Weather Update : 5,000 KM का क्लाउड बेल्ट क्यों है खास? क्या है चिंता कारण, IMD ने जारी किया अलर्ट

Weather Update :  5,000 KM का क्लाउड बेल्ट क्यों है खास? क्या है चिंता कारण, IMD ने जारी किया अलर्ट

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उत्तरी भारत से लेकर एशिया के बड़े हिस्से तक बादलों का एक विशाल पट्टा सैटेलाइट तस्वीरों में साफ नजर आया है। करीब 5,000 किलोमीटर लंबा यह मॉनसून क्लाउड बेल्ट पाकिस्तान और उत्तर-पश्चिम भारत से होते हुए चीन तक फैला हुआ दिखाई दे रहा है। मौसम की यह सक्रिय स्थिति आने वाले दिनों में क्षेत्र के कई हिस्सों में व्यापक बारिश करा सकती है।

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सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा विशाल बादलों का घेरा

 

सैटेलाइट इमेज में नजर आ रहा यह पूरा क्षेत्र किसी एक विशाल तूफानी बादल का हिस्सा नहीं है। इसके बजाय यह मॉनसून सर्कुलेशन से जुड़ा गहरे संवहन (Deep Convection) और घने बादलों का लंबा क्षेत्र है। इसके भीतर कई गरज-चमक वाले बादलों और बारिश वाले सिस्टम के क्लस्टर मौजूद हैं। यह बादलों का विशाल बेल्ट पाकिस्तान और उत्तर-पश्चिम भारत से शुरू होकर चीन तक फैला हुआ दिखाई दे रहा है। इसकी लंबाई 5,000 किलोमीटर से अधिक बताई जा रही है।

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सक्रिय मॉनसून से बढ़ी बारिश की गतिविधियां

 

मॉनसून के इस सक्रिय चरण के कारण कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और भारी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर बने थंडरस्टॉर्म क्लस्टर बारिश को बढ़ा सकते हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भी देश के कई हिस्सों में व्यापक बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारों का पूर्वानुमान जताया है। उत्तरी भारत के कई इलाकों में भी मॉनसून की सक्रियता के चलते बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

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5,000 KM का क्लाउड बेल्ट क्यों है खास?

मॉनसून के दौरान इस तरह के लंबे बादल क्षेत्र बड़े पैमाने पर नमी और संवहन वाली गतिविधियों का संकेत देते हैं। हालांकि, पूरे बादल क्षेत्र को एक ही तूफानी सिस्टम मानना सही नहीं है। इसके भीतर अलग-अलग बारिश और गरज-चमक वाले सिस्टम सक्रिय हो सकते हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम को प्रभावित करते हैं। आने वाले दिनों में मॉनसून की यह सक्रियता उत्तर भारत समेत कई हिस्सों में बारिश का दौर बढ़ा सकती है।

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BGauss Oowah

भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी बढ़ती डिमांड को देखते हुए कंपनियां नए-नए इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में उतार रही हैं। अब BGauss ने भारतीय बाजार में अपना नया इलेक्ट्रिक स्कूटर Oowah लॉन्च किया है। कंपनी ने इसे खास तौर पर शहरों के युवाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया है। इसकी कीमत ₹1.22 लाख (एक्स-शोरूम) रखी गई है।

 

3kWh बैटरी और 145KM तक की रेंज

 

BGauss Oowah में 3kWh की रिमूवेबल लिथियम-आयन फॉस्फेट बैटरी दी गई है। कंपनी के मुताबिक, यह बैटरी स्कूटर को एक बार चार्ज करने पर 145 किलोमीटर तक की रेंज देने में सक्षम है। रिमूवेबल बैटरी होने की वजह से इसे आसानी से निकालकर चार्ज किया जा सकता है।

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मिलते हैं ये फीचर्स

 

BGauss Oowah को चार कलर ऑप्शन में पेश किया गया है। इलेक्ट्रिक स्कूटर में LED लाइट्स, USB पोर्ट, पर्याप्त स्टोरेज स्पेस, रिवर्स असिस्ट, Distance to Empty Display और साइड स्टैंड सेंसर जैसे फीचर्स दिए गए हैं। कंपनी का कहना है कि Oowah को खास तौर पर शहरों के युवाओं की जरूरतों और उनकी बदलती पसंद को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसका डिजाइन आधुनिक होने के साथ-साथ इसे रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए व्यावहारिक बनाने की कोशिश की गई है।

 

BGauss ने क्या कहा?

