सरकारी कंपनी को मिला ₹2831 करोड़ का प्रोजेक्ट, यूपी में बनेगा बड़ा सोलर पावर प्लांट

Coal India Update: सरकारी कोयला कंपनी Coal India को उत्तर प्रदेश में 600 मेगावाट का बड़ा सोलर पावर प्रोजेक्ट मिला है। इसके साथ ही कंपनी ने जून महीने के Single Window Mode Agnostic (SWMA) ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के आंकड़े भी जारी किए हैं। कंपनी ने बताया कि जून में इस प्लेटफॉर्म के जरिए 108.76 लाख टन कोयले का आवंटन किया गया। इस दौरान उसे नोटिफाइड कीमत के मुकाबले औसतन 42% ज्यादा कीमत मिली।

प्रोजेक्ट पर 2,831 करोड़ रुपये खर्च होंगे

Coal India ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि उसे Bundelkhand Saur Urja Ltd. से लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) मिला है। इसके तहत उत्तर प्रदेश के जालौन सोलर पार्क में 600 मेगावाट का सोलर प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट 300-300 मेगावाट की दो यूनिट में बनेगा। इससे बनने वाली बिजली 2.73 रुपये प्रति यूनिट की दर से सप्लाई की जाएगी।

कंपनी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट पर करीब 2,831.11 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) साइन होने के बाद इसे 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

जून में ई-ऑक्शन से कितना कोयला बिका?

जून के दौरान Coal India ने SWMA ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म पर 266.23 लाख टन कोयला बिक्री के लिए ऑफर किया था। इनमें से 108.76 लाख टन कोयले का आवंटन हुआ। यानी कंपनी करीब 41% कोयला आवंटित करने में सफल रही।

इन आवंटित मात्रा पर Coal India को अधिसूचित कीमत के मुकाबले औसतन 42% प्रीमियम मिला।

किस सहायक कंपनी का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा?

Coal India की अलग-अलग सहायक कंपनियों के प्रदर्शन में काफी अंतर देखने को मिला।

  • Northern Coalfields Ltd. और North Eastern Coalfields ने ऑफर किए गए कोयले का 100% आवंटन किया।
  • South Eastern Coalfields Ltd. का आवंटन 75% रहा।
  • Western Coalfields Ltd. ने 52% कोयला आवंटित किया।
  • Central Coalfields Ltd. का आंकड़ा 42% रहा।
  • Mahanadi Coalfields Ltd. ने 30% आवंटन किया।
  • Eastern Coalfields Ltd. का आवंटन 25% रहा।
  • Bharat Coking Coal Ltd. (BCCL) सबसे पीछे रही और उसका आवंटन सिर्फ 9% रहा।

पहली तिमाही में कैसा रहा प्रदर्शन?

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में Coal India ने SWMA प्लेटफॉर्म के जरिए 829.15 लाख टन कोयला ऑफर किया। इनमें से 310.69 लाख टन का आवंटन हुआ। यानी तिमाही के दौरान आवंटन दर 37% रही।

इस दौरान कंपनी को अधिसूचित कीमत के मुकाबले औसतन 44% प्रीमियम मिला।

SWMA प्लेटफॉर्म क्या है?

SWMA एक ऑनलाइन ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए Coal India अलग-अलग सेक्टरों के खरीदारों को नॉन-लिंकेज कोयला एक ही प्लेटफॉर्म से बेचती है। पहले अलग-अलग सेक्टरों के लिए अलग ई-ऑक्शन व्यवस्था थी। SWMA आने के बाद पूरी प्रक्रिया आसान और ज्यादा पारदर्शी हो गई है।

Coal India का शेयर बुधवार को NSE पर 0.89% गिरकर 435.15 रुपये पर बंद हुआ। एक साल में स्टॉक ने 11.65% का रिटर्न दिया है।

BCCL Q1 Update: सरकारी कंपनी का कोकिंग कोल प्रोडक्शन 12% घटा, शेयरों पर रहेगी नजर

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Advit Jewels Share Price: धमाकेदार लिस्टिंग के बाद लगा लोअर सर्किट, अब खरीदें, बेचें या होल्ड करें? जानिए एक्सपर्ट्स से

Advit Jewels Share Price: ज्वेलरी कंपनी Advit Jewels की बुधवार को तगड़े प्रीमियम पर लिस्टिंग हुई, लेकिन उसके बाद जोरदार मुनाफावसूली भी देखने को मिली। इसमें 5% का लोअर सर्किट लग गया। कंपनी का शेयर BSE पर 138 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले 35.5% प्रीमियम के साथ 187 रुपये पर लिस्ट हुआ। वहीं NSE पर इसकी एंट्री 188.90 रुपये पर हुई, जो इश्यू प्राइस से 36.88% ज्यादा थी।

लिस्टिंग के समय कंपनी का मार्केट कैप 814.27 करोड़ रुपये रहा। हालांकि शुरुआती तेजी ज्यादा देर टिक नहीं सकी। मुनाफावसूली बढ़ने से शेयर 5% गिरकर 179.46 रुपये पर बंद हुआ। Advit Jewels का 165.16 करोड़ रुपये का IPO पिछले हफ्ते बोली के आखिरी दिन 212.63 गुना सब्सक्राइब हुआ था। कंपनी ने IPO का प्राइस बैंड 130 से 138 रुपये प्रति शेयर तय किया था।

एक्सपर्ट ने क्या कहा?

