ठाणे के पति-पत्नी से शेयर बाजार के नाम पर ₹20.31 लाख की ठगी, जानें कैसे बिछाया गया जाल

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में शेयर बाजार में निवेश के नाम पर एक व्यक्ति से लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने ज्यादा मुनाफे का लालच देकर उसे अपने जाल में फंसाया और अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए बड़ी रकम ट्रांसफर करवा ली। पुलिस के अनुसार, 42 वर्षीय व्यक्ति को निवेश पर ज्यादा मुनाफा देने का झांसा दिया गया था। इसके बाद साइबर ठगों ने उससे करीब 20.31 लाख रुपये ठग लिए। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला

कैसे हुआ धोखाधड़ी

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, ठाणे के इस व्यक्ति ने अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसे सुरक्षित करने के इरादे से शेयर बाजार में निवेश करने का फैसला किया था। इसी दौरान उसने ज्यादा मुनाफे का लालच देने वाले एक लिंक पर क्लिक किया। इसके बाद वह साइबर ठगों के जाल में फंस गया और उसके साथ धोखाधड़ी हो गई। इसके बाद ठगों ने व्यक्ति को एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया और निवेश के लिए एक ऐप डाउनलोड करने को कहा। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद पीड़ित और उसकी पत्नी ने 15 मई से 30 जुलाई के बीच अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 20,31,047 रुपये आरोपियों को भेज दिए।

कब पता चला ठगी के बारे में

पुलिस के अनुसार, पीड़ित को जब निवेश पर वादा किया गया मुनाफा नहीं मिला और अपनी लगाई हुई रकम भी वापस नहीं मिली, तब उसे ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद पीड़ित ने पहले साइबर सेल में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई और फिर पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

पुलिस ने लोगों को किया सावधान

ये मामला ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाली ठगी के एक आम तरीके को दिखाता है। ठग सोशल मीडिया और मैसेजिंग ग्रुप के जरिए लोगों को शेयर बाजार में कम समय में ज्यादा मुनाफा देने का लालच देते हैं और फिर उन्हें फर्जी निवेश ऐप डाउनलोड करने के लिए कहते हैं। पुलिस ने लोगों को ऐसे अनजान लिंक से सावधान रहने और ज्यादा रिटर्न के लालच में पैसे निवेश न करने की सलाह दी है।

कल का मौसम 9 अगस्त: आसमान से आफत की बारिश! दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों में IMD ने दी चेतावनी

कल का मौसम 9 अगस्त: आसमान से आफत की बारिश! दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों में IMD ने दी चेतावनी

देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। मौसम विभाग के 8 अगस्त शाम के पूर्वानुमान के मुताबिक, 9 अगस्त को कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। खास तौर पर छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और कई पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

दिल्ली-NCR में बारिश का दौर रहेगा जारी

दिल्ली और आसपास के इलाकों में 9 अगस्त को भी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में कुछ जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है। पिछले 24 घंटे में भी दिल्ली और हरियाणा के कई हिस्सों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण दिल्ली के कुछ इलाकों में 16 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज हुई, जबकि रोहतक, झज्जर,फरीदाबाद और आसपास के इलाकों में भी भारी बारिश हुई।

उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश

9 अगस्त को उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने राज्य के कुछ इलाकों के लिए खास चेतावनी जारी की है। पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क पर मलबा आने और निचले इलाकों में पानी भरने जैसी स्थिति बन सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और आसपास के पहाड़ी इलाकों में भी बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है।

उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी बारिश

पूर्वी उत्तर प्रदेश में 9 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा पूर्वी राजस्थान में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में 8 और 9 अगस्त को भारी बारिश का दौर रह सकता है। आगे 10 और 11 अगस्त को भी कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी अलर्ट

मध्य प्रदेश में 9 अगस्त को कई जगहों पर बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 9 अगस्त को भी राज्य के कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। छत्तीसगढ़ में 8-9 अगस्त के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश का दौर रहने का अनुमान है। इसके कारण निचले इलाकों में जलभराव और सड़कों पर पानी जमा होने की स्थिति बन सकती है।

बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी बारिश

बिहार में 9 अगस्त को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। झारखंड और ओडिशा में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। ओडिशा में 9 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है, जबकि राज्य में 8 अगस्त को कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश भी दर्ज की गई है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है।

दक्षिण भारत में भी तेज बारिश के आसार

दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। तटीय कर्नाटक, केरल और माहे, लक्षद्वीप तथा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 9 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, कुछ इलाकों में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। समुद्री इलाकों में भी तेज हवाओं के कारण स्थिति खराब हो सकती है।

