CJP नेता अभिजीत दिपके हिरासत में, कनॉट प्लेस में तिरंगा प्रदर्शन करने जा रहे थे, पुलिस से पूछा- कौन-सा कानून तोड़ा?

CJP नेता अभिजीत दिपके हिरासत में, कनॉट प्लेस में तिरंगा प्रदर्शन करने जा रहे थे, पुलिस से पूछा- कौन-सा कानून तोड़ा?

abhjeet dipke

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दिपके को शुक्रवार, 16 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस के मुताबिक, दिपके कनॉट प्लेस में पार्टी के प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन में शामिल होने के लिए अपने आवास से निकल रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

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हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई पर अभिजीत दिपके ने सवाल उठाते हुए पूछा, “मैंने कौन-सा कानून तोड़ा है?” पुलिस ने उन्हें बताया कि वह नई दिल्ली नहीं जा सकते और उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है।

 

घर पहुंची 20 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की टीम

 

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को दिन में 20 से अधिक दिल्ली पुलिसकर्मी झंडेवालान स्थित अभिजीत दिपके के आवास पर पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें एक नोटिस भी दिया। इसमें उनसे ऐसी किसी भी गतिविधि से दूर रहने को कहा गया, जिससे नागरिकों, व्यापारियों, राहगीरों, मरीजों और अन्य लोगों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।

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कनॉट प्लेस में प्रस्तावित था ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन

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CJP की ओर से कनॉट प्लेस में ‘लहरा दो तिरंगा’ नाम से प्रदर्शन प्रस्तावित था। इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दिपके जा रहे थे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही हिरासत में ले लिया।

87 तारीखें, 12 गवाह, फांसी की सजा सुन रो पड़ी पति की कातिल रविता, सर्पदंश का नाटक कर छिपाने की थी साजिश

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Meerut Amit Kashyap Murder Case

पति की हत्या कर उसे सांप के काटने से हुई मौत बताने की साजिश रचने के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयवीर नागर की अदालत ने अमित कश्यप हत्याकांड में दोषी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने इस वारदात को जघन्य अपराध मानते हुए कहा कि प्रेम संबंधों के चलते पति की हत्या करना सामाजिक और पारिवारिक मर्यादाओं का गंभीर उल्लंघन है।

 

अदालत ने अपने फैसले में भारतीय पारिवारिक परंपराओं और नैतिक मूल्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि पति-पत्नी का रिश्ता विश्वास और जिम्मेदारी पर आधारित होता है। इसके बावजूद रविता ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की जान ले ली। अदालत ने सावित्री और यमराज के प्रसंग का जिक्र करते हुए कहा कि जहां सावित्री अपने पति के प्राण वापस लाने के लिए यमराज से संघर्ष करती हैं, वहीं इस मामले में पत्नी ने ही अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की जान ले ली। अदालत ने इसे रिश्तों की मर्यादा को तार-तार करने वाला कृत्य माना।

 

फांसी की सजा सुनते ही रो पड़ी रविता

 

मेरठ जिला कारागार के जेल सुपरीटेंडेंट ने बताया कि फांसी की सजा सुनते ही रविता रो पड़ी।  अमरदीप भी भावुक हो गया। रविता को अपने तीन बच्चों की चिंता थी कि उनका क्या होगा। कड़ी सुरक्षा में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से दोनों से सजा सुनी, फिर उनको बैरक में वापस भेज दिया।

 

गला दबाकर हत्या, फिर रची सांप के काटने की कहानी

 

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, 12 और 13 अप्रैल 2025 की दरमियानी रात मेरठ जिले के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबर सादातपुर गांव में अमित कश्यप की हत्या कर दी गई थी। आरोप था कि पत्नी रविता ने अपने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर अमित का गला दबाया और हत्या के बाद वारदात को प्राकृतिक मौत दिखाने के लिए शव के नीचे घोड़ापछाड़ सांप रख दिया। इसके जरिए परिवार को यह विश्वास दिलाने की कोशिश की गई कि अमित की मौत सर्पदंश से हुई है।

 

हालांकि, घटनाक्रम को लेकर परिवार के मन में शुरू से ही संदेह था। शव का पोस्टमार्टम कराने की तैयारी के दौरान रविता की ओर से विरोध किए जाने की बात भी सामने आई। परिजनों का शक गहराने पर पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अमित की मौत गला दबाने के कारण होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने रविता और अमरदीप को गिरफ्तार कर लिया।

 

87 तारीखों के बाद आया फैसला

 

इस हत्याकांड की सुनवाई के दौरान अदालत में कुल 87 तारीखें पड़ीं और 12 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने पहले दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया और अब उन्हें मृत्युदंड की सजा सुनाई है। दोनों आरोपी करीब 17 महीने से चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में बंद हैं।

 

