Tata Motors begins platform testing for Avinya models

Tata Avinya EV testing

A new camouflaged prototype vehicle was recently spied testing in India, which many online reports speculated to be one of Tata’s upcoming Avinya models. Contrary to those reports, however, the spotted test mule is actually the Sterra ET, an SUV manufactured by Chinese automaker Exceed, a premium brand of Chery. Incidentally, the Exceed Sterra ET is based on the same Chery-JLR platform which Tata Motors recently announced will be underpinning its upcoming Avinya range. 

Tata Avinya EVs to Chery’s E0X platform 

Tata Motors recently confirmed that the Avinya range of models will be underpinned by the Freelander EV platform produced by Chery-JLR in China. Known as the E0X, this platform also underpins several other models in the Chinese market like the Exceed Sterra ES and Sterra ET, the latter of which has been spied testing on our roads. It’s also known as the Exceed Exlantix ET in markets outside China. 

Spied Tata test mule
Exceed Sterra ET
 

 

Essentially, the company is using the Exceed Sterra ET as a test bed for its upcoming Avinya EVs, but the spied test mule doesn’t preview any Avinya model in particular, even though its proportions are very similar to the Avinya X concept. 

While Avinya EV’s underlying mechanical architecture is expected to be similar to other models based on the E0X platform, Tata Motors is understood to be reworking key parts of the electronics, software and vehicle systems for Indian market requirements.

Exceed Sterra ET: what is it?

The Sterra ET is a near-5-meter-long SUV that’s available with both all-electric and range-extender hybrid powertrain options. It’s Exeed’s second product in its Sterra lineup after the Sterra ES sedan.

The Sterra ET is also known as the Exlantix ET in markets outside China. 

In all-electric guise, the Sterra ET gets an 800V architecture and can support batteries of up to 100kWh in size. It comes in either rear-wheel drive or all-wheel drive configurations and is claimed to return up to 760km of range in the CLTC cycle. Meanwhile, the range-extender hybrid versions use a 400V architecture and are powered by a 1.5-litre turbo-petrol engine coupled with either a 32kWh or a 41.2kWh battery packs. This, too, comes in both rear-wheel drive and all-wheel drive configurations, and is said to return a combined range of up to 1518 km on the CLTC cycle. 

First production model under Avinya brand is due in 2027. 

It remains to be seen which powertrain configurations Tata chooses for its Avinya range of EVs. The Sterra ET also gets Level 2 ADAS features, OTA updates and V2L capabilities.  

The first production model under the Avinya brand will be the Avinya X, due for a market launch in 2027. 

Image Source: torq_uenation via Instagram 

रात में Security Guard, दिन में MMA Fighter | Vicky Singh Tomkyal | MMA Fighter India

सपने पूरे करने के लिए हमेशा बड़ी सुविधाओं की ज़रूरत नहीं होती… कभी-कभी एक तकिया, एक गैस सिलेंडर और हार न मानने की जिद ही काफी होती है।
उत्तराखंड के मुनस्यारी के रहने वाले विक्की सिंह टॉमक्याल दिन में MMA फाइटर बनने के लिए कड़ी ट्रेनिंग करते हैं और रात में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करके अपनी डाइट और ट्रेनिंग का खर्च खुद उठाते हैं। उनका एक ही लक्ष्य है—भारत के लिए मेडल जीतना।
आज पूरे देश से लोग उनका हौसला बढ़ा रहे हैं। 18 जुलाई को उनका अगला मुकाबला है।
कमेंट में विक्की को “All The Best” ज़रूर लिखिए।

@vicky_singh_tomkyal

Vicky Singh Tomkyal MMA Fighter, Indian Athlete Struggle, Boxing to MMA Journey

रात में Security Guard, दिन में MMA Fighter | Vicky Singh Tomkyal | MMA Fighter India

#thebetterindia #goodnews #positivestories #indianews #thebetterindiahindi #hindi

Follow us for more:

Facebook: https://www.facebook.com/thebetterindia.hindi
Instagram: https://www.instagram.com/thebetterindia.hindi/
Twitter: https://twitter.com/TbiHindi
LinkedIn: https://www.linkedin.com/company/the-better-india-hindi/

