मानसून का मौसम किचन गार्डन शुरू करने के लिए सबसे उपयुक्त समय माना जाता है क्योंकि इस दौरान नमी और ठंडक पौधों की ग्रोथ को तेजी से बढ़ाते हैं। अच्छी बात यह है कि इसके लिए बड़े बगीचे या आंगन की जरूरत नहीं होती, बल्कि बालकनी, छत या छोटे गमलों में भी आसानी से सब्जियां उगाई जा सकती हैं। थोड़ी सी सही देखभाल, उपयुक्त मिट्टी और नियमित पानी देने से कई तरह की हरी सब्जियां और हर्ब्स घर पर ही तैयार हो सकते हैं।
यह न सिर्फ ताजा और ऑर्गेनिक खाने का विकल्प देता है, बल्कि बाजार पर निर्भरता भी कम करता है। कुछ ही हफ्तों में पौधे तैयार होकर उपज देने लगते हैं, जिससे रसोई में ताजी सब्जियों की उपलब्धता बनी रहती है और सेहत भी बेहतर रहती है।
करेला
मानसून की नमी करेले की बेल को तेजी से बढ़ने में मदद करती है। इसे सहारा देने के लिए जाली या ट्रेलिस जरूरी होता है। गर्म और उमस भरा मौसम इसकी ग्रोथ के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।
हरी मिर्च
हरी मिर्च मानसून में आसानी से उगने वाली सब्जियों में से एक है। बस ध्यान रखें कि मिट्टी में पानी जमा न हो। रोज कुछ घंटे धूप मिल जाए तो पौधा ज्यादा फल देता है।
लौकी
लौकी की बेल बारिश में तेजी से फैलती है और ज्यादा मेहनत नहीं मांगती। इसे गमले या छत पर आसानी से उगाया जा सकता है। बेहतर ग्रोथ के लिए इसे सपोर्ट यानी जाली देना जरूरी है।
तोरई
तोरई मानसून में बहुत अच्छी तरह बढ़ती है। नियमित पानी और धूप मिलने पर यह भरपूर उत्पादन देती है। सही जगह और थोड़ी देखभाल से यह पौधा जल्दी तैयार हो जाता है।
पालक
अगर आपके पास कम जगह है तो पालक सबसे अच्छा विकल्प है। यह जल्दी तैयार हो जाता है और पोषक तत्वों से भरपूर होता है। गमलों में इसे आसानी से उगाया जा सकता है।
मेथी
मेथी मानसून में बोई जाती है और बाद में ताजी पत्तियों का अच्छा उत्पादन देती है। नियमित कटाई से इसकी ग्रोथ और बेहतर हो जाती है।
धनिया
धनिया बहुत तेजी से बढ़ने वाला पौधा है और बार-बार काटकर इस्तेमाल किया जा सकता है। मिट्टी में नमी बनाए रखना इसकी सबसे बड़ी जरूरत है।
बैंगन
बैंगन मानसून में अच्छा उत्पादन देता है लेकिन कीड़ों से बचाव जरूरी होता है। सही धूप, खाद और पानी के संतुलन से यह लंबे समय तक फल देता है।



