Kanpur Weather Update: कानपुर समेत पूरे मध्य गंगा क्षेत्र में लोगों को अभी गर्मी और उमस से राहत का इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि, मौसम में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं और आसमान में बादलों की आवाजाही बढ़ी है, लेकिन चिपचिपी गर्मी का असर अब भी बरकरार है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 29 जून से मानसून सक्रिय हो सकता है, जिसके बाद बारिश का दौर शुरू होने और तापमान में गिरावट आने की संभावना है।
कोटक महिंद्रा बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ अशोक वासवानी इस साल के अंत में पद छोड़ देंगे। बैंक ने इस बारे में स्टॉक एक्सचेंज को 27 जून को बताया। उसने कहा कि वह टॉप लीडरशिप में बदलाव की तैयारी कर रहा है, क्योंकि वासवानी ने कनफर्म कर दिया है कि कार्यकाल 31 दिसंबर, 2026 को खत्म होने के बाद वह दोबारा नियुक्ति नहीं चाहेंगे।
बैंक नए एमडी और सीईओ की तलाश करेगा
इस बारे में स्टॉक एक्सचेंजों की दी गई जानकारी में कहा गया है कि कोटक महिंद्रा बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 27 जून को हुई बैठक में वासवानी के फैसले पर विचार हुआ। बोर्ड ने नए एमडी एवं सीईओ की तलाश की औपचारिक प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति जताई। बैंक ने कहा है कि नए एमडी एवं सीईओ की नियुक्ति आरबीआई की तरफ से तय डेडलाइन तक हो जाएगी।
फाइनेंशियल सेक्टर में बदलाव के वक्त किया बैंक का नेतृत्व
वासवानी ने कोटक महिंद्रा बैंक का नेतृत्व ऐसे वक्त किया है , जब भारत का फाइनेंशियल सेक्टर बड़े बदलाव से गुजर रहा था। इस साल के अंत तक उनके पद छोड़ने से उस दौर का अंत हो जाएगा, जिस दौरान बैंक ने बैंकिंग सेक्टर में कॉम्पटिशन का सामना करने के साथ ही रेगुलेटरी स्तर पर बदलावों का सामना किया।
अभी नए एमडी और सीईओ की नियुक्ति के लिए किसी नाम पर चर्चा नहीं
कोटक महिंद्रा बैंक के बोर्ड ने ऐसे किसी उम्मीदवार का नाम नहीं बताया, जिसे नया एमडी एवं सीईओ बनाने के बारे में विचार हुआ हो। उसने कहा कि उसे उम्मीद है कि तय समय पर नया लीडरशिप आएगा ताकि ऑपरेशन और स्ट्रेटेजिक डायरेक्शन में निरंतरता बनी रहे। वासवानी 1 जनवरी, 2024 को उदय कोटक की जगह बैंक के एमडी और सीईओ बने थे।
वासवानी ने तीन दशकों तक सिटीग्रुप में किया है काम
कोटक महिंद्रा बैंक के बॉस की जिम्मेदारी संभालने से पहले वासवानी तीन दशकों तक सिटीग्रुप में थे। वह बार्कलेज में भी काम कर चुके हैं। वह बार्कलेज में ग्लोबल कंज्यूमर, प्राइवेट, कॉर्पोरेट और पेमेंट बिजनेस के सीईओ थे। वह ग्रुप के एग्जिक्यूटिव कमेटी के भी सदस्य थे।
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स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से की है पढ़ाई
उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ बॉम्बे के Sydenham College से इकोनॉमिक्स और अकाउंटेंसी के साथ बैचलर ऑफ कॉमर्स की पढ़ाई की है। वह एक चार्टर्ड अकाउंटेंट और कंपनी सेक्रेटरी हैं। उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस से एग्जिक्यूटिव एजुकेशन पूरा किया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार किसी भी बच्चे की दिव्यांगता के कारण बाधित न हो। समावेशी शिक्षा को विद्यालय स्तर तक प्रभावी बनाने तथा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से प्रदेशभर में शिक्षकों और शिक्षा से जुड़े हितधारकों का व्यापक क्षमता निर्माण अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 तथा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम (आरपीडब्ल्यूडी एक्ट), 2016 के अनुरूप राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) एवं शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में 29 जून से 3 जुलाई 2026 तक बधिरान्धता (सुनने एवं देखने में संयुक्त अक्षमता) विषय पर पांच दिवसीय राष्ट्रीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों, जिला समन्वयकों (समेकित शिक्षा) तथा खंड शिक्षा अधिकारियों को अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित कराने और प्रशिक्षण की जानकारी प्रत्येक विद्यालय तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
