धरने पर बैठे राहुल गांधी को पुलिस ने उठाया, अखिलेश भी हिरासत में

rahul gandhi

पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस के कई नेता दिल्ली में पीएम आवास के पास दोपहर करीब साढ़े 3 बजे से धरने पर बैठे। इसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कांग्रेस नेता शामिल थे। कुछ घंटे बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव पीएम आवास पर पहुंचे। इन्हें दिल्ली पुलिस ने वहां से हटाया। 

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प्रधानमंत्री कार्यालय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को दावा किया कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को नीट के मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए आश्वासन दिया गया, लेकिन फिर उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी रख दी। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिक्ष का रवैया लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।

धरनास्थल पर राहुल गांधी से मुलाकात के बाद सिंह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और अन्य वरिष्ठ नेता अकबर रोड के समीप अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठे थे, जिसके बाद सरकार ने उनसे बातचीत के लिए उन्हें और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को मौके पर भेजा था।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से धरना समाप्त करने का अनुरोध किया गया क्योंकि वह स्थान प्रदर्शन के लिए निर्धारित नहीं था और वहां धरने के कारण आम लोगों को असुविधा हो रही थी। सिंह के मुताबिक, राहुल गांधी ने कहा कि यदि सरकार नीट और उससे जुड़े आंदोलन के सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार हो जाती है तो वह धरना समाप्त कर देंगे।

 

उन्होंने दावा किया कि सरकार के शीर्ष नेतृत्व से अनुमति लेने के बाद राहुल गांधी को यह आश्वासन दिया गया कि सरकार संसद में नीट और उससे जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। सिंह ने आरोप लगाया कि इसके बाद राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी रख दी और कहा कि अब उनकी दो मांगें हैं।

 

सिंह ने कहा कि जब राहुल गांधी को याद दिलाया गया कि उन्होंने पहले केवल संसद में चर्चा की मांग की थी, तो उन्होंने जवाब दिया कि अब उनकी मांगें बदल गई हैं। सिंह ने कहा कि राहुल गांधी जैसे वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का अपनी बात से पीछे हटना ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ है और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।

 

उन्होंने कहा कि सरकार नीट और उससे जुड़े आंदोलन के सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस ने अब तक इस गंभीर विषय पर नियमों के तहत औपचारिक चर्चा के लिए कोई नोटिस नहीं दिया है। सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का व्यवहार लोकतंत्र के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है।

पथराव और तोड़फोड़…CJP प्रोटेस्ट में पांच IPS अधिकारी समेत 50 जवान घायल, पुलिस दर्ज करेगी FIR

संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में खूब गहमा-गहमी देखने को मिली। नीट (NEET) पेपर लीक मामले मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार को संसद चलो मार्च का आयोजन किया। दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। वहीं प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प में पांच से अधिक आईपीएस अधिकारी घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक, इस हिंसा में 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। वहीं, अब तक 70 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।

पुलिस ने दर्ज किया FIR

पुलिस ने बताया कि अलग-अलग जगहों से मिली शिकायतों के आधार पर अलग-अलग एफआईआर दर्ज की जा रही हैं। घटना में शामिल लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल फोन से बने वीडियो की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर से किसी भी प्रदर्शनकारी को नहीं हटाया गया। कार्रवाई केवल उन लोगों के खिलाफ की गई, जिन्होंने कथित तौर पर पत्थरबाजी की, संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की और पुलिस पर हमला किया।

पुलिस के अनुसार, कई तस्वीरों और वीडियो में प्रदर्शनकारियों को पुलिस और अर्धसैनिक बलों पर पत्थर फेंकते हुए देखा जा सकता है। अधिकारियों का दावा है कि पुलिस ने लंबे समय तक संयम बनाए रखा। पुलिस ने यह भी कहा कि नई दिल्ली में जब हिंसक भीड़ ने दुकानों को निशाना बनाने और लगातार पत्थरबाजी करने की कोशिश की, तब स्थिति को काबू में करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया।

