‘एक बेहतर मुख्यमंत्री की जरूरत…’, बांकीपुर में बढ़त के बाद प्रशांत किशोर का पहला रिएक्शन, जानें क्या कहा

बिहार की राजनीति में एक बड़ा उलफेर देखने को मिल रहा है। जन सुराज पार्टी (JSP) के संस्थापक प्रशांत किशोर बांकीपुर उपचुनाव में जीत की ओर बढ़ रहे हैं। इस सीट पर हार, बीजेपी के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं मानी जा रही है। प्रशांत किशोर की बढ़त से जन सुराज पार्टी के समर्थक काफी उत्साहित हैं। इस बीच प्रशांत किशोर ने बांकीपुर की जनता को धन्यवाद दिया है और सीट पर बढ़त के बाद भाजपा और सीएम सम्राट चौधरी पर हमला बोला।

प्रशांत किशोर ने बोला हमला

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में बढ़त मिलने के बाद जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता क्षेत्र की जनता के भरोसे और समर्थन का सम्मान करना है। उन्होंने कहा कि बांकीपुर के विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे और आने वाले दो-तीन महीनों में लोगों को बदलाव भी नजर आने लगेगा। प्रशांत किशोर ने कहा, “मैं बड़े-बड़े वादे नहीं करना चाहता। मेरे विधायक बनने से बांकीपुर एक रात में बेंगलुरु जैसा नहीं बन जाएगा, लेकिन अगले दो-तीन महीनों में यहां कुछ अच्छे बदलाव जरूर दिखाई देंगे।”

उन्होंने कहा कि बांकीपुर की जनता ने इस चुनाव के जरिए बीजेपी नेतृत्व को साफ संदेश दिया है कि बिहार को एक बेहतर मुख्यमंत्री की जरूरत है। प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर बीजेपी सम्राट चौधरी की जगह कुशवाहा समाज के किसी दूसरे नेता को मुख्यमंत्री बनाना चाहती है तो यह उनका अंदरूनी फैसला है। उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन मुख्यमंत्री ऐसा व्यक्ति होना चाहिए जो ईमानदार, सक्षम और बिहार के विकास के लिए काम करने वाला हो। उन्होंने आगे कहा कि सबसे जरूरी बात बिहार का विकास है। इससे फर्क नहीं पड़ता कि चुनाव कौन जीतता है या किस पार्टी की सरकार बनती है। लोकतंत्र में जीत और हार होती रहती है, लेकिन राज्य की तरक्की सबसे ज्यादा मायने रखती है।

जीत की ओर पीके

27वें राउंड के नतीजों में प्रशांत किशोर 50 हजार वोटों के आंकड़ा के पास पहुंच गए हैं। 27वें राउंड में उन्हें 55780 वोट मिले हैं। अभी 4 राउंड की गिनती और बची है। अब यह साफ हो गया है कि प्रशांत किशोर इस सीट पर बड़ी जीत की ओर बढ़ रहे हैं। 27वें राउंड में बीजेपी को 38893 वोट मिले हैं। दोनों पार्टियों के बीच वोटों का अंतर 16887 है।

मांजलपुर उपचुनाव परिणाम : गढ़ बचाने में कामयाब रही भाजपा, वडोदरा की इस सीट पर सतीश पटेल की बंपर जीत

satish patel

Manjalpur Bypoll Election Result 2026 : वडोदरा की मांजलपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी सतीश पटेल ने कांग्रेस के भीखाभाई रबारी को 30,000 से ज्यादा वोटो से हराया। ALSO READ: बांकीपुर में प्रंशात किशोर ने कर दिया 'खेला', भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन को झटका

 

20 दौर तक चली मतगणना सतीश पटेल को 55,481 वोट हासिल हुए जबकि कांग्रेस के भीखा भाई रबारी को मात्र 24,851 वोट ही हासिल हुए। इस तरह भाजपा ने यह चुनाव 30,630 वोटों से जीत लिया। इस चुनाव में 37.05 फीसदी जैसा कम मतदान दर्ज किया गया था। कम मतदान के चलते भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियां अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत को लेकर आशान्वित थे। 

 

कौन हैं सतीश पटेल?

