अगस्त के आखिरी हफ्ते में क्यों दबाव में रहा शेयर बाजार? सितंबर में Nifty-Sensex की कैसी रहेगी चाल

अगस्त के आखिरी हफ्ते में क्यों दबाव में रहा शेयर बाजार? सितंबर में Nifty-Sensex की कैसी रहेगी चाल

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Share Market Weekly Review : भारतीय शेयर बाजार के लिए अगस्त का आखिरी हफ्ता भी रेंज बाउंड ही रहा। सेंसेक्स में 276 अंकों की गिरावट दर्ज की गई तो निफ्टी भी 77 अंकों की गिरा। 3 दिन बाजार लाल निशान में तो 2 दिन हरे निशान में रहा। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा सितंबर का पहला सप्ताह।

 

कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स 172 अंकों की गिरावट के साथ 77369 पर बंद हुआ। निफ्टी 33 अंक गिरकर 24219 पर था। मंगलवार को सेंसेक्स 287 अंक बढ़कर 77656 पर पहुंच गया, इस समय निफ्टी 115 अंकों की बढ़त के साथ 24334 पर था। 

 

इसके बाद लगातार 2 दिन शेयर बाजार लाल निशान में रहा। बुधवार को सेंसेक्स 183 अंकों की गिरावट के साथ 77473 पर था तो निफ्टी 127 अंक गिरकर 24208 पर बंद हुआ। गुरुवार को सेंसेक्स 539 अंक गिरकर के साथ 76933 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 117 अंक गिरकर 24090 पर आ गया। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सेंसेक्स 331 अंकों की बढ़त के साथ 77264 पर बंद हुआ, निफ्टी 85 अंक बढ़कर 24,175 पर बंद हुआ। 

 

CAS से बढ़ा रिस्क

बाजार विशेषज्ञ योगेश बागौरा ने कहा कि शेयर बाजार में दिन की आखिरी कीमत तय करने के नए तरीके ने ऑपशन ट्रेडर्स को हैरान कर दिया है। गुरुवार को बीएसई पर एक्सपायरी के दिन बैंकेक्स का 65100 का 55 रुपए का पुट 1100 रुपए पर पहुंच गया। इस तरह सेंसेक्स की 77000 वाली कॉल और 77100 की पुट में भी भारी उठापटक दिखाई दी। इससे निवेशकों के लिए रिस्क काफी बढ़ गया है। सही समय पर खरीदने वालों को बंपर फायदा होगा तो कुछ सेकंड की देरी से पूरा पैसा खत्म हो सकता है। बाजार अंतिम क्षणों में किस तरफ जाएगा कहना मुश्किल है। बहरहाल सेबी ने CAS में किसी तरह के बदलाव से इनकार किया है।
 

जियो के सबसे बड़े IPO को सेबी की मंजूरी

जियो के IPO को SEBI की मंजूरी मिल गई। यह आईपीओ करीब 37 हजार करोड़ का हो सकता है, जो अब तक के इतिहास में सबसे बड़ा माना जा रहा है। Jio Platforms ने 27 करोड़ तक के इक्विटी शेयर जारी करने का प्रस्ताव रखा है, जिसमें ऑफर-फ़ॉर-सेल का कोई हिस्सा नहीं है। इसका मतलब है कि मौजूदा शेयरहोल्डर IPO के तहत अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचेंगे। इससे पहले 2024 में Hyundai Motor India का 27,870 करोड़ रुपए का IPO आया था।

 

इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल

क्रूड ऑयल भारतीय बाजार के लिए अहम फैक्टर बना रहा। ऊंची तेल कीमतों से भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ने की आशंका बाजार की चिंता रही। हालांकि सप्ताह के अंत में ब्रेंट क्रूड में गिरावट आई। रुपए की चाल, अमेरिकी फेड के ब्याज दर संकेत, ग्लोबल मार्केट सेंटीमेंट और IT शेयरों में खरीदारी ने भी बाजार की चाल तय की। FII की गतिविधियां बाजार के लिए दबाव का कारण बनी रहीं। 28 अगस्त को भी बाजार के प्रमुख ट्रिगर्स में विदेशी फंड आउटफ्लो शामिल था।

 

कैसा रहेगा अगला हफ्ता?

