यूपी में 10 हजार युवाओं की होगी भर्ती, प्रोजेक्ट गंगा से गांव में होगी 20 हजार से एक लाख तक की इनकम, जानिए पूरी स्कीम

Project Ganga Scheme Explained: उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदलने और गांवों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए योगी आदित्यनाथ की सरकार ने एक बड़ी पहल की है। राज्य सरकार एक महत्वाकांक्षी योजना प्रोजेक्ट गंगा लेकर आ रही है। सरकार का दावा है कि प्रोजेक्ट गंगा उत्तर प्रदेश के ग्रामीण डिजिटल भविष्य की आधारशिला बनने जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की 57000 ग्राम पंचायतों, गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों तक हाई-स्पीड फाइबर ब्रॉडबैंड इंटरनेट पहुंचाकर डिजिटल असमानता को पूरी तरह खत्म करना है।

इस परियोजना के जरिए गांवों को शहरों जैसी आधुनिक डिजिटल सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, ई-गवर्नेस, स्मार्ट कृषि, डिजिटल भुगतान और रोजगार के नए अवसरों का द्वार खुलेगा। अब ग्रामीणों को सरकारी सेवाओं, बैंकिंग और विभिन्न प्रमाणपत्रों के लिए शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इस योजना के तहत 8 से 10 हजार युवाओं की भर्ती की जाएगी। इनकी मासिक आमदनी 1 लाख रुपये तक हो सकती है।

प्रोजेक्ट गंगा की प्रमुख विशेषताएं और बड़े माइलस्टोन

प्रोजेक्ट गंगा के सभी प्रमुख माइलस्टोन पूरे कर लिए गए हैं और सरकार व पार्टनर्स ने इसकी तैयारियों को तेज कर दिया है। इस योजना की मुख्य बातें यहां नीचे दी गई हैं-

10 हजार युवाओं को रोजगार: डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर के रूप में 8000 से 10000 युवाओं की भर्ती की जाएगी। युवाओं को अपने ही गांव में डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित करने का सुनहरा अवसर मिलेगा।

₹20 हजार से ₹1 लाख तक की इनकम: शुरुआत में डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर के रूप में काम करने वाले युवाओं की मासिक आय करीब 20000 रुपये होगी। जैसे-जैसे ग्राहकों की संख्या बढ़ेगी यह आमदनी बढ़कर 1 लाख रुपये प्रतिमाह तक पहुंच सकती है।

महिलाओं की 50% भागीदारी: महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए गंगा प्रोजेक्ट के अंतर्गत बनने वाले डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी महिलाओं की सुनिश्चित की गई है। इससे ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकेंगी।

ब्याज मुक्त लोन: अपने गांव या घर में इंटरनेट उद्यम शुरू करने के लिए सरकार मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त लोन उपलब्ध करा रही है।

पहले चरण में 21 जिले शामिल, नेपाल सीमा को प्राथमिकता

यह परियोजना चरणबद्ध तरीके से पूरे उत्तर प्रदेश में लागू की जाएगी। योजना के पहले चरण में राज्य के 21 जिलों को शामिल किया गया है। इसमें नेपाल सीमा से सटे श्रावस्ती, बहराइच और बलरामपुर जैसे सीमावर्ती जिलों को प्राथमिकता दी जाएगी। अगले 2 से 3 वर्षों में इस परियोजना का विस्तार पूरे उत्तर प्रदेश में कर दिया जाएगा। इस योजना से प्रदेश की सभी 57 हजार ग्राम पंचायतों और करीब 20 लाख परिवारों को सीधे तौर पर डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से पूरे प्रदेश में 1 लाख से अधिक रोजगार सृजन की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।

गांवों में रुकगा पलायन, मिलेंगे फ्रीलांसिंग और रिमोट वर्क के अवसर

हाई-स्पीड इंटरनेट और फ्री वाई-फाई की उपलब्धता से ग्रामीण यूपी में डिजिटल क्रांति आएगी। इससे युवाओं को बड़े फायदे मिलेंगे। गांवों में ही ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी होने से युवाओं को फ्रीलांसिंग, रिमोट वर्क, ऑनलाइन वोकेशनल ट्रेनिंग और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं मिलेंगी। हाई-स्पीड इंटरनेट की मदद से अब गांवों के युवाओं को कोडिंग सीखने, फ्रीलांसिंग करने या अपना खुद का टेक-स्टार्टअप शुरू करने के लिए दिल्ली या नोएडा जैसे बड़े शहरों में पलायन नहीं करना पड़ेगा। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आसानी से जोड़ने के लिए सरकार बेहद किफायती दरों पर इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराएगी।

साइबर सिक्योरिटी और स्मार्ट कनेक्टिविटी पर विशेष फोकस

इस प्रोजेक्ट का टारगेट सिर्फ इंटरनेट पहुंचाना ही नहीं है बल्कि गांवों को भविष्य की डिजिटल तकनीकों के लिए तैयार करना है। योजना के तहत सीसीटीवी आधारित सुरक्षा समाधान, साइबर सिक्योरिटी सेवाएं और विभिन्न संस्थानों की डिजिटल कनेक्टिविटी को बेहद मजबूत किया जाएगा। साइबर सुरक्षा, सीसीटीवी और स्मार्ट कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि ग्रामीण डेटा और परिसर पूरी तरह सुरक्षित रहें।

हिंदुजा समूह की कंपनी है नॉलेज पार्टनर

इस विशाल और महत्वाकांक्षी डिजिटल परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने मजबूत साझेदारी की है। दिग्गज हिंदुजा समूह की ब्रॉडबैंड इकाई वनओटीटी इंटरटेनमेंट लिमिटेड इस पूरे प्रोजेक्ट में नॉलेज पार्टनर और इम्प्लीमेंटेशन एनैबलर के रूप में शामिल है।

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CM योगी का तंज, सपा अध्यक्ष भी भगवा पहनकर कांवड़ यात्रा में शामिल होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं

Chief Minister Yogi Adityanath News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अब धार्मिक आस्था का सम्मान किया जा रहा है। अयोध्या से सरयू का जल लेकर भदेश्वरनाथ धाम जाने वाले कांवड़ यात्रियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की जाती है, जबकि पहले कांवड़ यात्रा और अन्य धार्मिक आयोजनों पर रोक लगाई जाती थी। आज श्रद्धालुओं का उत्साह और आस्था देखकर लगता है कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष भी भगवा वस्त्र पहनकर कांवड़ यात्रा में शामिल होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। विपक्ष को हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़ाने, जय श्रीराम बोलने वालों पर कार्रवाई कराने, परशुरामपुर दंगे और धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने वाली घटनाओं के लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बस्ती के हर्रैया व कप्तानगंज विधानसभा क्षेत्र में 504 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 77 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/ शिलान्यास किया। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र/ स्वीकृतिपत्र और सहायता सामग्री का वितरित किया।

