम जनता रखें ध्यान

शहरी इलाकों के लिए चेतावनी: भारी बारिश के कारण मुंबई, कोंकण और तटीय शहरों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।

किसानों के लिए एग्रो-एडवाइजरी: पूर्वोत्तर राज्यों, असम, केरल और कर्नाटक के तटीय इलाकों के किसानों को सलाह दी गई है कि वे धान की नर्सरी, मक्का और सब्जियों के खेतों में जलभराव रोकने के लिए जल निकासी का पुख्ता इंतजाम करें। उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के किसान गर्मी को देखते हुए फसलों में हल्की सिंचाई करें और नमी बचाने के लिए मल्चिंग का उपयोग करें।

आंधी-तूफान से बचाव: वज्रपात और 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के दौरान कंक्रीट की दीवारों का सहारा न लें, पेड़ों के नीचे न छिपें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग कर दें।

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India Mausam Today: IMD ने इन 11 राज्यों में भारी बारिश, 18 में आंधी-तूफान का अलर्ट का अलर्ट दिया, दिल्ली-NCR से बिहार तक आंधी-तूफान

आज का मौसम (India Mausam Today): भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर एक बड़ा और व्यापक अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां बेहद अनुकूल हैं। इसके प्रभाव से देश के 11 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और करीब 18 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में तेज आंधी-तूफान व गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार से लेकर महाराष्ट्र तक के लोगों को विशेष रूप से सावधान रहने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं मौसम विभाग के अनुसार आज देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम का हाल कैसा रहेगा।

मानसून की ताजा स्थिति

मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल सूरत, इंदौर, मंडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के शेष भागों, झारखंड, बिहार के बचे हुए इलाकों और उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए स्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

इन 11 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने देश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अलग-अलग हिस्सों में बहुत भारी से बेहद भारी बारिश होने की संभावना है। बिहार, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग इलाकों में आज भारी बारिश का अलर्ट है।

बिहार, राजस्थान और एमपी में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तीव्र आंधी

बुलेटिन के मुताबिक कुछ राज्यों में सामान्य आंधी से ज्यादा खतरनाक तीव्र आंधी चलने की आशंका है:

बिहार, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले तीव्र आंधी-तूफान और गरज-चमक की चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही बिहार में बिजली गिरने की भी आशंका है।

दिल्ली-NCR समेत इन 18 राज्यों/इलाकों में आंधी और बिजली का अलर्ट

देश के करीब 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं, गरज-चमक और आसमानी बिजली गिरने का अलर्ट है।

उत्तर और मध्य भारत: दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, पश्चिमी राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ।

पूर्वी और दक्षिणी भारत: झारखंड, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह।

इसके अलावा छत्तीसगढ़, गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल, केरल, माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भी बिजली कड़कने का अलर्ट है। कर्नाटक में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

पूर्वी यूपी और झारखंड में लू की चेतावनी

एक तरफ जहां देश के बड़े हिस्से में बारिश की गतिविधियां शुरू हो रही हैं, वहीं कुछ इलाके अभी भी भीषण गर्मी की चपेट में रहेंगे। पूर्वी यूपी के अलग-अलग हिस्सों में गंभीर लू की स्थिति बनी रहेगी। उत्तर-पश्चिम भारत में 28 जून तक तापमान में 2-3°C की वृद्धि हो सकती है। इसके बाद (29 जून से) तापमान में 3-5°C की गिरावट आएगी। झारखंड के अलग-अलग पॉकेट्स में आज लू की स्थिति बनी रहेगी।

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कल का मौसम 26 जून: IMD ने बिहार संग इन 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, दिल्ली और इन इलाकों में आएगा 60kmph स्पीड वाली आंधी-तूफान

Weather update for June 26: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के अनुकूल माहौल के बीच 26 जून के लिए मौसम का लेटेस्ट बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक बिहार समेत देश के 11 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब सहित कई मैदानी इलाकों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज आंधी-तूफान और गरज-चमक की चेतावनी भी दी है।

आइए जानते हैं कि 26 जून को आपके राज्य में मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है और आईएमडी ने किन इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया है-

इन 11 से ज्यादा राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 26 जून को देश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है:-

बहुत भारी बारिश: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अलग-अलग हिस्सों में बेहद भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।

भारी बारिश वाले राज्य: बिहार, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तटीय कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली-NCR और इन राज्यों में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान

मौसम विभाग के मुताबिक 26 जून को देश के कई हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं का दौर देखा जाएगा। बिहार, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज आंधी-तूफान आने की आशंका है।

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी), हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। केरल, माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। तटीय और आंतरिक कर्नाटक के इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

यूपी और झारखंड में लू का प्रकोप

एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं, वहीं कुछ राज्यों में गर्मी का सितम अभी जारी रहेगा। पूर्वी यूपी के अलग-अलग इलाकों में 26 जून को भीषण लू की स्थिति बनी रहेगी। उत्तर-पश्चिम भारत में 28 जून तक तापमान में 2-3°C की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद ही राहत मिलने की उम्मीद है। झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में भी 26 जून को लू चलने की चेतावनी दी गई है।

मानसून की ताजा स्थिति

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल सूरत, इंदौर, मंडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के बचे हुए हिस्सों, झारखंड, बिहार तथा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

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Monsoon Watch: IMD ने बताया यूपी में एंट्री से अभी कितनी दूर है मानसून, अबतक 57% कम बारिश, क्या 28 जून से बदलेगी तस्वीर?

