Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच 8 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में’गैप-डाउन’ओपनिंग होने की संभावना है। GIFT निफ्टी भी सुस्त शुरुआत का संकेत दे रहा है। शुरुआती कारोबार में यह इंडेक्स 24,251.50 के आसपास ट्रेड कर रहा था,जो घरेलू बाजार के लिए निगेटिव शुरुआत का संकेत है।यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

7 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे ट्रेडिंग सेशन में बेंचमार्क इंडेक्स अपनी शुरुआती बढ़त को बनाए नहीं रख पाए और लगातार चार सेशन से चली आ रही तेजी का सिलसिला टूट गया। कारोबार के अंत में ये मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों के बीच कल बाजार मजबूत शुरुआत के साथ खुला और सेशन के पहले हिस्से में बढ़त बनाए रखी। हालांकि,सेशन के दूसरे हिस्से में प्रॉफिट बुकिंग के कारण दिन भर की सारी बढ़त खत्म हो गई और बाजार बंद होने तक बेंचमार्क इंडेक्स नेगेटिव दायरे में आ गए। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 104.35 अंक या 0.13 प्रतिशत गिरकर 78,180.72 पर और निफ्टी 31.65 अंक या 0.13 प्रतिशत गिरकर 24,398.70 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी लगभग 24,251.50 के निचले स्तर पर ट्रेड कर रहा था,जो घरेलू इक्विटी बाजार में कमजोर शुरुआत का संकेत है।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजार मिले-जुले रुख के साथ कारोबार कर रहे हैं। जापान के निक्केई में 0.43 फीसदी की कमजोरी देखने को मिल रही है। वहीं,स्ट्रेट टाइम्स 0.65 फीसदी की तेजी दिखा रहा है। हैंगसेंग भी 1.44 फीसदी की बढ़त दिखा रहा है। ताइवान के बाजार में 0.35 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है। कोस्पी 2 फीसदी नीचे दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.09 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है।

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अमेरिकी बाजार

मंगलवार को वॉल स्ट्रीट की AI के दम पर आई तेजी के बने रहने को लेकर बढ़ते शक के कारण माइक्रोन टेक्नोलॉजी और दूसरी चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई,जिससे नैस्डैक में भारी गिरावट दर्ज की गई। S&P 500 में 0.45% की गिरावट आई और यह 7,503.85 अंक पर बंद हुआ। नैस्डैक 1.16% गिरकर 25,818.69 अंक पर आ गया,जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.25% गिरकर 52,925.15 अंक पर बंद हुआ। गिरावट से पहले,डॉव ने सेशन के दौरान कुछ समय के लिए रिकॉर्ड ऊंचाई भी छुई थी।

डॉलर इंडेक्स

बुधवार को एशिया में ट्रेडिंग की शुरुआत में डॉलर अधिकांश दूसरी करेंसी के मुकाबले इस हफ्ते के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर बना रहा। अमेरिका ने ईरान पर फिर से हमले किए,जिससे जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ गया और तेल की कीमतें ऊपर चली गईं हैं। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 101.13 के स्तर पर नजर आ रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड में बहुत कम बदलाव हुआ है। ये क्रमशः 4.55% और 4.18% पर हैं।

एशियन करेंसी

US डॉलर के मुकाबले ज्यादातर एशियाई करेंसी कमजोर हुईं हैं। डॉलर की नई मांग का असर क्षेत्र की दूसरी करेंसी पर पड़ा हैं। मलेशियन रिंगित सबसे कमजोर दिख रही है और इसमें 0.27 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके बाद फिलीपीन पेसो,जापानी येन और थाई बहत का नंबर है। वहीं,इंडोनेशियाई रुपिया ने डॉलर के मुकाबले 0.08 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है।

कच्चे तेल में तेजी

अमेरिका द्वारा ईरान में नए हवाई हमले करने और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों के बाद ईरान को वैश्विक स्तर पर तेल बेचने की अनुमति देने वाली छूट को रद्द करने के बाद,ब्रेंट क्रूड 2% बढ़कर $76 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है।

