Jio Platforms IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ के बारे में ये 5 बातें आपको जरूर जाननी चाहिए

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ पर से 19 जून को पर्दा हट गया। कंपनी ने सेबी के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्ट्स फाइल कर दिया। इससे पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने ऐलान किया कि जियो प्लेटफॉर्म्स आज ही सेबी के पास पेपर्स फाइल करेगी। अब देश की सबसे टेलीकॉम और डिजिटल सर्विसेज कंपनी की शेयर बाजार में एंट्री का रास्ता साफ हो गया है।

जियो प्लेटफॉर्म्स ने सेबी के पास जो डीआरएचपी फाइल किया है, उससे कंपनी के बारे में कई अहम बातें पता चलती हैं। इस आईपीओ में बोली लगाने से पहले इनवेस्टर्स को ये बातें जरूर जाननी चाहिए। इनसे जियो प्लेटफॉर्म्स की वित्तीय स्थिति, फ्यूचर प्लान और स्ट्रेंथ का पता चलेगा।

1. रेवेन्यू

वित्त वर्ष 2026 में जियो प्लेटफॉर्म्स का ऑपरेशंस से रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 14.6 फीसदी बढ़कर 1.47 लाख करोड़ रुपये रहा। यह FY25 में 1.28 लाख करोड़ रुपये था। बीते दो सालों में कंपनी का रेवेन्यू 34 फीसदी से ज्यादा बढ़ा है। इसमें अच्छी सब्सक्राइबर ग्रोथ, ज्यादा ARPU और डिजिटल सर्विसेज के विस्तार का हाथ है। खास बात यह है कि जियो प्लेटफॉर्म्स ने बिजनेस शुरू करने के सिर्फ 10 सालों में यह उपलब्धि हासिल की है।

2. आईपीओ के पैसे का इस्तेमाल

कंपनी ने यह साफ कर दिया है कि वह आईपीओ से आने वाले करीब 27,500 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपना कर्ज चुकाने के लिए करेगी। इससे जियो प्लेटफॉर्म्स पर कर्ज का बोझ नहीं रह जाएगा। इससे फ्यूचर्स की टेक्नोलॉजी में उसे निवेश बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस आईपीओ में ऑफर फॉर सेल नहीं होगा। कंपनी इनवेस्टर्स को करीब 27 करोड़ नए शेयर इश्यू करेगी। कंपनी के मौजूदा शेयरहोल्डर्स आईपीओ में अपने शेयर नहीं बेचेंगे।

3. कस्टमर्स की संख्या

जियो प्लेटफॉर्म्स के डीआरएचपी के मुताबिक, सब्सिडियरी कंपनी रिलायंस जियो इंफोकॉम के ग्राहकों की संख्या इस साल मार्च के अंत में 52.44 करोड़ थी। एक साल पहले यह 48.82 करोड़ थी। इसका मतलब है कि FY26 में कंपनी ने 3.62 करोड़ नए सब्सक्राइबर्स बनाए। यह FY25 में बनाए गए 64 लाख नए कस्टमर्स की संख्या से काफी ज्यादा है।

4. कंपनी का भविष्य

जियो प्लेटफॉर्म्स का फोकस डिजिटल सर्विसेज पर है। इसकी सेवाओं का दायरा काफी व्यापक है। कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में देश में ब्रॉडबैंड और डिजिटल सर्विसेज पर लोगों की निर्भरता बढ़ेगी। कंपनी का फोकस इंटिग्रेटेड डिजिटल एक्सपीरियंस ऑफर करने पर है। कंपनी अपने टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार बड़ा निवेश कर रही है। उसका जोर दुनिया की सबसे आधुनिक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर है। इससे आने वाले समय में उसे ARPU बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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5. रिलायंस इंडस्ट्रीज की 66% हिस्सेदारी

जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज की 66.43 फीसदी हिस्सेदारी है। दुनिया की कई बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की भी जियो प्लेटफॉर्म्स में बड़ी हिस्सेदारी है। इसमें Meta, Google, सऊदी अरबिया वेल्थ फंड्स, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स, सिल्वर लेक, मुबादला, जीए सिंगापुर, अबुधाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी और टीपीजी कैपिचल जैसे बड़े इनवेस्टर्स शामिल हैं। इसका मतलब है कि कंपनी को पूंजी के लिए कभी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। डिजिटल सर्विसेज बिजनेस में पूंजी की काफी जरूरत पड़ती है।