UP Monsoon Weather Forecast: उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों में भीषण गर्मी और उमस के बीच लोग टकटकी लगाए मानसून की पहली फुहारों का इंतजार कर रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ आंचलिक केंद्र की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून अभी प्रदेश की सीमा से कुछ दूरी पर है। मौसम विभाग ने राहत की उम्मीद जताते हुए कहा है कि अगले 3 से 4 दिनों में मानसून के यूपी में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। इस बीच प्रदेश में अब तक हुई बारिश के जो आंकड़े सामने आए हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं। आइए जानते हैं कि यूपी में मानसून अपनी सामान्य रफ्तार से कितना पीछे है, 28 जून से मौसम में क्या बड़े बदलाव होने वाले हैं और देश के बाकी राज्यों को लेकर आईएमडी ने क्या पूर्वानुमान जारी किए हैं।

यूपी में अब तक 57% कम बारिश, सामान्य तारीखों से पिछड़ा मानसून

लखनऊ मौसम केंद्र के ताजातरीन आंकड़ों के मुताबिक बारिश का ग्राफ अभी नीचे ही नजर आ रहा है। प्रदेश में अबतक दीर्घकालीन औसत से करीब 57 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की किल्लत सबसे ज्यादा है, जहां सामान्य से लगभग 69 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में यह कमी करीब 33 फीसदी दर्ज की गई है।

यूपी में मानसून की एंट्री की सामान्य तारीखें क्या हैं?

सामान्य परिस्थितियों में मानसून 23 जून तक लखनऊ, प्रयागराज और कानपुर पहुंच जाता है। इसके बाद आगरा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में इसके पहुंचने की सामान्य तारीख 27 जून होती है। लेकिन इस बार इन इलाकों को अभी और इंतजार करना होगा। मौसम विभाग और विशेषज्ञों का मानना है कि 28 जून के बाद मौसम के पैटर्न में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। उत्तर भारत में इस समय सक्रिय मौसम प्रणालियां मानसून को आगे धकेलने में मदद कर सकती हैं। यदि मौजूदा सिस्टम इसी तरह सक्रिय रहा तो जून के अंतिम दिनों में मानसून उत्तर प्रदेश में तेजी से आगे बढ़ सकता है और जुलाई की शुरुआत झमाझम बारिश के साथ हो सकती है।

पूर्वी यूपी में लू की चेतावनी

बारिश के इंतजार के बीच फिलहाल प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में गर्मी और उमस का प्रकोप बरकरार है। आईएमडी के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 3-4 दिनों (25 से 28 जून) तक हीट वेव चलने की संभावना है। इसमें भी 25 से 27 जून के दौरान कुछ पॉकेट्स में तीव्र लू की स्थिति बनी रहेगी। बिहार में 25 जून को और झारखंड में 25-26 जून को लू जैसी स्थितियां देखने को मिलेंगी। उत्तर-पश्चिम भारत में 28 जून तक अधिकतम तापमान 2-3°C बढ़ सकता है, लेकिन उसके बाद इसमें 3-5°C की बड़ी गिरावट आएगी।

आईएमडी का देशव्यापी वेदर अलर्ट: जानिए अन्य राज्यों का हाल

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3-4 दिनों में मानसून के उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों के अलावा गुजरात, मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बाकी बचे हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल माहौल है। इसके प्रभाव से देश के अलग-अलग क्षेत्रों में 1 जुलाई 2026 तक ऐसा रहेगा मौसम का पूर्वानुमान:

उत्तर-पश्चिम भारत

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में 25-26 जून और 29 जून-1 जुलाई के बीच, जबकि पूर्वी यूपी में 25-29 जून के दौरान छिटपुट से लेकर हल्की बारिश होगी। हालांकि, 30 जून और 1 जुलाई को पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक रूप से भारी बारिश का अनुमान है। 29 जून से 1 जुलाई के बीच यूपी के दोनों हिस्सों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और आंधी चलने की संभावना है।

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान: इन राज्यों में 25 जून से 1 जुलाई के बीच छिटपुट बारिश का दौर जारी रहेगा। दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 25-27 जून और 29 जून-1 जुलाई के दौरान आंधी-तूफान और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। पूर्वी राजस्थान में 25-26 जून को और पश्चिमी राजस्थान में 25 जून को 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से तीव्र आंधी और धूल भरी आंधी चलने की चेतावनी है।

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: उत्तराखंड में 29 जून से 1 जुलाई और हिमाचल प्रदेश में 30 जून से 1 जुलाई के बीच व्यापक स्तर पर भारी बारिश होने की संभावना है।

मध्य और पूर्वी भारत

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: मध्य प्रदेश के दोनों हिस्सों में 25 जून को भारी बारिश और 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्कॉल का अलर्ट है। छत्तीसगढ़ में 27 जून से 1 जुलाई के बीच मानसून रफ्तार पकड़ेगा और 27-28 जून को भारी बारिश हो सकती है।

बिहार, झारखंड और ओडिशा: इन राज्यों में 28 जून से 1 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी। बिहार में 25-26 जून और 28 जून को तेज आंधी और 26 से 30 जून के बीच भारी बारिश का अनुमान है।

पश्चिम बंगाल और सिक्किम: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में इस हफ्ते भारी से बहुत भारी वर्षा होगी। विशेष रूप से 27 से 29 जून के बीच इसके उत्तरी हिस्सों में अत्यधिक भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत

असम, मेघालय और अरुणाचल: अरुणाचल प्रदेश में 27 से 29 जून के बीच बहुत भारी बारिश होगी। वहीं, 28 जून 2026 को असम और मेघालय में अलग-अलग स्थानों पर बेहद भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।

कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र: कोंकण और गोवा में 25 जून को बहुत भारी बारिश और 26 जून से 1 जुलाई तक लगातार भारी बारिश जारी रहेगी। मध्य महाराष्ट्र में 25 जून को बहुत भारी और 26-29 जून तक भारी बारिश का अलर्ट है। मराठवाड़ा में 25 जून को तेज आंधी के साथ भारी बारिश हो सकती है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत

कर्नाटक और केरल: तटीय कर्नाटक में 25-28 जून को भारी बारिश और 29 जून से 1 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश होगी। केरल और माहे में 29 जून को बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में भी 25 जून से 30 जून के बीच अलग-अलग दिनों में भारी बारिश की संभावना है।

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Monsoon Breaking: 25-30 जून के बीच दिल्ली-NCR में आ जाता है मानसून, इस बार कब आएगा IMD ने दी ये जानकारी, जानिए अभी कहां पहुंचा

Delhi-NCR Monsoon Update: दिल्ली-एनसीआर के लोगों को इन दिनों उमस और भीषण गर्मी के बीच मानसून की बारिश का बेसब्री से इंतजार है। आमतौर पर 25 से 30 जून के बीच दिल्ली में दस्तक देने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार थोड़ा सुस्त पड़ता नजर आ रहा है। मानसून के आने में हो रही देरी के बीच दिल्ली के कई इलाकों में तेज हवाओं, आंधी और हल्की बारिश का दौर शुरू हो चुका है। इससे तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली में धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना को देखते हुए अलर्ट भी जारी किया है। आइए जानते हैं कि मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार मानसून इस समय देश में कहां पहुंचा है, दिल्ली में यह कब तक दस्तक देगा और अगले तीन दिनों तक राजधानी के मौसम का क्या हाल रहने वाला है।

दिल्ली में कब आएगा मानसून? मौसम वैज्ञानिकों ने बताई देरी की वजह

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले पांच सालों (2021 को छोड़कर) में मानसून आमतौर पर 25 से 30 जून के बीच दिल्ली पहुंच जाता है। साल 2020 में मानसून 25 जून को दिल्ली आया था। 2021 में यह काफी देरी से 13 जुलाई को पहुंचा। इसके बाद 2022 में 30 जून, 2023 में 25 जून, 2024 में 28 जून और पिछले साल यानी 2025 में मानसून ने 29 जून को दिल्ली में दस्तक दी थी।

इस बार मानसून की दिल्ली एंट्री में होगी देरी!

आईएमडी के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए बताया कि दिल्ली में मानसून के पहुंचने की सामान्य तारीख 28 जून के आसपास होती है, लेकिन इस साल इसमें देरी होगी। यह कब तक पहुंचेगा, इसकी अभी सटीक तारीख नहीं बताई जा सकती। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक सामान्यतः 18-19 जून के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनता है। यह सिस्टम अरब सागर से नमी वाली हवाओं को भारतीय मुख्य भूमि की तरफ खींचने में मदद करता है। यह सिस्टम ओडिशा, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश से होते हुए उत्तर-पश्चिम भारत (दिल्ली समेत) की तरफ बढ़ता है। इससे एक अनुकूल एंटी-क्लॉकवाइज साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनता है और मानसून आगे बढ़ता है।

जुलाई के पहले हफ्ते की उम्मीद

स्काईमेट वेदर के वाइस प्रेसिडेंट महेश पालावत के मुताबिक इस बार बंगाल की खाड़ी में वह जरूरी मौसमी सिस्टम नहीं बना जो बारिश वाली हवाओं को आगे धकेलता है। अब 25-26 जून के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक अनुकूल सिस्टम बनने की उम्मीद है। इसके बाद मानसून 27 जून की सामान्य तारीख के बजाय जुलाई के पहले सप्ताह में दिल्ली पहुंच सकता है।

अभी कहां तक पहुंचा मानसून?

मौसम विभाग के लेटेस्ट अपडेट के मुताबिक 25 जून दोपहर तक मानसून की उत्तरी सीमासूरत, इंदौर, मंडला, डालटनगंज, मोतिहारी से होकर गुजर रही है। आगामी 3 से 4 दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के शेष भागों, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

दिल्ली-एनसीआर का अगला 4 दिनों का वेदर फॉरकास्ट

दिल्ली में पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 1°C और न्यूनतम तापमान में 1-3°C की गिरावट देखी गई है। सफदरजंग में अधिकतम तापमान 39.3°C (सामान्य से 0.7 डिग्री अधिक) रहा। उमस के कारण हीट इंडेक्स यानी महसूस होने वाला तापमान 45.8°C तक पहुंच गया था। न्यूनतम तापमान 22 से 25°C के बीच दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी नीचे है। आइए आपको दिल्ली एनसीआर का 28 जून तक वेदर फोरकास्ट बताते हैं-

25 जून: आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम के समय गरज-चमक, बिजली कड़कने और धूल भरी आंधी के साथ बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो झोंकों में 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। अधिकतम तापमान 39°C से 41°C के बीच रहेगा, जो सामान्य से 1.6°C से 3°C अधिक है।

26 जून: आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ दोपहर/शाम को बिजली कड़कने और तेज आंधी के साथ हल्की बारिश का एक दौर आ सकता है। हवा की रफ्तार 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) रहने का अनुमान है। तापमान 25°C (न्यूनतम) से 41°C (अधिकतम) के बीच रहेगा।

