Monsoon Update: 23 जून तक इन राज्यों में आगे बढ़ सकता है मानसून, IMD ने दिया बिग अपडेट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज दोपहर एक अहम प्रेस रिलीज जारी की है। इसमें मानसून की ताजा स्थिति, भीषण गर्मी की चेतावनी और अगले एक हफ्ते के मौसम का पूरा लेखा-जोखा दिया गया है। आइए विस्तार से जानते हैं पूरे देश का मौसम हाल।

अभी कहां है मानसून?

इस वक्त दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा (Northern Limit of Monsoon) हरनई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फुलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर से होते हुए 28.3°N/83°E तक पहुंची हुई है।

आगे कब और कहां पहुंचेगा?

मौसम विभाग के मुताबिक 23 जून 2026 के आसपास मानसून के आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल हैं। जिन राज्यों में मानसून जल्द दस्तक दे सकता है, वो हैं —

  • महाराष्ट्र के कुछ और हिस्से
  • तेलंगाना के कुछ और इलाके
  • ओडिशा के नए भाग
  • झारखंड और बिहार के कुछ क्षेत्र
  • छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्से

यानी उत्तर और मध्य भारत के लोगों को अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा।

बीते 24 घंटों में देशभर में कैसा रहा मौसम?

भारी से बहुत भारी बारिश

कल सुबह 8:30 बजे से आज सुबह 8:30 बजे तक देश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हुई-

  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के चंपासारी में 21 Cm अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई- यह देशभर में सबसे ज्यादा रही।
  • गुजरात के गोधरा (पंचमहल) में 14cm बारिश
  • गंगीय पश्चिम बंगाल के लाभपुर में 10cm
  • पश्चिमी राजस्थान के श्री विजयनगर में 9cm
  • तमिलनाडु के कलासापक्कम (तिरुवन्नामलाई) में 9cm
  • बिहार के ठाकुरगंज (किशनगंज) में 7cm
  • सौराष्ट्र के बोटाड में 7cm
  • केरल के कोन्नी (पत्तनमतिट्टा) में 7cm
  • तेलंगाना के मिर्यालगुडा (नलगोंडा) में 7cm

आंधी-तूफान और तेज हवाएं

कई राज्यों में तेज हवाओं ने भी कहर बरपाया-

  • तमिलनाडु के कोविलपट्टी में 76 km/h, ISRO में 63 और विरुधुनगर में 56 km/h
  • ओडिशा के कालीमेला में 63 km/h
  • हिमाचल प्रदेश के हाथीबरकला में 57 km/h
  • पश्चिम मध्यप्रदेश के आगर में 57 km/h
  • गंगीय पश्चिम बंगाल के अलीपुर में 52 km/h
  • झारखंड के दुमका में 52 km/h
  • मराठवाड़ा के सगरोली (नांदेड़) में 54 km/h
  • मध्य महाराष्ट्र के खुतबाव दौंड (पुणे) में 52 km/h
  • छत्तीसगढ़ के रायपुर में 48 km/h, बिलासपुर में 46 km/h

ओलावृष्टि

जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में ओले भी गिरे।

तापमान- गर्मी का हाल

कल का अधिकतम तापमान (18 जून 2026)

देश के कई राज्यों में पारा 40°C से 43°C के बीच रहा —

  • तटीय आंध्र प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मराठवाड़ा, विदर्भ, बिहार, तेलंगाना- सभी जगह 40-43°C
  • सबसे गर्म शहर रहा उत्तर प्रदेश का बांदा, जहां तापमान 43.2°C दर्ज किया गया

न्यूनतम तापमान (आज, 19 जून 2026)

रात का तापमान भी कई राज्यों में सामान्य से ऊपर रहा-

पूर्वी मध्यप्रदेश, मराठवाड़ा, ओडिशा, बिहार, तेलंगाना— सामान्य से 3-5°C ज्यादा

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, कोंकण-गोवा, विदर्भ, गुजरात, केरल, तमिलनाडु— सामान्य से 1.5-3°C ऊपर

हीटवेव की चेतावनी- इन राज्यों में रहें सावधान

मानसून के आने के बावजूद देश के कई हिस्सों में अभी भी लू का खतरा बना हुआ है-

राज्य/क्षेत्र हीटवेव की संभावना कब तक-

  • पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 जून तक
  • बिहार 22 में जून तक
  • तेलंगाना 21 में जून तक
  • विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र, कोंकण-गोवा में 20 जून तक
  • मराठवाड़ा में 19 जून (आज)

इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, झारखंड, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और रायलसीमा में 19-21 जून के दौरान गर्म और उमस भरे मौसम की संभावना है।

अगले 7 दिन — राज्यवार मौसम का पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत

  • जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: 19-22 जून तक व्यापक बारिश; साथ में बिजली, आंधी और ओले भी
  • हिमाचल प्रदेश: 20-21 जून को अच्छी बारिश
  • उत्तराखंड: पूरे हफ्ते छिटपुट बारिश
  • राजस्थान: 19-20 जून को धूलभरी आंधी (dust storm); 19-20 जून को 60-80 km/h की रफ्तार से तेज thundersquall की चेतावनी
  • हरियाणा-दिल्ली-पंजाब: 19-22 जून के बीच बिजली और तेज हवाओं के साथ छिटपुट बारिश

मध्य भारत

मध्यप्रदेश और विदर्भ: पूरे हफ्ते छिटपुट बारिश; 19-20 जून को thundersquall (50-70 km/h) की चेतावनी

छत्तीसगढ़: 22-23 जून को बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश

पूर्वी भारत

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: पूरे हफ्ते व्यापक बारिश; 21 जून तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश

गंगीय पश्चिम बंगाल: 19-25 जून व्यापक बारिश

ओडिशा: 19-20 जून व्यापक बारिश; उसके बाद छिटपुट

बिहार और झारखंड: पूरे हफ्ते छिटपुट बारिश; 19-20 जून को thundersquall

पूर्वोत्तर भारत

असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा: पूरे हफ्ते व्यापक बारिश; असम-मेघालय में 19-23 जून तक अत्यधिक भारी बारिश की संभावना

