Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : BSE सेंसेक्स और निफ्टी 50 जैसे बेंचमार्क इंडेक्स 23 जून को बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी में भी बढ़त देखने को मिल रही है। यह शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ 24,145.50 के आसपास ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

शुक्रवार को हुई बिकवाली के बाद,22 जून को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट और US-ईरान शांति वार्ता में प्रगति को लेकर बनी उम्मीदों के चलते निफ्टी ने फिर से तेजी पकड़ी और 24,100 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 291.17 अंक या 0.38 प्रतिशत बढ़कर 77,094.07 पर और निफ्टी 89.80 अंक या 0.37 प्रतिशत बढ़कर 24,102.90 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07.50 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 32 अंक यानी 0.13 फीसदी की बढ़त के साथ 24,132 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 0.87 फीसदी की कमजोरी देखने को मिल रही है। वहीं,स्ट्रेट टाइम्स 0.24 फीसदी की तेजी दिखा रहा है। हैंगसेंग 0.56 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान के बाजार में 0.19 फीसदी की गिरावट है। कोस्पी 4.14 फीसदी नीचे दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.10 फीसदी की हल्की बढ़त नजर आ रही है।

Asian markets today: एशियाई बाजारों में गिरावट, कोस्पी 1.5% टूटा, जापान बॉन्ड यील्ड में बढ़त

अमेरिकी बाजार

सोमवार को S&P 500 और नैस्डैक गिरावट के साथ बंद हुए। इसकी वजह अल्फाबेट जैसी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट थी। निवेशक अमेरिका-ईरान बातचीत से जुड़ी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे। वहीं, हेल्थकेयर और इंडस्ट्रियल सेक्टर में तेजी की वजह से डॉओ (Dow)बढ़त के साथ बंद हुआ। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 148.01 अंक या 0.29% बढ़कर 51,712.71 पर बंद हुआ। S&P 500 में 27.79 अंक या 0.37 फीसदी की गिरावट आई और यह 7,472.79 पर बंद हुआ,जबकि नैस्डैक कम्पोजिट 351.33 अंक या 1.32% गिरकर 26,166.60 पर बंद हुआ।

डॉलर इंडेक्स

छह करेंसी की बास्केट के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला US डॉलर इंडेक्स मजबूत दिख रहा है। यह पिछले साल मई के बाद से अपने सबसे ऊंचे स्तर के करीब आ गया। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 101.02 के स्तर पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड में बहुत कम बदलाव हुआ और ये क्रमशः 4.50% और 4.22% पर दिख रहे हैं।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ज्यादातर एशियाई करेंसीज कमजोर हुईं हैं। जिससे पूरे क्षेत्र में जोखिम को लेकर सावधानी का माहौल दिखा। फिलीपीन पेसो का प्रदर्शन सबसे खराब दिख रहा है,जिसमें 0.315 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके बाद इंडोनेशियाई रुपिया में 0.219 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। चीनी रेनमिनबी भी 0.117 प्रतिशत कमजोर हुई है,जबकि दक्षिण कोरियाई वॉन और थाई बहत में क्रमशः 0.075 प्रतिशत और 0.055 प्रतिशत की गिरावट आई है।

उधर जापानी येन में 0.006 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ लगभग कोई बदलाव नहीं हुआ है। जबकि ताइवान डॉलर और सिंगापुर डॉलर में क्रमशः 0.019 प्रतिशत और 0.023 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके विपरीत,मलेशियाई रिंगित ने 0.305 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है।

कच्चा तेल सपाट

पिछले सेशन में भारी गिरावट के बाद मंगलवार को तेल की कीमतों में सुधार हुआ। इसकी वजह US-Iran शांति वार्ता को लेकर बनी थोड़ी उम्मीद थी,जबकि निवेशक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से कच्चे तेल की सप्लाई फिर से शुरू होने में प्रगति के साफ संकेतों का इंतजार करते दिखे। WTI क्रूड में 0.03 फीसदी की और ब्रेंट क्रूड में 0.23 फीसदी की गिरावट आई है।

सोना सपाट

मंगलवार को सोने की कीमतें स्थिर दिख रहीं हैं, क्योंकि निवेशकों ने अमेरिका-ईरान शांति वार्ता पर नजरें बनाए रखी हैं। जबकि, दिसंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की बढ़ती उम्मीदों का असर इस मेटल पर पड़ा। कोमेक्स पर गोल्ड में 0.18 फीसदी की गिरावट दिख रही है। वहीं, चांदी 0.74 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है।

विदेशी और घरेलू निवेश के आंकड़ों पर एक नजर

22 जून को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर रहे और उन्होंने 635 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs)ने बाजार को सहारा देना जारी रखा और इस दौरान 1,000 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