समावेशी शिक्षा के लिए मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों, स्पेशल एजुकेटर्स, टीचर एजुकेटर्स, शिक्षक शिक्षा के विद्यार्थियों, केयरगिवर्स तथा अन्य हितधारकों में बधिरान्धता (डेफ ब्लाइंडनेस) के संबंध में वैज्ञानिक समझ और संवेदनशीलता विकसित करना है। प्रशिक्षण के दौरान बधिरान्धता के कारणों, प्रभावी संप्रेषण विधियों, स्पर्श आधारित सांकेतिक संप्रेषण (टैक्टाइल साइनिंग), सहायक प्रौद्योगिकियों, आजीविका एवं आय-सृजन गतिविधियों तथा आवश्यक सहायता एवं समर्थन तंत्रों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही बधिरान्ध बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आत्मनिर्भरता, समावेशी विकास और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने के सम्बन्ध में विस्तार से चर्चा होगी।
प्रदेशभर के शिक्षक और हितधारक होंगे शामिल
प्रशिक्षण में विद्यालयों के सभी शिक्षक, स्पेशल एजुकेटर्स, टीचर एजुकेटर्स, शिक्षक शिक्षा के विद्यार्थी तथा अन्य हितधारक प्रतिभाग कर सकेंगे। प्रशिक्षण प्रतिदिन दोपहर 12:45 बजे से 1:45 बजे तक ऑनलाइन आयोजित होगा। इसका सीधा प्रसारण क्रमशः PM eVidya DTH ISL Channel no.31, NCERT Official YouTube Channel और NCERT Events YouTube Channel पर किया जाएगा। प्रतिभागी केवल इन्हीं अधिकृत प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से लाइव सत्र से जुड़ सकेंगे। प्रशिक्षण हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध रहेगा तथा इसमें भाग लेने के लिए कोई पंजीकरण शुल्क नहीं रखा गया है।
निःशुल्क पंजीकरण और एनसीईआरटी का ई-प्रमाणपत्र
प्रशिक्षण में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागियों के लिए एनसीईआरटी ने निःशुल्क ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की है। प्रशिक्षण के उपरांत आयोजित ऑनलाइन क्विज़ में 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को एनसीईआरटी की ओर से ई-प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। जिला स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे व्हाट्सएप सहित अन्य माध्यमों से प्रशिक्षण और पंजीकरण लिंक की जानकारी सभी विद्यालयों, स्पेशल एजुकेटर्स, टीचर एजुकेटर्स तथा अन्य हितधारकों तक पहुंचाकर अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करें।
समावेशी शिक्षा को मिलेगा नया आधार
प्रदेश में निपुण भारत मिशन, समेकित शिक्षा, बालवाटिका और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। बधिरान्धता विषय पर आयोजित यह राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिक्षकों की क्षमता वृद्धि के साथ विद्यालयों में समावेशी और संवेदनशील शिक्षण वातावरण को मजबूत करेगा। इससे विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को उनकी जरूरतों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आत्मनिर्भरता और समान अवसर उपलब्ध कराने के प्रयासों को नई मजबूती मिलेगी तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के समावेशी शिक्षा संबंधी उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी। Edited by : Sudhir Sharma
Ishq Kameena 2.0: ‘बेबी डू डाई डू’ (Baby Do Die Do) का नया गाना ‘इश्क कमीना’ रिलीज हो गया है। इस गाने में बॉलीवुड के सबसे पसंदीदा डांस ट्रैक में से एक को एक स्टाइलिश और नया रूप दिया गया है। यह डांस नंबर मूल रूप से 2002 में फिल्म ‘शक्ति: द पावर’ में शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय बच्चन पर फिल्माया गया था। अब यह नए विज़ुअल, ज़बरदस्त कोरियोग्राफ़ी और मॉडर्न अंदाज़ के साथ वापस आया है। इस नए ‘इश्क कमीना’ गाने में हुमा कुरैशी और रचित सिंह नजर आ रहे हैं।
X (पहले ट्विटर) पर हुमा कुरैशी ने क्लिप शेयर करते हुए लिखा- “दिल्ली के बच्चों के तौर पर हम 90 के दशक के इन गानों पर नाचते हुए बड़े हुए हैं… यकीन नहीं हो रहा कि मुझे इसे फिर से करने का मौका मिला है… हम आपसे बहुत प्यार करते हैं @iamsrk और ऐश्वर्या मैम #IshqKameena”
