Aastha Spintex IPO: तीन दिनों में 3 गुना भरा आईपीओ, पैसे लगाने से पहले चेक करें पूरी डिटेल्स

Aastha Spintex IPO: आईपीओ खुलने के तीसरे और आखिरी दिन आस्था स्पिटेंक्स तीन गुने से अधिक भर गया। इसके ₹170 करोड़ के आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। ग्रे मार्केट में भी इसके शेयरों की स्थिति प्रीमियम दिख रही है। फिलहाल यह आईपीओ के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले ₹6 यानी 4.41% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स के आधार पर ही निवेश से जुड़ा फैसला लेना चाहिए। इसके शेयरों की 6 जुलाई को बीएसई और एनएसई एंट्री होगी।

सब्सक्रिप्शन डिटेल्स

QIB (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स)- 1.04 गुना

NII (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स)- 5.41 गुना

रिटेल इंवेस्टर्स- 1.73 गुना

टोटल- 3.06 गुना

(सोर्स: बीएसई, 01 Jul 2026 | 01:18:00 PM )

Aastha Spintex IPO: खास बातें

आस्था स्पिेंटक्स का ₹170 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 29 जून को खुला था और आज 1 जुलाई तक के लिए मौका खुला। इस इश्यू के लिए प्राइस बैंड ₹125-₹126 फिक्स किया गया है और लॉट साइज 110 शेयरों का है यानी कि खुदरा निवेशकों को कम से कम ₹14,960 में बोली लगानी है। इस आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी हो रहे हैं। इन नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹111.51 करोड़ फाल्कन यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड के अधिग्रहण के पेमेंट का कुछ हिस्सा भरने, ₹10 करोड़ फाल्कन यार्न्स के वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में खर्च होंगे।

कंपनी के बारे में

कार्डेड, कॉम्बेड और कॉम्पैक्ट कॉम्बेड कॉटन यार्न और कॉटन बेल्स के मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग को लेकर आस्था स्पिंटेक्स एक जानी-मानी कंपनी है। कंपनी अपने कॉटन बेल्स का इस्तेमाल दो तरह से करती है- अपने खुद के कॉटन यार्न के प्रोडक्शन के लिए और दूसरी स्पिनिंग मिलों को बेचने या सप्लाई करने के लिए। इसके अलावा कंपनी की गुजरात के मोरबी जिले में एक सेमी-ऑटोमेटेड स्पिनिंग और जिनिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। कंपनी टेक्सटाइल प्रोडक्शन के दौरान निकलने वाले कॉटन यार्न वेस्ट को रीसायकल करके दूसरे प्रोडक्ट भी बनाती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 के बीच इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 21% की रफ्तार से बढ़कर ₹352.17 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन शुद्ध मुनाफा रॉकेट की स्पीड से बढ़ा जोकि वित्त वर्ष 2023 में ₹1.06 करोड़ और वित्त वर्ष 2024 में ₹16.29 करोड़ से वित्त वर्ष 2025 में ₹22.92 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के 9 महीने यानी अप्रैल-दिसंबर 2025 में इसे ₹314.02 करोड़ का रेवेन्यू और ₹17.56 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हासिल हुआ।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HUDCO Shares: Q1 में दोगुना लोन अप्रूव, धमाकेदार बिजनेस अपडेट पर चमके शेयर

HUDCO Shares: हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HUDCO) के शेयर जून 2026 तिमाही के कारोबारी अपडेट पर रॉकेट बन गए। लोन सैंक्शन के करीब दोगुना होने औ डिस्बर्समेंट्स में 28% के उछाल ने इसके शेयरों की चमक बढ़ा दी और यह 3% से अधिक उछल पड़ा। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया जिससे शेयरों की चमक कुछ फीकी पड़ी लेकिन निचले स्तर पर खरीदारी ने भाव टूटने नहीं दिया और अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 1.85% की बढ़त के साथ ₹208.90 के भाव पर है। इंट्रा-डे में यह 3.17% के उछाल के साथ ₹211.60 तक चढ़ गया था।

