बाप रे! यहां तो ठेले वाले भी डिजिटल, भारत का UPI सिस्टम देख सदमे में फ्रांसिसी महिला

बाप रे! यहां तो ठेले वाले भी डिजिटल, भारत का UPI सिस्टम देख सदमे में फ्रांसिसी महिला

UPI system

भारत में डिजिटल पेमेंट का चलन देखकर हर कोई हैरान है। हाल ही में एक वीडियो सामने आया है, जिसमें भारत के डिजिटल पेमेंट की जमकर तारीफ की जा रही है। दरअसल, एक फ्रांसिसी महिला भारत का डिजिटल यानी यूपीआई पेंमेंट का चलन देखकर चौंक गई। विदेशी महिला ने बताया कि इस डिटीटल सुविधा के पीछे भारत का यूपीआई सिस्टम है।

यह एक ऐसा डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिए लोग सिर्फ क्यूआर कोड स्कैन करके कुछ ही सेकंड में पैसे भेज और प्राप्त कर सकते हैं। इसमें बैंक खाते की लंबी जानकारी दर्ज करने की जरूरत नहीं पड़ती। यही वजह है कि छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारियों तक, लगभग हर कोई इसका इस्तेमाल करता है। महिला का कहना है कि दुनिया के कई देशों की यात्रा करने के बाद भी उसने इतना सरल और तेज भुगतान सिस्टम बहुत कम जगहों पर देखा है।

बता दें कि अब सिर्फ बड़े मॉल, रेस्टोरेंट या ऑनलाइन शॉपिंग तक सीमित नहीं रह गया है। सड़क किनारे चाय बेचने वाले से लेकर ऑटो चलाने वाले तक, छोटे दुकानदारों के पास भी QR कोड नजर आ जाता है। इसी चीज ने फ्रांस से भारत घूमने आई एक महिला को हैरान कर दिया। उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उसने बताया कि भारत में QR कोड और UPI का इस्तेमाल देखकर उसे सबसे ज्यादा हैरानी हुई। महिला का कहना है कि उसे UPI के बारे में पहले से पता था, लेकिन उसने कभी नहीं सोचा था कि इसका इस्तेमाल इतने छोटे-छोटे लेन-देन में भी इतना आम होगा।

चाय की दुकान से ऑटो तक दिखा QR कोड : महिला ने अपने वीडियो में भारत में रोजमर्रा की जिंदगी के उन छोटे-छोटे अनुभवों के बारे में बताया, जिन्होंने उसे सबसे ज्यादा चौंकाया। उसके लिए सबसे दिलचस्प बात यह थी कि QR कोड सिर्फ बड़ी दुकानों या महंगे रेस्टोरेंट में नहीं दिखे। उसे सड़क किनारे लगने वाली छोटी दुकानों, चाय की दुकानों और स्थानीय कारोबारियों के पास भी QR कोड नजर आए। यहां तक कि ऑटो में सफर करने के दौरान भी डिजिटल पेमेंट का विकल्प मौजूद था। यानी जेब में ज्यादा कैश न हो तब भी रोजमर्रा का काम आसानी से चल सकता है। महिला ने कहा कि फ्रांस से आने के बाद भारत में यह छोटी सी चीज उसके लिए बड़ा सांस्कृतिक अंतर बन गई।

वीडियो में महिला की हैरानी की असली वजह यही है कि भारत में डिजिटल पेमेंट के लिए खरीदारी का बड़ा होना जरूरी नहीं है। कोई व्यक्ति सिर्फ 20 रुपये की चीज खरीद रहा हो, एक कप चाय पी रहा हो या छोटी सी दुकान से कुछ सामान ले रहा हो, फिर भी QR कोड से पैसे भेज सकता है। सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इस बात को तुरंत पकड़ लिया। एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि विदेशी लोगों को इस बारे में शायद काफी कम जानकारी है, क्योंकि भारत में यह व्यवस्था कई सालों से आम है और बहुत से लोग लंबे समय से कैश का इस्तेमाल तक नहीं कर रहे। दूसरे यूजर ने कहा कि सड़क किनारे मिलने वाली 10 रुपये की चाय का भुगतान भी आसानी से UPI से किया जा सकता है। महिला का कहना है कि दुनिया के कई देशों की यात्रा करने के बाद भी उसने इतना सरल और तेज भुगतान सिस्टम बहुत कम जगहों पर देखा है।

इस साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में लगेगा.