अदालत ने माना कि हत्या के बाद साक्ष्यों और परिस्थितियों को दूसरी दिशा देने के लिए सर्पदंश की कहानी तैयार करना मामले की गंभीरता को और बढ़ाता है। फैसले के बाद अमित के परिजनों ने संतोष जताया। अमित की मां मुनेश ने कहा कि अदालत के निर्णय से उन्हें सुकून मिला है और उनके बेटे की आत्मा को अब शांति मिलेगी।

 

तीन बच्चों के भविष्य की चिंता, डीएम को निर्देश

 

इस मामले में रविता के तीन बच्चे भी हैं। अदालत ने उनके पालन-पोषण और भविष्य को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी को आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। फैसले के साथ ही बच्चों की देखभाल और उनके जीवनयापन का सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है।

 

मेरठ में दो दिनों में चार दोषियों को मृत्युदंड

 

मेरठ की अदालतों के हालिया फैसलों के कारण दो दिनों के भीतर चार दोषियों को मृत्युदंड सुनाए जाने की चर्चा भी तेज है। 14 अक्टूबर को मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को मृत्युदंड सुनाया गया था। इसके बाद 16 अक्टूबर को रविता और अमरदीप को भी फांसी की सजा सुनाई गई। दोनों मामलों में पति की हत्या के पीछे प्रेम संबंधों को वजह बताया गया।

 

लगातार सामने आए इन फैसलों ने वैवाहिक रिश्तों में विश्वासघात और प्रेम संबंधों के चलते की गई हत्याओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत का फैसला पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में अहम पड़ाव है। हालांकि, मृत्युदंड के फैसले के बाद आगे की न्यायिक प्रक्रिया और अपील की स्थिति भी इस मामले में महत्वपूर्ण होगी।

यूपी में शिक्षा की नैया डुबोने वाली पार्टी है सपा : योगी आदित्यनाथ

यूपी में शिक्षा की नैया डुबोने वाली पार्टी है सपा : योगी आदित्यनाथ

CM Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। कहा कि सपा शिक्षा पर कितना भी उपदेश दे, उसका भरोसा नदी किनारे बैठे उस मगरमच्छ जैसा है, जो किसी को अपनी पीठ पर बैठाकर नदी पार कराने की बात करता है। सपा शिक्षा की नैया पार लगाने वाली नहीं, उसे डुबोने वाली पार्टी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा की चार सरकारों में शिक्षा, रोजगार और विकास के सामने संकट खड़ा हुआ। उस समय दंगे, कर्फ्यू और अराजकता प्रदेश की पहचान बन गए थे।

 

मुख्यमंत्री योगी शुक्रवार को गाजियाबाद में मेरठ-सहारनपुर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी श्रीचंद शर्मा और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी दिनेश गोयल के समर्थन में आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शिक्षकों के लिए चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार, विश्वविद्यालयों की स्थापना और सरकारी भर्तियों का उल्लेख किया। साथ ही दोनों प्रत्याशियों को फिर विधान परिषद भेजने की अपील की।

रामलीलाओं के आयोजन को लेकर सपा पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने कहा कि गाजियाबाद आते समय रास्ते में कई स्थानों पर बड़ी-बड़ी रामलीलाएं होती दिखाई दीं। सपा सरकार होती तो अब तक दंगे शुरू हो चुके होते और कर्फ्यू लगा होता। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में नवरात्रि के दौरान दुर्गा पूजा के पंडाल और अन्य धार्मिक आयोजन भी नहीं हो पाते थे। आज गाजियाबाद से हरिद्वार के बीच साढ़े चार करोड़ श्रद्धालु कांवड़ लेकर निकलते हैं। श्रद्धालु बाबा औघड़नाथ, दुग्धेश्वरनाथ और पुरा महादेव सहित विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को बिना भेदभाव अपनी आस्था व्यक्त करने का अवसर मिलना चाहिए।

शिक्षक का संस्थान नहीं, राष्ट्र निर्माण में योगदान महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शिक्षक बेसिक शिक्षा का हो या माध्यमिक, उच्च, तकनीकी अथवा चिकित्सा शिक्षा का, सभी को चिकित्सा सुविधा मिलेगी। वित्तपोषित, प्रबंधकीय व्यवस्था और स्ववित्तपोषित संस्थानों के शिक्षक भी इसमें शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षक युग निर्माता और राष्ट्र निर्माता है। वह ऐसी पीढ़ियां तैयार करता है, जिनकी ऊर्जा प्रदेश की प्रगति में काम आती है। श्रीचंद शर्मा और दिनेश गोयल जब भी शिक्षकों तथा स्नातकों की समस्याएं लेकर आए, उनका समाधान किया गया।