बाजार विशेषज्ञ सुयश राठौर ने बताया कि अमेरिकी फेड ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। इस वजह से अगले हफ्ते अमेरिकी शेयर बाजारों के साथ ही दुनियाभर के बाजार में गिरावट हो सकती है। हीरो मोटोकॉर्प ने एथर एनर्जी में 1758 करोड़ रुपये का निवेश कर अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 32.8% कर ली है। इससे ऑटोमोबाइल सेक्टर की कंपनियों में कुछ सकारात्मकता दिखाई दे सकती है। बाजार फिलहाल पॉजिटिव खबर का इंतजार कर रहा है। अमेरिका ईरान समझौते पर भी नजर है। सोने चांदी में इंपोर्ट ड्यूटी घटाई जा सकती है। अगर ऐसा होता है तो सोने चांदी की कीमतों में और गिरावट आ सकती है।

 

वहीं योगेश बागौरा ने बताया कि निफ्टी में ऊपर में 24600-24800 की रेंज बनी हुई है। इसके ऊपर क्लोजिंग आने पर ही बाजार को मजबूती मिलेगी। नीचे में 23700 से 23900 की रेंज टूटने में बाजार में गिरावट दिखाई दे सकती है। फिलहाल बाजार रेंज बाउंड ही रहने की संभावना है।

 

अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।

राहुल गांधी का BJP-RSS पर सीधा हमला, ‘शुद्धीकरण’ को बताया आधुनिक छुआछूत, PM से FIR दर्ज कराने की मांग

राहुल गांधी का BJP-RSS पर सीधा हमला, 'शुद्धीकरण' को बताया आधुनिक छुआछूत, PM से FIR दर्ज कराने की मांग

Rahul Gandhi

Haldwani Shuddhikaran Controversy: हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद हुए कथित 'शुद्धीकरण' विवाद ने अब राष्ट्रीय राजनीति में तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस घटना को लेकर भाजपा और आरएसएस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने इसे महज एक धार्मिक अनुष्ठान मानने से इंकार करते हुए सीधे तौर पर 'छुआछूत की संकीर्ण मानसिकता' करार दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश देने की मांग की है।

'शुद्धीकरण' छुआछूत का ही दूसरा नाम

हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुए कथित शुद्धीकरण कांड पर राहुल गांधी ने आक्रामक रुख अपनाया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गांधी ने कहा कि यह देश में चल रही दो विपरीत विचारधाराओं की लड़ाई का जीता-जागता उदाहरण है— एक तरफ बाबा साहेब आंबेडकर, महात्मा गांधी और संविधान की सोच है, तो दूसरी तरफ भाजपा और आरएसएस का एजेंडा।

राहुल गांधी ने स्पष्ट लहजे में कहा कि शुद्धीकरण असल में छुआछूत का ही दूसरा रूप है। जब कोई दलित नेता किसी स्थान पर जाता है और उसके बाद वहां अनुष्ठान कराकर 'पवित्रता' की बात की जाती है, तो समाज में यह विषैला संदेश दिया जाता है कि दलित अशुद्ध है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 17 इसे गंभीर अपराध मानता है, लेकिन इसे खुलेआम अंजाम दिया जा रहा है। ALSO READ: राहुल गांधी के सामने छात्रा ने उठाया AI और Cyber Security का मुद्दा, पूछा- महंगी पढ़ाई से गरीब छात्रों का क्या होगा

जातिगत भेदभाव पर सवाल, FIR की मांग 

हल्द्वानी की घटना को देश की व्यापक सामाजिक स्थिति से जोड़ते हुए कांग्रेस नेता ने कई जमीनी उदाहरण रखे। उन्होंने कहा कि आज भी कई जगहों पर दलित बच्चों से स्कूलों में झाड़ू लगवाने और शौचालय साफ कराने जैसे काम कराए जाते हैं, जिससे बाल मन पर गहरा सामाजिक भेदभाव घर कर जाता है। गांवों में आज भी दलितों को सार्वजनिक कुओं से पानी नहीं लेने दिया जाता और चाय की दुकानों पर उनके लिए अलग डिस्पोजेबल कप रखे जाते हैं। 

 

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह दलितों के स्वाभिमान की रक्षा करे। उन्होंने मांग की कि इस असंवैधानिक कृत्य में शामिल लोगों पर तुरंत आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि इस घटना को 20 दिन हो गए हैं, लेकिन अभी तक कोई एक्शन नहीं हुआ है, जो कि बहुत ही शर्मनाक है। 

क्या है पूरा हल्द्वानी विवाद?

