Gold Silver price Today: 7 हफ्ते के हाई पर पहुंचा सोना, चांदी भी चढ़ी, बुलियन में तेजी की क्या है वजह?

Gold Silver price Today: इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतों में लगातार चौथे दिन तेजी देखने को मिली। वहीं चांदी की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिली। जियोपॉलिटिकल चिंताओं में कमी, कमज़ोर अमेरिकी डॉलर और गिरती ट्रेज़री यील्ड जैसे कारणों ने सोने-चांदी की मांग को बढ़ावा दिया। COMEX पर, सोने के फ़्यूचर्स 1.3% बढ़कर $4,361.30 प्रति औंस हो गए, जबकि चांदी के फ़्यूचर्स 0.65% बढ़कर $62.695 प्रति औंस हो गए। स्पॉट मार्केट में, सोना $4,285.84 प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया, जो 18 जून के बाद का उच्चतम स्तर है।

यह हालिया बढ़ोतरी पिछले सत्र में बुलियन (सोना-चांदी) में फरवरी के बाद की सबसे बड़ी एक-दिवसीय बढ़त के बाद हुई है।

कीमतों में बढ़त क्यों

कमजोर डॉलर से सस्ता होता है सोना

प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर कमज़ोर हुआ, जिससे डॉलर-मूल्य वाली कमोडिटीज जैसे सोना और चांदी विदेशी खरीदारों के लिए अधिक किफायती हो गई। कमजोर डॉलर आमतौर पर वैश्विक बाज़ारों में बुलियन की मांग को समर्थन देता है।

बॉन्ड यील्ड में गिरावट

अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में भी कमी आई, जिससे सोने जैसी बिना यील्ड (ब्याज) वाली संपत्तियों को रखने की अवसर लागत (opportunity cost) कम हो गई। जब बॉन्ड यील्ड गिरती है, तो निवेशक अक्सर कीमती धातुओं में निवेश बढ़ाते हैं।

पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीदें

बाजारों में तब आशावाद देखा गया जब रिपोर्टों से संकेत मिला कि राजनयिक प्रयासों से पश्चिम एशिया में कोई समाधान निकल सकता है, जिसमें होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने पर चर्चा भी शामिल है। तनाव कम होने की उम्मीदों ने तेल की कीमतों को नीचे धकेल दिया।

कच्चे तेल की कम कीमतें ऊर्जा-जनित महंगाई के डर को भी कम करती हैं, जिससे केंद्रीय बैंकों द्वारा आक्रामक रूप से ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें कम हो जाती हैं। इससे सोने के लिए एक अनुकूल माहौल बनता है।

ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें चर्चा में

निजी पेरोल डेटा के उम्मीद से कमजोर रहने और लेबर मार्केट में कुछ नरमी के संकेत मिलने के बाद निवेशक अमेरिकी मौद्रिक नीति के दृष्टिकोण का भी पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं।

बाजार पार्टिसिपेट अब शुक्रवार (7 अगस्त) को आने वाली अमेरिकी नॉन-फ़ार्म पेरोल रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं। कमजोर जॉब्स रिपोर्ट ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को मजबूत कर सकती है, जिससे सोने को और समर्थन मिलेगा। इसके विपरीत, उम्मीद से मज़बूत रोज़गार डेटा सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों को फिर से जगाकर बुलियन पर दबाव डाल सकता है।

चांदी का क्या हाल है?

चांदी भी मजबूत बनी रही, जिसे उन्हीं मैक्रोइकॉनॉमिक कारकों का समर्थन मिला जिनसे सोने की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। कम बॉन्ड यील्ड और डॉलर के कमजोर होने से फायदा मिलने के अलावा, चांदी को एक कीमती और इंडस्ट्रियल मेटल, दोनों तरह की भूमिकाओं से भी सपोर्ट मिल रहा है।

निवेशकों की नजरें आने वाले US के आर्थिक डेटा और सेंट्रल बैंक की उम्मीदों पर टिकी हैं, इसलिए आने वाले समय में सोने और चांदी, दोनों में उतार-चढ़ाव के बने रहने की संभावना है।

सोना ₹2,000 से ज्यादा चढ़ा, चांदी 4 हफ्ते के हाई पर पहुंची, इंडियन कंज्यूमर के लिए इस तेजी का क्या है मतलब!

