ब्रेंडन मक्कलम ने बेन स्टोक्स के सामने संन्यास ना लेने की लगाई थी गुहार

इंग्लैंड के मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम ने खुलासा किया कि उन्होंने बेन स्टोक्स से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के अपने फैसले पर फिर से विचार करने का आग्रह किया था लेकिन तब तक वह अपना मन बना चुके थे।इंग्लैंड सोमवार को ट्रेंटब्रिज में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरा और अंतिम टेस्ट 160 रन से हार गया। स्टोक्स ने इस मैच के चौथे दिन ही संन्यास की घोषणा कर सभी को चौंका दिया।

मैकुलम ने प्रसारणकर्ता से कहा, ‘‘जब उन्होंने मुझे बताया कि वह संन्यास लेने जा रहे हैं तो मैंने उन्हें मनाने की कोशिश की थी। लेकिन तब तक वह अपना मन बना चुके थे और अपने फैसले पर अडिग थे।’’उन्होंने कहा, ‘‘उनके फैसले से निश्चित तौर पर मैं थोड़ा उदास हो गया था क्योंकि हम चार साल से इस सफर में साथ रहे हैं और यह एक रोमांचक अनुभव रहा है। मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे इस दौरान स्टोक्स के साथ इतने करीब से काम करने का मौका मिला। मैं उन्हें अपना दोस्त, एक सच्चा दोस्त मानता हूं।’’

मैकुलम ने कप्तान और खिलाड़ी के रूप में स्टोक्स के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें बहुत अच्छा नेतृत्वकर्ता बताया।उन्होंने कहा,‘‘वह शानदार नेतृत्वकर्ता हैं। लोग उनका अनुसरण करते हैं। चाहे वह मैदान पर हों, ड्रेसिंग रूम में हों, टीम होटल में हों, लोग उनका अनुसरण करते हैं क्योंकि वह अपनी छाप छोड़ते हैं। वह अपने विचारों और तरीकों पर पूरा भरोसा रखते हैं।’’

Ben Stokes

मैकुलम ने कहा, ‘‘क्रिकेट अनिश्चितता का खेल है लेकिन वह अपनी उपस्थिति से इसमें स्थिरता लाते थे। वह बेमिसाल व्यक्तित्व के धनी हैं। परिस्थिति कैसी भी हो वह पीछे नहीं हटते और अपने पर पूरा विश्वास रखते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए हमें बेन की बहुत कमी खलेगी। उनके जैसे खिलाड़ी की जगह भरना बहुत मुश्किल है। लेकिन यही तो दुनिया का नियम है। कोई भी खिलाड़ी हमेशा नहीं खेल सकता, कोई भी हमेशा कप्तान नहीं रह सकता। अभी हम स्टोक्स की उपलब्धियों का जश्न मनाना चाहते हैं। इसके बाद ही आगे के बारे में सोचेंगे।’’

15 अगस्त को भारत खेलेगा श्रीलंका से 2 टेस्ट मैचों की अहम सीरीज

भारत श्रीलंका के खिलाफ पहला टेस्ट मैच 15 अगस्त को गाले में खेलेगा। इस सीरीज का दूसरा टेस्ट 23 अगस्त को कोलंबो के स्टेडियम में खेला जाएगा। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में जगह बनाने के लिए दोनों ही टीमों को अपने बचे 9 मैचों में से 7 मैच जीतने है। इस लिहाज से यह सीरीज बहुत अहम हो जाती है।


भारत को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के चक्र में 9 मैचों में 4 जीत और 4 हार मिली है और एक मैच ड्रॉ हुआ है। इस कारण भारत का जीत प्रतिशत अंक तालिका में 48.15 है और वह पांचवे स्थान पर है। वहीं श्रीलंका छठवें स्थान पर है और उसका जीत प्रतिशत 44.44 है। श्रीलंका की टीम वेस्टइंडीज दौरे पर है और उसको पहले टेस्ट में पारी की हार मिली है।

