आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं : CM योगी

Deoria news

श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र दान प्रकरण में पहली एफआईआर दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। एसआईटी की रिपोर्ट आते ही तत्काल कार्रवाई प्रारंभ हो गई। मैं आश्वस्त करता हूं और मैंने कहा भी था कि हम दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेंगे। जन आस्था के साथ जो भी खिलवाड़ करेगा, वह उसका भुक्तभोगी होगा। यह छूट किसी को भी नहीं दी जा सकती।

 

देवरिया में शुक्रवार को विकास परियोजनाओं के शिलान्यास/लोकार्पण अवसर पर जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं 19 जून को अयोध्या दौरे पर था। मैंने तब भी कहा था कि अयोध्या हम सबकी आस्था की प्रतीक है, भारत के सनातन धर्म की प्रतीक है। अयोध्या पर आक्षेप न करो, प्रभु श्रीराम की मर्यादा का पालन करना सीखो। अयोध्या के बारे में जो समाचार मिल रहे थे, उस पर मैंने कहा था कि एसआईटी की रिपोर्ट आने के साथ ही हमारी कार्रवाई भी प्रारंभ हो जाएगी।

आक्षेप लगाने वालों की मंशा अच्छी नहीं

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों व रामभक्तों से कहा कि जो लोग आज आक्षेप लगाने का प्रयास कर रहे हैं, उनकी मंशा अच्छी नहीं है। ये वो लोग हैं जो भगवान राम को नकार चुके थे, भगवान राम के अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर चुके थे। कांग्रेस व सपा को आड़े हाथ लेते हुए सीएम ने कहा कि एक पार्टी कहती थी कि राम हुए ही नहीं, यानी वे लोग अयोध्या को भी नहीं मानना चाहते थे। वे लगातार न्यायालय में मुकदमा लड़ते रहे, वकीलों की फौज खड़ी करते रहे। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन और मंदिर निर्माण के खिलाफ खड़े रहे। वहीं दूसरा पक्ष उन लोगों का है, जो भगवान राम का नाम लेने वालों पर गोली चलाता था और आज वही लोग कहते हैं कि आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है। ये लोग बताएंगे हमें आस्था ! रामनवमी पर दंगा करवाते थे, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को बैन करते थे, कांवड़ यात्रा नहीं निकलने देते थे, दुर्गा पूजा में दंगा करवाते थे। लार का दंगा तो सबको याद ही है। और, ये लोग कहते हैं कि आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है !

एसआईटी की सिफारिश के अनुरूप कार्रवाई को आगे बढ़ा रही सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दलों के काले कारनामों का काला चिट्ठा है। कांग्रेस ने देश को लूटा ही नहीं, बल्कि बेईमानी व भ्रष्टाचार के कीर्तिमान स्थापित किए थे। वही लोग आज अयोध्या पर आक्षेप लगा रहे हैं। डबल इंजन सरकार ने सपा की डकैती रोकी इसीलिए वह छटपटाहट रही है। जब उसे कुछ नहीं मिला तो जन आस्था के साथ खिलवाड़, रामभक्तों पर आक्षेप और अयोध्या को बदनाम करने में जुट गई। यह स्वीकार्य नहीं है। सरकार की मंशा पहले दिन से स्पष्ट है। मैं फिर अपील करूंगा कि रामभक्तों की अग्निपरीक्षा मत लो। रामभक्तों और उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ करना बंद करो। अगर पुष्ट प्रमाण नहीं हैं तो आरोप-प्रत्यारोप बंद करो और अगर प्रमाण हैं तो प्रस्तुत करो, एसआईटी का सहयोग करो। एसआईटी की सिफारिश के अनुरूप सरकार कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है। जब वरिष्ठ अधिकारियों की टीम काम कर रही है तो फिर राजनीतिक बयानबाजी बंद होनी चाहिए।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

 

UPSC के लिए माइक्रोसॉफ्ट की 45 लाख रुपये की नौकरी छोड़ी, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

एक होनहार NIT ग्रेजुएट ने माइक्रोसॉफ्ट की 45 लाख रुपये की नौकरी छोड़ UPSC की तैयारी शुरू की। सोशल मीडिया पर इससे जुड़ी पोस्ट पर बहस छिड़ गई है।

