Market Outlook : हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 29 जून को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : 25 जून को भारतीय इक्विटी इंडेक्स ने दिन के दौरान हुई ज्यादातर बढ़त गंवा दी और मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी 24,050 के आसपास रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 109.25 अंक या 0.14 प्रतिशत बढ़कर 77,100.47 पर और निफ्टी 34.35 अंक या 0.14 प्रतिशत बढ़कर 24,056.00 पर सेयल हुआ। लगभग 1544 शेयरों में बढ़त हुई,2488 शेयरों में गिरावट आई और 180 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन,M&M,मैक्स हेल्थकेयर,मारुति सुजुकी और टाटा कंज्यूमर शामिल रहे। जबकि ONGC,पावर ग्रिड कॉर्प,हिंडाल्को और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक महिंद्रा में गिरावट देखने को मिली।

सेक्टोरल इंडेक्स मिले-जुले रहे। FMCG में 0.7%,रियल्टी में 0.3% और ऑटो इंडेक्स में 2% से ज्यादा की बढ़त हुई। जबकि IT,एनर्जी,मीडिया,मेटल और ऑयल एंड गैस इंडेक्स 0.5-1% नीचे रहे। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि दिन के शुरुआती कारोबार में हुई बढ़त के बाद प्रॉफिट बुकिंग की वजह से घरेलू बाजार बिना किसी बड़े बदलाव के बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट से रुपये को सहारा मिला और कुछ राहत भी मिली,लेकिन यह बढ़त की रफ़्तार बनाए रखने के लिए काफी नहीं थी।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो ऑटो शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया। इसकी वजह रही मेटल की कीमतों में नरमी,सप्लाई चेन की दिक्कतों में कमी और महीने के दौरान रिटेल डिमांड में सुधार।

कुल मिलाकर बाजार का मूड पॉजिटिव रहा। हालांकि,FII की लगातार बिकवाली से तेजी सीमित हो सकती है। आने वाले समय में,Q1 के नतीजों को लेकर कमजोर उम्मीदों और मॉनसून की असमान स्थिति का असर बाजार के मूड पर पड़ सकता है,इसलिए इन पर नजर रखनी होगी।

Hedged.in में एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट, HNI ​एंड डेरिवेटिव्स,रियांक अरोड़ा का कहना है कि भारतीय इक्विटी मार्केट में आज का ट्रेडिंग सेशन थोड़ा पॉजिटिव रहा। दिन भर उतार-चढ़ाव सीमित दायरे में रहने के बावजूद बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। अहम सपोर्ट लेवल के ऊपर बने रहना लगातार खरीदारी की रुचि को दिखाता है। मार्केट में नए ट्रिगर्स आने से पहले निवेशक सोच-समझकर कदम उठा रहे हैं।

निफ्टी 30 अंक यानी 0.12%) बढ़कर 24,050 पर बंद हुआ। यह इंडेक्स 24,000 के अहम लेवल के ऊपर बना हुआ है,जो बताता है कि शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 24,000–23,950 के आसपास है और इसके बाद 23,850 के आसपास मजबूत सपोर्ट जोन है। ऊपर की तरफ, रेजिस्टेंस 24,100–24,150 और उसके बाद 24,250 पर दिख रहा है। लगातार इन लेवल के ऊपर बने रहने से और बढ़त का रास्ता खुल सकता है।

BSE सेंसेक्स 105 अंक यानी 0.14% बढ़कर 77,100 पर बंद हुआ। इंडेक्स सीमित दायरे में ट्रेड करता रहा लेकिन पॉजिटिव जोनन में बंद होने में कामयाब रहा,जो निचले लेवल पर लगातार खरीदारी का सपोर्ट दिखाता है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 76,900–76,700 के आसपास है। जबकि रेजिस्टेंस 77,300–77,500 के पास दिख रहा है। इस जोन के ऊपर ब्रेकआउट से बुलिश मोमेंटम और मजबूत हो सकता है।

कुल मिलाकर मार्केट पॉजिटिव रुख के साथ कंसोलिडेट होता रहा,जिससे पता चलता है कि सेशन के दौरान सीमित बढ़त के बावजूद खरीदारों का दबदबा बना हुआ है। जब तक अहम सपोर्ट लेवल बने हुए हैं,तब तक मार्केट का स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना रहेगा। ट्रेडर्स अच्छे रिस्क मैनेजमेंट के साथ गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपना सकते हैं, क्योंकि मुख्य ट्रेंड अभी भी पॉजिटिव है।

ब्रिकवर्क रेटिंग्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,राजीव शरण का कहना है कि ब्रेंट क्रूड की कीमत गिरकर लगभग 73 डॉलर प्रति बैरल पर आना ग्लोबल कमोडिटी मार्केट की कहानी में एक बड़ा बदलाव है। यह बदलाव मांग में कमी के कारण नहीं,बल्कि जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने की वजह से आया है। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है। इससे सप्लाई में आई वह रुकावट दूर हो रही है।

दुनिया के तीसरे सबसे बड़े क्रूड आयातक देश भारत के लिए यह निश्चित रूप से अच्छी खबर है। तेल की कीमतों में प्रति बैरल 10 डॉलर की गिरावट से भारत का सालाना आयात बिल लगभग 12 से 15 अरब डॉलर कम हो जाता है। इससे करंट अकाउंट पर दबाव कम होता है और भारतीय रिजर्व बैंक को विकास को बढ़ावा देने के लिए उधार की लागत (ब्याज दरों) को अनुकूल बनाए रखने की अधिक गुंजाइश मिलती है।

घरेलू बाजारों ने इस पर अच्छी प्रतिक्रिया दी है। 25 जून को सेंसेक्स 77,000 के स्तर को पार कर गया और निफ्टी 24,100 के आसपास मज़बूत बना रहा। इसमें ऑटो,एविएशन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के शेयरों ने बढ़त में अहम भूमिका निभाई। भारतीय इक्विटी मार्केट के लिए निकट भविष्य का आउटलुक अच्छा दिख रहा है,बशर्ते क्रूड की कीमतें 70 से 75 डॉलर प्रति बैरल की रेंज में स्थिर रहें और मॉनसून उम्मीद के मुताबिक अच्छा रहे।