सपा के जिला अध्यक्ष का सीएम योगी ने सुनाया किस्सा

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले सरकारी धन कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवाल बनाने और अवैध कब्जों पर खर्च होता था, जबकि आज वही धन धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार और विकास में लगाया जा रहा है। उस समय वक्फ बोर्ड के नाम पर गरीबों, दलितों और वंचितों की जमीनों पर कब्जे किए जाते थे और समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी तथा कांग्रेस के शासन में यह आम बात थी। एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह गोरखपुर के सांसद थे, तब समाजवादी पार्टी के एक जिला अध्यक्ष स्वयं उनके पास शिकायत लेकर आए थे कि उनके घर के पास कब्रिस्तान के नाम पर जबरन कब्जा किया जा रहा है। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को भेजकर कब्जा हटवाया और उनकी जमीन बचाई। उस समय सपा सरकार को केवल कब्रिस्तान दिखाई देता था, आम जनता नहीं।

सपा के शासन में शिक्षा व्यवस्था नकल संस्कृति की शिकार थी

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले विकास योजनाएं कागजों तक सीमित रहती थीं, जबकि आज शिलान्यास और लोकार्पण की परियोजनाएं धरातल पर दिखाई देती हैं। उन्होंने हर्रैया में बन रहे मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां प्री-प्राइमरी से 12वीं तक आधुनिक शिक्षा एक ही परिसर में उपलब्ध होगी। प्रत्येक विद्यालय पर 27 से 30 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जहां स्मार्ट क्लास, आधुनिक भवन, फर्नीचर और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

 

समाजवादी पार्टी के शासन में शिक्षा व्यवस्था नकल संस्कृति की शिकार थी और युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो गया था। किसानों को सुविधाएं नहीं मिलती थीं, गरीबों को योजनाओं का लाभ नहीं मिलता था और बिजली व्यवस्था इतनी खराब थी कि बस्ती में लोग बिजली के तारों पर कपड़े सुखाते थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता बिजली संकट से जूझ रही थी जबकि सैफई में फिल्मी कलाकारों के कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे।

राम मंदिर को लेकर विपक्ष कहता था कि खून की नदियां बहेंगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि हनुमानगढ़ी की पवित्र सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का काम इन्हीं लोगों ने किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों ने हर प्रमुख धर्मस्थल को विवादित बनाने का प्रयास किया और अयोध्या में भी लगातार विवाद खड़ा करने की राजनीति की। एक समय ऐसा था जब अयोध्या में कोई जय श्रीराम का उद्घोष कर देता था तो उसके खिलाफ लाठी और गोली चलती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण का विरोध करने वाले कहते थे कि यदि मंदिर बना तो खून की नदियां बहेंगी। लेकिन हमने कहा था कि एक मच्छर भी नहीं मरेगा और आज पूरा देश देख रहा है कि राम मंदिर का भव्य निर्माण हुआ, प्राण प्रतिष्ठा भी संपन्न हुई और कहीं कोई अशांति नहीं हुई। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को कोई नहीं रोक पाया और यह करोड़ों रामभक्तों की आस्था, विश्वास और संकल्प की जीत है।

सीएम ने दुर्योधन के शासन से की सपा सरकार की तुलना  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में प्रदेश में यह कहावत प्रचलित हो गई थी, देख सपाई, बिटिया घबराई। उस समय महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा खतरे में थी और कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी थी। जब सरकार ही बहन-बेटियों की सुरक्षा के लिए खतरा बन जाए तो उसकी तुलना दुर्योधन के शासन से ही की जा सकती है। पहले बस्ती सहित प्रदेश में दुर्गा पूजा, होली, रामनवमी जैसे पर्वों पर दंगे होते थे। परशुरामपुर दंगे का उल्लेख करते हुए कहा कि दलितों और गरीबों की बस्तियां जला दी गईं, लेकिन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। उस समय वे गोरखपुर से आकर पीड़ितों के बीच उनका दर्द बांटने आए थे। उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में कोई बड़ा सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ और सभी त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुए हैं। अब अपराधी कानून से डरते हैं।

करीब 1500 मंदिरों का पुनरुद्धार कराया

सीएम योगी ने कहा कि मखौड़ा धाम वही पावन भूमि है, जहां महाराजा दशरथ ने पुत्रेष्टि यज्ञ किया था और उसके फलस्वरूप भगवान विष्णु ने श्रीराम के रूप में अवतार लिया। मखौड़ा धाम, बाबा भदेश्वरनाथ धाम, तपसी धाम तथा महान साहित्यकार आचार्य रामचंद्र शुक्ल की जन्मस्थली इस क्षेत्र की गौरवशाली पहचान हैं। जनता जब अच्छे जनप्रतिनिधियों का चुनाव करती है, तभी विकास धरातल पर दिखाई देता है। मखौड़ा धाम, भदेश्वरनाथ धाम और तपसी धाम का तेजी से विकास कराया जा रहा है। कर्ण मंदिर विवाद का समाधान होने के बाद वहां भी सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू किया जा रहा है। 

 

सीएम योगी ने कहा कि 84 कोसी परिक्रमा का मार्ग मखौड़ा धाम से शुरू होता है और इसे श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ अयोध्या रिंग रोड के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। योगी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकारें 84 कोसी, 14 कोसी और पंचकोसी परिक्रमा तक रोकती थीं, जबकि भाजपा सरकार धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए तीर्थ स्थलों का विकास कर रही है। प्रदेश में लगभग 1500 मंदिरों का पुनरुद्धार कराया जा चुका है और सरकार बदलने के साथ परिणाम भी बदल गए हैं। भाजपा सरकार विरासत और विकास को साथ लेकर चल रही है।

 

विकसित भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को पूरा करने के लिए विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित बस्ती का निर्माण किया जा रहा है। बस्ती में मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, कृषि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, मखौड़ा धाम और भदेश्वरनाथ धाम सहित अनेक विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि हर्रैया और बस्ती में पिछले नौ वर्षों में जितना विकास हुआ, उतना आजादी के बाद कभी नहीं हुआ।

 

इस अवसर पर प्रदेश सरकार में मंत्री सूर्य प्रताप शाही, विधायक अजय सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, जिला अध्यक्ष विवेकानंद मिश्र, विधायक दूध राम, विधान परिषद सदस्य सुभाष यदुवंश, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी, गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ल, पूर्व विधायक चंद्र प्रकाश शुक्ला, दयाराम चौधरी, रवि सोनकर आदि मौजूद रहे।

Guru Purnima 2026: इस साल गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरु को राशि अनुसार दें उपहार, जानें आपकी राशि के अनुसार क्या दे सकते हैं भेंट

Guru Purnima 2026: भारतीय संस्कृति में “गुरु” का स्थान भगवान से भी ऊपर माना गया है, क्योंकि गुरु ही शिष्य को अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। इस दिन लोग अपने गुरुओं के पास जाते हैं, उनका आशीर्वाद लेते हैं और उनके प्रति आभार व्यक्त करते हैं। जिनके गुरु इस संसार में नहीं हैं, वे उनके चित्र की पूजा करते हैं या गुरु स्वरूप मानकर माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान करते हैं। गुरु पूर्णिमा हर साल आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। इस पावन अवसर पर अपने गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए अपनी राशि के अनुसार शुभ वस्तुओं को भेंट या दान करना बेहद फलदायी माना जाता है।

हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि को गुरु पूर्णिमा कहा जाता है। चूंकि यह दिन महान ऋषि वेदव्यास जी के जन्मदिवस के रूप में भी मनाया जाता है, इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। साल 2026 में गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई 2026, बुधवार को मनाई जाएगी। नीचे सभी 12 राशियों के अनुसार गुरु को भेंट करने या दान देने योग्य वस्तुओं की सूची दी गई है :