सतीश गोविंदभाई पटेल (सतेन्द्रभाई पटेल) वर्तमान में गुजरात के वडोदरा शहर की मांजलपुर विधानसभा सीट से भाजपा के उम्मीदवार हैं। वे मुख्य रूप से कृषि और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े रहे हैं तथा वडोदरा नगर निगम में पार्षद के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

बांकीपुर जनसुराज पार्टी के प्रशांत किशोर और दतिया में कांग्रेस के घनश्याम सिंह भाजपा उम्मीदवारों से काफी आगे चल रहे हैं। ऐसे में कहा जा सकता है कि 3 राज्यों के 3 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों में केवल मांजलपुर में ही भाजपा जीतती नजर आ रही है।

 

मांजलपुर में क्यों हुए उपचुनाव?

गौरतलब है कि वडोदरा की मांजलपुर सीट से लगातार आठ बार चुनाव जीतने वाले भाजपा के वरिष्ठ विधायक योगेश पटेल का जून में 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। साल 1990 से लेकर 2022 के विधानसभा चुनाव तक वे लगातार आठ बार अजेय रहे। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की सरकार में राज्यमंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दी थीं। 

‘राम मंदिर में चंदा चोरी से संतों का कोई वास्ता नहीं’; पप्पू यादव और राहुल गांधी से SP ने बनाई दूरी! राम गोपाल यादव भड़के

Pappu Yadav News: संसद परिसर में बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के भगवा कपड़े पहनकर राम मंदिर चंदा चोरी का नुक्कड़ नाटक करने पर समाजवादी पार्टी (SP) के सीनियर नेता राम गोपाल यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस नाटक को गलत ठहराते हुए कहा कि राम मंदिर में चोरी से संतों का कोई वास्ता नहीं है। सपा सांसद ने कहा कि पप्पू यादव ने गलत किया। उन्हें संसद परिसर में ऐसा नहीं करना चाहिए था। यादव ने कहा कि संतों का चंदा चोरी से कोई संबंध नहीं है। बता दें कि हाल ही में समाजवादी पार्टी के कई सांसद भी पप्पू यादव के साथ नाटक कर रहे थे।

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, संसद परिसर में पप्पू यादव द्वारा भगवा कपड़े पहनकर नुक्कड़ नाटक पर सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा, “वो गलत था क्योंकि राम मंदिर में चोरी से संतों का कोई वास्ता नहीं है। वो गलत चीज थी, ऐसा नहीं होना चाहिए था।” उन्होंने आगे कहा, “हम राम मंदिर चंदा चोरी का मामला सदन में उठाएंगे। ये गंभीर मामला है।”

राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने शुक्रवार को भगवा कपड़े पहनकर संसद परिसर में मकर द्वार के सामने अन्य विपक्षी सांसदों के साथ नाटक किया था। यह प्रदर्शन अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के विरोध में किया गया था। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कांग्रेस और सपा के विभिन्न सांसदों ने दान पेटी में पैसे डाले। जबकि यादव ने राम मंदिर में हुई चोरी को दिखाने के लिए कथित रूप से पैसे अपनी जेब में रख लिए।

BJP ने विपक्ष से की माफी की मांग

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में संसद परिसर में नाटक करके हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाई। भगवा पार्टी ने कहा कि उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। यादव ने हालांकि कहा कि वह सनातन की रक्षा के लिए विरोध कर रहे हैं। कितनी भी FIR दर्ज हो जाएं। लेकिन वह नहीं झुकेंगे।

BJP नेताओं ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की तरफ ध्यान खींचने के लिए संसद परिसर में नाटक करने को लेकर पप्पू यादव, राहुल गांधी और अयोध्या से समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ शनिवार को वाराणसी में शिकायत दर्ज करवाई। जबकि राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली पुलिस को तहरीर दी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने भी गांधी और यादव पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि दोनों नेताओं ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन के जरिए सनातन धर्म का अपमान किया।

आखिर क्या हुआ था जिस पर मचा है बवाल?

दरअसल, भगवा कपड़े पहने पप्पू यादव ने शुक्रवार को संसद परिसर में ‘मकर द्वार’ के सामने विपक्ष के दूसरे सांसदों के साथ यह राम मंदिर चढ़ावा चोरी का नाटक किया। इस दौरान राहुल गांधी समेत अन्य सांसदों ने दान पेटी में पैसे डाले। जबकि राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी को दिखाने के लिए अपनी जेब में पैसे डाले। BJP के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने आरोप लगाया कि इस तरह के विरोध से लाखों राम भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। यह सिर्फ राजनीतिक विरोध का काम नहीं था। बल्कि एक सोचा-समझा अपराध था।

