मेकअप खरीदने से पहले पढ़ लें ये टिप्स, Foundation और Compact में कौन देगा बेहतर रिजल्ट?

मेकअप की दुनिया में कुछ फैसले ऐसे होते हैं जो दिखने में छोटे लगते हैं, लेकिन पूरे लुक को बदल सकते हैं। लिक्विड फाउंडेशन और कॉम्पैक्ट पाउडर भी उन्हीं में से एक हैं। कई लोग बिना ज्यादा सोचे किसी एक प्रोडक्ट को चुन लेते हैं, लेकिन सही चुनाव आपकी स्किन टाइप, लाइफस्टाइल और जरूरत पर निर्भर करता है। किसी को पूरे दिन फ्रेश दिखना पसंद है, तो कोई बेदाग और स्मूद फिनिश चाहता है।

ऐसे में यह समझना जरूरी हो जाता है कि कौन-सा प्रोडक्ट आपकी खूबसूरती को बेहतर तरीके से निखार सकता है। अगर आप भी अगली बार ब्यूटी काउंटर पर खड़े होकर कन्फ्यूज नहीं होना चाहते, तो पहले जान लीजिए कि इन दोनों में असली फर्क क्या है और आपके लिए कौन-सा विकल्प ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है।

जब चाहिए फ्लॉलेस और कैमरा-रेडी लुक

Liquid Foundation क्यों है मेकअप लवर्स की पहली पसंद?

अगर चेहरे पर पिग्मेंटेशन, एक्ने मार्क्स, रेडनेस या असमान स्किन टोन है, तो लिक्विड फाउंडेशन सबसे भरोसेमंद विकल्प माना जाता है। यह त्वचा पर एक समान बेस तैयार करता है और चेहरे को ज्यादा निखरा हुआ लुक देता है।

शादी, पार्टी, ऑफिस इवेंट या किसी खास मौके पर जहां तस्वीरें क्लिक होनी हों, वहां फाउंडेशन का इस्तेमाल मेकअप को प्रोफेशनल फिनिश देता है। आजकल यह मैट, नैचुरल और डेवी फिनिश जैसे कई विकल्पों में उपलब्ध है।

लेकिन कुछ चुनौतियां भी हैं

फाउंडेशन लगाने के लिए सही शेड चुनना और अच्छी तरह ब्लेंड करना जरूरी होता है। साथ ही गर्मी और उमस के मौसम में कुछ लोगों को यह थोड़ा भारी महसूस हो सकता है।

किन लोगों के लिए है बेस्ट?

  • पिग्मेंटेशन या दाग-धब्बों वाले लोग
  • ड्राई स्किन वाले यूजर्स
  • पार्टी और इवेंट में मेकअप करने वाले
  • हाई कवरेज पसंद करने वाले

दो मिनट में तैयार होना है? तो Compact Powder है आपका साथी

रोजाना इस्तेमाल के लिए क्यों पसंद किया जाता है कॉम्पैक्ट?

अगर आप कम समय में फ्रेश और साफ-सुथरा लुक चाहते हैं, तो कॉम्पैक्ट पाउडर सबसे आसान विकल्प साबित हो सकता है। इसे लगाने में ज्यादा मेहनत नहीं लगती और कुछ ही मिनटों में चेहरा तैयार हो जाता है।

भारत जैसे गर्म और आर्द्र मौसम में कॉम्पैक्ट पाउडर अतिरिक्त तेल को कंट्रोल करने और चेहरे की चमक कम करने में मदद करता है। यही वजह है कि यह छात्रों, ऑफिस जाने वालों और कम मेंटेनेंस मेकअप पसंद करने वालों के बीच काफी लोकप्रिय है।

इसकी सबसे बड़ी सीमा क्या है?

कॉम्पैक्ट पाउडर चेहरे की रंगत को थोड़ा बेहतर दिखा सकता है, लेकिन यह गहरे दाग, पिग्मेंटेशन या एक्ने मार्क्स को पूरी तरह नहीं छिपा सकता।

किन लोगों के लिए है बेस्ट?

  • ऑयली स्किन वाले
  • स्टूडेंट्स
  • ऑफिस गोअर्स
  • मेकअप की शुरुआत करने वाले
  • जल्दी तैयार होने वाले लोग

आखिर आपके लिए सही विकल्प कौन-सा है?

Liquid Foundation चुनें 

  • आपको ज्यादा कवरेज चाहिए
  • चेहरे पर दाग-धब्बे या असमान रंगत है
  • आप अक्सर इवेंट्स और फंक्शन अटेंड करते हैं
  • कैमरा-फ्रेंडली मेकअप चाहते हैं

Compact Powder चुनें 

  • ऑयल कंट्रोल आपकी प्राथमिकता है
  • आपको हल्का मेकअप पसंद है
  • दिनभर टच-अप की जरूरत पड़ती है
  • कम समय में तैयार होना चाहते हैं

क्या दोनों को साथ इस्तेमाल किया जा सकता है?