भारत चाहेगा कि यह 2 टेस्ट जीतकर न्यूजीलैंड के खिलाफ घसियाली पिच के लिए गुंजाइश रखे। अगर न्यूजीलैंड में सीरीज हार भी जाते हैं तो बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी भारत को अपने घर में खेलनी है। हालांकि घर पर भी भारत का रिकॉर्ड हाल में बहुत अच्छा नहीं रहा है।

वहीं श्रीलंका के लिए एक और हार फिर भले ही वह कैरिबियाई दौरे पर हो या फिर भारत के खिलाफ टीम को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल की दौड़ से बाहर कर देगी।  इस कारण यह सीरीज दोनों टीमों के लिए अहम है।

भारतीय टीम के लिए चिंता का विषय श्रीलंका की स्पिन की मुफीद पिचें है। अगर इस दौरे पर टीम को जीत की आशा रखनी है तो स्पिन कोच साइराज बहुतुले को काफी काम करने होंगे।

लगातार दूसरी बार रन आउट हुए ईशान तो अभिषेक ने लगाई डांट (Video)

ENGvsIND भारत बनाम इंग्लैडं टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में जब क्रीज पर आते साथ ईशान किशन रन आउट हो गए तो उन्हें अपने साथी अभिषेक शर्मा से डांट खानी पड़ी। यह स्टंप माइक के ऑडियो से पता चला कि अभिषेक ने ईशान से पूछा कि तू पहुंचा या नहीं पहुंचा जिसके जवाब में ईशान ने कहा पता नहीं मुझे। इस पर अभिषेक ने ईशान से कहा, क्या कर रहा है यार ईशान।


ईशान किशन तब क्रीज पर आए थे जब भारत संजू सैमसन (1रन ) का विकेट गंवाकर खतरे में था। महज 2 गेंद खेल ईशान किशन रन लेने चले यह देखे बिना कि मिड ऑन का फील्डर पास में ही खड़ा है। अभिषेक शर्मा ने जब तक मना किया तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इससे पहले आयरलैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भी ईशान किशन डायरेक्ट हिट के जरिए रन आउट हो गए थे।

गौरतलब है कि बुधवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल द्वारा जारी नवीनतम रैंकिंग में ईशान किशन ने ही अभिषेक शर्मा को अपदस्थ करके नंबर 1 टी-20 बल्लेबाज बने थे।किशन (876 रैंकिंग अंक) के शीर्ष पर पहुंचने में इसी साल हुए टी20 विश्व कप में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन की अहम भूमिका रही है। विश्व कप में बाएं हाथ के इस आक्रामक बल्लेबाज ने लगभग 200 के स्ट्राइक रेट से 317 रन बनाए। उन्हें कोलंबो में पाकिस्तान के खिलाफ हुए मुकाबले में मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी चुना गया था।

अभिषेक (869) लगभग 12 महीने तक शीर्ष पर रहे। किशन और अभिषेक से पहले भारतीय खिलाड़ियों में विराट कोहली और सूर्यकुमार यादव ने भी टी20 अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाजों की रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया है।

अभिषेक की तूफानी पारी पर फिरा पानी, INDvsENG T20I मैच बारिश से रद्द (Video)

ENGvsIND सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा (59) और कप्तान श्रेयस अय्यर (68) के बेहतरीन अर्धशतकों तथा शिवम दुबे की नाबाद 42 रन की शानदार पारी से भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी 20 मैच में बुधवार को सात विकेट पर 189 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बना लिया लेकिन अंत में बारिश भारत की उम्मीदों पर भारी पड़ी और मैच रद्द हो गया।

भारत की पारी के दौरान हलकी-हलकी बारिश होती रही थी लेकिन भारतीय पारी के बाद बारिश तेज हो गयी और मैच को रद्द करना पड़ा। कट ऑफ टाइम 45 मिनट और था, लेकिन उनके पास ग्राउंड तैयार करने के लिए काफी समय नहीं है, और बारिश भी नहीं रुकी। यह दुख की बात है क्योंकि इंडिया के बोर्ड पर लगे कड़े स्कोर के बाद यह एक बहुत ही दिलचस्प चेज़ होता। लेकिन आप मौसम से नहीं लड़ सकते। दोनों टीमें शनिवार को दूसरे टी20 के लिए अब मैनचेस्टर जाएंगी।