Website: https://hindi.thebetterindia.com/

जिसे Messi ने गोद में नहलाया, अब उसी से होगी FIFA World Cup Final की जंग! जानिए 19 साल पुरानी तस्वीर की कहानी

किस्मत कभी-कभी ऐसी कहानियां लिख देती है, जिन पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है। लगभग 19 साल पहले Lionel Messi ने एक चैरिटी फोटोशूट के दौरान एक मासूम बच्चे को गोद में उठाकर नहलाया था। उस वक्त किसी ने नहीं सोचा होगा कि वही बच्चा एक दिन FIFA World Cup Final में Messi की टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर खड़ा होगा।

 

अब 39 वर्षीय Lionel Messi और 19 वर्षीय Lamine Yamal विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर आमने-सामने होंगे। एक तरफ इतिहास रचने वाला महान खिलाड़ी, दूसरी तरफ भविष्य का सबसे चमकता सितारा।


 

कैसे हुई Messi और Lamine Yamal की पहली मुलाकात?

 

यह कहानी दिसंबर 2007 की है। उस समय Messi केवल 20 साल के थे और Barcelona की पहली टीम में अपनी जगह मजबूत कर रहे थे। दूसरी ओर Lamine Yama* महज पांच-छह महीने के थे।

 

दरअसल, स्पेन के अखबार Diario Sport और UNICEF ने एक चैरिटी अभियान चलाया था। इसमें कैटालोनिया के परिवारों के लिए एक रैफल (लॉटरी) आयोजित की गई थी। विजेता परिवारों को Barcelona के खिलाड़ियों के साथ अपने बच्चों का फोटोशूट कराने का मौका मिलता था।

 

किस्मत ने Lamine Yamal के परिवार का नाम चुना और Camp Nou के ड्रेसिंग रूम में उनकी मुलाकात Lionel Messi से कराई गई। फोटोशूट के दौरान Messi ने छोटे से Yamal को प्लास्टिक के बेबी बाथटब में गोद में उठाकर नहलाया। यही तस्वीर बाद में 2008 के चैरिटी कैलेंडर का हिस्सा बनी।

 

सालों तक गुम रहीं तस्वीरें, फिर ऐसे हुईं वायरल

 

यह तस्वीरें कई वर्षों तक लोगों की नजरों से दूर रहीं। 2024 में जब Lamine Yamal ने Spain को Euro Cup जिताने में अहम भूमिका निभाई, तब उनके पिता ने Instagram पर पुरानी तस्वीर साझा की और कैप्शन लिखा—”The beginning of two legends.”

 

इसके बाद तस्वीरें पूरी दुनिया में वायरल हो गईं। कई लोगों को लगा कि ये AI या एडिटिंग का कमाल है, लेकिन UNICEF ने खुद पुष्टि की कि तस्वीरें पूरी तरह असली हैं। संगठन ने बताया कि ये फोटो उनके फंडरेजिंग अभियान के दौरान ली गई थीं और फोटोग्राफर Joan Monfort ने इन्हें कैमरे में कैद किया था।

 

फोटोग्राफर ने सुनाया दिलचस्प किस्सा
 

इन तस्वीरों को खींचने वाले फोटोग्राफर Joan Monfort ने बताया कि Messi उस समय बेहद शर्मीले स्वभाव के थे। जब उन्हें अचानक एक छोटे बच्चे को गोद में लेकर फोटोशूट करने के लिए कहा गया तो शुरुआत में उन्हें समझ ही नहीं आया कि बच्चे को कैसे संभालें।

 

हालांकि कुछ ही देर में उन्होंने खुद को सहज कर लिया और पूरे फोटोशूट को बेहद प्रोफेशनल तरीके से पूरा किया। Monfort के मुताबिक, उस समय किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यही बच्चा आगे चलकर विश्व फुटबॉल का सबसे बड़ा युवा सितारा बनेगा।

 

Barcelona से World Cup Final तक का सफर

 

