खण्डेलवाल समाज के परिचय सम्मेलन का शुभारंभ

लगभग 113 वर्षों से सामाजिक उत्थान व प्रगति हेतु लगातार प्रयासरत अखिल भारतीय खंडेलवाल वैश्य महासभा अभी भी समाज में व्याप्त अंधविश्वासों, कुरीतियों और बुराइयों लेन-देन दहेज, लिफाफा संस्कृति, तलाक प्रथा आदि के उन्मूलन हेतु लगातार संलग्न है।

 

उक्त प्रेरक, ओजस्वी विचार अ. भा. खंडेलवाल वैश्य महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, मुख्य अतिथि रमेशचन्द्र गुप्ता (तुंगा वाला), जयपुर ने आज रुक्मणी देवी चिरंजीलाल गुप्ता परिसर पंजाब अरोड़ वंशीय ट्रस्ट भवन में महासभा के तत्वावधान में संत सुंदर दास पारमार्थिक ट्रस्ट व खंडेलवाल संस्कृति वुमन्स क्लब द्वारा आयोजित अ.भा खंडेलवाल वैश्य युवक युवती परिचय सम्मेलन में व्यक्त किए।

 

विशिष्ट अतिथि महासभा के मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष संजीव कट्टा जयपुर ने कहा इस प्रकार के आयोजनों से सामाजिक एकता, परस्पर प्रेम व आत्मीयता बढ़ाने व सामाजिक बुराइयों को दूर करने में सहायक होते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सुप्रतिष्ठित उद्योगपति रुचि ग्रुप के मनीष शाहरा ने आयोजकों को ऐसे भव्य, सार्थक आयोजन की प्रशंसा की व शुभकामनाएं देते हुए प्रत्याशियों के श्रेष्ठ जीवन साथी चयन की मंगलकामनाएं व्यक्त की।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियो द्वारा संतसुंदर दास जी, संत श्री बलराम दास जी महाराज व कल्याण जी महाराज व माता सरस्वती जी के चित्रों पर दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण से हुआ। अखिल भारतीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी प्रोफेसर रमेश कुमार रावत ने बताया कि इस अवसर पर रमेश गुप्ता ने भी विचार प्रकट करते हुए शुभकामनाएं दीं। अतिथि स्वागत किया दिनेश कूलवाल, रमेश गुप्ता, कैलाशचंद खंडेलवाल, सुनील माली, राजेंद्र कूलवाल, शुभांगी भूखमारिया, संगीता कूलवाल, सुनीता राजोरिया, उषा कूलवाल, सारिका खंडेलवाल आदि ने। इस अवसर पर प्रकाशित पुस्तक परिणय बंधन का विमोचन अतिथियों ने राजेश डंगायच, कैलाश खंडेलवाल, निर्भय खंडेलवाल संजय बड़गोती, राजेश भूखमारिया द्वारा करवाया गया।

 

शनिवार को शुरू हुए परिचय सत्र में प्रत्याशियों ने अपने परिचय में पढ़ी-लिखी संस्कारवान युवती व उच्च शिक्षित कार्यरत प्रत्याशियों को महत्व दिया। शाम 7:30 तक चले परिचय सत्र में करीब 170 प्रत्याशियों ने परिचय दिया जिनमें से करीब 40 से 45 संबंधों की चर्चा अंतिम रूप में है। रविवार को प्रातः 10 बजे से परिचय सत्र प्रारंभ होगा। संचालन किया सीए सुनील खंडेलवाल, प्रियंका खंडेलवाल, शीतल गुप्ता ने तथा आभार माना राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कैलाशचन्द्र खंडेलवाल ने।

