Tata Motors को 3400 से ज्यादा eCV के ऑर्डर, सोमवार को शेयर भर सकता है फर्राटा

टाटा ग्रुप के कमर्शियल व्हीकल बिजनेस टाटा मोटर्स के शेयरों में सोमवार, 22 जून को अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है। कंपनी को माल ढुलाई, लॉजिस्टिक्स और यात्री परिवहन जैसे क्षेत्रों में 3,400 से ज्यादा इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों (eCV) के ऑर्डर मिले हैं। इस बारे में कंपनी ने शेयर बाजारों को जानकारी दी है। एक्सचेंज फाइलिंग में टाटा मोटर्स ने कहा कि इन ऑर्डर्स में लगभग 2,000 छोटे कमर्शियल व्हीकल्स और पिक-अप्स, 900 ट्रक और 500 बसें शामिल हैं।

इनका इस्तेमाल कई तरह के कामों में होगा, जैसे कि ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स, FMCG और FMCD डिस्ट्रीब्यूशन, शहर के अंदर आवाजाही, और साथ ही सीमेंट, स्टील, माइनिंग और एयरपोर्ट ऑपरेशन्स जैसे मुश्किल क्षेत्रों में भी। इसके अलावा, ये वाहन शहर के अंदर और शहरों के बीच यात्री परिवहन के लिए भी इस्तेमाल किए जाएंगे।

टाटा मोटर्स के मुताबिक, इतने बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का इस्तेमाल असल हालात में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी समाधानों पर ग्राहकों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है। साथ ही, यह पायलट प्रोग्राम से आगे बढ़कर अलग-अलग तरह के कामों में EV को बड़े पैमाने पर और ऑपरेशनल तौर पर शामिल करने की दिशा में एक अहम बदलाव का संकेत है। टाटा मोटर्स के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 401.95 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 1.48 लाख करोड़ रुपये है। शेयर BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है।

12 महीनों में eCV पोर्टफोलियो किया काफी मजबूत

कंपनी ने कहा कि पिछले 12 महीनों में उसने अपने इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल पोर्टफोलियो को काफी मजबूत किया है। अलग-अलग तरह के कामों और ऑपरेशंस की स्थितियों के हिसाब से नई पीढ़ी के eCV पेश किए हैं। टाटा मोटर्स की पहले से ही बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक गाड़ियां चल रही हैं। कई शहरों में इसकी 3,800 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें ऑपरेशनल हैं। ये बसें कुल मिलाकर 55 करोड़ किलोमीटर से ज्यादा चल चुकी हैं। छोटे कमर्शियल व्हीकल्स सेगमेंट की बात करें तो सड़कों पर 17,000 से ज्यादा Tata eSCV चल रहे हैं।

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हाल ही में सरकार के साथ किया है एक समझौता

हाल ही में टाटा मोटर्स ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के साथ समझौता किया है। इसके तहत कंपनी दिल्ली-एनसीआर में पुराने ट्रकों और बसों को नई और कम प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों से बदलने की सरकारी योजना में हिस्सा लेगी। योजना के तहत टाटा मोटर्स पात्र ग्राहकों को नए ट्रक और बस खरीदने पर एक्स-शोरूम कीमत पर 8% तक की छूट देगी। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) पर भी छूट मिलेगी।

योजना में शामिल लोगों को केंद्र सरकार की ओर से कई फायदे मिलेंगे। सरकार 5% ब्याज सब्सिडी देगी। इसके अलावा 5 साल तक हर महीने फ्यूल वाउचर भी दिए जाएंगे। योजना में शामिल राज्य सरकारें मोटर व्हीकल टैक्स में 10 साल तक 100% तक की छूट दे सकती हैं। इसके अलावा पात्र लोगों को व्हीकल रजिस्ट्रेशन फीस भी नहीं देनी होगी। योजना को लागू करने के लिए Ashok Leyland और Switch Mobility ने भी सरकार के साथ समझौता किया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

बाजार की गिरावट में छुपा है अमीरी का सीक्रेट! कब गिरेगा बाजार यह सोचना छोड़ें, SIP के इन 4 सीक्रेट्स से बुढ़ापे में बरसेंगे नोट

