Nepal Flood : फिर बढ़ा भोटेकोशी नदी का जलस्तर, मंडराया बाढ़ का खतरा, नेपाल बाढ़ की बड़ी बातें

Nepal Flood : फिर बढ़ा भोटेकोशी नदी का जलस्तर, मंडराया बाढ़ का खतरा, नेपाल बाढ़ की बड़ी बातें

नेपाल में विनाशकारी फ्लैश फ्लड के कुछ दिनों बाद एक बार फिर भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। रविवार को नदी का पानी बढ़ने के बाद नेपाली अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित जिलों में तैनात खोज और बचाव दलों को सतर्क रहने की सलाह दी है। हिमालयी सीमा क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी बुधवार को आई भीषण अचानक बाढ़ के दौरान भारी मात्रा में पानी लेकर मध्य नेपाल की ओर पहुंची थी। इस बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई थी।

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नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने बयान जारी कर कहा कि बाढ़ प्रभावित भोटेकोशी नदी का जलस्तर कुछ बढ़ा है और सभी संबंधित लोगों को एहतियाती कदम उठाने चाहिए।

 

नेपाल बाढ़ की बड़ी बातें

 

734 लोगों की मौत: नेपाल में फ्लैश फ्लड से मरने वालों की संख्या बढ़कर 734 हो गई है। वहीं करीब 2,500 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

 

टनल में 100 से ज्यादा लोग फंसे: हाइड्रोपावर परियोजनाओं में काम करने वाले 100 से अधिक कर्मचारी अब भी सुरंगों में फंसे हुए हैं। बचाव अभियान में मदद के लिए भारत और चीन ने विशेषज्ञ रेस्क्यू टीमें भेजी हैं।

 

अरबों डॉलर का आएगा खर्च : नेपाल सरकार को आपदा के बाद पुनर्निर्माण और राहत कार्यों पर अरबों डॉलर खर्च होने का अनुमान है। इसके लिए नेपाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आर्थिक मदद मांग रहा है।

 

भारत में ग्लेशियरों की निगरानी बढ़ी : आपदा को ग्लेशियर के ढहने से जोड़कर देखे जाने के बाद उत्तराखंड में हिमालयी ग्लेशियरों और ग्लेशियल झीलों की निगरानी बढ़ा दी गई है।

 

दुनिया से मिल रही मदद : अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और IFRC ने नेपाल के लिए लाखों डॉलर की मानवीय सहायता का ऐलान किया है। चीन ने भी नेपाल को मदद की पेशकश की है।

Chitrakoot Flood : चित्रकूट में बाढ़ का कहर, 30 फीट ऊपर बह रही मंदाकिनी, रामघाट का 300 मीटर पुल बहा, MP समेत 26 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

Chitrakoot Flood : चित्रकूट में बाढ़ का कहर, 30 फीट ऊपर बह रही मंदाकिनी, रामघाट का 300 मीटर पुल बहा, MP समेत 26 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

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मध्यप्रदेश के सतना जिले और धार्मिक नगरी चित्रकूट में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने हालात बेहद गंभीर कर दिए हैं। भारी बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़कर करीब 30 फीट तक पहुंच गया है। नदी के रौद्र रूप के कारण रामघाट और आसपास के इलाकों में पानी भर गया है।

 

बताया जा रहा है कि गोरगी बांध टूटने के बाद कई इलाकों में पानी घुस गया। बाढ़ की तेज धार में चित्रकूट के रामघाट का करीब 300 मीटर लंबा पुल बह गया। घाट किनारे बनी कई दुकानें भी पानी में समा गईं। अचानक बिगड़े हालात के बाद प्रशासन और राहत-बचाव दल सक्रिय हो गए हैं। NDRF और SDRF की टीमें मौके पर मौजूद हैं और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

 

चित्रकूट में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने और नदी-नालों के आसपास नहीं जाने की सलाह दी जा रही है। लगातार बारिश के कारण आने वाले घंटों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण होने की आशंका है।

 

देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

 

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार को देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और गंगीय पश्चिम बंगाल में भी भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

 

बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी तेज बारिश का अनुमान है। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है।

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दिल्ली-NCR में गर्मी का अलर्ट

 

बारिश के बीच दिल्ली-NCR में फिलहाल गर्मी से राहत के आसार कम हैं। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए भीषण गर्मी/हीटवेव की स्थिति को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।

 

उत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम?