Stock Market Fall: 5 दिन बाद गिरावट की दस्तक, सेंसेक्स 607 अंक फिसला; लेकिन निवेशकों की दौलत ₹49543 करोड़ बढ़ी

5 दिन तेजी दर्ज करने के बाद शुक्रवार, 19 जून को शेयर बाजार में ​गिरावट रही। सेंसेक्स 607.08 अंक टूटकर 76,802.90 पर और निफ्टी 154.90 अंकों की गिरावट के साथ 24,013.10 पर बंद हुआ। हालांकि इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 49543 करोड़ रुपये से ज्यादा बढ़ गया। दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 940.26 अंक तक टूटा और 76,469.72 का लो देखा। निफ्टी 266.1 अंक तक लुढ़ककर 23,901.90 के लो तक गया।

गुरुवार, 18 जून को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,77,04,016.033 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने पर यह 4,77,53,559.57 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। यानि कि 49543.537 करोड़ रुपये का इजाफा।

एक दिन पहले गुरुवार को शेयर बाजारों में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी रही थी। सेंसेक्स 254.36 अंक चढ़कर 77,409.98 पर बंद हुआ था। निफ्टी 82.30 अंक चढ़कर 24,168 पर बंद हुआ था। 5 कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स में कुल 3,577.43 अंकों और निफ्टी में 1,006.4 अंकों की बढ़त दर्ज की गई।

क्यों गिरा बाजार

शेयर बाजार में गिरावट की एक वजह यह रही कि IT शेयरों में बिकवाली का भारी दबाव दिखा। Nifty IT इंडेक्स 3 प्रतिशत से ज्यादा टूटा। इंफोसिस में 6.5 प्रतिशत और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में 3 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की सेलिंग, प्रॉफिट बुकिंग, दूसरे एशियाई बाजारों की कमजोरी की वजह से भी घरेलू शेयर बाजार लाल निशान में आ गए।

Jio Platforms IPO में जारी होंगे 27 करोड़ तक नए शेयर, जल्द मिलने वाला है पैसा लगाने का मौका

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रुपये की चाल

रुपया 19 जून को 6 पैसे मजबूत होकर 94.34 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एक दिन पहले अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 10 पैसे की मजबूती के साथ 94.40 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

दूसरे एशियाई बाजारों की चाल

अन्य एशियाई बाजारों में हेंग सेंग 1.6 प्रतिशत गिरा है। सेट कंपोजिट में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट है। शंघाई कंपोजिट और कॉस्पी भी नीचे आया है। वहीं निक्केई 225 फ्लैट है। हालांकि अमेरिकी बाजार हरे निशान में बंद हुए हैं। यूरोपीय बाजारों में भी तेजी है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Fall: 5 दिन बाद गिरावट की दस्तक, सेंसेक्स 607 अंक फिसला; लेकिन निवेशकों की दौलत ₹49543 करोड़ बढ़ी

5 दिन तेजी दर्ज करने के बाद शुक्रवार, 19 जून को शेयर बाजार में ​गिरावट रही। सेंसेक्स 607.08 अंक टूटकर 76,802.90 पर और निफ्टी 154.90 अंकों की गिरावट के साथ 24,013.10 पर बंद हुआ। हालांकि इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 49543 करोड़ रुपये से ज्यादा बढ़ गया। दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 940.26 अंक तक टूटा और 76,469.72 का लो देखा। निफ्टी 266.1 अंक तक लुढ़ककर 23,901.90 के लो तक गया।

गुरुवार, 18 जून को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,77,04,016.033 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने पर यह 4,77,53,559.57 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। यानि कि 49543.537 करोड़ रुपये का इजाफा।

एक दिन पहले गुरुवार को शेयर बाजारों में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी रही थी। सेंसेक्स 254.36 अंक चढ़कर 77,409.98 पर बंद हुआ था। निफ्टी 82.30 अंक चढ़कर 24,168 पर बंद हुआ था। 5 कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स में कुल 3,577.43 अंकों और निफ्टी में 1,006.4 अंकों की बढ़त दर्ज की गई।

क्यों गिरा बाजार

शेयर बाजार में गिरावट की एक वजह यह रही कि IT शेयरों में बिकवाली का भारी दबाव दिखा। Nifty IT इंडेक्स 3 प्रतिशत से ज्यादा टूटा। इंफोसिस में 6.5 प्रतिशत और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में 3 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की सेलिंग, प्रॉफिट बुकिंग, दूसरे एशियाई बाजारों की कमजोरी की वजह से भी घरेलू शेयर बाजार लाल निशान में आ गए।