Messi ने Barcelona को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और क्लब की नंबर-10 जर्सी को दुनिया भर में पहचान दिलाई। उनके क्लब छोड़ने के कुछ साल बाद Lamine Yamal ने Barcelona की पहली टीम में जगह बनाई और आज वही नंबर-10 जर्सी पहन रहे हैं।

 

दिलचस्प बात यह भी है कि Lamine Yamal अपने आइडल Neymar Jr. को मानते हैं, लेकिन वह कई बार कह चुके हैं कि Lionel Messi उनके अनुसार फुटबॉल इतिहास के सबसे महान खिलाड़ी हैं।

 

अब World Cup Final में होगी सबसे खास टक्कर

 

अब कहानी वहीं लौट आई है जहां से इसकी शुरुआत हुई थी। जिस बच्चे को कभी Messi ने अपनी बाहों में उठाया था, वही अब World Cup Final में Argentina के सपनों के सामने सबसे बड़ी दीवार बनकर खड़ा है।

 

एक ओर Messi लगातार दूसरा World Cup जीतकर अपने सुनहरे करियर को यादगार विदाई देना चाहेंगे, वहीं दूसरी ओर Lamine Yamal बेहद कम उम्र में विश्व फुटबॉल का सबसे बड़ा खिताब जीतकर नई पीढ़ी के सुपरस्टार के रूप में अपनी पहचान पक्की करना चाहेंगे।

 

यह मुकाबला सिर्फ Argentina और Spain के बीच नहीं होगा, बल्कि एक युग से दूसरे युग तक की विरासत का भी प्रतीक बनेगा। शायद इसी वजह से 19 साल पुरानी वह तस्वीर आज दुनिया की सबसे चर्चित फुटबॉल तस्वीरों में शामिल हो चुकी है।

The Better India की कहानी का असर, 8 राज्यों से बच्चों के लिए पहुँची मदद | Delhi | Road Side School

की सड़क किनारे रहने वाले बच्चों को मुफ़्त में पढ़ाने वाले कृष्णा सर अपनी नौकरी के साथ हर दिन 50 से ज़्यादा बच्चों को पढ़ाते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। जब हमने उनकी प्रेरणादायक कहानी The Better India पर साझा की, तो वह सिर्फ एक कहानी बनकर नहीं रह गई—वह बदलाव की शुरुआत बन गई।
इस कहानी का असर देशभर में देखने को मिला। 8 राज्यों से लोगों ने आगे आकर मदद की। बच्चों के लिए राशन, स्टेशनरी, ज़रूरी सामान और पोर्टेबल (फोल्डिंग) टॉयलेट उपलब्ध कराए गए, ताकि सड़क किनारे रहने वाले इन बच्चों को पढ़ाई के साथ सम्मानजनक सुविधाएं भी मिल सकें।
यही एक कहानी की ताकत है। जब सही कहानी सही लोगों तक पहुंचती है, तो वह सिर्फ प्रेरित नहीं करती, बल्कि ज़िंदगियां बदल देती है। कृष्णा सर जैसे लोग उम्मीद जगाते हैं, और आप जैसे लोगों का साथ उस उम्मीद को हकीकत में बदल देता है। :heart:
Delhi | Road Side School | Krishan Sir | Impact#thebetterindia #goodnews #positivestories #indianews #thebetterindiahindi #hindi

Follow us for more:

Facebook: https://www.facebook.com/thebetterindia.hindi
Instagram: https://www.instagram.com/thebetterindia.hindi/
Twitter: https://twitter.com/TbiHindi
LinkedIn: https://www.linkedin.com/company/the-better-india-hindi/

Website: https://hindi.thebetterindia.com/

जगन्नाथ के रथ बदल रहे हैं बच्चों की ज़िंदगी|Young Artist Is Funding Education Through Jagannath Rath