विश्वविद्यालयों की मान्यता में भेदभाव का आरोप

मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा सरकार में शिक्षा संस्थानों के लिए समान मानक नहीं थे। आजम खान विश्वविद्यालय बनाएं तो उनके लिए अलग नियम होते थे, जबकि ग्लोबल यूनिवर्सिटी को मान्यता नहीं दी जाती थी। भाजपा सरकार ने सभी के लिए एक जैसी व्यवस्था लागू की। सहारनपुर में मां शाकंभरी, अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप सिंह, मुरादाबाद में गुरु जंभेश्वर, आजमगढ़ में महाराज सुहेलदेव, बलरामपुर में मां पाटेश्वरी और मीरजापुर में मां विंध्यवासिनी के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित किए गए। मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय बनाया गया। लखनऊ में अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय, गोरखपुर में आयुष विश्वविद्यालय और कुशीनगर में कृषि विश्वविद्यालय का निर्माण भी कराया गया।

नौकरी के नाम पर गड़बड़ी करने वालों के लिए जेल

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। युवाओं की नौकरी से खिलवाड़ करने वालों को जेल भेजने और उनकी संपत्ति जब्त करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने दावा किया कि साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। यूपी पुलिस में 32,600 से अधिक अभ्यर्थियों के परिणाम जारी हुए हैं। 42 हजार से अधिक होमगार्ड की भर्ती के परिणाम भी आ चुके हैं। शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश में 120 स्टार्टअप थे। अब इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो चुकी है। इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बने हैं।

 

पीडीए के नाम पर टिकट वितरण को लेकर कटाक्ष

मुख्यमंत्री ने विधान परिषद चुनाव में सपा के प्रत्याशी चयन पर सवाल उठाए। कहा कि सपा के पीडीए का मतलब परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी है। पहले अपने चाचा को टिकट दिया और फिर मुंबई के एक धनकुबेर के हाथ टिकट गिरवी रख दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा टिकट वितरण में भी अपने घोषित सिद्धांतों पर नहीं चल रही है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि विधान परिषद की 11 सीटों के चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन पिछले राज्यसभा चुनाव से बेहतर होगा।

पश्चिमी यूपी में सड़क और रेल परियोजनाओं का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली-मेरठ के बीच 12 लेन एक्सप्रेसवे और नमो भारत रैपिड रेल से क्षेत्र में आवागमन सुगम हुआ है। गंगा एक्सप्रेसवे से मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा का समय घटेगा। उन्होंने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मेट्रो विस्तार और वाराणसी रोपवे परियोजना का भी उल्लेख किया। साथ ही काशी विश्वनाथ धाम, विंध्यवासिनी धाम, अयोध्या में श्रीराम मंदिर, ब्रज क्षेत्र, शुकतीर्थ और मां शाकंभरी शक्तिपीठ के विकास को विरासत और विकास का उदाहरण बताया।

23 अक्टूबर को मतदान के लिए अवकाश

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में 23 अक्टूबर को सुबह आठ से शाम चार बजे तक मतदान होगा। मतदाताओं के लिए अवकाश रहेगा। उन्होंने मतदान केंद्र पर उपलब्ध कराई जाने वाली कलम से मतपत्र पर वरीयता अंकित करने की अपील की।

 

शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी श्रीचंद शर्मा ने कहा कि प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक के शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए पांच लाख रुपये की कैशलेस चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था की गई है। वित्तविहीन शिक्षकों को राजकीय सम्मान दिलाने और शिक्षामित्रों, अनुदेशकों तथा व्यावसायिक शिक्षकों का मानदेय बढ़ाने का काम भी किया गया है।

 

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद : सम्मेलन में भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर, कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल व नरेंद्र कश्यप, राज्यमंत्री बृजेश सिंह, जसवंत सैनी, दिनेश खटीक व केपी मलिक, भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं राज्यसभा सदस्य रामप्रताप सिंह चौहान, सांसद डॉ. महेश शर्मा, भोला सिंह, अतुल गर्ग, राज्यसभा सदस्य लक्ष्मीकांत वाजपेयी और सुरेंद्र नागर सहित अन्य जनप्रतिनिधि व पदाधिकारी मौजूद रहे।

 

चीता स्टेट ‘मध्यप्रदेश: सेवा संकल्प अभियान में महिलाओं एवं छात्राओं ने बनाई मादा चीता ‘मुखी’ की विशाल प्रतिकृति

चीता स्टेट ‘मध्यप्रदेश: सेवा संकल्प अभियान में महिलाओं एवं छात्राओं ने बनाई मादा चीता 'मुखी' की विशाल प्रतिकृति

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रोजेक्ट चीता के 4 वर्ष पूर्ण होने पर श्योपुर में 1,000 से अधिक महिलाओं एवं छात्राओं द्वारा ह्यूमन रंगोली के माध्यम से भारतीय मादा चीता ‘मुखी’ की विशाल प्रतिकृति बनाना अद्भुत और प्रेरणादायी है।

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘एक्स’ पर कहा कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत नारी शक्ति की यह अनूठी पहल वन्यजीव संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और जनभागीदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आइए, हम सभी प्रकृति एवं वन्यजीवों के संरक्षण का संकल्प लें।