27 जून: मौसम का मिजाज वैसा ही रहेगा। आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ दोपहर या शाम को गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। अधिकतम तापमान 41°C तक जा सकता है।

28 जून: आसमान में आंशिक रूप से बादल तो रहेंगे लेकिन बारिश की संभावना कम है। दिन के दौरान 20-30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलेंगी, जो कभी-कभी 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान 39°C से 41°C और न्यूनतम तापमान 26°C से 28°C के बीच रहने का अनुमान है।

देश के बाकी हिस्सों का हाल: कहीं भारी बारिश तो कहीं हीट वेव

बेहद भारी बारिश का अलर्ट: अगले एक हफ्ते के दौरान पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश (7-20 सेमी) होने की संभावना है। इसके साथ ही 27 से 29 जून के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में तथा 28 जून को असम और मेघालय में अलग-अलग जगहों पर बेहद भारी बारिश होने का अनुमान है।

यहां चलेगी लू : जहां देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है, वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 3-4 दिनों तक और बिहार व झारखंड में अगले 2 दिनों तक लू की स्थिति बनी रहने की आशंका जताई गई है।

बीते 24 घंटे का हाल

पिछले 24 घंटों में उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, मध्य महाराष्ट्र और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज की गई। गोवा, असम, त्रिपुरा, तटीय व दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में भारी बारिश (7-11 सेमी) हुई, जबकि हिमाचल प्रदेश में कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी दर्ज की गई।

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पश्चिम बंगाल में अब अंडों को लेकर बवाल, मिड डे मील से इसके हटने की सुगबुगाहट और इस्कॉन से जोड़ा जा रहा पूरा विवाद क्या है? समझिए

पश्चिम बंगाल मिड-डे मील विवाद (West Bengal Mid-Day Meal Controversy): पश्चिम बंगाल में स्कूलों के मिड-डे मील (स्कूली भोजन) के मेनू से अंडों को हटाए जाने की सुगबुगाहट को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस पूरे मामले को धार्मिक संस्था इस्कॉन (ISKCON) और राज्य की नई भाजपा सरकार से जोड़कर देखा जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया है कि राज्य में शाकाहार थोपने की कोशिश की जा रही है और इससे बच्चों के पोषण पर असर पड़ेगा। आइए समझते हैं कि आखिर यह पूरा विवाद क्या है और इस पर अलग-अलग पक्षों का क्या कहना है।

विवाद की शुरुआत: बजट में इस्कॉन को शामिल करने का प्रस्ताव

इस पूरे विवाद की जड़ पश्चिम बंगाल सरकार के नए बजट से जुड़ी है। सोमवार को राज्य का पहला बजट पेश करते हुए पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने घोषणा की थी कि मिड-डे मील योजना के तहत भोजन तैयार करने और उसके वितरण में इस्कॉन की सहायता लेने की उम्मीद है। इसके बाद ऐसी खबरें और सोशल मीडिया पर दावे सामने आने लगे कि कोलकाता नगर निगम क्षेत्र के तहत आने वाले स्कूलों में जहां राज्य सरकार पके हुए भोजन की जिम्मेदारी इस्कॉन को सौंपने पर विचार कर रही है, वहां के मेनू से अंडों को पूरी तरह हटा दिया जाएगा। चर्चा यह भी चली कि इस्कॉन के नए मेनू में अंडों की जगह पौधों से मिलने वाले प्रोटीन जैसे कि पनीर और सोयाबीन को शामिल किया जा सकता है।

टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने जताई चिंता, सरकार से पुनर्विचार की मांग की

तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष ने सरकार के इन संकेतों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि वर्तमान में अंडे मिड-डे मील योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और बच्चों के पोषण में इनका बड़ा योगदान है। उन्होंने राज्य सरकार से ऐसे किसी भी कदम पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है जिससे अंडे मेनू से बाहर हो जाएं।

कुणाल घोष ने कहा कि, ‘इस्कॉन एक बेहद सम्मानित धार्मिक संस्था है, लेकिन समस्या यह है कि बच्चों को खाना खिलाना एक बड़ी चुनौती है। अंडा एक ऐसी चीज है जिसे बच्चे बहुत पसंद करते हैं। यह न केवल उनके पोषण और स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, बल्कि बच्चों को काफी आकर्षित भी करता है। चूंकि इस्कॉन एक धार्मिक संगठन है, इसलिए यदि वे मिड-डे मील तैयार करेंगे तो उन्हें भोजन को पूरी तरह से शाकाहारी रखना होगा। ऐसे में बच्चों का मेनू नॉन-वेजिटेरियन से वेजिटेरियन हो जाएगा और अंडे पूरी तरह से खत्म हो जाएंगे। इसलिए हम सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध करते हैं।’

डेरेक ओ’ब्रायन का भाजपा सरकार पर तीखा हमला, ‘बंगाल में शाकाहार थोपने की कोशिश’

तृणमूल कांग्रेस के संयुक्त सचिव और राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने भी इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल की नई भाजपा सरकार बच्चों को पोषण से वंचित कर रही है और राज्य में जबरन शाकाहार थोपने की कोशिश कर रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में ओ’ब्रायन ने इस विवाद को चुनाव प्रचार के दौरान खान-पान की आदतों पर हुई राजनीतिक बहस से जोड़ते हुए लिखा कि चुनाव अभियान के दौरान ‘मछली खाने’ के तमाशे के बाद, आखिरकार गुजरात जिमखाना का असली रूप सामने आ गया है। बंगाल में नई भाजपा सरकार काम पर लग गई है। विरोधियों पर अंडे फेंको, लेकिन मिड-डे मील से अंडे हटाकर बच्चों को पोषण से वंचित कर दो। शाकाहार थोपा जा रहा है। बंगाल इसे खारिज करता है।’