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रुपये की चाल

रुपया 19 जून को 6 पैसे मजबूत होकर 94.34 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एक दिन पहले अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 10 पैसे की मजबूती के साथ 94.40 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

दूसरे एशियाई बाजारों की चाल

अन्य एशियाई बाजारों में हेंग सेंग 1.6 प्रतिशत गिरा है। सेट कंपोजिट में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट है। शंघाई कंपोजिट और कॉस्पी भी नीचे आया है। वहीं निक्केई 225 फ्लैट है। हालांकि अमेरिकी बाजार हरे निशान में बंद हुए हैं। यूरोपीय बाजारों में भी तेजी है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Varun Beverages का शेयर 23% चढ़ सकता है, सीएलएसए ने दिया 654 रुपये का टारगेट प्राइस

वरुण बेवरेजेज का शेयर 23 फीसदी चढ़ सकता है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए ने अपनी रिपोर्ट में यह कहा है। कंपनी के शेयर में 19 जून को तेजी दिखी। 12 बजे यह 0.22 फीसदी उछाल के साथ 532.70 रुपये पर चल रहा था।

654 रुपये तक जा सकता है शेयर

CLSA का कहना है कि वरुण बेवरेजेज के शेयरों का प्रदर्शन अच्छा रह सकता है। उसने शेयर के लिए 654 रुपये का प्राइस टारगेट दिया है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि वरुण बेवरेजेज ने कैलपिस ब्रांड के लिए जापान के असाही ग्रुप होल्डिंग्स के साथ समझौता किया है। इससे वरुण बेवरेजेज के पोर्टफोलियो को मजबूती मिलेगी।

असाही ग्रुप से समझौते का होगा फायदा

वरुण बेवरेजेज ने 18 जून को बताया था कि उसने कैलपिस ब्रांड की मैन्युफैक्चरिंग, डिस्ट्रिब्यूशन और बिक्री के लिए असाही ग्रुप के साथ समझौता किया है। कैलपिस फर्मेंटेड मिल्क-बेस्ड बेवरेजेज है, जो जापान में 100 साल से ज्यादा समय से मौजूद है। असाही पर प्रोडक्ट डेवलपमेंट की जिम्मेदारी होगी। वह वरुण को टेक्निकल सपोर्ट भी उपलब्ध कराएगी। वरुण पर मार्केटिंग और ब्रांड मैनेजमेंट की जिम्मेदारी होगी।

मार्च तिमाही में अच्छा प्रदर्शन

सीएलएसए ने कहा है कि इस पार्टनरशिप से वरुण बेवरेजेज को अपना मैन्युफैक्चरिंग बेस और डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क बढ़ाने में मदद मिलेगी। कंपनी अपने कोल्ड-चेन इंफ्रास्ट्रक्चर का भी विस्तार करेगी। कंपनी का प्रदर्शन मार्च तिमाही में बेहतर रहा है। इस दौरान इसका नेट प्रॉफिट 20 फीसदी बढ़कर 872 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू में भी 18.3 फीसदी इजाफा हुआ।

24 एनालिस्ट्स ने दी खरीदने की सलाह

वरुण बेवरेजेज को कवर करने वाले 28 एनालिस्ट्स में से 24 ने इसके शेयरों को खरीदने की सलाह दी है। 4 एनालिस्ट्स ने शेयरों को होल्ड करने की सलाह दी है। बीते एक महीने में यह शेयर 8.7 फीसदी चढ़ा है। इधर, 19 जून को शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट आई। बीते पांच दिनों से जारी तेजी पर ब्रेक लग गया।

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शेयर बाजार में तेजी पर लगा ब्रेक

19 जून को 12 बजे निफ्टी 0.89 फीसदी यानी 216 अंक गिरकर 23,951 पर चल रहा था। सेंसेक्स 1.03 फीसदी यानी 792 अंक की कमजोरी के साथ 76,626 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी में भी 0.68 फीसदी की कमजोरी देखने को मिली। इससे पहले अमेरिका-ईरान में डील की खबर से लगातार पांच सत्रों में बाजार में तेजी दिखी थी।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Rajesh Exports Share Price: 5% उछाल के बाद राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में लगा अपर सर्किट, 5 सत्रों में 28% चढ़ा है स्टॉक