इस मशहूर गाने को फिर से बनाने के बारे में बात करते हुए हुमा कुरैशी ने कहा, “जब यह गाना हमारे पास आया, तो हम इसे वापस लाने के लिए बहुत उत्साहित थे। ‘इश्क कमीना’ एक बहुत बड़ा गाना है, लगभग हर कोई कभी न कभी इस पर नाचा है और इसके साथ एक बड़ी ज़िम्मेदारी भी आती है।
हम नर्वस थे, सच में नर्वस थे। लेकिन हम ओरिजिनल गाने की नकल करने की कोशिश नहीं कर रहे थे। हम अपना खुद का अंदाज़ लाना चाहते थे और साथ ही उन सभी चीज़ों का जश्न मनाना चाहते थे, जिन्होंने इसे इतना मशहूर बनाया। और रेमो सर का हमारे लिए इसे कोरियोग्राफ करना, इसने इसे और भी खास बना दिया। मुझे सच में उम्मीद है कि लोगों को यह उतना ही पसंद आएगा जितना हमें इसे बनाने में मज़ा आया।”
रचित सिंह ने आगे कहा, “यह मेरा पहला कमर्शियल प्रोमो हिंदी गाना है, और सच कहूं तो, मुझे हर दिन खुद को यकीन दिलाना पड़ता है कि यह सच में हो रहा है। यह एक बड़ी ज़िम्मेदारी है, उम्मीद है सब अच्छा होगा। लेकिन मैं बहुत खुश हूं कि मुझे हुमा के साथ यह करने का मौका मिला। हमारे बीच की एनर्जी बहुत नैचुरल थी, कभी ऐसा नहीं लगा कि हम काम कर रहे हैं। मुझे लगता है कि यह स्क्रीन पर भी दिखता है।”
इस नए वर्शन की कोरियोग्राफ़ी फ़िल्ममेकर और कोरियोग्राफ़र रेमो डिसूज़ा ने की है। उन्होंने ओरिजिनल गाने की आत्मा को बनाए रखते हुए इसे एक नया, मॉडर्न लुक देने की कोशिश की है। गाने की कोरियोग्राफ़ी के बारे में बात करते हुए रेमो डिसूज़ा ने कहा, “जब साकिब मेरे पास आए और कहा कि वह अपनी फ़िल्म के लिए ‘इश्क़ कमीना’ को फिर से बनाना चाहते हैं, तो हमने बैठकर इस बात पर काम किया कि कैसे वही एहसास भी मिले और ओरिजिनल गाने का मज़ा भी बना रहे। जब आप किसी कल्ट गाने को फिर से बनाते हैं, तो सबसे बड़ी चुनौती पुरानी यादों और नएपन के बीच सही तालमेल बिठाना होती है। हम चाहते थे कि यह वर्शन मॉडर्न लगे, लेकिन साथ ही उस भावना को भी बनाए रखे जिसने ओरिजिनल गाने को इतना यादगार बनाया था। हुमा ने डांस फ़्लोर पर ज़बरदस्त एनर्जी दिखाई, और हमने मिलकर कुछ ऐसा बनाया है जिसे देखकर दर्शकों को बहुत मज़ा आएगा।”
प्रोड्यूसर साकिब सलीम ने कहा कि मशहूर गाने को फिर से बनाना, फिल्म की असली पहचान को बनाए रखते हुए उसे ज़्यादा लोगों तक पहुंचाने का एक तरीका था। प्रोड्यूसर साकिब सलीम ने कहा, ” ‘इश्क कमीना’ गाने को फिर से बनाने का मकसद ‘बेबी डू डाई डू’ को ज़्यादा लोगों तक पहुंचाना था, साथ ही उन लोगों को भी जोड़े रखना था जिनके लिए यह फिल्म बनी है। मुझे बहुत खुशी है कि वीडियो में ये दोनों दुनियाएँ कितनी अच्छी तरह से मिल गई हैं। और हुमा और रचित ने जिस तरह से इसमें जान डाली है, उससे बेहतर की मैं उम्मीद नहीं कर सकता था। कुमार जी, हमारे म्यूज़िक पार्टनर ‘टिप्स’ और रेमो सर का बहुत-बहुत शुक्रिया कि उन्होंने हमारी जैसी इंडिपेंडेंट फिल्म के लिए यह मुमकिन किया।”
‘बेबी डू डाई डू’ के डायरेक्टर नचिकेत सामंत हैं और इसे ‘पुणे 04 फिल्म’ के साथ मिलकर ‘सलीम सिब्लिंग्स’ बैनर के तहत साकिब सलीम ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म में सिकंदर खेर, चंकी पांडे, रचित सिंह, मरुधा शेखावत, विद्या मालवड़े, अरुण कुशवाहा और हिमांशु मलिक भी हैं। यह फिल्म 3 जुलाई, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रिन्यूएबल व ग्रीन एनर्जी आज की आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश ने 20 हजार मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी पैदा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है और जेवर क्षेत्र जल्द ही भारत का सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा। इससे चीन आदि देशों पर निर्भरता कम होगी। पीएम सूर्यघर योजना से प्रदेश के 6 लाख परिवारों का बिजली बिल 60 प्रतिशत तक घटा है, यह यूपी में बढ़ती सौर ऊर्जा शक्ति का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री शनिवार को गौतम बुद्ध नगर के जेवर क्षेत्र में 8200 करोड़ रुपये के निवेश से एसएईएल के इंटीग्रेटेड सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश बनाने में एसएईएल की बड़ी भूमिका होगी। मुझे विश्वास है कि हम जल्द ही यूपी को सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने का काम करेंगे। पीएम मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में पिछले 12 वर्ष में भारत ने दुनिया में एक नई सशक्त पहचान बनाई है। लोग सबसे तेज अर्थवस्थवस्था के रूप में भारत को बढ़ता देख रहे हैं। हमारा लक्ष्य अगले दो-तीन वर्षों में यूपी में 20 हजार मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी पैदा करना है।
