
नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। जलप्रलय के बाद कई इलाकों में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं और राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 579 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 1900 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। ALSO READ: Nepal-Tibet floods: टूटी झील से बढ़ा सैलाब का डर, भूकंप ने भी बढ़ाई चिंता, रुका रेस्क्यू ऑपरेशन, अब क्यों मंडराया खतरा
बाढ़ और लगातार बिगड़ते हालात के बीच नेपाल में एक और विनाशकारी सैलाब का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित निकालने तथा लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। कई क्षेत्रों में बाढ़ के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ALSO READ: इंसानियत शर्मसार! नेपाल बाढ़ त्रासदी में दिखी हैवानियत, लाशों से गहने नोच रहे हैं नराधम
2 झीलों के कहर बनकर टूटने का खतरा
नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के बीच एक बार फिर बड़े सैलाब की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है। 2 झीलों के कहर बनकर टूटने का खतरा है। इनमें से 1 झील ओवर फ्लो हुई तो दूसरी का आकार बढ़ गया है। प्रशासन की ओर से प्रभावित और संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ाई गई है।
लोगों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे प्रभावित होने के कारण राहत एवं बचाव टीमों के सामने भी कई चुनौतियां हैं। आने वाले समय में मौसम और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। ALSO READ: Nepal Flash Flood : नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा, जयशंकर ने संभाला मोर्चा, भारतीयों की सुरक्षा को दी सर्वोच्च प्राथमिकता
320 भारतीयों से संपर्क नहीं
नेपाल में आई इस आपदा के बीच करीब 320 भारतीयों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इनमें इंफोसिस की सहायक कंपनी इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज के प्रमुख लैक्स गोपीसेट्टी भी शामिल बताए जा रहे हैं।
लापता भारतीयों की जानकारी सामने आने के बाद उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई है। संबंधित एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों का पता लगाने और उनकी सुरक्षित वापसी के प्रयास कर रही हैं।


