इंदौर अर्बन कॉन्क्लेव-2026: सीएम डॉ. मोहन यादव का फोकस शहरों के भविष्य पर,जानें कैसे बदलेगी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की तस्वीर

इंदौर अर्बन कॉन्क्लेव-2026: सीएम डॉ. मोहन यादव का फोकस शहरों के भविष्य पर,जानें कैसे बदलेगी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की तस्वीर

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शहरी विकास के मॉडल, निवेश की संभावनाओं, डिजिटल गवर्नेंस, पर्यावरण संरक्षण और भविष्य की शहरी जरूरतों पर फोकस कर रहे हैं। वे प्रदेश के विकास के लिए विशेषज्ञों, निवेशकों, स्टार्टअप्स और विभागों के प्रतिनिधियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श करेंगे। इसमें मध्यप्रदेश को आगे ले जाने के लिए कई पहलुओं पर चर्चा होगी। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में 28 अक्टूबर को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में अर्बन कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन होने जा रहा है। इसमें एक तरफ सीएम डॉ. यादव निवेशकों से वन-टू-वन चर्चा करेंगे, तो दूसरी तरफ नगरीय क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं, प्रस्तावित परियोजनाओं और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी बात होगी।

इसी दौरान कई प्रोजेक्ट का शुभारंभ, भूमि-पूजन और लोकार्पण होंगे। इस सम्मेलन का उद्देश्य प्रदेश में निवेश, नवाचार, आधुनिक तकनीक और स्टार्टअप इकोसिस्टम को प्रोत्साहित करना है। इसमें भाग लेने के लिए कई निवेशकों, स्टार्टअप्स और युवाओं को बुलाया गया है। इसमें भाग लेने वाले ugconclave.mp.gov.in पर ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं।

 

गौरतलब है कि शहरी क्षेत्रों में जल राशि के सुदृढ़-वैज्ञानिक प्रबंधन और प्रयुक्त जल के पुनः चक्रण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कॉन्क्लेव में उपचारित प्रयुक्त जल पुनर्चक्रण विजन पर भी चर्चा होगी। इसका मुख्य उद्देश्य उपचारित जल का सुरक्षित-व्यापक उपयोग सुनिश्चित करना,  प्राकृतिक व ताजे जल स्रोतों पर बढ़ती निर्भरता को कम करना, जल संरक्षण को नगरीय विकास की मुख्यधारा का अनिवार्य अंग बनाना है। इसके अंतर्गत औद्योगिक इकाइयों, निर्माण कार्यों, कृषि एवं उद्यानों की सिंचाई सहित विभिन्न गैर-पेयजल आवश्यकताओं में उपचारित जल के उपयोग को प्राथमिकता देने और प्रोत्साहित करने के सुदृढ़ प्रावधान जैसे विषयों पर भी मंथन होगा।

 

अहम विषय होंगे चर्चा में शामिल-कॉन्क्लेव में टियर-2 शहरों के सुनियोजित विकास पर विशेष चर्चाएं होंगी। इन चर्चाओं में घनत्व, परिवहन आधारित विकास (टीओडी), ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (टीडीआर), आवासीय पुनर्विकास, मास्टर प्लान, विकास गलियारों, रेरा स्वीकृतियों, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) जैसे विषय शामिल होंगे। इससे शहरों के विस्तार के साथ भूमि का बेहतर उपयोग, आवासीय सुविधाओं में सुधार और परिवहन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस बात पर जोर दे रहे हैं कि शहरों का जो भी विकास हो, वह निवेश अनुकूल, तकनीक आधारित और नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप हो। इसलिए कॉन्क्लेव में नीतिगत सुधारों और आधुनिक विकास मॉडलों पर विचार कर शहरों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।

 