Chandra Grahan 2026

Chandra Grahan 2026 Negative Impact: इस साल का अंतिम चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को लगने जा रहा है. यह चंद्र ग्रहण सावन पूर्णिमा को रक्षाबंधन के अवसर पर लगने वाला है. यह भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर होगा. साल का दूसरा चंद्र ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में लगेगा. इस चंद्र ग्रहण का दुष्प्रभाव मेष समेत 8 राशिवालों पर देखने को मिलेगा. इन लोगों के करियर और मानसिक स्तर पर उथल-पुथल मच सकता है. बॉस से रिश्ते खराब हो सकते हैं, कार्यक्षेत्र में असहयोग, तनाव-अवसाद आदि की स्थिति बन सकती है.

चंद्र ग्रहण का राशियों पर नकारात्मक प्रभाव
मेष: चंद्र ग्रहण की वजह से मेष राशिवालों को कार्यक्षेत्र में बदलाव का सामना करना पड़ सकता है. वहीं आसानी से काम नहीं बनेंगे, सफलता के लिए बहुत ही परिश्रम की आवश्यकता होगी. मन को शांत रखें और क्रोध न करें.

वृषभ: चंद्र ग्रहण वृषभ राशि के लिए करियर में अनुकूल समय नहीं लाने वाला. अपने बॉस से मतभेद या वाद विवाद से बचें, नहीं तो हानि उठानी पड़ सकती है. करियर में स्थान परिवर्तन या बदलाव की स्थिति बन सकती है. इस समय में काम को लेकर कोई बड़ा निर्णय लेना पड़ सकता है.

मिथुन: चंद्र ग्रहण के कारण मिथुन राशिवालों के घर में तनाव, विवाद आ​दि की स्थिति बन सकती है. इससे आपसी रिश्ते खराब हो सकते हैं. बहस से अच्छा है कि शांति और धैर्य के साथ काम लें. इस दिन अपने पिता की सेहत का ध्यान रखें, नहीं तो वे बीमार हो सकते हैं. कार्यस्थल पर काम का बोझ बढ़ सकता है.

सिंह: चंद्र ग्रहण से सिंह वालों को भी सावधान रहने की जरूरत है. इस समय में आपको धन हानि हो सकती है, निवेश न करें. बिजनेस करने वालों को सावधानी से काम करना होगा, नहीं तो कोई अच्छी डील हाथ से जा सकती है. काम में बाधाएं आएंगी. मन बेचैन रहेगा, क्रोध करने और वाणी पर संयम न होने से परिवार में कलह की स्थिति होगी. इससे विवाद हो सकता है.

तुला: यह चंद्र ग्रहण तुला वालों के जीवन में सृजनात्मक और भावनात्मक स्तर पर उतार-चढ़ाव ला सकता है. इस समय में आपकी सेहत खराब हो सकती है, वहीं मन में बेचैनी और जल्दीबाजी की वजह से आपके काम खराब हो सकते हैं. ओवर कॉन्फिडेंस से बनते काम बिगड़ सकते हैं. इस समय में आप कोई नया काम करने से बचें और कोई जोखिम न लें. योग, ध्यान आदि से मन को शांत रखें.

मकर: चंद्र ग्रहण का अशुभ प्रभाव मकर वालों पर भी देखने को मिलेगा. आपको सलाह है कि आप इस समय में कोई ​निवेश न करें या किसी को रुपए उधार न दें. पैसा फंस सकता है. आपकी वित्तीय स्थिति लड़खड़ा सकती है. आप लोगों से स्पष्ट बात करें, नहीं तो लोग आपकी बातों का गलत अर्थ लगा सकते हैं, जिससे आपको नुकसान हो सकता है.