गोल्ड

सोने की कीमतों में गिरावट बनी हुई है। ईरान पर अमेरिका के नए हवाई हमलों ने उस अंतरिम समझौते को खतरे में डाल दिया है जिसका मकसद युद्ध खत्म करना था। इस युद्ध ने महंगाई बढ़ाई है और ब्याज दरें बढ़ने की संभावना पैदा की है। कोमेक्स पर गोल्ड में 0.08 फीसदी की मामूली तेजी आई है। वहीं,चांदी में 0.16 फीसदी की हल्की बढ़त है।

विदेशी और घरेलू निवेश के आंकड़ों पर एक नजर

7 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और 393 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इसके उलट,घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) नेट सेलर बन गए और उन्होंने 383 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

Apple के शौकीनों को बड़ा झटका! मैकबुक समेत इन प्रोडक्ट्स के बढ़े दाम, कंपनी ने AI को बताया वजह

अमेरिकी टेक्नोलॉजी दिग्गज Apple ने भारत में अपने कई प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ा दी हैं। इनमें Mac डेस्कटॉप, MacBook, Apple TV और HomePod समेत कई डिवाइस शामिल हैं। Apple का कहना है कि AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की वजह से मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की कीमतें दुनिया भर में तेजी से बढ़ी हैं। अब कंपनी बढ़ी लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों से वसूल रही है।

Mac Mini की कीमत में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी

  • सबसे बड़ी बढ़ोतरी Mac Mini M4 (256GB) की कीमत में हुई है। इसकी कीमत ₹59,900 से बढ़कर ₹82,900 हो गई है, यानी करीब 38% का इजाफा।
  • इसके अलावा Mac Mini M4 Pro अब ₹1,99,900 में मिलेगा। पहले इसकी कीमत ₹1,49,900 थी।
  • वहीं MacBook Air M5 की कीमत में ₹29,000 की बढ़ोतरी हुई है। अब यह ₹1,49,900 में मिलेगा।

Apple TV और HomePod भी हुए महंगे

  • Apple ने अपने स्मार्ट होम डिवाइस भी महंगे कर दिए हैं।
  • Apple TV 4K (64GB) की कीमत ₹14,900 से बढ़कर ₹25,900 हो गई है।
  • Apple TV 4K (128GB) अब ₹31,900 का हो गया है। पहले इसकी कीमत ₹16,900 थी।
  • HomePod की कीमत ₹32,900 से बढ़कर ₹44,900 हो गई है।
  • HomePod Mini अब ₹15,900 में मिलेगा, जबकि पहले इसकी कीमत ₹10,900 थी।
  • हाल ही में लॉन्च हुआ MacBook Neo भी ₹69,900 से बढ़कर ₹79,900 का हो गया है।

आखिर कीमतें बढ़ाने की नौबत क्यों आई?

Apple का कहना है कि इस समय पूरी कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री एक बड़ी चुनौती का सामना कर रही है। दरअसल, दुनिया भर में AI डेटा सेंटर तेजी से बन रहे हैं। इन डेटा सेंटरों को बड़ी मात्रा में मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की जरूरत पड़ती है। मांग इतनी तेज हो गई है कि इन चिप्स की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई हैं।

कंपनी का कहना है कि उसने अब तक बढ़ी लागत का बोझ ग्राहकों पर नहीं डाला था। लेकिन अब हालात ऐसे हो गए हैं कि कुछ प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ाना जरूरी हो गया है। Apple ने अपने बयान में कहा, ‘हमें पता है कि यह ग्राहकों के लिए अच्छी खबर नहीं है। लेकिन हम लगातार ऐसे तरीके खोजने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे कीमतों पर दबाव कम किया जा सके।’

Tim Cook पहले ही दे चुके थे संकेत

Apple के निवर्तमान CEO टिम कुक ने हाल ही में The Wall Street Journal को दिए इंटरव्यू में कहा था कि मेमोरी चिप्स की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण प्रोडक्ट्स महंगे होना अब लगभग तय है।

उन्होंने कहा था कि Apple अब तक बढ़ी लागत का बोझ खुद उठा रही थी। लेकिन कंपोनेंट्स की कीमतों में जिस रफ्तार से बढ़ोतरी हुई है, उसके बाद ऐसा लंबे समय तक करना मुमकिन नहीं है।

AI की वजह से क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि मेमोरी चिप बनाने वाली कंपनियां अब अपने प्रोडक्शन का बड़ा हिस्सा AI डेटा सेंटरों के लिए दे रही हैं। इसकी वजह से लैपटॉप, स्मार्टफोन और दूसरे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स के लिए चिप्स की सप्लाई कम हो गई है।

