शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में हुआ है भारी नुकसान? तब भी क्यों जरूरी है ITR फाइल करना, जानें टैक्स छूट का यह सीक्रेट फॉर्मूला

ITR Filing Rules: क्या शेयर बाजार में मुनाफे की बजाय नुकसान होने पर इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करना चाहिए? अक्सर देखा जाता है कि जिन निवेशकों को किसी फाइनेंशियल ईयर के दौरान इक्विटी या म्यूचुअल फंड में घाटा होता है, वे मान लेते हैं कि उन्हें ITR फाइल करने की कोई जरूरत नहीं है। खासकर तब, जब उनकी कोई अन्य टैक्स योग्य आय न हो।

लेकिन टैक्स एक्सपर्ट्स की मानें तो घाटे वाले साल में आईटीआर फाइल न करना लंबे समय में आपको बहुत भारी पड़ सकता है। अगर आप तय समय सीमा के भीतर अपना रिटर्न दाखिल नहीं करते हैं, तो आप अपने इस कैपिटल लॉस को अगले सालों के लिए कैरी फॉरवर्ड का अधिकार खो देते हैं।

इसका सीधा असर यह होगा कि भविष्य में जब आपको प्रॉफिट होगा, तब आप इस घाटे को उस मुनाफे से एडजस्ट नहीं कर पाएंगे और आपको ज्यादा टैक्स चुकाना पड़ेगा। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि नुकसान के बावजूद आईटीआर भरना क्यों फायदेमंद है।

लॉस कैरी फॉरवर्ड करने का क्या है नियम?

टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक, नुकसान के बावजूद समय पर आईटीआर भरने से आपको अपने नुकसान को भविष्य के मुनाफे से एडजस्ट करने की कानूनी अनुमति मिलती है। एनए शाह एसोसिएट्स के टैक्स पार्टनर गोपाल बोहरा बताते हैं कि भले ही किसी टैक्सपेयर की कोई टैक्स देनदारी न बन रही हो और सिर्फ इक्विटी या म्यूचुअल फंड से कैपिटल लॉस हुआ हो, तब भी ड्यू डेट पर या उससे पहले आईटीआर फाइल करना बेहद फायदेमंद है।

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समय पर आईटीआर दाखिल करने से आप इस नुकसान को अगले 8 सालों तक कैरी फॉरवर्ड कर सकते हैं। भविष्य के सालों में जब भी आपको शेयरों या म्यूचुअल फंड से कमाई होगी, तो आप इस पुराने घाटे को उस मुनाफे से घटाकर अपनी टैक्स देनदारी को काफी कम या शून्य कर सकते हैं।

क्या इक्विटी, डेट म्यूचुअल फंड और गोल्ड ETF के नियम अलग हैं?

कई निवेशकों को लगता है कि यह नियम सिर्फ शेयरों के लिए है, लेकिन टैक्स एक्सपर्ट्स ने साफ किया है कि निवेश का माध्यम कोई भी हो, नियम सभी के लिए बिल्कुल एक समान हैं। चाहे आपका नुकसान इक्विटी शेयर्स से हुआ हो, इक्विटी म्यूचुअल फंड से हो, डेट म्यूचुअल फंड से हो या फिर गोल्ड ईटीएफ से, अगर आप इस अन-एडजस्टेड लॉस को आगे ले जाना चाहते हैं, तो आपको तय तारीख के भीतर ही आईटीआर भरना होगा। नियत तारीख चूकने पर घाटे को आगे ले जाने की अनुमति नहीं मिलेगी।

इक्विटी के घाटे को क्या दूसरे एसेट्स के मुनाफे से एडजस्ट कर सकते हैं?

