मध्यप्रदेश में निवेश हर दृष्टि से आपको लाभ देगा: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मध्यप्रदेश में निवेश हर दृष्टि से आपको लाभ देगा: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को आंध्र प्रदेश में निवेशकों से मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापना का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने कहा मध्यप्रदेश सरकार की औद्योगिक विकास की प्रोत्साहनकारी नीतियों के कारण निवेशकों द्वारा किए गए निवेश पर उन्हें हर स्थिति में लाभ होगा।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेश के नए अवसरों और औद्योगिक साझेदारियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में हो रहे कार्यों की जानकारी निवेशकों को दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा में बताया कि मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश की व्यापक संभावनाओं और अनुकूल औद्योगिक वातावरण का लाभ सभी को मिल रहा है। राज्य सरकार की निवेश प्रोत्साहन की 25 सरलीकृत नीतियां विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आने में सहायक बन रही हैं। मध्यप्रदेश में धार जिले में पीएम मित्र पार्क और ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग इकाई में महत्वपूर्ण निवेश अब क्रियान्वयन की ओर है। हाल ही में जबलपुर-इंदौर औद्योगिक कॉरिडोर की योजना तैयार की गई है। यह कॉरिडोर प्रदेश के बड़े व्यापक भू-भाग की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करेगा।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की विजयवाड़ा में सुप्रसिद्ध अभिनेता विजय देवरकोंडा एवं अभिनेत्री रश्मिका मंदाना से भी भेंट हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश फिल्म शूटिंग के क्षेत्र में देश में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। प्रदेश की फिल्म-फ्रेंडली नीतियां, फिल्म निर्माताओं को आकर्षित करने में सफल हुई हैं।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को जीआईएस : 2027 का आमंत्रण देते हुए आयोजन की रूपरेखा की जानकारी दी जिसमें भोपाल में विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख उद्योगपति और निवेशक एकत्र होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 2025 में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट हुई थी जिसमें 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए थे। इन प्रस्तावों में से एक तिहाई प्रस्तावों को धरातल पर उतारा जा चुका है। यह एक बड़ी उपलब्धि है।

 

निवेशकों से की वन-टू-वन चर्चा-टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोहन स्पिनटेक्स इंडिया लिमिटेड के संस्थापक एवं प्रबंध संचालक वी. सुधाकर चौधरी तथा अनंत लक्ष्मी स्पिनिंग मिल्स के अध्यक्ष सामिनेनी कोटेश्वर राव से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने दोनों उद्योगपतियों को धार स्थित पीएम मित्रा पार्क और प्रदेश के कपास उत्पादक क्षेत्रों में इकाइयां स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया। चर्चा में स्पिनिंग, होम टेक्सटाइल, बुनाई और प्रसंस्करण इकाइयों के लिए प्रदेश में उपलब्ध अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। 

 

कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में तेनाली डबल हॉर्स के प्रबंध संचालक मोहन श्याम प्रसाद के साथ प्रदेश के दलहन उत्पादक क्षेत्रों के समीप दाल मिल स्थापित करने की संभावनाओं पर संवाद हुआ। कॉन्टिनेंटल कॉफी के महाप्रबंधक मीनावल्ली बलराम से उत्तर और मध्य भारत के बाजारों में आपूर्ति के लिए मध्यप्रदेश में कॉफी ब्लेंडिंग, पैकिंग एवं वितरण केंद्र विकसित करने पर विचार-विमर्श किया गया।

 

इंजीनियरिंग क्षेत्र में क्रिस्टना इंजीनियरिंग वर्क्स के संचालक श्री बी. राजा शेखर के साथ प्रदेश के सीमेंट, खनन और विद्युत उत्पादन क्षेत्रों की औद्योगिक आवश्यकताओं पर चर्चा हुई। इन उद्योगों के समीप कास्टिंग, मशीनिंग, कलपुर्जों और सर्विस सेंटर से संबंधित इकाइयों की स्थापना की संभावनाओं पर विचार किया गया। रामकोर ग्रुप के अध्यक्ष के.वी.एस. प्रकाश राव से प्रदेश में वाणिज्यिक वाहनों और ट्रैक्टरों के डीलर नेटवर्क के विस्तार तथा ऑटो-सर्विस क्षेत्र में कौशल विकास पर चर्चा हुई।

 

