मोहनलाल स्टारर ‘L367’ का हुआ बड़ा ऐलान, नेशनल अवॉर्ड विनिंग डायरेक्टर विष्णु मोहन की फिल्म का नाम होगा ‘ऑपरेशन गंगा’

Operation Ganga: भारत की इंटरनेशनल बॉर्डर पर किए गए सबसे साहसी और दिलचस्प ऑपरेशन्स में से एक पर ‘ऑपरेशन गंगा – ए नेशन्स प्रॉमिस’ बनी है। मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल इस फिल्म में लीड रोल में नजर आने वाले हैं, जबकि उनके साथ अर्जुन रामपाल, भाग्यश्री बोर्से, पार्थिबन और आदिल हुसैन भी स्क्रीन शेयर करते दिखेंगे। फिल्म का डायरेक्शन नेशनल अवॉर्ड विनर फिल्ममेकर विष्णु मोहन द्वारा किया जा रहा है।

मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल स्टारर अप कमिंग फिल्म L367 के नाम से आखिरकार पर्दा उठ गया है। बता दें कि फिल्म का आधिकारिक नाम मेकर्स ने ‘ऑपरेशन गंगा’ रखा है। नेशनल अवॉर्ड जीत चुके डायरेक्टर विष्णु मोहन ने फिल्म के डायरेक्शन की कमान अपने हाथों में ली है। यह फिल्म अपने अनोखी टाइटल के साथ एक दिलचस्प कहानी कहने के लिए तैयार है जिसे कभी नहीं सुनाया गया है। फिल्म की कहानी बेहद खास है जिसे हर भारतीय को जरूर जानना चाहिए।

फिल्म का टाइटल भारत के एक बड़े रेस्क्यू मिशन पर रखा गया है। रेस्क्यू मिशन उन भारतीयों को देश वापस लाने को लेकर था जो रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यूक्रेन में फंस गए थे। इन फंसे हुए लोगों में सबसे ज्यादा छात्र और कुछ वहां रहने वाले लोग थे और उन्हीं की वापसी के लिए इस अभियान को चलाया गया था। यह फिल्म एक ऐसी शानदार कहानी है, जो दर्शकों को भारत द्वारा किए गए एक अहम मिशन से रूबरू कराएगी। यह विदेशी धरती पर किया गया एक सफल मिशन है, जिसे ऐतिहासिक जीत के साथ पूरा किया गया।

इसके अलावा इस प्रोजेक्ट को सबसे खास बनाती है फिल्म मेकिंग से जुड़ी एक बहुत टैलेंटेड टीम। फिल्म की टेक्निकल क्रू की बात करे तो इसमें ‘पुष्पा 1’ और ‘पुष्पा 2’ के लिए जाने जानें वाले सिनेमैटोग्राफर मिरोस्लाव कुबा ब्रोजेक शामिल हैं। वहीं, ‘गोट’, ‘मेयाझगन’, ‘अमरन’ और ‘कथनार’ जैसी फिल्मों पर काम कर चुके राजीवन प्रोडक्शन डिजाइनर के रूप में प्रोजेक्ट में जुड़े हैं। जबकि एक्शन को अलग लेवल पर लाकर जाने के लिए एक्शन डायरेक्टर सी यंग ओह जुड़े हैं, जिन्होंने सुपर हिट फिल्म्स ‘धुरंधर’ और ‘किल’ के एक्शन को डायरेक्ट किया है।

फिल्म ‘ऑपरेशन गंगा’ को गोकुलम गोपालन द्वारा श्री गोकुलम मूवीज के बैनर तले प्रोड्यूस किया जा रहा है। फिल्म में मोहनलाल लीड रोल में हैं, जबकि अन्य कलाकारों की बात करें तो अर्जुन रामपाल, भाग्यश्री बोर्से, आदिल हुसैन और पार्थिबन भी अहम भूमिका निभाते नजर आने वाले हैं। सुपरहिट पैन-इंडियन फिल्म ‘धुरंधर’ में जबरदस्त म्यूजिक का तड़का लगाने वाले म्यूजिक कंपोजर शाश्वत सचदेव अब ‘ऑपरेशन गंगा’ का म्यूजिक कंपोज कर रहे हैं।

फिल्म की क्रू में एडिटर शमीर मोहम्मद, साउंड डिजाइनर बिश्वदीप चटर्जी शामिल हैं, जो ‘धुरंधर’, ‘उरी’, ‘3 इडियट्स’ और ‘पद्मावत’ के लिए जाने जाते हैं। वीएफएक्स सुपरवाइजर के. वी. संजीत ‘कांतारा’ के लिए जाने जाते हैं। मिलिट्री एडवाइजर स्क्वाड्रन लीडर वरलिन पंवार ने ‘सेफेद सागर’, ‘बॉर्डर 2’ और ‘फाइटर’ पर काम किया है। इसके अलावा लोका कॉस्ट्यूम डायरेक्टर मेल्वी जे, मेकअप आर्टिस्ट रोनेक्स जेवियर और प्रोडक्शन कंट्रोलर रिन्नी दिवाकर भी टीम का हिस्सा हैं।

फिल्म को गोकुलम गोपालन ने प्रोड्यूस किया है, जबकि बैजू गोपालन और वी. सी. प्रवीण इसके को-प्रोड्यूसर हैं, जबकि कृष्णमूर्ति ने एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर की कमान संभाली है।