प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से हटाया गया

कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलनकारियों को जंतर-मंतर से हटा दिया गया है। पुलिस ने मंच खाली करा लिया है और टेंट भी निकाल दिए हैं। प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर के बाद कनॉट प्लेस से भी खदेड़ दिया गया है। वहीं इस पूरे घटनाक्रम के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधि जेपी नड्‌डा से मिले। इनका दावा है कि नड्डा ने उन्हें यह भरोसा दिलाया है कि जंतर-मंतर और उसके आस-पास अब कोई कार्रवाई नहीं होगी।

पाकिस्तानी हैंडल्स फैलाने लगे दिल्ली प्रोटेस्ट को लेकर झूठा प्रॉपेगेंडा, इंडियन आर्मी फैक्ट चेक ने तुरंत खारिज किए ये दावे

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन और संसद मार्च को लेकर दिल्ली में लगातार गहमागहमी जारी है। वहींदिल्ली में चल रहे प्रदर्शनों को लेकर सोशल मीडिया पर फेक खबरें भी तेजी से फैलाया जा  रही हैं। पाकिस्तान से संचालित कुछ प्रोपेगैंडा सोशल मीडिया हैंडल यह झूठ फैला रहे हैं कि प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए नई दिल्ली में भारतीय सेना तैनात की गई है। इतना ही नहीं, इन पोस्ट में यह भी दावा किया जा रहा है कि सेना ने प्रदर्शनकारियों पर हथियारों का इस्तेमाल किया, जिससे कई लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए।

फैलाई गई फेक खबरें 

हालांकि, यह दावा पूरी तरह से गलत और भ्रामक है। सच्चाई यह है कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस और अन्य पैरा मिलिट्री फोर्स, जैसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान संभाल रहे हैं। इस पूरे मामले में भारतीय सेना की कोई तैनाती नहीं की गई है।फर्जी खबर फैलाने वाले लोग आम प्रदर्शन का वीडियो दिखाकर उसके साथ सेना की तैनाती और हथियारों के इस्तेमाल जैसी झूठी बातें जोड़ रहे हैं। इसका मकसद लोगों में डर और भ्रम फैलाना तथा भारतीय सेना की छवि को नुकसान पहुंचाना है।

जंतर-मंतर से हटाया गया प्रदर्शन स्थल

कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलनकारियों को जंतर-मंतर से हटा दिया गया है। पुलिस ने मंच खाली करा लिया है और टेंट भी निकाल दिए हैं। प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर के बाद कनॉट प्लेस से भी खदेड़ दिया गया है। इससे कुछ घंटे पहले प्रदर्शनकारियों ने संसद तक मार्च निकालने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर और लाठीचार्ज कर उन्हें रोक दिया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी फिर से जंतर-मंतर पर इकट्ठा हो गए। आंदोलन के एक नेता ने कहा कि वे अपनी मांगें पूरी होने तक वहीं डटे रहेंगे।

आंदोलन जारी रखने का ऐलान

पुलिस ने वह मंच भी हटा दिया, जहां सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल की थी। इसके साथ ही वहां रखे ट्रैम्पोलिन, कालीन, गद्दे और अन्य सामान भी हटा दिए गए। एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल की बातचीत के बाद उनकी एक प्रमुख मांग मान ली गई है। हालांकि, उनका कहना है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र और अन्य प्रदर्शनकारी मौजूद हैं।

सीजेपी ने सबसे पहले 6 जून को जंतर-मंतर पर एक दिन का विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद आंदोलन लगातार बढ़ता गया और कई लोगों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी, जिससे यह लंबा धरना बन गया। सोमवार को हजारों प्रदर्शनकारी पार्लियामेंट स्ट्रीट के पास जुटे। उन्होंने पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए संसद की ओर मार्च निकाला। हालांकि, सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया।

CJP Delhi Protest : जंतर-मंतर पर भारी बवाल, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने बरसाई लाठियां

