बारिश के मौसम में जरूर पिएं ये 5 हेल्दी ड्रिंक्स, शरीर को देंगे इम्युनिटी, एनर्जी और अंदरूनी गर्माहट

monsoon mein konsi drinks piye: मानसून का मौसम जहां एक ओर ठंडी हवा और भीगी मिट्टी की खुशबू लेकर आता है, वहीं दूसरी ओर यह समय बीमारियों के खतरे को भी बढ़ा देता है। सर्दी-जुकाम, पेट से जुड़ी समस्याएं, कमजोरी और स्किन प्रॉब्लम्स जैसे कई संक्रमण इस समय शरीर को कमजोर बना सकते हैं। ऐसे में ज़रूरी है कि आप अपनी डाइट में कुछ ऐसे ड्रिंक्स शामिल करें जो न सिर्फ आपके शरीर को अंदर से गर्म रखें, बल्कि इम्युनिटी भी बढ़ाएं और डाइजेशन को बेहतर बनाएं। इस आर्टिकल में हम जानेंगे बारिश के मौसम में ज़रूर पीने योग्य 5 हेल्दी ड्रिंक्स जो न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन हैं बल्कि हेल्थ के लिहाज से भी बेहद फायदेमंद हैं।

 

1. अदरक और तुलसी वाली हर्बल चाय

बारिश के मौसम में अगर कोई एक ड्रिंक सबसे ज़्यादा असरदार है तो वो है हर्बल चाय। अदरक, तुलसी और दालचीनी से बनी हर्बल चाय शरीर में गर्माहट लाने के साथ-साथ सर्दी-जुकाम से भी बचाव करती है। इसमें मौजूद ऐंटीऑक्सिडेंट्स आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं और गले में खराश या सांस की दिक्कत से राहत दिलाते हैं। सुबह के वक्त या शाम को स्नैक्स के साथ इस चाय का सेवन करने से शरीर एक्टिव बना रहता है।

 

2. हल्दी वाला दूध (गोल्डन मिल्क)

हल्दी को नेचुरल एंटीबायोटिक माना जाता है और दूध में इसे मिलाकर पीना तो आयुर्वेद में भी सलाह दी गई है। हल्दी दूध मानसून में वायरल इंफेक्शन, बुखार और इम्युनिटी वीकनेस से लड़ने में मदद करता है। रात को सोने से पहले एक गिलास गर्म हल्दी वाला दूध पीने से न केवल अच्छी नींद आती है, बल्कि शरीर की अंदरूनी सफाई भी होती है और जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है।

 

3. नींबू-शहद पानी (विटामिन C बूस्टर)

मानसून में शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद ज़रूरी है। ऐसे में नींबू और शहद से बना गर्म पानी सबसे अच्छा ऑप्शन होता है। इसमें विटामिन C भरपूर होता है, जो आपकी इम्युनिटी को मजबूत करता है और पाचन में सुधार लाता है। सुबह खाली पेट इस ड्रिंक का सेवन करने से शरीर में डीटॉक्सिफिकेशन की प्रक्रिया तेज होती है और दिन भर एनर्जी बनी रहती है।

 

4. सूप 

बारिश के मौसम में कुछ हल्का, गर्म और पौष्टिक खाने का मन करता है, ऐसे में सूप सबसे बेस्ट होता है। हॉट वेजिटेबल सूप या प्रोटीन से भरपूर चिकन सूप न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि इसमें मिनरल्स, विटामिन्स और ऐंटीऑक्सिडेंट्स की भरमार होती है। यह इम्युनिटी को बूस्ट करता है और गले की खराश से राहत देता है। शाम के वक्त एक बाउल गर्म सूप आपकी बॉडी और मूड दोनों को सुकून देता है।

 

5. काढ़ा

कोरोना काल के बाद काढ़ा हर घर में एक नियमित ड्रिंक बन गया है, और सही भी है। तुलसी, काली मिर्च, लौंग, दालचीनी और अदरक जैसी हर्ब्स से बना यह काढ़ा मानसून के मौसम में वायरल संक्रमण और खांसी-जुकाम से बचाव करता है। इसे रोज़ाना एक बार जरूर लेना चाहिए, खासकर बारिश के दिनों में जब ठंडी हवा और नमी शरीर को तुरंत प्रभावित करती है।

 


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Share Markets Closing: आखिर ऐसा क्या हुआ कि अंतिम 75 मिनट में सेंसेक्स 500 अंक गिर गया?

