HDFC Bank ने अब तक नहीं किया है सीईओ पद पर शशिधर जगदीशन की पुनर्नियुक्ति का ऐलान

एचडीएफसी बैंक ने अब तक मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ पद पर शशिधर जगदीशन की पुनर्नियुक्ति का ऐलान नहीं किया है। हालांकि, 18 जुलाई को बोर्ड की मीटिंग में जून तमाही के बैंक के नतीजों को मंजूरी मिल गई। लेकिन, एमडी एवं सीईओ पद पर जगदीशन की तीसरी बार नियुक्ति का ऐलान नहीं हुआ।

जगदीशन का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा

HDFC Bank ने स्टॉक एक्सचेंजों को बताया है, “शनिवार, 18 जुलाई, 2026 को बोर्ड की मीटिंग 11 बजे शुरू हुई। बोर्ड ने 2 बजे रिजल्ट्स एप्रूव कर दिया। उसके बाद दूसरे मसलों पर विचार के लिए बोर्ड की मीटिंग जारी रही।” शशिधर जगदीशन का कार्यकाल इस साल सितंबर में खत्म हो रहा है।

आरबीआई की मंजूरी से पहले जरूरी है नियुक्ति

मनीकंट्रोल ने पहले खबर दी थी कि बैंक की गवर्नेंस, नॉमिनेशन और रिम्यूनरेशन कमेटी (GNRC) के बगैर किसी खास विरोध के जगदीशन की तीसरी बार नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे देने की उम्मीद है। आरबीआई के नियमों के तहत, बैंक का आरबीआई की मंजूरी से पहले नियुक्ति के प्रस्ताव को एप्रूव करना जरूरी है।

बैंक ने कुछ हफ्ते पहले चेयरमैन पद की राजीव कुमार की नियुक्ति

सूत्रों के मुताबिक, GNRC के जगदीशन को फिर तीन साल के लिए नियुक्त करने की सिफारिश कर देने की उम्मीद है। कुछ हफ्ते पहले एचडीएफसी बैंक ने राजीव कुमार को पार्ट-टाइम नॉन-एग्जिक्यूटिव चेयरमैन नियुक्त किया था। वह अंतरिम चेयरमैन केकी मिस्त्री की जगह लेंगे।

बैंक में गवर्नेंस के मसले को लेकर उठे थे सवाल

पिछले कुछ महीनों में एचडीएफसी बैंक में गवर्नेंस के मसलों को लेकर सवाल उठे हैं। बैंक के पूर्व पार्ट-टाइम चैयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद यह मसला सुर्खियों में आया था। हालांकि, हाल में एक लीगल रिव्यू में बैंक में गवर्नेंस को लेकर किसी तरह की समस्या नहीं पायी गई।

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एचडीएफसी  बैंक ने 18 जुलाई को किया नतीजों का ऐलान

एचडीएफसी बैंक ने 18 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान बैंक का स्टैंडएलोन नेट प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 5 फीसदी बढ़कर 19,060 करोड़ रुपये रहा। नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3.26 फीसदी रहा। एचडीएफसी बैंक के शेयर पर तिमाही नतीजों का असर 20 जुलाई को दिखेगा। 17 जुलाई को बैंक का शेयर 1.55 फीसदी चढ़कर 820.80 रुपये पर बंद हुआ।

HDFC Bank के पार्ट-टाइम चेयरमैन पद पर राजीव कुमार की नियुक्ति को आरबीआई की मंजूरी

आरबीआई ने एचडीएफसी बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन पद पर राजीव कुमार की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। एचडीएफसी बैंक ने 15 जुलाई को यह बताया। कुमार का कार्यकाल तीन साल का होगा। एचडीएफसी ने बताया है कि उनकी नियुक्ति 15 जुलाई, 2026 से प्रभावी होगी।