HUDCO के बिजनेस अपडेट की खास बातें

एक्सचेंज फाइलिंग में दिए गए हुडको के बिजनेस अपडेट के मुताबिक जून 2026 तिमाही में कंपनी का लोन सैंक्शन्ड सालाना आधार पर ₹33,904 करोड़ से उछलकर ₹65,485 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान लोन डिस्बर्समेंट्स भी ₹12,812 करोड़ से 28% बढ़कर ₹16,377 करोड़ पर पहुंच गया। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने कुल ₹1.64 लाख करोड़ के लोन मंजूर किए और ₹51,194 करोड़ के लोन बांटे। कंपनी का फोकस अर्बन इंफ्रा फाइनेंसिंग पर तेजी से बढ़ रहा है और वित्त वर्ष 2026 के आखिरी में इसकी कंपनी के कुल लोन बुक में करीब 74% हिस्सेदारी रही। पिछले वित्त वर्ष में कोई नया एनपीए नहीं जुड़ा, जबकि ₹403 करोड़ की रिकवरी हुई। साथ ही कंपनी की उधारी लागत भी सालाना आधार पर 7.44% से घटकर 6.56% रह गई।

हुडको ने किया मालामाल

करीब छह साल पहले कोरोना महामारी के समय हुडको के शेयर फर्श पर थे और 24 मार्च 2020 को यह महज ₹18.05 में मिल रहा था। इसके बाद शेयरों ने रफ्तार पकड़ी और 4 ही साल में यह 1860.94% उछलकर 15 जुलाई 2024 को ₹353.95 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई है। इस प्रकार महज चार साल में इसने निवेशकों का पैसा करीब 20 गुना बढ़ा दिया।

पिछले एक साल में इसके शेयरों के चाल की बात करें तो इसने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 18 नवंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹246.90 के भाव पर था जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 4 महीने में यह 35.62% फिसलकर 30 मार्च 2026 को ₹158.95 के भाव पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Reliance Power Share Price: रिलायंस पावर के शेयरों को लगे पंख, AI में एंट्री के ऐलान का असर

Reliance Power Share Price: रिलायंस पावर के शेयरों को 1 जुलाई को बाजार खुलते ही पंख लग गए। शुरुआती कारोबार में शेयर 18 फीसदी तक चढ़ गया। 12 बजे शेयर का भाव 15.90 फीसदी उछाल के साथ 28.79 रुपये पर चल रहा था। शेयरों में उछाल की वजह कंपनी का एक ऐलान है। कंपनी ने आर्टफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और न्यू एज टेक्नोलॉजीज में उतरने का ऐलान किया है।

बाजार खुलते ही 18 फीसदी चढ़ गया शेयर

1 जुलाई को बाजार खुलते ही Reliance Power का शेयर 18.35 फीसदी चढ़कर 29.40 रुपये पर पहुंच गया। बाद में तेजी थोड़ी सुस्त पड़ी। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को बताया है कि उसने तेजी से विकसित हो रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अलॉयड न्यू-एज टेक्नोलॉजीज में उतरने का प्लान बनाया है। इसके लिए कंपनी ने अपनी सब्सिडियरीज के जरिए कुछ खास कदम उठाए हैं।

एआई में कंपनी की बड़ी एंट्री

रिलायंस पावर के मुताबिक, इस कदम का मकसद अपने बिजनेस फ्रेमवर्क के तहत एआई और इससे संबंधित टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना है। इसके लिए कंपनी ने अपनी सब्सिडियरीज कंपनियों के ऑब्जेक्ट में संशोधन किया है। रिलायंस पावर ने अपनी सब्सिडियरीज कंपनियों के नामों में बदलाव के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। इनमें Reliance AI Green Power Private Limited, Reliance AI Power Private Limited, Reliance AI Data Control private और Reliance AI Data C Private Limited शामिल हैं।

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तीन महीनों में 30 फीसदी चढ़ा शेयर 