 

लॉन्च के मौके पर BGauss के फाउंडर हेमंत काबरा ने कहा कि भारत में टू-व्हीलर खरीदने वाले ग्राहकों की पसंद तेजी से बदल रही है। खास तौर पर Gen Z ऐसे प्रोडक्ट पसंद कर रही है जो उनकी पर्सनैलिटी को दर्शाने के साथ आधुनिक और इस्तेमाल में मजेदार हों।

 

उन्होंने कहा कि Oowah के जरिए कंपनी बोल्ड डिजाइन और भरोसेमंद इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को एक साथ लाने की कोशिश कर रही है। कंपनी के मुताबिक, यह स्कूटर राइडर की अलग पहचान को दर्शाने के साथ जरूरी और व्यावहारिक फीचर्स भी उपलब्ध कराता है।

₹1.22 लाख है कीमत

BGauss Oowah की भारत में एक्स-शोरूम कीमत ₹1.22 लाख रखी गई है। 3kWh बैटरी और 145 किलोमीटर तक की रेंज के साथ कंपनी ने इसे भारतीय इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में युवाओं को ध्यान में रखकर उतारा है।

जेवर में जलभराव पर सियासत तेज, विधायक धीरेन्द्र सिंह बोले- जिन्हें विकास नहीं दिखता, उन्हें सिर्फ गड्ढे नजर आते हैं

जेवर में जलभराव पर सियासत तेज, विधायक धीरेन्द्र सिंह बोले- जिन्हें विकास नहीं दिखता, उन्हें सिर्फ गड्ढे नजर आते हैं

jawer airport

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट पार्किंग स्थल पर बारिश के बाद हुए जलभराव को लेकर जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जिन्हें जेवर का अभूतपूर्व विकास नहीं दिखाई देता, उन्हें केवल गड्ढे और जलभराव नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा कर कमियों को दूर करने और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसे प्रदेश में हो रहे विकास से जनता का ध्यान भटकाने की राजनीति बताया।

 

धीरेन्द्र सिंह ने कहा कि बारिश के बाद विपक्ष को यहां गड्ढे और जलभराव दिखाई दे रहे हैं, लेकिन इसी धरती पर खड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, विश्वस्तरीय सड़कें, औद्योगिक निवेश और हजारों युवाओं के लिए पैदा हो रहे रोजगार के अवसर नजर नहीं आ रहे। विधायक ने कहा कि एक समय जेवर क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से दूर था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आज यह उत्तर प्रदेश के बदलते औद्योगिक और आर्थिक स्वरूप का प्रमुख केंद्र बन चुका है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने जेवर को देश-दुनिया के मानचित्र पर नई पहचान दी है।

 

उन्होंने कहा कि जिन लोगों के शासनकाल में एयरपोर्ट वर्षों तक चर्चा और कागजों तक सीमित रहा, आज वे इसके आसपास बारिश के पानी को लेकर राजनीति कर रहे हैं। उन्हें जेवर में हुआ विकास और उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर स्वीकार नहीं हो रही है।

 

विपक्ष तस्वीरों में गड्ढे खोजता रहे, हम जेवर में विकास की नई इबारत लिखते रहेंगे

 

धीरेन्द्र सिंह ने स्पष्ट किया कि जलभराव या किसी तकनीकी कमी को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों से जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक सुधार करने को कहा गया है। उन्होंने कहा, विपक्ष तस्वीरों में गड्ढे खोजता रहे, हम जेवर में विकास की नई इबारत लिखते रहेंगे। कमी जहां होगी, उसे ठीक कराया जाएगा, लेकिन कुछ समय के जलभराव को जेवर और उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक विकास पर पर्दा डालने का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा।

संसद के बाहर अमित शाह के बयान के बाद क्यों भड़के राहुल गांधी? मीडिया पर दागे तीखे सवाल

संसद के बाहर अमित शाह के बयान के बाद क्यों भड़के राहुल गांधी? मीडिया पर दागे तीखे सवाल

Rahul Gandhi

संसद भवन परिसर के बाहर राजनीतिक पारा उस वक्त और चढ़ गया जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मीडियाकर्मियों के सवालों का जवाब देते हुए पत्रकारों के रुख पर ही तीखे सवाल खड़े कर दिए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयानों और हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने मीडिया पर पक्षपातपूर्ण व्यवहार करने का सीधा आरोप लगाया।