 

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 सितम्बर 2022 को श्योपुर जिले के कूनों में चीता पुर्नस्‍थापना प्रोजेक्‍ट की शुरूआत की थी। मात्र चार सालों में ही कूनों में चीतों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। इससे मप्र अब चीता स्‍टेट के रूप में भी विख्‍यात हुआ है।  मप्र में वर्तमान में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है।

 

सेवा संकल्प अभियान के तहत शुक्रवार को श्योपुर जिले के ढेगदा स्थित क्रीड़ा परिसर में ह्युमन रंगोली के माध्यम से भारतीय मादा चीता ‘‘मुखी’’ की भव्य एवं आकर्षक विशाल प्रतिकृति बनाई गई। क्रियेटिव श्योपुर अंतर्गत बनाई गई इस ह्युमन रंगोली में महिला बाल विकास विभाग एवं एनआरएलएम से जुड़ी एक हजार से अधिक महिलाओं तथा कन्या आदिवासी परिसर की छात्राओं द्वारा चीते के मुख रंग आधारित परिधान पहनकर यह विशाल रंगोली बनाई गई है। शारदीय नवरात्र के अवसर पर महिलाओं की सामूहिक सहभागिता ने इस आयोजन को महिला शक्ति, एकजुटता और वन्यजीव संरक्षण के संदेश से विशेष रूप से जोड़ा है।

 

‘मुखी’ के बारे में-भारतीय चीता ‘‘मुखी’’ का जन्म 29 मार्च 2023 को कूनो नेशनल पार्क में हुआ था। वह नामीबिया से लाई गई मादा चीता ज्वाला की संतान है। मुखी के नाम यह इतिहास दर्ज है कि 70 साल बाद भारत की धरती पर जन्म लेने वाली वह पहली चीता है, इसलिए चीता मुखी भारत में जन्मे पहली चीता पीढ़ी की खास पहचान है। नवंबर 2025 में मादा भारतीय चीता मुखी ने पांच शावकों को जन्म दिया। यह भारत में चीता पुनर्स्थापन परियोजना के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी। वर्तमान में मुखी तीन साल की आयु पूर्ण कर चुकी है।

यूपी में घर-घर पहुंच रहा नारी सशक्तीकरण का संदेश, महिला कल्याण विभाग ने संभाली कमान

यूपी में घर-घर पहुंच रहा नारी सशक्तीकरण का संदेश, महिला कल्याण विभाग ने संभाली कमान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन को मजबूत करने के लिए मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। शारदीय नवरात्र के अवसर पर 11 से 20 अक्टूबर तक संचालित इस अभियान में महिला कल्याण विभाग प्रमुख भूमिका निभा रहा है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।

बेटियां एक दिन की अफसर बन समझ रहीं प्रशासनिक कार्यप्रणाली

महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने बताया कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बेटियों को एक दिन का जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) बनाया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य बेटियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करना, आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें निर्णय लेने के लिए प्रेरित करना है। इससे बेटियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, प्रशासनिक कार्यप्रणाली समझने और भविष्य में जिम्मेदार पदों पर पहुंचने का हौसला मिल रहा।

सभी 75 जिलों में रैलियां, पदयात्राओं से जन-जन तक पहुंच रहा संदेश

लखनऊ, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली, अलीगढ़, भदोही, प्रयागराज, गोरखपुर, वाराणसी, उन्नाव और इटावा समेत प्रदेशभर में रैलियां, पदयात्राएं, प्रभात फेरियां और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें जनप्रतिनिधियों, पुलिसकर्मियों, छात्राओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं भाग ले रही हैं। अभियान के शुरुआती दिनों में रैलियों और पैदल मार्च में 50 हजार से अधिक लोगों ने भागीदारी की। उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं और मेधावी छात्राओं को सम्मानित करने के साथ बालिकाओं को सांकेतिक प्रशासनिक दायित्व सौंपकर नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। मेले, प्रदर्शनी स्टॉल और लोक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भी महिला सशक्तीकरण का संदेश पहुंचाया जा रहा है।

साइबर सुरक्षा से बाल विवाह उन्मूलन तक 15 गतिविधियों पर जोर

महिला कल्याण विभाग अभियान के तहत 15 प्रमुख गतिविधियों पर काम कर रहा है। इनमें जनजागरूकता रैलियां, महिला सम्मान समारोह, बालिका नेतृत्व विकास, करियर काउंसलिंग और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना संबंधी कार्यशालाएं शामिल हैं। साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बाल सुरक्षा, पॉक्सो अधिनियम और बच्चों के साथ दुर्व्यवहार की पहचान एवं सूचना देने संबंधी प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

 

