Top News 29 August: नेपाल में जलप्रलय से 579 मौतें, दिल्ली-NCR में CNG महंगी; मुंबई में महंगा होगा दूध

Top News 29 August: नेपाल में जलप्रलय से 579 मौतें, दिल्ली-NCR में CNG महंगी; मुंबई में महंगा होगा दूध

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Top News 29 August : नेपाल में जलप्रलय से भारी तबाही हुई। अब तक 579 लोगों की मौत हो गई। दिल्ली NCR में महंगी हुई सीएनजी, मुंबई में दूध के दाम बढ़ेंगे। FSSAI ने पैकेज्ड फूड पर लाल निशान लगाने का फैसला किया। जियो के आईपीओ को सेबी की मंजूरी। 29 अगस्त की बड़ी खबरें : 

 

नेपाल में जलप्रलय के बाद तबाही के मंजर

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद राहत व बचाव अभियान जारी है। जलप्रलय के बाद नेपाल में तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है। इस दर्दनाक घटना में 579 लोगों की मौत हो गई जबकि 1900 से अधिक लोग लापता हैं। इंफोसिस की सहायक कंपनी इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज के प्रमुख लैक्स गोपीसेट्टी से संपर्क नहीं हो पा रहा है। ALSO READ: Nepal Flash Flood : नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा, जयशंकर ने संभाला मोर्चा, भारतीयों की सुरक्षा को दी सर्वोच्च प्राथमिकता

 

दिल्ली में CNG के दाम बढ़े

देश की राजधानी दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। मंगलवार को सीएनजी की दरों में 3.89 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है। नई दरें 29 अगस्त 2026 को सुबह 6 बजे से लागू हो गई। दिल्ली में सीएनजी का रेट 83.09 रुपए प्रति किलो था। यहां आज से सीएनजी की नई कीमत 86.98 रुपए प्रति किलो हो गई। 

 

मुंबई में दूध महंगा

दूध उत्पादकों ने कीमत में 9 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का फैसला किया है। इसके बाद 93 रुपए प्रति लीटर मिलने वाला तबेला दूध 102 रुपए प्रति लीटर हो जाएगा। नई दरें एक सितंबर, 2026 से लागू होंगी।

 

पैकेज्ड फूड पर लगेगा लाल चेतावनी संकेत?

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने ऐसे प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों की पैकेजिंग के सामने लाल चेतावनी लेबल लगाने का प्रस्ताव दिया है, जिनमें चीनी, नमक या वसा की मात्रा अधिक है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को उत्पादों में मौजूद पोषक तत्वों के बारे में स्पष्ट जानकारी देना और उन्हें सोच-समझकर विकल्प चुनने में मदद करना है।

 

जियो के आईपीओ को सेबी की मंजूरी

जियो प्लेटफॉर्म्स को अपने प्रस्तावित आईपीओ के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी की मंजूरी मिल गई है। कंपनी अधिकतम 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी। हर शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपए होगी। खास बात यह है कि आईपीओ में ऑफर फॉर सेल का कोई हिस्सा नहीं होगा।

संतों के आशीर्वाद से मिलती है सद्कार्य की प्रेरणा : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

संतों के आशीर्वाद से मिलती है सद्कार्य की प्रेरणा : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर खाचरौद के ग्राम चिरोला फंटा में स्थित संत श्री निजानंद धाम आश्रम पहुंचे। आश्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूजा-अर्चना कर श्री श्री 1008 सचिदानंद महाराज की पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि अर्पित की।

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आश्रम स्थित शिव मंदिर में रुद्राभिषेक कर षोडशोपचार पूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत श्री निजानंद जी महाराज के गादी पर पूजा-अर्चना कर आरती की। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने आश्रम में उपस्थित संतों का वन्दन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्‍होंने आश्रम में प्रसादी ग्रहण की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन  यादव का श्री निजानंद धाम सेवा समिति द्वारा स्वागत सम्मान भी किया गया। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने आश्रम में सचिदानंद जी महाराज जी के शिष्य श्री विवेक महाराज जी से भी मुलाकात की।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संत श्री निजानंद आश्रम पर आकर दर्शन पूजा की है। यह स्थान देश, प्रदेश और मालवा में सनातन संस्कृति की ऐसी विभूतियों के अलौकिक आभा से परिचित कराता है। हम सब भी ऐसे संतों के आशीर्वाद से सद्कार्य की प्रेरणा पाते हैं। श्री निजानंद जी महाराज के पश्चातवर्ती स्वामी सचिदानंद जी महाराज ने इस स्थान को चेतना देते हुए पूरे क्षेत्र को चैतन्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सभी अपने कामों के साथ अपने संतों की मूल भावना सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः सभी को लेकर चलने का जो कल्याण का भाव है, ये वेद वाक्य को अमरता के साथ धारण करते हुए हम सभी के कल्याण की कामना करें।

 