कुंभ: य​ह चंद्र ग्रहण आपकी ही राशि कुंभ में लगेगा, जिस वजह से इसका नकारात्मक प्रभाव आप पर अधिक हो सकता है. इस समय में कोई ऐसा काम या बात न करें, जिससे आपकी पद और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचे. अपने व्यक्तित्व और साख के प्रति सतर्क रहें, नहीं तो कोई लांछन या झूठे आरोप लग सकते हैं. अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें.

मीन: चंद्र ग्रहण के दिन मीन वालों को अचानक से कोई बड़ा खर्च आ सकता है. इससे आपका बैंक बैलेंस प्रभावित हो सकता है. फिजूलखर्च पर नियंत्रण रखें, नहीं तो उधार लेने की नौबत आ सकती है. यदि कोई कोर्ट केस या विवाद चल रहा है तो आप सजग रहें.

चंद्र ग्रहण के अशुभ प्रभावों से बचने के उपाय
चंद्र ग्रहण के दिन इन सभी 8 राशिवालों को ग्रहण के समापन के बाद सफेद रंग की वस्तुओं जैसे चावल, शक्कर, दूध, वस्त्र आदि का दान करना चाहिए. इसके अलावा आप उस दिन भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें. भगवान चंद्रशेखर यानि महादेव की कृपा से आपका कल्याण होगा.

अब दान की एक-एक पाई का होगा हिसाब, बांके बिहारी मंदिर के दान पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश

अब दान की एक-एक पाई का होगा हिसाब, बांके बिहारी मंदिर के दान पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश

Banke Bihari Temple

सुप्रीम कोर्ट ने वृंदावन के प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में दान को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि मंदिर में आने वाला हर एक पैसा सीधे दान पेटी या ऑनलाइन माध्यम से मंदिर के खजाने में ही जमा होना चाहिए। न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सेवकों या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा इस प्रक्रिया में डाली गई बाधा को बेहद गंभीरता से लिया जाएगा।

कोर्ट ने प्रबंधन समिति को मंदिर में कदाचार और धांधली रोकने के लिए तत्काल एक पारदर्शी व्यवस्था शुरू करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ किया कि मंदिर के कोष से संपत्ति खरीदने के किसी भी प्रस्तावित लेनदेन को पूरा करने से पहले अदालत के समक्ष पेश करना अनिवार्य होगा।

भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने मंदिर के कामकाज की निगरानी कर रही उच्चस्तरीय समिति की स्थिति रिपोर्ट पर दी गईं वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह की दलीलों पर गौर किया। सिंह ने तस्वीरें अदालत के सामने रखते हुए कहा कि बहुत गंभीर समस्याएं हैं और इस मामले में तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने कहा, “एक वीडियो है। तीन लोग पारंपरिक दान पेटी के सामने खड़े हैं और श्रद्धालुओं से पैसे लेकर उन्हें अपनी पॉलीथिन की थैलियों में डाल रहे हैं”

इस दलील पर कड़ा रुख अपनाते हुए पीठ ने कहा, “इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए। हम निर्देश देते हैं कि दान का एक-एक पैसा मंदिर की दान पेटियों में या ऑनलाइन कोष में जमा होना चाहिए। ‘सेवायत’ या कोई और इसमें कोई बाधा पैदा करते हैं तो इसे बहुत गंभीरता से लिया जाएगा। प्रबंधन समिति मंदिर के खजाने के लिए पारदर्शी व्यवस्था लागू करे। पीठ ठाकुर श्री बांके बिहारी जी महाराज मंदिर की प्रबंधन समिति की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।

देश सेवा करूं या घरवालों को दबंगों से बचाऊं, LOC पर तैनात भारतीय जवान का छलका दर्द, वीडियो देख बेबस हुए लोग