Rajesh Exports Share Price: राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में 19 जून को बड़ी तेजी आई। 5 फीसदी चढ़ने के बाद शेयर में अपर सर्किट लग गया। बीते पांच ट्रेडिंग सेशंस में यह शेयर करीब 28 फीसदी चढ़ चुका है। कंपनी और इसके फाउंडर राजेश मेहता के खिलाफ सेबी के अंतरिम आदेश के बाद शेयर में बड़ी गिरावट आई थी। लेकिन, अब शेयर तब के क्लोजिंग लेवल से करीब 11 फीसदी नीचे रह गया है।

सेबी ने 3 जून को दिया था अंतरिम आदेश

सेबी ने 3 जून को राजेश एक्सपोर्ट्स उसके फाउंडर चेयरमैन के खिलाफ अंतरिम आदेश दिया था। उसके बाद लगातार 7 सत्रों में शेयर गिरा था। इससे पिछले महीने इसका भाव गिरकर 52 हफ्ते के निचले स्तर 77.05 रुपये पर आ गया था। रेगुलेटर ने मामले की जांच पूरी होने तक राजेश एक्सपोर्ट्स और मेहता पर सिक्योरिटीज मार्केट में किसी तरह का ट्रांजेक्शन करने पर रोक लगा दी है। कंपनी पर FY21 और FY25 के बीच करीब 15.15 लाख करोड़ रुपये का रेवेन्यू बढ़ाकर दिखाने का आरोप है।

राजेश एक्सपोर्ट्स ने आरोपों को गलत बताया

सेबी का आरोप है कि राजेश एक्सपोर्ट्स की विदेश में स्थित सब्सिडियरीज के रेवेन्यू का एक बड़ा हिस्सा बढ़ाकर दिखाया गया। रेगुलेटर के मुताबिक, FY21 और FY25 के बीच राजेश एक्सपोर्ट्स के कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू में उसकी सब्सिडियरीज कंपनियों की हिस्सेदारी 97-99 फीसदी थी। हालांकि, राजेश एक्सपोर्ट्स ने सेबी के आरोपों को गलत बताया है। पिछले हफ्ते कंपनी ने इस बारे में सफाई पेश की थी। उसने कहा था कि सेबी के आदेश में सिर्फ प्रारंभिक ऑब्जर्वेशन शामिल है। उसने यह भी कहा था कि उसका रेवेन्यू और फाइनेंशियल डिसक्लोजर्स सही हैं।

राजेश एक्सपोर्ट्स आरोपों का जवाब तैयार कर रही

राजेश एक्सपोर्ट्स ने यह भी कहा था कि वह सपोर्टिंग डॉक्युमेंट्स के साथ सेबी के आरोपों का जवाब तैयार कर रही है। उसने मनीकंट्रोल को बताया कि अलग-अलग एक्सचेंज के डिसक्लोजर्स में डेटा में जो फर्क है, उसकी वजह रिपोर्टिंग के अलग-अलग तरीके हैं। इनसे डेटा में किसी तरह की अनियमितता का संकेत नहीं मिलता है।

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इस साल 45 फीसदी गिरा है कंपनी का शेयर 

राजेश एक्सपोर्ट्स का शेयर इस साल अब तक 45 फीसदी से ज्यादा गिरा है। इधर, 19 जून को शेयर बाजारों में 5 दिनों की तेजी पर ब्रेक लग गया। 11:20 बजे निफ्टी 0.88 फीसदी यानी 212 अंक गिरकर 23956 पर चल रहा था। सेंसेक्स 1 फीसदी की कमजोरी यानी 783 अंक गिरकर 76,624 पर चल रहा था। इससे पहले अमेरिका-ईरान में डील की खबर से शेयर बाजारों में लगातार तेजी देखने को मिली थी।

Share Market Crash: शेयर बाजार इन 5 कारणों से लाल; सेंसेक्स 833 अंक लुढ़का, निफ्टी 23950 से नीचे

भारतीय शेयर बाजार में 19 जून को बिकवाली का जबरदस्त दबाव है। सेंसेक्स की ओपनिंग लाल निशान में हुई और फिर यह पिछली क्लोजिंग से 833 अंक तक फिसलकर 76,576.89 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी 229 अंकों से ज्यादा टूटकर 23,938.75 के लो तक गया। एक दिन पहले गुरुवार को शेयर बाजारों में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी रही थी। सेंसेक्स 254.36 अंक चढ़कर 77,409.98 पर बंद हुआ था। निफ्टी 82.30 अंक चढ़कर 24,168 पर बंद हुआ था। शुक्रवार को बाजार किन कारणों से फिसला, आइए जानते हैं…