सिंहस्थ 2028 के दृष्टिगत पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में निवेश को लेकर फॉर्च्यून मुरली ग्रुप के प्रबंध संचालक मुत्तवरपु मुरली (कृष्णा) से संवाद हुआ। मुख्यमंत्री ने उज्जैन, इंदौर और ओंकारेश्वर में होटल व्यवसाय एवं पर्यटन सुविधाओं के विकास की संभावनाओं पर चर्चा की।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधोसंरचना और नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के प्रमुख उद्योग प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। ऋत्विक प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर एवं लोकसभा सांसद डॉ. सी.एम. रमेश तथा कंपनी के कार्यकारी संचालक सी.एम. राजेश के साथ प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। कंपनी अधोसंरचना विकास, इंजीनियरिंग एवं निर्माण, सिंचाई, बांध निर्माण और नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्रों में कार्यरत है।

 

बोंडाडा ग्रुप के अध्यक्ष एवं प्रबंध संचालक डॉ. बोंडाडा राघवेंद्र राव के साथ भी प्रदेश में निवेश के अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। समूह नवकरणीय ऊर्जा, सोलर परियोजनाओं, टेलीकॉम और रेलवे अधोसंरचना के क्षेत्रों में कार्य करता है। नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड के प्रमोटर एवं संचालक सी. गोविंद विश्वेश से अधोसंरचना और नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की संभावनाओं पर चर्चा हुई। सीवीआर समूह से जुड़ी नवयुग इंजीनियरिंग एवं चिंता ग्रीन एनर्जी कंपनियां पुल, टनल, बंदरगाह, सिंचाई, सौर ऊर्जा, बैटरी भंडारण और पंप्ड स्टोरेज जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं।

 

खाड़ी देशों के निवेशकों से संपर्क बढ़ाने के लिए आईडीएफआईसी, दुबई के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  एस.एस. राजू से चर्चा की गई। इसमें खाड़ी देशों और प्रवासी भारतीयों के निवेश को प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ने की संभावनाओं पर विचार हुआ। इंटरनेशनल स्टार्टअप फाउंडेशन, मिडिल ईस्ट के अध्यक्ष रावुरी एस. राव के साथ मध्यप्रदेश के स्टार्टअप्स को खाड़ी देशों के निवेशकों और बाजारों से जोड़ने पर संवाद हुआ।

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आंध्र प्रदेश चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री फेडरेशन के अध्यक्ष पोतलूरी भास्कर राव से भी भेंट की। उन्होंने राव को भोपाल में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ सहभागिता के लिए आमंत्रित किया।

 

 

अमेरिका-जर्मनी तक जियो की नजर, 12 साझेदारियों से 150 करोड़ यूजर्स तक पहुंच की उम्मीद

अमेरिका-जर्मनी तक जियो की नजर, 12 साझेदारियों से 150 करोड़ यूजर्स तक पहुंच की उम्मीद

Reliance Jio Akash Ambani: जियो के आईपीओ से पहले देशभर से मुंबई में जुटे ब्रोकर्स से बातचीत के दौरान एक सवाल के जवाब में जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने कंपनी के ग्लोबल प्लान का अब तक का सबसे ठोस संकेत दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में करीब 12 रणनीतिक साझेदारियों के जरिए जियो की टेक्नोलॉजी 150 करोड़ अतिरिक्त यूजर्स तक पहुंच सकती है। अमेरिका और जर्मनी जैसे विकसित देशों से लेकर पूर्वी एशिया, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका तक जियो संभावनाएं देख रहा है।

 

जियो पहले भी अपने इंटरनेशनल बिजनेस और इन-हाउस विकसित टेक्नोलॉजी स्टैक को विदेशी बाजारों में ले जाने की बात करता रहा है। लेकिन अब पहली बार इस योजना का संभावित पैमाना सामने आया है। यानी ग्लोबल विस्तार की कहानी सिर्फ इरादे तक सीमित नहीं है। कंपनी अब संभावित साझेदारियों और उनसे जुड़ सकने वाले यूजर बेस को संख्या में देख रही है।

 

आकाश अंबानी के मुताबिक जियो का अवसर केवल उन देशों में नहीं है, जहां डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कमजोर है। अमेरिका और जर्मनी जैसे विकसित बाजारों में भी फाइबर रोलआउट की मौजूदा स्थिति कंपनी के लिए अवसर पैदा कर सकती है। इसके अलावा पूर्वी एशिया, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका भी संभावित बाजारों में शामिल हैं।

 

कंपनी का इरादा इन देशों में सीधे जाकर टेलीकॉम ऑपरेटर बनने का नहीं, बल्कि स्थानीय ऑपरेटर्स के साथ साझेदारी कर अपना टेक्नोलॉजी स्टैक उपलब्ध कराने का है। जियो अपने इंटीग्रेटेड होम ब्रॉडबैंड स्टैक को ऐसे ही एक बड़े ग्लोबल अवसर के रूप में देखता है। आकाश ने कहा कि टेक्नोलॉजी बनाना और उसे बड़े पैमाने पर सफलतापूर्वक चलाना दो अलग क्षमताएं हैं—और जियो इन दोनों को भारत में साबित कर चुका है।

