राजस्‍थान के धौलपुर में दर्दनाक हादसा, भाई को बचाने कुंड में कूदीं 3 बहनें, डूबने से चारों की मौत

राजस्‍थान के धौलपुर में दर्दनाक हादसा, भाई को बचाने कुंड में कूदीं 3 बहनें, डूबने से चारों की मौत

राजस्‍थान के धौलपुर जिले से एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। यहां सरमथुरा में रक्षाबंधन की खुशियां मातम में बदल गईं। बिरजा गांव स्थित कुंड में नहाने के दौरान डूबे भाई को बचाने के लिए उसकी 3 बहनें भी पानी में कूद गईं। हादसे में चारों भाई-बहनों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने एसडीआरएफ और गोताखोरों की मदद से चारों के शव बाहर निकाले।

राजस्‍थान के धौलपुर जिले से एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। यहां सरमथुरा में रक्षाबंधन की खुशियां मातम में बदल गईं। बिरजा गांव स्थित कुंड में नहाने के दौरान डूबे भाई को बचाने के लिए उसकी 3 बहनें भी पानी में कूद गईं। हादसे में चारों भाई-बहनों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई।

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खबरों के अनुसार, धौलपुर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के नथुआपुरा मोरोली निवासी रवि उर्फ भोलू अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बिरजा गांव के पास स्थित हीरामन बाबा धाम पर आयोजित मेले में शामिल होने आया था। आज सुबह पास के कुंड में नहाने गया। इसी दौरान वह अचानक डूबने लगा।

भाई को डूबता देख उसकी चचेरी बहन समेत 3 बहनें उसको बचाने के प्रयास में गहरे पानी में चली गईं, जिससे उनकी दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने एसडीआरएफ और गोताखोरों की मदद से चारों के शव बाहर निकाले। हादसे के बाद पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई और रक्षाबंधन की खुशियां मातम में बदल गईं।

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चारों शवों को सरमथुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मोर्चरी में रखवाया गया, जहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। गांव में भी मातम छा गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

योगी सरकार करेगी पेयजल की गुणवत्ता का गहनता से परीक्षण, माइक्रोप्लास्टिक और पीएफएएस की भी होगी जांच

योगी सरकार करेगी पेयजल की गुणवत्ता का गहनता से परीक्षण, माइक्रोप्लास्टिक और पीएफएएस की भी होगी जांच

Yogi government will conduct rigorous testing of drinking water quality

– विश्वस्तरीय परीक्षण सुविधाओं से लैस नई स्टेट लैबोरेटरी भवन का कराया जा रहा तेजी से निर्माण 

– माइक्रोप्लास्टिक एवं पीएफएएस जैसे उभरते प्रदूषक के परीक्षण के लिए आवश्यक उन्नत उपकरणों का प्रस्ताव वार्षिक कार्ययोजना में शामिल 

– पेयजल एवं स्वच्छता विभाग भारत सरकार के सचिव ने मौजूदा स्टेट लैब का किया था निरीक्षण

– प्रदेश में 1 स्टेट, 3 क्षेत्रीय, 72 जिला एवं 62 वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट प्रयोगशालाओं का नेटवर्क 

– राज्यस्तरीय प्रयोगशालाओं में उन्नत स्तर की परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध

Chief Minister Yogi Adityanath : प्रदेश में ग्रामीण पेयजल की गुणवत्ता जांच व्यवस्था को और अधिक उन्नत एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। जल निगम (ग्रामीण) द्वारा विश्वस्तरीय परीक्षण सुविधाओं से लैस नई स्टेट लैबोरेटरी भवन का निर्माण कराया जा रहा है, जिसका कार्य तेजी से पूर्ण कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। नई स्टेट लैब में अत्याधुनिक विश्लेषणात्मक सुविधाओं के साथ पेयजल में उभरते प्रदूषक (इमर्जिंग कंटेमिनेंट्स) जैसे माइक्रोप्लास्टिक या पीएफएएस की जांच क्षमता विकसित करने की योजना है।

 

केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव ने मौजूदा स्टेट लैब का किया था निरीक्षण

हाल ही में उत्तर प्रदेश के दौरे पर आए भारत सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव ने उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) की मौजूदा स्टेट लैबोरेटरी का निरीक्षण किया था। इस दौरान जल गुणवत्ता परीक्षण सुविधाओं, उन्नत उपकरणों तथा भविष्य में विकसित की जाने वाली परीक्षण क्षमताओं पर चर्चा हुई। इस दौरान उन्होंने माइक्रोप्लास्टिक तथा पीएफएएस जैसे उभरते प्रदूषकों की जांच की सुविधा भी स्टेट लैब स्तर पर विकसित किए जाने पर जोर दिया। 

 

प्रदेश में व्यापक जल गुणवत्ता प्रयोगशाला नेटवर्क

उत्तर प्रदेश में ग्रामीण पेयजल गुणवत्ता की निगरानी एवं परीक्षण के लिए बहुस्तरीय प्रयोगशाला नेटवर्क कार्यरत है। इसमें 1 राज्य स्तरीय,  3 क्षेत्रीय, 72 जिला स्तरीय तथा 62 जल शोधक संयंत्र प्रयोगशालाएं हैं। राज्य स्तरीय प्रयोगशालाओं में उन्नत स्तर की परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके 50 मानक एनएबीएल प्रमाणित हैं। इस नेटवर्क के माध्यम से जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल गुणवत्ता की नियमित निगरानी एवं आवश्यकतानुसार विस्तृत प्रयोगशाला परीक्षण किया जाता है।

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माइक्रोप्लास्टिक और पीएफएएस दो अलग श्रेणियों के प्रदूषक

माइक्रोप्लास्टिक और पीएफएएस को एक ही पदार्थ मानना तकनीकी रूप से सही नहीं है। माइक्रोप्लास्टिक सामान्यतः 5 मिमी से छोटे प्लास्टिक कणों को कहा जाता है, जबकि पीएफएएस फ्लोरीन युक्त कृत्रिम रसायनों का व्यापक समूह है, जिन्हें पर्यावरण में अत्यधिक स्थायित्व के कारण इसे फॉरएवर कैमिकल कहा जाता है। दोनों की नमूना परीक्षण तथा तकनीकी जांचें अलग-अलग होती हैं।

 