इस हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बाजार में जबर्दस्त उतार-चढ़ाव रहा। ज्यादातर समय बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स में शानदार तेजी दिखी। लेकिन, कारोबार के करीब एक-सवा घंटे में सूचकांकों ने अपनी काफी बढ़त गंवा दी। अंतिम कुछ मिनटों में प्रॉफिट बुकिंग ने बाजार पर दबाव बना दिया।

75 मिनट में सेंसेक्स ने गंवाएं 500 अंक

दो दिनों के कारोबार में 1700 अंक चढ़ने वाले सेंसेक्स ने अंतिम कुछ मिनटों में घुटने टेक दिए। 1:50 बजे सेंसेक्स 77,594 अंक पर था। 3:05 में यह गिरकर 77,095 अंक पर आ गया। यह सिर्फ 75 मिनट में 500 अंक की गिरावट है। इस गिरावट ने इनवेस्टर्स को चौंकाया। खासकर लॉन्ग पोजीशन वाले इनवेस्टर्स ज्यादा परेशान दिखे।

26 जून को बीएसई-एनएसई में छुट्टी

इक्विरियस वेल्थ के एमडी और डायरेक्टर अंकुर पुंज ने रायटर्स को बताया, “चूंकि शेयर बाजार 26 जून को बंद रहेंगे, इसलिए इनवेस्टर्स ने कारोबार के अंतिम पलों में अपने पोजीशन काटे।” 26 जून को शेयर बाजारों में मुहर्रम की छुट्टी है। इसलिए बीएसई और एनएसई बंद रहेंगे। 29 जून यानी सोमवार को बीएसई और एनएसई खुलेंगे।

मानसून में कम बारिश बाजार के लिए रिस्क

बजाज फिनसर्व एएमसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, “मानसून में सामान्य से कम बारिश शेयर बाजार के लिए शॉर्ट टर्म रिस्क है। लेकिन, केंद्रीय बैंक ने फॉरेन करेंसी डिपॉजिट बढ़ाने के उपाय किए हैं। सरकार ने फॉरेन इनवेस्टर्स को बॉन्ड्स में निवेश पर टैक्स में छूट दी है। इससे मार्केट में इनफ्लो बढ़ना चाहिए।”

एविएशन कंपनियों के शेयरों में तेजी

इंटरग्लोब एविएशन का शेयर अंत तक तेजी बनाए रखने में सफल रहा। यह 4.7 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। क्रूड में नरमी का असर एविएशन कंपनियों के शेयरों पर दिखा। स्पाइसजेट के शेयरों में भी मजबूती दिखी। ऑटो और इससे संबंधित सेक्टर की कंपनियों में भी मजबूत दिखी।

ऑटो शेयरों ने भी दिखाई रफ्तार

Bajaj Auto, Maruti Suzuki, Tata Motors PV और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर 1-4 फीसदी चढ़कर बंद हुए। TVS Motor, Ashok Leyland और टाटा मोटर्स सीवी के शेयर तो 4-5 फीसदी तक उछल गए। Motherson Sumi Wiring का शेयर तो 9 फीसदी चढ़कर बंद हुआ।

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भारतीय बाजार का बुरा दौर हो रहा खत्म

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने कहा है कि भारतीय बाजार के लिए स्थितियां अनुकूल हो रही हैं। क्रूड में नरमी है। घरेलू डिमांड स्ट्रॉन्ग बनी हुई है। इससे आगे कॉर्पोरेट अर्निंग्स बढ़ने की उम्मीद है। अमेरिका-ईरान में लड़ाई खत्म होने से महंगाई बढ़ने का खतरा कम हुआ है। एआई कंपनियों में निवेश को लेकर उत्साह ठंडा पड़ रहा है। इससे बाजार का सेंटीमेंट पॉजिटिव बना रह सकता है।

कल का मौसम 26 जून: IMD ने बिहार संग इन 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, दिल्ली और इन इलाकों में आएगा 60kmph स्पीड वाली आंधी-तूफान

Weather update for June 26: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के अनुकूल माहौल के बीच 26 जून के लिए मौसम का लेटेस्ट बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक बिहार समेत देश के 11 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब सहित कई मैदानी इलाकों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज आंधी-तूफान और गरज-चमक की चेतावनी भी दी है।

आइए जानते हैं कि 26 जून को आपके राज्य में मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है और आईएमडी ने किन इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया है-

इन 11 से ज्यादा राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 26 जून को देश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है:-

बहुत भारी बारिश: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अलग-अलग हिस्सों में बेहद भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।

भारी बारिश वाले राज्य: बिहार, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तटीय कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली-NCR और इन राज्यों में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान

मौसम विभाग के मुताबिक 26 जून को देश के कई हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं का दौर देखा जाएगा। बिहार, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज आंधी-तूफान आने की आशंका है।

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी), हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। केरल, माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। तटीय और आंतरिक कर्नाटक के इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