6 लाख परिवारों को बिजली बिल 60 प्रतिशत तक कम
सीएम ने कहा कि मोदी जी ने दुनिया के देशों को प्रदूषण मुक्त वातावरण देने के लिए प्रेरित किया। रिन्यूएबल व ग्रीन एनर्जी के लिए आक्रामक रणनीति अपनाई। उसी का परिणाम है कि यूपी जैसे राज्य में 6 लाख से अधिक परिवार पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगाकर ऊर्जा की आत्मनिर्भरता प्राप्त कर रहे है। इनके बिजली बिलों में भी लगभग 50-60 प्रतिशत की कमी आई है। आज यूपी 2 हजार मेगावाट से अधिक बिजली सोलर पैनल से उत्पन्न कर रहा है।
20 हजार मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी योजना अगले दो-तीन वर्षों के अंदर यूपी में 20 हजार मेगावाट तक रिन्यूएबल एनर्जी का लक्ष्य प्राप्त करना है। फिलहाल हम 6 हजार मेगावाट तक रिन्यूएबल एनर्जी से प्राप्त कर रहे हैं। ग्रीन एनर्जी का स्रोत सोलर के अलावा पराली भी है। किसान पराली को जलाकर प्रदूषण न करें, बल्कि उसे सीबीजी प्लांट तक पहुंचा दें तो वहां इससे सीएनजी, कंप्रेस्ड बायोगैस और इथेनॉल बन सकता है। किसानों को अतिरिक्त आय भी होगी।
देश का 55 प्रतिशत एथेनॉल उत्पादन यूपी में
सीएम ने कहा कि एथेनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी लागू होने के बाद यूपी सबसे ज्यादा एथेनॉल उत्पादन वाले राज्य के रूप में स्थापित हुआ है। इसने हमारी शुगर इंडस्ट्री को आत्मनिर्भर बना दिया है। करीब एक दशक पहले हताशा-निराशा से जूझ रहे किसानों को हमने पिछले 9 वर्ष के अंदर 3.22 लाख करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया। हम गन्ने से चीनी व एथेनॉल भी बना रहे हैं। देश का लगभग 55 फीसदी एथेनॉल उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश कर रहा है। सबसे ज्यादा सीबीजी प्लांट यूपी में लगे हैं। हमारा लक्ष्य अगले एक वर्ष में 100 सीबीजी प्लांट स्थापित करना है।
भारत की निर्यात क्षमता बढ़ाएगा सोलर प्लांट
सीएम योगी ने कहा कि एसएईएल ने नई तकनीक के साथ सोलर मैन्युफैक्चरिंग कार्यक्रम को आगे बढ़ाया है। इस प्लांट से 5 गीगावाट सोलर सेल और 5 गीगावाट सोलर मॉड्यूल निर्माण क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है। यह सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में भारत की निर्यात क्षमता को बढ़ाने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगा। अभी तक जिन कार्यों के लिए हमें चीन या दुनिया के अन्य देशों पर निर्भर रहना पड़ता था, अब वह टेक्नोलॉजी इसी जेवर में तैयार होगी। इसके माध्यम से हजारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार का सृजन भी होने वाला है। एमएसएमई, लॉजिस्टिक और सहायक उद्योगों के साथ-साथ इंजीनियरों व टेक्नीशियनों को भी एक नए फील्ड में कार्य करने के अवसर प्राप्त होंगे। उत्तर प्रदेश के युवाओं को ग्रीन इकोनॉमी का नेतृत्व करने का भी अवसर इसके माध्यम से प्राप्त होने वाला है।
भारत का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक हब
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हम इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग की नई यूनिट का शिलान्यास करके आए हैं, जिसे भारत का अंबर ग्रुप व कोरिया सर्किट मिलकर आगे बढ़ा रहे हैं। यहां फिल्म सिटी व अपैरल सिटी भी बन रही है। विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय भी आ रहे हैं। टॉय पार्क भी बनने जा रहा है। भारत के सबसे बड़े लॉजिस्टिक हब के रूप में यह क्षेत्र विकसित होने जा रहा है। हमें पीएम मोदी जी के विजन को पूरे प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाना है।
