IND vs ENG : Ireland ने खोली टीम इंडिया की पोल, अब क्या वैभव सूर्यवंशी करेंगे इंग्लैंड को हैरान? जानें कब-कहां देखें पहला T20

भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का आगाज 1 जुलाई से चेस्टर-ले-स्ट्रीट के रिवरसाइड ग्राउंड में होने जा रहा है। यह सिर्फ एक और द्विपक्षीय सीरीज नहीं, बल्कि दो टी20 दिग्गज टीमों की टक्कर है। एक तरफ विश्व चैंपियन भारत है, जो आयरलैंड के खिलाफ ऐतिहासिक सीरीज हार के बाद दबाव में इंग्लैंड पहुंचा है। दूसरी ओर मेजबान इंग्लैंड है, जो अपने घरेलू मैदान पर भारत से टी20 विश्व टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में मिली करीबी हार का हिसाब बराबर करना चाहेगा।

 

दोनों टीमों के पास मैच विनर खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है। ऐसे में सीरीज का पहला मुकाबला रोमांच, रणनीति और बड़े सितारों की भिड़ंत से भरपूर रहने वाला है।

 

आयरलैंड की हार के बाद दबाव में टीम इंडिया
 

विश्व चैंपियन बनने के कुछ ही वक्त बाद भारत को आयरलैंड के खिलाफ 2-0 से टी20 सीरीज गंवानी पड़ी। पहले मुकाबले में 34 रन और दूसरे मैच में सिर्फ 1 रन से मिली हार ने भारतीय बल्लेबाजी की कमजोरियों को उजागर कर दिया।

 

ओपनर संजू सैमसन दोनों मैचों में बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे, जबकि अभिषेक शर्मा ने एक मुकाबले में तेज 49 रन जरूर बनाए, लेकिन Consistency  नहीं दिखा सके। Middle Order भी दबाव के समय उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। ऐसे में इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों की असली परीक्षा होगी।

 

क्या पहले ही मैच में मिलेगा वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू?

 

पूरी सीरीज से पहले सबसे बड़ी चर्चा 15 वर्षीय विस्फोटक बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) को लेकर है। पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने साफ कहा है कि अगर भारत को इंग्लैंड को चौंकाना है तो वैभव को पहले ही टी20 में मौका देना चाहिए।

 

गावस्कर का मानना है कि युवा खिलाड़ी को सिर्फ इसलिए बाहर नहीं बैठाया जाना चाहिए क्योंकि वह नया है। उनके मुताबिक वैभव को ओपनिंग या नंबर-3 पर उतारकर इंग्लैंड के गेंदबाजों पर शुरुआत से दबाव बनाया जा सकता है।

 

हालांकि Team Management की ओर से सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने संकेत दिए हैं कि वैभव को अपनी बारी का इंतजार करना होगा। ऐसे में प्लेइंग इलेवन को लेकर सबसे बड़ा सस्पेंस इसी युवा बल्लेबाज पर टिका हुआ है।

 

इंग्लैंड के पास रफ्तार भी, अनुभव भी

 

घरेलू परिस्थितियों में इंग्लैंड बेहद खतरनाक टीम मानी जाती है। तेज गेंदबाजी विभाग में जोफ्रा आर्चर, जोश टंग, साकिब महमूद और सॉनी बेकर जैसी स्पीड मशीनें मौजूद हैं, जबकि स्पिन की जिम्मेदारी अनुभवी आदिल राशिद और अहमद संभालेंगे।

 

रिवरसाइड ग्राउंड का रिकॉर्ड भी गेंदबाजों के पक्ष में रहा है। यहां अब तक खेले गए टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में औसत पहली पारी का स्कोर करीब 138 रन रहा है। इसका मतलब साफ है कि बल्लेबाजों को शुरुआत से ही संयम और समझदारी दिखानी होगी।

 

बैटिंग में भी कम नहीं इंग्लैंड

 

कप्तान हैरी ब्रूक, जोस बटलर, फिल सॉल्ट, जैकब बेथेल, विल जैक्स, टॉम बैंटन और जॉर्डन कॉक्स जैसी बल्लेबाजी लाइन-अप किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को तहस-नहस करने का दम रखती है।

 

अगर भारतीय गेंदबाजों ने आयरलैंड सीरीज की तरह बीच के ओवरों में ढील दिखाई, तो इंग्लैंड इसका पूरा फायदा उठा सकता है।

 

 

IND vs ENG Head-to-Head (Last 5 Matches)

 

हाल के टी20 मुकाबलों में भारत का पलड़ा भारी रहा है। पिछले पांच मुकाबलों में भारतीय टीम ने चार बार जीत दर्ज की है। हालांकि इंग्लैंड अपने घरेलू मैदान पर अलग ही टीम बन जाती है, इसलिए पुराने रिकॉर्ड इस मुकाबले में ज्यादा मायने नहीं रखेंगे।

 

भारत और इंग्लैंड की संभावित प्लेइंग XI

 

भारत (संभावित XI) (Probable Playing Xl)

 

अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन/वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन, श्रीयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा, प्रिंस यादव

 

इंग्लैंड (संभावित XI) (Probable Playing Xl)

 

फिल सॉल्ट, जोस बटलर, हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, विल जैक्स, टॉम बैंटन, सैम करन, आदिल राशिद, जोफ्रा आर्चर, साकिब महमूद, जोश टंग

 

दोनों टीमों की पूरी स्क्वॉड

 

भारत

 

श्रीयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), संजू सैमसन, ईशान किशन, अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा, प्रसिद्ध कृष्णा, सूर्यांश शेडगे, प्रिंस यादव।

 

इंग्लैंड

 

हैरी ब्रूक (कप्तान), जोस बटलर, फिल सॉल्ट, टॉम बैंटन, जॉर्डन कॉक्स, जैकब बेथेल, विल जैक्स, सैम करन, जेम्स कोल्स, आदिल राशिद, रेहान अहमद, जोफ्रा आर्चर, साकिब महमूद, जोश टंग, सॉनी बेकर, ल्यूक वुड, लियम डॉसन।

 

मैच प्रेडिक्शन

 

भारत के लिए यह मुकाबला सिर्फ सीरीज का पहला मैच नहीं, बल्कि आत्मविश्वास वापस हासिल करने का भी मौका है। दूसरी तरफ इंग्लैंड अपने घरेलू हालात और मजबूत गेंदबाजी आक्रमण के दम पर शुरुआती बढ़त लेने की कोशिश करेगा।

 

अगर भारतीय बल्लेबाज शुरुआती स्विंग और तेज गेंदबाजी का सामना कर गए, साथ ही वैभव सूर्यवंशी को मौका मिला और उन्होंने प्रभाव छोड़ा, तो मुकाबला भारत की तरफ झुक सकता है। लेकिन अगर आयरलैंड वाली गलतियां दोहराई गईं, तो इंग्लैंड इस मौके को हाथ से नहीं जाने देगा।

 

पहले टी20 में नजर सिर्फ जीत-हार पर नहीं होगी, बल्कि इस बात पर भी होगी कि क्या भारत नई सोच के साथ मैदान में उतरता है या फिर वैभव सूर्यवंशी को इंतजार ही करना पड़ता है।

 

 

India vs England 1st T20I कब और कहां खेला जाएगा?

 

  •  India vs England 1st T20I 1 जुलाई को चेस्टर-ले-स्ट्रीट के Riverside Ground में खेला जाएगा। मुकाबला भारतीय समयानुसार रात 10:00 बजे शुरू होगा।

  • India vs England T20I Series का टीवी पर लाइव प्रसारण कहां देखें?
  •  India vs England T20I Series का लाइव टीवी प्रसारण भारत में Sony Sports Network पर किया जाएगा।

  • India vs England T20I Series की लाइव स्ट्रीमिंग कहां देखें?
  •  India vs England T20I Series की लाइव स्ट्रीमिंग SonyLIV ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध होगी।

 

वनडे की टीम नहीं खेले टी-20 प्रारुप, फैंस की मांग पर क्या होंगे बड़े बदलाव

महिला टी20 विश्व कप में भारत के एक बार फिर नाकाम रहने के बाद कप्तान के तौर पर हरमनप्रीत कौर के भविष्य पर तो सवाल उठ रहे हैं। 37 वर्ष की हरमनप्रीत भारत की सबसे सफल टी20 कप्तान रही है।लेकिन सोशल मीडिया पर फैंस की भावनाओं की मानें तो टीम को आमूलचूल परिवर्तन करने होंगे। महिला टीम में कोई भी एकदिवसीय विश्वकप विजेता सदस्य देखना ही नहीं चाहता।टीम में से स्मृति मंधाना, जेमीमा रॉड्रिगेस और यस्तिका भाटिया को बाहर निकालने की मांग उठ रही है और शेफाली वर्मा और ऋचा घोष जैसी आक्रामक बल्लेबाजों को टीम के अंदर लाने की बात जोर पकड़ रही है।

छह बार की चैम्पियन आस्ट्रेलिया के हाथों रविवार को मिली छह विकेट से हार ने भारत की सेमीफाइनल खेलने की उम्मीदें तोड़ दी। टूर्नामेंट से पहले प्रबल दावेदारों में गिनी जा रही भारतीय टीम 50 ओवरों के विश्व कप वाला फॉर्म नहीं दोहरा सकी। टी20 विश्व कप में लगातार दूसरी बार हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत नॉकआउट में नहीं पहुंच सका जिससे इस प्रारूप में टीम की प्रगति को लेकर प्रश्न उठने लगे हैं।

बल्लेबाजी में टीम हर बार एकदिवसीय जैसा प्रदर्शन करती है। इसमें स्ट्राइक रेट का महत्व होता है। ऐसे में विश्वकप में बैंच पर बैठी फूलमली को टीम में अधिक मौके दिए जा सकते हैं। इसके अलावा टीम से बाहर हरलीन देवोल जो एकदिवसीय विश्वकप में तेजी से रन बना रही थी इस प्रारुप में वापस आ सकती है।