 

उत्तराखंड में रविवार को भारी बारिश की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पहाड़ी इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। हिमाचल प्रदेश में भी आने वाले दिनों में बारिश जारी रहने का अनुमान है। 31 अगस्त से 4 सितंबर के बीच राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।

 

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश जारी

 

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 4 सितंबर तक व्यापक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में रविवार को गरज-चमक और बिजली गिरने की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में चित्रकूट और सतना समेत पूर्वी मध्य प्रदेश के प्रभावित इलाकों में प्रशासन की चुनौतियां बढ़ सकती हैं।

 

झारखंड, ओडिशा, बंगाल और सिक्किम में भी अलर्ट

 

झारखंड और ओडिशा के कुछ हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है। गंगीय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी व्यापक बारिश का अलर्ट है। ओडिशा में आने वाले दिनों में एक बार फिर तेज मानसूनी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

 

पूर्वोत्तर में भारी बारिश का अनुमान

 

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में आने वाले दिनों में भारी बारिश होने की संभावना है।

 

महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में भी बारिश

 

कोंकण और गोवा में 4 सितंबर तक व्यापक बारिश जारी रहने का अनुमान है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र के कुछ हिस्सों में रविवार को छिटपुट बारिश हो सकती है।

 

तटीय कर्नाटक, केरल, माहे और लक्षद्वीप में भी व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है। आंध्र प्रदेश, कराईकल, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु और पुडुचेरी के कुछ हिस्सों में बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली और तेज हवाएं चल सकती हैं।

CM का सख्त आदेश, ‘तारीख पर तारीख’ अब नहीं चलेगी, 5 साल पुराने राजस्व मामलों का होगा प्राथमिकता से निस्तारण

CM का सख्त आदेश, 'तारीख पर तारीख' अब नहीं चलेगी, 5 साल पुराने राजस्व मामलों का होगा प्राथमिकता से निस्तारण

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व न्यायालयों में वर्षों से लंबित मामलों को समयबद्ध ढंग से निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि आम नागरिक की जमीन, संपत्ति और अधिकारों से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जा सकती। ‘तारीख पर तारीख’ की प्रवृत्ति हर हाल में बदलनी होगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नायब तहसीलदार कोर्ट से लेकर राजस्व परिषद के न्यायालयों तक 05 वर्ष से अधिक समय से लंबित सभी राजस्व मामलों को प्राथमिकता से चिन्हित कर नियोजित प्रयासों के साथ निस्तारित कराया जाए। उन्होंने विशेष रूप से धारा 33 के अविवादित वरासत के मामलों को मिशन मोड में निस्तारित कराने को कहा।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार देर शाम शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों तथा फील्ड में तैनात पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के साथ जनहित से जुड़े विषयों वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जनता दर्शन तथा आईजीआरएस में प्राप्त जनशिकायतों के त्वरित एवं संतुष्टिपरक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत का निस्तारण करने से पहले संबंधित तथ्यों और अभिलेखों की विधिवत जांच की जाए तथा आवश्यक स्तर से रिपोर्ट प्राप्त करना सुनिश्चित किया जाए। 

 

समीक्षा में ऐसे प्रकरण सामने आए, जहां मूल शिकायत के बजाय दूसरी जानकारी के आधार पर निस्तारण कर दिया गया अथवा आवश्यक रिपोर्ट प्राप्त किए बिना ही प्रकरण बंद कर दिया गया। उन्होंने असंतुष्ट फीडबैक वाले मामलों की दोबारा समीक्षा कर तथ्यपरक आख्या प्राप्त करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन मामलों में निस्तारण संतोषजनक नहीं है अथवा गलत आख्या के आधार पर प्रकरण बंद किया गया है, उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा संबंधित जिलाधिकारी अथवा पुलिस कप्तान को भेजकर 05 दिनों में स्पष्टीकरण मांगा जाए। प्रत्येक मामले में शिकायतकर्ता को संतुष्ट करने वाला समाधान सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता शिकायतों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि आमजन की समस्या का वास्तविक और स्थायी समाधान करना है।

 

बैठक में राजस्व परिषद की ओर से नायब तहसीलदार के न्यायालय से लेकर उपजिलाधिकारी, जिलाधिकारी, मंडलायुक्त और राजस्व परिषद स्तर तक नामांतरण, सीमांकन, पैमाइश, अंश निर्धारण, वरासत, बंटवारा और भू-उपयोग से संबंधित मामलों के निस्तारण की जिलावार स्थिति प्रस्तुत की गई। 05 वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों के लिहाज से शीर्ष 05 जिलों की स्थिति तथा प्रदेश में सबसे लंबे समय से लंबित शीर्ष 10 प्रकरणों की जानकारी भी मुख्यमंत्री को दी गई।

 

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में राजस्व न्यायालयों की कोर्टवार समीक्षा स्वयं करने और लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण से आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें वर्षों तक अधिकारियों तथा न्यायालयों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने लंबित मामलों के निस्तारण में स्पष्ट समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर प्रभावी मॉनिटरिंग करने को कहा।

 

बैठक में 13 जुलाई से 23 अगस्त के बीच प्रदेश में अपराध की जनपदवार स्थिति का भी विश्लेषण किया गया। अपर पुलिस महानिदेशक, कानून-व्यवस्था ने बताया कि 13 से 19 जुलाई की तुलना में 17 से 23 अगस्त की अवधि में कुल एफआईआर की संख्या में 0.4 प्रतिशत, गंभीर अपराधों में 5.1 प्रतिशत, महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में 3.9 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति/जनजाति के विरुद्ध अपराधों में 11.2 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई है।

 