जून का आखिरी हफ्ता रहा रेंज बाउंड, जानिए अगले सप्ताह कैसी रहेगी बाजार की चाल

market ki baat

Share Market Weekly Review : भारतीय शेयर बाजार के लिए जून का यह हफ्ता रेंज बाउंड ही रहा। अमेरिका ईरान में डील के बाद भी पश्चिम एशिया में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। विदेशी निवेशकों (FII) की गतिविधियां और भारत-अमेरिका ट्रेड डील से जुड़ी उम्मीदों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। इस हफ्ते सेंसेक्स में 293 अंकों की बढ़त रही तो निफ्टी भी मात्र 43 अंक बढ़ा। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा आने वाला सप्ताह।

 

कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स 291 अंक की बढ़त के साथ 77094 पर और निफ्टी 90 अंक बढ़कर 24,103 पर बंद हुआ। मंगलवार को सेंसेक्स में 893 अंकों की गिरावट, 76201 पर बंद; निफ्टी 279 अंक गिरकर 23,824 पर पहुंचा। बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने रिकवरी की। बीएसई का सेंसेक्‍स 791 अंक उछल गया, वहीं एनएसई का निफ्टी 198 अंकों की बढ़त के साथ 24,000 अंक के मनोवैज्ञानिक स्‍तर को पार कर गया।

 

गुरुवार को सेंसेक्स 109 अंक की बढ़त के साथ 77,100 पर और निफ्टी 34 अंक बढ़कर 24,056 पर बंद हुआ। शुक्रवार को मोहरम की वजह से शेयर बाजार बंद रहे। हालांकि वैश्विक बाजार में इस दिन भारी उथल पुथल हुई। चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट से साउथ कोरिया में शेयर बाजार बुरी तरह क्रेश हो गया।


इस हफ्ते बैंकिंग, ऑटो और एफएमसीजी शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। आईटी सेक्टर में शुरुआती कमजोरी के बाद रिकवरी दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों की रुचि बनी रही।

 

इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल

बाजार विशेषज्ञ सुयश राठौर ने कहा कि 4 दिन के कारोबारी हफ्ते में बाजार में मामूली तेजी रही। वैश्विक बाजार में आईटी कंपनी के शेयरों में गिरावट का भारतीय शेयर बाजार में ज्यादा असर नहीं दिखा। विदेश निवेशकों ने बिकवाली की तो भारतीय निवेशक खरीदारी में पीछे नहीं रहे। इस वजह से बाजार में ज्यादा गिरावट नहीं आई और यह फ्लैट ही रहे। 

 

बाजार विशेषज्ञ मनीष उपाध्याय ने कहा कि भले ही अमेरिका और ईरान के बीच डील हो गई हो लेकिन निवेशकों को अभी भी युद्ध का डर सता रहा है। अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप के लगातार बदलते बयान भी बाजार में अनिश्‍चितता को बढ़ा रहे हैं। कच्चे तेल के दाम कम होने के बाद भी महंगाई जस की तस बनी हुई है। कमजोर मानसून की भविष्‍यवाणियां भी भी निवेशकों को डरा रही है। इन सब कारणों से बाजार में जमकर मुनाफा वसूली हो रही है।

 

कैसा रहेगा अगला हफ्ता?

बाजार विशषज्ञों के अनुसार, अमेरिका से आने वाले आर्थिक आंकड़े, वैश्‍विक बाजारों का रुख, कच्चे तेल की कीमतें और रुपए की चाल अगले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार की चाल तय करेगी। 

 

राठौर ने कहा कि ट्रंप एक बार फिर टैरिफ को लेकर वॉर्निंग मोड में है। अगर किसी देश पर टैरिफ लगाया जाता है तो बाजार पर इसका नकारात्मक असर पड़ेगा। फिलहाल बाजार रेंज बाउंड ही नजर आ रहा है। NSE का निफ्टी 23800 से 24500 के बीच ही रहेगा। निफ्टी 24500 से ऊपर बंद होने की स्थिति में 25200 तक पहुंच सकता है। 23800 से नीचे बंद होने पर इसके 23300 तक पहुंचे की संभावना है।

 