Swastika Investmart की हेड ऑफ वेल्थ शिवानी न्याती का कहना है कि Advit Jewels की लिस्टिंग मजबूत रही है, क्योंकि कंपनी के फाइनेंशियल नतीजे भी अच्छे रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘कंपनी ने पिछले दो साल में अपना रेवेन्यू लगभग तीन गुना कर लिया है। EBITDA मार्जिन 29-30% के आसपास बना हुआ है। रिटर्न ऑन नेट वर्थ (RoNW) 43.6% रहा है। यही वजह है कि कंपनी का प्रीमियम वैल्यूएशन कुछ हद तक सही माना जा सकता है। हालांकि Advit Jewels अभी छोटी और नई कंपनी है। इसका कारोबार भी कुछ चुनिंदा इलाकों तक सीमित है, इसलिए आने वाले समय में इसके शेयर में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।’

निवेशकों के लिए सलाह

शिवानी न्याती का कहना है कि जिन निवेशकों को IPO में शेयर मिले हैं, वे शॉर्ट से मीडियम टर्म के नजरिए से इसे होल्ड कर सकते हैं। वहीं, जिन लोगों ने सिर्फ लिस्टिंग गेन के लिए निवेश किया था, वे चाहें तो थोड़ा या पूरा मुनाफा बुक कर सकते हैं।

नए निवेशकों को फिलहाल जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। उनका कहना है कि कम से कम एक-दो तिमाही के नतीजे आने का इंतजार करें, उसके बाद ही इस शेयर में बड़ा निवेश करें। उन्होंने 165 रुपये का क्लोजिंग स्टॉप-लॉस रखने की सलाह भी दी है।

Waterways Leisure की कमजोर

Cordelia Cruises चलाने वाली Waterways Leisure Tourism की लिस्टिंग निवेशकों की उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। शेयर बाजार में आते ही इसमें दबाव देखने को मिला और बाद में भी गिरावट जारी रही।

कंपनी का शेयर BSE पर 690 रुपये पर लिस्ट हुआ, जो 808 रुपये के इश्यू प्राइस से 14.60% कम था। वहीं NSE पर इसकी शुरुआत 681 रुपये पर हुई, यानी यह 15.71% के डिस्काउंट पर लिस्ट हुआ।

कमजोर लिस्टिंग की वजह क्या रही?

शिवानी न्याती का कहना है कि कंपनी की कमजोर लिस्टिंग से साफ है कि निवेशक इसके वैल्यूएशन और कारोबार से जुड़े जोखिमों को लेकर सतर्क हैं।

उन्होंने कहा, ‘हाल के समय में कंपनी का EBITDA मार्जिन घटा है। इसके अलावा इसका कारोबार फ्यूल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, यात्रियों की संख्या में कमी और दूसरे ऑपरेशनल जोखिमों से भी प्रभावित हो सकता है। करीब 101 गुना प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) वैल्यूएशन पर यह IPO निवेशकों को ज्यादा मार्जिन ऑफ सेफ्टी नहीं देता। हालांकि, सेक्टर के लॉन्ग टर्म के संकेत अच्छे जरूर हैं।’

इस शेयर में क्या करें?

शिवानी का कहना है कि जिन निवेशकों को IPO में शेयर मिले हैं, वे लंबी अवधि के नजरिए से इसे होल्ड कर सकते हैं। वहीं, नए निवेशकों को बेहतर तिमाही नतीजों और आकर्षक कीमत का इंतजार करना चाहिए। फिलहाल इस शेयर पर उनकी राय ‘न्यूट्रल’ है। उन्होंने 640 रुपये का क्लोजिंग स्टॉप-लॉस रखने की सलाह दी है।

Waterways Leisure Tourism का 585 करोड़ रुपये का IPO पिछले हफ्ते बोली के आखिरी दिन 1.46 गुना सब्सक्राइब हुआ था। कंपनी ने IPO का प्राइस बैंड 769 से 808 रुपये प्रति शेयर रखा था।

Vedanta Oil & Gas का शेयर 20% भागा, समूह की बाकी तीन कंपनियों के शेयरों को भी लगे पंख

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Advit Jewels IPO Listing: बढ़ गई पोर्टफोलियो की चमक, ₹138 के शेयरों से मिला करीब 37% का लिस्टिंग गेन

Advit Jewels IPO Listing: 100% हाथ से गहने बनाने वाली यानी हर पीस मास्टरपीस बनाने वाली अद्वित ज्वेल्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 212 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹138 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹187.00 और NSE पर ₹188.90 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 37% का लिस्टिंग गेन (Advit Jewels Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹190.00 (Advit Jewels Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 37.68% मुनाफे में हैं।

Advit Jewels IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

अद्वित ज्वैल्स का ₹165 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 23-25 जून तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 212.63 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 174.98 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 536.38 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 95.30 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1,19,68,000 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹65.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की बढ़ी हुई जरूरतों और ₹65.00 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Advit Jewels के बारे में

अद्वित ज्वेल्स जयपुर की एक ज्वेलरी कंपनी है जो “Rambhajo” ब्रांड नाम के तहत कुंदन, पोलकी, डायमंड और स्टडेड (रत्न जड़े) जैसे हाथ से बनी बेहतरीन ज्वेलरी बनाने में माहिर है। यह मुख्य रूप से बी2बी मॉडल पर काम करती है लेकिन खास ऑर्डर पर बनने वाली ज्वेलरी के लिए बी2सी सर्विसेज भी देती है। चूंकि इसकी ज्वेलरी पूरी तरह हाथ से बनाई जाती है, जिससे हर पीस एक मास्टरपीस होता है। वित्त वर्ष 2025 में इसकी कुल कमाई का 81.63% हिस्सा बी2बी सेगमेंट से और 18.37% हिस्सा बी2सी सेगमेंट से आया। इसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट जयपुर में है, जो 3डी प्रिंटर और कास्टिंग यूनिट जैसी आधुनिक मशीनों से लैस है। इससे सोना पिघलाने से लेकर पॉलिशिंग और क्वालिटी चेक तक की पूरी प्रक्रिया इन-हाउस यानी कंपनी के अंदर ही पूरी की जा सकती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 56% के CAGR से ₹25.37 करोड़ और रेवेन्यू 63% के सीएजीआर (कंपाउंड एनुअरल ग्रोथ रेट) से बढ़कर ₹124.94 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के अप्रैल-दिसंबर 2025 में कंपनी को ₹25.44 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹123.80 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। दिसंबर 2025 के आखिरी में कंपनी पर ₹64.92 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹51.64 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