The Secret behind SIP Success: शेयर बाजार में पैसा लगाने वाले हर निवेशक के मन में एक सवाल हमेशा घूमता रहता है ‘क्या मुझे अभी निवेश करना चाहिए या मार्केट के गिरने का इंतजार करना चाहिए?’ यह चिंता जायज भी है, क्योंकि कोई भी व्यक्ति यह नहीं चाहता कि उसके निवेश करते ही बाजार में गिरावट आ जाए।

लेकिन कड़वा सच यह है कि बड़े-बड़े दिग्गज फंड मैनेजर भी मार्केट की टाइमिंग का सही अंदाजा नहीं लगा पाते। ऐसे में आम निवेशकों के लिए सबसे बेहतरीन और परखा हुआ फॉर्मूला है- सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी। 4 आसान पॉइंट्स में समझिए लॉंग टर्म में वेल्थ क्रिएशन का असली सीक्रेट।

1. मार्केट की टाइमिंग नहीं, टाइम मायने रखता है

ज्यादातर लोग सही एंट्री पॉइंट की तलाश में सालों खराब कर देते हैं। छोटे समय में बाजार उतार-चढ़ाव भरा हो सकता है। लेकिन जब आप अपने निवेश का नजरिया 10, 15 या 20 साल का कर देते हैं, तो तस्वीर पूरी तरह बदल जाती है। लंबे समय में अर्थव्यवस्था बढ़ती है, कंपनियां बड़ी होती हैं और बाजार हर बड़े झटके से उबरकर नया हाई बनाता है। इसलिए बाजार कब ऊपर-नीचे हो रहा है, यह देखने के बजाय यह मायने रखता है कि आप कितने लंबे समय तक टिके रहते हैं।

2. मंदी ही है वो समय, जहां भविष्य का मुनाफा बनता है

जब बाजार ऊपर जाता है, तो हर किसी को अपनी एसआईपी का पोर्टफोलियो देखना अच्छा लगता है। लेकिन असली परीक्षा तब होती है जब बाजार में बड़ी गिरावट आती है। समझदार निवेशक जानते हैं कि मंदी का समय एसआईपी के लिए ‘सेल’ की तरह होता है।

जब बाजार गिरता है, तो आपकी तय रकम जैसे- ₹5000 महीना में आपको उस म्यूचुअल फंड की ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं। और जब बाजार दोबारा रिकवर होता है, तो यही मंदी के समय खरीदी गई ज्यादा यूनिट्स आपके रिटर्न को रॉकेट बना देती हैं।

3. इंसानी इमोशन और डर हो जाते हैं दूर

मार्केट की खबरों, हेडलाइंस और लोगों की बातों को सुनकर निवेशक अक्सर डर में गलत फैसले ले लेते हैं। एसआईपी इस डर को निवेश से पूरी तरह बाहर कर देती है। चूंकि हर महीने एक निश्चित तारीख को आपका पैसा खुद-ब-खुद कट जाता है, इसलिए आपको यह सोचने की जरूरत ही नहीं पड़ती कि आज मार्केट तेज है या मंदा। यह ऊंचे बाजार में कम यूनिट्स और गिरे हुए बाजार में ज्यादा यूनिट्स खरीदकर आपके निवेश की लागत को खुद ही एवरेज कर देता है।

4. निवेशक का अपना बर्ताव ही है उसका सबसे बड़ा दुश्मन

वेल्थ क्रिएशन के रास्ते में सबसे बड़ा रोड़ा बाजार का उतार-चढ़ाव नहीं, बल्कि खुद निवेशक का व्यवहार होता है। जब बाजार गिरता है और चारों तरफ नकारात्मक खबरें होती हैं, तो कई लोग घबराकर अपनी एसआईपी रोक देते हैं या घाटे में म्यूचुअल फंड बेच देते हैं। ऐसा करके वे ‘मंहगे में खरीदने और सस्ते में बेचने’ के जाल में फंस जाते हैं। एसआईपी में सफल वही होता है जो बाजार के सबसे खराब दौर में भी बिना डरे अपनी किस्त चालू रखता है।