मुख्यमंत्री ने अपराध नियंत्रण के लिए निरंतर सतर्कता और प्रभावी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला एवं बच्चों से संबंधित अपराधों में विशेष सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। पुलिस जोन और रेंज स्तर पर साप्ताहिक क्राइम एनालिसिस करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि अपराध की वास्तविक स्थिति का नियमित आकलन हो और जहां आवश्यकता हो, वहां तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने महिला बीट पुलिस अधिकारियों की सक्रियता और क्षेत्र में उनकी उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए। छेड़खानी और चेन स्नेचिंग जैसी घटनाओं पर बिना किसी संकोच के कठोरतम कार्रवाई करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई प्रभावी होने के साथ-साथ दूसरों के लिए भी नजीर बननी चाहिए।

 

आगामी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, विश्वकर्मा पूजा और गणेश चतुर्थी के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने पुलिस-प्रशासन को पूरी सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूरे प्रदेश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाती है। मथुरा-वृंदावन में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए क्राउड कंट्रोल की विस्तृत कार्ययोजना पहले से तैयार की जाए। श्री बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन के साथ समन्वय कर अलग कार्ययोजना तैयार करने तथा आवश्यकता के अनुसार होल्डिंग एरिया की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

 

मुख्यमंत्री ने वृंदावन में नया पुलिस सर्किल गठित कर आवश्यक पुलिस बल की तैनाती तथा मथुरा और वृंदावन के लिए अलग-अलग जॉइंट मजिस्ट्रेट की तैनाती के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी थानों और पुलिस लाइनों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आस्था और श्रद्धा के भाव से मनाई जाए। थानों में आकर्षक झांकियां सजाई जाएं और इसमें आमजन को भी सहभागी बनाया जाए।

 

गणेश चतुर्थी के बाद प्रतिमा विसर्जन के दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाईटेंशन तारों से दुर्घटना की आशंका को देखते हुए प्रतिमाओं की ऊंचाई निर्धारित सीमा के भीतर ही रखी जाए। वर्तमान में कई नदियों के उफान पर होने के दृष्टिगत विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। सभी पर्व-त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं की पहले से समीक्षा करने, संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती तथा शरारती और अराजक तत्वों पर प्रभावी नजर रखने के निर्देश दिए।

 

मुख्यमंत्री ने माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई का अभियान निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने गो-तस्करी, लव जिहाद, धर्मांतरण, धार्मिक स्थलों में तोड़फोड़ तथा महापुरुषों की प्रतिमाओं से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को लेकर पुलिस-प्रशासन को 24×7 अलर्ट रहने को कहा। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए, क्योंकि ये कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकती हैं। मुख्यमंत्री ने स्लाटर हाउस की नियमित औचक जांच कराने तथा अनियमितता पाए जाने पर सख्ती से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

 

मुख्यमंत्री ने चित्रकूट, फर्रुखाबाद, अयोध्या, आजमगढ़ और बाराबंकी के जिलाधिकारियों से बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राहत कार्य पूरी संवेदनशीलता के साथ हों और राहत सामग्री की गुणवत्ता जिलाधिकारी स्वयं सुनिश्चित करें। राहत शिविरों में लोगों को भरपेट और गरम भोजन मिले। जलभराव वाले क्षेत्रों में सर्पदंश से बचाव के लिए एंटी-वेनम तथा एंटी-रेबीज की उपलब्धता सभी अस्पतालों में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने लंपी डिजीज से बचाव के लिए पशुपालन विभाग को तत्काल आवश्यक कार्य शुरू करने तथा बाढ़ का पानी उतरने के बाद संभावित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग को कैंप लगाने के निर्देश दिए। 

Nepal flood : नेपाल में तबाही का तांडव, 675 मौतें, 2400 लापता, फिर मंडरा रहा नए जलप्रलय का खतरा

Nepal flood : नेपाल में तबाही का तांडव, 675 मौतें, 2400 लापता, फिर मंडरा रहा नए जलप्रलय का खतरा

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नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है। शनिवार तक मृतकों की संख्या बढ़कर 675 हो गई, जबकि राहत और बचाव दल लगातार मलबे से शव बरामद कर रहे हैं। इस बीच नई बारिश और बढ़ते जलस्तर ने भोटेकोशी नदी बेसिन में फिर से बाढ़ आने की आशंका बढ़ा दी है।

 

नेपाल पुलिस के अनुसार अब तक लगभग 2,400 लोग लापता हैं, जिनमें कम से कम 320 विदेशी नागरिक शामिल हैं। वहीं 4,400 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। सड़कें और पुल बह जाने के कारण कई दूरदराज के गांवों तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो गया है।

 

अधिकारियों ने बताया कि बचाए गए लोगों में 261 विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं, जिनसे संपर्क टूट गया था। इनमें 167 भारतीय, 40 चीनी, 8 यूक्रेनी, 4-4 जर्मनी और माल्टा के नागरिक तथा अमेरिका, तुर्किये, पुर्तगाल, रूस, स्पेन, स्विट्जरलैंड, इटली, ओमान, बेल्जियम और बुल्गारिया के नागरिक शामिल हैं।

