सुरक्षा, सम्मान, सामर्थ्य और समृद्धि से आलोकित हो रहा है नारीशक्ति का जीवन : योगी आदित्यनाथ

सुरक्षा, सम्मान, सामर्थ्य और समृद्धि से आलोकित हो रहा है नारीशक्ति का जीवन : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi Adityanath offered prayers during Sharadiya Navaratri

– दुग्ध उत्पादक कंपनियों से जुड़कर 31 जनपदों की 4 लाख से अधिक महिलाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रदान कर रहीं मजबूती

– मुख्यमंत्री योगी ने शारदीय नवरात्र की अष्टमी तिथि पर की मां महागौरी की पूजा, कहा- सशक्त नारी, समृद्ध उत्तर प्रदेश

– मुख्यमंत्री ने सरकार के प्रयास से नारीशक्ति के जीवन में आए बदलाव की दी जानकारी

– योगी सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय 3,000 रुपए से बढ़ाकर 12,000 रुपए प्रतिमाह किया

– स्वयं सहायता समूहों से आत्मनिर्भरता की नई गाथा लिख रहीं 1.20 करोड़ से अधिक महिलाएं

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र की अष्टमी तिथि पर मां महागौरी के स्वरूप की पूजा की। उन्होंने मां महागौरी को शांति, पवित्रता और करुणा की प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने रविवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर लिखा कि मां महागौरी की आराधना हमें स्मरण कराती है कि समाज की वास्तविक उन्नति तभी संभव है, जब हर मां स्वस्थ और सुरक्षित हो, हर बेटी को पोषण एवं बेहतर भविष्य मिले तथा प्रत्येक नारी सम्मान के साथ आत्मनिर्भर होकर जीवन यापन कर सके। अब सुरक्षा, सम्मान, सामर्थ्य और समृद्धि से नारीशक्ति का जीवन आलोकित हो रहा है। 

 

नारीशक्ति को बनाया प्रगति का सक्रिय भागीदार

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने नारीशक्ति को प्रदेश की प्रगति का सक्रिय भागीदार बनाते हुए सुरक्षा, सम्मान, पोषण, शिक्षा और आर्थिक स्वावलंबन के अवसरों का विस्तार किया है।

 

आर्थिक स्वावलंबन का मार्ग किया प्रशस्त 

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले सरकार की नाकामी पर भी प्रहार किया। कहा कि उस समय जहां प्रदेश में बच्चों के पोषण से जुड़ी व्यवस्था माफिया के शिकंजे में दम तोड़ रही थी, वहीं प्रदेश में डबल इंजन सरकार बनने के बाद हमने टेक होम राशन के उत्पादन और वितरण की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सौंपकर व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की और नारीशक्ति के आर्थिक स्वावलंबन का मार्ग प्रशस्त किया। इस पहल ने प्रदेश में पोषण सेवाओं को सुदृढ़ करने के साथ ही कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई को अधिक प्रभावी बनाया।

 

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ाया 

सीएम ने बताया कि हमने बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा की आधारशिला रखने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मानदेय में वृद्धि कर इसे 3,000 रुपए से बढ़ाकर 12,000 रुपए प्रतिमाह किया है। साथ ही, स्वास्थ्य बीमा का लाभ देकर उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक कल्याण को भी संबल प्रदान किया जा रहा है।

 

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहीं 4 लाख से अधिक महिलाएं

मुख्यमंत्री ने लिखा कि आज प्रदेश में बलिनी, सामर्थ्य, काशी, बाबा गोरखनाथ और सृजनी जैसी दुग्ध उत्पादक कंपनियों से जुड़कर 31 जनपदों की 4 लाख से अधिक महिलाएं दुग्ध उत्पादन को आय, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बनाते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही हैं। प्रत्येक ग्राम पंचायत में बीसी सखी पहल ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को विस्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

 

सशक्त नारी, समृद्ध उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री ने बताया कि आज प्रदेश में 1 करोड़ 20 लाख से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की नई गाथा लिख रही हैं। लखपति दीदी पहल के माध्यम से महिलाएं अपनी मेहनत और हुनर को नियमित आय एवं आर्थिक समृद्धि में बदलकर अपने परिवार की खुशहाली सुनिश्चित कर रही हैं। मां महागौरी की कृपा से प्रदेश में आज नारीशक्ति का जीवन सुरक्षा, सम्मान, सामर्थ्य और समृद्धि से आलोकित हो रहा है। सशक्त नारी, समृद्ध उत्तर प्रदेश।

Trump Tariff Relief : भारत को रूस से तेल खरीदने पर राहत, ट्रंप 60 दिन में तय करेंगे आगे की रणनीति

Trump Tariff Relief : भारत को रूस से तेल खरीदने पर राहत, ट्रंप 60 दिन में तय करेंगे आगे की रणनीति

sargio gor on modi trump friendship

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस पर प्रतिबंधों और दूसरे देशों पर शुल्क लगाने के वैश्विक और अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन करने के लिए 60 दिन का समय चाहते हैं।  ट्रंप के हालिया फैसले से रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर दंडात्मक शुल्क लगाने से जुड़ी कुछ व्यवस्थाओं में राहत मिली है, जिसका फायदा भारत को भी हुआ है।

 

रुबियो उज्बेकिस्तान और भारत की यात्रा पर रवाना होने से पहले पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रशासन को यह समझने के लिए समय चाहिए कि रूस से जुड़े प्रतिबंधों और टैरिफ का इस्तेमाल करने से वैश्विक अर्थव्यवस्था और अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा।