 

यही इस कहानी को जियो से आगे भारत के लिए भी महत्वपूर्ण बनाता है। भारत लंबे समय तक दुनिया की बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए विशाल यूजर मार्केट रहा है। अब जियो की कोशिश भारत में विकसित और भारत में करोड़ों लोगों के बीच scale की गई टेक्नोलॉजी को दुनिया के दूसरे बाजारों तक पहुंचाने की है। आकाश अंबानी पहले भी भारत के लिए टेक्नोलॉजी आयातक से टेक्नोलॉजी निर्यातक बनने की संभावना की बात कर चुके हैं।

 

इस ग्लोबल प्लान में होम ब्रॉडबैंड के अलावा 5G भी अहम हिस्सा हो सकता है। कंपनी अलग-अलग देशों की जरूरतों के मुताबिक अपने टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म के लिए अलग-अलग बाजार देख रही है।

 

अगर ये साझेदारियां आकार लेती हैं, तो जियो के लिए यह विदेशी बाजारों से कमाई का नया रास्ता होगा। साथ ही भारत के लिए इसका बड़ा संदेश यह होगा कि देश अब केवल टेक्नोलॉजी का बड़ा उपभोक्ता नहीं, बल्कि उसे बनाने, बड़े पैमाने पर चलाने और दुनिया को देने वाला खिलाड़ी बनने की दिशा में बढ़ रहा है।

हमारे ब्रेस्ट खींचे गए, कपड़े फाड़ दिए गए, प्रदर्शनकारी लड़कियों ने राहुल गांधी को बताया अपना दर्द

हमारे ब्रेस्ट खींचे गए, कपड़े फाड़ दिए गए, प्रदर्शनकारी लड़कियों ने राहुल गांधी को बताया अपना दर्द

Delhi Police Brutality Allegations: हमारे ब्रेस्ट खींचे गए… हमारे कपड़े फाड़ दिए, गंदी-गंदी गालियां दी गईं… हमें कपड़े ठीक करने तक का टाइम नहीं दिया गया… मेरा पैर मोड़ दिया गया, इसके बाद से पैर में फ्रेक्चर है… ऐे‍सी ही कई बातें हैं जो प्रदर्शनकारी लड़कियों ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बातचीत के दौरान साझा कीं। इस बातचीत का पूरा वीडियो कांग्रेस ने अपने एक्स हैंडल पर साझा किया है। 

 

लड़कियों से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र के लिए आवाज उठाने वाली छात्राओं-महिलाओं के साथ क्रूरता की गई। ये आवाज दबाने की साजिश है। क्योंकि मोदी-शाह जानते हैं कि जिस दिन सत्ता हाथ से गई, उस दिन उनकी मनमानी की कहानी खत्म हो जाएगी। इनका लोकतंत्र में भरोसा नहीं है। 

कपड़े संभालने तक का मौका नहीं दिया

राहुल गांधी के साथ बातचीत में लड़कियों ने एक के बाद एक प्रदर्शन के अपने बुरे अनुभव साझा करते हुए अपनी पीड़ा बताई। एक लड़की ने कहा कि हमारे साथ बर्बरता की गई। हमारे ब्रेस्ट खींचे गए। हमें अपने कपड़े संभालने तक का मौका नहीं दिया गया। उसी हालत में पुलिस ने खींचा। राहुल गांधी के सवाल करने पर लड़कियों ने कहा कि यह हरकत हमारे साथ मर्दों ने की। लड़की ने कहा कि वे मौके की तलाश में थे कि लड़कियों को कैसा छेड़ा जाए।

मेरा पैर मोड़ दिया, हमें घसीटा गया

एक अन्य लड़की ने कहा कि मेरा पैर बुरी तरह मोड़ दिया गया। इससे पांव में सूजन आ गई। बाद में पता चला कि फ्रेक्चर है। लड़कियों ने कहा कि छेड़छाड़ आम बात हो गई है। प्राइवेट पार्ट में डंडा मारने जैसी घटनाएं भी हुई हैं। दरअसल, पुलिस का कहना था कि इनके साथ ऐसी हरकतें करें कि ये शर्म के मारे यहां से चली जाएं। 

 

एक अन्य लड़की ने कहा कि महिला पुलिस द्वारा भी हमें मर्दों के सामने गालियां दीं। हमें नोंचा गया, घसीटा गया। हमारे शरीर पर उसके निशान पड़ गए। …और कितने सबूत दिखाएं। हालांकि वे अब इस तरह से काम कर रहे हैं कि कुछ दिखाई नहीं दे। 

क्या कहा राहुल गांधी ने?