 

नेपाल पुलिस के मुताबिक, भोटेकोशी बाढ़ से प्रभावित आठ जिलों से अब तक 675 शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें सबसे अधिक शव चितवन और नवलपरासी जिलों से मिले हैं।

 

15 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी राहत कार्य में जुटे

 

सरकार ने खोज और बचाव अभियान के लिए 15,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है। हेलीकॉप्टरों के जरिए फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत सामग्री वितरित करने का काम लगातार जारी है।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हिमालयी क्षेत्र में बर्फ और चट्टानों के धंसने या हिमस्खलन के कारण यह आपदा आई। इसके बाद पानी, कीचड़ और मलबे का विशाल सैलाब मध्य नेपाल के कई जिलों में फैल गया, जिससे घर, वाहन, सड़कें, पुल और जलविद्युत परियोजनाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं।

 

चीन में भी असर, 7 की मौत

 

चीनी अधिकारियों के अनुसार सीमा के दूसरी ओर चीन में भी सात लोगों की मौत हुई है, जबकि 550 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं।

 

हाईअलर्ट पर नेपाल सरकार

 

नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह ने कहा कि सरकार बाढ़ प्रभावित नागरिकों के साथ खड़ी है और हर नागरिक की जान बचाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बताया कि राहत दल, चिकित्सा टीमें और आपदा प्रतिक्रिया बल प्रभावित क्षेत्रों में संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं। लापता विदेशी नागरिकों के परिवारों से संपर्क बनाए रखने के लिए राजनयिक स्तर पर भी प्रयास किए जा रहे हैं।

 

नए खतरे की आशंका

भारी बारिश और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के कारण राहत कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कई इलाके ऐसे हैं जहां केवल हेलीकॉप्टर के जरिए ही पहुंचा जा सकता है। प्रारंभिक बाढ़ के बाद आपदा क्षेत्र के ऊपरी हिस्से में एक नई झील बनने की भी जानकारी मिली है, जिससे एक और बड़े जलप्रवाह की आशंका बनी हुई है।

 

सुरंगों में फंसे 100 से ज्यादा मजदूर

 

शनिवार देर रात नेपाली सेना ने त्रिशूली 3A जलविद्युत परियोजना की सुरंग में एक पाइप डालने में सफलता हासिल की, जहां कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। गृह मंत्री सुदन गुरूंग ने बताया कि सुरंग के भीतर हवा पहुंचाने का काम शुरू कर दिया गया है और जल्द ही बचाव दल अंदर भेजा जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि 100 से अधिक मजदूर अभी भी जीवित अवस्था में सुरंगों में फंसे हो सकते हैं। बचाव अभियान मुख्य रूप से त्रिशूली 3A और 3B परियोजनाओं पर केंद्रित है।

 

भारत की मदद जारी

 

भारत ने नेपाल में राहत और बचाव कार्यों के लिए 11 सदस्यीय एक्सपर्ट्‍स सुरंग-राहत दल भेजा है। यह टीम प्रभावित जलविद्युत परियोजनाओं में फंसे मजदूरों को निकालने में तकनीकी सहायता प्रदान कर रही है। इसके अलावा भारत बुधवार से अब तक नेपाल को 57.6 टन राहत सामग्री भेज चुका है।

मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से की सौजन्य भेंट

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री शाह को मध्यप्रदेश में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति और वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में सहकारिता क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों, नए प्रयासों और उपलब्धियों की भी जानकारी दी।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं और राज्य के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की ताजा स्थिति पर भी केंद्रीय मंत्री श्री शाह से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मध्यप्रदेश की विकास यात्रा को और गति देने के लिए सहयोग की अपेक्षा के साथ मार्गदर्शन प्राप्त किया।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश विकास एवं जनकल्याण के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार का संकल्प प्रदेश के विकास की गाथा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना और प्रत्येक नागरिक के जीवन में समृद्धि एवं खुशहाली लाना है।

नई दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे सीएम डॉ.मोहन यादव, रविवार को करेंगे बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण

नई दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे सीएम डॉ.मोहन यादव, रविवार को करेंगे बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण

सीएम ने रीवा में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ की आपात बैठक

चित्रकूट में अतिवृष्टि से हुए नुकसान का लेंगे जायजा

अतिवृष्टि से मंदाकिनी नदी में बाढ़, रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी 

भोपाल। जन-कल्याण के लिए प्रतिबद्ध मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 29 अगस्त की शाम के सारे कार्यक्रम रद्द कर दिए। वे जनता की परेशानी जानने और उनके समाधान के लिए नई दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे। उन्होंने रीवा में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अतिवृष्टि और बाढ़ के हालातों पर आपात बैठक की। वे सतना जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचेंगे और चित्रकूट में अतिवृष्टि से हुए नुकसान का जायजा लेंगे।

 