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एसआईपी आपको बाजार के उतार-चढ़ाव से नहीं बचा सकती और न ही यह रातों-रात अमीर बनने की गारंटी देती है। लेकिन यह आपको बिना ज्यादा परेशान हुए, हर महीने अनुशासित तरीके से बचत करने की आदत डालती है। निवेश में कामयाबी एक दिन में सही फैसला लेने से नहीं, बल्कि हर महीने सही फैसले को सालों तक दोहराने से मिलती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

पत्नी से मांगी 50 लाख की फिरौती! शेयर बाजार में नुकसान के बाद शख्स ने रची किडनैपिंग खतरनाक साजिश

गुजरात के सूरत में किडनैपिंग का एक अनोखा मामला सामने आया है। इस मामले की जांच कर रही पुलिस को जब किडनैपिंग की सच्चाई पता चली तो हर कोई हैरान रह गया। गुजरात के सूरत में एक व्यक्ति पर खुद के किडनैपिंग की झूठी कहानी बनाने का आरोप लगा है। पुलिस के अनुसार, शेयर बाजार में बड़ा आर्थिक नुकसान होने के बाद उसने अपने परिवार से लाखों रुपये हासिल करने के लिए पूरी साजिश रची। शुरुआत में मामला किडनैपिंग का लग रहा था, लेकिन जांच के दौरान ऐसे सुराग मिले जिनसे पता चला कि घटना के पीछे की हकीकत कुछ और ही थी। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी की पहचान गुजरात के सूरत में मोटा वराछा के रहने वाले जिग्नेश लालजीभाई तलाविया के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक उसने किडनैपिंग की झूठी कहानी बनाई, फिरौती के मैसेज भेजे और गुजरात और इस वजह से गुजरात के साथ-साथ मध्य प्रदेश में भी जांच एजेंसियों को सक्रिय होना पड़ा।

पुलिस में दर्ज करवाया टिकट

मामले की शुरुआत 12 जून को हुई, जब जिग्नेश की पत्नी ने पुलिस को बताया कि उनका पति एक दिन पहले 11 जून को घर से बिना किसी को बताए गए थे और उसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल रहा है। शिकायत दर्ज होने के कुछ समय बाद परिवार के पास मोबाइल फोन से मैसेज आने लगे, जिनमें दावा किया गया कि जिग्नेश का किडनैपिंग कर लिया गया है। संदेश भेजने वालों ने उसकी रिहाई के बदले 50 लाख रुपये की मांग की और पैसे नहीं मिलने पर जान से मारने की धमकी भी दी। इन संदेशों के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी।

पुलिस ने नंबर को किया ट्रैक

फिरौती वाले मैसेज के बाद परिवार को जिग्नेश के मोबाइल से एक वीडियो भी मिला, जिसमें वह काफी घबराया हुआ नजर आ रहा था। वीडियो में भी पैसों की मांग दोहराई गई, जिससे परिवार और पुलिस की चिंता बढ़ गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए सूरत पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कई विशेष टीमों को जांच में लगाया। पुलिस ने तकनीकी मदद और निगरानी के जरिए उसकी तलाश शुरू कर दी ताकि जल्द से जल्द उसकी सही लोकेशन का पता लगाया जा सके। जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल की लोकेशन ट्रैक की, जिससे पता चला कि फोन मध्य प्रदेश के उज्जैन क्षेत्र में एक्टिव था। जिसके बाद पुलिस टीमों को सर्च जारी रखने के लिए वहां भेजा गया।

लेकिन एनालिसिस के दौरान, अधिकारियों को डिजिटल सबूतों में कमियां और गड़बड़ियां मिलीं। वीडियो और लोकेशन डेटा किडनैपिंग के दावों से पूरी तरह मेल नहीं खा रहे थे। आगे की जांच से पता चला कि वीडियो शायद गुजरात के गोधरा में रिकॉर्ड किया गया था। इसके आधार पर सर्च एरिया बदल दिया गया।