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

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Gold Silver Price Outlook: देश और दुनिया में सोने और चांदी की कीमतों में 5 अगस्त को बढ़त देखने को मिली। मजबूत ग्लोबल संकेतों, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश के तौर पर इन कीमती धातुओं की मांग के कारण घरेलू वायदा बाजार (फ्यूचर्स मार्केट) में दोनों में तेजी देखी गई।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का सबसे ज्यादा ट्रेड होने वाला सितंबर कॉन्ट्रैक्ट 4,545 रुपये या 2.05 फीसदी बढ़कर 2,26,160 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। इस साल 9 जुलाई को भी चांदी इसी स्तर के आसपास ट्रेड कर रही थी, जब कमोडिटी एक्सचेंज पर इसकी कीमत 2,26,377 रुपये प्रति किलोग्राम थी। वहीं अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट के लिए सोने के वायदा भाव ₹2,165 या 1.5% बढ़कर ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम हो गए।

ग्लोबल बाज़ार में, दिसंबर डिलीवरी के लिए कॉमेक्स (Comex) गोल्ड फ्यूचर्स लगभग 2% बढ़कर $4,226.50 प्रति औंस हो गए, जबकि चांदी के वायदा भाव 3.21% बढ़कर $61.46 प्रति औंस हो गए।

सोने और चांदी की कीमतों में क्यों आ रही है तेजी?

जानकारों का कहना है कि यह तेजी जियोपॉलिटिकल हालात, कमज़ोर अमेरिकी डॉलर और ग्लोबल मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर बदलती उम्मीदों के बीच कीमती धातुओं की बढ़ती मांग की वजह से आई है।

लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा, “सोने की कीमतों में लगातार दूसरे सेशन में भी बढ़त देखी गई, क्योंकि जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और कमज़ोर अमेरिकी डॉलर के कारण निवेशकों ने ‘सेफ-हेवन’ (सुरक्षित निवेश) के तौर पर सोना खरीदना बढ़ाया है।”

जानकारों के मुताबिक, मार्केट में नए सौदे होने से चांदी की कीमतों को भी फायदा हुआ।

चॉइस ब्रोकिंग की कमोडिटी फंडामेंटल एनालिस्ट पिंकी यादव के अनुसार, होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की बातचीत में प्रगति की खबरों से एनर्जी सप्लाई में रुकावट की चिंता कम हुई और कच्चे तेल की कीमतें गिरीं, जिसके बाद बुलियन की कीमतों में बढ़त हुई।

कच्चे तेल की कम कीमतें महंगाई के दबाव को कम कर सकती हैं, जिससे ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की उम्मीदों पर असर पड़ता है और कीमती धातुओं की मांग को बढ़ावा मिलता है।

RBI का पॉलिसी फ़ैसला और उसका असर

यह तेज़ी ऐसे समय में आई है जब रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने लगातार चौथी पॉलिसी मीटिंग में बेंचमार्क रेपो रेट को 5.25% पर ही बनाए रखने का फैसला किया है।

कैपिटलXB के को-फ़ाउंडर और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अजिताभ भारती ने कहा कि RBI का यथास्थिति बनाए रखने का फैसला आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और महंगाई के जोखिमों पर नजर रखने के बीच संतुलन को दिखाता है। “हालांकि अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव ग्लोबल महंगाई के आउटलुक पर असर डाल रहा है, लेकिन RBI का ध्यान विकास को बढ़ावा देने और साथ ही महंगाई पर बारीकी से नजर रखने पर बना रहेगा।”

इंडियन कंज्यूमर के लिए इस बढ़ोतरी का क्या है मतलब?