CJP Sansad March Lathicharge: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘संसद चलो मार्च’ के बीच भारी बवाल हो गया है। संसद भवन की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रहे हजारों प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड्स लगा रखे थे, लेकिन जैसे ही भीड़ आगे बढ़ी, माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया है।

इस समय जंतर-मंतर और दिल्ली के वीआईपी इलाकों में क्या हालात हैं, आइए जानते हैं अब तक के सभी बड़े अपडेट्स।

बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश के बाद एक्शन, पुलिस का लाठीचार्ज

सोमवार को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन CJP के नेतृत्व में हजारो प्रदर्शनकारी संसद की तरफ मार्च निकालने के लिए जंतर-मंतर पर जमा हुए है। नई दिल्ली जिले में धारा 163 लागू होने के कारण पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों से मार्च न निकालने की अपील कर रही थी।

जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्ग और रफी मार्ग की तरफ बढ़ने के लिए पुलिस के मल्टी-लेयर बैरिकेड्स को धक्का देना और उन्हें पार करना शुरू किया, पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया।

सफदरजंग अस्पताल में भी बढ़े सुरक्षा घेरे, समर्थक आक्रोशित

जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज के बाद सफदरजंग अस्पताल के बाहर भी हलचल काफी तेज हो गई है। अस्पताल में भर्ती पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पहले से ही अनशन पर बैठे हैं। CJP समर्थकों का आरोप है कि शांतिपूर्ण ढंग से मार्च निकाल रहे छात्रों और युवाओं पर पुलिस ने जानबूझकर बल प्रयोग किया है, जिससे कई लोग घायल हुए हैं।

लुटियंस जोन पूरी तरह ठप, ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई

लाठीचार्ज और हंगामे के बाद पूरी नई दिल्ली को छावनी में बदल दिया गया है, जिससे लुटियंस दिल्ली में ट्रैफिक पूरी तरह चरमरा गया है। पार्लियामेंट स्ट्रीट, रायसीना रोड, रफी मार्ग और अशोक रोड को सामान्य यातायात के लिए पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया है।

पटेल चौक और विजय चौक पर पर सुरक्षा बलों और दंगा नियंत्रण वाहनों (RAF) की भारी तैनाती के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। ऑफिस जाने वाले लोगों और आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति धारा 163 के नियमों का उल्लंघन कर सड़कों पर हुड़दंग मचाने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

CJP Parliament March: दिल्ली मेट्रो के ये 5 स्टेशन बंद, घर से निकलने से पहले देख लें ट्रैफिक एडवाइजरी

CJP Parliament March: दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने सोमवार (20 जुलाई) को सुरक्षा कारणों से राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद कर दिया है। यह कदम कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से निकाले जा रहे विरोध मार्च के मद्देनजर उठाया गया है। डीएमआरसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक पोस्ट में कहा कि अगले आदेश तक ये पांचों मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे। CJP ने शिक्षा क्षेत्र में सुधार की मांग को लेकर संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को संसद तक विरोध मार्च निकालने का आह्वान किया है।

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। साथ ही उन्होंने बताया कि इस विरोध मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है। संसद के मानसून सत्र और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च को देखते हुए सोमवार को दिल्ली पुलिस अत्यधिक सतर्क है। जंतर-मंतर, संसद और अन्य प्रमुख स्थानों के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है।

अनशन पर अड़े वांगचुक, रखीं ये शर्तें

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोमवार को कहा कि उनकी भूख हड़ताल प्रस्तावित ‘संसद चलो’ मार्च के बाद भी जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपना अनशन तभी समाप्त करेंगे, जब सरकार शिक्षा व्यवस्था में हाल में हुई विफलताओं की जिम्मेदारी स्वीकार करेगी या राजनीतिक दलों के नेता उन्हें यह भरोसा देंगे कि इस मुद्दे को संसद में उठाया जाएगा।

सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक संदेश में वांगचुक ने लिखा, “आपमें से कई लोगों ने पूछा है कि मैं अपना अनशन कब समाप्त करूंगा। जैसा कि मैंने पहले अपने समर्थकों से कहा था, यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था में हाल की विफलताओं, पेपर लीक जैसी घटनाओं की जिम्मेदारी 20 जुलाई तक स्वीकार करती है, तो मैं अपना अनशन समाप्त कर दूंगा।”

उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है, तो उनका अनशन जारी रहेगा। वांगचुक ने कहा कि वह अपना अनशन तब भी समाप्त कर देंगे, यदि कॉकरोच जनता पार्टी का नेतृत्व और वह स्वयं संसद के गेट तक पहुंचते हैं और वहां विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद तथा नेता उन्हें यह आश्वासन देते हैं कि वे इस मुद्दे को अब संसद में उठाएंगे।

उन्होंने कहा, “यदि मेरी सेहत या अन्य कारणों से मैं संसद तक नहीं पहुंच पाता, तो विभिन्न दलों के सम्मानित सांसद और नेता इस अस्पताल में आकर मुझे यही आश्वासन दें।” वांगचुक ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें सफदरजंग अस्पताल में अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है।

उन्होंने लिखा, “मैं सफदरजंग अस्पताल में अवैध हिरासत में हूं, जहां मेरी आवाजाही, अभिव्यक्ति और हर तरह के संचार की स्वतंत्रता पर रोक लगा दी गई है।” शनिवार को वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने कहा था कि यदि राजनीतिक दलों के नेता अस्पताल आकर उन्हें यह भरोसा दें कि वे संसद के मानसून सत्र में शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही का मुद्दा उठाएंगे, तो वांगचुक अपना अनशन समाप्त कर देंगे।

आंग्मो ने ‘संसद चलो’ मार्च में शामिल समर्थकों से वांगचुक की ओर से शांति बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने की अपील भी की थी कि आंदोलन का किसी तरह दुरुपयोग न हो। वांगचुक ने कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके के आंदोलन का समर्थन करते हुए 28 जून को जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी।

लगातार 21 दिन तक अनशन करने के बाद स्वास्थ्य बिगड़ने पर 18 जुलाई की सुबह दिल्ली पुलिस वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। उनके समर्थकों का आरोप है कि वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से जबरन हटाया गया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि स्वास्थ्य संबंधी कारणों से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

LIVE: CJP संसद मार्च पर अड़ी, दिल्ली में धारा 163 लागू

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Latest News Today Live Updates in Hindi : संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। दिल्ली पुलिस द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने के बाद भी कॉकरोच जनता पार्टी संसद मार्च पर अड़ी। दिल्ली में धारा 163 लागू। पल पल की जानकारी…

जम्मू-कश्मीर: कल रात से हो रही लगातार बारिश की वजह से रियासी ज़िले में चिनाब नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है और नदी का पानी कई निचले इलाकों में बहने लगा है।कांग्रेस के लोकसभा सांसद विपक्ष के फ्लोर लीडर्स की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी लेने के लिए संसद में कांग्रेस संसदीय दल (CPP) के दफ्तर में सुबह 10.30 बजे मिलेंगे।

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने कहा, 'भारत के इतिहास का सबसे बड़ा मार्च होने जा रहा है। पिछले 10-12 सालों से इस देश में लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिशें की जा रही हैं। जंतर-मंतर पर एक महीने तक बैठकर आप लोगों ने लोकतंत्र को फिर से ज़िंदा किया है। देश भर से लोग आ रहे हैं। जब मैं अमेरिका में था, तो लोग मुझसे कहते थे कि कोई भी सड़कों पर नहीं उतरेगा कि यह सिर्फ सोशल मीडिया पर एक ट्रेंड बनकर रह जाएगा। आज जंतर-मंतर की ओर जाने वाली चारों सड़कों को देखिए; वे पूरी तरह से भरी हुई हैं… संसद जाने से हमें कोई नहीं रोक सकता।'

-संसद के मानसून सत्र और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च से पहले राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

-पुलिस हाई अलर्ट पर है। 5000 से ज्यादा पुलिस और पैरामिलिट्री जवानों को तैनात किया गया है।