राहुल गांधी ने लड़कियों से सवाल किया कि आपको पता है यह सब क्यों हो रहा है? उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने बर्बरता की सभी हदें पार कर दी हैं। दरअसल, दो-तीन क्रिमिनल सत्ता में बैठे हुए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के नाम का सीधे उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये लोग जानते हैं कि जिस दिन ये सत्ता से गए इनकी कहानी खत्म हो जाएगी। इन्हें अपने फ्यूचर को प्रोटेक्ट करना है। इसलिए ये लोग पैनिक कर रहे हैं। पुलिस वालों को भी डरा रहे हैं। शाह और मोदी का यही डर पुलिस में ट्रांसफर हो रहा है। 

CJP नेता अभिजीत दिपके को सशर्त जमानत, बॉन्ड की शर्त के बाद अब आंदोलन का क्या होगा?

CJP नेता अभिजीत दिपके को सशर्त जमानत, बॉन्ड की शर्त के बाद अब आंदोलन का क्या होगा?

Abhijit Dipke Cockroach Janata Party

Abhijeet Dipke Conditional Bail: कनॉट प्लेस में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SME) कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। दिल्ली पुलिस द्वारा शांति भंग करने के आरोप में की गई कार्रवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें शांति बनाए रखने का बॉन्ड भरने की शर्त पर जमानत दे दी। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या दिपके द्वारा बॉन्ड भरने के बाद सीजेपी का आंदोलन ठंडा पड़ जाएगा। 

 

शर्त के मुताबिक, दिपके को एक बॉन्ड भरना होगा जिसमें उल्लेख है कि वे ऐसी कोई गतिविधि नहीं करेंगे जिससे शांति भंग होने की आशंका हो। दिपके को 50 हजार रुपए का मुचलका भी भरना होगा। जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें रिहा कर दिया जाएगा। इससे पहले सीजेपी ने दिपके की गिरफ्तारी पर भी सवाल उठाए थे। दिपके की हिरासत से पहले सीजेपी के दो सह-संयोजकों सौरव दास और आशुतोष रांका को भी गिरफ्तार किया गया था।  ALSO READ: Abhijeet Dipke : दिल्ली में तिरंगा यात्रा पर अड़े CJP प्रमुख अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया

कानूनी प्रक्रिया और गिरफ्तारी का आधार

दिल्ली पुलिस के अनुसार, दिपके को पहले कनॉट प्लेस में मार्च से पूर्व एहतियातन हिरासत में लिया गया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत प्राथमिक औपचारिकताएं पूरी की गईं। तत्पश्चात, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126 और 170 के तहत शांति भंग करने का नया मामला दर्ज कर उन्हें आधिकारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। शनिवार को एसईएम कोर्ट में पेशी के बाद अदालत ने उन्हें सशर्त जमानत पर रिहा करने का फैसला सुनाया। ALSO READ: CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हंगामा, अभिजीत दीपके बोले- 50-100 रुपए देकर बाहर कीजिए, लहरा दो तिरंगा को लेकर बताया प्लान

पहले भी लिया गया था हिरासत में

उल्लेखनीय है कि 10 अक्टूबर को भी दिल्ली एयरपोर्ट पर दिपके को हिरासत में लिया गया था और शांति भंग करने का मामला दर्ज किया गया था। उस दौरान उनसे एक साल की अवधि तक शांति बनाए रखने के मुचलके (Bond) पर हस्ताक्षर कराए गए थे। शुक्रवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अभिजीत दीपके और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा समेत करीब 150 प्रदर्शनकारियों को एहतियातन हिरासत में लिया था। दीपके को जाफरपुर कलां थाने ले जाया गया था।

कनॉट प्लेस और मंडी हाउस में भारी विरोध-प्रदर्शन

पुलिस की कार्रवाई के बावजूद कनॉट प्लेस के इनर सर्कल और मंडी हाउस में छात्रों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं का भारी जमावड़ा देखा गया। प्रदर्शनकारियों ने कनॉट प्लेस में मार्च निकाला, बीच-बीच में ‘जय हिंद’ के नारे लगाए और राष्ट्रगान गाया। आइसा (AISA) और एसएफआई (SFI) के सदस्यों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रद्द करने तथा निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित नए अधिनियम को वापस लेने की मांग की।