राजीव कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त रह चुके हैं

HDFC Bank ने कहा है कि केकी मिस्त्री बैंक के नॉन-एग्जिक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेट डायरेक्टर बने रहेंगे। राजीव कुमार देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और फाइनेंस सेक्रेटरी रह चुके हैं। वह 2017-2020 तक डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसे में सेक्रेटरी थे। इस दौरान उन्होंने सरकारी बैंकों और फाइनेंशियल सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए कई उपाय किए थे।

बैंकिंग सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए उठाए थे कदम

कुमार के डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज ज्वाइन करने के दो हफ्ते के अंतर करीब 3.38 शेल कंपनियों के अकाउंट्स फ्रिज कर दिए गए थे। इससे ब्लैक मनी पर शिकंजा कसने में मदद मिली थी। बाद में पोंजी स्कीम के खिलाफ भी सख्ती शुरू हुई थी। कुमार ने बैंकों की बैलेंसशीट मजबूत करने के लिए भी कई कदम उठाए थे।

बैंक के बोर्ड ने प्रस्ताव को 29 जून को दी थी मंजूरी

HDFC Bank के बोर्ड ने 29 जून को बैंक के अंश-कालिक चेयरमैन एवं अतिरिक्त (स्वतंत्र) डायरेक्टर के रूप में नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इससे ठीक तीन दिन पहले एक एक्सटर्नल लीगल रिव्यू में पूर्व चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती की तरफ से लगाए गए आरोपों से बैंक को बरी कर दिया गया था।

मार्च में अतानु चक्रवर्ती ने एचडीएफसी बैंक से दिया था इस्तीफा

अतानु चक्रवर्ती ने इस साल मार्च में एचडीएफसी बैंक में पार्ट-टाइम चेयरमैन पद से इस्तीफ दे दिया था। उन्होंने बैंक में कामकाज के कुछ तरीकों को अपनी नैतिकता के खिलाफ बताया था। वह एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन बनने वाले पहले पूर्व आईएएस अफसर थे। वह गुजरात कैडर के 1985 बैच के आईएएस अफसर थे, जबकि राजीव कुमार 1984 बैच के झारखंड कैडर के पूर्व आईएएस अफसर हैं।

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एचडीएफसी बैंक का शेयर इस साल 18 फीसदी गिरा

एचडीएफसी बैंक देश का सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक है। इसका शेयर 15 जुलाई को 0.69 फीसदी चढ़कर 815 रुपये पर बंद हुआ। इस साल बैंक का शेयर करीब 18 फीसदी गिरा है। इस दौरान शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी में 7.91 फीसदी गिरावट आई है।

HDFC Bank Q1 Results Preview: 18 जुलाई को आएंगे नतीजे, जानिए NII, मुनाफे और मार्जिन पर क्या हैं अनुमान

HDFC Bank Q1 Results Preview: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank का बोर्ड 18 जुलाई (शनिवार) को मीटिंग करेगा। इस दौरान जून तिमाही (Q1FY27) के स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जाएगी।

बिजनेस अपडेट में क्या रहा?

पिछले बैंक ने जून तिमाही का बिजनेस अपडेट जारी किया था। इसके मुताबिक, ग्रॉस एडवांस सालाना आधार पर 15.4% बढ़कर ₹30.61 लाख करोड़ हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹26.53 लाख करोड़ था।

बैंक के एडवांस अंडर मैनेजमेंट भी बढ़कर ₹31.27 लाख करोड़ पहुंच गए। यह पिछले साल के मुकाबले 12.4% ज्यादा है।

डिपॉजिट में भी अच्छी बढ़त

जून तिमाही के आखिर तक बैंक का कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 14.7% बढ़कर ₹31.71 लाख करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹27.64 लाख करोड़ था।

वहीं, CASA (करंट अकाउंट और सेविंग अकाउंट) डिपॉजिट 9.4% बढ़कर ₹10.26 लाख करोड़ पहुंच गया। पिछले साल यह ₹9.37 लाख करोड़ था।

एक्सपर्ट्स को क्या उम्मीद?