रिलांयस पावर के शेयरों में बीते तीन महीनों में करीब 30 फीसदी तेजी आई है। इस दौरान सेंसेक्स सिर्फ 5 फीसदी चढ़ा है। 1 जुलाई को शेयर बाजारों में तेजी दिखी। 12 बजे निफ्टी 0.66 फीसदी यानी 158 अंक चढ़कर 24,022 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.72 फीसदी यानी 552 अंक के उछाल के साथ 77,025 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी में भी 0.73 फीसदी की तेजी दिखी।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Auto Stocks का दम, Sensex में 500 अंकों का उछाल, Nifty भी तीन बड़ी वजहों से 24000 के पार

Stock Market Rally: एक कारोबारी दिन पहले की तेज गिरावट से उबरते हुए आज घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स-निफ्टी ने अच्छी बढ़त हासिल की। सेंसेक्स इंट्रा-डे में प्वाइंट्स से अधिक ऊपर चढ़ गया तो निफ्टी 50 भी 24000 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर रौनक है और निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे-आधे फीसदी की बढ़त है। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 11:25 AM पर सेंसेक्स 469.41 प्वाइंट्स यानी 0.61% की बढ़त के साथ 76,948.08 और निफ्टी 137.40 प्वाइंट्स यानी 0.58% के उछाल के साथ 24,003.15 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 541.13 प्वाइंट्स चढ़कर 77,019.80 और निफ्टी भी 161.10 प्वाइंट्स उछलकर 24,026.85 तक पहुंच गया था।

Stock Market Rally: इन वजहों से छाई रौनक

ऑटो और एफएमसीजी स्टॉक्स में जोरदार तेजी

जून महीने की बिक्री के आंकड़े पर ऑटो स्टॉक्स झूम उठे और इसका निफ्टी इंडेक्स 1% से ऊपर चढ़ गया। एफएमसीजी सेक्टर में भी अच्छी रौनक है और निफ्टी एफएमसीजी डेढ़ फीसदी से अधिक मजबूत हुआ है। निफ्टी रियल्टी में भी 1% से अधिक बढ़त है। इनकी तेजी ने आईटी, मेटल और फार्मा सेक्टर में बिकवाली के दबाव को फीका कर दिया जिनके निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी की गिरावट है।

एशियाई बाजारों से मजबूत संकेत

घरेलू मार्केट को आज एशियाई बाजारों से मजबूत संकेत से सपोर्ट मिला है। ताइवान का ताइवान वेटेड डेढ़ फीसदी से अधिक, जापान का निक्केई 225 करीब 1% और चीन का शंघाई कंपोजिट करीब आधे फीसदी मजबूत हुआ है। हालांकि दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 2% से अधिक गिरावट का असर भारत में आईटी सेक्टर पर दिख रहा है।

तकनीकी वजह

मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक जब तक निफ्टी 23800 के ऊपर बना हुआ है, मार्केट ऊपर चढ़ सकता है। एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पालवीया का कहना है कि 24200 के ऊपर जाकर निफ्टी टिकता है तो यह 24400 की तरफ बढ़ सकता है। हालांकि अगर यह 24000 का लेवल नहीं हासिल कर पाता है तो यह फिर 23800-23900 का लेवल छू सकता है।

कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान मानना है कि सेंसेक्स/निफ्टी के लिए 24,000/77,000 अहम ब्रेकआउट लेवल है और ऐसा हुआ तो मार्केट 24,150–24,200/77,500–77,700 की तरफ बढ़ सकता है। वहीं नीचे की तरफ तात्कालिक सपोर्ट जोन 23,900–23,800 पर है और 50-दिनों का एसएमए 23,800/76,300 के पास है। श्रीकांत के मुताबिक अगर यह लेवल टूटा तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और मार्केट 23,700–23,600/75,800–75,500 की तरफ खिसक सकता है।

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VA Tech Wabag Share: रेखा झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो वाला ये इंफ्रा सेक्टर का स्टॉक ऑर्डर मिलने के बाद 6% दौड़ा, जानें डिटेल

VA Tech Wabag Share Price: इंफ्रा सेक्टर की दिग्गज कंपनी और रेखा झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो वाला स्टॉक, VA Tech Wabag के शेयर बुधवार, 1 जुलाई को इंट्राडे में 6 फीसदी से ज्यादा की छलांग लगाते नजर आए। शेयर में यह तेजी उस वक्त आई जब कंपनी ने बताया कि उसे ऑस्ट्रिया के वियना में डोनौइंसेल वॉटर वर्क्स के विस्तार के लिए एक “बड़ा” ऑर्डर मिला।