कैसे होगी माइक्रोप्लास्टिक की जांच

माइक्रोप्लास्टिक परीक्षण में प्रदूषक मुक्त सैंपलिंग अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। नमूने को इस प्रकार एकत्र एवं संभाला जाता है कि इसे इकट्ठा करने का फ्लास्क या बर्तन, वातावरण, कपड़ों अथवा प्रयोगशाला सामग्री से बाहरी प्लास्टिक कण नमूने में न मिलें। इसके बाद जल शोधन एवं आवश्यक नूमने परीक्षण के माध्यम से कणों को अलग किया जाता है।

माइक्रोस्कोपित परीक्षण से सैंपल या नमूनों में संदिग्ध कणों की संख्या, आकार, आकृति और रंग जैसी विशेषताओं का आकलन किया जा सकता है, जबकि पॉलीमर की पुष्ट पहचान के लिए एफटीआरआर या रमन माइक्रोस्कोपी जैसी स्पेकट्रोस्कोपिक तकनीक का उपयोग किया जाता है।

 

बीआईएस मानकों एवं जल जीवन मिशन के प्रोटोकॉल के अनुरूप पेयजल गुणवत्ता निगरानी

जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल गुणवत्ता की निगरानी निर्धारित राष्ट्रीय प्रोटोकॉल तथा लागू भारतीय मानकों के अनुरूप की जाती है। प्रयोगशालाओं के साथ-साथ ग्राम स्तर पर प्रशिक्षित महिलाओं/जल गुणवत्ता निगरानी समूहों द्वारा फील्ड टेस्टिंग किट से प्रारंभिक निगरानी की व्यवस्था भी इस प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आवश्यकता एवं निर्धारित परीक्षण कार्यक्रम के अनुसार नमूनों को प्रयोगशालाओं में भेजकर विस्तृत जांच की जाती है।

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भविष्य की जल गुणवत्ता चुनौतियों के लिए तैयार होगी नई स्टेट लैब

नई स्टेट लैबोरेटरी को आधुनिक एवं विश्वस्तरीय परीक्षण सुविधाओं से लैस करने का उद्देश्य प्रदेश में मजबूत राज्य रेफरल, आधुनिक रेफरल प्रयोगशाला की क्षमता विकसित करना है। माइक्रोप्लास्टिक एवं पीएफएएस जैसे प्रदूषक की परीक्षण सुविधा विकसित होने से भविष्य में बेसलाइन डाटा तैयार करने, संभावित प्रदूषण स्रोतों की पहचान, वैज्ञानिक निगरानी तथा राष्ट्रीय स्तर पर विकसित होने वाले मानकों एवं दिशानिर्देशों के अनुरूप परीक्षण व्यवस्था स्थापित करने में मदद मिलेगी।

 

तेज गति से पूरा कराया जाएगा कार्यः प्रबंध निदेशक

उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक योगेश कुमार ने बताया कि नई स्टेट लैबोरेटरी भवन का निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है और इसे विश्वस्तरीय परीक्षण सुविधाओं से सुसज्जित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। स्टेट लैब की उन्नत परीक्षण क्षमता से जल निगम के साथ-साथ आवश्यकता के अनुसार अन्य सरकारी विभागों एवं संस्थाओं को भी उच्च स्तरीय जल परीक्षण में सहयोग मिल सकेगा। माइक्रोप्लास्टिक एवं पीएफएएस जैसे उभरते प्रदूषकों की जांच को विकसित करना, भविष्य की जल गुणवत्ता चुनौतियों के दृष्टिगत महत्वपूर्ण पहल है।

PM मोदी को मिला उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान, द्विपक्षीय बैठक में हुए कई अहम समझौते

PM मोदी को मिला उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान, द्विपक्षीय बैठक में हुए कई अहम समझौते

Prime Minister Narendra Modi honored with Uzbekistan's highest honor

Prime Minister Narendra Modi in Uzbekistan : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज उज्बेकिस्तान के प्रतिष्ठित सम्मान 'ऑर्डर ऑफ ओली दराजाली दोस्तलिक' से सम्‍मानित किया गया। उन्होंने यह सम्मान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच स्थाई संबंधों को समर्पित किया। प्रधानमंत्री को यह सम्मान उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने प्रदान किया। प्रधानमंत्री मोदी व्यापार, क्लीन एनर्जी और कनेक्टिविटी समेत कई क्षेत्रों में संबंध मजबूत करने के लिए उज्बेकिस्तान के 2 दिवसीय दौरे पर हैं। यह यात्रा राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर हो रही है। 

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज उज्बेकिस्तान के प्रतिष्ठित सम्मान 'ऑर्डर ऑफ ओली दराजाली दोस्तलिक' से सम्‍मानित किया गया। उन्होंने यह सम्मान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच स्थाई संबंधों को समर्पित किया। प्रधानमंत्री को यह सम्मान उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने प्रदान किया।

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प्रधानमंत्री मोदी व्यापार, क्लीन एनर्जी और कनेक्टिविटी समेत कई क्षेत्रों में संबंध मजबूत करने के लिए उज्बेकिस्तान के 2 दिवसीय दौरे पर हैं। यह यात्रा राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लटेफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, 'ओली दराजाली दोस्तलिक' सम्मान प्राप्त कर मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।

उन्होंने कहा, मैं यह सम्मान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच स्थाई संबंधों को समर्पित करता हूं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित होना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि भारत के लोग इस सम्मान के नाम में प्रयुक्त शब्द 'दोस्तलिक' से भलीभांति परिचित हैं।

 

1.4 अरब भारतीयों का है सम्मान 

उन्होंने कहा, भारत में शायद ही कोई ऐसा परिवार होगा, जहां 'दोस्तलिक' शब्द दिन में 100 बार न बोला जाता हो। आज आपने वास्तव में इस शब्द के सार को सामने ला दिया है। 'दोस्तलिक' का अर्थ मित्रता है। यह शब्द अपने आप में भारत और उज्बेकिस्तान के संबंधों के केंद्र में मौजूद भावना को खूबसूरती से व्यक्त करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह सम्मान प्राप्त करना उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि 1.4 अरब भारतीयों का सम्मान है।


प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, सभी भारतीयों की ओर से मैं उज्बेकिस्तान की जनता, सरकार और अपने प्रिय मित्र राष्ट्रपति का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। मैं इस सर्वोच्च सम्मान को बहुत विनम्रता के साथ स्वीकार करता हूं। इसे हमारे दोनों देशों के सदियों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों तथा हमारी साझा विरासत को समर्पित करता हूं।

 

इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने मिर्जियोयेव के साथ वार्ता की, जिसके बाद भारत और उज्बेकिस्तान ने अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का फैसला किया। दोनों देशों ने यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति के लिए एक व्यवस्था बनाने पर सहमति जताई।