CM योगी का गौतमबुद्ध नगर-गाजियाबाद दौरा: इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास, कई विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात

cm yogi

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकास की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री 27 जून (शनिवार) को गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) और गाजियाबाद के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई महत्वपूर्ण औद्योगिक परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। साथ ही विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे और एक मांगलिक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोपहर करीब 12.35 बजे जेवर एयरपोर्ट, गौतमबुद्धनगर पहुंचेंगे, जहां सेक्टर-10 यीडा में अम्बर एवं ऐसेन्ट के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास करेंगे। इसके बाद सेल प्लांट परिसर सेक्टर-8 यीडा, गौतमबुद्ध नगर में सेल के सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के शिलान्यास कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। 

 

इसके अलावा मुख्यमंत्री सेक्टर-96, नोएडा पहुंचेंगे, जहां वे नोएडा के नवीन कार्यालय भवन का लोकार्पण करेंगे और 'एमएसएमई दिवस' के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे। मुख्यमंत्री मेरठ मण्डल के लोक निर्माण विभाग के पुराने कार्यों की समीक्षा करेंगे और नए कार्यों की कार्ययोजना को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री इंदिरापुरम, गाजियाबाद पहुंचेंगे, जहां वे मंत्री सुनील शर्मा के सुपुत्र के मांगलिक कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। Edited by : Sudhir Sharma

Jyeshtha Month Vat Purnima 2026: 29 जून को वट पूर्णिमा को मिलेगा स्ट्रॉबेरी मून का साथ, जानें ज्येष्ठ पूर्णिमा में स्नान-दान और पूजा का मुहूर्त

Jyeshtha Month Vat Purnima 2026: ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा हिंदू विवाहित महिलाओं के लिए विशेष स्थान रखती है। देश के कुछ हिस्सों में इस दिन महिलाएं अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य के लिए वट सावित्री व्रत करती हैं। इसलिए ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा को कुछ जगहों पर वट पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इस दिन महिला वट वृक्ष की पूजा करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वट वृक्ष की शाखाओं में ब्रह्मा, तने में भगवान विष्णु और जड़ों में भगवान शिव का वास होता है।

ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि और समय

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ : 29 जून 2026 को सुबह 03:06 बजे से

पूर्णिमा तिथि समाप्त : 30 जून 2026 को सुबह 05:26 बजे तक

उदयातिथि के अनुसार, पूर्णिमा का व्रत, स्नान-दान और पूजा 29 जून को ही की जाएगी।

स्नान-दान और पूजा के शुभ मुहूर्त

स्नान और दान के लिए सर्वोत्तम ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 04:06 बजे से सुबह 04:46 बजे तक।

इस समय पवित्र नदी या घर पर ही गंगाजल मिलाकर स्नान करना और उसके बाद दान देना अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है)

सुबह की पूजा का उत्तम मुहूर्त : सुबह 06:00 बजे से सुबह 08:30 बजे तक।

अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11:57 बजे से दोपहर 12:52 बजे तक।

गोधूलि मुहूर्त : शाम 07:22 बजे से शाम 07:42 बजे तक।

ज्येष्ठ पूर्णिमा पर बन रहे 2 शुभ योग

इस साल वट पूर्णिमा पर शुक्ल योग और ब्रह्म योग का अद्भुत संयोग बन रहा है:

शुक्ल योग : सुबह से लेकर दोपहर 02:36 बजे तक रहेगा।

ब्रह्म योग : दोपहर 02:36 बजे के बाद शुरू होगा।

इन दोनों ही योगों में की गई पूजा और धार्मिक कार्य अखंड फल देने वाले माने जाते हैं। आप अपनी सुविधा के अनुसार सुबह या दोपहर के शुभ मुहूर्त में वट पूर्णिमा और बरगद के पेड़ की पूजा के साथ ही सावित्री-सत्यवान की कथा का श्रवण कर सकती हैं।

जून पूर्णिमा और स्ट्रॉबेरी मून का कनेक्शन

ज्येष्ठ माह में आने वाली पूर्णिमा सिर्फ भारत में ही विशेष स्थान नहीं रखती है। उत्तरी अमेरिका में भी इसका खास स्थान है। इस माह की पूर्णिमा के चांद को स्ट्रॉबेरी मून कहा जाता है। हालांकि, इस चांद का रंग गुलाबी नहीं होता है। दरअसल, इस समय उत्तर अमेरिका में स्ट्रॉबेरी का कम अवधि का मौसम होता है और के स्थानीय लोग स्ट्रॉबेरी फसल की कटाई करते हैं। इसलिए जून की पूर्णिमा के चांद को यहां के साथ-साथ कई पश्चिमी देशों में स्ट्रॉबेरी मून कहा जाता है।