उपाध्याय का भी कहना है कि अगले हफ्ते भी बाजार रेंज बाउंड ही रहने की संभावना है। हालांकि ट्रंप की बयानबाजी बाजार की दिशा तय कर सकती है। अमेरिका और ईरान में स्थिति फिर तनावपूर्ण हो गई है। 30 जून को निफ्टी एफएंडओ की एक्सपायरी है। उन्होंने कहा कि निवेशकों को अच्छे शेयरों में निवेश करना चाहिए और सतर्कता से बाजार पर नजर रखनी चाहिए।

 

Saatvik 100 Index

BSE ने देश का पहला Saatvik 100 Index लॉन्च किया है। इस इंडेक्स में वो कंपनियां शामिल हैं जो अपने नैतिक मूल्यों के साथ समझौता किए बिना शेयर बाजार में कारोबार करती हैं। इस इंडेक्स में 100 ऐसी कंपनियां शामिल होंगी जिनका कारोबार तंबाकू, जुआ और शराब जैसी गतिविधियों से जुड़ा नहीं होगा। BSE साल में दो बार, जून और दिसंबर में इन सभी कंपनियों का रिव्यू करेगा और अगर वो रूल्स को तोड़ती हुई पाई गईं, तो उन्हें इस इंडेक्स से बाहर कर दिया जाएगा।

 

ओपन एआई का IPO टला!

एआई को लेकर अनिश्चितता की वजह से चैट जीपीटी बनाने वाली ओपनएआई अपने आईपीओ पर विचार कर रही है। एआई और सेमीकंडक्टर शेयरों पस्त होने और लिस्टिंग के बाद स्पेसएक्स की कीमतों में आई 25 फीसदी की गिरावट ने कंपनी की चिंता बढ़ा दी है। कहा जा रहा है कि अब इसके आईपीओ के लिए निवेशकों को 2027 तक विचार करना पड़ सकता है।

 

अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।

Renault to launch Kwid facelift on July 3

Renault to launch Kwid facelift on July 3

Renault will debut the Kwid facelift on July 3. While further details of the facelifted Kwid are awaited, previous spy shots have hinted that the Kwid facelift could have a Dacia Spring-like exterior design and a revamped interior.

  1. Expected to continue with the same 1-litre engine
  2. Could have Y-shaped lighting elements and fresh alloys
  3. Interior is likely to feature a larger infotainment system

 

रात 9 बजे एक कॉल और 150 इंजीनियर की नौकरी गई! सॉफ्टवेयर कंपनी ने भारत से समेटा अपना बोरिया बिस्तर

सॉफ्टवेयर कंपनी ने फिलहाल आधिकारिक तौर पर इस बारे में कुछ नहीं कहा है, लेकिन कंपनी से निकाले गए एक इंजीनियर ने इस पूरे मामले को सोशल मीडिया पर उठा दिया, जिसके बाद से इंटरनेट पर लोग कंपनी की काफी आलोचना कर रहे हैं।

Khatron Ke Khiladi 15: ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ की प्रीमियर डेट का हुआ खुलास, कंटेस्टेंट की खटिया खड़ी करने को तैयार रोहित शेट्टी

Khatron Ke Khiladi 15: रोहित शेट्टी दो साल के ब्रेक के बाद ‘खतरों के खिलाड़ी’ को होस्ट करने के लिए वापस आ गए हैं। स्टंट-बेस्ड यह रियलिटी शो अपने अब तक के सबसे बड़े और सबसे मुश्किल सीजन के लिए तैयार हो रहा है, और मेकर्स ने पूरी फ़्रैंचाइजी के लिए स्टैंडर्ड को और ऊंचा करने का वादा किया है।

हाल ही में साउथ अफ्रीका के केप टाउन में शूटिंग पूरी हुई, जहां क्रू ने जबरदस्त और नेक्स्ट-लेवल के एक्शन सीन शूट किए। आने वाले सीज़न 15 में एक बिल्कुल नया फॉर्मैट देखने को मिलेगा, जिसमें जाने-पहचाने चेहरों के साथ नए चैलेंजर्स भी शामिल होंगे, ताकि शो में सस्पेंस बना रहे।