वार्ता के दौरान व्यापार, निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, महत्वपूर्ण खनिजों, खनन, रक्षा और सुरक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, टेक्नोलॉजी, UPI समेत डिजिटल सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और एजुकेशन के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

 

विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार दोनों पक्षों ने 2030 तक वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को पांच अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, हम आपसी सहयोग के सभी पहलुओं को दिशा देने के लिए विदेश मंत्री स्तर पर एक समन्वय परिषद (Coordination Council) का गठन करेंगे। हम अपने संयुक्त आयोग (Joint Commission) को सचिव स्तर से मंत्री स्तर तक ले जाएंगे। दोनों पक्ष मिलकर एक बिज़नेस समिट का आयोजन करेंगे जिसमें दोनों देशों के बिज़नेस लीडर्स शामिल होंगे। 

 

राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी, मेरा मानना ​​है कि आपके नेतृत्व में भारत सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय परिणाम हासिल कर रहा है, आर्थिक विकास की उच्च दर बनाए हुए है और बड़े प्रोजेक्ट्स को लागू कर रहा है। भारत डिजिटलीकरण, सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष अन्वेषण और कई अन्य क्षेत्रों में वास्तव में असाधारण प्रगति कर रहा है।

यूपी में मरीजों से AI वॉयस बॉट पूछेगा इलाज का अनुभव, शुल्क और अस्पताल की सेवाओं पर रहेगी नजर

यूपी में मरीजों से AI वॉयस बॉट पूछेगा इलाज का अनुभव, शुल्क और अस्पताल की सेवाओं पर रहेगी नजर

– एआई से इलाज के विश्लेषण, शिकायत निवारण, अस्पतालों की निगरानी और सुविधाओं के सुधार में मिलेगी मदद

– डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक बोले, फोन पर मरीजों से ली जाएगी इलाज और अस्पताल के बारे में जानकारी

– सीएम योगी के निर्देश पर साचीज विकसित कर रहा एआई आधारित वाइस बॉट

Chief Minister Yogi Adityanath : योगी सरकार द्वारा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक और नवाचार के इस्तेमाल को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नोडल स्टेट हेल्थ एजेंसी ‘साचीज’ द्वारा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए मरीजों के अनुभव और उनकी राय को महत्वपूर्ण आधार बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि साचीज आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए एआई आधारित वाइस बॉट विकसित किया जा रहा है। इसके जरिए मरीजों से फोन पर सीधे उनके इलाज और अस्पताल में मिले अनुभव की जानकारी ली जाएगी।

 

मरीजों से फोन पर सीधे पूछा जाएगा अनुभव

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप एआई आधारित वाइस बॉट का उद्देश्य केवल मरीजों से फीडबैक लेना नहीं है, बल्कि उनकी प्रतिक्रियाओं का तकनीक की मदद से विश्लेषण कर ऐसी जानकारी सामने लाना है, जिस पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। इससे अस्पतालों की निगरानी, शिकायतों के समाधान, ऑडिट और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी।

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उन्होंने बताया कि एआई वाइस बॉट के माध्यम से इलाज करा चुके मरीजों से फोन पर बातचीत कर उनके अनुभव के बारे में जानकारी ली जाएगी। मरीज से यह पूछा जा सकेगा कि उसे अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत उपचार मिला या नहीं। इलाज के दौरान उसे किसी तरह की परेशानी हुई या नहीं, अस्पताल में उपलब्ध सेवाएं कैसी रहीं और अस्पताल के कर्मचारियों का व्यवहार कैसा रहा।

यह भी पता लगाया जा सकेगा कि योजना के तहत मिलने वाले उपचार के लिए मरीज या उसके परिवार से कोई अनधिकृत राशि तो नहीं ली गई। इलाज के बाद मरीज कितना संतुष्ट है, इसकी जानकारी भी फीडबैक के माध्यम से प्राप्त की जा सकेगी। इस तरह मरीज की आवाज सीधे स्वास्थ्य महकमे तक पहुंचेगी और उसके अनुभव के आधार पर कमियों की पहचान करना आसान होगा।

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फीडबैक से सामने आएंगे कार्रवाई योग्य मामले

साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि पहल का उद्देश्य मरीजों की प्रतिक्रियाओं में से उन मामलों की पहचान करना है, जिनमें आगे कार्रवाई की जरूरत है। एआई आधारित विश्लेषण के जरिए बड़ी संख्या में प्राप्त फीडबैक को व्यवस्थित किया जा सकेगा। यदि किसी मरीज द्वारा उपचार न मिलने, अनधिकृत शुल्क लेने, खराब व्यवहार या किसी अन्य समस्या की जानकारी दी जाती है, तो ऐसे मामलों को संबंधित संचालन टीमों तक पहुंचाया जा सकेगा।

इससे शिकायतों पर कार्रवाई करने और अस्पतालों की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी। इस व्यवस्था से स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मरीज के वास्तविक अनुभव को भी इसमें शामिल किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में सीमित संख्या में मरीजों से मैनुअल कॉल के माध्यम से फीडबैक लिया जाता है। इसमें समय और मानव संसाधन अधिक लगता है।

एआई वाइस बॉट के माध्यम से बड़ी संख्या में मरीजों तक पहुंचकर उनसे फीडबैक लेने की व्यवस्था विकसित की जा रही है। इससे कम समय में अधिक मरीजों से जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। बड़ी संख्या में प्राप्त प्रतिक्रियाओं के आधार पर बेहतर डेटा तैयार होगा। इस डेटा का विश्लेषण कर अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी समस्याओं की पहचान की जा सकेगी।

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मरीज के अनुभव को स्वास्थ्य व्यवस्था में मिलेगा अधिक महत्व

साचीज की सीईओ ने बताया कि पहल का उद्देश्य केवल लाभार्थियों को उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उन्हें सही, सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्राप्त हो। मरीजों का प्रत्यक्ष अनुभव स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम है। एआई वाइस बॉट के माध्यम से प्राप्त फीडबैक का व्यवस्थित विश्लेषण कर आवश्यक कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

CM योगी का बड़ा ऐलान, साल के अंत तक गोमती नदी हो जाएगी स्वच्छ, 101 करोड़ की 12 परियोजनाओं का किया शिलान्यास व भूमि पूजन

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Chief Minister Yogi along with Defence Minister Rajnath Singh laid foundation stone and performed Bhoomi Pujan for 12 development projects worth Rs 101 crore

