
नेपाल और तिब्बत की सीमा पर आए भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़ी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए ईशा फाउंडेशन के 77 यात्री और स्वयंसेवक लापता बताए जा रहे हैं। अपनों की तलाश और उनकी सुरक्षा को लेकर ईशा फाउंडेशन से जुड़े लोगों में चिंता का माहौल है।
इस घटना की जानकारी सामने आने के बाद सद्गुरु जग्गी वासुदेव भी बेहद भावुक नजर आए। यात्रा दल के सदस्यों के लापता होने की खबर ने उन्हें गहरे सदमे में डाल दिया है। अपनों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद के बीच उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
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भीषण जलप्रलय से मची तबाही
नेपाल और तिब्बत की सीमा से लगे इलाके में अचानक आई बाढ़ के कारण कई क्षेत्रों में भारी नुकसान की खबर है। तेज पानी के बहाव ने रास्तों और संपर्क व्यवस्था को प्रभावित किया है, जिससे राहत और बचाव कार्य में भी मुश्किलें सामने आ रही हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए यात्रियों और स्वयंसेवकों का पता लगाने के लिए बचाव एवं राहत प्रयास जारी हैं। लापता लोगों के परिवार उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं।
सद्गुरु ने जताई गहरी चिंता
यात्रा दल के सदस्यों के लापता होने की खबर के बाद सद्गुरु जग्गी वासुदेव भावुक हो गए। उन्होंने इस मुश्किल घड़ी में लापता यात्रियों और स्वयंसेवकों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है। फिलहाल सभी की निगाहें राहत और बचाव अभियान पर टिकी हैं। उम्मीद है कि अभियान के जरिए लापता यात्रियों और स्वयंसेवकों का जल्द पता लगाया जा सकेगा।