केप टाउन में लगातार शूटिंग शेड्यूल पूरा करने के बाद, होस्ट ने चुनौतियों के बारे में जानकारी दी और इशारा किया कि इसमें ऐसे स्टंट होंगे जिनका सामना कंटेस्टेंट ने पहले कभी नहीं किया होगा। अपने अनुभव के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “बहुत व्यस्त, थका देने वाला और शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण। यह ‘खतरों के खिलाड़ी’ का ऐसा सीज़न होगा जैसा पहले कभी नहीं देखा गया।”

शुरुआती टीज़र में कंटेस्टेंट को उनकी क्षमता की आखिरी हद तक जाते हुए दिखाया गया है। फुटेज में उन्हें ऊंची इमारतों पर ज़मीन से बहुत ऊपर खतरनाक स्टंट करते, पिंजरों में फंसे हुए और सांपों व कीड़ों से घिरे हुए दिखाया गया है। इस साल, शो ‘डर का नया दौर’ थीम पर आधारित है।

कई बड़े स्टार्स के बीच, इंटरनेट सेंसेशन ओरहान अवत्रामणि, जिन्हें ‘ओरी’ के नाम से जाना जाता है, अभी से ही लाइमलाइट बटोर रहे हैं। शो के अनाउंसमेंट टीज़र में उन्हें एक चीते से भागते हुए दिखाया गया है, जो सोशल मीडिया पर तुरंत वायरल हो गया। इस मज़ेदार स्थिति पर ओरी ने मज़ाकिया अंदाज़ में अपनी ही क्लिप पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “विश्वास नहीं होता कि यह वही दौड़ थी जिसके बारे में सब कह रहे थे कि मैं इसमें केंडल जेनर जैसा दिख रहा था…”

यह शो 25 जुलाई को कलर्स टीवी पर प्रीमियर होगा और जियोहॉटस्टार पर भी स्ट्रीम किया जा सकेगा। यह वीकेंड प्राइम-टाइम स्लॉट लेगा, जो अभी ‘लाफ्टर शेफ़्स 3’ के पास है। यह शो हर शनिवार और रविवार रात 9 बजे प्रसारित होगा।

रोहित शेट्टी इस साल सब कुछ बदलने वाले हैं, और सबसे बड़ा ट्विस्ट शो के फ़ॉर्मेट में होने वाला एक बड़ा बदलाव है। पहली बार, पुराने कंटेस्टेंट नए कंटेस्टेंट्स के साथ मुकाबला करने के लिए शो में वापसी कर रहे हैं। इस सीज़न में नए चेहरों और अनुभवी खिलाड़ियों का एक दिलचस्प मिश्रण देखने को मिलेगा, जो सभी स्टंट्स का सामना करने के लिए तैयार हैं। ऑफिशियल लिस्ट में गौरव खन्ना, अविनाश मिश्रा, फरहाना भट्ट, शगुन शर्मा, अविका गोर, ओरहान अवत्रामणि (ओरी), हर्ष गुजराल, जैस्मीन भसीन, रुबीना दिलैक, करण वाही, ऋत्विक धनजानी और विशाल आदित्य सिंह शामिल हैं।

शुरुआती खबरों से पता चलता है कि मुकाबला पहले से ही कड़ा है; फरहाना और करण वाही अभी टॉप दो कंटेस्टेंट के तौर पर आगे चल रहे हैं, जबकि अविनाश मिश्रा, रूहानिका धवन और ऋत्विक धनजानी के टॉप पांच में शामिल होने की चर्चा है।

क्या आप बहुत ज्यादा फंड में निवेश कर रहे हैं? जानिए इसके नुकसान

मेरे एक दोस्त ने एक दिन अपने म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि वह हर साल म्यूचु्अल फंड में निवेश बढ़ा रहे हैं। इसके साथ ही उनके पोर्टफोलियो में फंड्स यानी स्कीम की संख्या भी बढ़ रही है। क्या ऐसा करना सही है? जब मैंने उनसे पूछा कि उनके पोर्टफोलियो में कितनी स्कीमें हैं तो वह गिनती करने लगे। दरअसल यह समस्या सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं है।