दरअसल, चित्रकूट में विगत दिनों से हो रही लगातार अतिवृष्टि से मंदाकिनी नदी में बाढ़ आ गई है। प्रशासन और रेस्क्यू की एसडीआरएफ टीम बचाव और राहत के काम में जुटी हुई है। मंदाकिनी नदी की बाढ़ से रामघाट से हनुमान धारा पहुंच मार्ग का पुराना पुल भी क्षतिग्रस्त हुआ है। चित्रकूट में सेना के हेलीकॉप्टर भी बचाव कार्य कर रहे हैं। चित्रकूट में 6 आश्रय स्थलों पर जलभराव क्षेत्रों के प्रभावित लोगों के रुकने, भोजन और चिकित्सा की व्यवस्था को गई है।

 

कंट्रोल रूम की व्यवस्था

बता दें,  फिलहाल मन्दाकिनी नदी का जल स्तर अधिकतम फ्लड लेबल 136 मीटर के करीब पहुंच रहा है। दूसरी ओर, जबलपुर से आई एसडीईआरएफ टीम भी लोगों की मदद कर रही है। इस बीच बाढ़ एवं जल भराव की स्थिति में सूचना और सहायता के लिए कंट्रोल रूम टेलीफोन नंबर-07672-223211 की व्यवस्था की गई है।

 

 

सोनिया गांधी की किताब ‘Belonging: A Journey of Love’ पर क्‍या है कंट्रोवर्सी, प्रकाशन ने क्‍यों छापने से किया इनकार?

सोनिया गांधी की किताब 'Belonging: A Journey of Love' पर क्‍या है कंट्रोवर्सी, प्रकाशन ने क्‍यों छापने से किया इनकार?

Sonia Gandhi

सोनिया गांधी की किताब ‘बिलॉन्‍गिंग’ 'Belonging: A Journey of Love' को लेकर ठीक वही हुआ, जैसा पहले से अनुमान था। सोनिया गांधी की इस किताब पर भारत में बखेड़ा शुरू हो गया है। इस किताब पर आग में घी का डालने का काम तब हुआ, जब इसके प्रकाशन समूह पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने इसे भारत में प्रकाशित करने से इनकार कर दिया। इस घोषणा के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर प्रकाशक पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है। विपक्ष भी कांग्रेस के साथ है। वहीं, प्रकाशन हाउस के अपने तर्क हैं। इस पूरे विवाद पर हालांकि बीजेपी ने भी अपनी सफाई दी है।

बता दें कि सोनिया गांधी की आत्‍मकथा ‘बिलॉन्‍गिंग’ नवंबर में रिलीज होगी। कहा जा रहा है कि इसमें सोनिया गांधी के अपने निजी और राजनीतिक अनुभव दर्ज हैं। लेकिन कुछ हिस्‍से ऐसे हैं, जिनके बारे में पता चलते ही इसे लेकर जमकर विवाद शुरू हो गया है। बता दें कि किताब 10 नवंबर को दुनियाभर में रिलीज होगी, जबकि प्रकाशन ने इसे भारत में प्रकाशित करने से इनकार कर दिया है। जानते हैं किताब के किन हिस्‍सों पर क्‍या विवाद है। क्‍या कहना है प्रकाशक का और कैसे यह एक राजनीतिक विवाद बन गया है।

Sonia Gandhi

भारत में छापने से प्रकाशक का इनकार क्‍यों : सोनिया गांधी की बिलॉन्‍गिंग पर पूरा विवाद तब सामने आया जब पेंगुइन की अमेरिकी शाखा अल्फ्रेड ए नॉफ ने घोषणा की कि सोनिया गांधी ने यह किताब 10 नवंबर को दुनियाभर में रिलीज होगी। हालांकि, पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने बयान जारी कर कहा कि वह भारत में इसे छापने के लिए उत्सुक था, लेकिन किताबों में दिए गए तथ्यों की जांच करना प्रकाशक का अधिकार और जिम्मेदारी है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आया है कि पब्लिशर किताब के कुछ हिस्सों में बदलाव या संपादन करना चाहता था, इस बदलाव या संपादन से सोनिया गांधी ने साफ मना कर दिया। इसके बाद पेंगुइन इंडिया ने इसे भारत में छापने से मना कर दिया। जबकि भारत के अलावा यह किताब दूसरे देशों में 10 नवंबर को रिलीज होगी।

किताब के किन हिस्‍सों पर कंट्रोवर्सी : एनडीटीवी की एक रिपोर्ट बताती है कि पब्लिशर और सोनिया गांधी के बीच मुख्य रूप से तीन विषयों को लेकर सहमित नहीं बन पाई। सोनिया गांधी की किताब में भारतीय क्षेत्र में चीन की कथित घुसपैठ और सीमा के मौजूदा हालात का प्रमुखता से जिक्र किया गया है। किताब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली, नेतृत्व और केंद्र सरकार की कई अहम नीतियों पर सोनिया गांधी के सवाल शामिल हैं। वहीं किताब में राष्ट्रीय मामलों और भारत के सामाजिक ताने-बाने पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के असर को लेकर सोनिया गांधी के निजी विचार लिखे गए हैं। जब पब्लिशर ने इन हिस्सों में बदलाव का सुझाव दिया, तो सोनिया गांधी ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि यह उनके अपने अनुभव और नजरिए हैं, जिनमें कोई समझौता नहीं हो सकता।