– उत्तर प्रदेश ने 9 वर्ष में तय की सुरक्षा, सुशासन की नई यात्रा

– सांसद राजनाथ सिंह के नेतृत्व में साकार हुए अटलजी के सपने

– जन-सुविधाओं का महत्वपूर्ण केंद्र होगी लखनऊ की छावनी परिषद
Chief Minister Yogi Adityanath :
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम इस वर्ष के अंत तक गोमती नदी को स्वच्छ बनाने में सफल होंगे। सेना की मध्य कमान ने गोमती नदी की अविरलता व स्वच्छता के लिए प्रदेश सरकार को पूरा सहयोग दिया है, जिससे यह कार्यक्रम युद्ध स्तर पर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री व रक्षामंत्री के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने 9 वर्ष में सुरक्षा, सुशासन की नई यात्रा तय की है। 20 वर्ष पहले राजधानी में रेलवे स्टेशन पर एक बोर्ड लिखा होता था कि ‘मुस्कुराइए, आप लखनऊ में हैं’, लेकिन ट्रैफिक जाम, संकरी गलियों व गंदगी को देखकर मुस्कुराने के बजाय लोग रोने को मजबूर होते थे। किंतु अब लखनऊ ने पुरानी विरासत के साथ आधुनिक स्मार्ट सिटी के रूप में नई पहचान बनाई है।

 

मुख्यमंत्री ने रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ 101 करोड़ की 12 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व भूमि पूजन किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य लखनऊ छावनी को मॉडल छावनी के रूप में विकसित करना है। एआई बेस्ड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के अलावा यहां स्कूल में अभ्युदय कोचिंग की व्यवस्था भी प्रारंभ होने जा रही है। सीएम ने विश्वास जताया कि लखनऊ की छावनी परिषद ‘आदर्श’ बनकर विकास व जन-सुविधाओं का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी।

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‘ईज ऑफ लिविंग’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में अग्रसर होगी। सीएम ने कहा कि यह छावनी परिषद अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगी, जिससे सैन्यकर्मियों, पूर्व सैन्यकर्मियों व सिविलियन को यहां हर महत्वपूर्ण सेवा मिलेगी। बदलते हुए परिवेश में लखनऊ में इन सुविधाओं की आवश्यकता थी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी व रक्षा मंत्रालय की तरफ से ये प्राप्त हो रही हैं।

 

मुख्यमंत्री ने सुनाई लखनऊ के बदलाव की कहानी 

मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह जी के नेतृत्व में अटल जी के सपनों को साकार किया गया है। लखनऊ में संकरी गलियां हैं तो सीएम ग्रिड की स्मार्ट रोड भी है। किसान पथ जैसा आउटर रिंग रोड भी है। यहां ऊदा देवी पासी व महाराजा बिजली पासी के स्मारकों की धरोहर है तो दूसरी ओर लखनऊ भारत की रक्षा आवश्यकता व आत्मनिर्भरता की दृष्टि से ब्रह्मोस जैसी आधुनिक मिसाइलों का केंद्र भी बना है। यहां हस्तशिल्पियों की चिकनकारी की अद्भुत कला है तो यूनेस्को ने ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ के रूप में मान्यता देकर लखनऊ को नई ऊंचाई तक पहुंचाया है। 

Chief Minister Yogi along with Defence Minister Rajnath Singh laid foundation stone and performed Bhoomi Pujan for 12 development projects worth Rs 101 crore

9 वर्ष में यूपी को नई दिशा देने का प्रयास 

सीएम ने कहा कि 2017 के पहले जिस प्रदेश के सामने पहचान का संकट, अभाव, अराजकता, अव्यवस्था, उपद्रव था, आज वह प्रदेश इन सबसे उबर चुका है। हमने 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश को नई दिशा देने का प्रयास किया है। अब यूपी भारत की अर्थव्यवस्था का ब्रेकथ्रू बनकर ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहा है। भारत की आत्मनिर्भरता के लिए यूपी में छह डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर भी स्थापित हो रहे हैं। 

 

इन्फ्रास्ट्रक्चर भी बना यूपी की पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए भी जाना जा रहा है। देश में जितने भी एक्सप्रेसवे हैं, इनमें 60 फीसदी यूपी के पास हैं। यहां रेलवे का सबसे बड़ा नेटवर्क, सर्वाधिक मेट्रो भी हैं। सीएम ने भारत सरकार से मेट्रो के द्वितीय चरण की स्वीकृति दिलाने के लिए रक्षा मंत्री का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह कार्य भी बहुत जल्द आगे बढ़ने जा रहा है। देश की पहली रैपिड रेल, पहला वाटर-वे और सबसे बड़ा एयरकनेक्टिविटी नेटवर्क यूपी के पास है। यहां 17 घरेलू व 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट क्रियाशील हैं। यूपी से देश-दुनिया के सभी क्षेत्रों में एयर कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध है। 

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सैन्य बलों में यूपी की लीडिंग पोजिशन

सीएम ने कहा कि सैन्य बलों की सेवाओं में यूपी हमेशा लीडिंग पोजिशन में रहा है। देश में सैनिक स्कूलों की परंपरा की शुरुआत डॉ. संपूर्णानंद ने यूपी से की थी। यूपी में बने कई सैनिक स्कूल युवाओं को तैयार कर रहे हैं, जो वर्तमान के साथ ही भविष्य के भारत की सुरक्षा आवश्यकताओं की पूर्ति में योगदान देंगे। हमारी सेना के अधिकारी व जवान 24 घंटे अनवरत भारत की रक्षा करते हैं। पहले उनकी सुविधा के लिए फंड की कमी आड़े आती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है।

 

इस दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण, व्यावसायिक शिक्षा मंत्री कपिलदेव अग्रवाल, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, संजय सेठ, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, मुकेश शर्मा, विधायक डॉ. नीरज बोरा, ओपी श्रीवास्तव, जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (मध्य कमान) लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, भारतीय रक्षा संपदा सेवा की महानिदेशक शोभा गुप्ता आदि की मौजूदगी रही।

रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ा तोहफा! 80 लाख ने की फ्री बस यात्रा, रात 12 बजे तक जारी रहेगी सुविधा

रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ा तोहफा! 80 लाख ने की फ्री बस यात्रा, रात 12 बजे तक जारी रहेगी सुविधा