पश्चिम भारत

कोंकण और गोवा: 22-25 जून से व्यापक बारिश शुरू होगी

गुजरात और मध्य महाराष्ट्र: पूरे हफ्ते छिटपुट बारिश

सौराष्ट्र-कच्छ: 19-21 जून छिटपुट बारिश

दक्षिण भारत

केरल: पूरे हफ्ते व्यापक बारिश जारी रहेगी; 19-23 जून तक भारी बारिश

तटीय कर्नाटक: 21-25 जून से व्यापक बारिश

तमिलनाडु: छिटपुट बारिश और 19 जून को thundersquall की चेतावनी

तेलंगाना: छिटपुट बारिश; 20-25 जून के बीच बिजली और तेज हवाएं

दिल्ली-NCR का विस्तृत पूर्वानुमान

आज का मौसम (19 जून)

दिल्ली में दोपहर तक आंशिक बादल छाए रहेंगे, शाम को मौसम बिगड़ सकता है। 40-50 km/h की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जो 60 km/h तक पहुंच सकती हैं। हल्की बारिश, बिजली और धूलभरी आंधी की संभावना है। अधिकतम तापमान 38-40°C के बीच रहेगा।

कल (20 जून) :आंशिक बादल, दोपहर-शाम को हल्की बारिश और 40-60 km/h हवाएं। तापमान 37-39°C।

21 जून: इसी तरह का मौसम — हल्की बारिश, बिजली, तेज हवाएं। तापमान 37-39°C।

22 जून: बादल छाए रहेंगे, बारिश की संभावना कम। तापमान गिरकर 36-38°C पर आ सकता है।

दिल्लीवालों के लिए सलाह: शाम को घर से निकलते वक्त छाता और पानी की बोतल साथ रखें। तेज हवाओं में गाड़ी चलाते वक्त सतर्क रहें।

मछुआरों के लिए चेतावनी

IMD ने 19 जून से 24 जून तक निम्न समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को न जाने की सख्त हिदायत दी है —

बंगाल की खाड़ी: मन्नार की खाड़ी, उत्तर और मध्य बंगाल की खाड़ी, उत्तरी अंडमान सागर

अरब सागर: सोमालिया तट के पास दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य अरब सागर; ओमान तट के पास उत्तर-पश्चिम अरब सागर

आम जनता के लिए जरूरी सावधानियां

लू (हीटवेव) से बचाव

  • दोपहर 12 से 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें
  • खूब पानी पिएं- प्यास न लगे तब भी
  • ORS, नींबू पानी, छाछ, लस्सी पिएं
  • बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों का खास ख्याल रखें

आंधी-तूफान में सुरक्षा

  • घर के अंदर रहें, खिड़की-दरवाजे बंद रखें
  • पेड़ के नीचे कभी न खड़े हों
  • बिजली के उपकरण अनप्लग करें
  • पानी के स्रोतों (नदी, तालाब) के पास न जाएं
  • बिजली चमकने पर कंक्रीट की दीवारों से दूर रहें

भारी बारिश में सावधानी

  • जलभराव वाली सड़कों पर गाड़ी न चलाएं
  • निचले इलाकों में रहने वाले सतर्क रहें
  • लैंडस्लाइड संभावित पहाड़ी इलाकों में यात्रा से बचें

किसानों के लिए सलाह

  • जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड: ओलों से फसल बचाने के लिए हेल नेट लगाएं, पके फलों की तुरंत तुड़ाई करें
  • असम, अरुणाचल: धान की नर्सरी में जल निकासी की व्यवस्था करें
  • केरल: केला, नारियल, काली मिर्च के बागानों में पानी निकालें; केले के पौधों को सहारा दें
  • बिहार, UP, महाराष्ट्र, तेलंगाना: लू के दौरान सब्जियों और बागों में हल्की सिंचाई करें, मल्चिंग करें
  • सभी किसान: कटी फसल को तिरपाल से ढककर सुरक्षित जगह रखें; आंधी से पहले फसल को बांध लें

पशुपालकों के लिए सलाह

  • भारी बारिश के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखें
  • चारा-दाना सुरक्षित और सूखी जगह पर रखें
  • गर्मी में पशुओं को ठंडा और साफ पानी दें
  • मुर्गीपालन शेड की छत पर घास डालें ताकि गर्मी कम हो
  • मछली तालाबों में पानी निकासी का प्रबंध करें

IMD Heavy Rain Alert: बिहार समेत इन 13 राज्यों में प्रचंड बारिश का अलर्ट, राजस्थान से दिल्ली-NCR तक आंधी-तूफान, 25 जून तक ऐसा रहेगा मौसम

 

IMD Heavy Rain Alert: बिहार समेत इन 13 राज्यों में प्रचंड बारिश का अलर्ट, राजस्थान से दिल्ली-NCR तक आंधी-तूफान, 25 जून तक ऐसा रहेगा मौसम

IMD Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देशभर के वीकली मौसम के लिए नेशनल अपडेट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और आगामी 23 जून के आसपास इसके महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में एंट्री करने के लिए परिस्थितियां बिल्कुल अनुकूल हैं। आईएमडी ने बिहार, पश्चिम बंगाल और असम समेत देश के 13 राज्यों/क्षेत्रों में प्रचंड बारिश का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है। उत्तर भारत में राजस्थान से लेकर दिल्ली-NCR तक अगले कुछ दिनों तक आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का तांडव देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं 25 जून तक देश भर में कैसा रहेगा मौसम का हाल।

इन 13 राज्यों में प्रचंड बारिश का अलर्ट: बंगाल में अत्यंत भारी बारिश

मौसम विभाग ने पूर्वी, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के 13 राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 19 से 21 जून तक लगातार और फिर 22 जून को रिकॉर्डतोड़ अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके अलावा 23 से 25 जून के बीच भी यहां भारी बारिश जारी रहेगी। असम और मेघालय में 19 से 23 जून तक लगातार अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है। 24-25 जून को भी भारी बारिश होगी। गंगीय पश्चिम बंगाल में भी 19 जून को बहुत भारी और 20 जून को भारी बारिश का पूर्वानुमान है। बिहार में 22 से 25 जून के दौरान भारी बारिश होने का अनुमान है। 24 जून को बिहार में 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार वाला थंडरस्क्वाल (तीव्र झंझावात) भी आएगा।

अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 19 से 25 जून तक लगातार भारी बारिश होगी। इसके अलावा ओडिशा (19-21 जून), गुजरात रीजन (19 जून), कोंकण व गोवा (23-24 जून), केरल व माहे (19-23 जून), तटीय व आंतरिक कर्नाटक (21-25 जून), तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल (19-21 जून) और लक्षद्वीप में 21 जून को भारी बारिश की चेतावनी है।

राजस्थान से दिल्ली-NCR तक आंधी-तूफान और ओलावृष्टि

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में एक्टिव वेदर सिस्टम के चलते भयंकर आंधी का दौर चलेगा। 19 जून और 20 जून को पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 60-70 किमी/घंटे की रफ्तार से विनाशकारी थंडरस्क्वाल चलेगा, जिसके झोंके 80 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। इसके अलावा पश्चिमी राजस्थान में धूलभरी आंधी (Dust Storm) का भी अलर्ट है। 24-25 जून को यहां व्यापक बारिश होगी। दिल्ली, नई दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब में 19 से 22 जून तक लगातार गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 40-50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 19-22 जून और उत्तराखंड में 19-21 जून तक तेज आंधी-तूफान की आशंका है। आईएमडी ने जम्मू-कश्मीर (19-20 जून), हिमाचल प्रदेश (19 जून) और उत्तराखंड (19 जून) में अलग-अलग स्थानों पर ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है।

मध्य और दक्षिण भारत में मौसम का हाल

मध्य भारत (MP, छत्तीसगढ़, विदर्भ): पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश में 19-20 जून को 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्क्वाल आ सकता है। छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 22-23 जून के दौरान तेज हवाओं (40-50 किमी/घंटे) के साथ आंधी-पानी का अनुमान है।

दक्षिण भारत में थंडरस्क्वाल: तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तमिलनाडु और तेलंगाना में 19 जून को 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्क्वाल आने की आशंका है, जिसके बाद 20 से 23 जून तक यहां तेज हवाएं और बिजली कड़कने का सिलसिला जारी रहेगा।

यूपी और बिहार में हीटवेव का टॉर्चर, जानें कब मिलेगी राहत

मौसम विभाग के मुताबिक, जहां एक तरफ बारिश का दौर शुरू हो रहा है, वहीं कुछ राज्यों को अभी तपिश झेलनी होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 19 से 24 जून तक भीषण लू का कहर जारी रहेगा। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19-24 जून तक तापमान हाई रहेगा। बिहार में 19 से 22 जून तक लू का प्रकोप रहेगा, जिसके बाद 22 जून से होने वाली भारी बारिश से राहत मिलेगी। इसके अलावा कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ में 19-20 जून, मारथवाड़ा में 19 जून और तेलंगाना में 19 से 21 जून तक लू की स्थिति बनी रहेगी। झारखंड, तटीय आंध्र प्रदेश और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 19-21 जून तक असहनीय उमस और चिपचिपी गर्मी परेशान करेगी। विदर्भ में 19 जून की रात अत्यधिक गर्म रहने वाली है।

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे के लिए भारतीय टीम में शामिल हुए हर्षित राणा

अफगानिस्तान के खिलाफ खेली जा रही वनडे सीरीज के तीसरे मुकाबले से पहले हर्षित राणा को भारतीय टीम में शामिल किया गया है। हर्षित ने अपना रिहैब पूरा कर लिया है और वह चेन्नई में टीम से जुड़ेंगे।  

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने हर्षित को तीसरे वनडे के लिए भारतीय टीम में शामिल किए जाने की जानकारी दी है। बीसीसीआई ने बताया कि हर्षित ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में अपना रिहैब पूरा कर लिया है और वह अब पूरी तरह से फिट हैं। हर्षित को आयरलैंड-इंग्लैंड और एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टी20 टीम में भी शामिल किया गया है।

अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में भारतीय टीम पहले ही 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर चुकी है। लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे में भारतीय टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अफगानिस्तान को 170 रनों से रौंदा। पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने स्कोरबोर्ड पर 402 रन लगाए। भारतीय टीम की ओर से शुभमन गिल ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 110 गेंदों में 154 रनों की लाजवाब पारी खेली, जबकि ईशान किशन ने 79 गेंदों में 125 रन बनाए।

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हालांकि, 403 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए अफगानिस्तान की पूरी टीम सिर्फ 232 रन बनाकर ऑलआउट हुई। गेंदबाजी में भारत की ओर से गुरनूर बरार ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 60 रन देकर 3 विकेट चटकाए, जबकि अर्शदीप सिंह ने 45 रन देकर तीन विकेट झटके। वहीं, प्रिंस यादव ने अपने डेब्यू मुकाबले में 56 रन देकर 2 विकेट निकाले।

अफगानिस्तान की तरफ से रहमत शाह ने 89 गेंदों का सामना करते हुए सर्वाधिक 79 रन बनाए, जबकि रहमानुल्लाह गुरबाज ने 41 रनों का योगदान दिया। यह अफगानिस्तान की रनों के लिहाज से वनडे क्रिकेट में दूसरी सबसे बड़ी हार रही। बारिश से प्रभावित पहले वनडे मुकाबले में भारत ने अफगानिस्तान को 7 विकेट से मात दी थी। सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला 20 जून को चेन्नई में खेला जाना है।

Pic Credit : ANI

Monsoon: इन 5 कारणों से महाराष्ट्र में फंसा मानसून, खरीफ फसलों पर पड़ सकता है असर

