Adon Agro IPO Listing: लिस्ट होते ही अपर सर्किट, ₹70 के शेयरों ने बरसाया ताबड़तोड़ पैसा, खुदरा निवेशकों को नहीं पसंद था आईपीओ!

Adon Agro IPO Listing: ड्राई फ्रूट्स बेचने वाली एडॉन एग्रो के शेयरों की आज बीएसई एसएमई पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों का आरक्षित हिस्सा तो पूरा भर भी नहीं पाया था। आईपीओ के तहत ₹70 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹78.25 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 11.79% का लिस्टिंग गेन (Adon Agro Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹82.16 (Adon Agro Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 17.37% मुनाफे में हैं।

Adon Agro IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

एडॉन एग्रो कमोडिटीज का ₹44 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 29 जून से 1 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों का हिस्सा तो पूरा भर भी नहीं पाया था। ओवरऑल यह इश्यू 1.35 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 22.47 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.41 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 0.84 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 62.90 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹32.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Adon Agro Commodities के बारे में

एडॉन एग्रो कमोडिटीज मुख्य रूप से ड्राई फ्रूट्स, नट्स, सीड्स और बेरीज की सोर्सिंग, इंपोर्ट, प्रोसेसिंग, पैकिंग और डिस्ट्रीब्यूशन का काम करती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में बादाम, काजू, अखरोट, पिस्ता, किशमिश, सूखी खजूर, खुबानी, अंजीर और अलग-अलग तरह के ड्राई फ्रूट मिक्स शामिल हैं, जो कई ग्रेड, रूप और पैक साइज में मिलते हैं। इन्हें कंपनी बिना प्रोसेस किए थोक में और प्रोसेस करके पैक करके, दोनों तरीके से बेचती है। कंपनी इसे अपने रिटेल ब्रांड हंगर नट्स (Hunger Nuts) ब्रांड के तहत 250 ग्राम से लेकर 30 किग्रा तक के पैक साइज में बेचती है। यह ड्राई फ्रूट हैम्पर्स और कस्टमाइज्ड मिक्स के जरिए कॉरपोरेट और फेस्टिव गिफ्टिंग का काम भी करती है। यह घरेलू मार्केट के साथ-साथ यूएई, अफगानिस्तान, यूएसए, चिली और श्रीलंका से कच्चा माल मंगाती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹9 लाख का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹1.79 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹7.22 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना औसतन 114% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹103.04 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो 10 महीने में कंपनी को ₹21.55 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹287.33 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। जनवरी 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹10.19 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹30.45 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Aastha Spintex IPO Listing: मुनाफा नहीं बुन पाया ₹136 का शेयर, रॉकेट की स्पीड से बढ़ रहा कंपनी का प्रॉफिट

Aastha Spintex IPO Listing: आस्था स्पिंटेक्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 5 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹136 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹130.00 और NSE पर ₹130.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि लिस्टिंग पर 4.41% पूंजी ही घट गई। लिस्टिंग के बाद शेयरों ने रिकवरी की कोशिश की। उछलकर BSE पर यह ₹133.00 (Aastha Spintex Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 2.21% घाटे में हैं।

Aastha Spintex IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

आस्था स्पिंटेक्स का ₹170 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 29 जून से 1 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था। ओवरऑल यह 5.05 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 3.59 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 8.29 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.54 गुना और एंप्लॉयीज का हिसा 5.43 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1.25 करोड़ नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹111.51 करोड़ फाल्कन यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड के अधिग्रहण के पेमेंट का कुछ हिस्सा भरने, ₹10 करोड़ फाल्कन यार्न्स के वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में खर्च होंगे।