तथ्यों की जांच करना चाहता है प्रकाशन : बता दें कि अल्फ्रेड ए. नॉफ पेंगुइन रैंडम हाउस की एक प्रकाशन इकाई है। उसने कहा था कि संबंधित चर्चाओं के दौरान वह इस संस्मरण को प्रकाशित करने की इच्छुक थी। हालांकि, प्रकाशक ने कहा कि लेखकों की सामग्री की तथ्य-जांच करना उसका अधिकार और जिम्मेदारी है। यह बयान उन खबरों के बीच आया, जिनमें कहा गया था कि सोनिया गांधी द्वारा संपादकीय बदलावों को स्वीकार नहीं किए जाने के बाद प्रमुख प्रकाशक ने किताब प्रकाशित करने का फैसला वापस ले लिया।

कांग्रेस का भाजपा-RSS पर आरोप : कांग्रेस के लोकसभा में उपनेता गौरव गोगोई ने पेंगुइन इंडिया के बयान की आलोचना की और इसे कमजोर बताया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, ''यह कितना कमजोर बयान है। पेंगुइन इंडिया 'एग्जाम वॉरियर्स' और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर कई किताबें प्रकाशित करने में पूरी तरह खुश है। इसमें कोई संदेह नहीं कि भाजपा सरकार में ऐसे लोग हैं, जो अब इस बात से डर गए हैं कि भारत के लोग इस किताब को पढ़ेंगे।''

गहलोत ने कहा, क्‍या मजबूरी है : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया से पूछा कि जब उसकी अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन इकाई इस संस्मरण को दुनिया भर में प्रकाशित कर रही है तो भारत में इसे प्रकाशित करने से उसे क्या रोक रहा है। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'पेंगुइन की अंतरराष्ट्रीय इकाई सोनिया गांधी की आगामी किताब को उसके मूल रूप में पूरी दुनिया में प्रकाशित करने के लिए तैयार है, लेकिन पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया इसे भारत में प्रकाशित करने से पहले बदलाव चाहता है। आखिर ऐसी क्या वजह है या ऐसा कौन सा दबाव है कि जो किताब पूरी दुनिया में प्रकाशित हो रही है, उसे भारत में प्रकाशित नहीं किया जा सकता?''

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने आगे कहा, ''इतने कद की व्यक्ति, देश की वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्रीमती सोनिया गांधी जी की किताब को दबाव में दबाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की हत्या के समान है।'

विपक्ष आया कांग्रेस के सपोर्ट में : सोनिया गांधी की आत्मकथा को लेकर हुए विवाद पर सीपीआई सांसद पी. संदोष कुमार ने कहा, 'लेखिका को अपने मन की बात लिखने का पूरा अधिकार है, और यह एक तरह की आत्मकथा ही है। इसमें से कुछ अंश हटाने का कोई मतलब नहीं है। इसके पीछे क्या तर्क है? इसलिए हम इसका विरोध करते हैं। कई प्रकाशक हैं, और मुझे उम्मीद है कि उनमें से कुछ इसे जल्द ही प्रकाशित करेंगे।'

नकवी बोले- यह संस्मरण है या उसका सियासीकरण : पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने सोनिया गांधी की किताब पर जारी विवाद पर कहा कि यह लेखक और प्रकाशक के बीच का मामला है। वे तय करेंगे कि यह संस्मरण है या उसका सियासीकरण है। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए नकवी ने कहा, “यह सोनिया गांधी का संस्मरण है या कल्पना है, ये तो लेखक और प्रकाशक के बीच की बात है। प्रकाशक और लेखक ही तय करेंगे कि यह संस्मरण है या उसका सियासीकरण है। मुझे लगता कि इसमें किसी को राजनीति करने की जरूरत है। आप अगर संस्मरण के नाम पर कल्पनाएं लिख कर रहे हैं और उनमें भी कई तरह के फ्रिक्शन हों या फर्जी और मनगढ़ंत किस्से-कहानियां हों तो निश्चित रूप से उसमें प्रकाशक के साथ भी जिम्मेदारी होती है।”

आरोपों पर क्‍या बोली भाजपा : किताब के प्रकाशन पर दबाव को लेकर लग रहे आरोपों पर अब भाजपा ने जवाब दिया है। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस नेता संस्मरण को लेकर 'डर की झूठी कहानी गढ़ने और एक गलत धारणा बनाने' की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केसवन ने कहा कि कांग्रेस के ये प्रयास सिर्फ विडंबना से ही नहीं, बल्कि स्पष्ट रूप से पाखंड से भी भरे हैं।