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रक्षाबंधन के पावन पर्व पर योगी सरकार की ओर से महिलाओं और उनके सहयात्रियों को दी गई निशुल्क बस यात्रा की सौगात का लाभ प्रदेशभर में बड़ी संख्या में यात्रियों को मिला। 28 अगस्त को ही 49.96 लाख से अधिक महिलाओं और उनके सहयात्रियों को बिना किराया दिए यात्रा का अवसर मिला। 29 अगस्त की शाम 5 बजे तक करीब 80 लाख महिलाएं व सहयात्री इस सुविधा का लाभ उठा चुके थे। आंकड़ों के बढ़ने का क्रम जारी है, निशुल्क यात्रा सुविधा शनिवार रात 12 बजे तक जारी रहेगी।

 

परिवहन निगम के मुताबिक 27 अगस्त को 9.26 लाख से ज्यादा महिलाओं व सहयात्रियों ने योजना का लाभ उठाया। इनमें 6.03 लाख से अधिक महिलाएं और 3.22 लाख से ज्यादा सहयात्री शामिल रहे। पहले ही दिन प्रदेशभर में लोगों ने इसका भरपूर लाभ लिया और योगी सरकार की सराहना की। इसके बाद 28 अगस्त यानी रक्षाबंधन को निशुल्क यात्रा का लाभ लेने वालों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। इस दिन 49.96 लाख से ज्यादा निशुल्क टिकट जारी किए गए। इनमें 32.47 लाख से अधिक महिलाएं और 17.48 लाख से ज्यादा सहयात्री शामिल रहे। यानी रक्षाबंधन के दिन ही करीब 50 लाख महिलाओं व सहयात्रियों को बिना किराया दिए यात्रा की सुविधा मिली।

 

दो दिन में 59.23 लाख से ज्यादा यात्रियों को राहत

27 और 28 अगस्त के उपलब्ध आंकड़ों को मिलाकर दो दिन में 59.23 लाख से अधिक टिकट जारी किए जा चुके हैं। इनमें 38.51 लाख से अधिक महिलाएं और 20.71 से अधिक सहयात्री शामिल हैं। योगी सरकार की निशुल्क बस यात्रा योजना ने बड़ी संख्या में परिवारों को त्योहार पर आर्थिक राहत देने के साथ बहनों को भाईयों के पास पहुंचने का रास्ता आसान किया।

 

बुजुर्ग महिलाओं को भी मिली विशेष सुविधा

शुक्रवार से ही ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना’ के तहत बुजुर्ग महिलाओं को भी निशुल्क बस यात्रा की सुविधा मिलनी शुरू हो गई है। योजना के तहत परिवहन निगम की बसों में 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को भी शून्य शुल्क वाले टिकट जारी किए गए, जिससे बुजुर्ग महिलाओं को भी त्योहार पर आवागमन में आर्थिक राहत मिली। 28 अगस्त को यात्रा करने वाली 32.47 लाख महिलाओं में वे भी शामिल हैं। परिवहन निगम इस योजना का तेजी से प्रचार-प्रसार भी कर रहा है, ताकि सभी पात्र महिलाएं इसका लाभ पा सकें।

 

सुरक्षित यात्रा के लिए परिवहन निगम की खास तैयारी

यूपीएसआरटीसी प्रधान प्रबंधक (संचालन) अनिल कुमार ने कहा कि रक्षाबंधन पर यात्रियों की संभावित भीड़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने पहले से व्यापक तैयारियां की थीं। अधिक से अधिक बसों का संचालन, प्रमुख बस स्टेशनों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती और यात्रियों की सुविधा पर विशेष निगरानी रखी गई। अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा भीड़ को व्यवस्थित करने, बसों के संचालन और यात्रियों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभाई जा रही है।

 

आंकड़े अभी और बढ़ने की उम्मीद

तीन दिवसीय इस निशुल्क यात्रा के समग्र आंकड़े शनिवार रात 12 बजे तक काटे गए शून्य शुल्क टिकटों के इनपुट्स अपडेट होने के बाद सामने आएंगे। यह प्रक्रिया लगातार जारी है। ऐसे में लाभार्थियों की संख्या आगे और बढ़ने की पूरी संभावना है।

Gyirong की तस्वीरों को लेकर उठे सवाल; 676 मौतें, 3 हजार लापता, नेपाल-तिब्बत बाढ़ की तबाही के वीडियो हटाने का चीन पर आरोप

Gyirong की तस्वीरों को लेकर उठे सवाल; 676 मौतें, 3 हजार लापता, नेपाल-तिब्बत बाढ़ की तबाही के वीडियो हटाने का चीन पर आरोप

नेपाल और तिब्बत में आई भीषण बाढ़ की भयावहता को दिखाने वाले वीडियो और फुटेज को चीन द्वारा सेंसर किए जाने की खबरों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दावा है कि स्थानीय लोगों और पत्रकारों ने आपदा की तबाही को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर शेयर  किया, लेकिन कुछ वीडियो बाद में चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिए गए। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस विनाशकारी बाढ़ में अब तक 676 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 3,000 लोग लापता बताए जा रहे हैं।

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Gyirong में तबाही का वीडियो हटाने का दावा

 

तिब्बत के स्थानीय निवासियों ने बाढ़ के कई वीडियो बनाकर ऑनलाइन शेयर किए थे। इनमें Gyirong County में एक सीमा चौकी के पास भारी मलबे और मिट्टी का सैलाब आने का भयावह दृश्य भी शामिल था। रिपोर्टों के मुताबिक, यह फुटेज चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया, लेकिन बाद में कुछ वीडियो हटा दिए गए। चीन के सरकारी मीडिया ने भी कथित तौर पर पूरे वीडियो के बजाय उसकी केवल एक तस्वीर का इस्तेमाल अपनी रिपोर्ट में किया।

 

चीन के सरकारी मीडिया कवरेज में मुख्य रूप से बचाव अभियान और राहत कार्यों पर जोर दिया गया है, जबकि बाढ़ से हुई वास्तविक तबाही की व्यापक तस्वीर को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

 

चीन का दावा- बड़े पैमाने पर चल रहा राहत अभियान

 

चीनी अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित इलाकों में सेना के जवानों, आपातकालीन कर्मचारियों, ड्रोन और हेलीकॉप्टरों को तैनात किया गया है। चीन के सरकारी अखबार पीपुल्स डेली के अनुसार, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अधिकारियों को Gyirong में प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए हैं।

 

तिब्बत में विदेशी पत्रकारों पर सख्ती का आरोप

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बाढ़ की वास्तविक स्थिति की स्वतंत्र रूप से जांच को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, विदेशी पत्रकारों को तिब्बत की यात्रा करने और स्थानीय लोगों से फोन पर संपर्क करने में कड़े प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा है। तिब्बत लंबे समय से चीन के सबसे अधिक नियंत्रित और राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि क्षेत्र से जुड़ी खबरों को लेकर सुरक्षा के नजरिए से कड़ी निगरानी रखी जाती है।