भारत की तेज गेंदबाजी विकल्पों पर भी चर्चा हो सकती है। रेणुका सिंह ठाकुर को इस टूर्नामेंट में कम मौके मिले। वह टीम की मुख्य पेसर बन सकती है। क्रांति गौड़ और अरुंधती रेड्डी एक ही कलेवर की गेंदबाज हैं। ऐसे में दोनों के बीच प्रतियोगिता हो सकती है।

स्पिन विभाग में श्री चरणी टीम की मुख्य गेंदबाज है और उनके इर्दगिर्द दीप्ति शर्मा और शेफाली वर्मा को घुमाया जा सकता है लेकिन शेफाली से फाइनल में 4 ओवर का स्पैल करवाने जैसी बेवकूफी अब टीम प्रबंधन नहीं करेगा। कुल मिलाकर फैंस एक युवा भारतीय महिला टी-20 टीम की उस ही तरह मांग कर रहे हैं जैसे साल 2022 में रोहित कोहली की टीम जब सेमीफाइनल हार के आई थी।

राजस्थान के टोंक का इंजीनियर बना आयरलैंड का प्लेयर ऑफ द सीरीज

राजस्थान के टोंक में पैदा हुए जय मुंदड़ा भारत के खिलाफ 11 की औसत से 5 विकेट लेकर मैन ऑफ द सीरीज बन गए। उन्होंने दूसरे टी-20 मैच में 4 ओवर में 32 रन दिए और भारत के शीर्ष क्रम संजू सैमसन (गोल्डन डक), अभिषेक शर्मा (गोल्डन डक) और कप्तान श्रेयस अय्यर को (10 रन 7 गेंदें) को आउट कर मैन ऑफ द मैच का पुरुस्कार भी पाया।

आयरलैंड के लिए पदार्पण करने के बाद मूंदड़ा ने ‘क्रिकेट आयरलैंड’ से कहा, “बाएं हाथ के गेंदबाज के रूप में मेरा कोण मेरी सबसे बड़ी ताकत है। मैं नई गेंद से स्विंग का इस्तेमाल करने, पैड और स्टंप को निशाना बनाने और बल्लेबाज को लगातार असहज करने की कोशिश करता हूं। मेरी कोशिश होती है कि बल्लेबाज मुझे परखने में नाकाम रहे और मैं उनसे गलतियां करवा सकूं।”

अभी तक नहीं छोड़ा भारतीय पासपोर्ट है Work Permit का इंतजार

भारत के खिलाफ मुकाबले में उनकी यह सोच पूरी तरह रंग लाई और उनकी पहली ही गेंद पर भारत के टी20 विश्व कप के नायक संजू सैमसन आउट हो गए। मूंदड़ा ने कहा, “आयरलैंड की भारत पर पहली और ऐतिहासिक जीत का हिस्सा बनना मेरे लिए बेहद खास है। यह पल मैं जीवनभर याद रखूंगा। यह टीम और आयरिश क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण है।” आयरलैंड क्रिकेट के साथ हालांकि उनका भविष्य अब भी अनिश्चित है क्योंकि उनका वर्क परमिट जल्द समाप्त हो रहा है और उनके पास केंद्रीय अनुबंध भी नहीं है। ऐसे में वे केवल मैच फीस पर निर्भर हैं। इस प्रदर्शन ने हालांकि यह संकेत जरूर दे दिया है कि आयरलैंड को एक प्रतिभाशाली तेज गेंदबाज मिल सकता है, जो आने वाले समय में टीम का अहम हिस्सा बन सकता है।

B.Tech हैं मुंदड़ा, किया है Intel में काम

वह जब 2021 में डबलिन पहुंचे थे और ‘यूनिवर्सिटी ऑफ डबलिन’ से इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकम्युनिकेशन में एमटेक की पढ़ाई कर रहे थे, तब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट उनके जीवन की प्राथमिकताओं में नहीं था। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने इंटेल जैसी प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी हासिल की और एक स्थिर पेशेवर जीवन की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने क्रिकेट से दूरी बना ली थी, लेकिन खेल उनसे पूरी तरह कभी दूर नहीं हुआ। दिलचस्प बात यह है कि इस अवधि में उन्होंने अपनी गेंदबाजी शैली भी बदल दी थी और तेज गेंदबाज से बाएं हाथ के स्पिनर के रूप में खुद को ढाल लिया था, साथ ही जरूरत पड़ने पर शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी भी करते थे।

क्रिकेट के उनके सफर में असली मोड़ 2024 में आया, जब उन्होंने कॉरपोरेट जीवन को अलविदा कहने के बाद डबलिन स्थित ‘लेइनस्टर क्रिकेट क्लब’ से जुड़कर क्रिकेट को पूरी तरह अपनाने का फैसला किया। इस सपने को पूरा करने के लिए उन्हें कई तरह के त्याग भी करने पड़े। कई दिनों तक वे डबलिन से बेलफास्ट तक लंबा सफर तय कर सिर्फ अभ्यास सत्रों में हिस्सा लेने पहुंचते थे और देर रात वापस लौटकर फिर अगले दिन इसी दिनचर्या को दोहराते थे। उनके इस जोखिम ने अंततः उनके करियर को सबसे बड़ा इनाम दिया।