Sonia Gandhi

आखिर क्‍या है किताब में : ये किताब सोनिया गांधी की आत्मकथा है। इसमें सोनिया गांधी के इटली में बिताए बचपन से लेकर भारत में उनके जीवन तक को दर्ज किया गया है। राजीव गांधी से विवाह, देश की प्रधानमंत्री रहीं इंदिरा गांधी की बहू बनना, इन सबका उल्लेख इस आत्मकथा में किया गया है। सोनिया ने कहा कि राजनीति से धीरे-धीरे दूरी बनाने के बाद जब उन्होंने अपने जीवन को पीछे मुड़कर देखा, तो उन्हें एहसास हुआ कि ''उनके जीवन के हर पड़ाव को जोड़ने वाली कड़ी प्रेम और निष्ठा रही है।'' उन्होंने अपनी इस यात्रा को ''इटली के छोटे शहर में अपने बचपन की सरलता से लेकर भारत में बिताए वर्षों की जटिलता'' तक की यात्रा बताया।

किसी ने पूछा— RSS जॉइन करने पर मुझे क्या मिलेगा, न्‍यू यॉर्क में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने दिया ये जवाब

किसी ने पूछा— RSS जॉइन करने पर मुझे क्या मिलेगा, न्‍यू यॉर्क में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने दिया ये जवाब

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संघ के विचार, धर्म, और भारतीय परंपरा पर अपनी बात रखी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आरएसएस का मकसद सिर्फ और सिर्फ निस्वार्थ सेवा है। अपने संबोधन के दौरान मोहन भागवत ने एक वाकया साझा किया।

उन्होंने कहा, “मुझसे किसी ने पूछा कि आरएसएस जॉइन करने पर मुझे क्या मिलेगा? यह एक बहुत जायज सवाल है। लेकिन मेरा जवाब साफ है कि अगर आप कुछ पाने की नीयत से संघ से जुड़ना चाहते हैं, तो मत आइए। अगर आप समाज और देश की सेवा करने के इरादे से आना चाहते हैं, तो आपके लिए यहां जगह है।”

कुत्‍ते की आंख का उदाहरण : भागवत ने कहा कि वे कोई धार्मिक विद्वान नहीं हैं, लेकिन एक ऐसे समाज का हिस्सा हैं जो मानता है कि रास्ते भले ही अलग हों, लेकिन मानवता एक है। उन्होंने एक वैज्ञानिक और दार्शनिक उदाहरण देते हुए समझाया, “कुत्ते की आंखें सिर्फ दो रंग (काला और सफेद) देख पाती हैं। अगर हम उसे रंगों की दुनिया समझाएं, तो वह नहीं समझेगा। वह अपने अनुभव के आधार पर सही है। ठीक वैसे ही, एक इंसान के रूप में हम सात रंग देखते हैं”

उन्होंने श्लोक का जिक्र करते हुए कहा, 'रुचिनां वैचित्र्यात् रुजु कुटिल नानापथ जुषां, नृणामेको गम्यस्त्वमसि पयसामर्णव इव' जिस तरह आसमान से गिरने वाली हर बूंद अंत में समुद्र में ही मिलती है, उसी तरह सभी धार्मिक मार्ग एक ही ईश्वर और सत्य की ओर ले जाते हैं।

मोहन भागवत ने भारतीय परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि जब दुनिया में लोगों को कहीं पनाह नहीं मिली, तब भारत ने उन्हें गले लगाया। यही भारत का इतिहास रहा है। लेकिन समय के साथ विदेशी आक्रमणों और शिक्षा के अभाव के कारण समाज में कुछ विकृतियां आईं।

उन्होंने साफ किया कि खुद को 'हिंदू' कहने वाले व्यक्ति को यह मानना होगा कि सभी रास्ते एक ही सत्य की ओर जाते हैं और हर इंसान की गरिमा समान है। भागवत ने 'विद्याविनयसंपन्ने ब्राह्मणे गवि हस्तिनि…' का संदर्भ देते हुए कहा कि एक सच्चा ज्ञानी सभी जीवों को समान दृष्टि से देखता है। आरएसएस का मकसद इसी प्राचीन ज्ञान और मानवता के भाव को फिर से समाज में जगाना है।

मलबे में तब्‍दील हुई पशुपतिनाथ की भूमि नेपाल, कई जिंदगियां लापता, किसी की गोद उजड़ी, किसी की जिंदगी का सहारा

मलबे में तब्‍दील हुई पशुपतिनाथ की भूमि नेपाल, कई जिंदगियां लापता, किसी की गोद उजड़ी, किसी की जिंदगी का सहारा

Nepal

कुदरत के कहर और पहाड़ों से बही गगनचुंबी तबाही ने पशुपतिनाथ की पवित्र भूमि नेपाल को पल भर में मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया है। चारों तरफ सिर्फ चीख-पुकार, पसरा हुआ सन्नाटा और अपनों को ढूंढती बेबस निगाहें हैं। इस भयानक मंजर ने किसी मां की गोद सूनी कर दी, तो किसी मासूम के सिर से पिता का साया छीन लिया। जहां कल तक जिंदगी मुस्कुराती थी, आज वहां सिर्फ मलबे में दबी उम्मीदें और कभी न भरने वाले जख्म बाकी रह गए हैं।