इक्विरस वेल्थ के MD और बिज़नेस हेड,अंकुर पुंज का कहना है कि बाजार में लंबी छुट्टी से पहले,निवेशकों ने कारोबारी सत्र के अंतिम हिस्से में मुनाफावसूली की,जिससे बाजार मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। चूंकि मुहर्रम के कारण शुक्रवार को बाजार बंद रहेंगे,इसलिए निवेशकों ने अपनी इक्विटी होल्डिंग कम कर दी। भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमी पर अभी भी अनिश्चितता के बादल छाए हुए हैं,ऐसे में निवेशकों के लिए चुनिंदा शेयरों में खरीदारी करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

कोटक सिक्योरिटीज में VP टेक्निकल रिसर्च अमोल अठावले ने कहा कि इस हफ्ते बेंचमार्क इंडेक्स में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। काफी उतार-चढ़ाव के बाद,निफ्टी 0.18 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ। जबकि सेंसेक्स में 297 अंकों की बढ़त हुई। सेक्टरों की बात करें तो फार्मा इंडेक्स में 2 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई,जबकि मेटल इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट हुई और यह 4.40 प्रतिशत नीचे आया। हफ्ते के दौरान,तेज गिरावट के बाद मार्केट को 50 डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज)के पास सपोर्ट मिला और इसमें तेजी से सुधार हुआ। हालांकि,एक बार फिर इसे 24,200/77,800 के रेजिस्टेंस जोन के पास प्रॉफिट बुकिंग का सामना करना पड़ा।

टेक्निकल तौर पर मार्केट ने एक रेंज-बाउंड पैटर्न बनाया है। नीचे की तरफ,इसे 50 डे SMA या 23,800/76,200 के पास सपोर्ट मिला है,जबकि 24,200-24,250/77,800-78,000 के रेजिस्टेंस लेवल के पास लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है। पोजीशनल ट्रेडर्स के लिए, 24,000/77,000 एक इमीडिएट सपोर्ट जोनन का काम करेगा। इस लेवल के ऊपर,मार्केट 24,200/77,800 को फिर से टेस्ट कर सकता है। 24,200/77,800 के लेवल को सफलतापूर्वक पार करने पर मार्केट 24,400-24,500/78,400-78,700 की ओर बढ़ सकता है।

दूसरी ओर 24,000/77,000 के नीचे जाने पर मार्केट 23,800/76,200 तक गिर सकता है। गिरावट का सिलसिला जारी रह सकता है और इंडेक्स 23,650/75,700 तक जा सकता है।

बैंक निफ्टी के लिए,सपोर्ट जोन 57,800 और 57,500 पर हैं। इन लेवल के ऊपर,तेजी 58,700-59,000 की ओर जारी रह सकती है। इसके उलट, 57,500 के नीचे जाने पर अपट्रेंड कमजोर हो सकता है।

 

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Most powerful ICE SUVs under Rs 25 lakh

10 most powerful ICE SUVs under Rs 25 lakh

SUVs are not only extremely popular in the Indian mass market, they’re also highly aspirational. With aspiration comes the demand for higher power outputs, and many carmakers have answered that call by offering sporty and powerful SUVs to mass-market buyers. Therefore, we’ve put together a list of the most powerful ICE SUVs available under the Rs 25 lakh mark. The rankings are based on power output in ascending order.

10. Volkswagen Taigun and Skoda Kushaq 1.5 turbo-petrol

150hp, 250Nm

Both the Taigun and Kushaq are among the most fun-to-drive options in the midsize SUV segment, largely thanks to their 150hp 1.5-litre direct-injection turbo-petrol engines. This is the only engine on this list to feature active cylinder deactivation, which can shut off two of its cylinders at cruising speeds to save fuel. Volkswagen and Skoda offer the 1.5 TSI only in higher variants of the Taigun (GT Plus and GT Plus Sport) and Kushaq (Prestige and Monte Carlo), that too with a sole 7-speed dual-clutch automatic gearbox.

The Taigun 1.5 TSI price starts at Rs 19 lakh and extends to Rs 19.3 lakh, whereas pricing for the Kushaq 1.5 TSI starts at Rs 18.79 lakh and tops off at Rs 18.99 lakh.

9. Kia Seltos and Hyundai Creta, Alcazar 1.5 turbo-petrol

160hp, 253Nm

Launched in early 2026, the second-gen Kia Seltos carries forward its predecessor’s powertrains, including the 160hp 1.5-litre direct-injection turbo-petrol, which is offered from the HTE(O) trim onwards. Gearbox options for the Seltos turbo-petrol comprise a 6-speed iMT and a 7-speed dual-clutch automatic. The Seltos turbo-petrol price starts at Rs 12.91 lakh and tops off at Rs 20 lakh.

Hyundai’s venerable Creta and its 7-seater derivative, the Alcazar, get the same turbo-petrol engine too, albeit with slightly different transmission options. The standard Creta turbo-petrol is available in the top-spec King trim with the 7-speed DCT, while the SUV’s sportier N Line variants additionally offer a 6-speed manual. Meanwhile, the Alcazar gets the turbo-petrol engine from its base Executive trim onwards and can be had with 6-speed manual and 7-speed DCT options.

The standard Creta turbo-petrol is priced at Rs 19.91 lakh, whereas the N Line variants start at Rs 19.03 lakh and top off at Rs 19.95 lakh. Interestingly, the Alcazar turbo-petrol, priced from Rs 14.51 lakh to Rs 21.1 lakh, carries the lowest starting price of any Hyundai SUV equipped with this engine.

8. Tata Sierra 1.5 turbo-petrol

160hp, 255Nm

The Sierra is the first Tata model to use the carmaker’s 160hp 1.5-litre direct-injection turbo-petrol ‘Hyperion’ engine, which is offered from the SUV’s Adventure+ trim onwards. Unlike most SUVs on this list, though, the Sierra turbo-petrol can be had solely with a 6-speed torque converter automatic. Pricing for the Sierra turbo-petrol starts at Rs 17.99 lakh and climbs to Rs 20.99 lakh.