जनगणना-2027 की तैयारी तेज, पौड़ी में फील्ड ट्रेनर्स का प्रशिक्षण संपन्न

उत्तराखंड के पौडी में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण यानी जनसंख्या गणना को व्यवस्थित और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के लिए पौड़ी में फील्ड ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शनिवार को संपन्न हो गया। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रशिक्षण में जनगणना की प्रक्रिया, प्रश्नावली के अनुरूप जानकारी दर्ज करने और आंकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। प्रशिक्षण के बाद फील्ड ट्रेनर्स जिले के पर्यवेक्षकों और प्रगणकों को प्रशिक्षित करेंगे। इसके बाद प्रगणक घर-घर जाकर जनसंख्या गणना के लिए आवश्यक जानकारियां जुटाएंगे।

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मास्टर ट्रेनर एवं खंड शिक्षाधिकारी एकेश्वर गुंजन अमरोही ने कहा कि जनगणना के आंकड़े देश की सामाजिक और जनसांख्यिकीय स्थिति के आकलन का महत्वपूर्ण आधार हैं। ऐसे में प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी, पारदर्शिता और सटीकता बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने प्रशिक्षकों से प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को आगे प्रभावी ढंग से साझा करने का आह्वान किया, ताकि गणना प्रक्रिया में एकरूपता बनी रहे।

जनगणना निदेशालय से आए मास्टर ट्रेनर कमल कर्नाटक ने प्रश्नावली के माध्यम से जानकारी जुटाने, सवाल पूछने की सही प्रक्रिया और उत्तरों को निर्धारित प्रारूप में दर्ज करने के तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करने से संकलित आंकड़ों की विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सकेगी।

प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर राकेश पोखरियाल, जिला प्रभारी जनगणना शिव कुमार एवं वीरेंद्र कुमार, फील्ड ट्रेनर प्रदीप बिष्ट सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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NLSIU दीक्षांत समारोह में बोले CJI सूर्यकांत, कानूनी पेशा कमजोर दिल वालों के लिए नहीं, सिद्धांतों से न करें समझौता

NLSIU दीक्षांत समारोह में बोले CJI सूर्यकांत, कानूनी पेशा कमजोर दिल वालों के लिए नहीं, सिद्धांतों से न करें समझौता

cji suryakant

NLSIU Bengaluru Annual Convocation: नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) के 34वें वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) और विश्वविद्यालय के चांसलर जस्टिस सूर्यकांत ने नए ग्रेजुएट्स को सत्य, साहस और सिद्धांतों के साथ कानूनी पेशे में कदम रखने का आह्वान किया। हाल के दिनों में संस्थान के इर्द-गिर्द बने अनिश्चितता के माहौल का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि तमाम चुनौतियों के बावजूद कानूनी पेशे का मुख्य उद्देश्य समाज की सेवा और न्याय की रक्षा करना है।

 

CJI जस्टिस सूर्यकांत ने नए कानूनी पेशेवरों को प्रेरित करते हुए कहा कि वकीलों का कर्तव्य केवल कानूनों और मिसालों में महारत हासिल करना नहीं, बल्कि सही के लिए खड़े होने का साहस दिखाना भी है। समारोह में फैकल्टी मेंबर्स, प्रतिष्ठित हस्तियों और छात्रों के परिजनों की मौजूदगी में डिग्रियां प्रदान की गईं। ALSO READ: मजिस्ट्रेट की इतनी हिम्मत..? छात्र को नोटिस भेजने पर भड़के CJI, ग्रेटर नोएडा प्रशासन को लगाई कड़ी फटकार

बाहरी ताकतों का किया जिक्र

हाल के हफ्तों में संस्थान के आस-पास हुए घटनाक्रमों और उथल-पुथल की ओर इशारा करते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि कुछ बाहरी ताकतों की वजह से कुछ अनचाहे और दुर्भाग्यपूर्ण हालात अपने साथ अनिश्चितता की भावना लेकर आए। कुछ समय के लिए ऐसा लगा कि यह मौका शायद वैसा न हो जैसा हमने उम्मीद की थी। हालांकि, इन सभी अनिश्चितताओं को दरकिनार करते हुए 34वां दीक्षांत समारोह अपने तय समय पर गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। ALSO READ: लगता है डांस करने का समय आ गया… सुप्रीम कोर्ट में सिब्बल की बात सुन हंस पड़े CJI सूर्यकांत!