29 जून को दिखेगा स्ट्रॉबेरी मून

स्ट्रॉबेरी मून का नाम उसके रंग की वजह से नहीं रखा गया है। यह शब्द उत्तर-पूर्वी उत्तरी अमेरिका के मूल निवासी एल्गोंक्वियन लोगों से आया है। नॉटिंघम यूनिवर्सिटी के अनुसार, यह नाम एक मौसमी निशान के तौर पर काम करता था, जो जंगली स्ट्रॉबेरी के पकने और इकट्ठा करने के लिए तैयार होने का संकेत देता था। वहीं, पूरे यूरोप में, जून के पूरे चांद को हनी मून, मीड मून और रोज मून के नाम से भी जाना जाता है, जो मौसमी रीति-रिवाजों और खेती के चक्र को दिखाता है।

स्ट्रॉबेरी मून के साथ माइक्रो मून भी होगा जून की पूर्णिमा को

भारत में, स्ट्रॉबेरी मून और माइक्रोमून का सबसे खूबसूरत नजारा सुबह 5:26 बजे दिखेगा। इसे 28 और 29 जून की रात को देखा जा सकता है। यह पूरा चांद एक माइक्रोमून भी है। इसका मतलब है कि यह चांद अपनी ऑर्बिट में पृथ्वी से सबसे दूर होगा। इसलिए यह आम पूर्णिमा के चंद्रमा से थोड़ा छोटा और धुंधला दिखाई देगा।

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Ketan Murder Case: ‘सिया को पहले से थी सारी जानकारी…’, केतन हत्याकांड में पिता ने तोड़ी चुप्पी, किया ये बड़ा दावा

Ketan Murder Case: पूरे देश को झकझोर कर रख देने वाले पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है,उसमें नई बातें सामने आ रही हैं। अब इस पूरे मामले पर मृतक केतन के पिता विशाल अग्रवाल का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने पुलिस जांच में सामने आ रही उस थ्योरी को सिरे से खारिज कर दिया है कि केतन के लुक और उनके ‘हेयर विग’ के कारण उनकी मंगेतर इस शादी से नाखुश थी और इसी वजह से हत्या की गई।

विग की वजह से की गई हत्या?

पुणे के पास स्थित लोहागढ़ किले में 18 जून को मारे गए 25 वर्षीय कारोबारी केतन अग्रवाल के पिता ने उन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है। केतन के पिता विशाल अग्रवाल का दावा है कि शादी से पहले ही उन्होंने सिया गोयल के परिवार को बेटे के विग पैच की जानकारी दे दी थी। विशाल अग्रवाल ने कहा कि उनके बेटे को एक मेडिकल समस्या के कारण बाल झड़ने की परेशानी थी। इसी वजह से वह हेयर विग का इस्तेमाल करता था। उन्होंने बताया कि इस बात की जानकारी सगाई तय होने से काफी पहले ही सिया गोयल और उसके परिवार को दे दी गई थी। इसलिए हत्या की वजह विग को बताना पूरी तरह गलत और भ्रामक है।

सगाई से पहले दी गई थी ये जानकारी

केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल ने बताया कि उनके बेटे को एक मेडिकल समस्या के कारण सिर के एक हिस्से के बाल झड़ गए थे। उन्होंने कहा कि सगाई तय होने से काफी पहले ही इस बारे में सिया गोयल और उसके परिवार को पूरी जानकारी दे दी गई थी। उन्होंने कहा, “अगर उन्हें इस बात से कोई आपत्ति होती, तो वे शादी से इनकार कर सकते थे।” वहीं, पुलिस का मानना है कि केतन की मौत एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। जांच के मुताबिक, इस मामले में उसकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी की भूमिका सामने आई है। शुरुआत में इस घटना को हादसा माना गया था, लेकिन बाद में जांच के दौरान मिले सबूतों ने इसे हत्या के मामले में बदल दिया।

पुलिस हत्या की साजिश के एंगल से कर रही है जांच

पुलिस के अनुसार, घटना से पहले सिया गोयल कई बार केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले लेकर गई थी। जांच में दावा किया गया है कि 14 जून को सिया ने कथित तौर पर केतन को एक चट्टान से धक्का देने की कोशिश की थी, लेकिन वह झाड़ी पकड़ लेने की वजह से बच गया। पुलिस का कहना है कि 18 जून को सिया फिर केतन को लोहागढ़ किले ले गई। इस दौरान उसका कथित प्रेमी चेतन चौधरी भी पीछे-पीछे पहुंचा। आरोप है कि दोनों ने मिलकर केतन को खाई में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