चुघ ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, “राहुल गांधी और इस काम में शामिल हर किसी को, चाहें वह समाजवादी पार्टी से हो या किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी से, पूरे देश और दुनिया भर के हिंदुओं से सबके सामने माफी मांगनी चाहिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि जिन नेताओं ने राम जन्मभूमि आंदोलन का विरोध किया था। राम मंदिर के निर्माण का बहिष्कार किया था, वे अब मंदिर से जुड़े प्रतीकों का मजाक उड़ा रहे हैं।

VHP नेता सुरेंदर गुप्ता ने भी गांधी और यादव की आलोचना की। इस विरोध को अश्लील प्रदर्शन बताया, जो सनातन धर्म और संतों का अपमान करता है। गुप्ता ने पीटीआई से बातचीत में कहा, “‘यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश की राजधानी में संसद के बाहर ऐसा अश्लील प्रदर्शन किया गया। जिस तरह से दो ‘पप्पुओं’ ने सनातन और संतों का अपमान किया। उससे संतों के साथ-साथ हिंदू समुदाय में भी बहुत गुस्सा है।”

पप्पू यादव की सफाई

इस बीच, पप्पू यादव ने कहा कि उन्होंने न तो किसी संत को गाली दी और न ही उनका अपमान किया। यादव ने पीटीआई से कहा, “मैंने किसी को गाली नहीं दी। मैंने किसी संत का नाम नहीं लिया और न ही उनका अपमान किया। सनातन और इस देश के सौ करोड़ लोगों की आस्था की रक्षा के लिए हम एक लाख बार कुर्बानी देने को तैयार हैं। आप हमारे खिलाफ जितने चाहें मुकदमे कर लें और जितना चाहें हमला कर लें।” यादव बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद हैं।

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बांकीपुर में प्रंशात किशोर ने कर दिया ‘खेला’, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन को झटका

Prashant Kishor

बिहार की सियासत के सबसे हाई-प्रोफाइल अखाड़े यानी बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की शुरुआती मतगणना ने राजनीतिक पंडितों के होश उड़ा दिए हैं। कभी चुनावी रणनीतिकार के तौर पर परदे के पीछे से सियासी चालें चलने वाले प्रशांत किशोर (पीके) जब पहली बार खुद चुनावी मैदान में उतरे, तो शुरुआती रुझानों में ही उन्होंने वो कर दिखाया, जिसकी शायद किसी को उम्मीद नहीं थी।

बांकीपुर सीट पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर का शुरुआती बढ़त बनाना महज एक आंकड़ा नहीं, बल्कि बीजेपी के उस सियासी तिलिस्मे पर सीधा आघात है जिसे पिछले तीन दशकों से कोई नहीं भेद पाया था।  यह मुकाबला सिर्फ एक विधानसभा सीट का उपचुनाव भर नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन की राजनीतिक साख और उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा की अग्निपरीक्षा है।

नितिन नबीन का वह पुश्तैनी और अजेय गढ़ : बता दें कि बांकीपुर कोई साधारण सीट नहीं, बल्कि नितिन नबीन का वह पुश्तैनी और अजेय गढ़ रहा है, जहां 1995 से लेकर अब तक (कभी पटना पश्चिम तो कभी बांकीपुर के रूप में) भगवा परचम ही लहराता रहा है। खुद नितिन नबीन यहां से लगातार पांच बार विधायक रह चुके हैं और उनके पिता का भी इस क्षेत्र में गहरा राजनीतिक रसूख रहा है। ऐसे में, जिस जमीन पर बीजेपी ने अपनी अजेय बादशाहत की इबारत लिखी हो, उसी गढ़ के भीतर प्रशांत किशोर का शुरुआती दौर में आगे निकल जाना इस बात का साफ संकेत है कि पीके ने महफिल में वाकई बड़ा 'खेला' कर दिया है।

बीजेपी के नीरज कुमार दूसरे नंबर पर : बता दें कि बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव की शुरुआती मतगणना में जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर आगे चल रहे हैं। इस सीट पर बीजेपी के नीरज कुमार दूसरे नंबर पर हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक़ बांकीपुर सीट पर कुल 31 राउंड की काउंटिंग होनी है और यहां अभी 8 राउंड की गिनती पूरी हुई है, जिसमें प्रशांत किशोर अपनी बढ़त बनाए हुए हैं।

पीके निकल रहे आगे : प्रशांत किशोर को 15637 वोट मिले हैं और वो फ़िलहाल 4556 वोटों से आगे हैं। भाजपा के नीरज कुमार को 11081 वोट मिले हैं। जबकि आरजेडी की रेखा कुमारी तीसरे नंबर पर हैं। भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्यक्ष नीतीश नबीन के इस्तीफे से रिक्त हुई बांकीपुर सीट पटना के शहरी इलाक़े में मौजूद है और इसे बीजेपी का मज़बूत गढ़ माना जाता है।

“₹198 करोड़ की संपत्ति, 475 ग्राम सोना और कोई कार नहीं…” जानें प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव के हलफनामे में क्या जानकारी दी?