दरअसल, हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की 'विजय शंखनाद रैली' आयोजित हुई, जिसे मल्लिकार्जुन खरगे ने संबोधित किया था। 10 अगस्त 2026 को श्री राम सेना नामक संगठन ने मैदान में हवन कर कथित 'शुद्धीकरण' किया। राहुल ने कहा कि खरगे के दलित होने के कारण जानबूझकर उनका और दलित समाज का अपमान किया गया। हालांकि, केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्‍डा ने घटना की निंदा करते हुए भाजपा का इससे कोई संबंध होने से इनकार किया था। दूसरी ओर, उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का तर्क है कि सभा में मर्यादा के विपरीत नारे लगने के कारण स्थानीय लोगों ने यह कदम उठाया।

सुभाष चंद्रा के आरोपों पर रिलायंस का पलटवार, कहा- मीडिया प्लेटफॉर्म्स के गलत इस्तेमाल के दावे बेबुनियाद

सुभाष चंद्रा के आरोपों पर रिलायंस का पलटवार, कहा- मीडिया प्लेटफॉर्म्स के गलत इस्तेमाल के दावे बेबुनियाद

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एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा की ओर से मीडिया प्लेटफॉर्म्स के गलत इस्तेमाल करने के आरोपों को रिलायंस ने बयान जारी कर गलत बताया है। चंद्रा ने आरोप लगाया था कि रिलायंस की ओर से उन पर गलत आरोप लगाते हुए फेक खबरें प्लांट की जा रहीं हैं।

 

रिलायंस के प्रवक्ता ने बयान में कहा कि रिलायंस ग्रुप ने एसेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा की बेबुनियाद बातों पर निराशा जताई है। हम रिलायंस ग्रुप का हिस्सा रही मीडिया कंपनियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों और इशारों का सख्ती से खंडन करते हैं। हमारे मीडिया ब्रांड्स का इस्तेमाल कभी किसी पर हमला करने के लिए नहीं किया गया है और न ही कभी किया जाएगा। हम एक बिजनेसमैन और एंटरप्रेन्योर के तौर पर सुभाष चंद्रा का बहुत सम्मान करते हैं। हम उनके अच्छे भविष्य की कामना करते हैं।

 

इस सार्वजनिक बयानबाजी ने भारत के दो सबसे बड़े बिजनेस दिग्गजों के बीच सीधे टकराव को सबके सामने ला दिया है, जिसमें चंद्रा के आरोप खास तौर पर रिलायंस के मीडिया बिजनेस के कामकाज से जुड़े हैं।

 

क्या है मामला?

चंद्रा ने जी न्यूज़ के साथ एक इंटरव्यू में आरोप लगाया था कि इन मीडिया कंपनियों ने गलत दावा किया कि उनका 22,000 करोड़ रुपए का कर्ज NCLT के जरिए 6.5 करोड़ रुपए में निपटा दिया गया था।

 

उन्होंने दावा किया कि उन्होंने इस मुद्दे पर अंबानी से संपर्क करने की कोशिश की थी और कोई जवाब न मिलने पर उन्हें पत्र भी लिखा था। उन्होंने अंबानी से अपने और अपने ग्रुप के खिलाफ दुष्प्रचार रोकने को कहा और मीडिया नेटवर्क पर उनके खिलाफ टारगेटेड कैंपेन चलाने का आरोप लगाया।

 

एसेल ग्रुप के चेयरमैन ने 2019 की घटनाओं से जुड़े कई आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि उस समय ज़ी के शेयर की कीमत में भारी गिरावट में अंबानी से जुड़ी कंपनियों की भूमिका थी। चंद्रा ने आरोप लगाया कि इसके बाद इन्वेस्को (Invesco) नाम के इन्वेस्टर के साथ मिलकर ज़ी को खरीदने की कोशिश की गई थी, जो इसलिए आगे नहीं बढ़ पाई क्योंकि प्रस्तावित व्यवस्था माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स के हित में नहीं थी।