जांच में सामने आए कॉल रिकॉर्ड के मुताबिक, सिया और चेतन के बीच हजारों बार बातचीत हुई थी। इनमें कई कॉल कई घंटों तक चली थीं। पूछताछ में चेतन ने कथित तौर पर बताया कि सिया सगाई तोड़ना नहीं चाहती थी, क्योंकि उसे परिवार की बदनामी का डर था। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर हत्या और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।

CM योगी की सख्त चेतावनी, उत्सव में उपद्रव करने वालों को सात पीढ़ियों तक भुगतना पड़ेगा, मुहर्रम पर भी दिए कड़े निर्देश

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में उत्सव के माहौल में कोई उपद्रव नहीं कर सकता। अगर कोई ऐसा करेगा तो सात पीढ़ियों तक भुगतेगा। आज मुहर्रम पर शांति है। कोई खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन या सड़क पर गुंडागर्दी नहीं कर सकता। 2017 में सरकार बनने के साथ ही अपराध, माफिया व अराजक तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई। जो भी अपराध करेगा, माफिया गतिविधियों में शामिल होगा या जन आस्था के साथ खिलवाड़ करेगा,  जीरो टॉलरेंस के तहत ही कार्रवाई की जाएगी। कानून व्यवस्था मजबूत होने से प्रदेश में निवेश का वातावरण बना है और तेजी से उद्योग स्थापित हो रहे हैं। सपा व कांग्रेस के शासनकाल में उत्तर प्रदेश माफियाओं व दंगों के लिए बदनाम था। याद करें 2016 में यहीं मदनपुर थाने को लूट लिया गया था, आग लगा दी गई थी।

 

मुख्यमंत्री शुक्रवार को देवरिया के रुद्रपुर व बरहज विधानसभा क्षेत्र की 456 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 106 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के 10 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र व सहायता राशि के चेक भी वितरित किए। सीएम ने देवरिया की धरती को नमन करते हुए कहा कि उन्हें रुद्रपुर व बरहज विधानसभा के मध्य स्थित उस पवित्र भूमि पर आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है, जिसे बाबा दुखहरणनाथ, बाबा महेंद्रनाथ, महर्षि देवरहा बाबा और बाबा राघवदास जैसी महान विभूतियों का आशीर्वाद प्राप्त है। यह भूमि आध्यात्मिक व  सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए है। 

 

डबल इंजन सरकार ने बदली देवरिया की तस्वीर

सीएम योगी ने कहा कि एक समय ऐसा था जब देवरिया के लोग एक पुल और एक सड़क के लिए वर्षों तक इंतजार करते थे, लेकिन आज प्रदेश में विकास की गति पूरी तरह बदल चुकी है। पडरौना, कसया, पथरदेवा, देवरिया, सोनूघाट, बरहज, दोहरीघाट को वाराणसी व गोरखपुर मार्ग से जोड़ने वाली सड़कें पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी को मजबूत कर रही हैं। वहीं हाटा, गौरीबाजार व कौड़ीराम तक फोरलेन सड़कें उत्तर-दक्षिण कनेक्टिविटी को नई दिशा देगी। बेहतर सड़कें व इन्फ्रास्ट्रक्चर और मजबूत कनेक्टिविटी किसी भी क्षेत्र के विकास की सबसे बड़ी आधारशिला होती हैं।

 

युवा शक्ति उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा शक्ति है और सरकार इसी शक्ति को कौशल, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का काम कर रही है। अब तक 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है, जबकि परंपरागत उद्योगों और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 3 करोड़ लोगों को रोजगार और आजीविका के साधन उपलब्ध कराए गए हैं। प्रदेश का युवा प्रतिभाशाली है। वह बड़ी से बड़ी चुनौती को अवसर में बदल सकता है।

 