डायवर्सिफिकेशन का सही मतलब कम लोग समझते हैं

ज्यादातर निवेशकों को लगता है कि डायवर्सिफिकेशन के लिए ज्यादा स्कीमों में निवेश करना जरूरी है। लेकिन, कम लोग यह समझते हैं कि डायवर्सिफिकेशन का मतलब ज्यादा फंडों में निवेश करना नहीं है। डायवर्सिफिकेशन का मतलब यह है कि आपके पोर्टफोलियो में अलग-अलग तरह के एसेट्स और स्कीमें होनी चाहिए। उन स्कीमों का पोर्टफोलियो एक जैसे शेयरों का नहीं होना चाहिए। उदाहरण के लिए एक से ज्यादा लार्जकैप फंड में निवेश करने का कोई मतलब नहीं है।

एक जैसी कई स्कीम में निवेश करना डायवर्सिफिकेशन नहीं है 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर कोई इनवेस्टर डायवर्सिफिकेशन करना चाहता है तो वह अपने पोर्टफोलियो में एक लार्जकैप फंड, एक मिडकैप फंड, एक स्मॉलकैप फंड को शामिल कर सकता है। लार्जकैप, मिडकैप या स्मॉलकैप के एक से ज्यादा फंड में निवेश करने से डायवर्सिफिकेशन का मकसद पूरा नहीं होता है।

अलग-अलग एसेट में निवेश करने से रिस्क कम हो जाता है

डायवर्सिफिकेशन का मतलब अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश करना है। इसका मतलब है कि पोर्टफोलियो में इक्विटी शामिल होना चाहिए। इक्विटी की हर कैटेगरी के फंड होने चाहिए। डेट यानी बॉन्ड्स जैसे फिक्स्ड रिटर्न इंस्ट्रूमेंट्स भी पोर्टफोलियो का हिस्सा होना चाहिए। साथ ही बुलियन भी होना चाहिए। बुलियन का मतलब सोने और चांदी से है। एक्सपर्ट्स गोल्ड ईटीएफ और सिल्वर ईटीएफ में निवेश की सलाह देते हैं।

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एक साथ सभी एसेट क्लास में नहीं आती है गिरावट 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि डायवर्सिफिकेशन का मकसद यह है कि किसी एसेट क्लास में गिरावट का असर पोर्टफोलियो पर कम से कम पड़े। आम तौर पर यह देखा जाता है कि सभी एसेट क्लास में एक साथ गिरावट नहीं आती है। कई बार इक्विटी में गिरावट आने पर गोल्ड में तेजी होती है। डेट में निवेश आपके पोर्टफोलियो को शेयरों में तेज गिरावट की स्थिति में नुकसान से बचाता है। इसलिए एक्सपर्ट्स पोर्टफोलियो में डेट को शामिल करने सलाह देते हैं।

IMD Heavy Rain Alert: आईएमडी ने असम-मेघालय और बंगाल समेत इन 27 राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट दिया, 3 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम

देश के बड़े हिस्से में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार तेज होती जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने असम, मेघालय, बिहार और पश्चिम बंगाल समेत देश के करीब 27 राज्यों में आने वाले दिनों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, देश के कई हिस्सों में आगामी 3 जुलाई तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा और व्यापक रूप से वर्षा होने की संभावना है।

वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3-4 दिनों के भीतर मानसून के उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के शेष हिस्सों और उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

पूर्वोत्तर भारत और बंगाल-सिक्किम में आफत की बारिश, रेड अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है:

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: इन क्षेत्रों में 27 से 29 जून के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने और अलग-अलग हिस्सों में बेहद भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इसके बाद 30 जून को भी यहां कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि 1 से 3 जुलाई तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।