Monsoon: दक्षिण-पश्चिम मानसून के दक्षिण महाराष्ट्र में रुके रहने के कारण देश में 4 जून से 18 जून के बीच बारिश में 41 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस दौरान देश में सामान्य 72.2mm बारिश के मुकाबले केवल 42.6mm बारिश हुई है। IMD के क्षेत्रवार आंकड़ों के मुताबिक, मध्य भारत में 67%, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में 42%, दक्षिणी प्रायद्वीप में 22%  और उत्तर-पश्चिम भारत में 6% बारिश की कमी दर्ज की गई है।

मौसम विभाग ने गुरुवार को बताया कि “बड़े पैमाने पर अनुकूल मौसमी परिस्थितियों की कमी” ही मुख्य वजह है, जिसके कारण पिछले कुछ दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों में आगे नहीं बढ़ पाया है।

मानसून के उत्तर की ओर बढ़ने में देरी के पीछे कुल 5 प्रमुख कारण हैं:

पहला कारण यह है कि वर्तमान मानसून प्रवाह को अरब सागर से मजबूत “सर्ज” यानी तेज और स्थिर हवाओं का सपोर्ट नहीं मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, “आम तौर पर ऐसी तेज हवाएं ही नमी को बढ़ाने और बड़े पैमाने पर बारिश कराने के लिए जिम्मेदार होती हैं, जिससे मानसून आगे बढ़ता है।”

दूसरा कारण यह है कि अरब सागर में मानसून से जुड़ी निचले स्तर की दक्षिण-पश्चिमी हवाएं कमजोर पड़ गई हैं। इसके चलते महाराष्ट्र के तटीय और अंदरूनी इलाकों तक नमी (moisture) का प्रवाह कम हो गया है।

तीसरा कारण पश्चिमी हिंद महासागर और अरब सागर में क्रॉस-इक्वेटोरियल फ्लो का कमजोर होना है, जो दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए मुख्य नमी स्रोत माना जाता है। आईएमडी के अनुसार, इस प्रवाह के कमजोर होने से मानसून की गतिविधि भी प्रभावित हुई है।

चौथा कारण यह है कि अभी अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में कोई मजबूत मौसमीय सिस्टम नहीं है, जैसे निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area), चक्रवाती परिसंचरण या पश्चिमी तट के साथ सक्रिय ऑफशोर ट्रफ। ये सिस्टम सामान्यतः मानसून को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं, लेकिन फिलहाल इनकी कमी है।

आखिरी वजह मैडेन-जूलियन ऑसिलेशन (MJO) का कमजोर दौर है। यह हवा, बादलों और दबाव का एक चलता-फिरता सिस्टम है जो भूमध्य रेखा के चारों ओर घूमते हुए बारिश लाता है। जब यह सक्रिय होता है, तो दक्षिण भारत में अधिक बादल बनते हैं, जो मानसून हवाओं के साथ उत्तर की ओर बढ़कर ज्यादा बारिश कराते हैं। लेकिन अभी यह कमजोर स्थिति में है।

IMD के अनुसार, इसी वजह से अगले 4-5 दिनों तक महाराष्ट्र के अधिकतर हिस्सों में बारिश सीमित और केवल छिटपुट रहने की संभावना है।

अल नीनो से खरीफ फसलों पर पड़ेगा असर

दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तर दिशा में धीमी गति और हाल ही में उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में उत्पन्न हुई अल नीनो की स्थिति, जिसके कारण भारत में कम बारिश हुई है, खरीफ फसलों के लिए गंभीर परिणाम ला सकती है, क्योंकि इन फसलों के फलने-फूलने के लिए समय पर बारिश जरूरी है।

शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को दिया निर्देश

इसी को देखते हुए मंगलवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिया कि ऐसे जिलों की पहचान की जाए जहां कम या असमान बारिश की संभावना है। साथ ही राज्यों के साथ मिलकर फसल-वार आपातकालीन (contingency) योजनाएं तैयार करने को कहा गया है, ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके।

मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि जल संरक्षण, नमी प्रबंधन, अंतर-फसल खेती और वैकल्पिक फसल पैटर्न पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

चौहान ने निर्देश दिया कि हर जोखिम वाले जिले के लिए एक अलग और व्यावहारिक रणनीति बनाई जानी चाहिए ताकि खरीफ के मौसम में किसानों को कोई परेशानी न हो।

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बारिश की कमी चीनी प्रोडक्शन पर डाल सकती है असर, लेकिन यह एक कारण सेक्टर पर आगे बनाए रखेगा फोकस

एलारा सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट-इंस्टीट्यूशनल इक्विटी, प्रशांत बियानी के अनुसार, अगर बारिश को मौजूदा हालात ऐसे ही बने रहे तो जून में देरी और कम बारिश भारत के शुगर सेक्टर पर भारी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि कमजोर मॉनसून और एल नीनो की स्थिति वाले वर्षों में से महाराष्ट्र और कर्नाटक सबसे कमजोर राज्य रहा है, क्योंकि दोनों क्षेत्र गन्ने की खेती के लिए बारिश पर बहुत अधिक निर्भर हैं। हालांकि उत्तर प्रदेश अपने नहर सिंचाई नेटवर्क के कारण तुलनात्मक रूप से बेहतर स्थिति में है, हालांकि अगर बारिश सामान्य से कम रहती है तो इसे भी कुछ असर का सामना करना पड़ सकता है।

गन्ने को मॉनसून के खास महीनों में पर्याप्त पानी की उपलब्धता की आवश्यकता होती है। “महाराष्ट्र और कर्नाटक के लिए, बारिश अच्छी होनी चाहिए।  इसलिए जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर के सभी चार महीने महत्वपूर्ण होंगे।”

स्काईमेट वेदर सर्विसेज के अनुसार, पश्चिमी तट पर शुरुआती प्रगति के बाद 8 जून से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून रुका हुआ है, जिससे प्रमुख कृषि क्षेत्रों में बारिश को लेकर चिंता बढ़ गई है। पूरे भारत में बारिश की कमी पहले से ही 32% है, मौसम एजेंसी को उम्मीद है कि अगर हालात में सुधार नहीं हुआ तो यह आने वाले हफ्ते में 40% तक बढ़ सकती है।

महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार और झारखंड उन राज्यों में से हैं जिन्हें सबसे ज़्यादा रिस्क है, हालांकि जुलाई और अगस्त के मॉनसून को फिर से शुरू करने में अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है।