राजस्थान के टोंक में परिवार के जश्न का वीडियो वायरल

राजस्थान के टोंक जिले में उनका परिवार आज भी रहता है। यह दुविधा ही कही जा सकती है कि परिवार को भारत बनाम आयरलैंड मैच में भारत का और जब गेंदबाजी करने मुंदड़ा आए तो उनका समर्थन करना पड़ रहा था।  जब उनको मैन ऑफ द सीरीज का अवार्ड दिया गया तो उनके परिवार ने पटाखे फोड़े इस पर पड़ोसियों ने ऐतराज किया क्योंकि मैच भारत हार चुका था। तब उन्होंने समझाया कि वह मुंदड़ा की सफलता के लिए खुश हैं।

शर्मनाक हार के बाद भी वैभव सूर्यवंशी को करना पड़ेगा इंग्लैंड में इंतजार

भारतीय T-20I टीम के सहायक कोच रायन टेन डेशकाटे ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण के लिए शेष खिलाड़ियों की तरह ही तय प्रक्रिया से गुजरना और अपने समय का इंतजार करना होगा।

आयरलैंड के खिलाफ दूसरी टी-20 में मिली हार के बाद टेन डेशकाटे से सूर्यवंशी के पदार्पण को लेकर किये गये सवाल के जवाब में कहा, “वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए पूरी तरह तैयार हैं, इसमें कोई दो राय नहीं है। लेकिन आप संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता जिन्होंने तीन महीने पहले भारत की विश्व कप जीत में अहम योगदान दिया था। उनका आईपीएल भी बेहतरीन रहा था। सैमसन ने चेन्नई सुपर किंग्स के लिए दो शतक लगाए थे।”

उन्होंने कहा, “खिलाड़ियों को आत्मविश्वास देना और उन्हें सही संदेश भेजना भी जरूरी है। हम खिलाड़ियों को टीम में लंबा अवसर देना चाहते हैं। इसलिए वैभव जितने भी तैयार हों और हम एवं आप उन्हें खेलते देखने के लिए जितने भी उत्साहित हों, उन्हें भी बाक़ी खिलाड़ियों की तरह प्रक्रिया से गुजरना होगा और अपने समय का इंतज़ार करना होगा। लेकिन उनकी प्रतिभा और तैयारी को लेकर कोई सवाल नहीं है।”

टीम प्रबंधन की बातों से यही संकेत मिलता है कि सूर्यवंशी का पदार्पण उनके अपने प्रदर्शन से अधिक मौजूदा शीर्ष क्रम के बल्लेबाजो के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। पहले मैच में सीम गेंदबाजी ऑलराउंडर की कमी होने के बावजूद, भारत ने कोई अपवाद बनाने और बल्लेबाज़ी क्रम में सभी को एक स्थान नीचे खिसकाने पर विचार नहीं किया। पहले मैच में स्पिन ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर खेले थे। दूसरे मैच में सूर्यांश शेडगे ने पदार्पण किया।

उल्लेखनीय है कि सूर्यवंशी केवल भारत की टी-20 टीम का हिस्सा हैं, वनडे टीम का नहीं। उन्हें इंग्लैंड में होने वाली पांच मैचों की टी-20 सीरीज के लिए चुना गया है, जो बुधवार से शुरू होगी। इसके बाद वह एशियाई खेलों में भी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

आयरलैंड की B टीम ने T20I में रोका भारत की 16 सीरीज का विजय रथ

बेलफास्ट में आयरलैंड ने भारत के सामने पेशेवर क्रिकेट खेलकर पहला टी-20 मैच 34 और दूसरा टी-20 मैच 1 रन से जीतकर इतिहास रच दिया। आयरलैंड खुद एक असोसिएट देश है और भारत 2 बार का विश्वचैंपियन। लेकिन जो बात इस सीरीज जीत को सबसे खास बनाती है वह यह कि आयरलैंड खुद यह सीरीज अपने नियमित खिलाड़ियों के बिना खेल रहा था। ध्यान रहे कि उनकी टीम में मार्क अडायर, कर्टिस कैम्फर, पॉल स्टर्लिंग और जोशुआ लिटिल जैसे कुछ नियमित खिलाड़ी भी नहीं थे, और फिर भी ऐसी जीत हासिल करना वाकई अविश्वसनीय है।

पॉल स्टर्लिंग का वजन इस खेल के हिसाब से काफी ज्यादा है लेकिन वह तेजी से रन बनाते हैं और सबसे अनुभवी सलामी बल्लेबाज है। हालांकि भारत के खिलाफ उनका रिकॉर्ड खराब है। कैम्फर टीम के अनुभवी ऑलराउंडर है वह कई असोसिएट देशों के खिलाफ गेंद और बल्ले से मैच जिता चुके हैं। वहीं बालबर्नि इस आयरिश बल्लेबाजी क्रम में विश्वसनीयता लाते हैं, लेकिन इस बार वह भी बाहर थे।

