Adani Enterprises Share Price : मॉर्गन स्टेनली की बुलिश रिपोर्ट के बाद 2% भागा शेयर, 2 लाख करोड़ रुपये के पावर कैपेक्स प्लान ने भी भरा जोश

Adani Enterprises Share Price : 24 जून को इंट्राडे ट्रेडिंग में अदाणी एंटरप्राइजेजके शेयर 2.4 प्रतिशत तक चढ़े। मॉर्गन स्टेनली द्वारा इस स्टॉक पर “ओवरवेट” रेटिंग के साथ कवरेज शुरू करने के बाद,सुबह के कारोबार में ये शेयर 1.66 प्रतिशत बढ़कर 3,012 रुपये पर पहुंच गए। ब्रोकरेज ने ग्रुप के इनक्यूबेशन बिज़नेस में मजबूत ग्रोथ की संभावनाओं का हवाला देते हुए यह रेटिंग दी है।

मॉर्गन स्टेनली ने अदाणी एंटरप्राइजेज के लिए प्रति शेयर 3,638 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है,जिसका मतलब है कि मौजूदा स्तर से इसमें लगभग 21 प्रतिशत की बढ़त हो सकती है। पिछले एक साल में इस शेयर में करीब 24 प्रतिशत की बढ़त हुई है,जो निफ्टी 50 के मुकाबले काफी बेहतर प्रदर्शन है। इसी दौरान निफ्टी 50 में 4.4 प्रतिशत की गिरावट आई है।

ब्रोकरेज ने कंपनी को एक बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर इनक्यूबेटर बताया है,जिसकी एयरपोर्ट,डेटा सेंटर,न्यू एनर्जी और माइनिंग जैसे तेज ग्रोथ वाले बिजनेस में अच्छी पैठ है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2030 तक कंपनी का EBITDA तीन गुना हो जाएगा,क्योंकि इसके कई नए बिजनेस और बड़े होंगे और कंपनी की कमाई में ज्यादा बड़ा योगदान करना शुरू करेंगे।

मॉर्गन स्टेनली का कहना है कि नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चालू होने,गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट में हुई प्रगति,कॉपर बिजनेस के विस्तार और नए एनर्जी वेंचर्स में लगातार विस्तार से वित्त वर्ष 2027 में कंपनी की ग्रोथ में इजाफा होगा।

ब्रोकरेज का अनुमान है कि ग्रुप का एयरपोर्ट पोर्टफोलियो वित्त वर्ष 2030 तक हर साल 145 मिलियन यात्रियों को संभालेगा,जबकि इसी दौरान इसकी डेटा सेंटर क्षमता 2 GW तक पहुंचने का अनुमान है।

ब्रोकरेज की यह बुलिश रिपोर्ट तब आई है जब अदाणी एंटरप्राइजेज ने अपनी 34वीं सालाना एजीएम आयोजित की है जिसमें कंपनी के चेयरमैन गौतम अदाणी ने इंफ्रास्ट्रक्चर,एनर्जी और डिजिटल बिजनेस में अदाणी ग्रुप की लंबी अवधि की ग्रोथ योजनाओं की रूपरेखा पेश की है।

गौतम अदाणी ने इस एजीएम में कई अहम घोषणाएं करते हुए बताया है कि उनका ग्रुप पावर सेक्टर में 2 लाख करोड़ रुपये का कैपिटल एक्सपेंडिचर प्रोग्राम लागू कर रहा है और अगले पांच सालों में 45 GW की पावर जेनरेशन क्षमता बनाने का लक्ष्य है। उन्होंने 2035 तक 10 GW की न्यूक्लियर पावर क्षमता विकसित करने के लक्ष्य की भी बात कही।

उन्होंने आगे कहा कि कंपनी के पोर्ट्स बिजनेस का लक्ष्य 2030 तक 1 अरब टन कार्गो हैंडलिंग वॉल्यूम हासिल करना है। अदाणी ग्रुप क्लीन एनर्जी की बढ़ती घरेलू मांग को पूरा करने के लिए PNG इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में तेजी ला रहा है।

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के बारे में बात करते हुए गौतम अदाणी ने कहा कि ग्रुप 2030 तक 3 GW का डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म बनाने की राह पर है। इससे भारत के सबसे तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में कंपनी की पैठ को और मजबूती मिलेगी।

 

Stock Market Insight: बाजार में अभी भी घरेलू इकोनॉमी से जुड़े शेयरों में मौके, IT सेक्टर में अब शॉर्ट ट्रेड में रिस्क-रिवॉर्ड अच्छा नहीं

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Insight: बाजार में अभी भी घरेलू इकोनॉमी से जुड़े शेयरों में मौके, IT सेक्टर में अब शॉर्ट ट्रेड में रिस्क-रिवॉर्ड अच्छा नहीं

Stock Market Insight: बाजार में निचले स्तरों से शानदार रिकवरी आई है। निफ्टी नीचे से करीब 150 प्वाइंट सुधरकर 23950 के आसपास कारोबार कर रहा है। साथ ही बैंक निफ्टी में भी करीब 500 प्वाइंट का उछाल आया है। लेकिन मिड और स्मॉलकैप में हल्की नरमी है। AI में बड़े मौके के नंदन नीलेकणी के बयान के बाद IT शेयरों का जोश देखने को मिल रहा है। निफ्टी IT इंडेक्स 1 फीसदी से ज्यादा ऊपर कारोबार कर रहा है। टेक महिंद्रा निफ्टी का टॉप गेनर बना है। इंफोसिस और TCS में भी खरीदारी आई है। प्राइवेट बैंक,फार्मा-हेल्थकेयर और रियल्टी शेयर भागे हैं। हालांकि मेटल,कंज्यूमर ड्यरेलबल,एनर्जी और ऑटो सेक्टर पर दबाव दिख रहा है।

बाजार: क्या कल ट्रेंड बदला?