‘अर्बन चैलेंज फंड’ के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं पर होगा मंथन-कॉन्क्लेव में ‘अर्बन चैलेंज फंड’ के अंतर्गत स्वीकृत प्रमुख नगरीय विकास परियोजनाओं की भौतिक प्रगति, सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन एवं समयबद्ध क्रियान्वयन से जुड़े दूरगामी रणनीतिक पहलुओं पर गहन विचार-मंथन किया जाएगा। यह कॉन्क्लेव प्रदेश के शहरी परिदृश्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने, नगरीय विकास की भावी दिशा तय करने में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। अर्बन कॉन्क्लेव में ‘अर्बन चैलेंज फंड’ के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं के लिए वित्तीय संस्थानों-बैंकों के साथ अनुबंध किए जाएंगे, संबंधित एजेंसियों को ‘लेटर ऑफ अवॉर्ड’ प्रदान किए जाएंगे। अर्बन चैलेंज फंड के तहत प्रदेश के विभिन्न नगरों में संचालित और प्रस्तावित विकास कार्यों की कुल स्वीकृत लागत 2,753.10 करोड़ रुपये है।

इस वित्तीय नियोजन के माध्यम से इंदौर, उज्जैन और रीवा की महत्वपूर्ण विकास योजनाओं को गति दी जा रही है। इसके अंतर्गत इंदौर शहर की जलप्रदाय व्यवस्था के वितरण तंत्र के सुदृढ़ीकरण तथा सीवरेज नेटवर्क एवं उपचार संयंत्रों के व्यापक उन्नयन कार्य शामिल हैं। इसी श्रृंखला में धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी उज्जैन में ‘एकीकृत मंदिर क्षेत्र विकास’ की महत्वाकांक्षी परियोजना तथा रीवा नगर की सर्वसमावेशी जलप्रदाय योजना के कार्यों को धरातल पर उतारा जा रहा है।

 

युवाओं की भागीदारी-अर्बन कॉन्क्लेव-2026 का उद्देश्य नवाचार, आधुनिक तकनीक और स्टार्टअप इकोसिस्टम से प्रदेश का विकास करना है। इसलिए इसमें इंवेस्टर्स के साथ-साथ स्टार्टअप्स और युवाओं को भाग लेने के लिए बुलाया गया है। जो भी इस कॉन्क्लेव में भाग लेना चाहते हैं वे ugconclave.mp.gov.in पर ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। कॉन्क्लेव से मध्यप्रदेश के शहरों में निवेश की संभावनाओं को विस्तार देने, विकास परियोजनाओं को गति देने और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही, शहरी सुविधाओं में सुधार और पर्यावरण के अनुकूल विकास मॉडल को आगे बढ़ाने के लिए साझा कार्ययोजना तैयार करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में भूकंप के तेज झटके

पाकिस्तान के बलूचिस्तान क्षेत्र में शनिवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किये गये। भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.8 आंकी गयी। भूकंप का केंद्र जमीन से 15 किलोमीटर की गहराई में था।

एजेंसी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि भूकंप के झटके भारतीय समयानुसार आज पूर्वाह्न 10 बजकर 37 मिनट पर आए। इसका अक्षांश 27.944 डिग्री उत्तर और देशांतर 66.532 डिग्री पूर्व था। भूकंप के बाद तत्काल किसी के हताहत होने या नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।

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उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में भूकंप आने का खतरा अधिक रहता है, क्योंकि यह भारतीय और यूरेशियाई टेक्टोनिक प्लेटों की सीमा के पास स्थित है। इन दोनों प्लेटों के टकराव से भूकंपीय गतिविधियां उत्पन्न होती हैं।

दक्षिण-पश्चिमी पाकिस्तान का विशाल प्रांत बलूचिस्तान भूकंप के खतरे वाले क्षेत्रों में शामिल है। इसके अलावा खैबर पख्तूनख्वा और गिलगित-बाल्टिस्तान भी संवेदनशील क्षेत्र हैं, जहां सक्रिय भ्रंश रेखाओं और जटिल पर्वतीय प्रणालियों के कारण भूकंप का खतरा बना रहता है। पंजाब और सिंध के कुछ हिस्सों में भी भूकंपीय गतिविधियों की आशंका रहती है।

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भोपाल में मासूम से दरिंदगी और हत्या, गुस्साए लोगों का भोपाल-सीहोर रोड पर चक्काजाम,थाने के अंदर घुसने की कोशिश

भोपाल में मासूम से दरिंदगी और हत्या, गुस्साए लोगों का भोपाल-सीहोर रोड पर चक्काजाम,थाने के अंदर घुसने की कोशिश