VA Tech Wabag का शेयर प्राइस ₹2,010.75 के पिछले बंद भाव के मुकाबले ₹2,039.95 पर खुला और सुबह के सेशन में 6.30% उछलकर ₹2,137.45 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। हालांकि, स्टॉक ने जल्द ही बढ़त कम कर दी और सुबह 11.20 बजे के आसपास 3.37% बढ़कर ₹2,075 पर ट्रेड करता नजर आया।

VA Tech Wabag को ऑस्ट्रिया में ऑर्डर मिला

बुधवार, 1 जुलाई को मार्केट खुलने से पहले, कंपनी ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसे वियना शहर, म्युनिसिपल डिपार्टमेंट MA 31 – वीनर वासर से ऑस्ट्रिया के वियना में डोनौइंसेल वॉटर वर्क्स को बढ़ाने के लिए एक बड़ा ऑर्डर मिला है। ऑर्डर की वैल्यू ₹250 से ₹600 करोड़ के बीच होने की उम्मीद है।

एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, पूरी फैसिलिटी 2030 में पूरी होने और चालू होने वाली है, जिसके बाद एक्सेप्टेंस माइलस्टोन तय किए जाएंगे। कंपनी ने कहा, “Wabag के लिए, यह प्रोजेक्ट ऑस्ट्रिया में एक फ्लैगशिप रेफरेंस है और यूरोप पर ग्रुप के स्ट्रेटेजिक फोकस को दिखाता है।”

कंपनी ने कहा कि यह प्रोजेक्ट वियना शहर की ‘वीनर वासर 2050’ स्ट्रैटेजी का हिस्सा है। कंपनी ने अपनी फाइलिंग में कहा कि इसकी डिज़ाइन कैपेसिटी 1,000 लीटर प्रति सेकंड है, जो लगभग 86 MLD के बराबर है।

डोनौइनसेल वॉटर वर्क्स के विस्तार से वियना के पीने के पानी के सिस्टम की मज़बूती बढ़ेगी, क्योंकि इससे शहर के मशहूर अल्पाइन स्प्रिंग वॉटर सप्लाई के साथ एक कंट्रोल किया जा सकने वाला ग्राउंडवॉटर-बेस्ड सप्लाई पिलर जुड़ जाएगा। यह प्लांट सुरक्षित कुओं के खेतों से ग्राउंडवॉटर को ट्रीट करेगा और वियना के वॉटर सप्लाई सिस्टम में अच्छी क्वालिटी का पीने का पानी देगा।

VA टेक वबाग के CEO-यूरोप क्लस्टर, महमूत गेडेक ने कहा, “डोनौइनसेल वॉटर वर्क्स का विस्तार वियना की लंबे समय तक चलने वाली पीने के पानी की सप्लाई के लिए एक मील का पत्थर है और कंपनी की टेक्नोलॉजी की विशेषज्ञता का एक मज़बूत सबूत है।”

22 मई को CNBC-TV18 के साथ बातचीत में, VA टेक वबाग के चेयरमैन और MD, राजीव मित्तल ने कहा कि कंपनी के लिए पश्चिम एशिया प्रोजेक्ट का काम जारी है। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि फाइनेंशियल ईयर 2027 में एग्जीक्यूशन 20% गाइडेंस को पार कर सकता है, जबकि इसका मीडियम-टर्म रेवेन्यू गाइडेंस 15% से 20% के बीच और इसका EBITDA 13% से 15% के बीच बना रहेगा।

रेखा झुनझुनवाला का एक पोर्टफोलियो स्टॉक

जानी-मानी इन्वेस्टर रेखा झुनझुनवाला की पिछली तिमाही में VA Tech Wabag में 8% से ज़्यादा हिस्सेदारी थी। FY25 की मार्च तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न डेटा के अनुसार, रेखा झुनझुनवाला के पास VA Tech Wabag में 50,00,000 शेयर थे, जो 8.02% हिस्सेदारी के बराबर है।