ब्रोकरेज हाउस Motilal Oswal का अनुमान है कि बैंक का प्रदर्शन इस बार भी मजबूत रहेगा। लोन ग्रोथ और नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में बढ़त देखने को मिल सकती है। हालांकि, बढ़ते ऑपरेटिंग खर्च की वजह से मुनाफे पर कुछ दबाव रह सकता है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, NII 8.5% बढ़कर ₹34,103 करोड़ रह सकता है प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट (PPOP) 19.9% घटकर ₹28,615.6 करोड़ रहने का अनुमान है। वहीं, शुद्ध मुनाफा 5.9% बढ़कर ₹19,229.3 करोड़ पहुंच सकता है।

InCred Equities का अनुमान

ब्रोकरेज InCred Equities ने भी बैंक के लिए मजबूत तिमाही का अनुमान जताया है। InCred के मुताबिक,

  • NII करीब ₹34,100 करोड़ रहने का अनुमान है, जो सालाना आधार पर 8.3% ज्यादा होगा।
  • PPOP करीब ₹28,900 करोड़ रह सकता है। यह पिछले साल के मुकाबले 19.2% कम, लेकिन पिछली तिमाही से 3.9% ज्यादा होगा।
  • PAT (शुद्ध मुनाफा) करीब ₹19,100 करोड़ रहने का अनुमान है। यह सालाना आधार पर 5.3% की बढ़त होगी।

ब्रोकरेज का मानना है कि बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 3.4% पर स्थिर रह सकता है। वहीं, क्रेडिट कॉस्ट 45 बेसिस प्वाइंट रहने का अनुमान है, जो पिछली तिमाही से थोड़ा ज्यादा लेकिन पिछले साल के मुकाबले काफी कम है।

18 जुलाई को इन बैंकों पर भी रहेगी नजर

18 जुलाई को सिर्फ HDFC Bank ही नहीं, बल्कि Axis Bank, ICICI Bank, Kotak Mahindra Bank और Yes Bank भी जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगे। ऐसे में बैंकिंग सेक्टर पर निवेशकों की खास नजर रहेगी। इन बैंकों के नतीजों से लोन ग्रोथ, डिपॉजिट, मार्जिन और एसेट क्वालिटी की तस्वीर भी साफ होगी।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook: ‘जून 2027 तक 1 लाख के पार जा सकता है सेंसेक्स’, मॉर्गन स्टेनली ने कहा- चौंका सकता है आईटी सेक्टर

Market Outlook: विदेशी ब्रोकरेज फर्म Morgan Stanley का मानना है कि जून 2027 तक BSE Sensex 1 लाख के स्तर तक पहुंच सकता है। हालांकि, इसकी संभावना 25% ही है। ब्रोकरेज ने इसे अपना बुल केस (Bull Case) बताया है। यानी अगर ज्यादातर चीजें बाजार के पक्ष में रहीं, तो यह लक्ष्य हासिल हो सकता है।

Morgan Stanley का कहना है कि यह अनुमान कुछ अहम हालात के भरोसे है। मसलन, कच्चे तेल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहे। अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने वाली नीतियों का असर दिखने लगे। इसके अलावा वित्त वर्ष 2026 से 2029 के बीच कंपनियों की कमाई में हर साल औसतन 19% की बढ़ोतरी हो।

ब्रोकरेज का यह भी कहना है कि भारतीय शेयर बाजार की वैल्यूएशन में जो गिरावट आई है, वह स्थायी नहीं है। यह एक चक्रीय गिरावट है। यानी जैसे-जैसे ग्रोथ तेज होगी, बाजार की वैल्यूएशन में भी सुधार आ सकता है।

89,000 अंक को माना बेस केस

Morgan Stanley ने जून 2027 तक Sensex के 89,000 अंक तक पहुंचने की 50% संभावना जताई है। इसे उसने अपना बेस केस (Base Case) माना है।

ब्रोकरेज के इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट रिद्धम देसाई और नयंत पारेख का कहना है कि पिछले कुछ समय से भारतीय बाजार का प्रदर्शन कमजोर रहा है। विदेशी निवेशकों (FPI) की हिस्सेदारी भी घटी है। ऐसे में अगर हालात सुधरते हैं, तो भारतीय शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है।

बाजार के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर क्या होगा?