ऐसे में बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि एक दिन के मूव से ट्रेंड्स नहीं बदला करते। लेकिन हमारी एक अपस्विंग कल ट्रेलिंग SL के साथ खत्म हो गई। आज बाजार के ट्रेंड का टेस्ट होगा। आज की क्लोजिंग तय करेगी कि ट्रेंड बदला या नहीं। अगर 23,750 के नीचे बंद हुए तो ट्रेंड बदलेगा। 23,750 पर निफ्टी का सबसे महत्वपूर्ण 20 DEMA है। अपट्रेंड फिर शुरू करने के लिए 23,900 के ऊपर क्लोजिंग जरूरी है। बैंक निफ्टी अभी भी अपट्रेंड में ही है। बैंक निफ्टी का 10 DEMA 56,900 पर और 20 DEMA 56,200 पर है।

इंडिया VIX कल इंट्राडे में 200 DMA के ऊपर आया। लेकिन क्लोजिंग में वापस उसके नीचे 14 पर बंद हुआ। इंडिया VIX अगर 14.5 के ऊपर सेटल हुआ तो थोड़ा निगेटिव होगा। कल काफी दिनों बाद Adv/Dec काफी खराब था। सबसे पहले इंडिकेटर यहीं से मिलेगा।

बाजारों के लिए मिलेजुले संकेत

कल हम जहां छोड़कर गए,वहां से बेहतर ग्लोबल संकेत मिल रहे हैं। सिर्फ डॉलर इंडेक्स हमारे लिए थोड़ा और निगेटिव हुआ है। US बाजार उतने नहीं गिरे जितने हम फ्यूचर्स से पचा चुके थे। एशियन मार्केट्स में खास तौर पर कोस्पी में आज बाउंस है। कोरिया को विकसित मार्केट्स में शामिल नहीं किया गया है। कल कोरिया शायद इसी लिए इतना ज्यादा गिरा था। कोरिया अगर विकसित मार्केट बनता तो हमारे लिए पॉजिटिव होता। क्योंकि ऐसे में भारत का इमर्जिंग मार्केट वेटेज काफी बढ़ जाता। खैर जो भी है,FIIs की बिकवाली काफी कम हुई है और कच्चा तेल अभी भी हमारे कम्फर्ट जोन के नीचे ही है। कल की गिरावट को अब भी हम एक मुनाफावसूली का मूव ही मानेंगे। एक ना एक दिन तो ट्रेलिंग SL लगना था,कल लग गया। मगर फिर भी इस स्विंग में निफ्टी ने 1000 अंक दिए और बैंक निफ्टी ने तो 4,000 अंक से ज्यादा ही दिए।

टेक/AI गिरावट: और कहां हैं हम?

एशिया के टेक शेयरों में बड़ी बिकवाली का असर वॉल स्ट्रीट तक हुआ। नैस्डैक 100 इंडेस्क 1000 प्वाइंट फिसला। नैस्डैक कंपोजिट 2.2% (600 प्वाइंट) गिरा। फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स 8% लुढ़का। स्टेट स्ट्रीट टेक्नोलॉजी ETF में 4% की गिरावट आई। बड़ी टेक कंपनियों की मार्केट वैल्यू 3 दिनों में $1 ट्रिलियन घटी। बताते चलें कि माइक्रॉन के नतीजे आज आएंगे।

टेक शेयरों में बिकवाली क्यों ?

SK Hynix के बारे में लोकल न्यूज रिपोर्ट से कॉस्पी में तेज बिकवाली आई। दिग्गज टेक कंपनियों की भारी कर्ज जुटाने की होड़ से ब्याज दरों में बढ़ोतरी का डर है। इसका बाजार पर नेगेटिव असर पड़ा।

Cerebras Systems के नतीजे

लिस्टिंग के बाद इस बड़ी चिप कंपनी के पहले नतीजे आए हैं। कंपनी ने कहा है कि 2026 में रेवेन्यू $855 मिलियन से $865 मिलियन के बीच रहना संभव (अनुमान $824 मिलियन का था) है। Q1 में कंपनी की सेल्स 94% बढ़कर $193 मिलियन (अनुमान $181 मिलियन का था) रही है। आफ्टरआवर्स में शेयर 11% फिसलकर $202 पर आ गया। इसकी लिस्टिंग प्राइस $350 थी। वहीं,IPO भाव $185 था।

IT सेक्टर में क्या करें?

भारतीय IT सेक्टर में अब शॉर्ट ट्रेड में रिस्क-रिवॉर्ड अच्छा नहीं है। पिछले एक साल हमने निफ्टी IT पर शॉर्ट का नजरिया रखा। बीच में आई दो रैलियों में फंसने से भी बचाया था। साफ नजरिया रखा गया था कि रैली में निकलें और शॉर्ट करें। फिलहाल स्टॉक स्पेसिफिक ही रहें। कोफोर्ज और OFSS सबसे मजबूत हैं। टाटा टेक भी मजबूत है,लेकिन अब थोड़ा महंगा है।

बाजार: फिर कहां लगाएं दांव?

बाजार में अभी भी घरेलू इकोनॉमी से जुड़े शेयरों में मौके हैं। डॉलर का तेजी से ऊपर आना मेटल्स के लिए निगेटिव है। कल भी हमने मेटल्स को शॉर्ट साइड पर प्ले किया था। फार्मा अभी के लिए सबसे स्ट्रॉन्ग सेक्टर है। इसके अलावा जो कंपनियां फंड जुटा रही हैं, उनपर भी नजरिया बनाना जरूरी है। जहां भी फंड ग्रोथ कैपिटल के लिए जुटाया जा रहा है वहां बड़ा पॉजिटिव है। जहां सिर्फ OFS हो रहा है,वो शेयर पिट रहे हैं और कई शेयर तो OFS भाव के नीचे भी जा रहे हैं।