मार्च तिमाही के आखिर तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के पास कुल मिलाकर 1,03,44,924 शेयर या कंपनी में 16.60% हिस्सेदारी थी।

VA Tech Wabag एक मल्टीबैगर स्टॉक है

इस स्टॉक ने लंबे समय में मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। BSE डेटा के अनुसार, VA Tech Wabag के शेयर तीन साल और पांच साल में क्रमशः 325% और 500% बढ़े हैं।

पिछले एक साल में, स्टॉक ने 46% का रिटर्न दिया है। इस साल 27 जनवरी को ₹1,033.95 के 52-हफ़्ते के सबसे निचले स्तर पर पहुंचने के बाद, स्टॉक 25 जून को ₹2,188.95 के 52-हफ़्ते के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा था।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

SME Listing: तीन लिस्टिंग, दो ने लगाया तगड़ा करंट, एक में प्रीमियम एंट्री के बाद और बढ़ा पैसा

SME Listing: मेनबोर्ड सेगमेंट में आज दो स्टॉक्स- अद्वित ज्वेल्स (Advit Jewels) और कॉर्डेला क्रूजेज (Cordella Cruises) की पैरेंट कंपनी वाटरवेज लेजर टूरिज्म (Waterways Leisure Tourism) की एंट्री हुई तो एसएमई सेगमेंट में भी जिवियल इंडस्ट्रीज (Jivial Industries), श्रीधर स्पिनर्स (Shreedhar Spinners) और रियासत लाइफस्टाइल (Riyaasat Lifestyle) के शेयर लिस्ट हुए। इनमें से दो ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया क्योंकि इन्होंने लिस्टिंग पर मुनाफा देने की बजाय 20% पूंजी ही घटा दी। श्रीधर स्पिनर्स ने जरूर ढाई फीसदी से अधिक का लिस्टिंग गेन दिया।

स्टॉकइश्यू प्राइस लिस्टिंग प्राइस लिस्टिंग गेन/लॉसमौजूदा भावप्रॉफिट/लॉस
Jivial Industries ₹196₹156.80(-)20.00%₹151.25 (-)22.83%
Shreedhar Spinners ₹53₹54.40 2.64% ₹57.10 7.74%
Riyaasat Lifestyle ₹106₹84.80 (-)20.00% ₹80.60(-)23.96%

Jivial Industries

एल्युमीनियम रेलिंग और फिक्स्चर बनाने वाली जिवियल इंडस्ट्रीज के ₹32 करोड़ के आईपीओ को फीकी रिस्पास मिला था और 0.93 गुना ही भरा था। इसमें खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित आधा हिस्सा तो 22% ही भर पाया जबकि एनआईआई (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स) का हिस्सा 1.57 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपाओ के तहत ‌₹27 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं तो ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए भी ₹10 की फेस वैल्यू वाले 2,72,400 शेयरों की बिक्री हुई है।

आईपीओ के ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत जारी पैसे शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹14.40 करोड़ मशीनरी खरीदने, ₹4.00 करोड़ मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के रिनोवेशन, और बाकी पैसे आईपीओ के खर्चों को भरने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

कंपनी के सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2023-25 के बीच इसका शुद्ध मुनाफा 59% के सीएजीआर से बढ़कर ₹2.97 करोड़ और टोटल इनकम सालाना 19% से अधिक की रफ्तार से बढ़कर ₹12.07 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के 9 महीने में कंपनी को ₹2.95 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹12.20 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ। दिसंबर 2025 के आखिरी में कंपनी पर ₹1.23 करोड़ का कर्ज था और रिजर्व-सरप्लस में ₹8.35 करोड़ पड़े थे।

Shreedhar Spinners

कॉटन के धागे बनाने वाली श्रीधर स्पिनर्स के ₹31 करोड़ के आईपीओ को अच्छा रिस्पांस मिला था और 6.70 गुना भरा था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB (एक्स-एंकर) का हिस्सा 2.51 गुना, एनआईआई का हिस्सा 14.58 गुना और खुदरा निवेशकों का 5.71 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसके आईपाओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 57.88 लाख नए शेयर ₹53 के भाव पर जारी हुए हैं। इसके जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹21.04 करोड़ वर्किंग कैपिटल, ₹4.95 करोड़ मौजूदा मैनुफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए मशीनरी खरीदने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