इस अवसर पर वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह, एसएईएल के डायरेक्टर सुखबीर सिंह, एसएईएल के सीईओ एवं कार्यकारी निदेशक लक्षित आवला, एसएईएल के फाउंडर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर जसवीर सिंह और यीडा समेत अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी व अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
20 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार
जेवर। एसएईएल कंपनी के मुताबिक इस परियोजना से 20 हजार प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इससे औद्योगिक गतिविधियों, सहायक उद्योगों और बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। निर्माण पूरा होने पर यहां अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए उच्च दक्षता वाले सोलर सेल और टॉपकॉन सोलर मॉड्यूल्स का निर्माण किया जाएगा, जिससे भारत में तेजी से बढ़ती अक्षय ऊर्जा क्षेत्र की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।
20 हजार करोड़ रुपये तक निवेश बढाएगी कंपनी
एसएईएल के सह-संस्थापक एवं निदेशक सुखबीर सिंह ने कहा कि कंपनी 8,200 करोड़ रुपये के प्रारंभिक निवेश से 5 गीगावाट सोलर सेल और 5 गीगावाट सोलर मॉड्यूल निर्माण सुविधा स्थापित कर रही है। यह केवल बुनियादी ढांचे में निवेश नहीं है, बल्कि भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण निवेश है। राज्य वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कंपनी 2029-30 तक अपना निवेश बढ़ाकर 20 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचाएगी। Edited by : Sudhir Sharma
दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अगले कुछ दिनों में मानसून के उत्तर और मध्य भारत के कई अन्य हिस्सों तक पहुंचने के लिए मौसम पूरी तरह अनुकूल बना हुआ है। इसके बावजूद दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोग अब भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, जो आमतौर पर जून के आखिर में देखने को मिलती है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब मानसून पहुंच चुका है, तो फिर बारिश क्यों नहीं हो रही?
दरअसल, मानसून का किसी क्षेत्र में पहुंचना और वहां लगातार बारिश होना, दोनों अलग-अलग बातें हैं। अच्छी बारिश तभी होती है, जब बारिश कराने वाली मौसम प्रणालियां पूरी तरह सक्रिय हो जाती हैं। फिलहाल यही सिस्टम कई इलाकों में पूरी तरह सक्रिय नहीं हुए हैं, इसलिए मानसून आने के बावजूद व्यापक बारिश नहीं हो रही है।
मानसून के किसी इलाके में पहुंचने का मतलब यह नहीं है कि वहां तुरंत तेज बारिश शुरू हो जाएगी। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार कई मौसम संबंधी कारणों पर निर्भर करती है। इनमें हवा की दिशा, वातावरण में नमी और बड़े इलाके में लगातार बारिश जैसी स्थितियां शामिल होती हैं। इसलिए यह जरूरी नहीं है कि किसी राज्य के हर जिले में एक साथ बारिश हो। कई बार मानसून राज्य में पहुंच जाता है, लेकिन कई शहरों में कुछ दिनों तक गर्मी, उमस और सूखा मौसम बना रहता है।
हाल ही में जारी INSAT-3DS उपग्रह की तस्वीरों में भी यही स्थिति दिखाई दी है। मध्य भारत, बंगाल की खाड़ी, पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में घने बादल नजर आ रहे हैं। वहीं दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश इलाकों में अभी भी आसमान काफी हद तक साफ दिखाई दे रहा है।
उत्तर भारत में अभी तक अच्छी बारिश क्यों नहीं हो रही?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में व्यापक बारिश नहीं होने की सबसे बड़ी वजह बंगाल की खाड़ी के ऊपर मजबूत कम दबाव का क्षेत्र (लो-प्रेशर सिस्टम) नहीं बनना है। यही सिस्टम मानसून को मजबूत करता है और समुद्र से नमी लेकर देश के अंदरूनी इलाकों तक पहुंचाता है। इसके कारण मध्य और उत्तर भारत में अच्छी बारिश होती है।