 

नेपाल के पूर्व सांसद राजेंद्र बजगाईं ने भी चीन की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर बाढ़ से जुड़े वीडियो हटाए जाते हैं, तो इससे लोगों के लिए यह सवाल उठाना मुश्किल हो सकता है कि वास्तव में वहां क्या हुआ था।

CM योगी की दो टूक- कानून से खिलवाड़ करने वालों की धज्जियां उड़ा देंगे, माफिया के बाद इंसेफेलाइटिस का भी किया समाधान

CM योगी की दो टूक- कानून से खिलवाड़ करने वालों की धज्जियां उड़ा देंगे, माफिया के बाद इंसेफेलाइटिस का भी किया समाधान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि किसी ने कानून से खिलवाड़ करने की तनिक भी कोशिश की तो उसकी धज्जियां उड़ाने में देर नहीं लगेगी। प्रदेश में लोगों की सुरक्षा पर जो भी संकट पैदा करेगा, उसके लिए जेल और जहन्नुम के रास्ते खुले हुए हैं। प्रदेश माफियामुक्त हो चुका है और कोई फिर सिर उठाएगा तो वह मिट्टी में मिला दिया जाएगा। उन्होंने युवाओं और महिलाओं के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह सब तब संभव होता है जब खजाने में पैसा और अच्छी सरकार होती है। 

 

सीएम योगी, शनिवार को वार्ड नंबर 80, राप्ती नगर के अंतर्गत बशारतपुर में नवनिर्मित कल्याण मंडपम सहित गोरखपुर विकास प्राधिकरण और नगर निगम की 130.73 करोड़ रुपये की लागत वाली 170 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेश में उपद्रव, अराजकता या गुंडागर्दी नहीं है, बल्कि सर्वत्र सुरक्षा का माहौल है। 

 

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से सुरक्षा के माहौल में हो रहे प्रदेश के विकास का विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा जिन्हें विकास, रोजगार और उत्सवपूर्ण माहौल पसंद नहीं है, वे अब समाज को जाति, क्षेत्र व भाषा के नाम पर बांटने का काम करेंगे। जनता को ऐसे लोगों से सतर्क और सावधान रहना होगा। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए, समाज को बांटने वाले लोगों को डकैतों का गिरोह करार दिया। सीएम ने कहा, ‘डकैतों के इस गिरोह को जब भी मौका मिला तो उन्होंने प्रदेश और देश को लूटने का काम किया। उत्सव से पहले उपद्रव करना, दंगे करना, कर्फ्यू लगवाना ही इनकी पहचान थी।’ उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार किसी भी गरीब, दलित, वंचित का उत्पीड़न या शोषण नहीं होने देगी। किसी ने शोषण या उत्पीड़न किया तो उससे सख्ती से निपटने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने कानून की धज्जियां उड़ाने की तनिक भी कोशिश की तो उसकी धज्जियां उड़ाने में देर नहीं लगेगी। प्रदेश में सुरक्षा पर संकट पैदा करने वालों के लिए जेल और जहन्नुम के रास्ते खुले हुए हैं।

 

माफिया के साथ मच्छरजनित बीमारी का भी किया समाधान

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते करीब दस वर्ष में उन्होंने माफिया का सफाया करने के साथ ही मच्छरजनित बीमारी इंसेफेलाइटिस का भी समाधान कर दिया गया। सीएम योगी ने याद दिलाया कि 2017 के पूर्व इंसेफेलाइटिस की त्रासदी के कारण गोरखपुर सहित पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश में दहशत का माहौल रहता था। इंसेफेलाइटिस की बीमारी 1977 से चली आ रही थी। पर इस दौरान दूसरे दलों की सरकारों ने समाधान पर ध्यान नहीं दिया। इंसेफेलाइटिस को लेकर उन सरकारों के कान पर जूं तक नहीं रेंगती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सांसद के रूप में इंसेफेलाइटिस के समाधान के लिए सदन से सड़क तक लड़ाई लड़ी और जब मुख्यमंत्री बने तो समाधान करके दिखा भी दिया। उन्होंने कहा कि अब मासूम बच्चे इंसेफेलाइटिस की चपेट में आकर दम नहीं तोड़ते। 

 

अच्छी सरकार में होते हैं अच्छे कार्य

सीएम योगी ने जब अच्छी सरकार होती है तभी अच्छे कार्य आगे बढ़ते हैं। अच्छी सरकार ही युवाओं, बेटियों और महिलाओं के बारे में अच्छा सोचती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। अगले एक साल में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र वितरित किया जाएगा। युवाओं के रोजगार के लिए हर जिले में सरदार वल्लभ भाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड स्किलिंग जोन बनाया जा रहा है। यहां स्किल से जॉब की गारंटी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बेटियों और महिलाओं के लिए सरकार की नई पहल का जिक्र करते हुए बताया कि अगले दो माह में स्नातक अंतिम वर्ष की 50 हजार छात्राओं को स्कूटी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले यूपी में न तो बेटियों की अच्छी पढ़ाई की व्यवस्था थी और न ही गरीब बेटियों की शादी की। जब उन्होंने सामूहिक विवाह योजना शुरू की तो समाजवादी पार्टी ने विरोध किया।

सीएम ने बताया कि अब तक पांच लाख बेटियों की शादी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत हो चुकी है। सरकार इसमें हर बेटी की शादी के लिए एक लाख रुपये का अनुदान दे रही है। मुख्यमंत्री ने 60 वर्ष से ऊपर की महिलाओं को रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा योजना की भी चर्चा की। कहा कि अब कोई भी माता निश्चिंत होकर जब चाहे अयोध्या, काशी, प्रयाग, विंध्याचल, देवीपाटन दर्शन करने जा सकती है। इसके साथ ही उन्होंने रक्षाबंधन के अवसर पर 60 लाख से अधिक महिलाओं के निशुल्क बस यात्रा करने की जानकारी देते हुए कहा कि यह सब तब संभव होता है जब खजाने में पैसा और अच्छी सरकार होती है।

 

