Commercial LPG Price Cut: अगस्त के पहले दिन सस्ता हुआ कमर्शियल गैस सिलेंडर, दिल्ली से लखनऊ तक कहां कितने घटे दाम?

Commercial LPG Price Cut

Commercial Gas Cylinder Price : 1 अगस्त से 19 किलो कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 202 से 209 रुपए तक की कटौती की गई है। दिल्ली, कोलकाता, पटना और लखनऊ के नए रेट जानें। घरेलू 14.2 किलो LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। ALSO READ: August 1 Rule Changes : 1 अगस्त से बदल सकते हैं LPG Cylinder, Tatkal Booking और Credit Card के नियम, जानें किन बातों का पड़ेगा असर
 

दिल्ली में 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर 202 रुपए सस्ता हुआ। अब यह 2,728 रुपए में उपलब्ध होगा, इसकी कीमत पहले 2,930 रुपए थी। कोलकाता में कमर्शियल सिलेंडर 209 रुपए सस्ता हुआ है। यहां सिलेंडर के 2,872.50 रुपए चुकाने होंगे। 

 

पटना में कमर्शियल सिलेंडर के दाम 209 रुपए कम होकर 3,018 रुपए रह गए। लखनऊ में यह अब 2,860.50 रुपए का मिलेगा, जो पहले 3,052.50 रुपए था।

 

किसे मिलेगा फायदा?

इस कटौती से होटल, रेस्टोरेंट, कैफे और चाय की दुकान चलाने वाले उन तमाम कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी जो अपने व्यावसायिक कार्यों के लिए कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर का इस्तेमाल करते हैं।

 

क्या है घरेलू गैस सिलेंडर के दाम

घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें पहले जैसी ही रहेंगी। दिल्ली में 14.2 किलो घरेलू सिलिंडर 942 रुपए, कोलकाता में 968 रुपए, मुंबई में 941.50 रुपए और चेन्नई में 957.50 रुपए में उपलब्ध है।

स्व-सहायता समूहों को 300 करोड़ रुपए की सौगात, झाबुआ में 283 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का शुभारंभ

mohan yadav

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 31 जुलाई को झाबुआ जिले के लिए सौगातों का पिटारा खोल दिया। वे जिले के थांदला में आयोजित 'स्व-सहायता समूहों का क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम' में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम के दौरान सीएम डॉ. यादव ने राज्य के स्व-सहायता समूहों को सिंगल क्लिक से 300 करोड़ रुपए का ऋण वितरित किया।

इसके अलावा उन्होंने झाबुआ में 174.64 करोड़ रुपये की लागत के 29 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और 109.17 करोड़ रुपये की लागत के 28 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किया और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान किया। सीएम डॉ. यादव ने प्राकृतिक और जैविक खेती करने वाले किसानों से संवाद भी किया। उन्होंने रणजी टीम में चयनित थांदला के क्रिकेटर अर्पित भटेवरा को ट्रॉफी भेंटकर शुभकामनाएं दीं। इसके अलावा उन्होंने किसानों और युवाओं को हेलमेट भी दिए। 

 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृ्त्व में मध्यप्रदेश तेज गति से आगे बढ़ रहा है। जब वे लगातार तीन बार पड़ोसी राज्य गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब झाबुआ के आसपास जनजातीय अंचल में विकास के अद्भुत कार्य हुए। पूरी दुनिया गुजरात की शक्ति से परिचित हुई। प्रधानमंत्री मोदी गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण के लिए कार्य करते हैं। उनके मन में बहनों के लिए विशेष सम्मान है। उनके माध्यम से आज स्व-सहायता समूहों से जुड़ी बहनों के सशक्तिकरण के लिए 300 करोड़ रुपये के ऋण दिए गए हैं। स्व-सहायता समूहों से बहनों की समृद्धि का मार्ग खुल रहा है। यह आत्मनिर्भरता और समाजिक सशक्तिकरण का एक बड़ा आंदोलन बन रहा है।

 

हर काम में दक्ष हैं बहनें

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन ने कहा कि  सहयोग, सहभागिता और संपन्नता के बलबूते बहनें नए रिकॉर्ड बना रही हैं। अब हमारी बहनें 10 हजार रुपए प्रति महीना तक आय अर्जित कर रही हैं। प्रदेश की लाड़ली बहनें, उद्यमिता बहनें, कृषि सखी सभी आगे बढ़ रही हैं। प्रदेश में स्व-सहायता समूहों के द्वारा 196 कैफे संचालित किए जा रहे हैं। झाबुआ में भी बहनें 4 कैफे चला रही हैं। प्रदेश में 85 आजीविका पुस्तकालयों का संचालन स्व-सहायता समूहों की बहनों के हाथों में है। प्रदेश में गैर कृषि आधारित 150 से अधिक कार्य हमारी बहनें कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन महिला सशक्तिकरण का गौरवशाली क्षण है। होलकर साम्राज्य की रानी लोकमाता अहिल्याबाई ने भील पलटन बनाकर जनजातीय समुदाय पर विश्वास जताया था। रानी दुर्गावती, वीरांगना अवंतीबाई, रानी पद्मावती, वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई जैसी बहनों ने सुशासन और त्याग के बल पर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया। 