IT शेयरों में जबरदस्त बिकवाली

IT शेयरों में बिकवाली का भारी दबाव है। Nifty IT इंडेक्स सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टोरल इंडेक्स रहा और इसमें 6 प्रतिशत की गिरावट आई। दरअसल दिग्गज आईटी कंपनी Accenture ने रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को कम कर दिया है और डिमांड कमजोर रहने का संकेत दिया है। इससे ग्लोबल टेक्नोलॉजी खर्च में रिकवरी की रफ्तार को लेकर चिंता बढ़ गई। भारतीय आईटी शेयर भी दबाव में आ गए। इंफोसिस में 7.6 प्रतिशत, टेक महिंद्रा में 6.3 प्रतिशत और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में 6 प्रतिशत तक की गिरावट आई। HCLTech 5.3 प्रतिशत और Wipro 3.6 प्रतिशत तक टूटा।

FII की बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) कैश मार्केट में फिर से नेट सेलर बन गए हैं। गुरुवार को उन्होंने 1,025.20 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इससे पहले बुधवार को उन्होंने 101.59 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।

प्रॉफिट बुकिंग

तेल की कीमतें कम होने की वजह से पिछले 5 सेशंस में सेंसेक्स में कुल 3,577.43 अंकों और निफ्टी में 1,006.4 अंकों की बढ़त दर्ज की गई। इस बढ़त को देखते हुए निवेशकों की ओर से उच्च स्तरों पर मुनाफावसूली का भी गिरावट में हाथ है।

Horizon Reclaim India Listing: 46% से ज्यादा बढ़त में लिस्टिंग के बाद 5% टूटा शेयर, लगा लोअर सर्किट

दूसरे एशियाई बाजारों की कमजोरी

अन्य एशियाई बाजारों में हेंग सेंग और कॉस्पी 1.6-1.6 प्रतिशत गिरे हैं। सेट कंपोजिट और जकार्ता कंपोजिट में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट है। शंघाई कंपोजिट भी नीचे आया है। हालांकि अमेरिकी बाजार हरे निशान में बंद हुए हैं। यूरोपीय बाजारों में भी तेजी है।

India VIX में बढ़ोतरी

शेयर बाजार में ​अस्थिरता को मापने वाला India VIX लगभग 6 प्रतिशत बढ़कर 13.37 हो गया। इस वोलैटिलिटी इंडेक्स में बढ़ोतरी आम तौर पर निवेशकों के बीच बढ़ती अनिश्चितता और निकट भविष्य में मार्केट में तेज उतार-चढ़ाव का संकेत देती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Horizon Reclaim India Listing: 46% से ज्यादा बढ़त में लिस्टिंग के बाद 5% टूटा शेयर, लगा लोअर सर्किट

19 जून को SME सेक्टर की कंपनी होराइजन रीक्लेम (इंडिया) की शेयर बाजार में लिस्टिंग शानदार रही। लेकिन तुरंत ही थोड़ी मायूसी भी हाथ लगी। शेयर BSE SME पर 46.6 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 151 रुपये पर लिस्ट हुआ। लेकिन फिर तुरंत ही 5 प्रतिशत लुढ़का और 143.45 रुपये पर लोअर सर्किट लग गया। IPO प्राइस 103 रुपये प्रति शेयर था। कंपनी रीक्लेम्ड रबर बनाती है। यह रबर पुराने टायरों, रबर ट्यूब्स, ट्रेड पीलिंग और इंडस्ट्रियल स्क्रैप जैसे इस्तेमाल किए गए रबर मैटेरियल्स से रीसाइकिल करके बनाया जाता है।

54.27 करोड़ रुपये का IPO 12 जून को खुला था ओर 16 जून को बंद हुआ। इसमें 53 लाख नए शेयर जारी हुए। पब्लिक इश्यू कुल 304.11 गुना भरा था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 186.72 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 450.74 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 308.30 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

Horizon Reclaim (India) का मार्केट कैप लगभग 280 करोड़ रुपये है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कंपनी ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से 15.46 करोड़ रुपये जुटाए थे। कंपनी के प्रमोटर मोहित बजाज और ​मल्लिका बजाज हैं।