देश सेवा करूं या घरवालों को दबंगों से बचाऊं, LOC पर तैनात भारतीय जवान का छलका दर्द, वीडियो देख बेबस हुए लोग

soldier

उत्तर प्रदेश के देवरिया के लार थाना क्षेत्र में पुश्तैनी मकान और जमीन के विवाद को लेकर सेना के जवान वीर बहादुर सिंह का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो के मुताबिक, वीर बहादुर सिंह इस वक्त हम जम्मू कश्मीर एलओसी पर तैनात हैं। वीडियो में वीर बहादुर सिंह कहते हैं, “यहां देश सेवा करूं या अपने परिवार की सुरक्षा के लिए हमेशा चिंतित रहूं। मेरे माता-पिता, मेरी छोटी बहन और प्रेग्नेंट बहन को मेरे चाचा और दबंग शोषण कर रहे हैं। उन्हें मारा पीटा जा रहा है, मैं क्या करूं”

वीर बहादुर कहते हैं कि कि अगर हमें न्याय नहीं मिला तो या तो मैं उन्हें गोली मार दूंगा या अपने को गोली मार लूंगा। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपो पर जांच शुरू की।

क्या है पूरा मामला : सर्कल ऑफिसर सलेमपुर गौरव सिंह के मुताबिक, वीर बहादुर सिंह के पिता राजा सिंह और उनके भाइयों के बीच संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद है। पुलिस के मुताबिक, चुरिया गांव में रहने वाले राजा सिंह, रामनारायण सिंह और सुग्रीव सिंह तीन भाई हैं। 31 दिसंबर 2025 को पंचायत के सामने हुए समझौते में राजा सिंह ने अपने हिस्से की जमीन तीन लाख 75 हजार रुपये और रामनारायण सिंह ने अपने हिस्से की जमीन दो लाख 50 हजार रुपये में सुग्रीव सिंह को देने पर सहमति जताई थी।

पुलिस का कहना है कि रामनारायण सिंह को पूरी रकम मिल चुकी है, जबकि राजा सिंह के हिस्से की रकम में से एक लाख 87 हजार रुपये उनके पुत्र वीर बहादुर सिंह के बैंक खाते में दिए गए थे। बाकी रकम मकान खाली करने के बाद देने की बात तय हुई थी। मौजूदा वक्त में पुराने पुश्तैनी मकान को गिराकर सुग्रीव सिंह द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जबकि राजा सिंह अपने परिवार के साथ मकान के आगे के कमरे में रह रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, राजा सिंह पंचायत में हुए समझौते को मानने से इनकार कर रहे हैं।

पुलिस ने बताया कि 26 फरवरी 2026 की मारपीट की घटना में थाना लार पर मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप पत्र न्यायालय भेजा जा चुका है। दोनों पक्षों के बीच समझौते की कोशिश भी कई गई, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। मामला कोर्ट में भी विचाराधीन है। सर्कल ऑफिसर गौरव सिंह ने बताया कि मामले में जांच करने पर पता चला कि वीर बहादुर सिंह के पिता राजा सिंह तीन भाई हैं- राजा सिंह, रामनारायण सिंह, सुग्रीव सिंह। इन भाइयों का पुस्तैनी मकान चुरिया गांव में स्थित है। 31 दिसंबर 2025 को पंचायत के सामने तीनों भाइयों ने यह फैसला लिया कि राजा सिंह अपने हिस्से की जमीन ₹3,75,000 में और रामायण सिंह अपने हिस्से की जमीन ₹2,50,000 में सुग्रीव सिंह को बेच दिए हैं।

पुलिस ने बताया कि 26 फरवरी 2026 को हुई मारपीट के संबंध में थाना लार पर मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है। वीर बहादुर सिंह के पिता और उनके भाइयों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद है। दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की कोशिश की गई लेकिन सहमति नहीं बन सकी। मामला कोर्ट में विचाराधीन है।