Kartik Aaryan: कार्तिक आर्यन के घुटने की हुई सर्जरी, कबीर खान की फिल्म के सेट पर हुए थे चोटिल

Kartik Aaryan: एक्टर कार्तिक आर्यन की मुंबई के एक अस्पताल में घुटने की सफल सर्जरी हुई है। हाल ही में अपनी एक फिल्म के सेट पर एक्शन सीन करते समय उनके घुटने में चोट लग गई थी, जिसके बाद उन्हें सर्जरी करवानी पड़ी।

उनके प्रवक्ता के बयान के मुताबिक नेशनल अवॉर्ड जीतने वाले एक्टर अभी ठीक हो रहे हैं और उम्मीद है कि जल्द ही शूटिंग शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा, “कार्तिक आर्यन को अपनी फिल्म के सेट पर एक एक्शन सीन करते समय घुटने में चोट लग गई थी। उनकी सर्जरी सफल रही और अब वह घर पर आराम कर रहे हैं और ठीक हो रहे हैं। वह जल्द ही सेट पर लौटेंगे।”

कार्तिक को यह चोट डायरेक्टर कबीर खान के साथ अपनी आने वाली फिल्म की शूटिंग के दौरान लगी। प्रोडक्शन से जुड़े एक सूत्र ने इंडिया टुडे को बताया, “कार्तिक को फोर्टिस रहेजा अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वह डॉक्टरों की देखरेख में हैं। डॉक्टर एक दिन में उनके घुटने की सर्जरी करेंगे, जिसके बाद उन्हें कुछ दिन आराम करना होगा। इसके बाद वह अपने काम पर लौट सकेंगे।” इससे पहले एक्टर को 2023 में आई अपनी फिल्म ‘शहजादा’ की शूटिंग के दौरान भी घुटने में चोट लगी थी।

कार्तिक की नेशनल अवॉर्ड में जीत

भले ही कार्तिक अभी चोट से जूझ रहे हों और ठीक हो रहे हों, लेकिन प्रोफेशनल तौर पर 2026 उनके लिए बहुत खास साल रहा है। एक्टर ने हाल ही में 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में ‘बेस्ट एक्टर इन ए लीडिंग रोल’ का अवॉर्ड जीता। 18 जुलाई को घोषित यह अवॉर्ड कार्तिक को कबीर खान की डायरेक्ट की गई बायोग्राफिकल स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ में भारत के पहले पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट मुरलीकांत पेटकर का किरदार निभाने के लिए दिया गया।

इस कामयाबी पर इंस्टाग्राम पर प्रतिक्रिया देते हुए आर्यन ने लिखा, “अभी भी यकीन नहीं हो रहा… कुछ पल शब्दों से कहीं बड़े होते हैं, और यह उन्हीं में से एक है। बरसों से देखा गया मेरा सपना आखिरकार सच हो गया। हमेशा विनम्र और आभारी रहूंगा… बेस्ट एक्टर नेशनल अवॉर्ड #ChanduChampion।”

कार्तिक को बेस्ट एक्टर का सम्मान मलयालम सिनेमा के दिग्गज ममूटी के साथ मिला, जिन्हें ‘ब्रह्मायुगम’ में उनकी बेहतरीन एक्टिंग के लिए यह अवॉर्ड दिया गया। यह कार्तिक का पहला नेशनल अवॉर्ड है, जबकि ममूटी का यह चौथा अवॉर्ड है। ठीक होने के बाद, उम्मीद है कि कार्तिक कबीर खान की बिना नाम वाली फिल्म की शूटिंग फिर से शुरू करेंगे। वह अनुराग बसु की रोमांटिक ड्रामा फिल्म में श्रीलीला के साथ बाकी हिस्सों की शूटिंग भी करेंगे।

Kartik Aaryan: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस पर ‘एट होम रिसेप्शन’ के लिए कार्तिक आर्यन को किया इनाइट

Kartik Aaryan: बॉलीवुड एक्टर कार्तिक आर्यन को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 15 अगस्त को नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में होने वाले खास ‘एट होम रिसेप्शन’ में शामिल होने के लिए बुलाया है। ‘भूल भुलैया 3’ के एक्टर, 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्वारा आयोजित इस खास कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे।

खास बात यह है कि कार्तिक बॉलीवुड के इकलौते एक्टर हैं जिन्हें इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बुलाया गया है और वे खास मेहमानों में शामिल होंगे, जो लोग नहीं जानते, उन्हें बता दें कि ‘एट होम रिसेप्शन’ भारत के राष्ट्रपति द्वारा आयोजित एक औपचारिक कार्यक्रम होता है, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियां-जैसे राष्ट्रीय नेता, सेना के जवान, खिलाड़ी, कलाकार और खास उपलब्धियां हासिल करने वाले लोग—एक साथ इकट्ठा होते हैं।

कार्तिक को यह निमंत्रण तब मिला है जब उन्हें हाल ही में कबीर खान की खूब पसंद की गई स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ में उनकी एक्टिंग के लिए 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में ‘बेस्ट एक्टर’ का अवॉर्ड मिला है। जुलाई में, जब नेशनल अवॉर्ड जीतने वाले के तौर पर कार्तिक के नाम का ऐलान हुआ, तो उन्होंने सोशल मीडिया पर परिवार के साथ एक खास पल शेयर किया था।