चुनिंदा ऑटो शेयरों में मजबूती लौटी है। अशोक लेलैंड जैसे शेयर अभी भी काफी कमजोर हैं। बैंकिंग में कल एक ब्रेक लगा लेकिन आज असली टेस्ट होगा। रिटेल और सिलेक्टिव कंजम्प्शन शेयरों में तेजी है। वोल्टास जैसे AC शेयरों में अब मुनाफावसूली आ रही है। परसों के हाई से वोल्टास 5-6% से ज्यादा गिर चुका है।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 23,750-23,800 पर और बड़ा सपोर्ट 23,500-23,550 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 23,850-23,900 पर और बड़ा रजिस्टेंस 23,950-24,050 पर है। पहले से तय की गई ट्रेड आज काम नहीं करेगी। इंतजार करें फिर जरूरत के हिसाब से रणनीति बनाएं। अगर रैली फेल हुई तो अब शॉर्ट के लिए भी तैयार रहें। लेकिन अगर निफ्टी 23,750-23,800 होल्ड करे तो तेजी भी संभव है।

Market Trend : निफ्टी की तुलना में बैंक निफ्टी का सेटअप ज्यादा बेहतर,रिटेल सेक्टर के इस शेयर में दिख रहा कमाई का मौका

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 56,800-57,000 पर और बड़ा सपोर्ट 56,200-56,500 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 57,300-57,500 पर और बड़ा रजिस्टेंस 57,800-58,000 पर है। बाजार में कूदने की जल्दबाजी न करें। साइडलाइंस पर रहें। हमें एक बड़ी स्विंग मिल चुकी है,अब अगली का इंतजार करेंगे।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Trend : निफ्टी की तुलना में बैंक निफ्टी का सेटअप ज्यादा बेहतर,रिटेल सेक्टर के इस शेयर में दिख रहा कमाई का मौका

Market Trend : 24 जून को शुरुआती कारोबार में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे हैं। निफ्टी 23900 के आसपास दिख रहा है। 10.15 बजे के आसपास सेंसेक्स 250.75 अंक या 0.33 प्रतिशत बढ़कर 76,451.43 पर और निफ्टी 46.75 अंक या 0.20 प्रतिशत बढ़कर 23,870.85 पर दिख रहा था। निफ्टी पर टेक महिंद्रा,अदाणी एंटरप्राइजेज,ट्रेंट,डॉ.रेड्डीज लैब्स और ICICI बैंक में सबसे ज्यादा बढ़त दिख रही है। जबकि, बजाज ऑटो,हिंडाल्को,HDFC लाइफ,SBI और मारुति सुजुकी में गिरावट आई है। सेक्टर के हिसाब से देखें तो पावर,ऑटो,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स,मीडिया और मेटल सेक्टर में गिरावट है। जबकि IT,बैंक, FMCG और रियल्टी सेक्टर में खरीदारी देखी जा रही है। निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स सपाट कारोबार कर रहे हैं।

निफ्टी व्यू

ऐसे में मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए www.sethamit.com के अमित सेठ ने कहा कि चार पांच दिनों की एक अच्छी रैली और अच्छे ट्रेंड के बाद कल के सत्र में फाइनली एक गिरावट देखी। यह काफी स्ट्रांग गिरावट थी। निफ्टी कल 278 अंक डाउन था। अब निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट लेवल लगभग 23700 के आसपास आता है। यहीं पर हमारा कॉन्फिडेंस और मूविंग एवरेजेज दोनों है। वहीं, ऊपर की तरफ इसके लिए 24200 पर रेजिस्टेंस दिख रहा है। अगर आज 23750 का लेवल टूटता है तो फिर निफ्टी में शॉर्ट करने की सलाह होगी।

बैंक निफ्टी व्यू

अगर हम निफ्टी बैंक की बात करें तो यह निफ्टी की तुलना में ज्यादा बेहतर दिख रहा है। चार्ट देखें तो पता चलता है कि निफ्टी बैंक 200 डेमा के ऊपर ट्रेड कर रहा है। यह एक अच्छी बात है। बैंक निफ्टी में बाय ऑन डिप की रणनीति काफी अच्छी रहेगी। अगर इसमें आज को अच्छी डिप मिले तो 56800 के सपोर्ट के साथ हम लॉन्ग जा सकते हैं। जब तक यह लेवल्स इंटैक्ट है, तब तक गिरावट में खरीदारी की रणनीति बेहतर रहेगी।

Market View : सुस्ती भरे बाजार में भी करना चाहते हैं अच्छी कमाई तो इन दो शेयरों से न चूके नजर

अमित सेठ की टॉप पिक

अमित सेठ ने कहा कि यह स्टॉक स्पेसिफिक मार्केट है। निफ्टी जब अच्छा नहीं कर रहा था, तब भी ब्रॉडर मार्केट अच्छा कर रहे थे। ऐसे बाजार में एवेन्यू सुपरमार्केट (AVENUE SUPERMARTS) का स्ट्रक्चर अच्छा लग रहा है। यह स्टॉक 20 और 200 डेमा के ऊपर अच्छा बेस बना कर इससे बाहर आ रहा है। पिछले तीन चार दिनों में इसने अपने मूविंग एवरेजेस के ऊपर कंसोलिडेशन दिखाया। कल के सत्र में इसमें हमें एक स्विंग ब्रेकआउट दिखा। स्टॉक में काफी अच्छी रिलेटिव स्ट्रेंथ है। इस स्टॉक को 4392 रुपए के आसपास, 4340 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 4500 रुपए के टारगेट के लिए खरीदने की सलाह होगी।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan: लगातार तेजी के बाद निफ्टी में अब थोड़ी सुस्ती, उतार-चढ़ाव के साथ जारी रह सकता है कंसोलिडेशन

Trading Plan : टेक्नोलॉजी सेक्टर की वजह से ग्लोबल मार्केट में आई भारी गिरावट के बाद,आज मार्केट में कुछ रिकवरी देखने को मिल सकती है,लेकिन आगे यह देखना अहम होगा कि यह तेजी कितनी टिकाऊ रहती है। बाजार जानकारों के मुताबिक, निफ्टी को 24,500 के स्तर तक और ऊपर जाने के लिए 24,200 के ऊपर मजबूती से ब्रेकआउट देना होगा। तब तक,इसमें उतार-चढ़ाव के साथ कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। निफ्टी के लिए 23,750 और उसके बाद 23,640 पर तत्काल सपोर्ट दिख रहा है। वहीं, ऊपर की तरह 23,900-24,000 के स्तर पर तत्काल रेजिस्टेंस है। वहीं,57,500–58,000 के लेवल तक वापसी के लिए बैंक निफ्टी को पिछले दिन के निचले स्तर (56,078) पर सपोर्ट लेने की जरूरत है। इस लेवल के नीचे,56,500–56,200 सपोर्ट जोन का काम कर सकते हैं।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