हां, नियमों के दायरे में रहकर आप इक्विटी के घाटे को दूसरे कैपिटल एसेट्स से हुए मुनाफे के खिलाफ एडजस्ट कर सकते हैं और अपना टैक्स बचा सकते हैं:

शॉर्ट-टर्म कैपिटल लॉस(STCL): अगर आपको शेयरों से शॉर्ट-टर्म कैपिटल लॉस हुआ है, तो इसे आप शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म दोनों तरह के कैपिटल गेन्स से एडजस्ट कर सकते हैं। फिर चाहे वह मुनाफा शेयरों से हो, प्रॉपर्टी बेचने से हो, गोल्ड से हो या डेट म्यूचुअल फंड से।

लॉन्ग-टर्म कैपिटल लॉस(LTCL): अगर आपको शेयरों में लंबी अवधि में घाटा हुआ है, तो नियम कड़े हैं। इसे केवल और केवल लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) के खिलाफ ही एडजस्ट किया जा सकता है।

निवेशकों को कौन सा ITR फॉर्म चुनना चाहिए?

सही आईटीआर फॉर्म का चुनाव पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी कमाई या नुकसान के स्रोत क्या हैं:

ITR-2: जो निवेशक शेयरों, म्यूचुअल फंड या अन्य कैपिटल एसेट्स से होने वाले केवल कैपिटल गेन्स या कैपिटल लॉस को रिपोर्ट कर रहे हैं, उन्हें आमतौर पर ITR-2 फॉर्म भरना होता है।

ITR-3: लेकिन, अगर आप शेयरों में इंट्राडे ट्रेडिंग करते हैं या फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) में ट्रेड करते हैं, जिसे टैक्स की भाषा में बिजनेस इनकम माना जाता है, तो आपको ITR-3 फॉर्म चुनना चाहिए।

कैपिटल लॉस रिपोर्ट करते समय किन बातों का रखें ध्यान?

टैक्सपेयर्स को हमेशा यह याद रखना चाहिए कि केवल वही नुकसान आगे ले जाए जा सकते हैं जो समय सीमा के भीतर फाइल किए गए रिटर्न में दिखाए गए हों। इसके अलावा, अपने कॉन्ट्रैक्ट नोट्स, ब्रोकर स्टेटमेंट्स और कैपिटल गेन्स स्टेटमेंट्स जैसे सभी जरूरी दस्तावेजों को संभालकर रखें, क्योंकि टैक्स अधिकारियों द्वारा मांगे जाने पर ये सबूत के तौर पर काम आते हैं।

गोपाल बोहरा सलाह देते हैं कि आईटीआर दाखिल करने से पहले निवेशकों को अपने AIS और TIS में दर्ज ट्रांजैक्शन का मिलान अपने ब्रोकर की रिपोर्ट से जरूर कर लेना चाहिए। आईटीआर में शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म नुकसान का सही खुलासा सुनिश्चित करें ताकि भविष्य में टैक्स छूट का लाभ लेने में कोई रुकावट न आए।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल पर विशेषज्ञों द्वारा व्यक्त किए गए विचार और निवेश टिप्स उनके अपने हैं, वेबसाइट या उसके प्रबंधन के नहीं। मनीकंट्रोल यूजर्स को सलाह देता है कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट्स से जांच कर लें।

Salman Khan Galaxy Apartments: सलमान खान गैलेक्सी अपार्टमेंट छोड़ने की कर रहे हैं तैयारी? बांद्रा में समुंदर किनारे 6 मंजिला घर की हुई डील

Salman Khan Galaxy Apartments: सलमान खान को मुंबई के बांद्रा में छह मंजिला रिहायशी इमारत बनाने की मंज़ूरी मिल गई है, जिससे खान परिवार के लिए एक नए घर का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, अभी तक इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि एक्टर अपने लंबे समय से रहे आ रहे घर, गैलेक्सी अपार्टमेंट्स से कहीं और शिफ्ट होंगे।

महाराष्ट्र कोस्टल जोन मैनेजमेंट अथॉरिटी (MCZMA) ने 16 जून को इस प्रस्ताव को मंज़ूरी दी। यह नई इमारत बांद्रा के चिम्बाई इलाके में बनेगी, जो गैलेक्सी अपार्टमेंट्स से थोड़ी ही दूरी पर है, जहां सलमान खान 1974 से रह रहे हैं। MCZMA के सूत्रों के मुताबिक, जिस प्लॉट पर यह इमारत बनेगी, वह सलमान की मां सलमा खान के नाम पर रजिस्टर्ड है।