जब सप्लाई घटती है और मांग बढ़ती है तो कीमतें भी बढ़ने लगती हैं। यही वजह है कि पूरी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री पर लागत का दबाव बढ़ गया है। Deutsche Bank ने इसे ग्राहकों पर पड़ने वाला संभावित ‘मेमोरी इन्फ्लेशन टैक्स’ बताया है। यानी AI की बढ़ती मांग का खर्च आखिरकार ग्राहकों की जेब पर पड़ सकता है।

मेमोरी कंपनियां रिकॉर्ड कमाई कर रही हैं

मेमोरी चिप बनाने वाली कंपनी Micron ने हाल ही में 86% ग्रॉस मार्जिन दर्ज किया है। एक साल पहले यह सिर्फ 15% था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि मेमोरी चिप्स की कीमतों में कितनी बड़ी तेजी आई है।

वहीं Morgan Stanley ने अपनी ‘Chipflation’ रिपोर्ट में कहा है कि सेमीकंडक्टर की बढ़ती लागत का असर आने वाले समय में लगभग सभी इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स की कीमतों पर दिखाई देगा।

क्या iPhone भी महंगा हो सकता है?

फिलहाल Apple ने भारत या दूसरे देशों में iPhone की कीमत बढ़ाने का ऐलान नहीं किया है।

हालांकि, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर DRAM और NAND मेमोरी की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं और AI डेटा सेंटरों की मांग ऊंची बनी रही, तो आने वाले समय में iPhone की कीमतें बढ़ने की भी पूरी संभावना है। ऐसे में स्मार्टफोन खरीदने वाले ग्राहकों को भी जल्द महंगे iPhone का सामना करना पड़ सकता है।

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Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT Nifty में बढ़त को देखते हुए,भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स 25 जून को बढ़त के साथ शुरुआत करने के लिए तैयार नजर आ रहे हैं। शुरुआती कारोबार में GIFT Nifty 24,081.50 के आसपास ट्रेड कर रहा था। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

24 जून को भारतीय इक्विटी इंडेक्स में अच्छी रिकवरी देखने को मिली। IT,रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में जोरदार खरीदारी के दम पर निफ्टी ने 24,000 का स्तर फिर से हासिल कर लिया। मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के संकेतों के बाद तेल सप्लाई में रुकावट की चिंताएं कम हुईं,जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 790.54 अंक या 1.04 प्रतिशत बढ़कर 76,991.22 पर और निफ्टी 197.55 अंक या 0.83 प्रतिशत बढ़कर 24,021.65 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07.40 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 87 अंक यानी 0.36 फीसदी की बढ़त के साथ 24,108.50 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 3.55 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। वहीं,स्ट्रेट टाइम्स 0.15 फीसदी की तेजी दिखा रहा है। हैंगसेंग 1.43 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान के बाजार में 1.13 फीसदी की बढ़त है। कोस्पी 4.62 फीसदी ऊपर दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.14 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

बुधवार को नैस्डैक और S&P 500 गिरावट के साथ बंद हुए। इसकी वजह टेक शेयरों में आई गिरावट थी। हालांकि,कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से एयरलाइंस और ट्रैवल से जुड़े शेयरों को फायदा हुआ और डाओ जोन्स बढ़त के साथ बंद हुआ। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 182.06 अंक या 0.35% बढ़कर 51,848.90 पर पहुंच गया,जबकि S&P 500 में 7.24 अंक या 0.10% की गिरावट आई और यह 7,358.22 पर बंद हुआ। वहीं,नैस्डैक कम्पोजिट 110.40 अंक या 0.43% गिरकर 25,476.64 पर बंद हुआ।