ओडिशा के 20 वर्षीय सुमित कुमार दास आर्ट कॉलेज में पढ़ाई के साथ भगवान जगन्नाथ के रथ बनाते हैं। वह गरीब बच्चों को मुफ्त में रथ बनाना सिखाते हैं और रथ बेचकर होने वाले मुनाफे का एक हिस्सा भी उन्हें देते हैं, ताकि वे ट्यूशन फीस भर सकें, किताबें खरीद सकें और अपने परिवार की मदद कर सकें।
आज उनके हाथों से बने रथ देश के कई शहरों तक पहुंचते हैं और उनकी कमाई कई बच्चों के सपनों को नई उड़ान दे रही है।
सुमित ने साबित कर दिया कि सबसे खूबसूरत सफलता वही है, जो अपने साथ-साथ दूसरों का भविष्य भी संवार दे। :heart:

Rath Yatra 2026, Jagannath Rath Yatra, Sumit Kumar Das, Jagannath Rath, Jagannath Chariot, Odisha, Bhubaneswar, Young Artist, Art for Education

जगन्नाथ के रथ बदल रहे हैं बच्चों की ज़िंदगी | Young Artist Is Funding Education Through Jagannath Raths | Changemaker#thebetterindia #goodnews #positivestories #indianews #thebetterindiahindi #hindi

Follow us for more:

Facebook: https://www.facebook.com/thebetterindia.hindi
Instagram: https://www.instagram.com/thebetterindia.hindi/
Twitter: https://twitter.com/TbiHindi
LinkedIn: https://www.linkedin.com/company/the-better-india-hindi/

Website: https://hindi.thebetterindia.com/

इस IAS ने हज़ारों लीटर मिलावटी दूध नालियों में बहा दिया | IAS Tukaram Mundhe | Milk Adulteration

महाराष्ट्र में जाँच के दौरान 79% दूध के सैंपल शुद्धता की परीक्षा में फेल हो गए थे। इसके बाद IAS तुकाराम मुंढे ने दूध माफिया के खिलाफ़ बड़ी कार्रवाई शुरू की। सिर्फ़ 30 दिनों में सैकड़ों छापे, FIR और गिरफ्तारियां हुईं। एक ईमानदार अफसर ने जनता की सेहत को प्राथमिकता देते हुए मिलावट के खिलाफ़ सख्त कदम उठाए।

अगर हर राज्य में ऐसी कार्रवाई हो
तो क्या मिलावट पर लगाम लग सकती है?
अपनी राय कमेंट में ज़रूर बताइए।

IAS Tukaram Mundhe Milk Mafia Action, Milk Adulteration in India,
Food Safety India।

#thebetterindia #goodnews #positivestories #indianews #thebetterindiahindi #hindi

Follow us for more:

Facebook: https://www.facebook.com/thebetterindia.hindi
Instagram: https://www.instagram.com/thebetterindia.hindi/
Twitter: https://twitter.com/TbiHindi
LinkedIn: https://www.linkedin.com/company/the-better-india-hindi/

Website: https://hindi.thebetterindia.com/

20 साल से बचा रहे हैं सांपों की जान | Arshad Khan | Snake whisperer | Wildlife rescuer

भारत में 350+ Snake Species पाई जाती हैं, लेकिन डर की वजह से ज़्यादातर सांपों को मार दिया जाता है।

इसी सोच को बदलने का काम पिछले 20 सालों से कर रहे हैं अरशद खान

8वीं क्लास से शुरू हुआ उनका सफर आज उन्हें उत्तराखंड Forest Department के सबसे अनुभवी Snake Rescuers में शामिल करता है। अब तक वे 10,000+ कोबरा, हजारों दूसरे सांपों के साथ 75+ भालू , 30+ तेंदुए और कई अन्य वन्यजीवों का Rescue कर चुके हैं।

यह कहानी सिर्फ एक Snake Rescuer की नहीं, बल्कि इंसानों और Wildlife के बीच भरोसा कायम करने की है।

अगर कभी सांप दिखे, तो उसे मारने नहीं… सही मदद बुलाने की कोशिश कीजिए।

@wild_whisperer

(Arshad Khan, King Cobra Rescue, Snake Rescuer, Forest Officer, Wildlife Rescue, King Cobra, Snake Conservation, Uttarakhand Forest Department, Wildlife Story, Cobra Rescue, Inspiring Story, World Snake Day, Van ke Veer

#thebetterindia #goodnews #positivestories #indianews #thebetterindiahindi #hindi