इस प्रॉपर्टी पर 1956 से पहले से एक दो-मंज़िला घर बना हुआ था, जिसे ढांचे के लिहाज़ से असुरक्षित होने के कारण गिरा दिया गया था। मंज़ूर किए गए प्रोजेक्ट में ग्राउंड फ़्लोर, स्टिल्ट पार्किंग और छह ऊपरी मंज़िलें शामिल हैं। प्रस्तावित इमारत का कुल बिल्ट-अप एरिया लगभग 1,014 वर्ग मीटर होगा और इसे सच डेवलपर्स द्वारा बनाया जाएगा।

इस प्रोजेक्ट को पहले अक्टूबर 2025 में बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) से ‘इंटिमेशन ऑफ़ डिसअप्रूवल’ (IOD) यानी शुरुआती मंज़ूरी मिल गई थी। अब MCZMA से मंज़ूरी मिलने के बाद, यह प्रोजेक्ट निर्माण कार्य शुरू होने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ गया है। मंज़ूरी के साथ जुड़ी पर्यावरण संबंधी शर्तों के तहत, निर्माण कार्य के दौरान मौजूदा पेड़ों में से किसी को भी नहीं काटा जाएगा।

इसके बजाय, प्रॉपर्टी के आस-पास स्थानीय प्रजातियों के नए पेड़ लगाए जाएंगे। यह घटनाक्रम सलमान खान की सुरक्षा बढ़ाए जाने के दो साल से ज़्यादा समय बाद सामने आया है। उनकी सुरक्षा तब बढ़ाई गई थी जब कथित तौर पर बिश्नोई गैंग के सदस्यों ने गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर गोलीबारी की थी। अभिनेता को अभी Y+ सुरक्षा मिली हुई है। यह नई प्रॉपर्टी मुख्य सड़क से दूर एक शांत गली में स्थित है। उम्मीद है कि इस जगह पर खान परिवार को ज़्यादा प्राइवेसी और बेहतर सुरक्षा मिलेगी।

Tata Sierra vs Kia Seltos: कौन सी SUV देती है ज्यादा वैल्यू फॉर मनी?

Tata Sierra vs Kia Seltos: नवंबर 2025 में लॉन्च होने के बाद से Tata Sierra की 10,000 से ज्यादा डिलीवरी हो चुकी हैं और ऐसा लगता है कि यह Kia Seltos को कड़ी टक्कर दे रही है, जो इस सेगमेंट में सालों से लोगों की पहली पसंद रही है। अगर आप अभी इन दोनों को चुनने को लेकर कन्फ्यूज हैं, तो यह बात ध्यान देने वाली है क्योंकि इनकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमतों में सिर्फ 50,000 रुपये का फर्क है। Sierra की कीमत 11.49 लाख रुपये है, जबकि Seltos की 11 लाख रुपये। इतने कम फर्क में, बोनट पर लगा लोगो ज्यादा मायने नहीं रखता। असल बात यह है कि लगभग उतने ही पैसे में कौन सी कार आपको ज़्यादा फीचर्स और वैल्यू देती है। इसलिए किसी भी गाड़ी को बुक करने से पहले यह बात अच्छे से समझना जरूरी है।

कीमत और इंजन की तुलना कैसी है?

दोनों SUV की कीमत की रेंज काफी बड़ी है: सेल्टोस की कीमत ₹11 लाख से ₹19.51 लाख (एक्स-शोरूम) के बीच है, जबकि सिएरा की कीमत ₹11.49 लाख से ₹21.29 लाख (एक्स-शोरूम) के बीच है। इंजन के मामले में, टाटा खरीदारों को तीन 1.5-लीटर इंजन के ऑप्शन देता है: 104.5 hp का नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन, 158 hp का टर्बो-पेट्रोल इंजन (7-स्पीड DCT के साथ), और 116.3 hp का डीजल इंजन जो 280 Nm का टॉर्क देता है।

इसके जवाब में Kia 111.4 hp का पेट्रोल इंजन, 158 hp का टर्बो-पेट्रोल DCT इंजन और 112.4 hp का डीजल इंजन (मैनुअल या टॉर्क-कन्वर्टर ऑटोमैटिक के साथ) देती है।