 

करोड़ों का व्यापार महिलाओं के जिम्मे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि झाबुआ क्षेत्र प्राकृतिक खेती के लिए वरदान है। आज यहां पर प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों से संवाद किया और प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए शासन की विभिन्न योजनाओं एवं प्रयासों पर चर्चा भी की। महिला कृषक बहनों ने बताया कि प्राकृतिक खेती के माध्यम स पिछले दो-तीन साल में जीवन में बड़ा बदलाव आया है। राज्य सरकार कृषि कल्याण वर्ष मना रही है। इसमें बहनों की बड़ी भूमिका है। हमारी बहनें ट्रैक्टर से लेकर ड्रोन तक चला रही हैं। ड्रोन दीदियां खेतों में कीट नाशकों का छिड़काव कर रही हैं। इस वर्ष गेहूं उपार्जन में भी दीदियों ने कमाल कर दिया। मध्यप्रदेश ने पूरे देश में सबसे अधिक गेहूं खरीदा है। प्रधानमंत्री मोदी और कृषि मंत्री के सहयोग से 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया। इसमें भी बहनों ने अपने समूहों को लाभान्वित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 89 ड्रोन दीदियां, पशुपालन दीदियां, बैंक सखी जैसी बहनें काम कर रही हैं। व्यावयासिक सब्जी उत्पादन, पशुपालन और जैविक खेती में बहनों ने उत्कृष्ट कार्य किया है। महिला किसान उत्पादक संगठनों ने 958 करोड़ रुपए का व्यापार किया है। झाबुआ जिले में 11 हजार 900 से अधिक स्व-सहायता समूह एक लाख 56 हजार से अधिक परिवारों को सामाजिक सुरक्षा और आजीविका का अधिकार दे रहे हैं। प्रदेश में 64 हजार लखपति दीदीयां जनजातीय क्षेत्र में आर्थिक पुनरोत्थन का कार्य कर रही हैं। समूहों के सशक्तिकरण के लिए 285 करोड़ की सहायता दी गई है। उन्होंने कहा कि झाबुआ में अब कड़कनाथ से माध्यम से घर-घर में नगदनाथ हो रहा है। बहनें मुर्गी पालन, पशुपालन, मछली पालन के माध्यम से आगे बढ़ रही हैं। लाड़ली बहनों के खाते में हर माह 1500 रुपए की राशि भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जो कहती है, करके दिखाती है।

 

सभी के लिए होगा एक समान कानून

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सभी धर्मों के लोगों के सम्मान के लिए एक समान कानून लागू करने का निर्णय लिया है। इसमें जनजातीय समुदाय को मुक्त रखा गया है। यूसीसी बिल विधानसभा से पास हो चुका है। सरकारी नौकरियों में बहनों को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। माताओं-बहनों को नगरीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में उद्योग और एमएसएमई के माध्यम से रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। कल ही ग्वालियर अंचल को टेलीकॉम सेक्टर की बहुत बड़ी सौगात मिली है। प्रधानमंत्री मोदी ने धार जिले में पीएम मित्र पार्क की सौगात दी है। उन्होंने कहा कि इससे अंचल के कपास उत्पादक किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। अब खेत से कारखाना, कारखाने से कपड़ा, कपड़े से गारमेंट और यह गारमेंट्स दुनियाभर में निर्यात किए जाएंगे। इससे निमांड़ अंचल के साथ ही झाबुआ में भी समृद्धि आएगी। पीएम मित्र पार्क से 3 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि अब झाबुआ, धार, आलीराजपुर के लोगों को रोजगार के लिए पलायन करने की जरूरत नहीं होगी। अपने घर में ही काम मिलेगा। बड़े-बड़े कारखाने यहां आएंगे। बाहरी लोगों को भी रोजगार मिलेगा। 