सोने-चांदी की कीमतों में यह बढ़ोतरी त्योहारी सीजन से ठीक पहले हुई है, जब भारत में आमतौर पर सोने की मांग बढ़ जाती है। ऊंची कीमतें गहने खरीदने के फैसलों पर असर डाल सकती हैं, खासकर उन ग्राहकों के लिए जो अपनी मर्जी से या गैर-जरूरी चीजों के लिए खरीदारी करते हैं।

कामा ज्वैलरी के मैनेजिंग डायरेक्टर कॉलिन शाह ने कहा कि दुनिया भर में अनिश्चितता और बदलती आर्थिक स्थितियों की वजह से ग्राहक ज़्यादा सतर्क हो सकते हैं।शाह ने कहा, “आर्थिक हालात के अनिश्चित होने की वजह से लोग सतर्क हो रहे हैं। जैसे-जैसे हम त्योहारी सीजन की ओर बढ़ रहे हैं, इसका असर घरेलू मांग पर थोड़ा दिखेगा, खासकर सोना खरीदने के मामले में।”हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सोने की पारंपरिक भूमिका यानी मूल्य को सुरक्षित रखने का जरिया – लंबे समय तक इसकी मांग को बनाए रख सकती है।

आगे कहां तक जाएंगे भाव

रिद्धि-सिद्धि बुलियंस के मैनेजिंग डायरेक्टर और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट पृथ्वीराज कोठारी ने कहा कि अगर सोने की कीमत $4,200 प्रति औंस से ऊपर बनी रहती है, तो इसके $4,500 प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना बन सकती है।

उन्होंने कहा कि घरेलू स्तर पर, इससे सोने की कीमतें लगभग ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं।

वहीं चांदी के आउटलुक पर अगर कीमत लगातार $63 प्रति औंस से ऊपर बनी रहती है, तो यह $70-$71 प्रति औंस की रेंज तक जा सकती है, जो लगभग ₹2.50-2.55 लाख प्रति किलोग्राम के बराबर है।

Silver Price Today: तेजी से बढ़ रही है चांदी की कीमतें, खरीदारी से पहले जान लें 10 प्रमुख शहरों के ताजा भाव

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver Gold Price Today: भारत में सोना ₹1.42 के पार निकला, चांदी ₹2600 चढ़ी,तेजी की क्या है वजह

Silver Gold Price Today: भारत में सोने चांदी की कीमतों में बढ़त देखने को मिल रही है। MCX पर सोने का भाव 904 रुपये यानी 0.64 फीसदी की बढ़त के साथ 1, 42, 059 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा। वहीं चांदी 2600 रुपये यानी 1.2 फीसदी की बढ़त के साथ 2,19,448 रुपये किलोग्राम पर पहुंचा।

वहीं इंटरनेशनल मार्केट में कॉमेक्स (Comex) पर,स्पॉट गोल्ड 0.47 प्रतिशत बढ़कर $4,109.90 प्रति औंस हो गया, जबकि चांदी 1.84 प्रतिशत बढ़कर $58.92 प्रति औंस हो गई।

बाजारों की नजर अब इस हफ्ते आने वाली अमेरिकी लेबर मार्केट की कई रिपोर्टों पर है, जिनमें मंगलवार को बाद में आने वाला JOLTS जॉब ओपनिंग्स डेटा, बुधवार को ADP प्राइवेट एम्प्लॉयमेंट रिपोर्ट और शुक्रवार को नॉन-फार्म पेरोल्स रिपोर्ट शामिल हैं। उम्मीद है कि यह डेटा फेडरल रिजर्व की ब्याज दर की चाल के बारे में नए संकेत देगा।

इस बीच, भू-राजनीतिक घटनाक्रम भी चर्चा में रहे, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत चल रही है और इसे तेहरान के लिए किसी समझौते पर सहमत होने का “आखिरी मौका” बताया। हालांकि, ईरान ने इस बात से इनकार किया कि कोई बातचीत हो रही है या इसकी कोई योजना है।

अमेरिका-ईरान तनाव कम होने से कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव पड़ा और रिस्क एसेट्स (जोखिम वाली संपत्तियों) को बढ़ावा मिला। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 3 पैसे बढ़कर 95.34 पर पहुंच गया, और ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 5.06 प्रतिशत गिरकर $83.48 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जिससे महंगाई की चिंताएं कम हुईं और ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आई। ट्रेडर्स अभी सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की 65 प्रतिशत संभावना मानकर चल रहे हैं।