-संसद, इंडिया गेट और VVIP इलाकों के आस-पास के संवेदनशील क्षेत्रों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

-दिल्ली पुलिस ने इलाके में BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। 5 या उससे ज्यादा लोगों के इकट्टा होने पर रोक।

Top News 20 July: संसद का मानसून सत्र, CJP का संसद मार्च, स्पेन बना फीफा वर्ल्ड चैंपियन

top news 20 july

Top News 20 July : संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी का संसद मार्च आज, दिल्ली पुलिस ने नहीं दी अनुमति। ट्रंप ने रिपब्लिकन सांसदों से रूस पर प्रस्तावित प्रतिबंध विधेयक में ईरान को भी शामिल करने की मांग की है। स्पेन ने 16 साल बाद फीफा वर्ल्ड कप जीता। इंग्लैंड ने तीसरे वनडे में भारत और 27 रनों से हराया। 20 जुलाई की बड़ी खबरें : 

 

आज से संसद का मानसून सत्र

संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। चढ़ावा चोरी, नीट परीक्षा आदि मामलों पर संसद में हंगामा हो सकता है। राष्ट्रगीत का अपमान करने वालों के खिलाफ कड़े प्रावधान वाला 'वंदे मातरम बिल' समेत पांच नए विधेयक भी इस सत्र में पेश होने जा रहे हैं। DMK ने परिसीमन और महिला आरक्षण बिल पर सरकार को समर्थन देने के संकेत दिए।

 

CJP का संसद मार्च

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर धरना दे रहे कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े प्रदर्शनकारी आज संसद मार्च करेंगे। दिल्ली पुलिस ने मार्च की अनुमति नहीं दी है। राष्‍ट्रीय राजधानी में धारा 163 लागू। लिहाजा, जंतर-मंतर के चारों तरफ बैरिकेडिंग कर दी गई है।  

 

रूस पर शिकंजे वाले बिल में ईरान भी!

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रिपब्लिकन सांसदों से रूस पर प्रस्तावित प्रतिबंध विधेयक में ईरान को भी शामिल करने की मांग की है। यह विधेयक रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले शीर्ष देशों पर भारी आयात शुल्क लगाने का प्रावधान करता है। इनमें भारत भी शामिल है।

 

स्पेन ने 16 साल बाद फीफा वर्ल्ड कप जीता

स्पेन ने अर्जेंटीना के 1-0  से हराकर दूसरी बार फीफा वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया। टीम ने न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में 2022 की चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराया। स्पेन के लिए एक्स्ट्रा टाइम में फेरन टोरेस ने गोल किया। स्पेन ने इससे पहले 2010 में फीफा विश्‍व कप जीता था। फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में सबसे ज्यादा गोल फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे ने किए। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 10 गोल और 4 असिस्ट के साथ गोल्डन बूट अपने नाम किया। ALSO READ: स्पेन ने अर्जेंटीना का सपना तोड़ा, 1-0 से जीतकर दूसरी बार बना FIFA वर्ल्ड कप चैंपियन; फेरन टोरेस ने किया विजयी गोल

 

27 रनों से जीता इंग्लैंड

इंग्लैंड ने लॉर्ड्स के एतिहासिक मैदान पर भारत के खिलाफ 27 रनों से जीत पाकर 3 मैचों की सीरीज को 2-1 से अपने नाम कर लिया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने 3 विकेट खोकर 387 रन बनाए। इसके जवाब में भारत की टीम रोहित शर्मा के शतक के बावजूद 360 रन ही बना सकी। ALSO READ: स्पेन ने अर्जेंटीना का सपना तोड़ा, 1-0 से जीतकर दूसरी बार बना FIFA वर्ल्ड कप चैंपियन; फेरन टोरेस ने किया विजयी गोल

Sonam Wangchuk : सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ी, भूख हड़ताल के दौरान डिहाइड्रेशन के संकेत, डॉक्ट्रों ने दी चेतावनी