पुनरोद्धार की उम्मीदों के बीच कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज के शेयरों में तेजी,लेकिन एक्सपर्ट्स को इसकी सफलता को लेकर शक, जानिए क्यों

Calcutta Stock Exchange Revival : वेस्ट बंगाल सरकार ने एक सदी पुराने कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज (CSE) को फिर से शुरू करने का इरादा ज़ाहिर किया है। इसके बाद अनलिस्टेड शेयर प्लेटफॉर्म्स पर कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज के शेयरों में ज़बरदस्त तेज़ी आई है। हालांकि,मार्केट एक्सपर्ट्स को इस एक्सचेंज के फिर से चालू होने की संभावना पर अभी भी शक है। एक्सचेंज के अनलिस्टेड शेयरों की कीमत 21 जून को लगभग 1,500 रुपये थी। 30 जून तक बढ़कर यह लगभग 1,800 रुपये पर पहुंच गई। कुछ प्लेटफॉर्म पर इस शेयर की कीमत 2,000 रुपये के करीब भी बताई जा रही है। हालांकि,इसका ट्रेडिंग वॉल्यूम बहुत कम है।

एक्सचेंज की प्रति शेयर बुक वैल्यू 3,000 रुपये से ज़्यादा है। बता दें कि 22 जून को पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री डॉ. स्वपन दासगुप्ता ने राज्य के बजट में CSE को फिर से शुरू करने की घोषणा की थी।

उम्मीद है कि राज्य सरकार के प्रस्ताव के बाद,CSE के अधिकारी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया (SEBI)के पास जमा किए गए एक्सचेंज के वॉलंटरी एग्जिट (स्वेच्छा से बाहर निकलने) के आवेदन को वापस ले लेंगे। एक्सचेंज ने फरवरी 2025 में वॉलंटरी एग्जिट के लिए आवेदन किया था,जिसके बाद SEBI ने एग्जिट प्रोसेस के तहत एक वैल्यूअर नियुक्त किया था। हालांकि,इस आवेदन पर अभी कोई अंतिम आदेश जारी नहीं किया गया है।

यह तेजी सरकार के रिवाइवल प्रपोजल को लेकर बनी उम्मीद दिखाती है। हालांकि,बाजार के जानकारों का कहना है कि किसी भी रिवाइवल के लिए SEBI की मंज़ूरी और बड़ी रेगुलेटरी,टेक्नोलॉजिकल और कमर्शियल दिक्कतों से पार पाने की जरूरत होगी।

क्या हैं बड़ी चुनौतियां?

बाजार जानकारों का कहना है कि आज किसी स्टॉक एक्सचेंज को फिर से शुरू करने के लिए सिर्फ़ रेगुलेटरी मंज़ूरी से कहीं ज्यादा की ज़रूरत होती है। कम से कम 100 करोड़ रुपये की नेट वर्थ की शर्त पूरी करने के अलावा,एक आधुनिक एक्सचेंज के लिए एडवांस्ड टेक्नोलॉजी प्लेटफ़ॉर्म,सर्विलांस सिस्टम, साइबर सिक्योरिटी क्षमताएं,क्लियरिंग और सेटलमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर और खास तौर पर ट्रेंड स्टाफ़ की ज़रूरत होती है।

हालांकि कम से कम पूंजी की शर्त को पूरा करना शायद सबसे बड़ी बाधा न हो,लेकिन क्लियरिंग कॉरपोरेशन बनाना या क्लियरिंग की व्यवस्था करना एक बड़ी चुनौती है। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार,CSE ने पहले देश के प्रमुख क्लियरिंग कॉरपोरेशन के साथ क्लियरिंग व्यवस्थाओं पर करार करने का प्रयास किया था,लेकिन वह कोशिश सफल नहीं हो पाई।

हालांकि,सबसे बड़ी बाधा लिक्विडिटी यानी अलग-अलग प्राइस लेवल पर पर्याप्त खरीदारों और विक्रेताओं की मौजूदगी है,ताकि आसानी से और कुशलता से ट्रेडिंग हो सके।

बाजार जानकारों का कहना है कि मजबूत टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर होने के बावजूद,कुछ मौजूदा एक्सचेंज भी ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बड़े इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर और ब्रोकर आम तौर पर ऐसे एक्सचेंज को पसंद करते हैं जहां लिक्विडिटी सबसे ज़्यादा होती है। इसके चलते किसी दोबारा शुरू किए गए एक्सचेंज के लिए बड़ी ट्रेडिंग एक्टिविटी को आकर्षित करना मुश्किल हो सकता है।

ANMI के नेशनल प्रेसिडेंट कमलेश श्रॉफ का कहना है कि भारत के कैपिटल मार्केट अब टेक्नोलॉजी और लिक्विडिटी पर आधारित इकोसिस्टम बन गए हैं। भले ही कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज की विरासत सम्मान के काबिल है,लेकिन इसे फिर से शुरू करने का आधार पुरानी शान के बजाय भविष्य की ज़रूरतें होनी चाहिए। अगर यह SME फाइनेंसिंग,रीजनल एंटरप्रेन्योरशिप,नए एसेट क्लास या मार्केट इनोवेशन के क्षेत्र में अपनी खास जगह बना पाता है,तो यह भारत की विकास यात्रा में अहम योगदान दे सकता है।