बारिश के दौरान सावधानी जरूरी

मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले इलाकों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज बारिश के कारण जलभराव, बाढ़ जैसी स्थिति, भूस्खलन और सड़क व रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। तेज हवाओं से पेड़ और कमजोर ढांचे भी नुकसान की चपेट में आ सकते हैं। लोगों को मौसम बिगड़ने पर सुरक्षित जगह जाने और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी गई है। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पानी और बिजली से जुड़ी चीजों से दूर रहना बेहतर होगा।

Delhi-NCR Heavy Rain: दिल्ली-NCR के लिए अगले 24 घंटे भारी! होगी भारी बारिश… IMD ने जारी किया अलर्ट

Delhi-NCR Weather: दिल्ली-NCR समेत पूरे उत्तर भारत के कई राज्यों में पिछले कुछ दिन से बारिश का सिलसिला जारी है। शुक्रवार, 7 अगस्त को दिल्ली और आसपास के इलाकों में हुई तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ। कई सड़कों पर पानी भर गया और ट्रैफिक धीमा हो गया। इसके चलते लोगों को लंबे समय तक जाम में फंसे रहना पड़ा। दिल्ली-NCR में शनिवार को भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। वहीं दिल्ली के लोगों को बारिश से अभी कोई राहत नहीं मिलने वाली है। दिल्ली-एनसीआर में मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है।

10 अगस्त तक होगी तेज बारिश

मौसम विभाग ने हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के लिए 9 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया। ऐसे में रविवार को भी राजधानी और आसपास के इलाकों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है। लेकिन, 10 अगस्त के बाद दिल्ली के लिए भारी बारिश को लेकर कोई चेतावनी नहीं है, जिससे माना जा रहा है कि सोमवार से बारिश का असर कुछ कम हो सकता है। 10 अगस्त से दिल्ली में बारिश की रफ्तार कम होने की संभावना है।

24 घंटों तक हुई बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, 10 अगस्त तक दिनभर आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और दोपहर या शाम के समय कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। 14 अगस्त तक रुक-रुककर हल्की बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है, लेकिन 9 अगस्त के बाद भारी बारिश का अलर्ट नहीं रहेगा। राजधानी में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में अच्छी खासी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों में सफदरजंग में 98.7 मिमी बारिश हुई। वहीं, पालम में 104.6 मिमी और आया नगर में 115 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

लोगों को सावधान रहने को कहा गया

रविवार के बाद दिल्ली में बारिश का असर कम होने की उम्मीद है। बारिश के दौरान दिल्ली में लोगों को सफर करते समय सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम विभाग ने बताया है कि तेज बारिश से ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है और सड़कों पर पानी भरने से वाहन चालकों को परेशानी हो सकती है। ऐसे में लोगों को घर से निकलने से पहले ट्रैफिक की स्थिति जांचने और जलभराव वाले रास्तों से बचने की सलाह दी गई है।

6 विकेट झटककर राशिद ने अफगानिस्तान को ODI विश्वकप क्वालिफायर खेलने से बचाया

AFGvsIRE इब्राहिम जदरान (84) रन की अर्धशतकीय पारी के बाद राशिद खान (छह विकेट) के बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन की बदौलत अफगानिस्तान ने बारिश बाधित दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में आयरलैंड को 92 रनों से हराया। इसी के साथ उसने तीन मैचों की सरीज में बढ़त बना ली है। ब्रेडी क्रिकेट क्लब में शुक्रवार को आयरलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में अफ़गानिस्तान ने 92 रनों से शानदार जीत हासिल की।

बारिश की वजह से पहला वनडे बिना टॉस के ही रद्द हो गया था, और इस मैच की शुरुआत भी खराब मौसम के कारण देर से हुई, जिससे इसे घटाकर 47 ओवर का कर दिया गया। इब्राहिम जदरान की कप्तानी में अफगानिस्तान ने आठ विकेट पर 299 रन बनाए, जिसके बाद राशिद खान ने 6 विकेट लेकर आयरलैंड की टीम को 33.4 ओवर में 207 रनों पर समेट दिया।इसी के साथ अफगानिस्तान ने 2027 में होने वाले एकदिवसीय विश्वकप में सीधा प्रवेश पा लिया और अब उसको क्वालिफायर्स में खेलेने की जरुरत नहीं है।