इससे पहले भारत ने टॉस जीतकर खराब शुरुआत करते हुए दो विकेट जल्दी गंवा दिए। संजू सैमसन और इशान किशन के रूप में भारत को दूसरे ओवर में ही दो झटके लग गए जिसमें किशन लगातार दूसरी बार रन आउट हुए। हालांकि अभिषेक ने जल्द ही रफ़्तार पकड़ी और श्रेयस अय्यर ने एक छोर संभाले रखा। अभिषेक अर्धशतक पूरा करने के बाद आउट हो गए लेकिन श्रेयस डटे रहे और तिलक के साथ उन्होंने भारतीय पारी को संभाला। इसके बाद शिवम दुबे के साथ मिलकर उन्होंने भारत को अच्छी स्थिति में पहुंचाया और कप्तानी पारी भी खेली। अंतिम ओवरों में दुबे के आक्रमण से भारत ने स्कोरबोर्ड पर 189 रन खड़े कर दिए।

लगातार बारिश के बीच, भारत ने यहां औसत से थोड़ा ज़्यादा स्कोर बनाकर अच्छा किया। पावरप्ले में दो हाफ की कहानी थी, जहां भारत ने पहले 3 ओवर में 15 रन पर 2 विकेट गंवा दिए, और फिर अभिषेक शर्मा की ज़बरदस्त बल्लेबाजी की वजह से अगले 3 ओवर में 46 रन बनाए। वह अपनी फिफ्टी के बाद आउट हो गए और उनके विकेट ने इंग्लैंड को 10वें ओवर के बाद मैच को थोड़ा संभलने में मदद की।

कप्तान श्रेयस अय्यर ने शुरुआत में अपना समय लिया और एक ज़रूरी फिफ्टी बनाने में कामयाब रहे। उनकी पारी के क्रम को आगे बढ़ाया दुबे ने, जिन्होंने 21 गेंदों में 42 रन की पारी खेली। गेंदबाजों के लिए गेंद को पकड़ना मुश्किल हो गया है और भारतीय स्पिनरों को, कोई भी मान सकता है, दूसरी पारी में मुश्किल होगी। फिर भी, पेसरों को स्लॉग ओवरों में कुछ रिवर्स मिला।

अभिषेक ने 24 गेंदों पर 59 रन में छह चौके और चार छक्के लगाए जबकि श्रेयस ने 47 गेंदों पर 68 रन में छह चौके और एक छक्का लगाया। शिवम दुबे ने 21 गेंदों पर नाबाद 42 रन में दो चौके और तीन छक्के लगाए। अभिषेक ने अपनी पारी के दौरान दूसरा छक्का लगाने के साथ ही टी 20 में 100 छक्के पूरे कर लिए। श्रेयस ने कप्तान के तौर पर अपना पहला अर्धशतक लगाया। इंग्लैंड की तरफ से साकिब महमूद ने 33 रन पर तीन विकेट लिए जबकि राशिद खान और सैम करन ने एक-एक विकेट लिया।

हैरी ब्रूक का अगला इंग्लैंड टेस्ट कप्तान बनना लगभग तय, जारी रखेंगें बैजबॉल

हैरी ब्रूक ने कहा है कि इंग्लैंड की पुरुष टेस्ट टीम का नया कप्तान बनना उनके लिए बड़े सम्मान की बात होगी। यह बयान उन्होंने उस समय दिया, जब एक दिन पहले ही संन्यास लेने वाले बेन स्टोक्स ने उन्हें यह भूमिका संभालने के लिए अपना “100 प्रतिशत समर्थन” दिया था। न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ तीसरे टेस्ट में सीरीज़ हार के दौरान स्टोक्स के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा ने इंग्लैंड क्रिकेट में एक बड़ा खालीपन पैदा कर दिया है।

पिछली एशेज़ से ही टेस्ट टीम के उपकप्तान रहे ब्रूक को स्टोक्स ने शनिवार शाम अपने फ़ैसले की जानकारी दी थी। जो रूट को भी उसी समय इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद रविवार सुबह चौथे दिन का खेल शुरू होने से पहले स्टोक्स ने ड्रेसिंग रूम में पूरी टीम को अपने निर्णय से अवगत कराया।