Share Market Crash: 5 दिन बाद लुढ़का बाजार, सेंसेक्स 832 अंक तक टूटा; निवेशकों ने गंवाए ₹1.35 लाख करोड़

कंपनी की वित्तीय सेहत

Horizon Reclaim (India) का वित्त वर्ष 2026 के दौरान शुद्ध मुनाफा 10.50 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 7 करोड़ रुपये था। कुल इनकम 50 करोड़ रुपये दर्ज की गई, जो वित्त वर्ष 2025 में 36.39 करोड़ रुपये थी। EBITDA 16.32 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2025 में 10.46 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर 35.76 करोड़ रुपये की उधारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Share Market Crash: 5 दिन बाद लुढ़का बाजार, सेंसेक्स 832 अंक तक टूटा; निवेशकों ने गंवाए ₹1.35 लाख करोड़

5 दिन तेजी देखने के बाद शेयर बाजार में शुक्रवार, 19 जून को गिरावट है। सेंसेक्स खुलने के चंद पलों के अंदर ही लगभग 832 अंक तक लुढ़क गया। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 1.35 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया। सेंसेक्स की ओपनिंग लाल निशान में हुई और फिर यह पिछली क्लोजिंग से लगभग 832 अंक तक फिसलकर 76,578.08 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी 229 अंकों से ज्यादा टूटकर 23,938.75 के लो तक गया।

गुरुवार, 18 जून को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,77,04,016.033 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट खुलने के कुछ ही पलों के अंदर यह घटकर 4,75,69,044.59 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 1,34,971.443 करोड़ रुपये की कमी।

कच्चे तेल और रुपये की चाल

पश्चिम एशिया में तनाव थमने से कच्चे तेल की कीमत में गिरावट जारी है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स का भाव और 0.58 प्रतिशत कम होकर 79.39 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। रुपया 19 जून को शुरुआती कारोबार में 10 पैसे की बढ़त के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.30 पर है। एक दिन पहले अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 10 पैसे की मजबूती के साथ 94.40 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

एक दिन पहले क्या रहा था हाल

भू-राजनीतिक मोर्चे पर सकारात्मक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों में जारी नरमी से गुरुवार को शेयर बाजारों में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी रही थी। सेंसेक्स 254.36 अंक चढ़कर 77,409.98 पर बंद हुआ था। निफ्टी 82.30 अंक चढ़कर 24,168 पर बंद हुआ था। 5 कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स में कुल 3,577.43 अंकों और निफ्टी में 1,006.4 अंकों की बढ़त दर्ज की गई।

Stocks to Watch: आज, 19 जून को HDFC Bank, RIL, HCL Tech समेत इन शेयरों में दिख सकती है बड़ी उठापटक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : 19 जून को बेंचमार्क इंडेक्स BSE सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत सुस्त रहने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी में मामूली बढ़त है। यह शुरुआती कारोबार में 24,008 के आसपास ट्रेड कर रहा है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

18 जून को उतार-चढ़ाव भरे ट्रेडिंग सेशन में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी कल 24,200 के स्तर के करीब बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों से सेंटीमेंट बेहतर हुआ। निवेशकों ने US फेडरल रिजर्व के सख्त पॉलिसी रुख पर भी नजरें रखीं। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 254.36 अंक या 0.33 प्रतिशत बढ़कर 77,409.98 पर और निफ्टी 82.30 अंक या 0.34 प्रतिशत बढ़कर 24,168 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 08.00 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 12 अंक यानी 0.05 फीसदी की बढ़त के साथ 24,007 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 0.75 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स 0.47 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। कोस्पी 2.64 फीसदी ऊपर दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.43 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी रही। सेमीकंडक्टर शेयरों में बढ़त की वजह से नैस्डैक में 1.9% की बढ़ोतरी हुई। वहीं,अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के बाद महंगाई को लेकर चिंताएं कम हुईं। हालांकि निवेशकों ने फेडरल रिजर्व द्वारा इस साल ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना को भी ध्यान में रखा। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 72.15 अंक या 0.14% बढ़कर 51,564.70 पर पहुंच गया,S&P 500 में 80.48 अंक या 1.08% की बढ़त हुई और यह 7,500.58 पर बंद हुआ। नैस्डैक कम्पोजिट 496.28 अंक या 1.91% बढ़कर 26,517.93 पर पहुंच गया।