उन्होंने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वे अपने परिवार के साथ नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड्स की लाइव घोषणा देखते हुए नजर आ रहे हैं। जैसे ही ‘चंदू चैंपियन’ के लिए ‘बेस्ट एक्टर’ के तौर पर उनके नाम की घोषणा हुई, कार्तिक खुशी से चिल्ला पड़े। वीडियो में आगे कार्तिक के माता-पिता को अपने बेटे को गले लगाकर और उनकी इस नई कामयाबी पर बधाई देते हुए, इस गर्व भरे पल को उनके साथ साझा करते हुए दिखाया गया है।

कार्तिक की मां ने खुशी के उस पल में प्यार से उनके गाल पर किस भी किया।

अपनी खुशी ज़ाहिर करते हुए कार्तिक ने फ़ोटो-शेयरिंग ऐप पर लिखा, “अभी भी यकीन नहीं हो रहा… कुछ पल शब्दों से कहीं बड़े होते हैं, और यह उन्हीं में से एक है। बरसों से देखा गया मेरा सपना आखिरकार सच हो गया है। हमेशा विनम्र, हमेशा आभारी… बेस्ट एक्टर नेशनल अवॉर्ड #ChanduChampion”

लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार क्यों है खास? अजीत डोभाल को मिला सम्मान, जानिए इसका पूरा इतिहास

पुणे में शनिवार को एक समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। वहीं इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि इस दौरान देश की सेनाओं की रक्षा और जवाबी कार्रवाई की क्षमता में बड़ा सुधार हुआ है। बता दें कि, यह पुरस्कार हर साल 1 अगस्त को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर देश और समाज के लिए बेहतरीन काम करने वाले लोगों को दिया जाता है।

अजीत डोभाल को मिला सम्मान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आगे कहा कि भारत की विदेश नीति को मजबूत बनाने में भी डोभाल का बड़ा योगदान रहा है। शाह के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वपूर्ण फैसलों में अजीत डोभाल की सलाह और भूमिका अहम रही है। भारत अब लोकमान्य तिलक के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के विचारों पर आगे बढ़ रहा है और सरकार इस रास्ते पर मजबूती से काम करती रहेगी। अमित शाह ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में नरेंद्र मोदी सरकार ने देश की सेनाओं की रक्षा और जवाबी कार्रवाई की क्षमता को नई मजबूती दी है। इस बदलाव में अजीत डोभाल का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है।”

अमित शाह ने कहा कि साल 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार बनने के बाद सबसे पहले अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) नियुक्त करने का फैसला लिया था। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय सेनाओं को आधुनिक बनाने, उनकी कार्यप्रणाली में सुधार लाने, नई तकनीक अपनाने और उनकी संचालन क्षमता को मजबूत करने के लिए कई बड़े फैसले किए। शाह के अनुसार, इन सभी महत्वपूर्ण कदमों में अजीत डोभाल ने सलाहकार के रूप में अहम भूमिका निभाई। गृह मंत्री ने कहा कि भारत की विदेश नीति को मजबूत बनाने में भी अजीत डोभाल का बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर महत्वपूर्ण फैसले में डोभाल की सलाह और भूमिका महत्वपूर्ण रही है।

कब शुरू हुआ था यह सम्मान?

तिलक स्मारक ट्रस्ट ने बताया कि लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 1983 में हुई थी। यह सम्मान सबसे पहले समाजवादी नेता एस. एम. जोशी को दिया गया था। यह पुरस्कार हर वर्ष 1 अगस्त को स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर उन व्यक्तियों को दिया जाता है, जिन्होंने देश की प्रगति और विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया हो।

इस हस्तियों को मिल चुका है सम्मान

सबसे पहले यह पुरस्कार समाजवादी नेता एसएम जोशी को प्रदान किया गया था। पिछले वर्षों में यह पुरस्कार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह और इंदिरा गांधी, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और एनसीपी के वरिष्ठ नेता शरद पवार सहित कई प्रतिष्ठित हस्तियों को मिल चुका है।

Ekta Kapoor: विद्या बालन से लेकर मौनी रॉय तक…, एकता कपूर ने इन 7 अभिनेत्रियों को दिया बड़ा ब्रेक

Ekta Kapoor: तीन दशकों से ज़्यादा समय से, इंडिया के सबसे मज़बूत प्रोड्यूसर ब्रांड एकता कपूर ने न सिर्फ़ इंडियन टेलीविज़न को बदला है, बल्कि एक्ट्रेस की एक शानदार लाइनअप भी पेश की है जो आगे चलकर इंडस्ट्री के सबसे जाने-पहचाने चेहरों में से कुछ बन गईं। चाहे आइकॉनिक डेली सोप हों या यूथ ड्रामा, बालाजी टेलीफ़िल्म्स उन टैलेंट के लिए लॉन्चपैड बन गया जिन्होंने बाद में टेलीविज़न, फ़िल्मों, OTT प्लेटफ़ॉर्म और रियलिटी शो में अपनी जगह बनाई। यहां सात एक्ट्रेस पर एक नज़र डालते हैं, जिनके करियर को एकता कपूर का साथ मिला और जिन्होंने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई।