Morgan Stanley के मुताबिक, भारत की आर्थिक ग्रोथ अब निचले स्तर से उबरती दिख रही है। धीरे-धीरे इसमें सुधार भी आ रहा है। हालांकि, अभी भी भारत उन देशों से पीछे है, जिन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर हो रहे बड़े निवेश का फायदा मिल रहा है।

ब्रोकरेज का कहना है कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि निवेशक भारत और दुनिया की ग्रोथ के अंतर को कैसे देखते हैं। अगर दुनिया में AI पर खर्च को लेकर उत्साह कम होता है और दूसरी तरफ भारत की ग्रोथ तेज होती है, तो बाजार का नजरिया बदल सकता है।

जून तिमाही के नतीजों पर रहेगी नजर

Morgan Stanley का मानना है कि जून तिमाही के नतीजे बाजार को नई दिशा दे सकते हैं। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि मजबूत आर्थिक संकेतकों की वजह से कंपनियों के नतीजे अनुमान से बेहतर रह सकते हैं। निवेशकों की नजर मानसून पर भी रहेगी। हालांकि, Morgan Stanley को इसकी ज्यादा चिंता नहीं है।

ब्रोकरेज का कहना है कि भारत में कई बड़े सुधार चल रहे हैं। इनसे विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के लिए निवेश करना आसान हो सकता है। IPO की बढ़ती संख्या भी बाजार को सपोर्ट दे सकती है। हालांकि, अगर IPO की बाढ़ आ गई, तो इसका असर उल्टा भी पड़ सकता है। फिलहाल Morgan Stanley को ऐसा खतरा अगले कुछ महीनों तक नहीं दिखता।

किन सेक्टरों पर Morgan Stanley का भरोसा?

Morgan Stanley को घरेलू मांग से जुड़े सेक्टर ज्यादा पसंद हैं। ब्रोकरेज ने फाइनेंशियल, कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी और इंडस्ट्रियल सेक्टर पर ओवरवेट (Overweight) रेटिंग दी है।

वहीं एनर्जी, मटेरियल्स, यूटिलिटीज और हेल्थकेयर सेक्टर को लेकर इसकी राय ज्यादा सकारात्मक नहीं है। इन सेक्टरों पर अंडरवेट (Underweight) रेटिंग दी गई है।

आईटी सेक्टर दे सकता है बड़ा सरप्राइज

Morgan Stanley का मानना है कि आईटी सर्विसेज सेक्टर आने वाले समय में सबसे बड़ा सरप्राइज दे सकता है। दुनियाभर की कंपनियां AI एप्लिकेशन और सॉल्यूशन बनाने के लिए भारतीय आईटी कंपनियों का ज्यादा इस्तेमाल कर सकती हैं।

हालांकि, कुछ जोखिम भी हैं। इनमें भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक अर्थव्यवस्था की सुस्ती, कृषि उत्पादकता में कमजोरी, न्यायिक व्यवस्था में क्षमता की कमी और AI की वजह से रोजगार बाजार पर पड़ने वाला असर शामिल हैं।

HDFC Bank Share Price: Q1 में अच्छे बिजनेस और नए चेयरमैन की घोषणा से शेयर 3% तक उछला; ब्रोकरेज बुलिश

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PC Jeweller Share Price: चढ़ते बाजार में ज्वेलरी स्टॉक में जबरदस्त सेलिंग, कीमत 9% तक लुढ़की; लेकिन क्यों?