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जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के दौरान तबीयत खराब होने लगी है। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि वांगचुक में डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) के लक्षण दिखाई दे रहे हैं और गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं से बचने के लिए उन्हें तुरंत तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट थेरेपी की जरूरत है।

 

हालांकि, डॉक्टरों की सलाह के बावजूद सोनम वांगचुक और उनके परिवार ने अभी तक यह उपचार लेने की सहमति नहीं दी है। अस्पताल ने शनिवार रात जारी बयान में कहा कि वांगचुक फिलहाल होश में हैं और उनकी हीमोडायनामिक स्थिति स्थिर है। उनकी नाड़ी, ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन स्तर सामान्य सीमा में हैं, लेकिन लंबे समय तक उपवास के प्रभाव को देखते हुए डॉक्टरों ने चिंता जताई है।

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लंबे उपवास से स्वास्थ्य पर पड़ा असर: अस्पताल

सफदरजंग अस्पताल के अनुसार, लंबे समय से चल रही भूख हड़ताल के कारण वांगचुक में डिहाइड्रेशन के स्पष्ट चिकित्सकीय संकेत मिले हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS) या नसों के जरिए फ्लूइड और इलेक्ट्रोलाइट थेरेपी देना जरूरी है। दिल्ली स्थित AIIMS के एक स्वतंत्र विशेषज्ञ डॉक्टर ने भी वांगचुक की जांच की और इलाज कर रहे डॉक्टरों की राय से सहमति जताई कि उन्हें तुरंत रिहाइड्रेशन थेरेपी की आवश्यकता है।

 

अस्पताल ने बताया कि AIIMS के डॉक्टर भी अब मेडिकल टीम में शामिल हो गए हैं और सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों के साथ मिलकर वांगचुक की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं।

 

वांगचुक ने इलाज लेने से किया इनकार

 

अस्पताल के मुताबिक, इलाज कर रही टीम और AIIMS विशेषज्ञ की सलाह के बावजूद सोनम वांगचुक ने:

नसों के जरिए दिए जाने वाले फ्लूइड (IV Fluids) ORS दवाइयां लेने से इनकार कर दिया है। अस्पताल ने बताया कि उनके परिवार ने भी अभी तक जरूरी इलाज के लिए सहमति नहीं दी है।

 

डॉक्टरों ने दी गंभीर खतरे की चेतावनी

 

हालांकि फिलहाल वांगचुक के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेत (Vital Parameters) सामान्य हैं, लेकिन डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक शरीर में पानी की कमी रहने से स्वास्थ्य तेजी से खराब हो सकता है। अस्पताल ने कहा कि वांगचुक को लगातार निगरानी में रखा गया है और डॉक्टर उनकी सेहत को ध्यान में रखते हुए उन्हें और उनके परिवार को इलाज के लिए समझाने की कोशिश कर रहे हैं।

 

NEET विवाद को लेकर 28 जून से जारी है भूख हड़ताल

 

सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने उनकी भूख हड़ताल के 21वें दिन सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया था। वह 28 जून से अनिश्चितकालीन उपवास पर हैं। यह प्रदर्शन NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और इससे जुड़े छात्र मौत के मामलों को लेकर CJP के नेतृत्व वाले आंदोलन के समर्थन में किया जा रहा है। वांगचुक के साथ ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के तीन कार्यकर्ता भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में शामिल हैं।

Sonam Wangchuk: अब कैसी है सोनम वांगचुक की तबीयत? सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने दी यह जानकारी

दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस 21वें दिन वहां से हटाकर अस्पताल ले गई है। दिल्ली पुलिस ने साफ कहा कि हाई कोर्ट के आदेश और मेडिकल एक्सपर्ट्स की सलाह के अनुसार, सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें जरूरी मेडिकल देखभाल के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