सबसे बड़ा नाम तो जोश लिटिल का था जो इंडियन प्रीमियर लीग में गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेल चुके हैं।आयरलैंड के मुख्य खिलाड़ी खुद को कोस रहें होंगे कि काश वह भी इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बन पाते लेकिन बदलाव के दौर से गुजर रही आयरलैंड के लिए इससे बेहतर और क्या हो सकता है कि उनके युवा चेहरों ने विश्व विजेताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया।

गेंदबाजी हो या बल्लेबाजी आयरलैंड ने मिलकर काम किया। उनके कप्तान लोरन टकर ने पहले मैच में अर्धशतक जड़ा तो हैरी टेक्टर ने दूसरे मैच में अर्धशतक जड़ा। पहले मैच में होलार्ड ने 3 और दूसरे मैच में भी 3 विकेट निकाले और सीरीज के सबसे सफल गेंदबाज रहे। भारतीय मूल के जय मुंद्रा ने अंतिम टी-20 में 3 विकेट लेकर ना केवल मैन ऑफ द मैच का पुरुस्कार लिया बल्कि मैन ऑफ द सीरीज का भी अवार्ड अपने पास रखा।

आयरलैंड के कप्तान लोरकान टकर ने कहा ,‘‘ मुझे यकीन ही नहीं हो रहा। मैने खिलाड़ियों से कहा था कि हमें साबित करना है कि पहले मैच की जीत तुक्का नहीं थी और उन्होंने यह मैच भी जीतकर वही किया । हमने दिखा दिया कि क्रिकेट सरल भी हो सकता है, उसे पेचीदा बनाने की जरूरत नहीं है।’’

आयरलैंड के खिलाड़ी दर्शकों के पास जाकर उनका शुक्रिया अदा करते हैं और फिर सपोर्ट स्टाफ़ उन्हें बधाई देता है। 28 जून, 2026 का दिन उनके क्रिकेट सफ़र के सबसे यादगार दिनों में से एक रहेगा। उन्होंने न सिर्फ़ टी20 वर्ल्ड चैंपियन को हराया, बल्कि उनकी लगातार 16 सीरीज़ जीतने का सिलसिला भी तोड़ दिया। दोनों मैचों में वे बेहतर टीम साबित हुए। उन्हें हालात की बेहतर समझ थी और उन्होंने उसका पूरा फ़ायदा उठाया। बल्लेबाज़ों ने अच्छे रन बनाए और गेंदबाज़ों ने भी कमाल का प्रदर्शन किया। फ़ील्डिंग भी ज़बरदस्त रही और उन्होंने तीनों विभागों में भारत को पीछे छोड़ दिया।

‘मैं टूट चुका था’, बेन स्टोक्स ने संन्यास के कारण पर किया खुलासा

बेन स्टोक्स ने कहा है कि इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान के तौर पर बिताया गया उनका साढ़े चार साल का कार्यकाल उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान था, लेकिन इस जिम्मेदारी ने उन्हें भीतर तक थका दिया। पिछले ऐशेज दौरे में 4-1 की हार के बाद उन्हें महसूस हुआ कि अब उनके भीतर आगे लड़ते रहने की शक्ति नहीं बची है।

न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के निर्णायक टेस्ट के चौथे दिन अपने संन्यास की घोषणा के बाद स्काई स्पोर्ट्स से बातचीत में स्टोक्स ने कहा कि यह एहसास उन्हें लॉर्ड्स टेस्ट से पहले ही हो गया था। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसी एक घटना का नतीजा नहीं था, बल्कि लंबे समय से जमा हो रही मानसिक और शारीरिक थकान का परिणाम था।

स्टोक्स ने कहा, “मैंने टीम की कप्तानी करते हुए मैदान पर बिताए हर पल का आनंद लिया। किसी खिलाड़ी के लिए अपने देश की कप्तानी करना सबसे बड़ा सम्मान होता है। लेकिन इसका एक दूसरा पहलू भी है जिसे लोग नहीं देख पाते। केवल आपके सबसे करीबी लोग ही समझ सकते हैं कि यह जिम्मेदारी आपको कितना थका देती है और कई बार नकारात्मक रूप से प्रभावित भी करती है। पिछले साढ़े चार सालों में मैंने हर पल का आनंद लिया, लेकिन कुछ पल दूसरों की तुलना में कहीं अधिक मुश्किल थे।”

स्टोक्स ने स्वीकार किया कि इस पूरी गर्मियों में वह मानसिक रूप से संघर्ष कर रहे थे और लॉर्ड्स में मिली 115 रन की जीत के दौरान भी वह पूरी तरह सहज महसूस नहीं कर रहे थे।उन्होंने कहा, “लॉर्ड्स टेस्ट ने मेरे करियर से जुड़ी कई नकारात्मक यादें फिर से ताजा कर दीं।