अब क्या करें निवेश

ऑगमोंट (Augmont) की चीफ रिसर्च ऑफिसर रेनिषा चैनानी ने कहा कि जब तक लेबर मार्केट का आगामी डेटा अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी के बारे में स्पष्ट संकेत नहीं देता, तब तक सोने की कीमतें एक निश्चित दायरे में रहने की संभावना है। “हमारी राय में, आज कीमती धातुओं में आई तेज़ी मुख्य रूप से जियोपॉलिटिकल तनाव और ग्लोबल इकोनॉमिक आउटलुक को लेकर अनिश्चितता के बीच ‘सेफ-हेवन’ (सुरक्षित निवेश) की बढ़ती मांग के कारण है। मिडिल ईस्ट में हालिया घटनाक्रम के बाद निवेशक सतर्क हो गए हैं, जिससे सोना, चांदी, प्लेटिनम और पैलेडियम की खरीदारी बढ़ी है। एक और अहम वजह आने वाला US इकोनॉमिक डेटा है, खासकर लेबर मार्केट की रिपोर्ट, जो फेडरल रिजर्व के अगले ब्याज दर के फैसले से जुड़ी उम्मीदों पर असर डालेगी।

हमारा मानना ​​है कि निवेशकों को US मैक्रो-इकोनॉमिक डेटा, ट्रेजरी यील्ड, डॉलर इंडेक्स, कच्चे तेल की कीमतों और जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए, क्योंकि ये कारक तय करेंगे कि मौजूदा तेज़ी में आगे बढ़ने की ताकत है या नहीं,” तिवारी ने कहा।

ऑगमॉन्ट बुलियन की रिपोर्ट (4 अगस्त) का अनुमान है कि अगर सोने की कीमत $4,000 (₹1,41,000) से नीचे गिरती है, तो यह और गिरकर $3,900 (₹1,38,000) तक जा सकती है। लेकिन अगर यह $4,200 (₹1,46,000) से ऊपर बनी रहती है, तो एक नई तेज़ी इसे $4,500 (₹1,55,000) की ओर ले जा सकती है। चांदी के लिए, $63 (₹2,35,000) से ऊपर की मज़बूत चाल कीमतों को $70–71 की ओर धकेल सकती है। दूसरी ओर, $55 (₹2,14,000) से नीचे की गिरावट इसे $50 (₹2,00,000) तक नीचे ला सकती है।

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Gold Silver price: सोने-चांदी की कीमतों में तेजी, जानें बढ़त की क्या है वजह और क्या करें निवेशक

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver Rate Today: 12 जुलाई को चांदी के भाव में हलचल, जानें देश के प्रमुख शहरों में ताजा रेट और कीमतों का गणित

Silver Rate Today: भारत में रविवार, 12 जुलाई को चांदी की कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वायदा बाजार (एमसीएक्स) में जुलाई चांदी फ्यूचर्स में 0.01 प्रतिशत की हल्की बढ़त दर्ज की गई। जबकि आखिरी बंद भाव ₹2,22,680 प्रति किलोग्राम रहा। हालांकि, अलग-अलग शहरों में स्थानीय मांग, टैक्स और अन्य कारकों के कारण चांदी के खुदरा भाव में अंतर देखने को मिला। वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच घरेलू बाजार में चांदी की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है।

जहां एक ओर वायदा बाजार में चांदी की कीमतों में बेहद मामूली तेजी आई है। वहीं देश के अलग-अलग शहरों में इसके दामों में बड़ा अंतर देखा जा रहा है। देश के प्रमुख शहरों में अहमदाबाद में चांदी सबसे महंगी रही, जहां इसकी कीमत ₹2,63,900 प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। वहीं, कर्नाटक के यादगिर में चांदी का भाव सबसे कम ₹2,52,100 प्रति किलोग्राम रहा। यानी अहमदाबाद की तुलना में यादगिर में एक किलो चांदी ₹11,800 सस्ती बिक रही है।

चांदी खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

विशेषज्ञों के अनुसार, ऑनलाइन या बाजार में दिखाई देने वाला चांदी का भाव केवल बेस प्राइस होता है। ज्वेलरी खरीदते समय इसमें मेकिंग चार्ज और 3 प्रतिशत जीएसटी अलग से जोड़ा जाता है, जिससे अंतिम कीमत बढ़ जाती है। यदि चांदी के आभूषण में पत्थर लगे हों, तो उनकी कीमत और वजन अलग से जोड़ा या घटाया जाता है।