वेव्स स्ट्रैटेजी एडवाइजर्स के फाउंडर और CEO आशीष क्याल का कहना है कि निफ्टी के 24,200 के रेजिस्टेंस जोन के पास पहुंचने के बाद प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। यह लेवल 100-डे EMA के साथ भी मेल खाता है। मेटल और IT सेक्टर की बड़ी कंपनियों में बिकवाली के दबाव और ग्लोबल मार्केट से मिले नेगेटिव संकेतों के कारण इंडेक्स नीचे आ गया।

डेली चार्ट पर निफ्टी अब जून 2026 में शुरू हुई पिछली रैली के 23.6 प्रतिशत से ज्यादा नीचे आ गई हैं। जब तक इंडेक्स क्लोजिंग के आधार पर 38.2 प्रतिशत रिट्रेसमेंट लेवल (जो 23,760–23,720 ज़ोन के पास है) से ऊपर बना रहता है,तब तक मौजूदा कमजोरी को जारी अपट्रेंड के बीच एक हल्के विराम के तौर पर देखा जा सकता है।

लगातार तेजी के बाद निफ्टी में अब थोड़ी सुस्ती दिख रही है। तेजड़ियों को दोबारा कंट्रोल पाने के लिए ज़रूरी है कि इंडेक्स पिछले दिन के हाई से ऊपर बंद हो। ऐसा होने पर इंडेक्स 24,300 या उससे ऊपर जा सकती हैं। हालांकि,अगर यह 23,720 के नीचे जाता है तो 15 जून को बने गैप को भरने की कोशिश हो सकती है।

अहम रेजिस्टेंस : 24,170

अहम सपोर्ट: 23,720

स्ट्रैटेजी : अगर निफ्टी फ्यूचर्स इंडेक्स 23,920–23,940 की तरफ बढ़ता है और रिवर्सल पैटर्न बनाता है,तो शॉर्ट पोजीशन बनाई जा सकती है। इसमें स्टॉप-लॉस 24,020 और टारगेट 23,720 होगा।

Market cues : निफ्टी के 23750 से नीचे जाने पर बढ़ेगी गिरावट, इसके ऊपर बने रहने पर 24000-24200 का लेवल मुमकिन

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

आशीष क्याल का कहना है कि पिछले ट्रेडिंग सेशन में बैंक निफ्टी 57,961 के लेवल से ऊपर नहीं टिक पाया और इसमें 800 पॉइंट से ज़्यादा की तेज इंट्राडे गिरावट देखी गई। यह गिरावट इतनी बड़ी थी कि इसने पिछले पांच ट्रेडिंग सेशन में हुई बढ़त को एक ही दिन में खत्म कर दिया। इस गिरावट में PSU बैंकों की मुख्य भूमिका रही।

8 जून के बाद यह पहला मौका था जब बैंक निफ्टी पिछले दिन के निचले स्तर से नीचे बंद हुआ। इससे पता चलता है कि लंबी और तेज बढ़त के बाद बाज़ार में जारी तेजी के रुख में कुछ समय के लिए ठहराव आया है। मुनाफा वसूली की उम्मीद पहले से ही थी,क्योंकि शॉर्ट-टर्म टाइमफ़्रेम पर कई मोमेंटम इंडिकेटर’ओवरबॉट ज़ोन’में पहुंच गए थे।

इंडेक्स के लिए अगला अहम सपोर्ट 57,050 के लेवल के पास है। अगर यह इस लेवल के नीचे जाता है,तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि शॉर्ट-टर्म टॉप बन गया है,जिससे इंडेक्स में और गिरावट आ सकती है।

बैंक निफ्टी एक अहम मोड़ पर है। अगर यह फिर से 57,600 के ऊपर जाता है तो 57,961 के लेवल को छूने की एक और कोशिश हो सकती है। हालांकि, अगर यह 57,050 के नीचे जाता है तो प्रॉफिट बुकिंग और बढ़ सकती है।

अहम रेजिस्टेंस: 57,961

अहम सपोर्ट: 57,050

स्ट्रैटेजी: अगर इंडेक्स 57,380–57,400 की तरफ बढ़ता है और रिवर्सल पैटर्न बनाता है तो बैंक निफ्टी फ्यूचर्स में शॉर्ट पोजीशन बनाई जा सकती है। इसमें स्टॉप-लॉस 57,560 और टारगेट 57,160–57,050 रखें।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : निफ्टी के 23750 से नीचे जाने पर बढ़ेगी गिरावट, इसके ऊपर बने रहने पर 24000-24200 का लेवल मुमकिन

Trade setup for today : 23 जून को टेक शेयरों में आई ग्लोबल गिरावट के चलते बाजार पर दबाव बना और यह 1.2 प्रतिशत गिर गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स ने कंसोलिडेशन का संकेत दिया,लेकिन तेल की कीमतों में राहत के कारण निफ्टी अभी भी 20-डे EMA (23,750) और बोलिंगर बैंड्स की मिडलाइन (23,640) के ऊपर बना हुआ है। अगर इंडेक्स इन लेवल्स को साफ तौर पर तोड़ता है, तो मार्केट में मंदड़िए ज़ोरदार वापसी कर सकते हैं। हालांकि,इसके ऊपर बने रहने से धीरे-धीरे 24,000 के लेवल और उसके बाद 24,200 (जो एक अहम रेजिस्टेंस लेवल है) की ओर बढ़ने की संभावना बढ़ सकती है। 24,200 के ऊपर लगातार ट्रेड होने पर ही बड़ी बढ़त की उम्मीद की जा सकती है। जानकारों के मुताबिक,तब तक एक तय दायरे में ट्रेडिंग और कंसोलिडेशन का दौर जारी रह सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,781, 23,698 और 23,564