सीएम ने गोरखपुर के विकास की खूब की चर्चा

लोकार्पण और शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री ने 2017 के बाद हुए गोरखपुर के विकास की खूब चर्चा की। उन्होंने कहा कि पहले यहां न बिजली आती थी और न ही अच्छी सड़कें थी। मरीजों के लिए इलाज और नौजवानों के लिए नौकरी का अभाव था। जबकि अब भरपूर बिजली आ रही है। सिक्सलेन फ्लाईओवर सहित फोरलेन सड़कों का जाल बिछ चुका है। स्मार्ट सड़कों के साथ ऑटो मोड में ट्रैफिक, स्वच्छता आदि की निगरानी हो रही है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिटी सेवा मिल रही है, गोरखपुर में एम्स भी खुल चुका है। खाद कारखाना फिर से चल रहा है। चार विश्वविद्यालय संचालित हो रहे हैं। बाढ़ की समस्या का समाधान हुआ है। 2017 के पहले बदहाल रहा रामगढ़ताल अब फिल्मों की शूटिंग का केंद्र बन रहा है। गोरखपुर पर्यटन के एक नए हब के रूप में पहचान बना रहा है। सीएम योगी ने गोड़धोइया नाला परियोजना का भी उल्लेख किया। कहा कि इस नाला परियोजना से अब शहर के उत्तर में जलजमाव से मुक्ति मिल गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब नौजवान को नौकरी भी मिल रही है तथा बेटी और व्यापारी की सुरक्षा पर भी संकट नहीं है।

 

कल्याण मंडपम सकारात्मक परिवर्तन और जनसुविधा का प्रतीक 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बशरतपुर कल्याण मंडपम को सकारात्मक परिवर्तन और जन सुविधा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह कल्याण मंडपम जहां बना है, वह जमीन काफी गहरी थी। अच्छी सोच से हुए कार्य के कारण अब यह शानदार उत्सव और सार्वजनिक आयोजन का माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि इस कल्याण मंडपम के लिए उन्होंने ढाई करोड़ रुपये विधायक निधि से दिए हैं, बाकी पैसा जीडीए ने लगाया है। उन्होंने कहा कि कल्याण मंडपम, कम खर्च में होटल का शानदार विकल्प है। उन्होंने कहा कि तीन कल्याण मंडपम अभी निर्माणाधीन हैं और कुछ नए भी स्वीकृत होने वाले हैं। 

 

सुरक्षा के साथ सुविधा भी देती है डबल इंजन सरकार : रविकिशन

कल्याण मंडपम और अन्य विकास कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास समारोह में सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि डबल इंजन की भाजपा सरकार सुरक्षा, विकास व रोजगार के साथ सुविधा भी देती है। पीएम मोदी और सीएम योगी की सोच बिना भेदभाव, समाज के हर पात्र व्यक्ति को शासन की योजना से लाभान्वित करने की है। रविकिशन ने कहा कि यूपी में तीसरी बार सीएम योगी के नेतृत्व में सरकार बननी तय है। 

 

सीएम योगी की दूरदर्शिता का परिणाम है कल्याण मंडपम : डॉ. मंगलेश

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि नागरिकों को एक बेहतरीन सौगात के रूप में कल्याण मंडपम, सीएम योगी की दूरदर्शिता का परिणाम है। उनके मार्गदर्शन में महानगर में कल्याण मंडपम की श्रृंखला खड़ी हो रही है। महापौर ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गोरखपुर विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है।
 

इस अवसर पर प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मत्स्य विभाग के मंत्री डॉ. संजय निषाद, जिला पंचायत की प्रशासक साधना सिंह, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, श्रीराम चौहान, विधायक फतेह बहादुर सिंह, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, नगर निगम की उपसभापति पूनम सिंह, जीडीए बोर्ड के सदस्य राधेश्याम श्रीवास्तव, पवन त्रिपाठी, दुर्गेश बजाज, भाजपा के महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में जीडीए बोर्ड के अध्यक्ष एवं मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंटकर उनका अभिनंदन किया। 

 

सीएम ने फीता काटकर किया कल्याण मंडपम का लोकार्पण

मंचीय कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच फीता काटकर कल्याण मंडपम का औपचारिक उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने मंडपम का भ्रमण और निरीक्षण कर यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं की जानकारी ली। जीडीए के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने उन्हें मंडपम की विशेषताओं की विस्तार से जानकारी दी। निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने कल्याण मंडपम के परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया। 

 

आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है कल्याण मंडपम

बशारतपुर कल्याण मंडपम का निर्माण 2593 वर्गमीटर भूमि पर 3.10 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है। आधुनिक सुविधाओं और आकर्षक वास्तुकला से सुसज्जित कल्याण मंडपम दो तल में निर्मित है। यहां 300 से 500 लोगों की क्षमता के आयोजन हो सकेंगे। भूतल पर हाल, किचन, स्टोर, ऑफिस, चेंज रूम और महिलाओं एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग टॉयलेट बनाए गए हैं। प्रथम तल पर एक हाल, अटैच्ड टॉयलेट और ड्रेसिंग रूम सहित छह कमरों का निर्माण कराया गया है। परिसर में मुख्य भवन के सामने एक आकर्षक फव्वारा भी बनवाया गया है। कल्याण मंडपम आने वाले वाहनों के लिए परिसर के अंदर ही इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाकर अलग से पर्याप्त पार्किंग का प्रावधान किया गया है। परिसर में लॉन भी विकसित किया गया है और फूल वाले पौधे लगाकर सजाया गया है। कल्याण मंडपम बनाने का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को विवाह, तिलक, मुंडन और अन्य सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए किफायती दरों पर आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

 

सीएम के हाथों इन विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण

 

-बशारतपुर कल्याण मंडपम (जीडीए), लागत 3 करोड़ 10 लाख रुपये।

-जीडीए की तरफ से विभिन्न क्षेत्रों में पार्क निर्माण, सड़क व नाली निर्माण और लाइटिंग के 14 कार्य, लागत 7 करोड़ 74 लाख 33 हजार रुपये।

-नगर निगम की तरफ से विभिन्न वार्डों में पाइपलाइन विस्तार, नलकूप स्थापना और इंडिया मार्क-टू हैंडपंपों की रीबोरिंग के 29 कार्य, लागत 39 करोड़ 90 लाख रुपये। 

-नगर निगम की तरफ से बाढ़ और जलभराव से राहत के लिए बाढ़ पंपिंग स्टेशनों की क्षमता वृद्धि एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य, लागत 30 करोड़ 9 लाख रुपये।

 

इन विकास कार्यों का हुआ शिलान्यास

-जीडीए की तरफ से विभिन्न क्षेत्रों में कराए जाने वाले पार्क सुंदरीकरण, सीसीटीवी कैमरा स्थापना सहित कुल 15 कार्य, लागत 2 करोड़ 74 लाख 68 हजार रुपये। 