1. विद्या बालन – हम पांच (1995)

बॉलीवुड की सबसे अच्छी एक्ट्रेस में से एक बनने से बहुत पहले, विद्या बालन ने 1995 में हम पाँच से एक्टिंग में डेब्यू किया था। हालाँकि बाद में फिल्मों में आने से पहले उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन इस सिटकॉम ने दर्शकों को उनके नेचुरल एक्टिंग टैलेंट की पहली झलक दी। विद्या ने द डर्टी पिक्चर, कहानी, तुम्हारी सुलु, मिशन मंगल और भूल भुलैया 3 जैसी फिल्मों में शानदार परफॉर्मेंस के साथ महिला प्रधान सिनेमा को फिर से परिभाषित किया, और इस दौरान कई अवॉर्ड भी जीते।

2. प्राची देसाई – कसम से (2006)

प्राची देसाई कसम से (2006) में बानी वालिया के रूप में अपना टेलीविज़न डेब्यू करने के बाद रातों-रात सेंसेशन बन गईं। शो में उनकी पॉपुलैरिटी ने बॉलीवुड के दरवाज़े खोल दिए, जहाँ उन्होंने रॉक ऑन!!, वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई, बोल बच्चन और कई वेब प्रोजेक्ट्स जैसी फिल्मों से दर्शकों को इम्प्रेस किया।

3. अनीता हसनंदानी – कभी सौतन कभी सहेली (2001)

हालांकि अनीता हसनंदानी पहले भी कुछ प्रोजेक्ट्स में दिखी थीं, लेकिन एकता कपूर की ‘कभी सौतन कभी सहेली’ (2001) ने उन्हें एक लीडिंग टेलीविज़न एक्ट्रेस के तौर पर स्थापित किया। बाद में वह काव्यांजलि, ये है मोहब्बतें और नागिन 3 में यादगार रोल के साथ बालाजी की सबसे भरोसेमंद स्टार्स में से एक बन गईं।

4. सुरवीन चावला – कहीं तो होगा (2003)

सुरवीन चावला ने 2003 में ‘कहीं तो होगा’ से टेलीविज़न की दुनिया में कदम रखा, जहाँ उन्हें जल्द ही पहचान मिली। बाद में उन्होंने पंजाबी और हिंदी फिल्मों के ज़रिए खुद को फिर से स्थापित किया, इससे पहले कि OTT पर सेक्रेड गेम्स और डिकपल्ड जैसे शो से उन्हें बहुत तारीफ़ मिली।

5. मौनी रॉय – क्योंकि सास भी कभी बहू थी (2006)

मौनी रॉय ने 2006 में ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ से टेलीविज़न पर डेब्यू किया था। हालांकि नागिन ने उन्हें सालों बाद टेलीविज़न सुपरस्टार बना दिया, लेकिन उन्हें पहला ब्रेक एकता कपूर के बैनर तले मिला। आज, मौनी ने टेलीविज़न, बॉलीवुड, म्यूज़िक वीडियो और रियलिटी शो में अपनी पहचान बनाई है, जिसमें गोल्ड और ब्रह्मास्त्र: पार्ट वन – शिवा जैसी मशहूर फिल्में शामिल हैं।

6. अंकिता लोखंडे – पवित्र रिश्ता (2009)

पवित्र रिश्ता (2009) में अंकिता लोखंडे जितना असरदार टेलीविज़न डेब्यू कुछ ही लोगों का हुआ है। अर्चना के उनके किरदार ने उन्हें इंडियन टेलीविज़न के सबसे बड़े स्टार्स में से एक बना दिया। बाद में उन्होंने मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ़ झांसी और बागी 3 जैसी फिल्मों में काम किया, और साथ ही रियलिटी टेलीविज़न पर एक पॉपुलर चेहरा भी बनीं।

7. निया शर्मा – काली – एक अग्निपरीक्षा (2010)

निया शर्मा ने 2010 में एकता कपूर के शो काली – एक अग्निपरीक्षा से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की। उन्हें जल्द ही एक हज़ारों में मेरी बहना है, जमाई राजा और बाद में नागिन 4 जैसे शो से ज़बरदस्त सफलता मिली। निया टेलीविज़न की सबसे ग्लैमरस पर्सनैलिटी में से एक बनकर उभरीं, उन्होंने रियलिटी शो जीते और डिजिटल दुनिया में अपनी मज़बूत पहचान बनाई।

आने वाले नेशनल अवॉर्ड विनर्स को लॉन्च करने से लेकर टेलीविज़न के सबसे बड़े सुपरस्टार बनाने तक, एकता कपूर ने हमेशा टैलेंट खोजने की अपनी नज़र दिखाई है। इन एक्ट्रेस ने भले ही बालाजी बैनर के तहत अपना करियर शुरू किया हो, लेकिन हर एक ने टेलीविज़न, फ़िल्मों और OTT पर एक शानदार करियर बनाया, जिससे यह साबित होता है कि एकता की सबसे बड़ी पहचान उनके बनाए शो से कहीं आगे तक फैली हुई है।

Naseeruddin Shah: ‘यह कहने का एक तरीका है कि अब आप किसी काम के…’, लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड को ठुकराने पर बोले नसीरुद्दीन शाह