Prashant Kishor: जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के लिए अपने नॉमिनेशन पेपर के साथ दाखिल हलफनामे में लगभग 198 करोड़ रुपये की पारिवारिक संपत्ति की जानकारी दी है। इस खुलासे के साथ ही पहली बार चुनाव लड़ रहे पूर्व चुनाव रणनीतिकार की वित्तीय संपत्ति सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गई है।

हलफनामे के अनुसार, किशोर ने अपने नाम पर 96.06 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है, जबकि उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास ने 101.93 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। इस तरह, परिवार की कुल घोषित संपत्ति लगभग 197.99 करोड़ रुपये है।

हलफनामे से पता चलता है कि परिवार की चल संपत्ति की कीमत 111.78 करोड़ रुपये है, जबकि अचल संपत्ति की कीमत 86.29 करोड़ रुपये है। किशोर की अपनी चल संपत्ति 22.19 करोड़ रुपये और उनकी पत्नी की चल संपत्ति 89.51 करोड़ रुपये बताई गई है।

बता दें कि किशोर की घोषित संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा उनका इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो है। उन्होंने ‘वेधास वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड’ में 100% कंट्रोलिंग हिस्सेदारी की घोषणा की है, जिसकी कीमत लगभग 95.26 करोड़ रुपये है। हलफनामे में 7.36 करोड़ रुपये से ज्यादा की बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट और मार्केट-लिंक्ड इन्वेस्टमेंट का भी जिक्र है।

इस जानकारी में किशोर के नाम पर ₹65,570 और उनकी पत्नी के नाम पर ₹1,95,200 नकद होने की बात कही गई है। इसमें शेयरों, म्यूचुअल फंड, बॉन्ड और इंश्योरेंस पॉलिसी में किए गए निवेश का भी जिक्र है।

475 ग्राम सोना और कोई कार नहीं

इसके अलावा, अचल संपत्ति के तौर पर, किशोर ने बिहार के रोहतास जिले में एक बंद पड़ी राइस मिल की जानकारी दी है, जिसकी कीमत लगभग ₹9.75 करोड़ है। उन्होंने खुद खरीदी गई लगभग ₹59.25 करोड़ की रिहायशी संपत्तियों की भी जानकारी दी है, जिनमें पाटलिपुत्र कॉलोनी, वसंत विहार और गाजियाबाद की संपत्तियां शामिल हैं। वहीं, विरासत में उन्हें मिली रिहायशी संपत्तियों की कीमत लगभग ₹14.62 करोड़ है।

हलफनामे में परिवार की चल संपत्ति के तौर पर 475 ग्राम सोना होने की जानकारी भी दी गई है। इसमें यह भी बताया गया है कि किशोर पर लगभग ₹5.77 करोड़ की देनदारी है और उनके पास कोई कार नहीं है।

8 आपराधिक मामलों की दी जानकारी

कानूनी मामलों की बात करें तो किशोर ने अपने खिलाफ चल रहे आठ आपराधिक मामलों की जानकारी दी है। इन मामलों में आपराधिक मानहानि और गैर-कानूनी तरीके से भीड़ जमा करने जैसे आरोप शामिल हैं। हलफनामे में बताया गया है कि ये मामले बिहार के अलग-अलग हिस्सों, जैसे पटना और बेतिया के पुलिस स्टेशनों में दर्ज हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि उन्हें इनमें से किसी भी मामले में दोषी नहीं ठहराया गया है।

बता दें कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव 30 जुलाई को होगा, जबकि नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 15 जुलाई है। इस चुनाव पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि यह प्रशांत किशोर का पहला चुनाव है। साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि पटना की इस अहम सीट पर जन सुराज पार्टी बीजेपी को कितनी कड़ी टक्कर दे पाती है।

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