बादल छाए होने के कारण पहले गेंदबाजी करने का फैसला करने के बाद, आयरलैंड के गेंदबाजों को नई गेंद से अच्छी मूवमेंट मिली। मार्क अडेयर ने मेडन ओवर के साथ शुरुआत की और उसके बाद तीन रन वाला ओवर डाला, लेकिन उनके साथी जय मूंड्रा को रहमानुल्लाह गुरबाज ने शुरुआत में ही निशाने पर ले लिया। यह बाएं हाथ का तेज गेंदबाज महंगा साबित हुआ। उसने अपने शुरुआती दो ओवरों में दो बार नो-बॉल की और चार बाउंड्री दीं। उसका तीसरा ओवर भी खराब रहा, जिसमें गुरबाज ने उस पर एक छक्का और फिर एक चौका जड़ा, लेकिन आख़िरकार मूंड्रा को सफलता मिली जब गुरबाज़ एक और आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश में दो गेंद बाद कैच आउट हो गए।

मूंड्रा के शुरुआती स्पेल में महंगे साबित होने के बीच सेदिकुल्लाह अटल ने टीम की गति बनाए रखी। पावरप्ले के अंत तक अफगानिस्तान का स्कोर एक विकेट पर 65 रन था। हालांकि उसके बाद स्कोरिंग रेट थोड़ा धीमा हुआ, लेकिन इब्राहिम और अटल के बीच 116 रनों की साझेदारी ने उन्हें मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। धीमी शुरुआत करने वाले इब्राहिम ने पावरप्ले के बाद आक्रामक रुख अपनाया और 19वें ओवर में 52 गेंदों पर अपनी फ़िफ्टी पूरी की। यह साझेदारी 25वें ओवर में टूटी, जब अटल हैरी टेक्टर का शिकार बने।

आयरलैंड ने कुछ कसी हुई गेंदबाजी की, लेकिन कप्तान रहमत शाह और इब्राहिम के बीच 43 रनों की साझेदारी ने अफगानिस्तान की पारी को आगे बढ़ाया। इसके बाद दो ओवरों के अंतराल में दोनों आउट हो गए – इब्राहिम 34वें ओवर में कर्टिस कैम्फर पर हमला करने की कोशिश में और रहमत 36वें ओवर में गैविन होए के हाथों कैच आउट हुए – लेकिन अजमतुल्लाह ओमरजई और दरविश रसूली के बीच 43 रनों की तेज साझेदारी ने यह सुनिश्चित किया कि मेहमान टीम जीत की राह पर बनी रहे।

मैच के आखिर में आयरलैंड ने कुछ विकेट लेकर वापसी की, क्योंकि अफगानिस्तान ने 21 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। फिर भी, हशमतुल्लाह शाहिदी की आक्रामक लेकिन सधी हुई 21 गेंदों में 36 रनों की पारी (जिसमें आखिरी दो ओवरों में चार बाउंड्री शामिल थीं) ने यह पक्का किया कि मेहमान टीम मजबूत स्थिति में रहे। जवाब में, पॉल स्टर्लिंग का विकेट जल्दी गिरने के बावजूद आयरलैंड ने अच्छी शुरुआत की और अफगानिस्तान के पावरप्ले स्कोर (1 विकेट पर 65 रन) की बराबरी की। एंडी बालबर्नी क्रीज़ पर सहज दिखे और खराब लाइन-लेंथ वाली गेंदों पर तेज़ी से रन बटोरे।

अपना केवल चौथा वनडे खेल रहे केड कारमाइकल ने 14वें ओवर में सलीम साफ़ी के खिलाफ़ 21 रन बनाकर अफगानिस्तान पर दबाव बनाया। यह आयरलैंड के लिए मोमेंटम हासिल करने वाला टर्निंग पॉइंट साबित नहीं हुआ, क्योंकि राशिद खान ने जल्दी-जल्दी बालबर्नी और टेक्टर के विकेट चटका दिए। लोर्कन टकर और कारमाइकल ने पारी को संभालने की कोशिश की और कारमाइकल ने 44 गेंदों में अपना पहला वनडे अर्धशतक पूरा किया। 38 रनों की इस साझेदारी का अंत टकर के लिए दुर्भाग्यपूर्ण रहा। पगबाधा की अपील के दौरान गेंद पर नजर न रहने के कारण वह रन-आउट हो गए। इसके ठीक अगले ओवर में कारमाइकल भी आउट हो गए, जिससे आयरलैंड का स्कोर पांच विकेट पर 152 रन हो गया।

इसके बाद बेन कैलिट्ज और कर्टिस कैम्फर ने अचानक आक्रामक रुख अपनाया और अगले तीन ओवरों में 41 रन (पांच चौके और दो छक्के) बनाए, लेकिन राशिद ने कैलिट्ज़ को बोल्ड करके इस साझेदारी को खत्म कर दिया। उस विकेट के बाद आयरलैंड की पारी लड़खड़ा गई और टीम ने चार ओवरों में सिर्फ़ नौ रन पर अपने आखिरी चार विकेट गंवा दिए। राशिद ने उन चार में से तीन विकेट लिए और 6-34 के शानदार आंकड़े के साथ मैच खत्म किया, जिससे अफगानिस्तान ने पांच मैचों की सीरीज में बढ़त बना ली। अगला एकदिवसीय मैच सोमवार को बेलफ़ास्ट के सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब में खेला जाएगा।