यूपी और झारखंड में लू का प्रकोप

एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं, वहीं कुछ राज्यों में गर्मी का सितम अभी जारी रहेगा। पूर्वी यूपी के अलग-अलग इलाकों में 26 जून को भीषण लू की स्थिति बनी रहेगी। उत्तर-पश्चिम भारत में 28 जून तक तापमान में 2-3°C की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद ही राहत मिलने की उम्मीद है। झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में भी 26 जून को लू चलने की चेतावनी दी गई है।

मानसून की ताजा स्थिति

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल सूरत, इंदौर, मंडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के बचे हुए हिस्सों, झारखंड, बिहार तथा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

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Monsoon Watch: IMD ने बताया यूपी में एंट्री से अभी कितनी दूर है मानसून, अबतक 57% कम बारिश, क्या 28 जून से बदलेगी तस्वीर?

UP Monsoon Weather Forecast: उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों में भीषण गर्मी और उमस के बीच लोग टकटकी लगाए मानसून की पहली फुहारों का इंतजार कर रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ आंचलिक केंद्र की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून अभी प्रदेश की सीमा से कुछ दूरी पर है। मौसम विभाग ने राहत की उम्मीद जताते हुए कहा है कि अगले 3 से 4 दिनों में मानसून के यूपी में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। इस बीच प्रदेश में अब तक हुई बारिश के जो आंकड़े सामने आए हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं। आइए जानते हैं कि यूपी में मानसून अपनी सामान्य रफ्तार से कितना पीछे है, 28 जून से मौसम में क्या बड़े बदलाव होने वाले हैं और देश के बाकी राज्यों को लेकर आईएमडी ने क्या पूर्वानुमान जारी किए हैं।

यूपी में अब तक 57% कम बारिश, सामान्य तारीखों से पिछड़ा मानसून

लखनऊ मौसम केंद्र के ताजातरीन आंकड़ों के मुताबिक बारिश का ग्राफ अभी नीचे ही नजर आ रहा है। प्रदेश में अबतक दीर्घकालीन औसत से करीब 57 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की किल्लत सबसे ज्यादा है, जहां सामान्य से लगभग 69 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में यह कमी करीब 33 फीसदी दर्ज की गई है।

यूपी में मानसून की एंट्री की सामान्य तारीखें क्या हैं?

सामान्य परिस्थितियों में मानसून 23 जून तक लखनऊ, प्रयागराज और कानपुर पहुंच जाता है। इसके बाद आगरा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में इसके पहुंचने की सामान्य तारीख 27 जून होती है। लेकिन इस बार इन इलाकों को अभी और इंतजार करना होगा। मौसम विभाग और विशेषज्ञों का मानना है कि 28 जून के बाद मौसम के पैटर्न में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। उत्तर भारत में इस समय सक्रिय मौसम प्रणालियां मानसून को आगे धकेलने में मदद कर सकती हैं। यदि मौजूदा सिस्टम इसी तरह सक्रिय रहा तो जून के अंतिम दिनों में मानसून उत्तर प्रदेश में तेजी से आगे बढ़ सकता है और जुलाई की शुरुआत झमाझम बारिश के साथ हो सकती है।

पूर्वी यूपी में लू की चेतावनी

बारिश के इंतजार के बीच फिलहाल प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में गर्मी और उमस का प्रकोप बरकरार है। आईएमडी के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 3-4 दिनों (25 से 28 जून) तक हीट वेव चलने की संभावना है। इसमें भी 25 से 27 जून के दौरान कुछ पॉकेट्स में तीव्र लू की स्थिति बनी रहेगी। बिहार में 25 जून को और झारखंड में 25-26 जून को लू जैसी स्थितियां देखने को मिलेंगी। उत्तर-पश्चिम भारत में 28 जून तक अधिकतम तापमान 2-3°C बढ़ सकता है, लेकिन उसके बाद इसमें 3-5°C की बड़ी गिरावट आएगी।

आईएमडी का देशव्यापी वेदर अलर्ट: जानिए अन्य राज्यों का हाल

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3-4 दिनों में मानसून के उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों के अलावा गुजरात, मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बाकी बचे हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल माहौल है। इसके प्रभाव से देश के अलग-अलग क्षेत्रों में 1 जुलाई 2026 तक ऐसा रहेगा मौसम का पूर्वानुमान:

उत्तर-पश्चिम भारत

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में 25-26 जून और 29 जून-1 जुलाई के बीच, जबकि पूर्वी यूपी में 25-29 जून के दौरान छिटपुट से लेकर हल्की बारिश होगी। हालांकि, 30 जून और 1 जुलाई को पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक रूप से भारी बारिश का अनुमान है। 29 जून से 1 जुलाई के बीच यूपी के दोनों हिस्सों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और आंधी चलने की संभावना है।

