आफत की बारिश: रपटा पार करने के लिए पानी के बीचो-बीच पहुंचा अधेड़, तेज बहाव में बहा, वीडियो वायरल

यूपी के कई इलाकों में पिछले दो दिन से हो रही बारिश ने आफत मचा दी है। बारिश के चलते जनजीवन पूरी तरह से अस्तव्यस्त हो गया है। बिजनौर में हुई बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। शुक्रवार के एक अधेड़ रपटा पार करने के दौरान पानी के तेज बहाव में बह गया। इसका वीडियो भ वायरल हो रहा है।

VIDEO: अपना बना ल ना पूरा…स्कूल में टीवी पर अश्लील गाना चलाकर प्रधानाध्यापक ने भरे खर्राटे, सस्पेंड

महोबा में स्कूल की स्मार्ट क्लास में बच्चों की बेंच पर लेटकर अश्लील गाना देखते हुए प्रधानाध्यापक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 62 सेकेंड के इस वीडियो में प्रधानाध्यापक रमेश चंद्र स्मार्ट क्लास में बच्चों की बेंच पर आराम से लेटे दिख रहे हैं।

Fact Check: भारत आ रहे LPG से लदे टैंकर पर ईरान ने दागी मिसाइल? जानें वायरल दावे का सच

जांच एजेंसी ने कहा कि कुछ प्रचार करने वाले अकाउंट्स जानबूझकर पुराने फोटो और वीडियो का इस्तेमाल कर लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे भ्रामक दावे लोगों के बीच अनावश्यक घबराहट पैदा कर सकते हैं।

ढाका में दिखा भारत का गलत नक्शा, तो भारतीय ऑफिसर पूजा कुमारी झा ने भरी बैठक में लगा दी क्लास

India Protest Wrong Map Dhaka Seminar: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार आयोजित हुआ। इस सेमीनार में एक ऐसा वाकया हुआ जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। दरअसल भारत के नक्शे के साथ छेड़छाड़ का एक गंभीर मामला सामने आया है। सेमिनार में जम्मू-कश्मीर (J&K) को पाकिस्तान का हिस्सा दिखाए जाने पर वहां मौजूद भारतीय उच्चायोग की सचिव पूजा कुमारी झा ने तुरंत कड़े शब्दों में इस पर अपना विरोध दर्ज कराया।

भारतीय राजनयिक ने मंच से कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है, और इस तरह के गलत नक्शों को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जा सकता।

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद ढाका में ‘बांग्लादेश इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल एंड स्ट्रेटेजिक स्टडीज’ (BIISS) द्वारा आयोजित एक विदेश मामलों के सेमिनार के दौरान शुरू हुआ। सेमिनार में बांग्लादेश के पूर्व राजदूत तारिक ए. करीम अपना मुख्य भाषण दे रहे थे। भाषण के दौरान स्क्रीन पर एक स्लाइड दिखाई गई, जिसमें भारत के नक्शे में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को पाकिस्तान के क्षेत्र में दिखाया गया था।

दर्शक दीर्घा में मौजूद भारतीय उच्चायोग की अधिकारी पूजा कुमारी झा ने जैसे ही इस गलत नक्शे को देखा, उन्होंने तुरंत हस्तक्षेप किया। पूजा झा ने कहा, ‘यहां दिखाया गया भारत का नक्शा पूरी तरह गलत है। जम्मू-कश्मीर भारत का एक अभिन्न और अटूट हिस्सा है, और मेरा मानना है कि यहां प्रस्तुत नक्शा सही नहीं है।’

पूर्व राजदूत ने दी सफाई

भारत की कड़ी आपत्ति के बाद, पूर्व राजदूत तारिक ए. करीम ने इस पर सफाई देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि इस नक्शे का इस्तेमाल केवल ‘प्रस्तुतीकरण के उद्देश्य’ से किया गया था और इसका इरादा वास्तविक अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को प्रदर्शित करना या प्रोजेक्ट करना नहीं था।