Weather Update: इन 4 इलाकों में पूरे सप्ताह भारी बारिश का तांडव! IMD ने बताया दिल्ली-राजस्थान से यूपी-बिहार तक कैसा रहेगा मौसम

India Mausam ki Jankari: देशभर में मानसूनी हवाओं और मजबूत चक्रवातीय प्रणालियों की वजह से बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 8 अगस्त को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक इस पूरे सप्ताह देश के चार प्रमुख इलाकों पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश का तांडव देखने को मिल सकता है। इसके अलावा दक्षिण भारत के केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी अगले दो दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान समेत कई राज्यों के लिए विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है।

देश में बने कई मौसमी सिस्टम और पिछले 24 घंटों का हाल

मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में मानसूनी ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बना हुआ है, जबकि पूर्वी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर है। दक्षिण गंगातटीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तरी ओडिशा के ऊपर बना चक्रवातीय परिसंचरण अब कम दबाव के क्षेत्र में बदल चुका है। इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ के रूप में मध्य और ऊपरी ट्रोपोस्फेरिक पछुआ हवाओं के साथ सक्रिय है। पूर्वोत्तर असम पर भी एक चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है।

इन मजबूत प्रणालियों के प्रभाव से बीते 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी मध्य प्रदेश, ओडिशा और केरल में भारी से बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु, तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना, असम और नागालैंड में भी 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश दर्ज हुई।

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान का मौसम पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश की गतिविधियां व्यापक रहने वाली हैं। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 8 अगस्त को व्यापक बारिश का अनुमान है, जबकि 8 और 9 अगस्त के दौरान इन क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। राजस्थान में मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे। पूर्वी राजस्थान में 8 से 13 अगस्त के दौरान अधिकांश स्थानों पर बारिश होगी, जिसमें 8 और 9 अगस्त तथा 12 व 13 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट है। 10 और 11 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में बेहद भारी बारिश होने की आशंका है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में 8 अगस्त को तथा 11 और 12 अगस्त को भारी बारिश देखने को मिल सकती है, जबकि 9 और 10 अगस्त को गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तर प्रदेश और बिहार में बारिश की स्थिति

उत्तर प्रदेश में मौसम के मिजाज में लगातार बदलाव देखा जा रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 अगस्त को भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि 8 अगस्त को आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10 अगस्त को व्यापक बारिश की संभावना है, जहां 9 और 10 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

बिहार के मौसम की बात करें तो 8 से 12 अगस्त के दौरान राज्य में हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश दर्ज की जाएगी। हालांकि 13 और 14 अगस्त को बिहार में अधिकांश स्थानों पर व्यापक वर्षा होगी। मौसम विभाग ने बिहार में 9 अगस्त और 13 व 14 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इसके साथ ही 8 से 14 अगस्त के दौरान राज्य में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने की संभावना है।

पहाड़ी राज्यों और मध्य भारत का हाल

पहाड़ी क्षेत्रों में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 8 से 14 अगस्त तक पूरे सप्ताह व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। हिमाचल प्रदेश में 10 और 11 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। उत्तराखंड में 9 और 10 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि 8 अगस्त और 11 से 14 अगस्त के बीच भारी बारिश और बिजली चमकने का जोखिम बना रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 10 से 12 अगस्त के बीच भारी बारिश के आसार हैं।

मध्य भारत में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। छत्तीसगढ़ में 8 और 9 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि 10 से 14 अगस्त तक रुक-रुक कर भारी बारिश होती रहेगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 11 और 12 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 8 से 10 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिण भारत का मौसम

पूर्वी भारत के ओडिशा, झारखंड, गंगातटीय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 से 14 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी। ओडिशा में 8, 9 और 12 से 14 अगस्त के बीच भारी बारिश होगी। पूर्वोत्तर भारत के असम और मेघालय में 13 और 14 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अंदेशा है, जबकि अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में पूरे सप्ताह भारी बारिश जारी रहेगी।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में केरल, माहे, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और लक्षद्वीप में 8 और 9 अगस्त को भारी बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के तटीय इलाकों में भी इस दौरान तेज सतही हवाएं और आंधी-तूफान आने का पूर्वानुमान है।

Weather Update: 20 राज्यों में बारिश का अलर्ट, राजस्थान-ओडिशा में मूसलाधार, यूपी-उत्तराखंड भी प्रभावित, चेक करिए आज का मौसम