1. “जब वे बोलते हैं तब आप चुप रहते हैं”— मीडिया पर तीखे सवाल
संसद परिसर में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान जब एक पत्रकार ने सवाल पूछना शुरू किया, तो राहुल गांधी ने बीच में टोकते हुए मीडिया के रवैये पर आपत्ति जताई:

•    इंटरप्ट करने का आरोप: राहुल गांधी ने कहा कि जब विपक्ष का कोई नेता बोलता है तो मीडिया उन्हें हर 24 घंटे टोकता (interrupt) है, लेकिन जब सत्ता पक्ष या गृह मंत्री बोलते हैं तो कोई सवाल नहीं पूछा जाता।

•    “चूहे की तरह खड़े हो जाते हैं”: राहुल गांधी ने कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा, “उनमें ऐसी क्या खास बात है कि पूरा मीडिया उनके सामने चुप होकर खड़ा हो जाता है? जब वे बोलते हैं तो आप उन्हें इंटरप्ट क्यों नहीं करते?”

•    डरने की जरूरत नहीं: देश भर में चल रहे छात्र आंदोलनों का जिक्र करते हुए उन्होंने पत्रकारों से कहा कि जब देश के युवा और छात्र सरकार से नहीं डर रहे हैं, तो मीडिया को भी डरने की जरूरत नहीं है।

2. अमित शाह पर निशाना: “गुब्बारे से हवा निकल चुकी है”
गृह मंत्री अमित शाह की चुप्पी और उनके सुरक्षा घेरे को लेकर राहुल गांधी ने आक्रामक रुख अपनाया:
“सवाल यह नहीं है कि अमित शाह क्या कहते हैं, हमें इससे फर्क नहीं पड़ता। समझने वाली बात यह है कि वे 20 दिनों तक गायब रहे। उनके घर के बाहर 30-30 गाड़ियां और हजारों पुलिसवाले तैनात रहते हैं ताकि कोई छात्र वहां न पहुंच सके। हवा भरे गुब्बारे से अब गैस निकल चुकी है और वे अंतिम समय में फिर से हवा भरने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन गुब्बारा फट चुका है।”
— राहुल गांधी (नेता प्रतिपक्ष)
राहुल गांधी ने गृह मंत्री की हिम्मत पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनमें सदन में आकर सीधी चर्चा का सामना करने का साहस नहीं है।

संसद के बाहर राहुल गांधी का यह बयान न केवल गृह मंत्री अमित शाह और सरकार पर सीधा हमला है, बल्कि भारत में मुख्यधारा मीडिया की भूमिका और उसकी निष्पक्षता पर भी एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। विपक्ष लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि सरकार जनमुद्दों और छात्रों के विरोध प्रदर्शनों का सामना करने से बच रही है।

अमित शाह के ऑफर पर क्या बोले राहुल गांधी, क्यों मांगा इस्तीफा?

अमित शाह के ऑफर पर क्या बोले राहुल गांधी, क्यों मांगा इस्तीफा?

rahul gandhi vs amit shah

जंतर मंतर पर छात्रों पर लाठीचार्ज के मामले में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। गृह मंत्री अमित शाह द्वारा लोकसभा में चर्चा और जवाब संबंधी पेशकश को खारिज करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उनसे इस्तीफा मांग लिया। राहुल ने कहा कि जनता तय करेगी की कौन भाग रहा है? ALSO READ: क्या बिना संसद में परिसीमन बिल पास हुए बदल जाएंगी लोकसभा की सीटें? जानिए संविधान का वो नियम जो कोई नहीं बताता

 

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि देखिए सबसे पहले लापता और भाग गए हैं इस प्रकार की भाषा भारत की सर्वाजनिक जीवन में, संसदीय जीवन में अभी अभी सुनाई देती है। जब से संसद सत्र शुरू हुआ है तबसे मैं लगातार संसद में आता हूं और अपने चैंबर में बैठा हूं चूंकि विपक्ष सदन को चलने नहीं दे रहे हैं। तो कोई जाकर क्या करेगा? जहां तक चर्चा का सवाल है सरकार की ओर से किरेन रिजिजू ने स्पष्ट कर दिया कि छात्र आंदोलन के प्रदर्शन पर सभी प्रकार की चर्चा करने के लिए तैयार हैं और चर्चा के लिए समय सुनिश्चित किया जाए और विपक्ष तैयार हो जाए।

 

उन्होंने कहा कि मेरी ओर से मैंने भी कह दिया कि मैं किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हूं लेकिन वो चर्चा ही नहीं होने देना चाहते हैं। आज 3 बजे तक वो स्पीकर साहब को पत्र दें और कल 3 बजे तक हम सभी प्रकार की चर्चा के लिए तैयार हैं मैं सदन में बैठूंगा और सबको सुनूंगा और सब चीजों का जवाब दूंगा। अब विपक्ष को तय करना है उनको चर्चा करनी है या हंगामा करना है। ALSO READ: सुप्रिया सुले की बेटी की शादी में राहुल गांधी और अमित शाह, क्‍या मुलाकात हुई, कुछ बात हुई?