चांदी की शुद्धता

चांदी की शुद्धता की बात करें तो 999 फाइन सिल्वर (99.9%) सबसे शुद्ध माना जाता है। जबकि 925 स्टर्लिंग सिल्वर (92.5%) का इस्तेमाल सबसे ज्यादा आभूषण और घरेलू सामान बनाने में होता है। खरीदारी के समय ग्राहकों को BIS हॉलमार्क और शुद्धता का निशान (999 या 925) जरूर जांचना चाहिए। ताकि असली चांदी की पहचान सुनिश्चित हो सके।

निवेशकों को सलाह

जो निवेशक बिना भौतिक चांदी खरीदे निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए सिल्वर ETF, सिल्वर फंड ऑफ फंड्स और डिजिटल सिल्वर जैसे विकल्प उपलब्ध हैं। हालांकि, डिजिटल सिल्वर में निवेश करने से पहले यह ध्यान रखना चाहिए कि यह फिलहाल SEBI द्वारा विनियमित नहीं है, इसलिए निवेश से पहले जोखिमों का आकलन करना जरूरी है।

चांदी का भाव

अहमदाबाद: ₹2,63,900 प्रति किलोग्राम (सबसे अधिक)

यादगिर: ₹2,52,100 प्रति किलोग्राम (सबसे कम)

(यानी अहमदाबाद की तुलना में यादगिर में 1 किलो चांदी ₹11,800 सस्ती है।)

क्या सोना रिकॉर्ड ऊंचाई पर है?

फिलहाल सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। पिछले सप्ताह कीमतों में गिरावट आई है। लेकिन भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी डॉलर की मजबूती, ब्याज दरें और भारत में त्योहारों व शादी के मौसम की मांग जैसे कारक आगे भी कीमतों को प्रभावित करेंगे।

भारत में सोने की कीमत किन बातों पर निर्भर करती है?

  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव
  • अमेरिकी डॉलर की मजबूती या कमजोरी
  • फेडरल रिजर्व की ब्याज दरें
  • भारत में त्योहारों और शादी के मौसम की मांग
  • आयात शुल्क और अन्य सरकारी नीतियां

यदि आप बिना चांदी खरीदे निवेश करना चाहते हैं, तो:-

डिजिटल सिल्वर

सिल्वर ETF

सिल्वर फंड ऑफ फंड्स

में निवेश कर सकते हैं। हालांकि, डिजिटल सिल्वर SEBI द्वारा विनियमित नहीं है, इसलिए निवेश से पहले जोखिमों को समझना जरूरी है।

एमसीएक्स (MCX) वायदा बाजार का हाल

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के जुलाई वायदा में हल्की हलचल देखी गई। न्यूज एजेंसी आईएएनएस (IANS) के मुताबिक, चांदी का जुलाई वायदा 0.01 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। पिछले कारोबारी सत्र के बंद होने तक चांदी वायदा का भाव ₹2,22,680 प्रति किलोग्राम पर बना हुआ है।

शहरों के अनुसार चांदी के दाम: कहां महंगी, कहां सस्ती?

देश के प्रमुख शहरों और क्षेत्रों में चांदी की कीमतों में ₹11,000 से भी ज्यादा का अंतर देखने को मिल रहा है:-

सबसे महंगी चांदी (अहमदाबाद): देश के प्रमुख शहरों में गुजरात के अहमदाबाद में चांदी की कीमत सबसे ज्यादा दर्ज की गई है, जहां यह ₹2,63,900 प्रति किलोग्राम के स्तर पर है।

सबसे सस्ती चांदी (यादगीर): कर्नाटक के यादगीर में चांदी के दाम सबसे कम रहे, जहां इसका भाव ₹2,52,100 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।

कीमतों में अंतर: अहमदाबाद के मुकाबले यादगीर में चांदी प्रति 10 ग्राम के अनुपात में ₹11,800 सस्ती मिल रही है।