कार्यस्थलों पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम के लिए पॉश अधिनियम-2013, विधिक साक्षरता शिविर और लोक अदालत सहायता के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा रही है। इसके अतिरिक्त वृद्धजन आवासों और आश्रय गृहों में संवेदीकरण, कन्या जन्मोत्सव, नवजात शिशु किट एवं पोषण वितरण, किशोरी स्वास्थ्य, माहवारी स्वच्छता और सेनेटरी पैड वितरण जैसी गतिविधियां भी संचालित हैं। बाल विवाह और दहेज उन्मूलन के लिए शपथ एवं जनसंवाद तथा महिला नेतृत्व में यातायात सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम भी अभियान का हिस्सा हैं।

सरकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ वित्तीय साक्षरता पर फोकस

महिला कल्याण विभाग की टीमें गांवों, कस्बों और शहरी क्षेत्रों में जनसंपर्क कर महिलाओं एवं परिवारों को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और पति की मृत्यु के उपरांत निराश्रित महिला पेंशन योजना की जानकारी दे रही हैं। इसका उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़कर सरकारी सहायता का लाभ दिलाना है।

 

बेसिक शिक्षा विभाग की वित्तीय साक्षरता गतिविधियों से अब तक 1,18,657 बालिकाएं जुड़ चुकी हैं। इसके माध्यम से बालिकाओं में आर्थिक समझ और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। करियर मार्गदर्शन, विधिक सहायता और सरकारी योजनाओं की जानकारी के जरिए महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाया जा रहा है। विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन और जनकल्याणकारी गतिविधियों में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को सम्मानित कर प्रोत्साहित भी किया जा रहा है।

सुरक्षित आश्रय और सहायता सेवाओं की जानकारी, लापरवाही पर कार्रवाई

17 अक्टूबर-20 को शुरू हुआ मिशन शक्ति पांच चरणों के बाद अब छठवें चरण में पहुंच गया है। अभियान के तहत महिला शरणालय, शक्ति सदन, सखी निवास, नारी संरक्षण गृह और अन्य आश्रय सुविधाओं की जानकारी जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचाई जा रही है, ताकि वे आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित आश्रय और सहायता सेवाओं का लाभ उठा सकें। आपातकालीन हेल्पलाइन के प्रचार-प्रसार के जरिए भी महिलाओं को संकट के समय उपलब्ध सहायता के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

 

महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने कहा कि महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान, स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि योगी सरकार मिशन शक्ति के प्रभावी क्रियान्वयन और महिला सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता पर जोर दे रही है। संबंधित अधिकारियों को अभियान में प्राथमिकता के आधार पर सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

नवरात्र में योगी सरकार का बड़ा आयोजन, देवी मंदिरों में होंगे दुर्गा सप्तशती पाठ और देवी गीत

नवरात्र में योगी सरकार का बड़ा आयोजन, देवी मंदिरों में होंगे दुर्गा सप्तशती पाठ और देवी गीत

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प्रदेश के प्रमुख देवी मंदिरों में शक्ति आराधना के साथ आज से महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का संदेश गूंजेगा। मिशन शक्ति के तहत योगी सरकार शारदीय नवरात्र की सप्तमी से नवमी तिथि (शनिवार से सोमवार) तक चयनित मंदिरों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कराएगी। इनमें पारंपरिक देवी गीतों पर आधारित गायन और दुर्गा सप्तशती का पाठ होगा। 

 

देवी गायन और दुर्गा सप्तशती पाठ होंगे मुख्य आकर्षण

नवरात्र की सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर होने वाले कार्यक्रमों में देवी गीतों की पारंपरिक गायन शैली को प्रमुखता दी जाएगी। इसके साथ दुर्गा सप्तशती का पाठ भी होगा। इन आयोजनों के जरिए शक्ति आराधना की परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक किया जाएगा।

 

स्थानीय कलाकारों को मंच देगी योगी सरकार

प्रत्येक मंदिर में तीन स्थानीय कलाकार प्रस्तुति देंगे। इस तरह कुल 78 कलाकारों को अपनी कला दिखाने का अवसर मिलेगा। इनमें महिला कलाकारों की संख्या अधिक रहेगी। लखनऊ के चंद्रिका देवी, संकटा देवी मंदिर, प्रयागराज के अलोपी देवी और ललिता देवी मंदिर में  तीन-तीन स्थानीय कलाकार प्रस्तुति देंगे। इस तरह लखनऊ और प्रयागराज के चार मंदिरों में कुल 12 कलाकारों को अवसर मिलेगा। बाकी 22 मंदिरों में तीन-तीन कलाकार कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। 

 

सामाजिक बदलाव का माध्यम बनेंगे आयोजन

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि शारदीय नवरात्र आस्था, शक्ति और सांस्कृतिक परंपराओं का पर्व है। हमारा प्रयास है कि धार्मिक आयोजन सामाजिक बदलाव का माध्यम बनें और महिलाओं व बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान तथा आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करें। इन कार्यक्रमों के जरिए स्थानीय कलाकारों, विशेषकर महिला कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। इससे पारंपरिक देवी गीतों और लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ कलाकारों की आजीविका को सहारा मिलेगा।