पेपर पर देखा जाए तो दोनों के टर्बो-पेट्रोल इंजन की परफॉर्मेंस एक जैसी है, इसलिए असली फर्क इंजन में नहीं बल्कि गियरबॉक्स की स्मूदनेस और ड्राइविंग रिफाइनमेंट में आता है। यही कारण है कि इन्हें सिर्फ स्पेसिफिकेशन देखकर नहीं, बल्कि टेस्ट ड्राइव लेकर ही सही तरीके से समझा जा सकता है।

पैसे के हिसाब से कौन ज्यादा फीचर्स देता है?

यहीं पर Tata Sierra कागज पर बाजी मार ले जाती है। इसमें ट्रिपल-स्क्रीन डैशबोर्ड, पैनोरमिक सनरूफ (जिसके बारे में टाटा का दावा है कि यह अपने सेगमेंट में सबसे बड़ी है), हेड-अप डिस्प्ले और दोनों रो (rows) के लिए वेंटिलेटेड सीटें मिलती हैं। साथ ही, इसमें 622-लीटर का बूट स्पेस भी है, जो ज्यादातर प्रतिस्पर्धियों की तुलना में काफी बड़ा है।

वहीं, Kia Seltos में ड्यूल 12.3-इंच डिस्प्ले, 447-लीटर का बूट स्पेस और मजबूत बिल्ड क्वालिटी मिलती है। इसके साथ Kia का बड़ा और भरोसेमंद सर्विस नेटवर्क भी है, जो Tata की तुलना में ज्यादा स्थापित माना जाता है।

सेफ्टी के मामले में दोनों ही SUV टॉप वेरिएंट में Level 2 ADAS देती हैं। Sierra को 5-स्टार BNCAP सेफ्टी रेटिंग मिली है, जबकि Seltos भी भारत में Kia के मजबूत सेफ्टी रिकॉर्ड को आगे बढ़ाती है।

किसमें ज्यादा फायदा है?

अगर आपकी प्राथमिकता ‘पैसे के बदले ज्यादा फीचर्स’ पाना है, तो Sierra अभी लगभग उसी कीमत पर ज्यादा फीचर्स दे रही है, खासकर मिड-लेवल ट्रिम्स में पैनोरमिक सनरूफ और ट्रिपल-स्क्रीन सेटअप जैसे फीचर्स। लेकिन ‘वैल्यू’ का मतलब सिर्फ़ स्पेसिफिकेशन शीट पर दिए गए फ़ीचर्स नहीं होते।

भारत में Seltos का ट्रैक रिकॉर्ड लंबा रहा है, इसका सर्विस नेटवर्क मजबूत है और इसमें कम कमियां सामने आई हैं, जबकि Sierra लॉन्च के बाद अपनी विश्वसनीयता को धीरे-धीरे मजबूत कर रही है। अगर आप भरोसेमंद गाड़ी और अच्छी रीसेल वैल्यू चाहते हैं, तो Kia Seltos एक सुरक्षित विकल्प है, लेकिन अगर आप अपने पैसे के बदले ज्यादा फीचर्स चाहते हैं और नई गाड़ी को सबसे पहले अपनाने में आपको कोई दिक्कत नहीं है, तो सिएरा सच में एक मजबूत दावेदार है।

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पेपर लीक के बाद TET परीक्षा रद्द, ओवैसी बोले- सरकार नाकाम; विपक्ष ने खोला मोर्चा

owaisi on TET paper leak

Maharashtra TET Exam Cancelled : पेपर लीक के बाद TET परीक्षा रद्द होने से महाराष्‍ट्र में हड़कंप मच गया। एक ओर परीक्षा की तैयारियों में जुटे छात्र इस खबर से निराश नजर आए तो दूसरी ओर विपक्ष ने भी इस मामले में सरकार को जमकर घेरा। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने TET परीक्षा में पेपर लीक पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सरकार की नाकामी है, जिसकी वजह से हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ALSO READ: परीक्षा से एक दिन पहले महाराष्ट्र में TET का पेपर लीक, 28 जून की परीक्षा रद्द

 