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डॉलर इंडेक्स

गुरुवार को डॉलर तेजी से ऊपर चढ़ते हुए चार्ट रेजिस्टेंस के स्तर को पार कर गया। यह लगभग एक साल की अपनी सबसे बड़ी मासिक बढ़त की ओर बढ़ रहा है। ट्रेडर्स को उम्मीद है कि मज़बूत अमेरिकी अर्थव्यवस्था शॉर्ट-टर्म ब्याज दरों को सहारा देगी,साथ ही वे महंगाई के अहम आंकड़ों का भी इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 101.58 के स्तर पर नजर आ रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड एक बेसिस पॉइंट बढ़कर 4.40% हो गई है। जबकि 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड मामूली रूप से बढ़कर 4.14% हो गई है।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसीज में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। इंडोनेशियाई रुपया सबसे ज्यादा कमजोर दिख रहा है। इसमें 0.52 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके बाद दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.32 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। चीनी रेनमिनबी पर भी दबाव बना हुआ है और इसमें 0.27 प्रतिशत की गिरावट आई है। जबकि ताइवान डॉलर 0.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है।

उधर मलेशियाई रिंगित 0.27 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे कारोबार कर रहा है। इसके बाद फिलीपीन पेसो का नंबर है, जिसमें 0.12 प्रतिशत की मजबूती आई है। थाई बाहत में 0.07 प्रतिशत की बढ़त हुई है। जबकि, जापानी येन और सिंगापुर डॉलर में 0.03 प्रतिशत और 0.02 प्रतिशत की मामूली बढ़त है।

कच्चे तेल में नरमी

गुरुवार को तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है और यह युद्ध से पहले के स्तर के करीब पहुच गया है। ईरान के साथ US इज़राइल युद्ध को खत्म करने के शुरुआती समझौते के बाद,फंसे हुए टैंकर होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से बाहर निकल गए हैं,जिससे तेल की सप्लाई से जुड़ी चिंताएं कम हुईं है,इसका असर तेल कीमतों पर देखने को मिल रहा है। WTI क्रूड में 0.91 फीसदी की और ब्रेंट क्रूड में 1.03 फीसदी की गिरावट आई है।

गोल्ड

गुरुवार को सोने की कीमतों में और गिरावट आई है और ये सात महीने से ज्यादा के निचले स्तर के आस-पास ही बना हुआ है। कोमेक्स पर गोल्ड में 0.38 फीसदी की गिरावट दिख रही है। वहीं,चांदी 0.39 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है।

विदेशी और घरेलू निवेश के आंकड़ों पर एक नजर

24 जून को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹1,843 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹3,637 करोड़ के शेयर खरीदे,जिससे घरेलू बाजार को सहारा मिला।

यूएस फ्यूचर्स, भारत, दक्षिण कोरिया सहित दुनियाभर के शेयर बाजारों में मचा कोहराम

दुनियाभर के शेयर बाजारों में 23 जून को बड़ी गिरावट दिखी है। यूएस स्टॉक फ्यूचर्स 2 फीसदी से ज्यादा नीचे हैं। उधर, दक्षिण कोरिया का बाजार 11 फीसदी क्रैश चुका है। इधर, भारत में बाजार के बड़े सूचकांकों पर बड़ा दबाव दिख रहा है। निफ्टी 0.71 फीसदी यानी 172 अंक नीच है, जबकि सेंसेक्स 0.67 फीसदी यानी 513 अंक टूट चुका है। इन सभी बाजारों में गिरावट में आईटी कंपनियों का बड़ा हाथ है।

अमेरिकी बाजारों में आज दिख सकता है दबाव

यूएस फ्यूचर्स में 2 फीसदी गिरावट का मतलब है कि 23 जून को कारोबार शुरू होने पर अमेरिकी बाजारों पर बड़ा दबाव दिख सकता है। 22 जून को अमेरिकी बाजार में टेक्नोलॉजी शेयरों में बड़ी गिरावट आई थी। इसका असर नैस्डेक पर पड़ा था। यह 1.32 फीसदी गिरकर बंद हुआ था। 23 जून को इसका असर भारत सहित प्रमुख एशियाई बाजारों पर पड़ा। इन बाजारों में टेक्नोलॉजी शेयरों में बड़ी बिकवाली देखने को मिली। भारत में सबसे ज्यादा गिरावट आईटी शेयरों में दिखी। इससे निफ्टी आईटी इंडेक्स 2 फीसदी से ज्यादा टूट गया।