 

चंद्रा ने कहा कि सालों के फाइनेंशियल स्ट्रेस और एसेट्स की बिक्री के बाद अब उनके पास खोने के लिए बहुत कम बचा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उन पर हमले जारी रहे तो वे अपना बचाव करेंगे। उन्होंने रिलायंस की मीडिया कंपनियों से यह भी कहा कि वे गलत तरीके से निशाना बनाने के बजाय सही रिपोर्टिंग करें।

कैसे उत्तर प्रदेश सरकार ने संजोया मेजर ध्यानचंद से जुड़ी यादों को

कैसे उत्तर प्रदेश सरकार ने संजोया मेजर ध्यानचंद से जुड़ी यादों को

हॉकी के जादूगर के तौर पर विश्व विख्यात मेजर ध्यानचंद से जुड़ी स्मृतियों को संजोने का काम उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पूरी शिद्दत से किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में झांसी में दद्दा की स्मृतियों से जुड़े 'हीरोज ग्राउंड' को झांसी विकास प्राधिकरण ने उच्चीकृत करते हुए यहां सुविधाओं का विस्तार किया है और इसको नया लुक देने का काम किया,वहीं झांसी स्मार्ट सिटी ने रानी लक्ष्मीबाई पार्क में ध्यानचंद म्यूजियम का निर्माण कर यहां दद्दा के जीवन की यादगार कहानियों को अनूठे अंदाज में प्रदर्शित किया है।

विगत वर्ष योगी ने स्वयं इसका लोकार्पण किया था। इसके अलावा, योगी सरकार मेरठ में दद्दा के नाम पर प्रदेश के पहले खेल विश्वविद्यालय का भी निर्माण करा रही है, जो महान खेल विभूति 'दद्दा' को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

‘दद्दा’ की स्मृतियों को संजो रही योगी सरकार

मेजर ध्यानचंद के आवास के निकट स्थित हीरोज ग्राउंड दद्दा के खेल जीवन के शुरुआती दिनों से जुड़ा रहा है और इस ग्राउंड पर उन्होंने खुद अभ्यास करने के साथ ही बहुत सारे खिलाड़ियों को प्रशिक्षण भी दिया। इसी ग्राउंड के एक हिस्से में दद्दा की समाधि स्थित है। झांसी विकास प्राधिकरण ने इस ग्राउंड के चारों ओर बाउंड्री वाल, लाइटिंग, ट्रैक निर्माण और घास लगवाने का काम किया। इसके एक हिस्से में मेजर ध्यानचंद की स्मृति में संग्रहालय का निर्माण कराया गया है। ग्राउंड की दीवारों पर मेजर ध्यानचंद से जुड़ी आकर्षक पेंटिंग्स बनाई गई हैं। मेजर ध्यानचंद के प्रशंसक झांसी में इस ग्राउंड का अवलोकन करने जरूर आते हैं।

झांसी स्मार्ट सिटी ने रानी लक्ष्मीबाई पार्क में मेजर ध्यानचंद म्यूजियम का निर्माण कराया गया
है, जिसका लोकार्पण 29 अगस्त, 2023 को सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया था। मेजर ध्यानचंद संग्रहालय विश्व का दूसरा और एशिया का पहला हॉकी संग्रहालय है, जो मेजर ध्यानचंद को समर्पित है। इस संग्रहालय में मेजर ध्यानचंद के द्वारा जीते गए ओलंपिक पदकों के साथ ही हॉकी से जुड़ी उनकी निजी वस्तुओं को भी प्रदर्शित किया गया है।

इसमें डिजिटल डिस्प्ले की मदद से मेजर ध्यानचंद के व्यक्तित्व और खेल जीवन को प्रदर्शित किया गया है। मॉडर्न टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के कारण यह संग्रहालय झांसी में पर्यटन का महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश और दुनिया के हॉकी फैंस यहां मेजर ध्यानचंद को जानने के लिए यहां आते हैं। इसी संग्रहालय के पास योगी ने मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा का भी अनावरण किया था।

उत्तर प्रदेश सरकार मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का निर्माण कराया है। यहां खिलाड़ियों को सभी प्रकार के खेलों की सुविधा और प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस विश्वविद्यालय के तैयार हो जाने के बाद इसमें 540 पुरुष और 540 महिला खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था होगी।