ओवैसी ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि 'कितनी गड़बड़ है; बीजेपी के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार, जो भारतीय बंगाली मुसलमानों को बांग्लादेशी बताकर गलत तरीके से गिरफ्तार करने में माहिर है, TET पेपर लीक को रोकने में नाकाम रही है। इस पेपर लीक के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाएगा? यह सरकार की नाकामी है, जिसकी वजह से हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है।'

 

शिवसेना (यूबीटी) के एमएलसी अंबादास दानवे ने भी कहा कि जिस तरह टीईटी का पेपर लीक हुआ, उसी तरह महाराष्ट्र नीट पेपर लीक का भी केंद्र रहा था। इसके बावजूद सरकार ने कोई सबक नहीं सीखा। टीईटी की परीक्षा तो इसकी तुलना में बहुत छोटी है, फिर भी महाराष्ट्र सरकार इसे सुरक्षित तरीके से आयोजित करने में नाकाम रही।

 

गौरतलब है कि महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने 28 जून 2026 को आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी ) 2026 को पेपर लीक की आशंका के चलते स्थगित कर दिया है। भिवंडी पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया है।

edited by : Nrapendra Gupta

Silver Consumer Electricals: प्री-IPO राउंड में जुटाए ₹150 करोड़; कंपनी में हार्दिक पांड्या, अर्पित खंडेलवाल जैसे दिग्गजों का है निवेश

गुजरात की कंपनी सिल्वर कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड ने प्री-IPO राउंड में लगभग 150 करोड़ रुपये जुटाए हैं। प्रमोटर ग्रुप के एक सदस्य ने 2.59 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची है। कंपनी का कहना है कि धर्मशीभाई मोहनभाई बेडिया ने सेकेंडरी सेल के जरिए निवेशक रियाज सुतरवाला को 73,15,288 इक्विटी शेयर ट्रांसफर किए। यह ट्रांजेक्शन 205.05 रुपये प्रति इक्विटी शेयर की कीमत पर हुआ, जिससे कुल वैल्यू 150 करोड़ रुपये बनी। इस खरीद के बाद, सुतरवाला के पास कंपनी की प्री-ऑफर इक्विटी शेयर कैपिटल में 2.59 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी।

सिल्वर कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स ने पिछले साल अगस्त में सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया था। उस वक्त धर्मशीभाई मोहनभाई बेडिया के पास 7.86 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। वहीं उनके बेटे विनीत धर्मशीभाई बेडिया के पास 48.99 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। SEBI ने IPO ड्राफ्ट को नवंबर 2025 में मंजूरी दी।

यह IPO के जरिए 1,400 करोड़ रुपये तक जुटाना चाहती है। प्रस्तावित इश्यू में 1,000 करोड़ रुपये तक के नए इक्विटी शेयर जारी किए जाने का प्लान है। साथ ही प्रमोटर विनीत धर्मशीभाई बेडिया की ओर से 400 करोड़ रुपये तक का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा।

क्या करती है Silver Consumer Electricals

गुजरात के राजकोट में स्थित सिल्वर कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स दो ब्रांड्स- सिल्वर और बेडिया जरिए कारोबार करती है। सिल्वर ब्रांड के तहत पंप, मोटर और खेती के उपकरण बनाती है। वहीं बेडिया ब्रांड के तहत पंखे, लाइट, हीटर, मिक्सर और अन्य कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट बनाती है। कंपनी अपने इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस के जरिए घरों, खेती और इंडस्ट्री की जरूरतों को पूरा करती है। IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और सामान्य कॉर्पोरेट कामों के लिए किया जाएगा। कंपनी 17 से ज्यादा देशों में एक्सपोर्ट भी करती है। इसके कुल कर्मचारियों में 700 से ज्यादा महिलाएं हैं।

IPOs This Week: 29 जून से शुरू हफ्ता रहने वाला है जबरदस्त, खुलेंगे 10 नए इश्यू, 10 कंपनियां होंगी लिस्ट