Aastha Spintex के बारे में

कार्डेड, कॉम्बेड और कॉम्पैक्ट कॉम्बेड कॉटन यार्न और कॉटन बेल्स के मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग को लेकर आस्था स्पिंटेक्स एक जानी-मानी कंपनी है। कंपनी अपने कॉटन बेल्स का इस्तेमाल दो तरह से करती है- अपने खुद के कॉटन यार्न के प्रोडक्शन के लिए और दूसरी स्पिनिंग मिलों को बेचने या सप्लाई करने के लिए। इसके अलावा कंपनी की गुजरात के मोरबी जिले में एक सेमी-ऑटोमेटेड स्पिनिंग और जिनिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। कंपनी टेक्सटाइल प्रोडक्शन के दौरान निकलने वाले कॉटन यार्न वेस्ट को रीसायकल करके दूसरे प्रोडक्ट भी बनाती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 के बीच इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 21% की रफ्तार से बढ़कर ₹352.17 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन शुद्ध मुनाफा रॉकेट की स्पीड से बढ़ा जोकि वित्त वर्ष 2023 में ₹1.06 करोड़ और वित्त वर्ष 2024 में ₹16.29 करोड़ से वित्त वर्ष 2025 में ₹22.92 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के 9 महीने यानी अप्रैल-दिसंबर 2025 में इसे ₹314.02 करोड़ का रेवेन्यू और ₹17.56 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हासिल हुआ।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Mutual Fund SIF: म्यूचुअल फंड बेचने वालों के लिए आएगी नई परीक्षा, SEBI और NISM कर रहे तैयारी

Mutual Fund SIF: सेबी (SEBI) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटीज मार्केट्स (NISM) मिलकर नई परीक्षा लाने की तैयारी कर रहे हैं। यह परीक्षा म्यूचुअल फंड और स्पेशलाइज्ड इनवेस्टमेंट फंड (SIF) बेचने वाले डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए होगी।

यह जानकारी सेबी के होल टाइम मेंबर अमरजीत सिंह ने नई दिल्ली में ASSOCHAM के 17वें म्यूचुअल फंड समिट में दी।

नई परीक्षा क्यों लाई जा रही है?

अमरजीत सिंह ने कहा कि इस परीक्षा का मकसद डिस्ट्रीब्यूटर्स की समझ को और बेहतर बनाना है।

उनका कहना है कि जो लोग म्यूचुअल फंड और SIF बेचते हैं, उन्हें इन प्रोडक्ट्स की पूरी जानकारी होनी चाहिए। नई परीक्षा इसी बात को सुनिश्चित करेगी।

SIF को मिला अच्छा रिस्पॉन्स

अमरजीत सिंह ने बताया कि पिछले साल शुरू स्पेशलाइज्ड इनवेस्टमेंट फंड (SIF) को निवेशकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है।

31 मई 2026 तक SIF का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 13,500 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया। इस दौरान 56,000 से ज्यादा फोलियो खुले।

21 नई इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजी लॉन्च

SIF के तहत अब तक 21 इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजी लॉन्च की जा चुकी हैं।

इनमें Hybrid Long Short Strategy में सबसे ज्यादा निवेश आया है। इससे पता चलता है कि निवेशकों की दिलचस्पी नए तरह के निवेश विकल्पों में बढ़ रही है।

Life Cycle Fund पर भी जोर

अमरजीत सिंह ने सेबी के नए Life Cycle Fund फ्रेमवर्क का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन फंड्स में समय के साथ निवेश का बंटवारा अपने-आप बदलता रहता है। जैसे-जैसे आपका लक्ष्य करीब आता है, वैसे-वैसे जोखिम कम होता जाता है।

उनका कहना है कि ऐसे फंड लोगों को लंबे समय तक लक्ष्य के हिसाब से निवेश करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

सोशल मीडिया देखकर निवेश न करें

अमरजीत सिंह ने कहा कि सिर्फ सोशल मीडिया पर चल रहे ट्रेंड देखकर निवेश नहीं करना चाहिए।

उन्होंने सलाह दी कि निवेश हमेशा अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम उठाने की क्षमता और कितने समय के लिए निवेश करना है, इन बातों को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए।