Naseeruddin Shah: 76 साल की उम्र में नसीरुद्दीन शाह अपने करियर के सबसे शानदार दौर से गुजर रहे हैं। इम्तियाज़ अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में अपनी परफ़ॉर्मेंस के लिए उन्हें काफ़ी तारीफ़ मिल रही है। इस फ़िल्म को क्रिटिक्स और दर्शकों, दोनों से ही बहुत पसंद किया गया है। उन्हें अमेज़न MX प्लेयर के शो ‘मेड इन इंडिया’ में मुख्य भूमिका निभाने के लिए भी तारीफ़ मिली, जिसमें उन्होंने JRD टाटा का किरदार निभाया था। और इस शानदार दौर के बीच, एक्टर ने साफ़ कर दिया है कि अभी एक्टिंग छोड़ने का उनका कोई इरादा नहीं है।

शुक्रवार को, ‘मैं वापस आऊंगा’ की टीम ने मुंबई में फिल्म की सक्सेस पार्टी रखी। यह पार्टी फिल्म के सिनेमाघरों में 50 दिन पूरे होने के मौके पर आयोजित की गई थी, जो आज के दौर में एक बड़ी बात है। दिलजीत दोसांझ, शरवरी और वेदांग रैना स्टारर यह रोमांटिक फिल्म, कई सालों बाद इम्तियाज़ की बॉक्स-ऑफिस पर सफल फिल्म रही है। सक्सेस पार्टी में नसीरुद्दीन शाह ने फिल्म की सफलता और अपने करियर के सफर पर बात की। मीडियाकर्मियों से भरी महफिल में उन्होंने कहा, “हाल ही में मुझे कई लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड्स देने की पेशकश की गई, लेकिन मैंने मना कर दिया। लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड्स का मतलब होता है कि आपका काम पूरा हो गया है। मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं है कि मैं बस इसे लेकर चला जाऊं, और इसीलिए मैं ये अवॉर्ड्स स्वीकार नहीं करता। मुझे नहीं लगता कि मेरा काम पूरा हो गया है।”

कई नेशनल अवॉर्ड जीतने वाले एक्टर ने ‘मैं वापस आऊंगा’ के लिए दर्शकों के प्यार का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, “मैं खुद को बहुत खुशकिस्मत मानता हूं कि मैं इस फिल्म का हिस्सा बना और मुझे इस पर बहुत गर्व है। आपके सपोर्ट के लिए आप सभी का धन्यवाद।”

नसीरुद्दीन शाह ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत 1970 के दशक के बीच में पैरेलल सिनेमा से की थी, और बाद में ‘हम पांच’ फिल्म से मेनस्ट्रीम बॉलीवुड में आए। 80 के दशक में उन्हें ‘कर्मा’, ‘जलवा’ और ‘मालामाल’ जैसी फिल्मों से बॉक्स-ऑफिस पर कामयाबी मिली। उन्होंने 1979 में ‘स्पर्श’ और 1984 में ‘पार’ के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड जीता, और 2005 में ‘इकबाल’ के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का अवॉर्ड हासिल किया।

बॉक्स ऑफिस पर ‘मैं वापस आऊंगा’ की शानदार परफॉर्मेंस

इम्तियाज़ अली की डायरेक्ट की गई फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ को बिड़ला स्टूडियोज़ और अप्लॉज एंटरटेनमेंट ने प्रोड्यूस किया है, साथ ही इसमें विंडो सीट फिल्म्स के मोहित चौधरी और शिबाशीष सरकार भी शामिल हैं। पर्सनल हिस्ट्री और बंटवारे के समय की यादों पर आधारित यह पीरियड ड्रामा 95 साल के ईशर सिंह ग्रेवाल (नसीरुद्दीन शाह) की कहानी है, जिन्हें आज के पाकिस्तान के सरगोधा जाने की कोशिश के दौरान स्ट्रोक आ जाता है। जब बंटवारे से पहले की उनकी ज़िंदगी की यादें वापस आती हैं, तो उनका पोता निर्वैर (दिलजीत दोसांझ) इंग्लैंड से लौटता है ताकि परिवार के लंबे समय से दबे हुए राज़ों का पता लगा सके। ईशर के इमोशनल सफ़र से जुड़ा रहस्य ही इस कहानी का मुख्य हिस्सा है।

फ़िल्म को अच्छे रिव्यूज़ मिले और धीमी शुरुआत के बावजूद, पहले वीकेंड के बाद लोगों की अच्छी प्रतिक्रिया की वजह से इसने रफ़्तार पकड़ ली। उम्मीद है कि यह फ़िल्म दुनिया भर में ₹100 करोड़ की कमाई के साथ अपना सफ़र पूरा करेगी।

Kiara Advani On Toxic: ‘हर एक्टर का ड्रीम होता है…’, बोल्ड सीन्स विवाद के बीच पहली बार ‘टॉक्सिक’ पर बोलीं कियारा आडवाणी

Kiara Advani On Toxic: कियारा आडवाणी इस साल की मोस्ट अवेटेड फिल्मों में से एक ‘टॉक्सिक ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स’ की रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं। यश की मुख्य भूमिका वाली यह एक्शन थ्रिलर फिल्म अगस्त में सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