Weather Update: देशभर में मानसून पूरी तरह से मेहरबान है और कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश से मौसम सुहावना होने के साथ-साथ कुछ इलाकों में परेशानी का कारण भी बन रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 8 अगस्त यानी आज के लिए देश के करीब 20 राज्यों में बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्यों से लेकर दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत तक मानसूनी गतिविधियां बेहद तीव्र नजर आ रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार आज पूर्वी राजस्थान और ओडिशा में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है जबकि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई अन्य राज्यों में तेज बारिश और आंधी-तूफान का प्रभाव देखने को मिलेगा।

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पूर्वी राजस्थान और ओडिशा में मूसलाधार बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक आज 8 अगस्त को पूर्वी राजस्थान और ओडिशा के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की बहुत अधिक संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही तेज रहेगी और अचानक से मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो सकता है। इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने और जलभराव वाले निचले इलाकों से दूर रहने की हिदायत दी है।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत इन राज्यों में भारी बारिश की संभावना

पूर्वी राजस्थान और ओडिशा के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का पूर्वानुमान दिया है। इनके साथ ही पश्चिम राजस्थान, छत्तीसगढ़, पूर्वोत्तर के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल व सिक्किम, कोंकण व गोवा, तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल व माहे के अलग-अलग इलाकों में भी आज भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

तेज हवाओं और बिजली चमकने का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है। आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की आशंका है। वहीं अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, बिहार, छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ बिजली चमकने और आंधी का अनुमान है।

तटीय इलाकों में तेज सतही हवाएं और आकाशीय बिजली का प्रभाव

देश के अन्य हिस्सों में भी मौसमी हलचल तेज रहेगी। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा तटीय सुरक्षा और मौसम की संवेदनशीलता को देखते हुए आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने की संभावना जताई गई है जिससे आम लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

नर्सरी जाने की जरूरत नहीं! एक छोटी सी कटिंग का बड़ा कमाल, फूल ही फूल से घर गार्डन बन जायेगा

घर की बालकनी या गार्डन को हरा-भरा बनाने के लिए कम खर्च में मानसून का मौसम सबसे अच्छा होता है। इस मौसम में कई पौधे सिर्फ एक छोटी-सी कटिंग से आसानी से उग जाते हैं। सही तरीका अपनाकर बिना नए पौधे खरीदे भी गार्डन में कई नए पौधे तैयार किए जा सकते हैं। इससे न केवल पैसों की बचत होती है, बल्कि घर की हरियाली भी तेजी से बढ़ती है।

 

गुड़हल

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गुड़हल की थोड़ी मोटी और मजबूत टहनी कटिंग के लिए सबसे अच्छी मानी जाती है। इसे अच्छी मिट्टी वाले गमले में लगाने के बाद ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं पड़ती। मानसून की नमी इसकी जड़ों को जल्दी बनने में मदद करती है। कुछ समय बाद नई पत्तियां निकलने लगती हैं और पौधा तेजी से बढ़ने लगता है। सही देखभाल मिलने पर इसमें सुंदर और बड़े फूल भी आने लगते हैं।

 

 

गुलाब

घर में पहले से गुलाब का पौधा है, तो उसकी एक मजबूत और स्वस्थ टहनी काटकर नए गमले में लगा सकते हैं। कटिंग लेते समय ऐसी टहनी चुनें जिसमें कोई बीमारी या कीड़े न लगे हों। अच्छी मिट्टी में लगाने और हल्की नमी बनाए रखने से कुछ ही हफ्तों में नई जड़ें बनने लगती हैं। धीरे-धीरे नई पत्तियां निकलती हैं और पौधा बढ़ने लगता है। सही देखभाल मिलने पर यही पौधा कुछ महीनों बाद सुंदर फूल भी देने लगता है।

 

 

मनी प्लांट

This may contain: many potted plants are on the balcony

मनी प्लांट कटिंग से सबसे आसानी से उगने वाले पौधों में से एक है। इसकी टहनी पर बनी गांठ के नीचे से कटिंग लेकर आप इसे पानी या मिट्टी, दोनों में लगा सकते हैं। बारिश के मौसम में इसकी जड़ें बहुत जल्दी बनती हैं और नया पौधा तेजी से बढ़ने लगता है। यह पौधा घर की सुंदरता बढ़ाता है। इसकी देखभाल भी बहुत आसान होती है।

 

 

बोगनवेलिया

अगर आप रंग-बिरंगे फूलों वाला पौधा लगाना चाहते हैं, तो बोगनवेलिया अच्छा ऑप्शन है। इसकी मजबूत टहनी की कटिंग मानसून में जल्दी जड़ पकड़ लेती है। सही मिट्टी और हल्की देखभाल के साथ यह तेजी से बढ़ता है और कुछ समय बाद खूबसूरत फूलों से भर जाता है। यह घर की दीवार, गेट या बालकनी की सुंदरता भी बढ़ाता है।