 

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर कहा कि विपक्ष ने साफ कहा है कि हमें अमित शाह का बयान सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं है। जब मैं 'हम' कहता हूं, तो मेरा मतलब देश की युवा पीढ़ी से है। छात्रों पर गोली किसने चलाई? कील लगी लाठियों से छात्रों को पीटने का आदेश किसने दिया? क्या हमारे बच्चों पर गोली चलाने का आदेश अमित शाह ने दिया था? अगर उन्होंने ऐसा किया है, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। ALSO READ: झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर सियासी संग्राम, संसद में NDA का प्रदर्शन; राहुल गांधी से मांगा जवाब

 

उन्होंने कहा कि पिछले 20 दिनों से अमित शाह गायब हैं। भारत के गृह मंत्री में हिम्मत नहीं है, वे सदन में नहीं आ सकते। उन्होंने कहा कि जनता तय करेगी की कौन भाग रहा है? 

12 अगस्त 2026 सूर्य ग्रहण का भारत पर प्रभाव और दान का महत्व

सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026

12 अगस्त 2026 को रात 9:04 बजे से 13 अगस्त की देर रात 1:28 बजे तक पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा, जिस का समापन लगभग 4 बजे तक रहेगा, यह ग्रहण भारत में नहीं दृश्य होगा

इसलिए भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा और कोई धार्मिक प्रभाव नहीं पड़ेगा,
यह एक खगोलीय घटना है, इसलिए इसका पूर्ण प्रभाव देश दुनिया ,प्राकृतिक, सरकारी और न्यायिक व्यवस्था पर पड़ेगा


सूर्य आत्मा, सत्ता, शासन का प्रतिनिधित्व करता है

1- इस लिये न्यायिक व्यवस्था से लेकर शासन सत्ता प्रभावित रहेगी, शीर्ष पर बैठे लोगों को चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा,
2- वही जलतत्व राशि कर्क में यह ग्रहण लगेगा जो प्राकृतिक आपदाओं खासकर जल संबंधी समस्याएं, भूकंप की संभावनाओं को बढ़ाएगा
क्योंकि आजाद भारत की कुंडली देखी जाए तो वृष लग्न और कर्क राशि विद्यमान है
कर्क में ही ग्रहण होने के कारण इसका सीधा प्रभाव भारत की व्यवस्थाओं, प्रकृति और आर्थिक पक्ष पर पड़ेगा
हालांकि मुख्य रूप से यह ग्रहण यूरोप (स्पेन, आइसलैंड, पुर्तगाल) और ग्रीनलैंड में दिखाई देगा

साल का यह आखिरी सूर्य ग्रहण बुद्ध के नक्षत्र अश्लेषा में घटित होगा इसलिए भारतीय बाजार और अर्थव्यवस्था में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा


अचानक से बड़े बदलाव की संभावना भी बनती दिख रही है

ग्रहण के सकारात्मक परिणाम मुंह को ग्रहण करने के लिए 13 तारीख सुबह स्नान ध्यान के बाद दान अवश्य करें गेहूं गुड मिश्रित अनाज , का दान करना श्रेष्ठ है
वही 13 तारीख सूर्य दर्शन कर सूर्य मित्रों का जाप करना भी श्रेष्ठ रहेगा

भोपाल में CM मोहन यादव ने निकाली तिरंगा यात्रा, बारिश में भी सैकड़ों युवाओं ने दिखाया देशभक्ति का जज्बा

cm mohan yadav

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल 9 अगस्त की सुबह पूरी तरह देशभक्ति के रंग में रंगी रही। सैकड़ों युवाओं ने टीटी नगर स्टेडियम से तिरंगा यात्रा निकाली और राष्ट्र सर्वोपरि का संदेश दिया। इस दौरान आलम यह था कि बारिश के बीच भी युवाओं का जोश कम नहीं हुआ। उन्होंने जोर-शोर से यह यात्रा निकाली और लोगों को प्रेरित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस 'तिरंगा यात्रा' का शुभारंभ किया।