निवेशकों को सलाह

ऑनलाइन दिखने वाला चांदी का यह रेट एक बेंचमार्क (आधार मूल्य) होता है। जब आप शोरूम से चांदी या ज्वेलरी खरीदते हैं, तो अंतिम कीमत में बेस सिल्वर प्राइस+ मेकिंग चार्जेस+ 3% जीएसटी (GST) जोड़ा जाता है। इसके अलावा, जो लोग बिना किसी मेकिंग चार्ज या स्टोरेज के झंझट के निवेश करना चाहते हैं, वे पेपर या डिजिटल विकल्पों जैसे सिल्वर ETFs (Exchange Traded Funds) का रुख कर रहे हैं।

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Gold Silver Prices: ₹10500 सस्ती हुई चांदी, सोना ₹3000 टूटा; जानिए क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट

Gold Silver Prices: सोने और चांदी की कीमतों में मंगलवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। विदेशी बाजारों में डॉलर मजबूत होने के कारण दोनों कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ गया। राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोना ₹3,000 टूटकर ₹1.49 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, चांदी ₹10,500 लुढ़ककर ₹2.35 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई।

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, 24 कैरेट वाला सोना 2% गिरकर ₹1,49,300 प्रति 10 ग्राम रह गया। इससे पहले सोना 27 मार्च को करीब इसी स्तर पर ₹1,47,800 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।

चांदी में और बड़ी गिरावट देखने को मिली। इसकी कीमत 4.3% यानी ₹10,500 घटकर ₹2,35,000 प्रति किलो रह गई। यह दो महीने से ज्यादा समय का निचला स्तर है। इससे पहले 3 अप्रैल को चांदी ₹2,37,000 प्रति किलो पर थी।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव

विदेशी बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 2% यानी 70.33 डॉलर टूटकर 4,121.10 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं चांदी 4% से ज्यादा गिरकर 62.27 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी।

सोना-चांदी क्यों टूट रहे हैं?

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका की वजह से सोने-चांदी पर दबाव बना हुआ है। एनालिस्टों का कहना है कि फिलहाल डॉलर की मजबूती बुलियन बाजार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।

Kotak Securities की कमोडिटी रिसर्च प्रमुख कायनात चैनवाला के अनुसार, सोमवार को अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति की खबरों से सोने को थोड़ी राहत मिली थी। हालांकि, यह तेजी ज्यादा देर टिक नहीं सकी। ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंताओं ने फिर से बाजार पर दबाव बना दिया।

फेडरल रिजर्व की चिंता बढ़ा रही दबाव

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना भी निवेशकों को परेशान कर रही है। डॉलर इंडेक्स बढ़कर 101.15 पर पहुंच गया, जो मई 2025 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।

ट्रेडर्स अब एक और ब्याज दर बढ़ोतरी की संभावना को कीमतों में शामिल कर रहे हैं। यही वजह है कि निवेशक सोने और चांदी से दूरी बना रहे हैं।

आगे क्या रह सकता है रुख?

LKP Securities के रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी का कहना है कि डॉलर इंडेक्स 101 के ऊपर बने रहने से सोने पर दबाव जारी है। साथ ही अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर बनी अनिश्चितता भी बाजार की धारणा को प्रभावित कर रही है।

अब निवेशकों की नजर अगले हफ्ते आने वाले अमेरिका के नॉन-फार्म पेरोल (NFP) और बेरोजगारी के आंकड़ों पर रहेगी। ये आंकड़े डॉलर और सोने की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

अब किस ओर जाएंगे दाम

जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, निकट भविष्य में सोना ₹1,44,500 से ₹1,48,500 प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर सकता है।

वहीं Augmont Bullion की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,200 डॉलर के स्तर से नीचे फिसल चुका है। अब इसका अगला अहम सपोर्ट 4,050-4,100 डॉलर के बीच माना जा रहा है, जो घरेलू बाजार में करीब ₹1.43 लाख से ₹1.44 लाख प्रति 10 ग्राम के बराबर है।

चांदी भी 65 डॉलर का अहम स्तर तोड़ चुकी है। अब इसका अगला सपोर्ट 60-61 डॉलर प्रति औंस के बीच माना जा रहा है। भारतीय बाजार में यह स्तर करीब ₹2.15 लाख से ₹2.20 लाख प्रति किलो के बराबर बैठता है।

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