CSE के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO माधव रेड्डी कहते हैं कि इस एक्सचेंज को फिर से सफल बनाने के लिए,उसे एक ऐसा आकर्षक वैल्यू प्रपोज़िशन देना होगा जो अनोखा हो,किफायती हो और मौजूदा प्लेयर्स से काफी अलग हो। अगर इसमें साफ़ तौर पर कोई अलग औक खास बात नहीं होगी,तो इसके सफल पुनरुद्धार की संभावनाएं सीमित ही रहेंगी।

इसे बंद करना भी साबित हुआ मुश्किल

अजीब बात यह है कि इस एक्सचेंज को बंद करना भी उसे फिर से शुरू करने जितना ही मुश्किल साबित हुआ है। CSE ने इस साल की शुरुआत में SEBI की एग्जिट पॉलिसी के तहत स्वेच्छा से बाहर निकलने(वॉलंटरी एग्जिट)के लिए आवेदन किया था और इसके बाद रेगुलेटर ने एक वैल्यूअर नियुक्त किया। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि SEBI की 2012 की एग्जिट पॉलिसी के तहत,जो स्टॉक एक्सचेंज स्वेच्छा से बाहर निकलना चाहता है,उसे एग्जिट प्रोसेस पूरी होने से पहले ब्रोकर्स की ओर से आए दावों और देनदारियों का निपटारा करना होगा। मार्केट एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि ये देनदारियां कुछ सौ करोड़ रुपये तक हो सकती हैं।

एक्सर्ट्स आगे कहते हैं कि हालांकि SEBI कुछ रेगुलेटरी बकाया राशि माफ़ कर सकता है,लेकिन कानूनी जुर्माने सरकारी बकाया राशि के दायरे में आते हैं और उन्हें अकेले SEBI माफ़ नहीं कर सकता। इससे एग्ज़िट की प्रक्रिया और भी जटिल हो जाती है।

फिलहाल,CSE के अनलिस्टेड शेयरों में तेजी राज्य के रिवाइवल प्रपोज़ल को लेकर बनी उम्मीद दिखाती है,लेकिन जानकारों का कहना है कि एक्सचेंज का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या वह NSE और BSE के दबदबे वाले बाजार में लिक्विडिटी लाने में सक्षम एक अलग बिजनेस प्लेटफ़ॉर्म बना पाता है या नहीं।

क्यों बंद हुआ CSE?

1923 में स्थापित कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज में अप्रैल 2013 के बाद से इक्विटी ट्रेडिंग नहीं हुई है। SEBI ने मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों के लिए ज़रूरी नियमों का पालन न करने के कारण इस एक्सचेंज पर ट्रेडिंग रोक दी थी। रेगुलेटर ने इसका कारण ऑपरेशनल और रेगुलेटरी नियमों का पालन न करना बताया था। साथ ही,CSE काट्रेडिंग वॉल्यूम धीरे-धीरे NSE और BSE की ओर शिफ्ट हो गया,क्योंकि ये दोनों एक्सचेंज बेहतर टेक्नोलॉजी,देश भर में कनेक्टिविटी और काफी ज़्यादा लिक्विडिटी की सुविधा देते हैं।

जब ब्रोकर्स और इन्वेस्टर्स ने ऐसे एक्सचेंज को प्राथमिकता दी जहां बेहतर मार्केट और कीमतों का सही पता लगाने की सुविधा थी,तो CSE में ट्रेडिंग लगभग खत्म हो गई। हालांकि एक्सचेंज ने कानूनी रास्ते अपनाए और बाद में SEBI के एग्जिट फ्रेमवर्क के तहत स्वेच्छा से बाहर निकलने की कोशिश की। एक दशक से भी ज़्यादा समय से यहां कोई एक्टिव इक्विटी ट्रेडिंग नहीं हुई है।

 

 

 

Market Outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 1 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Insight : अच्छे शेयर और थीम्स खोजें और उनमें बने रहें, इंडेक्स में फिलहाल के लिए इंट्राडे ही रहें

Market Insight : आज बड़ी वाली एक्सपायरी का दिन है। आज बाजार के लिए तीन वजह से अहम दिन है। आज मंथ एंड,क्वार्टर एंड और सीरीज एंड तीनों एक साथ हैं। ऐसे में आज आखिरी 1 घंटे में काफी उतार-चढ़ाव हो सकता है। आज के मूव को ट्रेंड न समझें,ट्रेंड कल से साफ होगा। बाजार में अभी भी अपट्रेंड है। यह टूटा नहीं है। जब तक निफ्टी 23,830 (20 DEMA) के ऊपर है,ट्रेंड ठीक है और बैंक निफ्टी अभी भी सबसे मजबूत इंडेक्स है। बैंक निफ्टी अब भी 10 और 20 DEMA के काफी ऊपर है। इंडिया VIX भी 200 DMA के नीचे ही चल रहा है। ये बातें सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडीटर अनुज सिंघल ने कही है।

उन्होंने आगे कहा कि मार्केट ब्रेड्थ को लेकर दिक्कत बस कुछ दिनों की रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप काफी चल चुके हैं। ऐसे में इनमें मुनाफावसूली लाजमी है। अगले हफ्ते बाजार का ट्रेंड एकदम क्लियर हो जाना चाहिए।