आश्रम में नागदा-खाचरौद क्षेत्र के विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान, श्री राजेश धाकड़, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री रवि सोलंकी, श्री नरेश शर्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को धार्मिक कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए खाचरौद हेलीपेड पर पहुंचे। हेलीपेड पर नागदा निवासी श्रीमती माया तितलिया एवं मनीषा अखिलेश शर्मा ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर राखी बांधकर शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आत्मीयता से बहनों का मुंह मीठा कराया और शुभकामनाएं दी।

 

 

 

 

Raksha Bandhan 2026: बेटियों की मुस्कान से खिल उठा CM योगी का आवास, स्कूली बच्चियों ने बांधी स्नेह की डोर

Raksha Bandhan 2026: बेटियों की मुस्कान से खिल उठा CM योगी का आवास, स्कूली बच्चियों ने बांधी स्नेह की डोर

cm yogi

रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री आवास का आंगन बेटियों की चहलकदमी से शुक्रवार को उस समय खिलखिला उठा, जब 'बिटिया और बहना-यूपी का गहना' स्नेह बंधन कार्यक्रम एक अविस्मरणीय आयोजन बन गया। स्कूली बच्चियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कलाई पर स्नेह की डोर बांधकर भरोसे और विश्वास का रिश्ता प्रदर्शित किया तो मुख्यमंत्री ने भी सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन का संकल्प दोहराया। 

 

रक्षाबंधन पर शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में  मुख्यमंत्री को बच्चियों ने राखी बांधकर भाई-बहन के स्नेह का भाव प्रकट किया। तो सीएम ने भी बच्चियों से आत्मीय संवाद करते हुए उन पर स्नेह बरसाया। उन्हें आशीर्वाद व उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान समूचा माहौल भावुकता और अपनत्व से भर गया। संवाद के दौरान भी बच्चियों के चेहरे पर मुख्यमंत्री के प्रति स्नेह, अपनत्व व विश्वास झलक रहा था।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में रक्षाबंधन केवल भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने का पर्व नहीं, बल्कि यह श्रद्धा, प्रेम, विश्वास, जिम्मेदारी और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। सरकार बहनों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सुनिश्चित कर आधी आबादी के हित में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बच्चियों को भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार उनकी शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य के लिए लगातार प्रयासरत है। बेटियां परिवार ही नहीं, बल्कि प्रदेश और देश की शक्ति हैं। उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना और उनके सपनों को पंख देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बच्चियों से खूब मन लगाकर पढ़ाई करने, अपने लक्ष्य निर्धारित करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

 

पवित्र धागे में रहा बहनों का स्नेह और विश्वास

इस अवसर पर बच्चियों ने मुख्यमंत्री को स्नेह की डोर बांधकर उनके स्वस्थ एवं दीर्घ जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने भी बच्चियों को आशीर्वाद व उपहार प्रदान किए। छात्राओं ने मुख्यमंत्री के साथ संवाद भी किया, जिससे पूरा वातावरण पारिवारिक आत्मीयता से भर उठा। राखी के इस पवित्र धागे में जहां बहनों का स्नेह और विश्वास था, वहीं मुख्यमंत्री की ओर से बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और उज्ज्वल भविष्य के प्रति संकल्प का भाव भी दिखाई दिया। रक्षाबंधन के इस अवसर पर स्नेह, सुरक्षा और विश्वास का यह रिश्ता सामाजिक संकल्प का प्रतीक बनकर उभरा।

 

विभिन्न विद्यालयों की छात्राएं रहीं उपस्थित

स्नेह बंधन के इस कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मलिहाबाद, उच्च प्राथमिक विद्यालय महमूदपुर गोसाईगंज, भारत स्काउट एंड गाइड्स, द संस्कृति स्कूल, अटल आवासीय विद्यालय मोहनलालगंज, एपी सेन मेमोरियल गर्ल्स इंटर कॉलेज, लखनऊ पब्लिक कॉलेज ए-ब्लॉक राजाजीपुरम समेत अनेक विद्यालयों की छात्राएं मौजूद रहीं। 

 

मुख्यमंत्री की कलाई पर बांधी राखी

अद्रिका, अर्पिता, अंशिका, जाह्नवी, अंकिता, कोमल, आरोही, खुशी, दिव्या, अनायसा, स्तुति, तंजीम फातिमा आदि ने मुख्यमंत्री को तिलक लगाया और उनकी कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने बच्चियों से उनकी पढ़ाई के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की। फ्रेंड्स ऑफ योगी परिवार की वालंटियर्स ने भी मुख्यमंत्री को राखी भेजकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं प्रेषित कीं। 

 

छात्राओं ने किया संवाद, सीएम ने बच्ची को दिया ऑटोग्राफ

मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चियों से संवाद भी किया। शैल कुमारी, अनन्या, समृद्धि वर्मा, आयशा बानो, वैष्णवी पाल, दिव्या, अभिलाषा सिंह, आराध्या, श्रेयसी, सृजा, अग्रिमा, माही, याशिका, अनंशी, सुकैना आदि ने मुख्यमंत्री से संवाद किया और उनसे प्रश्न भी किए। मुख्यमंत्री सभी प्रश्नों के उत्तर दिए। उन्होंने संस्कृति स्कूल की बच्ची अनायसा भार्गव को ऑटोग्राफ भी दिया। 