बिल्कुल। कई मेकअप एक्सपर्ट पहले लिक्विड फाउंडेशन लगाते हैं और फिर उसके ऊपर कॉम्पैक्ट पाउडर का इस्तेमाल करते हैं। इससे मेकअप लंबे समय तक टिका रहता है और चेहरे पर अतिरिक्त चमक भी नहीं आती।

खूबसूरती नहीं, जरूरत के हिसाब से चुनें

लिक्विड फाउंडेशन और कॉम्पैक्ट पाउडर दोनों ही अपने-अपने काम में बेहतरीन हैं। अगर आपका लक्ष्य परफेक्ट कवरेज और ग्लैमरस लुक है तो फाउंडेशन बेहतर रहेगा। वहीं, रोजमर्रा के इस्तेमाल, ऑयल कंट्रोल और आसान टच-अप के लिए कॉम्पैक्ट पाउडर ज्यादा व्यावहारिक विकल्प साबित हो सकता है। सही चुनाव वही है जो आपकी स्किन टाइप, लाइफस्टाइल और मेकअप जरूरतों से मेल खाता हो।

पुरुषों की सबसे आम स्किनकेयर गलती! सनस्क्रीन को लेकर जानें एक्सपर्ट की राय

इजराइल हिजबुल्ला में सीजफायर, अमेरिका, कतर और ईरान ने कैसे दोनों को मनाया?

trump and netanyahu

अमेरिका ईरान शांति समझौते के बाद तल्ख तेवर दिखाने वाला इजराइल आखिरकार हिजबुल्ला से सीजफायर के लिए राजी हो गया। बताया जा रहा है कि अमेरिका और कतर इजराइल को समझाकर युद्ध विराम के लिए राजी किया तो ईरान ने हिजबुल्ला को मनाया। अब लेबनान और ईरान के अधिकारी युद्ध विराम पर चर्चा के लिए 23 से 25 जून के बीच अमेरिका में मुलाकात करेंगे। 

 

अमेरिका ईरान शांति समझौते की एक प्रमुख शर्त लेबनान में शांति भी थी। डील होती ही इजराइल ने लेबनान पर हमले तेज कर दिए। बताया जा रहा है कि इजराइल द्वारा लेबनान पर किए जा रहे हमलों से ईरान काफी नाराज था। इजराइल अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्‍ट्रपति जेडी वेंस की बात भी नहीं सुन रहा था। इस पर ईरान ने स्विट्जरलैंड में होने वाली शांति वार्ता में शामिल होने से इनकार कर दिया।

 

इजराइल से क्या बोले ट्रंप?

इजराइल और हिजबुल्ला के बीच युद्धविराम की घोषणा के कुछ ही समय बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- उन्होंने लेबनान में सक्रिय इस विद्रोही समूह के साथ संघर्ष रोकने के 

 

लिए इजराइल से सहमति बनाने का आग्रह किया था। ट्रंप ने इजराइली अधिकारियों से कहा कि आपको कभी कभी शांत होकर अपने दिमाग का भी इस्तेमाल करना चाहिए।

 

कतर और ईरान ने भी बढ़ा दबाव

अमेरिका के साथ ही कतर ने भी इजराइल पर युद्ध विराम के लिए दबाव बढ़ाया वहीं ईरान ने इस मामले में हिजबु्ल्ला को समझाकर किसी तरह सीजफायर के लिए राजी किया। बहरहाल दोनों देश युद्ध रोकने पर राजी हो गए और दुनिया ने राहत की सांस ली।

 

हालांकि कहा जा रहा है कि इजरायल दक्षिणी लेबनान में बने 'सिक्योरिटी जोन' में अपनी मौजूदगी बनाए रखेगा। अगर लेबनान की ओर से हमला हुआ तो इजराइल भी जवाब देने में देर नहीं करेगा।

 

गौरतलब है कि इजराइल के लेबनान पर हुए हमले के बाद दोनों देशों की बीच जंग भीषण हो गई थी। लेबनान के हमले में 4 इजराइली सैनिकों की मौत हो गई थी। इसके बाद इजराइली सेना ने लेबनान में करीब 150 स्थानों पर हमला किया था।

edited by : Nrapendra Gupta 

NEET-UG Re-Exam 2026: कल होने वाली परीक्षा के लिए एनटीए आज करेगा पूरे देश में मॉक ड्रिल, पूरे देश में 5500 केंद्रों पर परीक्षा देंगे छात्र

NEET-UG Re-Exam 2026: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) स्नातक (UG) 2026 पुन: परीक्षा (Re-Exam) का आयोजन कल रविवार, 21 जून 2026 को पूरे देश में किया जाएगा। इस परीक्षा को बिना किसी गड़बड़ी के संपन्न कराने के लिए राष्ट्रीए परीक्षा एजेंसी (NTA) ने कमर कस ली है।

अपनी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए एनटीए आज पूरे देश में मॉक ड्रिल कर रही है। एनटीए की यह मॉक ड्रिल किसी भी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा अब तक के सबसे बड़े सुरक्षा इंतजामों में से एक का जायजा लेंगे। पूरी रिहर्सल सुबह 9:00 बजे से रात 8:00 बजे तक चलेगी। इसमें एग्जाम प्रोसेस के हर स्टेज को दिखाया जाएगा, जिसमें प्रश्न पत्रों की डिलीवरी से लेकर आंसर शीट के कलेक्शन और ट्रांसपोर्टेशन तक शामिल होगा।