बाजार: आज के संकेत

आज NSE के सभी कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी का दिन है। निफ्टी,बैंक निफ्टी,फिन निफ्टी,मिडकैप सिलेक्ट की एक्सपायरी आज होगी। शेयरों की भी एक्सपायरी आज है। निफ्टी में सबसे ज्यादा बिल्डअप 24,000 कॉल और पुट में है। ऑप्शन राइटर्स की बेसिक रेंज 23,840-24,160 है। इन दोनों लेवल्स के टूटने पर ही बड़ा मूव आ सकता है।

प्राइवेट बैंकों पर नजर

आज प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर के लिए बहुत बड़ी खबरें हैं। HDFC बैंक की दिक्कतें अब लग रहा है दूर हुई हैं। HDFC बैंक का नया पार्ट टाइम चेयरमैन अप्रूव हो गया है। जल्दी ही HDFC बैंक के CEO से जुड़ी अनिश्चितता भी दूर होनी चाहिए। एक्सिस बैंक के CFO पुनीत शर्मा HDFC बैंक के CFO होंगे। बंधन बैंक के CFO राजीव मंत्री एक्सिस बैंक से जुड़ सकते हैं।

US-ईरान तनाव जारी

कच्चा तेल $72.50 के पास है। US-ईरान के बीच आज कतर में बातचीत होने की संभावना पर सबकी नजर है। ट्रंप का दावा है कि ईरान ने बैठक का अनुरोध किया है। उधर ईरान का कहना है कि कुछ भी प्लान नहीं है। उधर US बाजारों में कल टेक और AI शेयरों के दम पर उछाल दिखा। नैस्डेक 2% चढ़ा, S&P 500 इंडेक्स 5 दिन की गिरावट के बाद 1.17% ऊपर बंद हुआ।

बाजार: कैसा है टेक्सचर?

बाजार में इस समय बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव है। लेकिन उसके बीच में इंट्राडे ट्रेंड निगेटिव है। पिछले 2-3 दिनों से पैसा बिकवाली करके बन रहा है। ऑप्शन राइटर्स के लेवल्स पर रिवर्स ट्रेड लेने से भी पैसा बना है। मगर जब तक बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव है,शॉर्ट कैरी मत करें। बड़ा ट्रेंड 23,800 के नीचे बंद होने पर ही निगेटिव होगा। बैंक निफ्टी में बड़ा ट्रेंड 57,100 के नीचे ही बंद होगा। निफ्टी IT अभी भी बाजार का सबसे बड़ा पेन प्वाइंट है। कल परसिस्टेंट की खबर पर बाजार ने ओवररिएक्शन दिया है। आगे पता चलेगा कि शायद ये खरीदारी का मौका था।

इंडिया VIX और मार्केट ब्रेड्थ पर भी नजर रखनी होगी। जब तक इंडिया VIX 14.5 यानी 200 DMA के नीचे है,दिक्कत नहीं है। मार्केट ब्रेड्थ खराब हुई है लेकिन टूट नहीं हुई है। एक रिस्क बाजार में खुला है, यह है खराब क्वालिटी के IPOs का। साथ ही ब्लॉक डील्स और OFS भी एक बड़ा रिस्क रहा है। अच्छी बात ये है कि ट्रेडिंग विंडो कल से बंद हो जाएगी और अगले 45 दिन बाजार में प्रोमोटर्स की बिकवाली बंद होगी।

Market Trend : मंथली एक्सपायरी के दिन बाजार में दबाव, फिर भी इन दो शेयरों में सही रणनीति से हो सकती है बंपर कमाई

बाजार: क्या हो रणनीति?

अच्छे शेयर और थीम्स खोजें और उनमें बने रहें। इंडेक्स में फिलहाल के लिए इंट्राडे रहें। हमें निफ्टी में 1000-2000 अंकों का ट्रेंड पकड़ने में मजा आता है। हर 100-200 अंकों के मूव पकड़ने में टेंशन ज्यादा है और मुनाफा कम। जब बड़ा 1000-2000 अंकों का मूव समझ आएगा,तब साफ नजरिया बनाएंगे। बैंक निफ्टी में अभी भी 60,000 का मूव बचा हुआ है। मगर 57,100 के नीचे बंद हुए तो ये ट्रेड कैंसल हो जाएगी। डॉनल्ड ट्रंप वाला रिस्क फैक्टर अभी भी बाकी है। अभी भी बीच-बीच में उनके बयान आते हैं जो मूड खराब करते हैं।

कच्चा तेल भी अब युद्ध से पहले वाले लेवल पर आ चुका है। अब ब्रेंट $70 के नीचे आए तो बैंक निफ्टी में बहुत बड़ी वाली रैली आएगी। डॉलर-रुपए पर भी नजर रखें,ग्लोबली डॉलर मजबूत है। एक अच्छी बात ये कि मेटल्स की कीमतें नीचे आ रही हैं। ये हमारे कई सेक्टर्स के लिए थोड़ा पॉजिटिव है,जैसे कि ऑटो।