 

 

स्नेक प्लांट

स्नेक प्लांट उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो कम देखभाल वाले पौधे पसंद करते हैं। इसकी पत्ती या छोटे हिस्से को अलग करके मिट्टी में लगाने से नया पौधा तैयार किया जा सकता है। यह पौधा कम पानी में भी अच्छी तरह बढ़ता है और ज्यादा देखभाल नहीं मांगता। साथ ही इसे घर के अंदर भी आसानी से रखा जा सकता है। यह हवा को साफ रखने में भी मदद करता है।

 

 

जेड प्लांट

जेड प्लांट अपनी छोटी, मोटी और चमकदार पत्तियों की वजह से बहुत पसंद किया जाता है। इसकी एक छोटी टहनी या पत्ती से भी नया पौधा तैयार किया जा सकता है। बारिश के मौसम में मिट्टी में नमी बनी रहने से इसकी जड़ें जल्दी बढ़ती हैं और पौधा तेजी से बढ़ने लगता है। कई लोग इसे घर में शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी मानते हैं। यह कम देखभाल में भी लंबे समय तक हरा-भरा रहता है।

 

 

देखभाल टिप्स

कटिंग से पौधे उगाने के लिए हमेशा स्वस्थ और मजबूत टहनी का ही चुनाव करें। पौधा लगाने के बाद मिट्टी को हल्का नम रखें, लेकिन उसमें पानी जमा न होने दें। गमले को शुरुआत में ऐसी जगह रखें जहां हल्की धूप या अच्छी रोशनी आती हो। अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी का इस्तेमाल करें ताकि जड़ें सड़ें नहीं। समय-समय पर पौधे की निगरानी करते रहें और सूखी या खराब पत्तियों को हटा दें। थोड़ी-सी देखभाल से कटिंग पौधे में बदल जाएगी।

Agra : बीच सड़क इतना बड़ा गड्ढा, सीढ़ी डालकर गहराई नापने उतरे सपा नेता, वीडियो वायरल

आगरा में हुई तेज बारिश के बाद सड़क धंसने से एक बड़ा गड्ढा बन गया। इस गड्ढे में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता नितिन कोहली लकड़ी की सीढ़ी के सहारे नीचे उतर गए। इस दौरान वहां मौजूद लोगों की भीड़ जुट गई और पूरा घटनाक्रम चर्चा का विषय बन गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। नितिन कोहली ने इस मौके का इस्तेमाल करते हुए खुद को ‘स्मार्ट सिटी’ कहे जाने वाले आगरा में विकास को लेकर सरकार के दावों पर सवाल उठाए।

यह घटना आगरा के कमला नगर क्षेत्र की कर्मयोगी कॉलोनी की है। लगातार हुई भारी बारिश के बाद सड़क अचानक धंस गई, जिससे गहरा गड्ढा बन गया। इस घटना के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता और प्रशासन की तैयारियों पर भी सवाल उठने लगे हैं।

बीच सड़क इतना बड़ा गड्ढा

सपा नेता नितिन कोहली का यह अनोखा विरोध प्रदर्शन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वायरल वीडियो में वह लकड़ी की सीढ़ी के सहारे गड्ढे में उतरते नजर आ रहे हैं, जबकि उनके समर्थक सीढ़ी को पकड़े हुए हैं। गड्ढे के अंदर खड़े होकर कोहली ने बीजेपी सरकार के विकास के दावों पर सवाल उठाए और आगरा की सड़कों की हालत पर तंज कसा। वीडियो में नितिन कोहली कहते सुनाई दे रहे हैं, “हम एक बार फिर विकास की तलाश में निकले हैं। पूरे आगरा की यही हालत हो गई है। मैं विधायक से पूछना चाहता हूं कि क्या यही विकास है? जहां भी सड़क बनती है, वहां कुछ ही समय बाद इतने गहरे गड्ढे हो जाते हैं कि लगता है जैसे पाताल लोक में नया शहर बसाया जा रहा हो। आगरा को स्मार्ट सिटी कहने के बजाय अब ऐसा लग रहा है कि पाताल लोक में नया स्मार्ट सिटी बन रहा है।”