प्रमुख एशियाई बाजारों में बड़ी बिकवाली 

जापान के प्रमुख सचूकांक Nikkei 225 में करीब 3 फीसदी की गिरावट आई। हांगकांग का हैंगसेट 1.75 फीसदी नीचे चल रहा था। शंघाई कंपोजिट 1.38 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा था। थाइलैंड का सेट कंपोजिट इंडेक्स 1,69 फीसदी नीचे चल रहा था। इसका मतलब है कि दुनियाभर के प्रमुख शेयर बाजार बड़े दबाव में हैं। अचानक आई इस गिरावट की वजह से इनवेस्टर्स में घबराहट है।

दक्षिण कोरिया का बाजार 10 फीसदी क्रैश

सबसे ज्यादा गिरावट दक्षिण कोरिया के बाजार में आई है। कोस्पी 10 फीसदी क्रैश कर चुका है। SK Hynix और Samsung Electronics में सबसे ज्यादा गिरावट आई है। इससे कुछ समय के लिए शेयर बाजार में ट्रेडिंग रोकनी पड़ी। लेकिन, दोबारा ट्रेडिंग शुरू होने के बाद बाजार पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया। इस साल दक्षिण कोरिया के बाजार में सबसे ज्यादा तेजी आई थी। विदेशी निवेशकों ने सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में खूब निवेश किए थे। इससे शेयरों की कीमतें कई गुनी हो गई थीं।

अमेरिका में टेक्नोलॉजी शेयरों में बड़ी गिरावट

22 जून को अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में बड़ी गिरावट आई। हाल में जबर्दस्त तेजी के साथ सूचीबद्ध होने वाला स्पेसएक्स का शेयर 16 फीसदी से ज्यादा क्रैश कर गया। Alphabet का शेयर 5 फीसदी फिसला। Amazon और Microsoft के शेयरों में 2.3 से 4.7 फीसदी तक की गिरावट आई। अब बाजार की नजरें Micron Technology पर लगी है। कंपनी 24 जून को अपने तिमाही नतीजों का ऐलान करेगी।

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भारत में आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट 

इधर, भारत में भी आईटी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट दिखी। TCS का शेयर 3 फीसदी से ज्यादा क्रैश कर गया। इंफोसिस में भी 3 फीसदी से ज्यादा गिरावट दिखी। एचसीएल टेक में 1.57 फीसदी कमजोरी दिखी। विप्रो 2.85 फीसदी नीचे चल रहा था। टेक महिंद्रा का शेयर 2.15 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा था। एलटीआई माइंडट्री भी 2 फीसदी से ज्यादा नीचे चल रहा था।

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टेक्नोलॉजी शेयरों की वैल्यूएशन को लेकर चिंता

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका, दणिण कोरिया में चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में जबर्दस्त तेजी आई थी। इनवेस्टर्स एआई के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए इन शेयरों में निवेश कर रहे थे। इससे इन शेयरों की कीमतें आसमान में पहुंच गई थीं। अब इनकी हाई वैल्यूएशंस को लेकर चिंता जताई जा रही है। इससे इन शेयरों में बिकवाली दिख रही है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : BSE सेंसेक्स और निफ्टी 50 जैसे बेंचमार्क इंडेक्स 23 जून को बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी में भी बढ़त देखने को मिल रही है। यह शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ 24,145.50 के आसपास ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

शुक्रवार को हुई बिकवाली के बाद,22 जून को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट और US-ईरान शांति वार्ता में प्रगति को लेकर बनी उम्मीदों के चलते निफ्टी ने फिर से तेजी पकड़ी और 24,100 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 291.17 अंक या 0.38 प्रतिशत बढ़कर 77,094.07 पर और निफ्टी 89.80 अंक या 0.37 प्रतिशत बढ़कर 24,102.90 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07.50 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 32 अंक यानी 0.13 फीसदी की बढ़त के साथ 24,132 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 0.87 फीसदी की कमजोरी देखने को मिल रही है। वहीं,स्ट्रेट टाइम्स 0.24 फीसदी की तेजी दिखा रहा है। हैंगसेंग 0.56 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान के बाजार में 0.19 फीसदी की गिरावट है। कोस्पी 4.14 फीसदी नीचे दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.10 फीसदी की हल्की बढ़त नजर आ रही है।

Asian markets today: एशियाई बाजारों में गिरावट, कोस्पी 1.5% टूटा, जापान बॉन्ड यील्ड में बढ़त