  • असम और मेघालय: इन दोनों राज्यों में 27 जून और फिर 29-30 जून को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। सबसे गंभीर स्थिति 28 जून को होने की संभावना है, जब असम और मेघालय में कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अलग-अलग इलाकों में अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद 1 से 3 जुलाई तक भी यहां भारी बारिश जारी रहेगी।
  • अरुणाचल प्रदेश: यहां 27 से 29 जून के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है, जबकि 30 जून से 2 जुलाई तक भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन चारों पूर्वोत्तर राज्यों में 27 जून से लेकर 3 जुलाई तक लगातार अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है।

बिहार, झारखंड और ओड़िशा समेत पूर्वी भारत का हाल

  • बिहार: बिहार में 27 और 28 जून को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 29 और 30 जून को राज्य में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। 1 जुलाई को भी यहां भारी बारिश की संभावना है, जबकि 27 से 29 जून के दौरान आकाशीय बिजली चमकने और 30 जून से 1 जुलाई के बीच 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
  • ओडिशा: ओडिशा में 27 से 29 जून और फिर 2-3 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक 30 जून और 1 जुलाई को ओड़िशा में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
  • झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल: इन दोनों राज्यों में 30 जून और 1 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही 27 जून से 3 जुलाई तक तेज हवाओं (40-50 किमी/घंटा) और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा।
  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: यहाँ 28 और 29 जून को भारी बारिश का अनुमान है। साथ ही 28 जून से 1 जुलाई के दौरान 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले थंडरस्कॉल का अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली-NCR, यूपी और उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम का पूर्वानुमान

  • दिल्ली, हरियाणा और पंजाब: हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 27 जून से 2 जुलाई तक छिटपुट बारिश की संभावना है, जबकि 3 जुलाई को इन क्षेत्रों में व्यापक रूप से वर्षा हो सकती है। 1 से 3 जुलाई के दौरान इन राज्यों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अनुमान है।
  • उत्तर प्रदेश: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 से 30 जून तक छिटपुट बारिश और फिर 1 से 3 जुलाई के दौरान व्यापक रूप से बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 29 जून से 3 जुलाई तक बारिश का दौर देखा जाएगा, जिसके साथ 30 जून से 3 जुलाई के बीच 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है।
  • उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में 30 जून से 3 जुलाई के दौरान व्यापक रूप से बारिश होने का अनुमान है। उत्तराखंड में 30 जून से 3 जुलाई के बीच और जम्मू-कश्मीर में 2-3 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है।
  • हिमाचल प्रदेश: यहां 1 से 3 जुलाई के बीच व्यापक बारिश और भारी बारिश होने की संभावना है।
  • राजस्थान: पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 27 जून से 3 जुलाई तक बारिश और आंधी-तूफान की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

मध्य और पश्चिमी भारत में वर्षा का अलर्ट

मध्य प्रदेश: पश्चिमी मध्य प्रदेश में 27 जून और फिर 29-30 जून को भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 27 और 29 जून को भारी बारिश हो सकती है जबकि 2 से 3 जुलाई के बीच यहां व्यापक बारिश का अनुमान है।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: छत्तीसगढ़ और विदर्भ दोनों ही क्षेत्रों में 27 जून से 3 जुलाई तक लगातार अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

कोंकण और गोवा: यहाँ 27 जून से 3 जुलाई के दौरान लगातार व्यापक रूप से भारी बारिश होने की संभावना है।

मध्य महाराष्ट्र और मारवाड़ा: मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 27 जून को और फिर 1 से 3 जुलाई के बीच भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

गुजरात क्षेत्र: गुजरात क्षेत्र में 2 और 3 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।

दक्षिण भारत के राज्यों में मौसम की स्थिति

तटीय कर्नाटक और तेलंगाना: इन दोनों क्षेत्रों में 27 जून से 3 जुलाई तक लगातार अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अलर्ट है। तटीय कर्नाटक में इस दौरान तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