निफ्टी पर रणनीति

इसकी आज की बेसिक रेंज 23,840-24,160 है। खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 23,850-23,900 है। SL 23,750 पर रखें। बिकवाली का सबसे अच्छा जोन 24,050-24,150 है। इसके लिए SL 24,250 पर रखें। अगर रेंज ब्रेक होती दिखे तो कॉल के जरिये दांव लगाएं।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी में आज थोड़ा सतर्क रहें। बैंक निफ्टी में 5 मिनट की 300 अंकों की बड़ी कैंडल बन सकती है। ऐसे में चाहें तो आज बैंक निफ्टी से दूर रहें। कम्पल्सिव ट्रेडर 57,200-58,200 की रेंज को ट्रेड करें।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Market Outlook : बाजार में बढ़त का सिलसिला थमा, जानिए 30 जून को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : भारतीय इक्विटी इंडेक्स का दो दिन से जारी बढ़त का सिलसिला 29 जून को टूट गया और बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 24,000 के नीचे रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 372.10 अंक या 0.48 प्रतिशत गिरकर 76,728.37 पर और निफ्टी 109.75 अंक या 0.46 प्रतिशत गिरकर 23,946.25 पर बंद हुआ। लगभग 1681 शेयरों में बढ़त हुई,2471 शेयरों में गिरावट आई और 202 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक,M&M,मारुति सुजुकी,अदाणी एंटरप्राइजेज और इंटरग्लोब एविएशन शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में मैक्स हेल्थकेयर,कोल इंडिया,डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज,एटरनल और ट्रेंट शामिल रहे।

सेक्टरों की बात करें तो ऑटो इंडेक्स में 2% की गिरावट आई। जबकि PSU बैंक,मीडिया,IT और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1-1% की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर,मेटल,फार्मा और हेल्थकेयर इंडेक्स में 1-1% की बढ़त हुई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6 प्रतिशत नीचे आया।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि US-ईरान के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते के टिके रहने को लेकर निवेशकों के सतर्क नजरिए के कारण अहम साइकोलॉजिकल लेवल के पास प्रॉफिट बुकिंग जारी रही। फिलहाल बाजार में निकट भविष्य के लिए कोई साफ दिशा नहीं दिख रही है। सप्लाई की कमी,लगातार बने महंगाई क दबाव और कमजोर मॉनसून की संभावनाओं के बीच Q1FY27 अर्निंग्स सीजन को लेकर उम्मीदें कमजोर बनी हुई हैं। इन सभी का असर मार्जिन पर पड़ने की आशंका है। बाजार में हर तरफ बिकवाली रही। हालांकि,फ़ार्मा और हेल्थकेयर जैसे डिफेंसिव सेक्टर ने बेहतर प्रदर्शन किया, क्योंकि इनकी मांग में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होता और इनकी अर्निंग का अनुमान लगाना आसान होता है।

निवेशक US के आने वाले’नॉन-फ़ार्म पेरोल’डेटा को लेकर भी सतर्क हैं। यह डेटा फेडरल रिज़र्व की पॉलिसी की दिशा पर असर डाल सकता है और ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की मौजूदा उम्मीदों को या तो मज़बूत कर सकता है या उनमें कमी ला सकता है। घरेलू बाजार से FII की निकासी में कमी और AI-आधारित ग्लोबल मार्केट के जोश का ठंडा होना,आगे चलकर बाजार के सेंटीमेंट को बेहतर बनाने में मददगार साबित हो सकता है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि निफ्टी ने हफ्ते की शुरुआत कमजोरी के साथ की और पूरे समय दबाव में रहा,क्योंकि इंडेक्स ऑवर्ली चार्ट पर 50EMA के नीचे आ गया। मोमेंटम इंडिकेटर भी कमजोर रहा और RSI में’बेयरिश क्रॉसओवर’दिखा,जो बताता है कि निकट भविष्य में सेंटीमेंट कमजोर रह सकता है।

मंगलवार को NSE की मंथली एक्सपायरी के कारण एकआध दिन उतार-चढ़ाव ज्यादा रह सकता है। हालांकि,जब तक इंडेक्स 23,800 के सपोर्ट लेवल के ऊपर बना हुआ है,तब तक शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव बना रहेगा। जब तक निफ्टी 23,800 के नीचे नहीं जाता,तब तक गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए। ऊपरी स्तर पर 24,200 के तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम करते रहने की संभावना है।

कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज बेंचमार्क इंडेक्स में ऊंचे लेवल पर प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। निफ्टी 110 अंक गिरकर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स में 372 अंकों की गिरावट आई। सेक्टर की बात करें तो फार्मा,हेल्थकेयर और मेटल इंडेक्स में लगभग 1 प्रतिशत की तेजी आई,जबकि ऑटो इंडेक्स में 1.65 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

टेक्निकल तौर पर सुस्त शुरुआत के बाद बाजार में पूरे दिन ऊंचे लेवल पर बिकवाली का दबाव देखा गया। डेली चार्ट पर एक’बेयरिश कैंडल’भी बनी,जो मौजूदा लेवल से और कमजोरी आने का संकेत देती है।

अब निफ्टी में 24,000 का लेवल डे ट्रेडर्स के लिए एक अहम रेफरेंस प्वाइंट होगा। इस लेवल के नीचे,निफ्टी 50-दिन के SMA(सिंपल मूविंग एवरेज)या 23,800–23,750 के लेवल को फिर से टेस्ट कर सकता है। दूसरी ओर,24,000 के ऊपर जाने पर तेजी 24,150–24,200 तक जारी रह सकती है। इंट्राडे मार्केट का ट्रेंड किसी खास दिशा में नहीं है। इसलिए,डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग सबसे अच्छी रणनीति होगी।

 

Trading Strategy: बाजार में रीबैलेंसिंग की बिकवाली की वजह से भी बना थोड़ा दबाव,आज और कल की चाल को ना समझें बड़ा ट्रेंड

 

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Waterways Leisure Tourism IPO का अलॉटमेंट आज, 29 जून को; चेक करने की ये है प्रोसेस