27 वर्षीय ब्रूक को न्यूज़ीलैंड सीरीज़ के दूसरे टेस्ट में कप्तानी का मौक़ा नहीं मिला था, जबकि स्टोक्स पहले टेस्ट के बाद एक विवादित नाइट आउट के चलते बाहर थे। उस दौरान स्टोक्स और गस एटकिंसन ने टीम का मध्यरात्रि कर्फ्यू तोड़ दिया था।उस समय इंग्लैंड के मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की ने कहा था कि ब्रूक का सिर्फ़ अपने क्रिकेट पर ध्यान देना बेहतर होगा। साथ ही यह भी माना गया कि कप्तानी मिलने पर उनसे असहज सवाल पूछे जा सकते थे, क्योंकि टीम में कर्फ्यू लागू करने की एक वजह पिछले एशेज़ दौरे से पहले वेलिंग्टन में एक बाउंसर के साथ ब्रूक की झड़प भी थी।

दूसरे टेस्ट में जो रूट ने अंतरिम कप्तानी की थी, लेकिन माना जा रहा है कि वे लंबे समय तक यह भूमिका निभाने के इच्छुक नहीं हैं। ऐसे में स्टोक्स द्वारा ब्रूक का समर्थन करना आंशिक रूप से रूट की अनिच्छा से भी जुड़ा हो सकता है। इंग्लैंड अंडर 19 टीम की कप्तानी कर चुके ब्रूक पिछले साल से इंग्लैंड की सीमित ओवरों की टीमों की कमान संभाल रहे हैं। भारत के खिलाफ़ टी 20 सीरीज़ की पूर्व संध्या पर उन्होंने टेस्ट कप्तानी संभालने की इच्छा भी ज़ाहिर की।

ब्रूक ने मंगलवार को कहा, “यह मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान होगा। टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड की कप्तानी करना हमारे खेल का सर्वोच्च स्तर है और एक विशेष उपलब्धि होगी।” ब्रूक ने कहा,”टेस्ट क्रिकेट खेलना मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। यह मेरा सपना रहा है और बचपन से मैं यही करना चाहता था। फैसला मेरे हाथ में नहीं है, लेकिन अगर यह जिम्मेदारी मुझे मिलती है तो मैं खु़शी-खु़शी इसे स्वीकार करूंगा।”

साल 2009 में एंड्रयू स्ट्रॉस आख़िरी ऐसे खिलाड़ी थे जिन्होंने एक साथ इंग्लैंड की तीनों प्रारूपों की कप्तानी की थी। हालांकि उस समय टी 20 क्रिकेट आज के समय के जितना बड़ा नहीं था। ब्रूक ने कहा, “मुझे लगता है कि यह संभव है। मैं यह नहीं कह रहा कि यह आसान होगा, लेकिन मुझे यकीन है कि ऐसा किया जा सकता है।” पिछले साल दिल्ली कैपिटल्स के साथ अपना आईपीएल अनुबंध छोड़ने के कारण उन्हें दो साल के आईपीएल प्रतिबंध का सामना करना पड़ा था, क्योंकि उन्होंने इंग्लैंड की सीमित ओवर फ़ॉर्मैट की कप्तानी संभालने को प्राथमिकता दी थी।

“मैं फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट नहीं खेलता, इसलिए कैलेंडर में ऐसे दौर होते हैं जब मैं क्रिकेट नहीं खेल रहा होता। उस समय मैं अपनी फ़िटनेस पर काम कर सकता हूं और तीनों प्रारूपों के लिए तैयारी कर सकता हूं। चाहे मैं टेस्ट कप्तान बनूं या नहीं, मेरे लिए इंग्लैंड के लिए खेलना ही सबसे बड़ी बात है।” ब्रूक ने कहा कि उन्होंने खु़द को पूरी तरह इंग्लैंड क्रिकेट के लिए समर्पित कर दिया है।