ऑस्ट्रेलिया से लौटने के बाद मैंने चीजों को सही करने के लिए बहुत मेहनत की। मुझे लगा कि मैं सही दिशा में जा रहा हूं, लेकिन शायद मैंने खुद को ही थका दिया। जब मैं लॉर्ड्स टेस्ट के सप्ताह में पहुंचा तो मेरे भीतर एक अजीब सा एहसास था। मैंने स्वयं को पूरा मौका दिया कि शायद यह केवल एक अस्थायी दौर हो, लेकिन कुछ ठीक नहीं लग रहा था। कल जब मैं बल्लेबाजी के लिए पैड पहन रहा था, तभी मुझे महसूस हो गया कि यह आखिरी संकेत है।”

उन्होंने कहा, “मैंने कोशिश की लेकिन इस सप्ताह वैसा एहसास वापस नहीं आया। मैंने जीवन में कई कठिन दौर देखे हैं, लेकिन इस समय मुझे लगा कि मैं सिर्फ़ इसलिए खेल रहा हूं क्योंकि मुझे खेलना चाहिए। यह फै़सला शायद थोड़ा स्वार्थी लगे, लेकिन इस समय मेरे लिए यही सबसे सही फै़सला है। मैं इस खेल से प्यार करता हूं और चाहता हूं कि वह प्यार बना रहे।”

अपने करियर में मैंने मैदान के भीतर और बाहर कई निराशाओं का सामना किया है और उनसे उबर भी गया हूं। लेकिन ऑस्ट्रेलिया में जो हुआ, उसके बाद भावनात्मक रूप से चीज़ें बदल गईं। मैंने अपनी पत्नी से कहा था कि मुझे नहीं लगता कि अब मेरे भीतर इससे उबरने की लड़ाई लड़ने की ताक़त बची है।”

35 वर्षीय स्टोक्स ने कहा , “यह खेल बहुत कठोर है, शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से। मैं 35 साल का हूं और मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए मुझे लगातार बहुत मेहनत करनी पड़ती है। सवाल यह था कि क्या मेरे भीतर वह लड़ाई अभी भी बची है? क्या मैं आगे भी उसी स्तर की मेहनत कर सकता हूं। भावनात्मक, मानसिक और शारीरिक – हर पहलू ने मुझे इस फैसले की ओर धकेला।”

उन्होंने कहा, “अगर वह सीरीज का आखिरी मैच होता और हम ऐशेज जीत जाते तो वह और भी खास होता। फिर भी वह मेरी पसंदीदा पारियों में से एक रहेगी। मैं अपने करियर से पूरी तरह संतुष्ट हूं। मैंने ऐशेज जीती है, वनडे विश्व कप और टी-20 विश्व कप जीता है, इंग्लैंड की कप्तानी की है और खेल के कुछ महान खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिला है। शिकायत करने के लिए मेरे पास बहुत कुछ नहीं है।”

3 साल बाद कोई T-20I सीरीज हारा भारत, कोच और कप्तान के नाम शर्मनाक दर्ज हुए रिकॉर्ड्स

भारतीय टीम करीब 3 साल यानि कि 36 महीने या फिर 1050 दिन बाद कोई टी-20 सीरीज हारा है। इस दौरान भारत ने दो बार टी-20 विश्वकप पर कब्जा जमाया। यह रिकॉर्ड इतना शानदार इसलिए रहा क्योंकि सूर्यकुमार यादव ने ज्यादातर मौकों पर भारत की  कप्तानी की थी।

अंतिम बार भारत कोई टी-20 सीरीज हारा था तो भारत के कप्तान हार्दिक पांड्या थे। अगस्त 2023 में भारत वेस्टइंडीज से 2-3 से सीरीज हार बैठा था। लेकिन अब कोच गौतम गंभीर और श्रेयस अय्यर के नाम कुछ अनचाहे रिकॉर्ड्स बन गए हैं।

श्रेयस अय्यर बतौर कप्तान लगातार दो पहले टी-20 मैच हारने वाले दूसरे भारतीय कप्तान बन गए हैं। श्रेयस अय्यर और गौतम गंभीर पहली बार आयरलैंड से सीरीज हारने वाले पहले कप्तान और कोच बन गए हैं। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने पिच को बखूबी भांपने और रणनीति पर सटीक अमल करने के लिये आयरलैंड की तारीफ की जिसने भारत पर टी20 श्रृंखला में 2 . 0 से ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

पहले मैच में 34 रन से जीत के बाद आयरलैंड ने रविवार को दूसरा मैच एक रन से जीता।नये कप्तान अय्यर ने मैच के बाद कहा ,‘‘ अच्छी श्रृंखला नहीं रही लेकिन आयरलैंड की तारीफ करनी होगी। उन्हें पता था कि विकेट कैसा होगा और उन्होंने रणनीति पर बखूबी अमल किया।’’

भारत के सहायक कोच रयान टेन डोएशे ने स्वीकार किया कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा है कि टी20 में विश्व चैंपियन टीम आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैच में हार गई और कहा कि उनके खिलाड़ी परिस्थितियों के अनुकूल ढलने में नाकाम रहे।आयरलैंड ने पहला मैच 34 रन से जीता और इसके बाद श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली भारतीय टीम को दूसरे मैच में एक रन से हराकर इतिहास रच दिया।