यही नहीं, खेलों से जुड़े अनेक पाठ्यक्रम में यहां पढ़ाई कराई जाएगी। इसके माध्यम से सिर्फ खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि खेलों से जुड़े अन्य कोर्सेज का भी संचालन होगा, जिससे छात्र खेलों में अपना करियर संवार सकेंगे। योगी सरकार इसे जल्द से जल्द तैयार कर इसका संचालन शुरू करने की तैयारी में है।

नेपाल की बाढ़ में फंसे 320 भारतीयों से संपर्क नहीं, खरगे ने PM मोदी और अमित शाह से की बड़ी मांग

नेपाल की बाढ़ में फंसे 320 भारतीयों से संपर्क नहीं, खरगे ने PM मोदी और अमित शाह से की बड़ी मांग

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नेपाल में आई भीषण बाढ़ और उससे पैदा हुए मानवीय संकट को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। खरगे ने केंद्र सरकार से नेपाल को तत्काल मानवीय और आपदा राहत सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ वहां फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए तेजी से कदम उठाने की मांग की है। ALSO READ: नेपाल में जलप्रलय से भारी तबाही, 626 लोगों की मौत; 2400 से ज्यादा लापता, 320 भारतीयों से संपर्क टूटा

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में खरगे ने नेपाल में बाढ़ से हुए बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक आपदा में 600 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 2,000 लोग अब भी लापता हैं। बड़ी संख्या में लोग भोजन, दवाइयों, आश्रय और दूसरी जरूरी सुविधाओं के लिए परेशान हैं।

 

नेपाल में फंसे भारतीयों को लेकर जताई चिंता

खरगे ने कहा कि बाढ़ के कारण नेपाल के कई हिस्सों में भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के लोग भी फंसे हुए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से संबंधित अधिकारियों को बचाव और निकासी अभियान तेज करने के निर्देश देने का आग्रह किया, ताकि प्रभावित भारतीयों को जल्द से जल्द सुरक्षित भारत लाया जा सके।

 

खरगे ने विदेश मंत्रालय से मिली जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि नेपाल में करीब 320 भारतीय नागरिकों से अभी संपर्क नहीं हो पा रहा है। उन्होंने सरकार से इन लोगों का पता लगाने और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव प्रयास करने की अपील की। ALSO READ: नेपाल की त्रासदी में विदिशा की स्वाति बागरेचा लापता, 26 अगस्त से परिवार से संपर्क टूटा

 

नेपाल को तत्काल राहत सहायता देने की मांग

कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री से नेपाल सरकार के साथ समन्वय कर बाढ़ प्रभावित लोगों तक पर्याप्त राहत और मानवीय सहायता पहुंचाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में भारत को नेपाल के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए।

 

अमित शाह को दिया सुझाव

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में खरगे ने नेपाल में तत्काल और व्यापक मानवीय एवं आपदा राहत सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने सुझाव दिया कि नेपाल सरकार के साथ समन्वय करते हुए जरूरत के अनुसार राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें भी तैनात की जाएं, ताकि बचाव, निकासी और राहत कार्यों में मदद मिल सके।

 

खरगे ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार नेपाल के इस मानवीय संकट को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लेते हुए राहत एवं बचाव कार्यों में तत्काल आवश्यक कदम उठाएगी।

नेपाल की त्रासदी में विदिशा की स्वाति बागरेचा लापता, 26 अगस्त से परिवार से संपर्क टूटा

नेपाल की त्रासदी में विदिशा की स्वाति बागरेचा लापता, 26 अगस्त से परिवार से संपर्क टूटा

भोपाल। नेपाल-तिब्बत सीमा पर हुई बाढ़ और भूस्खलन से भीषण त्रासदी में मौंतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। वहीं इस त्रासदी में ढाई हजार से अधिक लोग लापता है। मध्यप्रदेश के विदिशा की मूल रूप से रहने वाली स्वाति बागरेचा जो ईशा फाउडेशन के एक दल के साथ  कैलाश मनसरोवर की यात्रा पर गई थी वह भी हादसे के बाद लापता है।
 