“मैंने तय किया है कि द हंड्रेड को छोड़कर कोई फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट नहीं खेलूंगा। मेरा पूरा ध्यान इंग्लैंड के लिए क्रिकेट खेलने पर है। मैदान के अंदर और बाहर जो भी करता हूं, उसका मकसद इंग्लैंड के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देना होता है। यही वजह है कि मैं आईपीएल, पीएसएल या अन्य फ्रेंचाइज़ी लीग में नहीं खेलता।”

ईशान किशन बने नंबर 1 T-20I बल्लेबाज, अभिषेक शर्मा ने इस कारण खोया ताज

ईशान किशन टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के नंबर एक बल्लेबाज बन गए हैं। ईशान किशन आयरलैंड में खेले गए दोनों मैचों में सस्ते में आउट हो गए थे वहीं अभिषेक शर्मा ने पहले मैच में 49 और दूसरे मैच में 0 रन बनाए थे। ऐसे में सवाल यह उठता है कि अभिषेक शर्मा की नंबर एक रैंक कैसे छिन गई। दरअसल बीते टी-20 विश्वकप में भी अभिषेक शर्मा अमेरिका, पाक, नीदरलैंड्स, के खिलाफ 0 पर आउट हुए थे।

उन्होंने सिर्फ जिम्बाब्वे और न्यूजीलैंड के खिलाफ अर्धशतक जड़ा था। ऐसे में वह कुल इस साल 9 बार 0 पर आउट हो चुके हैं जिसके कारण उनको अपनी नंबर 1 रैंक गंवानी पड़ी।हालांकि उनको खुश होना चाहिए क्योंकि पहली रैंक अभी भी उनके हमवतन के साथ है।किशन (876 रैंकिंग अंक) के शीर्ष पर पहुंचने में इसी साल हुए टी20 विश्व कप में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन की अहम भूमिका रही है। विश्व कप में बाएं हाथ के इस आक्रामक बल्लेबाज ने लगभग 200 के स्ट्राइक रेट से 317 रन बनाए। उन्हें कोलंबो में पाकिस्तान के खिलाफ हुए मुकाबले में मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी चुना गया था।


अभिषेक (869) लगभग 12 महीने तक शीर्ष पर रहे। किशन और अभिषेक से पहले भारतीय खिलाड़ियों में विराट कोहली और सूर्यकुमार यादव ने भी टी20 अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाजों की रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया है।पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान 848 अंक के साथ इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं।नवीनतम सूची में भारत के नए उपकप्तान तिलक वर्मा (747) छठे स्थान पर बने हुए हैं जबकि पूर्व कप्तान सूर्यकुमार यादव एक स्थान नीचे आठवें स्थान पर खिसक गए हैं।

गेंदबाजों में भारत के वरुण चक्रवर्ती और जसप्रीत बुमराह एक-एक स्थान के नुकसान से क्रमशः तीसरे और छठे स्थान पर हैं। अफगानिस्तान के राशिद खान शीर्ष पर बने हुए हैं।पुरुषों की टेस्ट बल्लेबाजी रैंकिंग में ट्रेविस हेड शीर्ष पर पहुंच गए हैं जबकि जो रूट तीसरे स्थान पर खिसक गए।भारत के टेस्ट कप्तान शुभमन गिल एक स्थान के फायदे से छठे पायदान पर हैं जबकि यशस्वी जायसवाल एक स्थान नीचे खिसककर नौवें स्थान पर हैं। शीर्ष 10 से बाहर बल्लेबाजों में ऋषभ पंत 13वें स्थान के साथ सबसे अच्छी रैंकिंग वाले भारतीय खिलाड़ी हैं। गेंदबाजों में बुमराह भारत के शीर्ष खिलाड़ी हैं।

हार्दिक पांड्या से मिलने के लिए साइकिल पर किया 12 घंटा का सफर, फैन को दिए 1.5 लाख

 

हार्दिक पांड्या के फैन ने ओडिशा से बैंगलूरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तक का सफर अपने गृह राज्य से 12 दिनों तक साइकल पर पूरा किया। जब फैन के बारे में हार्दिक पांड्या को जानकारी मिली तो उन्होंने नखरा दिखाने के बजाए ना केवल उसे मिले  बल्कि उसके आने जाने का खर्चा दिया और विराट कोहली के वनएट जूते दिए साथ ही 1.5 लाख रुपए देकर वापस रवाना किया।