सुरक्षा के माहौल से बढ़ा निवेश और रोजगार

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कानून व्यवस्था और सुरक्षा के कारण देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर सहित पूरे पूर्वांचल में निवेश बढ़ रहा है। नए उद्योग लग रहे हैं और स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल रहा है। जो नौजवान पहले नौकरी के लिए मुंबई, सूरत और कोलकाता पलायन करते थे, आज वे अपने ही प्रदेश में रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। सरकार ने निवेश आधारित योजनाओं के माध्यम से 65 लाख युवाओं को रोजगार से जोड़ा है। किसानों के हित में सरकार लगातार काम कर रही है। आधुनिक कृषि तकनीक, सिंचाई सुविधाओं और कृषि शिक्षा के विस्तार से प्रदेश में कृषि उत्पादन तेजी से बढ़ा है। कई खाद्यान्नों के उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर पहुंच चुका है।

 

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर आड़े हाथ लिया सपा को

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके शासनकाल में नौकरियों के नाम पर भ्रष्टाचार होता था। चाचा-भतीजा की जोड़ी और पूरा परिवार वसूली में लगा रहता था। आज सभी सरकारी भर्तियां पूरी पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर की जा रही हैं। देवरिया सहित प्रदेश के हजारों युवाओं को बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के सरकारी नौकरी मिली है। सपा ने 2016 में बिना जमीन उपलब्ध कराए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का 15,800 करोड़ रुपये का टेंडर जारी कर दिया था। भाजपा सरकार बनने के बाद पहले जमीन का अधिग्रहण कराया गया और फिर नई प्रक्रिया के तहत टेंडर कराया गया। तकनीकी व वित्तीय प्रक्रिया को सरल बनाकर यही एक्सप्रेसवे लगभग 11,200 करोड़ रुपये में बनवाया गया, जिससे लगभग 4 हजार करोड़ रुपये की बचत हुई। यह बचत सपा की डकैती रोकने का परिणाम है। इसीलिए सपा को बुरा लग रहा है, वह छटपटा रही है।

 

भ्रष्टाचार व अव्यवस्था दी आम आदमी पार्टी ने

सीएम योगी ने कहा कि दिल्ली के एक सज्जन आज अयोध्या पहुंचे हैं। दिल्ली की जनता ने उन्हें कई वर्षों तक अवसर दिया, लेकिन उसे भ्रष्टाचार व अव्यवस्था के अलावा कुछ नहीं मिला। अयोध्या में डबल इंजन सरकार ने महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, निषादराज यात्री विश्रामालय, माता शबरी रसोई, फोरलेन सड़कें और विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की हैं। यदि आम आदमी पार्टी यही न्याय दिल्ली के साथ करती तो राजधानी की तस्वीर भी बदल जाती।

 

बरहज को मिलेगा इनलैंड वाटरवे का लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि बरहज कभी इस क्षेत्र का प्रमुख व्यापारिक केंद्र था और भविष्य में इनलैंड वाटरवे परियोजना का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। यहां से किसानों की सब्जियां, फल, मिलेट्स, फूल और अन्य कृषि उत्पाद जलमार्ग के माध्यम से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाए जाएंगे। राप्ती व घाघरा नदी की बाढ़ से राहत दिलाने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। गांवों की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 6.18 लाख गरीब परिवारों को नए आवास स्वीकृत किए गए हैं। सरकार हर गरीब को पक्का घर, शौचालय, आयुष्मान कार्ड और मुफ्त राशन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

सीएम युवा उद्यमी योजना से आत्मनिर्भरता

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा उद्यमी योजना के तहत युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याज व गारंटी मुक्त ऋण दिया जा रहा है। उन्होंने दो लाभार्थियों का जिक्र करते हुए कहा कि आज का युवा नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनना चाहता है। सरकार उसके सपनों को साकार करने के लिए हरसंभव सहायता दे रही है। लोगों से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाने की अपील करते हुए सीएम ने कहा कि रूफटॉप सोलर लगाने से बिजली का बिल काफी कम होगा और लोगों को स्वच्छ ऊर्जा भी मिलेगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश कभी इंसेफेलाइटिस से प्रभावित क्षेत्र था, लेकिन सरकार के प्रयासों से इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण लगा है। अब बच्चे सुरक्षित हैं और बेटियां सम्मान के साथ स्कूल जा रही हैं। सरकार शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे।

 

ग्राम प्रधानों व जनप्रतिनिधियों को दी जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रधानों, विधायकों और सांसदों से अपील की कि वे सुनिश्चित करें कि कोई गरीब भूखा न रहे, कोई निराश्रित महिला पेंशन से वंचित न रहे और हर पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे। सरकार के पास संसाधनों की कमी नहीं है। डबल इंजन सरकार गरीब, किसान, नौजवान, महिलाओं और व्यापारियों की सुरक्षा एवं समृद्धि के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