इस बड़ी रिलीज से पहले कियारा ने बताया कि किस बात ने उन्हें इस प्रोजेक्ट के लिए साइन करने के लिए प्रेरित किया। ‘फेमिना’ से बात करते हुए, एक्ट्रेस ने बताया कि वह फिल्म की कई परतों वाली कहानी से तुरंत प्रभावित हो गईं। उन्होंने बताया कि डायरेक्टर गीतू मोहनदास की कहानी सुनाने के अंदाज ने उन पर गहरा असर डाला।

कियारा ने कहा कि एक एक्टर को जिन चीजों की तलाश होता है, वे सब इसमें हैं। वह याद करते हुए कहती हैं कि जब मैंने कहानी सुनी तो मैं काफी शॉक्ड और खुश थी कि यह किरदार कितनी अच्छी तरह से गढ़ा गया था। एक्ट्रेस ने बताया कि इस रोल के लिए जबरदस्त इमोशनल रेंज की जरूरत थी, जिससे उन्हें एक ही किरदार में मजबूती, कमजोरी, पागलपन, संवेदनशीलता और डिटेचमेंट जैसे इमोशन दिखाने का मौका मिला।

एक एक्टर की चाहत वाली हर चीज बताते हुए कियारा ने कहा, “मुझे लगा कि मैं अपने करियर के ऐसे पड़ाव पर पहुंच गई हूं, जहां मुझमें ऐसे किरदार को निभाने का आत्मविश्वास है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया, “मुझे महिलाओं को एक ही तरह के सांचे में ढालना या स्टीरियोटाइप करना पसंद नहीं है। हम उससे कहीं ज्यादा हैं, तो हमारे किरदार ऐसे क्यों नहीं हो सकते?” उन्होंने कहा कि स्क्रीन पर महिलाओं को मजबूत, असल और जटिल किरदारों के तौर पर दिखाया जाना चाहिए।

इसी इंटरव्यू में कियारा ने फिल्म की बड़ी स्टार कास्ट के बारे में भी बात की। उन्होंने अपनी को-स्टार्स नयनतारा, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत की तारीफ की और उनके साथ काम करने के अनुभव को “बेहद फ्रेश” बताया।

उन्होंने कहा, “हर महिला ने फिल्म में अपनी अलग ऊर्जा और पहचान जोड़ी। मुझे लगता है कि दर्शकों को एक ही सिनेमैटिक यूनिवर्स में इतने अलग-अलग महिला किरदारों को देखना पसंद आएगा। सेट पर ऐसे दिन भी थे जब सच में महसूस होता था कि हर कोई कुछ अनोखा बनाने के लिए अपनी लिमिट से आगे बढ़ रहा है। ये वही पल हैं, जो आपको याद दिलाते हैं कि आपको सिनेमा से प्यार क्यों हुआ था।”

यश और गीतू मोहनदास द्वारा लिखित और मोहनदास द्वारा निर्देशित, ‘Toxic A Fairytale for Grown-Ups’ एक एक्शन थ्रिलर फ़िल्म है जो पिता-बेटे की दुश्मनी पर आधारित है। इस मल्टी-लिंगुअल एक्शन थ्रिलर की शूटिंग कन्नड़ और अंग्रेजी में एक साथ की गई है, और इसके डब वर्शन हिंदी, तेलुगु, तमिल, मलयालम और कई अन्य भाषाओं में रिलीज किए जाएंगे।

इसकी टेक्निकल टीम की बात करें तो, नेशनल अवॉर्ड विजेता राजीव रवि सिनेमैटोग्राफर हैं, बैकग्राउंड स्कोर रवि बसरूर ने तैयार किया है और उज्ज्वल कुलकर्णी एडिटर हैं। हॉलीवुड स्टंट डायरेक्टर जेजे पेरी, जो ‘जॉन विक’ फ़्रैंचाइज़ी के लिए जाने जाते हैं, ने नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली जोड़ी अनबारिव और केचा खमफकडी के साथ मिलकर एक्शन सीक्वेंस कोरियोग्राफ किए हैं।

तारीख नोट कर लें! पहले यह फिल्म 19 मार्च, 2026 को रिलीज़ होने वाली थी, फिर इसे 4 जून के लिए बदला गया, और अब ‘Toxic: A Fairytale for Grown-Ups’ दुनिया भर के सिनेमाघरों में 26 अगस्त, 2026 को रिलीज होगी।

Dhanush: ‘निश्चित रूप से बेहतर फिल्में थीं’, नेशनल अवॉर्ड जीतने पर हुई आलोचना पर बोले धनुष

Dhanush: एक्टर धनुष ने आखिरकार नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में अपनी जीत को लेकर हो रही आलोचना पर बात की है। जहां उन्हें ‘कैप्टन मिलर’ में एक्टिंग के लिए ‘स्पेशल मेंशन’ मिला, वहीं ‘रायन’ के ‘बेस्ट तमिल फिल्म’ का नेशनल अवॉर्ड जीतने पर ऑनलाइन काफी बहस हुई।