गौरतलब है कि हार्दिक पांड्या ने बैंगलूरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस रिहैबिलिटेशन से गुजर रहे। पंड्या मूल रूप से गुजरात के बड़ौदा के रहने वाले हैं लेकिन उन्होंने पिछले दशक में अधिकतर समय मुंबई में बिताया है और मुख्य रूप से अपनी आईपीएल टीम मुंबई इंडियन्स की घंसोली स्थित सुविधा में ट्रेनिंग की है। हालांकि अब बैंगलूरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस रिहैबिलिटेशन को अपना स्थायी ट्रेनिंग केंद्र बनाने के मकसद से बेंगलुरु में रहने का फैसला किया है।

पंड्या का यह कदम इसलिए सभी का ध्यान खींच रहा है क्योंकि भारत के केंद्रीय अनुंधित खिलाड़ी आम तौर पर चोट से उबरने (रिहैबिलिटेशन), फिटनेस परीक्षण या राष्ट्रीय शिविर के लिए ही सीओई जाते हैं।अभी जांघ की चोट से उबर रहे 32 वर्षीय पंड्या ब्रिटेन के सीमित ओवरों के मौजूदा दौरे से बाहर हो गए थे। उन्होंने पिछले छह महीने में सीओई में काफी समय बिताया है।

बीसीसीआई के एक सूत्र ने ने कहा, ‘‘हार्दिक मुंबई से बाहर जाना चाहते थे क्योंकि ट्रेनिंग के लिए रोजाना अपने लोअर परेल स्थित घर से आना-जाना एक समस्या बन गई थी। केंद्रीय अनुबंध वाले क्रिकेटर के तौर पर उन्हें सीओई में चोट के इलाज से लेकर कौशल ट्रेनिंग तक सभी सुविधाएं मिलेंगी।’’उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए जब भी वह आईपीएल, राज्य या राष्ट्रीय टीम के साथ नहीं हों तो उन्होंने सीओई को अपना स्थायी आधार बनाने का फैसला किया है।’’

माना जा रहा है कि हार्दिक के पास अपने फिजियोथेरेपिस्ट और निजी स्ट्रेंथ एवं अनुकूलन कोच भी होंगे जो सीओई के बाहर ट्रेनिंग में उनकी मदद करेंगे।सूत्र ने कहा, ‘‘यह जब तक वह भारत के लिए सीमित ओवरों का क्रिकेट खेलते हैं तब तक बेंगलुरु में बसने जैसा है और उनका इरादा कम से कम अगले पांच से छह साल तक खेलने का है।’’

पहले T-20I में जोफ्रा आर्चर को नहीं मिला मौका, इंग्लैंड ने घोषित की अंतिम ग्यारह

Jofra Archer

न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों में शामिल जोफ्रा आर्चर को भारत के खिलाफ पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच से आराम दिया गया है। उनको शायद दूसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भी मौका नहीं मिलेगा और अंतिम तीन टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में ही वह इंग्लैंड का हिस्सा बनेंगे। उनको कार्यभार प्रबंधन के तहत बैंच पर बैठाया गया है।

इंग्लैंड ने टेस्ट मैचों की तरह ही T-20I अंतरराष्ट्रीय मैच से 24 घंटे पहले अपनी अंतिम ग्याहर घोषित कर दी। इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने विस्फोटक बल्लेबाजों को जगह दी है।इंग्लैंड के बल्लेबाजी क्रम में कप्तान हैरी ब्रूक, जोस बटलर, जोर्डन कॉक्स, जैकब बेथेल, विल जैक्स, फिल सॉल्ट और टॉम बैंटन जैसे दमदार खिलाड़ी हैं।

भले ही इंग्लैंड के पास जोफ्रा आर्चर की सेवाएं नहीं है लेकिन, ल्यूक वुड साकिब महमूद जैसे बहुत तेज गति वाले गेंदबाज हैं और आदिल रशीद तथा रेहान अहमद जैसे चतुर स्पिन गेंदबाज भी हैं।