 

मुख्यमंत्री ने ली सेल्फी, बच्चियों संग खिंचवाई फोटो

मुख्यमंत्री ने बच्चियों संग सेल्फी भी ली और फोटो भी खिंचवाई। मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचवाकर सभी का उत्साह देखते ही बन रहा था। उच्च प्राथमिक विद्यालय महमूदपुर की कक्षा- 8 की छात्रा नंदिनी ने सीएम को अपने हाथ से बनाया रक्षाबंधन बधाई कार्ड भेंट किया। मुख्यमंत्री ने नंदिनी का उत्साहवर्धन भी किया।की हौसलाअफजाई भी की।

UP News: 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को बड़ी राहत, अब बिना स्मार्ट कार्ड के भी रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा

UP News: 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को बड़ी राहत, अब बिना स्मार्ट कार्ड के भी रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा

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योगी सरकार ने प्रदेश की 60 वर्ष व उससे अधिक उम्र की महिलाओं को बड़ा उपहार देते हुए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की साधारण बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा शुरू की है। सरकार ने इन महिलाओं के लिए एक और बड़ी राहत यह जोड़ी है कि इस सुविधा का लाभ लेने के लिए उन्हें किसी विशेष कार्ड के लिए इंतजार नहीं करना होगा। पात्र महिला यात्री अपनी उम्र प्रमाणित करने के लिए आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड दिखाकर बस में शुक्रवार (28 अगस्त) से निशुल्क यात्रा कर सकेंगी। यह व्यवस्था ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृ शक्ति यात्रा योजना’ के तहत लागू की गई है। 


 

परिवहन निगम के मुताबिक यात्रा के दौरान पात्र महिला को परिचालक को अपना आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड दिखाना होगा। परिचालक दस्तावेज में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर उम्र का मिलान करेगा और ईटीआईएम मशीन से शून्य मूल्य का टिकट जारी कर देगा। इस टिकट के लिए महिला यात्री से किसी तरह का किराया नहीं लिया जाएगा। टिकट में बस संख्या, यात्रा के प्रारंभिक और गंतव्य स्थान समेत जरूरी जानकारी दर्ज होगी। 

 

साधारण श्रेणी की बसों में मिलेगी सहूलियत

परिवहन निगम ने कहा कि यह निशुल्क यात्रा सुविधा निगम और अनुबंधित दोनों प्रकार की बसों की साधारण श्रेणी में मान्य होगी। प्रत्येक मुफ्त यात्रा के लिए शून्य मूल्य का टिकट जारी करना अनिवार्य होगा, ताकि यात्रा का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप से एमआईएस/क्लाउड आधारित डाटा सर्वर पर उपलब्ध रहे। इससे योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने और यात्रा संबंधी आंकड़ों की निगरानी में मदद मिलेगी। 

 

स्मार्ट कार्ड की प्रक्रिया भी अलग से होगी

परिवहन निगम पात्र लाभार्थियों के लिए स्मार्ट कार्ड जारी करने की प्रक्रिया भी अलग से करेगा। हालांकि, मुफ्त यात्रा के लिए तत्काल स्मार्ट कार्ड की अनिवार्यता नहीं रखी गई है। फिलहाल आधार या वोटर आईडी के जरिए पात्रता साबित कर महिलाएं योजना का लाभ उठा सकती हैं। निगम ने सभी परिचालकों को योजना की पात्रता और दस्तावेजों की प्रक्रिया की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।  

 

किराया वसूला तो होगी कार्रवाई

निगम के निर्देश के मुताबिक योजना के तहत पात्र महिला यात्री से किराये की मांग या वसूली नहीं की जाएगी। किसी पात्र महिला से गलत तरीके से किराया वसूला गया तो कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्रीय अधिकारी और डिपो प्रभारी योजना की पादर्शिता के लिए नियमित निगरानी करेंगे।

Nepal Flash Flood : नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा, जयशंकर ने संभाला मोर्चा, भारतीयों की सुरक्षा को दी सर्वोच्च प्राथमिकता

Nepal Flash Flood : नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा, जयशंकर ने संभाला मोर्चा, भारतीयों की सुरक्षा को दी सर्वोच्च प्राथमिकता

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नेपाल में विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद हालात लगातार चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। इसी बीच नेपाल-चीन सीमा के पास बनी एक बैरियर झील के टूटने से शुक्रवार को एक बार फिर बाढ़ का खतरा पैदा हो गया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नेपाल में चल रहे राहत और बचाव अभियानों की समीक्षा की और कहा कि भारत इस पूरे मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।

 