पांड्या ब्रदर्स समेत किन दिग्गजों का लगा है पैसा

कंपनी में अगस्त 2025 तक एंजेल इनवेस्टर और प्लूटस वेल्थ मैनेजमेंट के मैनेजिंग पार्टनर अर्पित खंडेलवाल के पास 26.79 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। वह सबसे बड़े शेयरहोल्डर थे। उन्होंने जनवरी 2023 में कंपनी में निवेश करना शुरू किया था। इसके अलावा क्रिकेटर क्रुणाल पांड्या और उनके भाई हार्दिक पांड्या भी सिल्वर कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स में निवेशक हैं। क्रुणाल पांड्या के पास 1.1 प्रतिशत और हार्दिक पांड्या के पास 0.017 प्रतिशत शेयर हैं। हार्दिक पांड्या कंपनी के ब्रांड एंबेसडर हैं। मशहूर निवेशक मधु केला की पत्नी माधुरी मधुसूदन केला के पास 0.62 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

सिल्वर कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स के IPO को मैनेज करने के लिए मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स, ICICI सिक्योरिटीज, JM फाइनेंशियल और चॉइस कैपिटल एडवाइजर्स को मर्चेंट बैंकर के तौर पर नियुक्त किया गया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

बिजनेस साइकिल फंड में निवेश करना चाहते हैं? पहले ये बातें ठीक तरह से समझ लीजिए

शेयर बाजार इकोनॉमी के अलग-अलग चरणों से गुजरता है। इस वजह से सेक्टर का प्रदर्शन भी बदलता रहता है। अगर किसी एक वक्त में फाइनेंशियल स्टॉक्स का प्रदर्शन अच्छा होता है तो दूसरे वक्त में मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी या हेल्थकेयर का प्रदर्शन अच्छा हो सकता है। एक इनवेस्टर के लिए यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि आगे किस सेक्टर का प्रदर्शन अच्छा रहने वाला है। इस समस्या का समाधान बिजनेस साइकिल फंड है।

बिजनेस साइकिल फंड म्यूचुअल फंड की एक कैटेगरी है। यह फंड इकोनॉमी और मार्केट की स्थितियों के हिसाब से निवेश के लिए सेक्टर बदलता रहता है। बिजनेस साइकिल फंड एक तरह की डायवर्सिफायड इक्विटी स्कीम है, जो उन सेक्टर्स में इनवेस्टमेंट का ऐलोकेशन करता है जनके प्रदर्शन आगे बेहतर रहने की उम्मीद होती है।

बिजनेस साइकिल फंड और थिमैटिक फंड्स में फर्क है। थिमैटिक फंड का फोकस किसी एक इंडस्ट्री या थीम पर होता है। लेकिन, बिजनेस साइकिल फंड के पास समय के साथ निवेश के लिए सेक्टर बदलने की आजादी होती है। बिजनेस साइकिल फंड का फंड मैनेजर इकोनॉमिक ग्रोथ ट्रेंड्स, इंटरेस्ट रेट्स, पॉलिसी डेवलपमेंट्स, कॉर्पोरेट अर्निंग्स और मार्केट वैल्यूएशन के आधार पर ऐलोकेशन का फैसला करता है।

बिजनेस साइकिल फंड सेक्टर रोटेशन के कॉन्सेप्ट का इस्तेमाल करता है। इसका मतलब है कि अलग-अलग समय में अलग-अलग सेक्टर के पास मार्केट लीडरशिप होती है। म्यूचुअलफंडइंडियाडॉटकॉम के मुताबिक, महिंद्रा मनुलाइफ बिजनेस साइकिल फंड ने 9 महीने, एक साल और 2 साल में अच्छा रिटर्न दिया है।

कोटक, आदित्य बिड़ला सन लाइफ और एक्सिस म्यूचुअल फंड एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के अपने बिजनेस साइकिल फंड हैं। ऐसे फंड को उन इनवेस्टर्स के लिए विकल्प के रूप में देखा जाता है जो इक्विटी में निवेश में डायवर्सिफिकेशन चाहते हैं। यह समझना जरूरी है कि इस फंड का प्रदर्शन भी इकोनॉमी की स्थितियों और फंड मैनेजर्स के फैसले पर निर्भर करता है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि बिजनेस साइकिल फंड उन निवेशकों के लिए है, जिन्हें बाजार की समझ हैं। नए निवेशकों को इस फंड में सोचसमझकर निवेश करना चाहिए। अगर कोई निवेशक बिजनेस साइकिल फंड में निवेश करना चाहता है तो वह इस बारे में अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की राय ले सकता है।