 

10 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र व सहायता राशि के चेक

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने संगीता देवी, गुड़िया यादव,प्रमोद प्रसाद, हरी लाल, अरविन्द तिवारी,अखिलेश कुमार सिंह,नरेंद्र कुमार मद्धेशिया, मंजू मिश्रा,रामेश त्रिपाठी व जीतेंद्र बहादुर सिंह को प्रमाण पत्र व सहायता राशि के चेक देकर सम्मानित भी किया।

 

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान, मंत्री सूर्य प्रताप शाही, दयाशंकर सिंह, विजय लक्ष्मी गौतम, देवरिया के सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, विधायक जयप्रकाश निषाद, दीपक मिश्र 'शाका', डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी, सुरेंद्र चौरसिया, सभाकुंवर कुशवाहा, विधान परिषद सदस्य डॉ. रतन पाल सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष गिरीश चंद्र तिवारी, भाजपा उपाध्यक्ष कामेश्वर सिंह, जिलाध्यक्ष काली प्रसाद, पूर्व सांसद रविंद्र कुशवाहा आदि मौजूद रहे। Edited by : Sudhir Sharma

योगी सरकार का बड़ा कदम: आंगनबाड़ी और प्राथमिक स्कूलों की होगी मैपिंग, बच्चों को मिलेगा शिक्षा-पोषण का बेहतर लाभ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का प्राथमिक विद्यालयों के साथ को-लोकेशन और वैज्ञानिक मैपिंग अभियान मिशन मोड में शुरू कर दिया गया है। 

 

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के संयुक्त दिशा-निर्देशों के अन्तर्गत चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य विद्यालय पूर्व तैयारी (स्कूल रेडीनेस) को सुदृढ़ बनाना, शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावी एकीकरण सुनिश्चित करना तथा आंगनबाड़ी से विद्यालय तक बच्चों के सहज संक्रमण को मजबूत करना है। 

 

इस संबंध में महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी तथा निदेशक, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार हर्षिता माथुर ने संयुक्त निर्देश जारी किए हैं। अभियान के प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए सभी जिलों में मैपिंग, यू-डायस अपडेट और पोर्टल पर डेटा अपलोड की प्रक्रिया का संयुक्त सत्यापन जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा कराया जाएगा।

 

बुनियादी शिक्षा को मिलेगा नया आधार

प्रदेश में बालवाटिका, निपुण भारत मिशन और बुनियादी शिक्षा को सशक्त बनाने के प्रयासों के बीच यह पहल महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी। आंगनबाड़ी और विद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय से बच्चों को विद्यालयी शिक्षा के लिए अधिक व्यवस्थित रूप से तैयार किया जा सकेगा। साथ ही शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं का एकीकृत लाभ सुनिश्चित होने से बुनियदी शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों के सीखने के परिणामों को भी नई मजबूती मिलेगी।

 

30 जून तक मैपिंग पूर्ण करने के निर्देश

30 जून तक सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और कक्षा-1 संचालित परिषदीय विद्यालयों की मैपिंग मिशन मोड में पूरी की जाएगी। संबंधित विद्यालयों का यू-डायस कोड अंकित करते हुए यू-डायस तथा हॉट कुक्ड मील पोर्टल पर आवश्यक विवरण भी अद्यतन किए जाएंगे, जिससे दोनों विभागों के आंकड़ों में एकरूपता और योजनाओं के क्रियान्वयन में समन्वय सुनिश्चित हो सके।

 

मानकों के अनुरूप होगी मैपिंग

विद्यालय परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को को-लोकेटेड आंगनबाड़ी सेंटर के रूप में दर्ज किया जाएगा। जो केंद्र विद्यालय परिसर से बाहर हैं, उन्हें दूरी के आधार पर संबंधित प्राथमिक विद्यालय से जोड़ा जाएगा। 200 मीटर के भीतर स्थित केंद्रों की मैपिंग उसी विद्यालय से होगी, ताकि वहां तैयार होने वाला हॉट कुक्ड मील बच्चों तक समय पर पहुंच सके। जहां विद्यालय परिसर में पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं है, वहां निकटतम विद्यालय से मैपिंग की जाएगी। शहरी क्षेत्रों में 500 मीटर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 01 किलोमीटर की सीमा के भीतर स्थित विद्यालयों को प्राथमिकता दी जाएगी।

 