उन्होंने मंच पर तिरंगा लहराया और युवाओं के अंदर जोश भर दिया। उन्होंने युवाओं को आजीवन देशभक्ति का संकल्प लेने के लिए प्रेरित भी किया। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास पर तिरंगा लहराकर हर घर तिरंगा अभियान का भी शुभारंभ किया।

 

इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में अभियान छेड़ा गया है। महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन की तरह आज एक साथ सभी राज्यों में देशभक्त नागरिक तिरंगा यात्रा निकाल रहे हैं। आज इंद्र देवता भी सारे देशभक्तों-वीरों का स्वागत कर रहे हैं। भारत माता की जय।  

 

क्रांतिकारियों के लंबे संघर्ष का परिणाम है आजादी

तिरंगा यात्रा का शुभारंभ करने से पहले सीएम डॉ. यादव ने कहा कि महात्मा गांधी द्वारा अंग्रेजों भारत छोड़ो अभियान की शुरुआत की गई थी। इस अभियान ने अंग्रेजों की चूलें हिला दी थीं। देश की आजादी के लिए क्रांतिकारियों द्वारा दिए गए बलिदान-संघर्ष और अहिंसक आंदोलन से देश में जो ज्वार उठा, उसकी वजह से 5 साल बाद अंग्रेज भारत छोड़कर चले गए और देश को स्वतंत्रता मिली। लंबे संघर्ष के बाद मिली इस आजादी को आज हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 15 अगस्त को 80 साल होंगे।

 

उत्तरदायित्व का पालन करें

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हम सभी परमात्मा से कामना करें, सभी शहीदों-स्वतंत्रता सेनानियों को स्मरण करें। क्योंकि, इन सभी के योगदान से भारत को आजादी मिली। हम अपने सर्वहारा वर्ग और देश के नागरिकों के साथ आजादी का पर्व मनाएं, अपने उत्तरदायित्व का पालन करें। हम वसुधैव कुटुम्बकम के मार्ग पर चलें। हम कामना करें कि हमारा भारत चिर युवा और चिर स्वतंत्र रहे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज हम पूरे देश में तिरंगा यात्रा निकाल कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने इसका आह्वान किया है। मैं खुद भी उसमें शामिल होने जा रहा हूं। मैं उम्मीद करता हूं कि पूरे देश में इस तिरंगा यात्रा के माध्यम से युवा-बच्चे-बुजुर्ग-महिलाएं मिलकर संकल्प करेंगे कि वे आजीवन देश की सेवा करते रहेंगे। 

अहमदाबाद में कफ सिरप का बड़ा रैकेट पकड़ा गया, SOG क्राइम ब्रांच ने 60 रुपए लाख का माल जब्त किया

अहमदाबाद शहर में SOG क्राइम ब्रांच ने नशीले कफ सिरप की कथित अवैध तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। रिलीफ रोड स्थित GPO पोस्ट ऑफिस के पास से प्रतिबंधित कफ सिरप का बड़ा जखीरा पकड़ा गया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पोस्टल सर्विस का इस्तेमाल करके कफ सिरप को देश के अन्य राज्यों में भेजा जा रहा था।

 

5,050 बोतलों का जखीरा जब्त

SOG क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई के दौरान कफ सिरप की कुल 5,050 बोतलें जब्त की हैं। जब्त किए गए माल की अनुमानित बाजार कीमत ₹60 लाख बताई जा रही है। कार्रवाई के बाद पुलिस ने पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।

 

मिजोरम, त्रिपुरा और असम भेजा जाता था माल

 

प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला है कि कफ सिरप की यह खेप कथित तौर पर डाक के जरिए मिजोरम, त्रिपुरा और असम जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में भेजी जाती थी। अहमदाबाद में पोस्टल सर्विस का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर नशीले सिरप की तस्करी का नेटवर्क सामने आने के बाद जांच तेज कर दी गई है।

 

मुख्य आरोपियों तक पहुंचने के लिए जांच जारी

 

SOG क्राइम ब्रांच यह पता लगाने में जुटी है कि कफ सिरप की खेप कौन भेज रहा था, इसे किसे पहुंचाया जाना था और पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं। पुलिस जब्त किए गए कफ सिरप और इसकी कथित तस्करी से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है।