5,500 से ज्यादा केंद्रों पर परीक्षा कल 

पूरे देश में परीक्षार्थी कल 551 भारतीय शहरों और 14 अंतरराष्ट्रीय ठिकानों पर फैले 5,500 से ज्यादा परीक्षा केंद्रों पर नीट यूजी 2026 री-एग्जाम देंगे। इन सभी एग्जाम सेंटर को हाई-सिक्योरिटी जोन बनाया गया है, जिसमें त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। इसके लिए अधिकारी जिला प्रशासन, राज्य पुलिस बल और केंद्र सरकार के विशेष सुरक्षा दस्तों को शामिल किया गया है।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

अधिकारियों ने कहा कि परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा और टेस्ट के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 2 लाख से 2.5 लाख पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाएगा। इसके अलावा, लगभग 15,000 पैरामिलिट्री कर्मियों को प्रश्नपत्र के ट्रांसपोर्टेशन और परीक्षा के बाद आंसर शीट की सुरक्षित वापसी का काम सौंपा गया है। बेहतर निगरानी के लिए, अधिकारियों ने परीक्षा की जगहों पर 1.5 लाख और CCTV कैमरे और 15,000 सिग्नल जैमर लगाए हैं। सभी सेंटर्स पर एनटीए हेडक्वार्टर और देश भर में बनाए गए खास कंट्रोल रूम से रियल टाइम में नजर रखी जाएगी।

22 लाख से ज्यादा छात्र लेंगे परीक्षा में हिस्सा

अधिकारियों के मुताबिक, लगभग 22.8 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा के लिए रजिस्टर किया है, जिससे यह देश के सबसे बड़े एंट्रेंस टेस्ट में से एक बन गया है। 18.5 लाख से ज़्यादा कैंडिडेट्स ने अपने एडमिट कार्ड पहले ही डाउनलोड कर लिए हैं, जबकि लगभग 3.5 लाख स्टूडेंट्स ने अपना परीक्षा शहर या सेंटर बदलने का ऑप्शन चुना है। खास बात यह है कि सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी को मजबूत करने की कोशिशों के तहत 98.8% परीक्षा केंद्र सरकारी शैक्षिक संस्थानों में बनाए गए हैं।

CBSE Class 10 Second Board Result 2026: 10वीं कक्षा दूसरी बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट कभी भी हो सकता है जारी, परिणाम में देरी पर उठ रहे हैं सवाल

Priyaka Chopra: एंजेलिना जोली के साथ देसी गर्ल ने नए प्रोजेक्ट को किया कंफर्म, हॉलीवुड सुपरस्टार के लिए कही ये बड़ी बात

Priyaka Chopra: सालों की कड़ी मेहनत के बाद प्रियंका चोपड़ा ने हॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई है। हालांकि, सात साल के गैप के बाद, यह एक्ट्रेस SS राजामौली की डायरेक्ट की गई बड़ी पैन-इंडियन एक्शन-एडवेंचर फ़िल्म ‘वाराणसी’ से भारतीय फ़िल्मों में वापसी कर रही हैं। वहीं उन्होंने हाल ही में एक बड़ी अपडेट शेयर की है।

फॉर्च्यून इंडिया से बात करते हुए प्रियंका ने कन्फर्म किया कि वह हॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस एंजेलिना जोली के साथ काम करेंगी। हालांकि, एक्ट्रेस ने इस प्रोजेक्ट के बारे में और कोई जानकारी नहीं दी, जिससे फैंस यह सोचने पर मजबूर हो गए कि क्या वह जोली के साथ किसी फिल्म, एडवर्टाइजिंग कैंपेन या किसी चैरिटी से जुड़े काम में साथ आएंगी। बातचीत के दौरान, प्रियंका ने यह भी बताया कि उन्हें जोली के साथ-साथ पेनेलोप क्रूज़ और सलमा हायेक बहुत इंस्पायर भी करती हैं।

प्रियंका ‘वाराणसी’ के साथ इंडियन सिनेमा में वापसी करने जा रही हैं। अब तक की सबसे महंगी इंडियन फिल्मों में से एक, राजामौली के डायरेक्शन में बन रही इस फिल्म का बजट ₹1,200–1,400 करोड़ (135–150 मिलियन डॉलर) है। दुनिया भर में शूट की गई इस एडवेंचर फिल्म की शूटिंग जॉर्जिया, अंटार्कटिका, अफ्रीका और हैदराबाद में हुई है।

फिल्म के बड़े पैमाने के बारे में बात करते हुए प्रियंका ने कहा, “हम जो करने की कोशिश कर रहे हैं, वह बहुत बड़ा और महत्वाकांक्षी है; ऐसा काम बहुत समय से देखने को नहीं मिला है। मैं न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया के लिए भी बहुत खुश और उत्साहित महसूस कर रही हूं, क्योंकि यह एक बहुत बड़ी ग्लोबल रिलीज़ होगी और लोगों को पता चलेगा कि हम पिछले तीन सालों से किस चीज़ पर काम कर रहे हैं।” यह फिल्म 7 अप्रैल, 2027 को दुनिया भर में रिलीज़ होगी।