ALSO READ: Durga Puja Pandal Stampede : माइक से पंडाल गिरने की चेतावनी के बाद मची भगदड़, 19 लोगों की मौत, 25 घायल, सामने आया घटना का वीडियो

रूस से तेल खरीदने वाले देशों को राहत

 

ट्रंप ने शुक्रवार को रूस और ईरान प्रतिबंध अधिनियम, जिसे ग्राहम अधिनियम भी कहा जाता है, के कुछ प्रमुख प्रावधानों से छूट देने का फैसला किया था। इस कानून के तहत रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर दंडात्मक शुल्क लगाने का प्रावधान है।

 

इस छूट से भारत समेत उन देशों को राहत मिली है, जो रूस से ऊर्जा का आयात करते हैं। अमेरिकी प्रशासन अब इस बात का आकलन करना चाहता है कि प्रतिबंधों और टैरिफ से जुड़े कदमों का आर्थिक प्रभाव कितना व्यापक हो सकता है।

jaishakar and rubio

60 दिन तक लागू रह सकती है छूट

 

ट्रंप की ओर से शुक्रवार को हस्ताक्षरित कार्यकारी आदेश के अनुसार, यह छूट तब तक लागू रहेगी, जब तक राष्ट्रपति या विदेश मंत्री, आवश्यकता के अनुसार वित्त मंत्री और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि से परामर्श करने के बाद यह तय नहीं कर लेते कि आगे कोई कार्रवाई करना उचित होगा या नहीं।

 

रुबियो ने कहा कि ग्राहम अधिनियम में छूट का प्रावधान इसलिए रखा गया था, ताकि दुनिया में बदलती परिस्थितियों और उनके प्रभावों का आकलन किया जा सके। उनके मुताबिक, मौजूदा हालात में भी अलग-अलग घटनाओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना जरूरी है।

 

ईरान युद्ध से ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव का भी होगा आकलन

 

रुबियो ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव डालने वाली कई घटनाओं को इस समीक्षा में ध्यान में रखना होगा। इनमें ईरान युद्ध, सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों के हमले और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसी परिस्थितियां शामिल हैं।

 

उन्होंने कहा कि इन सभी घटनाओं के प्रभावों की तुलना करना जरूरी है, ताकि यह तय किया जा सके कि प्रतिबंधों और शुल्कों के संबंध में आगे कौन-सा कदम या किन कदमों का संयोजन सबसे उपयुक्त होगा।

 

भारत अब भी रूस से बड़ी मात्रा में ऊर्जा खरीद रहा: रुबियो

 

भारत की ऊर्जा नीति पर बात करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि भारत जैसे देशों ने ऊर्जा आयात के स्रोतों में विविधता लाई है, लेकिन वे अब भी रूस से बड़ी मात्रा में ऊर्जा प्राप्त कर रहे हैं।

 

रुबियो के मुताबिक, किसी देश के लिए ऊर्जा आपूर्तिकर्ताओं को रातोंरात बदलना आसान नहीं होता। इसलिए किसी भी फैसले के आर्थिक और ऊर्जा संबंधी प्रभावों को समझना जरूरी है।

 

उन्होंने भारत को अमेरिका का महत्वपूर्ण सहयोगी और साझेदार भी बताया। रुबियो सोमवार को भारत पहुंचेंगे। उनकी यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार और द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा पर नजर रहेगी।

 

भारत-अमेरिका संबंधों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?

 

रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर संभावित अमेरिकी शुल्क का मुद्दा भारत के लिए महत्वपूर्ण रहा है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अलग-अलग देशों से तेल और अन्य ऊर्जा संसाधनों का आयात करता है। ऐसे में अमेरिकी प्रतिबंधों और टैरिफ से जुड़े फैसलों का असर भारत की ऊर्जा लागत और व्यापारिक हितों पर पड़ सकता है।

 

ट्रंप प्रशासन की 60 दिन की समीक्षा के बाद यह स्पष्ट हो सकता है कि रूस से तेल खरीदने वाले देशों के संबंध में अमेरिका आगे क्या नीति अपनाता है। फिलहाल, दी गई छूट भारत के लिए राहत है, लेकिन आगे की स्थिति अमेरिकी प्रशासन के अगले फैसलों पर निर्भर करेगी।

MD Weather Today: उत्तर भारत में गर्मी और धूप, दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें दिल्ली-UP समेत देशभर का मौसम

MD Weather Today: उत्तर भारत में गर्मी और धूप, दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें दिल्ली-UP समेत देशभर का मौसम

देशभर में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में मौसम गर्म और शुष्क रहने की संभावना है, जबकि दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। मौसम में इस बदलाव के बीच लोगों को यात्रा पर निकलने से पहले भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आधिकारिक अपडेट देखने की सलाह दी गई है।

 

उपलब्ध पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रह सकता है। वहीं, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में तेज बारिश होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर में मैदानी इलाकों के मुकाबले तापमान कम रहने का अनुमान है।

ALSO READ: Gwalior Accident : हादसे के बाद CM मोहन यादव का बड़ा एक्शन, CSP हटाए गए, 8 सस्पेंड, मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख

दिल्ली में साफ रहेगा आसमान, दिन में गर्मी

 

दिल्ली में 18 अक्टूबर को आसमान मुख्य रूप से साफ रहने और दिन के समय गर्म मौसम बने रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 18 से 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। उपलब्ध पूर्वानुमान में दिल्ली के लिए किसी बड़ी बारिश का संकेत नहीं दिया गया है। दिन में तेज धूप और शाम के समय अपेक्षाकृत ठंडक महसूस हो सकती है।

 

हरियाणा में शुष्क और धूप वाला मौसम

 