 

 

योगी सरकार इन मंदिरों में कराएगी त्रिदिवसीय आयोजन 

 

  • मां विंध्यवासिनी देवी- मीरजापुर 
  • विशालाक्षी मंदिर- वाराणसी
  • ज्वाला देवी-सोनभद्र
  • सीता समाहित स्थल- सीतामढ़ी (भदोही)
  • अलोपशंकरी देवी-प्रयागराज
  • ललिता देवी- प्रयागराज
  • कड़ावासिनी- कौशांबी
  • देवीपाटन- बलरामपुर 
  • ललिता देवी- नैमिषारण्य (सीतापुर)
  • शाकुंभरी देवी- सहारनपुर 
  • कात्यायनी देवी- मथुरा
  • मां शीतला चौकिया धाम- जौनपुर 
  • बेल्हा देवी- प्रतापगढ़ 
  • महालक्ष्मी देवी मंदिर- वाराणसी
  • चंद्रिका देवी- उन्नाव
  • देवकाली मंदिर- औरैया
  • मां तरकुलहा देवी धाम- गोरखपुर 
  • मां शीतला माता स्थल-मऊ
  • मां सिंह वाहिनी काली देवी- चित्रकूट 
  • गायत्री शक्तिपीठ- हमीरपुर 
  • बैरागढ़ माता- कोंच जालौन
  • कुष्मांडा देवी-घाटमपुर 
  • शीतला माता मंदिर- मैनपुरी
  • चामुंडा देवी मंदिर- फिरोजाबाद
  • चंद्रिका देवी मंदिर-लखनऊ
  • संकटा देवी मंदिर- लखनऊ ।

इंदौर-उज्जैन सहित मध्यप्रदेश के 12 जिलों में सूखे की आहट, पश्चिमी रीजन में 20 से 59 फीसदी तक कम बारिश

इंदौर-उज्जैन सहित मध्यप्रदेश के 12 जिलों में सूखे की आहट, पश्चिमी रीजन में 20 से 59 फीसदी तक कम बारिश

मध्य प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा से अब 12 जिलों में सूखे जैसे हालात और जल संकट की आशंका बढ़ गई है। प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, आलीराजपुर, धार, झाबुआ, रतलाम, बैतूल, नर्मदापुरम, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, हरदा और शाजापुर में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। मध्यप्रदेश में अब तक  सामान्य से 4 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई है। वहीं अगर पश्चिमी मध्य प्रदेश की बात करें तो यहां पर इस सीजन में 12 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की है। प्रदेश के 12 जिलों में सामान्य से 20 से 59 फीसदी तक कम बारिश दर्ज की गई है।

इंदौर में जलसंकट का खतरा-प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर में भी कम बारिश से सूखे के हालात पैदा हो गए है। सामान्य तौर पर इंदौर में सालाना लगभग 38 से 40 इंच बारिश होती है, लेकिन इस सीजन में  केवल 23.2 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य के काफी कम है। अल्प वर्षा से इंदौर में जलसंकट का खतरा भी मंडराने लगा है। इसकी बड़ी  वजह  इंदौर का दूसरा सबसे बड़ा ऐतिहासिक बिलावली तालाब पूरी तरह सूख चुका है। वहीं शहर की लाइफलाइन माना जाने वाला यशवंत सागर तालाब भी इस बार अपनी पूरी क्षमता तक नहीं भर पाया है।

इंदौर में जलसंकट को देखते हुए महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से 50 करोड़ का पैकेज मांगा है। महापौर ने कहा कि कम बारिश के चलते इंदौर में जलसंकट को देखते हुए भविष्य की चुनौती को देखते हुए तैयारी शुरु कर दी है। उन्होंने पानी की सप्लाई के लिए टैंकर को भरने की व्यवस्था के साथ सप्लाई के लिए जीपीएस टैंकर खरीदने की व्यवस्था के साथ, नर्मदा पाइपलाइन के लीकेज को सुधारने के साथ बिलावली तालाब और यशवंत सागर तालाब को दिसंबर के महीने में एनवीडीए से भरने की विशेष प्लानिंग की बात कही।   

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इंदौर के लोगों से अपील की है कि पानी का उपयोग आवश्यकता के अनुसार करें और जहां संभव हो, जल संरक्षण को अपनी आदत बनाएं। गौरतलब है कि 2008 में इंदौर में 20 इंच बारिश दर्ज की गई थी तब जिले में बड़ा पेयजल संकट खड़ा हो गया था।