कब हुआ किडनैपिंग का खुलासा

जांच आगे बढ़ने पर 15 जून को पुलिस ने जिग्नेश को गोधरा के एक होटल से बरामद कर लिया। वह पूरी तरह सुरक्षित था, जिसके बाद किडनैपिंग की आशंका खत्म हो गई। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसके साथ कोई किडनैपिंग नहीं हुआ था और पूरी घटना एक सोची-समझी योजना का हिस्सा थी। पुलिस के अनुसार, वह 11 जून को खुद ही घर से निकला था। उसने अपना स्कूटर सूरत में एक जगह खड़ा किया, फिर सार्वजनिक वाहन से रेलवे स्टेशन पहुंचा और वहां से ट्रेन पकड़कर उज्जैन चला गया था।

क्यों रची ये साजिश

पुलिस जांच में सामने आया कि जिग्नेश ने खुद ही अपने मोबाइल से परिवार को किडनैप होने और पैसे की मांग करने की बात कही गई थी। शक से बचने के लिए वह बीच-बीच में अपना फोन बंद और चालू करता रहा। जांच में ये भी पता चला कि वह दो दिन के लिए उज्जैन में ठहरा था और बाद में गोधरा पहुंच गया। अधिकारियों के अनुसार, आर्थिक परेशानी इस पूरे मामले की मुख्य वजह हो सकती है। जांच के दौरान पता चला कि शेयर बाजार में जोखिम भरे निवेश के कारण उसे भारी नुकसान हुआ था, जिसके चलते उसने यह पूरा नाटक रचा।

50-60 लाख रुपए का हुआ नुकसान

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि जिग्नेश को पहले हुए आर्थिक नुकसान से उबरने के लिए परिवार की मदद मिल चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद उसने शेयर बाजार में निवेश जारी रखा। बताया जा रहा है कि बाद में उसे फिर से बड़ा नुकसान हुआ, जिसकी रकम करीब 50 से 60 लाख रुपए तक पहुंच गई। मामले की जांच के बाद उतरन पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

Saraswati Rajyog 2026: कर्क राशि में बनने जा रहा है सबसे पावरफुल योग, सरस्वती राजयोग चमकाएगा इन 4 राशियों को बंपर लाभ

Saraswati Rajyog 2026: ज्योतिष शास्त्रों में ग्रहों के कुछ संयोग अत्यंत पावरफुल और दुर्लभ माने जाते हैं। सरस्वति राजयोग भी ऐसा ही एक दुर्लभ संयोग है, जो सोमवार, 22 जून को कर्क राशि में बनने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के इस सबसे शक्तिशाली राजयोग का प्रभाव 4 जुलाई तक रहेगा। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में यह योग बनता है, उन्हें जीवन में ज्ञान, सफलता और सम्मान की कमी नहीं रहती है। इस राजयोग के शुभ प्रभाव से कई लोगों के लिए प्रगति और सफलता के नए रास्ते खुल सकते हैं। खासकर शिक्षा, करियर या व्यापार से जुड़े लोगों के लिए यह बेहद प्रभावशाली होगा।

इस दुर्लभ राजयोग का निर्माण कर्क राशि में हो रहा है, जहां इस समय कई बड़े ग्रहों का जमावड़ा है। इस राशि में धन, एश्वर्य और प्रेम के दाता शुक्र मौजूद हैं। इससे पहले 02 जून को देवगुरु बृहस्पति ने इस राशि में गोचर कर चुके हैं। इस राशि में गुरु उच्च के होते हैं, इसलिए यह राजयोग और भी ज्यादा प्रभावशाली होगा। सोमवार 22 को ग्रहों के राजकुमार बुध भी कर्क राशि में गोचर करेंगे। गुरु, शुक्र और बुध के संयोग से सरस्वती राजयोग का निर्माण होगा।

सरस्वती राजयोग कैसे बनता है?

ज्योतिष के अनुसार, गुरु, बुध और शुक्र एक साथ कुंडली के केंद्र या त्रिकोण भाव में मजबूत स्थिति में होते हैं, तब सरस्वती राजयोग बनता है। खासकर जब गुरु उच्च या अपनी ही राशि में हों, तब यह राजयोग अत्यंत प्रभावशाली हो जाता है। इस बार बनने वाला यह राजयोग 4 राशियों के लिए खास लाभ लेकर आ रहा है।