सीढ़ी डालकर गहराई नापने उतरे सपा नेता

गनीमत रही कि इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ, क्योंकि जिस समय सड़क धंसी उस वक्त वहां से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे, हालात का जायजा लिया और सुरक्षा के लिए धंसी हुई जगह के आसपास बैरिकेडिंग कर दी। इसके बाद सड़क की मरम्मत का काम भी शुरू कर दिया गया। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब उत्तर प्रदेश में सड़कों और अन्य सार्वजनिक निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे को लेकर भी विवाद हुआ था। उद्घाटन के कुछ ही हफ्तों बाद सड़क पर दरारें पड़ने और कुछ जगहों पर धंसने की खबरें सामने आई थीं, जिसके बाद निर्माण की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल खड़े हुए थे।

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे करीब 4,200 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। लेकिन ट्रैफिक के लिए खोले जाने के एक महीने के भीतर ही एक्सप्रेसवे के कई हिस्सों में दरारें, सड़क धंसने और सतह खराब होने की शिकायतें सामने आने लगीं। इन शिकायतों के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सख्त कदम उठाए। प्राधिकरण ने परियोजना से जुड़े तीन इंजीनियरों को हटा दिया और निर्माण कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक के खिलाफ भी कार्रवाई की। साथ ही मरम्मत का काम पूरा होने तक पूरे एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली भी रोक दी गई।

जापान में 200kmph की रफ्तार से बढ़ रहा डॉल्फिन तूफान:2.6 लाख लोगों को घर छोड़ने का आदेश; टोयोटा ने 9 फैक्ट्रियों में काम रोका

जापान की ओर करीब 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से डॉल्फिन तूफान बढ़ रहा है। इसकी वजह से 2.6 लाख लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के आदेश दिए गए हैं। जबकि 500 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। हालात को देखते हुए टोयोटा ने भी अपनी 9 फैक्ट्रियों में काम रोक दिया है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के मुताबिक, डॉल्फिन कैटेगरी-1 का तूफान है। इसकी लगातार हवा की रफ्तार 144 किमी प्रति घंटा और झोंकों की रफ्तार 198 किमी प्रति घंटा तक पहुंच रही है। यह तूफान क्यूशू और ओकिनावा के बीच स्थित द्वीपों की ओर बढ़ रहा है। ओकिनावा द्वीप पर सबसे ज्यादा असर तूफान की वजह से जापान का ओकिनावा द्वीप बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वहां छुट्टियां मनाने गए कई हांगकांग के पर्यटक उड़ानें रद्द होने के कारण फंस गए हैं। उन्हें अब जरूरी सामान की कमी, बिजली कटने और पानी की सप्लाई बाधित होने की आशंका का सामना करना पड़ रहा है। हांगकांग से जुड़े ट्रैवल सोशल मीडिया अकाउंट्स पर साझा की गई तस्वीरों में सुपरमार्केट की ब्रेड की अलमारियां खाली दिखाई दे रही हैं। वहीं, कई इलाकों में मूसलाधार बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। रविवार को चीन पहुंच सकता है तूफान डॉल्फिन तूफान तेजी से चीन के पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है। चीन के मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार तक यह तूफान तट से करीब 820 किलोमीटर दूर था। इसके रविवार दोपहर से सोमवार सुबह के बीच झेजियांग और उत्तरी फुजियान के बीच कहीं टकराने की आशंका है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी रखा है, जो चार स्तरों वाली चेतावनी प्रणाली में तीसरा सबसे गंभीर स्तर है। झेजियांग, फुजियान और ताइवान में तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम वैज्ञानिक शेन यूयांग के मुताबिक, शुक्रवार सुबह तक इस तूफान का दायरा झेजियांग प्रांत से करीब 13 गुना बड़ा हो चुका था। झेजियांग का आकार भारत के बिहार राज्य के बराबर है। मौसम विभाग ने कहा कि तूफान का दायरा बहुत बड़ा है, इसलिए सिर्फ तटीय नहीं बल्कि अंदरूनी इलाकों के लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। चीन में AI और ड्रोन की मदद से बचाव कार्य फिलहाल यह साफ नहीं है कि चीन में टकराने के बाद यह किस दिशा में जाएगा। तूफान के 48 घंटे के अलर्ट जोन में पहुंचने के बाद चीन ने तैयारियां और तेज कर दी हैं। सरकारी टीवी सीसीटीवी के मुताबिक, नेशनल मरीन एनवायरनमेंटल फोरकास्टिंग सेंटर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम तैयार किया है, जो अगले 240 घंटे (10 दिन) तक तूफान की दिशा, ताकत और कहां टकराएगा, इसका अनुमान लगा सकता है। इसके साथ ही ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। जापान और चीन में बार-बार टाइफून क्यों आते हैं? 1. भूमध्य रेखा के पास और उत्तर में स्थित होना पश्चिमी प्रशांत महासागर में हर साल सबसे ज्यादा 25 से 30 तूफान आते हैं। यह दुनिया भर में आने वाले कुल तूफानों का लगभग 30% है। इसकी वजह इस इलाके का भूमध्य रेखा के पास (उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में) स्थित होना है। पृथ्वी के घूमने के कारण यहां हवाओं को गोल घुमाने वाला बल (कोरियोलिस इफेक्ट) बहुत मजबूत होता है। तूफान बनने के बाद ये हवाओं के बहाव के साथ जापान, ताइवान, चीन, कोरिया और फिलीपींस की तरफ बढ़ते हैं। यही वजह है कि इन देशों में सबसे ज्यादा तूफान आते हैं। 2. समुद्र का तेजी से गर्म होना टाइफून बनने और मजबूत होने की सबसे बड़ी वजह गर्म समुद्र है। जब समुद्र की सतह का तापमान बढ़ता है, तो पानी तेजी से भाप बनकर ऊपर उठता है। यह भाप तूफान के लिए ईंधन का काम करती है, जिससे हवाएं और बारिश दोनों बेहद तेज हो जाती हैं। 1901 में दुनिया भर के महासागरों की सतह का औसत तापमान लगभग 15.2°C से 15.3°C था। बीते कुछ साल में यह औसतन वैश्विक समुद्र सतह तापमान 21.1°C को पार कर गया है, जो इतिहास में सबसे ज्यादा है।