नेपाल एयरलाइंस भी कर चुकी है ऐसी ही बड़ी गलती

अंतरराष्ट्रीय मंचों या विज्ञापनों में भारत के गलत नक्शे को दिखाए जाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। कुछ महीने पहले नेपाल की राष्ट्रीय विमानन कंपनी, नेपाल एयरलाइंस कॉरपोरेशन (NAC) को भी ऐसी ही एक हरकत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी विरोध का सामना करना पड़ा था।

नेपाल एयरलाइंस ने अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर एक प्रमोशनल रूट मैप और विज्ञापन शेयर किया था। इस ग्राफिक में एयरलाइंस ने भारत के केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को भारत के बजाय पाकिस्तान के क्षेत्र के रूप में रंग दिया था।

#BoycottNepalAirlines हुआ था ट्रेंड

यह इमेज सोशल मीडिया पर देखते ही देखते वायरल हो गई थी। भारतीय यूजर्स ने इसे नेपाल एयरलाइंस की ‘नक्शा आक्रामकता’ करार दिया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर #BoycottNepalAirlines ट्रेंड करने लगा था और भारतीय विदेश मंत्रालय से इस पर कड़ा राजनयिक विरोध दर्ज कराने की मांग की गई थी। बाद में नेपाल एयरलाइंस को इस बड़ी चूक के लिए सार्वजनिक रूप से औपचारिक माफी मांगनी पड़ी थी।

Thar Viral Video: थार की ताकत नापने के लिए हरिद्वार में गंगा की नील धारा में उतार दी गाड़ी फिर इसके बाद पूरी हेकड़ी यूं निकल गई

Thar Viral Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। महिंद्र की थार को स्टंट करना कुछ लोगों को भारी पड़ गया। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में थार के इंजन की ताकत को जांचने के लिए उसे उफनती नदी में घुसा दिया। ओवर कॉन्फिडेंस से भरे लड़कों की हालत तब खराब होनी शुरू हो गई, जब गाड़ी बीच नदी में फंस गई और डूबने लगी। हरिद्वार के इन युवकों हेकड़ी तुरंत निकल गई।

वीडियो की शुरुआत में आपको सबकुछ सही लगता है। लेकिन जैसे ही थार नदी के बीचोंबीच पहुंची, तेजी से लड़खड़ा जाती है। तेज बहाव और नदी के तल में फंसने की वजह से गाड़ी बंद हो जाती है। देखते ही देखते थार पानी में लगभग डूब जाती है। अब तक जो युवक स्टंट के मजे ले रहे थे, उनके चेहरे पर पसीना आ जाता है।

थार में दो युवक बैठे थे। गाड़ी डूबती देख उन्होंने मदद के लिए चिल्लाना शुरू कर दिया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत दोनों को जैसे तैसे करके सही सलामत बाहर निकाला। कुछ ही देर में वहां भारी भीड़ जमा हो गई। इसके बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच और मामले को संभाला।

गाड़ी के डूबने के बाद ‘ऑफ-रोड रेस्क्यू’ किया गया। गाड़ी बाहर निकालने के लिए क्रेन मंगाई गई। काफी मशक्कत के बाद गंगा की तेज धारा में फंसी थार को बाहर निकालना मुमकिन हो पाया है। वहां क्या-क्या हुआ लोगों ने अपने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड कर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक कनखल पुलिस ने जानकारी दी है कि घटना 9 जुलाई की है। जांच में पता चला है कि सार्वजनिक जगह पर खतरनाक स्टंट किया कर रहे थे। इसलिए थार को मौके पर ही हमने सीज कर दिया। पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत की जा रही है।

बता दें कि इस अभियान के जरिए सार्वजनिक स्थानों पर स्टंटबाजी, हुड़दंग और लोगों की जान जोखिम में डालने वालों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई हो रही है। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग अलग-अलग रिएक्शन दे रहे हैं। कोई इसे ‘ओवरकॉन्फिडेंस’ का मामला कह रहा है… तो कोई कह रहा है कि ऑफ-रोडिंग और लापरवाही में लोगों को फर्क करना आना चाहिए।

असली सुपरहीरो देखा है क्या? दूसरे की जान बचाने के लिए खुद पटरी पर खुद गया ये शख्स- VIDEO

सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें एक रेलवे गेटकीपर प्लेटफॉर्म पर खड़ा था। तभी अचानक उसकी नजर रेलवे ट्रैक पड़ी… इसके बाद जो हुआ वो रोंगटे खड़े कर देगा।

ऑपरेशन के बीच में ही आ गया होश…! 10 साल की बहन को खोने वाले इन्फ्लुएंसर भाई ने यूपी के अस्पताल का खौफनाक हाल सुनाया

कंटेंट क्रिएटर और ऑन्टोप्रेन्योर यश प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर एक इमोशनल वीडियो शेयर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के रायबरेली के एक निजी अस्पताल की लापरवाही के कारण उनकी 10 साल की बहन की मौत हो गई। यश ने बताया कि उनकी बहन का टॉन्सिल का ऑपरेशन रायबरेली के शाश्वत अस्पताल में डॉ. अमित सिंह की देखरेख में कराया गया था। उनके अनुसार, यह एक सामान्य सर्जरी थी, लेकिन ऑपरेशन के बाद बच्ची की मौत हो गई।

वीडियो में यश अपने परिवार के साथ बहन का शव घर ले जाते हुए दिखाई देते हैं। उन्होंने दावा किया कि डॉक्टरों ने बताया था कि ऑपरेशन सफल रहा, लेकिन ऑपरेशन के दौरान अचानक स्थिति बिगड़ गई। यश का आरोप है कि ऑपरेशन के समय बच्ची को दिए गए एनेस्थीसिया (बेहोशी की दवा) में गड़बड़ी हुई। उनका कहना है कि सर्जरी के बीच में ही उनकी बहन को होश आ गया और वह दर्द से चिल्लाने लगी। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों में गुस्सा है और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है।

10 साल की बच्ची की मौत पर परिवार ने अस्पताल पर लगाए गंभीर आरोप

यश प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के दौरान उनकी बहन की हालत अचानक बिगड़ गई। उन्होंने बताया कि बच्ची की चीख सुनकर परिवार के सभी लोग ऑपरेशन थिएटर के बाहर पहुंच गए। उनका दावा है कि डॉक्टर बच्ची को बिना स्ट्रेचर के बाहर लेकर आए, जबकि वह दर्द से रो रही थी। यश के अनुसार, कुछ देर बाद डॉक्टरों ने बच्ची को एक इंजेक्शन लगाया। इसके तुरंत बाद उसकी तबीयत और बिगड़ गई। उन्होंने कहा कि कुछ ही सेकंड में उसकी धड़कन और सांसें रुक गईं और उसकी आंखें पलट गईं।

उन्होंने बताया कि डॉक्टरों ने तुरंत सीपीआर (CPR) देकर बच्ची को बचाने की कोशिश की। इसके बाद परिवार को बताया गया कि बच्ची को वेंटिलेटर पर रखना होगा और बेहतर इलाज के लिए उसे लखनऊ ले जाना पड़ेगा। यश के मुताबिक, उनकी बहन सात दिन तक वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ती रही, लेकिन आखिरकार उसकी मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि यह पूरी घटना अस्पताल की मेडिकल लापरवाही का नतीजा है। उन्होंने डॉक्टर और अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही लोगों से अपील की है कि इस मामले को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया पर उन्हें टैग करें।

सोशल मीडिया पर उठी जांच और कार्रवाई की मांग

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बड़ी संख्या में लोगों ने बच्ची के परिवार के प्रति संवेदना जताई है। वहीं, कई लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अस्पताल व डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। एक यूजर ने लिखा, “टॉन्सिल के ऑपरेशन से किसी की मौत होने की बात कभी नहीं सुनी। अगर ऐसा हुआ है तो यह गंभीर लापरवाही का मामला है और इसकी पूरी जांच होनी चाहिए।” एक अन्य यूजर ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय और यूपी पुलिस को टैग करते हुए अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

एक और व्यक्ति ने लिखा कि बच्ची और उसके परिवार को न्याय मिलना चाहिए और यदि जांच में लापरवाही साबित होती है तो अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। कुछ लोगों ने यह भी मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। वहीं, कई यूजर्स का कहना है कि अगर मेडिकल लापरवाही साबित होती है तो ऐसे डॉक्टरों और अस्पतालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