इन राशियों के लिए लकी होगा सरस्वती राजयोग

मेष राशि : मेष राशि वालों के लिए यह योग सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी करने वाला साबित होगा। पुराने निवेश से फायदा मिल सकता है और आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। नौकरी करने वालों को प्रमोशन या मनचाही जगह ट्रांसफर मिलने के योग बन रहे हैं। पैतृक मामलों में भी राहत मिल सकती है।

मिथुन राशि : मिथुन राशि के लोगों के लिए यह समय कमाई के लिहाज से अच्छा रहेगा। खासकर मीडिया, मार्केटिंग, शिक्षा और कानून से जुड़े लोगों को फायदा मिल सकता है। अटका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना है। कमाई के नए रास्ते खुल सकते हैं।

कर्क राशि : इस राशि के लोगों के लिए यह समय बेहद खास रहने वाला है। करियर में तरक्की मिलेगी और काम की सराहना होगी। आर्थिक रूप से भी स्थिति मजबूत होगी। रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। बिजनेस करने वालों को अच्छा मुनाफा मिलने के संकेत हैं।

मीन राशि : मीन राशि वालों के लिए भाग्य का साथ मिलने वाला है। अचानक धन लाभ हो सकता है और समाज में सम्मान बढ़ेगा। नौकरी के नए अवसर मिल सकते हैं और व्यापार में भी अच्छा लाभ मिलने के संकेत हैं। लंबे समय से रुके काम पूरे हो सकते हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

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गार्डन रीच शिपबिल्डर्स को मिला नवरत्न का दर्जा, शेयरों को लग सकते हैं पंख

गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) को नवरत्न का दर्जा मिला है। फाइनेंस मिनिस्ट्री के तहत आने वाला डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज ने यह दर्जा दिया है। यह डिफेंस सेक्टर की इस सरकारी कंपनी के लिए बड़ी उपलब्धि है। एक्सचेंज को इस बारे में दी गई जानकारी के मुताबिक, कंपनी को यह दर्जा 19 जून, 2026 के एक ऑफिस मेमोरंडम के जरिए दिया गया।

कोलकाता की गार्डन रीच शिपब्लिडर्स (GRSE) ने कहा है कि नवरत्न का दर्जा कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, ऑपरेशनल एफिशियंसी और राष्ट्रीय सुरक्षा में उसके योगदान का प्रमाण है। नवरत्न का दर्जा मिलने के बाद सरकारी कंपनी को कामकाज के मामलों में ज्यादा आजादी मिलती है। कंपनी बड़े वित्तीय फैसले ले सकती है। कंपनी बड़ा निवेश कर सकती है और कारोबार का विस्तार कर सकती है।

GRSE के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर कोमोडोर पीआर हरि (रिटायर्ड) ने कहा, “यह कंपनी के सफर में यादगार पल है। यह हर जीआरएसई फैमिली के हर सदस्य के लिए गौरव की बात है।” उन्होंने कहा कि इस दर्जे के बाद कंपनी को स्ट्रेटेजिक अपॉर्चुनिटीज का इस्तेमाल करने में आसानी होगी। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही कंपनी की ग्लोबल लेवल पर प्रतिस्पर्धा की क्षमता भी बढ़ेगी।

FY26 में ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर 7,002 करोड़ रुपये हो गया। टैक्स बाद प्रॉफिट बढ़कर 748 करोड़ रुपये हो गया। FY26 में कंपनी ने 8 वॉरशिप की डिलीवरी की। इनमें 30 मार्च को एक ही दिन तीन जहाजों की डिलीवरी शामिल है। इनमें एडवान्स्ड गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट Dunagiri, सर्वे जहाज संशोधन और एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट Agray शामिल हैं।

गार्डन रीच अपनी क्षमता का विस्तार कर रही है। इसके लिए मौजूदा फैसिलिटीज के साथ ही नई फैसिलिटीज बनाई जा रही हैं। कंपनी ने 800 से ज्यादा मरीन प्लेटफॉर्म्स बनाए हैं। इसने इंडियन नेवी, कॉस्ट गार्ड और मित्र देशों को 118 वॉरशिप की डिलीवरी की है। कंपनी जर्मनी के एक क्लाइंट के लिए 12 मल्टी-पर्पस जहाज बना रही है। इस साल कंपनी का शेयर करीब 15 फीसदी चढ़ा है।