इथेनॉल की वजह से यह सेक्टर बना हुआ है आकर्षक 

बारिश और कच्चे तेल की कम कीमतों को लेकर चिंताओं के बावजूद, चीनी इंडस्ट्री के लिए बड़ा आउटलुक अच्छा बना हुआ है। इथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा देने के सरकारी उपाय और 100% इथेनॉल इस्तेमाल को सपोर्ट करने वाले फ्लेक्स-फ्यूल इंजन की मंजूरी इस सेक्टर के लिए लंबे समय तक ग्रोथ के मौके देती रहेगी।

बियानी को उम्मीद है कि इस साल कम प्रोडक्शन के कारण चीनी की कीमतें मजबूत रहेंगी। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि शेयर की कीमतों पर कुछ दबाव पड़ सकता है क्योंकि कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों से जुड़ी हालिया रैली कम हो रही है।

उनके अनुसार चीनी सेक्टर के एक रेंज में रहने की संभावना है क्योंकि सरकारी दखल से तेज़ उछाल या गिरावट सीमित हो जाती है। कम गन्ने के प्रोडक्शन वाले सालों में, अधिकारी चीनी प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए इथेनॉल डायवर्जन पर रोक लगा सकते हैं, जिससे मार्केट को बैलेंस करने में मदद मिलेगी।

इस सेक्टर में, एलारा सिक्योरिटीज बलरामपुर चीनी को अपनी टॉप पिक के तौर पर पसंद करती है।

Crude Oil Price: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी, होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग धीरे-धीरे हो रही सामान्य

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बरसात के मौसम में ये 5 आसान योगासन कर सकते हैं आपकी इम्युनिटी की रक्षा

best yoga asanas for health: बरसात का मौसम जहां मन को सुकून देता है, वहीं यह मौसम शरीर के लिए कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं भी लेकर आता है। नमी भरा वातावरण, गीली जमीन, हवा में बैक्टीरिया और कमज़ोर होती इम्युनिटी, ये सभी मिलकर सर्दी, जुकाम, खांसी, वायरल बुखार और स्किन एलर्जी जैसी बीमारियों को न्योता देते हैं। ऐसे में अपने शरीर की प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी को मजबूत बनाए रखना सबसे जरूरी हो जाता है। दवाओं के बजाय अगर आप प्राकृतिक उपायों को प्राथमिकता दें, तो योग सबसे बेहतर विकल्प बनकर सामने आता है। योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है बल्कि मानसिक तनाव को भी कम करता है। खासकर बरसात के मौसम में कुछ खास योगासन अपनाकर आप खुद को बीमारियों से दूर और फिट रख सकते हैं।

 

1. वज्रासन

बरसात में खाना सही से नहीं पचता और पेट की गड़बड़ियों की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में वज्रासन एक सरल लेकिन प्रभावशाली योगासन है, जिसे आप भोजन के बाद कुछ मिनट करके पाचन तंत्र को दुरुस्त बना सकते हैं। वज्रासन से गैस, अपच और एसिडिटी जैसी समस्याएं दूर होती हैं और यह शरीर को अंदर से स्थिर बनाता है, जिससे प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।

 

2. भस्त्रिका प्राणायाम

भस्त्रिका प्राणायाम मानसून के मौसम में बहुत उपयोगी है क्योंकि यह सांस से संबंधित परेशानियों से लड़ने में मदद करता है। यह प्राणायाम फेफड़ों को शुद्ध करता है, ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है और शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा को संतुलित करता है। इसे नियमित रूप से करने से सर्दी-जुकाम और इंफेक्शन से बचाव होता है। सुबह के वक्त इसका अभ्यास करने से दिनभर ताजगी और ऊर्जा बनी रहती है।

 

3. सूर्य नमस्कार 

हालांकि बरसात में सूर्य कम दिखता है, लेकिन सूर्य नमस्कार का अभ्यास आपके शरीर को हर मौसम में संतुलित रखता है। इसमें 12 आसान स्टेप्स होते हैं जो शरीर की हर मांसपेशी पर काम करते हैं। इससे रक्त संचार सुधरता है, शरीर डिटॉक्स होता है और मेटाबॉलिज़्म तेज़ होता है। यह योगासन इम्यून सिस्टम को प्राकृतिक रूप से सक्रिय करता है और मानसून में चपेट में आने वाली बीमारियों से बचाव करता है।

 

4. सेतु बंधासन 

बारिश के दिनों में अक्सर शरीर भारीपन और थकान से भर जाता है। ऐसे में सेतु बंधासन यानी ब्रिज पोज़ शरीर को खिंचाव देता है, रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है और थकान दूर करता है। यह योगासन खासतौर पर स्ट्रेस से छुटकारा दिलाता है और हार्मोन बैलेंस करता है, जिससे मानसिक शांति और इम्युनिटी दोनों बनी रहती हैं।

 

5. कपालभाति 

कपालभाति प्राणायाम शरीर की गंदगी को बाहर निकालने का एक अत्यंत प्रभावशाली तरीका है। यह पेट की चर्बी कम करता है, पाचन को दुरुस्त करता है और शरीर के हर अंग तक ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करता है। खासकर बारिश में जब सर्दी-जुकाम या थकावट महसूस हो, तब कपालभाति दिन की शुरुआत के लिए सबसे अच्छा अभ्यास माना जाता है।

 


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तीसरे वनडे में बांग्लादेश से वाइटवॉश से बाल बाल बची ऑस्ट्रेलिया (Video)

AUSvsBAN सलामी बल्लेबाज कूपर कॉनली (149) के बेहतरीन शतक से ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को तीसरे वनडे में रविवार को तीन गेंद शेष रहते एक विकेट से हराकर अपना सम्मान बचा लिया। बांग्लादेश ने यह मैच हारने के बावजूद तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीती।जीत के लिए अंतिम 9 रन पाने के पड़ाव पर खड़ी ऑस्ट्रेलिया के 5 विकेट बाकी थे लेकिन 4 विकेट गंवाकर ऑस्ट्रेलिया तीसरा वनडे भी हार जाती लेकिन अंतिम ओवर में एडम जैम्पा के चौके ने विश्व विजेता को शर्मसार होने से बचा लिया।