जब ऐसा सिस्टम सक्रिय नहीं होता, तो नमी वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाएं भी कमजोर पड़ जाती हैं। ऐसे में लगातार बारिश होने की बजाय केवल कुछ जगहों पर आंधी, गरज-चमक और हल्की या छिटपुट बारिश होती है। यानी, मानसून उत्तर भारत तक पहुंच चुका है, लेकिन अच्छी और व्यापक बारिश के लिए जरूरी मौसम प्रणाली अभी पूरी तरह सक्रिय नहीं हुई है। इसी वजह से कई इलाकों में लोग अब भी तेज बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
जुलाई में फिर जोर पकड़ सकता है मानसून
मौसम के अनुमान बताते हैं कि जुलाई की शुरुआत में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा सूखा मौसम ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाला है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि भूमध्य रेखा के उत्तर में पूर्वी हिंद महासागर के ऊपर एक बड़ा मौसम तंत्र विकसित हो रहा है। उम्मीद है कि यह अगले 4 से 7 दिनों में बंगाल की खाड़ी तक पहुंच जाएगा। इसके बाद मानसून को मजबूती मिलेगी और बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का नया क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे देश के कई हिस्सों में बारिश बढ़ सकती है।
इसके अलावा, मौसम वैज्ञानिक पश्चिमी भारत के ऊपर बनने वाले एक विशेष मौसम तंत्र पर भी नजर बनाए हुए हैं। यदि यह सक्रिय होता है, तो महाराष्ट्र, गुजरात और आसपास के राज्यों में अच्छी और तेज बारिश देखने को मिल सकती है।
Yogini Ekadashi 2026 Date: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण तिथि माना जाता है। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है और इस दिन सच्च मन से श्री हरि की पूजा करने पर साधक को जीवन के कष्टों से छुटकारा मिलता है और सुख-समृद्धि आती है। हर हिंदू माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को भगवान विष्णु को समर्पित व्रत किया जाता है। इस तरह पूरे साल में 24 एकादशी तिथियां आती हैं। हर एकादशी तिथि का अपना महत्व और स्थान होता है।
योगिनी एकादशी 2026 तारीख
पंचांग के अनुसार, इस साल आषाढ़ कृष्ण एकादशी तिथि का प्रारंभ 10 जुलाई शुक्रवार को सुबह 8 बजकर 16 मिनट पर हो रहा है। यह 11 जुलाई शनिवार को प्रात: 5 बजकर 22 मिनट तक मान्य रहेगी।
दो दिन होगा योगिनी एकादशी व्रत
11 जुलाई को हरि वासर सुबह 10 बजकर 32 मिनट पर खत्म हो रहा है, इस वजह से योगिनी एकादशी का व्रत दो दिन रखा जाएगा। 10 जुलाई को गृहस्थ लोग योगिनी एकादशी का व्रत रहेंगे, वहीं 11 जुलाई को वैष्णव संप्रदाय के लोग यह व्रत रखेंगे।
योगिनी एकादशी 2026 मुहूर्त
10 जुलाई को योगिनी एकादशी की पूजा सुबह 08:16 बजे से 10 बजकर 42 मिनट तक कर सकते हैं। उस दिन लाभ-उन्नति मुहूर्त 07:15 ए एम से 08:59 ए एम तक है, वहीं अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त 08:59 ए एम से 10:42 ए एम तक रहेगा। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त 04:10 ए एम से 04:50 ए एम है, वहीं अभिजीत मुहूर्त 11:59 ए एम से दोपहर 12:54 पी एम तक है।
योगिनी एकादशी 2026 शुभ योग
योगिनी एकादशी व्रत पर 10 जुलाई धृति योग सुबह 07:15 ए एम तक है, उसके बाद शूल योग है, जो 11 जुलाई को 03:51 ए एम तक रहेगा। फिर गण्ड योग बनेगा। व्रत के दिन भरणी नक्षत्र दोपहर 01:15 पी एम तक है, उसके बाद से कृत्तिका नक्षत्र है।
योगिनी एकादशी पर रहेगा भद्रा का साया
10 जुलाई को भद्रा काल प्रात:काल में 05:31 बजे से प्रारंभ होगा और सुबह 08:16 ए एम तक रहेगी। यह भद्रा 2 घंटे से अधिक समय तक है, लेकिन इसका वास स्वर्ग में है, ऐसे में इसका कोई अशुभ प्रभाव धरती पर नहीं होगा।
योगिनी एकादशी 2026 पारण समय
यदि आप 10 जुलाई को योगिनी एकादशी व्रत रखते हैं, तो व्रत का पारण 11 जुलाई को दोपहर 01:50 पी एम से शाम 04:36 पी एम के बीच कर सकते हैं। वहीं जो लोग 11 जुलाई को यह व्रत रखेंगे, वे पारण 12 जुलाई को प्रात: 05:32 ए एम से लेकर सुबह 08:18 ए एम के बीच कर सकते हैं।

MP High Court News: क्या पत्नी द्वारा पति को यह कहना कि 'तुम्हारे जैसे 1000 पति रख सकती हूं… ', एक ऐसा उकसावा है जो किसी को आपा खोने पर मजबूर कर दे? मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक बेहद संवेदनशील और अनोखे मामले में इसे 'गंभीर और अचानक उकसावा' मानते हुए पत्नी की हत्या के आरोपी पति की उम्रकैद की सजा को घटाकर सिर्फ 7 साल कर दिया है। कोर्ट ने माना कि यह टिप्पणी किसी भी पति के आत्मसम्मान और अस्तित्व को झकझोरने के लिए काफी है।