आपकी राशि अनुसार गुरु के लिए भेंट

मेष राशि : मेष राशि के जातकों को गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरु को लाल रंग के वस्त्र, मूंगा, या लाल चंदन भेंट करना चाहिए। इसके साथ ही गेहूं और गुड़ का दान करना भी शुभ रहेगा।

वृषभ राशि : इस राशि के लोग अपने गुरु को सफेद या रेशमी वस्त्र भेंट कर सकते हैं। इसके अलावा मिश्री, चांदी या चावल का दान करने से गुरु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

मिथुन राशि : मिथुन राशि वालों को अपने गुरु को हरे रंग के वस्त्र, धार्मिक पुस्तकें, या मूंग की दाल भेंट करनी चाहिए। गुरु के सानिध्य में गायत्री मंत्र का जाप करना भी आपके लिए लाभकारी रहेगा।

कर्क राशि : कर्क राशि के जातकों को गुरु को सफेद चंदन, चावल, या चांदी का कोई पात्र भेंट करना चाहिए। जरूरतमंदों को दूध या मिठाई का दान देना भी उत्तम माना जाता है।

सिंह राशि : सिंह राशि के लोग अपने गुरु को पीले या सुनहरे रंग के वस्त्र, केसर, या तांबे का पात्र भेंट करें। इसके अलावा गेहूं और धार्मिक ग्रंथों का दान भी बहुत फलदायी होता है।

कन्या राशि : कन्या राशि वालों को गुरु को किताबें, पेन, या शिक्षण सामग्री भेंट करनी चाहिए। इसके साथ ही हरे फल या मूंग की दाल का दान करना आपके बौद्धिक विकास के लिए शुभ है।

तुला राशि : तुला राशि के जातकों को अपने गुरु को सफेद रेशमी वस्त्र या मिश्री भेंट करनी चाहिए। आप आश्रम या मंदिर में चावल और घी का दान भी कर सकते हैं।

वृश्चिक राशि : इस राशि के लोग अपने गुरु को लाल या महरून रंग के वस्त्र, तांबे के बर्तन, या कलावा भेंट करें। जरूरतमंदों को भोजन कराना भी आपके लिए शुभ रहेगा।

धनु राशि : धनु राशि के स्वामी स्वयं बृहस्पति (गुरु) हैं। आपको अपने गुरु को पीले वस्त्र, चना दाल, केसर, या हल्दी भेंट करनी चाहिए। गुरु से गुरु मंत्र दीक्षा लेना आपके लिए सबसे सर्वोत्तम रहेगा।

मकर राशि : मकर राशि वालों को गुरु को नीले या भूरे रंग के वस्त्र या कोई उपयोगी कंबल भेंट करना चाहिए। साथ ही, गुरु के चरणों में तिल या उड़द की दाल का दान समर्पित करें।

कुंभ राशि : इस राशि के जातक अपने गुरु को सफेद या नीले रंग के वस्त्र, सूखे मेवे (जैसे काजू, बादाम) या औषधि भेंट कर सकते हैं। इसके अलावा अनाथालय या वृद्धाश्रम में अन्न दान करना विशेष फल देता है।

मीन राशि : मीन राशि के जातकों को गुरु को पीले वस्त्र, सोने की कोई छोटी वस्तु, पुखराज (यदि सामर्थ्य हो) या धार्मिक पुस्तकें (जैसे भगवद गीता या रामायण) भेंट करनी चाहिए। हल्दी और चने की दाल का दान करना भी बहुत शुभ है।

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राम मंदिर के बाद अब विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर का चढ़ावा गायब? आरोप लगे तो कलेक्टर प्रीति यादव ने उठाया ये कदम

अयोध्या राम मंदिर में दान से जुड़े विवाद के बीच अब मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी शक्तिपीठ में भी दान और चढ़ावे के कथित गबन का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद आगर-मालवा कलेक्टर प्रीति यादव ने जांच कमेटी बना दी। 7 दिन में कमेटी रिपोर्ट पेश करेगी कि गड़बड़ी कहां, कितने की और कैसे की गई? जानकारी के मुताबिक, सरकारी समिति होने के बावजूद अफसरों की मिलीभगत से साल 2024 में फर्जी तरीके से एक प्राइवेट समिति बना दी गई। जिसका नाम रखा- ‘नलखेड़ा सुदर्शन सेवा समिति’।

सामने आया एक और दान घोटाला

वहीं मां बगलामुखी मंदिर में सामने आए कथित दान घोटाले की जांच के लिए प्रशासन ने एक जांच समिति बनाई है। अधिकारियों के मुताबिक, मंदिर में दान लेने के नाम पर गड़बड़ी और पैसों के गलत इस्तेमाल के आरोपों की जांच की जाएगी। बताया जा रहा है कि मंदिर का संचालन एक सरकारी समिति करती है, लेकिन आरोप है कि मंदिर परिसर में एक अनधिकृत समिति भी काम कर रही थी। यह समिति नकली रसीदें देकर श्रद्धालुओं से नकद और कीमती गहनों के रूप में दान ले रही थी।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब अयोध्या के राम मंदिर में मिले दान की कथित चोरी को लेकर भी विवाद चल रहा है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी पर लगातार सवाल उठा रही है।

जांच के लिए बनी तीन सदस्यीय समिति

आगर मालवा की जिला कलेक्टर प्रीति यादव ने 7 जुलाई 2026 को इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) बी. एस. सोलंकी करेंगे। समिति को सात दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जिला कलेक्टर के आदेश के अनुसार, शिकायत मिली है कि एक गैर-सरकारी समिति मंदिर की आधिकारिक समिति से अलग श्रद्धालुओं से दान इकट्ठा कर रही थी। आरोप है कि इस समिति ने दान की रकम निजी बैंक खातों में जमा की और वित्तीय गड़बड़ी की। जांच समिति यह पता लगाएगी कि अनधिकृत लोगों ने कितना नकद और कितने कीमती गहने दान के रूप में लिए। साथ ही यह भी जांच होगी कि इस कथित गड़बड़ी में मंदिर प्रशासन का कोई कर्मचारी या अधिकारी शामिल था या नहीं।

बड़ी रकम की आशंका, सरकार ने सख्त कार्रवाई के दिए संकेत

अधिकारियों के मुताबिक, इस कथित दान घोटाले में कितनी रकम की गड़बड़ी हुई है, इसका अभी पूरा हिसाब नहीं लगाया गया है। जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि यह मामला काफी बड़ा हो सकता है, क्योंकि यह पूरी तरह संगठित तरीके से चल रहा था। आरोप है कि नकली रसीदें और अलग काउंटर बनाकर श्रद्धालुओं से नकद और गहनों के रूप में दान लिया जा रहा था। मध्य प्रदेश के संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि उन्हें 7 जुलाई 2026 को इस मामले की जानकारी मिली थी। इसके बाद उनके कार्यालय ने जिला कलेक्टर को तुरंत जांच के निर्देश दिए।

धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि कुछ लोग, जिनका मंदिर प्रशासन से कोई संबंध नहीं था, मंदिर के नाम पर रसीदें छपवाकर श्रद्धालुओं से अवैध तरीके से पैसे वसूल रहे थे। उन्होंने साफ कहा कि इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सरकार दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेगी।