केरल और माहे: यहां 27 जून और फिर 30 जून से 3 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना है। हालांकि, 28 और 29 जून को केरल और माहे के अलग-अलग इलाकों में बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल: यहां 27 से 29 जून के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

आंतरिक कर्नाटक: उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 2-3 जुलाई को और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 30 जून से 3 जुलाई के बीच भारी बारिश की संभावना है।

तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा: तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 27-28 जून तथा 1-3 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। रायलसीमा में 27 जून को भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

लक्षद्वीप: लक्षद्वीप में 28 और 29 जून को भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश और बिहार में भीषण लू की चेतावनी

बारिश के अलर्ट के बीच मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में अगले दो दिनों तक भीषण गर्मी का अनुमान जताया है:

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 27 से 29 जून तक और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 से 30 जून तक लू की स्थिति बनी रहेगी। इनमें से 27 और 28 जून को दोनों ही क्षेत्रों (पूर्वी और पश्चिमी यूपी) के अलग-अलग पॉकेट्स में भीषण लू का प्रकोप रहने की आशंका है।

बिहार: बिहार के कुछ सीमित इलाकों में 27 और 28 जून को लू की स्थिति देखने को मिल सकती है। उमस भरा मौसम: झारखंड और ओड़िशा में 27 जून को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है।

जरूरतमंदों के इलाज और मकान की व्यवस्था कराएगी सरकार : योगी

Chief Minister Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन शनिवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने आवास के लिए जरूरतमंद लोगों को आवास दिलाने और गंभीर बीमारियों से पीड़ितों के इलाज में भरपूर आर्थिक सहायता देने का आत्मीय भरोसा देते हुए कहा कि जरूरतमंदों के इलाज और मकान की व्यवस्था सरकार कराएगी। 

 

जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे और एक-एक कर उनकी समस्याओं को सुना। उनके प्रार्थना पत्र लिए और निस्तारण के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और प्रभावी होना चाहिए।

 

इस अवसर पर सीएम ने लोगों से कहा कि सरकार हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा हर समस्या के प्रभावी निस्तारण के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जन समस्याओं पर संवेदनशीलता दिखाएं। 

किसी का इलाज रुके नहीं, आवास भी दिलाएंगे

जनता दर्शन में एक महिला ने सीएम योगी से कहा कि उनके पास रहने के लिए अपना मकान नहीं है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि उन्हें सरकार की योजना के तहत आवास दिलाया जाएगा। हर बार की तरह इस बार भी कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। एम्स दिल्ली में इलाज कर रही महिला को सीएम ने राहत कोष से आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया। एक अन्य महिला की इलाज संबंधी समस्या सुनने के बाद उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उनके इलाज की व्यवस्था गोरखपुर एम्स या बीआरडी मेडिकल कॉलेज में की जाए।  

 

जमीन कब्जा किए जाने से संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने पुलिस को निर्देश दिया कि यदि कोई दबंग किसी की जमीन कब्जा कर रहा हो तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खूब दुलारा और आशीर्वाद दिया। साथ ही उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए चॉकलेट दीं। मुख्यमंत्री ने परिजनों से कहा कि वे अपने बच्चों को स्कूल जरूर भेजें।

गुड़-रोटी खिलाकर सीएम योगी ने की गोसेवा

गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान शनिवार सुबह जनता दर्शन लगाकर जनसेवा करने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंदिर की गोशाला में जाकर गोसेवा में भी रमे रहे। उन्होंने स्नेहिल थपकी देकर गायों-गोवंश को खूब दुलारा। गुड़-रोटी खिलाया और गोशाला के कार्यकर्ताओं को गोवंश के समुचित देखभाल के निर्देश दिए।

गोरखनाथ मंदिर प्रवास पर शनिवार प्रातः काल सीएम योगी की दिनचर्या परंपरागत रही। उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया और अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर जाकर शीश झुकाकर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जब भी गोरखनाथ मंदिर में होते हैं तो गोसेवा उनकी दिनचर्या में शामिल रहती है। 