डॉलर इंडेक्स

शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में दूसरी प्रमुख करेंसी के मुकाबले अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में बहुत कम बदलाव देखने को मिला है। फिलहास डॉलर इंडेक्स 100.77 के स्तर पर दिख रहा है।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसीज में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। जापानी येन सबसे मजबूत है। इसमें 0.174% की बढ़त देखने को मिल रही है। इसके बाद दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.125% की बढ़त है। सिंगापुर डॉलर में भी 0.008% की मामूली बढ़त हुई है जो बाजार में स्थिरता का संकेत है।

कमजोर प्रदर्शन करने वालों में फिलीपीन पेसो में सबसे ज्यादा 0.323% की गिरावट दर्ज की गई है। जबकि इंडोनेशियाई रुपिया में 0.180% की गिरावट आई है। चीनी रेनमिनबी 0.106% कमजोर दिख रही है। ताइवान डॉलर में 0.028% की गिरावट आई है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

18 जून को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर बने रहे और उन्होंने ₹1,000 करोड़ से ज्यादा के शेयर बेचे। इसके उलट,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा दिया और सेशन के दौरान ₹3,516 करोड़ के शेयर खरीदे।

 

 

RIL AGM 2026: रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं AGM आज, जानिए किन ऐलानों पर रहेगी बाजार की नजर

Stocks to Watch: आज, 19 जून को HDFC Bank, RIL, HCL Tech समेत इन शेयरों में दिख सकती है बड़ी उठापटक

शुक्रवार, 19 जून को HDFC Bank, HCL Tech, Bharat Forge समेत कई शेयर फोकस में रहने वाले हैं। इनमें से कुछ कंपनियों ने एक दिन पहले नई डील, कॉन्ट्रैक्ट्स और अन्य तरह के ​डेवलपमेंट्स पर शेयर बाजारों को जानकारी दी थी। इन पर बाजार आज प्रतिक्रिया देगा। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज की आज सालाना आम बैठक है। इसके अलावा एसएमई सेगमेंट में एक लिस्टिंग है, वहीं कुछ कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड, एक्स-बोनस, एक्स-स्प्लिट ट्रेड करने वाले हैं। आइए जानते हैं किन शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है…

इन शेयरों पर रखें नजर

Wipro: कंपनी Aggne Global IT Services में अतिरिक्त 20 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी। इस सौदे के 30 जून, 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। 15 फरवरी, 2024 को विप्रो और उसकी सब्सिडियरी Wipro IT Services, LLC ने Aggne Global IT Services और Aggne Global Inc. में 60-60 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी।

HDFC Bank: RBI ने HDFC बैंक के अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन के तौर पर केकी मिस्त्री का कार्यकाल तीन महीने और बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। यह कार्यकाल 18 सितंबर, 2026 तक या रेगुलर पार्ट-टाइम चेयरमैन की नियुक्ति होने तक (जो भी पहले हो) रहेगा।

HCL Technologies: कंपनी ने चेन्नई में AI इनोवेशन जोन लॉन्च किया है। इसका मकसद कंपनियों को Intel-बेस्ड AI प्रोडक्ट्स और HCLTech AI सॉल्यूशंस में इनोवेशन करने और उन्हें इस्तेमाल में लाने में मदद करना है।

Amber Enterprises India: एम्बर ग्रुप ने Oppo Mobiles India के साथ मैन्युफैक्चरिंग के लिए साझेदारी की है। OPPO India, भारत में OPPO, OnePlus और Realme ब्रांड्स के मोबाइल फोन की लाइसेंस्ड मैन्युफैक्चरर है। साझेदारी के तहत, एम्बर ग्रुप इन ब्रांड्स के लिए मोबाइल फोन बनाएगा।

ImagicaaWorld Entertainment: महाराष्ट्र सरकार के सिंचाई विभाग ने कंपनी को बांधों से पानी का इस्तेमाल न करने का निर्देश दिया है। विभाग ने आसपास के इलाकों के बांधों में पानी का स्तर कम होने और अल-नीनो (El Niño) के असर का हवाला दिया है। इसके चलते कंपनी के मैनेजमेंट ने महाराष्ट्र के खोपोली में स्थित Imagicaa Water Park में कामकाज को 19 जून से अस्थायी रूप से रोक दिया है। यह रोक तब तक जारी रहेगी, जब तक पानी की स्थिति में सुधार नहीं हो जाता।