इसके अलावा काफी नजरें सैम करन पर भी होगी जो चोट के कारण आईपीएल नहीं खेल पाए थे। लेकिन उन्होंने टी-20 विश्वकप में कुछ अहम मौकों पर बेहतर प्रदर्शन किया था।

रिवरसाइड ग्राउंड पर औसत T20I अंतरराष्ट्रीय स्कोर 138 और उच्चतम स्कोर 195 है जो यहां खेले गए पिछले आठ मैच में गेंदबाजों के दबदबे की ओर इशारा करता है। इसलिए अगर बल्लेबाज विरोधी टीम की गेंदबाजी और यहां की पिचों के हिसाब से ढलने में अधिक समय लेते हैं तो इंग्लैंड बहुत तेजी से पांच मैच की सीरीज जीत सकता है।

इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), रेहान अहमद, टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, जोस बटलर, सैम कुरन, लियाम डॉसन, विल जैक्स, साकिब महमूद, आदिल राशिद, फिल सॉल्ट, और ल्यूक वुड।

‘क्या हाइप है वैभव सूर्यवंशी? मुझे नहीं पता’श्रेयस अय्यर के बड़े बोल (Video)

 

श्रेयस अय्यर ने सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को पदार्पण से दूर रखने के सवाल पर कहा है कि उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं है कि  वैभव सूर्यवंशी की कितनी हाइप है। इसका कारण यह है कि भारत के टी-20 अंतरराष्ट्रीय कप्तान ना ही न्यूज ना ही इंस्टाग्राम फोलो करते हैं। ऐसे में उनके इस रवैये पर सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हो रही है।

गौरतलब है कि सूर्यवंशी को आयरलैंड के खिलाफ एक भी मैच खेलने का मौका नहीं दिया गया था। इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज से पहले सबसे बड़ी चर्चा इस बात पर हो रही है कि क्या 15 साल के वैभव सूर्यवंशी अपना अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करेंगे।

हालाँकि, श्रेयस ने भारत की योजनाओं के बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “आप कभी नहीं जानते कि क्या होने वाला है। हम अभी अपनी योजनाओं के बारे में खुलकर बात नहीं कर सकते क्योंकि यह बहुत निजी मामला है। यह ऐसी चीज़ है जिस पर हम टीम के अंदर चर्चा करते हैं। हम सबको यह नहीं बता सकते कि हम किस संयोजन के साथ खेलेंगे और न ही विरोधी टीम को यह बता सकते हैं कि क्या होने वाला है।”निश्चित रूप से, वह एक बेहतरीन प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। और जब भी उन्हें खेलने का मौका मिलेगा, वे निश्चित रूप से शानदार प्रदर्शन करेंगे।”


श्रेयस ने कहा कि इंग्लैंड की परिस्थितियां बिल्कुल अलग चुनौती पेश करती हैं और उन्हें भरोसा था कि इस बार भारत बेहतर ढंग से तैयार है। “यहां आना हमारे लिए पूरी तरह से एक नया अध्याय है। हममें से कुछ लोग पहले इंग्लैंड में खेल चुके हैं, और हम वहां की परिस्थितियों, आइडिया और मैदान के आकार-प्रकार को जानते हैं। इसलिए हम एक रोमांचक और चुनौतीपूर्ण सीरीज़ की उम्मीद कर रहे हैं।”

आयरलैंड में श्रेयस का बल्ला दोनों टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में खामोश रहा, लेकिन कप्तान ने ज़ोर देकर कहा कि उन्हें अपनी फ़ॉर्म की कोई चिंता नहीं है और उन्हें भरोसा है कि रन बनेंगे। जब उनसे पूछा गया कि क्या कप्तानी की वजह से उनकी बल्लेबाज़ी पर दबाव बढ़ा है, तो उन्होंने कहा, “बिल्कुल नहीं।” “जिस तरह से मैं नेट्स में बॉल को टाइम कर रहा हूं, पिछले मैच में भी मुझे लगा कि मैं बहुत बढ़िया टाइमिंग कर रहा था, बस कभी-कभी कोई बॉल उछलकर अंदरूनी किनारे से लग गई। इससे यह साबित नहीं होता कि मेरी बल्लेबाज़ी कैसी है या मैं कितना दबाव ले रहा हूं।”