जयशंकर ने काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों के साथ बातचीत कर नेपाल में प्रभावित भारतीय नागरिकों की स्थिति और उनकी सुरक्षा की जानकारी ली। विदेश मंत्रालय के संबंधित विभागों ने भी उन्हें नेपाल के लिए तैयार की जा रही अतिरिक्त राहत सामग्री के बारे में जानकारी दी। जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि नेपाल में जारी राहत और बचाव प्रयासों पर चर्चा की गई है। उन्होंने बताया कि भारतीय दूतावासों ने वहां मौजूद भारतीय नागरिकों की स्थिति और कुशलक्षेम की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि भारत इस मुद्दे को सबसे अधिक प्राथमिकता दे रहा है।

 

रसुवा में फ्लैश फ्लड ने मचाई भारी तबाही

 

नेपाल में संकट की शुरुआत 26 अगस्त को हुई, जब तिब्बत-नेपाल सीमा क्षेत्र में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। पानी, मलबे और बड़े-बड़े बोल्डर का तेज बहाव भोटेकोशी नदी तंत्र से होते हुए नीचे के इलाकों तक पहुंचा।

 

इस आपदा में नेपाल के रसुवा जिले में सड़कें, पुल, इमारतें और अन्य बुनियादी ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है। पहाड़ी इलाकों में मलबे और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण राहत एवं बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार, नेपाल में इस आपदा से मरने वालों की संख्या 530 के पार पहुंच गई है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं।

 

बैरियर झील टूटने से फिर बढ़ा खतरा

 

रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच शुक्रवार को एक और खतरा सामने आया। चीन की ओर छोछेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास बनी एक बड़ी बैरियर झील के टूटने की खबर सामने आई।

 

रसुवा के मुख्य जिला अधिकारी नरेंद्र परियार ने बताया कि नेपाली सेना ने उन्हें झील के टूटने की जानकारी दी। इसके बाद आशंका जताई गई कि अचानक पानी छोड़े जाने से भोटेकोशी नदी में फिर तेज बाढ़ आ सकती है और नदी के किनारे बसे इलाकों को प्रभावित कर सकती है। इसके बाद नेपाली अधिकारियों ने संवेदनशील नदी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी।

 

स्याफ्रुबेसी तक पहुंचा बाढ़ का पानी

 

झील टूटने के बाद बाढ़ का पानी स्याफ्रुबेसी तक पहुंच गया। बाढ़ पूर्वानुमान विभाग के मुताबिक, भोटेकोशी नदी में बाढ़ का पानी करीब 12:31 बजे वहां पहुंचा। वहीं त्रिशूली नदी के किनारे मुगलिंग तक के इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है और ताजा स्थिति का आकलन करने के लिए हवाई सर्वे की तैयारी भी की जा रही है।

 

नेपाल के लिए भारत ने बढ़ाया राहत सहयोग

 

भारत भी नेपाल में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक सामान उपलब्ध कराने में मदद कर रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कई भारतीय नागरिकों के फंसे होने या प्रभावित होने के कारण नई दिल्ली उनकी सुरक्षा और स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।

 

इसी बीच नेपाल सरकार ने भारत से 25,000 मीट्रिक टन DAP खाद खरीदने के लिए कृषि सामग्री कंपनी लिमिटेड को मंजूरी दी है। यह खरीद सरकार-से-सरकार व्यवस्था के तहत की जाएगी।

 

नेपाल स्थित भारतीय दूतावास प्रभावित भारतीय नागरिकों से जुड़ी जानकारी जुटाने और समन्वय करने में लगा है। विदेश मंत्रालय भी उनकी सुरक्षा और लोकेशन पर लगातार नजर रख रहा है।

 

पर्यटक और भारतीय तीर्थयात्री भी हुए प्रभावित

 

आपदा के कारण नेपाल के रास्ते यात्रा कर रहे पर्यटक और तीर्थयात्री भी प्रभावित हुए हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, 117 पर्यटकों को रेस्क्यू किया गया, जिनमें 85 भारतीय शामिल हैं।

 

रेस्क्यू किए गए अन्य पर्यटकों में चीन के 16, दक्षिण कोरिया के 9, अमेरिका और इटली के 2-2 नागरिक शामिल हैं। तीन अन्य पर्यटकों की पहचान नहीं हो सकी है।

 

कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गया भारतीय दल बाल-बाल बचा

 

कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गया एक भारतीय दल भी इस आपदा की चपेट में आने से बाल-बाल बच गया। इस 28 सदस्यीय दल में विशाखापत्तनम DLDA के चेयरमैन गाडु वेंकटप्पा समेत उनके परिवार के आठ सदस्य शामिल थे।

 

जानकारी के मुताबिक, यह दल 24 अगस्त को एक निजी ट्रैवल ऑपरेटर के जरिए तीर्थयात्रा के लिए रवाना हुआ था। यात्रा में हुई देरी और समय रहते लिए गए कुछ फैसलों के कारण दल भीषण बाढ़ की सबसे खतरनाक स्थिति से बच गया।

 

नेपाल में अभी भी हाईअलर्ट

 