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान: इन राज्यों में 25 जून से 1 जुलाई के बीच छिटपुट बारिश का दौर जारी रहेगा। दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 25-27 जून और 29 जून-1 जुलाई के दौरान आंधी-तूफान और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। पूर्वी राजस्थान में 25-26 जून को और पश्चिमी राजस्थान में 25 जून को 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से तीव्र आंधी और धूल भरी आंधी चलने की चेतावनी है।

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: उत्तराखंड में 29 जून से 1 जुलाई और हिमाचल प्रदेश में 30 जून से 1 जुलाई के बीच व्यापक स्तर पर भारी बारिश होने की संभावना है।

मध्य और पूर्वी भारत

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: मध्य प्रदेश के दोनों हिस्सों में 25 जून को भारी बारिश और 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्कॉल का अलर्ट है। छत्तीसगढ़ में 27 जून से 1 जुलाई के बीच मानसून रफ्तार पकड़ेगा और 27-28 जून को भारी बारिश हो सकती है।

बिहार, झारखंड और ओडिशा: इन राज्यों में 28 जून से 1 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी। बिहार में 25-26 जून और 28 जून को तेज आंधी और 26 से 30 जून के बीच भारी बारिश का अनुमान है।

पश्चिम बंगाल और सिक्किम: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में इस हफ्ते भारी से बहुत भारी वर्षा होगी। विशेष रूप से 27 से 29 जून के बीच इसके उत्तरी हिस्सों में अत्यधिक भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत

असम, मेघालय और अरुणाचल: अरुणाचल प्रदेश में 27 से 29 जून के बीच बहुत भारी बारिश होगी। वहीं, 28 जून 2026 को असम और मेघालय में अलग-अलग स्थानों पर बेहद भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।

कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र: कोंकण और गोवा में 25 जून को बहुत भारी बारिश और 26 जून से 1 जुलाई तक लगातार भारी बारिश जारी रहेगी। मध्य महाराष्ट्र में 25 जून को बहुत भारी और 26-29 जून तक भारी बारिश का अलर्ट है। मराठवाड़ा में 25 जून को तेज आंधी के साथ भारी बारिश हो सकती है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत

कर्नाटक और केरल: तटीय कर्नाटक में 25-28 जून को भारी बारिश और 29 जून से 1 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश होगी। केरल और माहे में 29 जून को बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में भी 25 जून से 30 जून के बीच अलग-अलग दिनों में भारी बारिश की संभावना है।

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FMCG Stock: कमजोर मॉनसून की चिंताओं के बीच नुवामा को FMCG में दिख रही डबल-डिजिट ग्रोथ की उम्मीद

FMCG Stock:  मॉनसून में देरी और एल नीनो की चिंताओं का असर फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) स्टॉक्स पर पड़ सकता है, लेकिन नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज को उम्मीद है कि कंज्यूमर कंपनियां एक और मजबूत तिमाही रिपोर्ट करेंगी, जिसमें पूरे सेक्टर में अच्छी सेल्स और वॉल्यूम ग्रोथ जारी रहेगी।

नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अबनीश रॉय ने कहा कि ज्यादातर FMCG कंपनियां 2026 की जनवरी-मार्च तिमाही (Q4FY26) में देखी गई रिकवरी पर आगे बढ़ेंगी। उन्हें उम्मीद है कि नेस्ले इंडिया, मैरिको, पिडिलाइट इंडस्ट्रीज, एशियन पेंट्स, बर्जर पेंट्स इंडिया और इमामी जैसी कई कंपनियां 2026 की अप्रैल-जून तिमाही (Q1FY27) में मजबूत नंबर देगी, जबकि हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) और गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स जैसी बड़ी कंपनियों की सेल्स ग्रोथ लगभग डबल-डिजिट और वॉल्यूम ग्रोथ लगभग 7% हो सकती है।

हालांकि निवेशक कमजोर बारिश और कम बुवाई एक्टिविटी को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि पुराना डेटा कंज्यूमर डिमांड में तेज गिरावट के डर को सपोर्ट नहीं करता है। “हमने देखा है कि कम से कम पिछले 10 सालों में बारिश में कमी और सेक्टर के वॉल्यूम में कमी के बीच कोई बड़ा संबंध नहीं है।”

उनके मुताबिक, बारिश की क्वालिटी और डिस्ट्रीब्यूशन, हेडलाइन मॉनसून नंबरों से ज्यादा मायने रखते हैं। उन्होंने कहा कि अभी के लिए रूरल डिमांड अच्छी बनी हुई है, जिसे कई राज्यों में सरकार के वेलफेयर उपायों से सपोर्ट मिला है। मॉनसून में किसी भी कमी का असली असर अगर सामने आता है, तो 2026-27 (FY27) के दूसरे हाफ में ही साफ हो पाएगा।