संयुक्त सत्यापन से बढ़ेगी पारदर्शिता

सभी जिलों में मैपिंग, यू-डायस अपडेट और पोर्टल पर डेटा अपलोड की प्रक्रिया का संयुक्त सत्यापन जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी करेंगे। इससे आंकड़ों की शुद्धता, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा। Edited by : Sudhir Sharma

Sawan 2026: अभी से कर लें नोट भगवान शिव का प्रिय माह सावन इस दिन से होगा शुरू, इस माह में आएंगे सावन के 4 सोमवार

Sawan 2026: हिंदी कैलेंडर का पांचवा महीना सावन का होता है। मानसून जब पीक पर पहुंचता है, तब इस मौसम की शुरुआत होती है। चारों तरफ हरियाली और बोल बम के नारों की गूंज होती है। हिंदू धर्म में सावन का महीना आध्यात्मिक और धार्मिक रूप से बहुत अहम माना जाता है। माना जाता है कि यह महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इस माह में माता पार्वती के साथ भगवान शिव की पूजा विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है।

सावन महीने के सोमवार विशेष महत्व रखते हैं। यूं तो पूरा सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है, लेकिन सोमवार के दिन शिवालयों में भक्तों का उत्साह देखते ही बनता है। भोलेनाथ की भक्ति में लीन श्रद्धालु पूरे माह व्रत, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और कांवड़ यात्रा जैसी धार्मिक गतिविधियां आयोजित करते हैं। ऐसे में सावन 2026 का इंतजार कर रहे शिव भक्तों के लिए अच्छी खबर है कि अब ये पवित्र महीना बहुत दूर नहीं है। आइए जानें ये कब से शुरू होगा और इसमें कितने सोमवार आएंगे।

कब से शुरू होगा सावन 2026

लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान पुजारी शुभम तिवारी ने बताया कि उत्तर भारतीय पंचांग के अनुसार सावन माह की शुरुआत 30 जुलाई 2026, गुरुवार से होगी और इसका समापन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को होगा। मान्यता है कि इस पूरे महीने भगवान शिव की सच्चे मन से की गई भक्ति भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती है और जीवन में सुख-समृद्धि लाती है।

4 सोमवार और 4 मंगला गौरी व्रत

सावन 2026 में चार सोमवार और चार मंगला गौरी व्रत पड़ रहे हैं, जिससे भक्तों को भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के कई विशेष अवसर मिलेंगे। यदि आप भी सावन में व्रत, पूजा या जलाभिषेक करने की योजना बना रहे हैं, तो अभी से इसकी तैयारी शुरू कर सकते हैं।

सावन 2026 के 4 सोमवार

सावन के दौरान सोमवार का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार भगवान शिव को समर्पित दिन माना जाता है। इस दिन व्रत रखने और शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र तथा धतूरा अर्पित करने से विशेष फल प्राप्त होता है। साल 2026 में सावन के कुल चार सोमवार पड़ेंगे।

पहला सावन सोमवार : 3 अगस्त

दूसरा सावन सोमवार : 10 अगस्त

तीसरा सावन सोमवार : 17 अगस्त

चौथा सावन सोमवार : 24 अगस्त

4 मंगला गौरी व्रत

महिलाओं के लिए सावन में मंगला गौरी व्रत का भी विशेष महत्व बताया गया है। यह व्रत माता पार्वती को समर्पित होता है और विशेष रूप से विवाहित महिलाएं अपने वैवाहिक जीवन की सुख-समृद्धि और पति की लंबी आयु के लिए इसे रखती हैं। अविवाहित कन्याएं यह व्रत मनचाहा जीवनसाथी पाने की कामना से करती हैं। सावन 2026 में मंगला गौरी व्रत 4 अगस्त, 11 अगस्त, 18 अगस्त और 25 अगस्त को रखा जाएगा। इन दिनों माता गौरी की पूजा का विशेष विधान रहेगा।

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Video: 4-5 मीटर लंबे विशाल फन फैलाए इस किंग कोबरा को कैसे नंगे हाथ सिर्फ पाइप और बैग से पकड़ लिया, Pipe में क्यों घुस जाते हैं Snake?