बैरियर झील टूटने की घटना ने नेपाल के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। एक तरफ पहले आई भीषण बाढ़ के बाद लापता लोगों की तलाश और राहत कार्य जारी हैं, तो दूसरी तरफ भोटेकोशी और त्रिशूली नदी तंत्र में फिर बाढ़ का खतरा बना हुआ है। नेपाल और चीन के अधिकारी अस्थायी रूप से बनी इस झील की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे थे। आशंका है कि झील में जमा पानी अचानक नीचे की ओर बहने पर पहले से तबाह इलाकों में एक और खतरनाक सैलाब आ सकता है।

PM Modi Raksha Bandhan: पीएम मोदी ने देशवासियों को दी रक्षाबंधन की शुभकामनाएं, छात्राओं ने बांधी राखी

PM Modi Raksha Bandhan: पीएम मोदी ने देशवासियों को दी रक्षाबंधन की शुभकामनाएं, छात्राओं ने बांधी राखी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को लोगों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं और कामना की कि यह त्योहार सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता लेकर आए। वार्षिक परंपरा को जारी रखते हुए, स्कूली छात्राओं ने 7 लोक कल्याण मार्ग पर स्थित प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास जाकर उनकी कलाई पर ‘राखी’ बांधी। प्रधानमंत्री ने इंस्टाग्राम पर तस्वीरें और एक वीडियो साझा किया, जिसमें बच्चों को राखी बांधते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में वह युवा आगंतुकों के साथ गर्मजोशी से बातचीत करते और उनसे हाथ मिलाते नजर आए।

 

मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘रक्षाबंधन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। यह पावन पर्व आप सभी के जीवन में खुशहाली, समृद्धि और सफलता लेकर आए।’’ मोदी ने कहा, ‘‘स्नेह, अपनत्व और आपसी विश्वास की डोर सदैव अटूट बनी रहे, यही कामना है।’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘7, लोक कल्याण मार्ग पर रक्षा बंधन समारोह के कुछ यादगार पल। यह त्योहार स्नेह और सौहार्द के बंधन को और मजबूत करे। यह सभी के जीवन में खुशियां और समृद्धि लेकर आए।” एक बच्चे ने प्रधानमंत्री से पूछा कि बचपन में उनका सपना क्या था, मोदी ने जवाब दिया, ‘‘आप लोगों से मिलना’’।

 

रक्षाबंधन हिन्दुओं का प्रमुख त्योहार है, जो भाई-बहन के प्रेम और आपसी स्नेह के रिश्ते को समर्पित है। इस अवसर पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रंग-बिरंगी राखी बांधती हैं, जो भाई की सुख-समृद्धि और कुशलता की कामना का प्रतीक होती है। इसके बदले भाई बहनों को उपहार देते हैं और हर परिस्थिति में उनकी रक्षा करने का संकल्प लेते हैं।

Nepal-Tibet floods: टूटी झील से बढ़ा सैलाब का डर, भूकंप ने भी बढ़ाई चिंता, रुका रेस्क्यू ऑपरेशन, अब क्यों मंडराया खतरा

Nepal-Tibet floods: टूटी झील से बढ़ा सैलाब का डर,  भूकंप ने भी बढ़ाई चिंता, रुका रेस्क्यू ऑपरेशन, अब क्यों मंडराया खतरा

नेपाल में बुधवार को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद हालात अभी सामान्य भी नहीं हुए थे कि शुक्रवार को एक बार फिर बड़े खतरे की आशंका पैदा हो गई। नेपाल-चीन सीमा पर ग्लेशियर के मलबे से बनी एक झील का पानी ओवरफ्लो होने लगा। इसके बाद नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन करीब 90 मिनट के लिए रोक दिया गया।

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ताजा संकट के बीच चीन के सिचुआन प्रांत में 5.1 तीव्रता का भूकंप भी आया। हालांकि भूकंप से तत्काल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली है। एक के बाद एक सामने आ रही इन घटनाओं ने पहले से ही आपदा से जूझ रहे हिमालयी क्षेत्र की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

 

झील ओवरफ्लो होने से फिर जारी हुआ बाढ़ का अलर्ट

 

ग्लेशियर के बड़े हिस्से के टूटने के बाद निकले मलबे ने नदी का रास्ता रोक दिया था। इससे पानी जमा होकर एक प्राकृतिक झील बन गई। शुक्रवार को इस झील का पानी अपनी सीमा से बाहर निकलने लगा, जिससे निचले इलाकों में फिर से बाढ़ आने का खतरा पैदा हो गया। अधिकारियों ने नेपाल की रेस्क्यू टीमों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी। खतरे का आकलन करने के लिए नेपाल सेना ने करीब एक घंटे 30 मिनट तक राहत और बचाव अभियान रोक दिया। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, चीन के तिब्बत से सटे नेपाल के रसुवा जिले में नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद स्थानीय लोग ऊंचे स्थानों की ओर जाते दिखाई दिए। रसुवा जिले के वरिष्ठ अधिकारी नरेंद्र परियार ने कहा कि नदी का जलस्तर बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है और अधिकारी स्थिति का आकलन कर रहे हैं।