7. Renault Duster 1.3 turbo-petrol

163hp, 280Nm

The new Renault Duster is the most powerful midsize SUV you can currently buy thanks to the 163hp 1.3-litre direct-injection turbo-petrol engine available from the one-above-base Evolution variant. This mill is paired with either a 6-speed manual or a 6-speed wet-clutch DCT – the Duster is the only SUV on this list to offer the latter gearbox. The Duster 1.3 turbo-petrol price range is Rs 12.99 lakh-18.49 lakh.

6. Tata Safari, Harrier 1.5 turbo-petrol

170hp, 280Nm

Not long after the launch of the Sierra, Tata started offering its 1.5-litre turbo-petrol engine under the bonnets of the Harrier and Safari as well. However, the engine features a higher state of tune for the Safari and Harrier –  up 10hp and 25Nm over the Sierra – and can even be had with a 6-speed manual gearbox in addition to the 6-speed torque converter.

The Harrier petrol is priced from Rs 12.89 lakh to Rs 24.14 lakh, while the Safari price range is Rs 13.29 lakh-24.85 lakh. These prices are exclusive of premiums for cosmetic packages like Dark, Red Dark, and Stealth.

5. Tata Safari, Harrier and Jeep Compass, Meridian 2.0 diesel

170hp, 350Nm

The Tata Harrier and Safari have long offered a Fiat-sourced 2.0-litre diesel engine in the same 170hp state of tune. These diesel SUVs can be had with either a 6-speed manual or a 6-speed torque converter automatic. The Harrier diesel price range is Rs 14 lakh to 25.3 lakh, whereas pricing for the Safari diesel starts at Rs 14.75 lakh and tops off at Rs 26.05 lakh (excluding premiums for cosmetic packages).

Both of Jeep India’s mass-market offerings, the Compass and Meridian, also come with the same 170hp 2.0-litre diesel engine. However, the Compass and Meridian differ slightly in terms of gearbox options, offering either a 6-speed manual or a 9-speed torque converter automatic. The Compass and Meridian also offer 4×4 as an option in higher variants.

Pricing for the Compass starts at Rs 17.99 lakh and climbs to Rs 30.45 lakh, whereas the Meridian is priced from Rs 23.33 lakh to Rs 37.48 lakh, excluding special editions for both SUVs.

4. Mahindra Scorpio N, Thar Roxx 2.2 diesel

Up to 175hp, 400Nm

Mahindra sells both the Scorpio N and Thar Roxx SUVs with a 2.2-litre diesel engine, albeit in varying states of tune. From the Z6 trim onwards, the Scorpio N diesel develops 175hp, but outputs 370Nm when paired with the 6-speed manual and 400Nm with the 6-speed torque converter. Meanwhile, the lower Scorpio N Z2 and Z4 diesel MT variants produce 132hp and 300Nm.

The Thar Roxx diesel offers the same transmission options as that of the Scorpio N, and makes 175hp and 400Nm in its higher-spec AX5L AT and AX7L AT variants. Lower variants of the Thar Roxx diesel generate 152hp and 330Nm. Both SUVs are available with 4×4 in higher-spec diesel variants as well. Prices for the Scorpio N diesel start at Rs 13.99 lakh and extend to Rs 24.95 lakh, while the Thar Roxx diesel price range is Rs 13.86 lakh-22.82 lakh.

3. Mahindra Thar Roxx 2.0 turbo-petrol

Up to 177hp, 380Nm

The Thar Roxx is also available with Mahindra’s 2.0-litre direct-injection turbo-petrol ‘mStallion’ engine, though outputs vary depending on gearbox. With the 6-speed manual equipped, the Thar Roxx petrol outputs 162hp and 330Nm, whereas with the 6-speed automatic, the output is bumped to 177hp and 380Nm. The Thar Roxx petrol price range is Rs 12.4 lakh-20 lakh.

2. Mahindra XUV 7XO 2.2 diesel

185hp, up to 450Nm

Like the Scorpio N and Thar Roxx, the Mahindra XUV 7XO gets a 2.2-litre diesel engine, but in a more powerful 185hp state of tune. When paired with the 6-speed manual, the XUV 7XO diesel outputs 420Nm, rising to 450Nm with the 6-speed torque converter automatic equipped. The XUV 7XO diesel is also offered with AWD in higher variants. Prices for the XUV 7XO diesel start at Rs 14.96 lakh and climb to Rs 24.92 lakh.

1. Mahindra XUV 7XO, Scorpio N 2.0 turbo-petrol

203hp, up to 380Nm (370 MT SCN)

The turbo-petrol Mahindra XUV 7XO and Scorpio N are officially the most powerful SUVs you can buy under Rs 25 lakh. Their 2.0-litre direct-injection turbo-petrol engine develops a healthy 203hp across all variants. While the XUV 7XO petrol outputs 380Nm for both its manual and automatic transmission options, the Scorpio N petrol makes 370Nm when paired with the manual and 380Nm with the automatic.

Pricing for the XUV 7XO petrol starts at Rs 13.66 lakh and extends to Rs 23.64 lakh, while the Scorpio N petrol price range is Rs 13.49 lakh-22.45 lakh.

All prices are ex-showroom, India.

घर बैठे ऑनलाइन खरीदें सऊदी में प्रॉपर्टी! नया डिजिटल पोर्टल लॉन्च, भारतीयों के लिए ये है पूरा प्रोसेस

Saudi Arabia Property Market: सऊदी अरब के रियल एस्टेट मार्केट में पैसे लगाना अब बेहद आसान हो गया है। किंगडम ने एक आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जिसके जरिए विदेशी नागरिक अब सऊदी अरब में सीधे प्रॉपर्टी खरीदने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विदेशी निवेशकों के लिए इनवेस्टमेंट को और अधिक आसान बनाने के लिए ये ऐतिहासिक कदम उठाया गया है।