डोएशे ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘बहुत से लोगों के साथ हमें भी विश्वास नहीं हो रहा है। हमने अभी-अभी विश्व कप जीता है लेकिन हमें ऐसी टीम ने हराया जिसने ‘बेसिक्स’ (बुनियादी बातों) पर पूरा ध्यान दिया।’’डोएशे ने कहा, ‘‘मुझे लगता है की परिस्थितियों ने अहम भूमिका निभाई। यह हमारी हार का मुख्य कारण रहा। हमने इसका अच्छी तरह से समाधान नहीं किया। सबसे बड़ी समस्या हवा थी, लेकिन हार के लिए कोई बहाना नहीं चलेगा। हमें अलग-अलग चुनौतियों का अच्छी तरह से सामना करने का तरीका ढूंढना होगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आयरलैंड ने बेसिक्स पर अच्छी तरह से काम किया और हम इस मामले में उनका मुकाबला नहीं कर पाए। हमें आक्रामक बल्लेबाजी करना पसंद है लेकिन इस तरह की परिस्थितियों में हमें अधिक समझदारी से काम लेना होगा।’’

स्मृति और जेमीमा की धीमी पारी से कप्तान और फैंस नाराज, हारने की बड़ी वजह

स्मृति मंधाना और जेमीमा रॉड्रिगेस बहुत अच्छी सहेलियां है लेकिन इन दो सहलियों की धीमी पारी ने भारत को टी-20 विश्वकप से बाहर का रास्ता दिखाने में अहम भूमिका निभाई। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ स्मृति मंधाना ने 6 चौकों की मदद से 37 गेंदों में 38 रन बनाए। वहीं जेमीमा ने 28 गेंदों में एक चौका और छक्का लगाकर 34 रन बनाए। इसमें से एक चौका शुरुआत में और छक्का पारी के अंत में आया। इनकी धीमी बल्लेबाजी से ना केवल फैंस बल्कि कप्तान हरमनप्रीत कौर नाराज है जिन्होंने प्रेस वार्ता में यह स्पष्ट किया।

कप्तान हरमनप्रीत कौर ने आस्ट्रेलिया से मिली हार के बाद महिला टी20 विश्व कप से बाहर होने के बाद रविवार को कहा कि भारतीय टीम अपने स्तर की क्रिकेट नहीं खेल सकी और अब पुनर्विचार का समय आ गया है।हरमनप्रीत ने मैच के बाद कहा ,‘‘ हम कुछ समय तक मैच में थे लेकिन अपने स्तर का खेल नहीं दिखा सके। एक ईकाई के रूप में हमें कई चीजों पर विचार करना होगा।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ हमारा स्कोर ठीक ठाक था। एक समय हमें लगा कि हम कुछ पीछे रह गए हैं लेकिन आखिरी ओवर में मैने भरपाई की। लेकिन हम अच्छा नहीं खेले। आस्ट्रेलिया ने उम्दा गेंदबाजी की। पूरे टूर्नामेंट में अच्छी टीमों के खिलाफ हमारा प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा।’’

भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट पर 170 रन बनाए।ऑस्ट्रेलिया की फील्डिंग ने भी भारत का सहयोग किया वर्ना स्कोर 170 की जगह 155 के करीब रह सकता था।भारत ने आखिरी दो ओवरों में 36 रन ठोके और 170 रन का स्कोर खड़ा किया।हालांकि हरमनप्रीत कौर और शेफाली वर्मा के अलावा बाकी सारे बल्लेबाजों ने काफी धीमे खेला जो आगे जाकर काफी महंगा साबित हुआ।

‘हमें Gautam Gambhir को कोच नहीं बना रहे!’ Ireland से हार पर Iceland Cricket का जहरीला तंज

Ireland के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज में मिली शर्मनाक हार के बाद Team India की जमकर आलोचना हो रही है। इस हार के बाद सोशल मीडिया पर मीम्स और प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा Iceland Cricket के उस पोस्ट की हो रही है, जिसमें उसने भारत के हेड कोच Gautam Gambhir पर तंज कस उन्हें बुरी तरह ट्रोल किया।

 

Iceland Cricket ने Gambhir पर कसा करारा तंज

 

Ireland के खिलाफ 2-0 से सीरीज गंवाने के कुछ ही घंटों बाद Iceland Cricket ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर एक व्यंग्यात्मक पोस्ट किया।

 

पोस्ट में लिखा गया कि,

 

“हम पुष्टि करते हैं कि हम Gautam Gambhir को अपने कोचिंग स्टाफ में शामिल नहीं करना चाहते। इतनी मजबूत भारतीय टीम के साथ Ireland में ऐसे नतीजे हासिल करना सचमुच एक 'असाधारण प्रतिभा' का काम है।” (We can confirm that we do not wish to add Gautam Gambhir to our coaching staff. He clearly has talent, though. To take those Indian players and deliver those results in Ireland takes truly remarkable gifts,” )