प्रियंका, PPP के को-प्रोडक्शन में ‘लॉर्ड ऑफ़ द रिंग्स’ और ‘पाइरेट्स ऑफ़ द कैरिबियन’ के स्टार ऑरलैंडो ब्लूम के साथ भी काम करेंगी। उनके पास मीरा नायर की बायोग्राफ़िकल ड्रामा फ़िल्म ‘अमरी’ भी पाइपलाइन में है। इसके अलावा, वह निकोलस स्टोलर की फ़िल्म ‘जजमेंट डे’ में भी नज़र आएंगी, जिसमें विल फेरेल, ज़ैक एफ्रॉन, रेजिना हॉल और अन्य कलाकार भी शामिल हैं।

हाल के दिनों में प्रियंका अपने प्रोजेक्ट्स चुनने को लेकर काफ़ी सोच-समझकर फ़ैसले ले रही हैं। वह मानती हैं कि सालों की कड़ी मेहनत के बाद, वह अपने करियर के ऐसे पड़ाव पर पहुंच गई हैं जहां उन्हें अपनी पसंद के प्रोजेक्ट्स चुनने की आज़ादी मिल गई है। उन्होंने कहा, “जब मैंने शुरुआत की थी, तब स्क्रिप्ट्स मेरे हिसाब से नहीं लिखी जाती थीं। मेरे पति निक (जोनस) ने हाल ही में (सिंगर बियॉन्से के शब्दों को दोहराते हुए) कहा था कि ‘तुमने जो त्याग किया था, अब तुम उसके दूसरे छोर पर हो।’ अब मैं अपनी पसंद के प्रोजेक्ट्स चुन सकती हूँ और अपने प्रोजेक्ट्स खुद बना सकती हूं।”

Fathers Day 2026: फादर्स डे 2026: हर पिता की कहानी देती है जीवन का बड़ा सबक

'Papa' embodies sacrifice, struggle, discipline, and responsibility- a father showering love upon his child, as seen in the picture

Life Lessons from Father: पिता केवल एक रिश्ता नहीं, बल्कि जीवन की वह मजबूत नींव हैं, जिस पर पूरे परिवार का भविष्य टिका होता है। मां जहां स्नेह और ममता का प्रतीक होती हैं, वहीं पिता त्याग, संघर्ष, अनुशासन और जिम्मेदारी का दूसरा नाम हैं। अक्सर पिता अपने प्रेम को शब्दों में व्यक्त नहीं करते, लेकिन उनकी हर मेहनत, हर चिंता और हर प्रयास अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए ही होता है। फादर्स डे 2026 हमें उस अनमोल योगदान को याद करने और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर देता है।ALSO READ: Fathers Day 2026: फादर्स डे कब है? जानें तारीख, इतिहास और महत्व

 

हर घर के पिता की कहानी अलग हो सकती है- कोई बहुत सख्त होता है, कोई बेहद नरम, कोई खुलकर प्यार जताता है, तो कोई खामोशी से अपनी जिम्मेदारी निभाता है। लेकिन इन अलग-अलग कहानियों के पीछे छिपे जीवन के सबक (Life Lessons) हर बच्चे के लिए एक समान और अनमोल होते हैं। बता दें कि भारत सहित कई देशों में फादर्स डे जून महीने के तीसरे रविवार को मनाया जाता है। वर्ष 2026 में फादर्स डे 21 जून, रविवार को मनाया जाएगा।

 

आइए जानते हैं कि एक पिता की कहानी हमें जिंदगी के कौन से बड़े सबक सिखाती है:

 

1. अनुशासन और निरंतरता का सबक

एक पिता की रोजमर्रा की जिंदगी को देखिए। चाहे धूप हो, बारिश हो, सेहत ठीक हो या न हो, वह रोज सुबह उठकर अपने काम पर निकल जाते हैं।

 

सबक: जिंदगी में सफलता किसी जादू से नहीं, बल्कि रोज की मेहनत और अनुशासन से मिलती है। पिता हमें सिखाते हैं कि जब आप किसी परिवार या काम की जिम्मेदारी लेते हैं, तो 'मूड नहीं है' जैसा कोई बहाना नहीं चलता।

 

2. संकट में शांत रहने की कला

घर पर जब भी कोई बड़ी मुसीबत आती है- चाहे वह आर्थिक तंगी हो, किसी की बीमारी हो या कोई और संकट- पूरा घर घबरा जाता है, लेकिन पिता अक्सर शांत रहते हैं। वह चुपचाप बैठकर समाधान ढूंढते हैं।

 

सबक: मुश्किलें हर किसी के जीवन में आती हैं, लेकिन रोने या पैनिक करने से वो हल नहीं होतीं। विपरीत परिस्थितियों में दिमाग को शांत रखकर ही सही फैसला लिया जा सकता है।ALSO READ: Fathers Day 2026: पिता का साया क्यों होता है सबसे बड़ा सहारा? जानिए फादर्स डे पर

 

3. 'ना' सुनने और झेलने की ताकत

बचपन में जब हम किसी ऐसी चीज की जिद करते थे जो हमारे लिए सही नहीं होती थी (या बजट से बाहर होती थी), तो पिता सीधे 'ना' कह देते थे। उस वक्त भले ही हमें बुरा लगता था, लेकिन वह जरूरी था।