जिन्हें कब्रस्तान प्यारा, वे ही कर रहे राम मंदिर का विरोध : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi Adityanath targeted Samajwadi Party and Congress

– मुख्यमंत्री योगी ने बांदा व बबेरू विधानसभा क्षेत्र के लिए 710 करोड़ से अधिक की 229 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास

– मुख्यमंत्री योगी की जनता से अपील- नकारात्मक व विकास विरोधी सोच वालों को खारिज कीजिए

– मुख्यमंत्री योगी ने 9 साल पहले के बुंदेलखंड की दुर्दशा और अब आए परिवर्तन का भी किया जिक्र 

– योगी ने कहा- बांदा के विधायक विकास में रुचि लेते हैं और बबेरू वाले गरीबों को प्रताड़ित करने में

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को फिर निशाने पर रखते हुए इन सरकारों के कार्यों का अंतर बताया। इशारों-इशारों में उन्होंने कहा कि कुछ लोग विरासत को अपमानित करते हैं। उन्होंने हिंदू परंपरा व सनातन को कोसना जीवन का ध्येय बनाया है। वे वैभवशाली व विकसित भारत नहीं देखना चाहते। हमारी सरकार जो पैसा मंदिरों के विकास व धामों के सुंदरीकरण के लिए देती है, समाजवादी पार्टी के समय यही पैसा कब्रस्तान की बाउंड्रीवाल के लिए जाता था। उन्हें कब्रस्तान प्यारा है, इसलिए वे राम मंदिर, काशी विश्वनाथ, मां विंध्यवासिनी धाम, चित्रकूट, नैमिषारण्य धाम के विकास का विरोध करते हैं। सपा व कांग्रेस वाले भाजपा के प्रतिनिधियों द्वारा कराए जाने वाले विकास कार्यों को पचा नहीं पाते।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि जिनकी सोच नकारात्मक व विकास विरोधी है, उन्हें खारिज कीजिए। मुख्यमंत्री योगी ने गुरुवार को बांदा व बबेरू विधानसभा क्षेत्र के लिए 710 करोड़ से अधिक की 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने लोकार्पण व शिलान्यास की गईं कई योजनाओं को गिनाकर इसका श्रेय जनता व जनप्रतिनिधियों को दिया।

 

कभी डकैतों व माफिया का था आतंक, आज प्रगति देखकर होती है प्रसन्नता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुंदेलखंड की दुर्दशा के दौर को भी बयां किया। बताया कि मुख्यमंत्री

 बनने के बाद प्रधानमंत्री जी ने मुझसे कहा था कि पहला दौरा बुंदेलखंड का हो और वहां के लिए कुछ किया जाए। नौ- साढ़े 9 साल पहले जब आया तो देखा कि पिछड़ापन यहां का पर्याय था। पलायन और प्यास बुंदेलखंड की पहचान बन गई थी। खनन, लैंड, सैंड, वन, भूमाफिया व डकैतों का ऐसा आतंक था, जिससे किसान भी खेत में जाने से डरता था।

पाठा का यह क्षेत्र डकैतों के लिए फिरौती व वसूली का माध्यम बन गया था। कनेक्टिविटी, सिंचाई, पेयजल, सुरक्षा, रोजगार नहीं था। थाने में एफआईआर तक नहीं होती थी। बुंदेलखंड अस्तित्व के लिए जूझ रहा था परंतु अब बुंदेलखंड की प्रगति को देखकर अंतःकरण से प्रसन्नता होती है। हर किसी को 9 वर्ष पहले और आज के बांदा में परिवर्तन दिखेगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि विकास व विरासत के संरक्षण के लिए शासन के संज्ञान में जो भी प्रोजेक्ट आएगा, उसे लागू कर बुंदेलखंड को धरती का स्वर्ग बनाएंगे। 

 

भाजपा सरकार ने हर वर्ग के सपनों को किया साकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने जब देश की बागडोर संभाली तो आशा की किरण जगी। 2017 में यूपी में डबल इंजन सरकार बनने के बाद यहां भी कनेक्टिविटी, पेयजल, हर खेत को पानी और बांदा के युवाओं को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र मिल रहा है। डबल इंजन की भाजपा सरकार ने सभी के सपनों को साकार किया है। 

Chief Minister Yogi Adityanath targeted Samajwadi Party and Congress

वर्ष 2017 के पहले जिसे रखवाली की जिम्मेदारी मिली, वही प्रदेश को लूटते थे 

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जनता ने श्रीप्रकाश द्विवेदी, रामकेश निषाद व ओममणि वर्मा जैसे अच्छे जनप्रतिनिधियों को जिताया है तो यहां विकास की परियोजनाएं आ रही हैं। बुंदेलखंड भी डकैत, माफिया, कर्फ्यू, उपद्रव व दंगामुक्त हो गया। अब यहां महारानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, कृषि विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलीटेक्निक कॉलेज, कनेक्टिविटी की बेहतरीन सुविधा मिल रही है।

उन्होंने सचेत किया कि यदि भूमाफिया व डकैत चुनाव जीतेगा तो व्यापारी का अपहरण करेगा, गरीबों को उजाड़ेगा और नौजवानों-गरीबों की योजनाओं पर डकैती डालेगा। वर्ष 2017 के पहले उप्र में यही होता था। जिसे प्रदेश की रखवाली की जिम्मेदारी सौंपी, वही प्रदेश को लूटते थे। गरीबों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिलती थीं। आवास की सुविधा उन्हें ही मिलती थी, जो समाजवादी पार्टी के थे परंतु अब ‘सबका साथ-सबका विकास’ की भावना के साथ हर वर्ग को योजनाओं का लाभ मिल रहा है। 

 

सरकार को उपद्रव पसंद नहीं, माने तो ठीक वरना यमराज के घर का रास्ता खोल दिया जाएगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार तुष्टिकरण की नीति पर नहीं चलती। सरकार को उपद्रव, कर्फ्यू, गुंडागर्दी पसंद नहीं है। सरकार बेटी-व्यापारी की सुरक्षा पर सेंध लगाने वालों को चेतावनी देती है और न मानने वालों के लिए यमराज के घर जाने का रास्ता भी खोल देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली बार आने पर भी यहां कुछ प्रतिमाओं का अनावरण किया था। आज भी अवंती बाई लोधी की दिव्य-भव्य प्रतिमा का अनावरण किया है। 

 

वीरों-वीरांगनाओं को सम्मान देता है बांदा

मुख्यमंत्री ने बांदा की सड़कों व चौराहों में आए बदलाव का भी जिक्र किया। कहा कि शहर के लोग जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर व्यवस्थित सिटी का मॉडल बना सकते हैं। बांदा वीरों-वीरांगनाओं को सम्मान दे रहा है। यहां महापुरुषों के नाम पर पार्क बन रहे हैं। कालिंजर का अजेय दुर्ग विजय पथ पर बढ़ने की प्रेरणा देता है। वहां विराजमान नीलकंठ महादेव का आशीर्वाद हर किसी को मिलता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन की सरकार है तो भारत की विरासत को संरक्षित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आज सुबह चित्रकूट में कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम चित्रकूट व बुंदेलखंड की स्मृतियों में हैं। 