Bonus Share: हर 1 शेयर पर 5 नए शेयर फ्री पाने का मौका, 24 जून रिकॉर्ड डेट; डिविडेंड भी मिलेगा जल्द

ZF कमर्शियल व्हीकल कंट्रोल सिस्टम्स इंडिया लिमिटेड बोनस शेयर देने जा रही है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 24 जून है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में होंगे, वे बोनस शेयर पाने के हकदार होंगे। कंपनी अपने शेयरहोल्डर्स को उनके पास मौजूद हर 1 शेयर पर 5 नए शेयर बोनस के तौर पर दे रही है।

बोनस इश्यू की घोषणा मई में हुई थी। बोनस शेयरों का अलॉटमेंट 25 जून को किया जाएगा। शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये है। ZF कमर्शियल व्हीकल कंट्रोल सिस्टम्स इंडिया, ऑटो कंपोनेंट और इक्विपमेंट सेक्टर की कंपनी है।

डिविडेंड भी देने वाली है कंपनी

ZF कमर्शियल व्हीकल कंट्रोल सिस्टम्स इंडिया वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 4 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड भी देने वाली है। इस पर 24 जुलाई को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट 22 अगस्त को या उससे पहले किया जाएगा। डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 10 जुलाई 2026 है।

शेयर 3 महीनों में 18 प्रतिशत मजबूत

ZF Commercial Vehicle Control Systems India का शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। कीमत वर्तमान में BSE पर 15764.05 रुपये है। 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 16,592.85 रुपये और एडजस्टेड लो 11,811 रुपये है। शेयर 3 महीनों में लगभग 18 प्रतिशत चढ़ा है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 60 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। कंपनी का मार्केट कैप 30000 करोड़ रुपये के करीब है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

कंपनी का जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 1,132.80 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 141.35 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 4,055.48 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 506.68 करोड़ रुपये रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Upcoming IPOs: AGS Health समेत 4 और कंपनियों के IPO कतार में, SEBI ने दिया ग्रीन सिग्नल

कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI ने 4 और कंपनियों के IPO को मंजूरी दे दी है। ये कंपनियां हैं- एजीएस हेल्थ, पीजीपी ग्लास, श्रेणी शेयर्स और SRIT इंडिया। एजीएस हेल्थ और पीजीपी ग्लास ने मार्च 2026 में सेबी के पास कॉन्फिडेंशियल तरीके से IPO का ड्राफ्ट जमा किया था। कॉन्फिडेंशियल रूट कंपनियों को लिस्टिंग पर अंतिम फैसले पर पहुंचने तक गोपनीयता की सुविधा देता है। अगर जरूरी हो तो वे बाद में बाजार की स्थितियों के आधार पर महत्वपूर्ण जानकारी का खुलासा किए बिना ड्राफ्ट को वापस भी ले सकती हैं।

कॉन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग कंपनियों को सेंसिटिव बिजनेस डिटेल्स या फाइनेंशियल मेट्रिक्स और रिस्क्स को गोपनीय रखने की इजाजत देती है, खासकर कॉम्पिटीटर्स से। दूसरी ओर स्टैंडर्ड DRHP (ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस) फाइलिंग के बाद एक पब्लिक डॉक्युमेंट बन जाता है।

एजीएस हेल्थ 4500 करोड़ रुपये और पीजीपी ग्लास 4,100 करोड़ रुपये का पब्लिक इश्यू लाना चाहती है। इस तरह ये दोनों कंपनियां कुल मिलाकर 8600 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में हैं।

बाकी दोनों कंपनियों का क्या प्लान

ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार, स्टॉक ब्रोकिंग फर्म श्रेणी शेयर्स के प्रस्तावित पब्लिक इश्यू में 69 लाख तक नए शेयर जारी होंगे। साथ ही मौजूदा शेयरधारकों की ओर से 82 लाख तक शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। कंपनी नए शेयर जारी कर हासिल होने वाली रकम का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने, कुछ कर्ज चुकाने और सामान्य कॉर्पोरेट कामों के लिए करने की योजना बना रही है।