भोपाल। राजधानी भोपाल के बैरागढ़ थाना इलाके में थाने से चंद कदमों की दूरी पर मासूम के साथ रेप और हत्या के मामले को लेकर शनिवार को लोगों को गुस्सा फूट पड़ा। आरोपी को फांसी की मांग को लेकर गुस्साएं लोगों भोपाल-सीहोर रोड पर धरने पर  बैठक गए। जिससे कारण इलाके में लंबा जाम लगा गा। शनिवार को न्याय की मांग को लेकर गुस्साएं स्थानीय निवासियों ने भोपाल-सीहोर रोड पर चक्काजाम कर दिया और बैरागढ़ थाने का घेराव कर अंदर घुसने का प्रयास किया। उग्र भीड़ आरोपी को सरेआम सड़क पर फांसी देने की मांग कर रही है

 

गुरुवार रात बैरागढ़ थाना इलाके में एक 12 वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई।  नाबालिग बच्ची गुरुवार रात अचानक बैरागढ़ बाजार से लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत के बाद जब पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने जब आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो उसमें एक संदिग्ध युवक बच्ची को बाजार से अपने साथ ले जाता हुआ दिखाई दिया। वहीं कुछ देर बाद आरोपी खंडहर से अकेले बाहर आता दिखाई दे रहा है। सीसीटी  फुटेज के आधार पर पुलिस ने इलाके में स्थित एक वॉशिंग सेंटर पर काम करने वाले  त्वरित कार्रवाई करते हुए 23 वर्षीय मुख्य आरोपी मुईन बेग को दबोच लिया। आरोपी की निशानदेही पर बाजार के पास ही स्थित एक इमारत से मासूम का शव बरामद किया गया। 

 

मासूम के साथ रेप कर उसकी बेहरमी से हत्या की गई है। हत्या से पहले आरोपी ने मासूम के साथ दरिंदगी की सरें हदें पार कर दी। मासूम के शव के दो दांत टूटे होने के साथ उसे मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था। वहीं शरीर के निचले हिस्से पर कोई कपड़े नहीं था। शव के शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में यौन हिंसा और गला घोंटने की बात सामने आई है। वहीं  पुलिस हिरासत में आते ही आरोपी मुईन बेग ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। पुलिस प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फॉरेंसिक टीमों को मौके पर बुलाया और साक्ष्य जुटाए। 

 

भोपाल-सीहोर रोड पर चक्काजाम-मासूम के साथ रेप और हत्या के विरोध में शनिवार सुबह मासूम के परिजनों के साथ स्थानीय लोगो और हिंदू संगठन के लोग सड़क पर उतरे आएं। गुस्साएं लोगों ने बैरागढ़ थाने का घेराव करने के साथ थाने के अंदंर घुसने की कोशिश की। गुस्साएं लोग आरोपी को बीच सड़क पर आरोपी को फांसी देने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने बैरागढ़ थाने को चारों तरफ से घेर लिया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि मासूमों के खिलाफ ऐसे खौफनाक अपराध करने वालों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।

 

जियो की भारत से बाहर विस्तार की योजना

रिलायंस इंडस्ट्रीज की दूरसंचार इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स देश के बाहर भी बड़े पैमाने पर विस्तार की योजना बना रहा है जिसमें अमेरिका और जर्मनी जैसे विकसित देश भी शामिल हैं।

जियो के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने यहां शनिवार को कंपनी के प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) से पहले ब्रोकरों के साथ संवाद के दौरान बताया कि जियो भारत से बाहर विस्तार के लिए 11-12 रणनीतिक साझेदारों के साथ बातचीत कर रही है। इससे उसे 150 करोड़ नए ग्राहक मिलने की उम्मीद है।

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उल्लेखनीय है कि अगस्त 2026 के अंत में देश में कंपनी के सबस्क्राइबरों की संख्या 53.80 करोड़ थी। श्री अंबानी ने कहा कि जियो ने एक यूनीक प्रौद्योगिकी विकसित की है जिसमें विस्तार की गुंजाइश है। आम तौर पर प्रौद्योगिकी विकसित करना और उसका विस्तार करना दो अलग-अलग कौशल हैं। जियो ने भारत में जो एकीकृत स्टैक तैयार किया है उसका विस्तार किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका और जर्मनी जैसे विकसित देशों में फाइबर संचार के रोलआउट की गति धीमी रही है। इन देशों में जियो संभावनाएं देख रही है। इसके अलावा, पूर्वी एशिया, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका में भी विस्तार की संभावना है।

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को कारोबार की समाप्ति के साथ बंद होगा। कंपनी ने आईपीओ के लिए मूल्य का दायरा 1,065 रुपये से 1,119 रुपये तय किया है। एंकर निवेशक 19 अक्टूबर को बोली लगा सकेंगे।

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कैसी है लालकृष्ण आडवाणी की तबियत, जारी हुआ हेल्थ अपडेट, जेपी नड्डा ने भी जाना हाल

कैसी है लालकृष्ण आडवाणी की तबियत, जारी हुआ हेल्थ अपडेट, जेपी नड्डा ने भी जाना हाल

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LK Advani Health Update: वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की सेहत को लेकर एक बार फिर चिंता और दुआओं का दौर शुरू हो गया है। 98 वर्षीय लालकृष्ण आडवाणी को सीने में संक्रमण (Chest Infection) की शिकायत के बाद शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ALSO READ: Lal Krishna Advani : लालकृष्ण आडवाणी अपोलो अस्पताल में भर्ती, सीने में संक्रमण की शिकायत के बाद कराया गया एडमिट

 

अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, उन्हें पल्मोनरी विभाग के आईसीयू (ICU) में रखा गया है और डॉ. विनीत सूरी की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। राहत की बात यह है कि उनकी हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है और डॉक्टर लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए हैं।

 

स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा पहुंचे अस्पताल

दिग्गज नेता के अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई। शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा खुद अपोलो अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों से मिलकर लालकृष्ण आडवाणी की सेहत की पूरी जानकारी ली और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

 

उम्र के इस पड़ाव पर स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के चलते उन्हें पहले भी कई बार चिकित्सकीय देखरेख की जरूरत पड़ी है। फिलहाल, अस्पताल की ओर से उनके डिस्चार्ज या अन्य मेडिकल अपडेट को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है, और देश भर से उनके समर्थक उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

माहेला जयवर्धने ने छोड़ा मुंबई इंडियंस के हेड कोच का पद

मुंबई इंडियंस (एमआई) के हेड कोच माहेला जयवर्धने ने अपने पद से हटने का फैसला किया है। इसके साथ ही फ्रेंचाइज़ी के साथ उनका करीब एक दशक लंबा जुड़ाव भी खत्म हो गया। जयवर्धने के हेड कोच रहते हुए मुंबई इंडियंस ने तीन आईपीएल ख़िताब (2017, 2019, 2020) जीते हैं।

श्रीलंका के पूर्व कप्तान जयवर्धने दो अलग-अलग दौर में टीम के हेड कोच रहे। पहली बार वह 2017 से 2022 तक इस पद पर रहे, जिसके बाद 2024 से 2026 तक उन्होंने दूसरी बार यह ज़िम्मेदारी संभाली। आईपीएल 2026 में टीम का प्रदर्शन कुछ ख़ास नहीं था। इस दौरान एमआई ने 12 में से सिर्फ सात मैच जीते और प्वाइंट टेबल में छठे स्थान पर रही। वहीं टीम ने 2025 में टीम ने प्लेऑफ के प्रवेश किया था, जबकि 2024 के सीज़न में वे 10वें स्थान पर थे।

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पद छोड़ने पर जयवर्धने ने कहा मुंबई इंडियंस पिछले एक दशक से मेरे सफर का बेहद ख़ास हिस्सा रही है। खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और सबसे बढ़कर फैंस के समर्थन ने इसे यादगार बना दिया। हमने मिलकर कई ख़ास पल साझा किए, चुनौतियों को पार किया और ऐसा कुछ खड़ा किया जिस पर हम सभी को गर्व है। मैं नीता अंबानी और आकाश अंबानी का उनके भरोसे और साथ के लिए शुक्रिया अदा करता हूं। एमआई के लिए मेरे दिल में हमेशा ख़ास जगह रहेगी।”

जयवर्धने 2022 में फ्रेंचाइज़ी के ग्लोबल हेड ऑफ परफॉर्मेंस भी बने थे। इस दौरान उन्होंने दुनियाभर की टी20 लीग्स में मुंबई इंडियंस से जुड़ी टीमों के विस्तार में भूमिका निभाई। उनके इस कार्यकाल में मुंबई इंडियंस विमेंस, एमआई न्यूयॉर्क और एमआई एमिरेट्स ने ख़िताब अपने नाम किए।

नीता अंबानी ने उनके योगदान को लेकर कहा माहेला ने बीते सालों में मुंबई इंडियंस के लिए बड़ा योगदान दिया है। उनका शांत नेतृत्व, ईमानदारी और खेल के प्रति गहरा लगाव हमारे लिए बेहद मायने रखता है। पूरी एमआई फैमिली की तरफ से मैं उनके समर्पण के लिए धन्यवाद देती हूं। वह हमेशा हमारी फैमिली का हिस्सा रहेंगे और हम उनके आगे के सफर के लिए शुभकामनाएं देते हैं।

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माहेला जयवर्धने ने छोड़ा मुंबई इंडियंस के हेड कोच का पद

मुंबई इंडियंस (एमआई) के हेड कोच माहेला जयवर्धने ने अपने पद से हटने का फैसला किया है। इसके साथ ही फ्रेंचाइज़ी के साथ उनका करीब एक दशक लंबा जुड़ाव भी खत्म हो गया। जयवर्धने के हेड कोच रहते हुए मुंबई इंडियंस ने तीन आईपीएल ख़िताब (2017, 2019, 2020) जीते हैं।

श्रीलंका के पूर्व कप्तान जयवर्धने दो अलग-अलग दौर में टीम के हेड कोच रहे। पहली बार वह 2017 से 2022 तक इस पद पर रहे, जिसके बाद 2024 से 2026 तक उन्होंने दूसरी बार यह ज़िम्मेदारी संभाली। आईपीएल 2026 में टीम का प्रदर्शन कुछ ख़ास नहीं था। इस दौरान एमआई ने 12 में से सिर्फ सात मैच जीते और प्वाइंट टेबल में छठे स्थान पर रही। वहीं टीम ने 2025 में टीम ने प्लेऑफ के प्रवेश किया था, जबकि 2024 के सीज़न में वे 10वें स्थान पर थे।

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पद छोड़ने पर जयवर्धने ने कहा मुंबई इंडियंस पिछले एक दशक से मेरे सफर का बेहद ख़ास हिस्सा रही है। खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और सबसे बढ़कर फैंस के समर्थन ने इसे यादगार बना दिया। हमने मिलकर कई ख़ास पल साझा किए, चुनौतियों को पार किया और ऐसा कुछ खड़ा किया जिस पर हम सभी को गर्व है। मैं नीता अंबानी और आकाश अंबानी का उनके भरोसे और साथ के लिए शुक्रिया अदा करता हूं। एमआई के लिए मेरे दिल में हमेशा ख़ास जगह रहेगी।

जयवर्धने 2022 में फ्रेंचाइज़ी के ग्लोबल हेड ऑफ परफॉर्मेंस भी बने थे। इस दौरान उन्होंने दुनियाभर की टी20 लीग्स में मुंबई इंडियंस से जुड़ी टीमों के विस्तार में भूमिका निभाई। उनके इस कार्यकाल में मुंबई इंडियंस विमेंस, एमआई न्यूयॉर्क और एमआई एमिरेट्स ने ख़िताब अपने नाम किए।

नीता अंबानी ने उनके योगदान को लेकर कहा माहेला ने बीते सालों में मुंबई इंडियंस के लिए बड़ा योगदान दिया है। उनका शांत नेतृत्व, ईमानदारी और खेल के प्रति गहरा लगाव हमारे लिए बेहद मायने रखता है। पूरी एमआई फैमिली की तरफ से मैं उनके समर्पण के लिए धन्यवाद देती हूं। वह हमेशा हमारी फैमिली का हिस्सा रहेंगे और हम उनके आगे के सफर के लिए शुभकामनाएं देते हैं।