बांग्लादेश ने 50 ओवर में पांच विकेट पर 274 रन बनाये जबकि ऑस्ट्रेलिया ने 49.3 ओवर में नौ विकेट पर 277 रन बनाकर रोमांचक जीत हासिल की। प्लेयर ऑफ द मैच कूपर कॉनली ने एकतरफा मुकाबला करते हुए 134 गेंदों पर 13 चौकों और छह छक्कों की मदद से शानदार 149 रन बनाये।ऑस्ट्रेलिया ने जीत के साथ वनडे सीरीज़ खत्म की और बांग्लादेश को क्लीन स्वीप करने से रोक दिया, जबकि मेज़बान टीम ने बारिश से प्रभावित शुरुआती दो मैच जीते थे।

लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया के ओपनर्स ने तेज़ शुरुआत की, लेकिन साझेदारी टूटने के बाद पारी की रफ़्तार थोड़ी धीमी पड़ गई। जोश इंगलिस और मैथ्यू रेनशॉ जल्दी-जल्दी आउट हो गए, जबकि एलेक्स कैरी कोई खास योगदान नहीं दे पाए। कूपर कॉनली और मार्नस लाबुशेन के बीच अहम साझेदारी से टीम को संभलने में मदद मिली, जिससे लक्ष्य का पीछा करने की गति स्थिर हुई; इसके बाद कैमरन ग्रीन ने भी अच्छा साथ दिया।

दूसरे छोर पर विकेट गिरते रहे, लेकिन कॉनली बिना घबराए खेलते रहे, लगातार बाउंड्री लगाते रहे और ऑस्ट्रेलिया को जीत की राह पर बनाए रखा। वह 49वें ओवर में आउट हुए, लेकिन ज़म्पा ने शानदार कवर ड्राइव लगाकर ऑस्ट्रेलिया को जीत दिलाई। शोरिफुल इस्लाम की शानदार गेंदबाज़ी और लगातार कोशिशों के बावजूद, कोनोली का बेहतरीन शतक निर्णायक साबित हुआ और उनके प्रदर्शन पर भारी पड़ा। शोरिफ़ुल इस्लाम ने 48 रन देकर छह विकेट लिए।

इससे पहले मो. तौहीद हृदोय (83), मोसद्दक हुसैन (नाबाद 56) और लिटन कुमार दास ( नाबाद 58) की शानदार पारियों के दम पर बांग्लादेश ने पांच विकेट पर 274 रनों का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया।बांग्लादेश ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का किया फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेश की शुरुआत अच्छी नहीं हुई और उसने 61 रन के स्कोर तक अपने तीन विकेट गंवा दिये। सौम्य सरकार (दो), तंजिद हसन (19) और कप्तान नजमुल शांतो (24) रन बनाकर आउट हुये।

इसके बाद मो. तौहीद हृदोय और लिटन कुमार दास चौथे विकेट के लिए 92 रन जोड़कर बड़े स्कोर की नींव रखी। लिटन कुमार दास (48) रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हुए। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। शतक की ओर बढ़ रहे मो. तौहीद हृदोय को 46वें ओवर में बेन ड्वारश्विस ने आउट कर पवेलियन भेज दिया। मो. तौहीद हृदोय ने 88 गेंदों में आठ चौकों की मदद से (83) रन बनाये।

49वें ओवर में मेहदी हसन (तीन) रन पांचवें विकेट के रूप में आउट हुये। इसके बाद लिटन कुमार दास फिर से बल्लेबाजी के लिए उतरे और (नाबाद 58) रन बनाये। मोसद्दक हुसैन ने 51 गेंदों में पांच चौके और एक छक्के की मदद से (नाबाद 56) रनों की पारी खेली। बांग्लादेश की टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में पांच विकेट पर 274 रनों का स्कोर बनाया। ऑस्ट्रेलिया के लिए मैट शॉ और जेवियर बार्टलेट को दो-दो विकेट मिले।

धर्मशाला एकदिवसीय मैच में भारत ने अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराया

AFGvsIND पदार्पण करने वाले गुरनूर बरार और हर्ष दुबे (3-3 विकेट) की शानदार गेंदबाजी के बाद कप्तान शुभमन गिल (नाबाद 84) के बेहतरीन अर्धशतक से भारत ने शनिवार को वर्षा बाधित पहले वनडे में अफगानिस्तान को सात विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।

बारिश के कारण देर से शुरू हुए मैच में ओवरों की संख्या घटाकर 25-25 ओवर कर दी गयी। अफगानिस्तान ने रहमानउल्लाह गुरबाज़ (102) के शानदार शतक से 24.5 ओवर में 194 रन बनाये लेकिन भारत ने 22.5 ओवर में तीन विकेट पर 195 रन बनाकर आसान जीत अपने नाम की। गिल ने 66 गेंदों पर नाबाद 84 रन की मैच विजयी पारी में 11 चौके और दो छक्के लगाए।

रोहित शर्मा और गिल की जोड़ी ने मिलकर ठोस शुरुआत भी की थी। हालांकि गफ़लत के चलते रोहित रन आउट हो गए लेकिन गिल ने अंत तक एक छोर संभाले रखा। किशन ने नंबर तीन पर आते हुए 34 रनों की आक्रामक पारी खेली और गिल के साथ मिलकर 70 रन की साझेदारी कर उन्होंने भारत को मज़बूत स्थिति में पहुंचाया।

श्रेयस अय्यर (12) कुछ ख़ास नहीं कर पाए लेकिन पांचवें नंबर पर आते हुए राहुल, गिल के साथ मिलकर भारत को जीत की दहलीज़ पार करा गए। गिल 84 रनों पर नाबाद रहे और उन्होंने एक कप्तानी पारी खेली। राहुल ने 19 गेंदों पर चार चौकों और तीन छक्कों की मदद से नाबाद 39 रन बनाये। गिल और राहुल ने 32 गेंदों पर नाबाद 53 रन जोड़कर भारत को जीत की मंजिल पर पहुंचाया।