Kusumgar IPO: 8 जुलाई से खुलेगा ₹650 करोड़ का आईपीओ, 40% के पार पहुंचा GMP

Kusumgar IPO: 8 जुलाई से खुलेगा ₹650 करोड़ का आईपीओ, 40% के पार पहुंचा GMP

Kusumgar IPO : मुंबई की इंजीनियर्ड फैब्रिक बनाने वाली कंपनी Kusumgar ने अपना 650 करोड़ रुपये का IPO ला रही है। यह IPO 8 जुलाई को खुलेगा और 10 जुलाई को बंद होगा। इसका प्राइस बैंड 398-419 रुपये प्रति शेयर तय किया है। ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से कंपनी की वैल्यू करीब 4,399.1 करोड़ रुपये बैठती है।

पूरा IPO OFS होगा

यह IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है। यानी कंपनी को इस इश्यू से कोई पैसा नहीं मिलेगा। IPO से आने वाली पूरी रकम प्रमोटर शेयरधारकों के पास जाएगी।

शेयर बेचने वालों में सिद्धार्थ योगेश कुसुमगर, सपना सिद्धार्थ कुसुमगर और सिद्धार्थ योगेश कुसुमगर HUF शामिल हैं।

कम से कम 14665 रुपये लगाने होंगे

निवेशक कम से कम 35 शेयर के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद 35-35 शेयर के मल्टीपल में बोली लगानी होगी।

अगर IPO ऊपरी प्राइस बैंड पर आता है, तो रिटेल निवेशकों को कम से कम 14,665 रुपये लगाने होंगे। वहीं, अधिकतम 1,90,645 रुपये तक निवेश किया जा सकता है।

किसके लिए कितना हिस्सा रिजर्व?

कुसुमगर ने IPO का 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए रखा है। 15% हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के लिए रिजर्व है। बाकी 35% हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए रखा गया है।

कंपनी ने कर्मचारियों के लिए 3.5 करोड़ रुपये के शेयर रिजर्व रखे हैं। कर्मचारियों को अंतिम इश्यू प्राइस पर 39 रुपये प्रति शेयर की छूट मिलेगी।

Kusumgar IPO का GMP

कुसुमगर के आईपीओ को ग्रे मार्केट में काफी तगड़ा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इनवेस्टरगेन के मुताबिक, इसका GMP 40.81% तक पहुंच गया है। इसका मतलब कि आईपीओ में अलॉटमेंट पाने वाले निवेशकों को एक लॉट पर लगभग 5,985 रुपये का मुनाफा हो सकता है। हालांकि, GMP सिर्फ एक अंदाजा होता है और यह लगातार बदलता रहता है।

Kusumgar क्या करती है?

कुसुमगर बुने हुए, कोटेड और लैमिनेटेड सिंथेटिक फैब्रिक बनाती है। कंपनी के पास 1,000 से ज्यादा तरह के फैब्रिक हैं।

इनका इस्तेमाल एयरोस्पेस और डिफेंस, इंडस्ट्रियल और ऑटोमोबाइल के साथ आउटडोर और लाइफस्टाइल सेक्टर में होता है। शेयर बाजार में कंपनी का मुकाबला Garware Technical Fibres, Arvind और SRF जैसी कंपनियों से है।

Kusumgar की कमाई कैसी रही?

मार्च 2026 में खत्म हुए वित्त वर्ष में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 12.3% घटकर 98.2 करोड़ रुपये रह गया। एक साल पहले यह 112 करोड़ रुपये था। इसी दौरान कंपनी का रेवेन्यू 11.2% घटकर 692 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष में यह 779 करोड़ रुपये था।

Axis Capital, IIFL Capital Services और Motilal Oswal Investment Advisors इस IPO के बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं।

Stocks to Buy: ये 10 स्टॉक्स दे सकते हैं 43% तक रिटर्न, एक्सपर्ट्स ने दी खरीदने की सलाह

