
उत्तर प्रदेश के देवरिया के लार थाना क्षेत्र में पुश्तैनी मकान और जमीन के विवाद को लेकर सेना के जवान वीर बहादुर सिंह का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो के मुताबिक, वीर बहादुर सिंह इस वक्त हम जम्मू कश्मीर एलओसी पर तैनात हैं। वीडियो में वीर बहादुर सिंह कहते हैं, “यहां देश सेवा करूं या अपने परिवार की सुरक्षा के लिए हमेशा चिंतित रहूं। मेरे माता-पिता, मेरी छोटी बहन और प्रेग्नेंट बहन को मेरे चाचा और दबंग शोषण कर रहे हैं। उन्हें मारा पीटा जा रहा है, मैं क्या करूं”
वीर बहादुर कहते हैं कि कि अगर हमें न्याय नहीं मिला तो या तो मैं उन्हें गोली मार दूंगा या अपने को गोली मार लूंगा। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपो पर जांच शुरू की।
क्या है पूरा मामला : सर्कल ऑफिसर सलेमपुर गौरव सिंह के मुताबिक, वीर बहादुर सिंह के पिता राजा सिंह और उनके भाइयों के बीच संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद है। पुलिस के मुताबिक, चुरिया गांव में रहने वाले राजा सिंह, रामनारायण सिंह और सुग्रीव सिंह तीन भाई हैं। 31 दिसंबर 2025 को पंचायत के सामने हुए समझौते में राजा सिंह ने अपने हिस्से की जमीन तीन लाख 75 हजार रुपये और रामनारायण सिंह ने अपने हिस्से की जमीन दो लाख 50 हजार रुपये में सुग्रीव सिंह को देने पर सहमति जताई थी।
पुलिस का कहना है कि रामनारायण सिंह को पूरी रकम मिल चुकी है, जबकि राजा सिंह के हिस्से की रकम में से एक लाख 87 हजार रुपये उनके पुत्र वीर बहादुर सिंह के बैंक खाते में दिए गए थे। बाकी रकम मकान खाली करने के बाद देने की बात तय हुई थी। मौजूदा वक्त में पुराने पुश्तैनी मकान को गिराकर सुग्रीव सिंह द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जबकि राजा सिंह अपने परिवार के साथ मकान के आगे के कमरे में रह रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, राजा सिंह पंचायत में हुए समझौते को मानने से इनकार कर रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि 26 फरवरी 2026 की मारपीट की घटना में थाना लार पर मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप पत्र न्यायालय भेजा जा चुका है। दोनों पक्षों के बीच समझौते की कोशिश भी कई गई, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। मामला कोर्ट में भी विचाराधीन है। सर्कल ऑफिसर गौरव सिंह ने बताया कि मामले में जांच करने पर पता चला कि वीर बहादुर सिंह के पिता राजा सिंह तीन भाई हैं- राजा सिंह, रामनारायण सिंह, सुग्रीव सिंह। इन भाइयों का पुस्तैनी मकान चुरिया गांव में स्थित है। 31 दिसंबर 2025 को पंचायत के सामने तीनों भाइयों ने यह फैसला लिया कि राजा सिंह अपने हिस्से की जमीन ₹3,75,000 में और रामायण सिंह अपने हिस्से की जमीन ₹2,50,000 में सुग्रीव सिंह को बेच दिए हैं।
पुलिस ने बताया कि 26 फरवरी 2026 को हुई मारपीट के संबंध में थाना लार पर मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है। वीर बहादुर सिंह के पिता और उनके भाइयों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद है। दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की कोशिश की गई लेकिन सहमति नहीं बन सकी। मामला कोर्ट में विचाराधीन है।