दर्शक 50 ओवर का मैच देखने आए थे, लेकिन इस 25 ओवर के मैच में भी उनका खूब मनोरंजन हुआ। 194 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को अच्छी शुरुआत की ज़रूरत थी और रोहित ने अच्छी शुरुआत की भी। गिल उनके साथ जुड़े और दोनों ने ओपनिंग विकेट के लिए 46 रन जोड़े। एक बड़ी गलतफहमी के कारण रोहित आउट हो गए, लेकिन गिल ने बाउंड्री लगाना जारी रखा। ईशान किशन ने भी शानदार खेल दिखाते हुए 22 गेंदों में 34 रन बनाए, और उनके बाद केएल राहुल ने 19 गेंदों में नाबाद 39 रन बनाए।

अफ़गानिस्तान की गेंदबाज़ी में कभी भी लय नहीं दिखी और उन्हें विकेट लेने के लिए संघर्ष करना पड़ा। राशिद खान थोड़े महंगे साबित हुए, लेकिन उन्होंने एक विकेट ज़रूर लिया। तेज़ गेंदबाज़ों ने काफ़ी रन लुटाए और वनडे में अफ़गानिस्तान के ख़िलाफ़ भारत का अजेय क्रम जारी रहा। मेहमान टीम अपने आखिरी 10 ओवरों की बल्लेबाज़ी, खासकर रहमानुल्लाह गुरबाज़ के आउट होने के बाद के खेल पर ज़रूर सोचेगी। वे कुछ रन पीछे रह गए और अंततः उन्हें इसका खामियाज़ा भुगतना पड़ा।

इससे पहले भारत ने इस मुकाबले में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। ओपनर रहमानउल्लाह गुरबाज़ ने टीम को शानदार शुरुआत देते हुए 51 गेंदों की अपनी शतकीय पारी में आठ चौके और आठ छक्के लगाए। अफगानिस्तान के बाकी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के सामने संघर्ष करते नजर आये। हशमतउल्लाह शहीदी (27) और अज़मतउल्लाह ओमरजई (26) दहाई की संख्या में पहुंचने वाले दो अन्य बल्लेबाज रहे। पदार्पण मैच खेल रहे गुरनूर बरार और हर्ष दुबे ने तीन-तीन विकेट लिए।

अफ़ग़ानिस्तान की पूरी पारी 194 पर सिमट गई, हालांकि यह स्कोर और छोटा हो सकता था अगर गुरबाज़ ने शतक नहीं लगाया होता। एक ख़राब शुरुआत के बीच गुरबाज़ ने सिर्फ़ एक छोर पर डटे रहे बल्कि उन्होंने आक्रामण भी जारी रखा और मात्र 25 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया, गुरबाज़ ने अपनी आक्रामक लय को छोड़ा नहीं और मात्र 48 गेंदों पर शतक पूरा किया। हालांकि नीतीश कुमार रेड्डी ने उन्हें पवेलियन भेजा।

अफ़ग़ानिस्तान एक बड़े स्कोर की ओर बढ़ रहा था लेकिन अंतिम चार ओवर में भारत ने मात्र 18 रन दिए और गुरनूर ने अंतिम ओवर में दो विकेट हासिल किए। गुरनूर ने आज डेब्यू पर अपने पहले ओवर में ही इब्राहिम ज़दरान के रूप में विकेट निकाला। हर्ष दुबे भी डेब्यू कर रहे थे और उन्होंने भी तीन विकेट हासिल किए। अर्शदीप ने दो विकेट लिए।

धर्मशाला में मौसम नहीं साफ, क्या पूरा हो पाएगा भारत बनाम अफगानिस्तान मैच

AFGvsIND हिमाचल के धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम में मौसम साफ नहीं है जिससे भारत बनाम अफगानिस्तान मैच में खलल पड़ सकता है। उत्तरी भारत के कई हिस्सों में बारिश शुरु हो चुकी है और मौसम का बदलाव धर्मशाला में भी देखने को मिल सकता है क्योंकि आमतौर पर 42 फीसदी वर्षा धर्मशाला में जून के महीने में ही होती है।

यही कारण है कि कल जब कप्तान शुभमनगिल और हशमतुल्लाह शाहिदी टॉस के लिए उतरेंगे तो दोनों कप्तानों के जहन में गेंदबाजी चुनना होगा।

मौसम विभाग के अनुसार 22 सेलसियस तापमान के साथ 51 फीसदी संभावना बारिश की बनी रहेगी। हालांकि यह पूरे मैच को धोने के लिए काफी नहीं रहेगी लेकिन खिलाड़ियों को कई बार अंदर बाहर होना पड़ सकता है। अच्छी बात यह है कि 90 फीसदी बारिश दोपहर 2 से 4 के बीच होने की है तो उसके बाद फैंस मैच का लुत्फ उठा सकते हैं।

भारतीय टीम की बात करें तो टीम में कई नए चेहरे हैं। यशस्वी जायसवाल को विराट कोहली की जगह मौका मिला है। वहीं नीतिशकुमार रेड्डी और प्रिंस यादव की गेंदबाजी पर प्रबंधन की निगाहें रहेंगी। बल्लेबाजी में टीम के पास कई बड़े नाम है लेकिन रोहित शर्मा के प्रदर्शन पर सबकी निगाहें होंगी जिनका पिछला न्यूजीलैंड दौरा खास नहीं गया था। गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह अगुआ होंगे और उनका साथ प्रसिद्ध कृष्णा को निभाना होगा।

शुभमन गिल की कप्तानी में भारत ने तीन वनडे श्रृंखला खेली हैं जिनमें से दो में उसे हार का सामना करना पड़ा था। मुख्य कोच गौतम गंभीर के साथ मिलकर वह इस रिकॉर्ड में सुधार करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेंगे।
गिल और रोहित के पारी की शुरुआत करने की उम्मीद है, जबकि कोहली की अनुपस्थिति में तीसरे नंबर पर ईशान किशन और यशस्वी जायसवाल में से किसी एक को उतारा जा सकता है।