हरियाणा में रविवार को मौसम ज्यादातर शुष्क और धूप वाला रहने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान लगभग 19 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। मौसम सामान्य रहने की संभावना के बीच लोगों को जिले के अनुसार मौसम में होने वाले बदलावों के लिए स्थानीय पूर्वानुमान देखते रहने की सलाह दी गई है।

ALSO READ: Mission Shakti 6.0: यूपी पुलिस का कमाल, 7 दिन में 5 राज्यों से खोज निकाले ₹32 लाख के 120 गुम मोबाइल

पंजाब में दिन में गर्मी, रात में मिलेगी राहत

 

पंजाब में भी मौसम मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है। दिन का तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि रात में न्यूनतम तापमान लगभग 18 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। राज्य के ज्यादातर हिस्सों में शुष्क मौसम बने रहने की संभावना है। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी देखनी चाहिए।

 

उत्तर प्रदेश का मौसम: पश्चिमी यूपी में शुष्क रहने की संभावना

 

उत्तर प्रदेश में रविवार को मौसम सामान्य रूप से गर्म और शुष्क रह सकता है। तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने और न्यूनतम तापमान लगभग 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

 

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में आसमान मुख्य रूप से साफ रह सकता है। वहीं, पूर्वी हिस्सों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक या बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। हालांकि, जिलेवार स्थिति की पुष्टि के लिए IMD के आधिकारिक पूर्वानुमान और चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है।

 

जम्मू-कश्मीर में ठंडक, श्रीनगर में 6 डिग्री तक गिर सकता है पारा

 

जम्मू-कश्मीर में उत्तर भारत के मैदानी इलाकों की तुलना में मौसम ठंडा रहने की संभावना है। श्रीनगर में अधिकतम तापमान करीब 20 डिग्री और न्यूनतम तापमान लगभग 6 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

 

पहाड़ी क्षेत्रों में ऊंचाई और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार तापमान में अंतर हो सकता है। पहाड़ी जिलों की यात्रा करने वाले लोगों को मौसम के पूर्वानुमान और सड़क संबंधी सलाह की जानकारी लेकर ही रवाना होना चाहिए।

 

दक्षिण भारत में भारी बारिश और गरज-चमक की आशंका

 

दक्षिण भारत के कई राज्यों में रविवार को बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है।

Gwalior Accident : हादसे के बाद CM मोहन यादव का बड़ा एक्शन, CSP हटाए गए, 8 सस्पेंड, मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख

Gwalior Accident : हादसे के बाद CM मोहन यादव का बड़ा एक्शन, CSP हटाए गए, 8 सस्पेंड, मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख

gawlier

ग्वालियर जिले में हुए सड़क हादसे को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ी कार्रवाई की है। हादसे को लेकर उन्होंने सीएसपी को हटा दिया है। इसके अलावा 3 थाना प्रभारियों, एक निरीक्षक यातायात, एक प्रधान आरक्षक और 3 आरक्षकों को निलंबित कर दिया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। कर्तव्य में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जवाबदेही तय कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इससे पहले सीएम डॉ. मोहन यादव ने सड़क हादसे में मृत लोगों के परिजनों के लिए 4-4 लाख की आर्थिक सहायता की घोषणा की थी।  

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के पास हुआ भीषण सड़क हादसा अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने इस गंभीर घटना में लापरवाही बरतने पर झांसी रोड के सीएसपी रवि भदौरिया को हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव, आंतरी थाना प्रभारी गीतेश शर्मा, झांसी रोड के ट्रैफिक थाना प्रभारी अभिषेक रघुवंशी, निरीक्षक यातायात राघवेंद्र जादौन, प्रधान आरक्षक सुशील द्विवेदी, आरक्षक किशन खन्ना, आरक्षक अनिल जैतपुरिया और आरक्षक पवन सेंगर को निलंबित करने के भी निर्देश दिए। 

 

श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। कर्तव्य में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जवाबदेही तय कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर आर्थिक सहायता की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि राज्य शासन की ओर से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये, गंभीर घायलों को 2-2 लाख रुपये और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।

 

बाबा महाकाल से प्रार्थना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी घायलों का नि:शुल्क उपचार किया जाएगा। प्रभावित परिवार ग्वालियर, शिवपुरी और श्योपुर से हैं। उन्होंने मंत्री एदल सिंह कंषाना और मंत्री राकेश शुक्ला को ग्वालियर पहुंचने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगतों को अपने श्रीचरणों में स्थान देने एवं शोकाकुल परिजनों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति देने और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने की प्रार्थना की है।

Meerut News : खादी के कपड़ों से मिट्टी के बर्तनों तक, मेरठ की प्रदर्शनी में दिखी स्वदेशी उत्पादों की चमक

Meerut News : खादी के कपड़ों से मिट्टी के बर्तनों तक, मेरठ की प्रदर्शनी में दिखी स्वदेशी उत्पादों की चमक

खादी के परिधानों की सादगी, माटी कला की मिट्टी से जुड़ी खुशबू और स्वदेशी उत्पादों की विविधता के साथ मेरठ में मंडल स्तरीय खादी एवं ग्रामोद्योग प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ। उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, मेरठ मंडल की ओर से आयोजित इस 10 दिवसीय प्रदर्शनी का उद्देश्य पारंपरिक कला और ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ कारीगरों व लघु उद्यमियों को बाजार उपलब्ध कराना और रोजगार के नए अवसर प्रदान करना है।

 