जापान में 200kmph की रफ्तार से बढ़ रहा डॉल्फिन तूफान:2.6 लाख लोगों को घर छोड़ने का आदेश; टोयोटा ने 9 फैक्ट्रियों में काम रोका

जापान की ओर करीब 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से डॉल्फिन तूफान बढ़ रहा है। इसकी वजह से 2.6 लाख लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के आदेश दिए गए हैं। जबकि 500 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। हालात को देखते हुए टोयोटा ने भी अपनी 9 फैक्ट्रियों में काम रोक दिया है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के मुताबिक, डॉल्फिन कैटेगरी-1 का तूफान है। इसकी लगातार हवा की रफ्तार 144 किमी प्रति घंटा और झोंकों की रफ्तार 198 किमी प्रति घंटा तक पहुंच रही है। यह तूफान क्यूशू और ओकिनावा के बीच स्थित द्वीपों की ओर बढ़ रहा है। ओकिनावा द्वीप पर सबसे ज्यादा असर तूफान की वजह से जापान का ओकिनावा द्वीप बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वहां छुट्टियां मनाने गए कई हांगकांग के पर्यटक उड़ानें रद्द होने के कारण फंस गए हैं। उन्हें अब जरूरी सामान की कमी, बिजली कटने और पानी की सप्लाई बाधित होने की आशंका का सामना करना पड़ रहा है। हांगकांग से जुड़े ट्रैवल सोशल मीडिया अकाउंट्स पर साझा की गई तस्वीरों में सुपरमार्केट की ब्रेड की अलमारियां खाली दिखाई दे रही हैं। वहीं, कई इलाकों में मूसलाधार बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। रविवार को चीन पहुंच सकता है तूफान डॉल्फिन तूफान तेजी से चीन के पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है। चीन के मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार तक यह तूफान तट से करीब 820 किलोमीटर दूर था। इसके रविवार दोपहर से सोमवार सुबह के बीच झेजियांग और उत्तरी फुजियान के बीच कहीं टकराने की आशंका है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी रखा है, जो चार स्तरों वाली चेतावनी प्रणाली में तीसरा सबसे गंभीर स्तर है। झेजियांग, फुजियान और ताइवान में तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम वैज्ञानिक शेन यूयांग के मुताबिक, शुक्रवार सुबह तक इस तूफान का दायरा झेजियांग प्रांत से करीब 13 गुना बड़ा हो चुका था। झेजियांग का आकार भारत के बिहार राज्य के बराबर है। मौसम विभाग ने कहा कि तूफान का दायरा बहुत बड़ा है, इसलिए सिर्फ तटीय नहीं बल्कि अंदरूनी इलाकों के लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। चीन में AI और ड्रोन की मदद से बचाव कार्य फिलहाल यह साफ नहीं है कि चीन में टकराने के बाद यह किस दिशा में जाएगा। तूफान के 48 घंटे के अलर्ट जोन में पहुंचने के बाद चीन ने तैयारियां और तेज कर दी हैं। सरकारी टीवी सीसीटीवी के मुताबिक, नेशनल मरीन एनवायरनमेंटल फोरकास्टिंग सेंटर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम तैयार किया है, जो अगले 240 घंटे (10 दिन) तक तूफान की दिशा, ताकत और कहां टकराएगा, इसका अनुमान लगा सकता है। इसके साथ ही ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।