 

सबक: दुनिया हमेशा आपकी मर्जी के मुताबिक नहीं चलेगी। पिता का वह 'ना' हमें असल जिंदगी के रिजेक्शन्स और असफलताओं को बर्दाश्त करने के लिए मानसिक रूप से मजबूत बनाता है।

 

4. इच्छाओं का त्याग और परिवार प्रथम

एक पिता की अलमारी अक्सर सबसे छोटी होती है। उनके जूते शायद सालों पुराने होते हैं और उनकी गाड़ियां तब तक चलती हैं जब तक वो बिल्कुल जवाब न दे दें। लेकिन बच्चों की पढ़ाई, उनकी खुशियों और त्योहारों के लिए उनके पास कभी पैसों की कमी नहीं होती।

 

सबक: प्यार सिर्फ शब्दों में नहीं, बल्कि अपने से पहले अपनों के बारे में सोचने और उनके लिए त्याग करने में झलकता है।

 

पिता की कहानी: एक मूक मार्गदर्शक

'एक पिता कभी आपको यह नहीं बताता कि कैसे जीना है। वह बस जीता है, और आपको दिखाता है कि उसे कैसे करना है।'

 

अक्सर पिता अपनी भावनाएं शब्दों में नहीं कह पाते। वह कभी गले लगाकर रोते नहीं हैं, न ही बार-बार यह कहते हैं कि वह आपसे कितना प्यार करते हैं। लेकिन जब आप रात को देर से घर लौटते हैं और वह लिविंग रूम में अखबार पढ़ने का नाटक करते हुए आपका इंतजार कर रहे होते हैं, तो वह बिना बोले ही अपना सारा प्यार जता देते हैं।

 

फादर्स डे 2026 पर एक छोटा सा संकल्प

इस साल, उन्हें सिर्फ एक व्हाट्सएप मैसेज या सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए विश न करें।

 

उनके पास बैठें और पूछें- 'पापा, आपकी तबियत कैसी है?' या 'आज ऑफिस का दिन कैसा रहा?'

 

यकीन मानिए, जिस इंसान ने पूरी जिंदगी सिर्फ आपकी जरूरतों और आपके दिन के बारे में पूछा है, जब उसका बच्चा उनसे उनके बारे में पूछता है, तो वह उनके जीवन की सबसे बड़ी खुशी होती है।

 

हर पिता की कहानी एक ऐसी प्रेरक पुस्तक की तरह होती है, जिसमें संघर्ष, त्याग, प्रेम और सफलता के अनगिनत अध्याय होते हैं। फादर्स डे 2026 पर अपने पिता के योगदान को याद करें और उन्हें बताएं कि उनका साथ और मार्गदर्शन आपके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। क्योंकि पिता का साया केवल सुरक्षा नहीं देता, बल्कि जीवन जीने का सही रास्ता भी दिखाता है।

 

फादर्स डे 2026 की शुभकामनाएं!

 

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Father's Day Wishes 2026: फादर्स डे पर अपने पापा को भेजें ये भावुक संदेश और शुभकामनाएं

Sanjay Raut: ‘कुछ लोग कुत्ते होते हैं, लेकिन वफादार नहीं’… ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा के बीच संजय राउत ने शेयर किया पोस्ट

Sanjay Raut: शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने शनिवार को पार्टी में चल रही सियासी हलचल के बीच सोशल मीडिया पर एक रहस्यमयी पोस्ट शेयर किया है। यह पोस्ट पार्टी के भीतर बढ़ते उस उथल-पुथल के बीच आई है, जब चर्चा है कि पार्टी के छह लोकसभा सांसद एकनाथ शिंदे की नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं।

संजय राउत ने एक तस्वीर साझा की, जिस पर लिखा था, “कुछ लोग कुत्ते तो होते हैं, लेकिन वफादार नहीं होते।” इसके साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा, “जय महाराष्ट्र!”

यह पोस्ट ऐसे समय में आई है जब उद्धव बालासाहेब ठाकरे के गुट को पार्टी में दूसरी बड़ी फूट का सामना करना पड़ सकता है। इससे पहले 2022 में डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने बगावत की थी।

गुरुवार को स्थिति तब और गंभीर हो गई, जब पार्टी के 9 में से 6 लोकसभा सांसद नई दिल्ली स्थित संसद परिसर में बुलाई गई संसदीय दल की बैठक में शामिल नहीं हुए। बैठक में केवल अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे ही पहुंचे।

गैर-मौजूद सांसदों में नागेश आष्टिकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे शामिल थे।

इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए राउत ने सांसदों पर पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने का आरोप लगाया और कहा कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू हो चुकी है।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, “जो लोग खुद को शिवसैनिक मानते थे, वे डरपोक हैं। शिवसैनिक इतने डरपोक नहीं होते। ये लोग खुद को शिवसैनिक कहते हैं, लेकिन छिपने के लिए कहां गए हैं? जयपुर में।”

उन्होंने आगे कहा कि इन सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं और पार्टी उनकी सदस्यता रद्द कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।