सोशल मीडिया पर वन्यजीवों और सांपों के रेस्क्यू के कई वीडियो वायरल होते हैं, लेकिन हाल ही में एक्स (पहले ट्विटर) पर सामने आया एक वीडियो लोगों के होश उड़ा रहा है। इस वीडियो में एक जांबाज रेस्क्यूअर महज एक साधारण पाइप और बैग की मदद से 4 से 5 मीटर लंबे विशालकाय किंग कोबरा को बेहद आसानी से पकड़ते हुए नजर आ रहा है। इस हैरान कर देने वाले रेस्क्यू वीडियो पर भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारी हिमांशु त्यागी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और वैज्ञानिक नजरिए से समझाया है कि आखिर खुले में आक्रामक दिखने वाला सांप खुद ब खुद पाइप के अंदर क्यों घुस जाता है।

वायरल वीडियो में क्या है?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक कंक्रीट की संकरी गली में एक विशालकाय किंग कोबरा फन फैलाए बैठा है। सांप की लंबाई करीब 4-5 मीटर है। इतने बड़े और खतरनाक सांप को पकड़ने के लिए रेस्क्यूअर ने किसी भारी-भरकम उपकरण या बल का प्रयोग नहीं किया, बल्कि उसने बेहद सूझबूझ के साथ सांप के आगे एक पाइप और उससे जुड़ा बैग रख दिया। कुछ ही पलों में वह खतरनाक किंग कोबरा बिना किसी आक्रामकता के बेहद शांति से खुद उस पाइप के रास्ते बैग के अंदर चला गया।

इस वीडियो को यहां नीचे देखिए

Pipe में क्यों घुस जाते हैं सांप? IFS अफसर ने समझाया विज्ञान

IFS अधिकारी हिमांशु त्यागी ने इस वायरल वीडियो का विश्लेषण करते हुए बताया कि सांप का इस तरह खुद पाइप में चले जाना कोई जादू नहीं बल्कि जीव विज्ञान है। उन्होंने इसके पीछे थिग्मोटैक्सिस (Thigmotaxis) नाम के एक विशेष व्यवहार को जिम्मेदार ठहराया है।

सुरक्षा की तलाश (Thigmotaxis): आईएफएस त्यागी के मुताबिक जब किंग कोबरा जैसी प्रजाति का सांप किसी कंक्रीट की गली जैसी खुली जगह पर खुद को असुरक्षित या खतरे में महसूस करता है तो उसकी जन्मजात प्रवृत्ति उसे किसी तंग, अंधेरी और बंद जगह की तलाश करने के लिए प्रेरित करती है। रेस्क्यू के दौरान जब सांप के सामने पाइप लाया गया तो उसने उस बंद और अंधेरी जगह को अपने छिपने और सुरक्षित रहने का ठिकाना मान लिया और वह खुद-ब-खुद उसमें दाखिल हो गया।

क्यों कारगर और सुरक्षित है पाइप और बैग का यह तरीका?

आमतौर पर सांपों को पकड़ने के लिए स्टिक का इस्तेमाल किया जाता है या उन्हें बलपूर्वक दबोचा जाता है। इससे सांप और रेस्क्यूअर दोनों के लिए खतरा बढ़ जाता है। लेकिन पाइप और बैग की यह तकनीक सबसे सुरक्षित मानी जाती है क्योंकि इसमें सांप को जबरन पकड़ने या उस पर दबाव बनाने के बजाय उसे खुद अपनी मर्जी से आगे बढ़ने का मौका दिया जाता है। इस तरीके से रेस्क्यू करने पर सांप बहुत कम तनाव में आता है और इंसानों को काटने या रेस्क्यू के दौरान होने वाले जोखिम का खतरा भी काफी हद तक कम हो जाता है।

शिकारी स्वभाव पर भारी पड़ता है आत्मरक्षा का भाव

किंग कोबरा सांपों के साम्राज्य का एपेक्स प्रेडेटर यानी शीर्ष शिकारी माना जाता है। ये दूसरे सांपों का भी शिकार करता है। वे शिकार की तलाश करने के लिए अपने जैकोब्सन्स ऑर्गन के माध्यम से रासायनिक संकेतों का उपयोग करते हैं। आईएफएस त्यागी ने स्पष्ट किया कि जब किंग कोबरा खुद को किसी विपरीत परिस्थिति या रेस्क्यू के माहौल में पाता है तो उसका यह शिकारी स्वभाव पीछे छूट जाता है। ऐसे समय में अपनी जान बचाने और सुरक्षित आश्रय खोजने का उसका जन्मजात रक्षात्मक व्यवहार सबसे पहले सक्रिय हो जाता है और जैसे ही उसे भागने या छिपने का विकल्प (पाइप के रूप में) मिलता है वह उसकी तरफ बढ़ जाता है।

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