कानूनी पेशा कमजोर दिल वालों के लिए नहीं

युवा ग्रेजुएट्स को संबोधित करते हुए सीजेआई ने कानूनी पेशे की गंभीरता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मैं अक्सर सोचता हूं कि कानूनी पेशा कमजोर दिल वालों के लिए नहीं है। इसके लिए न सिर्फ कानूनों और मिसालों पर महारत चाहिए, बल्कि जो सही है उसे बचाने की हिम्मत और उन आवाजों को सुनने की विनम्रता भी चाहिए जिन्हें अक्सर सुना नहीं जाता।

 

उन्होंने आगे कहा कि वैचारिक स्वतंत्रता के लिए निडरता बेहद जरूरी है। फैसला करने से पहले सुनना, किसी व्यक्ति को उसकी सामाजिक या आर्थिक स्थिति से अलग हटकर देखना और दूसरे व्यक्ति के सम्मान को ठेस पहुंचाए बिना असहमति दर्ज कराना ही सच्चे वकील की पहचान है। ALSO READ: CJP प्रोस्टेट पर बोले CJI- युवाओं की बात सुननी चाहिए, हिंसा का जवाब हिंसा नहीं हो सकता

कानून स्थिर प्रक्रिया नहीं

कानून की गतिशीलता पर बात करते हुए सीजेआई ने कहा कि कानून कोई स्थिर प्रक्रिया नहीं है। उन्होंने कहा, “कानून सांस लेता है और इसे मानने वालों के दिमाग और कामों से विकसित होता है। आप जिन मामलों में बहस करेंगे, जो कॉन्ट्रैक्ट्स ड्राफ्ट करेंगे, जो सलाह देंगे और जो फैसले लिखेंगे, वे सभी देश के न्याय के व्यापक ढांचे में योगदान देंगे।

सिद्धांतों से समझौता मत करें

सीजेआई सूर्यकांत ने छात्रों को आगाह किया कि वे अपने पेशेवर जीवन में सफलता पाने के लिए आसान रास्तों या शॉर्टकट का चुनाव न करें। उन्होंने कहा कि छात्र संस्थान में सीखे गए नैतिक मूल्यों को अपने जीवन में हमेशा बनाए रखें। वकीलों को वास्तविक संतुष्टि अन्याय को दूर करने, लोगों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा करने और संविधान के मूल्यों को अक्षुण्ण रखने से मिलती है।

देश को आपसे उम्मीद

राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए जस्टिस सूर्यकांत ने अपील की कि छात्र देश के प्रति अपनी व्यापक जिम्मेदारी को समझें। उन्होंने कहा कि जब आप इस संस्थान से निकलकर दुनिया में कदम रखेंगे, तो याद रखिएगा कि देश आपको केवल कानून के पेशेवरों के रूप में नहीं, बल्कि एक उम्मीद की किरण के रूप में देखता है।

बाबा खाटू श्यामजी जा रही बस नाले में गिरी, आठ मरे, 12 घायल

राजस्थान में कोटा के समलिया थाना क्षेत्र में शनिवार तड़के दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेसवे- 8 लेन पर एक ट्रेवलर बस के अनियंत्रित होकर पुलिया से गिरने से आठ लोगों की मौत हो गई और 12 अन्य लोग घायल हो गये। पुलिस सूत्रों ने बताया कि भोपाल से करीब 25 लोग ट्रेवलर बस से राजस्थान में प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटु श्यामजी जा रहे थे। तड़के कराड़िया इंटरचेंज पुलिस पर अचानक ट्रेवलर बस अनियंत्रित होकर पुलिया से करीब 15 फुट नीचे गिर गई। इस आठ लोगों की मौत हो गई जबकि करीब 12 लोग घायल हो गये। 

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पुलिस ने बताया कि सभी घायलों को कोटा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सुजीत शंकर ने बताया कि अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से सात की पहचान हो गई है। पांच लोग मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के हैं। हादसा चालक को नींद आने के चलते हुआ। मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल नीलेश जैन ने बताया कि सभी घायलों का इलाज जारी है। कलेक्टर पीयूष सामरिया ने भी मेडिकल कालेज में पहुंचकर घायलों की स्थिति जानी।

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सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके को मिली जमानत

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) संस्थापक अभिजीत दिपके को शनिवार शाम विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने कुछ शर्तों पर जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

उन्हें यहां कनॉट प्लेस में आयोजित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च के आह्वान के दौरान शुक्रवार को निवारक धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया था। इस मार्च से पहले हिरासत में लिए गए श्री दीपके के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126/170 के तहत कार्रवाई शुरू की गई थी। श्री दिपके के अलावा ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा को भी शनिवार तड़के रिहा कर दिया गया।