इस्लामाबाद के सबसे बड़े अस्पताल में भीषण आग, 15 नवजातों की दर्दनाक मौत

इस्लामाबाद के सबसे बड़े अस्पताल में भीषण आग, 15 नवजातों की दर्दनाक मौत

pakistan

इस्लामाबाद के पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के गायनेकोलॉजी वार्ड में आग लगी है। आग लगने के 15 नवजात शिशुओं की मौत हो गई है। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक वार्ड में 16 बच्चे थे। जिनमें से डॉक्टर सिर्फ एक को बचा पाए हैं। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस की स्पोक्सपर्सन डॉ अनीजा जलील ने कहा, कुछ बच्चों को रात को डिसचार्ज कर दिया गया था. इस वजह से अभी बच्चों की संख्या के बारे में सही से नहीं बता सकते हैं।

उन्होंने बताया कि शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी है। ये आग सुबह 7 बजे करीब लगी थी. आग बुझा दी गई है, लेकिन ठंडा करने की प्रक्रिया में कुछ समय लगेगा।

जियो न्यूज के मुताबिक ज़िला प्रशासन ने बताया कि सूचना मिलने के तुरंत बाद बचाव दल घटनास्थल पर पहुंच गए और बचाव कार्यों में दमकल की छह गाड़ियां और चार एम्बुलेंस शामिल हुईं। इस घटना की जांच के लिए अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में एक जांच समिति का गठन किया गया है। ज़िला प्रशासन ने कहा कि यह समिति आग लगने के कारण का पता लगाएगी और यह भी जांच करेगी कि यह घटना कैसे हुई।

PIMS इस्लामाबाद का सबसे बड़ा अस्पताल है। ये कई बड़े मेडिकल सेंटर में शामिल है। इस्लामाबाद अस्पताल, चिल्ड्रन्स अस्पताल, मदर एंड चाइल्ड हेल्थ सेंटर, बर्न केयर सेंटर और कार्डियक सेंटर शामिल हैं।

UP में MBBS इंटर्न को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, दोगुने से भी ज्यादा बढ़ा स्टाइपेंड

UP में MBBS इंटर्न को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, दोगुने से भी ज्यादा बढ़ा स्टाइपेंड

उत्तर प्रदेश में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप कर रहे MBBS छात्रों के लिए बड़ी घोषणा की गई है। योगी सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप करने वाले MBBS छात्रों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी का फैसला किया है। अब उन्हें हर महीने 12 हजार रुपये की जगह 25 हजार रुपये मिलेंगे।

लंबे समय से MBBS इंटर्न स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे थे। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप कर रहे छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा। बढ़ी हुई राशि पूरे प्रदेश में लागू की जाएगी।

प्रदेश के राजकीय मेडिकल कालेजों, संस्थानों और चिकित्सा विश्वविद्यालयों से एमबीबीएस व बीडीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर रोटेटिंग इंटर्नशिप करने वाले छात्रों को अब हर माह 12 हजार के बजाय 25 हजार रुपये इंटर्नशिप भत्ता मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में भत्ता बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। गौरतलब है कि योगी सरकार ने इससे पहले भी 2021 में यह भत्ता 7500 हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये किया था।

2021 में भी बढ़ाया गया था इंटर्नशिप भत्ता : अभी इंटर्नशिप के दौरान मेडिकल छात्रों को 12 हजार रुपये प्रतिमाह बतौर भत्ता मिलता है। कैबिनेट ने यह राशि दोगुने से ज्यादा बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रति माह किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी देकर इन छात्रों को आर्थिक राहत दी है। इससे प्रदेश के सरकारी चिकित्सा संस्थानों में प्रशिक्षण लेने वाले एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न को प्रोत्साहन मिलेगा।