किसी का घर उजड़ गया तो किसी का पूरा परिवार। किसी का मासूम बच्‍चा जल प्रलय में बह गया तो कोई बुजुर्ग मलबे में दबकर अनंत में कहीं खो गया। अब सिर्फ इंतजार बचा है, अपनों के लौटने का इंतजार। जिंदा नहीं तो कम से कम शव ही मिल जाए। शवों को खोजने की होड़ सी मची है। इस त्रासदी के बाद एक ही सवाल बचा है। अब कैसे फिर से वो घर बसेंगे, कैसे परिवार फिर से पूरा होगा। कैसे फिर से जिंदगी आबाद होगी।

लौटने की प्रतीक्षा, जिंदा न होने का भय : नेपाल में आई भीषण तबाही में 600 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 2,400 से ज्यादा लोग लापता हैं। सुरक्षा बलों के 11,000 से अधिक जवान राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। इस आपदा के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए मुंबई के 61 श्रद्धालुओं का दल भी सीमावर्ती इलाके से लापता है। उनके परिवारों को उनके लौटने का इंतजार और जिंदा नहीं होने का भय सता रहा है।

अस्पतालों के बाहर चिपकी अपनों की तस्वीरें देख देखकर लोग बेहाल हैं। कोई मलबे तो कोई कीचड़ में अपनों के शवों को खोज रहा है। मांएं बेबस हैं, पिता मायूस। बुजुर्ग कुछ समझ नहीं पा रहे हैं और बच्‍चे निढाल हो चुके हैं। तबाही का ऐसा खौफनाक मंजर देखकर हर किसी की रूह कांप गई है।

600 मौतें, 2,400 लापता : शनिवार तक इस प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की तादाद 600 को पार कर चुकी है, जबकि 2,400 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। अब तक 163 विदेशी नागरिकों समेत करीब 2,500 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। नेपाली सेना के 5,000 से अधिक जवानों सहित 11,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी राहत और बचाव कार्य में दिन-रात जुटे हैं। ऊपरी त्रिशूली 3A जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे 350 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि कीचड़ में दबे अन्य लोगों की तलाश जारी है।

हाथ में रह गईं सिर्फ अपनों के नामों की सूचियां : नेपाल के जो भी प्रभावित इलाके हैं, वहां सिर्फ लोग अपनों के नामों की सूचियां और उनकी तस्‍वीरें हाथों में लिए नजर आ रहे हैं। अस्पतालों के बाहर हजारों लोगों की कतारें हैं। इस बीच त्रिशूली में सेना का रिलीफ कैंप प्रभावितों का सबसे बड़ा सहारा बना हुआ है, जहां बुजुर्गों, बच्चों और घायलों का इलाज चल रहा है। इस बीच मौसम विभाग की बारिश की आशंका ने एक बार फिर से लोगों में दहशत जगा दी है।

आखिर कब लौटेंगे 61 श्रद्धालु : नेपाल और तिब्बत सीमा पर आई इस तबाही के बाद मुंबई के 61 श्रद्धालुओं का एक दल भी लापता है, उनके परिजनों की सांसें अटकी हुई हैं। प्रसिद्ध ट्रैकर डॉ. मिलिंद चितले के नेतृत्व में यह दल कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए 23 अगस्त को रवाना हुआ था। 25 अगस्त की शाम को टिमुरे पहुंचने के बाद से इनका परिवारों से संपर्क टूट चुका है। कुछ सदस्यों की आखिरी डिजिटल लोकेशन 26 अगस्त की सुबह बॉर्डर चेकपोस्ट के पास की मिली थी, जिसके बाद से कोई खबर नहीं है।

मुख्यमंत्री योगी ने योजनाओं के लाभार्थियों को दिया चेक, चाबी, प्रमाणपत्र व सहायता राशि

मुख्यमंत्री योगी ने योजनाओं के लाभार्थियों को दिया चेक, चाबी, प्रमाणपत्र व सहायता राशि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र-सहायता राशि, किट व चेक आदि प्रदान किया। इस दौरान लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। 

सीएम के हाथों इन्हें मिला योजनाओं का लाभ…

  • सुशील कुशवाहा- कृषि यंत्र के लिए 4 लाख रुए का अनुदान
  • जिज्ञासा सिंह- नियुक्ति पत्र 
  • लकी कुमार- नियुक्ति पत्र 
  • प्रियंका गुप्ता- स्वास्थ्य विभाग की योजना से लाभान्वित, दिया गया उपहार 
  • उमा देवी- स्वास्थ्य विभाग की योजना से लाभान्वित, दिया गया उपहार 
  • चंदा देवी- आशा वर्कर को भी उपहार 
  • शांति देवी- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 5 लाख का चेक 
  • गुड़िया देवी- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 5 लाख का चेक 

मुख्यमंत्री ने किया स्टॉलों का निरीक्षण, योजनाओं के बारे में ली जानकारी 

मुख्यमंत्री ने मझौलीराज में जनसभा स्थल पर लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न स्टॉल पर जाकर योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने स्टॉल पर भी पर एक उद्यमी को पांच लाख रुपए का चेक प्रदान किया।