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Porsche 911 GT4 R front static

Porsche has unveiled the new 911 GT4 R racer as part of its customer motorsport programme, ahead of its 2027 track debut. While the German luxury automaker already offers the 718 Cayman-based RS Clubsport, this is the first time it’s offering a GT4 racer based on the iconic 911.

However, to ensure Balance of Performance (BoP) regulations are met, Porsche has made a few changes to the GT4 R over the 911 Cup. This includes the high-revving 4.0-litre flat-six that’s been down-rated from 520hp to 430hp with the help of airflow restrictors. The Porsche 911 GT4 R is expected to start at USD 375,500.

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ठाणे में हैरान करने वाला हादसा, खड़ी कार में अचानक खुला एयरबैग…युवक को लगी ऐसी चोट कि हो गई मौत

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक चौंकाने वाला हादसा सामने आया है। पुलिस के अनुसार, खड़ी कार के अंदर अचानक एयरबैग खुलने से 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, कार के स्टीयरिंग में लगा एयरबैग अचानक खुल गया और उसका कवर युवक की गर्दन से जोरदार टकरा गया। एयरबैग खुलने के बाद उसे गंभीर चोटें आईं और अधिक खून बहने के कारण उसकी जान नहीं बच सकी।

खड़ी कार में अचानक खुला एयरबैग, युवक की मौत

पुलिस ने बताया कि यह घटना बुधवार को काशीमीरा इलाके में हुई। मृतक कारों का कारोबार करता था और करीब 15 साल पुरानी एक कार में बैठा हुआ था। इसी दौरान अचानक कार का सेफ्टी सिस्टम सक्रिय हो गया और एयरबैग खुल गया। एयरबैग के तेज झटके से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने से पहले ही अधिक खून बहने के कारण उसकी मौत हो गई।

ठाणे में हैरान करने वाला हादसा

मृतक का नाम मोहित सोनी बताया गया है। हादसे के बाद सोनी को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरो ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मोहित सोनी ने कार पार्क की और फिर जोरदार आवाज आई। आवाज सुनने के बाद लोग दौड़े। एक शख्स ने बताया कि मोहित सोनी को काफी खून बह रहा था। लोगों ने मोहित सोनी को बाहर निकाला और ऐंबुलेंस को फोन किया।

पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में पता चला है कि कार पुरानी थी, लेकिन उसके सभी जरूरी दस्तावेज और फिटनेस प्रमाणपत्र वैध थे। फिलहाल पुलिस ने हादसे में मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की सच्चाई जानने के लिए ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है।

IND vs IRE: वैभव सूर्यवंशी लेंगे संजू सैमसन की जगह? भारत की हार के बाद दिग्गज खिलाड़ी ने दिया बड़ा बयान

IND vs IRE: भारत की टी20 टीम को नए कप्तान श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पहले ही मैच में आयरलैंड के खिलाफ 34 रन से हार झेलनी पड़ी। इस जीत के साथ आयरलैंड ने सीरीज में 1-0 की लीड बना ली है। इस हार के बाद टीम में बदलाव की मांग तेज हो गई है। इस हार के बाद टीम में बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। अब कई लोग युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को 28 जून को होने वाले दूसरे टी20 मैच की प्लेइंग इलेवन में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। वहीं इस हार के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर का कहना है कि भारतीय टी20 टीम में संजू सैमसन की जगह अब पूरी तरह सुरक्षित नहीं है।

मांजरेकर ने कहा कि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और टीम में जगह बनाने की मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं। ऐसे में अगर संजू सैमसन का प्रदर्शन कमजोर रहता है, तो सेलक्टर्स उन्हें बाहर कर वैभव को मौका दे सकते हैं।