कंपनी के सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 के बीच इसका शुद्ध मुनाफा 35% के सीएजीआर से बढ़कर ₹6.17 करोड़ और टोटल इनकम सालाना 7% से अधिक की रफ्तार से बढ़कर ₹146.55 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹115.90 करोड़ का कर्ज था और रिजर्व-सरप्लस में ₹14.11 करोड़ पड़े थे।

Riyaasat Lifestyle

एथनिक वियर कंपनी रियासत लाइफस्टाइल के ₹30 करोड़ के आईपाओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था। ओवरऑल यह 1.32 गुना भरा था लेकिन खुदरा निवेशकों का हिस्सा 0.44 गुना और एनआईआई का हिस्सा 0.09 गुना ही भरा जबकि QIB (एक्स-एंकर) का ही हिस्सा 20.33 गुना भरा। इसके आईपाओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 28,48,800 शेयर ₹106 के भाव पर जारी हुए हैं। इसके जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹12.47 करोड़ चार नए शोरूम बनाने, ₹9.50 करोड़ वर्किंग कैपिटल और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

कंपनी के सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2023-25 के बीच इसका शुद्ध मुनाफा 29% के सीएजीआर से बढ़कर ₹4.87 करोड़ और टोटल इनकम सालाना 9% से अधिक की रफ्तार से बढ़कर ₹25.19 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के 10 महीने में कंपनी को ₹4.29 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹28.13 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ। जनवरी 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹38.97 करोड़ का कर्ज था और रिजर्व-सरप्लस में ₹9.50 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

KPIT Technologies Share: बाजार खुलते ही केपीआईटी टेक्नोलॉजीज का शेयर क्रैश, जेपी मॉर्गन ने घटाया टारगेट प्राइस

KPIT Technologies Share: बाजार खुलते ही 1 जुलाई को केपीआईटी टेक्नोलॉजीज का शेयर धड़ाम हो गया। 10 फीसदी गिरने के बाद शेयर में लोअर सर्किट लग गया। इसकी वजह कंपनी का बयान है। ऑटोमोटिव सॉफ्टेवेयर कंपनी ने कहा है कि जून तिमाही में उसकी प्रॉफिट ग्रोथ कमजोर रह सकती है। इसके बाद जेपी मॉर्गन ने इसके शेयर की रेटिंग घटा दी है। इसके शेयर का टारगेट प्राइस भी कम कर दिया है। इसका असर बुधवार को बाजार खुलने पर शेयरों को देखने को मिला। लोअर सर्किट के बाद दोबारा ट्रेडिंग शुरू होने पर भी शेयर में बिकवाली दबाव जारी रहा।

15 फीसदी तक फिसला शेयर

KPIT Technologies का शेयर 1 जुलाई को 10 बजे 15.83 फीसदी गिरकर 564 रुपये पर चल रहा था। इससे यह BSE Midcap Index का सबसे ज्यादा गिरने वाला शेयर बन गया। बीते एक साल में यह शेयर 51.5 फीसदी गिरा है। इस दौरान निफ्टी 50 में सिर्फ 6.4 फीसदी की गिरावट आई है। कंपनी ने कहा है कि इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में उसका रेवेन्यू पहली तिमाही जितनी रहने का अनुमान है। इससे यह संकेत मिलता है कि शॉर्ट टर्म में कमजोरी बनी रह सकती है।

शेयरों में 362 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील

केपीआईटी टेक्नोलॉजीज के करीब 62.61 लाख शेयरों में प्रति शेयर 375 रुपये की औसत कीमत पर ब्लॉक डील हुई। इस ट्रांजेक्शन की वैल्यू करीब 362.4 करोड़ रुपये बताई जा रही है। जेपी मॉर्गन ने केपीआईटी टेक्नोलॉजी के शेयर को डाउनग्रेड कर ‘अंडरवेट’ कर दिया है। पहले उसने इस शेयर पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग दी थी। उसने शेयर का टारगेट प्राइस 700 रुपये से घटाकर 550 रुपये कर दिया है।