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झाबुआ को दी सौगातें 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज 70 करोड़ की लागत से झाबुआ में आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय का भूमि-पूजन किया गया है। प्रदेश को अब तक 9 आयुर्वेदिक कॉलेजों की सौगात मिल चुकी है। यहां 35 करोड़ 29 लाख की लागत से सांदीपनि विद्यालय। झाबुआ के थांदला से अब रेलगाड़ी भी गुजरेगी। थांदला में पक्का हेलीपैड बनेगा। प्रत्येक विधानसभा में खेल स्टे़डियम बनाएंगे। पद्मावती नदी पर घाट निर्माण किया जाएगा। छोटी काशी में भी घाट बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि झाबुआ और धार में धर्मांतरण करने वालों को कानून के अनुसार सजा दिलवाई जाएगी। महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए महिला सुरक्षा डेस्क और प्रत्येक जिले में महिला थाने बनाए जा रहे हैं। महिलाओं के साथ दुराचार करने वालों को फांसी की सजा दिलवाएंगे। प्रदेश सरकार ने बालाघाट, मंडला, डिंडौरी से नक्सलवाद से को समाप्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व-सहायता समूहों की बहनों के माध्यम से अगले साल से स्कूली बच्चों को सिली हुई ड्रेस उपलब्ध करवाई जाएगी।

Friendship Day 2026:: अपने बेस्ट फ्रेंड के लिए 5 यूनिक गिफ्ट आइडिया, नया ट्रेंड हो रहा वायरल

Friendship Day 2026:  फ्रेंडशिप डे पर दोस्तों को गिफ्ट देना अपनी भावनाएं और प्यार जताने का एक खूबसूरत जरिया है। समय के साथ गिफ्टिंग का ट्रेंड भी बदल चुका है। अब साधारण या पारंपरिक कार्ड्स और मग्स की जगह पर्सनलाइज्ड, यूजफुल और एक्सपीरिएंस-बेस्ड (अनुभव से जुड़े) उपहारों को ज्यादा पसंद किया जा रहा है। यहाँ फ्रेंडशिप डे 2026 के लिए 5 सबसे यूनिक और ट्रेंडिंग गिफ्ट आइडियाज दिए गए हैं, जो आपके दोस्तों के चेहरे पर तुरंत मुस्कान ले आएंगे।

 

फ्रेंडशिप डे 2026 के 5 यूनिक और ट्रेंडिंग गिफ्‍ट

1. डिजिटल फ्रेंडशिप मेमोरी फ्रेम या ऑडियो-क्यूआर फ्रेम (Audio-QR Frame)

क्या है नया ट्रेंड: आज के डिजिटल दौर में केवल फोटो फ्रेम पुराना हो चुका है। अब ऐसा फोटो फ्रेम ट्रेंड में है जिसमें एक QR कोड लगा होता है।

क्यों है यूनिक: आपका दोस्त जैसे ही उस QR कोड को स्कैन करेगा, उसकी पसंदीदा म्यूजिक प्लेलिस्ट, आपकी और उसकी कोई पुरानी वॉयस नोट, या आपकी खूबसूरत यादों का एक वीडियो चलने लगेगा।

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2. एक्सपीरिएंस-आधारित गिफ्ट (Experience Pass / Concert Tickets)

क्या है नया ट्रेंड: कोई भौतिक वस्तु देने के बजाय साथ में वक्त बिताने और यादें बनाने का ट्रेंड काफी लोकप्रिय हो रहा है।

क्यों है यूनिक: अपने दोस्त को उसकी पसंद के स्टैंड-अप कॉमेडी शो, म्यूजिक कॉन्सर्ट, एडवेंचर पार्क या किसी एस्केप रूम गेम के टिकट गिफ्ट करें। यह गिफ्ट उन्हें केवल सामान नहीं, बल्कि ताउम्र याद रहने वाला अनुभव देता है।

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3. कस्टम 'फ्रेंडशिप मैप' या स्टार मैप (Custom Star / Map Art)

क्या है नया ट्रेंड: वह स्थान जहाँ आप दोनों पहली बार मिले थे (कॉलेज, कैफे, ऑफिस) या वह तारीख जब आपकी पक्की दोस्ती शुरू हुई थी।

क्यों है यूनिक: उस खास लोकेशन के नक्शे (Map) या उस रात के सितारों की स्थिति (Star Map) का सुंदर आर्ट फ्रेम तैयार करवाकर दें। यह गिफ्ट आपके रिश्ते के ऐतिहासिक पल को हमेशा के लिए संजो कर रखता है।

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4. पर्सनलाइज्ड सेल्फ-केयर और टेक किट (Customized Self-Care / Tech Organizer)

क्या है नया ट्रेंड: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत और उपयोगिता (Utility) का ध्यान रखना सबसे बड़ा ट्रेंड बन चुका है।