-नगर निगम की तरफ से 11.92 करोड़ रुपये से 41 सड़कों और नालियों का निर्माण, लागत 11 करोड़ 92 लाख रुपये।

-नगर निगम की तरफ से 47 पार्कों का सुंदरीकरण, लागत 7 करोड़ 60 लाख रुपये।

-नगर निगम की तरफ से नेताजी सुभाष चंद्र बोस नगर में कर्मचारियों के लिए आवासीय भवन, लागत 5 करोड़ 7 लाख रुपये।

-नगर निगम की तरफ से पथ प्रकाश के 7 कार्य, लागत 5 करोड़ 57 लाख रुपये।

-नगर निगम की तरफ से पेयजल व जलभराव की समस्या को दूर करने के 13 कार्य, लागत 16 करोड़ 99 लाख रुपये।

Ahmedabad Water Sewer Connection Online : अहमदाबादवासियों के लिए बड़ी राहत, पानी-सीवर कनेक्शन की पूरी प्रक्रिया अब ऑनलाइन, सरकारी दफ्तरों के चक्कर से मिलेगी मुक्ति

Ahmedabad Water Sewer Connection Online :  अहमदाबादवासियों के लिए बड़ी राहत, पानी-सीवर कनेक्शन की पूरी प्रक्रिया अब ऑनलाइन, सरकारी दफ्तरों के चक्कर से मिलेगी मुक्ति

ahmedabad

अहमदाबाद नगर निगम (AMC) द्वारा पानी और सीवर (ड्रेनेज) कनेक्शन की प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया गया है। नागरिक अब नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से नए पानी या ड्रेनेज कनेक्शन के लिए घर बैठे आवेदन कर सकेंगे। आवेदन करते समय सभी आवश्यक दस्तावेज PDF फॉर्मेट में ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। आवेदन सफलतापूर्वक सबमिट होने के बाद आवेदक को ईमेल या एसएमएस (SMS) के माध्यम से सूचित किया जाएगा। यदि कोई दस्तावेज अधूरा या बकाया होगा, तो उसकी जानकारी भी मैसेज के जरिए दी जाएगी।

 

घर बैठे फीस भुगतान और स्टेटस ट्रैकिंग की सुविधा 

इस नई व्यवस्था से नागरिकों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी। आवेदन करने के बाद उसकी वर्तमान स्थिति (Status) ऑनलाइन पोर्टल से ही ट्रैक की जा सकेगी। इसके अलावा कनेक्शन के लिए जरूरी फीस भी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन भरी जा सकेगी। आवेदन सबमिट करने से लेकर दस्तावेज जमा करने, फीस भरने और स्टेटस चेक करने तक की सभी प्रक्रियाएं अब एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं।

 

आवेदन के लिए आवश्यक प्रमाण और दस्तावेजों की सूची

 नया कनेक्शन प्राप्त करने के लिए आवेदक को पिछले वर्ष के प्रॉपर्टी टैक्स भुगतान की रसीद जमा करना अनिवार्य है। पहचान पत्र के रूप में मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी) या पासपोर्ट साइज फोटो और अन्य आवश्यक पहचान पत्र देने होंगे। इसके अलावा साइट मैप (स्थल का नक्शा) और बी.यू. परमिशन (BU Permission) की कॉपी भी अपलोड करनी होगी। यदि संपत्ति किसी सोसाइटी में स्थित है, तो सोसाइटी का 'अनापत्ति प्रमाण पत्र' (NOC) देना आवश्यक है।

 

कार्य के लिए लाइसेंस धारक प्लंबर की आवश्यकता

 ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या न आए, इसके लिए नागरिकों को सभी कागजात पहले से तैयार रखने की सलाह दी जाती है। इस प्रक्रिया में कनेक्शन प्राप्त करने के लिए लाइसेंस धारक अधिकृत प्लंबर का विवरण और उसका लाइसेंस भी अनिवार्य होगा। ये सभी दस्तावेज सही तरीके से अपलोड होने के बाद ही कनेक्शन के आवेदन को आगे की कार्रवाई के लिए स्वीकार किया जाएगा।

चित्रकूट में बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे सीएम डॉ. मोहन यादव, बांटी राहत सामग्री

चित्रकूट में बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे सीएम डॉ. मोहन यादव, बांटी राहत सामग्री

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए गत रात्रि को नई दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे। यहां आते ही उन्होंने वीसी के माध्यम वरिष्ठ अधिकारियों से बाढ़ की स्थिति को लेकर आपात बैठक की और रविवार को सुबह होते ही चित्रकूट पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। सीएम डॉ मोहन यादव चित्रकूट विकास प्राधिकरण के आश्रय स्थल पहुंचे। उन्होंने यहां बाढ़ प्रभावित लोगों से संवाद किया और हर संभव सहायता देने की बात कही। उन्होंने बाढ़ प्रभावितों को राहत सामग्री भी वितरित की। 

 

दरअसल, चित्रकूट में अतिवृष्टि हुई है। इसकी वजह से सेमरावल और मंदाकिनी नदी में बाढ़ की स्थिति है। नदी का पानी लोगों के घरों में घुस गया है। उनके सामान को भी काफी क्षति हुई है। हालांकि, इस परिस्थिति में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि चित्रकूट में अतिवृष्टि के कारण सेमरावल और मंदाकिनी नदी के जलस्तर में वृद्धि से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है। कई क्षेत्रों में लोगों के घरों में पानी भर गया है और उनके सामान को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की मुस्तैदी के कारण अब तक किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।

 

लोगों तक पहुंचाई जा रही आवश्यक सहायता-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाई जा रही है। बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है, जिसका आंकलन किया जा रहा है। प्रशासन के सभी संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मैंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित की जाएं तथा राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी न रहे।

 

होगा सर्वे, मिलेगी आर्थिक मदद-सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मैं बीती रात रीवा में रुका था। राहत की बात है कि घटना के समय दिन था और मौसम के पूर्वानुमान के चलते प्रशासन पूरी तरह अलर्ट था। हमारी सतर्कता और प्रशासन की तत्परता से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। इस बाढ़ ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। फिलहाल हमारा पूरा ध्यान राहत एवं बचाव कार्यों पर है, ताकि जलस्तर कम होने के बाद प्रभावित लोगों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाया जा सके। आज मैंने बाढ़ प्रभावित नागरिकों से मुलाकात की और अधिकारियों को प्रभावितों तक सूखा राशन एवं अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। जिन लोगों के पशुओं की हानि हुई है अथवा अन्य नुकसान हुआ है, उनका विधिवत सर्वे कराया जाएगा और नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।