कंपनी के गाइडेंस पूरा नहीं करने की आशंका

जेपी मॉर्गन ने कहा है कि ऐसा लगता है कि केपीआईटी टेक्नोलॉजीज पहली तिमाही के रेवेन्यू और मार्जिन के अपने गाइडेंस को पूरा नहीं कर पाएगी। साल दर साल आधार पर कंपनी का डॉलर रेवेन्यू 1 फीसदी और तिमाही दर तिमाही आधार पर 4 फीसदी (कॉन्सटेंट करेंसी में) घट सकती है। इससे यह संकेत मिलता है कि यूरोप में ऑटोमोटिव ऑरिजिनल इक्विपमेंट (OEM) कंपनियां खर्च करने में कंजूसी बरत रही हैं।

जेपी मॉर्गन ने रेवेन्यू के अनुमान को घटाया

जेपी मॉर्गन का मानना है कि इस वित्त वर्ष की पहली छमाही केपीआईटी टेक्नोलॉजीज के लिए कमजोर रह सकती है। तिमाही दर तिमाही आधार पर ग्रोथ चौथी तिमाही में दिख सकती है। उसने यह भी कहा है कि FY27 रेवेन्यू में ऑर्गेनिक गिरावट का लगातार दूसरा साल हो सकता है। इसके मद्देनजर ब्रोकरेज फर्म ने FY27-FY29 के अपने रेवेन्यू अनुमान को 5-8 फीसदी तक घटा दिया है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Gold price today: सोने-चांदी में गिरावट जारी, एमसीएक्स पर सोना 1% टूटा, चांदी में भी 2% फिसली

Gold Silver Price: बुधवार, 1 जुलाई को MCX पर शुरुआती डील में सोने और चांदी की कीमतों में काफी गिरावट आई। US डॉलर के मजबूत होने, ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और US फेडरल रिजर्व के रेट बढ़ाने की बढ़ती उम्मीदों से कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। MCX पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना 0.86% गिरकर ₹1,41,300 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था, जबकि MCX चांदी का सितंबर फ्यूचर सुबह 9:10 बजे के आसपास 2.06% गिरकर ₹2,23,850 प्रति किलोग्राम पर था।

जून में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी से गिरावट आई, क्योंकि महंगाई और उसके चलते US फेडरल रिजर्व के रेट बढ़ाने की चिंता थी, जबकि US और ईरान के बीच अपने झगड़े को सुलझाने के लिए बातचीत करने पर सहमति के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई।

MCX के अनुसार, जून में घरेलू स्पॉट गोल्ड की कीमतें ₹15,100 या लगभग 10% गिरकर ₹1,40,864 प्रति 10 ग्राम पर आ गई, जबकि सिल्वर की कीमतें जून में ₹38,250 या लगभग 15% गिरकर 30 जून को ₹2,25,125 प्रति किलोग्राम पर आ गईं। US गोल्ड की कीमतों में जून में 2013 के बाद से सबसे बड़ी तिमाही गिरावट देखी गई, जो लगातार चौथे महीने गिर रही है, इस चिंता के बीच कि महंगाई फेड को रेट बढ़ाने के लिए मजबूर करेगी।

US फेडरल रिजर्व इस साल रेट 3 गुना बढ़ा सकता है, इस अंदाज़े के बीच डॉलर में लगातार बढ़ोतरी ने गोल्ड की कीमतों पर असर डाला है।

लगातार दूसरे महीने बढ़ते हुए, डॉलर इंडेक्स जून में 2% से ज़्यादा उछला, और अब 101.35 के करीब है, जिससे दूसरी करेंसी में खरीदारों के लिए बुलियन महंगा हो गया है और डिमांड में कमी आई है।

ज़्यादातर ट्रेडर्स को उम्मीद है कि फेड इस साल सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर में रेट बढ़ाएगा। US फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की अगली मीटिंग 28-29 जुलाई को होनी है।