क्यों है यूनिक: आप उनके नाम से कस्टमाइज्ड पावर बैंक, लेदर केबल्स ऑर्गनाइजर या फिर एक प्रीमियम एरोमाथेरेपी/स्पा सेट दे सकते हैं। यह गिफ्ट दिखाता है कि आप उनकी रोजमर्रा की जिंदगी और मानसिक शांति का कितना ध्यान रखते हैं।

 

5. 'ओपन व्हेन' लेटर्स या कस्टमाइज्ड बुक (Open When… Letters)

क्या है नया ट्रेंड: भावनाओं को हाथ से लिखकर बयां करने का पुराना अंदाज नए रूप में वापस लौटा है।

क्यों है यूनिक: आप 5 से 6 लिफाफों का एक सेट बनाकर दे सकते हैं, जिन पर लिखा हो- “ओपन व्हेन यू आर सैड”, “ओपन व्हेन यू मिस मी”, या “ओपन व्हेन यू नीड ए लाफ”। हर लिफाफे में उनके लिए एक प्यारा सा मैसेज या पुरानी यादें होंगी, जो आपके दूर होने पर भी उन्हें आपकी मौजूदगी का अहसास कराएंगी।

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फ्रेंडशिप डे 2026 का नया ट्रेंड क्या है?

ट्रेड का मूल मंत्र: “कम सामान, ज्यादा भावनाएं!” (Less material, more emotion)

2026 में गिफ्टिंग का सबसे बड़ा ट्रेंड यह है कि लोग उपहार की कीमत देखने के बजाय उसकी पर्सनल वैल्यू और उपयोगिता को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। ऐसा गिफ्ट जो आपके दोस्त के तनाव को कम करे, उसे हंसाए या उसकी किसी पुरानी याद को ताजा करे, वही इस साल सबसे सुपरहिट माना जा रहा है।

मालदीव से सस्ते और मालदीव से ज्यादा खूबसूरत, ये 9 डेस्टिनेशन जिसके बारे में 90 % लोग नहीं जानते!

मालदीव अपने ओवरवॉटर विला, सफेद रेत वाले बीच और नीले समुद्र के लिए दुनियाभर में मशहूर है। लेकिन अगर आपका बजट कम है, तो निराश होने की जरूरत नहीं। दुनिया में कई ऐसे खूबसूरत द्वीप और बीच डेस्टिनेशन हैं, जहां आपको शानदार नज़ारे, लग्जरी रिसॉर्ट और यादगार छुट्टियों का एक्सपीरियंस मालदीव से कम खर्च में मिल सकता है:

शर्म अल शेख, मिस्र (Sharm El Sheikh, Egypt) – वर्ल्ड क्लास डाइविंग और रेड सी का रोमांच

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अगर आपकी पहली पसंद स्नॉर्कलिंग और स्कूबा डाइविंग है, तो मिस्र का शर्म अल शेख शानदार विकल्प है। यहां का रेड सी अपने रंग-बिरंगे कोरल रीफ और साफ पानी के लिए फेमस है। लग्जरी रिसॉर्ट्स भी मालदीव की तुलना में थोड़ी कम कीमत पर अवेलेबल हैं। इसके अलावा यहां सालभर धूप वाला मौसम रहता है, जिससे लगभग हर सीजन में बीच एक्टिविटीज का आनंद लिया जा सकता है। रोमांच पसंद करने वालों के लिए यह जगह खास अट्रैक्शन रखती है।

रंगिरोआ, फ्रेंच पोलिनेशिया (Rangiroa, French Polynesia) – ओवरवॉटर विला और नीले लैगून का आनंद

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बोरा बोरा की तरह शांत लैगून और ओवरवॉटर विला का आनंद लेना चाहते हैं, तो रंगिरोआ पर विचार कर सकते हैं। यहां कम भीड़, सुंदर समुद्री दृश्य और किफायती रिसॉर्ट्स इसे कपल्स के लिए खास बनाते हैं। डाइविंग और स्नॉर्कलिंग के शौकीनों के लिए यहां का समुद्री जीवन बेहद अट्रैक्टिव है। शांत माहौल इसे हनीमून और रिलैक्सिंग वेकेशन के लिए परफेक्ट बनाता है।

बोकास डेल टोरो, पनामा (Bocas del Toro, Panama) – कैरिबियन का छिपा हुआ स्वर्ग

This may contain: an island with palm trees and thatched huts in the middle of it, surrounded by blue water

कैरिबियन में यह द्वीप समूह नेचर लवर के लिए बेहतरीन है। यहां ओवरवॉटर विला, बायोल्यूमिनसेंट खाड़ियां और शांत समुद्र का यूनिक एक्सपीरियंस मिलता है। साथ ही कोको फार्म और नाव की सैर भी ट्रिप को खास बना देती है। अगर आप भीड़भाड़ से दूर सुकून भरी छुट्टियां चाहते हैं, तो यह जगह आपको नेचर के बेहद करीब होने का एहसास कराएगी।