हाल ही में एक इवेंट में बोलते हुए, एक्टर ने माना कि उस साल और भी बेहतर तमिल फिल्में रिलीज हुई थीं, लेकिन उन्होंने लोगों से अपील की कि वे उनकी कामयाबी या फिल्म बनाने में उनकी मेहनत को नजरअंदाज न करें। ऑडियंस से बात करते हुए, धनुष ने आलोचनाओं का जिक्र किया और कहा, “‘रायन’ के लिए मुझे नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला। उस साल निश्चित रूप से उससे बेहतर फिल्में भी थीं। उन फिल्मों के फैंस ने अपना प्यार दिखाया, और मैं उनका पूरा सम्मान करता हूं,” बिना किसी खास फिल्म का नाम लिए।

इसके बाद एक्टर ने उन कई परफॉर्मेंस के बारे में बात की जिनके लिए उन्हें लगा था कि नेशनल अवॉर्ड जीतने का उनका अच्छा चांस है, लेकिन उन्हें अवॉर्ड नहीं मिला। उन पलों को याद करते हुए उन्होंने कहा, “‘अधु ओरु कना कालम’ बहुत पहले रिलीज़ हुई थी। लोगों ने कहा था कि मुझे इसके लिए ज़रूर अवॉर्ड मिलेगा। मैं इतना छोटा था कि मुझे भी उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। फिर ‘पुधुपेट्टई’ आई…”

धनुष ने अपनी और भी कई मशहूर फिल्मों का जिक्र किया, जिनमें ‘3’, ‘मयक्कम एन्ना’, ‘वडा चेन्नई’, ‘कर्णन’, ‘मरियन’ और ‘रांझणा’ शामिल हैं। उन्होंने कहा, “आप सबने मुझसे कहा था कि मैं फिर से अवॉर्ड जीतूंगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।”

नेशनल अवॉर्ड मिलने पर धनुष ने लोगों से कहा कि वे इस कामयाबी को नजरअंदाज करने के बजाय इसका जश्न मनाएं। “कुछ चीजें अपने आप हो जाती हैं, चाहे आप कितनी भी कोशिश कर लें। मेरे साथ भी बिल्कुल ऐसा ही हुआ। मुझे मौका मिला। फिल्म कैसी बनी, इससे फर्क नहीं पड़ता, मैंने उसमें जो कोशिश की, वह सच्ची थी। एक तमिलियन के तौर पर मुझे दो और नेशनल अवॉर्ड मिले हैं; इसे नजरअंदाज न करें, इसका जश्न मनाएं।”

उन्होंने अपने समर्थकों को पॉज़िटिव रहने के लिए प्रेरित करते हुए अजित कुमार की बात भी दोहराई। “जैसा कि हमारे थला अजित सर ने कहा है, कोई आपको तब तक नहीं हरा सकता जब तक आप खुद हार न मान लें। क्या कहते हो, बेबी? अगर तुम बुरे हो, तो मैं तुम्हारा डैड हूं।”

नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स की घोषणा के बाद, सोशल मीडिया पर कई लोगों का कहना था कि कार्थी और अरविंद स्वामी की फिल्म ‘मेइयाज़गन’ और विजय सेतुपति और अनुराग कश्यप की फ़िल्म ‘महाराजा’ को ‘बेस्ट तमिल फिल्म’ का सम्मान मिलना चाहिए था, न कि ‘रायन’ को। ‘रायन’ कमर्शियल तौर पर तो सफल रही, लेकिन क्रिटिक्स से उसे मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली थी।

Prabhas: ‘कल्कि 2898 AD’ की जीत पर खुशी से झूम उठे प्रभास, जानें क्या बोले एक्टर

Prabhas: पूरे भारत के सुपरस्टार प्रभास एक बड़ी कामयाबी का जश्न मना रहे हैं क्योंकि उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्म कल्कि 2898 AD को 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में सम्मानित किया गया है। फिल्म को बेस्ट पॉपुलर फिल्म प्रोवाइडिंग होलसम एंटरटेनमेंट का प्रतिष्ठित अवॉर्ड मिला, जिससे इसकी शानदार यात्रा में एक और मील का पत्थर जुड़ गया और हाल के भारतीय सिनेमा में सबसे बड़े सिनेमाई तमाशों में से एक के रूप में इसकी जगह पक्की हो गई।

इस प्रतिष्ठित सम्मान पर रिएक्ट करते हुए, प्रभास ने अपने लाखों फैंस के साथ ऑफिशियल अवॉर्ड अनाउंसमेंट पोस्टर शेयर करने के लिए अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज का सहारा लिया। एक्टर ने इस पहचान पर अपनी खुशी और गर्व जताया, और फिल्म के पीछे की पूरी टीम के साथ इस कामयाबी का जश्न मनाया। पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, “पूरे Kalki2898AD परिवार के लिए गर्व की बात….” उनके दिल से निकले मैसेज में इस बड़े प्रोजेक्ट को असलियत में बदलने के लिए की गई सबकी कोशिश और इंडियन सिनेमा के सबसे बड़े अवॉर्ड में से एक मिलने की खुशी झलक रही थी।

रिलीज होने के बाद से, प्रभास की कल्कि 2898 AD ने अपने बड़े स्केल, शानदार विज़ुअल्स और ज़बरदस्त कहानी से दर्शकों का दिल जीत लिया है। यह फ़िल्म बॉक्स ऑफ़िस पर ज़बरदस्त सफल रही और इंडियन फ़िल्ममेकिंग की सीमाओं को आगे बढ़ाने और एक ज़बरदस्त सिनेमाई अनुभव देने के लिए इसे बहुत सराहा गया।