अमेरिकी बाजार

सोमवार को S&P 500 और नैस्डैक गिरावट के साथ बंद हुए। इसकी वजह अल्फाबेट जैसी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट थी। निवेशक अमेरिका-ईरान बातचीत से जुड़ी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे। वहीं, हेल्थकेयर और इंडस्ट्रियल सेक्टर में तेजी की वजह से डॉओ (Dow)बढ़त के साथ बंद हुआ। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 148.01 अंक या 0.29% बढ़कर 51,712.71 पर बंद हुआ। S&P 500 में 27.79 अंक या 0.37 फीसदी की गिरावट आई और यह 7,472.79 पर बंद हुआ,जबकि नैस्डैक कम्पोजिट 351.33 अंक या 1.32% गिरकर 26,166.60 पर बंद हुआ।

डॉलर इंडेक्स

छह करेंसी की बास्केट के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला US डॉलर इंडेक्स मजबूत दिख रहा है। यह पिछले साल मई के बाद से अपने सबसे ऊंचे स्तर के करीब आ गया। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 101.02 के स्तर पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड में बहुत कम बदलाव हुआ और ये क्रमशः 4.50% और 4.22% पर दिख रहे हैं।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ज्यादातर एशियाई करेंसीज कमजोर हुईं हैं। जिससे पूरे क्षेत्र में जोखिम को लेकर सावधानी का माहौल दिखा। फिलीपीन पेसो का प्रदर्शन सबसे खराब दिख रहा है,जिसमें 0.315 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके बाद इंडोनेशियाई रुपिया में 0.219 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। चीनी रेनमिनबी भी 0.117 प्रतिशत कमजोर हुई है,जबकि दक्षिण कोरियाई वॉन और थाई बहत में क्रमशः 0.075 प्रतिशत और 0.055 प्रतिशत की गिरावट आई है।

उधर जापानी येन में 0.006 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ लगभग कोई बदलाव नहीं हुआ है। जबकि ताइवान डॉलर और सिंगापुर डॉलर में क्रमशः 0.019 प्रतिशत और 0.023 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके विपरीत,मलेशियाई रिंगित ने 0.305 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है।

कच्चा तेल सपाट

पिछले सेशन में भारी गिरावट के बाद मंगलवार को तेल की कीमतों में सुधार हुआ। इसकी वजह US-Iran शांति वार्ता को लेकर बनी थोड़ी उम्मीद थी,जबकि निवेशक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से कच्चे तेल की सप्लाई फिर से शुरू होने में प्रगति के साफ संकेतों का इंतजार करते दिखे। WTI क्रूड में 0.03 फीसदी की और ब्रेंट क्रूड में 0.23 फीसदी की गिरावट आई है।

सोना सपाट

मंगलवार को सोने की कीमतें स्थिर दिख रहीं हैं, क्योंकि निवेशकों ने अमेरिका-ईरान शांति वार्ता पर नजरें बनाए रखी हैं। जबकि, दिसंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की बढ़ती उम्मीदों का असर इस मेटल पर पड़ा। कोमेक्स पर गोल्ड में 0.18 फीसदी की गिरावट दिख रही है। वहीं, चांदी 0.74 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है।

विदेशी और घरेलू निवेश के आंकड़ों पर एक नजर

22 जून को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर रहे और उन्होंने 635 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs)ने बाजार को सहारा देना जारी रखा और इस दौरान 1,000 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT Nifty में बढ़त को देखते हुए,बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के 22 जून को बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। शुरुआती कारोबार में GIFT Nifty बढ़त के साथ 24,124.50 के आसपास ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

IT,ऑयल एंड गैस और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली के कारण,19 जून को भारतीय इक्विटी इंडेक्स की लगातार पांच दिनों की बढ़त का सिलसिला थम गया और वे गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 24,000 के आसपास रहा। सेंसेक्स 607.08 अंक या 0.78 प्रतिशत गिरकर 76,802.90 पर बंद हुआ,जबकि निफ्टी 154.90 अंक या 0.64 प्रतिशत गिरकर 24,013.10 पर आ गया।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 08.00 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 78 अंक यानी 0.32 फीसदी की बढ़त के साथ 24,126 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 2.12 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। वहीं,स्ट्रेट टाइम्स 0.13 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। हैंगसेंग 1.60 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान के बाजार में 2.75 फीसदी की तेजी है। कोस्पी 1.09 फीसदी ऊपर दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.46 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है।

Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, बढ़त के साथ खुल सकते है भारतीय बाजार

अमेरिकी बाजार

जूनटीन्थ (Juneteenth) की सरकारी छुट्टी के कारण शुक्रवार, 19 जून को अमेरिकी बाजार बंद रहे।

डॉलर इंडेक्स

सोमवार को डॉलर मजबूत रहा क्योंकि मध्य पूर्व में फिर से युद्ध शुरू करने की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों और तेहरान के होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने के ऐलान के बाद,अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते पर अनिश्चितता के बादल छा गए। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 100.80 के स्तर पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में 2 बेसिस पॉइंट से ज्यादा की बढ़त हुई है। जिससे ये क्रमशः 4.47% और 4.20% पर पहुच गए हैं।

एशियन करेंसी

सोमवार को ज्यादातर एशियाई करेंसीज में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरावट दिख रही है। थाई बाहत एकमात्र ऐसी करेंसी रही जिसमें बढ़त दिखी,जबकि जापानी येन और चीनी रेनमिनबी में सबसे ज्यादा गिरावट आई।

जापानी येन में 0.12 प्रतिशत की गिरावट आई है। उसके बाद चीनी रेनमिनबी में 0.11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। दक्षिण कोरियाई वॉन,मलेशियन रिंगित, ताइवानी डॉलर,इंडोनेशियाई रुपिया,फिलीपीनी पेसो और सिंगापुर डॉलर में भी 0.03-0.10 की मामूली गिरावट है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

लगातार 23 सेशन तक नेट बायर बने रहने के बाद,19 जून को घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) नेट सेलर बन गए और उन्होंने ₹1,159 करोड़ के शेयर बेचे। इसके उलट,विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट बायर बनकर उभरे और उन्होंने ₹4,859 करोड़ के शेयर खरीदे,जिससे विदेशी निवेशकों की फिर से दिलचस्पी का संकेत मिलता है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : 19 जून को बेंचमार्क इंडेक्स BSE सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत सुस्त रहने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी में मामूली बढ़त है। यह शुरुआती कारोबार में 24,008 के आसपास ट्रेड कर रहा है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

18 जून को उतार-चढ़ाव भरे ट्रेडिंग सेशन में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी कल 24,200 के स्तर के करीब बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों से सेंटीमेंट बेहतर हुआ। निवेशकों ने US फेडरल रिजर्व के सख्त पॉलिसी रुख पर भी नजरें रखीं। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 254.36 अंक या 0.33 प्रतिशत बढ़कर 77,409.98 पर और निफ्टी 82.30 अंक या 0.34 प्रतिशत बढ़कर 24,168 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 08.00 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 12 अंक यानी 0.05 फीसदी की बढ़त के साथ 24,007 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 0.75 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स 0.47 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। कोस्पी 2.64 फीसदी ऊपर दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.43 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी रही। सेमीकंडक्टर शेयरों में बढ़त की वजह से नैस्डैक में 1.9% की बढ़ोतरी हुई। वहीं,अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के बाद महंगाई को लेकर चिंताएं कम हुईं। हालांकि निवेशकों ने फेडरल रिजर्व द्वारा इस साल ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना को भी ध्यान में रखा। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 72.15 अंक या 0.14% बढ़कर 51,564.70 पर पहुंच गया,S&P 500 में 80.48 अंक या 1.08% की बढ़त हुई और यह 7,500.58 पर बंद हुआ। नैस्डैक कम्पोजिट 496.28 अंक या 1.91% बढ़कर 26,517.93 पर पहुंच गया।

डॉलर इंडेक्स

शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में दूसरी प्रमुख करेंसी के मुकाबले अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में बहुत कम बदलाव देखने को मिला है। फिलहास डॉलर इंडेक्स 100.77 के स्तर पर दिख रहा है।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसीज में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। जापानी येन सबसे मजबूत है। इसमें 0.174% की बढ़त देखने को मिल रही है। इसके बाद दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.125% की बढ़त है। सिंगापुर डॉलर में भी 0.008% की मामूली बढ़त हुई है जो बाजार में स्थिरता का संकेत है।