मुंबई स्थित क्रूज ऑपरेटर वॉटरवेज लीश़र टूरिज्म का 585 करोड़ रुपये का IPO 25 जून को बंद हो चुका है। इसे 1.53 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। वॉटरवेज लीश़र टूरिज्म, कॉर्डेलिया क्रूज ब्रांड के तहत कारोबार चलाती है। देश में पहली बार किसी क्रूज ऑपरेटर की लिस्टिंग होने वाली है। IPO अलॉटमेंट सोमवार, 29 जून को फाइनल होने की उम्मीद है, जिसके बाद शेयर NSE और BSE पर 1 जुलाई को शुरुआत कर सकते हैं।

जिन लोगों ने वॉटरवेज लीश़र टूरिज्म के IPO में पैसे लगाए हैं, वे इसकी रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd. और स्टॉक एक्सचेंज BSE की वेबसाइट के जरिए अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसकी प्रोसेस इस तरह है…

BSE पर कैसे करें चेक

  • https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx पर जाएं।
  • इश्यू का टाइप ‘इक्विटी’ चुनें।
  • ड्रॉपडाउन मेन्यू से Waterways Leisure Tourism IPO चुनें।
  • एप्लीकेशन नंबर या PAN डिटेल एंटर करें।
  • ‘कैप्चा’ डालें।
  • ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।

MUFG Intime की वेबसाइट से कैसे करें चेक

  • https://in.mpms.mufg.com/Initial_Offer/public-issues.html पर जाएं।
  • कंपनी नेम में Waterways Leisure Tourism को सिलेक्ट करें।
  • PAN या एप्लीकेशन नंबर या DP/क्लाइंट ID या अकाउंट नंबर/IFSC में से एक को सिलेक्ट कर डिटेल डालें।
  • सब्मिट पर क्लिक करें।

कॉर्डेलिया क्रूज भारत की प्रीमियम क्रूज लाइन है। ग्लोबल शिपिंग एंड लीश़र और राजेश चंदूमल होतवानी, वॉटरवेज लीश़र टूरिज्म के प्रमोटर हैं। कंपनी की शुरुआत एनआरआई राजेश होतवानी ने मुंबई के हितेश वकील के साथ मिलकर की थी। कंपनी ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से 263.25 करोड़ रुपये जुटाए।

लिस्टिंग को लेकर क्या संकेत

वॉटरवेज लीश़र टूरिज्म की लिस्टिंग घाटे में होने के संकेत हैं। ग्रे मार्केट में शेयर IPO के अपर प्राइस बैंड 808 रुपये से लगभग 6% डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है। IPO में 72 लाख नए शेयर जारी हुए। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 72 प्रतिशत, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.23 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 4.40 गुना भरा।

Advit Jewels IPO अलॉटमेंट आज, 29 जून को; शेयर मिले या नहीं ऐसे कर सकते हैं चेक

IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

Waterways Leisure Tourism अपने IPO से हासिल इनकम में से 480 करोड़ रुपये का इस्तेमाल डिपॉजिट/एडवांस्ड लीज किराए के लिए और स्टेप-डाउन सब्सिडियरी ‘बेक्रूज शिपिंग एंड लीजिंग (IFSC) प्राइवेट लिमिटेड’ को पट्टे पर जहाजों की खरीद के लिए मंथली लीज के पेमेंट को लेकर करेगी। बाकी पैसों का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

Waterways Leisure Tourism की वित्तीय स्थिति

कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 52.14 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। इससे पहले के वित्त वर्ष में कंपनी को 168.19 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। वित्त वर्ष 2026 में इनकम 586.99 करोड़ रुपये रही, जो वित्त वर्ष 2025 में 597.68 करोड़ रुपये थी। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर 101.90 करोड़ रुपये की उधारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Advit Jewels IPO अलॉटमेंट कल, 29 जून को; शेयर मिले या नहीं ऐसे कर सकते हैं चेक

जयपुर की कंपनी अद्वित ज्वेल्स का 165.16 करोड़ रुपये का IPO 25 जून को बंद हो चुका है। इसे 212.63 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। अब 29 जून को अलॉटमेंट फाइनल होने की उम्मीद है। उसके बाद कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 1 जुलाई को हो सकती है। जिन लोगों ने इस IPO में पैसे लगाए हैं, वे इसकी रजिस्ट्रार Bigshare Services Pvt Ltd और स्टॉक एक्सचेंज BSE की वेबसाइट के जरिए अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसकी प्रोसेस इस तरह है…

BSE पर कैसे करें चेक

  • https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx पर जाएं।
  • इश्यू का टाइप ‘इक्विटी’ चुनें।
  • ड्रॉपडाउन मेन्यू से Advit Jewels IPO चुनें।
  • एप्लीकेशन नंबर या PAN डिटेल एंटर करें।
  • ‘कैप्चा’ डालें।
  • ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।

Bigshare Services की साइट से

  • https://www.bigshareonline.com/ipo_allotment.html पर जाएं।
  • 3 सर्वर्स में से किसी एक को चुनें।
  • कंपनी में Advit Jewels सिलेक्ट करें।
  • एप्लीकेशन नंबर/PAN/बेनिफीशियरी ID में से किसी एक को सिलेक्ट कर डिटेल एंटर करें।
  • ‘कैप्चा’ डालें।
  • ‘सर्च’ बटन पर क्लिक करें।

कंपनी हाथ से बनी पारंपरिक और आधुनिक ज्वेलरी बनाती और बेचती है। यह रामभजो (Rambhajo) ब्रांड नेम के तहत कुंदन, पोलकी, डायमंड और जड़ाऊ गहनों में माहिर है। कंपनी के प्रमोटर नितिन गिलारा, प्रतीक गिलारा, विपुल गिलारा और श्री कृष्ण वर्धन गिलारा हैं। प्री-IPO राउंड में अद्वित ज्वेल्स ने एंकर इनवेस्टर्स को 18.32 लाख शेयर जारी करके 22.9 करोड़ रुपये जुटाए। वहीं इश्यू की ओपनिंग से एक दिन पहले एंकर विंडो के जरिए 49.52 करोड़ रुपये जुटाए।

Silver Consumer Electricals: प्री-IPO राउंड में जुटाए ₹150 करोड़; कंपनी में हार्दिक पांड्या, अर्पित खंडेलवाल जैसे दिग्गजों का है निवेश

कैसी रह सकती है लिस्टिंग?