 

25 लाख क्यूबिक मीटर से ज्यादा पानी जमा

 

ग्लेशियर से टूटकर आए मलबे के कारण नदी अवरुद्ध होने से बनी इस झील में पानी लगातार जमा हो रहा है। चीन ने गुरुवार को स्थिति का जायजा लेने के लिए आठ सदस्यीय इंजीनियरिंग टीम भेजी थी। टीम ने हवाई सर्वे और थ्री-डायमेंशनल मॉडलिंग के जरिए झील की स्थिति का अध्ययन किया। शुक्रवार तक इस झील में 25 लाख क्यूबिक मीटर से ज्यादा पानी जमा हो चुका था। एक दिन पहले यह मात्रा करीब 15 से 20 लाख क्यूबिक मीटर आंकी गई थी। अगर प्राकृतिक बांध टूटता है तो लाखों क्यूबिक मीटर पानी बेहद तेज रफ्तार से नीचे की ओर बह सकता है। इससे पहले ही तबाही झेल चुके इलाकों में एक और विनाशकारी बाढ़ आने का खतरा बढ़ गया है।

 

नेपाल में मौत का आंकड़ा 469 पहुंचा

 

बुधवार की विनाशकारी बाढ़ और ग्लेशियर से आई तबाही में नेपाल में मरने वालों की संख्या बढ़कर 469 हो गई है। नेपाल और तिब्बत में करीब 1,000 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें कम से कम 540 विदेशी नागरिक शामिल हैं। बाढ़ के पानी और मलबे ने गांवों और घाटियों को तबाह कर दिया। कई पावर स्टेशन, सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। काठमांडू को तिब्बत के ल्हासा से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यह रास्ता कैलाश पर्वत की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों और ट्रेकर्स के बीच भी लोकप्रिय है।

 

हेलीकॉप्टर से जारी था रेस्क्यू ऑपरेशन

 

रेस्क्यू ऑपरेशन रोके जाने से पहले नेपाली सुरक्षा बल हेलीकॉप्टरों की मदद से लापता लोगों की तलाश कर रहे थे और बाढ़ से कटे इलाकों में जरूरी सामान पहुंचा रहे थे। खोजी कुत्तों की मदद से काम कर रही टीमों ने भी नदी के बहाव में बहकर मैदानी इलाकों तक पहुंचे कई शव बरामद किए हैं। रसुवा से गुरुवार को बचाए गए लोगों में डिब्गा तमांग भी शामिल थे। उन्हें तीन अन्य लोगों के साथ हेलीकॉप्टर से नुवाकोट स्थित सेना के कैंप पहुंचाया गया।

 

नेपाल ने विदेशी रेस्क्यू टीमों की मदद लेने से किया इनकार

 

कई देशों की ओर से मदद की पेशकश के बावजूद नेपाल ने फिलहाल विदेशी सर्च एंड रेस्क्यू टीमों की जरूरत से इनकार किया है। नेपाल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर क्षेत्री ने कहा कि देश की सुरक्षा एजेंसियां ही फिलहाल खोज और बचाव अभियान चला रही हैं।

 

दक्षिण कोरिया की एक रैपिड रिस्पॉन्स टीम काठमांडू पहुंच चुकी है, लेकिन नेपाल की ओर से विदेशी टीमों को तैनात करने की योजना तय नहीं होने के कारण उसे अभी अभियान में शामिल नहीं किया गया है।

 

चीन के ग्यिरोंग बॉर्डर पर भी भारी तबाही

 

आपदा ने चीन की ओर स्थित ग्यिरोंग बॉर्डर क्रॉसिंग को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। वहां सड़क पर जमा मलबे को हटाने का काम जारी है, जिसके कारण चीनी रेस्क्यू टीमों को सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचने में मुश्किल हो रही है। बुधवार को सामने आए वीडियो में तेज रफ्तार से बहता कीचड़, पानी और मलबा कुछ ही सेकंड में बॉर्डर क्रॉसिंग की संरचनाओं को तबाह करता दिखाई दिया।

 

चीनी सरकारी प्रसारक के अनुसार, तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में 558 लोग लापता हैं, जिनमें 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं। चीन की ओर अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

 

चीन में 5.1 तीव्रता का भूकंप

 

इसी बीच शुक्रवार को चीन के सिचुआन प्रांत के नेइजियांग के लोंगचांग शहर में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। चीन के अर्थक्वेक नेटवर्क्स सेंटर के मुताबिक भूकंप का केंद्र इसी क्षेत्र में था। फिलहाल भूकंप से किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है। हालांकि, बाढ़, अस्थिर पहाड़ी इलाकों और भूस्खलन के खतरे के बीच आए इस भूकंप ने हिमालयी क्षेत्र में चिंता और बढ़ा दी है।

 