 

शनिवार सुबह भी मुख्यमंत्री, मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए गोशाला में पहुंचे और वहां कुछ समय व्यतीत किया। गोशाला में सीएम योगी ने गोवंश के माथे पर हाथ फेरा, थपकी देखे दुलारा और अपने हाथों से उन्हें गुड़-रोटी खिलाया। गोसेवा के दौरान गोशाला परिसर में विचरण कर रहे मोरों पर भी मुख्यमंत्री ने स्नेह बरसाया।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

 

IND vs IRE: आयरलैंड से करारी हार के बाद अभिषेक शर्मा का बड़ा बयान, बताया कहां हुई टीम से चूक

टी20 वर्ल्ड कप चैंपियन टीम इंडिया को आयरलैंड की टीम ने करारी शिकस्त दी है। बेलफास्ट में खेले गए पहले टी20 मैच में आयरलैंड ने इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत को पहली बार हराया है। पहले टी20 मुकाबले में आयरलैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 34 रन से मात दी है। इस जीत के साथ आयरलैंड ने सीरीज में 1-0 की लीड बना ली है। मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए आयरलैंड ने 182 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम 18.5 ओवर में 148 रन पर सिमट गई।

वहीं भारत की इस हार के बाद भारतीय बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने कहा कि टीम को आयरलैंड की परिस्थितियों के अनुसार खुद को जल्द से जल्द ढालना होगा। अब भारतीय टीम दूसरे और आखिरी मुकाबले में भारत बेहतर प्रदर्शन कर सीरीज बराबर करने के इरादे से उतरेगा।

मैच के बाद अभिषेक ने क्या कहा

अभिषेक ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “एक टीम के तौर पर ये बहुत जरूरी है कि हम हालात के अनुसार खुद को कितनी जल्दी ढाल पाते हैं। जब लगातार दो मैच खेलने होते हैं, तो पूरे ग्रुप को परिस्थितियों के हिसाब से जल्दी तालमेल बैठाना पड़ता है। प्रैक्टिस सेशन और अनुभव से इसमें मदद मिलती है। एक मजबूत टीम होने के नाते हमें तेजी से परिस्थितियों के अनुसार खुद को बदलना चाहिए। आज हमने ऐसा करने की कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्य से हम इसमें सफल नहीं हो सके।” आयरलैंड की ओर से हम्फ्रीज और होलार्ड ने तीन-तीन विकेट लिए, जबकि भारतीय मूल के जय मूंद्रा ने दो विकेट झटके।

भारत के लगातार विकेट गिरे

भारत के बल्लेबाज तेज शुरुआत के बावजूद बड़ी पारी नहीं खेल सके और लगातार विकेट गंवाने के कारण पूरी टीम 148 रन पर सिमट गई। अभिषेक शर्मा ने सिर्फ 20 गेंदों में अर्धशतक जड़कर उम्मीद जगाई, लेकिन दूसरे बल्लेबाज उनका साथ नहीं दे सके। वहीं, अपने पहले अंतरराष्ट्रीय मैच में खेल रहे तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा ने शानदार शुरुआत करते हुए संजू सैमसन को बोल्ड कर भारत को शुरुआती झटका दिया। आयरलैंड के गेंदबाजों ने सधी हुई गेंदबाजी करते हुए भारतीय बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। डेब्यू कर रहे तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा (2/26) ने अपनी टीम को शानदार शुरुआत दिलाई।

भारत के नियमित टी20 कप्तान के रूप में श्रेयस अय्यर की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पहले ही मैच में उनकी कप्तानी के साथ-साथ बल्लेबाजी भी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। अय्यर बड़ा शॉट लगाने की कोशिश में मैट होलार्ड की धीमी गेंद को सही तरीके से नहीं खेल पाए और गेंद हवा में चली गई, जहां जॉर्ज डॉकरेल ने आसान कैच लेकर उनकी पारी का अंत कर दिया।