अद्वित ज्वेल्स की लिस्टिंग अच्छी रहने के संकेत हैं। ग्रे मार्केट में शेयर IPO के अपर प्राइस बैंड 138 रुपये से 35.51% प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। IPO में 1.20 करोड़ नए शेयर जारी हुए। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 174.98 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 536.38 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 95.30 गुना भरा।

IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

कंपनी अपने IPO से हुई कमाई का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए, कर्ज चुकाने के लिए और सामान्य कॉरपोरेट कामों के लिए करेगी। अद्वित ज्वेल्स की अप्रैल-दिसंबर 2025 अवधि में कुल इनकम 123.80 करोड़ रुपये रही। शुद्ध मुनाफा 25.44 करोड़ रुपये रहा। इस बीच कंपनी पर 64.92 करोड़ रुपये की उधारी थी। EBITDA 36.68 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2025 के दौरान कुल इनकम 124.94 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 25.37 करोड़ रुपये था। EBITDA 37.15 करोड़ रुपये था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPOs This Week: 29 जून से शुरू हफ्ता रहने वाला है जबरदस्त, खुलेंगे 10 नए इश्यू, 10 कंपनियां होंगी लिस्ट

29 जून से शुरू हफ्ते में देश का IPO मार्केट गुलजार रहने वाला है। इसका कारण है कि 10 नए पब्लिक इश्यू खुलने वाले हैं। इनमें से 2 मेनबोर्ड सेगमेंट के हैं। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले 3 IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। इनमें से एक मेनबोर्ड सेगमेंट का है। शेयर बाजार में होने जा रही नई लिस्टिंग्स की बात करें तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 10 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

नए IPO

Aastha Spintex IPO: मेनबोर्ड सेगमेंट में ₹170 करोड़ का इश्यू 29 जून को खुलेगा और 1 जुलाई को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹125-₹136 प्रति शेयर है। लॉट साइज 110 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 6 जुलाई को हो सकती है।

Adon Agro Commodities IPO: यह 29 जून को खुलेगा। कंपनी ₹44.03 करोड़ जुटाना चाहती है। बोली ₹66-₹70 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में और 2,000 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। 1 जुलाई को इश्यू बंद होने के बाद कंपनी की लिस्टिंग BSE SME पर 6 जुलाई को हो सकती है।

Twinkle Papers IPO: ₹27.52 करोड़ का यह इश्यू भी 29 जून को खुलेगा और क्लोजिंग 1 जुलाई को होगी। प्राइस बैंड ₹64-₹69 प्रति शेयर और लॉट साइज 2,000 शेयर है। कंपनी के शेयर BSE SME पर 6 जुलाई को शुरुआत कर सकते हैं।

Kratikal Tech IPO: यह इश्यू 30 जून को खुलेगा और 2 जुलाई को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹128-₹135 प्रति शेयर है। लॉट साइज 1,000 शेयर है। कंपनी का इरादा ₹39.69 करोड़ जुटाने का है। शेयर BSE SME पर 7 जुलाई को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Vinit Mobile IPO: यह भी 30 जून को खुल रहा है। साइज ₹34.13 करोड़ है। क्लोजिंग 2 जुलाई को होगी। बोली ₹150-₹158 प्रति शेयर के भाव पर और 800 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। शेयरों की लिस्टिंग NSE SME पर 7 जुलाई को हो सकती है।

Sampark India Logistics IPO: ₹27.22 करोड़ का इश्यू 30 जून को खुलकर 2 जुलाई को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹80-₹84 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,600 शेयर है। कंपनी BSE SME पर 7 जुलाई को लिस्ट हो सकती है।

Seemax Resources IPO: ₹19.74 करोड़ का यह पब्लिक इश्यू भी 30 जून से 2 जुलाई के बीच खुला रहेगा। ₹134-₹141 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में निवेश कर सकते हैं। लॉट साइज 1,000 शेयर है। कंपनी के शेयर BSE SME पर 7 जुलाई को शुरुआत कर सकते हैं।

Atharva Polyplast IPO: यह 30 जून को ओपन होगा। प्राइस बैंड ₹55-₹60 प्रति शेयर और लॉट साइज 2,000 शेयर है। कंपनी ₹27 करोड़ जुटाना चाहती है। 2 जुलाई को IPO बंद होने के बाद शेयर BSE SME पर 7 जुलाई को लिस्ट हो सकते हैं।

Teja Engineering Industries IPO: यह भी 30 जून को खुलेगा और 2 जुलाई को बंद होगा। साइज ₹37.36 करोड़ है। फाइनल IPO प्राइस ₹220 प्रति शेयर और लॉट साइज 600 शेयर है। कंपनी NSE SME पर 7 जुलाई को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Knack Packaging IPO: मेनबोर्ड सेगमेंट में एक और इश्यू 1 जुलाई को ओपन होगा। क्लोजिंग 3 जुलाई को होगी। कंपनी का इरादा ₹439.50 करोड़ जुटाने का है। इश्यू के लिए प्राइस बैंड ₹161-₹170 प्रति शेयर और लॉट साइज 88 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 8 जुलाई को लिस्ट हो सकते हैं।

इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग