अच्छा है शक्कर खूब महंगी हो जाए, कैलाश विजयवर्गीय का बयान सोशल मीडिया पर चर्चा में

अच्छा है शक्कर खूब महंगी हो जाए, कैलाश विजयवर्गीय का बयान सोशल मीडिया पर चर्चा में

kailash vijayvargiya

मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बयान एक बार फिर चर्चाओं में है। इस बार उन्होंने शकर की बढ़ती कीमतों को लेकर बयान दिया है।  शकर की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों के घरेलू बजट के साथ-साथ मिठाई, बेकरी और अन्य खाद्य उत्पादों की कीमतों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में विजयवर्गीय की टिप्पणी ने शकर की कीमत और स्वास्थ्य के बीच बहस को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। विजयवर्गीय ने कहा कि अच्छा है शक्कर खूब महंगी हो जाए। विजयवर्गीय ने‌‌ कहा कि अब शक्कर खाते कितने लोग हैं।

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पत्रकारों के सवाल पूछने पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि शकर महंगी है तो अच्छी बात है और इसे और महंगा होने देना चाहिए, क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। विजयवर्गीय ने पास बैठे विधायक रमेश मेंदोला की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह तो शकर देखते तक नहीं हैं। 

विजयवर्गीय ने कहा कि 40 की उम्र के ऊपर शकर खाना वैसे भी ठीक नहीं है। आयुर्वेद में भी इसे ठीक नहीं माना जाता है। विजयवर्गीय ने कहा कि बच्चों के लिए राशन की दुकान पर सस्ती शकर मिले।

नेपाल में भीषण बाढ़ से तबाही, 55 लोगों की मौत, सैकड़ों लापता, बिहार में भी दहशत

नेपाल में भीषण बाढ़ से तबाही, 55 लोगों की मौत, सैकड़ों लापता, बिहार में भी दहशत

Nepal flood

Nepal Floods Disaster: भारत के पड़ोसी देश नेपाल में मूसलाधार बारिश, भीषण बाढ़ और विनाशकारी भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। कुदरत के इस कहर के कारण नेपाल में अब तक 55 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 400 से ज्यादा लोग लापता है। इनमें 133 भारतीय शामिल हैं। अन्य देशों के लोगों के भी लापता होने की खबरें हैं। नेपाल की उफनती नदियों और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के चलते भारत के सीमावर्ती राज्यों— विशेषकर बिहार और उत्तर प्रदेश में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है, जिसके बाद दोनों राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया गया है।

 

दरअसल, बुधवार सुबह मध्य नेपाल के पहाड़ी ज़िले रसुवा में भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने नदी के किनारे बसे इलाकों में भारी तबाही मचाई है। रसुवा की बस्तियां सबसे ज़्यादा प्रभावित हुई हैं। बाढ़ ने एक पनबिजली परियोजना को बहा दिया और चिलिमे पनबिजली परियोजना सहित अन्य परियोजनाओं को भी नुकसान पहुचाया।

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सैकड़ों लोगों का अब तक पता नहीं है। इनमें 133 भारतीय बताए जा रहे हैं। 93 नेपाली, 3 अमेरिकी नागरिक और 12 ब्रिटिश नागरिक शामिल हैं। हाइड्रोपावर प्लांट में काम करने वाले 8 दक्षिण कोरियाई नागरिक भी लापता बताए जा रहे हैं। अन्य लापता लोगों में 17 मलेशियाई नागरिक, 4 दक्षिण अफ्रीकी और ऑस्ट्रेलिया व नीदरलैंड का एक-एक व्यक्ति शामिल है। करीब 400 मानसरोवर यात्रियों से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मरने वालों की संख्या बढ़कर 55 हो गई है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि यह संख्या और बढ़ सकती है।


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भारतीय दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

भारतीय नागरिकों की मदद और जानकारी के लिए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने आपातकालीन नंबर जारी किए हैं। प्रभावित लोग +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 पर संपर्क कर सकते हैं। नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने भी मदद के लिए टोल-फ्री नंबर 1234, हॉटलाइन 1144 और टूरिस्ट पुलिस नंबर 9851289445 जारी किया है। 

 

काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 400 मानसरोवर तीर्थयात्री रसुवागढ़ी में संपर्क से बाहर हो गए हैं। सुबह-सुबह आए अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने रसुवा में नेपाल-चीन सीमा के पास गांवों को अपनी चपेट में ले लिया और सड़कों व अन्य ज़रूरी बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया। 

काठमांडू स्थित 'टच कैलाश ट्रैवल्स एंड टूर्स' के मैनेजिंग डायरेक्टर बाशु कुमार अधिकारी ने बताया कि बुधवार को 390 तीर्थयात्रियों (जिनमें 93 नेपाली शामिल थे) को सीमा पार करनी थी। अधिकारी ने कहा कि कुछ लोगों को छोड़कर, हम दोपहर 3 बजे तक तीर्थयात्रियों से संपर्क नहीं कर पाए हैं। ये तीर्थयात्री अलग-अलग ट्रैवल एजेंसियों के क्लाइंट हैं।

चीन-नेपाल का ट्रेड रूट तबाह

नेपाल के बेट्रावती से रसुवागढ़ी चीन सीमा तक जाने वाली करीब 42 किलोमीटर की सड़क बाढ़ में कई जगह से बह गई, कई पुल टूट गए। दरअसल, यह रास्ता नेपाल को चीन से जोड़ता है। भारत के लिए यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अगर चीन वाला रास्ता लंबे समय तक बाधित रहता है तो नेपाल की सप्लाई जरूरतों में भारत की भूमिका और बढ़ सकती है।

बिहार में गहराया बाढ़ का खतरा

दूसरी ओर, नेपाल की नदियों का पानी भारतीय सीमा में प्रवेश करने से बिहार के सीमावर्ती इलाकों में दहशत का माहौल है। नेपाल में उफनती नदियों के जलस्तर को देखते हुए कोसी बैराज (वीरपुर) और वाल्मीकि नगर (गंडक) बैराज के सभी फाटक खोल दिए गए हैं, जिससे रिकॉर्ड मात्रा में पानी छोड़ा गया है। बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, अररिया, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, मधुबनी और पूर्णिया जैसे जिलों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। राज्य सरकार ने जल संसाधन विभाग और आपदा प्रबंधन टीम (SDRF/NDRF) को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। 

उत्तर प्रदेश में भी अलर्ट

नेपाल से सटे उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और तराई इलाकों में भी प्रशासन पूरी तरह चौकस है। महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच और लखीमपुर खीरी जैसे जिलों में राप्ती और घाघरा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तराई जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि नदियों के जलस्तर की निरंतर निगरानी की जाए और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों या राहत शिविरों में पहुंचाने की व्यवस्था की जाए।

नेपाल में कुदरत के कहर के बीच पीएम मोदी ने बालेन शाह से बात कर दिया मदद का भरोसा

नेपाल में कुदरत के कहर के बीच पीएम मोदी ने बालेन शाह से बात कर दिया मदद का भरोसा

Modi Balen Shah Telephonic Conversation

Modi Balen Shah Telephonic Conversation on Flood Tragedy: नेपाल में कुदरत का भयानक कहर जारी है। भीषण बारिश के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। संकट की इस कठिन घड़ी में भारत अपने पड़ोसी मित्र देश नेपाल की ओर पूरी मजबूती से मदद का हाथ बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से टेलीफोन पर बात कर स्थिति का जायजा लिया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।

नेपाल में भीषण बारिश और बाढ़ के कारण मची तबाही के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बात कर एकजुटता व्यक्त की है। पीएम मोदी ने इस प्राकृतिक आपदा में लोगों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया और नेपाल को संकट की इस घड़ी में हरसंभव सहायता प्रदान करने का भरोसा दिया। उल्लेखनीय है कि नेपाल में भीषण बाढ़ के चलते 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है, जबकि 400 पर्यटक लापता हैं। इनमें 133 भारतीय भी शामिल हैं।


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नेपाल के साथ खड़ा है भारत : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया और आधिकारिक बातचीत में इस बात को रेखांकित किया कि भारत और नेपाल के बीच सिर्फ सीमाएं नहीं, बल्कि गहरी सांस्कृतिक और भाईचारे की भावना जुड़ी हुई है। पीएम मोदी ने कहा कि इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल के अपने भाइयों और बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। उन्होंने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह को आश्वस्त किया कि भारत सरकार संकट के इस समय में नेपाल को राहत सामग्री, बचाव कार्य और किसी भी प्रकार की आपातकालीन सहायता के लिए पूरी तरह तैयार है।


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राहत और बचाव में मदद का आश्वासन

नेपाल के कई हिस्से भारी बारिश और उफनती नदियों के कारण पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं, जिससे बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत नेपाल की जरूरतों के आधार पर तुरंत मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री भेजने के लिए तत्पर है। गौरतलब है कि जब भी पड़ोसी देशों पर ऐसी प्राकृतिक आपदा आती है, तो भारत 'नेबरहुड फर्स्ट' (पड़ोसी प्रथम) की नीति के तहत सबसे पहले मदद का हाथ बढ़ाता है।

इंदौर के ऑलराउंडर सारांश जैन ने अंतिम 2 विकेट निकलवाकर लंका को दिलवाया फॉलोऑन

इंदौर के ऑलराउंडर सारांश जैन ने अंतिम 2 विकेट निकलवाकर लंका को दिलवाया फॉलोऑन

अभ्यास मैच के बाद कोलंबो टेस्ट के तीसरे दिन सारांश जैन श्रीलंकाई  विकेट निकालने में विफल रहे। कल शाम को पगबाधा का एक निर्णय उनके पक्ष में गया लेकिन रिव्यू ने बल्लेबाज को बचाया। आज सुबह भी ठीक ऐसा ही हुआ। इसके बाद उनके ओवर में सोनल दिनूशा ने 12 रन बटोरे और लाहिरू ने भी चौका जड़ा।

ऐसा लग रहा था कि फॉलोऑन बचाने के लिए जरूरी 14 रन श्रीलंका बना लेगी। लेकिन सारांश जैन ने लाहिरू को ध्रुव जुरेल के हाथों कैच आउट करा अपना पहला टेस्ट विकेट लिया और उसके बाद शतकवीर सोनल दिनूशा को भी आउट कर आत्मविश्वास पाया। उन्होंने 20 ओवर में 69 रन दिए। दूसरी पारी में भी उन्होंने डिकवेला को पगबाधा आउट किया।

चंद्रकांत पंडित की कोचिंग में मध्य-प्रदेश की रणजी ट्रॉफी विजेता टीम के प्रमुख सदस्य रहे लंबे कद के Off-Spinner सारांश ने हाल ही में भारत A के श्रीलंका दौरे के दौरान शानदार प्रदर्शन करते हुए दो मैचों में छह विकेट लेने के साथ एक पारी में नाबाद 70 रन भी बनाए थे।

दिलचस्प बात यह है कि सारांश के पिता सुबोध भी मध्य प्रदेश के पूर्व ऑफ-स्पिनर रहे हैं और उनको यह बात सालती रही कि वह राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं बना सके। लेकिन उन्होंने अपनी असफलता पर चिंतन करने से बेहतर बेटे की कुशलता पर मेहनत करना समझा। वह ही अपने बेटे के कोच है।

सारांश के पिता सुबोध ने 9 रणजी ट्रॉफी मैचों में 23 विकेट लिए थे। उन्होंने अपने बेटे को कोचिंग देनी शुरु की लेकिन भारतीय टेस्ट गेंदबाजी क्रम खासकर स्पिन गेंदबाजी का- इतना सुदृढ़ था कि इसका किला भेदना असंभव था। रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जड़ेजा ही टीम के लिए इतने विकेट निकाल देते थे कि कुलदीप यादव तक के 10 साल के करियर में 19 मैच हैं।

ऐसे में सारांज को 30 प्लस के बाद जाकर मौका मिला। अमूमन भारतीय चयनकर्ता इतनी उम्र के बाद किसी पर मेहरबान नहीं होते। लेकिन सारांश जैन का केस अलग था।


लॉन्च हुआ सस्ता 5G स्मार्टफोन, 6000mAh बैटरी और 120Hz डिस्प्ले, जानिए फीचर्स

लॉन्च हुआ सस्ता 5G स्मार्टफोन, 6000mAh बैटरी और 120Hz डिस्प्ले, जानिए फीचर्स

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भारतीय वियरेबल ब्रांड Fire-Boltt ने अब स्मार्टफोन बाजार में भी एंट्री कर ली है। कंपनी ने Boltt Ace 5G और Boltt Evo नाम से दो बजट स्मार्टफोन लॉन्च किए हैं। दोनों फोन बड़ी 6000mAh बैटरी और 120Hz डिस्प्ले जैसे फीचर्स के साथ आते हैं। इनकी शुरुआती कीमत ₹10,999 है। दोनों स्मार्टफोन की बिक्री 1 सितंबर 2026 को दोपहर 12 बजे से शुरू होगी। इन्हें सिर्फ Flipkart के जरिए खरीदा जा सकेगा। कंपनी की नजर बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे शहरों और कस्बों के ग्राहकों पर भी है।

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Boltt Ace 5G के फीचर्स

 

Boltt Ace 5G में 6.79 इंच का HD+ डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है। डिस्प्ले की पीक ब्राइटनेस 600 निट्स तक है। फोन में Unisoc T8200 प्रोसेसर और Android 16 मिलता है। इसमें अधिकतम 8GB RAM और 128GB स्टोरेज का विकल्प दिया गया है।

 

फोटोग्राफी के लिए फोन के पीछे 64MP का मेन कैमरा और फ्रंट में 8MP सेल्फी कैमरा दिया गया है। पावर के लिए इसमें 6000mAh की बड़ी बैटरी है। कंपनी का दावा है कि फोन एक बार चार्ज करने पर दो दिन तक चल सकता है।

 

फोन का वजन 233 ग्राम है। oltt Ace 5G की कीमत

  • 4GB RAM + 64GB स्टोरेज: ₹13,999
  • 6GB RAM + 128GB स्टोरेज: ₹14,999
  • 8GB RAM + 128GB स्टोरेज: ₹15,999

₹10,999 वाला Boltt Evo भी लॉन्च

 

Boltt Evo कंपनी का ज्यादा किफायती स्मार्टफोन है। इसमें भी 6.79 इंच का 120Hz HD+ डिस्प्ले दिया गया है। फोन में Unisoc T7250 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर मिलता है, जिसकी अधिकतम क्लॉक स्पीड 1.8GHz है। यह स्मार्टफोन भी Android 16 पर चलता है। इसमें अधिकतम 6GB RAM और 128GB स्टोरेज का विकल्प मिलता है। कैमरे की बात करें तो फोन में 50MP का मेन रियर कैमरा, 2MP सेकेंडरी कैमरा और 8MP फ्रंट कैमरा दिया गया है। इसमें भी 6000mAh बैटरी मिलती है। इसका वजन भी 233 ग्राम है।

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Boltt Evo की कीमत

4GB RAM + 64GB स्टोरेज: ₹10,999

6GB RAM + 128GB स्टोरेज: ₹11,999

₹1,000 का शुरुआती डिस्काउंट

 

दोनों फोन की बिक्री 1 सितंबर को दोपहर 12 बजे से Flipkart पर शुरू होगी। शुरुआती खरीदारों को कंपनी की ओर से ₹1,000 का फ्लैट डिस्काउंट भी दिया जाएगा। Fire-Boltt ने बजट स्मार्टफोन सेगमेंट में बड़ी बैटरी, 120Hz डिस्प्ले और नए Android 16 जैसे फीचर्स के साथ अपनी जगह बनाने की कोशिश की है।

MG Hector Tomahawk PHEV लॉन्च, 1100 KM से ज्यादा की रेंज, जानिए कीमत और फीचर्स

MG Hector Tomahawk PHEV लॉन्च, 1100 KM से ज्यादा की रेंज, जानिए कीमत और फीचर्स

MG Hector Tomahawk PHEV

MG Hector Tomahawk PHEV

JSW MG Motor India ने भारतीय बाजार में अपनी नई 7-सीटर प्लग-इन हाइब्रिड SUV Hector Tomahawk PHEV लॉन्च कर दी है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 25.70 लाख रुपये रखी गई है। कंपनी ने इसे Battery-as-a-Service (BaaS) विकल्प के साथ भी पेश किया है, जिसमें SUV की शुरुआती कीमत 21.79 लाख रुपये है और बैटरी के लिए 3.20 रुपये प्रति किलोमीटर का रेंट देना होगा।

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115 KM से ज्यादा चलेगी सिर्फ इलेक्ट्रिक मोड में

MG Hector Tomahawk PHEV को कंपनी के ADAPT प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है। इसमें 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड Atkinson Cycle पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 101 BHP की पावर और 125 Nm का टॉर्क पैदा करता है। इसके साथ 20.5 kWh बैटरी पैक और इलेक्ट्रिक मोटर मिलती है। इलेक्ट्रिक मोटर 198 BHP की पावर और 237 Nm का टॉर्क जनरेट करती है। कंपनी के मुताबिक, SUV प्योर इलेक्ट्रिक मोड में 115 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय कर सकती है। वहीं, फुल टैंक पेट्रोल और पूरी तरह चार्ज बैटरी के साथ इसकी कुल ड्राइविंग रेंज 1100 किलोमीटर से ज्यादा हो सकती है।

 

चार ड्राइविंग मोड मिलेंगे

 

Hector Tomahawk PHEV में चार ड्राइविंग मोड दिए गए हैं—

 

EV Mode: इलेक्ट्रिक मोटर पहियों को पावर देती है।

Series Hybrid: पेट्रोल इंजन बैटरी को चार्ज करता है।

Parallel Hybrid: इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर दोनों मिलकर पहियों को पावर देते हैं।

Engine Direct Drive: इंजन सीधे पहियों को पावर देता है, जिससे पावर लॉस कम करने में मदद मिलती है।

 

SUV ड्राइविंग कंडीशन के हिसाब से अपने आप सबसे उपयुक्त मोड का चयन कर सकती है।

 

चार्जिंग में कितना समय लगेगा?

MG Hector Tomahawk PHEV के साथ 3.3 kW AC चार्जर दिया गया है। इससे बैटरी को 10 से 100 प्रतिशत तक चार्ज करने में करीब 7.5 घंटे लगते हैं। वहीं, 25 kW DC चार्जर की मदद से बैटरी को 30 से 80 प्रतिशत तक चार्ज करने में लगभग 35 मिनट लगते हैं।

 

नवंबर से शुरू होगी डिलीवरी

 

Hector Tomahawk PHEV की बुकिंग शुरू हो गई है, जबकि इसकी डिलीवरी नवंबर 2026 से शुरू होगी।

 

  • MG Hector Tomahawk PHEV की कीमत
  • वेरिएंट कीमत
  • Exclusive 7S ₹25.70 लाख
  • Exclusive 7S BaaS ₹21.79 लाख + ₹3.20/km
  • Essence 7S ₹27.80 लाख
  • Essence 7S BaaS ₹23.89 लाख + ₹3.20/km

 

सभी कीमतें एक्स-शोरूम हैं।

क्या होती है फ्लैश फ्लड? क्यों पहाड़ों से अचानक आता है बर्बादी का सैलाब और नेपाल प्रलय से भारत क्यों है अलर्ट पर

क्या होती है फ्लैश फ्लड? क्यों पहाड़ों से अचानक आता है बर्बादी का सैलाब और नेपाल प्रलय से भारत क्यों है अलर्ट पर

What is Flash Flood: पहाड़ों पर जब मौसम बदलता है, तो तबाही का मंज़र आने में कुछ मिनट भी नहीं लगते। हाल ही में नेपाल में भूस्खलन और उफनती नदियों ने जिस तरह से तबाही मचाई है, उसने एक बार फिर पूरे भारतीय उपमहाद्वीप को दहला दिया है। नेपाल में आई इस प्रलय के बाद भारत के सीमावर्ती राज्यों— विशेषकर बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल—में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

 

इस पूरी तबाही के पीछे सबसे बड़ा कारण 'फ्लैश फ्लड' (Flash Flood) यानी अचानक आने वाली बाढ़ है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि यह फ्लैश फ्लड क्या होती है, पहाड़ों पर यह इतनी खौफनाक क्यों हो जाती है और नेपाल के संकट से भारत पर क्या खतरा मंडरा रहा है। ALSO READ: नेपाल में बाढ़ का सैलाब, 5 जिलों में हाई अलर्ट, 105 भारतीय पर्यटक लापता, हाई-रिस्क एडवाइजरी जारी

क्या होती है फ्लैश फ्लड (Flash Flood)?

फ्लैश फ्लड का सीधा अर्थ है—अत्यंत कम समय में आने वाली भीषण बाढ़। सामान्य बाढ़ में नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे घंटों या दिनों में बढ़ता है, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का समय मिल जाता है। लेकिन फ्लैश फ्लड में:

पहाड़ों से अचानक क्यों आता है बर्बादी का सैलाब?

मैदानी इलाकों की तुलना में पहाड़ों पर फ्लैश फ्लड कहीं अधिक विनाशकारी होती है। इसके पीछे मुख्य भौगोलिक और प्राकृतिक कारण निम्नलिखित हैं:

  • तीव्र ढलान (Steep Slopes): पहाड़ों की ढलान बहुत तेज होती है। जब बारिश का पानी नीचे गिरता है, तो गुरुत्वाकर्षण के कारण उसकी गति और शक्ति कई गुना बढ़ जाती है।
  • भूस्खलन और प्राकृतिक बांध (Landslides & Debris Damming): मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ों पर बड़े-बड़े चट्टान और मिट्टी खिसककर नदियों या संकरे नालों का रास्ता रोक लेते हैं। इससे एक अस्थायी 'प्राकृतिक बांध' बन जाता है। जब पानी का दबाव बढ़ता है, तो यह बांध अचानक टूट जाता है और करोड़ों लीटर पानी, मलबा व पत्थरों के साथ नीचे की ओर तबाही बनकर दौड़ पड़ता है।
  • संकरे नदी-घाटी रास्ते : पहाड़ों में नदियों के बहने के रास्ते संकरे होते हैं। जब अत्यधिक पानी आता है, तो नदियां अपनी सीमाओं को तोड़कर विकराल रूप ले लेती हैं।
  • अनियंत्रित निर्माण व जलवायु परिवर्तन : पहाड़ों पर निर्माण कार्य, जंगलों की कटाई और ग्लोबल वार्मिंग के कारण मौसम का मिजाज अप्रत्याशित हो गया है, जिससे ऐसी घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं।

नेपाल प्रलय से भारत में क्यों बजा खतरे का सायरन?

नेपाल में हुई भीषण बारिश और फ्लैश फ्लड का सीधा असर भारत पर पड़ता है, क्योंकि भौगोलिक रूप से दोनों देश एक-दूसरे से गहरे जुड़े हुए हैं:

  • साझा नदियां (Cross-Border Rivers) : नेपाल से बहने वाली प्रमुख नदियां—कोसी (Kosi), गंडक (Gandak), बागमती (Bagmati) और कर्णाली (घाघरा)—सीधे भारत के बिहार और उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती हैं।
  • पानी छोड़ने का दबाव : जब नेपाल के बैराजों और बांधों में पानी क्षमता से ऊपर चला जाता है, तो वहां से लाखों क्यूसेक पानी भारत की ओर छोड़ना पड़ता है।
  • 'बिहार का शोक' कोसी नदी : कोसी नदी को बिहार का शोक कहा जाता है। नेपाल में जब भी फ्लैश फ्लड आती है, तो उत्तर बिहार के दर्जनों जिलों (जैसे सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, मधुबनी) में रातों-रात बाढ़ का पानी घुस जाता है।

 

इसी वजह से नेपाल में आए संकट के बाद भारतीय गृह मंत्रालय, एनडीआरएफ (NDRF) और राज्य आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि निचले इलाकों को समय रहते खाली कराया जा सके।

फ्लैश फ्लड से बचाव के लिए क्या जरूरी है?

  • आधुनिक अर्ली वार्निंग सिस्टम : पहाड़ी क्षेत्रों और सीमावर्ती नदियों पर रीयल-टाइम वेदर और वाटर-लेवल मॉनिटरिंग सिस्टम लगाना।
  • पहाड़ों पर अनियंत्रित निर्माण पर रोक : संवेदनशील इको-जोन में बड़े पैमाने पर खोदाई और वनों की कटाई को नियंत्रित करना।
  • नदी तटबंधों की मजबूती : मानसून से पहले भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बैराजों और तटबंधों (Embankments) की मरम्मत और निगरानी सुनिश्चित करना।

 

फ्लैश फ्लड प्रकृति की वह चेतावनी है जिसे नजरअंदाज करना जानलेवा साबित होता है। नेपाल में आई तबाही यह सबक देती है कि पहाड़ों पर बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन और सटीक आपदा प्रबंधन व्यवस्था का होना कितना अनिवार्य है।

 

‘अब जब चाहे अयोध्या-काशी जाएंगे’, CM योगी की सौगात से भावुक हुईं बुजुर्ग महिलाएं, बोलीं- अब किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा

'अब जब चाहे अयोध्या-काशी जाएंगे', CM योगी की सौगात से भावुक हुईं बुजुर्ग महिलाएं, बोलीं- अब किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा

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निशुल्क बस यात्रा की सुविधा मिलने के शुभारंभ कार्यक्रम में पहुंचीं महिलाओं का उत्साह देखते ही बना। मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान कई महिलाएं भावुक हो गईं और बोलीं कि अब उन्हें यात्रा के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। अयोध्या, काशी या प्रदेश में कहीं और जाने के लिए किराये की चिंता नहीं करनी होगी। इस दौरान उत्साहित बेटियों ने कहा कि हमें योगी जी पर गर्व है। सीएम को देखते ही सभी महिलाओं ने हर-हर महादेव का उद्घोष किया।

‘अब जहां चाहेंगे, वहां जाएंगे’

 

गोसाईंगंज की गणेश देवी ने मुख्यमंत्री की इस पहल पर खुशी जताते हुए कहा कि अब वह निश्चिंत होकर यात्रा कर सकेंगी। वहीं, राजरानी ने कहा कि अब जहां जाने की इच्छा होगी, वहां जा सकेंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माताओं को बड़ा उपहार दिया है। लखनऊ के निजामपुर की मिठाना देवी ने कहा कि योगी सरकार ने ऐसी सुविधा दी है कि अब यात्रा के लिए किसी दूसरे पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

 

महिलाओं के लिए यह सुविधा केवल पारिवारिक यात्राओं तक सीमित नहीं रहेगी। कार्यक्रम में आईं कई बुजुर्ग महिलाओं ने अयोध्या और काशी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा की इच्छा जताई। उनका कहना था कि किराये की चिंता खत्म होने से अब तीर्थयात्रा करना भी आसान होगा।

 

छात्राओं में रक्षाबंधन के सफर को लेकर उत्साह

 

मुंशी पुलिया की रहने वाली और नारी शिक्षा निकेतन पीजी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा अंजली श्रीवास्तव ने कहा कि वह रक्षाबंधन पर अपने भाई को राखी बांधने जाएंगी और मुफ्त यात्रा सुविधा का लाभ लेंगी। जानकीपुरम की आस्था राजपूत ने बताया कि वह अपनी मां के साथ राखी बांधने जाएंगी और दोनों इस सुविधा का लाभ उठाएंगी।

 

खदरा की शगुन निषाद भी योजना को लेकर उत्साहित दिखीं। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में महिलाओं को साड़ी और मिठाई का उपहार भी दिया गया। अहमामऊ की रचना रावत ने कहा कि पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री की योजनाओं के बारे में सुनना उत्साह बढ़ाने वाला है।

 

‘महिलाओं और बच्चों की चिंता करते हैं मुख्यमंत्री’

 

फैजुल्लागंज की हिना परवीन ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के लिए मुख्यमंत्री की सोच और योजनाएं देखकर गर्व महसूस होता है। वहीं, सिद्धार्थनगर की दिव्या पाठक ने कहा कि महिलाओं को लेकर मुख्यमंत्री की सम्मान देने वाली सोच है। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं।

 

कार्यक्रम में सरोजनीनगर की कृष्णावती, जनक दुलारी और उबराजा समेत बड़ी संख्या में बुजुर्ग महिलाएं भी पहुंचीं। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका उत्साह युवाओं जैसा था। इनमें कई महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं और योगी सरकार के सहयोग से सिलाई, कताई-बुनाई जैसे काम कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।

 

महिलाओं को दी जा रही सुविधाओं को लेकर सीएम का जताया आभार 

 

महिलाओं ने संवाद के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ के समक्ष अपने मन की बात रखी और अपने अनुभव साझा किए। उन्नाव की सुनीता अवस्थी ने योगी सरकार की ओर से महिलाओं को दी जा रही सुविधाओं को लेकर सीएम का आभार जताया। बेहद भावुक होकर उन्होंने सीएम से कहा कि आपने इतनी बड़ी सौगात दी है कि अगर परिवार वाले पैसा रुपया न भी दें, तो भी हम लोग मुफ्त में यात्रा कर सकेंगे। आपने महिलाओं के लिए बहुत अच्छा काम किया है। हम यही चाहेंगे कि आपकी सरकार बार-बार आए। वहीं, उन्नाव की ही पुष्पा ने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयास से मुफ्त बस सेवा की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। बहुत अच्छा लग रहा है।

 

लखनऊ की उषा पाल ने कहा कि अब महिलाओं को कहीं आने-जाने के लिए किसी का मोहताज नहीं रहना पड़ेगा। वे जब चाहें, निश्चिंत होकर यात्रा कर सकेंगी। उन्होंने सीएम से कहा कि जो महिलाएं सफर करेंगी, वे आपका ही नाम लेंगी। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जब आप अच्छे लोगों को चुनते हैं तो अच्छा ही होता है।

 

वहीं, सीतापुर की रीता सक्सेना ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देने पर मुख्यमंत्री को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अब सीतापुर से लखनऊ आना जाना आसान हो जाएगा। रीता ने खुशी जताते हुए योजना को महिलाओं के लिए बड़ी सहूलियत बताया। उन्होंने कहा कि अब किसी के आश्रित नहीं रहना पड़ेगा। जब भी इच्छा करेगी मंदिर, अयोध्या, बनारस अब कहीं भी जा सकते हैं। इसके बाद गाजीपुर की रहने वाली लायका खातून ने भी मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अब हमारा सफर आसान हो गया है। इस पर सीएम ने कहा कि जब अच्छी सरकार चुनी जाती है तो ढेर सारी सुविधाओं का लाभ ऐसे ही सभी को प्राप्त होता है।

50000 हजार बेटियों को अक्टूबर-नवंबर में मिलेगी स्कूटी, महिलाओं को फ्री बस यात्रा का तोहफा, रक्षाबंधन पर CM योगी ने खोला सौगातों का पिटारा

50000 हजार बेटियों को अक्टूबर-नवंबर में मिलेगी स्कूटी, महिलाओं को फ्री बस यात्रा का तोहफा, रक्षाबंधन पर CM योगी ने खोला सौगातों का पिटारा

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन से ठीक पहले नारी शक्ति को कई सौगातें दीं। उन्होंने घोषणा की कि स्नातक में पढ़ने वाली 50 हजार बेटियों को अक्टूबर-नवंबर में स्कूटी दी जाएंगी। सीएम ने ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना का शुभारंभ किया, जिसके तहत उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में 60 वर्ष व उससे अधिक आयु की प्रदेश की महिलाएं निःशुल्क यात्रा कर सकेंगी।

सीएम ने रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में 27 से 29 अगस्त तक महिला व एक सहकर्मी को निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा दिए जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं अब चूल्हे से चेक, चेक से कारोबार और कारोबार से टेक्नोलॉजी तक पहुंच रही हैं।

 

यूपी में साढ़े 12 करोड़ आधी आबादी

इंदिरा प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में लगभग साढ़े 12 करोड़ आधी आबादी है। सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन व नेतृत्व की यात्रा में सहभागी है। हर बेटी-बहन-माता आत्मनिर्भर महसूस करे, यही हमारी नीति है। डबल इंजन सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई, सुरक्षा, रोजगार, आय और उसके सपनों की उड़ान को ईकोसिस्टम से जोड़ने का काम किया है। सीएम ने बहनों से अपील की कि रक्षाबंधन पर अपने भाई के साथ ही सैनिकों, पूर्व सैनिकों व पुलिस के जवानों को रक्षासूत्र बांधकर सुरक्षा के ईकोसिस्टम को मजबूती प्रदान करने में योगदान दें।

 

महिला स्वावलंबन की मिसाल हैं ‘लोकमाता’ 

सीएम ने कहा कि देश जब मुगल आक्रांताओं की चपेट में था, उस समय लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने सुशासन, आध्यात्मिक/सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण व महिला स्वावलंबन का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया था। काशी विश्वनाथ, सोमनाथ समेत देश में सैकड़ों मंदिर का पुनरुद्धार लोकमाता ने किया था। लखनऊ, कानपुर, आगरा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, प्रयागराज, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी, झांसी सभी जनपदों में अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है। प्रत्येक हॉस्टल में 500 कामकाजी महिलाओं के निःशुल्क रहने की व्यवस्था रहेगी।

 

सरकार ने आधी आबादी का प्रतिनिधित्व बढ़ाया 

सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी जी के कारण पहली बार आधी आबादी को शासन की योजनाओं से जोड़ने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनी। जीवन के हर पड़ाव पर सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन की गारंटी दी है। सरकार का हर निर्णय, योजना व बजट इन्हीं उद्देश्यों की पूर्ति के लिए समर्पित है। आधी आबादी को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिले, सरकार ने इसे सुनिश्चित किया। 

 

पहले हर योजना पर मंडराती थी कमीशन की 'काली छाया' 

सीएम ने कहा कि 2017 के पहले ‘देख सपाई-बिटिया घबराई’ का नारा तत्कालीन गवर्नेंस मॉडल का नाम था, जब हर बेटी की सुरक्षा पर संकट था। सुरक्षा, सम्मान नहीं था तो स्वावलंबन कहां से होता। इंटीग्रेटेड हेल्पलाइन, कमांड सिस्टम, सीसीटीवी नेटवर्क, महिला बीट सिस्टम, महिला हेल्पडेस्क भी नहीं थी। पेंशन व छात्रवृत्ति बिचौलिए तय करते थे। पुष्टाहार पर माफिया का कंट्रोल था। उत्सव से पहले उपद्रव होते थे। कर्फ्यू लगने पर माताओं-बहनों को सर्वाधिक परेशानी होती थी।

 

लैंड, सैंड, वन, पशु, नकल व भू-माफिया प्रदेश की पहचान थे। माफिया सिंडिकेट की समानांतर सत्ता चलती थी। बुंदेलखंड में माताओं की जिंदगी मटके में पानी ढोते-ढोते व्यतीत हो जाती थी। गरीबों के घर में शौचालय नहीं था। वृद्धावस्था, निराश्रित महिला पेंशन, छात्रवृत्ति समेत हर योजना पर कमीशन की ‘काली छाया’ मंडराती थी। योजनाओं के पैसे बीच में ही गायब हो जाते थे। बेटी के जन्मदिन पर खुशी नहीं, बल्कि चिंता होती थी क्योंकि परिवार को पढ़ाई और शादी का बोझ दिखता था।

 

50 फीसदी तक पहुंचाएंगे वीमेन पार्टिसिपेशन 

सीएम ने कहा कि आधी आबादी घर पर बैठ जाएगी तो यूपी को बीमारू होना ही था। पहले यूपी में महिला कार्यबल महज 12 फीसदी था, अब यह 36 फीसदी हो गया है। हमारा प्रयास है कि वीमेन पार्टिसिपेशन 50 फीसदी तक पहुंचना चाहिए। अब बेटियां बेफिक्र होकर नाइट शिफ्ट कर रही हैं। अब हर योजना की केंद्रबिंदु आधी आबादी है। हमने बेटी को फिजिकल, मेंटल और हेल्थ सिक्योरिटी दी। आज मिशन शक्ति केंद्र, हर शहर में एआई बेस्ड सेफ सिटी नेटवर्क, 1090 व 112 का इंटीग्रेटेड रिस्पांस सिस्टम है। बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले के लिए जेल या जहन्नुम ही एकमात्र जगह है। 

 

कभी सपना देखने से भी डरती थीं बेटियां

सीएम ने कहा कि 2017 के पहले नकल उद्योग बन चुका था। मेधावी बेटी मेहनत करती थी, लेकिन पैसे वाला माफिया डिग्री नीलाम करता था। बेटी सिर्फ बस पकड़ने से ही नहीं, बल्कि सपना देखने से भी डरती थी। उस दौर को याद कर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। तब दंगा, कर्फ्यू, उपद्रव, असुरक्षा, योजनाओं में बेईमानी व भ्रष्टाचार होता था, लेकिन धर्मचक्र बदला और यूपी में डबल इंजन सरकार आई तो उपद्रव उत्सव में बदल गया। 

 

नई भर्ती के बाद यूपी में होंगी 50,000 महिला पुलिसकर्मी 

सीएम ने कहा कि देश में पहली बार उत्तर प्रदेश में महिला बीट पुलिस की तैनाती हुई। यूपी में 2017 में 10,000 महिला पुलिसकर्मी थीं, अब यह संख्या 45,000 हो गई है। हमने पुलिस भर्ती में 20 फीसदी बेटियों की भर्ती अनिवार्य की। अभी 32 हजार भर्ती प्रक्रिया में हैं। नई भर्ती के बाद पुलिस बल में महिलाओं की संख्या 50,000 हो जाएगी। पिछली सरकारों ने पीएसी की 54 कंपनियां समाप्त कर दी थीं। हमने उनके गठन के साथ ही तीन महिला पीएसी बटालियनें (लखनऊ में उदा देवी, गोरखपुर में झलकारी बाई, बदायूं में अवंती बाई) स्थापित कीं। पिंक बूथ, वन स्टॉप सेंटर की अब समुचित व्यवस्था है। शिकायत दर्ज होने के बाद ट्रैकिंग, टाइमलाइन व जवाबदेही भी है। पहले बेटी की सुरक्षा किस्मत पर निर्भर थी, आज सिस्टम, डेटा व टेक्नोलॉजी पर है। बेटी घर से निकले, काम/कारोबार करे और रात में सुरक्षित घर लौट आए, सरकार यह गारंटी दे रही है।

 

‘उज्ज्वला’ योजना ने बीमारियों से दी मुक्ति

मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मान तब आता है, जब महिला के घर में शौचालय, बिजली, रसोई में धुआंमुक्त ईंधन, नल में जल और खाते में सीधे पैसा पहुंचे और विपत्ति में सरकार साथ खड़ी हो। हर घर शौचालय माताओं, बहनों की गरिमा का आधार था। ‘उज्ज्वला’ ने केवल धुएं से राहत नहीं दी, बल्कि फेफड़े खराब होने वाली बीमारियों से भी मुक्ति दी। पक्के घरों ने परिवारों को सुरक्षा दी तो जल जीवन मिशन ने समय व श्रम की दिशा में बड़ा बदलाव किया है। डीबीटी ने बिचौलियों को हटाकर सीधे लाभार्थियों के खाते में पैसा देना प्रारंभ किया। 

 

महिला के जीवन में अलग-अलग पड़ावों को पॉलिसी सपोर्ट 

सीएम ने कहा कि हमने महिला के जीवन में अलग-अलग पड़ावों को भी पॉलिसी सपोर्ट से जोड़ा है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना जन्म से स्नातक तक की पढ़ाई की सुविधा का प्लेटफॉर्म बना। सामूहिक विवाह योजना ने पिता की चिंताओं को दूर किया। सरकार बेटी की शादी के लिए एक लाख रुपये उपलब्ध करा रही है। निराश्रित, वृद्धावस्था, दिव्यांगजन पेंशन में 1.10 करोड़ परिवारों को 12 हजार रुपये वार्षिक मिल रहा है। सपा 300 रुपये देती थी, इसमें आधा खा भी लेती थी। हमने सपाइयों की डकैती को रोका। एक करोड़ से अधिक महिलाओं को ग्रामीण क्षेत्र में जहां उनका मकान है, उसका घरौनी के रूप में मालिकाना अधिकार दिया है। 65 लाख परिवारों को आवास, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना व मुख्यमंत्री सुपोषण योजना से मां-बच्चे के पोषण को सुनिश्चित किया जा रहा है। संस्थागत प्रसव में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है, जिसने मातृ-शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम किया है। हमने आधी आबादी को सुविधा व ओनरशिप दी है। 

 

डिजिटल इंटरप्रेन्योर में आधी संख्या महिलाओं की होगी

सीएम ने कहा कि आय करने वाली महिला के निर्णय लेने की क्षमता और पहचान बनाने वाली महिला का आत्मविश्वास बढ़ता है। जिस महिला का आर्थिक योगदान है, उसके कारण गांव व परिवार की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। 8000 न्याय पंचायतों में डिजिटल इंटरप्रेन्योर की आधी संख्या महिलाओं की होगी। सरकार आधी आबादी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी। महिलाएं स्वयं सहायता समूह के माध्यम से खेती, पशुपालन, फूड प्रोसेसिंग, रिटेल, हैंडीक्रॉफ्ट आदि स्थानीय गतिविधियों का संचालन कर रही हैं। बीसी सखी गांव-गांव में बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रही हैं। नमो ड्रोन दीदी कृषि क्षेत्र में नई क्रांति ला रही हैं। 

 

फैसले लेने वाली मेज पर भी बैठेंगी महिलाएं

सीएम ने कहा कि 31 जनपदों में काम कर रही बलिनी-काशी, सामर्थ्य, सृजिनी, बाबा गोरखनाथ मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी में कार्यरत 4 लाख से अधिक बहनें आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में अग्रसर हुई हैं। एफपीओ में महिला किसानों की भागीदारी बढी है। ओडीओपी व एमएसएमई में हजारों महिला उद्यमी बनी हैं। स्टार्टअप ईकोसिस्टम में 50 फीसदी भागीदारी महिलाओं की है। स्वावलंबन तभी पूर्ण होगा, जब महिलाओं के पास उत्पाद ही नहीं, बल्कि मार्केट भी हो। महिला समूहों को ब्रॉडिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग, प्रदर्शनियों में उत्पाद को ले जाने और डिजिटल कॉमर्स से जोड़ने की भी व्यवस्था की गई है। शी-मार्ट जैसे मॉडल एसएचजी उत्पादों के लिए डेडिकेटेड रिटेल प्लेटफॉर्म व बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में बढ़ रहे हैं। महिला उद्यमियों के उत्पाद गांव में बनें, उनकी ब्रांडिंग व डिलीवरी प्रदेश व देश-दुनिया तक हो, हमने यह मॉडल बनाया है। आधी आबादी की आर्थिक आत्मनिर्भरता तभी पूरी होगी, जब फैसले लेने वाली मेज पर भी बहनें बैठेंगी। 

 

प्रतिनिधित्व चैरिटी नहीं, बल्कि इकॉनमिक इंटीग्रेशन 

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को प्रतिनिधित्व मिलना चैरिटी नहीं, बल्कि इकॉनमिक इंटीग्रेशन है। पंचायत व स्थानीय निकायों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ा है। बेटियां ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ, विश्व, नेशनल चैंपियनशिप में पदक जीत रही हैं। हाल में कॉमनवेल्थ गेम्स में उत्तर प्रदेश की सब इंस्पेक्टर अस्मिता डे ने स्वर्ण पदक जीता। त्रिपुरा में जन्मी इस बेटी को यूपी में सही माहौल व प्लेटफॉर्म मिला।

प्रशासन, सेना, शिक्षा, स्टार्टअप समेत हर क्षेत्र में आधी आबादी नेतृत्व दे रही है। प्रयास है कि आधी आबादी को उसी अनुपात में प्रतिनिधित्व प्राप्त हो। सीएम ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का भी जिक्र करते हुए कहा कि सपा व कांग्रेस ने इसका विरोध कर दिया।  समारोह में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, अवनीश सिंह, उमेश द्विवेदी, विधायक नीरज बोरा, अमरेश कुमार, ओपी श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।

यूपी में 60 से अधिक उम्र की महिलाओं को CM योगी का रक्षाबंधन पर बड़ा उपहार, कर सकेंगी फ्री बस यात्रा

यूपी में 60 से अधिक उम्र की महिलाओं को CM योगी का रक्षाबंधन पर बड़ा उपहार, कर सकेंगी फ्री बस यात्रा

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की माताओं, बेटियों और बहनों को विशेष उपहार दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम व सिटी बसों में 27 अगस्त की सुबह 6 बजे से 29 अगस्त की मध्यरात्रि तक की निःशुल्क यात्रा जा सकेगी। निगम की बसों में महिला यात्री एक सहयोगी के साथ निःशुल्क यात्रा कर सकेंगी। इस अवसर पर सीएम ने ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ का शुभारंभ करते हुए विशेष बसों को झंडी दिखाकर रवाना किया। इन बसों में 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं ने निशुल्क यात्रा की।

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विशेष बसों को दिखाई झंडी, महिलाओं के साथ ली सेल्फी 

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बारिश के बीच झंडी दिखाकर विशेष बसों को रवाना किया। बसों में बैठी महिलाओं ने इस उपहार के लिए हाथ जोड़कर सीएम का अभिनंदन किया तो सीएम योगी ने भी हाथ हिलाकर उनके प्रति आभार जताया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बस में यात्रा करने वाली महिलाओं के साथ सेल्फी भी ली।

 

मुख्यमंत्री ने महिलाओं को दिए स्मार्ट कार्ड, बैग, साड़ी व मिठाई

मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन से पहले आयोजित कार्यक्रम में मंच पर ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना के तहत 60 वर्ष या इससे अधिक आयु की महिलाओं को स्मार्ट कार्ड प्रदान किए। सीएम ने उपहार स्वरूप इन महिलाओं को बैग, साड़ी व मिठाई भी दी। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से संवाद कर उनका हालचाल जाना, सभी को रक्षाबंधन की बधाई भी दी। सीएम के हाथों उपहार पाने वाली महिलाओं में राजरानी, गणेश देवी, कलावती, मिठाना, प्रभुदेई, शम्मी, शांति देवी, मंजूलता, शिवकली, द्रौपदी व मीरा आदि शामिल रहीं।