ज्वेलरी सेक्टर की कंपनी पीसी ज्वेलर लिमिटेड के निवेशकों के लिए 6 जुलाई का दिन बेहद खराब बीत रहा है। शेयर की कीमत में दिन में 9 प्रतिशत तक की गिरावट दिखाई दी। बीएसई पर भाव 9.37 रुपये के लो तक गया। कंपनी का मार्केट कैप घटकर 7900 करोड़ रुपये के करीब रह गया है। शेयर एक साल में 40 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देख चुका है। कंपनी ने 2 जुलाई को अप्रैल-जून 2026 तिमाही का बिजनेस अपडेट जारी किया था। इसके बाद शुक्रवार, 3 जुलाई को शेयर में इंट्राडे के दौरान 10 प्रतिशत तक की तेजी दिखी थी। हालांकि बाद में शेयर BSE पर 4.4 प्रतिशत बढ़त के साथ बंद हुआ था।

माना जा रहा है कि सोमवार की गिरावट शेयर में ऊंचे स्तरों पर की जा रही प्रॉफिट बुकिंग का नतीजा हो। लेकिन एक वजह स्टॉक एक्सचेंज की ओर से मांगा गया क्लैरिफिकेशन भी हो सकता है। शुक्रवार को शेयर में हैवी वॉल्यूम को देखते हुए BSE ने पीसी ज्वेलर से सफाई मांगी थी।

तो क्या है PC Jeweller का जवाब

जवाब में पीसी ज्वेलर ने कहा है कि हम यह बताना चाहते हैं कि SEBI (लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स) रेगुलेशंस, 2015 के रेगुलेशन 30 के अनुसार, कंपनी उन सभी घटनाओं, जानकारियों आदि का समय पर खुलासा करती रही है, जिनका कंपनी के कामकाज/प्रदर्शन पर असर पड़ता है। इनमें प्राइस सेंसिटिव इनफॉरमेशन आदि भी शामिल हैं। कंपनी भविष्य में भी ऐसे खुलासे करती रहेगी।

आगे कहा कि किसी शेयर की कीमत/वॉल्यूम में कोई भी उतार-चढ़ाव बाजार पर निर्भर करता है और यह कई फैक्टर्स के कारण होता है, जिनमें कंपनी की ओर से दी गई कोई भी जानकारी, घटना या इवेंट आदि को लेकर निवेशकों की सोच भी शामिल है। पीसी ज्वेलर ने कहा है कि फिलहाल उसके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है, जो शेयर की कीमत/वॉल्यूम पर असर डाल सकती हो और जिसका खुलासा करना जरूरी हो।

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Q1 में कैसा रहा बिजनेस

पीसी ज्वेलर का कहना है कि अप्रैल-जून 2026 में उसका कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर लगभग 21% बढ़ा। कंपनी कर्ज-मुक्त होने के अपने लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है और उसे उम्मीद है कि वह चालू तिमाही यानि कि जुलाई-सितंबर 2026 में यह मुकाम हासिल कर लेगी। कंपनी ने जॉइंट सेटलमेंट एग्रीमेंट की शर्तों के तहत बैंकों का बकाया कर्ज जून तिमाही के दौरान लगभग 24% कम किया है। चालू तिमाही में बाकी कर्ज चुकाने और कर्ज-मुक्त होने से आने वाले समय में उसकी वित्तीय स्थिति काफी मजबूत होगी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

RIL AGM 2026: फाइनल डिविडेंड पर मोहर और Jio-Reliance Retail के IPO पर अपडेट का इंतजार होने वाला है खत्म

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की 49वीं सालाना आम बैठक आज, 19 जून को हो रही है। शेयरहोल्डर्स समेत पूरे बाजार की इस पर नजर है। मीटिंग खत्म होने के बाद ऐलानों का बेसब्री से इंतजार है। इस मीटिंग में कंपनी की ओर से घोषित फाइनल डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी भी ली जाने वाली है। ऐलानों की घोषणा शुक्रवार दोपहर 2 बजे से होने वाली है।

RIL वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 6 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। इसके लिए 5 जून रिकॉर्ड डेट थी। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में रहे होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे।

फाइनल डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिलने के बाद डिविडेंड का पेमेंट 7 दिनों के अंदर शेयरहोल्डर्स को कर दिया जाएगा। वित्त वर्ष 2025 के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 5.50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था।