Asian markets today: एशियाई बाजारों में गिरावट, कोस्पी 1.5% टूटा, जापान बॉन्ड यील्ड में बढ़त

Asian Markets Today: मंगलवार, 23 जून की सुबह एशियाई बाजार ज़्यादातर हरे निशान पर ट्रेड कर रहे थे, जबकि US के ईरान पर सेंक्शन हटाने के बाद तेल की कीमतों में सुधार हुआ। साथ ही, इन्वेस्टर्स इस बढ़ती उम्मीद पर भी ध्यान दे रहे थे कि फेडरल रिज़र्व इस साल के आखिर में महंगाई पर ज़्यादा अग्रेसिव रुख अपना सकता है।

एशिया-पैसिफिक इक्विटी गेज, MSCI का बेंचमार्क इंडेक्स भी सावधानी भरे सेंटिमेंट के बीच नीचे आया। जापान के बाज़ार में 0.5% की गिरावट आई, जबकि S&P 500 ई-मिनी फ्यूचर्स 0.2% नीचे आए। इस बीच, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.2% बढ़कर $78.03 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था।

एशियाई बाज़ार

तेल की कीमतों में फिर से मज़बूती आने और ब्याज़ दर बढ़ने की उम्मीद बढ़ने से एशियाई बाज़ारों में ज़्यादातर गिरावट रही। जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.5% गिरा। जापान का निक्केई 225 0.36% गिरा, जबकि टॉपिक्स 0.44% गिरा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.54% गिरा, जबकि कोसडैक 3.43% गिरा। हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने बढ़त के साथ खुलने का संकेत दिया।

गिफ़्ट निफ्टी 24,149 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 26 पॉइंट्स का प्रीमियम था, जो भारतीय स्टॉक मार्केट इंडेक्स के लिए हल्की पॉज़िटिव शुरुआत का संकेत देता है।

वॉल स्ट्रीट

US स्टॉक मार्केट सोमवार को मिला-जुला रहा, मेगाकैप टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में गिरावट के कारण दबाव में रहा।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 148.01 पॉइंट्स या 0.29% बढ़कर 51,712.71 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 27.79 पॉइंट्स या 0.37% गिरकर 7,472.79 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 351.33 पॉइंट्स या 1.32% गिरकर 26,166.60 पर बंद हुआ।

एनवीडिया के स्टॉक की कीमत 0.97% गिरी, AMD के शेयर 2.65% बढ़े, ब्रॉडकॉम के शेयर 4.67% गिरे, एप्पल के स्टॉक की कीमत 0.34% कम हुई, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 3.18% गिरे, अमेज़न के शेयर 4.75% गिरे, अल्फाबेट के शेयर 5.08% गिरे, टेस्ला के स्टॉक की कीमत 1.14% बढ़ी, जबकि स्पेसएक्स के शेयर 16.43% गिरे।

US-ईरान शांति वार्ता

US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान को न्यूक्लियर हथियार बनाने से रोकना, ग्लोबल इकॉनमिक नतीजों की चिंताओं से ज़्यादा ज़रूरी है, जिसमें दुनिया भर में मंदी का खतरा भी शामिल है। इससे पहले, US ने ईरान को 60-दिन का लाइसेंस दिया था, जिससे इस्लामिक रिपब्लिक इंटरनेशनल मार्केट में तेल बेच सकता था।

जापान PMI

जापान के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में जून में अच्छी ग्रोथ रही। S&P ग्लोबल फ्लैश जापान मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) मई के 54.5 से बढ़कर जून में 54.9 हो गया, जो अप्रैल के 55.1 के करीब पहुंच गया, जो जनवरी 2022 के बाद सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी थी।

जापान बॉन्ड यील्ड

येन की कमज़ोरी को दूर करने के लिए रेट बढ़ाने की अटकलों के बीच जापानी सरकारी बॉन्ड (JGB) की यील्ड बढ़ी। दो साल की यील्ड 0.5 bps बढ़कर 1.41% हो गई, जबकि पांच साल की यील्ड 0.5 bps बढ़कर 1.91% हो गई। बेंचमार्क 10-साल की JGB यील्ड सेशन में पहले 1 bp बढ़कर 2.680% होने के बाद फ्लैट रही।

कच्चे तेल की कीमतें

US-ईरान शांति वार्ता को लेकर उम्मीद कम होने से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.19% बढ़कर $78.05 प्रति बैरल और US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.39% बढ़कर $74.15 प्रति बैरल हो गया।