अफवाहों पर इस्कॉन का स्पष्टीकरण- अभी कोई मेनू फाइनल नहीं हुआ

विवाद और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों के बीच इस्कॉन कोलकाता के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने वायरल हो रहे कथित मेनू को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि अभी भोजन सूची को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। राधारमण दास ने X पर पोस्ट में कहा कि, ‘मेरे संज्ञान में आया है कि कुछ लोग कोलकाता में मिड-डे मील के लिए एक प्रस्तावित मेनू साझा कर रहे हैं। हालांकि, मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि ऐसा कोई भी मेनू अभी फाइनल नहीं किया गया है और न ही यह सूची हमारी ओर से जारी की गई है। एक बार मेनू फाइनल हो जाने के बाद, हम इसकी आधिकारिक घोषणा करेंगे। कृपया इस तरह की गलत जानकारी साझा करने से बचें।’

क्या हैं मिड-डे मील (PM POSHAN) के नियम?

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, ‘पीएम पोषण’ (प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण) योजना के तहत सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में बालवाटिका और कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को गर्म पका हुआ भोजन दिया जाता है। इस योजना के नियम कुछ इस तरह हैं-

स्थानीय मेनू की छूट: केंद्र सरकार के नियमों के तहत, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह छूट दी गई है कि वे निर्धारित पोषण मानकों का पालन करते हुए स्थानीय परिस्थितियों और प्राथमिकताओं के अनुरूप अपना मेनू खुद तय कर सकते हैं।

गुणवत्ता और स्वच्छता गाइडलाइंस: केंद्र सरकार ने भोजन की गुणवत्ता, सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसमें प्रमाणित सामग्री का उपयोग, रसोइयों का प्रशिक्षण और बच्चों को परोसे जाने से पहले स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों व शिक्षकों द्वारा भोजन को अनिवार्य रूप से चखना शामिल है।

मुख्य जिम्मेदारी: इस योजना को जमीनी स्तर पर लागू करने और बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन की होती है।

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कल का मौसम 25 जून: IMD ने इन 11 राज्यों में भारी बारिश, 18 में आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, दिल्ली से बिहार-बंगाल तक दिखेगा रौद्र रूप

IMD Weather Update for 25 June 2026: देश के मौसम में इस समय बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ते हुए पूर्वोत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, महाराष्ट्र के शेष इलाकों के साथ छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ और हिस्सों में प्रवेश कर चुका है। मानसून की इस सक्रियता और अलग-अलग राज्यों में बने चक्रवाती परिसंचरण की वजह से भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 25 जून को देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का बड़ा अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन और ऑल इंडिया वेदर मैप के मुताबिक 25 जून को देश के 11 राज्यों में भारी बारिश होने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर बिहार और बंगाल तक करीब 18 से अधिक राज्यों या उप-मंडलों में तेज आंधी, बिजली चमकने और थंडरस्कॉल का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं 25 जून को आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज-

इन 11 राज्यों में होगी भारी बारिश

मौसम विभाग ने 25 जून को देश के कई हिस्सों, विशेष रूप से तटीय और पूर्वोत्तर इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की प्रबल संभावना जताई है। यहां नीचे उन राज्यों, इलाकों के नाम दिए गए हैं जहां भारी बारिश देखने को मिलेगी:-

अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय (पूर्वोत्तर भारत)

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

झारखंड (पूर्वी भारत)

ओडिशा

कोंकण और गोवा (पश्चिमी तट)

महाराष्ट्र (मध्य महाराष्ट्र और मारथवाड़ा के कुछ हिस्सों सहित)

तटीय कर्नाटक (दक्षिण भारत)

तेलंगाना

बिहार से राजस्थान तक थंडरस्कॉल का अलर्ट: 50-60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 25 जून को कुछ राज्यों में मौसम बहुत उग्र हो सकता है। यहां 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (जो 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है) के साथ थंडरस्कॉल और बिजली चमकने की आशंका है:-

बिहार

झारखंड

पश्चिमी राजस्थान (यहां अलग-अलग जगहों पर धूल भरी आंधी चलने की भी आशंका है)

पश्चिम मध्य प्रदेश

मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा

दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और यूपी का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में 25 जून को आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की स्थिति बनी रहेगी:-

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़: इन क्षेत्रों में 25 जून को 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और बिजली के साथ आंधी-तूफान आने की आशंका है।

पंजाब, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: इन पहाड़ी और मैदानी राज्यों में भी कल 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।

पूर्वी राजस्थान: यहां भी बिजली चमकने के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चलने की चेतावनी है।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 जून को छिटपुट स्थानों पर बारिश की संभावना बनी रहेगी।

मध्य, पूर्वी और दक्षिण भारत में आंधी-बिजली का कहर

मध्य भारत: पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में कल 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार की तेज हवाओं और बिजली कड़कने के साथ आंधी-तूफान की आशंका है। छत्तीसगढ़ में भी अलग-अलग स्थानों पर आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। मौसम विभाग ने 24 और 25 जून को मध्य भारत में गंभीर रूप से बिजली चमकने की चेतावनी दी है।

पूर्वी भारत: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा गांगेय पश्चिम बंगाल के इलाकों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ तूफान और बिजली चमकने का अनुमान है।