रिश्तों में कड़वाहट जब जुबान के जरिए जहर बनकर निकलती है, तो अंजाम कितना खौफनाक हो सकता है, इसकी बानगी मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में देखने को मिली। लेकिन इस मामले पर अब देश की न्यायपालिका ने एक ऐसी नजीर पेश की है, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस सिंह की डिवीजन बेंच ने माना है कि पत्नी द्वारा पति की अहमियत को शून्य बताने वाला ताना एक 'गंभीर उकसावा' था, जिसके कारण पति ने नियंत्रण खो दिया।
खर्रा घाट की वो खौफनाक रात
मामला छिंदवाड़ा जिले के चौरई का है। 18-19 जुलाई की दरमियानी रात कुलबहेरी नदी के खर्रा घाट के पास शिवा और उसकी पत्नी किरण के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हो रही थी। बहस के दौरान किरण ने शिवा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि तुम्हारे जैसे 1000 पति रख सकती हूं। यह बात शिवा के दिल पर तीर की तरह लगी। गुस्से में आकर उसने पास पड़ा एक पत्थर किरण पर दे मारा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, बाद में शिवा को अपनी गलती का अहसास हुआ और उसने भागने के बजाय खुद फोन करके पुलिस और अपनी पत्नी के मायके वालों को इस खौफनाक वारदात की जानकारी दी।
यह पति के अस्तित्व पर चोट है
ट्रायल कोर्ट ने पहले शिवा को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी, लेकिन जब मामला हाई कोर्ट पहुंचा, तो माननीय जजों ने इस मामले को एक अलग नजरिए से देखा। हाई कोर्ट की बेंच ने बेहद तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणी साफ दिखाती है कि पत्नी की नजर में पति की कोई वैल्यू नहीं है। यह न सिर्फ एक पति के लिए, बल्कि उसके इंसानी अस्तित्व के लिए भी सीधा खतरा है। ऐसी टिप्पणी सुनकर कोई भी आपा खो सकता है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला
हाई कोर्ट ने आरोपी शिवा की सजा को उम्रकैद से घटाकर 7 साल के सश्रम कारावास में तब्दील कर दिया। कोर्ट ने अपने फैसले के पीछे ठोस दलीलें दीं। कोर्ट ने माना कि शिवा अपनी पत्नी की हत्या की योजना बनाकर नहीं गया था। वहां जो कुछ भी हुआ, वह अचानक हुए झगड़े और उकसावे का नतीजा था।
कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि अगर शिवा का इरादा वाकई हत्या का होता, तो वह वारदात के बाद भाग जाता। लेकिन उसने खुद पुलिस और रिश्तेदारों को फोन किया, जो उसकी मनोदशा को दर्शाता है। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि यह साबित नहीं होता कि आरोपी ने बार-बार पत्थरों से हमला किया। कुछ चोटें जमीन पर गिरने की वजह से भी हो सकती हैं।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में गिरफ्तार सिया गोयल और चेतन चौधरी पुलिस हिरासत में हैं। जांच के दौरान सामने आई जानकारी के मुताबिक, दोनों आरोपियों के व्यवहार ने पुलिस को भी हैरान कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, हिरासत में सिया के चेहरे पर घटना को लेकर किसी तरह का पछतावा या घबराहट नहीं दिखी। पूछताछ के दौरान उसका व्यवहार सामान्य बताया गया। वहीं, सबसे ज्यादा चर्चा उसकी उस कथित मांग की हो रही है, जिसमें उसने पुलिस से बीयर और शराब उपलब्ध कराने की बात कही।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने उसकी यह मांग तुरंत खारिज कर दी और स्पष्ट कर दिया कि ऐसी कोई अनुमति नहीं दी जा सकती। इसके बाद सिया शांत हो गई। फिलहाल सिया और चेतन को अलग-अलग लॉकअप में रखा गया है और पुलिस दोनों से लगातार पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां अब इस हत्याकांड से जुड़े हर पहलू की पड़ताल कर रही हैं, ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।