यह कदम इस साल की शुरुआत में लागू हुए नए ओनरशिप कानून के तहत उठाया गया है। रियल एस्टेट जनरल अथॉरिटी (REGA) ने इस आधिकारिक ‘सऊदी प्रॉपर्टीज पोर्टल’ की शुरुआत की घोषणा की है, जिससे मिडिल ईस्ट के सबसे तेजी से बढ़ते प्रॉपर्टी मार्केट्स में से एक में विदेशियों की एंट्री का रास्ता साफ हो गया है। आइए समझते हैं कि नया नियम क्या है और कौन यहां जमीन या घर खरीद सकता है।

घर बैठे ऑनलाइन खरीदें प्रॉपर्टी

इस नए डिजिटल प्लेटफॉर्म को विदेशी स्वामित्व के आवेदनों के लिए सिंगल ऑफिशियल चैनल के रूप में तैयार किया गया है। इस पोर्टल के जरिए सऊदी अरब के अंदर और बाहर रहने वाले पात्र व्यक्ति और कंपनियां पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी कर सकते हैं। इसमें पात्रता की जांच, आवेदन जमा करना, एप्लीकेशन ट्रैकिंग और सरकार द्वारा मंजूर किए गए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स की जानकारी हासिल करना शामिल है।

यह कदम सऊदी अरब की अपनी अर्थव्यवस्था को तेल से इतर डाइवर्सिफाई करने और देश को बिजनेस, टूरिज्म तथा रियल एस्टेट का ग्लोबल हब बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

कौन-कौन खरीद सकता है सऊदी अरब में प्रॉपर्टी?

नए नियमों के तहत विदेशी व्यक्तियों, कंपनियों और अन्य संस्थाओं को एक तय और रेगुलेटेड प्रक्रिया के तहत सऊदी अरब के अधिकांश हिस्सों में रियल एस्टेट खरीदने की अनुमति दी गई है:

सऊदी में रहने वाले विदेशी निवासी: जो विदेशी नागरिक पहले से ही सऊदी अरब में रह रहे हैं, वे अपने रेजिडेंसी नंबर यानी ‘इकामा’ (Iqama) का इस्तेमाल करके सीधे पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। सरकारी डेटाबेस के जरिए उनकी पात्रता की जांच ऑटोमैटिक हो जाएगी।

सऊदी से बाहर रहने वाले लोग: जो लोग सऊदी अरब से बाहर रहते हैं, उन्हें ऑनलाइन आवेदन करने से पहले सऊदी राजनयिक मिशनों के जरिए एक डिजिटल पहचान पत्र हासिल करना होगा।

विदेशी कंपनियां: जिन विदेशी कंपनियों की सऊदी अरब में पहले से मौजूदगी नहीं है, उन्हें सबसे पहले निवेश मंत्रालय के ‘इन्वेस्ट सऊदी’ प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा और एक नेशनल यूनिफाइड नंबर हासिल करना होगा।

मक्का और मदीना को लेकर क्या हैं पाबंदियां?

भले ही नए कानून ने विदेशी ओनरशिप का दायरा काफी बढ़ा दिया है, लेकिन इस्लाम के दो सबसे पवित्र शहरों- मक्का और मदीना को लेकर कड़े प्रतिबंध बरकरार रखे गए हैं। मक्का और मदीना में प्रॉपर्टी खरीदने का अधिकार केवल सऊदी कंपनियों और मुस्लिम व्यक्तियों चाहे वे सऊदी के अंदर रहते हों या बाहर तक ही सीमित रहेगा। गैर-मुस्लिम विदेशी नागरिक इन दो पवित्र शहरों में प्रॉपर्टी नहीं खरीद सकेंगे।

अरबों डॉलर के मेगा प्रोजेक्ट्स में निवेश का मौका

सऊदी अरब इस समय दुनिया के सबसे बड़े शहरी विकास कार्यक्रमों में से एक से गुजर रहा है। किंगडम अपने कई मेगा प्रोजेक्ट्स जैसे- नियोम सिटी, दिरिया गेट, रेड सी प्रोजेक्ट, किद्दिया और न्यू मुरब्बा में सैकड़ों अरब डॉलर का निवेश कर रहा है। सरकार का मानना है कि मार्केट को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए खोलने से इन प्रोजेक्ट्स को लॉन्ग-टर्म कैपिटल मिलेगी और आवासीय व व्यावसायिक संपत्तियों की मांग में भारी इजाफा होगा।

TVS iQube production crosses 1 million units

TVS team alongside two iQube scooters

TVS Motor Company has announced the rollout of the one millionth TVS iQube from its manufacturing facility in Hosur, Tamil Nadu. The production milestone follows closely on the heels of TVS crossing one million cumulative retail sales of its electric scooters – comprising the iQube and Orbiter – earlier this month, making it the second Indian EV manufacturer after Ola Electric to reach that milestone.

  1. One millionth TVS iQube rolled out from Hosur manufacturing facility
  2. iQube community has collectively covered 14.94 billion km
  3. TVS iQube now available across 3,300 touchpoints in over 3,000 cities

TVS iQube one million production milestone details

The iQube is available in three variants with multiple battery options

The TVS iQube was launched in 2020 as the company’s first electric two-wheeler. The lineup has since expanded to three variants – the base iQube, available with 2.2kWh, 3.1kWh and 3.5kWh battery options; the iQube S with a 4.7kWh battery; and the range-topping iQube ST with a 5.3kWh battery. 

TVS now supports its growing customer base through a sales and service network spanning more than 3,300 touchpoints across over 3,000 cities. Since launch, iQube owners have collectively covered 14.94 billion kilometres and, which the company claims, helped avoid 5.22 lakh tonnes of CO₂ emissions – the equivalent to planting approximately 2.09 crore trees.

Commenting on the milestone, TVS Motor Company chairman Sudarshan Venu said the rollout reflected “the scale at which electric mobility is becoming part of everyday life in India,” adding that the achievement was built on years of investment in engineering, innovation and manufacturing capability.

The production milestone comes at a time when India’s electric two-wheeler market continues to gather notable pace. The segment is on track to approach two million annual sales for the first time, driven in part by rising petrol prices. TVS, which has led the segment since April 2025, is currently averaging over 40,000 electric scooter sales a month and appears well on course to cross the five lakh annual sales mark for the first time this calendar year.