दक्षिण भारत: तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 25 जून को आंधी-तूफान के साथ बिजली चमकने और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। केरल, माहे और लक्षद्वीप में भी आकाशीय बिजली के साथ आंधी का अलर्ट है। इसके अलावा पूरे कर्नाटक में तेज सतही हवाएं लने का अनुमान है।

मानसून के बीच इन 3 राज्यों में हीट वेव का प्रकोप

एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में मानसून आगे बढ़ रहा है, वहीं कुछ मैदानी और पूर्वी हिस्सों में अभी भी तीखी गर्मी और लू का संकट बना हुआ है। आईएमडी के मुताबिक 25 जून को नीचे दिए गए राज्यों के अलग-अलग पॉकेट्स में लू की स्थिति देखने को मिल सकती है-

पूर्वी उत्तर प्रदेश

बिहार

उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश

तापमान की बात करें तो उत्तर-पश्चिम भारत में 25 जून तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन 26 से 28 जून के बीच तापमान 2-3°C बढ़ सकता है। मध्य भारत में 28 जून तक तापमान में 2-3°C की गिरावट दर्ज की जा सकती है।

Weather Update : मानसून ने पकड़ी रफ्तार, मुंबई में भारी बारिश, कई राज्यों में अलर्ट, जानें देशभर का मौसम

Meteorological Department has issued warning for heavy rain and strong winds in several states

Weather Update News : देशभर में मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। मुंबई, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और कर्नाटक समेत कई इलाकों में बारिश का असर दिखने लगा है। मौसम विभाग ने आज उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार समेत 19 राज्यों में भारी बारिश-आंधी की चेतावनी जारी कर दी है। पूरे महाराष्ट्र में दक्षिण-पश्चिम मानसून पहुंच चुका है। मुंबई में मानसून के पहुंचने के साथ ही भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है रातभर हुई तेज बारिश के कारण मुंबई शहर के कई इलाकों में पानी भर गया है। सड़कें लबालब हैं, कई जगह जलजमाव है। अंधेरी इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां भारी बारिश के कारण अंधेरी सबवे (अंडरपास) पूरी तरह पानी से भर गया है।

 

19 राज्यों में भारी बारिश-आंधी की चेतावनी

देशभर में मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। मुंबई, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और कर्नाटक समेत कई इलाकों में बारिश का असर दिखने लगा है। मौसम विभाग ने आज उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार समेत 19 राज्यों में भारी बारिश-आंधी की चेतावनी जारी कर दी है। पूरे महाराष्ट्र में दक्षिण-पश्चिम मानसून पहुंच चुका है।

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मुंबई समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट

मुंबई में मानसून के पहुंचने के साथ ही भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है रातभर हुई तेज बारिश के कारण मुंबई शहर के कई इलाकों में पानी भर गया है। सड़कें लबालब हैं, कई जगह जलजमाव है। अंधेरी इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां भारी बारिश के कारण अंधेरी सबवे (अंडरपास) पूरी तरह पानी से भर गया है। मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

यहां एक ही दिन में 171 मिलीमीटर बारिश

महाराष्ट्र का 'चेरापूंजी' कहे जाने वाले सतारा के पाथरपुंज में एक ही दिन में 171 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सबसे अधिक है। इस भारी बारिश के बाद पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र “Ozarde Waterfall” भी अपनी पूरी रौनक के साथ बहने लगा है। दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर-पूर्वी अरब सागर, गुजरात और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों और छत्तीसगढ़ व झारखंड के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ गया है।

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आगे बढ़ रहा दक्षिण-पश्चिम मानसून

अगले 2-3 दिनों के दौरान उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बाकी हिस्सों और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के और आगे बढ़ने के लिए स्थितियां अनुकूल हैं। इसके बाद 2-3 दिनों में गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी इसके आगे बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, कोंकण-गोवा, असम, मेघालय और सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।

 

कैसा है मध्य प्रदेश का मौसम?

बिहार, ओडिशा, तेलंगाना, मराठवाड़ा और आंध्र प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में भी भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश के सोलन, कांगड़ा, मंडी, चंबा, किन्नौर, कुल्लू, हमीरपुर और बिलासपुर में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी है। मध्य प्रदेश के भोपाल, धार, विदिशा, कटनी, होशंगाबाद, मुरैना, श्योपुर, उज्जैन, मंदसौर, अशोक नगर, होशंगाबाद, आगर-मालवा और विदिशा में बारिश और तूफान का यलो अलर्ट है। दिल्ली में आज भारी बारिश और तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। 

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भारी बारिश और तूफान की चेतावनी 

झारखंड के रांची, पश्चिम सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, धनबाद, देवघर, गिरिडीह, दुमका, जमशेदपुर, बोकारो, दुमका, पलामू और सरायकेला में आज भारी बारिश और तूफान की चेतावनी जारी की गई है। राजस्थान के जयपुर, सवाई माधोपुर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, बीकानेर, अजमेर, सीकर, पाली और उदयपुर में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश, आंधी और तूफान की चेतावनी जारी की गई है। तमिलनाडु में अगले 2 दिनों के दौरान कई हिस्सों में बारिश होने का अनुमान है।
Edited By : Chetan Gour

कल का मौसम 24 जून: IMD ने इन 9 राज्यों में भारी बारिश और बिहार समेत 16 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, चेक करें India Weather

India Weather Update 24 June: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 जून के लिए देशव्यापी मौसम का ताजा बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने तटीय कर्नाटक और कोंकण-गोवा समेत देश के 9 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट दिया है। इसके साथ ही बिहार समेत देश के 16 राज्यों में तेज आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और झोंकेदार हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। आईएमडी द्वारा जारी किए गए आधिकारिक वेदर मैप में भी देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी को दर्शाया गया है। आइए जानते हैं कल कैसा रहेगा आपके राज्य का मौसम-