 परिजन कर रहे अपनों का इंतजार

 

इस भीषण आपदा के बाद कई देशों में परिवार अपने लापता रिश्तेदारों की खबर का इंतजार कर रहे हैं। लापता लोगों में ऐसे अमेरिकी नागरिक भी शामिल हैं, जो नेपाल से तिब्बत स्थित माउंट कैलाश की यात्रा पर गए थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी नेपाल को मदद की पेशकश की है। उन्होंने इस आपदा को बेहद भयावह बताते हुए कहा कि अमेरिका ने नेपाल के नेतृत्व से बात की है और जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता देने की पेशकश की है।

Weather Update : बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम, ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

Weather Update : बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम, ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां एक बार फिर बढ़ने वाली हैं। बंगाल की खाड़ी में नया निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने के संकेत मिले हैं। इसके प्रभाव से ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं उत्तर प्रदेश और बिहार समेत पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है।

 

मौसम विभाग के अनुसार, 28 अगस्त को ओडिशा के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए राज्य में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कुछ स्थानों पर 115.5 से 204.4 मिलीमीटर तक बारिश होने की संभावना है।

 

बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया लो प्रेशर

 

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल तथा उत्तर ओडिशा के तटीय इलाकों में एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है। इसके प्रभाव से 29 अगस्त के आसपास उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है।

 

इस नए मौसम सिस्टम के कारण ओडिशा और आसपास के राज्यों में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। मानसून ट्रफ भी उत्तर भारत से होते हुए बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पूर्वी हिस्से की ओर बनी हुई है, जिससे कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

 

यूपी-बिहार में भी भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

 

दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास बना निम्न दबाव क्षेत्र अब उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ गया है। इससे जुड़े चक्रवाती परिसंचरण का प्रभाव समुद्र तल से करीब 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक देखा जा रहा है।

 

इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश, बिहार और आसपास के इलाकों में बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने का अनुमान है।

 

इन राज्यों में भी बारिश का अनुमान

 

मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश की संभावना जताई है। इन क्षेत्रों में करीब 64.5 से 115.5 मिलीमीटर बारिश हो सकती है।

 

40-50 KM की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

 

बारिश के साथ कई राज्यों में तेज हवाएं और गरज-चमक भी परेशानी बढ़ा सकती है। आंध्र प्रदेश, ओडिशा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु-पुडुचेरी के कुछ हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

 

वहीं बिहार, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

 

बिजली गिरने का भी खतरा

 

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर के कई इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

 

मौसम खराब होने के दौरान लोगों को खुले मैदान, अकेले खड़े पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। तेज बारिश, बिजली और आंधी के दौरान घर के अंदर रहना सबसे सुरक्षित माना गया है।

 

बारिश के बावजूद कई इलाकों में गर्मी बरकरार

 

देश के कई हिस्सों में बारिश बढ़ने के बावजूद तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है। अरुणाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.1 से 5 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा दर्ज किया गया। असम-मेघालय, पूर्वोत्तर राज्यों, ओडिशा, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, मध्य महाराष्ट्र, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तमिलनाडु और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में भी दिन का तापमान सामान्य से अधिक रहा।

 

श्रीगंगानगर सबसे गर्म, 41.4 डिग्री पहुंचा तापमान

 

राजस्थान के श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके साथ ही यह देश के मैदानी इलाकों में सबसे गर्म स्थान रहा। दूसरी ओर, असम के हाफलोंग में मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

पश्चिमी यूपी में पहले ही जमकर बारिश

 

पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। हमीरपुर में 130 मिमी, संभल में 100 मिमी और कासगंज में 70 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। पूर्वोत्तर राज्यों में भी भारी बारिश हुई। त्रिपुरा और मिजोरम के कुछ हिस्सों में 100 से 150 मिमी तक बारिश दर्ज की गई।

Nepal Floods 2026 : फिर आ सकती है तबाही! तिब्बत में एक और झील टूटी, दूसरी बाढ़ की आशंका, नेपाल पुलिस के अलर्ट के बाद पहाड़ों की ओर भागे लोग

Nepal Floods 2026 : फिर आ सकती है तबाही! तिब्बत में एक और झील टूटी, दूसरी बाढ़ की आशंका, नेपाल पुलिस के अलर्ट के बाद पहाड़ों की ओर भागे लोग

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद एक बार फिर खतरे की घंटी बज गई है। शुक्रवार को नेपाल में बाढ़ को लेकर नया अलर्ट जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि तिब्बत की तरफ एक और झील टूट गई है, जिसके बाद पानी का बहाव बढ़ने की आशंका जताई गई है। अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

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तिब्बत में फिर टूटी झील, बढ़ा खतरा

 

नए अलर्ट के मुताबिक तिब्बत की तरफ से पानी का बहाव एक बार फिर बढ़ रहा है। इससे नेपाल के सीमावर्ती और निचले इलाकों में बाढ़ की दूसरी लहर का खतरा पैदा हो गया है। नेपाली पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है।