ड्राफ्ट पेपर के अनुसार, SRIT इंडिया के IPO में 1.68 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी होंगे। ऑफर फॉर सेल नहीं होगा। IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल मौजूदा प्रोडक्ट्स को आधुनिक बनाने और उनके रीडेवलपमेंट, वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने, पहले से न पता अधिग्रहणों (Acquisitions) के जरिए इनऑर्गेनिक ग्रोथ हासिल करने और सामान्य कॉर्पोरेट कामों के लिए किया जाएगा।

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जियो प्लेटफॉर्म्स ने भी जमा किया IPO ड्राफ्ट

जियो प्लेटफॉर्म्स ने भी अपने पब्लिक इश्यू के लिए ड्राफ्ट सेबी के पास जमा कर दिया है। यह देश का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू साबित हो सकता है। कंपनी करीब 4 अरब डॉलर (लगभग 37,700 करोड़ रुपये) जुटाने की योजना बना रही है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nestle India दे सकती है स्पेशल डिविडेंड का तोहफा, 3 जुलाई को होगा फाइनल

किटकैट और मैगी जैसे प्रोडक्ट्स की ओनर FMCG कंपनी नेस्ले इंडिया (Nestle India) के शेयरहोल्डर्स के लिए स्पेशल डिविडेंड की घोषणा हो सकती है। इस प्रस्ताव पर कंपनी का बोर्ड 3 जुलाई की मीटिंग में चर्चा करने वाला है। इस बारे में कंपनी ने शेयर बाजारों को जानकारी दी है। कंपनी का कहना है कि स्पेशल डिविडेंड मंजूर होने पर उसका पेमेंट 30 जुलाई को या 30 जुलाई से किया जाएगा। इस डिविडेंड पर 3 जुलाई को ही सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी।

एक्सचेंज फाइलिंग में नेस्ले इंडिया ने कहा कि कंपनी ​वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 5 रुपये प्रति शेयर का फाइनल ​डिविडेंड देने वाली है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 10 जुलाई है। यही तारीख स्पेशल डिविडेंड के लिए भी रिकॉर्ड डेट होगी। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। कंपनी इससे पहले वित्त वर्ष 2026 के लिए 7 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड दे चुकी है।

Nestle India का शेयर 3 महीनों में 19 प्रतिशत चढ़ा

नेस्ले इंडिया के शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। BSE पर वर्तमान में शेयर प्राइस 1415.35 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 2.73 लाख करोड़ रुपये के करीब है। शेयर BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है। 3 महीनों में शेयर की कीमत 19 प्रतिशत मजबूत हुई है। BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 1,498.60 रुपये और एडजस्टेड लो 1,085 रुपये है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 62.76 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

22 जुलाई को जारी होंगे जून तिमाही के नतीजे

नेस्ले इंडिया ने यह भी जानकारी दी है कि उसका बोर्ड 22 जुलाई को भी एक मीटिंग करने वाला है। इस मीटिंग में अप्रैल-जून 2026 तिमाही के वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 6,747.79 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 1,114.11 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2026 में स्टैंडअलोन रेवेन्यू 23,154.60 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 3,544.60 करोड़ रुपये रहा।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPOs This Week: 22 जून से शुरू हफ्ते में खुलेंगे 8 नए इश्यू, 6 कंपनियां होंगी लिस्ट

22 जून से शुरू हफ्ते में देश में 8 नए IPO खुलने वाले हैं। इनमें से 3 मेनबोर्ड सेगमेंट के हैं। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले 4 IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। इनमें से एक मेनबोर्ड सेगमेंट का है। शेयर बाजार में होने जा रही नई लिस्टिंग्स की बात करें तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 6 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। ये सभी SME हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

नए IPO

Advit Jewels IPO: मेनबोर्ड सेगमेंट में यह इश्यू 23 जून को ओपन होगा। प्राइस बैंड ₹130-₹138 प्रति शेयर है। लॉट साइज 100 शेयर है। कंपनी का इरादा ₹165.16 करोड़ जुटाने का है। 25 जून को इश्यू की क्लोजिंग होने के बाद शेयर NSE और BSE पर 1 जुलाई को लिस्ट हो सकते हैं।