ऑस्ट्रेलिया ने इंडीज पर 8 विकेट की जीत दर्ज कर आठवीं बार किया महिला T-20I विश्वकप के फाइनल में प्रवेश

AUSvsWI ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर एश्ले गार्डनर ने गेंद और बल्ले दोनों के साथ बेहतरीन प्रदर्शन कर ऑस्ट्रेलिया को आठवीं बार महिला टी-20 विश्वकप के फाइनल में पहुंचा दिया।उनके साथ कीपर और ओपनर बेथ मूनी ने शानदार 61 रनों की पारी खेली।ऑस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज को सात विकेट पर 125 रन के स्कोर पर रोकने के बाद 13 ओवर में दो विकेट पर 127 रन बनाकर जीत और फ़ाइनल का टिकट हासिल कर लिया।अब खिताबी मुकाबले के लिए उसको दक्षिण अफ्रीका और मेजबान इंग्लैंड के मुकाबले का इंतजार करना पड़ेगा।

ऑस्ट्रेलिया ने लक्ष्य का पीछा करते हुए तीन ओवर में 29 रन की जोरदार शुरुआत की। जार्जिया वाल (16) और फ़ीबी लिचफ़ील्ड (4) के जल्दी-जल्दी आउट होने और एलिस पेरी (2) के रिटायर्ड हर्ट होने के बाद बेथ मूनी को एश्ले गार्डनर के रूप में अच्छा जोड़ीदार मिला। दोनों ने 36 गेंदों में 63 रन की बेहतरीन साझेदारी करते हुए वेस्ट इंडीज की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

बेथ मूनी ने 36 गेंदों पर नाबाद 61 रन की मैच जिताऊ पारी में आठ चौके लगाए जबकि गार्डनर ने 20 गेंदों पर नाबाद 35 रन में चार चौके और एक छक्का लगाया। गार्डनर को उनके हरफनमौला प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला।

पावरप्ले में दो विकेट गिरने के बावजूद, ऑस्ट्रेलिया ने कभी भी ज़रूरी रन रेट को समस्या नहीं बनने दिया; लक्ष्य का पीछा करते हुए ज़्यादातर समय उन्होंने नौ रन प्रति ओवर से ज़्यादा की रफ़्तार से रन बनाए। जब ऑस्ट्रेलिया को 78 गेंदों में सिर्फ़ 62 रनों की ज़रूरत थी, तब पीठ में जकड़न के कारण एलिस पेरी को रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा, लेकिन तब तक मैच का नतीजा तय हो चुका था। बेथ मूनी ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और शानदार अर्धशतक जड़ा, जिसने लगभग जीत पक्की कर दी। इसके बाद बस मैच को खत्म करना बाकी था, जिसमें आखिर में गार्डनर भी शामिल हो गईं।


इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। वेस्ट इंडीज ने अच्छी शुरुआत करते हुए पहले विकेट के लिए 47 रन जोड़े। लेकिन इसके बाद उसकी पारी लड़खड़ा गयी और 83 रन तक जाते-जाते उसने छह विकेट गंवा दिए। सोफ़ी मोलिन्यू, एश्ले गार्डनर और जॉर्जिया वेयरहम ने दो-दो विकेट लेकर वेस्ट इंडीज पर लगाम लगा दी। डिएंड्रा डॉटिन ने चार चौकों की मदद से नाबाद 26 रन बनाकर वेस्ट इंडीज को 125 तक पहुंचाया।

वेस्ट इंडीज़ ने अच्छी शुरुआत की और मैथ्यूज ने कुछ अहम बाउंड्रीज़ लगाईं, लेकिन कियाना जोसेफ़ उस लय को बनाए नहीं रख सकीं; अपनी पारी के ज़्यादातर समय उन्हें टाइमिंग के लिए संघर्ष करना पड़ा। पावरप्ले के बाद, वे लगातार अंतराल पर विकेट गंवाती रहीं और अंत में चोटिल डॉटिन की छोटी लेकिन असरदार पारी की बदौलत वे एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुँच सकीं। लेकिन यह स्कोर ऑस्ट्रेलिया को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं था।