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,049, 24,132 और 24,265

निफ्टी ने कल एक लंबी बेयरिश कैंडल बनाई,जिसके दोनों तरफ छोटी शैडो थीं। यह उतार-चढ़ाव के बीच कमजोरी का संकेत है। इंडेक्स 100-डे EMA के नीचे बना रहा और 10-डे और 50-डे EMA के भी नीचे आ गया। हालांकि यह 20-डे EMA के ऊपर बना रहा। इंडेक्स अप्रैल की रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के नीचे भी फिसल गया,जो 24,000 से थोड़ा ऊपर है। RSI गिरकर 51.91 पर आ गया,लेकिन रेफरेंस लाइन से ऊपर बना रहा। MACD में बुलिश क्रॉसओवर बना रहा,हालांकि MACD लाइन और सिग्नल लाइन के बीच का अंतर कम हो गया। यह हिस्टोग्राम की हल्के हरे रंग की बार्स में दिखा,जो लगातार तीसरे सेशन में छोटी होती गईं। इन सबसे पता चलता है कि ओवरऑल ट्रेंड तो पॉजिटिव है,लेकिन मोमेंटम कमजोर पड़ गया है और निकट भविष्य में कंसोलिडेशन जारी रह सकता है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,752, 57,963 और 58,304

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,070, 56,859 और 56,519

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,772, 56,012

बैंक निफ्टी में भी 1.3 प्रतिशत की गिरावट आई और डेली टाइमफ्रेम पर एक लंबी बेयरिश कैंडल बनी,जो 58,000 के लेवल पर रेजिस्टेंस का सामना करने के बाद कमजोरी का संकेत है। बैंकिंग इंडेक्स ने पिछले हफ्ते के निचले स्तर को बनाए रखा और सभी अहम मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड करना जारी रखा। इसमें 20-डे EMA,100-डे EMA से ऊपर चला गया है और अब 200-डे EMA से ऊपर जाने की कगार पर है। RSI गिरकर 60.97 पर आ गया है और बेयरिश क्रॉसओवर की कगार पर है। MACD में तेजी का रुख बना रहा,हालांकि हल्के हरे रंग के हिस्टोग्राम बार और छोटे हो गए। इन सबसे पता चलता है कि बड़ा ट्रेंड तो पॉज़िटिव बना हुआ है,लेकिन मोमेंटम कम होने से संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में कंसोलिडेशन हो सकता है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

23 जून को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 17 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और वे नेट बायर रहे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी बाजार को सहारा देना जारी रखा और इस दौरान 680 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाले इंडिया VIX में कल 8.57% की बढ़त हुई और यह 13.94 पर पहुंच गया,जो बुल्स के लिए बेचैनी का संकेत है। बुल्स के लिए अपने कम्फर्ट जोन में बने रहने के लिए इंडेक्स का 12 के लेवल से नीचे आना जरूरी है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 23 जून को पिछले सेशन के 0.97 से गिरकर 0.88 पर आ गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

GIFT Nifty बाजार के फ्लैट खुलने के दे रहा संकेत, ग्लोबल बाजार में मिला-जुला ट्रेड, क्रूड की कीमतों में दबाव

सेंसेक्स और निफ्टी बुधवार को फ्लैट खुल सकते हैं, जिसे GIFT Nifty से पॉजिटिव संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों में कमी और चल रही US-ईरान शांति बातचीत को लेकर बेहतर सेंटीमेंट से सपोर्ट मिलेगा। ग्लोबल टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में कमजोरी और US फेडरल रिजर्व के ज्यादा सख्त रुख को लेकर चिंताओं के बावजूद भारतीय बेंचमार्क इक्विटी इंडेक्स में बढ़त की संभावना है, जो रिस्क लेने की क्षमता पर असर डाल रही है।

GIFT Nifty सुबह करीब 8.22 बजे 23,820.00 पर ट्रेड कर रहा था, जो 1.50 पॉइंट्स या 0.01 परसेंट नीचे था, जो मंगलवार की तेज सेल-ऑफ के बाद घरेलू इक्विटी के लिए पॉजिटिव शुरुआत का संकेत है।

यह संकेत 23 जून को भारतीय बाज़ारों में लगभग दो हफ़्तों की सबसे बड़ी गिरावट के बाद आया है। सेंसेक्स 893.39 पॉइंट्स या 1.16 प्रतिशत गिरकर 76,200.68 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 278.80 पॉइंट्स या 1.16 प्रतिशत गिरकर 23,824.10 पर बंद हुआ। कमज़ोर ग्लोबल संकेतों और US-ईरान शांति बातचीत को लेकर अनिश्चितता ने सेंटिमेंट पर असर डाला, जबकि निवेशकों ने टेक्नोलॉजी शेयरों में निवेश कम करना जारी रखा।

ओपनिंग बेल से पहले ग्लोबल बाज़ार मिले-जुले रहे

टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों में बिकवाली के एक और दौर से वॉल स्ट्रीट रात भर तेज़ी से नीचे बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट 2.21 प्रतिशत गिरा, जबकि S&P 500 1.44 प्रतिशत गिरकर एक हफ़्ते से ज़्यादा के निचले स्तर पर आ गया। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज काफ़ी मज़बूत था, जो सिर्फ़ 0.09 प्रतिशत गिरा।

इन्वेस्टर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते डेट-फंडेड खर्च और इस बात की संभावना को लेकर चिंतित थे कि US फेडरल रिजर्व इस साल के आखिर में और सख्त रुख अपना सकता है। सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में बिकवाली का सबसे ज़्यादा असर पड़ा क्योंकि इन्वेस्टर्स ने महीनों की अच्छी बढ़त के बाद वैल्यूएशन का फिर से आकलन किया।

हालांकि, बुधवार को एशियाई मार्केट्स में स्थिरता के संकेत दिखे। जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स थोड़ा बदला, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी मंगलवार की 10 परसेंट की तेज गिरावट के बाद 2.2 परसेंट उछला। जापान का निक्केई बढ़त और गिरावट के बीच ऊपर-नीचे होता रहा और आखिरी बार थोड़ा नीचे ट्रेड कर रहा था।