Follow us for more:

Facebook: https://www.facebook.com/thebetterindia.hindi
Instagram: https://www.instagram.com/thebetterindia.hindi/
Twitter: https://twitter.com/TbiHindi
LinkedIn: https://www.linkedin.com/company/the-better-india-hindi/

Website: https://hindi.thebetterindia.com/

कभी एक्टिंग छोड़ना चाहती थीं अभिनेत्री तिलोत्तमा शोम | Tillotama Shome | Struggle Story | Ikka Movie

तुम कभी इतना पैसा नहीं कमा पाओगी।”
ये सुनकर टूटने के बजाय तिलोत्तमा शोम ने खुद से वादा किया —
“मैं साबित करके दिखाऊंगी।”
आज वो न सिर्फ एक शानदार एक्ट्रेस हैं, बल्कि इंडस्ट्री की वो आवाज़ भी हैं
जो उम्र और रंगभेद जैसे मुद्दों पर बेबाक बोलने से नहीं डरती।
ये है उनके संघर्ष की कहानी —
जो हर उस लड़की को ताक़त देगी
जिससे कभी कहा गया था — “तुम कुछ नहीं कर पाओगी…”

@tillotamashom

[Tillotama Shome Ikka movie, Monsoon Wedding Actress, Tillotama Shome Acting journey]

कभी एक्टिंग छोड़ना चाहती थीं अभिनेत्री तिलोत्तमा शोम | Tillotama Shome | Struggle Story | Ikka Movie |#thebetterindia #goodnews #positivestories #indianews #thebetterindiahindi #hindi

Follow us for more:

Facebook: https://www.facebook.com/thebetterindia.hindi
Instagram: https://www.instagram.com/thebetterindia.hindi/
Twitter: https://twitter.com/TbiHindi
LinkedIn: https://www.linkedin.com/company/the-better-india-hindi/

Website: https://hindi.thebetterindia.com/

सही जवाब पता थे फिर भी IIT एग्जाम में लिखे गलत उत्तर, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

भारत में IIT में दाखिला पाना लाखों छात्रों का सपना होता है, लेकिन एक युवक ने इस दौड़ से हटकर ऐसा फैसला लिया जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया। जब बाकी छात्र IIT में पहुंचने के लिए पूरी मेहनत कर रहे थे, तब ऋषभ खनेजा ने जानबूझकर अपनी परीक्षा में गलत जवाब लिखे। हैरानी की बात यह थी कि उन्हें सही उत्तर पता थे। उनका यह कदम असफलता नहीं, बल्कि अपनी जिंदगी की दिशा खुद चुनने का प्रयास था।

परिवार और समाज की तय उम्मीदों से अलग रास्ता चुनना आसान नहीं था, लेकिन ऋषभ ने वही किया जो उन्हें सही लगा। आज उनकी कहानी इस बात की मिसाल है कि सफलता का मतलब सिर्फ बड़ी डिग्री या नौकरी हासिल करना नहीं, बल्कि अपने उद्देश्य और खुशी को पहचानना भी है।

IIT की रेस में शामिल था

ऋषभ खनेजा ने Humans of Bombay के साथ अपनी कहानी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने जानबूझकर IIT प्रवेश परीक्षा में असफल होने का फैसला किया था। उनका कहना है कि यह कदम किसी डर या कमजोरी की वजह से नहीं था, बल्कि इसलिए था क्योंकि वह ऐसी जिंदगी नहीं जीना चाहते थे जो उन्हें अपनी नहीं लगती थी।

उन्होंने बताया कि परीक्षा हॉल में बैठकर वह जानते थे कि सही जवाब क्या हैं, फिर भी उन्होंने कुछ सवालों के गलत उत्तर चुने।

परिवार ने देखा था एक तय रास्ता

ऋषभ परिवार के बड़े बेटे थे और उनके लिए भविष्य का रास्ता पहले से तय माना जाता था। विज्ञान से पढ़ाई, इंजीनियरिंग, MBA और फिर कॉर्पोरेट नौकरी यह वही सफर था जिसे समाज सफलता की पहचान मानता है।

हर पारिवारिक समारोह में IIT और बड़ी नौकरी पाने वाले लोगों की कहानियां सुनाई जाती थीं। लेकिन ऋषभ के मन में एक सवाल था क्या यही रास्ता वास्तव में उन्हें खुश रखेगा?