इन 9 राज्यों में होगी भारी से बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग ने कल 24 जून को देश के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है-

भारी से बहुत भारी बारिश:

तटीय कर्नाटक

कोंकण और गोवा

(इन दोनों क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में अत्यधिक तेज बौछारें पड़ने की संभावना है।)

भारी बारिश: असम और मेघालय, आंतरिक कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, तेलंगाना, गुजरात और कोंकण से सटे हिस्सों में भी भारी बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।

बिहार समेत इन 16 राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली का अलर्ट

24 जून को देश के बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ आंधी और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। आईएमडी ने हवा की रफ्तार के आधार पर अलर्ट को दो श्रेणियों में बांटा है-

40-50 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाएं और आंधी

इन राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर बिजली कड़कने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है:

  • बिहार
  • हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली
  • पंजाब
  • उत्तराखंड
  • जम्मू-कश्मीर-लद्दाख
  • मध्य प्रदेश
  • झारखंड
  • ओडिशा
  • महाराष्ट्र
  • कोंकण और गोवा
  • आंध्र प्रदेश
  • केरल और माहे
  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
  • लक्षद्वीप

30-40 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाएं

राजस्थान, गांगेय पश्चिम बंगाल के अलावा दक्षिण भारत के कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में भी 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली कड़कने का अलर्ट है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़, और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के अलग-अलग हिस्सों में कल तेज आंधी के बिना सिर्फ लाइटनिंग की संभावना जताई गई है।

बिहार, विदर्भ और पूर्वी यूपी में अभी भी लू का प्रकोप

भले ही मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन देश के कुछ हिस्से अभी भी भीषण गर्मी की चपेट में रहेंगे। 24 जून को बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ (महाराष्ट्र) के कुछ इलाकों में लू की स्थिति बनी रहेगी। झारखंड के कुछ हिस्सों में कल रात का मौसम काफी गर्म और असहज रहने वाला है।

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समुद्र में मौसम खराब: मछुआरों को न जाने की सलाह

आईएमडी ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों जगह तेज हवाएं चलने के कारण मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है। सोमालिया और ओमान तट के पास 45-55 किमी/घंटे से लेकर 65 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं, कोंकण-गोवा और कर्नाटक तट से सटे समुद्र में 40-50 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। मछुआरों को 23 से 28 जून के दौरान इन इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है। मन्नार की खाड़ी, ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल के तटों पर 40-50 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी मौसम रहने का अनुमान है। यहां भी मछुआरों को समुद्र से दूर रहने को कहा गया है।

मानसून का अगला पड़ाव: यूपी-गुजरात की तरफ कदम

आईएमडी के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल दहानू, वर्धा, रायपुर, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले 2-3 दिनों के भीतर मानसून गुजरात, उत्तरी अरब सागर, महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ के बचे हिस्सों और मध्य प्रदेश में आगे बढ़ जाएगा। इसके ठीक बाद के 3-4 दिनों में मानसून उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों और बिहार-झारखंड के बाकी इलाकों में अपनी दस्तक दे देगा।

बागी गुट ने TMC चेयरपर्सन पद से हटाया पर उससे पहले ही ममता बनर्जी चल चुकी थीं अपनी चाल! इनसाइड स्टोरी अब सामने आई

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में मिली करारी शिकस्त के बाद अब ममता बनर्जी अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को गंवाने के खतरे से जूझ रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी फाउंडर ममता बनर्जी के लिए स्थितियां और विकट तब हो गईं जब पार्टी के बागी खेमे ने उन्हें चेयरपर्सन के पद से ही हटा दिया। एक बारगी ऐसा लगा कि क्या अब टीएमसी ममता बनर्जी के हाथों से पूरी तरह फिसल गई। पर अब एक नई जानकारी सामने आ रही है।

ममता बनर्जी के खेमे ने एक बड़ा खुलासा किया है। कोलकाता में बागी गुट द्वारा एक बैठक में पार्टी संस्थापक और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चेयरपर्सन पद से हटाए जाने के ठीक एक दिन बाद ममता बनर्जी की ओर से एक बड़ा जवाबी दांव चला गया है।

सामने आई इनसाइड स्टोरी के मुताबिक बागी गुट द्वारा उन्हें पद से हटाए जाने से पहले ही ममता बनर्जी अपनी चाल चल चुकी थीं। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की एक नई पुनर्गठित राष्ट्रीय कार्यसमिति की सूची तैयार कर भारतीय चुनाव आयोग को सौंप दी थी। इसमें खुद ममता बनर्जी को ही ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस का चेयरपर्सन बताया गया है।

बागी गुट के कदम से पहले ही ममता ने सुरक्षित किया दावा

न्यूज एजेंसी पीटीआई और दूसरी रिपोर्टों के मुताबिक जब बागी नेता पार्टी के भीतर संगठनात्मक तख्तापलट की तैयारी कर रहे थे ठीक उसी समय ममता बनर्जी ने 1998 में अपने द्वारा स्थापित की गई पार्टी के तंत्र पर अपना नियंत्रण सुरक्षित करने के लिए कदम उठा दिया था। ममता बनर्जी के करीबी नेताओं ने बताया कि शनिवार को ही पार्टी के नए नेतृत्व ढांचे और 24 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यसमिति को अंतिम रूप दे दिया गया था।

सोमवार दोपहर को ही इस सूची को चुनाव आयोग के पास जमा कर दिया गया था। यह सब तब हुआ जब कोलकाता में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले असंतुष्ट खेमे ने अपना विशेष सत्र भी आयोजित नहीं किया था।

ममता खेमे के एक वरिष्ठ नेता ने पीटीआई को बताया कि जब बागी खेमा अपनी राष्ट्रीय कार्यसमिति बनाने की तैयारियां कर रहा था, तब ममता बनर्जी ने पहले ही पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को अंतिम रूप दे दिया था और टीएमसी की चेयरपर्सन के रूप में यह सूची चुनाव आयोग को भेज दी थी।

ममता बनर्जी द्वारा चुनाव आयोग भेजी गई लिस्ट में कौन-कौन?