कनाडा की नागरिक स्वाति अपने साथियों के साथ कैलाश मनसरोवर की यात्रा पर गई थी और  नेपाल में 26 अगस्त को हुई त्रासदी के बाद परिवार वालों से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। परिजन लगातार उनकी जानकारी जुटाने में लगे हैं और उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं।
 
स्वाति के परिवारजनों के मुताबिक स्वाति बागरेचा कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए ईशा फाउडेशन के 77 लोगों के एक यात्रा दल का हिस्सा थीं। परिवार के अनुसार 26 अगस्त के बाद से स्वाति से फोन पर संपर्क नहीं हो पाया है। कई बार संपर्क करने की कोशिश के बावजूद जब कोई जानकारी नहीं मिली तो परिजनों की चिंता और बढ़ गई।
 
स्वाति के परिजन उनकी तलाश और सुरक्षित वापसी के लिए लगातार सरकारी अधिकारियों के संपर्क में हैं। परिवार की ओर से नेपाल स्थित भारतीय दूतावास से भी संपर्क किया जा रहा है। परिजनों को उम्मीद है कि संबंधित एजेंसियों के प्रयासों से स्वाति के संबंध में जल्द कोई जानकारी मिल सकेगी।
 
स्वाति की बहन स्मिता के मुताबिक वह ईशा फाउंडेशन के 77 लोगों के ग्रुप के साथ यात्रा पर गई थीं। त्रासदी से पहले तक वह वाट्सअप के जरिए परिवारों वालों के संपर्क में थी लेकिन 26 अगस्त से उनसे संपर्क नहीं हो पाने के कारण परिवार बेहद चिंतित है। स्मिता के मुताबिक घटना के बाद स्वाति का मोबाइल चालू था और उस पर रिंग जा रही थी, इसे पॉजिटिव साइन माना जा रहा है। परिजन लगातार अधिकारियों से जानकारी लेने का प्रयास कर रहे हैं।
 
स्वाति के पिता डॉ. खुशालचंद बागरेचा ने कहा कि परिवार को पूरी उम्मीद है कि स्वाति सुरक्षित हैं और जल्द ही उनके बारे में जानकारी मिलेगी।  उन्होंने बताया कि परिवार सरकारी अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और स्वाति को सुरक्षित वापस लाने के लिए हरसंभव मदद मांगी जा रही है। खुद कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान परिवारवालों से चर्चा की और उनके संपर्क में है।
 
परिवार ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से स्वाति के बारे में जल्द से जल्द जानकारी उपलब्ध कराने तथा उनकी सुरक्षित वापसी के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की है।
 
स्वाति के लापता होने की जानकारी के बाद विदिशा में भी उनके परिचितों और शुभचिंतकों में चिंता है। स्थानीय भाजपा विधायक मुकेश टंडन स्मिता के माता-पिता से मिलने पहुंचे और उनको पूरी मदद का भरोसा दिया। 

अमेरिका के हाथ लगा दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार! ट्रंप ने वेनेजुएला के साथ किया ऐतिहासिक समझौता

अमेरिका के हाथ लगा दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार! ट्रंप ने वेनेजुएला के साथ किया ऐतिहासिक समझौता

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को वेनेजुएला के साथ एक बड़े समझौते का एलान किया है। इसके तहत अमेरिका वेनेजुएला के 65 अरब बैरल तेल भंडार पर नियंत्रण हासिल करेगा। ALSO READ: सीआईए और रूसी एजेंसी के दो देशों में तख्तापलट के ‘सीक्रेट मिशन’ से खलबली..!

 

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि इसे विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने बातचीत के बाद तैयार किया है। उन्होंने लिखा कि अमेरिका ने अभी वेनेजुएला के साथ दुनिया के इतिहास का सबसे बड़ा तेल समझौता किया है। इस समझौते की घोषणा करीब नौ महीने बाद हुई है।

अमेरिका को मिलेगी बड़ी राहत

ट्रंप पर गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर दबाव बढ़ रहा है। वहीं, ईरान में युद्ध को छह महीने पूरे हो चुके हैं। अभी इसके खत्म होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। अमेरिका ने अपने रणनीतिक तेल भंडार का इस्तेमाल भी किया है। अगस्त की शुरुआत में इसमें तेल की मात्रा 30 करोड़ बैरल से नीचे चली गई थी। 2026 की शुरुआत से इसमें 10 करोड़ बैरल से ज्यादा की कमी आई है।