 

सपा व कांग्रेस ने डकैत दिए, हमने ब्रह्मोस दिया, जिसे देख बाप-बाप चिल्लाता है पाकिस्तान

मुख्यमंत्री योगी ने फिर तंज कसा कि सपा व कांग्रेस ने डकैत दिए, नौकरी की बजाय नौजवानों को तमंचे दिए, जबकि हमारी सरकार ने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे दिया और डिफेंस मैन्युफेक्चरिंग कॉरिडोर का हब बनाया। यूपी में बनी ब्रह्मोस मिसाइल को जब भारत दागता है तो पाकिस्तान भी बाप-बाप करते हुए चिल्लाता है। भारत के जवानों के इस शौर्य, पराक्रम का केंद्र बिंदु बुंदेलखंड बन रहा है। 

 

बांदा के विधायक विकास करते हैं, बबेरू के विधायक को रुचि कहीं और 

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि समर्पित और जनता-जनार्दन को योजनाओं से जोड़ने वाला होना चाहिए। बांदा के विधायक रुचि लेते हैं तो यहां विकास है, लेकिन बबेरू के सपा विधायक को विकास में रुचि नहीं है। उनके लिए विकास गरीबों की जमीन पर कब्जा, गरीबों को प्रताड़ित करना ही है। ऐसी उद्दंडता व गरीबों के हकों पर पड़ने वाली डकैती को रोकना पड़ेगा। कांग्रेस व सपा के समय में अवंती बाई लोधी, महाराणा प्रताप की मूर्ति, तीर्थों का पुनरुद्धार, मंदिरों का सुंदरीकरण, कनेक्टिविटी के बेहतरीन कार्य नहीं हो पाए, क्योंकि उनकी रुचि नहीं थी। 

 

सपा के माफियाओं से खाली कराई गई 64 हजार एकड़ भूमि 

उन्होंने कहा कि 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद मैंने दो बातें कही थीं कि अवैध स्लाटर हाउस बंद होंगे और गरीबों-व्यापारियों की जमीन पर कब्जा करने वाले माफिया 24 घंटे में खाली कर दें, अन्यथा हमें खाली कराना आता है। सपा से प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े माफियाओं से 64 हजार एकड़ लैंड जमीन खाली कराई गई जिसमें अब निवेश हो रहा है और इससे नौजवानों को नौकरी मिल रही है। बुंदेलखंड के नौजवान को अब घर में ही कार्य मिलता है। मुख्यमंत्री ने सरकारी नौकरी व रोजगार से जुड़े युवाओं की संख्या का भी जिक्र किया। 

 

कीमती पत्थरों में हो रही ‘शजर’ की गिनती 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जनपद के यूनिक प्रॉडक्ट को आगे बढ़ाया गया। उन्होंने बांदा के शजर पत्थर के सजावट की भी तारीफ की, कहा कि यहां के ‘शजर’ की गिनती कीमती पत्थरों में हो रही है। अब बड़ी-बड़ी कंपनियां भी नग की जगह शजर पत्थर को मंगा रहीं हैं। यह पीएम मोदी के विजन-ओडीओपी के कारण हो पाया है। एमएसएमई को सम्मान, सुरक्षा का वातावरण बना तो प्रदेश में निवेश भी आया। 

 

अब देश-दुनिया के लोग नौकरी मांगने आएंगे बुंदेलखंड 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जनपद में एक्सप्रेसवे पर इंडस्ट्रियल कलस्टर के निर्माण को बढ़ा रहे हैं। बीडा के रूप में बुंदेलखंड को यूपी का सबसे बड़ा औद्योगिक शहर देने जा रहे हैं। पहले शासकीय उपेक्षा के कारण बुंदेलखंड के लोग पलायन करते थे, लेकिन हमारा संकल्प है कि अब देश-दुनिया के नौजवान यहां नौकरी मांगने आएंगे। 

 

इस अवसर पर उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद,  लोकनिर्माण विभाग के राज्यमंत्री कुंवर ब्रजेश सिंह, विधायक प्रकाश द्विवेदी, ओममणि वर्मा, विधान परिषद सदस्य डॉ. बाबूलाल तिवारी, जितेंद्र सिंह सेंगर, जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील सिंह पटेल, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष मालती गुप्ता ‘बासू’, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू, जिलाध्यक्ष कल्लू सिंह राजपूत आदि मौजूद रहे।

बकरी कान हिलाए तो समझो बारिश आए! हमारे किसान इन 5 पशुओं, पक्षियों, कीटों को देख बता देते थे कब और कितनी होगी बरसात

सालों से, भारतीय किसानों ने आसमान को समझने के अपने तरीके विकसित किए थे। ये कोई बिखरी हुई लोक-मान्यताएं या अलग-थलग परंपराएं नहीं थीं। कई इलाकों में, समुदाय बहुत ध्यान से देखे-परखे गए तरीकों को अपनाते थे। ये तरीके पीढ़ियों तक बेहतर बनाए गए, ग्रंथों में दर्ज किए गए और बहुत ही एकरूपता के साथ आगे की पीढ़ियों तक पहुंचाए गए।

खबरों के अनुसार, भारत में बारिश का अनुमान लगाने के कुछ सबसे पुराने तरीके खगोल विज्ञान से गहराई से जुड़े थे। खगोल विज्ञान और समय की गणना पर सबसे शुरुआती भारतीय ग्रंथों में से एक, ‘वेदांग ज्योतिष’ ने ‘पंचांग’ (हिंदू कैलेंडर) की नींव रखी, जिसका इस्तेमाल आज भी देश के कई हिस्सों में किया जाता है। सूरज, चांद और तारों की चाल पर नजर रखकर, इस तरीके से लोगों को मौसम में बदलाव और बारिश के पैटर्न का अंदाजा लगाने में मदद मिलती थी।

सदियों बाद, खगोलशास्त्री और विद्वान वराहमिहिर ने इन विचारों को और आगे बढ़ाया। छठी सदी ईस्वी में लिखी अपनी रचना ‘बृहत्संहिता’ में, उन्होंने बारिश, खगोलीय घटनाओं और वायुमंडलीय स्थितियों के बीच संबंधों का वर्णन किया। कुछ शोधकर्ताओं के अनुसार, इन अवलोकनों के कुछ हिस्से आधुनिक मौसम विज्ञान की अवधारणाओं से मिलते-जुलते हैं।

कई गांवों में, हिंदू नव वर्ष के दौरान ‘ग्राम जोशी’ या गांव का ज्योतिषी सालाना बारिश और फसल के बारे में भविष्यवाणियां पढ़कर सुनाता था। पीढ़ियों से चली आ रही गणनाओं पर आधारित ये भविष्यवाणियां अक्सर किसानों को आने वाले खेती के मौसम की योजना बनाने में मदद करती थीं।

कई रिपोर्टों के अनुसार, समय के साथ किसानों ने खगोलीय परंपराओं के साथ-साथ मौसम का अनुमान लगाने के स्थानीय तरीके भी विकसित किए। आंध्र प्रदेश की ऐसी ही एक परंपरा थी ‘तट्टा संकेतम’; इसमें अनाज से भरी टोकरी के ऊपर एक गिलास रखा जाता था और एक बच्चा उसे सावधानी से संतुलित करता था। गिलास अंत में जिस दिशा में गिरता था, उसे ग्रहों की स्थिति के साथ जोड़कर देखा जाता था और माना जाता था कि इससे आने वाले मॉनसून के मिजाज का पता चलता है।