रबी की फसल पर संकट-प्रदेश में इस सीजन में कम बारिश से रबी की फसल को लेकर बड़ा संकट खड़ा होता दिख रहा है। भारतीय किसान संघ ने सरकार से मांग की है कि कम बारिश से किसानों को सिंचाई की वैकल्पिक व्यवस्था का प्रबंध करने के साथ बीज की व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री ने की हालात की समीक्षा- प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा को लेकर जलसंकट औऱ सूखे के संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने इन जिलों में जल प्रबंधन विशेष पेयजल व्यवस्था के लिए सभी जरूरी दिशा निर्देश दिए है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सूखे की संभावना को देखते हुए किसानों को कम पानी वाली फसलें लेने के लिए भी प्रेरित करने के लिए विशेष कैंप और जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सामान्य से कम वर्षा वाले जिलों में इस स्थिति से निपटने के लिए वातावरण निर्मित करने में जल उपभोक्ता समितियां भी अपनी भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन  यादव ने प्रदेश के प्रमुख बांधों, जलाशयों में जलभराव की स्थिति, कम वर्षा वाले जिलों और उनके जल स्त्रोतों की स्थिति की जानकारी लेने के साथ नदियों में जलप्रवाह, भू-जलस्तर, मृदा में नमी जैसे बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामान्य से कम वर्षा वाले जिलों में रोजगार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से जलगंगा अभियान के अंतर्गत गतिविधियां आरंभ करने के संबंध में भी निर्देश दिए।

नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र- वहीं प्रदेश में कम बारिश को देखते हुए  नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर प्रभावित जिलों को सूखा प्रभावित घोषित करने की मांग की है। उन्होंने खरीफ फसलों का सर्वे कराने और प्रभावित किसानों को राहत पैकेज देने की मांग की है। उमंग सिंघार ने अपने पत्र में लिखा है कि  धार में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 42% कम बारिश हुई है। इससे खेतों में पर्याप्त नमी नहीं बची और रबी की बोनी के लिए सिंचाई का संकट गहराने की आशंका है। उमंग सिंघार ने धार के अलावा प्रदेश के दूसरे प्रभावित जिलों में भी सर्वे कराकर जरूरत के अनुसार राहत देने की मांग की है।

आईटी कंपनियों में लिवाली से बाजार में तेजी

आईटी कंपनियों में लिवाली के दम पर घरेलू शेयर बाजारों में शुक्रवार को एक बार फिर अच्छी तेजी देखी गई और टेक महिंद्रा का शेयर करीब साढ़े आठ प्रतिशत ऊपर बंद हुआ।

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 413.66 अंक (0.56 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 74,729.27 अंक पर पहुंच गया। हल्की बढ़त में खुलने के बाद कुछ देर के लिए यह लाल निशान में जरूर गया था, लेकिन एक बार वापसी करने के पूरे दिन तेजी बनी रही।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक भी 148.80 अंक चढ़कर 23,146.15 अंक पर बंद हुआ। यह दोनों का 23 सितंबर के बाद का उच्चतम स्तर है।

अच्छे तिमाही परिणाम और बोनस शेयर की घोषणा के बाद टेक महिंद्रा के शेयर में आज उछाल देखा गया। कंपनी के गुरुवार को जारी वित्तीय परिणामों के अनुसार, जुलाई-सितंबर 2026 की तिमाही में उसका मुनाफा सालाना आधार पर 32.7 प्रतिशत बढ़कर 1,586 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। राजस्व में 15.6 फीसदी की वृद्धि हुई और यह 16,180 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने प्रत्येक शेयर पर एक बोनस शेयर जारी करने की घोषणा की है। साथ ही प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 15 रुपये के अंतरिम लाभांश की भी घोषणा की है।

वृहत बाजार में मझौली और छोटी कंपनियों के सूचकांक गिरावट में रहे। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.06 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.01 प्रतिशत नीचे रहा।

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सेक्टर आधारित सूचकांकों में निफ्टी आईटी सूचकांक में 3.92 प्रतिशत का उछाल रहा। मीडिया समूह का सूचकांक 1.92 फीसदी, धातु का 0.95 प्रतिशत और ऑटो का 0.75 प्रतिशत मजबूत हुआ। एफएमसीजी, रियल्टी, फार्मा, स्वास्थ्य, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और तेल एवं गैस समूहों में गिरावट रही।

एनएसई में जिन 3,669 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ उनमें से 2,131 के शेयर ऊपर और 1,422 के नीचे बंद हुए। अन्य 116 कंपनियों के शेयर अंततः अपरिवर्तित बंद हुए।

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 18 के शेयरों मजबूती में रहे। टेक महिंद्रा की 8.45 प्रतिशत क तेजी के बाद टीसीएस का शेयर 4.61 फीसदी और इंफोसिस का 4.55 फीसदी ऊपर रह। भारती एयरटेल में 2.86 प्रतिशत और महिंद्रा एंड महिंद्रा में 2.38 फीसदी की बढ़त रही।

बजाज फाइनेंस का शेयर 1.38 प्रतिशत और एचसीएल टेक्नोलॉजीज का 1.08 प्रतिशत ऊपर रहा। एनटीपीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति सुजुकी, पावरग्रिड, बजाज फिनसर्व और ट्रेंट के शेयर भी हरे निशान में रहे।