मार्केट अब नई पॉलिसी गाइडेंस के लिए फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श के कमेंट्स का इंतजार कर रहे हैं। फोकस जून के ADP एम्प्लॉयमेंट डेटा पर भी है, जो आज बाद में आएगा, और नॉन-फार्म पेरोल प्रिंट्स पर भी है, जो गुरुवार को आने वाले हैं, ताकि फेड के इंटरेस्ट रेट ट्रैजेक्टरी पर नए सुराग मिल सकें।

जियोपॉलिटिकल फ्रंट पर, US और ईरान के बीच बातचीत को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि दुश्मनी शुरू होने के बाद ईरानी रिप्रेजेंटेटिव अपने US काउंटरपार्ट्स से नहीं मिलेंगे।

अब किन लेवल्स पर रखें नजर

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन के अनुसार, सोने को $3,994 और $3,955 पर सपोर्ट है, जबकि रेजिस्टेंस $4,074 और $4,110 प्रति ट्रॉय औंस पर है। आज के सेशन में चांदी को $57.70 और $56 पर सपोर्ट है, जबकि रेजिस्टेंस $61.20 और $62.80 प्रति ट्रॉय औंस पर है।

जैन ने कहा कि MCX गोल्ड को ₹1,41,100 और ₹1,40,000 पर सपोर्ट है, और रेजिस्टेंस ₹1,43,350 और ₹1,44,200 पर है, जबकि चांदी को ₹2,25,500 और ₹2,22,000 पर सपोर्ट है और रेजिस्टेंस ₹2,31,000 और ₹2,34,400 पर है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Advit Jewels IPO Listing: बढ़ गई पोर्टफोलियो की चमक, ₹138 के शेयरों से मिला करीब 37% का लिस्टिंग गेन

Advit Jewels IPO Listing: 100% हाथ से गहने बनाने वाली यानी हर पीस मास्टरपीस बनाने वाली अद्वित ज्वेल्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 212 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹138 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹187.00 और NSE पर ₹188.90 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 37% का लिस्टिंग गेन (Advit Jewels Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹190.00 (Advit Jewels Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 37.68% मुनाफे में हैं।

Advit Jewels IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

अद्वित ज्वैल्स का ₹165 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 23-25 जून तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 212.63 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 174.98 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 536.38 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 95.30 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1,19,68,000 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹65.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की बढ़ी हुई जरूरतों और ₹65.00 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Advit Jewels के बारे में

अद्वित ज्वेल्स जयपुर की एक ज्वेलरी कंपनी है जो “Rambhajo” ब्रांड नाम के तहत कुंदन, पोलकी, डायमंड और स्टडेड (रत्न जड़े) जैसे हाथ से बनी बेहतरीन ज्वेलरी बनाने में माहिर है। यह मुख्य रूप से बी2बी मॉडल पर काम करती है लेकिन खास ऑर्डर पर बनने वाली ज्वेलरी के लिए बी2सी सर्विसेज भी देती है। चूंकि इसकी ज्वेलरी पूरी तरह हाथ से बनाई जाती है, जिससे हर पीस एक मास्टरपीस होता है। वित्त वर्ष 2025 में इसकी कुल कमाई का 81.63% हिस्सा बी2बी सेगमेंट से और 18.37% हिस्सा बी2सी सेगमेंट से आया। इसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट जयपुर में है, जो 3डी प्रिंटर और कास्टिंग यूनिट जैसी आधुनिक मशीनों से लैस है। इससे सोना पिघलाने से लेकर पॉलिशिंग और क्वालिटी चेक तक की पूरी प्रक्रिया इन-हाउस यानी कंपनी के अंदर ही पूरी की जा सकती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 56% के CAGR से ₹25.37 करोड़ और रेवेन्यू 63% के सीएजीआर (कंपाउंड एनुअरल ग्रोथ रेट) से बढ़कर ₹124.94 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के अप्रैल-दिसंबर 2025 में कंपनी को ₹25.44 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹123.80 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। दिसंबर 2025 के आखिरी में कंपनी पर ₹64.92 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹51.64 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।