कच्चे तेल की कीमतों में हालिया गिरावट जारी रही, जिससे भारत जैसी तेल इंपोर्ट करने वाली अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक बड़ी पॉजिटिव बात सामने आई। ब्रेंट क्रूड $76.7 प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा था, जबकि US क्रूड $73 प्रति बैरल से नीचे था। दोनों बेंचमार्क अब चार महीने के सबसे निचले स्तर के करीब ट्रेड कर रहे हैं क्योंकि US-ईरान बातचीत में प्रगति और होर्मुज स्ट्रेट के ज़रिए टैंकर ट्रैफिक फिर से शुरू होने से सप्लाई में रुकावटों की चिंता कम हो गई है। क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज़ गिरावट भारतीय इक्विटीज़ के लिए सबसे मज़बूत सपोर्ट में से एक बनकर उभरी है।

निफ्टी के लिए 24,000 पर सबसे बड़ी रुकावट 

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के मुताबिक, घरेलू मार्केट ग्लोबल इक्विटीज़ में कमज़ोरी के मुकाबले पॉज़िटिव जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट को बैलेंस कर रहा है। उन्होंने कहा, “US-ईरान शांति बातचीत में प्रोग्रेस से सुधर रहे सेंटिमेंट को ग्लोबल टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में कमज़ोरी और US फेडरल रिज़र्व के ज़्यादा सख्त रुख को लेकर चिंताओं से बैलेंस किया जा रहा है।” US-ईरान शांति बातचीत में लगातार प्रोग्रेस हो रही है, जिससे ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में संभावित रुकावटों को लेकर चिंताओं को कम करने में मदद मिल रही है। हालांकि, उन्होंने आगे कहा कि जब तक कोई फॉर्मल एग्रीमेंट फाइनल और लागू नहीं हो जाता, तब तक इन्वेस्टर्स के सावधान रहने की संभावना है।

ग्लोबल डेवलपमेंट के अलावा, मार्केट पार्टिसिपेंट्स मॉनसून की प्रोग्रेस पर भी करीब से नज़र रख रहे हैं। कई इलाकों में बारिश की कमी ने एग्रीकल्चरल आउटपुट, फ़ूड इन्फ्लेशन और रूरल डिमांड को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिससे आने वाले हफ़्तों में मॉनसून ट्रेंड्स मार्केट के लिए एक ज़रूरी वेरिएबल बन गए हैं।

मंगलवार के तेज़ करेक्शन के बावजूद इंस्टीट्यूशनल फ्लो सपोर्टिव रहे। फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) 23 जून को मार्जिनल नेट बायर्स बने, उन्होंने 17 करोड़ रुपये के इक्विटी खरीदे, जबकि डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने 680 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

टेक्निकल नज़रिए से, पोनमुडी ने कहा कि 24,000 के निशान से नीचे जाने के बाद निफ्टी पर दबाव बना हुआ है। अभी सबसे बड़ी रुकावट 24,000 पर है, और इस लेवल से ऊपर लगातार बढ़ने से बुलिश मोमेंटम फिर से आ सकता है और 24,100-24,200 ज़ोन की ओर रिकवरी का रास्ता खुल सकता है। नीचे की तरफ, 23,800 एक ज़रूरी सपोर्ट लेवल बना हुआ है। इस ज़ोन से नीचे एक बड़ा ब्रेक नया सेलिंग प्रेशर पैदा कर सकता है और इंडेक्स को 23,600 के लेवल पर ले जा सकता है।

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार, 1 दिन में 10% की गिरावट के बाद 3.65% चढ़ा कोस्पी

Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

Share Market Live Update: ग्लोबल मार्केट से मिले मिले-जुले संकेतों और US मार्केट में टेक्नोलॉजी स्टॉक्स की वजह से हुई बिकवाली को देखते हुए, भारतीय स्टॉक मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स, सेंसेक्स और निफ्टी 50, बुधवार को फ्लैट खुलने की संभावना है।

गिफ्ट निफ्टी के ट्रेंड्स भी भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स के लिए धीमी शुरुआत का संकेत दे jरहा है।गिफ्ट निफ्टी 23,871.00 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 60.50 पॉइंट्स का प्रीमियम है।

मंगलवार को, भारतीय स्टॉक मार्केट में अलग-अलग सेगमेंट में बिकवाली की नई लहर के बीच गिरावट आई, जिसमें दोनों बेंचमार्क इंडेक्स 1% से ज़्यादा गिर गए।सेंसेक्स 893.39 पॉइंट्स या 1.16% गिरकर 76,200.68 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 278.80 पॉइंट्स या 1.16% गिरकर 23,824.10 पर बंद हुआ।

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार, 1 दिन में 10% की गिरावट के बाद 3.65% चढ़ा कोस्पी

Asian Market Today: गिफ्ट निफ्टी में फ्लैट कारोबार कर रहा है। FIIs की कैश में हल्की खरीदारी हुई, लेकिन वायदा में बिकवाली रही। एशिया में KOSPI में कल की तेज गिरावट के बाद आज रिकवरी का मूड देखने को मिला। वहीं अमेरिका में डाओ जोंस में भी निचले स्तरों से 350 प्वाइंट की रिकवरी आई। लेकिन चिप शेयरों में बिकवाली जारी है। नैस्डैक कल भी 2% से ज्यादा फिसला है।

एशियाई बाज़ार

टेक्नोलॉजी शेयरों में तेज़ी के बीच बुधवार को एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला कारोबार हुआ। जापान का निक्केई 225 0.52% और टॉपिक्स 0.41% गिरा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी एक दिन पहले 10% की गिरावट के बाद 3.65% चढ़ा, जबकि कोसडैक 1.49% बढ़ा। हांगकांग हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने बढ़त के संकेत दिए।

गिफ्ट निफ्टी 23,874 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 21 पॉइंट्स का प्रीमियम था, जो भारतीय स्टॉक मार्केट इंडेक्स के लिए धीमी शुरुआत का संकेत देता है।