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गृह मंत्री अमित शाह का गुजरात दौरा: पैतृक गांव में परिवार संग की पूजा, शिव प्रतिमा का किया शिलान्यास

गृह मंत्री अमित शाह का गुजरात दौरा: पैतृक गांव में परिवार संग की पूजा, शिव प्रतिमा का किया शिलान्यास

amit shah

गुजरात में नवरात्रि के पावन पर्व और गरबा की गूंज के बीच केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह अपने संसदीय क्षेत्र पहुंचे हैं। शुक्रवार को उन्होंने अपने गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रसिद्ध रूपाल गांव स्थित वरदायिनी माता मंदिर में दर्शन-पूजन कर राज्य और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में भगवान शिव की 81 फुट ऊंची भव्य प्रतिमा का शिलान्यास भी किया।

 

पैतृक गांव मानसा में माता बहुचर जी के किए दर्शन

रूपाल गांव में पूजा-अर्चना करने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अपने पैतृक गांव मानसा पहुंचे। मानसा में उन्होंने माता बहुचर जी मंदिर में पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना और आरती की। इस धार्मिक कार्यक्रम में उनके साथ परिवार के सभी सदस्य मौजूद रहे, जिन्होंने नवरात्रि के इस विशेष अवसर पर माता रानी का आशीर्वाद लिया।

परिवार संग बिताया समय, झलका पोते के प्रति विशेष स्नेह

इस अवसर पर अमित शाह की पत्नी सोनल शाह, बेटे जय शाह और परिवार के अन्य सदस्य भी उनके साथ मौजूद रहे। पूजा-अर्चना के दौरान एक बार फिर केंद्रीय गृह मंत्री का अपने पोते के प्रति खास स्नेह और लाड़-प्यार देखने को मिला। उन्होंने परिवार के सबसे छोटे बच्चे को प्यार से अपनी गोद में उठाया, जिसकी तस्वीरें और सादगी लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बनी रहीं।

IPO खुलने से पहले जियो पर 2.5 लाख करोड़ के दांव, इश्यू साइज से 8 गुना ज्यादा मांग

IPO खुलने से पहले जियो पर 2.5 लाख करोड़ के दांव, इश्यू साइज से 8 गुना ज्यादा मांग

akash ambani

  • रिटेल निवेशकों के लिए प्री-बुकिंग शुरू, कई ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म्स पर कर सकते हैं प्री-अप्लाई
  • बड़े घरेलू और ग्लोबल संस्थागत निवेशकों से 2.5 लाख करोड़ की शुरुआती मांग- मीडिया रिपोर्ट्स
  • एंकर निवेशकों की बिडिंग 19 अक्टूबर को, आईपीओ 21 से 23 अक्टूबर तक खुलेगा

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ खुलने से पहले ही निवेशकों में हलचल तेज हो गई है। एक तरफ रिटेल निवेशकों के लिए कई ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म्स पर प्री-बुकिंग यानी प्री-अप्लाई शुरू हो गई है, वहीं दूसरी तरफ बड़े बिजनेस मीडिया हाउस की रिपोर्ट के मुताबिक ग्लोबल और घरेलू संस्थागत निवेशकों ने जियो आईपीओ के लिए करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए की शुरुआती मांग दिखाई है। यह करीब 30,200 करोड़ के पूरे आईपीओ साइज से 8 गुना से भी ज्यादा है। ALSO READ: जियो IPO पर एनालिस्ट्स बुलिश, लिस्टिंग पर 15-20% तक बढ़त की उम्मीद

 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जियो आईपीओ के लिए आई करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए की शुरुआती संस्थागत मांग में विदेशी लॉन्ग-ओनली फंड्स, सॉवरेन वेल्थ फंड्स, बड़े म्यूचुअल फंड्स और बीमा कंपनियां शामिल हैं। हालांकि इसे अभी औपचारिक आईपीओ सब्सक्रिप्शन नहीं माना जा सकता। यह बड़े निवेशकों की शुरुआती मांग और अलॉटमेंट में दिलचस्पी का संकेत है।