 

वेनेजुएला के तेल पर थी ट्रंप की नजर

इससे पहले ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए एक अभियान चलाया था। उन्हें अमेरिका ले जाया गया था। वहां उन पर संघीय स्तर पर नार्को-आतंकवाद और नशीली दवाओं की तस्करी के आरोपों में मुकदमा चलाया जाना था। जनवरी में मादुरो को सत्ता से हटाए जाने के बाद के दिनों में ट्रंप ने अमेरिकी तेल कंपनियों के वेनेजुएला लौटने की बात कही थी। इन कंपनियों को वहां के तेल भंडार से तेल निकालने की अनुमति देने की बात कही गई थी।

 

ट्रंप का कहना है कि वेनेजुएला ने अमेरिका का तेल चुराया था। उनका तर्क है कि वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज ने कई दशक पहले सैकड़ों विदेशी कंपनियों की संपत्तियों का राष्ट्रीयकरण कर दिया था। इनमें अमेरिकी तेल कंपनियों की संपत्तियां भी शामिल थीं।

चीनी के बाद CNG, दूध और अंडे पर महंगाई की मार, जानें आपके घर का बजट कितना बिगड़ेगा

चीनी के बाद CNG, दूध और अंडे पर महंगाई की मार, जानें आपके घर का बजट कितना बिगड़ेगा

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चीनी के बाद सीएनजी, दूध और अंडे पर भी महंगाई की मार पड़ रही है। दिल्ली एनसीआर में सीएनजी के दाम 3.89 रुपए प्रति किलो बढ़ गए तो मुंबई में दूध की कीमत 9 रुपए प्रति लीटर बढ़ गए। इथेनॉल उत्पादन में गन्ने के बाद मक्के के बढ़ते इ्स्तेमाल ने अंडों का दाम काफी बढ़ा दिए हैं। महंगाई बढ़ने से आम लोगों के घर का बजट बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

 

दिल्ली में CNG के दाम बढ़े

देश की राजधानी दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। मंगलवार को सीएनजी की दरों में 3.89 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है। नई दरें 29 अगस्त 2026 को सुबह 6 बजे से लागू हो गई। दिल्ली में सीएनजी का रेट 83.09 रुपए प्रति किलो था। यहां आज से सीएनजी की नई कीमत 86.98 रुपए प्रति किलो हो गई। ALSO READ: दिल्ली-NCR में CNG फिर हुई महंगी, 3.89 रुपये प्रति किलो बढ़े दाम; जानें नई कीमत

 

मुंबई में दूध महंगा

दूध उत्पादकों ने कीमत में 9 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी का फैसला किया है। इसके बाद 93 रुपए प्रति लीटर मिलने वाला तबेला दूध 102 रुपए प्रति लीटर हो जाएगा। नई दरें एक सितंबर, 2026 से लागू होंगी।

 

मक्का और अंडे भी महंगे

बीते एक साल में देश में अंडे की कीमतों में 40 फीसदी का इजाफा हुआ। इसका मुख्य कारण मुर्गियों को खिलाई जाने वाली मक्का का महंगा होना है। करीब 3 साल पहले मक्के का भाव 1400 रुपए क्विंटल थे, अब यह बढ़कर लगभग 2650 रुपए क्विंटल तक पहुंच गया है। मक्का महंगी होने की एक वजह इथेनॉल उत्पादन में इसके इस्तेमाल की वजह से बढ़ी मांग है। इस वजह से पोल्ट्री फार्म से निकलने वाला एक अंडा करीब सात रुपए का पड़ रहा है, जबकि खुदरा बाजार में इसकी कीमत 8.50 से 9 रुपए तक पहुंच गई है।

 

राजस्थान के घटे चीनी के दाम

केंद्र के आदेश के बाद राजस्थान में चीनी पर स्टॉक लिमिट सख्ती से लागू हुई। ऑनलाइन ऑर्डर पर भी अधिकतम 5 किलो की कैपिंग की गई। इस वजह से चीनी के दाम 6 रुपए प्रति किले घट गए। 22 अगस्त को चीनी के दाम 68 रुपए किलो थे, अब यह 62 रुपए किलो मिल रही है।