करोड़ों की नौकरी को कहा ना! Meta का पैकेज भी नहीं डिगा सका IIT बॉम्बे के इस इंजीनियर का इरादा, जानिए क्यों

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में बड़ी टेक कंपनियां टैलेंट को अपने साथ जोड़ने के लिए करोड़ों रुपये के पैकेज दे रही हैं। लेकिन कुछ लोग अच्छी खासी सैलरी छोड़कर अपना सपना पूरा करने का रास्ता चुनते हैं। ऐसा ही एक मामला आईआईटी बॉम्बे से पढ़े AI रिसर्चर ऋषभ अग्रवाल का सामने आया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि उन्होंने मेटा की सुपरइंटेलिजेंस लैब्स से मिले 10 लाख डॉलर (करीब 9.5 करोड़ रुपये) के नौकरी के ऑफर को ठुकरा दिया।

पोस्ट के मुताबिक, ऋषभ ने यह बड़ा ऑफर इसलिए स्वीकार नहीं किया क्योंकि वह अपना खुद का AI स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं। यह खबर तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गई और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई। हालांकि, बाद में खुद ऋषभ अग्रवाल ने इस दावे पर सफाई दी। उनके बयान के बाद इस पूरी कहानी ने नया मोड़ ले लिया और कई लोग हैरान रह गए।

IIT बॉम्बे के AI रिसर्चर ने ठुकराया करोड़ों का ऑफर

यह पूरा मामला तब चर्चा में आया, जब X पर एक यूज़र विकास ऑलवेज ने ऋषभ अग्रवाल को लेकर एक पोस्ट शेयर की। पोस्ट में उनके आईआईटी बॉम्बे से लेकर दुनिया की बड़ी AI कंपनियों तक के सफर का जिक्र किया गया। पोस्ट में दावा किया गया कि ऋषभ अग्रवाल ने जेईई परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 33 हासिल की थी और इसके बाद आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया। आगे चलकर उन्होंने गूगल ब्रेन, डीपमाइंड और वेमो जैसी दुनिया की प्रमुख AI कंपनियों में काम किया।

पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि मेटा के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग ने उन्हें करीब 10 लाख डॉलर (लगभग 9.5 करोड़ रुपये) का नौकरी का ऑफर दिया था, लेकिन उन्होंने उसे स्वीकार करने के बजाय ठुकरा दिया। यही दावा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

AI की दुनिया में बड़ी पहचान, अब बना रहे हैं अपना स्टार्टअप

वायरल पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि ऋषभ अग्रवाल AI की दुनिया का एक बड़ा नाम हैं। पोस्ट के अनुसार, वह इस समय पीरियॉडिक लैब्स (Periodic Labs) नाम की नई पीढ़ी की AI कंपनी तैयार कर रहे हैं। पोस्ट में लिखा गया कि भले ही आम लोग उन्हें ज्यादा न जानते हों, लेकिन AI क्षेत्र में उनकी अच्छी पहचान है। इसकी वजह यह बताई गई कि उन्होंने दुनिया की कई प्रमुख AI कंपनियों और रिसर्च लैब्स में काम किया है। इनमें गूगल ब्रेन, डीपमाइंड, वेमो और मेटा सुपरइंटेलिजेंस लैब्स जैसी संस्थाएं शामिल हैं।

करोड़ों का ऑफर छोड़कर अपने स्टार्टअप से जुड़े

वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि ऋषभ अग्रवाल ने मेटा में करीब पांच महीने काम करने के बाद मिले करीब 9.5 करोड़ रुपये सालाना के नौकरी के ऑफर को ठुकरा दिया। इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और पीरियॉडिक लैब्स (Periodic Labs) में सह-संस्थापक (को-फाउंडर) के रूप में जुड़ गए। पोस्ट के अनुसार, पीरियॉडिक लैब्स अगली पीढ़ी की AI तकनीक पर काम कर रही है। इस स्टार्टअप को एनवीडिया (NVIDIA) और जेफ बेजोस का समर्थन भी मिला हुआ है।