कमजोर प्रदर्शन करने वालों में फिलीपीन पेसो में सबसे ज्यादा 0.323% की गिरावट दर्ज की गई है। जबकि इंडोनेशियाई रुपिया में 0.180% की गिरावट आई है। चीनी रेनमिनबी 0.106% कमजोर दिख रही है। ताइवान डॉलर में 0.028% की गिरावट आई है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

18 जून को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर बने रहे और उन्होंने ₹1,000 करोड़ से ज्यादा के शेयर बेचे। इसके उलट,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा दिया और सेशन के दौरान ₹3,516 करोड़ के शेयर खरीदे।

 

 

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OpenAI के सैकड़ों कर्मचारी बने करोड़पति, AI बूम से शेयर बेचकर हुई अरबों की कमाई

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OpenAI के सैकड़ों कर्मचारी अब करोड़पति बन चुके हैं। पिछले साल अक्टूबर में कंपनी ने कर्मचारियों को 3 करोड़ डॉलर तक के शेयर बेचने की अनुमति दी थी, जिससे वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बूम से सबसे पहले बड़ा फायदा उठाने वालों में शामिल हो गए। AI सेक्टर में तेजी से बढ़ती संपत्ति का यह बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। हालांकि, कुछ कर्मचारियों ने अपने बचे हुए शेयर दान संबंधी फंड्स में डाल दिए, ताकि सामाजिक कार्यों में योगदान देने के साथ टैक्स छूट का लाभ भी मिल सके।

 

रिपोर्ट के अनुसार, करीब 600 वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों ने पिछले साल अपने शेयर बेचे। इस सौदे के तहत निवेशकों को कंपनी के शुरुआती कर्मचारियों के पास मौजूद शेयर खरीदने की अनुमति दी गई थी। सामूहिक रूप से इन कर्मचारियों ने करीब 6.6 अरब डॉलर की कमाई की। The Wall Street Journal की रिपोर्ट के मुताबिक, 75 कर्मचारियों ने अधिकतम सीमा तक शेयर बेचकर करीब 3 करोड़ डॉलर प्रति व्यक्ति हासिल किए, जबकि औसत भुगतान लगभग 1.1 करोड़ डॉलर रहा।

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The Telegraph के अनुसार, OpenAI कर्मचारियों को अपने शेयर नकद कराने से पहले दो साल तक इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में पिछले साल का यह सौदा उन शुरुआती मौकों में से एक था, जब निवेशक कर्मचारियों के शेयर खरीद सके। कंपनी ने 2022 के आखिर में अपना चर्चित AI चैटबॉट ChatGPT लॉन्च किया था।

 

OpenAI ने 2019 में अपना लाभ कमाने वाला सब्सिडियरी मॉडल शुरू किया था, तब कंपनी का मूल्यांकन करीब 1 अरब डॉलर था। बाद में Microsoft के निवेश और ChatGPT की सफलता के बाद 2023 में कंपनी की वैल्यू 29 अरब डॉलर तक पहुंच गई। रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2025 में निजी शेयरों की बिक्री के समय कंपनी का मूल्यांकन 500 अरब डॉलर था। वहीं इस साल मार्च में 122 अरब डॉलर का निवेश जुटाने के बाद OpenAI की वैल्यू 852 अरब डॉलर से ज्यादा आंकी गई है।

 

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले समय में अमेरिका के बे एरिया समेत कई टेक शहरों में बड़ी संपत्ति बनने की लहर देखने को मिल सकती है। The Wall Street Journal के अनुसार, OpenAI और Anthropic इतिहास के दो सबसे बड़े IPO की तैयारी कर रहे हैं। इससे इन कंपनियों के कर्मचारियों को अपने शेयर बेचने का मौका मिलेगा और बड़ी संख्या में लोग मल्टीमिलियनेयर बन सकते हैं।

 

एक्सपर्ट्‍स का मानना है कि AI बूम से पैदा हो रही यह संपत्ति अभूतपूर्व है। डॉट-कॉम दौर में कई कर्मचारियों को IPO के बाद तक इंतजार करना पड़ता था और कई मामलों में बाजार गिरने से उन्हें लाभ नहीं मिल पाया। हालांकि Google और Facebook के शुरुआती कर्मचारियों ने भी भारी कमाई की थी, लेकिन AI स्टार्टअप्स में इस बार कहीं ज्यादा कर्मचारियों को फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। Edited by : Sudhir Sharma