नेपाल में जलप्रलय से भारी तबाही, 579 लोगों की मौत; 1900 से ज्यादा लापता, 320 भारतीयों से संपर्क टूटा

नेपाल में जलप्रलय से भारी तबाही, 579 लोगों की मौत; 1900 से ज्यादा लापता, 320 भारतीयों से संपर्क टूटा

Nepal flood

नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। जलप्रलय के बाद कई इलाकों में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं और राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 579 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 1900 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। ALSO READ: Nepal-Tibet floods: टूटी झील से बढ़ा सैलाब का डर, भूकंप ने भी बढ़ाई चिंता, रुका रेस्क्यू ऑपरेशन, अब क्यों मंडराया खतरा

 

बाढ़ और लगातार बिगड़ते हालात के बीच नेपाल में एक और विनाशकारी सैलाब का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित निकालने तथा लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। कई क्षेत्रों में बाढ़ के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ALSO READ: इंसानियत शर्मसार! नेपाल बाढ़ त्रासदी में दिखी हैवानियत, लाशों से गहने नोच रहे हैं नराधम
 

2 झीलों के कहर बनकर टूटने का खतरा

नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के बीच एक बार फिर बड़े सैलाब की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है। 2 झीलों के कहर बनकर टूटने का खतरा है। इनमें से 1 झील ओवर फ्लो हुई तो दूसरी का आकार बढ़ गया है। प्रशासन की ओर से प्रभावित और संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ाई गई है।

लोगों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे प्रभावित होने के कारण राहत एवं बचाव टीमों के सामने भी कई चुनौतियां हैं। आने वाले समय में मौसम और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। ALSO READ: Nepal Flash Flood : नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा, जयशंकर ने संभाला मोर्चा, भारतीयों की सुरक्षा को दी सर्वोच्च प्राथमिकता

 

320 भारतीयों से संपर्क नहीं

नेपाल में आई इस आपदा के बीच करीब 320 भारतीयों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इनमें इंफोसिस की सहायक कंपनी इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज के प्रमुख लैक्स गोपीसेट्टी भी शामिल बताए जा रहे हैं।

 

लापता भारतीयों की जानकारी सामने आने के बाद उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई है। संबंधित एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों का पता लगाने और उनकी सुरक्षित वापसी के प्रयास कर रही हैं।

दिल्ली-NCR में CNG फिर हुई महंगी, 3.89 रुपये प्रति किलो बढ़े दाम; जानें नई कीमत

दिल्ली-NCR में CNG फिर हुई महंगी, 3.89 रुपये प्रति किलो बढ़े दाम; जानें नई कीमत

cng price hike

CNG Price Hike : दिल्ली-एनसीआर में CNG इस्तेमाल करने वाले लोगों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने CNG की कीमतों में 3.89 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नई दरें 29 अगस्त 2026 की सुबह 6 बजे से लागू हो गई हैं।

 

कीमतों में बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में CNG की कीमत 83.09 रुपये से बढ़कर 86.98 रुपये प्रति किलो हो गई है। यानी अब वाहन चालकों को प्रत्येक किलो CNG के लिए पहले की तुलना में 3.89 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे।

 

पहले भी बढ़ चुके हैं CNG के दाम

दिल्ली में CNG की कीमतों में इस साल मई के दौरान भी कई बार बढ़ोतरी की गई थी। 15 मई को CNG के दाम 2 रुपये प्रति किलो बढ़ाए गए थे। इसके बाद 17 मई को 1 रुपये, 23 मई को 1 रुपये और 26 मई को फिर 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई। इस तरह मई महीने में ही CNG की कीमतों में कई बार इजाफा हुआ था। अब अगस्त के अंत में हुई ताजा बढ़ोतरी से दिल्ली-NCR में CNG वाहनों से सफर करने वालों का खर्च एक बार फिर बढ़ सकता है।

 

वाहन चालकों पर बढ़ेगा खर्च

CNG की कीमत बढ़ने का सीधा असर कार और ऑटो जैसे CNG से चलने वाले वाहनों के परिचालन खर्च पर पड़ सकता है। इससे रोजाना लंबी दूरी तय करने वाले वाहन मालिकों का मासिक बजट प्रभावित होने की संभावना है।