वहीं सफदरजंग अस्पताल की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन में बताया गया कि सोनम वांगचुक पूरी तरह होश में हैं और उनकी हालत फिलहाल स्थिर है। हालांकि, लंबे समय से भूख हड़ताल पर रहने की वजह से उनके शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, वांगचुक की नाड़ी, ब्लड प्रेशर और शरीर में ऑक्सीजन का स्तर सामान्य है। लेकिन लंबे समय तक उपवास करने के कारण उनकी सेहत पर असर पड़ा है। डॉक्टरों का कहना है कि हालत बिगड़ने और किसी गंभीर परेशानी से बचाने के लिए तुरंत इलाज की जरूरत है।

अस्पताल के मुताबिक, दिल्ली एम्स के एक विशेषज्ञ डॉक्टर ने भी वांगचुक की जांच की है। उन्होंने इलाज कर रही टीम की राय से सहमति जताई है कि उन्हें नसों के जरिए तरल पदार्थ (आईवी फ्लूइड) और इलेक्ट्रोलाइट देना चिकित्सकीय रूप से जरूरी है। एम्स के डॉक्टर भी अब इलाज करने वाली टीम में शामिल हो गए हैं और उनकी सेहत पर लगातार नजर रखेंगे।

अस्पताल के हेल्थ बुलेटिन की अहम बातें

  • सोनम वांगचुक पूरी तरह होश में हैं और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है।
  • उनकी ब्लड प्रेशर और शरीर में ऑक्सीजन का स्तर सामान्य है।
  • लंबे समय से भूख हड़ताल पर रहने की वजह से उनके शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) के लक्षण मिले हैं।
  • डॉक्टरों का कहना है कि हालत बिगड़ने और किसी गंभीर समस्या से बचाने के लिए तुरंत इलाज जरूरी है।
  • एम्स के एक विशेषज्ञ डॉक्टर ने भी वांगचुक की जांच की और इलाज कर रही टीम की राय से सहमति जताई।
  • एम्स का एक डॉक्टर अब इलाज करने वाली टीम का हिस्सा है और उनकी सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है।

डॉक्टरों ने सोनम वांगचुक को मुंह से तरल पदार्थ (ओरल फ्लूइड) या नस के जरिए तरल पदार्थ (आईवी फ्लूइड) और इलेक्ट्रोलाइट देने की सलाह दी है। अस्पताल के अनुसार, कई बार समझाने के बावजूद वांगचुक ने आईवी फ्लूइड, ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) और दवाएं लेने से इनकार कर दिया है। अस्पताल का कहना है कि वांगचुक के परिवार ने भी अभी तक डॉक्टरों की ओर से सुझाए गए इलाज के लिए सहमति नहीं दी है। फिलहाल वांगचुक की लगातार मेडिकल निगरानी की जा रही है। डॉक्टर उन्हें और उनके परिवार को समझाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि वे इलाज के लिए सहमत हो जाएं और किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या से बचा जा सके।

निजी डॉक्टर ने उठाए सवाल

इससे पहले दिन में सोनम वांगचुक के निजी डॉक्टर डॉ. नितिन दिघे ने भी अस्पताल की कुछ मेडिकल रिपोर्ट पर सवाल उठाए थे। डॉ. दिघे का कहना है कि शुक्रवार दोपहर जब वांगचुक का ब्लड सैंपल लिया गया था, तब उनके शरीर में पोटेशियम का स्तर सामान्य था। उन्होंने कहा कि वह इसकी पुष्टि के लिए एक स्वतंत्र लैब में दोबारा ब्लड टेस्ट कराना चाहते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल ने परिवार को मेडिकल रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई।

पत्नी ने भी मेडिकल रिपोर्ट पर जताई आपत्ति

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने भी अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट पर सवाल उठाए और स्वतंत्र जांच की मांग की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि परिवार की यह मांग नहीं मानी गई कि वांगचुक की जांच किसी दूसरी लैब में कराई जाए और उनके खून के नमूने स्वतंत्र जांच के लिए परिवार को दिए जाएं। आंग्मो ने यह भी दावा किया कि परिवार ने वांगचुक को अस्पताल से छुट्टी देने की मांग की थी, ताकि उन्हें अपनी पसंद के किसी दूसरे अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया जा सके।