वॉल स्ट्रीट

US स्टॉक मार्केट मंगलवार को सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में भारी गिरावट और US फेडरल रिजर्व के सख्त रवैये को लेकर चिंताओं के कारण नीचे बंद हुआ।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 47.22 पॉइंट्स या 0.09% गिरकर 51,665.49 पर आ गया, जबकि S&P 500 107.32 पॉइंट्स या 1.44% गिरकर 7,365.47 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 579.56 पॉइंट्स या 2.21% गिरकर 25,587.04 पर बंद हुआ।

एनवीडिया के स्टॉक की कीमत 4.15% गिरी, AMD के शेयर 5.76% फिसले, इंटेल के शेयर 6.14% गिरे, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 13.18% टूटे, मार्वेल टेक्नोलॉजी 9.36% गिरी, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 1.80% बढ़े, एप्पल के स्टॉक की कीमत 0.91% गिरी, अल्फाबेट के शेयर 0.77% गिरे, टेस्ला के स्टॉक की कीमत 5.79% गिरी और स्पेसएक्स के शेयर 0.98% बढ़े।

बैंक ऑफ जापान

जून में हुई पॉलिसी मीटिंग में हुई राय की समरी से पता चला कि बैंक ऑफ़ जापान के कुछ बोर्ड मेंबर्स ने सेंट्रल बैंक के पॉलिसी रेट को इकॉनमी के लिए न्यूट्रल माने जाने वाले लेवल के करीब लाने के लिए इंटरेस्ट रेट में और बढ़ोतरी की मांग की।

जापान का सर्विसेज़ PPI

जापान का सर्विसेज़ प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स मई में एक साल पहले के मुकाबले 3.3% बढ़ा। इंडेक्स में सालाना बढ़ोतरी, जो कंपनियों द्वारा सर्विसेज़ के लिए एक-दूसरे से ली जाने वाली कीमत को ट्रैक करता है, अप्रैल में रिवाइज्ड 3.3% बढ़त के बाद हुई।

क्रूड ऑयल की कीमतें

क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट जारी रही क्योंकि ज़्यादा टैंकर खुलेआम होर्मुज स्ट्रेट को पार कर रहे थे। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 0.99% गिरकर $76.32 प्रति बैरल हो गई, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 1.05% गिरकर $72.44 पर आ गया।

आज सोने का रेट

सोने की कीमतों में गिरावट जारी रही। स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.8% गिरकर $4,083.77 प्रति औंस हो गई, जबकि चांदी की कीमतें 1.1% गिरकर $60.86 पर आ गईं।

डॉलर

US डॉलर एक साल से ज़्यादा समय में अपने सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गया। डॉलर इंडेक्स, जो कई करेंसी के मुकाबले डॉलर को मापता है, मई 2025 के बाद अपने सबसे ऊंचे लेवल 101.42 पर पहुंचने के बाद 0.38% बढ़कर 101.39 पर पहुंच गया। यूरो 0.41% गिरकर $1.138 पर आ गया, जबकि स्टर्लिंग 0.45% कमजोर होकर $1.3187 पर आ गया। जापानी येन के मुकाबले डॉलर 0.01% मजबूत होकर 161.55 पर पहुंच गया।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

राजेश एक्सपोर्ट्स पर ED का छापा, SEBI के आरोपों के बाद लिया है एक्शन

देश की प्रमुख गोल्ड ज्वेलरी एक्सपोर्टर कंपनी Rajesh Exports Limited एक बार फिर जांच एजेंसियों के रडार पर है। सूत्रों के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को बेंगलुरु में कंपनी और उसके प्रमोटर्स से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की।

यह कार्रवाई सुबह शुरू हुई और रिपोर्ट लिखे जाने तक जारी थी। ED की टीमें कंपनी और उससे जुड़े कई परिसरों में दस्तावेजों और लेन-देन की जांच कर रही थीं।

SEBI की रिपोर्ट के बाद बढ़ी जांच

यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले ही Securities and Exchange Board of India (SEBI) ने राजेश एक्सपोर्ट्स, इसके चेयरमैन राजेश मेहता और कुछ संबंधित संस्थाओं के खिलाफ अंतरिम आदेश जारी किया था।

SEBI ने आरोप लगाया था कि कंपनी ने फंड के लेन-देन को छिपाने के लिए कई संबंधित संस्थाओं के बीच जटिल ट्रांजैक्शन किए। रेगुलेटर का कहना है कि इन लेन-देन को इस तरह अंजाम दिया गया कि पैसों के असली शुरुआत और अंत को पहचानना मुश्किल हो जाए।

प्रमोटर के खाते से पैसे घुमाने का आरोप

SEBI का आरोप है कि Rajesh Exports ने कंपनी का पैसा प्रमोटर राजेश मेहता के निजी बैंक खाते के जरिए ट्रांसफर किया। लेकिन कंपनी यह नहीं बता पाई कि ऐसा क्यों किया गया। नियामक के मुताबिक, कंपनी कोई लोन एग्रीमेंट, बोर्ड की मंजूरी या अन्य दस्तावेज पेश नहीं कर सकी, जो इस काम को सही ठहरा सकें।

SEBI ने कहा कि कंपनी ने खुद स्वीकार किया है कि फंड को उसके मूल स्रोत का खुलासा किए बिना आगे भेजा गया था। रेगुलेटर के मुताबिक, यह पहली नजर में फंड ट्रेल छिपाने और लेयरिंग करने की कोशिश लगती है। आदेश के मुताबिक, अप्रैल 2020 से सितंबर 2025 के बीच कंपनी ने राजेश मेहता को ₹338.90 करोड़ ट्रांसफर किए। इसी अवधि में कंपनी को उनके खाते से ₹232.44 करोड़ वापस मिले।

₹15.15 लाख करोड़ की गलत रिपोर्टिंग

SEBI की अंतरिम रिपोर्ट में सबसे गंभीर आरोप कंपनी के वित्तीय बयानों से जुड़ा है। रेगुलेटर का आरोप है कि कंपनी ने बार-बार एक जैसे सर्कुलर ट्रांजैक्शन दर्ज करके अपने खातों में करीब ₹15.15 लाख करोड़ की कथित गलत रिपोर्टिंग की।