Jio और Reliance Retail के IPO को लेकर ऐलान पर खास नजर

इस साल की AGM में सबसे ज्यादा ध्यान Reliance Jio के IPO की टाइमलाइन पर अपडेट पर होगा। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने पहले ही 2026 की पहली छमाही तक लिस्टिंग का संकेत दिया था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन्वेस्टर्स एक पक्का रोडमैप देखना चाहेंगे, क्योंकि IPO पर स्पष्टता Reliance की वैल्यूएशन के लिए एक बड़ा री-रेटिंग ट्रिगर हो सकती है।

इसी तरह Reliance Retail IPO पर भी अपडेट का इंतजार है। रिटेल बिजेनेस, कंपनी की ग्रोथ का एक अहम इंजन बनकर उभरा है। लिस्टिंग की योजनाओं पर कोई भी टिप्पणी एक बड़ा बूस्ट साबित हो सकती है।

HDFC Bank Share Price: दिखी 3% तक की गिरावट, ₹13 के अमाउंट के लिए शेयर कर रहा है एक्स-डिविडेंड ट्रेड

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RBI ने एचडीएफसी बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन केकी मिस्त्री का कार्यकाल 18 सितंबर तक बढ़ाया

आरबीआई ने एचडीएफसी बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन के रूप में केकी मिस्त्री का कार्यकाल तीन महीने बढ़ाने की इजाजत दे दी है। एचडीएफसी बैंक ने 18 जून को यह जानकारी दी। मिस्त्री इस साल 18 सितंबर या तब तक अपने पद पर रहेंगे जब तक बैंक में रेगुलर पार्ट-टाइम चेयरमैन की नियुक्ति नहीं हो जाती। इनमें से जो पहले होगा, वह लागू माना जाएगा।

5 अगस्त को बैंक की एजीएम होगी

मनीकंट्रोल ने पहले खबर दी थी कि अंतरिम चेयरमैन के रूप में केकी मिस्त्री का कार्यकाल 90 दिनों के लिए बढ़ाया जा सकता है। एचडीएफसी बैंक ने एक्सचेंजों को बताया था कि उसकी 32वीं एनुअल जनरल मीटिंग (एजीएम) इस साल 5 अगस्त को होगी। बैंक ने कहा था कि डिविडेंड का पेमेंट 6 अगस्त या उसके बाद कर दिया जाएगा।

नए चेयरमैन की तलाश हो रही है

HDFC Bank में नए नॉन-एग्जिक्यूटिव पार्ट-टाइम चेयरमैन की तलाश चल रही है। मनीकंट्रोल ने यह खबर भी दी थी कि आरबीआई ने बैंक को केकी मिस्त्री का कार्यकाल खत्म होने से पहले नए चेयरमैन की तलाश का काम तेज करने को कहा है। मिस्त्री का कार्यकाल 18 जून को खत्म हो रहा है।

चेयरमैन का पद खाली होने से काम पर असर

मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि आरबीआई को उम्मीद है कि नए चेयरमैन की तलाश का काम जून खत्म होने से पहले पूरा हो जाएगा। सूत्रों ने बताया कि आरबीआई का मानना है कि चेयरमैन का पद खाली होने से बैंक से से जुड़े अहम फैसलों में देरी हो सकती है।

आरबीआई बैंक के निरंतर संपर्क में है

केंद्रीय बैंक नए चेयरमैन की तलाश के काम की प्रगति पर नजर रखने के लिए निरंतर एचडीएफसी बैंक के बोर्ड के संपर्क में बना हुआ है। 18 मार्च को मिस्त्री को तब बैंक का पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया गया था, जब अतनु चक्रवर्ती ने इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि पिछले दो सालों में बैंक में कामकाज के कुछ तरीकों से वह सहमत नहीं हैं।

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शेयर तेजी के साथ बंद 

एचडीएफसी बैंक देश का सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक है। इसका शेयर 18 जून को 1.49 फीसदी उछाल के साथ 798.55 रुपये पर बंद हुआ।

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