विमान सेवा कंपनी इंडिगो में 2.23 फीसदी की गिरावट रही। रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 1.09 प्रतिशत और एशियन पेंट्स का एक प्रतिशत टूट गया। बीईएल, आईटीसी, एलएंडटी, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा स्टील और अडानी पोर्ट्स भी नुकसान में रहे।

वैश्विक स्तर पर एशिया में जापान का निक्केई 1.39 प्रतिशत, हांगकांग का हैंग सेंग 0.52 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.24 प्रतिशत की बढ़त में बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार में जर्मनी का डैक्स 0.95 फीसदी और ब्रिटेन का एफटीएसई 0.04 प्रतिशत ऊपर था।

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निर्वाचन आयोग ने 17 राज्यों में मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का दिया आदेश

निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) का आदेश दिया। साथ ही आयोग ने पहली बार यह निर्देश दिया है कि राजनीतिक दलों को “पढ़ने योग्य पीडीएफ प्रारूप” में मतदाता सूचियां उपलब्ध कराई जाएं।

जिन राज्यों में एसएसआर कराया जाएगा, उनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर शामिल हैं। इन राज्यों में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अंतिम मतदाता सूची चार जनवरी को प्रकाशित की जाएगी।

निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, निर्वाचन कानून के तहत एसएसआर एक अनिवार्य वार्षिक प्रक्रिया है। यह प्रक्रिया खास तौर पर उन राज्यों में की जाती है, जहां विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

मशीन द्वारा पढ़े जाने योग्य मतदाता सूची की उपलब्धता विपक्षी दलों की एक प्रमुख मांग रही है। हालांकि, आंकड़ों में हेरफेर की आशंकाओं और अदालती आदेशों का हवाला देते हुए निर्वाचन आयोग (ईसी) ने फिलहाल के लिए इस मांग को खारिज कर दिया है।

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एक अहम बदलाव के तहत, ईसी राजनीतिक दलों को मतदाता सूचियों की ‘सॉफ्ट कॉपी’ उपलब्ध कराएगा। अब मसौदा और अंतिम मतदाता सूचियां (बिना फोटो के) ‘इमेज पीडीएफ’ के बजाय ‘पढ़ने योग्य पीडीएफ प्रारूप’ में दी जाएंगी।

इन 17 राज्यों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पूरा हो चुका है। वहीं, असम में कानूनी कारणों से एसआईआर के बजाय विशेष पुनरीक्षण कराया गया।

मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य पात्र मतदाताओं, खासकर युवाओं और पहली बार मतदान करने वालों के नाम मतदाता सूची में शामिल करना, इसकी प्रविष्टियों में सुधार करना और इसमें संशोधन को और बेहतर बनाना है।

जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसएसआर कराया जाएगा, उनमें अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, मणिपुर, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।

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‘अमित शाह की पुलिस’ की बर्बरता को अनदेखा नहीं किया जाएगा: राहुल गांधी

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई में कई विद्यार्थियों के घायल होने का हवाला देते हुए शुक्रवार को कहा कि ‘‘अमित शाह की दिल्ली पुलिस की बर्बरता को अनदेखा नहीं किया जाएगा’’ और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ हर कानूनी रास्ता अपनाया जाएगा।

गांधी ने इन विद्यार्थियों से हाल ही में हुई मुलाकात का एक वीडियो ‘एक्स’ पर साझा किया। इनमें कुछ का संबंध कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई से है। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने केरल की अथिरा और राजस्थान की रितु समेत कई विद्यार्थियों की पिटाई की, लेकिन इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार किया जा रहा है।

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से बात की तथा उनसे संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ अपने यहां मामला दर्ज कराने के लिए कहा।

उन्होंने कहा कि केरल में पहले ही ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज की जा चुकी है और घटना के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ केरल, राजस्थान तथा अदालतों में उपलब्ध सभी कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल किया जाएगा। गांधी ने कहा अमित शाह की दिल्ली पुलिस की बर्बरता को अनदेखा नहीं किया जाएगा।’’

कांग्रेस नेता ने इस घटना की तुलना 1930 के धरासणा सत्याग्रह से भी की और कहा कि उस समय सरोजिनी नायडू के नेतृत्व में निहत्थे सत्याग्रहियों ने पुलिस की लाठियों का सामना किया था, लेकिन उनमें से किसी ने जवाब में हाथ नहीं उठाया और पूरी दुनिया ने इसे देखा था। उन्होंने कहा पुलिस हड्डियां तोड़ सकती है, सत्याग्रह नहीं।’’

गांधी ने कहा कि देश के युवा, विशेषकर युवतियां निडर, दृढ़ और एकजुट’’ हैं तथा लोकतंत्र के लिए खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा मैं उनके साथ खड़ा हूं।

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