वांगचुक की हालत बेहद नाजुक! सोनम ने अस्पताल में दवा और ड्रिप लेने से किया इनकार

Sonam Wangchuk Health Update

Sonam Wangchuk Health Update: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से अनशन पर बैठे लद्दाख के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। शनिवार तड़के दिल्ली पुलिस द्वारा जबरन सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद वांगचुक ने डॉक्टरों के इलाज को पूरी तरह ठुकरा दिया है। गंभीर डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) और चयापचय संबंधी समस्याओं के बावजूद उन्होंने नसों के माध्यम से दिए जाने वाले तरल पदार्थ (IV Fluids) और किसी भी तरह की दवा लेने से साफ इनकार कर दिया है। इस बीच, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश की जनता से छात्रों के इस आंदोलन में कूदने का बड़ा आह्वान किया है।

सफदरजंग अस्पताल में डॉक्टरों की बढ़ी चिंता

अस्पताल प्रशासन से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, सोनम वांगचुक को इस वक्त सख्त चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। 21 दिनों की भूख हड़ताल के कारण उनके शरीर के कई महत्वपूर्ण पैरामीटर्स बिगड़ चुके हैं। डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है। इस बीच, डॉक्टरों ने वांगचुक के परिवार और उनके सहयोगियों को गंभीर चेतावनी दी है कि यदि बिना किसी देरी के तुरंत इलाज शुरू नहीं करने दिया गया तो स्थिति हाथ से बाहर निकल सकती है और अंगों पर इसका बुरा असर पड़ सकता है। ALSO READ: जंतर-मंतर पर अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकी गई, सोनम वांगचुक को अस्पताल भेजे जाने के बाद भूख हड़ताल पर बैठे CJP प्रमुख

 

अस्पताल के सूत्रों का कहना है कि वांगचुक अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक छात्रों के भविष्य और नीट परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठाती, उनका यह सत्याग्रह अस्पताल के भीतर भी जारी रहेगा। दूसरी ओर, सीजेपी नेता अभिजीत दीपके पर स्याही फेंके जाने की घटना के बाद अनशन स्थल पर बवाल खड़ा हो गया। 

अब चुप रहने का वक्त नहीं

वांगचुक को नाटकीय ढंग से धरना स्थल से उठाए जाने और उनकी बिगड़ती सेहत की खबर मिलते ही सियासत पूरी तरह गरमा गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को देश की जनता और छात्रों से एक भावुक और आक्रामक अपील की।

 

केजरीवाल ने सोशल मीडिया और प्रेस के माध्यम से कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली (NEET) में आमूलचूल सुधार की मांग को लेकर हमारे देश के देशभक्त और छात्र जंतर-मंतर पर 21 दिनों से भूखे बैठे हैं। सोनम वांगचुक की स्थिति गंभीर है। यह समय घरों में बैठने का नहीं है। मैं देश के हर नागरिक, हर माता-पिता और युवाओं से अपील करता हूं कि वे जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन में शामिल हों और तानाशाही के खिलाफ इन प्रदर्शनकारियों का हाथ मजबूत करें। ALSO READ: सोनम वांगचुक सफदरगंज अस्पताल में भर्ती, क्या कहती है उनकी मेडिकल रिपोर्ट?

20 जुलाई का संसद मार्च

सोनम वांगचुक को भले ही पुलिस ने शारीरिक रूप से जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल भेज दिया हो, लेकिन आंदोलनकारियों का हौसला कम नहीं हुआ है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और अन्य छात्र संगठनों ने ऐलान किया है कि वांगचुक की अनुपस्थिति में विरोध प्रदर्शन और तेज होगा। पार्टी ने आगामी 20 जुलाई को प्रस्तावित 'संसद मार्च' को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। दिल्ली पुलिस ने भी इस मार्च को देखते हुए नई दिल्ली और संसद भवन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया है। वांगचुक की ओर से भी कहा गया है कि वे भी 20 जुलाई के संसद मार्च में शामिल होंगे।