SEBI के मुताबिक, एक ही लेन-देन को कई संस्थाओं के जरिए बार-बार घुमाया गया। इससे खरीद और बिक्री के आंकड़े वास्तविकता से कहीं ज्यादा बड़े दिखाई दिए। हालांकि, रेगुलेटर ने यह भी स्पष्ट किया है कि ₹15.15 लाख करोड़ असल धनराशि नहीं है। यह उन अकाउंटिंग एंट्रीज का कुल मूल्य है, जिन्हें SEBI ने कथित तौर पर गलत बताया है।

निवेशकों को लेकर भी चिंता

SEBI का मानना है कि इन कथित गड़बड़ियों की वजह से निवेशकों को कंपनी के कारोबार और वित्तीय स्थिति के बारे में गलत जानकारी मिल सकती थी। इसी कारण जांच पूरी होने तक कंपनी, उसके प्रमोटर्स और कुछ संबंधित संस्थाओं पर अंतरिम प्रतिबंध लगाए गए हैं।

अब ED क्या तलाश रही है?

सूत्रों के मुताबिक, ED की छापेमारी SEBI की रिपोर्ट में सामने आए आरोपों से जुड़ी हो सकती है। आमतौर पर जब किसी दूसरी जांच एजेंसी या नियामक को वित्तीय गड़बड़ी के संकेत मिलते हैं, तो ED यह पता लगाने की कोशिश करती है कि कहीं पैसों की हेराफेरी या मनी लॉन्ड्रिंग तो नहीं हुई। हालांकि अभी तक ED ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि छापेमारी किस विशेष कानूनी प्रावधान के तहत की जा रही है।

दूसरी ओर Rajesh Exports ने सार्वजनिक रूप से इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है। माना जा रहा है कि कंपनी प्रतिभूति कानूनों के तहत उपलब्ध कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल कर सकती है। फिलहाल ED की कार्रवाई ने कंपनी पर नियामकीय दबाव और बढ़ा दिया है। चूंकि जांच अभी जारी है, इसलिए आने वाले समय में इस मामले में और जानकारी सामने आ सकती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Healthcare Stocks : कमजोर बाजार में भी फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में आई बहार, मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट ने भरा दम

Healthcare Stocks : कमजोर बाजार में फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में आज जोरदार खरीदारी का मूड देखने को मिला। इसके चलते निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 0.92 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि बीएसई हेल्थकेयर इंडेक्स 0.62 प्रतिशत बढ़ा। चुनिंदा हेल्थकेयर शेयरों में डिफेंसिव बाइंग देखने को मिली। सिप्ला में 1.5 प्रतिशत,डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज में 1.05 प्रतिशत और सन फार्मा में 0.98 प्रतिशत की बढ़त हुई। वहीं, ग्लैंड फार्मा के शेयरों में 4.79 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह BSE मिडकैप गेनर्स में सबसे आगे रहा। लॉरस लैब्स में 3.12 प्रतिशत और ऑरोबिंदो फार्मा में 2.99 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इस बीच मोतीलाल ओसवाल की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक हेल्थकेयर स्पेस में ग्रोथ के काफी मौके हैं। इसके चलते भी इस सेक्टर को शेयरों में तेजी रही।

हेल्थकेयर पर MOFSL की राय

हेल्थकेयर पर MOFSL की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रेटर नोएडा सैटेलाइट टाउन से अर्बन हब बन गया है। ग्रेटर नोएडा की जनसंख्या सालाना 5.4% बढ़कर 1.3 करोड़ पर पहुंच गई है। ग्रेटर नोएडा में जनसंख्या राष्ट्रीय औसत से ज्यादा बढ़ी है। ग्रेटर नोएडा में सिर्फ 4500 सुपर स्पेशलिटी बेड मौजूद हैं जो जरुरत से काफी कम हैं। वेस्टर्न यूपी और पश्चिमी दिल्ली से भी डिमांड को सपोर्ट मिल रहा है। यहां ऑर्गन ट्रांसप्लांट,रोबोटिक सर्जरी और क्रिटिकल केयर में बडे़ मौके हैं।

MOFSL के पसंदीदा शेयर

MOFSL ने मेदांता को BUY रेटिंग देते हुए 1490 रुपए प्रति शेयर का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि इसके 382 बेड्स ऑपरेशनल हैं। इनकी रेवेन्यू 200-250 करोड़ करोड़ रुपए महीना है। कंपनी के EBITDA घाटे में तेजी से कमी आई है। मजबूत ब्रांड से मरीज बढ़े हैं। FY26-28 में रेवेन्यू 11%, EBITDA 24% और मुनाफा 31% CAGR संभव है।

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मैक्स हेल्थकेयर पर MOFSL

मैक्स हेल्थकेयर पर MOFSL ने BUY रेटिंग देते हुए 1260 रुपए प्रति शेयर का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि Jaypee के अधिग्रहण के बाद ऑक्यूपेंसी 64% से बढ़कर 72% हो गई है। इसकी रेवेन्यू 36-37 करोड़ रुपए प्रति महीना से बढ़कर 57 करोड़ रुपए प्रति महीना हो गई है। कंपनी की 100 बेड और 5 OT जोड़ने की तैयारी है। इसका कार्डियोलॉजी,ऑन्कोलॉजी और ऑर्गन ट्रांसप्लांट पर फोकस है। FY26-28 में रेवेन्यू 14%,EBITDA 15% और मुनाफा 20% CAGR संभव है।

फोर्टिस पर MOFSL

फोर्टिस पर MOFSL ने BUY रेटिंग देते हुए 1140 रुपए प्रति शेयर का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी 22 साल पुरानी है। बेड फैसिलिटी अच्छी है। इसकी ऑक्यूपेंसी 77-78% है। 22% EBITDA मार्जिन और 15% सालाना ग्रोथ की उम्मीद है। कंपनी को नोएडा में दूसरे साइट की तलाश है। FY26-28 में रेवेन्यू 13%, EBITDA 17% और मुनाफा 21% CAGR संभव है।

 

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।