 सेशेल्स (Seychelles) – लग्जरी, सफेद रेत और नीले समंदर का खूबसूरत मेल

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सेशेल्स अपने ग्रेनाइट चट्टानों, सफेद समुद्र तटों और नीले-हरे पानी के लिए जाना जाता है। यहां बीच वेकेशन के साथ शानदार रिसॉर्ट, स्पा और प्रकृति का बेहतरीन ब्लेंड देखने को मिलता है। यहां के नेचर ट्रेल्स, समुद्री पार्क और शांत वातावरण परिवारों और कपल्स दोनों के लिए यादगार एक्सपीरियंस देते हैं।

माली लोसिंज, क्रोएशिया (Mali Losinj, Croatia) – क्रिस्टल क्लियर समुद्र और शांत नजारे

अगर आप यूरोप में शांत और साफ समुद्र वाला डेस्टिनेशन चाहते हैं, तो माली लोसिंज बेहतरीन ऑप्शन है। यहां का क्रिस्टल क्लियर पानी, वेलनेस रिसॉर्ट और शांत माहौल भीड़भाड़ से दूर सुकूनभरी छुट्टियां बिताने का मौका देता है। यहां योग, स्पा और बोट टूर जैसी एक्टिविटीज भी अवेलेबल हैं, जो आपकी छुट्टियों को और खास बना सकती हैं।

 पैक्सोस, ग्रीस (Paxos, Greece) – भीड़ से दूर सुकून भरी छुट्टियां

सैंटोरिनी और मायकोनोस की भीड़ से दूर पैक्सोस एक शांत ग्रीक द्वीप है। यहां छोटे कैफे, साफ समुद्र और शांत वातावरण उन ट्रैवलर के लिए आइडियल हैं जो आरामदायक छुट्टियां बिताना चाहते हैं। अगर आपको लोकल संस्कृति और धीमी रफ्तार वाली ट्रिप पसंद है, तो यह आइलैंड बेहतरीन ऑप्शन साबित हो सकता है।

 फिजी (Fiji) – प्राइवेट आइलैंड का यादगार अनुभव

फिजी के 300 से ज्यादा द्वीप शानदार बीच, ओवरवॉटर बंगले और गर्मजोशी भरी मेहमाननवाजी के लिए जाने जाते हैं। कई ट्रैवलर के लिए यह मालदीव जैसा एक्सपीरियंस कम खर्च में पाने का बेहतरीन ऑप्शन माना जाता है। यहां वाटर स्पोर्ट्स, आइलैंड हॉपिंग और पारंपरिक फिजियन संस्कृति का एक्सपीरियंस भी आपकी ट्रिप को यादगार बना देता है।

मॉरिशस (Mauritius) – बीच, एडवेंचर और लग्जरी वेकेशन

अगर आप बीच वेकेशन के साथ एडवेंचर, हाइकिंग और स्वादिष्ट भोजन का आनंद भी लेना चाहते हैं, तो मॉरिशस शानदार ऑप्शन है। यहां लग्जरी रिसॉर्ट्स के साथ कई आउटडोर एक्टिविटीज भी अवेलेबल हैं। आइलैंड का कल्चरल माहौल और नेचुरल ब्यूटी हर तरह के ट्रैवलर को अट्रैक्ट करती है।

जंजीबार, तंजानिया (Zanzibar, Tanzania) – समंदर और स्टोन टाउन का अनोखा संगम

जंजीबार सिर्फ खूबसूरत बीच ही नहीं, बल्कि अपनी स्वाहिली संस्कृति, मसाला बागानों और UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज स्टोन टाउन के लिए भी पॉपुलर है। यहां आपको समुद्र किनारे लग्ज़री और सांस्कृतिक एक्सपीरियंस दोनों साथ मिलते हैं। बीच पर आराम करने के साथ-साथ लोकल मार्केट और ऐतिहासिक स्थलों की सैर आपकी ट्रिप को और भी यादगार बना सकती है।

बारिश की बूंदे, समंदर की लहरे और एक लंबी सड़क! ये है भारत की सबसे खूबसूरत कोस्टल रोड ट्रिप्स