अबनीश रॉय ने कंज्यूमर सेक्टर में रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स से बढ़ते कॉम्पिटिशन पर भी रोशनी डाली। उन्होंने रिलायंस को “बहुत, बहुत अहम कॉम्पिटिशन” बताया, और कैंपा कोला के तेजी से बढ़ने की ओर इशारा किया, जिसने एग्रेसिव प्राइसिंग और मजबूत डीलर इंसेंटिव के ज़रिए मार्केट शेयर हासिल किया है। हालांकि, उनका मानना ​​है कि ज़्यादातर FMCG कैटेगरी इतनी बड़ी हैं कि जाने-माने प्लेयर्स और रिलायंस एक साथ रह सकते हैं।

पेंट्स सेक्टर पर बात करते हुए अबनीश रॉय को उम्मीद है कि क्रूड ऑयल की कम कीमतों के बावजूद ग्रोथ मोमेंटम बना रहेगा। उन्होंने कहा कि पेंट कंपनियों ने मजबूत प्राइसिंग डिसिप्लिन दिखाया है और उन्हें डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ जारी रखनी चाहिए। भले ही क्रूड $60-$70 प्रति बैरल की रेंज में बना रहे और कंपनियां पहले की कीमतों में बढ़ोतरी को थोड़ा वापस ले लें, अच्छी वॉल्यूम ग्रोथ से सेल्स को सपोर्ट मिलना चाहिए।

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Monsoon Breaking: 25-30 जून के बीच दिल्ली-NCR में आ जाता है मानसून, इस बार कब आएगा IMD ने दी ये जानकारी, जानिए अभी कहां पहुंचा

Delhi-NCR Monsoon Update: दिल्ली-एनसीआर के लोगों को इन दिनों उमस और भीषण गर्मी के बीच मानसून की बारिश का बेसब्री से इंतजार है। आमतौर पर 25 से 30 जून के बीच दिल्ली में दस्तक देने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार थोड़ा सुस्त पड़ता नजर आ रहा है। मानसून के आने में हो रही देरी के बीच दिल्ली के कई इलाकों में तेज हवाओं, आंधी और हल्की बारिश का दौर शुरू हो चुका है। इससे तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली में धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना को देखते हुए अलर्ट भी जारी किया है। आइए जानते हैं कि मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार मानसून इस समय देश में कहां पहुंचा है, दिल्ली में यह कब तक दस्तक देगा और अगले तीन दिनों तक राजधानी के मौसम का क्या हाल रहने वाला है।

दिल्ली में कब आएगा मानसून? मौसम वैज्ञानिकों ने बताई देरी की वजह

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले पांच सालों (2021 को छोड़कर) में मानसून आमतौर पर 25 से 30 जून के बीच दिल्ली पहुंच जाता है। साल 2020 में मानसून 25 जून को दिल्ली आया था। 2021 में यह काफी देरी से 13 जुलाई को पहुंचा। इसके बाद 2022 में 30 जून, 2023 में 25 जून, 2024 में 28 जून और पिछले साल यानी 2025 में मानसून ने 29 जून को दिल्ली में दस्तक दी थी।

इस बार मानसून की दिल्ली एंट्री में होगी देरी!

आईएमडी के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए बताया कि दिल्ली में मानसून के पहुंचने की सामान्य तारीख 28 जून के आसपास होती है, लेकिन इस साल इसमें देरी होगी। यह कब तक पहुंचेगा, इसकी अभी सटीक तारीख नहीं बताई जा सकती। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक सामान्यतः 18-19 जून के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनता है। यह सिस्टम अरब सागर से नमी वाली हवाओं को भारतीय मुख्य भूमि की तरफ खींचने में मदद करता है। यह सिस्टम ओडिशा, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश से होते हुए उत्तर-पश्चिम भारत (दिल्ली समेत) की तरफ बढ़ता है। इससे एक अनुकूल एंटी-क्लॉकवाइज साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनता है और मानसून आगे बढ़ता है।

जुलाई के पहले हफ्ते की उम्मीद

स्काईमेट वेदर के वाइस प्रेसिडेंट महेश पालावत के मुताबिक इस बार बंगाल की खाड़ी में वह जरूरी मौसमी सिस्टम नहीं बना जो बारिश वाली हवाओं को आगे धकेलता है। अब 25-26 जून के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक अनुकूल सिस्टम बनने की उम्मीद है। इसके बाद मानसून 27 जून की सामान्य तारीख के बजाय जुलाई के पहले सप्ताह में दिल्ली पहुंच सकता है।

अभी कहां तक पहुंचा मानसून?