BMW to expand Neue Klasse line-up with the new M3 Touring

BMW M Concept Neue Klasse

BMW is now planning to introduce the next-gen M3 Touring, based on the same Neue Klasse platform that underpins the next-gen M3 sedan. Sylvia Neubauer, head of Customer, Brand and Sales for BMW M, told Autocar UK that the decision comes following the strong sales of the outgoing (sixth-generation) G81 M3 Touring. The continued demand for the Touring primarily comes from the US and China, Neubauer stated.

  1. This will mark the second generation of the M3 Touring
  2. To get both combustion and fully electric versions
  3. EV likely to have an 800V architecture with quad motors
  4. Combustion version could use a twin-turbo straight-six

Next-gen BMW M3 Touring: United States and China key markets

The M3 Touring that debuted in June 2022 was BMW M’s first-ever production estate, and this will be the second-generation of the sports estate. Neubauer told Autocar UK that BMW does not offer customers in the US the standard 3 Series Touring, citing that “it’s a market for SUVs and very big cars”. However, Neubauer was quick to add that BMW dealers in the States are happy to have the M3 Touring “because they don’t have to push it, since the customer demand is organic.”

Commenting further on the demand for the sports estate in the US, Neubauer indicated that there’s enough to warrant a second-generation model, and that “they’re asking for more and more production, so we’ve been increasing the volume.” As for China, “it’s not an estate market at all, but we decided to bring the (current-gen) Touring to China only in the M3 version. So you can’t buy a regular 3 Series Touring there, but the M3 Touring is a lifestyle statement. And it’s been a huge success in China, and the rest of the world,” Neubauer told Autocar UK. The plan to bring back the M3 Touring for the second-generation isn’t without merit, as it’s “one of the best models that we have in our portfolio,” Neubauer pointed out.

Next-gen BMW M3 Touring: Expected powertrain options

BMW had earlier told Autocar UK that there will be both combustion and fully electric options with the next-gen M3 sedan. Therefore, it’s likely that it could offer the next-gen M3 Touring in regular combustion and fully electric guises as well. BMW recently confirmed that the Neue Klasse-based M3 sedan will get simulated gearshifts and synthetic sounds, which could make their way to its estate version as well. 

The Bavarian automaker stated that the battery capacity of the upcoming electric sedan will “be at least 100kWh”. The electric version of the next-gen M3 Touring could use a similar setup, alongside an 800V architecture with four electric motors. As for the combustion version, the sixth-generation M3 Touring currently produces 530hp and 650Nm from its 3.0-litre twin-turbocharged straight-six engine. BMW is likely to rework this to develop more power for the next-gen model.

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Market Trend : आज के सेशन में निफ्टी के लिए 24200 के ऊपर टिकना बहुत जरूरी, इन दो शेयरों में देखने को मिल सकती है रैली

Market Trend : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स आज बढ़त साथ खुले और निफ्टी 24250 के ऊपर ट्रेड कर रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में ईरान-संघर्ष से पहले के स्तर तक आई भारी गिरावट से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.3% और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.2% ऊपर है। निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन,श्रीराम फाइनेंस,M&M,मारुति सुजुकी और आयशर मोटर्स शामिल हैं। जबकि गिरावट वाले शेयरों में हिंडाल्को,एटरनल,ONGC, टाइटन कंपनी और JSW स्टील शामिल हैं। एनर्जी,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स,मीडिया और मेटल सेक्टर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे हैं,जिसमें ऑटो इंडेक्स 2% से ज्यादा ऊपर है।

ऐसे में बाजार के आगे के ट्रेंड पर बात करते हुए ग्लोबल कैपिटल (Globe Capital) के गौरव शर्मा ने कहा कि कल का कारोबारी सत्र काफी इंटरेस्टिंग था। बाजार के अंदर परसों जियोपॉलिटिकल टेंशन और साउथ कोरिया से जुड़े इश्यूज की वजह से जितनी गिरावट देखने को मिली थी उसकी कल के सेशन में लगभग पूरा भरपाई हो गई। बाजार एक क्लियर यूटर्न लेकर पीक पर जाकर बंद हुआ है। यह एक बहुत अच्छा संकेत है। एक और अच्छी बात यह हुई कि कल के सेशन में आई तेजी को बैंक निफ्टी ने लीड जो वास्तव में कल के मूव के लिए एक बड़ कैटलिस्ट रहा। जिस प्रकार से बैंक निफ्टी की फॉर्मेशन बनी हुई है उसे देखते हुए लगता है कि आगे और तेजी आ सकती है।

अब निफ्टी को अपनी तेजी जारी रखने के लिए 24200 के ऊपर जाकर मजबूती दिखानी होगी। अगर ऐसा नहीं होता है तो इसको इन स्तरों के आसपास फिर से रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ेगा। आज के सेशन के लिए 24200 का लेवल बहुत अहम बन गया है। ऐसा लगता है कि आज यह लेवल पार हो सकता है क्योंकि बाजार को बैंक निफ्टी से अच्छा सपोर्ट मिल रहा है। बैंक्स की पोजीशन काफी ज्यादा स्ट्रांग नजर आ रही है। ब्रेकउ बहुत मजबूत है। कल इसने आउटपरफॉर्म भी किया है। बैंक निफ्टी में 58168 के लेवल के ऊपर की क्लोजिंग आई है। अब बैंक निफ्टी में 58,800 और उसके हायर लेवल्स की उम्मीद दिख रही है।

Market View : कच्चे तेल में नरमी और रुपये की मजबूती ने बाजार में भरा जोश, आज इन दो शेयरों में हो सकती है बंपर कमाई

गौरव शर्मा की टॉप पिक्स

गौरव शर्मा ने कहा कि उनको आज के लिए दो शेयर बहुत पसंद आ रहे है। इनमें दोनों लॉन्ग साइड से है। पहला शेयर है LTF (एल एंड टी फाइनेंस)। इसमें 297 रुपए के आसपास, 290 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 310/315 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। इनका दूसरा शेयर है सीमेंट सेक्टर से श्री सीमेंट। इसमें 26105 रुपए के आसपास, 25200 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 27000/27500 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Bharat Dynamics Share Price: गोल्डमैन सैक्स ने दी बिकवाली की राय, लेकिन फिर भी स्टॉक में बढ़त, जानें क्या है इसकी वजह