इस प्रदर्शनी का उद्घाटन राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, मेरठ कैंट विधायक अमित अग्रवाल और मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल ने किया। प्रदर्शनी में विभिन्न जिलों और दूसरे राज्यों से आए खादी एवं ग्रामोद्योग से जुड़े उद्यमियों के स्टाल आकर्षण का केंद्र रहे। खादी के पारंपरिक परिधानों के साथ रेशमी साड़ियां, कश्मीरी शॉल, क्रॉकरी और सूखे मेवों सहित अनेक उत्पादों ने प्रदर्शनी को विविध रंग दिए। वहीं, माटी कला जैसे पारंपरिक ग्रामीण उद्योगों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्थानीय कारीगरी को भारतीय संस्कृति और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का संदेश दिया।

 

खादी और माटी कला में छिपी हैं रोजगार की संभावनाएं

 

यह प्रदर्शनी केवल खरीदारी का केंद्र नहीं, बल्कि उन कारीगरों और छोटे उद्यमियों के लिए बाजार से जुड़ने का अवसर भी है, जिनकी आजीविका पारंपरिक उत्पादन पर निर्भर करती है। खादी के वस्त्रों से लेकर मिट्टी से बने हस्तशिल्प और उपयोगी उत्पादों तक, स्वदेशी वस्तुएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ देश की आर्थिक प्रगति में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। ऐसी प्रदर्शनी उत्पादकों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचने का माध्यम बनती है और साथ ही लोगों को स्थानीय हुनर व पारंपरिक उत्पादन से जुड़ने का मौका मिलता है।

 

विलुप्त हो रही कला को मिल रहा है जीवनदान और बाजार

 

प्रदर्शनी में माटी से सामान तैयार करने वाली शिप्रा शर्मा का कहना है कि जो कला विलुप्त हो रही है, उसे सरकार संरक्षण देने का प्रयास कर रही है। हमारी कला और हुनर को एक पहचान और बाजार मिल रहा है। ग्रामीण परिवेश की झलक अब शहरों में भी दिखाई दे रही है, आज के युवाओं को भी अपनी मिट्टी से जोड़ने का यह महत्वपूर्ण प्रयास है।

 

खादी को स्वदेशी आंदोलन की विरासत से जोड़कर किया याद

 

उद्घाटन के बाद अतिथियों ने विभिन्न स्टालों का भ्रमण किया और दूसरे राज्यों तथा प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए उद्यमियों के उत्पादों को देखा और परखा भी। इस दौरान खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र से जुड़े कार्यों की सराहना करते हुए उद्यमियों के कार्य की सरहाना भी की गई है।

 

विधायक गुलाम मोहम्मद ने खादी से जुड़े अपने पुराने अनुभव साझा करते हुए बताया कि करीब चार दशक पहले गांवों में सूत कातने और तैयार करने का काम ग्रामीणों की आय का महत्वपूर्ण माध्यम हुआ करता था। उन्होंने महात्मा गांधी के स्वदेशी आंदोलन को याद करते हुए कहा कि खादी आज भी देश की परंपरा और स्वदेशी भावना का प्रतीक बनी हुई है।

 

मेरठ कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने शहरवासियों से प्रदर्शनी में पहुंचकर अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पाद खरीदने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय और पारंपरिक उत्पादों की खरीदारी से इनसे जुड़े उद्यमियों का मनोबल बढ़ेगा और उनके व्यवसाय को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

 

चरखा कात कर खादी के प्रयोग पर बल, खादी का पटका और चरखे के स्मृति चिह्न भेंट

 

कार्यक्रम का आकर्षण चरखा रहा, अतिथियों से चरखे से सूतकात कर पुराने दिनों को याद किया। अनुभव साझा करते हुए कहा कि पहले स्कूलों में तकली से सूत काटना सिखाया जाता जा। आधुनिकता के कारण खादी प्रचलन कम हो रहा है, ऐसे में युवाओं को खादी से जुड़ना चाहिए। लही  मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल ने अतिथियों का खादी का पटका पहनाकर स्वागत किया। मेरठ मंडल की क्षेत्रीय ग्रामोद्योग अधिकारी मान्या चतुर्वेदी ने अतिथियों को चरखे के स्मृति चिह्न भेंट किए। आयोजकों ने लोगों से अपील की कि वे प्रदर्शनी में आकर खादी के वस्त्रों, हस्तशिल्प, माटी कला और अन्य स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी करें, ताकि छोटे उद्यमियों और पारंपरिक कारीगरों को प्रोत्साहन मिल सके।

 

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिया स्वदेशी अपनाने का संदेश

 

प्रदर्शनी में स्कूली छात्राओं की भागीदारी से कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग देने के साथ नई पीढ़ी को स्वदेशी उत्पादों और पारंपरिक व्यवसायों के महत्व से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

 

महात्मा गांधी पुरस्कार योजना के तहत उत्कृष्ट इकाइयां सम्मानित

 

कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी पुरस्कार योजना के अंतर्गत खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली इकाइयों को पुरस्कृत किया गया। यह सम्मान उन उद्यमियों के प्रयासों को पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा, जो स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक हुनर के सहारे स्वदेशी उत्पाद तैयार कर रहे हैं।

 

10 दिवसीय यह प्रदर्शनी खादी को आधुनिक जीवनशैली से जोड़ने, माटी कला सहित पारंपरिक ग्रामोद्योगों को नया बाजार दिलाने और स्वदेशी उत्पादों के प्रति लोगों की रुचि बढ़ाने का अवसर लेकर आई है। जरूरत है कि लोग केवल प्रदर्शनी देखने तक सीमित न रहें, बल्कि स्थानीय कारीगरों के बनाए उत्पादों को खरीदकर उनके हुनर और रोजगार को भी संबल दें। यही पहल खादी की विरासत को आगे बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में सहायक बन सकती है।