मौसम विभाग के लेटेस्ट अपडेट के मुताबिक 25 जून दोपहर तक मानसून की उत्तरी सीमासूरत, इंदौर, मंडला, डालटनगंज, मोतिहारी से होकर गुजर रही है। आगामी 3 से 4 दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के शेष भागों, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

दिल्ली-एनसीआर का अगला 4 दिनों का वेदर फॉरकास्ट

दिल्ली में पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 1°C और न्यूनतम तापमान में 1-3°C की गिरावट देखी गई है। सफदरजंग में अधिकतम तापमान 39.3°C (सामान्य से 0.7 डिग्री अधिक) रहा। उमस के कारण हीट इंडेक्स यानी महसूस होने वाला तापमान 45.8°C तक पहुंच गया था। न्यूनतम तापमान 22 से 25°C के बीच दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी नीचे है। आइए आपको दिल्ली एनसीआर का 28 जून तक वेदर फोरकास्ट बताते हैं-

25 जून: आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम के समय गरज-चमक, बिजली कड़कने और धूल भरी आंधी के साथ बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो झोंकों में 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। अधिकतम तापमान 39°C से 41°C के बीच रहेगा, जो सामान्य से 1.6°C से 3°C अधिक है।

26 जून: आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ दोपहर/शाम को बिजली कड़कने और तेज आंधी के साथ हल्की बारिश का एक दौर आ सकता है। हवा की रफ्तार 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) रहने का अनुमान है। तापमान 25°C (न्यूनतम) से 41°C (अधिकतम) के बीच रहेगा।

27 जून: मौसम का मिजाज वैसा ही रहेगा। आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ दोपहर या शाम को गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। अधिकतम तापमान 41°C तक जा सकता है।

28 जून: आसमान में आंशिक रूप से बादल तो रहेंगे लेकिन बारिश की संभावना कम है। दिन के दौरान 20-30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलेंगी, जो कभी-कभी 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान 39°C से 41°C और न्यूनतम तापमान 26°C से 28°C के बीच रहने का अनुमान है।

देश के बाकी हिस्सों का हाल: कहीं भारी बारिश तो कहीं हीट वेव

बेहद भारी बारिश का अलर्ट: अगले एक हफ्ते के दौरान पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश (7-20 सेमी) होने की संभावना है। इसके साथ ही 27 से 29 जून के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में तथा 28 जून को असम और मेघालय में अलग-अलग जगहों पर बेहद भारी बारिश होने का अनुमान है।

यहां चलेगी लू : जहां देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है, वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 3-4 दिनों तक और बिहार व झारखंड में अगले 2 दिनों तक लू की स्थिति बनी रहने की आशंका जताई गई है।

बीते 24 घंटे का हाल

पिछले 24 घंटों में उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, मध्य महाराष्ट्र और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज की गई। गोवा, असम, त्रिपुरा, तटीय व दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में भारी बारिश (7-11 सेमी) हुई, जबकि हिमाचल प्रदेश में कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी दर्ज की गई।

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Delhi Weather Today: दिल्ली में आज मौसम रहेगा सुहाना, शाम को आंधी-तूफान के साथ बारिश के आसार, 40°C से नीचे जाएगा पारा

Delhi Weather Today: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, गुरुवार, 25 जून को दिल्ली में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और दोपहर व शाम के समय आंधी-तूफान आने की संभावना है। बता दें कि यह स्थिति बुधवार शाम को राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्सों में धूल भरी आंधी और तेज हवाएं चलने के बाद बनी है, जिसके कारण IMD ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और अगले कुछ घंटों में आंधी-तूफान व बारिश का पूर्वानुमान जताया है।

हालांकि इस क्षेत्र में बारिश का दौर जारी है, लेकिन शहर अभी भी दक्षिण-पश्चिम मानसून का इंतजार कर रहा है, जिसके आने में सामान्य समय से देरी हुई है। वहीं, जून महीने में अब तक दिल्ली में 39.6 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य तौर पर इस महीने में 48.3 मिमी बारिश होती है। है। यानी इस बार अब तक लगभग 18% कम बारिश हुई है।

मौसम वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि मानसून में देरी की वजह बंगाल की खाड़ी के ऊपर अनुकूल कम दबाव वाले सिस्टम का न बनना है, जो आमतौर पर नमी वाली हवाओं को उत्तर-पश्चिम भारत की ओर धकेलने में मदद करता है।

हालांकि, मौसम विशेषज्ञों को उम्मीद है कि 25-26 जून के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसम तंत्र विकसित हो सकता है। इसके बनने से मानसून को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी और जुलाई के पहले सप्ताह में इसके दिल्ली पहुंचने की संभावना है।