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Elon Musk अब नहीं रहे ट्रिलेनियर, Tesla-SpaceX की बिकवाली से लगा करंट, एक्सपर्ट ने किया सतर्क

दुनिया के पहले और इकलौते ट्रिलेनियर यानी $1 लाख करोड़ से अधिक दौलत वाले शख्स एलॉन मस्क (Elon Musk) को टेस्ला (Tesla) और स्पेसएक्स (SpaceX) के शेयरों की गिरावट से तगड़ा शॉक लगा। इनकी गिरावट से मस्क की दौलत से हजारों करोड़ डॉलर साफ हो गए। अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह गिरावट अस्थायी है या फिर एआई और स्पेस से जुड़ी हाई-ग्रोथ कंपनियों को लेकर मार्केट की सोच में बड़े बदलाव का संकेत। टेस्ला का शेयर दिसंबर 2025 में एक साल के हाई $498.83 से करीब 21% टूटकर करीब $393 पर है। वहीं अब तक के सबसे बड़ा आईपीओ लाने के बाद 12 जून को नास्डाक पर लिस्ट हुई स्पेसएक्स $225.64 के रिकॉर्ड हाई से करीब 30% टूटकर अब $157-158 के करीब आ चुका है। इस गिरावट के कारण एलन मस्क की नेटवर्थ स्पेसएक्स की लिस्टिंग के तुरंत बाद अपने $1.45 ट्रिलियन के रिकॉर्ड हाई से घटकर $1 ट्रिलियन से नीचे आ गई है।

प्रॉफिट बुकिंग है या गहरी गिरावट?

वेस्टेड फाइनेंस के सीईओ और फाउंडर विक्रम शाह का मानना है कि टेस्ला और स्पेसएक्स की गिरावट की दोनों वजहें हैं- प्रॉफिट बुकिंग और गहरी गिरावट। शेयरों की तेज रैली के बाद निवेशकों ने पैसा निकाला शुरू किया तो इस पर दबाव पड़ा। इसके अलावा मार्केट ने अब एआई और स्पेस इकॉनमी से जुड़ी कंपनियों का वैल्यूएशन फिर से करना शुरू किया है। ऐसे में यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि वैल्यूएशन आखिर कहां स्थिर होंगे।

विक्रम शाह के मुताबिक टेस्ला और स्पेसएक्स के सिर्फ शेयर ही टूटे हैं, बिजनेस के स्तर पर अभी भी ज्यादा कुछ नहीं टूटा है। उन्होंने जिक्र किया कि टेस्ला ने अभी हाल में अपना सबसे मजबूत तिमाही डिलीवरी आंकड़ा पेश किया है, फिर भी शेयर टूटे हैं। इससे संकेत मिल रहा है कि निवेशक अभी कंपनी के इलेक्ट्रिक वेईकल बिजनेस की बजाय उसके लंबे समय के ऑटोनॉमस ड्राइविंग और रोबोटैक्सी विजन पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। स्पेसएक्स की स्थिति भी ऐसी ही है। स्टारलिंक लगातार प्रॉफिटेबल तरीके से बढ़ रहा है और कंपनी का लॉन्च बिजनेस भी विस्तार कर रहा है, लेकिन पोस्ट-लिस्टिंग शुरुआती तेजी के बाद शेयरों पर दबाव आया है।

क्या करना चाहिए भारतीय निवेशकों को?