महिला आरक्षण पर राहुल गांधी का रिजिजू को जवाब, बोले- 2023 का कानून बिना शर्त लागू करें

kiren rijiju and rahul gandhi on women reservation

राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में सर्वसम्मति से पारित हो चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि तीन साल बाद भी कानून लागू क्यों नहीं हुआ और इसे परिसीमन से क्यों जोड़ा जा रहा है। ALSO READ: IIT दिल्ली में PM मोदी का छात्रों को मंत्र, ‘जिंदगी की परीक्षा में सब आउट ऑफ सिलेबस’, चुनौतियों से मत घबराना
 

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि रिजिजू जी, संसदीय कार्य मंत्री होने के नाते आपसे बेहतर यह कौन जानता होगा – महिला आरक्षण विधेयक 2023 में ही सर्वसम्मति से पारित हो चुका है, कांग्रेस के पूर्ण समर्थन के साथ। सवाल यह है कि तीन साल बाद भी वह लागू क्यों नहीं हुआ और अब आप उसे परिसीमन से बेवजह क्यों जोड़ना चाहते हैं? 2023 का क़ानून लागू कीजिए। बिना किसी शर्त के। ALSO READ: 'क्या हम Gen Z की नब्ज नहीं पकड़ पाए?' राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' पर शशि थरूर का बड़ा बयान

 

राहुल के किस बयान ने रिजिजू को दी उम्मीद?

इससे पहले शनिवार को राहुल गांधी द्वारा महिलाओं की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात किए जाने के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस को महिला आरक्षण विधेयक का बिना शर्त समर्थन करने की चुनौती दी थी। राहुल गांधी ने अपने वीडियो में कहा था कि देश की राजनीति का मकसद 'लोगों को यह समझाना होना चाहिए कि महिलाओं की अभिव्यक्ति के बिना हमारा देश अधूरा और पिछड़ा हुआ है। रिजिजू ने राहुल गांधी के इस बयान को कांग्रेस की ओर से एक सकारात्मक संदेश बताया।

 

राहुल गांधी के बयान पर रिजिजू ने क्या प्रतिक्रिया दी?

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह कांग्रेस पार्टी की ओर से एक सकारात्मक संदेश लगता है। राहुल गांधी जी की महिलाओं के प्रति सोच में बदलाव साफ दिख रहा है। अब, मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण विधेयक का बिना शर्त समर्थन करेगी।

 

गौरतलब है कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन किया है, लेकिन वे परिसीमन की प्रक्रिया का विरोध करते रहे हैं।

गुजरात के 10 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत, मेडिकल बिल मंजूरी के नियम बदले; अब जल्दी मिलेगा पैसा

gujarat cm bhupendra patel

राज्य के 10 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए गुजरात सरकार ने चिकित्सा खर्च की मंजूरी से संबंधित वित्तीय शक्तियों में महत्वपूर्ण सुधार किया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस नई व्यवस्था की घोषणा की है।

नई नीति के तहत अब विभिन्न प्रशासनिक स्तरों पर ही मेडिकल बिल मंजूर करने के नए अधिकार सौंपे गए हैं, जिससे कर्मचारियों को अपने बिल पास कराने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और पूरी प्रक्रिया तेज होगी। 

 

नई शक्तियों के बंटवारे के अनुसार, अब 25,000 रुपए तक के मेडिकल बिल संबंधित कार्यालय प्रमुख (हेड ऑफ ऑफिस) खुद मंजूर कर सकेंगे। वहीं 1 लाख रुपए तक के खर्च को विभागाध्यक्ष (हेड ऑफ डिपार्टमेंट), 3 लाख रुपए तक के बिल को संबंधित प्रशासनिक विभाग और 5 लाख रुपए तक के बड़े मेडिकल बिल को स्वास्थ्य मंत्री स्तर से मंजूरी दी जाएगी। इस विकेंद्रीकरण से बिल मंजूरी की फाइलें अलग-अलग विभागों में लटके रहने की समस्या का स्थायी समाधान होगा।

 

राज्य सरकार के इस फैसले से मेडिकल बिलों की मंजूरी प्रक्रिया अधिक सरल, तेज और पारदर्शी बनेगी। विशेष रूप से गंभीर बीमारी या आपातकालीन इलाज के बाद राशि जारी होने में होने वाली देरी दूर होगी, जिसका सीधा वित्तीय लाभ लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों को मिलेगा। सरकार का यह कदम कर्मचारियों के कल्याण और सुविधा की दिशा में एक बेहद सकारात्मक और महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।