गरज वाले बादल, तापमान सामान्य

गुरुवार को राजधानी में अधिकतम तापमान 38°C से 40°C के बीच और न्यूनतम तापमान 23°C से 25°C के बीच रहने की संभावना है, जिससे हाल के दिनों की तुलना में सुबह का मौसम काफी सुहावना रहेगा।

IMD ने दिन में बाद में गरज के साथ बादल बनने की संभावना जताई है, जिससे शहर के कुछ हिस्सों में थोड़ी देर के लिए बारिश, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, दिनभर हवाओं की रफ्तार सामान्य रूप से 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच रह सकती है।

बुधवार की गर्मी और हवा की गुणवत्ता

यह अनुमान बुधवार के बाद आया है, जब दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.7 डिग्री ज्यादा था। वहीं, ज्यादा नमी के कारण हीट इंडेक्स यानी “महसूस होने वाला तापमान” 45.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से दो डिग्री कम था।

इस बीच, सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार शाम को दिल्ली की हवा की गुणवत्ता ‘मध्यम’ (संतोषजनक) श्रेणी में रही और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 127 दर्ज किया गया।

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इकोनॉमी पर भी पड़ेगी कमजोर मानसून की मार, S&P ने कहा- घट सकती है भारत की GDP ग्रोथ

रेटिंग एजेंसी S&P Global Ratings ने कहा है कि वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) में भारत की GDP ग्रोथ घटकर 6.6% रह सकती है। एजेंसी का मानना है कि गैस-तेल के ऊंचे दाम, कमजोर मानसून और वैश्विक अर्थव्यवस्था की सुस्ती का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

भारत की GDP ग्रोथ FY26 में 7.7% रही थी। वहीं FY25 में यह 7.1% थी। S&P का अनुमान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 6.6% के अनुमान के बराबर है। महंगाई के बढ़ते दबाव को देखते हुए S&P को उम्मीद है कि RBI इस वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है।

क्यों घट सकती है GDP ग्रोथ?

S&P के मुताबिक, पश्चिम एशिया में तनाव के कारण एनर्जी मार्केट दबाव में हैं। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिखा है। भारत अपनी जरूरत का करीब 88% कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल महंगा होने से आयात बिल बढ़ता है और महंगाई के जोखिम में इजाफा होता है।

एजेंसी ने यह भी कहा कि अल नीनो के असर से मानसून कमजोर पड़ा है। 22 जून तक देश में बारिश सामान्य से 43% कम दर्ज की गई थी। कमजोर मानसून का असर खेती और ग्रामीण मांग दोनों पर पड़ सकता है।

स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने राज्यों के लिए वैकल्पिक फसल योजनाएं तैयार की हैं। इनमें कम बारिश की स्थिति में होने वाली फसलों की सिफारिश की गई है।

महंगाई बढ़ने की आशंका

S&P का कहना है कि तेल का दाम बढ़ने से उद्योगों का खर्च बढ़ रहा है। सप्लाई चेन पर भी दबाव दिखाई दे रहा है। इसके अलावा उर्वरक (Fertiliser) महंगे होने से खेती की लागत बढ़ सकती है। यह फैक्टर खाद्य उत्पादन और खाद्य कीमतों दोनों पर असर डाल सकता है।

एजेंसी का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में भारत की रिटेल इंफ्लेशन बढ़कर 5.1% तक पहुंच सकती है। तीसरी तिमाही में महंगाई 0.5 से 0.6 प्रतिशत अंक तक ज्यादा रह सकती है।

S&P के मुताबिक, कंपनियां तेल के बढ़े दाम का बोझ ग्राहकों पर डाल सकती हैं। हाल में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी भी महंगाई बढ़ाएगी।

एशिया-प्रशांत क्षेत्र पर क्या कहा?

अपनी रिपोर्ट ‘Economic Outlook Asia-Pacific Q3 2026: AI-Exposed Markets To Outperform’ में S&P ने कहा कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र की तस्वीर तीन बड़े फैक्टर से तय होगी। इनमें वैश्विक आर्थिक गतिविधियों की मजबूती, कच्चे तेल का दबाव और AI बेस्ड टेक्नोलॉजी एक्सपोर्ट में तेजी शामिल है।

एजेंसी का कहना है कि फिलहाल भारत समेत पूरे क्षेत्र पर कच्चे तेल की लागत और महंगाई का दबाव बना हुआ है। इसका असर आर्थिक विकास पर पड़ सकता है।

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VIDEO: बारिश की वजह से परेशान मुंबई, मेयर बोलीं- सब कंट्रोल में; तभी पीछे हो गया कांड