विक्रम शाह के मुताबिक टेस्ला और स्पेसएक्स की गिरावट खरीदें या बेचें, फैसले जितना साधारण नहीं है बल्कि उन्होंने निवेशकों को सलाह दी है कि पोर्टफोलियो एलोकेशन और निवेश के लॉन्ग-टर्म गोल्स पर फोकस करना चाहिए। उनका कहना है कि एआई और स्पेस में 5–10 साल के लिए निवेश कर रहे हैं तो कुछ हफ्तों की गिरावट से ज्यादा फर्क नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने निवेशकों को यह भी देखने की सलाह दी है कि कहीं इन शेयरों में उनका एक्सपोजर पहले की तेजी के कारण जरूरत से ज्यादा तो नहीं हो गया है। साथ ही उन्होंने भारतीय निवेशकों को बिना सोचे-समझे नई लिस्ट हुई हाई-वैल्यू अमेरिकी कंपनियों में निवेश करने से सावधान किया। उनका मानना है कि अमेरिकी स्टॉक्स में निवेश इतना छोटा होना चाहिए कि शॉर्ट-टर्म उतार-चढ़ाव से पूरा पोर्टफोलियो प्रभावित न हो।

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Aastha Spintex IPO Listing: 6 जुलाई को कितना लिस्टिंग गेन? ग्रे मार्केट से ये है संकेत

Aastha Spintex IPO Listing: आस्था स्पिंटेक्स के आईपीओ को निवेशकों के अच्छे रिस्पांस के बाद अब इसके शेयरों के लिस्टिंग की तैयारी हो रही है। लिस्टिंग को लेकर ग्रे मार्केट से जो संकेत मिल रहे हैं, उसके मुताबिक इसके शेयरों की कल 6 जुलाई को बीएसई और एनएसई पर प्रीमियम एंट्री हो सकती है। ग्रे मार्केट में इसकी GMP इश्यू प्राइस के मुकाबले ₹3 यानी 2.21% है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय लिस्टिंग के दिन मार्केट सेंटिमेंट के साथ-साथ कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स ही शेयरों की चाल तय करते हैं। आईपीओ निवेशकों को इसके शेयर ₹136 के भाव पर जारी हुए हैं।

Aastha Spintex IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

आस्था स्पिंटेक्स का ₹170 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 29 जून से 1 जुलाई तक खुला था। इसका प्राइस बैंड प्रति शेयर ₹125-₹136 था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था। ओवरऑल यह 5.05 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 3.59 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 8.29 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.54 गुना और एंप्लॉयीज का हिसा 5.43 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1.25 करोड़ नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹111.51 करोड़ फाल्कन यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड के अधिग्रहण के पेमेंट का कुछ हिस्सा भरने, ₹10 करोड़ फाल्कन यार्न्स के वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में खर्च होंगे।

Aastha Spintex के बारे में

कार्डेड, कॉम्बेड और कॉम्पैक्ट कॉम्बेड कॉटन यार्न और कॉटन बेल्स के मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग को लेकर आस्था स्पिंटेक्स एक जानी-मानी कंपनी है। कंपनी अपने कॉटन बेल्स का इस्तेमाल दो तरह से करती है- अपने खुद के कॉटन यार्न के प्रोडक्शन के लिए और दूसरी स्पिनिंग मिलों को बेचने या सप्लाई करने के लिए। इसके अलावा कंपनी की गुजरात के मोरबी जिले में एक सेमी-ऑटोमेटेड स्पिनिंग और जिनिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। कंपनी टेक्सटाइल प्रोडक्शन के दौरान निकलने वाले कॉटन यार्न वेस्ट को रीसायकल करके दूसरे प्रोडक्ट भी बनाती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 के बीच इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 21% की रफ्तार से बढ़कर ₹352.17 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन शुद्ध मुनाफा रॉकेट की स्पीड से बढ़ा जोकि वित्त वर्ष 2023 में ₹1.06 करोड़ और वित्त वर्ष 2024 में ₹16.29 करोड़ से वित्त वर्ष 2025 में ₹22.92 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के 9 महीने यानी अप्रैल-दिसंबर 2025 में इसे ₹314.02 करोड़ का रेवेन्यू और ₹17.56 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हासिल हुआ।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Happy Steels IPO: 9 जुलाई को खुलेगा हैपी स्टील्स का आईपीओ, जानिए इश्यू के बारे में सबसे जरूरी बातें