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पुलिस के अनुसार सुश्री बोरा को दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत औपचारिक प्रक्रियाओं के बाद रिहा किया गया। इससे पहले शुक्रवार को सीजेपी ने दावा किया था कि श्री दीपके को किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया था। संगठन के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने शुक्रवार देर रात कहा था कि उन्हें हिरासत में लिए जाने के आठ घंटे से अधिक समय बाद भी उनके ठिकाने की जानकारी नहीं दी गई और उन्हें वकील या पार्टी टीम से बात करने की अनुमति नहीं दी जा रही थी। पुलिस ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यातायात का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए शुक्रवार को लगभग 150 लोगों को हिरासत में लिया गया था।

सीजेपी के सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका पहले से पांच दिन की न्यायिक हिरासत में हैं। सर्वश्री दास, रांका और 12 अन्य लोगों को मंगलवार (13 अक्टूबर) की सुबह जंतर-मंतर के बंद द्वार पर चढ़कर परिसर में प्रवेश करने के बाद हिरासत में लिया गया था। जंतर मंतर को हाल ही में विरोध प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित स्थल सूची से बाहर कर दिया गया था। बाद में सीजेपी के अजिंक्य शिंदे और 11 अन्य लोगों को रिहा कर दिया गया था।

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सेंसेक्स-निफ्टी में शानदार तेजी, जियो आईपीओ की धूम; जानिए कैसा रहेगा अगला हफ्ता

सेंसेक्स-निफ्टी में शानदार तेजी, जियो आईपीओ की धूम; जानिए कैसा रहेगा अगला हफ्ता

market ki baat 17 october

भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के लिए यह हफ्ता जबरदस्त रहा। कंपनियों के बेहतर रिजल्ट और देश के सबसे बड़े आईपीओ लांचिंग और सेंसेक्स में 2257 और निफ्टी में 626 अंकों की भारी बढ़त दिखाई दी। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा अगला सप्ताह। 

 

कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल

सोमवार को सेंसेक्स 548 अंक गिरकर 71925 पर जा पहुंचा तो निफ्टी 157 अंकों की गिरावट के साथ 22363 पर जा पहुंचा। मंगलवार को सेंसेक्स 1109 अंक चढ़कर 73034 पर पहुंच गया वहीं निफ्टी 359 अंकों की बढ़त के साथ 22722 पर था। बुधवार को सेंसेक्स 252 अंक गिरकर 72782 पर जा पहुंचा तो निफ्टी 99 अंकों की गिरावट के साथ 22623 पर बंद हुआ।

 

गुरुवार को सेंसेक्स 1,534 अंक की तूफानी बढ़त के साथ 74,316 पर और निफ्टी भी 375 अंकों की तेजी के साथ 22,997 पर बंद हुआ। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भी सेंसेक्स 414 अंक बढ़कर 74729 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 148 अंकों की बढ़त के साथ 23146 पर पहुंच गया। इस हफ्ते निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 12 फीसदी की तेजी दिखाई दी।

 

जियो आईपीओ की लांचिंग

जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (JPL) के 30,213 करोड़ रुपए के मेगा आईपीओ लिए कंपनी ने 1,065 -1,119 का प्राइस बैंड तय किया है। ग्लोबल और घरेलू संस्थागत निवेशकों ने जियो आईपीओ के लिए करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए की शुरुआती मांग दिखाई है। यह पूरे आईपीओ साइज से 8 गुना से भी ज्यादा है। 

यह बहुप्रतिक्षित IPO सब्सक्रिप्शन के लिए 21 अक्टूबर 2026 को खुलेगा और 23 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। वहीं, बड़े संस्थागत और एंकर निवेशकों के लिए बोली लगाने की विंडो 19 अक्टूबर 2026 को खुलेगी। शेयरों का अलॉटमेंट 26 अक्टूबर को हो सकता है। एनएसई और बीएसई पर शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को हो सकती है। ALSO READ: IPO खुलने से पहले जियो पर 2.5 लाख करोड़ के दांव, इश्यू साइज से 8 गुना ज्यादा मांग

 

इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल

इस हफ्ते बाजार की चाल तय करने में कंपनियों के दूसरी तिमाही के नतीजों की अहम भूमिका रही।  विशेष तौर पर IT सेक्टर ने बाजार को जोरदार सपोर्ट दिया। टेक महिंद्रा, टीसीएस (और इंफोसिस जैसे दिग्गज शेयरों में शानदार तिमाही मुनाफे के चलते भारी लिवाली देखने को मिली। इससे पहले के हफ्तों में बाजार लगातार दबाव में था, लेकिन इस हफ्ते घरेलू सूचकांकों ने निचले स्तरों से मजबूत वापसी की।

 

निवेशकों ने चुनिंदा शेयरों में खरीदारी बढ़ाई, जिससे निफ्टी 23,000 के अहम स्तर को पार किया। वैश्विक बाजारों से मिलेजुले संकेतों के बीच FII और DII की गतिविधियों का असर बाजार की चाल पर साफ दिखा। जियो आईपीओ की लांचिंग से भी निवेशक उत्साहित नजर आए।

 

कैसा रहेगा अगला हफ्ता?