Navratri Special : मां के हौसले से स्टार्टअप बना ‘Hostels Near Me’, यूपी सरकार ने दी आर्थिक मदद

Navratri Special : मां के हौसले से स्टार्टअप बना 'Hostels Near Me', यूपी सरकार ने दी आर्थिक मदद

yogi government

नवरात्र के पावन दिनों में जब घर-घर शक्ति स्वरूपा देवी की आराधना हो रही है, तब झांसी की एक मां समाज को नारी शक्ति का जीवंत उदाहरण दिखा रही हैं। बेटे की एक परेशानी को उन्होंने सिर्फ सुना ही नहीं, बल्कि उसे समाधान और फिर कारोबार की शक्ल दे दी। यह कहानी है अनुराधा मेहरोत्रा की, जो आज स्टार्टअप ‘हॉस्टल्स नियर मी’ की मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) हैं। इस स्टार्टअप को योगी सरकार की ‘स्टार्ट इन यूपी’ पहल के तहत 10 लाख की ग्रांट भी स्वीकृत हुई है।

 

एक परेशानी, जो बन गई प्रेरणा

कहानी की शुरुआत बेहद आम-सी समस्या से हुई। कॉलेज की पढ़ाई के दौरान बेटे आर्यमन को रहने के लिए हॉस्टल तलाशने में खासी दिक्कत आई। यह हर साल हजारों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की भी परेशानी है। अनजान शहर, सीमित जानकारी और भरोसेमंद विकल्पों की कमी, इन सबके बीच सही ठिकाना तलाशना आसान नहीं होता। आर्यमन ने अपनी इस परेशानी और उसके समाधान का आइडिया मां अनुराधा के साथ साझा किया। यहीं मां ने वह भूमिका निभाई, जो हर बेटे को चाहिए। उन्होंने न आइडिया को हल्के में लिया और न बेटे के उत्साह को। मां-बेटे ने मिलकर इसे हकीकत में बदलने की दिशा में कदम बढ़ाया। यही विचार आगे चलकर ‘हॉस्टल्स नियर मी’ के रूप में सामने आया।

 

मां ने संभाली कमान, बनीं सीओओ

अनुराधा केवल प्रेरणा देने तक सीमित नहीं रहीं। उन्होंने स्टार्टअप में मुख्य परिचालन अधिकारी की जिम्मेदारी संभाली और इसके संचालन व विकास में सक्रिय भूमिका निभाई। वह कहती हैं कि कॉलेज के दिनों में बेटे ने जो समस्या बताई, उसी से इस विचार का जन्म हुआ। आज वह एक तरफ बेटे को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं, तो दूसरी तरफ कंपनी की रोजमर्रा की कमान भी संभाल रही हैं। एक मां के लिए अपने बच्चे का सहारा बनना स्वाभाविक है, लेकिन उस सहारे को कारोबारी नेतृत्व में बदल देना बड़ी बात है। नवरात्र में जिस शक्ति की उपासना की जाती है, वह यही है- परिवार को थामने वाली, और जरूरत पड़ने पर नई राह बनाने वाली।

 

इनक्यूबेशन सेंटर से ग्रांट तक का सफर

‘हॉस्टल्स नियर मी’ बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी के इनक्यूबेशन सेंटर में पंजीकृत है। कंपनी के रूप में इसका रजिस्ट्रेशन वर्ष 2024 में हुआ। यह प्लेटफॉर्म कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से हॉस्टल तलाशने में मदद करता है। अब हॉस्टल खोजने के लिए गली-गली भटकने या अधूरी जानकारी पर निर्भर रहने की जरूरत कम हो रही है। वर्ष 2025 में ‘स्टार्ट इन यूपी’ के तहत इस स्टार्टअप के लिए 10 लाख की ग्रांट स्वीकृत हुई और इसकी पहली किस्त भी प्राप्त हो चुकी है। अनुराधा के मुताबिक प्रदेश सरकार की ओर से स्टार्टअप की सराहना की गई है, जो टीम के लिए बड़ा संबल है।

 

छह शहरों तक पहुंचा स्टार्टअप

आज यह प्लेटफॉर्म सिर्फ झांसी तक सीमित नहीं है। लखनऊ, जयपुर, ग्वालियर, इंदौर और मेरठ जैसे शहरों में भी विद्यार्थी हॉस्टल तलाशने के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। एक छोटे शहर से शुरू हुआ विचार अब कई राज्यों के विद्यार्थियों के काम आ रहा है। फिलहाल यह सुविधा वेबसाइट के माध्यम से उपलब्ध है। ग्रांट मिलने के बाद स्टार्टअप में नए फीचर जोड़ने की तैयारी है। आने वाले समय में इसे मोबाइल ऐप के रूप में भी उपलब्ध कराने की योजना है। 

 

नवरात्र का संदेश भी यही है कि शक्ति केवल पूजा की चीज नहीं, जीने और करने का तरीका है। झांसी की इस मां ने दिखा दिया कि जब महिलाएं आगे बढ़कर नेतृत्व संभालती हैं, तो घर के साथ-साथ समाज और अर्थव्यवस्था भी आगे बढ़ती है। ‘हॉस्टल्स नियर मी’ की यह यात्रा अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन एक मां की हिम्मत और बेटे के आइडिया ने जो नींव रखी है, वह आने वाले समय में कई और परिवारों को प्रेरित करेगी।

UP News: यूपी में महिलाओं को ₹3,000 की जगह अब ₹12,000 मानदेय, 1.20 करोड़ महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर

UP News: यूपी में महिलाओं को ₹3,000 की जगह अब ₹12,000 मानदेय, 1.20 करोड़ महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर

CM Yogi Janta Darshan

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र की अष्टमी तिथि पर मां महागौरी के स्वरूप की पूजा की। उन्होंने मां महागौरी को शांति, पवित्रता और करुणा की प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने रविवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर लिखा कि मां महागौरी की आराधना हमें स्मरण कराती है कि समाज की वास्तविक उन्नति तभी संभव है, जब हर मां स्वस्थ और सुरक्षित हो, हर बेटी को पोषण एवं बेहतर भविष्य मिले तथा प्रत्येक नारी सम्मान के साथ आत्मनिर्भर होकर जीवन यापन कर सके। अब सुरक्षा, सम्मान, सामर्थ्य और समृद्धि से नारीशक्ति का जीवन आलोकित हो रहा है। 

 

नारीशक्ति को बनाया प्रगति का सक्रिय भागीदार

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने नारीशक्ति को प्रदेश की प्रगति का सक्रिय भागीदार बनाते हुए सुरक्षा, सम्मान, पोषण, शिक्षा और आर्थिक स्वावलंबन के अवसरों का विस्तार किया है।

 

आर्थिक स्वावलंबन का मार्ग किया प्रशस्त 

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले सरकार की नाकामी पर भी प्रहार किया। कहा कि उस समय जहां प्रदेश में बच्चों के पोषण से जुड़ी व्यवस्था माफिया के शिकंजे में दम तोड़ रही थी, वहीं प्रदेश में डबल इंजन सरकार बनने के बाद हमने टेक होम राशन के उत्पादन और वितरण की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सौंपकर व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की और नारीशक्ति के आर्थिक स्वावलंबन का मार्ग प्रशस्त किया। इस पहल ने प्रदेश में पोषण सेवाओं को सुदृढ़ करने के साथ ही कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई को अधिक प्रभावी बनाया।

 

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ाया 

सीएम ने बताया कि हमने बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा की आधारशिला रखने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मानदेय में वृद्धि कर इसे ₹3,000 से बढ़ाकर ₹12,000 प्रतिमाह किया है। साथ ही, स्वास्थ्य बीमा का लाभ देकर उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक कल्याण को भी संबल प्रदान किया जा रहा है।

 

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहीं 4 लाख से अधिक महिलाएं

मुख्यमंत्री ने लिखा कि आज प्रदेश में बलिनी, सामर्थ्य, काशी, बाबा गोरखनाथ और सृजनी जैसी दुग्ध उत्पादक कंपनियों से जुड़कर 31 जनपदों की 4 लाख से अधिक महिलाएं दुग्ध उत्पादन को आय, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बनाते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही हैं। प्रत्येक ग्राम पंचायत में बीसी सखी पहल ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को विस्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

 

सशक्त नारी, समृद्ध उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री ने बताया कि आज प्रदेश में 1 करोड़ 20 लाख से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की नई गाथा लिख रही हैं। लखपति दीदी पहल के माध्यम से महिलाएं अपनी मेहनत और हुनर को नियमित आय एवं आर्थिक समृद्धि में बदलकर अपने परिवार की खुशहाली सुनिश्चित कर रही हैं। मां महागौरी की कृपा से प्रदेश में आज नारीशक्ति का जीवन सुरक्षा, सम्मान, सामर्थ्य और समृद्धि से आलोकित हो रहा है।

Mission Shakti 6.0: यूपी पुलिस का कमाल, 7 दिन में 5 राज्यों से खोज निकाले ₹32 लाख के 120 गुम मोबाइल

Mission Shakti 6.0: यूपी पुलिस का कमाल, 7 दिन में 5 राज्यों से खोज निकाले ₹32 लाख के 120 गुम मोबाइल

up police

योगी सरकार के मिशन शक्ति 6.0 अभियान के पहले ही सप्ताह में उत्तर प्रदेश पुलिस ने तकनीक आधारित पुलिसिंग और जनशिकायतों के निस्तारण में बड़ी कामयाबी हासिल की है। इसी क्रम में कासगंज पुलिस ने महज सात दिनों के भीतर करीब 32 लाख रुपये कीमत के गुम मोबाइल फोन बरामद कर 120 लोगों को बड़ी राहत पहुंचाई है। खास बात यह है कि इन मोबाइलों की तलाश केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रही।

पुलिस ने तकनीकी संसाधनों की मदद से मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा तक गुम मोबाइलों का पता लगाया और उन्हें बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पुलिसिंग को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और आमजन की शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में कासगंज पुलिस की यह उपलब्धि मिशन शक्ति 6.0 के शुरुआती सप्ताह की महत्वपूर्ण सफलता बनकर सामने आई है।

 

सात दिन में 32 लाख के मोबाइल बरामद, दूसरे राज्यों तक पहुंची पुलिस

 

मिशन शक्ति 6.0 की शुरुआत 11 अक्टूबर को हुई थी। अभियान के पहले सप्ताह में कासगंज पुलिस ने गुम मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए विशेष अभियान चलाया। पुलिस ने प्राप्त शिकायतों के आधार पर तकनीकी माध्यमों से मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस करनी शुरू की। इस दौरान कई मोबाइल फोन की लोकेशन उत्तर प्रदेश से बाहर मिली। इसके बाद पुलिस ने अपनी कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा तक संपर्क एवं समन्वय स्थापित किया। तकनीकी सहायता से मोबाइल फोन का पता लगाकर उन्हें बरामद किया गया। सात दिनों के भीतर करीब 32 लाख रुपये कीमत के मोबाइल बरामद कर 120 लोगों को वापस सौंपे गए।