Diamond Power Infrastructure: कंपनी के बोर्ड ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) को क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए इक्विटी शेयर जारी करके 2,000 करोड़ रुपये तक का फंड जुटाने की मंजूरी दे दी है। यह फंड एक या ज्यादा किश्तों में जुटाया जाएगा।

General Insurance Corporation of India: डिप्टी जनरल मैनेजर राजेश लहेरी ने 18 जून से जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर का पदभार संभाल लिया है। इसके साथ ही, वी. बालकृष्ण 18 जून से कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर नहीं हैं। हालांकि, बालकृष्ण GIC में जनरल मैनेजर के तौर पर सीनियर मैनेजमेंट का हिस्सा बने रहेंगे।

Bosch Home Comfort India: बॉश ग्लोबल सॉफ्टवेयर टेक्नोलोजिज ने ऑफर-फॉर-सेल (OFS) में 2.02 लाख शेयरों तक के ओवरसब्सक्रिप्शन ऑप्शन का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। यह 19.63 लाख शेयरों के बेस ऑफर साइज के अलावा है। अब कुल ऑफर साइज बढ़कर 21.66 लाख शेयर हो जाएगा। OFS 19 जून को बंद होगा।

Bharat Forge: कंपनी के 100 प्रतिशत मालिकाना हक वाली डिफेंस सब्सिडियरी, कल्याणी स्ट्रैटेजिक सिस्टम्स ने यूरोसैटरी डिफेंस एक्सपो में मिलिट्री व्हीकल और मोबाइल डिफेंस क्षमताएं देने वाली प्रमुख कंपनी AM जनरल के साथ एक स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की है। इस पार्टनरशिप का मकसद बड़े पैमाने पर सहयोगी डिस्ट्रीब्यूशन को सपोर्ट करना है। साथ ही इस प्लेटफॉर्म को उन सहयोगी देशों के लिए एक स्केलेबल और एक्सपोर्ट-योग्य आर्टिलरी सॉल्यूशन के तौर पर पेश करना है, जो आधुनिक, मोबाइल और सुरक्षित 155mm फायरपावर क्षमताएं चाहते हैं।

बल्क और ब्लॉक डील्स

Anthem Biosciences: प्रमोटर अरुणा गणेश एंथम बायोसाइंसेज में अपनी 3.04 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर कंपनी से बाहर निकल गए। उन्होंने यह बिक्री 1,274.7 करोड़ रुपये में की। प्रमोटर द्वारा बेची गई 3.04 प्रतिशत हिस्सेदारी को कई घरेलू और ग्लोबल निवेशकों ने खरीदा, जिनमें 360 ONE MF, कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी केनरा रोबेको MF, घिसालो मास्टर फंड, HDFC MF, ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, इंटीग्रेटेड कोर स्ट्रैटेजीज़ एशिया, व्हाइटओक कैपिटल MF, महिंद्रा मैनुलाइफ MF, PI अपॉर्च्युनिटीज़ AIF V, प्रूडेंशियल हांगकांग, SBI MF, सोसिएट जेनरल और UTI MF शामिल हैं।

Shaily Engineering Plastics: प्रमोटर वनिता एल. नागडा ने शैली इंजीनियरिंग प्लास्टिक्स में 1.4 प्रतिशत हिस्सेदारी 170.3 करोड़ रुपये में बेच दी है।

SME लिस्टिंग

होरिजॉन रिक्लेम (इंडिया)

ये स्टॉक्स करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

HDFC बैंक

HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स

अंबा एंटरप्राइजेज

AWL एग्री बिजनेस

कोरोना रेमेडीज

GHCL टेक्सटाइल्स

हिंदुस्तान इंसुलेटर्स एंड इंडस्ट्रीज

इंडियामार्ट इंटरमेश

इंडिया शेल्टर फाइनेंस कॉर्पोरेशन

पॉलीकैब इंडिया

राघव प्रोडक्टिविटी एनहांसर्स

सैनोफी कंज्यूमर हेल्थकेयर इंडिया

सॉलिटेयर मशीन टूल्स

टाटा कम्युनिकेशंस

टोरेंट पावर

ये स्टॉक करेंगे एक्स-स्प्लिट और एक्स-बोनस ट्रेड

दीपक बिल्डर्स एंड इंजीनियर्स इंडिया

स्ट्रिंग मेटावर्स