सेफ नहीं अभिषेक-संजू की जगह

सोनी स्पोर्ट्स पर बातचीत के दौरान संजय मांजरेकर ने कहा, “संजू सैमसन को अब सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि वैभव सूर्यवंशी उनकी और अभिषेक शर्मा की जगह के लिए मजबूत चुनौती बनकर सामने आ रहे हैं।” संजय मांजरेकर ने कहा कि सिर्फ वैभव सूर्यवंशी को टीम में शामिल कर देने से मैच का नतीजा नहीं बदल जाएगा। उन्होंने कहा कि इस समय भारतीय टी20 टीम में ओपनिंग की जिम्मेदारी अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन के पास है और दोनों ही पहली पसंद हैं।

मांजरेकर ने कहा, “मुझे लगता है कि वैभव सूर्यवंशी भी अभिषेक शर्मा की तरह ही खेलते, शायद उनसे थोड़ा बेहतर। जब लक्ष्य का पीछा करना होता है, तो पहले छह ओवरों में ही तेज शुरुआत करनी पड़ती है और उसी लय को आगे के ओवरों में भी बनाए रखना जरूरी होता है।”

दूसरे मुकाबले में कर सकते हैं डेब्यू

पहले टी20 मुकाबले में टीम प्रबंधन ने सलामी बल्लेबाज के रूप में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की जोड़ी पर भरोसा जताया। इस मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को अपना इंटरनेशनल डेब्यू करने का मौका नहीं मिल सका। अब सभी की नजरें दूसरे टी20 मैच पर हैं कि क्या वैभव सूर्यवंशी को भारत के लिए डेब्यू का मौका मिलेगा। 2026 टी20 वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे संजू सैमसन पहले मैच में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके और चार गेंदों में सिर्फ पांच रन बनाकर आउट हो गए।

Next-gen BMW X5 to launch in India in LWB guise

BMW iX3 LWB

BMW will bring the next-generation X5 SUV to India in long wheelbase (LWB) form, our sources have indicated. The next-gen X5 is set to debut in Europe soon in all-electric iX5 guise, and will feature the Neue Klasse design overhaul as seen on the iX3 and i3 EVs.

  1. BMW LWB models currently sold in India garnering healthy demand
  2. Next-gen X5 is being adapted for LWB, and will make it here in this form
  3. i5 LWB and iX3 LWB also headed to India

Next-gen X5 to join growing list of BMW LWB models in India

LWB BMWs resonated well with Indian customers

Next-gen BMW X5 (standard wheelbase) prototype. Image used for representation only.

BMW has seen great success with the three LWB models it currently retails in India: the 3 Series LWB, 5 Series LWB, and iX1 LWB. These models were originally designed for the Chinese market, and resonated with Indian luxury car buyers (many of whom are chauffeur-driven) thanks to the extra space they offer in the second row.

The next-gen BMW X5 will be adapted for a China-spec LWB version too, and this will be the one offered in India as well. However, given that the new X5 has yet to be revealed globally and the extra time required for LWB adaptation, don’t expect the BMW SUV to make its way to India before the latter half of 2027.

BMW iX3 LWB

BMW India has other LWB models on the way too, including the i5 LWB, which is set to launch this year, and the iX3 LWB, which will go on sale here in 2027.

What to expect from the next-gen BMW X5

One of the first ICE-powered BMWs to adopt Neue Klasse design language

A few months ago, images of the next-gen X5 leaked online, confirming a radical Neue Klasse redesign. Up front, it gets a pair of sharp blacked-out sections housing the headlamps and vertically-arranged illuminated kidney grilles in the centre. At the back, it gets a sporty sloping roofline and wide wraparound LED tail-lamps.

Next-gen BMW X5 (standard wheelbase) prototype. Image used for representation only.

Inside, the next-gen X5 is anticipated to feature an all-new layout with the large rhomboidal touchscreen seen in newer BMWs, along with the pillar-to-pillar Panoramic Vision display and quad-spoke steering wheel.

Expect petrol, diesel, and plug-in hybrid powertrains to be offered for the new X5. As noted previously, there will be an all-electric iX5 on offer in global markets too, which will come with the largest battery pack of any BMW EV to date.

With inputs from Hormazd Sorabjee