राउत ने कहा, “कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हम उन्हें अयोग्य घोषित कराने की पूरी कोशिश करेंगे। अगर लोकसभा अध्यक्ष नियमों, कानून और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक काम करते हैं, तो इन लोगों की सदस्यता रद्द हो जाएगी।”

‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा

शिवसेना (यूबीटी) में बड़े पैमाने पर टूट की अटकलें, जिसे ‘ऑपरेशन टाइगर’ नाम दिया जा रहा है, उस समय और तेज हो गईं जब शिवसेना एमएलसी चंद्रकांत रघुवंशी ने दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) के छह लोकसभा सांसद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व पर भरोसा जता चुके हैं और वे उनके गुट के साथ जा चुके हैं।

इस झटके के बावजूद, राउत ने जोर देकर कहा कि पार्टी बालासाहेब ठाकरे की विरासत के प्रति प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा, “शिवसेना के 60 साल पूरे हो गए हैं और बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी मनाई जा रही है। हमें हमेशा बालासाहेब ठाकरे से प्रेरणा मिलती है। हम बुराई के खत्म होने तक लड़ते रहेंगे।”

यह भी पढ़ें: पीएम मोदी को बड़े ग्लोबल लीडर के तौर पर क्यों पसंद करते हैं ट्रंप? खुद कही ये बात

Stock Market Holiday: 26 जून को मुहर्रम पर BSE और NSE में छुट्टी रहेगी या नहीं? क्या कहता है हॉलिडे कैलेंडर

शुक्रवार, 26 जून को देश के शेयर बाजारों में छुट्टी रहने वाली है। इसके पीछे वजह है- मुहर्रम। इस मौके पर BSE और NSE दोनों पर इक्विटी में ट्रेडिंग बंद रहने वाली है। दोनों स्टॉक एक्सचेंजों की हॉलिडे लिस्ट में यह छुट्टी मौजूद है। वैसे तो शेयर बाजार में हर शनिवार और रविवार को छुट्टी रहती है लेकिन इसके अलावा कुछ दूसरे खास मौकों और सार्वजनिक अवकाशों पर भी मार्केट बंद रहता है।

BSE पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, 26 जून को BSE में इक्विटी सेगमेंट, इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट, करेंसी डेरिवेटिव्स सेगमेंट्स, NDS-RST, ट्राई पार्टी रेपो सेगमेंट्स के लिए ट्रेडिंग हॉलिडे रहेगा। वहीं कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट्स (EGR) में शाम का सेशन (शाम 5 बजे से 11:30/11:55 बजे तक) ओपन रहने वाला है।

इसी तरह NSE में भी कमोडिटी डेरिवेटिव्स में सुबह के सेशन में ट्रेडिंग बंद रहेगी लेकिन शाम के सेशन (शाम 5 बजे से 11:30/11:55 बजे तक) में ट्रेडिंग चालू रहेगी। वहीं इक्विटीज, इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, कॉरपोरेट बॉन्ड्स, न्यू डेट सेगमेंट्स, म्यूचुअल फंड्स, सिक्योरिटी लेंडिंग एंड बॉरोइंग स्कीम्स, निगोशिएटेड ट्रेड रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म, इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट्स और इंट्रेस्ट रेट डेरिवेटिव्स सेगमेंट्स में छुट्टी रहेगी।

बाकी बचे साल में शनिवार-रविवार के अलावा और कब बाजार रहेगा बंद

14 सितंबर: गणेश चतुर्थी

2 अक्टूबर: महात्मा गांधी जयंती

20 अक्टूबर: दशहरा

10 नवंबर: दिवाली-बलिप्रतिपदा

24 नवंबर: प्रकाश पर्व श्री गुरु नानक देव

25 दिसंबर: क्रिसमस

शनिवार/रविवार को पड़ रही छुट्टियां

15 अगस्त: स्वतंत्रता दिवस

8 नवंबर: दिवाली लक्ष्मी पूजन

दिवाली के मौके पर मुहूर्त ट्रेडिंग रविवार, 8 नवंबर 2026 को होगी। मुहूर्त ट्रेडिंग का समय बाद में घोषित किया जाएगा।

Jio Platforms IPO: साइज, वैल्यूएशन से लेकर फंड के इस्तेमाल और कंपनी की वित्तीय सेहत तक, 10 पॉइंट में पूरी डिटेल

19 जून को कैसी रही थी बाजार की चाल

5 दिन तेजी दर्ज करने के बाद शुक्रवार, 19 जून को शेयर बाजार में ​गिरावट रही। सेंसेक्स 607.08 अंक टूटकर 76,802.90 पर और निफ्टी 154.90 अंकों की गिरावट के साथ 24,013.10 पर बंद हुआ। दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 940.26 अंक तक टूटा और 76,469.72 का लो देखा। निफ्टी 266.1 अंक तक लुढ़ककर 23,901.90 के लो तक गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Jio Platforms IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ के बारे में ये 5 बातें आपको जरूर जाननी चाहिए

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ पर से 19 जून को पर्दा हट गया। कंपनी ने सेबी के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्ट्स फाइल कर दिया। इससे पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने ऐलान किया कि जियो प्लेटफॉर्म्स आज ही सेबी के पास पेपर्स फाइल करेगी। अब देश की सबसे टेलीकॉम और डिजिटल सर्विसेज कंपनी की शेयर बाजार में एंट्री का रास्ता साफ हो गया है।

जियो प्लेटफॉर्म्स ने सेबी के पास जो डीआरएचपी फाइल किया है, उससे कंपनी के बारे में कई अहम बातें पता चलती हैं। इस आईपीओ में बोली लगाने से पहले इनवेस्टर्स को ये बातें जरूर जाननी चाहिए। इनसे जियो प्लेटफॉर्म्स की वित्तीय स्थिति, फ्यूचर प्लान और स्ट्रेंथ का पता चलेगा।

1. रेवेन्यू

वित्त वर्ष 2026 में जियो प्लेटफॉर्म्स का ऑपरेशंस से रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 14.6 फीसदी बढ़कर 1.47 लाख करोड़ रुपये रहा। यह FY25 में 1.28 लाख करोड़ रुपये था। बीते दो सालों में कंपनी का रेवेन्यू 34 फीसदी से ज्यादा बढ़ा है। इसमें अच्छी सब्सक्राइबर ग्रोथ, ज्यादा ARPU और डिजिटल सर्विसेज के विस्तार का हाथ है। खास बात यह है कि जियो प्लेटफॉर्म्स ने बिजनेस शुरू करने के सिर्फ 10 सालों में यह उपलब्धि हासिल की है।

2. आईपीओ के पैसे का इस्तेमाल

कंपनी ने यह साफ कर दिया है कि वह आईपीओ से आने वाले करीब 27,500 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपना कर्ज चुकाने के लिए करेगी। इससे जियो प्लेटफॉर्म्स पर कर्ज का बोझ नहीं रह जाएगा। इससे फ्यूचर्स की टेक्नोलॉजी में उसे निवेश बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस आईपीओ में ऑफर फॉर सेल नहीं होगा। कंपनी इनवेस्टर्स को करीब 27 करोड़ नए शेयर इश्यू करेगी। कंपनी के मौजूदा शेयरहोल्डर्स आईपीओ में अपने शेयर नहीं बेचेंगे।

3. कस्टमर्स की संख्या

जियो प्लेटफॉर्म्स के डीआरएचपी के मुताबिक, सब्सिडियरी कंपनी रिलायंस जियो इंफोकॉम के ग्राहकों की संख्या इस साल मार्च के अंत में 52.44 करोड़ थी। एक साल पहले यह 48.82 करोड़ थी। इसका मतलब है कि FY26 में कंपनी ने 3.62 करोड़ नए सब्सक्राइबर्स बनाए। यह FY25 में बनाए गए 64 लाख नए कस्टमर्स की संख्या से काफी ज्यादा है।

4. कंपनी का भविष्य

जियो प्लेटफॉर्म्स का फोकस डिजिटल सर्विसेज पर है। इसकी सेवाओं का दायरा काफी व्यापक है। कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में देश में ब्रॉडबैंड और डिजिटल सर्विसेज पर लोगों की निर्भरता बढ़ेगी। कंपनी का फोकस इंटिग्रेटेड डिजिटल एक्सपीरियंस ऑफर करने पर है। कंपनी अपने टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार बड़ा निवेश कर रही है। उसका जोर दुनिया की सबसे आधुनिक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर है। इससे आने वाले समय में उसे ARPU बढ़ाने में मदद मिलेगी।

यह भी पढ़ें: Jio Platforms IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स ने आईपीओ के लिए ड्राफ्ट पेपर्स फाइल किए, यहां जानिए इश्यू के बारे में सबकुछ

5. रिलायंस इंडस्ट्रीज की 66% हिस्सेदारी

जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज की 66.43 फीसदी हिस्सेदारी है। दुनिया की कई बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की भी जियो प्लेटफॉर्म्स में बड़ी हिस्सेदारी है। इसमें Meta, Google, सऊदी अरबिया वेल्थ फंड्स, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स, सिल्वर लेक, मुबादला, जीए सिंगापुर, अबुधाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी और टीपीजी कैपिचल जैसे बड़े इनवेस्टर्स शामिल हैं। इसका मतलब है कि कंपनी को पूंजी के लिए कभी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। डिजिटल सर्विसेज बिजनेस में पूंजी की काफी जरूरत पड़ती है।

NEET Re-Exam कल: टेलीग्राम बंद, गाड़ियों में GPS और पैरामिलिट्री का पहरा; परीक्षा से पहले जान लें नए नियम

NEET UG RE EXAM 2026

NEET UG Re-Exam 2026: 21 जून को होने वाली NEET परीक्षा के लिए सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA)ने खास इंतजाम किए हैं। इस परीक्षा में 22.79 लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा से एक दिन पहले आज देशभर के करीब 5000 परीक्षा केंद्रों पर मॉक ड्रील हो रही। परीक्षा में किसी भी तरह की धांधली या गड़बड़ी को रोकने के लिए इस बार सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए। टेलीग्राम बंद कर दिया गया है। गाड़ियों में GPS के साथ ही पैरामिलिट्री का पहरा भी है। ALSO READ: टेलीग्राम पर बैन जारी रहेगा, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के फैसले को सही ठहराया