नेशनल अवॉर्ड जीतना फ़िल्म की बहुत ज़्यादा तारीफ़ और लंबे समय तक चलने वाले असर का एक और सबूत है, जिसने अपनी पीढ़ी की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फ़िल्मों में से एक के तौर पर इसकी पहचान को और मज़बूत किया है।

यह पहचान प्रभास के शानदार करियर में एक और गर्व की बात है। बिना किसी शक के पूरे भारत के सुपरस्टार माने जाने वाले प्रभास ने लगातार इंडियन सिनेमा की कुछ सबसे बड़ी फ़िल्मों में काम किया है, और अलग-अलग भाषाओं और इलाकों के दर्शकों से बहुत प्यार कमाया है। बॉक्स ऑफिस पर नए बेंचमार्क सेट करने से लेकर बड़े नामों वाली, हाई-कॉन्सेप्ट एंटरटेनर फिल्मों का हिस्सा बनने तक, वह अपने हर प्रोजेक्ट के साथ इंडियन सिनेमा के लेवल को नया आयाम देते रहते हैं।

कल्कि 2898 AD ने अब अपनी कामयाबियों की लंबी लिस्ट में एक बड़ा नेशनल अवॉर्ड जोड़ लिया है, और फिल्म की सक्सेस स्टोरी एक और ऊंचे मुकाम पर पहुंच गई है। जैसे-जैसे यह बिना किसी शक के पैन-इंडिया सुपरस्टार नई ऊंचाइयां छू रहा है, दर्शकों के पास उनकी आने वाली रोमांचक फिल्मों की लिस्ट में देखने के लिए बहुत कुछ है, जिसमें फौजी, स्पिरिट, सालार पार्ट 2: शौर्यंगा पर्वम, और कल्कि 2898 AD पार्ट 2 शामिल हैं। हर प्रोजेक्ट से पूरे देश में बेसब्री से इंतज़ार हो रहा है, प्रभास इंडियन सिनेमा के सबसे बड़े और सबसे मशहूर सितारों में से एक के तौर पर अपनी जगह मजबूत करते जा रहे हैं।

Sanjay Mishra: ‘भक्षक’ के लिए नेशनल अवॉर्ड जीतने पर संजय मिश्रा ने जताया आभार, जानें क्या कहा

Sanjay Mishra: पिछले तीन दशकों से संजय मिश्रा ने अपने शानदार अभिनय से भारतीय सिनेमा में एक अलग पहचान बनाई है। कॉमेडी हो, इमोशनल किरदार हो या फिर गंभीर भूमिका, उन्होंने हर रोल को पूरी सच्चाई और गहराई के साथ निभाया है। देश के सबसे बेहतरीन अभिनेताओं में गिने जाने वाले संजय मिश्रा ने अपने दमदार काम से हमेशा दर्शकों का दिल जीता है।

अब उनके इसी शानदार सफर में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। उन्हें फिल्म भक्षक में भास्कर सिन्हा के दमदार किरदार के लिए 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का सम्मान मिला है। रेड चिलीज एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी और पुलकित के निर्देशन में तैयार भक्षक को उसकी बेखौफ कहानी और एक अहम सामाजिक मुद्दे को बेहद संवेदनशील तरीके से दिखाने के लिए खूब सराहा गया।

फिल्म में संजय मिश्रा ने भास्कर सिन्हा के किरदार को बेहद सादगी, गहराई और दमदार अंदाज में निभाया। उनकी शानदार परफॉर्मेंस ने इस किरदार को फिल्म के सबसे यादगार किरदारों में शामिल कर दिया। अपनी खुशी जाहिर करते हुए संजय मिश्रा ने कहा, “एक अभिनेता के तौर पर हमारी सबसे बड़ी उम्मीद यही होती है कि हमें अच्छी कहानियां और दमदार किरदार निभाने का मौका मिलता रहे।

जब इस सफर को नेशनल फिल्म अवॉर्ड जैसे बड़े सम्मान से पहचान मिलती है, तो इससे बड़ी खुशी किसी कलाकार के लिए नहीं हो सकती। मैं इस सम्मान के लिए दिल से आभारी हूं। भक्षक मेरे लिए बहुत खास फिल्म है। मैं पुलकित, रेड चिलीज एंटरटेनमेंट और नेटफ्लिक्स का दिल से धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने इस कहानी को इतनी ईमानदारी और हिम्मत के साथ दर्शकों तक पहुंचाया। यह सम्मान भक्षक की पूरी टीम का है।”

यह सम्मान नेटफ्लिक्स और रेड चिलीज एंटरटेनमेंट की शानदार साझेदारी में एक और बड़ी उपलब्धि भी है। दोनों लगातार ऐसी दमदार और सोचने पर मजबूर करने वाली कहानियां लेकर आ रहे हैं, जो दर्शकों से सीधा जुड़ती हैं। भक्षक की सफलता के बाद संजय मिश्रा ने डायरेक्टर पुलकित के साथ इसी साझेदारी में बनी हाल ही में रिलीज हुई फिल्म कर्तव्य में भी दोबारा काम किया।