आपको लंबी ड्राइव, ठंडी हवाएं और समुद्र की लहरों का सुकून पसंद है, तो भारत की कोस्टल रोड ट्रिप्स (coastal road trip) आपके लिए परफेक्ट हैं। इन रास्तों पर सफर करते हुए एक तरफ नीला समंदर, दूसरी ओर हरियाली, पहाड़ और नारियल के पेड़ों का मनमोहक नजारा देखने को मिलता है। खासकर मानसून (monsoon) के मौसम में ये सड़कें और भी खूबसूरत हो जाती हैं। आप भी अपनी अगली छुट्टियों को यादगार बनाना चाहते हैं, तो कार या बाइक से इन सी-व्यू रोड ट्रिप्स (Sea-view road trips) का एक्सपीरियंस जरूर लें:

Goa to Gokarna (गोवा से गोकर्ण: सुकून और समुद्र का परफेक्ट कॉम्बिनेशन)

The Ultimate Road Trip Guide To India: 6 Scenic Routes | Outlook Traveller

अगर आप भीड़भाड़ से दूर शांति भरा सफर करना चाहते हैं, तो गोवा से गोकर्ण की रोड ट्रिप आपके लिए बेहतरीन रहेगी। इस पूरे रास्ते में कभी समुद्र की लहरें आपका साथ देती हैं तो कभी हरियाली से घिरे खूबसूरत नजारे मन मोह लेते हैं। बीच-बीच में छोटे-छोटे बीच (beache) और तटीय गांव (coastal village) मिलते हैं, जहां कुछ देर रुककर ताजा हवा का आनंद लिया जा सकता है। यह रूट उन लोगों के लिए खास है, जो ड्राइव के साथ प्रकृति का भरपूर मजा लेना चाहते हैं।

Chennai to Puducherry (चेन्नई से पुडुचेरी: समंदर के साथ दौड़ती शानदार सड़क)

Best Road Trips from Chennai by Car for a Perfect Getaway

चेन्नई से पुडुचेरी तक की ईस्ट कोस्ट रोड (East Coast Road) भारत की सबसे खूबसूरत सी-फेसिंग सड़कों में गिनी जाती है। कई जगह सड़क समुद्र के बिल्कुल पास से गुजरती है, जिससे पूरे रास्ते बंगाल की खाड़ी का शानदार नजारा दिखाई देता है। सुबह की हल्की धूप या शाम की ठंडी हवा में इस रूट पर ड्राइव (Driving) करना एक अलग ही एक्सपीरियंस देता है। रास्ते में कई बीच, कैफे और व्यू पॉइंट (viewpoints) भी मिलते हैं, जहां रुककर सफर को और यादगार बनाया जा सकता है।

Kochi to Kanyakumari (कोच्चि से कन्याकुमारी: हरियाली और समुद्र का खूबसूरत संगम)

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अगर आप प्रकृति के बीच लंबी ड्राइव का आनंद लेना चाहते हैं, तो कोच्चि से कन्याकुमारी का सफर जरूर करें। इस रूट पर नारियल के ऊंचे-ऊंचे पेड़, हरे-भरे नजारे और समुद्र का खूबसूरत दृश्य पूरे रास्ते आपका स्वागत करते हैं। जैसे-जैसे आप कन्याकुमारी के करीब पहुंचते हैं, समुद्र का नजारा (coastal scenery) और भी मनमोहक होता जाता है। यहां पहुंचकर सूर्योदय और सूर्यास्त देखना इस पूरी यात्रा की सबसे यादगार बात बन सकता है।

Mumbai to Goa (मुंबई से गोवा: हर मोड़ पर बदलता खूबसूरत नजारा)

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मुंबई से गोवा की रोड ट्रिप (road trip) देश की सबसे पसंदीदा ट्रिप में शामिल है। कोंकण तट (Konkan coast) से गुजरने वाला यह रास्ता हरे-भरे पहाड़ों, घुमावदार सड़कों, छोटे गांवों और समुद्र के खूबसूरत दृश्यों से भरपूर है। अगर आप बिना जल्दबाजी के सफर करें, तो रास्ते में आने वाले कई बीच, लोकल मार्केट और खाने-पीने की जगहों का भी आनंद ले सकते हैं। मानसून (monsoon) में यह रूट और भी ज्यादा खूबसूरत दिखाई देता है।

Mangaluru to Goa (मंगलुरु से गोवा: शांत सफर और मनमोहक नजारे)

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मंगलुरु से गोवा तक की ड्राइव उन लोगों के लिए शानदार है, जिन्हें लंबा और शांत सफर पसंद है। इस रूट पर कई जगह सड़क के एक ओर समुद्र और दूसरी ओर हरियाली का नजारा देखने को मिलता है। रास्ते में छोटे-छोटे बीच, नारियल के पेड़ों से घिरे गांव और शांत माहौल सफर को खास बना देते हैं। अगर आप नेचर के बीच आरामदायक रोड ट्रिप (road trip) चाहते हैं, तो यह रूट आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होना चाहिए।