 

मोबाइल के साथ वापस मिली लोगों की ‘डिजिटल दुनिया’

 

आज मोबाइल फोन केवल बातचीत का साधन नहीं, बल्कि व्यक्ति की पूरी डिजिटल दुनिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। बैंकिंग, यूपीआई भुगतान, जरूरी दस्तावेज, कारोबार से जुड़ी जानकारियां, पारिवारिक तस्वीरें और महत्वपूर्ण संपर्क मोबाइल में ही सुरक्षित रहते हैं। ऐसे में फोन खोने पर व्यक्ति को केवल आर्थिक नुकसान नहीं होता, बल्कि उसकी रोजमर्रा की कई जरूरी गतिविधियां भी प्रभावित हो जाती हैं। कासगंज पुलिस की कार्रवाई से ऐसे ही 120 लोगों को राहत मिली। जिन लोगों को अपने मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद कम रह गई थी, उनके हाथों में दोबारा फोन पहुंचने से उनके चेहरे खिल उठे। पुलिस की इस पहल ने आमजन के बीच भरोसे को भी मजबूत किया है।

 

शिकायत दर्ज करने से लेकर मोबाइल लौटाने तक पुलिस ने की कार्रवाई

 

कासगंज के पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह ने बताया कि गुम मोबाइलों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तकनीकी संसाधनों के माध्यम से उनकी तलाश शुरू की। मोबाइल फोन ट्रेस होने के बाद उनकी बरामदगी सुनिश्चित की गई। इसके बाद स्वामित्व और पहचान का सत्यापन कर संबंधित व्यक्तियों को मोबाइल सौंप दिए गए। उन्होंने बताया कि अभियान में इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिले। इसी उद्देश्य से पुलिस टीमों ने दूसरे राज्यों तक संपर्क स्थापित कर गुम मोबाइलों की बरामदगी सुनिश्चित की।

 

योगी सरकार में तकनीक आधारित पुलिसिंग को मिल रहा बढ़ावा

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और जनशिकायतों के प्रभावी निस्तारण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रदेश के थानों में साइबर हेल्प डेस्क की व्यवस्था के माध्यम से साइबर अपराध और डिजिटल माध्यमों से जुड़ी शिकायतों में लोगों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। डिजिटल लेनदेन, ऑनलाइन बैंकिंग और मोबाइल आधारित सेवाओं के बढ़ते उपयोग के बीच तकनीकी संसाधनों की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। कासगंज पुलिस की यह कार्रवाई इसका उदाहरण है कि आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल केवल साइबर अपराधियों की पहचान और कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों की रोजमर्रा की परेशानियों को दूर करने में भी उपयोगी साबित हो रहा है।

 

मिशन शक्ति 6.0 में जनसेवा और जवाबदेही का संदेश

 

मिशन शक्ति 6.0 के पहले सप्ताह में कासगंज पुलिस की इस उपलब्धि का महत्व केवल 32 लाख रुपये के मोबाइल फोन बरामद करने तक सीमित नहीं है। इससे 120 लोगों को उनकी महत्वपूर्ण डिजिटल जानकारियों और संपर्कों तक दोबारा पहुंच मिली है। साथ ही यह संदेश भी गया है कि गुम मोबाइल की शिकायत पर पुलिस तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए दूसरे राज्यों तक भी तलाश कर सकती है। योगी सरकार के अभियान के शुरुआती सप्ताह में सामने आई यह उपलब्धि पुलिस की सक्रियता, तकनीकी दक्षता और शिकायतों के बेहतर निस्तारण का उदाहरण है। मोबाइल की बरामदगी से जहां लोगों को उनकी खोई हुई डिजिटल दुनिया वापस मिली, वहीं पुलिस के प्रति उनका विश्वास भी मजबूत हुआ है। 

Durga Puja Pandal Stampede : माइक से पंडाल गिरने की चेतावनी के बाद मची भगदड़, 19 लोगों की मौत, 25 घायल, सामने आया घटना का वीडियो

Durga Puja Pandal Stampede : माइक से पंडाल गिरने की चेतावनी के बाद मची भगदड़, 19 लोगों की मौत, 25 घायल, सामने आया घटना का वीडियो

Kolkata Durga Pandal Stampede

उत्तर कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक, पंडाल के गिरने का खतरा बताने वाली माइक पर की गई घोषणा से लोगों में दहशत फैल गई होगी, जिसके कारण भगदड़ मचने की आशंका है।
 

पुलिस ने रविवार को बताया कि इस घोषणा का एक वीडियो सामने आया है, जिसकी जांच कोलकाता पुलिस कर रही है। वीडियो में माइक पर लोगों को चेतावनी देते हुए कहा जा रहा है कि पंडाल की हालत बेहद खराब है और वह गिर सकता है। घोषणा में लोगों से वहां से निकलने की अपील भी की गई थी।

माइक पर किसने दी पंडाल गिरने की चेतावनी?