वहीं अफगानिस्तान टीम की बात करें तो यह टीम समेद गेंद में उतनी कमजोर नहीं है जितनी लाल गेंद में। टीम के पास इब्राहिम जादरान और रहमतुल्लाह गुरबाज जैसे बल्लेबाज और अजमतुल्लाह उमरजाई और राशिद खान जैसे ऑरलाउंडर है। हालांकि टीम का तेज गेंदबाजी आक्रमण कमजोर दिख रहा है जो टीम को धर्मशाला के मैदान पर चुभ सकता है।चंडीगढ़ में खेले गए टेस्ट मैच में छह विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज मोहम्मद सलीम को वनडे टीम में शामिल कर लिया गया है।

टीम इस प्रकार हैं:

भारत: शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, कुलदीप यादव, नितीश कुमार रेड्डी, प्रसिद्ध कृष्णा, श्रेयस अय्यर, रोहित शर्मा, हार्दिक पंड्या, वॉशिंगटन सुंदर, हर्ष दुबे, इशान किशन, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बराड़, प्रिंस यादव।

अफगानिस्तान: हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), सेदिकुल्लाह अटल, रहमानुल्लाह गुरबाज़ (विकेटकीपर), इकराम अलिखिल (विकेटकीपर), अजमतुल्लाह उमरजई, बिलाल सामी, नांगेयालिया खरोती, फरीद अहमद मलिक, एएम ग़ज़नफ़र, मोहम्मद नबी, राशिद खान, दरविश रसूली, इब्राहिम जादरान, जिया उर रहमान शरीफी।

समय:- दोपहर 1.30 बजे

बांग्लादेश ने दूसरे वनडे में ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेटों से हराकर किया सीरीज पर एतिहासिक कब्जा (Video Highlights)

 

AUSvsBAN बांग्लादेश ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया को वर्षा बाधित दूसरे वनडे में गुरूवार को डीएलएस पद्धति के तहत पांच विकेट से हराकर 2-0 की अजेय बढ़त बनाने के साथ ही उसके खिलाफ अपनी पहली द्विपक्षीय जीत दर्ज की।

ऑस्ट्रेलिया ने जेवियर बार्टलेट (52) और मार्नस लाबुशेन (नाबाद 55) की जूझारु पारियों के दम पर 42 ओवर में आठ विकेट पर 187 रनों का स्कोर बनाया। बांग्लादेश को 41 ओवर में 192 रन का संशोधित लक्ष्य दिया गया। बांग्लादेश ने 35 ओवर में पांच विकेट पर 195 रन बनाकर जीत अपने नाम की। सौम्य सरकार ने 42, नजमुल हुसैन शान्तो ने 42 और तौहीद हृदोय ने नाबाद 40 रन बनाकर बांग्लादेश को ऐतिहासिक जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।

2005 में, बांग्लादेश ने कार्डिफ़ में पहली बार ऑस्ट्रेलिया को हराकर इतिहास रचा था। अब उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को पहली बार किसी बाइलेटरल वनडे सीरीज़ में हराकर फिर से इतिहास रच दिया है। मेहदी और उनकी टीम की एक और शानदार जीत, और यह बहुत अच्छा रहा कि कप्तान ने ही विनिंग रन बनाए। वे शुरू से ही मैच पर हावी रहे – पहले ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 0 पर 3 विकेट किया, फिर 81 पर 6 विकेट। मेहमान टीम ने थोड़ी वापसी की, लेकिन तस्कीन के दो विकेटों ने यह पक्का किया कि लगभग 3 घंटे की बारिश की रुकावट के बाद डीएलएस टारगेट बहुत ज़्यादा न हो।

लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्होंने जल्दी ही तंज़िद का विकेट गंवा दिया, लेकिन सौम्य सरकार और नजमुल शांतो की 42-42 रनों की पारियों ने टीम को संभाला – ऑस्ट्रेलिया ने 3 जल्दी विकेट लेकर वापसी की कोशिश की, लेकिन तौहीद हृदोय ने एक छोर संभाले रखा और मेहदी ने पक्का किया कि अंत में टीम लड़खड़ाए नहीं। ऑस्ट्रेलिया ने गेंदबाज़ी में कड़ी टक्कर दी, लेकिन वे हमेशा कुछ रन पीछे ही रहे।

इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत बेहद खराब रही और उसने दूसरे ही ओवर में बिना कोई खाता खोले अपने तीन विकेट गंवा दिये। पहले ओवर में तस्कीन अहमद ने मैथ्यू शॉट को आउट किया। जबकि दूसरे ओवर में मुस्तफिज़ुर रहमान ने कूपर कॉनली और मैट रेनशॉ को आउट किया। इसके बाद एलेक्स कैरी ने कप्तान जॉश इंग्लिस के साथ पारी को संभलाने का प्रयास किया। आठवें ओवर में मुस्तफिजुर रहमान ने एलेक्स कैरी (13) को आउट कर ऑस्ट्रेलिया का चौथा झटका दिया। 18वें ओवर में तनवीर इस्लाम ने जॉश इंगलिस (34) को आउट कर पवेलियन भेज दिया। कैमरन ग्रीन (25) भी इस्लाम का शिकार बने।

एक समय ऑस्ट्रेलिया ने 81 रन के स्कोर पर अपने छह विकेट गंवा दिये थे। ऐसे संकट के समय जेवियर बार्टलेट और मार्नस लाबुशेन ने पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों के बीच सातवें विकेटके लिए 103 रनों की साझेदारी हुई। 41वें ओवर में तस्कीन अहमद ने बार्टलेट को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। बार्टलेट ने 48 गेंदों में चार चौके और दो छक्के लगाते हुए 52 रनों की पारी खेली। इसी ओवर में उन्होंने एडम जम्पा (शून्य) का शिकार कर लिया। ऑस्ट्रेलिया ने 42 ओवर में आठ विकेट पर 187 रन बना लिये थे कि बारिश आने के कारण खेल रोकना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया का फिर अंत में यही स्कोर रहा।