 

अलॉटमेंट में दिलचस्पी दिखाने वाले बड़े निवेशकों में जीआईसी, नॉर्जेस बैंक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी और कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे सॉवरेन फंड्स के साथ ब्लैकरॉक, फिडेलिटी और कैपिटल ग्रुप के नाम सामने आए हैं। घरेलू निवेशकों में एलआईसी, एसबीआई म्यूचुअल फंड और एचडीएफसी म्यूचुअल फंड जैसे बड़े नाम बताए गए हैं।

 

इधर, रिटेल निवेशकों के लिए जियो आईपीओ की प्री-बुकिंग शुरू हो गई है। कई ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म्स पर निवेशक अभी से अपना आवेदन दर्ज कर सकते हैं। हालांकि यह औपचारिक सब्सक्रिप्शन नहीं है। प्री-अप्लाई में निवेशक पहले से अपना ऑर्डर दर्ज करता है, जिसे आईपीओ खुलने के बाद आगे प्रोसेस किया जाता है। ALSO READ: JIO IPO : जानिए क्या है प्राइस बेंड, लॉट साइज और GMP, कब होगी शेयर बाजार में लिस्टिंग?

 

जियो आईपीओ का प्राइस बैंड 1,065 से 1,119 रुपए प्रति शेयर है और न्यूनतम लॉट 12 शेयरों का है। ऊपरी प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए 13,428 रुपए की जरूरत होगी। आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। इससे पहले एंकर निवेशकों के लिए बिडिंग 19 अक्टूबर को होगी। इसके बाद तस्वीर साफ होगी कि अभी दिख रही भारी संस्थागत दिलचस्पी औपचारिक एंकर अलॉटमेंट और बाद में आईपीओ सब्सक्रिप्शन में किस स्तर तक बदलती है।

वसीम जाफर ने राष्ट्रीय चयनकर्ता पद के लिए किया आवेदन

भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर पुरुष चयन समिति की दौड़ में शामिल हो गए हैं। अजीत अगरकर का कार्यकाल आगे न बढ़ाने के बीसीसीआई के फ़ैसले के बाद ख़ाली हुए राष्ट्रीय चयनकर्ता पद के लिए उन्होंने आवेदन किया है।

जाफ़र ने कहा, “हां, मैंने इस पद के लिए आवेदन किया है।” 48 वर्षीय जाफ़र ने भारत के लिए 31 टेस्ट खेले और पांच शतक लगाए। इनमें वेस्टइंडीज़ और पाकिस्तान के ख़िलाफ़ दोहरे शतक भी शामिल हैं। उनका टेस्ट करियर 2000 से 2008 तक रहा। इस दौरान उन्होंने 34.10 की औसत से 1944 रन बनाए। वनडे में जाफ़र ने 2006 में सिर्फ़ दो मैच खेले।

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हालांकि, घरेलू क्रिकेट में जाफ़र का रिकॉर्ड शानदार रहा है। वह रणजी ट्रॉफ़ी के इतिहास में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ हैं और इस प्रतियोगिता में उनके नाम सबसे ज़्यादा शतक भी हैं। उन्होंने 260 प्रथम श्रेणी मैचों में 50 से अधिक के औसत से 19,410 रन बनाए और 57 शतक लगाए। उन्होंने 1996-97 सीज़न में मुंबई के लिए अपने सीनियर क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी और विदर्भ का प्रतिनिधित्व करते हुए क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लिया।

अगर अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे वाली क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) उन्हें चुनती है, तो अध्यक्ष पद के लिए विचार किए जा रहे उम्मीदवारों में जाफ़र के नाम सबसे ज़्यादा टेस्ट खेलने का रिकॉर्ड होगा। इसी आधार पर वह चयन समिति के अध्यक्ष बनेंगे।

जाफ़र ने प्रज्ञान ओझा से सात टेस्ट ज़्यादा खेले हैं। ओझा ने भारत के लिए 24 टेस्ट खेले हैं। ओझा के अलावा मौजूदा चयनकर्ताओं में आरपी सिंह, अजय रात्रा और शिव सुंदर दास शामिल हैं।

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