चुनाव आयोग को सौंपे गए आधिकारिक दस्तावेज पर खुद ममता बनर्जी के हस्ताक्षर हैं। इस नई सूची में निम्नलिखित नेताओं को प्रमुख पदाधिकारी बनाया गया है-

चेयरपर्सन: ममता बनर्जी

उपाध्यक्ष: सुब्रत बख्शी

राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा नेता: अभिषेक बनर्जी

संयुक्त सचिव और राज्यसभा नेता: डेरेक ओ’ब्रायन

संयुक्त सचिव: डोला सेन

कोषाध्यक्ष: सुभाशीष चक्रवर्ती

ममता के करीबी नेताओं ने बताया कि चुनाव आयोग को भेजी गई इस नई कमेटी का ढांचा पुराने संगठनात्मक प्रबंधों से बिल्कुल अलग है। इस लिस्ट से असंतुष्ट और बागी खेमे से जुड़े कई नेताओं की छुट्टी कर दी गई है। यहां तक कि इस महीने की शुरुआत में गठित राष्ट्रीय कार्यसमिति का हिस्सा रहे अरूप बिस्वास को भी इस संशोधित सूची से बाहर कर दिया गया है।

दूसरी तरफ बागी गुट ने अरूप रॉय को चुना नया चेयरपर्सन

दूसरी ओर ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने सोमवार को कोलकाता में हुए विशेष सत्र के बाद पार्टी में संगठनात्मक विभाजन को और गहरा कर दिया। बागी खेमे ने घोषणा की कि उन्होंने ममता बनर्जी को चेयरपर्सन पद से हटा दिया है और उनकी जगह वरिष्ठ विधायक अरूप रॉय को नया चेयरपर्सन चुना है। इसके साथ ही उन्होंने अपनी 30 सदस्यीय नई राष्ट्रीय कार्यसमिति का गठन किया और नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की। बागी खेमे का दावा है कि यह विशेष सत्र तृणमूल कांग्रेस के संविधान के अनुसार ही बुलाया गया था और इस सत्र में लिए गए सभी फैसलों की जानकारी औपचारिक रूप से चुनाव आयोग को दी जाएगी।

ममता खेमे का पलटवार- यह सिर्फ एक कॉमेडी शो और सर्कस है

ममता बनर्जी खेमे ने बागियों के इस पूरे सत्र और अभ्यास को पूरी तरह से अमान्य और खारिज कर दिया है। टीएमसी के वरिष्ठ नेता और विधायक कुणाल घोष ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि असंतुष्ट नेताओं के पास न तो ऐसा सत्र बुलाने का कोई अधिकार था और न ही पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को बदलने का कोई जनादेश था।

कुणाल घोष ने स्पष्ट रूप से कहा कि, ‘यह एक कॉमेडी शो है। एक व्यक्ति जिसे टीएमसी से निष्कासित किया जा चुका है, वह विशेष सत्र आयोजित कर रहा है। यह मामला कोर्ट में है और हमें विश्वास है कि न्याय होगा। हम इस तरह के हास्यास्पद व्यवहार को कोई महत्व नहीं देते हैं। टीएमसी का मतलब ही ममता बनर्जी है, बाकी सब एक सर्कस है।’

कई बड़े नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी

पार्टी के भीतर बगावत पर कड़ा रुख अपनाते हुए ममता बनर्जी खेमे की अनुशासन समिति ने कई वरिष्ठ नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनमें फिरहाद हकीम, अरूप बिस्वास, अरूप रॉय, जावेद खान, रथिन घोष, बिप्लव मित्रा, स्नेहाशीष चक्रवर्ती और सबीना यास्मिन के नाम शामिल हैं। इन सभी नेताओं पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।

ममता बनर्जी के लिए आगे क्या? लंबी कानूनी और राजनीतिक लड़ाई के आसार

कोलकाता के एक राजनीतिक विश्लेषक के मुताबिक अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि चुनाव आयोग किस संगठनात्मक ढांचे को वैध और असली टीएमसी के रूप में मान्यता देगा। दोनों गुटों द्वारा किए जा रहे परस्पर विरोधी दावों ने टीएमसी के भीतर संकट को एक नया मोड़ दे दिया है, जहां दोनों धड़े अब पार्टी की विधायी और संगठनात्मक दोनों शाखाओं पर अपना दावा ठोक रहे हैं।

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ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि यह विवाद चुनाव आयोग के सामने लड़ा जाएगा और अंततः अदालतों तक भी पहुंच सकता है। इससे एक बात तो साफ है कि ममता बनर्जी द्वारा 1998 में स्थापित की गई इस पार्टी पर नियंत्रण के लिए एक लंबी कानूनी और राजनीतिक लड़ाई का मंच तैयार हो गया है।