Bharat Dynamics share Price: एयरोस्पेस और डिफेंस इंडस्ट्रीज की दिग्गज कंपनी भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (Bharat Dynamics) के शेयर गुरुवार को बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। लेकिन ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने डिफेंस PSU पर अपना मंदी का रुख बनाए रखा यह कहते हुए कि एग्ज़िक्यूशन की चुनौतियां और शॉर्ट-टर्म मार्जिन का दबाव बेहतर ऑर्डर बुक के फायदों से ज़्यादा हैं।

सुबह 10.48 बजे भारत डायनेमिक्स का स्टॉक 0.77 फीसदी बढ़कर 1,394.80 पर कारोबार करता नजर आया। गोल्डमैन सैक्स ने स्टॉक पर अपनी “Sell” रेटिंग बनाए रखी और 1,275 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस रखा, जिसका मतलब है कि पिछले सेशन के क्लोजिंग प्राइस से लगभग 8 फीसदी की गिरावट आई।

ब्रोकरेज ने कहा कि हाल ही में मिले ऑर्डर से कंपनी की रेवेन्यू विज़िबिलिटी में सुधार हुआ है, लेकिन चेतावनी दी कि एग्ज़िक्यूशन रिस्क एक बड़ी चिंता बनी हुई है। उसे उम्मीद है कि आने वाले प्रोजेक्ट्स में ज़्यादातर बाहरी खरीद शामिल होगी, जिससे प्रॉफिट पर असर पड़ सकता है और शॉर्ट टर्म में मार्जिन डिलीवरी ज़्यादा मुश्किल हो सकती है।

गोल्डमैन सैक्स ने हेलिना मिसाइल का ऑर्डर उम्मीद से पहले मिलने के बाद अपने अर्निंग्स पर शेयर अनुमान में 1.4 फीसदी की बढ़ोतरी की है। ब्रोकरेज ने कहा कि इस ऑर्डर से भारत डायनेमिक्स के FY29 रेवेन्यू और अर्निंग्स आउटलुक में सुधार होगा, क्योंकि इसकी लॉन्ग-टर्म ऑर्डर बुक मजबूत होगी।

हालांकि, उसने यह भी कहा कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स से ऑर्डर 24 से 60 महीनों में पूरे होने की उम्मीद है, जिसका मतलब है कि रेवेन्यू में कोई खास योगदान FY28 से ही होने की संभावना है। गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक, मजबूत ऑर्डर इनफ्लो से रेवेन्यू विजिबिलिटी बढ़ती है, लेकिन यह एग्जीक्यूशन टाइमलाइन, प्रोजेक्ट मिक्स और मार्जिन से जुड़ी चिंताओं को पूरी तरह से दूर नहीं करता है।

ब्रोकरेज का यह सतर्क नजरिया तब आया है जब हाल के सेशन में डिफेंस स्टॉक्स को लेकर सेंटिमेंट बेहतर हुआ है। इस हफ्ते की शुरुआत में, भारत डायनेमिक्स में बढ़त तब हुई जब ऐसी खबरें आई कि भारत ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम और आकाशतीर एयर डिफेंस सिस्टम सहित डिफेंस सिस्टम के संभावित एक्सपोर्ट के लिए यूनाइटेड अरब अमीरात के साथ बातचीत कर रहा है।

भारत डायनेमिक्स, मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस के तहत ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम का मुख्य मैन्युफैक्चरर और इंटीग्रेटर है। रॉयटर्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि UAE के साथ बातचीत अभी शुरुआती स्टेज में है, लेकिन आगे बढ़ रही है। खाड़ी देश ने कई भारतीय डिफेंस प्लेटफॉर्म में दिलचस्पी दिखाई है।

हाल ही में आई तेजी के बावजूद, भारत डायनेमिक्स के शेयर पिछले साल लगभग 24 फीसदी नीचे रहे, जो निफ्टी 50 से काफी कम है, जिसमें इसी दौरान लगभग 5 फीसदी की गिरावट आई है। 1 हफ्ते में शेयर 6.16 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। जबकि 1 महीने में 4.98 फीसदी बढ़त दिखा। शेयर का 52 वीक हाई 2,013.50 रुपये पर है जबकि 52 वीक लो 1,086.00 रुपये पर है।

Share Market Live Update: सेंसेक्स 540 अंक ऊपर, निफ्टी 24150 के पार,रियल्टी, बैंक शेयर चढे, मेटल में दबाव

Crude Oil Price:वेस्ट एशिया युद्ध से पहले के लेवल के करीब आया कच्चे तेल का भाव, $73 के नीचे फिसला

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market View : कच्चे तेल में नरमी और रुपये की मजबूती ने बाजार में भरा जोश, आज इन दो शेयरों में हो सकती है बंपर कमाई

Market View : कच्चे तेल में तेज गिरावट और रुपये की मजबूती से बाजार में जोश देखने को मिल रहा है। निफ्टी 150 प्वाइंट से ज्यादा चढ़कर 24150 के ऊपर कारोबार कर रहा है। बैंक निफ्टी में भी 350 प्वाइंट से ज्यादा की तेजी है। मिडकैप में भी रौनक है। INDIA VIX 4% फिसलकर 13 के नीचे आय गया है। सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी के दिन भारतीय बाजारों के लिए अच्छे संकेत हैं। कच्चे तेल का भाव 73 डॉलर के नीचे फिसल गया है। इसका भाव US-ईरान वॉर से पहले वाले स्तर पर लौट आया है। इधर गिफ्ट-निफ्टी में हल्की बढ़त है। एशियाई बाजारों में रौनक है। निक्कई में 2.5 तो कॉस्पी में 5 फीसदी का उछाल देखने को मिल रहा है। ऐसे में आइए देखते है आज निफ्टी-बैंक निफ्टी में क्या हो कमाई की रणनीति और किन शेयरों में मिल सकता है अच्छा रिटर्न।

निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार ने इंडेक्स पर आज के लिए अपनी रणनीति साझा करते हुए कहा कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24123-24167 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24223-24289/24364 पर है। इसके लिए पहला बेस 23909-23961 पर और बड़ा बेस 23789/23817-23851 पर है। जैसा कल कहा था,23755 बचते ही बाजार में रिकवरी आई। फिर रिवर्सल में ऊपर की ओर 23968-24041 हासिल हुआ। FII की कैश में बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी फ्यूचर्स में हल्के शॉर्ट्स बनें। FIIs का नेट शॉर्ट बढ़कर अब 2.29 लाख हो गया है। कच्चा तेल 73-74 डॉलर पर आ गया है। यह बाजार के लिए बड़ा पॉजिटिव है। इससे रेट सेंसिटिव शेयरों को सहारा मिल सकता है।

लॉन्ग पोजिशन में बने रहें,बेस-1 तक गिरावट में खरीदारी करें पहली रुकावट रजिस्टेंस-1 (100 DEMA)पर होगी। 100 DEMA पार होते ही 24400-24500 तक रुकावट नहीं है। इसके बाद 24400-24500 तक तेजी का रास्ता खुल सकता है। 24000-24200 पर ज्यादातर कॉल राइटर्स निकले हैं।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 58478-58641 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58888-59032/59241 पर है। इसके लिए पहला बेस 57641-57810 पर और बड़ा बेस 57317-57410 पर है। कल जैसा कहा था,10 DEMA तक गिरावट आई। 57100-57000 पर शानदार खरीदारी का मौका मिला। 58000 की बड़ी बाधा पार हुई। वीकली और डेली दोनों स्तरों पर ब्रेकआउट देखने को मिला। कॉल राइटर्स अब 59000 पर शिफ्ट हो गए हैं।

क्रूड में नरमी बैंक निफ्टी के लिए बड़ा पॉजिटिव है। पहली रुकावट 58478-58641 पर है। इसके ऊपर रजिस्टेंस-2 का रास्ता खुलेगा। बेस-1 तक गिरावट में खरीदारी कारगर रहेगी।

Trading Plan : टेक्निकल इंडिकेटर्स से मिल रहे तेजी जारी रहने के संकेत, निफ्टी में जल्द ही छू सकता है 24500 का लेवल

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं इक्विनॉक्स रिसर्च एंड एडवाइजर्स (EQUINOX Research & Advisors)के पंकज रांदड़। इनकी एयू बैंक के फ्यूचर्स में 1067-1068 रुपए के आसपास,1055 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 1099 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वही,अंबुजा सीमेंट फ्यूचर्स में इनकी 428.10 रुपए के आसपास,423.40 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 436.80 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan : टेक्निकल इंडिकेटर्स से मिल रहे तेजी जारी रहने के संकेत, निफ्टी में जल्द ही छू सकता है 24500 का लेवल

Trading Plan : मजबूत होते टेक्निकल इंडिकेटर्स,इंटरनेशनल मार्केट में तेल की कीमतों में नरमी और इंडिया VIX में गिरावट को देखते हुए लगता है कि मार्केट की बढ़त जारी रह सकती है और निफ्टी 24,100-24,200 के लेवल तक जाता दिख सकता है। अगर इंडेक्स इस रेंज के ऊपर मजबूती दिखाता है, तो यह 24,500 के लेवल की ओर बढ़ सकता है। तब तक,23,800-23,750 का जोन एक अहम और तत्काल सपोर्ट लेवल का काम कर सकता है।

बैंक निफ्टी की बात करें तो ज्यादातर टेक्निकल इंडिकेटर्स से मिल रहे मजबूत सपोर्ट के कारण बैंक निफ्टी का बेहतर प्रदर्शन जारी रह सकता है और यह शुरुआती दौर में 58,500 के स्तर तक जा सकता है,जिसके बाद यह 58,800-59,000 के जोन तक पहुंच सकता है,जबकि 57,500-57,400 का स्तर एक अहम सपोर्ट जोन के तौर पर काम कर सकता है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह का कहना है कि बुधवार को बेंचमार्क निफ्टी को अपने 20-डे EMA के पास मजबूत सपोर्ट मिला और इसके बाद इसमें जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली। डेली चार्ट पर इंडेक्स ने एक मज़बूत बुलिश कैंडल बनाई,जो निचले स्तरों पर खरीदारी आने का संकेत है। अहम बात यह है कि यह अपने 50-डे EMA के ऊपर वापस आने और उसके ऊपर बंद होने में भी कामयाब रहा,जिससे पॉजिटिव ट्रेंड को और मजबूती मिली है।

मोमेंटम के नजरिए से देखें तो डेली RSI अभी 56.24 पर है और ऊपर की ओर बढ़ रहा है,जो प्राइस एक्शन में मजबूती का संकेत देता है। इसके अलावा, डेली MACD भी बुलिश जोन में बना हुआ है क्योंकि यह अपनी ज़ीरो लाइन और सिग्नल लाइन,दोनों के ऊपर ट्रेड कर रहा है,जिससे पॉजिटिव ट्रेंड की पुष्टि होती है।

आगे 23,800-23,750 का जोन इंडेक्स के लिए एक मजबूत सपोर्ट बेस का काम कर सकता है। यह रेंज इसलिए अहम है क्योंकि यहां 20 डे EMA, 50-डे EMA और पिछले अपट्रेंड का 38.2 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट एक साथ मिलते हैं,जिससे यह एक बड़ा डिमांड जोन बन गया है।

ऊपर की तरफ,तत्काल रेजिस्टेंस 24,170-24,200 की रेंज में है। अगर इंडेक्स 24,200 के लेवल के ऊपर टिका रहता है,तो इसमें ऊपर की ओर नई तेजी आ सकती है,जिससे इंडेक्स 24,350 और उसके बाद जल्द ही 24,500 के लेवल तक जा सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 24,200, 24,350, 24,500

अहम सपोर्ट: 23,800, 23,750

स्ट्रेटेजी: 24,000 और 24,060 के बीच गिरावट आने पर निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें। स्टॉप-लॉस 23,900 और टारगेट 24,350 रखें।

Market cues : हाल के कंसोलिडेशन के बावजूद ट्रेंड अभी भी बुल्स के पक्ष में, 24100 के ऊपर जाने पर निफ्टी में 24500 का लेवल मुमकिन