दूसरों की सफलता देखकर उठे सवाल

ऋषभ ने महसूस किया कि जिन लोगों ने समाज के हिसाब से बड़ी उपलब्धियां हासिल की थीं, उनमें से कई लोग अंदर से खुश नहीं दिखते थे। इसी बात ने उन्हें अपनी जिंदगी और फैसलों पर सोचने के लिए मजबूर किया।

उन्होंने इंजीनियरिंग की जगह मुंबई के Mithibai College से Arts की पढ़ाई करने का फैसला किया। उस समय कई लोगों को लगा कि उन्होंने अपना करियर खराब कर लिया है।

एक क्लासरूम ने बदल दी सोच

बाद में ऋषभ Teach For India से जुड़े और मुंबई के मानखुर्द इलाके में बच्चों को पढ़ाने लगे। यही अनुभव उनकी जिंदगी का बड़ा मोड़ बना। उन्होंने बताया कि बच्चों के साथ काम करते हुए उन्हें एहसास हुआ कि असली संतुष्टि सिर्फ बड़े पद या ऑफिस की सफलता में नहीं, बल्कि किसी की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाने में भी मिल सकती है।

कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ी, चुना अपना रास्ता

ऋषभ ने कुछ समय कॉर्पोरेट सेक्टर में भी काम किया। अच्छी सैलरी और अच्छे माहौल के बावजूद उन्हें महसूस हुआ कि कुछ कमी रह गई है। इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर तीन महीने की बाइक यात्रा की। इस सफर ने उन्हें खुद को बेहतर समझने का मौका दिया।

Instagram पर यह पोस्ट देखें

आज रचनात्मक दुनिया में बना रहे पहचान

अब ऋषभ हिमाचल प्रदेश के बीड़ में रहते हैं और लेखक, फोटोग्राफर व कलाकार के रूप में काम कर रहे हैं। साथ ही वह लोगों को अपनी रचनात्मकता से दोबारा जुड़ने में मदद करते हैं।

सफलता और मंजूरी में से चुनना सबसे मुश्किल

ऋषभ का कहना है कि उनके और उनके माता-पिता के सपने अलग नहीं थे। माता-पिता भी सिर्फ उनकी खुशी चाहते थे, लेकिन उन्हें अपनी खुशी तक पहुंचने का रास्ता खुद तलाशना था। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि सफलता का मतलब हमेशा वही रास्ता चुनना नहीं होता जिसे दुनिया सही मानती है, बल्कि वह रास्ता चुनना होता है जो व्यक्ति को अंदर से संतुष्ट करे।

Housewife से Dancer Mom तक का सफर | Housewife to Dancer | Nashik | Maharashtra |

नाशिक की एक साधारण हाउसवाइफ, 2 बच्चों की माँ, ना कोई ट्रेनिंग, ना कोई क्लास।
घर की जिम्मेदारियों के बीच 4 साल तक लगातार मेहनत करती रहीं, लोगों के ताने सुने, लेकिन सबर नहीं छोड़ा।
पति के सपोर्ट और अपने जुनून से आज वही महिला “Dancer Mom” बनकर लाखों लोगों को Inspire कर रही है।
ये कहानी सिर्फ़ टैलेंट की नहीं, सब्र की है।

@deepali_saras

Housewife Success Story, Husband Support, Housewife Dreams

Housewife से Dancer Mom तक का सफर | Housewife to Dancer | Nashik | Maharashtra |
#thebetterindia #goodnews #positivestories #indianews #thebetterindiahindi #hindi

Follow us for more:

Facebook: https://www.facebook.com/thebetterindia.hindi
Instagram: https://www.instagram.com/thebetterindia.hindi/
Twitter: https://twitter.com/TbiHindi
LinkedIn: https://www.linkedin.com/company/the-better-india-hindi/

Website: https://hindi.thebetterindia.com/