पीढ़ियों से, किसान अपने घरों और खेतों के आस-पास होने वाले बदलावों को समझना भी सीख गए थे। बकरियों का बार-बार कान फड़फड़ाना, रात भर उल्लुओं का लगातार बोलना और लाल बालों वाली इल्लियों का तेजी से सुरक्षित जगह की ओर बढ़ना – ये सभी इस बात के संकेत माने जाते थे कि बारिश होने वाली है। बाद में वैज्ञानिकों ने पाया कि कई कीड़े इंसानों के महसूस करने से बहुत पहले ही अपने एंटीना से नमी में होने वाले बदलावों का पता लगा सकते हैं। शायद इसीलिए ऐसी बातें अक्सर सही साबित होती थीं।

मधुमक्खियों का जल्दी अपने छत्तों में लौटना और मकड़ियों का तेजी से अपने जाले ठीक करना बदलते मौसम की और चेतावनियां मानी जाती थीं। इसके अलावा, शाम के समय खाना पकाने से निकलने वाला धुआं, जो ऊपर उठने के बजाय नीचे ही रहता था, उसे हवा में नमी बढ़ने का संकेत माना जाता था।

खबरों के मुताबिक, किसान शायद ही कभी सिर्फ एक संकेत पर निर्भर रहते थे। इसके बजाय, वे बुवाई का फैसला करने से पहले कई संकेतों की जांच-पड़ताल करते थे और खेती से जुड़े फैसलों में वैसी ही सावधानी और अनुशासन बरतते थे, जिसकी अनिश्चितता के कारण जरूरत होती थी।

Yogini Ekadashi 2026 Date: योगिनी एकादशी पर त्रिपुष्कर योग के साथ रहेगा भरिणी नक्षत्र, जानें कब किया जाएगा योगिनी एकादशी का व्रत

Yogini Ekadashi 2026 Date: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। हर हिंदी माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि श्री हरि भगवान विष्णु को समर्पित है। माना जाता है कि पूरे साल में आने वाली सभी 24 एकादशी का व्रत करने वाले भक्तों के भगवान विष्णु के आशीर्वाद से सभी दुख दूर होते हैं और जीवन में खुशहाली आती है। योगिनी एकादशी का व्रत भी इनमें से एक है। यह व्रत आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है।

यह व्रत बहुत खास माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस एकादशी का व्रत रखने से पापों से मुक्ति मिलती है और और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। यह व्रत भक्तों को रोग, दरिद्रता, दुख व कलंक से दूर करता है। इस अवसर पर ठाकुरजी का आकर्षक शृंगार, विशेष पूजन, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा।

कब है योगिनी एकादशी?

पंचांग के अनुसार, आषाढ़ कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि 10 जुलाई को सुबह 8.16 बजे से एकादशी तिथि शुरू होगी। एकादशी तिथि 11 जुलाई को सुबह 5:00 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर गृहस्थजन 10 जुलाई को ही योगिनी एकादशी का व्रत रखेंगे। व्रती अगले दिन द्वादशी तिथि में विधिपूर्वक भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना के बाद पारण करेंगे।

त्रिपुष्कर योग और भरिणी नक्षत्र का शुभ संयोग

इस बार योगिनी एकादशी के दिन भरणी नक्षत्र और त्रिपुष्कर योग का संयोग बन रहा है। यह संयोग भगवान विष्णु की पूजा के लिए बहुत खास माना जाता है। इसमें भगवान विष्णु की पूजा करने से श्रीहरि प्रसन्न होते हैं और सुख समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।

योगिनी एकादशी पूजा विधि

योगिनी एकादशी व्रत के दिन प्रात:काल गंगा स्नान करें या घर में नहाने के पाने में गंगा जल मिला कर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। भगवान सूर्य को जल अर्पित करें और व्रत का संकल्प लें। इसके बाद एक चौकी पर मां लक्ष्मी और विष्णु जी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। प्रतिमाओं को शंख से स्नान करवाकर उन्हें मंजरी युक्त तुलसी अर्पित करें। ध्यान रहे तुलसी एकादशी के दिन न तोड़ें, इससे एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें। एकादशी व्रत के दिन पीपल के पेड़ पर दीपक जलाना चाहिए और इस दिन तुलसी की पूजा भी की जाती है। इस व्रत में चावल नहीं खाया जाता है। चावल से श्रीहरि की पूजा भी नहीं की जाती है।

Devshayani Ekadashi 2026: आषाढ़ शुक्ल एकादशी को होगा देवशयनी एकादशी व्रत और शुरू होंगे चतुर्मास, जानें क्या है और क्यों लगता है चतुर्मास

उत्तर प्रदेश की 2600 से अधिक नर्सरियों में 57.62 करोड़ पौधे तैयार

UP Forest Department: पौधरोपण महायज्ञ (12 जुलाई-2026) को 35 करोड़ व अन्य विशिष्ट आयोजनों पर पौधरोपण के लिए वन विभाग ने सारी तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए प्रदेश की 2600 से अधिक नर्सरियों में 57.62 करोड़ पौधे तैयार किए गए हैं। वन विभाग की नर्सरियों में 52.46 करोड़, उद्यान में 1.55 करोड़, रेशम में 44 लाख व निजी नर्सरियों में 3.17 करोड़ पौधे तैयार हो चुके हैं। पौधरोपण के लिए वन विभाग की 1939, उद्यान की 146, रेशम विभाग की 55 पौधशाला, 499 निजी पौधशाला से सभी विभागों, जनपदों, मंडलों को पौधे दिए जा रहे हैं। 

केंद्र सरकार के विभाग भी लगाएंगे पौधे 

केंद्र व प्रदेश सरकार के विभाग मिलकर इस वर्ष 35 करोड़ पौधरोपण करेंगे। नोडल विभाग (वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन) सर्वाधिक 15 करोड़ से अधिक पौधरोपण करेगा। ग्राम्य विकास विभाग 10 करोड़, कृषि विभाग 3.25 करोड़, उद्यान विभाग 1.50 करोड़, पंचायती राज 1.22 करोड़ व राजस्व विभाग एक करोड़ पौधे रोपित करेगा। वहीं केंद्र सरकार के रेलवे की तरफ से 12 लाख, रक्षा मंत्रालय की तरफ से 7 लाख पौधरोपण किया जाएगा। 

UP Forest Department

मुख्य वन संरक्षक (प्रचार/प्रसार) अदिति शर्मा ने कहा कि पौधरोपण महायज्ञ-2026 के लिए नर्सरियों में 57.62 करोड़ पौधे तैयार हो गए हैं। 12 जुलाई को होने वाले उत्सव के लिए मंडल, जनपद व विभागवार निरंतर पौध वितरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जनसहभागिता और सभी विभागों के संयुक्त प्रयास से यह महायज्ञ अभूतपूर्व होगा।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

Stocks to Watch: Knack Packaging की लिस्टिंग; Indigo, HCL, SpiceJet समेत इन स्टॉक्स पर भी रहेगा फोकस