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई इन दिनों बारिश की वजह से परेशान हैं। बुधवार को जमीनी स्तर पर बीएमसी का काम देखने के लिए पहुंची मेयर रितु तावड़े के सामने ही एक ऐसी घटना हो गई, जिससे पास खड़े बीएमसी अधिकारियों की हालत खराब हो गई।

कल का मौसम 25 जून: IMD ने इन 11 राज्यों में भारी बारिश, 18 में आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, दिल्ली से बिहार-बंगाल तक दिखेगा रौद्र रूप

IMD Weather Update for 25 June 2026: देश के मौसम में इस समय बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ते हुए पूर्वोत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, महाराष्ट्र के शेष इलाकों के साथ छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ और हिस्सों में प्रवेश कर चुका है। मानसून की इस सक्रियता और अलग-अलग राज्यों में बने चक्रवाती परिसंचरण की वजह से भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 25 जून को देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का बड़ा अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन और ऑल इंडिया वेदर मैप के मुताबिक 25 जून को देश के 11 राज्यों में भारी बारिश होने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर बिहार और बंगाल तक करीब 18 से अधिक राज्यों या उप-मंडलों में तेज आंधी, बिजली चमकने और थंडरस्कॉल का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं 25 जून को आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज-

इन 11 राज्यों में होगी भारी बारिश

मौसम विभाग ने 25 जून को देश के कई हिस्सों, विशेष रूप से तटीय और पूर्वोत्तर इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की प्रबल संभावना जताई है। यहां नीचे उन राज्यों, इलाकों के नाम दिए गए हैं जहां भारी बारिश देखने को मिलेगी:-

अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय (पूर्वोत्तर भारत)

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

झारखंड (पूर्वी भारत)

ओडिशा

कोंकण और गोवा (पश्चिमी तट)

महाराष्ट्र (मध्य महाराष्ट्र और मारथवाड़ा के कुछ हिस्सों सहित)

तटीय कर्नाटक (दक्षिण भारत)

तेलंगाना

बिहार से राजस्थान तक थंडरस्कॉल का अलर्ट: 50-60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 25 जून को कुछ राज्यों में मौसम बहुत उग्र हो सकता है। यहां 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (जो 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है) के साथ थंडरस्कॉल और बिजली चमकने की आशंका है:-

बिहार

झारखंड

पश्चिमी राजस्थान (यहां अलग-अलग जगहों पर धूल भरी आंधी चलने की भी आशंका है)

पश्चिम मध्य प्रदेश

मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा

दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और यूपी का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में 25 जून को आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की स्थिति बनी रहेगी:-

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़: इन क्षेत्रों में 25 जून को 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और बिजली के साथ आंधी-तूफान आने की आशंका है।

पंजाब, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: इन पहाड़ी और मैदानी राज्यों में भी कल 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।

पूर्वी राजस्थान: यहां भी बिजली चमकने के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चलने की चेतावनी है।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 जून को छिटपुट स्थानों पर बारिश की संभावना बनी रहेगी।

मध्य, पूर्वी और दक्षिण भारत में आंधी-बिजली का कहर

मध्य भारत: पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में कल 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार की तेज हवाओं और बिजली कड़कने के साथ आंधी-तूफान की आशंका है। छत्तीसगढ़ में भी अलग-अलग स्थानों पर आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। मौसम विभाग ने 24 और 25 जून को मध्य भारत में गंभीर रूप से बिजली चमकने की चेतावनी दी है।

पूर्वी भारत: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा गांगेय पश्चिम बंगाल के इलाकों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ तूफान और बिजली चमकने का अनुमान है।

दक्षिण भारत: तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 25 जून को आंधी-तूफान के साथ बिजली चमकने और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। केरल, माहे और लक्षद्वीप में भी आकाशीय बिजली के साथ आंधी का अलर्ट है। इसके अलावा पूरे कर्नाटक में तेज सतही हवाएं लने का अनुमान है।

मानसून के बीच इन 3 राज्यों में हीट वेव का प्रकोप

एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में मानसून आगे बढ़ रहा है, वहीं कुछ मैदानी और पूर्वी हिस्सों में अभी भी तीखी गर्मी और लू का संकट बना हुआ है। आईएमडी के मुताबिक 25 जून को नीचे दिए गए राज्यों के अलग-अलग पॉकेट्स में लू की स्थिति देखने को मिल सकती है-

पूर्वी उत्तर प्रदेश

बिहार

उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश

तापमान की बात करें तो उत्तर-पश्चिम भारत में 25 जून तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन 26 से 28 जून के बीच तापमान 2-3°C बढ़ सकता है। मध्य भारत में 28 जून तक तापमान में 2-3°C की गिरावट दर्ज की जा सकती है।