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि माइक पर यह घोषणा किसने की थी और इसके पीछे क्या वजह थी। जांच अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या इस चेतावनी के कारण श्रद्धालुओं के बीच घबराहट फैली और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हुई। पुलिस के अनुसार, घटना से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है, ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके।
 

आयोजकों की लापरवाही पर उठे सवाल

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस त्रासदी के लिए कथित तौर पर आयोजकों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया और मामले की जांच कराने की बात कही। उन्होंने यह आशंका भी जताई कि पूजा समिति की ओर से माइक पर की गई घोषणा के कारण भीड़ में धक्का-मुक्की बढ़ी होगी और भगदड़ मच गई होगी। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि पंडाल में भगदड़ किन परिस्थितियों में मची और इसके लिए कौन जिम्मेदार था।

केरल की अरुंधति ने CM योगी आदित्यनाथ को भेजा शादी का न्योता, बताया कैसे बदली जिंदगी, बोलीं- भावुक होना कमजोरी नहीं

केरल की अरुंधति ने CM योगी आदित्यनाथ को भेजा शादी का न्योता, बताया कैसे बदली जिंदगी, बोलीं- भावुक होना कमजोरी नहीं

Yogi adityanath

केरल की रहने वाली अरुंधति ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी शादी में शामिल होने का न्योता दिया है। अरुंधति की शादी 20 दिसंबर को केरल के अलुवा स्थित ग्रीन पार्क कन्वेंशन सेंटर में राहुल के साथ होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर बताया कि उनकी एक बात ने जीवन के प्रति उनका नजरिया बदल दिया। अरुंधति के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ से प्रेरित होकर उन्होंने समझा कि भावुक होना या रोना कमजोरी की निशानी नहीं है।

 

योगी आदित्यनाथ को बड़ा भाई मानती हैं अरुंधति

अरुंधति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखे भावुक पत्र में उनके प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वह योगी आदित्यनाथ को केवल एक नेता के रूप में नहीं, बल्कि बड़े भाई की तरह देखती हैं। उनके जीवन का सफर अरुंधति के लिए साहस और प्रेरणा का स्रोत रहा है।

 

अरुंधति ने अपने पत्र में लिखा कि वह अपनी जिंदगी के सबसे खास अवसरों में से एक, यानी अपनी शादी में मुख्यमंत्री को आमंत्रित करना चाहती हैं। उनके मुताबिक, योगी आदित्यनाथ की यात्रा और उनके व्यक्तित्व ने उन्हें खुद पर भरोसा करना सिखाया।

 

बचपन में लोग कहते थे- भावुक होना कमजोरी है

अरुंधति ने पत्र में अपने बचपन का अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब उन्हें किसी बात से चोट पहुंचती थी या वह भावुक हो जाती थीं, तो रोने लगती थीं। उनके कुछ दोस्त उन्हें कहते थे कि भावुक होना कमजोरी है और उन्हें मजबूत बनना चाहिए।

 

धीरे-धीरे अरुंधति को भी लगने लगा कि अपनी भावनाएं जाहिर करना शर्मिंदगी की बात है। वह सोचने लगी थीं कि क्या आसानी से रो पड़ने वाला व्यक्ति कभी मजबूत बन सकता है।

 

योगी आदित्यनाथ का वीडियो देखकर बदला नजरिया

 

अरुंधति के मुताबिक, एक दिन उनके चचेरे भाई ने उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक वीडियो दिखाया। वीडियो में योगी आदित्यनाथ अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए भावुक हो गए थे और उनकी आंखों से आंसू निकल आए थे।

 

अरुंधति ने बताया कि उनके भाई ने उनसे कहा कि भावुक होने या रोने से कोई व्यक्ति कमजोर नहीं बन जाता। उन्होंने योगी आदित्यनाथ का उदाहरण देते हुए समझाया कि व्यक्ति को अपने काम से जवाब देना चाहिए।

 

अरुंधति के अनुसार, यह बात उनके मन में बस गई और पहली बार उन्हें एहसास हुआ कि मजबूत होने का मतलब यह नहीं है कि इंसान कभी भावनाएं महसूस ही न करे।

 

‘मजबूत होने का मतलब भावनाएं छिपाना नहीं’

 

अरुंधति ने अपने पत्र में लिखा कि इस सीख ने उनके सोचने का तरीका बदल दिया। उन्होंने समझा कि मजबूती का अर्थ अपनी भावनाओं को दबाना नहीं, बल्कि उन्हें स्वीकार करने का साहस रखना और मुश्किलों के बावजूद आगे बढ़ते रहना है। उन्होंने कहा कि जब भी वह आत्म-संदेह से घिरती थीं, तो खुद को याद दिलाती थीं कि मजबूती का मतलब यह छिपाना नहीं है कि हम कौन हैं। असली बात यह है कि हम अपने जीवन, जिम्मेदारियों और चुनौतियों का सामना किस तरह करते हैं।

 

शादी से पहले योगी आदित्यनाथ को क्यों याद किया?

 

अरुंधति ने कहा कि जिंदगी के नए अध्याय की शुरुआत से पहले वह उस व्यक्ति को आमंत्रित करना चाहती थीं, जो अनजाने में ही उनके आत्मविश्वास और खुद को मजबूत बनाने के सफर का हिस्सा बन गया।

 

उन्होंने मुख्यमंत्री के व्यक्तित्व में अनुशासन, दृढ़ निश्चय, साहस और जिम्मेदारी लेने की भावना को अपने लिए प्रेरणादायक बताया।

 

अरुंधति ने यह भी स्वीकार किया कि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहता है। यदि वह व्यक्तिगत रूप से शादी में शामिल नहीं हो पाते हैं, तो उनके शुभकामना संदेश और आशीर्वाद भी अरुंधति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे।

 

एक सीख के लिए जताया आभार

 

अरुंधति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनकी एक सीख ने उन्हें अपनी भावनाओं को कमजोरी समझने के बजाय स्वीकार करना सिखाया। उनके लिए यह सीख आत्मविश्वास बढ़ाने और जीवन की चुनौतियों का सामना करने में मददगार रही है।