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच आज गिफ्ट निफ्टी से घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 140.50 प्वाइंट्स यानी 0.58% की गिरावट के साथ 24,243.00 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 07 जुलाई को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 104.35 प्वाइंट्स यानी 0.13% की फिसलन के साथ 78,180.72 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 31.65 प्वाइंट्स यानी 0.13% की गिरावट के साथ 24,398.70 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर रहेगी नजर

Embassy Developments Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में एंबेसी डेवलपमेंट्स की प्री-सेल्स सालाना आधार पर 338% बढ़कर ₹868 करोड़ और कलेक्शंस 54% उछलकर ₹496 करोड़ पर पहुंच गया।

IndiGo, SpiceJet

मई महीने में में मासिक आधार पर इंडिगो का मार्केट शेयर 65% से गिरकर 64.9% पर आ गया और पैसेंजर लोड फैक्टर 82.7% से उछलकर 86.4% पर पहुंच गया तो स्पाइसजेट का भी मार्केट शेयर 3.4% से गिरकर 2.5% पर आ गया और पैसेंजर लोड फैक्टर 80.7% से 87.4% पर पहुंच गया।

Axis Bank

आरबीआई ने एक्सिस बैंक के नॉन-एग्जीक्यूटिव (पार्ट-टाइम) चेयरमैन के तौर पर एनएस विश्वनाथन की दोबारा नियुक्ति को मंज़ूरी दे दी है।

Ganesh Infraworld

गणेश इन्फ्रावर्ल्ड की सब्सिडियरी टाइकून माइन्स जीके को ₹100 करोड़ का सब-कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इस प्रोजेक्ट नौ महीनों में काम पूरा करना है और कंपनी को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में इससे रेवेन्यू मिलेगा।

IdeaForge Technology

आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजी ने 7 जुलाई को अपना क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (QIP) इश्यू लॉन्च किया और फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹835.86 तय किया। कंपनी इस फ्लोर प्राइस पर 5% तक की छूट दे सकती है।

Orchid Pharma

ऑर्किड फार्मा ने एक नए कॉम्बिनेशन एंटीबायोटिक Exblifep (सेफेपाइम/एनमेटाजोबैक्टम) के लिए Pharmasyntez JSC के साथ एक लाइसेंसिंग और सप्लाई एग्रीमेंट किया है। इसका इस्तेमाल यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन और अस्पताल में होने वाले या वेंटिलेटर से जुड़े बैक्टीरियल निमोनिया (HAP/VAP) के इलाज में होगा।

HCL Technologies

एचसीएल सॉफ्टवेयर के डेटा और एआई डिवीजन Actian ने जैस्परसॉफ्ट की एम्बेडेड एनालिटिक्स और रिपोर्टिंग कैपेबिलिटीज को अपने डेटा मैनेजमेंट पोर्टफोलियो में मिल लिया है। इससे पहले एचसीएल सॉफ्टवेयर ने जैस्परसॉफ्ट को खरीदा था।

Uno Minda

ऊनो मिंडा ने चार पहिया पैसेंजर गाड़ियों के लिए सीटिंग सिस्टम सेगमेंट में रणनीतिक विस्तार का ऐलान किया है। इसे लेकर कंपनी के बोर्ड ने महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट (ग्रीनफील्ड फैसिलिटी) लगाने को मंजूरी दी है। इस पर करीब ₹320 करोड़ का कैपेक्स हो सकता है और इसके वित्त वर्ष 2028 की चौथी तिमाही तक चालू होने की उम्मीद है।

Silver Touch Technologies

सिल्वर टच टेक्नोलॉजीज को राइट्स से एआई से लैस डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) अप्रेजल और इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म परख के डिजाइन, डेवलपमेंट और इम्प्लीमेंटेशन का ऑर्डर मिला है। सिल्वर टच इस एआई प्लेटफॉर्म को देश के बड़े-बड़े इंफ्रा प्रोजेक्ट्स जैसे कि रेलवे, हाईवे, पुल, बंदरगाह, एयरपोर्ट, मेट्रो प्रोजेक्ट और सुरंग इत्यादि के वैल्यूएशन के लिए क्षमता से लैस करेगी।

EMS

दिल्ली जल बोर्ड के सीवरेज प्रोजेक्ट के लिए ईएमएस ने सबसे कम बोली लगाई है। इस ऑर्डर करीब ₹158.28 करोड़ का है।

3i Infotech

3आई इंफोटेक की सब्सिडियरी 3आई इंफोटेक सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस को यूएई की वेदांत कंसल्टेंसी एफजेड एलएलसी से 1.765 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (RPA), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स को लेकर आईटी कंसल्टिंग सर्विस के लिए है। इसके तहत कंपनी 1 मई, 2026 से 30 अप्रैल, 2027 तक काम कर रही है।

Adani Enterprises

अदाणी एंटरप्राइजेज का QIP इश्यू 7 जुलाई को बंद हुआ। इसे ₹15,000 करोड़ के 5.2 करोड़ इक्विटी शेयर ₹2,883 के भाव पर एलॉट किए गए।

Smartworks Coworking Spaces

स्मार्टवर्क्स कोवर्किंग स्पेसेज ने ₹25 करोड़ के निवेश के साथ पुणे में अपनी मौजूदा क्षमता में 1,63,942 वर्ग फुट की जगह जोड़ी है।

Restaurant Brands Asia

रेस्टोरेंट ब्रांड्स इंडिया में ₹2235 करोड़ के निवेश से इंस्पिरा ग्लोबल (Inspira Global) ने अपने फूड एंड बेवरेज प्लेटफॉर्म लेनेक्सिस फूडवर्क्स (Lenexis Foodworks) के जरिए कंट्रोल हासिल कर लिया है। इस लेन-देन के पूरा होने के बाद इंस्पिरा ग्लोबल की कंपनी में 41.78% हिस्सेदारी हो गई है। सभी वारंट्स का इस्तेमाल करने के बाद ₹450 करोड़ के अतिरिक्त निवेश से इसकी कुल हिस्सेदारी बढ़कर 48.04% हो जाएगी।

Orbit Exports

ऑर्बिट एक्सपोर्ट्स के बोर्ड ने प्रति शेयर ₹250 के भाव पर ₹27.6 करोड़ तक के शेयर बायबैक प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

Cochin Shipyard

कोचीन शिपयार्ड का ऑफर फॉर सेल इश्यू आज बंद होगा। सरकार 2.52% इक्विटी के ओवरसब्सक्रिप्शन ऑप्शन का इस्तेमाल कर रही है।

बल्क डील्स

Containerway International

दिग्गज निवेशक आशीष चुघ ने कंटेनरवे इंटरनेशनल के 67,612 शेयर (0.58% हिस्सेदारी) ₹10.69 लाख में प्रति शेयर ₹15.82 के भाव पर बेचे। मार्च 2026 तक कंपनी में चुघ की हिस्सेदारी 1.64% (यानी 1.89 लाख शेयर) थी।

IOL Chemicals and Pharmaceuticals

पोलुनिन कैपिटल पार्टनर्स की पोलुनिन इमर्जिंग मार्केट्स स्मॉल कैप फंड एलएलसी ने आईओएल केमिकल्स एंड फार्मास्यूटिकल्स के 44.19 लाख शेयर (1.5% हिस्सेदारी) ₹73.64 करोड़ में प्रति शेयर ₹166.65 के भाव पर खरीदे।