ओपीडी व रात्रि ड्यूटी में निभाते हैं महत्वपूर्ण भूमिका : प्रदेश में एमबीबीएस और बीडीएस परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों के लिए रोटेटिंग इंटर्नशिप अनिवार्य है। इंटर्नशिप के दौरान छात्र राजकीय चिकित्सा संस्थानों में मरीजों के उपचार में चिकित्सकीय सहयोग देने के साथ ही आपातकालीन सेवाओं, वार्ड, ओपीडी और रात्रि ड्यूटी में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यूपी में 60 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा : यूपी की योगी सरकार ने आज एक और बड़ा ऐलान किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में आज कुल 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिसमें एक ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना’ भी है। इसके तहत उत्तर प्रदेश में 60 साल या उससे ज्यादा उम्र की महिलाएं उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की बसों में पूरी जिंदगी मुफ्त यात्रा कर सकेंगी।

इस सुविधा का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड या वोटर आईडी को मान्य दस्तावेज माना जाएगा। सरकार के मुताबिक, इस योजना से एक करोड़ से ज्यादा महिलाओं को फायदा मिलने की उम्मीद है। रक्षाबंधन से पहले लिए गए इस फैसले को महिलाओं के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है।

तेलंगाना में भीषण हादसा, ट्रक से टकराई बस, 6 की मौत और 20 घायल

तेलंगाना में भीषण हादसा, ट्रक से टकराई बस, 6 की मौत और 20 घायल

हैदराबाद-विजयवाड़ा नेशनल हाईवे पर बुधवार तड़के एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। यात्रियों से भरी एक प्राइवेट बस खड़े कंटेनर ट्रक से टकरा गई, जिससे छह लोगों की मौत हो गई। वहीं कम से कम बीस लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह भयानक हादसा तेलंगाना के सूर्यपेट जिले के कोडद मंडल में द्वारकुंटा के पास हुआ, जो ऐसी घटनाओं के लिए कुख्यात है। बस हैदराबाद से एलुरु जा रही थी, तभी वह लोहे की छड़ों से लदे कंटेनर से टकरा गई।

टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि कंटेनर से बाहर निकली लोहे की छड़ें बस के अगले हिस्से को चीरती हुई अंदर घुस गईं, जिससे शीशे टूट गए और छड़ें यात्रियों की सीटों तक पहुंच गईं, आगे बैठे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, बस में लगभग 42 यात्री सवार थे और हादसा सुबह 4:30 से 5 बजे के बीच हुआ, जब अक्सर ड्राइवर की थकान एक वजह होती है। मौके पर अफरातफरी का माहौल था, घायल बुरी तरह क्षतिग्रस्त बस के मलबे में फंसे हुए थे और मदद के लिए चिल्ला रहे थे।

पुलिस और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया, जो एक घंटे से ज़्यादा समय तक चला। गैस कटर और अन्य उपकरणों की मदद से, उन्होंने बुरी तरह क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और उन्हें इमरजेंसी इलाज के लिए पास के अस्पतालों में पहुंचाया।

पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की कि मरने वालों की संख्या छह है, जबकि बीस अन्य घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है। हालांकि कुछ रिपोर्टों में शुरू में पांच मौतों का ज़िक्र था, लेकिन बुधवार सुबह अधिकारियों की आधिकारिक गिनती में छह मौतों की पुष्टि हुई।

क्या है हादसे का कारण : इस हादसे के कारण व्यस्त नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया और गाड़ियां कई किलोमीटर तक फंसी रहीं, बाद में पुलिस ने क्रेन की मदद से मलबा हटाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। हालांकि सटीक वजह का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन शुरुआती शक तेज़ रफ़्तार या ड्राइवर के स्टीयरिंग पर झपकी आने की ओर इशारा करता है।

गुजरात में यात्रियों के लिए खुशखबरी, ST निगम चलाएगा 6,500 बसें, 101 नई बसों को हरी झंडी, बहनों और बच्चों के लिए मुफ्त यात्रा