 

NTA ने सभी एग्जाम सेंटर्स को पहले ही अपने हैंडओवर में ले लिया। नीट परीक्षा को सुरक्षित बनाने के लिए शनिवार सुबह 9 बजे से मॉक ड्रील शुरू हो गई। यह रात तक चलेगी। इसमें करीब 2.5 लाख सुरक्षाकर्मी शामिल रहेंगे।

 

परीक्षा के लिए थ्री लेयर सिक्योरिटी

परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों का सीधा एक्सेस NTA के पास रहेगा। इस बार नीट परीक्षा को लेकर तीन लेयर सिक्योरिटी  इंतजाम किए गए हैं। प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाओं को लाने-ले जाने और सुरक्षित रखने की पूरी जिम्मेदारी पैरामिलिट्री फोर्स को सौंपी गई है। पेपर ले जाने वाली गाड़ियों को जीपीएस ट्रेकिंग होगी। अफवाहों और पेपर लीक के दावों को रोकने के लिए एक हाईलेवल मॉनिटरिंग सेंटर बनाया गया है। सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है। टेलीग्राम को 22 जून तक अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही देश की तमाम जांच एजेंसियां, जिला प्रशासन और केंद्र व राज्य सरकारों के बड़े अधिकारी भी इस पूरी परीक्षा पर सीधा कंट्रोल रखेंगे। ALSO READ: NEET को लेकर सोशल मीडिया पर पैनी नजर, सीएम ने की समीक्षा, प्रदेश के 283 सेंटरों पर होगी परीक्षा

 

पेन-एंड-पेपर मोड में परीक्षा

NTA के अनुसार, एग्जाम दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक पेन-एंड-पेपर मोड में होगी। PwD और PwBD श्रेणी के पात्र अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय देते हुए शाम 6:20 बजे तक एग्जाम लिखने की अनुमति होगी। परीक्षार्थियों से 11 से 1:30 बजे के बीच परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने को कहा गया है। वहां परीक्षा से पहले आधार बेस्ड बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन जरूरी होगा।

 

डाउनलोड करना होगा नया एडमिट कार्ड

3 मई को जारी एडमिट कार्ड अब मान्य नहीं होंगे, क्योंकि कई छात्रों को उनकी पसंद के शहरों में नए एग्जाम सेंटर दिए गए हैं। NTA ने छात्रों को SMS, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए मैसेज भेजे गए हैं। ALSO READ: इंदौर में तीसरी मंजिल से गिरी NEET छात्रा, अस्पताल में मौत, हादसा या नीट पेपर लीक से है कनेक्‍शन?

 

क्या है परीक्षार्थियों के लिए गाइडलाइंस?

अभ्यर्थी पारदर्शी पानी की बोतल साथ ला सकेंगे। डायबिटिक अभ्यर्थियों को शुगर टैबलेट और केला, सेब या संतरा जैसे फल लाने की अनुमति होगी। वहीं, धार्मिक या पारंपरिक पोशाक पहनने वाले तथा फुल स्लीव या ऊनी कपड़े पहनने वाले अभ्यर्थियों को जांच प्रक्रिया के लिए और पहले पहुंचने की सलाह दी गई है। सभी परीक्षा केंद्रों पर बिजली बैकअप, पर्याप्त रोशनी, पंखे, दीवार घड़ियां, पीने का पानी, शौचालय और मेडिकल सहायता की व्यवस्था की गई है।

घर से निकलने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

 

  • NTA द्वारा जारी फ्रेश एडमिट कार्ड डाउनलोड कर साथ में रख लें। इस पर पासपोर्ट साइज फोटो पहले से चिपका होना चाहिए।
  • अटेंडेंस शीट पर चिपकाने के लिए एक एक्स्ट्रा पासपोर्ट साइज फोटो। बायोमेट्रिक टेस्ट के लिए आधार कार्ड।
  • आधी आस्तीन के टी-शर्ट या शर्ट और सिंपल ट्राउजर पहनें। कपड़ों में बड़े बटन, भारी कढ़ाई, चेन या बहुत सारे पॉकेट्स नहीं होने चाहिए।
  • परीक्षा केंद्र पर जूते और बूट्स पहनना पूरी तरह बैन है। केवल साधारण चप्पल या कम हील वाली खुली सैंडल ही पहन कर जाएं।
  • एक्जाम सेंटर पर मोबाइल, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ, ईयरफोन, कैलकुलेटर ले जाने की इजाजत नहीं है।
  • पेन, पेंसिल, स्केल, ज्योमेट्री बॉक्स, इरेज़र या रफ कागज परीक्षा केंद्रों पर एनटीए ही देगा।

क्यों हो रही है रीएक्जाम

3 मई 2026 को NEET-UG परीक्षा देशभर में आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद कई राज्यों से प्रश्नपत्र लीक होने और कुछ अभ्यर्थियों को पहले से पेपर मिलने के आरोप सामने आए। जांच में गड़बड़ियों के संकेत मिलने पर NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी। इसके बाद 21 जून को परीक्षा कराने का फैसला किया।

edited by : Nrapendra Gupta