बताया गया है कि कंपनी ऐसा AI वैज्ञानिक (AI Scientist) तैयार कर रही है, जो नई सामग्री, नई दवाओं और यहां तक कि भौतिक विज्ञान से जुड़ी नई खोजों के लिए वास्तविक दुनिया के प्रयोगों के आधार पर नए विचार और परिकल्पनाएं तैयार करने में मदद कर सके।

वायरल पोस्ट पर खुद ऋषभ अग्रवाल ने दी सफाई

यह पोस्ट देखते ही देखते X पर तेजी से वायरल हो गई। कई लोगों ने करोड़ों रुपये की नौकरी छोड़कर अपना स्टार्टअप शुरू करने के फैसले के लिए ऋषभ अग्रवाल की जमकर तारीफ की। जब यह चर्चा बढ़ने लगी, तो ऋषभ अग्रवाल ने खुद इस पोस्ट पर जवाब दिया। उन्होंने लोगों के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया, लेकिन साथ ही एक अहम बात भी साफ कर दी। उन्होंने कहा कि मेटा की ओर से मिला ऑफर 10 लाख डॉलर (करीब 9.5 करोड़ रुपये) से भी कहीं बड़ा था। हालांकि, ऋषभ ने ऑफर की वास्तविक रकम का खुलासा नहीं किया। लेकिन उनके बयान से इतना जरूर साफ हो गया कि वायरल पोस्ट में बताई गई राशि से कहीं ज्यादा बड़ा पैकेज उन्हें दिया गया था।

62 की उम्र में कर्टली एम्ब्रोस का गेंदबाजी करते हुए वीडियो वायरल

तेज गेंदबाजी के लिए मशहूर वेस्टइंडीज के गेंदबाज कर्टली एम्ब्रोज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह तेज गेंदबाजी कर रहे हैं। हालांकि उनकी हाफ वॉली गेंद को गेंदबाज मिड ऑन के ऊपर से छक्का मार देता है लेकिन इस उम्र में भी गेंदबाजी करने की ललक रखना काबिल ए तारीफ है। गौरतलब है कि यह कैरिबियाई गेंदबाज अब 62 साल का हो गया है।

एम्ब्रोज को साल 2014 में तत्कालीन कोच ओटिस गिब्सन की जगह वेस्टइंडीज का गेंदबाजी कोच भी बनाया गया था।हालांकि उनका अनुभव खास अच्छा नहीं रहा।करियर में 98 टेस्टों में वेस्टइंडीज के लिए 405 विकेट निकालने वाले पूर्व महान क्रिकेटर ने राष्ट्रीय टीम की इंग्लैंड के खिलाफ शर्मनाक हार पर कैरिबियाई टीम को लताड़ लगाई थी।

एम्ब्रोज ने कहा, मैं टीम के साथ बतौर गेंदबाजी कोच दो वर्ष के लिए रहा और मैंने उन्हें काफी सिखाने की कोशिश की। एम्ब्रोस ने कहा था कि मैंने टीम को अपने लोगों का नेतृत्व करने और सम्मान के लिए खेलने का पाठ पढ़ाया था, लेकिन मैदान पर उन्हें खुद के हिसाब से ही खेलना है। यदि वे तैयारी नहीं करेंगे तो उन्हें सिखाना बेकार ही है।

एम्ब्रोज आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) के भी सख्त खिलाफ थे। अपनी आत्मकथा ‘टाइम टू टॉक’ के प्रचार के लिए लॉर्ड्स पर उन्होंने कहा था कि मैं आईपीएल खेलने वाले खिलाड़ियों का अपमान नहीं करना चाहता लेकिन आप  आईपीएल खेलकर इत्मीनान से टीम में अपनी जगह नहीं पा सकते। मुझे लगता है कि यह चिंता का  विषय है।

वह कितने दूरदर्शी थे इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने कहा था कि खिलाड़ियों को तय करना होगा कि वेस्टइंडीज के लिए खेलना है या देश के लिए। आज वेस्टइंडीज क्रिकेट की बर्बादी के लिए कई विशेषज्ञ मुखर होकर फ्रैंचाइजी लीग को दोष देते हैं।