Capital Small Finance Bank

वेस्टबोर्न इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स एलएलपी की लिप्टस पंच-कार्ड फंड ने एमिकस कैपिटल प्राइवेट इक्विटी I एलएलपी से कैपिटल स्मॉल फाइनेंस बैंक के 8.33 लाख शेयर (1.83% हिस्सेदारी) ₹25 करोड़ में खरीदे। जून 2026 तक कैपिटल स्मॉल फाइनेंस बैंक में लिप्टस पंच-कार्ड फंड की हिस्सेदारी 3% तो एमिकस कैपिटल प्राइवेट इक्विटी I की 2.85% हिस्सेदारी थी।

लिस्टिंग

आज नैक पैकेजिंग की बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी।

एक्स-डेट

आज एमफेसिस, यूनाइटेड स्पिरिट्स, ब्लिस जीवीएस फार्मा, हना जोसेफ हॉस्पिटल, केसर टर्मिनल्स एंड इंफ्रा और मोरार्का फाइनेंस के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो गुजरात इंजेक्ट केरल के स्प्लिट और मैजेस्टिक रिसर्च सर्विसेज एंड सॉल्यूशंस के रिजॉल्यूशन प्लान-सस्पेंशन की आज एक्स-डेट है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

कम इनकम में कार खरीदना अब हुआ और आसान, सैलरी बेस पर ऐसे करें सही बजट प्लान!

घर के बाद कार खरीदना ज्यादातर लोगों के लिए एक बड़ा फाइनेंशियल डिसिजन होता है। सही कार चुनते समय सिर्फ उसकी कीमत नहीं, बल्कि आपकी सालाना इनकम, मासिक खर्च, बचत और फ्यूचर की फाइनेंशियल प्लान का भी ध्यान रखना चाहिए। आमतौर पर ऐसी कार चुनना बेहतर माना जाता है, जिसकी ऑन-रोड कीमत आपकी सालाना टेक-होम इनकम के आसपास हो, ताकि ईएमआई और बाकी खर्च आसानी से संभाले जा सकें। आइए जानते हैं कि 2026 में आपकी सैलरी के हिसाब से कौन-सी कार खरीदना सबसे सही ऑप्शन हो सकता है:

सालाना आय: ₹10 लाख से ज़्यादा

10 अक्टूबर से बुक कर पाएंगे टाटा टियागो ईवी, जनवरी 2023 से मिलेगी डिलेवरी - carandbike

इस बजट में लोग आमतौर पर किफायती और माइलेज-फ्रेंडली हैचबैक या एंट्री SUV चुनते हैं। मारुति सुजुकी स्विफ्ट, हुंडई ग्रैंड i10 Nios और टाटा टियागो जैसे मॉडल भरोसेमंद और लो मेंटेनेंस विकल्प हैं। SUV लुक के लिए रेनॉल्ट काइगर और निसान मैग्नाइट भी अच्छे ऑप्शन हैं, जो स्टाइल और बजट दोनों का बैलेंस रखते हैं।

सालाना आय: ₹10-15 लाख

New Baleno 2022: मारुति सुजुकी ने लॉन्च की नए जमाने की नई बलेनो, पहली बार इस सेगमेंट में मिलेंगे ये फीचर्स, जानें कीमत - maruti suzuki launches new age baleno starting in

इस इनकम में प्रीमियम हैचबैक और कॉम्पैक्ट SUV बेहतर ऑप्शन बनते हैं। मारुति बलेनो और टोयोटा ग्लैंज़ा फीचर्स और माइलेज के लिए पॉपुलर हैं, जबकि हुंडई i20 और टाटा अल्ट्रोज़ स्टाइल और सेफ्टी का अच्छा कॉम्बिनेशन देते हैं। SUV सेगमेंट में हुंडई एक्सटर, टाटा पंच, मारुति फ्रॉन्क्स और टोयोटा टैसर काफी पसंद की जाती हैं।

सालाना आय: ₹15-25 लाख

किआ सोनेट सबकॉम्पैक्ट SUV के लॉन्च की तारीख़ का हुआ खुलासा - carandbike

यह सेगमेंट कॉम्पैक्ट SUV और सेडान का बैलेंस है। मारुति ब्रेज़ा, हुंडई वेन्यू, किआ सोनेट और महिंद्रा XUV 3XO जैसे मॉडल काफी डिमांड में हैं। वहीं होंडा एलिवेट जैसी SUV और फॉक्सवैगन वर्टस या स्कोडा स्लाविया जैसी सेडान भी अच्छे ऑप्शन हैं।

सालाना आय: ₹25-40 लाख

टाटा हैरियर के वेरिएंट लाइनअप में बदलाव - नए ट्रिम्स के बारे में विस्तार से जानकारी

इस इनकम ग्रुप में मिड-साइज SUV सबसे ज्यादा पसंद की जाती हैं। हुंडई क्रेटा और किआ सेल्टोस इस सेगमेंट की टॉप कारें हैं। इसके अलावा टोयोटा हाइब्रिड मॉडल और मारुति ग्रैंड विटारा भी अच्छे ऑप्शन हैं। बड़ी और पावरफुल SUV के लिए महिंद्रा स्कॉर्पियो-N, टाटा हैरियर और MG हेक्टर भी शामिल हैं।

सालाना आय: ₹40-60 लाख

टोयोटा इनोवा हाईक्रॉस भारत में लॉन्च, कीमत 18.30 लाख रुपये से शुरू | CarDekho.com

यहां लोग प्रीमियम SUV और लग्जरी जैसी सुविधाओं वाली गाड़ियों की तरफ बढ़ते हैं। टोयोटा इनोवा हाईक्रॉस फैमिली के लिए बेहद भरोसेमंद विकल्प है। महिंद्रा XUV700 फीचर्स के लिए मशहूर है। वहीं जीप कंपास, हुंडई टक्सन और BYD Atto 3 (EV) भी मजबूत ऑप्शन’हैं।

सालाना आय: ₹60 लाख से ₹1 करोड़

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इस लेवल पर लग्जरी ब्रांड्स में एंट्री आसान हो जाती है। BMW X1, Mercedes-Benz GLA और Volvo XC40 जैसी SUV लोकप्रिय हैं। सेडान सेगमेंट में Audi A4, BMW 3 Series और Mercedes C-Class पसंद की जाती हैं। Toyota Fortuner भी प्रीमियम SUV के तौर पर मजबूत ऑप्शन बनी रहती है।

सालाना आय: ₹1 करोड़+

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यह लेवल पूरी तरह लग्जरी और प्रीमियम कारों का है। Mercedes-Benz E-Class, BMW 5 Series जैसी सेडान और Audi Q5, BMW X3, Mercedes GLC जैसी SUV आमतौर पर पसंद की जाती हैं। वहीं Range Rover और Toyota Vellfire जैसी गाड़ियां प्रीमियम लाइफस्टाइल का एक्सपीरियंस देती हैं।

आज के समय में सभी कार सेगमेंट में कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, ऐसे में समझदारी इसी में है कि कार खरीदने का फैसला अपनी सालाना आय को ध्यान में रखकर लिया जाए। हर व्यक्ति की फाइनेंशियल सिचुएशन अलग होती है, लेकिन सैलरी के बेस पर बजट डिसाइड करने से सही ऑप्शन चुनना आसान हो जाता है।