 

धडिंग जिले में पुलिस लगातार लोगों को संवेदनशील इलाकों से हटाने में जुटी है। स्थानीय लोगों से घरों का जरूरी सामान और खाने-पीने की वस्तुएं लेकर ऊंचे और सुरक्षित इलाकों की ओर जाने की अपील की जा रही है।

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लोगों से आसपास के लोगों को भी अलर्ट करने की अपील

 

प्रशासन की ओर से लगातार बाढ़ को लेकर घोषणाएं की जा रही हैं। लोगों से कहा गया है कि वे खुद सुरक्षित स्थान पर जाने के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों को भी खतरे की जानकारी दें और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने में मदद करें।

पहले ही हो चुकी है भारी तबाही

 

यह नया अलर्ट ऐसे समय आया है जब नेपाल में पहले आई भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान जारी था। ताजा खतरे को देखते हुए बचाव एवं राहत टीमों को हाई अलर्ट पर कर दिया गया है और कुछ स्थानों पर रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित हुआ है।

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 नेपाल में इस सप्ताह की शुरुआत में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी है। भोतेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्रों में आई प्राकृतिक आपदा में कम से कम 469 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 1,400 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में जीवित बचे लोगों की तलाश कर रहे हैं।

सैनिक कल्याण में धामी सरकार का बड़ा मॉडल, अग्निवीरों के लिए रोजगार सेल बनाने वाला उत्तराखंड बना देश का पहला राज्य

सैनिक कल्याण में धामी सरकार का बड़ा मॉडल, अग्निवीरों के लिए रोजगार सेल बनाने वाला उत्तराखंड बना देश का पहला राज्य

सैनिक कल्याण के क्षेत्र में उत्तराखण्ड देश के दूसरे राज्यों के लिए मॉडल बन गया है। प्रदेश में सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और शहीद परिवारों के हित में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में यह पर्वतीय प्रदेश अग्रणी है। सेना में चार वर्ष सेवाएं देने के बाद घर वापसी करने वाले अग्निवीरों के लिए पृथक रोजगार सेल बनाने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने सैनिक कल्याण को प्राथमिकता दी है। सरकार के फैसले और लागू की गई योजनाएं आज दूसरे राज्यों के लिए उदाहरण बन रही हैं। हाल ही में धामी कैबिनेट ने अग्निवीरों के लिए रोजगार सेल को मंजूरी दी है। यह सेल अग्निवीरों को रोजगार दिलाने में उनकी मदद करेगा। अग्निवीरों को सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला पूर्व में ही सरकार ले चुकी है।

 

भारत माता की रक्षा में बलिदान देने वाले वीर शहीदों की प्रतिमाएं उनके पैतृक गांवों में स्थापित की जाएंगी। शहीदों की वीरता और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और उनके परिजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए बीते मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह अहम फैसला लिया गया है। परमवीर चक्र विजेताओं के परिवारों की अनुग्रह राशि ₹ डेढ़ करोड़ से बढ़ाकर ₹02 करोड़ की गई है। अन्य सभी बलिदानियों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख कर दी गई है। इसी प्रकार विभिन्न वीरता पुरस्कारों से सम्मानित सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त और वार्षिक सहायता राशि को भी बढ़ाया गया है।

 

जल्द ही जनता को समर्पित होगा सैन्य धाम

देहरादून में सैन्य धाम का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। अब जल्द ही इसके लोकार्पण की तैयारी है। राज्य के शहीद सैनिकों की याद में धामी सरकार ने सैन्य धाम का निर्माण कराया है। शहीदों के घर-आंगन की मिट्टी को सैन्य धाम में सम्मान पूर्वक लाया गया है। सभी बलिदानियों की शौर्य गाथाएं भी यहां लिखी गई हैं।

 

28 शहीदों के आश्रितों को सरकारी नौकरी

धामी सरकार प्रत्येक बलिदानी परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दे रही है। 28 ऐसे पात्र आश्रितों को सरकारी सेवा में समायोजित किया जा चुका है। इसके साथ ही आवेदन की समय सीमा भी दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष कर दी गई है।

 

स्टाम्प शुल्क में छूट

सेवारत एवं पूर्व सैनिकों को ₹25 लाख तक की संपत्ति खरीद पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।

 

भूमि धोखाधड़ी संबंधी मामलों के निस्तारण में मदद

सैनिकों एवं पूर्व सैनिक परिवारों के साथ भूमि धोखाधड़ी के मामले जिला अदालतों में लंबित हैं। प्रदेश सरकार इस मामले में भी पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए आगे आई है।

 

 उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और शहीद परिवारों के सम्मान एवं कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। शहीदों के आश्रितों और परमवीर चक्र विजेताओं के परिवार को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि के साथ ही सैनिक कल्याण के लिए ऐतिहासिक फैसले सरकार ने लिए हैं। सैन्य धाम हमारी समृद्ध विरासत का प्रतीक बनेगा।