Waterways Leisure Tourism IPO: मेनबोर्ड सेगमेंट में ₹585 करोड़ का इश्यू 23 जून को ओपन होगा और क्लोजिंग 25 जून को होगी। प्राइस बैंड ₹769-₹808 प्रति शेयर है। लॉट साइज 18 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 1 जुलाई को होने की उम्मीद है।

Shreedhar Spinners IPO: ₹30.68 करोड़ का इश्यू 23 जून को खुलेगा और 25 जून को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹51-₹53 प्रति शेयर है। लॉट साइज 2,000 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद लिस्टिंग NSE SME पर 1 जुलाई को होने वाली है।

Jivial Industries IPO: यह 23 जून को खुलेगा और 25 जून को बंद होगा। कंपनी ₹31.99 करोड़ जुटाना चाहती है। फाइनल इश्यू प्राइस ₹196 प्रति शेयर और लॉट साइज 600 शेयर है। शेयर BSE SME पर 1 जुलाई को लिस्ट हो सकते हैं।

Dhanwel Hybrid Seeds IPO: यह 24 जून को खुलेगा और 29 जून को बंद होगा। इश्यू साइज ₹26.73 करोड़ है। प्राइस बैंड ₹95-₹99 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,200 शेयर है। कंपनी के शेयर BSE SME पर 2 जुलाई को शुरुआत कर सकते हैं।

CSM Technologies IPO: कंपनी ₹145.78 करोड़ जुटाना चाहती है। इश्यू 24 जून को खुलेगा और 29 जून को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹107-₹113 प्रति शेयर और लॉट साइज 132 शेयर है। लिस्टिंग NSE और BSE पर 2 जुलाई को हो सकती है।

Sri Priyanka Geo Commex IPO: यह ₹94.51 करोड़ का है। ओपनिंग 24 जून को होगी। बोली ₹207-₹212 प्रति शेयर के भाव पर लगा सकते हैं। लॉट साइज 600 शेयर है। 29 जून को इश्यू बंद होने के बाद शेयर NSE SME पर 2 जुलाई को लिस्ट हो सकते हैं।

IC Electricals IPO: यह 25 जून को खुलेगा और 30 जून को बंद होगा। अभी साइज, प्राइस बैंड, लॉट साइज तय नहीं हुआ है। शेयर NSE SME पर 3 जुलाई को शुरुआत कर सकते हैं।

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पहले से खुले IPO

Riyaasat Lifestyle IPO: ₹30.77 करोड़ का इश्यू 18 जून को खुला था और 22 जून को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹102-₹108 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,200 शेयर है। अभी तक यह महज 8 प्रतिशत भरा है। शेयर BSE SME पर 25 जून को लिस्ट हो सकते हैं।

Avience Biomedicals IPO: ₹30.24 करोड़ का इश्यू 22 जून को बंद होगा। 18 जून से अब तक यह 43.79 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। प्राइस बैंड ₹196-₹208 प्रति शेयर है। लॉट साइज 600 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE SME पर 25 जून को लिस्ट हो सकते हैं।

Anubhav Plast IPO: यह 19 जून को खुला था और 23 जून को बंद होगा। कंपनी ₹24 करोड़ जुटाना चाहती है। इश्यू अब तक 1.21 गुना भर चुका है। बोली ₹77-₹80 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में लगा सकते हैं। लॉट साइज 1,600 शेयर है। कंपनी के BSE SME पर 29 जून को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Turtlemint Fintech Solutions IPO: यह इश्यू भी 19 जून को खुला था और 23 जून को बंद होगा। साइज ₹882.67 करोड़ है। प्राइस बैंड ₹144-₹152 प्रति शेयर और लॉट साइज 98 शेयर है। अभी तक यह IPO 46 प्रतिशत सब्सक्राइब हो चुका है। शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 29 जून को हो सकती है।

इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 24 जून को NSE SME पर Clay Craft की लिस्टिंग होने वाली है। इसी दिन BSE SME पर Diksha Polymers, Leapfrog Engineering और Liotech Industries के शेयर अपनी शुरुआत कर सकते हैं। इसके बाद 25 जून को BSE SME पर Riyaasat Lifestyle के लिस्ट होने की उम्मीद है। इसी दिन NSE SME पर Avience Biomedicals की लिस्टिंग हो सकती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।