आज का सोने का रेट

सोने की कीमतें स्थिर रहीं क्योंकि इन्वेस्टर्स US-ईरान शांति वार्ता का अंदाज़ा लगा रहे थे, जबकि दिसंबर में फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट में बढ़ोतरी की बढ़ती उम्मीदों ने मेटल पर दबाव डाला। स्पॉट गोल्ड की कीमत $4,191.09 प्रति औंस पर स्थिर रही, जबकि अगस्त डिलीवरी के लिए US गोल्ड फ्यूचर्स 0.2% बढ़कर $4,208.40 हो गया। स्पॉट सिल्वर की कीमतें 0.4% गिरकर $64.92 प्रति औंस हो गईं।

डॉलर

US डॉलर इंडेक्स, जो छह करेंसी के मुकाबले डॉलर की ताकत को मापता है, 101.04 पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले साल मई के बाद से अपने सबसे ऊंचे लेवल के करीब है। जापानी येन डॉलर के मुकाबले 161.55 येन पर फ्लैट था, जबकि ब्रिटिश पाउंड $1.3247 पर फ्लैट था।

 

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इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक में बड़ी गिरावट से Nifty IT Index 5 फीसदी क्रैश, निवेशकों को क्या करना चाहिए?

आईटी शेयरों में 19 जून को बड़ी गिरावट आई। इसकी वजह रेवेन्यू ग्रोथ को लेकर एक्सेंचर का नया अनुमान है। उसने पूरे साल के लिए रेवेन्यू ग्रोथ के अपने अनुमान को घटा दिया है। इससे आईटी सर्विसेज की डिमांड कमजोर रहने का संकेत मिलता है। इसका असर 19 जून को आईटी कंपनियों के शेयरों पर दिखा। टीसीएस, इंफोसिस और एचसीएल टेक जैसी दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट आई।

आईटी शेयरों पर बीते कुछ महीनों में बड़ा दबाव दिखा है। इसका असर म्यूचुअल फंडों की आईटी फोकस वाली स्कीमों पर भी पड़ा है। बीते एक साल में इन स्कीमों का रिटर्न निगेटिव रहा है। हालांकि, लंबी अवधि में प्रदर्शन अभी पॉजिटिव बना हुआ है। फ्रैंकलिन इंडिया टेक्नोलॉजी फंड का 3 सालों में सालाना रिटर्न 12.62 फीसदी रहा है।

एसबीआई टेक्नोलॉजी अपॉर्चुनिटीज फंड ने 5 सालों में सालाना 9.67 फीसदी रिटर्न दिया है। अगर आईटी फोकस वाले म्यूचुअल फंड्स की कैटेगरी की बात की जाए तो बीते तीन सालों में इनका औसत रिटर्न करीब 5.4 फीसदी रहा है। इनमें क्वांट टेक फंड, मोतीलाल ओसवला डिजिटल इंडिया फंड, इनवेस्को इंडिया टेक्नोलॉजी फंड और एडलावाइज टेक्नोलॉजी फंड के अच्छे प्रदर्शन का हाथ है।

हालांकि, बीते छह महीनों में एवरेज रिटर्न करीब 15.4 फीसदी निगेटिव रहा है। इसकी वजह बीते महीनों में टेक्नोलॉजी शेयरों में आई बड़ी गिरावट है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि मीडियम और लॉन्ग टर्म के लिहाज से आईटी म्यूचुअल फंडों में निवेश का बड़ा मौका दिख रहा है।

वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज में डायरेक्टर (रिसर्च) क्रांति बाथिनी ने कहा का कि म्यूचुअल फंड की कोई स्कीम कितनी अट्रैक्टिव है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि इनवेस्टर कितना रिस्क ले सकता है और वह कितने समय के लिए निवेश करना चाहता है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए आईटी-फोकस वाले म्यूचुअल फंड्स को कंट्रेरियन अपॉर्चुनिटीज माना जा सकता है।

उन्होंने कहा कि आईटी शेयरों की वैल्यूएशंस हिस्टोरिकल एवरेज के करीब आ गई हैं। इससे ये मध्यम और लंबी अवधि के निवेश के लिहाज से अट्रैक्टिव हो गए है। उन्होंने कहा, “हालांकि, साइक्लिकल नेचर को देखते हुए निवेश एकमुश्त की जगह धीरे-धीरे सिस्टमैटिक ऐलोकेशन के जरिए होना चाहिए।”

इक्विरियल सिक्योरिटीज में डायरेक्टर (रिसर्च एनालिस्ट) संदीप शाह ने कहा कि आईटी शेयरों में बड़े करेक्शन के बावजूद ऐसे शेयरों में निवेश किया जा सकता है, जिनकी ग्रोथ विजिबिलिटी अच्छी है। लार्जकैप आईटी शेयरों में इंफोसिस और टेक महिंद्रा का प्रदर्शन अच्छा रह सकता है। मिडकैप शेयरों में Mphasis, eClerx और KPIT Technologies के शेयर अपेक्षाकृत बेहतर दिखते हैं।