गुजरात में यात्रियों के लिए खुशखबरी, ST निगम चलाएगा 6,500 बसें, 101 नई बसों को हरी झंडी, बहनों और बच्चों के लिए मुफ्त यात्रा

gujrat

रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार पर बहनें आसानी और सुरक्षित तरीके से यात्रा करके अपने भाई के घर पहुंच सकें, इसके लिए गुजरात एसटी निगम के बेड़े में 101 नई बसों को शामिल किया जा रहा है। गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी इन नई बसों को हरी झंडी दिखाकर यात्रियों की सेवा के लिए रवाना करेंगे। नई बसों के आने से राज्य के यात्रियों की सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी और त्योहारों के दौरान बस सेवा अधिक सुदृढ़ बनेगी।

वडोदरा में महिलाओं और बच्चों के लिए सिटी बस में मुफ्त यात्रा
रक्षाबंधन के अवसर को ध्यान में रखते हुए वडोदरा महानगर पालिका द्वारा शहर की बहनों के लिए एक विशेष उपहार की घोषणा की गई है। त्योहार के दिन वडोदरा शहर में चलने वाली सभी 150 इलेक्ट्रिक (EV) सिटी बसों में बहनों और बच्चों के लिए यात्रा पूरी तरह से मुफ्त रहेगी। मनपा के इस फैसले से शहर की हजारों महिलाएं बिना किसी खर्च के आसानी से अपने भाई के घर पहुंच सकेंगी।

त्योहारों की भीड़ को संभालने के लिए चलेंगी 6,500 अतिरिक्त एसटी बसें
रक्षाबंधन और आगामी त्योहारों के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए गुजरात सरकार द्वारा 26 से 30 अगस्त के दौरान 6,500 अतिरिक्त एसटी बसों का संचालन किया जाएगा। ये विशेष बसें अहमदाबाद, गोधरा, वडोदरा, पालनपुर, नडियाद जैसे प्रमुख शहरों के अलावा पावागढ़, सूरत, राजकोट, जूनागढ़, पोरबंदर और वलसाड जैसे पर्यटन एवं तीर्थ स्थलों के रूटों पर चलाई जाएंगी।

पिछले साल का रिस्पॉन्स और एडवांस बुकिंग की सुविधा
पिछले साल भी रक्षाबंधन के दौरान एसटी निगम द्वारा 6,402 अतिरिक्त ट्रिप चलाई गई थीं, जिसका 3.33 लाख से अधिक यात्रियों ने लाभ उठाया था। इस साल भी यात्रियों को बस स्टैंड पर लंबी लाइनों में न खड़ा होना पड़े और उनकी यात्रा आरामदायक रहे, इसके लिए निगम द्वारा एडवांस बुकिंग की विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

महिला की मौत के बाद इंदौर के सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में हंगामा, ICU में तोड़फोड़, जान बचाकर भागा स्टाफ

महिला की मौत के बाद इंदौर के सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में हंगामा, ICU में तोड़फोड़, जान बचाकर भागा स्टाफ

Super Speciality

इंदौर के सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में मंगलवार रात करीब साढे 10 बजे जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान उपकरणों में तोड़फोड़ की गई। बड़ी संख्या में लोग अस्पताल के आईसीयू में घुस आए। यह घटना एक महिला मरीज की मौत के बाद हुआ।

दहशत में अस्पताल का स्टाफ बाहर निकलकर भाग गया। बाद में पुलिस को बुलाना पड़ा। सवाल यह है कि सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में इतनी संख्या में लोग कैसे घुस आए। गुस्साए परिजनों ने आईसीयू में लगे जीवन रक्षक उपकरण तक फेंक दिए, जिससे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई।

बता दें कि परिजनों ने डॉक्टरों व मेडिकल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया और आईसीयू में लगे जीवन रक्षक उपकरण निकाल कर फेंक दिए। विवाद से बचने के लिए आईसीयू के स्टाफ को भी सुरक्षित जगह जाना पड़ा। स्थिति संभालने के लिए आईसीयू के बाहर पुलिस बल लगाया गया। इसके बाद दूसरे मरीजों के इलाज के लिए कर्मचारी ड्यूटी देने पहुंचे। विवाद के कारण काफी देर तक शव आईसीयू वार्ड में ही रखा रहा। पुलिस अफसरों के समझाने के बाद परिजन शांत हुए।