ये जरूरी बातें रखें ध्यान

8 Epic Monsoon Road Trips in India That Are Worth Every Mile

समुद्र किनारे रोड ट्रिप (coastal road trip) का मजा तभी आता है, जब सफर पूरी तरह सेफ हो। निकलने से पहले अपनी कार या बाइक के टायर, ब्रेक, इंजन ऑयल और सभी जरूरी दस्तावेज अच्छी तरह जांच लें। मानसून (monsoon) के दौरान तटीय इलाकों की सड़कें (Coastal road) फिसलन भरी हो सकती हैं, इसलिए वाहन धीरे और सावधानी से चलाएं। ट्रैफिक नियमों का पालन करें, स्पीड लिमिट का ध्यान रखें और समुद्र किनारे बने खतरनाक जगहों पर वाहन रोकने से बचें। थोड़ी-सी सावधानी आपकी रोड ट्रिप (road trip) को सेफ और यादगार दोनों बना सकती है।

FY26 में भारत में Costa Coffee के स्टोर घटकर रह गए 198, फिर भी रेवेन्यू 7% बढ़ा

ब्रिटेन के कॉफी चेन ब्रांड कोस्टा कॉफी के बीते वित्त वर्ष 2025-26 में भारत में 22 स्टोर कम हो गए। अब स्टोर्स की संख्या 198 रह गई है। इससे पहले के वित्त वर्ष में कंपनी के देशभर में 220 आउटलेट थे। 5 सालों में यह पहली बार है, जब भारत में कोस्टा कॉफी के स्टोर घटे हैं। कोस्टा कॉफी की एक्सक्लूसिव फ्रेंचाइजी पार्टनर देवयानी इंटरनेशनल लिमिटेड की ताजा वार्षिक रिपोर्ट में यह जानकारी मिली है। कोस्टा कॉफी का मालिकाना हक ‘द कोका कोला कंपनी’ के पास है।

हालांकि, स्टोर की संख्या कम होने के बावजूद वित्त वर्ष 2025-26 में भारत में कोस्टा कॉफी के रेवेन्यू में 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। यह 212.5 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वित्त वर्ष 2024-25 में रेवेन्यू 198.5 करोड़ रुपये था। यह दर्शाता है कि कंपनी अब केवल स्टोर बढ़ाने के बजाय प्रति आउटलेट अधिक बिक्री और बेहतर प्रदर्शन पर ध्यान दे रही है। सालाना रिपोर्ट में कहा गया है कि कोस्टा कॉफी अपने पोर्टफोलियो को बढ़ाने के लिए अधिक अनुशासित और चयनात्मक (सिलेक्टिव) रणनीति अपना रही है।

Costa Coffee ने 2020-21 से किया तेजी से विस्तार

कोस्टा कॉफी ने भारत में वित्त वर्ष 2020-21 से तेजी से विस्तार किया। उस समय कंपनी के केवल 44 स्टोर थे, जो वित्त वर्ष 2021-22 में बढ़कर 55 हो गए। वित्त वर्ष 2022-23 में इनकी संख्या 112, वित्त वर्ष 2023-24 में 179 और वित्त वर्ष 2024-25 में 220 हो गई। लेकिन वित्त वर्ष 2025-26 में स्टोर की संख्या घटकर 198 रह गई। कोस्टा कॉफी के ग्लोबल चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) फिलिप शैले ने अप्रैल, 2025 में कहा था कि भारत कंपनी के टॉप 20 बाजारों में शामिल है और आने वाले वर्षों में यह टॉप 5 बाजारों में शामिल हो सकता है।

देवयानी इंटरनेशनल लिमिटेड ने अपनी सालाना रिपोर्ट में कहा है कि कंपनी कोस्टा कॉफी को मजबूत करना जारी रखे हुए है। ब्रांड ने युवाओं पर केंद्रित रीब्रांडिंग के जरिए खुद को उन कॉफी प्रेमियों की पसंदीदा चॉइस के तौर पर स्थापित किया है जो बेहतर माहौल चाहते हैं, जिसे यंग प्रोफेशनल्स और स्टूडेंट्स के लिए ‘सोशल स्पेस’ के तौर पर डिजाइन किया गया है।

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भारत में कोस्टा कॉफी के कॉम्पिटीटर

भारत में कोस्टा कॉफी का मुकाबला स्टारबक्स, टिम हॉर्टन्स, McCafe जैसी इंटरनेशनल चेन से है। इसके अलावा, कैफे कॉफी डे, ब्लू टोकाई, थर्ड वेव कॉफी और बरिस्ता जैसी लोकल चेन भी भारत के तेजी से बढ़ते कैफे मार्केट में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही हैं।