यह पोस्ट कुछ ही देर में वायरल हो गया और हजारों क्रिकेट फैंस ने इस पर मजेदार प्रतिक्रियाएं दीं। Iceland Cricket पहले भी अपने मजाकिया और व्यंग्यात्मक पोस्ट्स के लिए दुनियाभर में चर्चा बटोर चुका है।

 

तीन साल बाद टूटा Team India का विजयी सिलसिला

 

Gautam Gambhir के कोच बनने के बाद Team India ने लगातार कई टी20 सीरीज अपने नाम की थीं। श्रीलंका, बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसी टीमों के खिलाफ भारत ने शानदार प्रदर्शन किया था।

 

लेकिन Ireland दौरा भारतीय टीम के लिए पूरी तरह निराशाजनक साबित हुआ। कप्तान Shreyas Iyer की अगुआई में भारत दोनों मुकाबले हार गया और Ireland ने इतिहास रचते हुए पहली बार Team India के खिलाफ टी20 सीरीज जीत ली।

 

पहले मुकाबले में Ireland ने 34 रन से जीत दर्ज की, जबकि दूसरा मैच बेहद रोमांचक रहा, जहां मेजबान टीम ने एक रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

बल्लेबाजों का फ्लॉप शो बना हार की सबसे बड़ी वजह

 

इस सीरीज में भारतीय बल्लेबाजी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। कप्तान Shreyas Iyer, Sanju Samson, Ishan Kishan और Abhishek Sharma जैसे बड़े नाम लगातार रन बनाने में नाकाम रहे।

 

गेंदबाजों ने दोनों मैचों में संघर्ष जरूर किया, लेकिन बल्लेबाज लक्ष्य का पीछा करने और बड़ी साझेदारियां बनाने में असफल रहे। यही वजह रही कि स्टार खिलाड़ियों से सजी भारतीय टीम सीरीज बचाने में भी नाकाम रही।

 

Sanjay Manjrekar ने भी उठाए टीम चयन पर सवाल

 

पूर्व भारतीय क्रिकेटर Sanjay Manjrekar ने भी टीम कॉम्बिनेशन पर सवाल उठाए। उनका मानना है कि Team India को जरूरत से ज्यादा ऑलराउंडर्स खिलाने के बजाय मिडिल ऑर्डर में एक विशेषज्ञ बल्लेबाज को मौका देना चाहिए।

 

उन्होंने युवा बल्लेबाज Shubman Gill का नाम लेते हुए कहा कि विदेशी परिस्थितियों में उनकी तकनीक भारतीय टीम के काफी काम आ सकती है और भविष्य में उन्हें फिर से टी20 टीम में अहम भूमिका मिल सकती है।

 

अब England दौरे पर होगी अग्निपरीक्षा

 

Ireland में मिली हार के बाद अब Team India की नजर England के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज पर होगी। यह सीरीज 1 जुलाई से शुरू होगी और भारतीय टीम के लिए वापसी का बड़ा मौका होगी।

 

साथ ही, 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज Vaibhav Sooryavanshi को भी इंग्लैंड दौरे पर डेब्यू का मौका मिलने की चर्चा तेज हो गई है। Ireland सीरीज में उन्हें मौका नहीं मिला था, लेकिन लगातार हार के बाद टीम प्रबंधन युवा खिलाड़ियों पर दांव लगा सकता है।

 

अब देखना दिलचस्प होगा कि Team India England के खिलाफ वापसी कर पाती है या आलोचनाओं का दौर और लंबा चलता है।

ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 6 विकेट से हराकर किया महिला T-20I विश्वकप से बाहर

AUSvsIND ऑस्ट्रेलिया की टीम ने भारत को लॉर्ड्स के मैदान पर महिला टी-20 विश्वकप के अहम मैच में 6 विकेट से हराकर सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर कर दिया। भारत के बाहर होने के बाद दक्षिण अफ्रीका की टीम को सेमीफाइनल का स्थान मिल गया। भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट पर 170 रन बनाए।

हालांकि हरमनप्रीत कौर के अलावा बाकी सारे बल्लेबाजों ने काफी धीमे खेला जो आगे जाकर काफी महंगा साबित हुआ। ऑस्ट्रेलिया ने यह लक्ष्य 4 विकेट खोकर 1 ओवर पहले पा लिया। ऑस्ट्रेलिया की ओर से एलिस पेरी और एश्ले गार्डनर ने अर्धशतक लगाए। श्री चरनी ने सर्वाधिक 2 विकेट लिए। 

भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), ऋचा घोष (विकेटकीपर), जेमिमा रोड्रिग्स, शेफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा, क्रांति गौड़, रेणुका सिंह ठाकुर, अरुंधति रेड्डी,श्री चरणी।

ऑस्ट्रेलिया: सोफी मोलिनी (कप्तान), फीबी लिचफील्ड, बेथ मूनी (विकेटकीपर), जॉर्जिया वोल, ताहलिया मैकग्रा (उप-कप्तान), एशले गार्डनर, किम गार्थ, एलिसे पेरी, एनाबेल सदरलैंड, निकोला कैरी, मेगन शट, जॉर्जिया वेयरहैम।