डॉक्टरों का कहना है कि जिस मरीज की मौत हुई है, उसकी हालत पहले से गंभीर थी। इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई। डॉक्टरों की देखरेख में मरीज का इलाज जारी था, लेकिन मंगलवार दोपहर मरीज की हालत बिगड़ने लगी और शाम को मौत हो गई। इसकी जानकारी मिलने के बाद मरीज के परिजन अस्पताल में एकत्र होने लगे और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और कर्मचारियों से परिजनों ने विवाद शुरू कर दिया।

पहले एमवाय पुलिस चौकी के पुलिस जवान मौके पर पहुंचे, लेकिन विवाद गहराता देख फिर पुलिस बल को अस्पताल बुलाना पड़ा। तब जाकर स्थिति नियंत्रण में रही। नाराज परिजनों से जब डॉक्टरों व कर्मचारियों ने बातचीत शुरू की तो वे मानने को तैयार नहीं हुए। इस दौरान एक डॉक्टर के साथ युवक ने बदसलूकी भी की। आक्रोशित युवक ने आईसीयू में रखे उपकरण भी फेंक दिए। इसके बाद वार्ड में ड्यूटी दे रहे दूसरे कर्मचारी भी बाहर हो गए, ताकि वे परिजनों के गुस्से का शिकार न हो सकें। आईसीयू में भर्ती अन्य मरीजों के उपचार में परेशानी न हो, इसलिए पुलिस बल बाहर लगाया गया और स्टाफ फिर ड्यूटी देने पहुंचा।

दुनियाभर में अमेरिकी वीजा अपॉइंटमेंट पर अस्थाई रोक, ट्रंप प्रशासन का बड़ा फैसला

दुनियाभर में अमेरिकी वीजा अपॉइंटमेंट पर अस्थाई रोक, ट्रंप प्रशासन का बड़ा फैसला

Donald Trump

डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की इमिग्रेशन को लेकर बढ़ती सख्ती के कारण अमेरिका ने दुनिया भर के आवेदकों के वीजा अपॉइंटमेंट पर रोक लगा दी है. अमेरिकी दूतावासों में एक ग्लोबल ट्रेनिंग पहल शुरू की गई है। अमेरिका ने दुनिया भर के आवेदकों के वीजा अपॉइंटमेंट पर रोक लगा दी है।

डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की ओर से इमिग्रेशन (आप्रवासन) पर की जा रही सख्ती के मद्देनजर ये बड़ा कदम उठाया गया है। अमेरिकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को कहा कि दुनिया भर में सभी अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में एक ग्लोबल ट्रेनिंग पहल शुरू की गई है और इस ट्रेनिंग के लिए वीजा सेवाओं के अपॉइंटमेंट में बदलाव किया जाएगा।

अमेरिका से लोगों को बाहर निकालने (डिपोर्टेशन) और इमिग्रेशन पर सख्ती बरतने के लिए अब ट्रंप प्रशासन आक्रामक अभियान चला रहा है। इसमें वीजा, ग्रीन कार्ड रद्द करना और कई वजहों से आवेदन खारिज करना भी शामिल है। खासकर राजनीतिक राय और अमेरिका के सहयोगी इजरायल के गाजा पर हमले के खिलाफ फिलिस्तीन-समर्थक विरोध-प्रदर्शन भी शामिल है।

कोर्ट से लग चुका है झटका : ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि इस सख्ती का मकसद देश की सुरक्षा को बेहतर बनाना है। हालांकि इसे कानूनी अड़चनों का भी सामना करना पड़ा है। शुक्रवार को एक अमेरिकी जज ने ट्रंप प्रशासन की उस नीति को रद्द कर दिया, जिसके तहत 75 देशों के आवेदकों के इमिग्रेंट वीजा जारी करने पर रोक लगा दी गई थी। जज ने कहा कि यह नीति सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो के कानूनी अधिकार क्षेत्र से बाहर है।