चेतन और सिया एक-दूसरे पर लगा रहे आरोप : इस बीच, केतन को रास्ते से हटाने के लिए कथित तौर पर साथ आए सिया और चेतन अब एक-दूसरे पर ही आरोप लगा रहे हैं। पुलिस पूछताछ में दोनों अपने-अपने बचाव में अलग-अलग दावे कर रहे हैं और हत्या की जिम्मेदारी दूसरे पर डालने की कोशिश कर रहे हैं। चेतन का दावा है कि वह सिया के साथ भाग जाना चाहता था, लेकिन सिया परिवार की बदनामी के डर से इसके लिए तैयार नहीं हुई। उसने कथित तौर पर केतन को रास्ते से हटाने की बात कही। वहीं दूसरी ओर, सिया ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि केतन की हत्या का विचार और पूरी योजना चेतन की थी।
Edited By: Naveen R Rangiyal
पुणे के 25 वर्षीय बिजनेसमैन केतन अग्रवाल के हत्या के जांच के मामले में हर दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। केतन अग्रवाल हत्या की जांच में एक नया खुलासा हुआ है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, केतन की शादी सिया गोयल से इसलिए तय की गई थी क्योंकि उसके परिवार को सिया और सह-आरोपी चेतन चौधरी के रिश्ते की जानकारी मिल गई थी। परिवार को यह भी लगा कि दोनों के परिवारों की आर्थिक स्थिति में काफी बड़ा अंतर है, जिसके चलते उन्होंने जल्द शादी कराने का फैसला लिया।
पुलिस कर रही मामले की जांच
TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच अधिकारियों का मानना है कि इस रिश्ते का पता चलने के बाद परिवार ने सिया की शादी केतन अग्रवाल से कराने का फैसला लिया। उनका मानना था कि केतन शादी के लिए सही है। पुणे रुलर पुलिस के अनुसार, जनवरी में आयोजित एक सामुदायिक क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान सिया गोयल और चेतन चौधरी की बढ़ती नजदीकियों की जानकारी उसके परिवार को मिली थी। इसके बाद परिवार ने इस रिश्ते को लेकर गंभीरता से विचार करना शुरू किया।
सिया के भाई से भी की पूछताछ
जांच के सिलसिले में पुलिस ने शुक्रवार को पुणे ग्रामीण पुलिस मुख्यालय में सिया गोयल के भाई साहिल गोयल से पूछताछ की। अधिकारियों ने मामले से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब जानने की कोशिश की। पुलिस ये पता लगाने में जुटी है कि क्या साहिल को सिया और चेतन चौधरी के रिश्ते की जानकारी थी। साथ ही ये भी जांच की जा रही है कि क्या उसने इस बारे में परिवार के अन्य लोगों को बताया था।
शादी नहीं करना चाहती थी सिया
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान सिया ने बताया कि वह अपने होने वाले पति केतन अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी। कथित तौर पर उसने कहा कि केतन के विग पहनने की वजह से वह उनसे सहज महसूस नहीं करती थी। जब अधिकारियों ने पूछा कि उसने यह बात अपने परिवार को पहले क्यों नहीं बताई, तो उसका जवाब था कि वह अपने परिवार को दुखी नहीं करना चाहती थी।
पुलिस का दावा किया कि पूछताछ के दौरान सिया ने जांच अधिकारियों को बताया कि उसे लगा था कि केतन को लोहागढ़ किले की खाई में धक्का देकर रास्ते से हटाना, परिवार के सामने शादी से इनकार करने और उनके सवालों का सामना करने से ज्यादा आसान होगा।
केतन के पिता ने क्या कहा
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल ने पुलिस के दावे को गलत बताया। उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने सिर्फ बालों का एक छोटा सा हेयर पैच लगाया था और इस बात की जानकारी सगाई से पहले ही सिया और उसके परिवार को दे दी गई थी। उनका कहना है कि इस तथ्य को छिपाया नहीं गया था। विशाल अग्रवाल ने रिपोर्टरों से कहा, “विग पहनना मेरे बेटे को मारने का कारण नहीं हो सकता।”
रिश्ता लाने वाले से की पुछताछ
वहीं, मामले की जांच के तहत पुलिस ने दोनों परिवारों का रिश्ता तय कराने वाले नरेंद्र मित्तल से भी पूछताछ की। जांच के दौरान पुलिस उनसे शादी तय होने और दोनों परिवारों के बीच हुई बातचीत से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। CNN-News18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नरेंद्र मित्तल केतन के पिता विशाल अग्रवाल के मामा हैं, जबकि सिया गोयल उनकी साली पूजा गोयल की बेटी हैं। पुलिस इस पूरे मामले में उनकी भूमिका और उनसे जुड़ी जानकारी की भी जांच कर रही है। पूछताछ के दौरान, मित्तल ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उनका काम दोनों परिवारों को शादी का प्रपोजल देने तक ही सीमित था और शादी करवाने के अलावा उनका कोई हाथ नहीं था।