Happy Steels IPO: हैपी स्टील्स का आईपीओ 9 जुलाई को खुल जाएगा। यह पंजाब की कंपनी है, जो प्रिसिजन ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स बनाती है। कंपनी आईपीओ में 37.88 लाख नए शेयर इश्यू करेगी। इसका मतलब है कि इस इश्यू में ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) नहीं होगा। अगले हफ्ता आईपीओ के लिहाज से काफी व्यस्तता वाला होगा। अगले हफ्ते 3 आईपीओ आने वाले हैं। इनमें से एक मेनबोर्ड सेगमेंट का आईपीओ होगा।

Happy Steels ने 62-66 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। इस आधार पर कंपनी की वैल्यूएशन करीब 94 करोड़ रुपये होगी। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर कंपनी इस इश्यू से 25 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है। एंकर इनवेस्टर्स के लिए यह इश्यू 8 जुलाई को खुल जाएगा। यह इश्यू 11 जुलाई को बंद होगा।

कंपनी एक्सल्स, लॉन्ग स्पिलिन शॉफ्ट्स और स्पिंडल्स की सप्लाई ऑरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEM) को करती है। यह घरेलू कंपनियों के साथ ही विदेश कंपनियों को भी अपने प्रोडक्ट्स की सप्लाई करती है। कंपनी से आईपीओ से आए पैसे में से 13.15 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपने मौजूदा प्लांट्स की क्षमता बढ़ाने के लिए करेगी। इसके लिए वह नई मशीनें खरीदने वाली है।

हैपी स्टील्स आईपीओ से आए पैसे में से 4.98 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी। बाकी पैसे का इस्तेमाल वह सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए करेगी। इस साल मार्च के अंत में कटिंग प्रोसेस के लिए कंपनी की उत्पादन क्षमता सालाना 8,640 मीट्रिक टन की थी। फोर्जिंग प्रोसेस की इसकी क्षमता 7,776 मीट्रिक टन थी।

वित्त वर्ष 2025-26 में हैपी स्टील्स ने 7.1 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। यह एक साल पहले के 2.3 करोड़ रुपये के उसके मुनाफे के तीन गुना से ज्यादा है। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी का रेवेन्यू 15.2 फीसदी बढ़कर 94.6 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले रेवेन्यू 82.1 करोड़ रुपये था।

हैपी स्टील्स के शेयर 16 जुलाई को एनएसई इमर्ज प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगे। कंपनी ने शेयर इंडिया कैपिटल सर्विसेज और मास्टर कैपिटल सर्विसेज को बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स नियुक्त किया है। कंपनी का आईपीओ ऐसे वक्त आ रहा है, जब शेयर बाजारों में रिकवरी दिखी है। इस हफ्ते शेयर बाजारों में लगातार तीन दिन तेजी दिखी। इससे बाजार का सेंटिमेंट बेहतर हुआ है और निवेशकों का हौसला बढ़ा है।

IPOs This Week: 6 जुलाई से शुरू हफ्ते में खुलेंगे ₹717 करोड़ के 3 नए इश्यू, 10 कंपनियां होंगी लिस्ट

6 जुलाई से शुरू हफ्ते में देश के IPO मार्केट में हलचल बनी रहेगी। इसका कारण है कि 3 नए पब्लिक इश्यू खुलने वाले हैं। इनमें से एक मेनबोर्ड सेगमेंट से है। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले एक IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। लेकिन यह SME है। जहां तक शेयर बाजार में लिस्ट होने वाली नई कंपनियों की बात है तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 10 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 2 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

नए खुल रहे IPO

Kusumgar IPO: मेनबोर्ड सेगमेंट में ₹650 करोड़ का इश्यू 8 जुलाई को खुलेगा और 10 जुलाई को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹398-₹419 प्रति शेयर और लॉट साइज 35 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 15 जुलाई को हो सकती है।