बेंगलुरु के इस कैफे में लैपटॉप खोलकर बैठना पड़ेगा महंगा! 99 रुपये प्रति घंटे लगेगा वर्कस्पेस चार्ज

बेंगलुरु के एक कैफे का नोटिस इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। कैफे में लगे नोटिस में लिखा है कि कि अगर कोई कस्टमर्स उस जगह को ऑफिस या वर्कस्पेस की तरह इस्तेमाल करता है, तो उससे 99 रुपये प्रति घंटे का शुल्क लिया जाएगा। इस फैसले को लेकर लिंक्डइन पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आई है। कुछ लोग कैफे के फैसले को सही बता रहे हैं, वहीं कई लोगों के मुताबिक इससे असली समस्या का समाधान नहीं होगा। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है।

बेंगलुरु के कार्तिक सुरोजू ने इंदिरानगर के एक कैफे में लगे नोटिस की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की। नोटिस में लिखा था, “वर्कस्पेस रेंटल चार्ज: 99 रुपये प्रति घंटा।” इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सुरोजू ने कहा कि ये नियम उन ग्राहकों को ही दूर कर सकता है, जिनके लिए ऐसी जगहें अक्सर आकर्षण का केंद्र होती हैं।

कैफे ने किया चॉर्ज

अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा, “वहां कोई भी बैठकर काम नहीं कर रहा था। एक भी व्यक्ति नहीं था।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि यह साइन उस समस्या का समाधान करने की कोशिश कर रहा है, जो असली समस्या ही नहीं है। यह सही है कि कैफे में कोई एक कॉफी लेकर पांच घंटे तक नहीं बैठ सकता, लेकिन इस तरह के चार्ज वाला बोर्ड लगाने से ग्राहक आने के बजाय दूर हो सकते हैं।”

कैफे के रिव्यू है अच्छे

इस पोस्ट के सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कई यूजर्स का मानना था कि कैफे ने ये नियम इसलिए बनाया जिससे कस्टमर लंबे समय तक एक ही टेबल पर बैठकर उसे ऑफिस की तरह इस्तेमाल न करें और दूसरे ग्राहकों के लिए भी जगह उपलब्ध रहे। एक यूजर ने कमेंट किया, “हो सकता है कैफे यही चाहता हो। शायद वे नहीं चाहते कि लोग 150 रुपये की एक कॉफी लेकर घंटों तक टेबल घेरकर बैठे रहें।” इस पर कार्तिक सुरोजू ने जवाब देते हुए कहा, “हो सकता है।” उन्होंने ये भी बताया कि कैफे के रिव्यू अच्छे हैं और वहां का खाना-पीना भी पसंद किया जाता है। साथ ही उन्होंने कहा कि वह दोबारा कैफे जाकर मालिक से इस नियम के पीछे की वजह जानने की कोशिश करेंगे।

2-3 घंटे तक करते हैं काम

वहीं कई लोगों ने कैफे के इस फैसले का खुलकर सपोर्ट भी किया। एक यूजर ने लिखा, “मैं इस कैफे के फैसले के पूरी तरह समर्थन में हूं। मेरे पसंदीदा कैफे में कई बार ऐसा हुआ कि कुछ लोगों ने पूरी टेबल को अपना वर्कस्टेशन बना लिया, जिसकी वजह से खाना खाने आए ग्राहकों के लिए बहुत कम सीटें बचती हैं।” कार्तिक सुरोजू ने कहा कि कैफे में बैठकर काम करने वाले सभी लोग परेशानी नहीं बनते। उन्होंने लिखा, “ज्यादातर लोग 2-3 घंटे तक काम करते हैं और इस दौरान इतना ऑर्डर भी करते हैं कि उनका वहां बैठना उचित लगता है। असली दिक्कत उन लोगों से होती है, जो पूरे दिन सिर्फ एक कॉफी लेकर बैठे रहते हैं।” उनके मुताबिक, कई छोटे कैफे ऐसे ग्राहकों को कुछ कहने से भी बचते हैं, क्योंकि उन्हें खराब रिव्यू या अपनी छवि पर असर पड़ने का डर रहता है।

कुछ यूजर्स के मुताबिक, इस समस्या का समाधान प्रति घंटे शुल्क लेने के बजाय साफ नियम बनाकर किया जा सकता है। एक यूजर ने लिखा, “अगर असली परेशानी यह है कि कुछ लोग कम ऑर्डर देकर घंटों तक टेबल घेरकर बैठे रहते हैं, जिससे नए ग्राहकों को जगह नहीं मिलती, तो नोटिस में सीधे उसी व्यवहार का जिक्र होना चाहिए।”