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

सुदीप शाह का कहना है कि बुधवार को बैंकिंग बेंचमार्क ‘बैंक निफ्टी’ने डेली चार्ट पर सात दिनों के कंसोलिडेशन फेज से एक निर्णायक ब्रेकआउट दिखाया, जिससे फिर से ऊपर की ओर मोमेंटम शुरू होने का संकेत मिला। इस ब्रेकआउट को और मजबूती देते हुए,इंडेक्स ने सेशन के दौरान एक मजबूत और बड़ी बुलिश कैंडल बनाई,जो जबरदस्त खरीदारी और ब्रेकआउट की वैलिडिटी को पुख्ता करती है।

पिछले कुछ हफ्तो में बैंक निफ्टी ने लगातार ब्रॉडर मार्केट और मेन इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया है। यह मजबूती’बैंक निफ्टी-टू-निफ्टी रेशियो चार्ट’में भी दिखती है,जिसमें’कप पैटर्न’से ब्रेकआउट हुआ है। इसे आम तौर पर तेजी जारी रहने का संकेत माना जाता है। इस टेक्निकल बदलाव से पता चलता है कि बैंक निफ्टी आने वाले समय में भी अपना बेहतर प्रदर्शन बनाए रखने के लिए अच्छी स्थिति में है।

अहम स्तरों की बात करें तो,57,600-57,500 का जोन इंडेक्स के लिए एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है। जब तक बैंक निफ्टी 57,500 के स्तर से ऊपर बना रहता है,तब तक तेजी का ट्रेंड बना रहेगा। ऐसे में,इंडेक्स के ऊपर की ओर बढ़ने का सिलसिला जारी रहने और धीरे-धीरे 58,800 और फिर शॉर्ट टर्म में 59,500 के स्तर तक पहुंचने की उम्मीद है।

अहम रेजिस्टेंस: 58,800, 59,500

अहम सपोर्ट: 57,600, 57,500

स्ट्रेटेजी: 58,180 और 58,250 के बीच बैंक निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें,जिसमें स्टॉप-लॉस 57,800 और टारगेट 58,950 होगा।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : हाल के कंसोलिडेशन के बावजूद ट्रेंड अभी भी बुल्स के पक्ष में, 24100 के ऊपर जाने पर निफ्टी में 24500 का लेवल मुमकिन

Trade setup for today : एक दिन की गिरावट के बाद निफ्टी ने अपने नुकसान का एक बड़ा हिस्सा रिकवर कर लिया और 24 जून को इसमें 0.8 प्रतिशत की बढ़त हुई। इसमें कुछ हद तक तेल की कीमतों में और गिरावट का भी योगदान रहा। हाल के कंसोलिडेशन के बावजूद,ट्रेंड अभी भी बुल्स के पक्ष में है,क्योंकि इंडेक्स मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर वापस आ गया है और पिछले दो सेशन में इंट्राडे आधार पर अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज को बनाए रखने में कामयाब रहा है। आगे निफ्टी को 24,100-24,200 के जोन में तत्काल रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। अगर यह इस जोन के ऊपर मजबूती दिखाता है,तो 24,500 की तरफ बढ़ने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि,जानकारों के मुताबिक,तब तक 23,800-23,750 का जोन निफ्टी 50 के लिए तत्काल और अहम सपोर्ट एरिया का काम करेगा।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,852, 23,781 और 23,666

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,082, 24,153 और 24,268

निफ्टी ने पिछले दिन की रेड कैंडल के साथ एक लंबी बुलिश कैंडल बनाई,जो डेली चार्ट पर’पियर्सिंग लाइन’जैसे पैटर्न (हालांकि पूरी तरह से क्लासिकल नहीं)जैसा दिखता है। यह बताता है कि बिकवाली का दबाव कम हो रहा है और खरीदार ट्रेंड को ऊपर ले जाने के लिए आगे आ रहे हैं। आज के सेशन में इसकी पुष्टि की जरूरत है। इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा,जबकि RSI बुलिश क्रॉसओवर के साथ बढ़कर 56.24 पर पहुंच गया। MACD भी सिग्नल और जीरो लाइन से ऊपर बना रहा,हालांकि हरा हिस्टोग्राम बार छोटा होता रहा। ये सभी बातें बुलिश मोमेंटम में सुधार का संकेत देती हैं,हालांकि इसके कन्फर्मेशन के लिए और खरीदारी (फॉलो-थ्रू बाइंग) की जरूरत है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,279, 58,557 और 59,009

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,376, 57,097 और 56,646

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,946, 56,152

बैंक निफ्टी ने न सिर्फ बेंचमार्क निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया,बल्कि 1.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद होकर पिछले दिन हुए सारे नुकसान की भरपाई भी कर ली। डेली चार्ट पर एक लंबी बुलिश कैंडल बनी,जिसने मंगलवार की रेड कैंडल को पूरी तरह कवर कर लिया। हाल के कंसोलिडेशन के बाद यह एक मजबूत पॉजिटिव संकेत है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा और लगभग चार महीनों में पहली बार 58,000 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ते रहे। RSI बढ़कर 66.46 हो गया,जबकि MACD सिग्नल और जीरो लाइन से ऊपर बना रहा,हालांकि लगातार चौथे सेशन में भी ग्रीन हिस्टोग्राम बार और छोटा हो गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स में थोड़ी नरमी के बावजूद,ये सभी बातें लगातार तेजी के रुझान और मजबूत अंडरलाइंग ट्रेंड की ओर इशारा करती हैं।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

24 जून को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹1,843 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹3,637 करोड़ के शेयर खरीदे,जिससे घरेलू बाजार को सहारा मिला।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX कल 4% गिरकर 13.38 पर आ गया और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा, जिससे बुल्स को राहत मिली। बुल्स का भरोसा और मज़बूत करने और मार्केट में अपनी बढ़त बनाए रखने के लिए इसके 13-12 के जोन से नीचे आना जरूरी है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 24 जून को पिछले सेशन के 0.88 से बढ़कर 1.21 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

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