Devson Catalyst IPO: यह 9 जुलाई को ओपन होगा। इसमें ₹112-₹118 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में और 1200 शेयरों के लॉट में 13 जुलाई तक पैसे लगा सकते हैं। कंपनी ₹42.34 करोड़ जुटाना चाहती है। शेयरों की लिस्टिंग BSE SME पर 16 जुलाई को होने की उम्मीद है।

Happy Steels IPO: यह भी 9 जुलाई को खुलेगा और 13 जुलाई को बंद होगा। इश्यू का साइज ₹25 करोड़ है। प्राइस बैंड ₹62-₹66 प्रति शेयर है। लॉट साइज 2,000 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE SME पर 16 जुलाई को शुरुआत कर सकते हैं।

पहले से खुले पब्लिक इश्यू

IC Electricals IPO: ₹47.91 करोड़ का इश्यू 3 जुलाई को खुला था। अब तक यह 7.18 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹94-₹99 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,200 शेयर है। 7 जुलाई को इश्यू की क्लोजिंग के बाद शेयरों की लिस्टिंग NSE SME पर 10 जुलाई को हो सकती है।

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लिस्ट होने वाली कंपनियां

नए शुरू हो रहे सप्ताह में 6 जुलाई को मेनबोर्ड सेगमेंट में NSE और BSE पर Aastha Spintex की लिस्टिंग हो सकती है। इसी दिन BSE SME पर Adon Agro Commodities के शेयर लिस्ट होने की उम्मीद है। इसके बाद 7 जुलाई को BSE SME पर Kratikal Tech, Seemax Resources, Atharva Polyplast और Sampark India Logistics के शेयर अपनी शुरुआत कर सकते हैं। NSE SME पर Vinit Mobile और Teja Engineering Industries की लिस्टिंग होने वाली है। 8 जुलाई को NSE और BSE पर Knack Packaging की लिस्टिंग हो सकती है। 10 जुलाई को NSE SME पर IC Electricals के शेयर अपनी शुरुआत कर सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Waterways Leisure Tourism में और 10% तेजी की लहर, लगातार दूसरे दिन अपर सर्किट

मुंबई स्थित क्रूज ऑपरेटर वॉटरवेज लीश़र टूरिज्म के शेयर में 3 जुलाई को लगातार दूसरे दिन तेजी है। शेयर बीएसई पर 10 प्रतिशत चढ़ा और लगातार दूसरे दिन अपर सर्किट लगा। कीमत 807.45 रुपये हो गई है। कंपनी 1 जुलाई को BSE और NSE पर लिस्ट हुई थी। दिन के आखिर में शेयर BSE पर 667.35 रुपये पर बंद हुआ था। उसके बाद 2 जुलाई को भी यह 10 प्रतिशत चढ़ा और अपर सर्किट लगा। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 5800 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है।

वॉटरवेज लीश़र टूरिज्म का 585 करोड़ रुपये का IPO 1.53 गुना भरा था। यह कंपनी कॉर्डेलिया क्रूज ब्रांड के तहत कारोबार करती है। देश में पहली बार किसी क्रूज ऑपरेटर का शेयर लिस्ट हुआ है। कॉर्डेलिया क्रूज भारत की प्रीमियम क्रूज लाइन है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 89.35 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Waterways Leisure Tourism की वित्तीय स्थिति

कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 52.14 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। इससे पहले के वित्त वर्ष में कंपनी को 168.19 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। वित्त वर्ष 2026 में इनकम 586.99 करोड़ रुपये रही, जो वित्त वर्ष 2025 में 597.68 करोड़ रुपये थी। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर 101.90 करोड़ रुपये की उधारी थी।

Waterways Leisure Tourism के IPO में 72 लाख नए शेयर जारी हुए थे। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 72 प्रतिशत, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.23 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 4.40 गुना भरा।

क्या खरीदने लायक है शेयर?