बाजार विशेषज्ञ योगेश बागौरा ने कहा कि इस हफ्ते बाजार उतार चढ़ाव के साथ सकारात्मक रहेगा। कंपनियों के रिजल्ट और जियो आईपीओ को लेकर निवेशकों के उत्साह से शेयर बाजार में अच्छी बढ़त दिखाई दी। हालांकि भारत का फॉरेक्स रिजर्व घटा है और महंगाई की मार का भी असर दिखाई दे रहा है। क्रूड के दाम भी ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। हालांकि ट्रंप के रूस से तेल खरीदी पर बैन हटाने और भारत को टैरिफ से राहत संबंधी एलान का भी बाजार के लिए पॉजिटिव है। उन्होंने कहा कि निफ्टी में 22600 पर मजबूत सपोर्ट पर बना हुआ है तो 23600 से 23700 पर स्ट्रांग रेजिस्टेंस भी नजर आ रहा है।

इंडोनेशियाई शेयर मार्केट में भूचाल 

ग्लोबल इंडोक्स प्रोवाइडर MSCI ने चेतावनी दी कि इंडोनेशिया को इमर्जिंग मार्केट का अपने दर्जा गंवाना पड़ सकता है। यह ग्लोबल शेयर सूचकांकों से बाहर हो सकता है। इसके बाद इंडोनेशियाई शेयर बाजार में हड़कंप मच गया। जकार्ता स्टॉक एक्सचेंज कंपोजिट 11 फीसदी फिसल गया। 1998 के बाद इसमें 1 दिन की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। मार्केट में 30 मिनट के लिए ट्रैडिंग रोक दी गई। 2026 में इंडोनेशियाई शेयर बाजार में 40 फीसदी की गिरावट आई है।

 

अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।

ज्ञानेश कुमार सरकारी गवाह बनें : राहुल

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि देश में ‘वोट चोरी’ करवाई जा रही है इसलिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देकर सरकारी गवाह बन जाना चाहिए।

श्री गांधी ने शनिवार को अपने पॉडकास्ट में परीक्षाओं में देरी, नियुक्तियां अटकने और बुनियादी सुविधाओं की कमी का जिक्र करते हुए ऐसे मुद्दों पर जवाबदेही तय करने की जरूरत बतायी। उन्होंने पिछले एक महीने में इंदौर, नासिक, बालाघाट और दिल्ली में छात्रों की गूंज कार्यक्रम के दौरान के अनुभव साझा करते हुए कहा कि छात्रों के सवाल ऐसी व्यवस्था को चुनौती देते हैं।

उन्होंने कहा कि आरएसएस-भाजपा से जुड़े लोगों ने देश के संस्थानों पर कब्जा कर लिया है और आदिवासी और पिछड़े वर्ग के छात्रों को जो सुविधाएं मिलती हैं उनमें कटौती की जा रही है इसलिए इन मामलों में सरकार की ओर से जवाबदेही तय होनी चाहिए।

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श्री गांधी ने इस पॉडकास्ट में महाराष्ट्र के नासिक में आंदोलनरत आदिवासी विद्यार्थियों, महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों और मध्य प्रदेश के बालाघाट में कुपोषण तथा बीमारियों से बच्चों को खोने वाले आदिवासी परिवारों के साथ अपनी मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्होंने बालाघाट में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण पूरी तरह लागू करने का आग्रह किया और कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव को इस संदर्भ में पत्र लिखा है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के बेला एस्टेट की झुग्गी बस्ती में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद 729 निवासियों में से 728 के नाम मतदाता सूची से हट गये। इसे मतदान के अधिकार के उल्लंघन का गंभीर मामला बताते हुए उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देकर सरकारी गवाह बनना चाहिए।

वोट चोरी को संविधान पर हमला बताते हुए श्री गांधी ने 30 सितंबर को यहां इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ हुई बैठक का उल्लेख किया और कहा कि उसमें प्रत्येक भारतीय के मतदान के अधिकार की रक्षा पर विचार-विमर्श किया गया है।

उन्होंने परीक्षा में देरी, नियुक्तियां अटकने और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दों के साथ ही दिल्ली के सत्य निकेतन की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षा बजट में कटौती की वजह से ऐसा हो रहा है और इन सब मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए।

Pic Credit : UNI