स्वास्तिका इनवेस्टस्मार्ट में वेल्थ हेड शिवानी न्याति का कहना है, “आईपीओ अलॉटमेंट के तहत जिन निवेशकों को शेयर मिले हैं, वे लंबे समय के नजरिए से उन्हें अपने पास रख सकते हैं। नए निवेशकों को बेहतर कमाई की संभावना और एंट्री के लिए ज्यादा आकर्षक लेवल का इंतजार करना चाहिए। इस स्टॉक पर राय न्यूट्रल है, और क्लोजिंग के आधार पर स्टॉप-लॉस ₹640 है।”

Kusumgar IPO: 8 जुलाई को खुलेगा ₹650 करोड़ का IPO, प्रमोटर OFS के जरिए बेचेंगे हिस्सेदारी

Kusumgar IPO: मुंबई की सिंथेटिक फैब्रिक बनाने वाली कंपनी Kusumgar का 650 करोड़ रुपये का IPO 8 जुलाई को निवेशकों के लिए खुलेगा। जुलाई महीने में खुलने वाला यह दूसरा IPO होगा। इससे पहले Knack Packaging का IPO 3 जुलाई को बंद होगा।

कब खुलेगा IPO और कब होगी लिस्टिंग?

IPO का एंकर बुक 7 जुलाई को खुलेगा। रिटेल इनवेस्टर 8 जुलाई से 10 जुलाई के बीच Kusumgar IPO में पैसे लगा सकेंगे। शेयरों के अलॉटमेंट को 13 जुलाई तक अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। इसके बाद कंपनी के शेयर 15 जुलाई को शेयर बाजार में लिस्ट हो सकते हैं।

कंपनी को नहीं मिलेगा IPO का पैसा

यह IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है। यानी इसमें कोई फ्रेश इश्यू नहीं है। इसका मतलब है कि IPO से मिलने वाला पूरा पैसा शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों को मिलेगा। कंपनी के पास इस इश्यू से कोई पैसा नहीं आएगा।

IPO के जरिए कंपनी के प्रमोटर सिद्धार्थ योगेश कुसुमगर, उनकी पत्नी सपना सिद्धार्थ कुसुमगर और Siddharth Yogesh Kusumgar HUF अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। कंपनी के मुताबिक, IPO लाने का मकसद ऑफर फॉर सेल पूरा करना और कंपनी के शेयरों को शेयर बाजार में लिस्ट कराना है।

क्या काम करती है Kusumgar?

Kusumgar इंजीनियर्ड फैब्रिक और उससे जुड़े सॉल्यूशन तैयार करती है। कंपनी पॉलीअमाइड, पॉलिएस्टर फिलामेंट और पॉलीयूरेथेन आधारित फैब्रिक बनाती है। इसके प्रोडक्ट एयरोस्पेस और डिफेंस, इंडस्ट्रियल, ऑटोमोबाइल, आउटडोर और लाइफस्टाइल जैसे कई सेक्टर में इस्तेमाल होते हैं।

कंपनी का कारोबार कैसा है?

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का प्रदर्शन कमजोर रहा। कंपनी का मुनाफा 12.3% घटकर 98.2 करोड़ रुपये रह गया। वहीं, रेवेन्यू 11.2% गिरकर 692 करोड़ रुपये पर आ गया।

हालांकि, इससे पहले वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी ने बेहतर प्रदर्शन किया था। उस दौरान मुनाफा 32.7% बढ़कर 112 करोड़ रुपये पहुंच गया था। वहीं, रेवेन्यू 66.5% बढ़कर 779 करोड़ रुपये हो गया था। यानी पिछले दो वित्त वर्षों में कंपनी के कारोबार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

कौन संभाल रहा है IPO?

Kusumgar ने अपने पात्र कर्मचारियों के लिए 3.5 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयर आरक्षित रखे हैं। इस IPO के बुक रनिंग लीड मैनेजर (BRLM) Axis Capital, IIFL Capital Services और Motilal Oswal Investment Advisors हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।